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- -कलेक्टर के निर्देश पर सभी एसडीएम ने जारी किए आदेश-भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 तत्काल प्रभावशील-हादसा के लिए मवेशी मालिक होंगे जिम्मेदारबिलासपुर /कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर जिले के सभी अनुविभागीय दण्डाधिकारियों द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 प्रभावशील कर दिया गया है। इसके तहत कोई भी मालिक अपने पशुओं को खुले में नहीं छोड़ सकेगा। उन्हें अपने सभी पशुओं को बांधकर रखना होगा। अधिनियम का उल्लंघन करने पर उन्हें कठोर सजा या जुर्माना से दण्डित किया जाएगा। पशु क्रूरता अधिनियम के तहत भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।जिले के सभी एसडीएम द्वारा जारी अलग-अलग आदेश के अनुसार जिले में भारतीय राजष्ट्रीय राजमार्ग, राज्यीय राजमार्ग एवं स्थानीय मार्गाे में लगातार सड़क दुर्घटना घटित हो रहा है जिसका एक प्रमुख कारण स्थानीय पशु मालिकों द्वारा लापरवाही व गैर जिम्मेदारीपूर्वक पशुओं को सड़क एवं सार्वजनिक स्थल पर स्वतंत्र रूप से छोड़ देना है। इन आवारा पशुओं के कारण न केवल आवागमन बाधित होता है अपितु जनहानि, पशुहानि एवं मालहानि जैसी गंभीर घटना घटित होता है। जिससे कानून एवं लोक शांति व्यवस्था की स्थिति निर्मित होती है। इन आवारा पशुओं के मार्गाे में एकत्रित होने से अत्यावश्यक सेवा एवं आपातकालीन सेवा देने वाले वाहनों का आवागमन भी गंभीर रूप से प्रभावित होता है। यदि इन आवारा पशुओं के मालिकों द्वारा इन पशुओं को सड़क अथवा सार्वजनिक स्थलों में न छोड़कर उचित प्रबंधन एवं रख रखाव किया जाता है तो होने वाली मानव जीवन की क्षति, पशु क्षति, संपत्ति की क्षति तथा कानून एवं शांति व्यवस्था की स्थिति निर्मित होने से बचा जा सकता है। उपरोक्तानुसार पशुओं के मार्गाे में एकत्रित होने से घटित गंभीर सड़क दुर्घटना का माननीय उच्च न्यायालय द्वारा भी WP(PIL)58/2019 में संज्ञान लिया जाकर राज्य शासन से जवाब चाहा गया है। इस प्रकार सड़क पर एकत्रित आवारा पशु न केवल आमजन के आवागमन में बाधक या सड़क दुर्घटना का कारण है अपितु प्रशासनिक समस्या भी बन चुका है। जिसके लिए पूर्ण रूप से जिम्मेदार इन आवारा पशुओं के लापरवाह व गैर जिम्मेदार पशु मालिक है। पशु मालिकों का इस प्रकार गैर जिम्मेदाराना एवं लापरवाहीपूर्वक आचरण भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 291 के अंतर्गत तथा पशु क्रूरता अधिनियम 1960 के अध्याय 3 धारा 11(1) के अंतर्गत दण्डनीय अपराध की श्रेणी में भी आता है।उपरोक्त वर्णित तथ्यों के प्रकाश में सभी तथ्यों पर विचार करने के उपरांत इस क्षेत्र में मानव/पशु जीवन, लोकहित, लोक सुरक्षा, कानून एवं लोक शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए मुझे यह समाधान हो गया है कि अनुविभाग के विभिन्न मार्गों एवं सार्वजनिक स्थानों में विभिन्न पशु मालिकों द्वारा अपने पालतू पशुओं को स्वतंत्र रूप से छोड़े जाने से रोका जाना आवश्यक हो गया है। इनके द्वारा छोड़े गये पशुओं से मार्ग अवरूद्ध न हो एवं जन सामान्य/पशुओं की सुरक्षा तथा सुविधा के साथ-साथ आपातकालीन एवं अत्यावश्यक सेवा के निर्वाथ व शांतिपूर्ण ढंग से संचालन तथा कानून व्यवस्था की दृष्टि से इस क्षेत्र को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत प्रतिबंधित किया जाना आवश्यक प्रतीत होता है। आमजन/पशुओं की जीवन सुरक्षा हेतु तथा जनहित में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 अंतर्गत यह आदेश पारित करता हूँ कि अनुविभाग अंतर्गत सभी पशु मालिक अपने पशुओं को बांधकर रखेंगे। इन पशुओं को मार्गों एवं सार्वजनिक स्थलों पर स्वतंत्र रूप से न छोड़ेगें न एकत्रित होने देगें अन्यथा भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 291 के अंतर्गत सजा एवं जुर्माना से दण्डित किया जावेगा साथ ही पशु क्रूरता अधिनियम 1960 के अध्याय 3 धारा 11 (1) तथा अन्य सुसंगत प्रावधानों के अंतर्गत कठोर कार्यवाही की जावेगी। चूंकि इस आदेश को पारित करने के पूर्व व्यक्तिगत सुनवाई का तथा साक्ष्य प्राप्त करने का अवसर दिया जाना संभव नहीं है। अतः यह आदेश एकपक्षीय पारित किया जा रहा है।
- बिलासपुर /कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने आज साप्ताहिक जनदर्शन में दूर दराज से आए सैकड़ों ग्रामीणों की निजी और सामुदायिक समस्याएं इत्मीनान से सुनी और अधिकारियों को जल्द निराकरण के निर्देश दिए। कलेक्टर ने जनदर्शन में आए किसानों से चर्चा कर खेती-किसानी के ताजा हालात और खाद-बीज की उपलब्धता के बारे में भी जानकारी ली। नगर निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार एवं सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल ने भी लोगों की समस्याएं सुनी।साप्ताहिक जनदर्शन में कोटा ब्लॉक के ग्राम करगीकला के सरपंच सहित ग्रामीणों ने शासकीय भूमि में अवैध अतिक्रमण को हटाने की मांग की। उन्होंने बताया कि लगभग 10 एकड़ शासकीय भूमि पर अशोक प्रजापति एवं किशन प्रजापति के द्वारा अनाधिकृत रूप से अतिक्रमण कर अवैध रूप से ईंट निर्माण का कार्य किया जा रहा है। कलेक्टर ने ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम कोटा को जांच के निर्देश दिए है। पुराना सरकण्डा लोधीपारा के अवधेश कुमार क्षत्रीय ने कलेक्टर को आवेदन देकर ट्राईसिकल दिलाने की बात कही। उन्होंने कलेक्टर को बताया कि वे दिव्यांग है और चलने फिरने में असमर्थ है। साथ ही कहीं आने जाने के लिए उनके पास उचित साधन नहीं है। कलेक्टर ने संयुक्त संचालक समाज कल्याण को आवेदन सौंपते हुए आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। कोटा ब्लॉक की संगीता दुबे ने अपने शिक्षाकर्मी पति के निधन पश्चात अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन दिया। कलेक्टर ने इस मामले को जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपा। सकरी तहसील के अजय कुमार वस्त्रकार ने कलेक्टर के समक्ष प्रधानमंत्री आवास योजना में मजदुरी भुगतान की राशि और आवास की तीसरी किश्त की राशि नहीं मिलने के संबंध में आवेदन दिया। श्री वस्त्रकार ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनको मिलने वाली तीसरी किश्त की राशि का भुगतान अभी तक उन्हें नहीं हुआ है। इसके साथ ही आवास योजना में उनके द्वारा किये गये मजदूरी का भुगतान भी नहीं किया गया है। कलेक्टर ने मामले को सीईओ जिला पंचायत को सौंपते हुए आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए।
- -ओंकारेश्वर, महेश्वर और महाकाल के दर्शन कर छत्तीसगढ़ की सुख समृद्धि और प्रगति की कामना की-रानी अहिल्याबाई होलकर राजबाड़ा और अहिल्या महल का किया भ्रमण-दृष्टिबाधित बच्चों के स्किल कार्यक्रम में शामिल होकर उनके आत्मविश्वास, हुनर और जिजीविषा की सराहना कीरायपुर ।महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े मध्यप्रदेश के दो दिवसीय प्रवास में रहीं। प्रवास के प्रथम दिन श्रीमती राजवाड़े ने खंडवा जिले में नर्मदा तट पर स्थित देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक श्री ओंकारेश्वर महादेव के मंदिर पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेश की जनता के कल्याण, सुख-समृद्धि और सामाजिक सौहार्द की कामना करते हुए नर्मदा पूजन भी किया। इसके पश्चात वे प्रसिद्ध महेश्वर मंदिर (जिला-खरगौन) पहुँचीं, जो देवी अहिल्याबाई होल्कर की धार्मिक आस्था और वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है। यहां उन्होंने महेश्वर घाट और मंदिर परिसर का भी दर्शन किया।प्रवास के दूसरे दिन मंत्री श्रीमती राजवाड़े उज्जैन पहुँचीं। श्रीमती राजवाड़े महाकालेश्वर मंदिर में प्रातःकालीन भस्म आरती में शामिल हुई। इस दौरान उन्होंने शिव आराधना कर छत्तीसगढ़ की जनता के लिए आशीर्वाद प्राप्त किया। उज्जैन में श्री कालभैरव मंदिर के दर्शन कर उन्होंने छत्तीसगढ़ की सुरक्षा और समृद्धि की प्रार्थना की।धार्मिक स्थलों के दर्शन के बाद मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने इंदौर के ऐतिहासिक देवी अहिल्याबाई होल्कर महल (राजबाड़ा) का भ्रमण किया। यहां उन्होंने मराठा कालीन स्थापत्य कला, अहिल्याबाई की जीवन गाथा एवं प्रशासनिक कुशलता से जुड़ी जानकारियां प्राप्त कीं। उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई जैसी महिलाओं से प्रेरणा लेकर आज की महिलाएं भी समाज में नेतृत्व की भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने इस धरोहर को महिलाओं की सामाजिक-राजनीतिक सशक्तिकरण की ऐतिहासिक मिसाल बताया।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने इंदौर प्रवास के दौरान दृष्टिबाधित (दिव्यांग) बच्चों के लिए आयोजित रोजगार मूलक स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने बच्चों के आत्मविश्वास, हुनर और जिजीविषा की सराहना की।उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। मंत्री ने प्रशिक्षकों और सामाजिक संस्थाओं से आग्रह किया कि वे ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और अधिक व्यापक और समावेशी बनाएँ, जिससे दिव्यांग बच्चों को सम्मानजनक रोजगार के अवसर मिल सकें।अपने दौरे के समापन पर मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा, “मध्यप्रदेश की भूमि न केवल आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण है, बल्कि यहाँ की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक चेतना भी अत्यंत प्रेरणादायक है। इस प्रवास ने मुझे नई ऊर्जा दी है।
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राजनांदगांव । जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मागदर्शन केन्द्र राजनांदगांव तथा जनपद पंचायतों में 1 से 7 अगस्त 2025 तक सुबह 10.30 बजे से दोपहर 3 बजे तक कमांडेट कार्यालय क्षेत्रीय प्रशिक्षण केन्द्र जशपुर द्वारा प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया गया है। इसके तहत 1 अगस्त को जनपद पंचायत राजनांदगांव, 4 अगस्त को जनपद पंचायत डोंगरगढ़, 5 अगस्त को जनपद पंचायत छुरिया, 6 अगस्त को जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मागदर्शन केन्द्र राजनांदगांव, 7 अगस्त को जनपद पंचायत डोंगरगांव में प्लेसमेंट कैम्प का आायोजन किया जाएगा। प्लेसमेंट कैम्पोंं के माध्यम से सिक्युरिटी गार्ड के 100 पद , सिक्युरिटी सुपरवाईजर के 50 पद एवं जीटीओ ऑफिसर के 25 पदों पर भर्ती की जाएगी। इच्छुक अभ्यर्थी अपने शैक्षणिक योग्यता के सम्पूर्ण प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, 2 पासपोर्ट साईज फोटो, रोजगार पंजीयन कार्ड के साथ प्लेसमेंट कैम्प में शामिल हो सकते है।
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राजनांदगांव । कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने कलेक्टर कक्ष में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में जिले के विभिन्न स्थानों से आए जनसामान्य की शिकायत एवं समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुनी। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्राप्त सभी आवेदनों को प्राथमिकता के साथ शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नागरिकों की समस्याओं का निराकरण करते हुए उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करने कहा। आवेदनों का अवलोकन कर नियमानुसार पात्र हितग्राहियों को शासकीय योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए निर्देश दिए। कलेक्टर ने अधिकारियों को उनके विभाग से संबंधित आवेदन प्रदान कर शीघ्र निराकरण करने के लिए निर्देशित किया। जनदर्शन में प्रधानमंत्री आवास योजना से लाभान्वित करने, विद्युत पोल हटाने, सड़क मरम्मत कराने, अतिक्रमण हटाने, अवैध प्लाटिंग की शिकायत, ऑनलाईन रिकार्ड दुरूस्त करने, आर्थिक सहायता, नजूल भूमि का पट्टा बनाने, राशन कार्ड बनवाने, आधार कार्ड में अपडेशन, सड़क दुर्घटना से मृत्यु होने पर आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं से लाभ दिलाने जैसे आवेदन प्राप्त हुए। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह उपस्थित थी।
- रायपुर ।छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान“ के माध्यम से आत्मनिर्भरता की मिसाल बनी श्रीमती केतकी बाई पटेल आज “लखपति दीदी“ के नाम से जानी जाती हैं। जनपद पंचायत दुर्ग के आमटी ग्राम की निवासी और प्रगति महिला स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष केतकी दीदी ने सब्जी उत्पादन और विक्रय से अपनी मेहनत और निश्चय के बल पर आर्थिक समृद्धि हासिल की है। शुरुआत में संघर्ष करना पड़ा, फिर समूह से उनको सहारा मिला। समूह से जुड़ने से पहले दीदी के पास संसाधनों की कमी थी। सब्जी उत्पादन की इच्छा होते हुए भी आर्थिक तंगी के कारण वे इसे बड़े स्तर पर नहीं कर पा रही थीं। जब उन्हें बिहान योजना की जानकारी मिली, तो उन्होंने स्वयं पहल कर महिला साथियों के साथ स्व-सहायता समूह का गठन किया। छोटी-छोटी बचत करके अपने समूह को सशक्त बनाई। उसके उपरांत उन्होंने बैंक लिंकेज के माध्यम से 30 हजार का लोन लिया और सब्जी उत्पादन का कार्य प्रारंभ किया। बिहान योजना से सामुदायिक निवेश कोष से 20 हजार का लोन प्राप्त कर अपना व्यवसाय को आगे बढ़ाया।केतकी दीदी ने एक एकड़ निजी भूमि में सब्जी उत्पादन शुरू किया और धीरे-धीरे आधुनिक तकनीक अपनाते हुए, जैसे कि मचान विधि, उत्पादन की गुणवत्ता और मात्रा दोनों बढ़ाई। आज उनके खेत में भिंडी, बरबटी, करेला, मक्का, बैगन, भाजी जैसी कई मौसमी सब्जियां उगाई जाती हैं। वे सप्ताह में चार दिन बाजार में विक्रय कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही है। दो दिन निकुम बाजार और दो दिन आलबरस बाजार में सब्जियों की बिक्री करती हैं। उनकी दैनिक बिक्री लगभग 3500 रूपए तक होती है, जिससे सप्ताह में लगभग 14 हजार रूपए और महीने में 32 हजार रूपए तक की शुद्ध आय होती है। वार्षिक रूप से वे करीब 3.5 लाख रूपए की आमदनी कर रही हैं। आमदनी बढ़ने के साथ ही केतकी दीदी ने स्वयं का पक्का मकान बनवाया, पावर डीलर मशीन खरीदी और अब उन्होंने पांच एकड़ अतिरिक्त भूमि भी अर्जित कर ली है, जिसमें वे धान की खेती करती हैं। आज केतकी दीदी अपने मेहनत के दम पर उत्कृष्ट लखपति बनी है और सब्जी उत्पादन के कार्यों से अपनी एक नई पहचान बना रही है।
- बलौदाबाजार /आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा राज्य के अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति वर्ग के कक्षा 12वीं उत्तीर्ण, 100 विद्यार्थी (64 अनुसूचित जनजाति, 36 अनुसूचित जाति) जो ड्राप लेकर इंजीनियरिंग एवं मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करना चाहते है, ऐसे इच्छुक पात्र अभ्यार्थियों से आवेदन पत्र कार्यालय आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग कलेक्ट्रेट परिसर बलौदाबाजार में 11 अगस्त 2025 तक मंगाए गए है। आवेदन पत्र एवं विज्ञापन से संबंधित विस्तृत जानकारी विभाग की वेबसाईट www.tribal.cg.gov.in से अवलोकन एवं डाउनलोड किया जा सकता है। परीक्षा से संबंधित समस्त जानकारी हेतु पात्र अभ्यर्थी, परीक्षा केन्द्र, परीक्षा परिणाम आदि की सूचना विभागीय वेबसाईट से प्राप्त कर सकते है।
- बलौदाबाजार /कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी अतुल परिहार के मार्गदर्शन में जिला स्तरीय महिला सशक्तिकरण केन्द्र (हब) के द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के तहत स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम स्कूल पंचमदीवान, शासकीय माध्यमिक शाला सुरखी में स्कूली बालिकाओं को एक माह का आत्मरक्षा के लिए प्रशिक्षण हेतु जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। प्रशिक्षण का उद्देश्य बालिकाओं को शारीरिक मानसिक सामाजिक रूप से मजबूत एवं सशक्त बनाना है ताकि किसी भी खतरे का सामना कर सके। आत्मरक्षा प्रशिक्षण में मार्शल आर्ट जैसे जूड़ो, कराटे, मुक्केबाजी के साथ ही साथ बालिकाओं को आत्मरक्षा के लिए आश्यक कौशल के गुण सिखाते है। प्रशिक्षण में मास्टर ट्रैनर्स किरण साहू, गोपाल साहू, सुधीर साहू, दिनेश साहू ,गोमती साहू सहित स्कूली छात्राएं उपस्थित रहे।
- -ग्रामीण महिला उद्यमियों के लिए रायपुर प्रशासन की अभिनव पहल – प्रोजेक्ट बिजनेस दीदी सफलतापूर्वक संपन्न-प्रोजेक्ट बिजनेस दीदी: महिला उद्यमिता को मिली नई उड़ानरायपुर / महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशन में जिला प्रशासन रायपुर द्वारा एक नई पहल "प्रोजेक्ट बिजनेस दीदी" की शुरुआत की गई। यह कार्यक्रम जिला प्रशासन के सहयोग से 26 एवं 27 जुलाई 2025 को मल्टी यूटिलिटी सेंटर, सेरीखेड़ी में आयोजित किया गया। यह पहल कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के मार्गदर्शन तथा जिला पंचायत रायपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुमार बिश्वरंजन के कुशल नेतृत्व में किया गया।इस दो दिवसीय कार्यशाला का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिला उद्यमियों को व्यवसायिक जानकारी देकर उन्हें सशक्त बनाना था। कार्यक्रम के दौरान स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी लगभग 200 महिला उद्यमियों ने भाग लिया। उन्हें मार्केटप्लेस लिटरेसी के अंतर्गत प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें उत्पाद मूल्य निर्धारण, बाजार की समझ, ग्राहक व्यवहार, विपणन रणनीति तथा व्यवसाय को कैसे आगे बढ़ाया जाए इन सभी बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई।यह प्रशिक्षण लोयला मेरीमाउंट यूनिवर्सिटी, लॉस एंजिल्स के प्रख्यात प्रोफेसर मधु विश्वनाथ द्वारा दिया गया एवं जिला प्रशासन रायपुर तथा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भिलाई (IIT भिलाई इनोवेशन एवं टेक्नोलॉजी फाउंडेशन) के संयुक्त प्रयास से संपन्न हुआ। विशेषज्ञों ने व्यावसायिक रणनीतियों से लेकर डिजिटल प्लेटफॉर्म्स (जैसे ONDC) पर उत्पादों को प्रदर्शित करने तक की जानकारी भी साझा की।इस आयोजन में आई.बी.आई.टी.एफ के सी.टी.ओ श्री विष्णु त्रिवेदी, बिहान परियोजना से जुड़े जिला स्तरीय अधिकारी, विभिन्न महिला स्व-सहायता समूहों के प्रतिनिधि, एफपीओ (फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन) के सीईओ एवं अन्य संबंधित अधिकारी भी सक्रिय रूप से सम्मिलित हुए। उनकी उपस्थिति ने प्रशिक्षण सत्र को और अधिक व्यावहारिक, प्रभावशाली एवं नीति-आधारित बनाया।यह कार्यक्रम महिला उद्यमिता को ग्रामीण क्षेत्रों में एक नई दिशा देने वाला साबित हुआ। इसके माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार की संभावनाएं मिलीं और उन्हें स्थानीय एवं राष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धा करने के लिए सक्षम बनाया गया। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए।
- -शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का शत प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित हो- कलेक्टररायपुर, / कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिले के विकास एवं प्रशासनिक कार्यों की गहन समीक्षा की गई। बैठक में अधिकारियों को शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।कलेक्टर डॉ. सिंह ने ऊर्जा और बिजली विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना सुनिश्चित करें और लक्ष्यों को समय पर पूरा करें। उन्होंने शासकीय भवनों को सोलर पैनल से युक्त किए जाने के निर्देश दिए। साथ ही पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत हितग्राहियों तक लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। खाद्य विभाग को राशन दुकानों का नियमित निरीक्षण करने तथा आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए गए।उन्होंने कहा कि सभी दुपहिया चालक को हेलमेट और चार पहिया चालकों को सीट बेल्ट का उपयोग अवश्य रूप से करना होगा। यह नियम नागरिकों की सुरक्षा के लिए हैं और इन पर अमल किए जाने के निर्देश दिए।कृषि से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि अन्नदाताओं को खाद की कोई कमी न हो। यदि किसी क्षेत्र में कमी की सूचना मिलती है, तो तत्काल उसका निराकरण किया जाए।बैठक में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत आयुष्मान कार्ड और वयोवृद्ध कार्ड निर्माण कार्य को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए।कलेक्टर डॉ. सिंह ने आगामी 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सौंपे गए दायित्वों का समय पर निर्वहन करने के निर्देश देते हुए कहा कि यह पर्व पूरे गरिमामय और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाए।कलेक्टर डॉ सिंह ने महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि कोई भी आंगनबाड़ी जर्जर अवस्था में न हो यदि कोई ऐसा आंगनबाड़ी हो तो सूची बनकर तत्काल मरम्मत कार्य करवाए। साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की शत् प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित हो। कलेक्टर ने समय समय पर आंगनबाडियों के निरीक्षण के निर्देश निगम आयुक्त तथा सीईओ जिला पंचायत को दिए। बैठक में एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
- -आज दानदाताओं ने 35 पुस्तकों का किया दान, अब तक लगभग 1300 पुस्तकें मिलीरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार रायपुर जिला प्रशासन की अभिनव पहल ‘स्मृति पुस्तकालय योजना' के आज 3 दानदाताओं ने 35 पुस्तकें दान की, जिनमें करियर गाइड, प्रतियोगी परीक्षाओं की सामग्री और प्रेरणादायक किताबें शामिल रहीं।दान करने वालों में श्री कबीर सक्सेना, सुश्री शाहीन अंजुम और श्री के.के. सूर्यवंशी ने अपना अमूल्य योगदान दिया। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने उन्हें सम्मान पत्र भेंट कर उनके प्रयास की सराहना की।यह पहल बच्चों के लिए न सिर्फ पुस्तकालय बन रही है, बल्कि उम्मीद की एक नई किरण भी साबित हो रही है। दानदाताओं ने कहा, "हमारा छोटा सा योगदान किसी बच्चे की जिंदगी में बड़ा बदलाव ला सकता है।"जिला प्रशासन ने जनता से अनुरोध है कि इस ज्ञानयात्रा में सहभागी बनें और पुस्तक दान कर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में भूमिका निभाएं। योजना के तहत अब तक करीब 50 दानदाताओं ने लगभग 1300 किताबें दान दी है।इस कार्यक्रम में एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह, निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, सीईओ जिला पंचायत श्री कुमार बिश्वरंजन सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
- -नगरीय निकायों की बैठक ली, कहा अतिक्रमण-यातायात समेत मूलभूत सुविधाओं के लिए जोन कमिश्नर होंगे जिम्मेदार-जलभराव की समस्या का समाधान करने दिए निर्देशरायपुर / कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने कलेक्टोरेट परिसर स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में जिले के नगरीय निकायों के जोन कमिश्नरों की बैठक ली। कलेक्टर डॉ सिंह ने कहा कि जोन में व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी संबधित जोन कमिश्नर है। उनके जोन में अवैध प्लाटिंग, अतिक्रमण या निर्माण होता हे तो उस पर नजर रखें और कार्रवाई करें। यदि इस प्रकार की शिकायत आती हे तो जोन कमिश्नर के साथ राजस्व अधिकारी और नगर निवेश विभाग के अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी।कलेक्टर ने कहा कि जोन कमिश्नर अपने संबधित वार्डों का नियमित रूप से निरिक्षण करें और मूलभूत सुविधाओं को मुहैया कराएं। कहीं पर जलभराव की समस्या आने पर त्वरित समाधान निकालें, जिससे नागरिकों को तकलीफ ना हों। यहीं नहीं यातायात जाम होने स्वमेव पहल करें ओर पुलिस के साथ समन्वय बनाकर निराकरण किया जाए। डॉ सिंह ने कहा कि स्कूलों के बाहर अवैध गुमटियां को हटाने की कार्रवाई करें। ट्रांसफार्मर के नीचे झाड़ियां होने पर उसकी सफाई किया जाए इसके लिए सीएसईबी के साथ समन्वय बनाएं। अवैध होर्डिंग के खिलाफ अभियान निरंतर जारी रखें। राज्य प्रवर्तित योजनाओं का तेजी से क्रियान्वन किया जाए। इस बैठक में रायपुर नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, बिरगांव नगर निगम आयुक्त श्री युगल उर्वशा, सभी जोन कमिश्नरों सहित संबंधित उपस्थित थे।
- -बीमा सखी के प्रयासों से बैंकिंग प्रक्रिया पूरी करने में मिली मदद, 2 लाख राशि मिलने पर हितग्राहियों के चेहरे खिलेबिलासपुर। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना के तहत कोटा ब्लॉक के दो मृतक के परिजनों को बीमा क्लेम की राशि का वितरण किया गया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका आजीविका मिशन की बिहान योजना से चयनित बीमा सखी की मदद से ग्रामीण महिलाओं को प्रक्रिया पूरी करने में मदद मिली। बीमा सखी के माध्यम से स्व सहायता समूहों की महिलाओं को विभिन्न बैंकिंग योजनाओं से जोड़ा जा रहा हैं जिससे सहजता से उन्हें बीमा योजनाओं का लाभ मिल रहा है।कोटा ब्लॉक के ग्राम पंचायत लिटिया के ग्राम मोहंदी निवासी जितेंद्र बंजारे के 14 मई को आकस्मिक निधन के बाद उनकी पत्नी गंगा बाई बंजारे को 2 लाख की बीमा राशि पंजाब नेशनल बैंक, कोटा शाखा के माध्यम से दिलाई गई। ग्राम शिवतराई निवासी राम बिहारी मरकाम के 9 जुलाई निधन पर उनकी पत्नी कृष्णा बाई मरकाम को 2 लाख की बीमा राशि पंजाब नेशनल बैंक, अचानकमार शाखा, कोटा के माध्यम से मिली। बीमा राशि दिलाने में बीमा सखी हबीबुन निशा की सक्रिय भागीदारी रही। बीमा राशि मिलने पर स्व सहायता समूह की दीदियों ने कहा कि समूह से जुड़कर उन्हें न केवल विभिन्न आजीविका गतिविधियों का लाभ मिला है बल्कि समूह के जरिए उन्हें बैंकिंग और बीमा योजना से जोड़ा गया जिससे आपात स्थिति में उन्हें सहायता मिली है।हितग्राहियों ने कहा कि बीमा क्लेम के विषय में उन्हें कोई जानकारी नहीं थी। बीमा सखी श्रीमती हबीबुन निशा की मदद से वे प्रक्रिया पूरी कर सके। जिससे उन्हें बीमा योजना के तहत 2 लाख रूपये शीघ्रता से मिल सका, जो परिवार के लिए एक बड़ी राहत है।उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत बैंक सखी व बीमा सखी के माध्यम से महिलाओं को बैंकिंग प्रणाली से जोड़कर शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। बीमा सखी द्वारा दोनों ही प्रकरणों में निरंतर संपर्क, दस्तावेजी प्रक्रिया, बैंक समन्वय एवं जागरूकता कार्य कर बीमा क्लेम की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा करवाया। बीमा सखी की भूमिका महिला स्व सहायता समूहों के बीच वित्तीय साक्षरता बढ़ाने एवं सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण रही।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर एवं सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में राज्य के अधिक से अधिक किसानों को अल्पकालीन कृषि ऋण वितरण किया जा रहा है। प्रदेश में किसानों को अब तक राज्य सहकारी बैंकों द्वारा 2058 सहकारी समितियों के माध्यम से लगभग 5751 करोड़ रूपए का अल्पकालीन कृषि ऋण प्रदान किया गया है। इस वर्ष राज्य सरकार द्वारा किसानों को 7800 करोड़ रूपए कृषि ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया है। अब तक वितरित कुल राशि लक्ष्य का लगभग 74 प्रतिशत है। किसानों को उनके मांग और रकबे के अनुरूप अल्पकालीन कृषि ऋण प्रदान किया जा रहा है।गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा किसानों को खेती-किसानी की प्रारंभिक जरूरतों को पूरा करने तथा खेती-किसानी में सहूलियत प्रदान करने के उद्देश्य से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना प्रारंभ किए गए थे। इसके अलावा किसानों को साहूकारों के चंगुलों से बचाना इसका एक प्रमुख उद्देश्य था। वर्तमान समय में इस योजना के माध्यम से प्रदेश के लाखों किसान इससे लाभान्वित हो रहे हैं। किसानों को प्रारंभिक जरूरतों के लिए न सिर्फ राहत मिली है, बल्कि फसलों के उत्पाद में लगातार वृद्धि हो रही है।
- रायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार 30 जुलाई को सवेरे 11 बजे राज्य मंत्रीपरिषद (केबिनेट) की बैठक मंत्रालय (महानदी भवन) नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित होगी।
- -सर्वे में शामिल देशभर के 4,566 शहरों के बीच राष्ट्रीय स्तर पर टॉप-100 में छत्तीसगढ़ के 25 शहर-गारबेज-फ्री सिटी स्टार रेटिंग में राज्य के 62 शहरों ने बढ़ाया अपना दर्जा, रायपुर को सेवन स्टार सम्मान-सिंगल, थ्री और फाइव स्टार दर्जा प्राप्त शहरों की संख्या 114 पहुँची, पिछले सर्वे में थी 71-तीन नगर निगम ओडीएफ प्लस प्लस से वाटर प्लस श्रेणी में पहुंचे, 163 निकायों को मिला ओडीएफ प्लस प्लस दर्जारायपुर /भारत सरकार के स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर दमदार उपस्थिति दर्ज कराई है। राज्य के नगरीय निकायों के उत्कृष्ट प्रदर्शन का परिणाम है कि इस बार सर्वेक्षण में शामिल 169 शहरों में से 115 शहरों ने अपनी रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार किया है। स्वच्छता के इस राष्ट्रीय मूल्यांकन में देशभर के 4,566 शहरों के बीच छत्तीसगढ़ के 25 शहर टॉप-100 में शामिल हुए हैं, जो कि पिछले वर्ष की तुलना में बड़ी छलांग है, जब केवल 16 शहर टॉप-100 में आ पाए थे।राज्य के 62 नगरीय निकायों ने गारबेज-फ्री सिटी स्टार रेटिंग में अपना दर्जा बढ़ाया है, जबकि सिंगल, थ्री और फाइव स्टार प्राप्त करने वाले शहरों की संख्या 71 से बढ़कर अब 114 हो गई है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर ने इस बार फाइव स्टार से बढ़कर सेवन स्टार की सर्वोच्च रेटिंग प्राप्त की है। रायपुर को गारबेज-फ्री सिटी श्रेणी में यह सम्मान प्राप्त हुआ है, साथ ही स्वच्छता में उसे वाटर प्लस शहर का दर्जा भी मिला है।इस बार बिलासपुर, कोरबा और भिलाई नगर—ये तीन नगर निगम ओडीएफ प्लस प्लस से बढ़कर वाटर प्लस श्रेणी में पहुंच गए हैं। राज्य के 163 नगरीय निकायों को ओडीएफ प्लस प्लस का दर्जा प्राप्त हुआ है, जिनमें किरंदुल और भाटापारा नगर पालिका तथा कुंरा नगर पंचायत जैसे निकाय भी शामिल हैं, जो पहले केवल ओडीएफ श्रेणी में थे। सीतापुर नगर पंचायत ने भी ओडीएफ प्लस से आगे बढ़कर ओडीएफ प्लस प्लस दर्जा हासिल किया है।पिछले डेढ़ वर्षों में 62 नगरीय निकायों ने अपने सतत प्रयासों के माध्यम से गारबेज-फ्री सिटी स्टार रेटिंग में सुधार किया है। बिलासपुर और अंबिकापुर ने अपने थ्री स्टार स्तर को बढ़ाकर फाइव स्टार किया है, जबकि भिलाई नगर, जगदलपुर नगर निगम, जामुल नगर पालिका और घरघोड़ा नगर पंचायत ने 2023-24 के सिंगल स्टार दर्जे से आगे बढ़ते हुए अब थ्री स्टार प्राप्त किया है। वहीं, धमतरी, शिबरीनारायण और राजपुर जैसे शहर, जो पूर्ववर्ती सर्वे में स्टार रेटिंग में नहीं थे, उन्होंने सीधे थ्री स्टार श्रेणी में प्रवेश किया है। स्वच्छता और सौंदर्यीकरण के क्षेत्र में विशेष प्रयासों के चलते राज्य के 52 नगरीय निकायों ने नो स्टार से उन्नत होकर अब सिंगल स्टार दर्जा प्राप्त कर लिया है।इस बार कई नगरीय निकायों की राष्ट्रीय रैंकिंग में बड़ा सुधार देखने को मिला है। वर्ष 2023-24 में राष्ट्रीय स्तर पर 649वें स्थान पर रहे सिमगा ने इस बार 95वीं रैंक हासिल की है। इसी तरह जशपुर 637वें से 91वें, राजपुर 630वें से 63वें और घरघोड़ा 616वें से 71वें स्थान पर आ गया है। भिलाई-चरोदा ने अपनी रैंकिंग 587 से सुधारकर 68, दोरनापाल ने 557 से 81, दंतेवाड़ा ने 552 से 70, जगदलपुर ने 461 से 55, मुंगेली ने 447 से 86, कवर्धा ने 430 से 77, कुनकुरी ने 426 से 84, दुर्ग ने 314 से 80, राजनांदगांव ने 268 से 46, भिलाई नगर ने 267 से 22, छुरा ने 230 से 76, प्रतापपुर ने 173 से 62, बलरामपुर ने 65 से 53 और रायपुर ने 12वीं रैंक से बढ़कर चौथा स्थान प्राप्त किया है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य के शहरों की इस उपलब्धि को स्थानीय निकायों और नागरिकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा कि शहरी सरकार, राज्य सरकार और केंद्र सरकार मिलकर नवाचारों के साथ शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के शहरों की रैंकिंग में और भी सुधार होगा और इस बार की राष्ट्रीय सफलता सभी नगरीय निकायों को और अधिक प्रेरित करेगी।उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने सर्वेक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नगरीय निकायों की सराहना करते हुए कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में नगरीय विकास और स्वच्छता हेतु राज्य सरकार द्वारा 7,400 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई थी, जिसका यह सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि विभाग ने सभी नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को निर्देशित किया था कि वे अपने अधीनस्थ अमले के साथ प्रतिदिन प्रातः भ्रमण कर सफाई कार्यों की नियमित निगरानी करें। श्री साव ने कहा कि विभाग की इन दोनों पहलों की इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
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-समय-सीमा बैठक में कलेक्टर ने दिए निर्देश
- आवारा पशुओं को सीएमओ और जनपद सीईओ अभियान चलाकर मुख्य मार्ग से हटाएंमहासमुंद, / कलेक्टर श्री विनय लंगेह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा बैठक में जिले के विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक में इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री एस. आलोक, अपर कलेक्टर श्री रवि साहू, श्री रविराज ठाकुर, सभी विभाग के जिला अधिकारी सहित अन्य सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। वीसी के माध्यम से जनपद सीईओ, नगरीय निकायों के प्रतिनिधि, सीएमओ सहित सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।बैठक में कलेक्टर ने मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं के अनुरूप स्वीकृत कार्यां के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के प्रवास के दौरान किए गए घोषणाओं को प्राथमिकता से क्रियान्वित करें। सरायपाली, खल्लारी में किए गए घोषणाओं की प्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्हांने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं की प्रगति का मॉनिटरिंग अटल मॉनिटरिंग पोर्टल के माध्यम से की जा रही है। अतः सभी विभाग अपने प्रत्येक माह की उपलब्धियों की जानकारी पोर्टल में अपलोड करना सुनिश्चित करें। साथ ही उच्च कार्यालय का भेजना भी सुनिश्चित करें। कलेक्टर नेबैठक में प्रधानमंत्री जनमन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, बहुद्देशीय केंद्र, आयुष्मान कार्ड वितरण सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी अधिकारियों से तालमेल के साथ कार्य करने कहा। प्रधानमंत्री आवासों की समीक्षा की और निर्देशित किया कि किसी भी स्थिति में निर्माण कार्य बाधित न हो, हर हितग्राही को समय पर लाभ मिले।पर्यावरण संरक्षण को लेकर “एक पेड़ मां के नाम“ अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने संबंधित विभागों को पोर्टल में एंट्री सुनिश्चित करने को कहा। वहीं “मोर गांव मोर पानी“ अभियान के अंतर्गत गांवों में पेयजल स्रोतों की सफाई, खुले में गंदगी की रोकथाम और स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने जनभागीदारी से बनाए जा रहे सोख्ता गड्ढा एवं इंजेक्शन वेल की जानकारी ली। जिले में अभी तक प्रधानमंत्री आवास योजना की आवासों में 8265 एवं अन्य स्थानों पर 5 हजार सोख्ता गड्ढे बनाए गए है। जबकि बंद पड़े बोर के जल संरक्षण के लिए 178 इंजेक्शन वेल का निर्माण किया गया है। कलेक्टर ने इस अभियान को निरंतर चलाने के निर्देश दिए हैं। बैठक के दौरान जर्जर भवनों में स्कूल, आंगनवाड़ी अथवा हॉस्टल संचालन नहीं करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वैकल्पिक तौर पर ऐसे भवनों को छोड़कर सामुदायिक या अन्य शासकीय भवनों में संचालन किया जाए। साथ ही जर्जर भवनों के डिस्मेंटल करने की कार्रवाई किया जाए।छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती समारोह की तैयारी को लेकर निर्देश जारी करते हुए कहा कि सभी विभाग निर्देशानुसार विस्तृत कार्ययोजना तैयार करें और शीघ्र प्रस्तुत करें। उन्होंने बताया कि 16 अगस्त से 31 मार्च तक रजत जयंती समारोह के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा कार्यक्रम आयोजित किए जायेंगे। जिसमें राज्य स्थापना के पश्चात विकास और उपलब्धियों की सफर को रेखांकित जाएगा। उन्होंने सभी विभागों को कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं।सड़कों पर आवारा मवेशियों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने नगरीय निकाय और जनपद सीईओ की नामजद ड्यूटी लगाने के निर्देश देते हुए कहा कि निरंतर अभियान चलाकर इस पर सख्ती से नियंत्रण किया जाए। उन्होंने खाद की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए कहा कि खाद भंडारण और वितरण की निरंतर समीक्षा करते हुए सोसायटियों में भंडारित खादों को किसानों को वितरण सुनिश्चित किया जाए। निजी संस्थानों में ओवर स्टॉक होने पर कार्रवाई करें। उन्होंने अवैध शराब निर्माण एवं विक्रय की शिकायतों पर निरंतर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।बैठक में राजस्व प्रकरणों और समय-सीमा पत्रकों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जनता से जुड़े प्रकरणों को समय पर और प्राथमिकता से हल किया जाए। साथ ही सभी कार्यालयों को ई-ऑफिस प्रणाली के तहत फाइल मूव करने और प्रशासनिक प्रक्रिया को डिजिटल रूप से मजबूत करने के निर्देश भी दिए। -
बिलासपुर /राज्य के मूल निवासी अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के स्थायी जाति प्रमाण पत्र धारक ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने वर्ष 2025 में संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। योजनांतर्गत आदिवासी विकास विभाग द्वारा उन्हें 1 लाख रूपये प्रोत्साहन राशि प्रदान किया जाएगा। पात्र अभ्यर्थी 12 अगस्त 2025 तक अपना आवेदन-पत्र आयुक्त, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास, ब्लाक-डी, भूतल, इंद्रावती भवन, अटल नगर, नवा रायपुर के कार्यालय में स्वयं उपस्थित होकर अथवा पंजीकृत डाक से जमा कर सकते है। इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी पात्रता की शर्ते तथा आवेदन पत्र का प्रारूप विभाग की वेबसाईट www.tribal.cg.gov.in से प्राप्त कर सकते है।
सहायक आयुक्त आदिवासी विकास ने बताया कि ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने 2025 में सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में सफलता प्राप्त की हो, जिनके पालक तथा स्वयं अभ्यर्थी की समस्त स्त्रोतों में आय आयकर की श्रेणी में न आती हो अर्थात जो आयकर दाता न हों, जिन्होंने केंद्र या राज्य शासन की योजनांतर्गत निःशुल्क रहवासी प्रशिक्षण प्राप्त न किया हो तथा पूर्व में उक्त प्रारंभिक परीक्षा में सफल होकर इस योजनांतर्गत प्रोत्साहन राशि प्राप्त न किया हो योजना के लिए पात्र माने जाएंगे। - *खरोरा की पूजा को सरकारी योजनाओं से टीबी इलाज में मिली राहत**टीबी मरीजों को मिल रही सरकारी सहायता – 6 माह का पोषण आहार और आर्थिक सहायता*रायपुर / छत्तीसगढ़ सरकार टीबी (तपेदिक) के मरीजों के लिए मुफ्त इलाज, जांच और पोषण संबंधी सहायता प्रदान करती है। शासन ने वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, इसी कड़ी में ज़िले की खरोरा निवासी सुश्री पूजा धीवर ने बताया मैं टीबी मरीज हूं और मेरा इलाज सरकारी दवाई के माध्यम से हो रहा है साथ ही दवाई लेने के बाद मेरे सेहत में सुधार हो रहा है | इस लाभकारी योजना के लिए मैं मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त करती हूँ | टीबी मरीजों को सरकार द्वारा 6 माह में 6,000 रुपये की वित्तीय सहायता DBT (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण) के माध्यम से दी जाती है एवं 6 माह का प्रोटीनयुक्त पोषण आहार भी प्रदान किया जाता है | टीबी के यह लक्षण हो सकते है :- खांसी, बुखार, पसीने आना, सीने में दर्द, बलगम में खून और शरीर में गांठे आदि | रायपुर में जिला क्षय रोग केंद्र कालीबाड़ी में स्थित है, यहाँ मरीज अधिक जानकारी के लिए संपर्क कर सकते है |
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*'समूह जलप्रदाय योजनाओं के कार्यों में भी लाएं तेजी'*
*उप मुख्यमंत्री ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा की**सभी गांवों में हर घर नल से जल पहुंचाने टीम वर्क से काम करने के दिए निर्देश, गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने कहा**जल जीवन मिशन से 31.16 लाख से अधिक परिवारों को मिल रहा शुद्ध पेयजल, 5029 योजनाएं ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित*बिलासपुर/ उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री अरुण साव ने वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में आयोजित बैठक में 90 प्रतिशत कार्य पूर्णता वाले नल जल योजनाओं के काम तत्परता से पूर्ण कर जल्द जलापूर्ति शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने सतही जल पर आधारित कई गांवों के लिए प्रगतिरत समूह जलप्रदाय योजनाओं के काम में तेजी लाने को कहा। उन्होंने जल जीवन मिशन का शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए विभागीय अधिकारियों को टीम वर्क से काम करने के दिए निर्देशित करते हुए गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुलहक, जल जीवन मिशन के संचालक श्री जितेन्द्र कुमार शुक्ला और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता श्री टी. डी. साण्डिल्य भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों से कहा कि यह सौभाग्य की बात है कि प्रदेशवासियों को पेयजल उपलब्ध कराने का पुण्य काम आपके जिम्मे है। केन्द्र सरकार द्वारा जल जीवन मिशन के कार्यों को पूर्ण करने की अवधि वर्ष 2028 तक बढ़ा दी गई है। मिशन के कार्यों को तय समय़ावधि में पूर्ण गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के लिए टीम वर्क और कड़ी मॉनिटरिंग जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को अपनी मैदानी टीम के साथ प्रत्येक गांव के हर घर में नल से जल पहुंचाने के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर प्राथमिकता से उनका त्वरित क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए।श्री साव ने कहा कि सबसे पहले जिन योजनाओं के कार्य 90 प्रतिशत पूर्ण हो चुके हैं, उनके बचे कार्यों को त्वरित गति से पूर्ण कराकर हर-घर-जल उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। ऐसे गांवों में तेजी से कार्य कर जल्दी ही ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करा सकते हैं। इन योजनाओं से जलापूर्ति शुरू होने के बाद 60 प्रतिशत से 80 प्रतिशत तक कार्य प्रगति वाली योजनाओं को पूर्ण कराएं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यह आवश्यक नहीं है कि आप केवल निर्धारित कार्ययोजना व लक्ष्यों के आधार पर ही कार्य करें। आप मैदानी परिस्थितियों को ध्यान में रखकर अन्य योजनाओं को पूर्ण कर सकते हैं।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने समूह जलप्रदाय योजनाओं के कामों में भी तेजी लाते हुए समयबद्ध तरीके से गुणवत्तापूर्ण कार्य के निर्देश दिए जिससे कि समय पर प्रदेशवासियों को इन योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने बैठक में बताया कि शासन स्तर पर 128 उप-अभियंताओं की नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है। इन उप-अभियंताओं के मैदानी बल में शामिल होने से योजनाओं को पूर्ण करने में और अधिक मदद मिलेगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को प्रतिबद्धता से काम करते हुए निर्धारित समयावधि में जल जीवन मिशन के सभी कार्यों को पूर्ण करने के लिए जुट जाने को कहा।लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रदेश के 19 हजार 656 गांवों के लिए 29 हजार 160 योजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इनके माध्यम से 49 लाख 98 हजार ग्रामीण परिवारों को हर घर नल से जल उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। मिशन के तहत अब तक 31 लाख 16 हजार 398 ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। शत-प्रतिशत कनेक्शन वाली 5029 नल जल योजनाएं संचालन के लिए संबंधित ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित कर दी गई हैं।अधिकारियों ने बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रगतिरत नल जल योजनाओं को तेजी से पूर्ण करने के लिए कार्ययोजना बनाकर कार्यों को गति दी जा रही है। निर्माणाधीन सभी कार्यों को आगामी तीन वर्षों में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। विभाग ने चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में 13 हजार 846 योजनाओं, 2026-27 में 7261 योजनाओं तथा 2027-28 में 4077 योजनाओं को पूर्ण करने का लक्ष्य रखा है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सभी मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता और कार्यपालन अभियंता समीक्षा बैठक में मौजूद थे। - रायपुर / रायपुर में पेंशन के लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के निर्देशन में सोमवार को श्री गजानन पटेल, वरिष्ठ कोषालय अधिकारी, जिला कोषालय रायपुर द्वारा रेडक्रॉस सभा कक्ष कलेक्ट्रेट परिसर में कार्यशाल आयोजित किया गया । जिसमें जिला कोषालय रायपुर के अंतर्गत आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को उनके कार्यालय स्तर पर आपत्ति युक्त लंबित पेंशन प्रकरणों के शीघ्र निराकरण किये जाने हेतु संभागीय संयुक्त संचालक, कोष, लेखा एवं पेंशन रायपुर श्री महेश साकल्ले एवं वरिष्ठ कोषालय अधिकारी श्री गजानन पटेल द्वारा विस्तार से चर्चा कर एवं इसके निराकरण हेतु कार्यालय स्तर पर सार्थक पहल किये जाने हेतु निर्देशित किया गया। इसमें कार्यालय स्तर के पेंशन प्रकरण बनाकर संयुक्त संचालक पेंश कार्यालय ऑनलाईन प्रेषित किये गये प्रकरणों में दर्ज आपत्ति तथा पीपीओ जारी होने के पश्चात जिला कोषालय स्तर पर कार्यालय द्वारा वांछित जानकारी निर्धारित समय में पोर्टल में अपलोड नहीं किये जाने के फलस्वरूप लंबित हुए प्रकरणों के तत्काल निराकारण किये जाने पर जोर दिया गया ताकि संबंधित कर्मचारी का शीघ्र पेंशन, उपादान का भुगतान किया जा सके।प्रदेश में पुरानी पेंशन योजना लागू होने के फलस्वरूप सीपीएस कर्मचारियों के मृत्यू, अशक्तता के प्रकरण को EWR किये जाने के फलस्वरूप लंबित प्रकरणों पर संबंधित आहरण संवितरण अधिकारियों को शीघ्र ही निर्धारित फार्म भर कर कोषालय मे प्रस्तुत किये जाने तथा सेवानिवृत्ति के स्थिति में सरकार के अंशदान व उसके ब्याज की राशि का भाग चालान बनाकर शासन के निर्धारित मद में जमा कर पेंशन प्रकरण का निराकरण किये जाने के निर्देश दिये गये, साथ ही सामान्य भविष्य निधि के ऋणात्मक शेष प्रकरणों के संबंध में संबंधित डीडीओ को यथाशीघ्र निराकृत किये जाने हेतु चर्चा की गई।
- *3 पंचायत सचिव निलंबित, 3 जनपद सीईओ को संभागायुक्त श्री कावरे ने जारी किया शोकॉज नोटिस*रायपुर / रीपा योजना का पंचायत एवं ग्रामीण विकास ने शासन स्तर पर जांच की थी जिसके प्रतिवेदन के आधार पर कार्यवाही की गई। जांच में विभिन्न स्तर पर गड़बड़ी एवं नियम प्रक्रिया का पालन नहीं करना पाया गया। जांच के आधार पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। रायपुर संभाग के 3 पंचायत सचिव पर निलंबन कार्यवाही की गई है। साथ ही तत्कालीन जनपद पंचायत सीईओ को कारण बताओे नोटिस दिया गया है।संभागायुक्त कार्यालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार महासमुंद जिला पंचायत सीईओ ने जनपत पंचायत महासमुंद के ग्राम पंचायत बिरकोनी के सचिव शंकर साहु, बलौदाबाजार-भाटापारा के जिला पंचायत सीईओ ने जनपद पंचायत पलारी के गिर्रा के ग्राम पंचायत सचिव खिलेश्वर ध्रुव और जनपद पंचायत बलौदाबाजार के ग्राम पंचायत लटुआ के सचिव टीकाराम निराला को निलंबित किया है। इन्हें भण्डार क्रय नियम का पालन न करने, बगैर तकनीकी परीक्षण किये मशीन क्रय करना एवं मशीन के देय का खण्ड खण्ड भुगतान के साथ कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही बरतने के कारण यह कार्यवाही की गई है।रीपा की जांच के संबंध में संभागायुक्त श्री महादेव कावरे द्वारा तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पलारी श्री रोहित नायक जिला बलौदाबाजार-भाटापारा को, तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बलौदाबाजार श्री रवि कुमार जिला बलौदाबाजार भाटापारा एवं तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत महासमुंद, लिखत सुल्ताना जिला महासमुंद को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। आयुक्त रायपुर संभाग द्वारा उक्त अधिकारियों को नियत अवधि में जवाब देने के निर्देश दिए हैं।
- -सर्वाधिक वर्षा पिथौरा तहसील में 715.9 मिलीमीटर-आज 9.1मिलीमीटर औसत वर्षा दर्जमहासमुंद / महासमुंद जिले में चालू मानसून के दौरान 01 जून 2025 से अब तक 519.7 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। भू-अभिलेख से मिली जानकारी के अनुसार जिले में सर्वाधिक औसत वर्षा पिथौरा तहसील में 715.9 मिलीमीटर, सरायपाली में 544.7 मिलीमीटर, बसना में 530.7 मिलीमीटर, महासमुंद में 462.3 मिलीमीटर, बागबाहरा में 460.9 मिलीमीटर और सबसे कम वर्षा 404.1 मिलीमीटर कोमाखान तहसील में दर्ज की गई। आज 29 जुलाई को 9.1 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई। जिले के तहसीलवार वर्षा में बागबाहरा तहसील में 15.7 मिलीमीटर, कोमाखान में 15.2 मिलीमीटर, बागबाहरा में 12.4 मिलीमीटर, पिथौरा में 5.4 मिलीमीटर, बसना में 3.0 मिलीमीटर एवं सरायपाली तहसील में 2.9 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
- राजनांदगांव । कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे के निर्देशानुसार जिले में विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर सोमवार को हेपेटाइटिस बीमारी के संबंध में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला स्तरीय संगोष्ठी महाराष्ट्र मंडल बल्देव बाग में आयोजित किया गया। जिसके अंतर्गत शहरी स्वास्थ्य कार्यक्रम के 205 स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं एवं मितानिनों का स्क्रीनिंग एवं टीकाकरण किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरत्न ने संगोष्ठी में सभी कार्यकर्ताओं को स्वयं, अपने परिवार एवं समुदाय को सुरक्षित रखने के लिए जागरूक रहने की अपील की। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने हेपेटाइटिस बीमारी के प्रमुख लक्षण के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बुखार व थकान, भूख कम लगना, उल्टी, त्वचा में खुजली व पीलापन, गहरे रंग का पेशाब, शहरी में दर्द व मांसपेशियों में सूजन होना हेपेटाइटिस बीमार के प्रमुख लक्षण है। उन्होंने बताया कि हेपेटाइटिस ए और ई से बचाव के लिए साफ पानी का सेवन करना चाहिए। हाथ धोने की आदत, ताजा फलों का सेवन करना चाहिए और खुले में शौच नहीं करना चाहिए।हेपेटाइटिस बी एवं सी से बचाव के लिए इंजेक्शन तथा रेजर ब्लेड का उपयोग एक बार करना चाहिए। ब्लड पंजीकृत ब्लड बैंक से ही लिया जाए। नवजात बच्चों को हेपेटाइटिस बी का जन्म खुराक अवश्य देना चाहिए। हेपेटाइटिस धनात्मक माताओं से जन्म नवजात शिशु को हेपेटाइटिस म्यूनोग्लोबिन एचबीआईजी जन्म के 24 घंटे में अवश्य दें। इसके संबंध में टोलफ्री नंबर 1800-11-6666 जारी किया गया है। कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन, जिला नोडल अधिकारी डॉ. बीएल तुलावी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री संदीप ताम्रकार, जिला प्रबंधक शहरी स्वास्थ्य कार्यक्रम डॉ. पूजा मेश्राम, शहरी सुपरवाईजर श्री कौशल शर्मा, जिला माईक्रोबॉयोलॉजिस्ट श्रीमती वंदना कोसरिया, जिला डाटा मैनेजर श्री अखिलेश सिंह, सेक्रेटेरियल असिस्टेंट श्री हेमन्त कुमार साहू एवं सेक्रेटेरियल असिस्टेंट श्री हेमन्त यादव, एरिया कोआर्डिनेटर श्रीमती देवकी वर्मा सहित सभी शहरी स्वास्थ्य कार्यक्रम के कार्यकर्ता एवं मितानिन उपस्थित थे।
- - सीआरसी ठाकुरटोला में दिव्यांगजनों हेतु दिव्यांगजन द्वारा मेला ''पर्पल फेयर का किया गया आयोजनराजनांदगांव । दिव्यांगजन कौशल विकास, पुनर्वास एवं सशक्तिकरण समेकित क्षेत्रीय केन्द्र (सीआरसी) ठाकुरटोला राजनांदगांव में सोमवार को दिव्यांगजनों हेतु दिव्यांगजन द्वारा मेला ''पर्पल फेयरÓÓ का आयोजन किया गया। पूर्व सांसद श्री अभिषेक सिंह कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। पूर्व सांसद श्री अभिषेक सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि समेकित क्षेत्रीय केन्द्र (सीआरसी) ठाकुरटोला देश, प्रदेश एवं विशेषकर राजनांदगांव के लिए महत्वपूर्ण केन्द्र है। भविष्य में प्रदेश के तमाम दिव्यांग बच्चे एवं बुजुर्गों के पुनर्वास, उपकरण तथा समय-समय पर उन्हें आधुनिक तकनीकों से अवगत कराने, उनके सम्मान, सामाजिक स्तर पर सशक्त बनाने, उनके जीवन को बेहतर बनाने के लिए एक अद््भूत केन्द्र राजनांदगांव में है। हमारी जिम्मेदारी है कि हम इस संस्थान का सदुपयोग करें। हर दिव्यांग तक शिक्षा एवं उपकरण पहुंचे तथा उनके प्रति समाज में संवेदनशीलता एवं जागरूकता रहे। छत्तीसगढ़ में राजनांदगांव में दिव्यांगजनों के लिए एक दूरदर्शी प्रयास करते हुए सीआरसी सेंटर प्रारंभ किया गया है। जहां उन्हें सम्मान के साथ-साथ आजीविका के लिए भी अवसर उपलब्ध हो रहे है। इस संस्थान में निस्वार्थ भाव से दिव्यांगजनों की सेवा की जा रही है। यहां ऐसे प्रशिक्षित एवं विशेषज्ञों के द्वारा दिव्यांगजनों को शारीरिक एवं मानसिक तरीके से मजबूत बनाने के लिए कार्य किया जा रहा है। दिव्यांगजनों के सशक्त बनने से हमारा प्रदेश सशक्त बनेगा। उन्होंने पर्पल फेयर में लगाए गए सभी स्टॉल का अवलोकन किया तथा दिव्यांगजनों द्वारा बनाई गई खुबसूरत पेंटिंग एवं उनके हुनर की प्रशंसा की।पद्मश्री डॉ. पुखराज बाफना ने कहा कि मक्के के दाने की पंक्तिबद्धता, संतरो की कलियों का अनुशासन, गुलाब की कलियों की व्यवस्था, मोर पंख की सुंदरता देखी होगी, इन सभी को मिलाकर समेकित क्षेत्रीय केन्द्र (सीआरसी) ठाकुरटोला बना है। उन्होंने कहा कि खेलना और मुस्कुराना ईश्वर के हाथ में हैं और उनके बीच महकना इंसान के हाथ में है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन ईश्वर की देन है और हमें दिव्यांगजनों की सेवा करनी चाहिए। समाजसेवी श्री बल्देव सिंह भाटिया ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम में समेकित क्षेत्रीय केन्द्र (सीआरसी) ठाकुरटोला की निदेशक श्रीमती स्मिता महोबिया ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया एवं सभी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर आयुष विभाग की ओर से दिव्यांग बच्चों के लिए नि:शुल्क आयुष चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया तथा उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। आयुष विभाग की ओर से सभी को स्वास्थ्यवर्धक काढ़ा का वितरण किया गया। इस अवसर पर दिव्यांग बच्चों द्वारा रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई।उत्कृष्ट कार्य करने वाले दिव्यांगजनों को किया गया सम्मानितइस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले दिव्यांगजनों को सम्मानित किया गया। जिनमें श्री चित्रसेन साहू, सुश्री श्रुति गुप्ता, श्री विवेक सोनी, श्री देवसिंह अहिरे, श्री हरिहर सिंह राजपूत, श्री श्रव्य राजेश, श्री राहुल कुमार, श्री तरूण कुमार उईके, श्री राकेश सिन्हा को सम्मानित किया गया।इस अवसर पर अध्यक्ष जनपद पंचायत राजनांदगांव श्रीमती प्रतिमा चंद्राकर, श्री कोमल सिंह राजपूत, श्रीमती शारदा तिवारी, श्री बल्देव सिंह भाटिया, श्री सौरभ कोठारी, सरपंच श्री ऐश्वर्य ठाकुर, श्री सुनील मूंदड़ा, श्री सुनील बरडिया, श्री हेमन्त तिवारी, श्री अम्लेंदु हाजऱा, श्री संदीप ताम्रकार, श्री अरूण भास्कर गुप्ता, श्री गुणवंत साहू, श्री जीएस भाटिया, श्री चंद्रकांत लोहिया, श्री कांति मौर्य, श्री यश एवं विभिन्न समाज सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि, बड़ी संख्या में दिव्यांग बच्चे एवं नागरिक उपस्थित थे। पर्पल फेयर में वोकेशनल डिपार्टमेंट सीआरसी राजनांदगांव, चिन्मय मदर, रिचा मदर, श्री विवेक सोनी, सीआरसी फूड स्टॉल राजनांदगांव, आकांक्षा लॉयन इंस्ट्यूट ऑफ लर्निंग ऑफ इम्पावरमेंट, श्रद्धा सांई महिला उत्थान समिति, अभिलाषा दिव्यांगजन कल्याणार्थ संस्था राजनांदगांव, ब्राईट मिस्टर एण्ड हाई स्कूल दुर्ग, शासकीय नर्सिंग कालेज राजनांदगांव, जिला आयुष विभाग, आस्था स्कूल, मनोकामना, समर्थ, मानवता, नई दिशा, एसएसए, लॉयन क्लब, आस्था मूक बधिर शाला, पतंजलि योग समिति, योगासन स्पोट्र्स एसोसियेशन, सक्षम भारत-समर्थ भारत, भारतीय शिक्षा बोर्ड छत्तीसगढ़ की सहभागिता रही।

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