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- रायपुर । राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज यहां राजभवन में भावसार फाउंडेशन के छत्तीसगढ़ सर्कल के आंचलिक प्रमुख श्री अभिषेक सिंह ने सौजन्य भेंट की। उन्होंने पर्यावरण के प्रति जनमानस को जागरूक करने के उद्देश्य से 5 जून 2025 को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर संस्था द्वारा आयोजित जागरूकता मैराथन में राज्यपाल को बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित किया। इस अवसर पर संस्था के सदस्य श्री अतुल सिंह और श्री संजय पॉल उपस्थित थे।
- रायपुर।मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के बरदर गांव में रहने वाले आदिवासी दंपती धन सिंह और सुघरी बाई पहले सिर्फ मजदूरी कर जीवन यापन करते थे। उनके पास कुछ जमीन तो थी, लेकिन पानी न होने की वजह से खेती नहीं हो पा रही थी। सरकार से मिले वन अधिकार पत्र और मनरेगा योजना के तहत सुघरी बाई के नाम पर एक कुएं की मंजूरी मिली। करीब ढाई लाख रुपए की लागत से बना यह कुआं अब उनके खेतों को पानी दे रहा है। अब यह परिवार अपने खेत में साल में तीन बार फसल ले रहा है, जिसमें गर्मी में उड़द एवं अन्य फसल शामिल हैं। कुएं के बनने से इनकी जिंदगी में बड़ा बदलाव आया है और अब यह परिवार दूसरों के लिए मिसाल बन गया है।
- रायपुर ।आदिम जाति कल्याण विभाग के अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवारों को पीएम जनमन योजना का लाभ दिया जा रहा है। उन्हें पक्के मकान, मोबाइल मेडिकल यूनिट, आश्रम छात्रावास के निर्माण कार्य, पानी, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका मूलक गतिविधियों सहित अन्य योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा बसाहट में जल जीवन मिशन के तहत सभी बसाहट तक पेयजल की सुविधा दी जा रही है। इसके साथ बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए छात्रावास-आश्रम की भी सुविधा उपलब्ध कराया जा रहा है। विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवारों को शासन की सभी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा और उनकी जरूरतों का विशेष ध्यान दिया जा रहा है।जशपुर जिले में पीएम जनमन योजना और केन्द्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत जिले के चिन्हांकित 417 ग्राम पंचायतों में योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है।कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने बताया कि योजना के तहत् 25 प्रकार की योजना का लाभ गांव, कस्बों तक पहुंचा जा रहा है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, जल आपूर्ति, बिजली की सुविधा, दूरस्थ अंचलों और बसाहटो तक सौर सुजला योजना, स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पीएम जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवारों का आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, किसानों का किसान क्रेडिट कार्ड, जन-धन बैंक खाता, जाति प्रमाण पत्र, पीएम किसान सम्मान निधि योजना, पीएम मातृत्व वंदन योजना, राशनकार्ड का लाभ सभी परिवारों को देने के निर्देश दिए हैं। विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवारों को विभिन्न आजीविका मूलक गतिविधियों में जोड़ने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उद्यान विभाग और कृषि विभाग की योजनाओं के तहत सब्जियों के बीज, मछली पालन, खेती की आधुनिक पद्धति सहित योजनाओं का लाभ देने के लिए कहा गया है।
- रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप गरियाबंद जिले में अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों को तेजी से निपटाया जा रहा है। इसी कड़ी में आज ग्राम कोचवाय में आयोजित समाधान शिविर में जिले के प्रभारी सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता ने चंद्रशेखर ध्रुव को अनुकंपा नियुक्ति का आदेश सौंपा।चंद्रशेखर के पिता, स्वर्गीय तुलस राम ध्रुव, शासकीय सेवा में थे और उनके आकस्मिक निधन के बाद परिवार पर आर्थिक संकट आ गया था। ऐसे समय में शासन की अनुकंपा नीति से चंद्रशेखर को ग्राम पंचायत मैनपुर-2 में पंचायत सचिव (कर्मी) के पद पर नौकरी मिली है। नियुक्ति पत्र पाते ही चंद्रशेखर ने खुशी जताई और कहा कि अब परिवार का भरण-पोषण अच्छे से हो पाएगा। उन्होंने राज्य सरकार और जिला प्रशासन का आभार जताते हुए कहा कि इतनी जल्दी नौकरी मिलना उम्मीद से बढ़कर था।प्रभारी सचिव श्री गुप्ता ने चंद्रशेखर को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शासन की मंशा है कि किसी भी परिवार को अपनों के जाने के बाद आर्थिक संकट में न पड़ना पड़े। इसलिए ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई की जा रही है। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्री उइके ने सभी लंबित अनुकंपा प्रकरणों को जल्दी निपटाने के निर्देश दिए हैं और खुद समीक्षा बैठक कर इसकी निगरानी कर रहे हैं। इस मौके पर मौजूद लोगों ने भी जिला प्रशासन की इस संवेदनशील पहल की सराहना की।
- - 7 करोड़ 65 लाख से अधिक लागत से बनेगा सूजीबहार मेन रोड से सिकरिया और स्टेट हाईवे से कछुआकानी तक मार्गरायपुर। जशपुर जिले में आवागमन की सुविधा के दृष्टिगत मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव सायकी सार्थक पहल से वर्ष 2024-25 के बजट में शामिल जशपुर जिले के दो सड़कों के निर्माण हेतु 07 करोड़ 65 लाख 41 हजार की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हुई है। राज्य शासन से स्वीकृति कार्याे में 2 करोड़ 70 लाख 70 हजार लागत् के कांसाबेल विकास खंड के सूजीबहार मैन रोड से सिकरिया पहुंच मार्ग लंबाई 2.00 किमी. पुल पुलिया सहित एवं 4 करोड़ 94 लाख 71 हजार लागत के स्टेट हाईवे से कछुआकानी मार्ग लंबाई 3.80 किमी. निर्माण कार्य शामिल हैं। (प्रतीकात्मक फोटो)
- -प्राप्त आवेदनों का प्राथमिक से निराकरण करने के दिए निर्देश-2756 आवेदनों का शिविर में ही किया गया निराकरण-अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर सुशासन तिहार के आवेदनों की समीक्षा कीरायपुर ।जशपुर जिले के प्रभारी सचिव श्री अन्बलगन पी ने शुक्रवार को सुशासन तिहार 2025 के तहत् आयोजित फरसाबहार विकास खंड के सुशासन समाधान शिविर पुराइनबंध का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। समाधान शिविर में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की स्थिति का समीक्षा किया और लंबित आवेदनों का निराकरण प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए।इस अवसर पर कलेक्टर श्री रोहित व्यास, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार और फरसाबहार विकासखण्ड के समस्त अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।विदित हो कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप लोगों के समस्याओं का समाधान समय पर सही रूप में हो सके, शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में गतिशीलता आए तथा विकास कार्यों और शासन के सभी गतिविधयों से आम जनता को प्रत्यक्ष लाभ मिल सके, जहॉ जनप्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों से सीधा संवाद स्थापित हो इस उद्देश्य से सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। जिसके तीसरे चरण में लोगों की समस्याओं के समाधान हेतु कलस्टर स्तर पर समाधान शिविर का आयोजन कर ग्रामीणों को शासकीय योजनाओं से जोड़ते हुए उनके स्थानीय समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा सके। इसी तारतम्य में आयोजित कलस्टर पुराईनबंध के समाधान शिविर में कुल 2805 आवेदन प्राप्त हुए हैं। जिसमें से 2756 आवेदनों का निराकरण शिविर में ही किया गया।
- -जनप्रतिनिधियां और अधिकारियों ने मिलकर महानदी के किनारे की साफ-सफाईधमतरी । महानदी अवेकिंग अभियान ’’मॉं’’ के तहत नगरी में महानदी को संवारने आज सुबह बड़ी संख्या में जनसमुदाय उमड़ा। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने मिलकर महानदी के किनारे स्वच्छता अभियान चलाकर साफ-सफाई की। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा की जिला प्रशासन के पहल पर यंहा के लोगो की वर्षों पुरानी मांग अब पूरी हो रही है। उन्होंने कहा की बड़े ही सौभाग्य की बात है कि लाखों लोगों को जीवन देने वाली महानदी को संवारने का अवसर हमें प्राप्त हुआ है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया की जिला प्रशासन की इस मुहिम में अधिक से अधिक लोग जुड़ें और इस अभियान को अंजाम तक पहुचायें। जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अरूण सार्वा ने इस कार्य में क्षेत्रवासियों द्वारा हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने कहा कि इस अभियान की शुरूआत कुछ दिनों पहले मंदिर से की गयी है। फरसियां और सामतरा में यहां के लोगों द्वारा श्रमदान कर जो महानदी को स्वच्छ करने का काम किया गया है, वह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि महानदी के उद्गम स्थल को संवारने का काम चरणबद्ध तरीके से किया जायेगा, जिसके तहत् महानदी में लाईनिंग, विद्युत, सड़क चौड़ीकरण, सौंदर्यीकरण, बोटिंग, रोपवे आदि कार्य किये जायेंगे। इस कार्य में सभी का सहयोग अपेक्षित है। इस अभियान में नगर पंचायत अध्यक्ष श्री बलजीत सिंह छाबड़ा, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री महेश गोटा के अलावा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती रोमा श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक श्री सूरजसिंह परिहार, डीएफओ श्री कृष्ण जाधव, एसडीएम सुश्री प्रीति दुर्गम, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, पुलिस के जवान, महाविद्यालय के छात्र-छात्रायें, एनसीसी, स्काउट गाईड और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
जनप्रतिनिधियों सहित कलेक्टर, एसपी और ग्रामीणों ने कुण्ड निर्माण के लिए किया भूमिपूजनग्रामीणां को निस्तारी सुविधा प्रदान करने के लिए महामाई मंदिर परिसर के समीप कुण्ड निर्माण हेतु आज जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अरूण सार्वा, जनपद अध्यक्ष श्री महेश गोटा सहित कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री सूरज सिंह परिहार, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती रोमा श्रीवास्तव, डीएफओ श्री कृष्ण जाधव के अलावा पूर्व विधायक पिंकी शिवराज ध्रुव, क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने भूमिपूजन किया। उल्लेखनीय है उक्त भूमि वन विभाग की है, जिसका पट्टा ग्राम समिति को दिया गया है। मंदिर परिसर में निर्मित कुण्ड का उपयोग आमजनों द्वारा निस्तारी के लिए किया जाता है। इस कुण्ड के बन जाने मंदिर के अंदर के कुण्ड को उपयोग में नहीं लाया जायेगा। इस मौके पर उपस्थितों ने महानदी बचाने की शपथ भी ली। - -स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने जारी किया आदेश-ग्रामीण और शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा जिला अस्पतालों को मिले नए विशेषज्ञ चिकित्सकरायपुर ।प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती देने की दिशा में एक और कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) ने 7 विशेषज्ञ चिकित्सकों की संविदा नियुक्ति के आदेश जारी किए हैं। इन चिकित्सकों की तैनाती प्रदेश के विभिन्न जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में की गई है।स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश के विभिन्न शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में 07 संविदा विशेषज्ञ चिकित्सकों की पदस्थापना की गई है। इससे त्वरित और बेहतर उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी तथा चिकित्सा सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाया जा सकेगा।इन चिकित्सकों को संबंधित जिलों के ग्रामीण एवं शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला चिकित्सालयों में पदस्थ किया गया है। इस संबंध में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, छत्तीसगढ़ द्वारा आज नवीन संविदा नियुक्ति आदेश जारी कर दिए गए हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों (संविदा) के जारी आदेश में डॉ पियुष देवांगन व डॉ विवेक सिंह को जिला अस्पताल बालोद, डॉ. अर्पित यादव, जिला अस्पताल कबीरधाम, डॉ शशिकांत कुमार जिला अस्पताल मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, डॉ संजय कुमार अग्रवाल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सरायपाली, जिला महासमुंद, डॉ घनश्याम गंगवानी व डॉ. प्रियंका जोशी की सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सरगांव, जिला मुंगेली में पदस्थापना की गई है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में स्वास्थ्य क्षेत्र को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है। बीते एक वर्ष में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए गए है। प्रदेश के दूरस्थ और ग्रामीण अंचलों तक स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत बड़ी संख्या में संविदा मानव संसाधनों की नियुक्ति की गई है। जनवरी 2024 से अप्रैल 2025 तक 88 विशेषज्ञ चिकित्सक, 432 चिकित्सा अधिकारी, 344 स्टाफ नर्स, 87 एएनएम, 75 लैब टेक्नीशियन, 279 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी और 878 अन्य पदों पर संविदा नियुक्तियाँ की गई हैं। इससे राज्य के स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकीय सेवाएँ और अधिक सशक्त हुई हैं।प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का यह विस्तार केवल सरकारी प्रयासों का परिणाम नहीं, बल्कि एक व्यवस्थित और लक्ष्य आधारित नीति निर्माण का उदाहरण है। स्वास्थ्य केंद्रों की क्षमता बढ़ाने और आमजन को समय पर इलाज देने की दिशा में यह नियुक्तियाँ मील का पत्थर साबित हो रही हैं।
- रायपुर ।शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर में आज शुक्रवार को स्वशासी समिति की बैठक स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, चिकित्सा शिक्षा विभाग के संचालक प्रोफेसर डॉ. यू.एस. पैकरा, महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. वीरेंद्र वाढेर समेत समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।बैठक में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने महाविद्यालय में उपचार की पूर्व निर्धारित दरों की समीक्षा की। भीषण गर्मी को देखते हुए मरीजों की सुविधा के लिए महाविद्यालय परिसर में सेंट्रल एयर कंडीशनिंग सिस्टम स्थापित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही, महाविद्यालय की समस्याओं का त्वरित निराकरण करने और आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए कई निर्णय लिए गए।बैठक में कलेक्टर दरों पर विभिन्न भर्तियों को मंजूरी दी गई, जिससे आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त होंगी। स्नातकोत्तर छात्रों और इंटर्न्स ने स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात कर शिष्यवृत्ति बढ़ाने की मांग रखी, जिस पर श्री जायसवाल ने शिष्यवृत्ति बढ़ाने का आश्वासन दिया। कर्मचारी संघ और सफाई कर्मचारियों ने भी अपनी मांगें प्रस्तुत की, जिन्हें ध्यानपूर्वक सुनकर मंत्री ने उन्हें पूरा करने का भरोसा दिलाया। बैठक से पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य सचिव ने महाविद्यालय के सभी विभागों का निरीक्षण किया और इलाज के लिए आए मरीजों व उनके परिजनों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं।
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बिलासपुर/मिशन वात्सल्य योजना के अंतर्गत चाइल्ड हेल्प लाईन संचालन हेतु संविदा नियुक्ति के लिए प्राप्त आवेदनों की प्रारंभिक जांच उपरांत सूची पर दावा-आपत्ति आमंत्रित किए गए हैं। पात्र एवं अपात्र आवेदकों की सूची जिला प्रशासन की सरकारी वेबसाईट डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डॉट बिलासपुर डॉट जीओव्ही डॉट इन में अपलोड कर दी गई है। इस संबंध में आवेदनकर्ता दावा-आपत्ति 29 मई 2025 तक जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग पुरानी कम्पोजिट बिल्डिंग के पीछे स्थित कार्यालय में कार्यालयीन समय में स्वयं उपस्थित होकर प्रस्तुत कर सकते हैं। किसी अन्य माध्यम से और निर्धारित समय अवधि के बाद दावा-आपत्ति स्वीकार नहीं किया जाएगा।
- , -स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के दिए निर्देशरायपुर,। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज रायपुर स्थित दंत चिकित्सा महाविद्यालय का दौरा कर वहां की व्यवस्थाओं और स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया भी उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में इलाज के लिए आए मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात की, उनका कुशलक्षेम जाना और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता के बारे में जानकारी ली।मंत्री श्री जायसवाल ने अस्पताल प्रबंधन और अधिकारियों के साथ चर्चा कर मरीजों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने पर जोर देते हुए कहा कि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार और सहूलियत सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।इस अवसर पर अस्पताल के चिकित्सा अधिकारियों ने स्वास्थ्य मंत्री को महाविद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं और चल रही योजनाओं की जानकारी दी। श्री जायसवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मरीजों की सुविधा के लिए कोई कमी न रहे और अस्पताल में सभी आवश्यक संसाधन समय पर उपलब्ध हों।
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बिलासपुर/आगामी बरसात के मौसम को ध्यान में रखते हुए नगर निगम बिलासपुर में बाढ़ नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है। जिसका दूरभाष क्रमांक 07752-471224 है। नियंत्रण कक्ष का संपूर्ण नोडल अधिकारी अपर आयुक्त श्री खजांची कुम्हार मो0न0 9753437043 एवं मुख्य अभियंता राजकुमार मिश्रा मो0न0 9993596510 को बनाया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी श्री अनुपम तिवारी मो0न0 9993596615 को सहायक नोडल अधिकारी बनाया गया है। बाढ़ से बचाव एवं लोगों को राहत दिलाने के संपूर्ण उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश नगर निगम आयुक्त ने उन्हें दिए है।
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भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के मुख्य कार्यालय सभागार में पंडित दीनदयाल उपाध्याय भूजल संवर्धन मिशन शहरी के अंतर्गत रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम घर-घर लगाने को लेकर 24 मई को सुबह 10ः30 बजे संगोष्ठी अयोजित की गई है। दिन प्रतिदिन घटते हुए भूमि के जलस्तर को रोकने के लिए क्या करें, जिससे भूमि का जलस्तर बना रहे। इसके लिए प्रेजेनटेशन के माध्यम से बताया जाएगा कि किस प्रकार से रेन वाटर हार्वेस्टिंग लगाने के बाद जल को संरक्षित रखा जा सकता है। कार्यशाला में प्रमुख रूप से सभी प्रबुद्व वर्ग, रेन वाटर हार्वेस्टिंग विशेषज्ञ, विधायक, सांसद, जनप्रतिनिधि, पार्षदगण, तकनिकी विशेषज्ञ, बिल्डर्स, इंजीनियर, हाउसिंग सोसायटी के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, चेंबर आफ कामर्स, औद्योगिक संस्था, पत्रकारगण, निगम के अभियंतागण एवं अन्य संस्थाओं के लोगो को आमंत्रित किया गया है। प्रत्येक व्यक्ति को 5 मिनट के अंदर अपना प्रेजेंटेशन खत्म करना रहेगा। सभी सुझाव को नोट करके अंत में उसका परिष्कृत रूप निकल जाएगा।
आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने अधिकारियों को निर्देशित किए है कि कार्यशाला से पहले शासकीय कार्यालयो में जो रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगा है, उसे व्यवस्थित कर दिया जाए। कार्यशाला के दौरान रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के लिए किन-किन सामग्रीयो की आवश्यकता होती है। उसे किस प्रकार से बनाया जाए, जिससे बारिश के अतिरिक्त पानी को भूमि के अंदर ले जाए। वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के लिए उचित स्थल का चयन इत्यादि विषयों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।आयुक्त पाण्डेय ने क्षेत्र के नागरिको से अपील किए है कि जो भी व्यक्ति रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के बारे में अच्छी जानकारी रखते है और अपनी राय देना चाहते है। वह भी कार्यशाला में उपस्थित हो होकर अपने विचार रख सकते हैं। सबके द्वारा दिए गए सुझाव, जो उपयोगी होगा उसे निगम में लागू किया जाएगा। - कवर्धा ।शासकीय स्कूलों में कार्यरत सहायक शिक्षकों एवं छत्तीसगढ़ के मूल निवासी खिलाड़ियों (पुरुष एवं महिला) के लिए शारीरिक शिक्षा के क्षेत्र में बी.पी.एड. एवं डी.पी.एड. पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण के लिए प्रवेश की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। इच्छुक अभ्यर्थियों से 10 जून 2025 तक आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए हैं। जिन सहायक शिक्षकों की रूचि विभागीय प्रशिक्षण (बी.पी.एड. अथवा डी.पी.एड.) प्राप्त करने में है, वे अपना आवेदन पत्र निर्धारित प्रारूप में अपने कार्यालय प्रमुख के माध्यम से प्रस्तुत करते हुए, जिला शिक्षा अधिकारी, कबीरधाम कार्यालय में 10 जून 2025 तक जमा कर सकते हैं।प्रशिक्षण स्थल शासकीय शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान, पेन्ड्रा निर्धारित किया गया है। वहीं सत्र 2025-26 हेतु छत्तीसगढ़ राज्य के मूल निवासी इच्छुक पुरुष एवं महिला खिलाड़ी भी बी.पी.एड. एवं डी.पी.एड. पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन कर सकते हैं। उन्हें भी 10 जून 2025 तक शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षण महाविद्यालय, पेन्ड्रा में अपना आवेदन प्रस्तुत करना होगा। इस संबंध में विस्तृत जानकारी एवं आवेदन प्रक्रिया के संदर्भ में अभ्यर्थी जिला शिक्षा अधिकारी, कबीरधाम कार्यालय के क्रीड़ा कक्ष में संपर्क कर सकते हैं। समय सीमा के भीतर आवेदन करना अनिवार्य है, विलंब से प्राप्त आवेदन पत्रों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा।
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भिलाईनगर। आयुक्त नगर पालिक निगम भिलाई की अध्यक्षता में जिला मलेरिया विभाग, राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन, शहरी परिवार कल्याण विभाग की एक दिवसीय जल जनित बिमारियों जैसे- उल्टी, दस्त, डायरिया, पीलिया एवं मच्छर जनित रोगो जैसे- डेंगू/मलेरिया से बचाव/रोकथाम के लिए जन समुदाय में व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला मलेरिया अधिकारी डाॅ. सी.बी.एस. बंजारे, शहरी खण्ड चिकित्सा अधिकारी डाॅ. पीयाम सिंह, सलाहकार तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम डाॅ. सोनल सिंह, प्रभारी सहायक मलेरिया अधिकारी सुरेन्द्र बंजारे, शहरी कार्यक्रम प्रबंधक संजीव दुबे, प्रबंधक नगर स्वास्थ्य सेवा बीएसपी रमेश गुप्ता, वरिष्ठ स्वच्छता निरीक्षक के. के. सिंह, निगम के सभी सेक्टर सुपरवाईजर, एरिया काॅडिनेटर पुष्पा मिश्रा, टोमिन साहू, के एल कुमारी, सभी मितानीन प्रशिक्षक उपस्थित रहे।
आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने बताया मच्छर अपने जीवनकाल की प्रारंभिक तीन अवस्थाएं अण्डा, लार्वा एवं प्यूपा पानी में रहकर ही पूरा करते है। मच्छर के व्यस्क अवस्था में पहुंचने के पूर्व ही प्रारंभिक जीवनकाल में मच्छर लार्वा स्त्रोतों को समाप्त कर देना ही रोगो के नियंत्रण के लिए अति महत्वपूर्ण उपाय है। महामारी नियंत्रण के लिए मैदानी स्वास्थ्य अमलों को किसी भी महामारी के लिए सतर्क रहने के लिए निर्देश दिए गए है। मितानीन एवं महिला आरोग्य समिति के सदस्यो से समन्वय स्थापित कर सतत निगरानी रखे और प्रभावित मरीज की सूचना मिलते ही अतिशीध्र आवश्यक प्रतिबंधक कार्यवाही की जाए। भ्रमण के दौरान देखने में आता है कि प्लास्टिक, कुरकुरे, चिप्स आदि के पैकेट नालियों में बिखरे पड़े रहते है। जिससे नालियाॅ जाम हो जाती है, जिससे पानी का निकासी नहीं हो पाता। ऐसे दुकानो के पास अनिवार्यतः डस्टबिन रखवाए, जो नहीं मानते उन पर चालानी कार्यवाही करें। उन्होने स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली को निर्देशित किए कि बड़े दुकानदारों जो इस प्रकार की सामग्री बेचते है। उनके खिलाफ न्यायालय में वाद प्रस्तुत किया जाए।डेंगू के लक्षण - अचानक तेज बुखार, तेज सिर दर्ज, मांसपेशियों तथा जोड़ो में दर्द, आंखों के पीछे दर्द, जी मिथलाना, आंतरिक रक्त स्त्राव, त्वजा में चकत्ते, नाक, मुॅह, मसूड़ों से खून आना, उल्टियाॅ होना। इससे बचने के उपाय- घर एवं आस-पास पानी जमा न होने दें, पानी जमा होने वाले स्त्रोतों को नष्ट करें। जमा हुए पानी में जला हुआ मोबिल आईल अथवा मिटटी तेल का छिड़काव अवश्य करें। कीटनाशक दवा का छिड़काव घरों के भीतर अवश्य करवायें। मच्छर से बचने घरों के दरवाजे व खिड़कियों में जाली लगायें। सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें, टायर व पुराने बर्तन का पानी फेंक दें। कूलर, पानी की टंकी, पक्षियों के पीने के पानी का बर्तन, फूलदान इत्यादि को प्रति सप्ताह खाली करें व धूप में सूखाकर प्रयोग करें। नारियल का खोल, टूटे हुए बर्तन टायरों में पानी जमा न होने दें।शहरी प्रभारी खण्ड चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि किसी प्रकार की लक्षण दिखे तो सीधे शासकीय चिकित्सालय में संपर्क करें। अन्य मेडिकल स्टोर से दवा लेकर न खाएं। डाॅक्टर से ही ईलाज कराकर ही दवा लें। शासकीय लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल कंट्रोल रूम की तरह काम करेगा। बिमारी का पता लगने पश्चात तत्काल सुपेला अस्पताल में संपर्क करें। - बलौदाबाजार, ।सुशासन तिहार 2025 अंतर्गत समाज कल्याण विभाग द्वारा प्राप्त आवेदनों का निराकरण के साथ ही हितग्राहियो क़ो उपकरण प्रदाय किया जा रहा है। इसी कड़ी में 20 एवं 22 मई क़ो दिव्यांगजनों क़ो सहायक उपकरण प्रदान किया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार समाज कल्याण विभाग द्वारा सिमगा विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम सुहेला आरती यादव, भाटापारा के ग्राम मोपकी अघन सिंग ध्रुव को कृत्रिम अंग प्रदाय किया गया। भाटापारा से करन सेन, ग्राम मरदा से उमेश दिवाकर को व्हील चेयर, रोहांसी से कौशिल्या साहू को ट्राईसिकल, विकासखण्ड कसडोल के ग्राम पुटपुरा से प्रतीक साहू को श्रवण यंत्र प्रदाय किया गया। इसीतरह जनपद पंचायत सिमगा के सामाधान शिविर में विक्रम साहू तुलाराम साहू, कोदईया निषाद, ग्राम बुड़गहन के बजरहीन ध्रुव को छड़ी एवं बलौदाबाजार निवासी त्रिभुवन सेन, हरदयाल सिंह ध्रुव को व्हीलचेयर वितरण किया गया। इस अवसर पर उप संचालक समाज कल्याण अरविन्द गेड़ाम सहित विभाग के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
- धमतरी : सात सड़कें बनकर तैयार, 29 और बनेंगीधमतरी । जिले के वनांचलों में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति कमार बस्तियों तक अब फर्राटे से गाड़ियां दौड़ने लगीं। मोटर सायकिल हो या एम्बूलेंस, सरकारी अधिकारी हों या विकास कार्यों के लिए सामान में लगी गाड़ियां, बाजार गाड़ी हो या बिजली विभाग की गाड़ी अब सभी का कमार बस्तियों तक सीधे पहुंचना आसान हो गया है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत जिले की विशेष पिछड़ी जनजाति कमारों की बस्तियों तक पक्की सड़कें बन गईं हैं। इस योजना के तहत दो चरणों में कुल 36 पक्की सड़कों को बनाने के लिए 43 करोड़ 31 लाख रूपये की मंजूरी मिली है। इसमें से सात सड़कें बनकर तैयार हो गईं हैं और बाकी मंजूर सड़कों के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। किसी भी स्थान के विकास में सड़कों की अहम भूमिका वाली प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सोच धमतरी के कमार बाहुल्य वनांचलों में साकार हो रही है। सड़कें बन जाने से लोगों की पहुंच तो बढ़ती ही है, इसके साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आधारभूत जरूरतों के लिए सुविधाएं भी आसानी से घरों तक पहुंचने लगती हैं। कमार बसाहटों में रहने वाले लोगों को अब बारिश के दिनों में कीचड़ से सनी कच्ची सड़कों पर नहीं चलना पड़ेगा।केन्द्र सरकार ने प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत पहले चरण में 29 किलोमीटर से अधिक लम्बाई की 10 सड़कों के लिए 15 करोड़ 84 लाख और दूसरे चरण में लगभग 56 किलोमीटर लम्बाई की 26 सड़कों के लिए 27 करोड़ 47 लाख रूपये की मंजूरी दी है। इनमें से उमरगांव से पठार तक 1.80 किलोमीटर, कोरेमुड़ा से कमारपारा तक लगभग एक किलोमीटर मुख्य सड़क से बरकोन्हा-बगरूमनाला होकर आमापारा तक 4.63 किलोमीटर, छिंदभर्री-बीजापुर मुख्य सड़क से फुड़हरधाप-हितली तक 4.63 किलोमीटर, माकरदोना से कमारपारा राजीवनगर तक 1.10 किलोमीटर तक, कुकरेल-कांटाकुर्रीडीह मुख्य सड़क से बहनापथरा तक डेढ़ किलोमीटर, बेलोरा से कमारपारा तक 2.80 किलोमीटर पक्की सड़कें बन गईं हैं। कमार समाज के प्रमुख श्री बुधलाल कमार ने बताया कि इन सड़कां के बन जाने से हम कमारों को आनेजाने में अच्छी सुविधा मिल गई है। वनांचल क्षेत्र में पहले कच्ची सड़कों के कारण गांववालों को बहुत सी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। बारिश के दिनों में किसी के बीमार हो जाने पर गांव तक एम्बूलेंस नहीं आ पाती थी, जिससे मरीज को समय पर अस्पताल पहुंचाने में देरी हो जाती थी। बच्चों को स्कूल जाने में कठिनाई होती थी। तेल-सब्जी-नमक जैसी जरूरत की चीजों को बाजार तक जाकर लाने में भी बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता था। सरकारी अधिकारी-कर्मचारी भी रास्ता अच्छा नहीं होने के कारण बहुत कम ही इन कमार बस्तियों तक पहुंचते थे, जिससे कमार जनजाति के लोग शासन की योजनाओं का लाभ लेने में भी पिछड़ रहे थे। श्री बुधलाल ने बताया कि लेकिन अब सड़क बन जाने से कमार बसाहटों तक पहुंच आसान हो गई है। सड़कों पर गाड़ियां दौड़ने लगीं हैं और अब सब समस्याओं का समाधान हो गया है। श्री बुधलाल ने अपने पूरे समाज की ओर से विशेष पिछड़ी जनजाति के लिए सुविधाएं देने और उनका ध्यान रखने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताया है।
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दुर्ग/ ग्राम पंचायत बोरिद शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला परिसर में समाधान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें 14 ग्राम पंचायत शामिल हुए। जिले में “सुशासन तिहार“ का तृतीय चरण 5 मई से 30 मई 2025 तक नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में समाधान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। तीसरे चरण का यह शिविर निर्धारित तिथियों एवं स्थानों पर आयोजित किया जा रहा है। जनपद पंचायत सीईओ श्री जागेन्द्र साहू ने जानकारी दी कि कुल 4856 आवेदन प्राप्त हुए, जिसमें लंबित 82 और 4774 आवेदनों का निराकरण किया गया। इसके अलावा शिविर में 230 नए आवेदन प्राप्त हुए। इस मौके पर 8 हितग्राहियों को आवास स्वीकृति प्रमाण पत्र, समाज कल्याण विभाग द्वारा 5 हितग्राहियों को पेंशन स्वीकृति, 16 हितग्राहियों को राशन कार्ड, मनरेगा के तहत 8 हितग्राहियों को जॉब कार्ड, राजस्व विभाग द्वारा 10 हितग्राहियों को ऋण पुस्तिका, जिला सहकारी समिति द्वारा 4 हितग्राहियों को केसीसी चेक और महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सुपोषण टोकरी प्रदान की गई। जनप्रतिनिधियों द्वारा तिरंगा रैली भी निकाली गई।
सांसद प्रतिनिधि श्री राजेश चंद्राकर ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में नगरीय निकायों और ग्राम पंचायतों में लगाए जा रहे शिविरों का उद्देश्य न केवल जनता की समस्याओं को सुनना और उनका समाधान करना है, बल्कि विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देना भी है। आम जनता सीधे अपने प्रतिनिधियों और अधिकारियों से मिलकर अपनी समस्याएं साझा कर सकती है। इस दौरान जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कीर्ति नायक, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष श्री कमलेश वर्मा, जिला पंचायत सभापति श्रीमती नीलम राजेश चंद्राकर, जनपद पंचायत सदस्य श्री भास्कर वर्मा, जनपद पंचायत सभापति श्री प्रणव शर्मा, सरपंच श्रीमती सोनाली राजू वर्मा, तहसीलदार सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। - -30 सितंबर तक संग्राहलय का कार्य पूर्ण करने के दिए निर्देश-सभी निर्माण कार्य बारिश से पहले पूर्ण करें: प्रमुख सचिव श्री बोरा नेरायपुर। छत्तीसगढ़ के आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियो की स्मृति को चिर स्थाई बनाने और देश की आजादी में उनके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुचाने के उद्देश्य से नया रायपुर में बन रहे शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय तैयार किया जा रहा है। यह संग्राहलय लगभग 50 करोड़ की लागत से तैयार किया जा रहा है। संग्राहलय के निर्माण का अंतिम चरण में है। आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने इस संग्रहालय के निर्माण कार्यो की समीक्षा की और इसे 30 सिंतबर तक पूर्ण कराने के निर्देश दिए। बैठक में आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर भी उपस्थित थें।प्रमुख सचिव श्री बोरा ने राज्य में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के निर्माण कार्यों सहित सभी निर्माण कार्यो को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्हांेने इंजिनियरांे को मौके पर जाकर निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी निर्माण कार्य को वर्षा ऋतु से पूर्ण कराए। जिन एकलव्य विद्यालयों तक अच्छे एप्रोच रोड़ नहीं है उनके संबंध में शीघ्र प्रस्ताव बनाकर प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने कहा कि एकलव्य विद्यालय के संचालन में यदि कोई भी समस्या आती है तो उन्हें शीघ्र अवगत कराया जाए ताकि यथाशीघ्र समस्या का निराकरण किया जा सके।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 14 मई को जनजातीय जीनवशैली से संबंधित ट्राईबल म्यूजियम का लोकार्पण किया है। इसे आम जनता के लिए भी खोल दिया गया है, जिसे देखने प्रतिदिन बड़ी संख्यां में लोगों का आगमन हो़ रहा है। बता दें कि ट्राईबल आर्टिफैक्टस का एआई तकनीक के माध्यम से इतने वृहद रूप में प्रदर्शन करने वाला संभवतः प्रदेश का पहला म्यूजियम है। इसके निर्माण से प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान मिली है। इसी कड़ी में अब आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय के नवंबर माह में लोकार्पण की तैयारी चल रही है।बैठक में उपसचिव श्री बी.एस.राजपूत, अपर संचालक श्री आर एस भोई, उपायुक्त श्रीमती गायत्री नेताम, श्रीमती मेनका चंद्राकर, डॉ. रेशमा खान, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, रायपुर श्री विजय सिंह कंवर, कार्यपालन अभियंता श्री त्रिदीप चक्रवर्ती एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
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*- जनसंपर्क विभाग द्वारा 22 मई को जिला स्तरीय एक दिवसीय इवेंट का किया गया आयोजन*
*- सुशासन तिहार में सरकारी योजनाओं से बदली ज़िंदगियाँ, हितग्राहियों ने साझा किए अपने अनुभव*दुर्ग/ सुशासन तिहार के उपलक्ष्य में गुरुवार 22 मई की शाम सिविक सेंटर भिलाई में जिला स्तरीय एक दिवसीय विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत शाम 6 बजे हुई, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, युवाओं एवं बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।इस अवसर पर रेडियो जॉकीज़ (आरजे) श्री अनिमेश जैन द्वारा विभिन्न रोचक गतिविधियों का संचालन किया गया, जिससे माहौल में जीवंतता बनी रही। स्थानीय कलाकारों ने मंच पर नृत्य, गायन और कविता पाठ जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा। इवेंट का प्रमुख आकर्षण था शासकीय योजनाओं पर आधारित क्विज और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता। प्रश्नोत्तरी में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृृषि, प्रधानमंत्री आवास जैसी प्रमुख योजनाओं से जुड़े प्रश्न शामिल किए गए थे।सुशासन तिहार के अवसर पर विभिन्न सरकारी योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि किस तरह इन योजनाओं ने उनकी ज़िंदगी को बेहतर बनाया है। प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना, आयुष्मान भारत और नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना जैसी योजनाओं ने आमजन के जीवन में वास्तविक बदलाव लाए हैं।प्रधानमंत्री आवास योजना की एक हितग्राही महिला श्रीमती उमा ने बताया कि पहले वह कच्चे मकान में रहती थीं, जिससे उन्हें बारिश और गर्मी के मौसम में काफी परेशानी होती थी। अब पक्का मकान मिलने से उनका परिवार सुरक्षित और सुखमय जीवन जी रहा है। कृषक श्री पवन साहू ने बताया कि उन्हें सरकार की तीन योजनाओं का लाभ मिला है। उन्होंने 21 क्विंटल धान 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से बेचा और दो साल का बोनस भी प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि इस आय से उन्होंने कृषि कार्य के लिए अत्याधुनिक मशीनें खरीदीं। साथ ही, आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत उन्हें 5 लाख रूपए तक का निःशुल्क ईलाज भी मिल रहा है। श्रीमती अनिता, जो एक मोटर शॉप में काम करती हैं, ने महतारी वंदन योजना के अंतर्गत मिलने वाली सहायता राशि को बचत खाते में जमा किया और उसी पैसों से तीर्थ यात्रा की। उन्होंने कहा कि यह योजना कामकाजी महिलाओं के लिए एक बड़ी राहत है। वहीं नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना से लाभान्वित श्रीमती सुमिता यादव ने बताया कि अब उन्हें बच्चों की पढ़ाई के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। छात्रवृत्ति से बच्चों की शिक्षा निर्बाध रूप से जारी है।इस जानकारीपूर्ण प्रतियोगिता के माध्यम से आम जनता को सुशासन के महत्व से जोड़ना, शासन की योजनाओं की जानकारी देना और स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना था। इसके अलावा लोगों को सरकारी योजनाओं के लाभों से अवगत कराया गया। प्रतियोगिता में विजयी प्रतिभागियों को स्थानीय दुकानों और स्टॉल्स की ओर से डिस्काउंट वाउचर, कूपन प्रदान किए गए। साथ ही लोगों को शासन की योजनाओं पर आधारित जनमन पत्रिका एवं प्रचार सामग्रियां वितरित की गई। - -प्रशासन द्वारा समाज की मुख्य धारा में जुड़ने की अपीलरायपुर। राज्य शासन द्वारा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति व्यवस्था कायम रखने और पुनर्वास की दिशा में निरंतर प्रयास किया जा रहा है। इस हेतु सुकमा के कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशन तथा मार्गदर्शन में 24 आत्मसमर्पित नक्सलियों को भारतीय स्टेट बैंक एवं ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान सुकमा द्वारा 13 दिवसीय कृषि उद्यमी का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यक्रम में आत्मसमर्पित युवाओं को कृषि से सम्बंधित प्रशिक्षण कृषि विज्ञान केंद्र एवं संस्थान में सब्जी नर्सरी, धान की खेती, डेयरी, मुर्गीपालन, बकरी पालन, मछली पालन आदि का प्रशिक्षण प्रदाय किया गया। इसके साथ ही ओम प्रकाश साहू फैकल्टी के द्वारा उद्यमिता विकास कार्यक्रम सम्बंधित प्रशिक्षण प्रदाय किया गया। प्रशिक्षण उपरांत श्री अरुण कुमार सोनी स्टेट कंट्रोलर के निर्देशन में सभी कैंडिडेट्स का असेसमेंट किया गया। असेसमेंट में सभी कैंडिडेटस पास हुए एवं उन्हें कलेक्टर के द्वारा उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए प्रमाण पत्र वितरित किया गया। कलेक्टर श्री धुव के द्वारा समस्त आत्मसमर्पित नक्सलियों को समाज की मुख्य धारा में जुड़ने हेतु आग्रह किया गया। प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम में लाइवलीहुड कॉलेज के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
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दुर्ग की केन्द्रीय जेल में हो रहा है एक सकारात्मक बदलाव
दुर्ग/ दुर्ग की केन्द्रीय जेल अब सिर्फ सजा काटने की जगह नहीं रही, बल्कि यह अब बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने का केंद्र बनती जा रही है। जेल अधीक्षक मनीष संभाकर की पहल पर यहां रोजगारमुखी प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे बंदियों को नया जीवन शुरू करने का मौका मिल रहा है।दुर्ग की केन्द्रीय जेल में हो रहा है एक सकारात्मक बदलाव। जेल मंे सजा काट रहे बंदियों को अब आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जेल अधीक्षक मनीष संभाकर के मार्गदर्शन में शुरू की गई इस पहल से बंदियों को एलईडी बल्ब निर्माण का काम सिखाया गया है। हर दिन बंदी सैकड़ों एलईडी बल्ब तैयार कर रहे हैं। शुरुआत में जिन्हें बल्ब बनाना नहीं आता था, वही बंदी अब कुशल कारीगर बन चुके हैं। इस प्रशिक्षण के जरिए न केवल बंदियों को नया हुनर मिला है, बल्कि यह उनके भविष्य को भी नई दिशा देने मंे अहम भूमिका मिल रही है। आज जेल मे निर्माण बल्ब बाजार में भी बेचे जा रहे हैं, जिससे उन्हें आत्मविश्वास मिला है। जेल प्रशासन का मानना है कि सजा पूरी करने के बाद ये बंदी खुद का कारोबार शुरू कर सकेंगे। इससे वे समाज की मुख्यधारा में वापस लौट पाएंगे। बंदियों का भी कहना है कि उन्हें अब अपने भविष्य को लेकर आशा की एक नई किरण दिखाई दे रही है। यह पहल ना सिर्फ जेल की छवि बदल रही है, बल्कि समाज को भी एक सकारात्मक संदेश दे रही है। जेल अब सुधार गृह की असली परिभाषा बनता जा रहा है। बंदियों के इस हुनर को जेल प्रशासन प्रोत्साहित कर रहा है। जिससे हर बल्ब में दिख रहा है उनके भविष्य का उजाला कई बंदियों के परिवार भी इस पहल से खुश हैं। अब वे अपनो को एक नया और बेहतर जीवन देने का सपना देख रहे हैं। केंद्रीय जेल दुर्ग का यह प्रयोग पूरे राज्य के लिए मिसाल बन रहा है। यह पहल बताती है कि सही मार्गदर्शन हो, तो कोई भी जीवन बदल सकता है। फिलहाल बंदियों के इस हुनर को जेल प्रशासन प्रोत्साहित तो कर रहा है। जिससे हर बल्ब की रौशनी से उनके भविष्य मे उजाला दिखने लगा है। - -मुख्यमंत्री की पहल से जशपुर जिले में होगा आवागमन की सुविधा सुगम-जिले के लिए उपलब्धि 6 मार्गों के विस्तार के लिए मिली 18 करोड़ 46 लाख से अधिक की प्रशासकीय स्वीकृत-मुख्यमंत्री के सुशासन सड़कों के जाल का हो रहा है विस्ताररायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जशपुर वासियों को स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पानी और सड़कों के विस्तार हेतु सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विशेष प्रयास कर रहे हैं जिसका साकारात्मक परिणाम भी देखने को मिल रहा है जशपुर में नागरिकों के आवागमन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए छः सड़कों के निर्माण कार्य हेतु 18 करोड़ 46 लाख 87 हजार की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हुई है। इन मार्गो के निर्माण से लोगों के आवागमन में सुगमता होगी। जिले के लोगों में मिलने वाली सुविधा से खुशी की लहर है।राज्य शासन से स्वीकृति कार्यो में वर्ष 2024-25 के बजट में शामिल जिला जशपुर के ग्राम चटकपुर से रेंगारबहार पहुंच मार्ग लम्बाई 2.46 किमी. के निर्माण हेतु 02 करोड़ 89 लाख 86 हजार की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हुई है। इसी प्रकार कुनकुरी-औरीजोर-मतलूटोली-पटेलापारा पहुंच मार्ग लंबाई 2.54 किमी. निर्माण कार्य हेतु 03 करोड़ 01 लाख 95 हजार, एन.एच.43 के किमी. 540/4 से मयाली डेम तक मार्ग लंबाई 2.28 किमी. निर्माण हेतु 02 करोड़ 85 लाख 01 हजार, मयाली नेचर कैम्प से मधेश्वर मंदिर तक मार्ग लंबाई 2.20 किमी. निर्माण हेतु 2 करोड़ 71 लाख 89 हजार, रानीबंध चौक से चिडराटांगर होते हुए पंडरीआमा-उपरकछार मार्ग लंबाई 3.44 किमी. निर्माण कार्य हेतु 3 करोड़ 29 लाख 58 हजार और जोकरी से मधेश्वर पहाड़ तक पहुंच मार्ग लंबाई 2.88 किमी. निर्माण कार्य हेतु 3 करोड़ 68 लाख 58 हजार की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हुई है।
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दुर्ग/ आयुष मंत्रालय की केन्द्रीय टीम, पी.आई.बी. टीम एवं संचालनालय आयुष छ.ग. रायपुर की टीम द्वारा दुर्ग जिले में क्रियान्वित आयुष विभाग के अंतर्गत आयुष्मान आरोग्य मंदिर भिलाई-3, स्पेशिलिटी क्लीनिक भिलाई-3, आयुषविंग, जिला चिकित्सालय दुर्ग एवं मोहनलाल बाकलीवाल शासकीय आयुर्वेद चिकित्सालय दुर्ग मंे आयुष विभाग द्वारा किये जा रहे कार्यों का निरीक्षण किया गया। इसके अंतर्गत एन.सी.डी. क्लीनिक, पंचकर्म, लाईफ स्टाईल क्लीनिक, ओ.पी.डी. एवं आई.पी.डी. में चलाये जा रहे गतिविधियों एवं दी जा रही सुविधाओं की जानकारी का अवलोकन एवं मरीजों से फीडबेक प्राप्त किया गया।
दुर्ग जिले में आयुष विभाग द्वारा मुख्य रूप से सुप्रजा कार्यक्रम, मसकुलोस्केलेटल कार्यक्रम, आयुर्विद्या कार्यकम, एन.सी.डी. (नान कम्युनिकेबल रोग) कार्यक्रम, लाईफ स्टाईल क्लीनिक, कारूण्य कार्यक्रम चलाया जा रहा है। डॉ. सुनील दास, संयुक्त संचालक आयुष विभाग छ.ग. द्वारा आयुष कार्यक्रमों के जानकारी देते हुए बताया गया कि आयुर्वेद के माध्यम से गर्भिणी मातृ एवं नवजात देखभाल हेतु सुप्रजा, वृद्धजनों के स्वास्थ्य हेतु वयोमित्र, अशक्त एवं ऐसे रोगी जो घर से बाहर निकलने में असमर्थ है, इसके लिये कारूण्य कार्यकम, मसकुलो स्केलेटल कार्यकम में संधिवात/अर्थराइटिस/जोड़ो के दर्द की निदान एवं चिकित्सा, एन.सी.डी. क्लीनिक एवं लाईफ स्टाईल क्लीनिक के अंतर्गत जीवन शैली से होने वाले उच्च रक्तचाप, मधुमेह, कैंसर, पी.सी.ओ.डी., मोटापा आदि रोगों की आयुर्वेद चिकित्सा पथ्य-अपथ्य एवं योग तथा प्राकृतिक चिकित्सा की जा रही है, इनके माध्यम से बेहतर स्वास्थ्य सुविधा एवं आयुष का प्रचार-प्रसार एवं विस्तार शामिल है।जिला आयुष अधिकारी, दुर्ग डॉ. दिनेश चंद्रवंशी द्वारा आयुष विभाग की गतिविधियों की रूपरेखा प्रस्तुत की गई। इस अवसर पर डॉ. सुनील दास, संयुक्त संचालक आयुष विभाग छ.ग., डॉ.गजेन्द्र बघेल, सहायक संचालक आयुष छ.ग., डॉ. गदाधर पंडा सीजीएमएससी तकनीकी अधिकारी उपस्थित रहे एवं आयुषविंग एवं जिला आयुर्वेद चिकित्सालय दुर्ग के प्रभारी चिकित्सक एवं कर्मचारियों का सक्रिय सहयोग रहा। - बिलासपुर, /एकीकृत बाल विकास परियोजना सीपत के अंतर्गत ग्राम कुकदा के आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक 02 में सहायिका के रिक्त पद पर भर्ती हेतु 26 मई 2025 से 9 जून 2025 तक आवेदन आमंत्रित किए गए है। इच्छुक आवेदिका सील बंद लिफाफे में एकीकृत बाल विकास परियोजना सीपत में आवेदन जमा कर सकती है। अंतिम तिथि के पश्चात् प्राप्त आवेदनों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा।





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