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- -नौनिहालों के पोषण के साथ ही सुरक्षित और सुनहरा भविष्य देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध रू मुख्यमंत्री श्री साय’-बच्चों के समुचित विकास के लिए महिला एवं बाल विकास तथा स्वास्थ्य विभाग समन्वय के साथ करें कार्य’-’अगली कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में महिलाओं और बच्चों के लिए संचालित योजनाओं की होगी गहन समीक्षा’-’महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की जिला स्तर पर नियमित समीक्षा करें कलेक्टर’रायपुर,। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि नौनिहालों के पोषण और उनको सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य प्रदान करने के लिए राज्य सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है। बच्चों के समुचित विकास हेतु महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग को आपसी समन्वय के साथ मिलकर कार्य करना होगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की प्रगति एवं क्रियान्वयन की उच्च स्तरीय समीक्षा की और अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों पर केंद्रित योजनाओं की जिलेवार नियमित मॉनिटरिंग सचिव स्तर से की जाए तथा आगामी कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में इसकी गहन समीक्षा की जाएगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की आधारभूत संरचनाए बजट और संचालित योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि विभाग बच्चोंए किशोरियों और महिलाओं के पोषण एवं सुरक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने यह भी कहा कि छोटे बच्चों की देखभाल और पोषण जितनी संवेदनशीलता और कुशलता से की जाएगीए उनका शारीरिक और मानसिक विकास उतना ही प्रभावी और सुदृढ़ होगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बच्चे हमारे देश के भविष्य की नींव हैं और इस नींव को मजबूत करने के लिए सभी की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने विभागीय अमले को जमीनी स्तर पर सक्रियता और स्वप्रेरणा के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर बल दिया कि राज्य के प्रत्येक बच्चे को पूरक पोषण आहार और विभागीय योजनाओं का समुचित लाभ प्राप्त हो।उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों में वितरित किए जाने वाले पोषण आहारए गर्म भोजनए उसकी मात्राए गुणवत्ता और कैलोरी मानकों सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की और वितरण की प्रक्रिया की निरंतर निगरानी की आवश्यकता बताई।मुख्यमंत्री श्री साय ने पीएम जनमन योजना अंतर्गत संचालित 197 आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन की जानकारी ली तथा विशेष पिछड़ी जनजाति ;च्टज्ळद्ध समुदाय के बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्चों के पोषण से संबंधित महत्वपूर्ण सूचकांकों की समीक्षा करते हुए अपेक्षित सुधार लाने हेतु ठोस प्रयास करने की बात कही। उन्होंने कहा कि सूचकांकों के माध्यम से वास्तविक स्थिति का आंकलन संभव होता हैए और जहां भी कमी दिखाई देए वहां त्वरित सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में बेहतर प्रदर्शन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि यह प्रगति इसी प्रकार सतत बनी रहे। उन्होंने कहा कि बच्चों के मानसिक विकास पर छोटी.छोटी बातों और व्यवहार का गहरा प्रभाव पड़ता हैए इसलिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संवेदनशीलता के साथ बच्चों से भावनात्मक जुड़ाव बनाएं।मुख्यमंत्री श्री साय ने विभागीय अमले के नियमित प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहाए ताकि वे तकनीकी रूप से दक्ष और अनुसंधानपरक दृष्टिकोण के साथ परिणामोन्मुखी कार्य कर सकें।बैठक में बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियानए मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजनाए सखी वन स्टॉप सेंटरए शक्ति सदनए महिला एवं चाइल्ड हेल्पलाइनए महिला कोषए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओए मिशन वात्सल्य तथा अन्य योजनाओं की भी समीक्षा की गई।इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़ेए मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैनए मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंहए मुख्यमंत्री के सचिव श्री पीण् दयानंदए श्री राहुल भगतए महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदीए संचालक श्री पीण् एसण् एल्मा सहित विभाग के अधिकारी.कर्मचारी उपस्थित थे।
- -अस्पताल में भर्ती बच्चों और महिला मरीजों से किया आत्मीय संवाद-अस्पताल स्टाफ को मरीजों के हित में समर्पित भाव से काम करने का दिया निर्देशरायपुर। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बुधवार की सुबह 7 बजे राजधानी रायपुर स्थित डीकेएस अस्पताल का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मंत्री श्री जायसवाल ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली तथा उपचार और मिलने वाली सुविधाओं के बारे में पूछा।स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल में भर्ती बच्चों और महिला मरीजों से आत्मीयता से बात कर उनके हालचाल जाने और इलाज संबंधी जानकारी ली। उन्होंने मरीजों के परिजनों से भी चर्चा की और उनकी समस्याएं सुनीं।निरीक्षण के दौरान श्री जायसवाल ने अस्पताल परिसर की साफ-सफाई, दवा वितरण, चिकित्सकीय जांच, ऑपरेशन थियेटर, वार्ड व्यवस्था जैसी सुविधाओं का भी जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने डॉक्टर्स, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों से संवाद कर मरीजों की देखभाल में और अधिक संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए।मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी कर्मचारियों को मरीजों के हित में समर्पित भाव से कार्य करना चाहिए।
- - सभी बीमारियों से बचाव के लिए अंधविश्वास की बजाय स्वास्थ्य सुरक्षा के नियमों का पालन करें - डाॅ. दिनेश मिश्ररायपुर। अंधविश्वास, पाखंड व सामाजिक कुरीतियों के निर्मूलन के लिए कार्यरत संस्था अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डाॅ. दिनेश मिश्र ने कहा अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति हरेली पर विशेष जनजागरण अभियान चलाएगी, जिसमें जादू टोने के संबंध में टोनही प्रताडऩा के विरोध में जागरूक करने, टोनही प्रताडऩा के विरोध में शपथ, गांव के निर्जन स्थानों में रात्रिभ्रमण, अंधविश्वास पर पम्पलेट वितरण किया जाएगा, टोनही प्रताडऩा के संबंध में जानकारी एवं जागरूकता बढ़ाने हेतु पोस्टर वितरित किए जायेंगे तथा यह पोस्टर ग्राम पंचायतों एवं सार्वजनिक स्थलों पर चस्पा किए जायेंगे। अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डाॅ. दिनेश मिश्र ने कहा हरियाली के प्रतीक हरेली अमावस्या की रात को ग्रामीणजनों के मन से टोनही, भूत-प्रेत का खौफ हटाने के लिए समिति भ्रमण कर ग्रामीणजनों से सम्पर्क करेगी.डाॅ. दिनेश मिश्र ने कहा अंचल में हरियाली अमावस्या (हरेली) के संबंध में काफी अलग अलग मान्यताएं हैं अनेक स्थानों पर इसे जादू-टोने से जोड़कर भी देखा जाता है, कहीं-कहीं यह भी माना जाता है कि इस दिन, रात्रि में विशेष साधना से जादुई सिद्वियां प्राप्त की जाती है जबकि वास्तव में यह सब परिकल्पनाएं ही हैं, जादू - टोने का कोई अस्तित्व नहीं है तथा कोई महिला टोनही नहीं होती। पहले जब बीमारियों व प्राकृतिक आपदाओं के संबंध में जानकारी नहीं थी तब यह विश्वास किया जाता था कि मानव व पशु को होने वाली बीमारियां जादू-टोने से होती है। बुरी नजर लगने से, देखने से लोग बीमार हो जाते है तथा इन्हें बचाव के लिए गांव, घर को तंत्र-मंत्र से बांध देना चाहिए तथा ऐसे में कई बार विशेष महिलाओं पर जादू-टोना करने का आरोप लग जाता है वास्तव में सावन माह में बरसात होने से वातावरण का तापमान अनियमित रहता है, उसम, नमी के कारण बीमारियों को फैलाने वाले कारकों बैक्टीरिया व कीटाणु अनुकूल वातावरण पाकर काफी बढ़ जाते है। गंदगी, प्रदूषित पीने के पानी, भोज्य पदार्थ के दूषित होने, मक्खियां, मच्छरो के बढने से बीमारियां एकदम से बढ़ जाती है। जिससे गांव गांव में आंत्रशोध, पीलिया, वायरल फिवर, मलेरिया के मरीज बढ़ जाते है तथा यदि समय पर ध्यान नहीं दिया गया हो तो पूरी बस्ती ही मौसमी संक्रामक रोगों की शिकार हो जाती है। वहीं हाल फसलों व पशुओं का भी होता है, इन मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए पीने का पानी साफ हो, भोज्य पदार्थ दूषित न हो, गंदगी न हो, मक्खिंया, मच्छर न बढ़े,जैसी बुनियादी बातों पर ध्यान देने की आवश्यकता है। स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां रखने से लोग पशु बीमारियों से बचे रह सकते है। इस हेतु किसी भी प्रकार के तंत्र-मंत्र से घर, गांव बांधने की आवश्यकता नहीं है। कोरोना तथा अन्य संक्रमणों से बचाव के लिए साफ-सफाई,सावधानी, मास्क पहिनना, सोशल डिस्टेन्स रखना ,बार बार हाथ धोना अधिक आवश्यक है, इसके बाद यदि कोई व्यक्ति इन बीमारियों से संक्रमित हो तो उसे फौरन चिकित्सकों के पास ले जाये, संर्प दंश व जहरीले कीड़े के काटने पर भी चिकित्सकों के पास पहुंचे।डाॅ. मिश्र ने कहा पिछले कुछ वर्षो से यह देखा जा रहा है कि हरेली अमावस्या को दिन में भी बच्चे व कई लोग जादू-टोने व नजर लगने से बचने के लिए नीम की टहनी, साइकिलों, रिक्शे व गाड़ियों में लगातार घूमते दिखाई देते है। पालकों व शिक्षकों को बच्चों को ऐसे अंधविश्वास से बचने की सलाह देना चाहिए। नीम की टहनी तोड़-तोड़कर वृक्ष को नुकसान पहुंचाने के बजाय घर के आसपास नीम के पौधे लगाये ताकि वातावरण शुद्ध हो। बीमारियों से बचने के लिए साफ-सफाई, पानी को छानकर, उबालकर पीने, प्रदूषित भोजन का उपयोग न करने तथा गंदगी न जमा होने देने जैसी बातों पर लोग ध्यान देंगे तथा स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहेंगे तो तंत्र-मंत्र से बांधनें की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। बीमारियों खुद-ब-खुद नजदीक नहीं फटकेंगी, मक्खिंया व मच्छर किसी भी कथित तंत्र-मंत्र से अधिक खतरनाक है ।डाॅ. मिश्र ने कहा हरेली अमावस्या पर भी अंधविश्वास, जादू-टोने, टोनही की मान्यता के विरोध में जरूरी चलाया जा रहा ‘‘कोई नारी टोनही नहीं अभियान’’ जारी रहेगा। जिसमें टोनही, भूत-प्रेत का खौफ मिटाने के लिए व भ्रम दूर करने के लिए समिति के सदस्य रात्रि में भ्रमण कर ग्रामीणों से सम्पर्क कर भ्रम व अंधविश्वास दूर कर वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने का प्रयास करेंगे ।
- -घर-घर जाकर साक्षरता का संदेश पहुंचाएं- डॉ गौरव सिंह, कलेक्टररायपुर, / केंद्र प्रवर्तित नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत चलाए जा रहे ‘उल्लास नवभारत साक्षरता अभियान’ के प्रचार-प्रसार को गति देने के उद्देश्य से आज कलेक्ट्रेट परिसर स्थित सभा कक्ष में एक विशेष प्रचार गीत और QR कोड के माध्यम से जानकारी के वितरण का शुभारंभ किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ कलेक्टर एवं अध्यक्ष, जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण रायपुर, डॉ. गौरव सिंह ने किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं स्वयंसेवी शिक्षकों को निर्देशित किया कि वे घर-घर जाकर साक्षरता का संदेश पहुंचाएं और 15 वर्ष से अधिक आयु के अशिक्षित व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें उल्लास केंद्रों से जोड़ने की कार्यवाही सुनिश्चित करें। इस अवसर पर श्रीमती मीनाक्षी केसरवानी द्वारा रचित ‘उल्लास साक्षरता गीत’ का भी शुभारंभ किया गया। यह गीत लोगों में साक्षरता के प्रति उत्साह का संचार करेगा।
- बिलासपुर / पंडित जवाहर लाल नेहरू उत्कर्ष योजना अंतर्गत चालू शिक्षा सत्र में कक्षा 6 वीं में अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के प्रतिभावान विद्यार्थियों को राज्य के उत्कृष्ट निजी विद्यालयों में प्रवेश लेने हेतु दिनांक 30 मार्च (रविवार) को आयोजित परीक्षा केन्द्र डेल्टा पब्लिक स्कूल पुराना हाई कोर्ट के सामने गुम्बर कॉम्पलेक्स, गांधी चौक बिलासुपर में आयोजित लिखित चयन परीक्षा के पश्चात् अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों की प्रावीण्य सूची पृथक-पृथक तैयार की जाकर संधित विकासखण्ड शिक्षा अधिकारियों के कार्यालय को प्रेषित की जा चुकी है, जिसका अवलोकन उनके कार्यालय एवं सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विलासपुर के कार्यालय में कार्यालयीन समय में किया जा सकता है। कोई भी दावा-आपत्ति होने पर दिनांक 25 जुलाई तक संबंधित विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी एवं सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास बिलासपुर के कार्यालय को सूचित किया जा सकता है। इसके पश्चात् प्राप्त दावा-आपत्ति मान्य नही की जावेगी।
- - धोधा उपकेन्द्र की क्षमता बढ़ाये जाने से 10 ग्रामों के 4233 उपभोक्ता होंगे लाभान्वितखैरागढ़ । मुख्यमंत्री विद्युत अधोसंरचना विकास योजना के तहत 73 लाख रूपये की लागत से धोधा 33/11 के0व्ही0 सबस्टेशन में 3.15 एम0व्ही0ए0 अतिरिक्त नये पॉवर ट्रांसफॉर्मर को लगाकर राजनांदगांव क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक श्री शिरीष सेलट के द्वारा चार्ज किया गया। इस योजना के अन्तर्गत खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के ग्रामीण अंचलों में बिजली उपभोक्ता एवं किसानों को भरपूर वोल्टेज पर निर्बाध व गुणावत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति करने के लिए जिलें में विद्यमान पॉवर सबस्टेशनों में अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफार्मर स्थापित कर क्षमता वृद्धि का कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता से किया जा रहा है। खैरागढ़ डिवीजन के ग्राम धोधा मे स्थित उपकेन्द्र की क्षमता पहले 3.15 एम0व्ही0ए था, अतिरिक्त नये 3.15 एम0व्ही0ए0 पॉवर ट्रांसफार्मर के लगाये जाने से इस उपकेन्द्र की क्षमता बढ़कर 6.30 ए0व्ही0ए0 हो गया है।छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रब्यूशन कंपनी लिमिटेड, राजनांदगांव क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक श्री शिरीष सेलट ने बताया कि यह कार्य मुख्यमंत्री अधोसंरचना विकास योजना के अंतर्गत लगभग 73 लाख रुपए की लागत से पूर्ण किया गया है। उन्होंने बताया कि सबस्टेशन में पहले से मौजूदा 3.15 एम0व्ही0ए0 पॉवर ट्रांसफार्मर ओवरलोड हो जाता था। खासकर धान की फसल के मौसम में लोड शेडिंग एवं लो वोल्टेज की समस्या होती थी, उक्त कार्य से लो वोल्टेज एवं लोड शेडिंग जैसी समस्याओं से राहत मिलेगी। ईडी श्री सेलट ने उक्त कार्य को क्षेत्र में उपभोक्ताओं एवं किसानों के हित में निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए सराहनीय बताते हुए कहा कि 33/11 के.व्ही. सबस्टेशन धोधा में अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफार्मर के लग जाने से ग्राम छिराहीडीह, मजगांव, बाबूर, गोखना, पर्थरा, भुरभुसी, धोधा, बिरनपुरकला, कालेगोंडी एवं हनईबंद के 4233 उपभोक्ता एवं किसानों को फायदा होगा। उन्होने अधीक्षण अभियंता राजनांदगांव वृत्त श्री शंकेश्वर कंवर, ईई परियोजना श्री मुकेश कुमार साहू, ईई खैरागढ़ संभाग श्री ए.के. द्विवेदी, ईई एसटीएम श्री ए.डी. टण्डन, सहायक अभियंता सुश्री ममता कर्मकार अन्य अधिकारी एवं उनकी पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि पॉवर कंपनी के अधिकारी एवं कर्मचारी उपभोक्ताओं एवं किसानों तक गुणवत्तापूर्ण बिजली पहुंचाने के लिए समर्पित होकर कार्य कर रहें हैं। अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफार्मर लगने से किसानों एवं उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।
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- कलेक्टर की अध्यक्षता में दिग्विजय स्टेडियम प्रबंधकारिणी समिति की बैठक संपन्न
- शासन से प्राप्त 6 करोड़ रूपए की लागत से दिग्विजय स्टेडियम में खेल सुविधाओं एवं अधोसंरचना होगी विकसित- इंटरनेशनल बैडमिंटन कोर्ट की तर्ज पर बनाया जाएगा एसी युक्त सिंथेटिक बैडमिंटन कोर्ट- स्टेडियम की साफ-सफाई, पेयजल एवं रख-रखाव के संबंध में दिए आवश्यक निर्देश- फ्लाईओवर ब्रिज के नीचे बॉक्स क्रिकेट, बास्केटबॉल, टेनिस, हैंडबॉल जैसे खेलों के लिए बॉक्स कोर्ट बनाया जाएगाराजनांदगांव । कलेक्टर एवं अध्यक्ष दिग्विजय स्टेडियम समिति राजनांदगांव डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे की अध्यक्षता में स्टेडियम कॉन्फ्रेस हॉल में स्टेडियम समिति के सफल संचालन हेतु स्टेडियम प्रबंधकारिणी समिति की बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर महापौर एवं उपाध्यक्ष दिग्विजय स्टेडियम समिति श्री मधुसूदन यादव और अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती किरण वैष्णव उपस्थित थे। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने कहा कि दिग्विजय स्टेडियम समिति का उद्देश्य है खेल को बढ़ावा देना और गरीब एवं जरूरतमंद बच्चों को खेल गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि दिग्विजय स्टेडियम समिति द्वारा राजनांदगांव जिले में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कार्य करने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में दिग्विजय स्टेडियम समिति को किराया से वार्षिक लगभग 70 लाख रूपए मिल सकता है। इससे जिले में खेल सुविधाओं को बढ़ाने के लिए उपयोग किया जाएगा। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने स्क्वैश खेल को बढ़ावा देने के लिए दिग्विजय स्टेडियम परिसर में स्क्वैश कोर्ट बनाने कहा। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव शहर के फ्लाईओवर ब्रिज के नीचे बॉक्स क्रिकेट, हैंडबॉल, बास्केटबॉल, टेनिस जैसे खेलों के लिए बॉक्स कोर्ट बनाया जाएगा। कबड्डी खिलाडिय़ों के लिए सिंथेटिक कोर्ट बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि दिग्विजय स्टेडियम और अंतर्राष्ट्रीय एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम के रखरखाव के लिए शासन को प्रस्ताव भेजने कहा। इसके साथ ही अंतर्राष्ट्रीय एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम में हाईमास्क लाईट और टर्फ लगाने की बात पर सहमति बनी।कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने दिग्विजय स्टेडियम समिति के शॉपिंग काम्प्लेक्स की दुकानों का किराया जिन्होंने अब तक नहीं दिया है, ऐसे दुकानों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कलेक्टर डॉ. भुरे ने कहा कि दिग्विजय स्टेडियम के बॉस्केटबॉल और बैडमिंटन कोर्ट में सेट्रलाइज्ड एयर कंडीशनर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दिग्विजय स्टेडियम में लगे एयर कंडीशनर को रिपेयर किया जाएगा। उन्होंने दिग्विजय स्टेडियम में साफ-सफाई और सभी नलों से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने कहा। दिग्विजय स्टेडियम परिसर में आने वाले सभी रास्तों में गेट लगाने के लिए कहा और जो आवश्यक नहीं है उन रास्तों में दीवाल बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए। जिससे असामाजिक तत्वों से सुरक्षा हो सके। उन्होंने कहा कि 3 बैडमिंटन कोर्ट को इंटरनेशनल की तर्ज पर एयर कंडीशनर और सिंथेटिक कोर्ट बनाया जाएगा। स्टेडियम के फ्लड लाईट को बदलकर नया लगाया जाएगा। स्टेडियम में बहुउपयोगी हॉल बनाने कहा। उन्होंने ने स्टेट स्कूल मैदान समतलीकरण के लिए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों निर्देशित किया।अपर कलेक्टर एवं सचिव दिग्विजय स्टेडियम समिति श्री प्रेम प्रकाश शर्मा ने शासन से प्राप्त बजट के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने शासन से प्राप्त 6 करोड़ रूपए की लागत से दिग्विजय स्टेडियम राजनांदगांव के बॉस्केटबॉल कोर्ट 2 एवं 1 बैडमिंटन कोर्ट में सेंट्रलाइज्ड एयर कंडिशनर एवं 300 केवी एडीजी एवं सेट सिविल वर्क एवं विद्युतीकरण कार्य के लिए तैयार प्राक्कलन का अनुमोदन के संबंध में जानकारी दी। समिति के सदस्यों ने ख्रेल गतिविधियों की सुविधाओं को बढ़ाने के लिए आवश्यक सुझाव दिए। इस अवसर पर अध्यक्ष जनपद पंचायत राजनांदगांव श्रीमती प्रतिमा चंद्राकर, सांसद प्रतिनिधि श्री योगेश बागड़ी, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा, कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग, विभिन्न जिला खेल संघ के प्रतिनिधिगण सहित अन्य सदस्य एवं अधिकारी उपस्थित थे। -
-परीक्षा केंद्र में हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े एवं चप्पल पहनना अनिवार्य
-कान का आभूषण, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, घड़ी, पर्स, पाउच, स्कार्फ, बेल्ट एवं टोपी प्रतिबंधितमहासमुंद / छत्तीसगढ़ व्यवसायिक परीक्षा मंडल रायपुर द्वारा आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा 27 जुलाई रविवार को सुबह 11 बजे से दोपहर 1.15 बजे तक आयोजित की जाएगी। अभ्यर्थी व्यापम की वेबसाइट अलंचंउमहण्महेजंजमण्हवअण्पद से प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजे गए एसएमएस के यूआरएल से भी प्रवेश पत्र प्राप्त किया जा सकता है।व्यापम ने परीक्षा के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जारी निर्देशानुसार परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से दो घंटे पहले परीक्षा केंद्र पहुंचना होगा। वहां पहचान पत्र से सत्यापन और फ्रिस्किंग के बाद ही प्रवेश के बाद किसी को भी परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। परीक्षार्थी परीक्षा से एक दिन पहले ही अपने परीक्षा केंद्र की स्थिति देख लें। प्रवेश पत्र डाक से नहीं भेजा जाएगा। परीक्षार्थी को प्रवेश पत्र का प्रिंट आउट साथ लाना अनिवार्य है। किसी भी परेशानी की स्थिति में हेल्पलाइन नंबर 0771-2972780 और श्री अजय राजा के मोबाइल नंबर 88788-44400 पर सुबह 10 बजे से शाम 5.30 बजे तक संपर्क किया जा सकता है। परीक्षा में फोटो युक्त मूल पहचान पत्र अनिवार्य है। इसमें मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, पेन कार्ड, आधार कार्ड, पासपोर्ट, विद्यालय का फोटो युक्त परिचय पत्र फोटो कॉपी मान्य नहीं होगी। बिना मूल पहचान पत्र के परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिलेगा।इसी तरह परीक्षा केंद्र में हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े पहनकर आना होगा। चप्पल पहनना अनिवार्य है। कान में किसी भी प्रकार का आभूषण पहनना मना है। परीक्षा शुरू होने से आधा घंटा पहले और समाप्ति के आधा घंटा पहले तक परीक्षा केंद्र से बाहर जाना वर्जित रहेगा। परीक्षा कक्ष में मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, घड़ी, पर्स, पाउच, स्कार्फ, बेल्ट, टोपी आदि ले जाना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। परीक्षा केंद्र का मुख्य द्वार सुबह 10.30 बजे बंद कर दिया जाएगा। परीक्षार्थियों की सुविधा को देखते हुए परीक्षा का समय बदला गया है। अब यह परीक्षा सुबह 11 बजे से दोपहर 1.15 बजे तक होगी। पहले परीक्षा का समय सुबह 10 बजे था। कई परीक्षार्थी समय पर परीक्षा केंद्र नहीं पहुंच पाते थे। इसी कारण व्यापम ने समय में बदलाव किया है। - - केंद्रीय संस्था एम्स अपने कैंपस में ट्रासंफार्मर का करता है स्वयं संचारण-संधारणरायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने राजधानी के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में तत्काल पॉवर ट्रांसफार्मर लगाकर विद्युत सप्लाई की आपात स्थिति से निपटने की व्यवस्था की। कैंपस में कठिन परिस्थिति में लगे खराब हुए इंडोर पॉवर ट्रांसफार्मर को निकालकर अस्थायी तौर पर नया ट्रांसफार्मर लगाया गया है, जिससे एम्स के सभी परिसरों में निरंतर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो गई है।दरअसल एम्स रायपुर अतिविशिष्ट संस्थान है, जहां नागरिकों की चिकित्सा संबंधी अतिआवश्यक सेवाएं होती हैं। इसलिए एम्स में उच्चदाब लाइन के जरिए सीधे 33/11 केवी की पॉवर सप्लाई की गई है। उच्चदाब उपभोक्ता होने के कारण एम्स हास्पिटल प्रबंधन नियमानुसार अपने कैंपस में पॉवर ट्रांसफार्मर की स्थापना से लेकर उसके रखरखाव स्वयं करना होता है।वर्तमान में वहां 10-10 एमवीए के दो पॉवर ट्रांसफार्मर स्थापित हैं, जिनमें से एक 10 एमवीए का पॉवर ट्रांसफार्मर अचानक खराब हो गया,जिससे पूरा लोड एक ही पॉवर ट्रांसफार्मर पर आ गया। लोड बढ़ने से इसके फेल होने का खतरा था, इसलिए हास्पिटल के अतिआवश्यक सेवा की प्रकृति को देखते हुए एम्स प्रबंधन ने बैकअप के लिये 5 एमवीए का पॉवर ट्रांसफार्मर की व्यवस्था करने का आग्रह पॉवर कंपनी से किया। उनके आग्रह पर छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री भीमसिंह कंवर ने त्वरित निर्णय लिया और उनके आग्रह पर 5 एमवीए का पॉवर ट्रांसफार्मर कुछ दिनों के लिए स्थापित करने की स्वीकृति प्रदान की, ताकि एम्स में नागरिकों के इलाज सहित आपातकालीन सुविधाओं पर किसी तरह की रूकावट न आए।पॉवर कंपनी की टीम ने तीन दिनों के भीतर एम्स के निचले तल पर रखे पॉवर ट्रांसफार्मर को निकालने पहले दीवार को तोड़ा फिर नया ट्रांसफार्मर स्थापित कर बैकअप सिस्टम बनाया गया। एम्स प्रबंधन को अपना पॉवर ट्रांसफार्मर बनवाने में चार महीने का समय लगेगा, तब तक बैकअप विद्युत आपूर्ति रेंट बेसिस पर पॉवर कंपनी के ट्रांसफार्मर से होगी। उसके बाद यह पॉवर ट्रांसफार्मर वापस किया जाएगा। इस कार्य को पूरा करने के लिए प्रबंध निदेशक श्री कंवर ने मुख्य अभियंता (शहरी क्षेत्र) श्री एम जामुलकर, अधीक्षण अभियंता श्री महेश ठाकुर, कार्यपालन अभियंता राजेश प्रसाद मिश्रा, शिवकुमार गुप्ता, रामकुमार साहू सहित टीम को बधाई दी है।
- -स्कूली छात्र एवं ग्रामीण वन्य जीव व वनस्पति से हुए रुबरुबलौदाबाजार / वनमंडल अधिकारी धम्मशील गणवीर के मार्गदर्शन में वन परिक्षेत्र देवपुर अंतर्गत देवरी परिवृत में जल -जंगल यात्रा का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम वन एवं जल के संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरण के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया जिसमें स्थानीय ग्रामवासियों और विद्यार्थियों क़ो वन्य जीव व वनस्पतियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम अंतर्गत राजदेवरी के हायर सेकेंडरी स्कूल के विद्यार्थियों और ग्रामीणों को वन परिक्षेत्र अधिकारी संतोष पैकरा के नेतृत्व में एक विस्तृत वन भ्रमण कराया गया। इस भ्रमण के दौरान ग्रामवासियों एवं बच्चों को वनों से निकलने वाले नालों में कराए गए विभिन्न भू-जल संरक्षण कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई जिससे उन्हें भूजल को संरक्षित करने के महत्व को समझने में मदद मिली।वन्य जीव और वनस्पति के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से, विद्यार्थियों और ग्रामीणों को विभिन्न प्रकार की वन्य वृक्ष प्रजातियों और वन्यप्राणियों के विषय में जानकारी प्रदान की गई। विशेष रूप से तितलियों और पक्षियों के विकास और उनके पारिस्थितिकी तंत्र में भूमिका पर विस्तृत चर्चा की गई। इससे सभी प्रतिभागियों को प्रकृति के प्रति एक गहरी समझ विकसित करने का अवसर मिला । इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों को भविष्य में वन सुरक्षा और संरक्षण से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया।साथ ही उन्हें अपनी पढ़ाई की दिशा में सही विषय चुनने हेतु करियर मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया ताकि वे पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अपना योगदान दे सकें।इस अवसर पर हायर सेकेंडरी स्कूल राजदेवरी के परिसर एवं सहायक परिवृत आवासीय परिसर में वृक्षारोपण किया गया एवं सभी उपस्थित लोगों ने पर्यावरण को हरा-भरा बनाने का संकल्प लिया।कार्यक्रम में सरपंच राजदेवरी,प्रशिक्षु वन क्षेत्रपाल चंद्रहास ठाकुर'वन प्रबंधन समिति के अध्यक्ष, समिति सदस्य, छात्र-छात्राएं, शिक्षकगण, ग्रामवासी, परिक्षेत्र के अन्य अधिकारी-कर्मचारीगण एवं सुरक्षा श्रमिक उपस्थित रहे।
- बलौदाबाजार / कलेक्टर दीपक सोनी ने मंगलवार क़ो समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांग़ पंच राम राम रात्रे क़ो बैटरी चलित ट्रायसिकल दिया। अब आने -जाने में होगी सुविधा। पलारी विकासखंड के ग्राम कुसमी निवासी पंच राम रात्रे (आयु 36 वर्ष) जो कि बचपन से ही पोलियोग्रस्त हैं तथा लगभग 80 प्रतिशत शारीरिक रूप से दिव्यांग हैं, उन्हें अब आवागमन और दैनिक कार्यों में सहूलियत मिलेगी। पंच राम रात्रे ने ट्रायसिकल प्राप्त होने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि "अब तक दैनिक कार्यों और आने-जाने में काफी कठिनाई होती थी, परंतु अब इस बैटरी चलित ट्रायसिकल से काफी सहूलियत होगी। मैं इसके लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।" जिला प्रशासन द्वारा दिव्यांगजनों के प्रति संवेदनशीलता का परिचय देते हुए समय-समय पर आवश्यक सहयोग एवं उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। समाज कल्याण विभाग द्वारा ऐसे हितग्राहियों की पहचान कर उन्हें योजनाओं से जोड़ा जा रहा है।
- बलौदाबाजार /आबकारी आयुक्त श्याम धावड़े के निर्देश पर कलेक्टर दीपक सोनी एवं जिला आबकारी अधिकारी मुकेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में आबकारी विभाग द्वारा अवैध शराब पर कार्यवाही क़ी जा रही है। इसी कड़ी में बलौदाबाजार वृत्त के थाना बलौदाबाजार अंतर्गत ग्राम सुढ़ेली में आबकारी विभाग की टीम द्वारा आरोपी धन्नू भारती पिता मेहतर के कब्जे से 24 बल्क लीटर महुआ शराब एवं 400 किलोग्राम महुआ लाहन जब्त किया गया। महुआ शराब का बाजार मूल्य 4,800 एवं महुआ लाहन का बाजार मूल्य 24,000 रूपए होना पाया। आरोपी के विरूद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 34(2),59(क) च के तहत अपराधस पंजीबध्द कर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालयीन अभिरक्षा में भेजा गया। इस दौरान सहायक जिला आबकारी अधिकारी जलेश कुमार सिंह एवं नगर सैनिक राजकुमारी पैकरा उपस्थित थे।
- दंतेवाड़ा । दंतेवाड़ा जिले के ग्राम पंचायतों में इन दिनों मितानिने जन जागरूकता अभियान चला रही है। उनके द्वारा ‘सीटी’ बजाये जाने से ग्रामीण समझ जाते हैं कि कोई जरूरी बात होने वाली है। और दरवाजे खुलने के साथ ही ग्रामीण घर से बाहर आते हैं, और मितानिनें हाथ में झोला, चेहरे पर मुस्कान और स्वास्थ्य का संदेश सेवा का संकल्प लेकर उनसे चर्चा करती है। इस अनोखी मुहिम के तहत जिले की मितानिनों ने अब सूचना पहुंचाने का यह नया तरीका अपनाया है, जिसमें वे गांव में सीटी बजाकर घर-घर जाकर मातृ और शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, मलेरिया, एनीमिया, पोषण और स्वच्छता जैसे जरूरी विषयों पर जागरूक करती हैं।इस प्रकार सीटी की आवाज जैसे ही गांव में गूंजती है, तो बच्चे, बुजुर्ग एवं महिलाएं घरों से बाहर आ जाती हैं। सबको पता होता है। अब कुछ जरूरी जानकारी मिलने वाली है। गांव की एक मितानिन, फूलवती, बताती हैं। “पहले लोग आसानी से बात नहीं सुनते थे, लेकिन अब सिटी की आवाज उन्हें खींच लाती है। ग्रामीण खुद पूछने लगते हैं कि क्या जानकारी लाए हो आज?” इस पहल को असरदार बनाने के लिए मितानिनों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है, जिससे वे आत्मविश्वास के साथ सही जानकारी दे सकें और जरूरत पड़ने पर प्राथमिक सलाह और मार्गदर्शन भी दे सकें। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय रामटेके ने बताया कि “मितानिनें सिर्फ स्वास्थ्य कार्यकर्ता नहीं, बल्कि गांव की सच्ची साथी हैं। उनका यह नवाचार वाकई सराहनीय है, और इससे ग्रामीण स्वास्थ्य प्रणाली को नई ताकत मिल रही है। ”आज दंतेवाड़ा के कई गांवों में यह पहल एक नई परंपरा बन चुकी है। यह सिर्फ जानकारी देने का जरिया नहीं, बल्कि विश्वास जगाने की एक प्रक्रिया है जहां हर बजती सिटी एक संदेश देती है कि “आपकी सेहत की जिम्मेदारी हमारी भी है।”
- -पेंशन प्रकरण एवं ज़ीएसटी बिल के सम्बन्ध में एक दिवसीय कार्यशाला का हुआ आयोजनबलौदाबाजार /जिला पंचायत के सभागार में जिला कोषालय द्वारा पेंशन प्रकरणों के त्वरित निराकरण हेतु एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में आभार पोर्टल के संचालन,ई- बिल में ज़ीएसटी व टीडीएस कटौती,पेंशन प्रकरणों के निराकरण की प्रक्रिया, तकनीकी दिक्कतों के समाधान पर विस्तार से चर्चा की गई।कार्यशाला क़ो सम्बोधित करते हुए कलेक्टर दीपक सोनी ने कहा सभी विभाग अपने यहां लंबित पेंशन प्रकरणों का यथाशीघ्र निराकरण करें। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारियों के लिए पेंशन ही उनकी आमदनी का जरिया होता है। यह काफी संवेदनशील और भावुक कर देने वाला विषय है। उन्होंने कहा कि जीवन पर्यन्त सेवाएं देने के बाद एक सेवानिवृत्त कर्मचारी की यही अपेक्षा होती है कि उसे समय पर पेंशन का भुगतान हो जाये। उन्होंने कहा कि शासकीय कर्मचारियों क़ो एक दिन सेवानिवृत्त होना ही होता है इसलिए हमें पेंशन प्रकरण का निराकरण पूरी संवेदनशीलता से मिशन मोड पर करना चाहिए। आप यह सुनिश्चित करे कि किसी भी सेवानिवृत्त कर्मचारी को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़े। कार्यशाला में जिला कोषालय अधिकारी सुश्री सौम्या शर्मा ने सभी विभागों के जिला स्तरीय कार्यालयों के आहरण संवितरण अधिकारी (डीडीओ), लेखाधिकारियों को पेंशन प्रकरणों के निराकरण के संबंध में आ रही परेशानियों का समाधान भी किया।
- बलौदाबाजार /पण्डित जवाहर लाल नेहरू उत्कर्ष योजना अंतर्गत वर्ष 2025-26 में कक्षा 6वीं में प्रवेश हेतु आयोजित लिखित चयन परीक्षा में सम्मिलित छात्र/छात्राओं का परीक्षा परिणाम का प्रकाशन आदिवासी विकास के सूचना पटल पर चस्पा किया गया है। प्रकाशित मेरिट सूची अनुसार किसी भी आवेदक को किसी प्रकार की आपत्ति हो तो अपना दावा-आपत्ति 26 जुलाई 2025 तक कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास बलौदाबाजार में सप्रमाण कार्यालयीन समय में प्रस्तुत कर सकते है। समय-सीमा पश्चात् प्राप्त दावा-आपत्ति पर विचार नही किया जाएगा।
- बलौदाबाजार /जिला अस्पताल बलौदाबाजार में सिकल सेल और थैलीसीमिया जैसी आनुवांशिक बीमारियों के मरीजों के लिए ब्लड बैंक वरदान साबित हो रहा है। यहाँ आने वाले मरीजों को निःशुल्क ब्लड चढ़ाया जा रहा है।इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजेश कुमार अवस्थी ने बताया कि जिला अस्पताल में सिकल सेल और थैलीसीमिया जैसे आनुवांशिक रोगों के मरीजों को समय-समय पर ब्लड की जरूरत होती है। यह ब्लड ,जिला अस्पताल के ब्लड बैंक से मरीज को प्राप्त होता है। अस्पताल में मरीजों को फ़िल्टर भी निःशुल्क प्रदान किया जाता है जिसका बाज़ार मूल्य पंद्रह सौ के करीब होता है। ऐसे दो फ़िल्टर प्रतिमाह मरीजों को दिए जाते हैं। वर्तमान में 14 मरीज पंजीकृत हैं जिन्हें फ़िल्टर दिया जाता है।इसी कड़ी में ग्राम लच्छनपुर के कृषक घनश्याम साहू ने बताया कि, मेरी दो बेटी 11 वर्षीय तामेश्वरी और 8 वर्षीय दीक्षा को सिकल सेल है उन्हें थकान, कमज़ोरी जैसे लक्षण रहते हैं। शरीर में ब्लड की कमी के कारण समय-समय पर बच्चियों को ब्लड चढ़ाने की जरूरत होती है जिसके लिए जिला अस्पताल से निःशुल्क ब्लड मिलता है। बच्चियों को डॉक्टर की देख-रेख में ब्लड चढ़ाया जाता है। ऐसे ही थैलेसीमिया से पीड़ित निवासी बलौदाबाजार के 3 वर्षीय बच्चे अंश के पिता ने बताया कि, उनके बच्चे को जिला अस्पताल से ब्लड मिलता है और वहीं चढ़ाया जाता है।सिविल सर्जन डॉ.अशोक कुमार वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि सिकल सेल में लाल रक्त कोशिकाओं का आकार अनियमित हो जाता है जिससे उनके द्वारा ऑक्सीजन का परिवहन ठीक से नहीं हो पाता। इससे पीड़ित व्यक्ति को थकान, कमज़ोरी,एनीमिया,हड्डियों में दर्द, हाथ पैरों में दर्द जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। जबकि थैलेसीमिया अंतर्गत शरीर में लाल रक्त कण (आर.बी.सी.) नहीं बन पाते है और जो थोड़े बन पाते है वह केवल अल्प काल तक ही रहते हैं। ऐसे में व्यक्ति के शरीर में खून की कमी बनी रहती है जिस कारण समय-समय पर व्यक्ति को रक्त चढ़ाया जाता है। उक्त दोनों ही रोग आनुवांशिक हैं जो माता-पिता से संतान को होते हैं।
- - नैनो डीएपी से किसानों को प्रति एकड़ 75 रुपए का लाभ-किसानों को बताया गया नैनो डीएपी का लाभकारी इस्तेमाल : खेतों में डेमो देकर किसानों को सिखाया गया नैनो डीएपी का वैज्ञानिक प्रयोगरायपुर, / चालू खरीफ मौसम में खेती-किसानी हेतु ठोस डीएपी खाद की संभावित कमी की पूर्ति के लिए राज्य सरकार द्वारा वैकल्पिक खादों की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। इसी कड़ी में तरल नैनो डीएपी एक प्रभावशाली विकल्प के रूप में उभर कर सामने आया है। इसके प्रयोग से किसानों को प्रति एकड़ धान की फसल में लगभग 75 रुपए का सीधा लाभ प्राप्त हो रहा है।राज्य शासन के निर्देशानुसार प्रदेश में इफको कंपनी द्वारा अब तक 3 लाख 5 हजार से अधिक नैनो डीएपी की बोतलों का भंडारण सुनिश्चित किया गया है। इनमें से 82 हजार 470 बोतलें डबल लॉक केंद्रों में, 1 लाख 41 हजार 389 बोतलें प्राथमिक सहकारी कृषि साख समितियों में तथा 48 हजार बोतलें निजी क्षेत्र में भंडारित हैं। वर्तमान में इफको कंपनी के पास 33 हजार से अधिक नैनो डीएपी की बोतलें शेष उपलब्ध हैं। आधा लीटर की एक नैनो डीएपी बोतल सहकारी समितियों में किसानों के लिए 600 रुपए की दर पर उपलब्ध कराई जा रही है।कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, धान की एक एकड़ फसल के लिए आवश्यक 50 किलोग्राम ठोस डीएपी खाद के स्थान पर केवल 25 किलोग्राम ठोस डीएपी तथा एक आधा लीटर नैनो डीएपी की बोतल पर्याप्त होती है। एक बोरी (50 किलो) ठोस डीएपी की कीमत 1,350 रुपए है, जिसकी तुलना में नैनो डीएपी के प्रयोग से प्रति एकड़ 75 रुपए की बचत होती है। यह संयोजन पोषण की दृष्टि से एक बोरी ठोस डीएपी के समतुल्य होता है।नैनो डीएपी के उपयोग हेतु किसानों को जागरूक किया गया है। उन्हें डेमो देकर इसकी विधि भी सिखाई गई है। राज्य सरकार ने समय रहते ठोस डीएपी की कमी की आशंका को भांपते हुए नैनो डीएपी के उपयोग को लेकर किसानों के बीच एक सघन जागरूकता अभियान चलाया। कृषि विभाग के मैदानी अमले, कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिकों और प्रगतिशील किसानों की सहायता से खेतों में ठोस डीएपी के साथ नैनो डीएपी के संयुक्त प्रयोग की विधियाँ किसानों को समझाई गईं।गांव-गांव जाकर आयोजित कृषि चौपालों एवं "विकसित कृषि संकल्प अभियान" के माध्यम से किसानों को डेमो दिखाए गए और विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही, नैनो डीएपी से संबंधित पंपलेट, बैनर और पोस्टर सहकारी समितियों में प्रदर्शित किए गए हैं। कृषि विभाग के मैदानी कर्मचारी लगातार खेतों का भ्रमण कर रहे हैं और किसानों को नैनो डीएपी के प्रयोग और इसके लाभों की जानकारी दे रहे हैं जिसके परिणामस्वरूप किसान पूरे विश्वास के साथ अपनी धान की फसल में नैनो डीएपी का उपयोग कर रहे हैं।
- -पेंशन प्रकरणों के त्वरित निराकरण के दिए निर्देश-प्रदेश में 137 विशेष शिविरों के माध्यम से 7669 दिव्यांगों का स्वास्थ्य परीक्षण, 6671 को प्रदाय किए गए कृत्रिम व सहायक उपकरण-मुख्यमंत्री ने समाज कल्याण विभाग के कार्यों की समीक्षा कीरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि विकसित भारत @2047 के लक्ष्य तभी साकार हो सकते हैं, जब समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर दिव्यांगजनों का सशक्तिकरण सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में समाज कल्याण विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में कहा कि समय की माँग है कि शतप्रतिशत दिव्यांगजनों को कौशलयुक्त बनाया जाए, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस दिशा में कार्ययोजना बनाकर त्वरित क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।बैठक में मुख्यमंत्री श्री साय ने वृद्धजनों एवं दिव्यांगजनों के लंबित पेंशन प्रकरणों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस कार्य को सेवा-भावना के साथ प्राथमिकता में रखा जाए, ताकि पात्र हितग्राहियों को समय पर उनका अधिकार प्राप्त हो सके। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और निराश्रितों के कल्याण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वृद्धाश्रमों, अनुदान प्राप्त दिव्यांग संस्थाओं और पुनर्वास केंद्रों की व्यवस्थाओं को व्यवस्थित और सुदृढ़ किया जाए। दिव्यांगजनों को उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार हुनरमंद बनाकर मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण प्रदान किया जाए। इससे वे स्व-रोजगार के अवसरों से जुड़ सकेंगे और समाज में सक्रिय भूमिका निभा सकेंगे।समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने बैठक में कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर मिलने वाले बेघर, बेसहारा, घुमंतू, दिव्यांग, बच्चे और महिलाएं यदि पुनर्वास की आवश्यकता में हों, तो उन्हें तत्काल पुनर्वास केंद्रों में पहुंचाने की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि विभिन्न पेंशन प्रकरणों का भौतिक सत्यापन करते हुए पात्र हितग्राहियों को वरीयता के आधार पर पेंशन का लाभ दिया जाए। साथ ही विभागीय हेल्पलाइन नंबर का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, जिससे अधिक से अधिक लोग इससे लाभान्वित हो सकें।मुख्यमंत्री श्री साय ने तृतीय लिंग समुदाय के पंजीयन की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा उन्हें राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड सहित अन्य विभागीय योजनाओं से लाभान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने दिव्यांगजनों के लिए शिविर आयोजित कर यूडीआईडी (UDID) पंजीयन और मेडिकल बोर्ड से प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया को भी गति देने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि जो भी जरूरतमंद बच्चे, महिलाएं, युवा या बुजुर्ग कृत्रिम अंग, बैसाखी, श्रवण यंत्र, ट्राइसायकल या फिजियोथेरेपी जैसी आवश्यकताओं से जूझ रहे हों, उन्हें संबंधित उपकरण तत्काल उपलब्ध कराए जाएं। कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति बिना सहारे के न रहे, यह शासन की प्रतिबद्धता होनी चाहिए।समीक्षा बैठक में कृत्रिम अंग व सहायक उपकरण प्रदाय योजना, सामर्थ्य विकास योजना, निःशक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना, राष्ट्रीय निःशक्तजन पुनर्वास कार्यक्रम, विभिन्न पेंशन योजनाओं सहित समाज कल्याण विभाग की अन्य योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। सभी योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई और भविष्य की कार्ययोजना पर विमर्श किया गया।अधिकारियों ने जानकारी दी कि बीते एक वर्ष में प्रदेशभर में कुल 137 दिव्यांग विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया है। इन शिविरों के माध्यम से 7669 दिव्यांगजनों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिनमें से 6671 व्यक्तियों को कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण प्रदान किए गए हैं। इससे उनके जीवन में आशा और आत्मविश्वास का संचार हुआ है।बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद और श्री राहुल भगत, समाज कल्याण सचिव श्री भुवनेश यादव, संचालक श्रीमती रोक्तिमा यादव सहित समाज कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
- -कलेक्टर द्वारा रक्तदान पुनीत कार्य में सहभागी बनने के लिए नागरिकों से की गई अपीलदंतेवाड़ा । रक्तदान एक महादान है और इससे हम किसी जरूरतमंद को जीवनदान दे सकते है। इस परिप्रेक्ष्य में दिनांक 28 जुलाई 2025 को भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, दंतेवाड़ा द्वारा जिला चिकित्सालय दंतेवाड़ा में मेगा ब्लड डोनेशन कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। उक्त कैम्प का आयोजन जिला प्रशासन एवं रेडक्रॉस के सहयोग से किया जा रहा है। इस संबंध में कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत द्वारा आम नागरिकों, अधिकारियों, कर्मचारियों, स्वयंसेवकों, सामाजिक संगठनों एवं विद्यार्थियों से अपील की गई है कि वे सभी इस शिविर में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और जरूरतमंदों के जीवन में आशा की नई किरण बनें। क्योंकि रक्तदान से कई जीवन सुरक्षित हो सकते है। अतः इस पुनीत कार्य में सहभागी बनकर दूसरों को भी प्रेरित करें। नागरिकों का बहुमूल्य सहयोग इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
- रायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित विधायक कॉलोनी में आयोजित शोक सभा में शामिल होकर वन मंत्री श्री केदार कश्यप के भतीजे एवं बस्तर के पूर्व सांसद श्री दिनेश कश्यप के सुपुत्र स्वर्गीय श्री निखिल कश्यप को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने स्व. निखिल कश्यप की पार्थिव देह पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें अंतिम विदाई दी तथा शोकाकुल परिजनों से भेंट कर गहरी संवेदना प्रकट की।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस दुःखद अवसर पर ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।
- -केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं से संवरता गायत्री का जीवनमहासमुंद / इमली भाठा, महासमुंद की रहने वाली गायत्री देवांगन एक साधारण लेकिन सजग महिला हैं, उनका जीवन और परिवार केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। वह न केवल एक कुशल गृहिणी हैं, बल्कि समाज की उन महिलाओं में से एक हैं, जिन्होंने योजनाओं की जानकारी लेकर उनका भरपूर लाभ उठाया और अपने परिवार को सशक्त बनाने की ओर कदम बढ़ाया।गायत्री ने प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना के अंतर्गत पहली बार माँ बनने पर 5,000 रुपये की सहायता राशि प्राप्त की। इस राशि का उपयोग उन्होंने प्रसव पूर्व पोषण और स्वास्थ्य जांच में किया, जिससे गर्भावस्था के दौरान बेहतर देखभाल सुनिश्चित हो सकी। इस योजना से उन्हें 5 हजार की सहायता दो किस्तों में प्राप्त हुई। इसी तरह राज्य सरकार की कौशल्या मातृत्व सहायता योजना के तहत गायत्री को दूसरी बार गर्भधारण पर अतिरिक्त सहायता राशि प्राप्त हुई। इस योजना से दूसरी बार गर्भवती महिलाओं को लाभान्वित किया जाता है ताकि मातृ के दौरान आर्थिक बोझ को कम किया जा सके। इससे उन्हें 6 हजार रुपए की राशि प्राप्त हुई।राज्य सरकारी की महती योजना महतारी वंदन के तहत उन्हें हर महीने 1,000 की आर्थिक सहायता मिल रही है। इस राशि से वे बच्चों की पढ़ाई, पोषण और रसोई खर्च जैसे छोटे-छोटे ज़रूरतें पूरी करती हैं। गायत्री मानती हैं कि यह योजना उनके परिवार की मासिक मदद बन गई है। दो बेटियों की मां गायत्री ने नोनी सुरक्षा योजना का लाभ उठाकर बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने का बड़ा कदम उठाया। बेटियों के जन्म के साथ ही उनके नाम पर नवजात कन्या सुरक्षा योजना के अंतर्गत 5 साल तक 5-5 हजार रुपए की राशि जमा की गई, जो उन्हें भविष्य में शिक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में सहारा देगी। 18 वर्ष के पश्चात एक लाख रुपए की राशि प्राप्त होगी।गायत्री के पति एक वेल्डर हैं। आय सीमित होते हुए भी उन्होंने कभी हार नहीं मानी। गायत्री ने आंगनबाड़ी से जुड़कर न केवल पोषण और स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त की, बल्कि अन्य महिलाओं को भी योजनाओं के प्रति जागरूक किया। आज गायत्री का परिवार संतुलित पोषण, सुरक्षित मातृत्व और बालिका शिक्षा की दिशा में आगे बढ़ रहा है। वे कहती हैं अगर हम योजनाओं की जानकारी लें और उनका सही उपयोग करें, तो कोई भी कठिनाई बड़ी नहीं लगती।उल्लेखनीय है कि महासमुंद जिले में विभाग अंतर्गत प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना संचालित है जिसके अंतर्गत पात्र गर्भवती महिलाओं को पहली किस्त में 3 हजार रूपये एवं दूसरी किस्त 2 हजार रूपये प्रसव के बाद व शिशु का टीकाकरण होने पर मिलता है। महिलाए एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री टिकवेन्द्र जटवार ने बताया कि जिले में सभी पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ मिल रहा है। योजनांतर्गत कुल 17075 हितग्राहियों के आवेदन के विरूद्ध 3282 बैकलाग हितग्राही सहित 20357 हितग्राहियों को 10 करोड़ 17 लाख 85 हजार रूपये भुगतान किया गया है।उन्होंने सत्रवार जानकारी देते हुए बताया कि जिले में योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 में दर्ज 7330 हितग्राहियों के विरूद्ध 3627 हितग्राहियों को राशि भुगतान, वित्तीय वर्ष 2024-25 में दर्ज 8227 हितग्राहियों के विरूद्ध 14722 हितग्राहियों को राशि भुगतान एवं वित्तीय वर्ष 2025-26 में दर्ज 1518 हितग्राहियों के विरूद्ध 2008 हितग्राहियों को राशि भुगतान पी.एफ.एम.एस. से डी.बी.टी. के माध्यम से भुगतान किया गया है। योजना अंतर्गत पात्र हितग्राही आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से अथवा स्वयं अपना ऑनलाईन पंजीयन कर योजना का लाभ प्राप्त कर सकते है।
- महासमुंद / अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बागबाहरा उमेश कुमार साहू द्वारा आज शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला खल्लारी का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय प्रारंभ होने का समय प्रातः 10ः00 बजे होते हुए भी विद्यालय के सात व्याख्याता समय पर उपस्थित नहीं पाए गए।विद्यालयीन व्यवस्था की गंभीरता को देखते हुए अनुविभागीय अधिकारी द्वारा स्वयं प्रार्थना सत्र संपन्न कराया गया। निरीक्षण में प्रभारी प्राचार्य सविता चंद्राकर सहित व्याख्याता सुमन चंद्राकर, भूषण सिरमौर, लक्ष्मीधर चंद्राकर, पूरी हरपाल, सरोज सिंह मर्सकोले, वेणुका साहू, ग्रंथपाल राजेन्द्र चौहान तथा व्यावसायिक शिक्षक सुभाष साहू अनुपस्थित पाए गए। अनुशासनहीनता एवं समय पालन में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए अनुविभागीय अधिकारी (रा.) बागबाहरा द्वारा उपरोक्त सभी शासकीय सेवकों को शोकॉज नोटिस जारी करते हुए 3 दिवस के भीतर अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।निर्धारित समयावधि में उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। निरीक्षण उपरांत अनुविभागीय अधिकारी ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया है कि विकासखंड अंतर्गत संचालित सभी शासकीय विद्यालयों में समय पालन एवं शिक्षकीय उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए सतत निरीक्षण व्यवस्था लागू की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रभारी प्राचार्य नियमित रूप से विद्यालयीन गतिविधियों की निगरानी करें तथा अनुपस्थित पाए जाने पर तत्काल शोकॉज नोटिस जारी करते हुए नियमानुसार कार्रवाई प्रस्तावित करें। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास एवं शैक्षणिक अनुशासन की बहाली के लिए प्रशासन पूरी सख्ती से कार्रवाई करेगा। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बागबाहरा उमेश कुमार साहू ने यह भी स्पष्ट किया कि आगे भी इस प्रकार के निरीक्षण किए जाते रहेंगे तथा शासकीय कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी। कार्यवाही में तहसीलदार नितिन ठाकुर उपस्थित रहे।
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के समग्र विकास को दृष्टिगत रखते हुए एक और बड़ी सौगात दी है। जिले के तीन प्रमुख नदी-नालों में उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण कार्य के लिए कुल 11 करोड़ 52 लाख 43 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इन निर्माण कार्यों से ग्रामीण अंचल की कनेक्टिविटी सुदृढ़ होगी और वर्षा ऋतु में भी अब नागरिकों को सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी।तीन प्रमुख स्थलों पर होगा पुल निर्माणलोक निर्माण विभाग मंत्रालय द्वारा जशपुर जिले के बोडोकछार से चटकपुर मार्ग पर स्थित चंपाझरिया नाला में उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए 4 करोड़ 46 लाख 58 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। यह मार्ग क्षेत्र के कई गांवों को जोड़ता है और पुल निर्माण से वर्षा के दिनों में बहाव से कटने वाली सड़क की समस्या स्थायी रूप से दूर होगी। जिले के भालूमुंडा-खजूरघाट मार्ग पर स्थित कोकिया नदी पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण हेतु 3 करोड़ 32 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस पुल के निर्माण से ग्रामीणों को पूरे साल निर्बाध रूप से आवाजाही की सुविधा मिल सकेगी। डूमरबहार से तमता मार्ग पर शेखरपुर के पास गुढ़ा नाला पर 3 करोड़ 73 लाख 85 हजार रुपए की लागत से उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण को मंजूरी दी गई है। इससे न केवल यातायात सुगम होगा बल्कि आपातकालीन सेवाएं भी सुगमता से पहुंच सकेंगी।इन पुलों के निर्माण से संबंधित क्षेत्रों के हजारों ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा। इन परियोजनाओं से क्षेत्र की सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेंगी। जिससे कृषि, व्यापार, स्वास्थ्य एवं शिक्षा क्षेत्रों में सुधार होगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा जिले के विकास के लिए निरंतर की जा रही घोषणाएं और स्वीकृतियाँ यह दर्शाती हैं कि राज्य सरकार जशपुर जैसे दूरस्थ अंचलों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।वहीं क्षेत्र वासियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार जताया है।
- महासमुंद / राजस्व विभाग द्वारा आज महासमुंद नगर के बी टी आई रोड स्थित शासकीय भूमि पर किए गए अवैध निर्माण को सख्ती से हटाया गया। यह कार्रवाई कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर की गई।प्राप्त जानकारी के अनुसार वन प्रशिक्षण केंद्र के समीप शासकीय भूमि पर कुछ लोगों द्वारा अवैध रूप से निर्माण कार्य किया जा रहा था। मौके की जांच उपरांत इसे शासकीय भूमि पर अतिक्रमण मानते हुए प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान तहसीलदार श्री जुगल किशोर पटेल, नायब तहसीलदार श्री मोहित अमिला एवं आरआई श्री मनीष श्रीवास्तव सहित राजस्व विभाग की टीम मौके पर मौजूद रही। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण सहन नहीं किया जाएगा। भविष्य में भी इस प्रकार की अवैध गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
- - बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाईमहासमुंद/ खरीफ वर्ष 2025 के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत जिले में ग्राम स्तर पर धान (सिंचित/असिंचित), मक्का, सोयाबीन तथा राजस्व निरीक्षक मंडल स्तर पर मूंगफली, अरहर, मूंग, उड़द, कोदो, कुटकी एवं रागी फसलों को अधिसूचित किया गया है। संबंधित फसलों का बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2025 निर्धारित है। किसानों की समय पर पंजीयन एवं सही डाटा प्रविष्टि सुनिश्चित करने के लिए आज उप संचालक कृषि महासमुंद के प्रशिक्षण हाल में वित्तीय संस्थाओं, बैंक शाखाओं, सी.एस.सी., लैम्पस, समितियों के प्रबंधकों तथा डाटा एंट्री ऑपरेटरों के लिए विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया।प्रशिक्षण के दौरान फसल बीमा पोर्टल में कृषक विवरण की सफल प्रविष्टि, प्रीमियम कटौती प्रक्रिया, अधिसूचित फसलों का चयन, त्रुटि सुधार एवं पोर्टल पर आंशिक अपडेट की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से जानकारी दी गई। एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड, पंडरी (रायपुर) से आए बीमा प्रतिनिधियों, सहायक प्रबंधक श्रीमती अनुराधा ठाकुर एवं सहायक प्रबंधक श्री आशुतोष ने उपस्थित प्रशिक्षणार्थियों को व्यवहारिक डेमो के साथ प्रशिक्षण दिया।कार्यक्रम में उप संचालक कृषि श्री एफ.आर. कश्यप, नोडल अधिकारी जिला सहकारी केंद्रीय बैंक महासमुंद श्री अविनाश शर्मा, कृषि विकास अधिकारी श्री मनोज पटेल, जिला समन्वयक बीमा कंपनी महासमुंद श्री रंजीत कुमार साहू तथा सहायक तकनीकी प्रबंधक श्री योगेश कुमार चन्द्राकर उपस्थित रहे। अधिकारियों ने सभी संबद्ध संस्थाओं से निर्धारित समय सीमा के भीतर अधिकाधिक किसानों का बीमा कराने की अपील की।

















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