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- दंतेवाड़ा, । ग्राम बिंजाम, विकासखंड गीदम के 57 वर्षीय प्रगतिशील किसान श्री हरसिंह ओयामी आज जिले में जैविक खेती के प्रेरणास्रोत के रूप में उभरकर सामने आए हैं। परंपरागत खेती से आगे बढ़ते हुए उन्होंने अपनी पूरी कृषि प्रणाली को जैविक, टिकाऊ और लाभदायक मॉडल में परिवर्तित किया है। परिवार के सहयोग, सतत प्रयास और वैज्ञानिक सोच ने उन्हें जिले के अग्रणी जैविक किसानों में शामिल कर दिया है।उल्लेखनीय है कि हरसिंग ओयामी को कृषि विभाग के मार्गदर्शन में पक्का पशु शेड, नाडेप टांका, वर्मी टांका और अन्य जैविक संरचनाओं का लाभ मिला। इसके अलावा देशी गायों के सुव्यवस्थित पशुपालन ने उनकी जैविक खेती को मजबूत आधार प्रदान किया। हरसिंग ओयामी जैविक कृषि में इतने प्रवीण हो गए है कि अपने खेत में वर्मी कम्पोस्ट, जीवामृत, घनजीवामृत, नीमास्त्र, ब्रह्मास्त्र जैसे देशी जैविक कीटनाशक व उर्वरक स्वयं तैयार करते हैं। इससे न केवल कृषि लागत में कमी आई,बल्कि मिट्टी की उर्वरता बढ़ने के साथ-साथ फसलें अधिक गुणवत्तापूर्ण बनीं।उनके कृषि क्षेत्र एवं कृषि पैदावार को को देखना एक सुखद अनुभव देता है। उनकी खेती की सबसे बड़ी विषेषता फसल विविधता है। वे श्री विधि, लाइन विधि और पारंपरिक विधि से देशी धान का उत्पादन करते हैं। साथ ही बैंगन, टमाटर, गोभी, मटर, मूली, गाजर, लाल भाजी, मेथी, दलहन, तिलहन सहित अनेक सब्जियों एवं फसलों की वर्षभर खेती करते हैं। इसके अलावा मिलेटस के तहत रागी, कोदो-कुटकी, का उत्पादन, बागवानी के तहत आम, अमरूद और वाटर एप्पल जैसे फलों की खेती ने उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है। इस तरह उनके जैविक उत्पादों की बढ़ती बाजार मांग ने उन्हें अलग पहचान दिलाने में अहम भूमिका अदा किया है।हरसिंह ओयामी ने न केवल कृषि बल्कि मत्स्य उत्पादन में भी बढ़त हासिल कर चुके है। एग्री-फिशरी मॉडल अपनाकर उन्होंने आय के नए स्रोत बनाए। उन्हें डबरी एवं ओरनामेंटल फिश पद्धति से मत्स्य उत्पादन कर लगभग 1,00,000 रूपये वार्षिक शुद्ध आय अर्जित किया है। जहां डबरी का पोषक जल उनकी जैविक खेती में अमृत समान सिद्ध हुआ। वहीं उनका फसल उत्पादन बढ़ा, कीटनाशक की आवश्यकता घटी और मिट्टी का स्वास्थ्य लगातार बेहतर हुआ।आज उनकी जैविक खेती, फसल विविधता, पशुपालन और मछली पालन का एकीकृत मॉडल उन्हें लगभग 7,00,000 रूपये की वार्षिक आय प्रदान कर रहा है। उनका खेत अब केवल उत्पादन का केंद्र नहीं, बल्कि सीखने और प्रेरणा का मॉडल फार्म बन चुका है, जहाँ अन्य किसान जैविक कृषि और मत्स्य पालन की नई तकनीकें सीखने आते हैं। श्री हरसिंह ओयामी ने सिद्ध कर दिया है कि जैविक खेती न केवल परंपरा, बल्कि भविष्य की सतत व समृद्ध कृषि का मजबूत स्तंभ है। स्थानीय संसाधनों का बुद्धिमत्तापूर्ण उपयोग, मेहनत और नवाचार उन्हें दंतेवाड़ा के किसानों के लिए प्रेरणा का पथप्रदर्शक बनाते हैं।
- -केंद्रीय कृषि मंत्री ने शंखनी, डंखनी एफपीओ से ‘जवा फूल चावल’ की किस्म का किया ऑनलाइन ऑर्डर’’दंतेवाड़ा । दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिले की जैविक खेती को आज राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि मिली है। देश के केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने जिले के शंखनी, डंखनी फॉर्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन से जैविक सुगंधित ‘जवा फूल चावल’ का ऑनलाइन ऑर्डर किया है। इस पहल ने दंतेवाड़ा जिले को राष्ट्रीय बाजार में एक मजबूत जैविक ब्रांड के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है।ज्ञातव्य है कि दंतेवाड़ा जिला जैविक खेती के क्षेत्रफल के दृष्टिकोण से देश में प्रथम स्थान पर है। भारत सरकार की लार्ज एरिया सर्टिफिकेशन योजना के अंतर्गत जिले के 65 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में जैविक खेती प्रमाणित है। इस तरह जिले के 10 हजार से अधिक किसान धान, लघु अनाज, हल्दी, तिल, कोदो, कुटकी और अन्य फसलों का जैविक उत्पादन कर रहे हैं।’’शंखनी, डंखनी एफपीओ’’ की बड़ी उपलब्धिशंखनी, डंखनी एफपीओ से जुड़े लगभग 400 किसान कई वर्षों से रसायन मुक्त और पारंपरिक पद्धति से खेती कर रहे हैं। एफपीओ द्वारा उत्पादित ’’जवा फूल चावल’’ अपनी प्राकृतिक सुगंध, रंग, स्वाद और उच्च गुणवत्ता के कारण प्रदेश और देश में विशेष पहचान रखता है। मालूम हो कि दंतेवाड़ा के आदिवासी किसान प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और पारंपरिक कृषि ज्ञान को आधुनिक जैविक तकनीकों के साथ जोड़कर उच्च गुणवत्ता के उत्पाद तैयार कर रहे हैं। इस प्रकार केंद्रीय कृषि मंत्री द्वारा ’’जवा फूल चावल’’ का चयन और ऑर्डर किया जाना इन किसानों की मेहनत और जिले की जैविक पहचान के प्रति राष्ट्रीय स्तर पर जताया गया भरोसा माना जा सकता है। जिला प्रशासन, कृषि विभाग, एफपीओ, महिला समूहों और युवाओं के संयुक्त प्रयासों से आज दंतेवाड़ा तेजी से जैविक उत्पादों का प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है। ’’जवा फूल चावल’’ के साथ-साथ जिले की हल्दी, कोदो, कुटकी, काली मिर्च, तिल और फ्लैक्स सीड की भी विभिन्न बाजारों में मांग बढ़ रही है।
- दंतेवाड़ा । जिले में युवाओं की प्रतिभा और नवाचार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से “दंतेवाड़ा स्टार्टअप हंट 2025” का आयोजन 24 नवंबर को लाइवलीहुड कॉलेज दंतेवाड़ा में किया जा रहा है। यह कार्यक्रम ’’स्किल इज स्टार्टअप’’ तक युवाओं को नवाचार की दिशा में अग्रसर करने और स्थानीय स्तर पर उद्यमिता को बढ़ावा देने की एक महत्वपूर्ण पहल है। इस प्रतियोगिता के माध्यम से ऐसे युवाओं और नवप्रवर्तकों की पहचान की जाएगी, जिनके पास व्यवसाय या नवाचार आधारित आइडिया हैं और जो उन्हें स्टार्टअप के रूप में विकसित करना चाहते हैं। कार्यक्रम में चयनित प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जाएगा तथा उन्हें तकनीकी सहायता, ’’मेंटरशिप’’, ’’बिजनेस’’ ’’मॉडल डेवलपमेंट’’, वित्तीय परामर्श, ’’मार्केट लिंकज’’ एवं संभावित ’’इनक्यूबेशन’’ के अवसर भी प्रदान किए जाएंगे।
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-विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत मेटापाल मतदान केन्द्र 162 और 164 में विशेष शिविर का होगा आयोजन
दंतेवाड़ा । कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने जिले के ग्राम मेटनार, पोन्दुम, मेटापाल और दूरस्थ ग्राम तुमकपाल का दौरा कर वहां चल रहे एसआईआर (सामाजिक, आर्थिक एवं बुनियादी ढांचा रजिस्ट्री) गणना कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने गणना पत्रक वितरण, संधारण और सर्वेक्षण प्रक्रिया का विस्तार से अवलोकन करते हुए बीएलओ और सुपरवाइजरों को आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि एसआईआर गणना जिले के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने बीएलओ को निर्देशित करते हुए कहा कि हमारा जिला आदिवासी बाहुल्य जिला है। अतः गणना पत्रक भरने के कार्य में दूरस्थ ग्रामों में इस संबंध में कुछ दिक्कतें आ सकती है। परन्तु निराकरण भी करना भी हमारा प्रमुख दायित्व है। ग्रामीणजनों को स्पष्ट रूप से समझाए कि गहन पुनरीक्षण कार्य उनके भावी पीढ़ी की सुविधाजनक जीवन के लिए अनिवार्य है। यहां अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि गणनाकर्मियों को समय पर पत्रक उपलब्ध कराए जाएँ, जिससे सर्वेक्षण कार्य निर्धारित अवधि में पूर्ण हो सके। कलेक्टर ने फील्ड सत्यापन को अनिवार्य बताते हुए कहा कि प्राप्त आंकड़ों की शुद्धता ही भविष्य की योजनाओं की मजबूती का आधार होगी। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने ग्रामवार स्थिति की जानकारी ली। इस संबंध में बीएलओ द्वारा जानकारी दी गई कि मटेनार में 1048 में से सभी पत्रक वितरित कर दिए गए हैं और भरे हुए 150 पत्रक जमा हो चुके हैं। इस क्रम में ग्राम पोन्दुम में 662 पत्रकों में से 600, मेटापाल में 903 में से 150 पत्रक, जबकि तुमकपाल में 1077 पत्रक वितरित हुए जिनमें से 411 जमा हो चुके हैं।
कलेक्टर श्री दुदावत ने ग्रामीणों से भी संवाद कर उन्हें गणना पत्रक को ध्यानपूर्वक भरने, पावती लेने और सही जानकारी प्रदान करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि एसआईआर के माध्यम से जिले की सामाजिक, आर्थिक और आधारभूत संरचना का वास्तविक डेटा संकलित किया जाएगा, जो विकास योजनाओं के निर्माण में दिशा देने का कार्य करेगा। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कहा कि विषेष गहन पुनरीक्षण के तहत मेटापाल मतदान केन्द्र 162 और 164 में विशेष शिविर का 23 नवंबर को आयोजित होगी। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री जयंत नाहटा, उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री मूलचंद चोपड़ा, तहसीलदार श्री परमानंद बंजारे, तहसीलदार आशा मौर्य सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
- -प्रदेश के विभिन्न जिलों में लगभग 2000 करोड़ रुपए की योजनाओं और हितग्राहियों हेतु नवीन आबंटी पोर्टल का भी होगा शुभारंभ-छत्तीसगढ़ स्थापना के रजत जयंती वर्ष में गृह निर्माण मंडल करेगा राज्य स्तरीय आवास मेले का आयोजनरायपुर, / छत्तीसगढ़ राज्य अपने स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में रजत जयंती वर्ष मना रहा है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा प्रदेशवासियों को सुलभ और किफायती आवास उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन और आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओपी चौधरी के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा राजधानी रायपुर के बी.टी.आई. ग्राउंड, शंकर नगर में 23 से 25 नवंबर 2025 तक राज्य स्तरीय आवास मेला आयोजित होने जा रहा है।इस मेले में प्रदेशभर की आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों की विस्तृत जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध होगी। साथ ही, आवासीय योजनाओं की स्पॉट बुकिंग सुविधा, बैंक ऋण सहायता तथा पंजीयनकर्ताओं के लिए आकर्षक उपहार जैसी विशेष व्यवस्थाएँ भी की जाएँगी।इस दौरान हाउसिंग बोर्ड द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों में लगभग 2000 करोड़ रुपए की नई आवासीय योजनाओं का शुभारंभ किया जाएगा। इन योजनाओं में लगभग 70 प्रतिशत आवासीय संपत्तियाँ समाज के कमजोर आय वर्ग के लोगों के लिए आरक्षित रहेंगी।हाल ही में सम्पन्न राज्योत्सव-2025 के दौरान गृह निर्माण मंडल ने नवा रायपुर स्थित मेला स्थल पर अपनी विभिन्न योजनाओं की प्रदर्शनी लगाई थी, जिसे नागरिकों का भरपूर प्रतिसाद मिला। हजारों आगंतुकों ने हाउसिंग बोर्ड के स्टॉल का भ्रमण कर संपत्तियों में गहरी रुचि दिखाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भी स्टॉल का अवलोकन कर हाउसिंग बोर्ड के कार्यों की सराहना की थी।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ स्थापना के रजत जयंती वर्ष में आयोजित यह राज्य स्तरीय आवास मेला प्रदेशवासियों के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का संकल्प है कि हर परिवार के पास अपना पक्का घर हो, और इसी दिशा में लगभग 2000 करोड़ रुपए की नई आवासीय योजनाओं का शुभारंभ तथा नवीन आबंटी पोर्टल की शुरुआत एक बड़े परिवर्तन की शुरुआत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड द्वारा प्रस्तुत योजनाएँ समाज के कमजोर वर्गों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित होंगी। उन्होंने गृह निर्माण मंडल की पारदर्शी, जनहितैषी और द्रुत गति से कार्य करने की शैली की सराहना करते हुए कहा कि यह मेला “सबके लिए आवास” के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगा।आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य हर परिवार को अपना पक्का घर उपलब्ध कराना है। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा आयोजित यह राज्य स्तरीय आवास मेला प्रदेशवासियों के लिए किफायती आवास उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि हमारा संकल्प है कि वर्ष 2027 तक प्रत्येक परिवार के पास अपना पक्का छत हो।छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने बताया कि राज्योत्सव में जनता से मिला उत्साहजनक प्रतिसाद इस बात का प्रमाण है कि लोगों का हाउसिंग बोर्ड की योजनाओं पर विश्वास बढ़ रहा है। राज्य स्तरीय आवास मेले के माध्यम से प्रदेश के नागरिकों को एक ही मंच पर सभी योजनाओं की जानकारी, आवेदन और बुकिंग की सुविधा प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में हाउसिंग बोर्ड ने कई जनहितैषी योजनाएँ प्रारंभ की हैं, जिनमें वन टाइम सेटलमेंट योजना-2 विशेष रूप से उल्लेखनीय है, जिसके अंतर्गत भवन मूल्य में 30 प्रतिशत तक की छूट देकर आमजन को किफायती दरों पर पक्का मकान उपलब्ध कराया गया है।छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल का यह राज्य स्तरीय आवास मेला प्रदेश की आवासीय विकास यात्रा में एक नया अध्याय जोड़ेगा। छत्तीसगढ़ स्थापना के रजत जयंती वर्ष में यह आयोजन “सबके लिए आवास” के लक्ष्य की दिशा में एक सार्थक और ऐतिहासिक पहल साबित होगा।
- -भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिहा ने बताया : खेल अकादमी में मुख्यमंत्री साय दोपहर बस को हरी झण्डी दिखाकर टोली को रवाना करेंगे-सात दिनों की इस यात्रा के समस्त पड़ाव में अनेक छोटे-बड़े कार्यक्रम तय किए गए हैं जिसमें समस्त युवा प्रतिभागी शामिल होंगे : टिकरिहारायपुर। भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेशभर से चयनित 72 युवाओं (प्रत्येक जिले से 02) की टोली यूथ अफेयर्स एंड स्पोर्ट्स गवर्नमेंट ऑफ़ इंडिया के द्वारा आयोजित सरदार 150 युनिटी मार्च में शामिल होने नागपुर (नर्मदा प्रवाह) में शामिल होने हेतु रविवार, 23 नवम्बर को दोपहर 12 बजे बस द्वारा रायपुर से नागपुर हेतु प्रस्थान करेंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, उप मुख्यमंत्री अरुण साव हरी झण्डी दिखाकर टोली को खेल अकादमी के लिए रवाना करेंगे। यात्रा प्रभारी टिकेश साहू एवं सह प्रभारी प्रणय पाण्डेय होंगे। भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिहा ने शनिवार को एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय में आहूत पत्रकार वार्ता में यह जानकारी दी।भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष श्री टिकरिहा ने कहा कि देश की एकता अखंडता व संप्रभुता के संस्थापक लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर यह आयोजन किया जा रहा है, जिसमें देशभर के सभी राज्य के जिलों से हजारों की संख्या में युवा सहभागी के रूप में शामिल होंगे। युनिटी मार्च देश के प्रमुख चार केंद्रों से निकल रही है जिसमें प्रत्येक केंद्रों में 6-7 राज्यों के युवा शामिल होंगे। देशभर के सभी राज्यों के युवाओं को अलग-अलग केंद्रों से मार्च में शामिल होना है। दिल्ली के केन्द्र को गंगा प्रवाह, जयपुर के केन्द्र को यमुना प्रवाह, नागपुर के केन्द्र को नर्मदा प्रवाह और मुंबई के केन्द्र को गोदावरी प्रवाह नाम दिया गया है। श्री टिकरिहा ने बताया कि युनिटी मार्च की यात्रा 24 नवम्बर को नागपुर से बस द्वारा प्रारंभ होगी जो 25 नवम्बर को बैतूल, 26 नवम्बर को इंदौर और 27 नवम्बर को गोधरा से आनंद करमसद पहुँचेगी। करमसद से एकतानगर तक युवा पदयात्रा में शामिल होते हुए 30 नवम्बर को स्टैच्यू ऑफ युनिटी का सामूहिक अवलोकन कर वापस रायपुर की ओर प्रस्थान करेंगे। सात दिनों की इस यात्रा के समस्त पड़ाव में अनेक छोटे-बड़े कार्यक्रम तय किए गए हैं जिसमें समस्त युवा प्रतिभागी शामिल होंगे। उक्त यात्रा के दौरान आवास, भोजन व स्वास्थ्यगत आदि समस्त प्रकार की व्यवस्था पूर्व से ही तय की जा चुकी है।इस दौरान प्रदेश महामंत्री भाजयुमो अंकित जायसवाल, उपाध्यक्ष जितेंद्र देवांगन, जिला अध्यक्ष रायपुर शहर गोविंद गुप्ता, अश्वनी विश्वकर्मा, वासु शर्मा, आकाशसिंह ठाकुर मौजूद थे।
- -भाजपा विधायक व पूर्व मंत्री मूणत ने कहा : कांग्रेस ने रायपुर शहर में अवैध कब्जों व निर्माणों को संरक्षण देने का काम ही किया-एजुकेशन हब बनने से हजारों विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा : मूणतरायपुर। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ विधायक व पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने साइंस कॉलेज मैदान के सामने बनी चौपाटी को पूरी तरह अवैध बताते हुए कहा है कि हमारी सरकार उक्त स्थान को एजुकेशन हब के तौर पर विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। चौपाटी की जमीन सरकारी है और नियमत: भूमि अनापत्ति प्रमाण पत्र के अभाव में चौपाटी की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकती थी। श्री मूणत ने स्पष्ट किया कि हम किसी को भी बेरोजगार नहीं करना चाहते, इसलिए उनके व्यवस्थापन की प्रक्रिया चल रही है और जल्दी ही यह पूरी कर ली जाएगी।भाजपा विधायक श्री मूणत ने कहा कि चौपाटी की जगह पर एजुकेशन हब बनने से वहाँ अध्ययन के लिए एक सकारात्मक वातावरण बनेगा और हजारों विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा। लेकिन पिछली भूपेश सरकार के कार्यकाल में स्मार्ट सिटी योजना के तहत यूथ हब व ग्रीन कॉरीडोर के स्थान पर चौपाटी बना दी गई। इससे साफ है कि इसमें कांग्रेस के लोगों की संलिप्तता रही है और तत्कालीन सत्ताधीशों के संरक्षण में इसका व्यवसायीकरण कर दिया गया। श्री मूणत ने कहा कि आज जब भाजपा सरकार इस स्थान को एजुकेशन हब के रूप में विकसित कर लाइब्रेरी आदि बनाकर शैक्षिक वातावरण बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है तो तुच्छ राजनीतिक लाभ के लिए बेतुकी व निराधार बातें करके भ्रम फैलाया जा रहा है। श्री मूणत ने कहा कि कांग्रेस ने रायपुर शहर में अवैध कब्जों व निर्माणों को संरक्षण देने का काम ही किया है। प्रदेश कांग्रेस के एक महामंत्री के आधी रात उनके (श्री मूणत के) निवास पर हंगामा करने की घटना का जिक्र करते हुए श्री मूणत ने कहा कि ऐसी निम्नस्तरीय राजनीति हमने इससे पहले कभी नहीं देखी।भाजपा विधायक श्री मूणत ने कहा कि अवैध चौपाटी कोई एक दिन का विषय नहीं है, यह मुद्दा साढ़े तीन साल से हम उठाकर इस निर्माण का विरोध कर रहे हैं। अवैध चौपाटी के निर्माण की शुरुआत से लेकर धरना आंदोलन, कोर्ट प्रक्रिया तक के सारे तथ्यों की सिलसिलेवार जानकारी देते हुए श्री मूणत ने कहा कि जी.ई. रोड पर अनुपम गार्डन से इंटरनेश्नल हॉकी स्टेडियम तक यूथ हब एवं ग्रीन कॉरीडोर निर्माण का कार्यादेश 29 अक्टूबर, 2020 को जारी किया गया था और तब इसकी स्वीकृत राशि 19.85 करोड़ थी। इसके तहत स्मार्ट रीडिंग जोन सह लाइब्रेरी तक्षशिला (मोतीबाग के पास) 9.59 करोड, वेंडिग जोन (इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम के पास) 6.13 करोड़, अंतरराष्ट्रीय स्वीमिंग पूल के पीछे ओपन रीडिंग एरिया 2.45 करोड़ एवं अनुपम गार्डन पुनर्विकास कार्य 0.94 करोड़ (कुल 19.12 करोड़) रुपए व्यय किया गया था। यूथ हब के संचालन तथा संधारण के लिए रायपुर स्मार्ट सिटी ने 3 बार टेंडर किया जिसमें पहली बार कोई नहीं आया, दूसरी बार 2 लोग आए और दोनों अपात्र हो गए।भाजपा विधायक श्री मूणत ने कहा कि इसके बाद शर्तों को शिथिल कर 02 अगस्त 2023 को संचालक खेल तथा युवा कल्याण विभाग से एन.ओ.सी. लिए बिना ही चौपाटी के लिए रिक्वेस्ट फार्म प्रपोजल जारी किया गया जिसे 04 सितम्बर, 2024 को प्रस्तुत करने की तारीख तय हुई। इसमें चार सस्थाओ ने प्रस्ताव दिया था जिनके द्वारा प्रस्तुत सारे दस्तावेजों का परीक्षण, विश्लेषण तथा एग्रीमेंट करने की कार्यवाही 05 अक्टूबर, 2023 को कर ली गई! उल्लेखनीय है कि प्रपोजल आने और एग्रीमेंट होने की तिथि में 30 दिन का समय था जिसमें 10 दिन सामान्य अवकाश के थे। मात्र 20 दिनों के भीतर यह सारे कार्य कर लिए गए! श्री मूणत ने कहा कि यूथ हब परिसर में स्टेशनरी, पुस्तक स्टाल, फोटो कापी, मोबाइल रिपेयरिंग शॉप, जूते की दुकान, खेल जिम उपकरण की दुकान, ताजे फूलों की दुकान, कॅरियर शिपिंग सर्विस, फोटोग्रॉफ स्टूडियो, यात्रा ऐंजेंसी, मेडिकल सेटर, डायग्नोस्टिक सेंटर जैसे व्यपार से सम्बन्धित 60 दुकानें खुलनी थी किन्तु इस स्थान पर ऐसी एक भी शॉप न खोलकर सभी नियमों का उल्लंघन करते हुए इसे चौपाटी में परिवर्तित कर दिया गया।भाजपा विधायक श्री मूणत ने बताया कि लाइसेंस शर्तों के उल्लंघन के चलते स्मार्ट सिटी की ओर से जनवरी 2024 में लाइसेंसी को लाइसेंस निरस्त करने हेतु नोटिस जारी किया गया, जिस पर लाइसेंसी ने उच्च न्यायालय से स्टे प्राप्त किया। उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में स्मार्ट सिटी एवं लाइसेंसी के बीच 10 अक्टूबर, 2024 को चर्चा हुई। चर्चा पश्चात नवीन वेडिंग जोन में स्थानांतरण 15 नवम्बर, 2024 तक करने की सहमति बनी। दिनांक 05 अक्टूबर, 2023 को स्मार्ट सिटी एवं लाइसेंसी के बीच एग्रीमेंट निष्पादित होने के बाद से लगातार लाइसेंसी ने एंग्रीमेंट के प्रत्येक बिन्दु का उल्लंघन किया और इसकी किसी भी शर्तों को नहीं माना।राजधानी की महापौर मीनल चौबे ने इस दौरान कहा कि हम शुरू से किसी एक व्यक्ति से एग्रीमेंट कर बनाई गई चौपाटी का विरोध कर रहे हैं। नगर निगम ने इस मामले में कार्रवाई कर चौपाटी को नई जगह पर व्यवस्थापित किया है। इस चौपाटी से छात्रों के शैक्षणिक भविष्य पर आने वाले संकट की आशंका को देखकर यह कार्रवाई एकदम उपयुक्त है। कांग्रेस के लोग इस मसले पर झूठ फैलाकर शहरवासियों को गुमराह कर रहे हैं।पत्रकार वार्ता में लौह शिल्पकार आयोग अध्यक्ष प्रफुल्ल विश्वकर्मा, रायपुर शहर जिला भाजपा अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर, ओंकार बैस, जिला महामंत्री अमित मैशेरी गुंजन प्रजापति, नगर निगम सभापति सूर्यकांत राठौर, जिला उपाध्यक्ष सत्यम दुआ, अकबर अली, एमआईसी सदस्य खेमकुमार सेन, संजना हियाल, अमर गिदवानी, संतोष कुमार साहू, डॉ. अनामिका सिंह, अवतार सिंह बागल, दीपक जायसवाल, मनोज वर्मा, सरिता आकाश दुबे, भोला साहू, नंदकिशोर साहू, गायत्री सुनील चंद्राकर सहित पाषर्दगण मौजूद थे
- -किसानों की सुविधा के लिए केंद्रों में माइक्रो एटीएम सहित सभी व्यवस्थाएँ उपलब्धरायपुर,। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार राज्य के सभी 33 जिले के धान खरीदी केंद्रों में धान खरीदी का कार्य सुचारू, व्यवस्थित और तेज़ी से जारी है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी पंजीकृत किसानों का धान प्राथमिकता से खरीदा जाए, ताकि किसी किसान को असुविधा न हो।जशपुर के किसान सेत राम आज कुनकुरी विकासखंड के ग्राम नारायणपुर धान खरीदी केंद्र पहुँचे और अपना टोकन कटवाकर 42 क्विंटल धान की बिक्री की। उन्होंने खरीदी केंद्र की व्यवस्थाओं पर संतुष्टि व्यक्त करते हुए कहा कि “धान बेचने में किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं आई। इस वर्ष पूरी व्यवस्था पहले से अधिक सुव्यवस्थित है।”टोकन जारी करने की ऑनलाइन व्यवस्थाकिसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए केंद्रों में टोकन जारी करने की ऑनलाइन व्यवस्था, माइक्रो एटीएम सुविधा, पर्याप्त बारदाना, शुद्ध पेयजल, बैठने की व्यवस्था और अन्य सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं।माइक्रो एटीएम सुविधा—किसानों के लिए बड़ी राहतछत्तीसगढ़ सरकार ने धान उपार्जन केंद्रों में माइक्रो एटीएम की सुविधा उपलब्ध कराई है, जिसके माध्यम से किसान 2,000 रुपये से 10,000 रुपये तक की राशि तुरंत निकाल सकते हैं। इस सुविधा से किसानों को बैंक जाकर कतार में लगने की आवश्यकता नहीं पड़ती और धान बेचने के तुरंत बाद आवश्यक नकद उपलब्ध हो जाता है।
- रायपुर/ प्रदेश में धान खरीदी अब लय में आ गई है। लगभग सभी उपार्जन केन्द्र खुल गए हैं। किसान अपनी उपज समर्थन मूल्य पर बेचने आने लगे हैं। इस बीच कोचिया और दलालनुमा व्यापारी भी अनुचित लाभ के लिए धान खपाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। इनके मंसूबों पर पानी फेरने के लिए के लिए कड़ी कार्रवाई ki जा रही है। इसी कड़ी में बिलासपुर जिले के चकरभाठा में व्यापारी सुरेश पंजवानी धान वाला के कब्जे से अवैध रूप से रखे हुए 75 कट्टी धान जब्त किया गया। जब्त किए धान की मात्रा लगभग 30 क्विंटल है। सरकारी कीमत 1 लाख से ऊपर का है। धान का कोई हिसाब और दस्तावेज व्यापारी जांच टीम को नहीं दे पाया। इसे सांठगांठ करके किसी सोसाइटी में खपाने की आशंका थी, इसके पहले ही बरामद कर लिया गया। मंडी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। कार्रवाई में तहसीलदार बोदरी, खाद्य निरीक्षक और मंडी के कर्मचारी शामिल थे।
- -मनरेगा योजना बनी ग्रामीण आत्मनिर्भरता का आधाररायपुर /मेहनत को जब उचित अवसर मिलता है, तो सपने हकीकत में बदल जाते हैं। जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम साजापाली के किसान श्री महेत्तर लाल बरेठ की जीवन यात्रा भी इसी प्रेरणादायक परिवर्तन की कहानी कहती है। मनरेगा योजना के तहत निर्मित बकरी शेड ने न सिर्फ उनकी आजीविका को सुरक्षित आधार दिया, बल्कि उनके आत्मविश्वास और भविष्य दोनों को नई दिशा प्रदान की है।पहले बारिश और धूप में खुले में पशुओं की देखभाल करने वाले श्री महेत्तर लाल आज एक मजबूत और सुरक्षित बकरी शेड के स्वामी हैं, जिसने उनके पशुपालन कार्य को नई गति और स्थिरता प्रदान की है। यह निर्माण कार्य सिर्फ एक संरचना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत की ओर बढ़ता हुआ एक सशक्त कदम है।मनरेगा योजना के तहत ग्राम पंचायत साजापाली में हितग्राही महेत्तर लाल के लिए आजीविका संवर्धन हेतु बकरी शेड निर्माण स्वीकृत किया गया। वित्तीय वर्ष 2023-24 में अनुमोदित इस कार्य की कुल राशि 0.88 लाख रुपये थी, जिसमें 0.11 लाख मजदूरी और 0.77 लाख सामग्री मद के रूप में स्वीकृत किए गए। जनवरी 2024 में शुरू हुए इस कार्य को नवंबर 2024 में सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया। इसके क्रियान्वयन से 42 मानव दिवस का सृजन हुआ, जिससे स्थानीय मजदूरों को भी रोजगार मिला।ग्राम पंचायत साजापाली की जनसंख्या लगभग 940 है, जिसमें 567 परिवार जॉब कार्ड धारक हैं। यह पंचायत जनपद अकलतरा से लगभग 7 किलोमीटर दूरी पर स्थित है।हितग्राही महेत्तर लाल बरेठ ने बताया कि शेड निर्माण से पहले पशुपालन में काफी कठिनाइयाँ थीं। बरसात और ठंड में बकरियों के लिए सुरक्षित आश्रय की कमी रहती थी, जिससे उत्पादन और आय दोनों प्रभावित होते थे। लेकिन अब पक्का शेड बन जाने से दूध और खाद उत्पादन में वृद्धि हुई है तथा उनकी आमदनी दोगुनी हो गई है।उन्होंने कहा कि यह शेड उनके लिए स्थायी आजीविका का मजबूत साधन बन गया है और अन्य ग्रामीणों के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने में इस निर्माण कार्य ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।मनरेगा के प्रभावी क्रियान्वयन, ग्राम पंचायत साजापाली की सक्रिय भागीदारी और प्रशासनिक सहयोग से यह कार्य समय पर पूर्ण हुआ, जो ग्रामीण विकास के उत्कृष्ट मॉडल के रूप में उभर रहा है। बकरी शेड निर्माण ने ग्रामीण परिवारों में आत्मनिर्भरता की नई रोशनी जलाई है और आजीविका सशक्तिकरण का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
- -तुंहर टोकन मोबाइल ऐप से मिल रही घर बैठे टोकन की सुविधा : रामसाय यादवरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेशभर में धान खरीदी का महापर्व इस वर्ष भी सुगमता और पारदर्शिता के साथ मनाया जा रहा है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 की धान खरीदी ने किसानों के बीच नई उम्मीद और उत्साह जगाया है। प्रदेश के किसान अपनी उपज का उचित मूल्य पाकर संतुष्ट हैं तथा बड़ी संख्या में धान खरीदी केंद्रों में पहुँचकर विक्रय कर रहे हैं। प्रशासन ने सभी केंद्रों में किसानों की सुविधा के लिए बेहतर और सुव्यवस्थित प्रबंध सुनिश्चित किए हैं।जांजगीर चांपा जिले के खरौद के किसान श्री रामसाय यादव आज धान उपार्जन केंद्र खरौद में धान विक्रय के लिए पहुँचे। केंद्र पहुँचने पर जिला कलेक्टर ने उन्हें फूल-माला पहनाकर और श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। श्री रामसाय यादव ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि इस वर्ष धान खरीदी व्यवस्था पहले से कहीं अधिक बेहतर और किसान-मित्र साबित हो रही है।उन्होंने बताया कि धान खरीदी से एक दिन पूर्व ही उन्होंने तुंहर टोकन मोबाइल ऐप के माध्यम से घर बैठे ऑनलाइन टोकन प्राप्त कर लिया था। पहले टोकन जारी होने के लिए सोसायटी में घंटों इंतजार करना पड़ता था, परंतु अब डिजिटल व्यवस्था से किसानों को बड़ी राहत मिली है।श्री रामसाय यादव ने लगभग 15 क्विंटल धान का विक्रय किया। उन्होंने बताया कि खरीदी केंद्र में नमी परीक्षण, बारदाना उपलब्धता, धान भराई, तौल और पर्ची निर्गत— सभी प्रक्रियाएँ समयबद्ध और बिना किसी परेशानी के संपन्न हुईं।उन्होंने कहा कि 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य और प्रति एकड़ 21 क्विंटल खरीदी सीमा जैसे निर्णय किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी हैं, जिससे खेती अब और अधिक आर्थिक रूप से मजबूत हो रही है। सरकार की किसान हितैषी नीतियों और डिजिटल सेवाओं के कारण किसानों में भरोसा और उत्साह लगातार बढ़ रहा है।
- -सभी अंतरराज्यीय एवं आंतरिक चेक पोस्टों पर 24×7 रखी जा रही कड़ी निगरानीरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर अवैध धान भंडारण एवं परिवहन पर सभी अंतरराज्यीय सीमाओं पर पर बसे ज़िलों पर कड़ी निगरानी की जा रही है। साथ ही इस कार्य में संलिप्त पाए जाने वालों पर त्वरित एवं सख्त कार्रवाई की जा रही हैं। इसी क्रम में समर्थन मूल्य पर पारदर्शी एवं निष्पक्ष धान खरीदी नीति के तहत प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे अभियान में रायगढ़ में विगत 15 दिनों में 30 प्रकरणों के द्वारा कुल 3,266 क्विंटल अवैध धान जब्त किया गया है, जिसकी कीमत 3100 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से 1 करोड़ रुपए से अधिक होने का अनुमान लगाया गया है।कलेक्टर के मार्गदर्शन में जिले की सीमाओं पर स्थित सभी अंतरराज्यीय एवं आंतरिक चेक पोस्टों पर 24×7 कड़ी निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों एवं कर्मचारियों की शिफ्टवार ड्यूटी लगाई गई है, वहीं अनुविभागीय स्तर पर विशेष निगरानी दल सक्रिय हैं। अवैध धान भंडारण एवं परिवहन में शामिल हर व्यक्ति पर कार्रवाई करते हुए मंडी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर ने आम नागरिकों एवं किसानों से अपील की है कि अवैध धान परिवहन या भंडारण की कोई भी जानकारी तुरंत निकटतम पुलिस थाना, तहसील कार्यालय या चेक पोस्ट पर दें। कार्रवाई में सहयोग करना खरीदी व्यवस्था की पारदर्शिता को मजबूत करेगा।उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से सुचारु रुप से संचालित हो रहा धान खरीदी कार्यजिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए 105 उपार्जन केन्द्र बनाए गए है। शासन के निर्देशानुसार सभी उपार्जन केन्द्रों में चेक लिस्ट के अनुरुप मूलभुत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है। 105 उपार्जन केन्द्रों में से 15 केंद्रों को संवेदनशील और 4 केंद्रों को अति-संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। अवैध धान की आवाजाही रोकने के लिए 24 चेकपोस्ट स्थापित किए गए हैं, इनमें भुईंयापाली, बेलरिया, लारा, रेंगालपाली, एकताल, जमुना, तोलमा, हाड़ीपानी, लमडांड, हमीरपुर, मेनरोड हाटी, गोलाबुड़ा, फतेपुर, केशरचुंवा, टांगरघाट, बिजना, बरकछार, उर्दना बेरियर, बोईरदादर, बेरियर, पलगड़ा, भालूनारा, बाकारुमा बेरियर, ऐडू बेरियर एवं रीलो बेरियर सहित 24 अंतराज्यीय एवं आंतरिक चेकपोस्ट स्थापित किए गए हैं। इन चेकपोस्टों पर 24 घंटे निगरानी के लिए तीन-तीन पालियों में चार टीमें तैनात की गई हैं।तुहर टोकन मोबाइल एप के जरिए ऑनलाईन टोकन एवं माइक्रो एटीएम की सुविधा उपलब्धधान खरीदी प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाने और किसानों को पारदर्शी सुविधा प्रदान करने के लिए “तुंहर टोकन” मोबाइल ऐप के जरिए उपलब्ध कराया जा रहा है और सोसायटी संचालक सुबह 9.30 बजे से टोकन जारी कर कर रहे है। टोकन सात दिनों तक वैध रहेंगे और आधार आधारित ओटीपी प्रमाणीकरण अनिवार्य किया गया है, जिससे बिना किसान की सहमति कोई टोकन जारी नहीं हो सकेगा। सेवा सहकारी समितियों में कृषकों को लिए नगद लेनदेन हेतु माइक्रो एटीएम की भी सुविधा उपलब्ध है। जिसके माध्यम से कृषक एटीएम कार्ड के माध्यम से प्रतिदिन 10 हजार रुपए तक की राशि आहरण कर सकते है।सुगम एवं पारदर्शी धान खरीदी के लिए जिला स्तरीय जांच कमेटी गठितशासन के नीति के अनुरूप जिले में सुगम एवं पारदर्शी धान खरीदी के लिए कलेक्टर द्वारा जिला स्तरीय जांच कमेटी गठित की गई हैं। जांच कमेटी में अपर कलेक्टर श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, संयुक्त कलेक्टर श्री राकेश कुमार गोलछा, खाद्य अधिकारी श्री चितरंजन सिंह, जिला विपणन अधिकारी कु.जान्हवी जिलहरे, उप आयुक् सहकारिता श्री व्यास नारायण साहू, जिला प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम श्री सी आदि नारायण एवं विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी श्री एस.पी.सिंह शामिल है।
- - बेहतर व्यवस्थाओं से उपार्जन केंद्रों में बढ़ी किसानों की भीड़-टोकन तुहर हाथ ऐप से धान खरीदी प्रक्रिया हुई आसानरायपुर /छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का सिलसिला बिना किसी व्यवधान के जारी है। धान खरीदी केंद्रों में धान की आवक तेज से होने लगी है। सभी समितियों एवं उपार्जन केंद्रों में धान लेकर आने वाले किसानों से बिना किसी रूकावट के धान खरीदी की जा रही है। टोकन तुहर हाथ ऐप द्वारा ऑनलाइन टोकन कटने से लेकर धान तौलाई तक की संपूर्ण प्रक्रिया बेहद ही आसान और सुविधाजनक है।बिलासपुर जिले के सभी धान उपार्जन केंद्रों में किसान अब बड़ी संख्या में अपने धान बेचने आ रहे हैं। केंद्रों में शेड, पेयजल, लाइट सहित बारदाने की उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है। क्षेत्र के किसानों की सकारात्मक प्रक्रिया ने केंद्रों की व्यवस्थाओं को पारदर्शी साबित किया है। मस्तूरी विकासखंड के जयरामनगर धान उपार्जन केंद्र में धान बेचने आए किसान संजय पाण्डे ने बताया कि वे लगभग 4 से 5 एकड़ में धान की खेती करते हैं एवं प्रतिवर्ष यहां धान बेचने आते हैं। आज उनके टोकन का नंबर लगा है, उन्हें टोकन कटवाने में किसी भी प्रकार की समस्या नहीं आयी है। वे केंद्र की व्यवस्थाओं से पूरी तरह संतुष्ट है।इसी प्रकार खैरा से धान बेचने आए किसान तीजराम साहू ने बताया कि वे 134 कट्टी धान लेकर समिति में धान बेचने पहुंचे हैं। आसानी से टोकन कटा और उनका धान भी समर्थन मूल्य पर विक्रय हो गया है। अब वे बिना किसी चिंता के घर जा सकते हैं। धान उपार्जन केंद्र में अच्छी गुणवत्ता के बारदाने उपलब्ध हैं और यहां के कर्मचारियों का व्यवहार भी सहयोगपूर्ण रहा।उल्लेखनीय है कि 15 नवंबर से शुरू हुई धान खरीदी के साथ ही अब जिले के उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी की रफ्तार बढ़ी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की किसान-केंद्रित नीतियों और स्थानीय प्रशासन की सक्रियता ने तस्वीर बदल दी है। आज खरीदी केंद्रों में तकनीक आधारित टोकन व्यवस्था, तेज़ तौल प्रक्रिया और समय पर भुगतान से किसानों में भरोसा बढ़ा है।
- -पोषण तत्वों के साथ ही रोजगार के अवसरों की दी जानकारीरायपुर /एनआईएफ़टीईएम के छात्रों ने मोटे अनाज में पाए जाने वाले फ़ाइबर, मिनरल्स, एंटीऑक्सीडेंट्स के महत्व के साथ ही इनके नियमित उपयोग से होने वाले स्वास्थ्य लाभों पर विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागी महिलाओं को मोटे अनाज आधारित उत्पादों से होने वाली आमदनी और बाज़ार संभावनाओं के बारे में भी बताया गया।हरियाणा के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ फ़ूड टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट द्वारा महुआ पर स्थापित सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस में विगत दिवस मोटे अनाज के पोषण तत्वों और इनके उपयोग से बेकरी उत्पाद बनाने संबंधी हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग आयोजित की गई। इस प्रशिक्षण में स्व सहायता समूह की 25 महिलाओं ने सहभागिता की।मोटे अनाज का उपयोग बढ़ाकर पोषण स्तर में करना है वृद्धिकार्यक्रम का उद्देश्य नान खटाई, न्यूट्रीबार, कुकीज़ जैसे बेकरी आइटम्स में मोटे अनाज का उपयोग बढ़ाकर इनके पोषण स्तर में वृद्धि करना और ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करना है। यह प्रशिक्षण जिला प्रशासन के सहयोग से संचालित किया जा रहा है।स्थानीय समुदायों को खाद्य प्रसंस्करण आधारित उद्यमिता से है जोड़नाजशपुर में एनआईएफ़टीईएम टीम वैल्यू-एडेड फ़ूड प्रोडक्ट्स के उत्पादन के साथ-साथ पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग के लिए तकनीकी सहायता प्रदान कर रही है। यह पूरी पहल स्थानीय समुदायों को खाद्य प्रसंस्करण आधारित उद्यमिता से जोड़ने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ग्राम अंगीकरण कार्यक्रम के अंतर्गत की जा रही है। इस कार्यक्रम का नेतृत्व प्रो. प्रसन्ना कुमार जी.वी. और श्री अभिमन्यु गौर कर रहे हैं, जबकि यह कार्यक्रम एनआईएफ़टीईएम के डायरेक्टर डॉ. हरिंदर सिंह ओबेरॉय के निर्देशन में संचालित हो रहा है। कार्यक्रम के संचालन और विभिन्न गतिविधियों के समन्वय में मिशन मैनेजर श्री विजय शरण प्रसाद और जय जंगल एफपीसी जशपुर के डायरेक्टर श्री समर्थ जैन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
- - विश्व एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस जागरूकता सप्ताहरायपुर । पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर के फार्माकोलॉजी एवं माइक्रोबायोलॉजी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में विश्व एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (प्रतिरोध) जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।फार्माकोलॉजी विभाग के लेक्चर हॉल में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. विवेक चौधरी ने किया। उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि एंटीबायोटिक का तर्कसंगत (Rational) उपयोग अत्यंत आवश्यक है। यदि एंटीबायोटिक का अनुचित या बिना आवश्यकता के प्रयोग किया जाता है, तो रेजिस्टेंस (प्रतिरोध) का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि डॉक्टर द्वारा प्रिस्क्राइब की गई दवा को निर्धारित अवधि तक ही लेना चाहिए, तभी दवा प्रभावी रहती है।फार्माकोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. उषा जोशी ने बताया कि एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) वह स्थिति है जब बैक्टीरिया, वायरस, कवक और परजीवी जैसे सूक्ष्मजीव, दवाओं (जैसे - एंटीबायोटिक्स) के प्रति प्रतिरोधी हो जाते हैं, जिससे संक्रमण का इलाज करना मुश्किल या असंभव हो जाता है। इसी उद्देश्य को लेकर एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस अवेयरनेस वीक हर वर्ष 18 से 24 नवंबर के बीच मनाया जाता है। इसका उद्देश्य बढ़ते एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) के प्रति वैश्विक जागरूकता बढ़ाना और संक्रमण नियंत्रण के सर्वोत्तम तरीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि एंटीमाइक्रोबियल स्टीवर्डशिप एक समन्वित कार्यक्रम है, जो एंटीमाइक्रोबियल के उचित उपयोग को बढ़ावा देता है, मरीजों के उपचार परिणामों में सुधार करता है तथा मल्टीड्रग रेजिस्टेंस जीवों के प्रसार को रोकने में सहायक है।एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शिखा जायसवाल ने एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) के विभिन्न कारणों और उसके बचाव के तरीकों के बारे में बताया। माइक्रोबायोलॉजी विभाग की ओर से डॉ. रूपम गहलोत ने एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस के वैश्विक भार (Global burden) के बारे में बताया। उन्होंने कहा समय रहते इस दिशा में सकरात्मक प्रयास नहीं किया गया तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। इसके साथ ही एंटीबायोटिक की विकास यात्रा के बारे में संक्षिप्त विवरण दिया।कार्यक्रम में डॉ. ओंकार खंडवाल, डॉ. शुभ्रा अग्रवाल, डॉ. नेहा श्रीवास्तव, डॉ. माया रामटेके, डॉ. संदीप अग्रवाल एवं पीजी डॉक्टरों सहित विभिन्न कक्षाओं के 250 से अधिक एमबीबीएस छात्र- छात्रा मौजूद रहे।कार्यक्रम के अंत में एंटीबायोटिक के सीमित एवं तर्कसंगत उपयोग को बढ़ावा देने हेतु सभी प्रतिभागियों को शपथ दिलाई गई। इसी कड़ी में चिकित्सा छात्रों के लिए पोस्टर प्रतियोगिता, क्विज़ और स्लोगन कंपटीशन का आयोजन किया गया, जिसका समापन पुरस्कार वितरण के साथ हुआ।
- रायपुर। खैरागढ़ महोत्सव के समापन समारोह में राज्यपाल श्री रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। राज्यपाल ने इस अवसर पर कहा कि खैरागढ़ की सांस्कृतिक धरोहर न केवल छत्तीसगढ़ की पहचान है, बल्कि यह भारत की विविध कला-पद्धतियों का जीवंत केंद्र भी है। उन्होंने बताया कि यहां की संस्कृति रामायण काल से भी प्राचीन है। उन्होंने कहा कि संस्कृति के संरक्षण में ग्रामीणों की भूमिका अहम होती है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी में कला के प्रति प्रेम और संरक्षण की प्रेरणा जगाते हैं तथा कलाकारों को अपने हुनर के प्रदर्शन का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करते हैं।समारोह में विशिष्ट अतिथि रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि खैरागढ़ भारत की कला-राजधानी के रूप में उभर रहा है और यह महोत्सव आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय पहचान प्राप्त करेगा।इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. लवली शर्मा ने कहा कि खैरागढ़ महोत्सव विद्यार्थियों की साधना, सृजनशीलता और कला-अनुसंधान का सशक्त मंच है तथा विश्वविद्यालय भविष्य में राष्ट्रीय कला केंद्र के रूप में स्थापित होगा। समारोह में नृत्य संकाय के विद्यार्थियों ने कथक, भरतनाट्यम व ओडिसी नृत्य की सधी हुई प्रस्तुतिया दी। कोलकाता से आए मशहूर सरोदवादक उस्ताद सिराज अली खान और लंदन के तबला वादक पंडित संजू सहाय की जुगलबंदी ने संगीतमय वातावरण रचा। पंडित संजू सहाय के द्वारा तबला वादन की प्रस्तुति दी गई। पुणे की प्रख्यात कथक नृत्यांगना विदुषी शमा भाटे एवं उनके समूह ने रामायण के विभिन्न प्रसंगों पर कथक नृत्य की प्रस्तुतियां दी । राजनांदगांव की लोकगायिका श्रीमती कविता वासनिक एवं उनके दल ने लोकसंगीत अनुराग धारा की प्रस्तुति दी।
- राजनांदगांव । राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना अंतर्गत पंजीकृत निजी चिकित्सालयों का निरीक्षण कर राज्य नोडल एजेंसी को जांच प्रतिवेदन प्रेषित करने के निर्देश दिए गए है। प्राप्त निर्देशानुसार जिले में स्वास्थ्य विभाग की गठित जांच टीम द्वारा जय तुलसी मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल राजनांदगांव का औचक निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान व्याप्त कमियों के आधार पर अस्पताल संचालक जय तुलसी मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल राजनांदगांव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। जिसके पश्चात अस्पताल संचालक जय तुलसी मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल राजनांदगांव को पत्र प्रेषित कर सभी कमियों को पूर्ण करा लेने एवं भविष्य में पुनरावृत्ति नहीं होने हेतु आश्वस्त कराया गया था। स्वास्थ्य विभाग जांच टीम द्वारा पुन: जय तुलसी मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल राजनांदगांव का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान योजनांतर्गत प्राप्त कमियों के अतिरिक्त अन्य अनियमितता पायी गई।जिला स्तरीय गठित टीम द्वारा प्राप्त कमियों के आधार पर जांच प्रतिवेदन तैयार कर जय तुलसी मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल राजनांदगांव का आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना अंतर्गत पंजीयन 6 माह हेतु निलंबित किए जाने के संबंध में संचालक स्वास्थ्य सेवाएं सह मुख्य कार्यपालन अधिकारी राज्य नोडल एजेंसी की ओर आवश्यक कार्रवाई हेतु अनुशंसा पत्र प्रेषित किया गया था। जिला स्तरीय जांच समिति द्वारा प्रेषित जांच प्रतिवेदन के आधार पर संचालक स्वास्थ्य सेवाएं सह मुख्य कार्यपालन अधिकारी राज्य नोडल एजेंसी रायपुर से प्राप्त अनुमोदन पश्चात अस्पताल संचालक जय तुलसी मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल स्टेडियम रोड बसंतपुर राजनांदगांव को जारी पत्रानुसार योजना के दिशा-निर्देशानुसार अस्पताल द्वारा योजनांतर्गत नेवो-नाटाल केयर पैकेज अंतर्गत एनआईसीयू में किए गए चारों प्रकरण को निरस्त करते हुए अस्पताल का योजनांतर्गत पंजीयन आगामी 6 माह के लिए निलंबित किया गया है। साथ ही अस्पताल संचालक जय तुलसी मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल राजनांदगांव को निलंबन अवधि के दौरान अस्पताल में उपयोग की जाने वाली योजना संबंधी समस्त प्रचार-प्रसार सामग्री हटाने एवं योजनांतर्गत नये क्लेम प्रकरण पंजीकृृत नहीं करने हेतु भी निर्देशित किया गया है।
- - किसान जानीवाकर को ऑनलाईन टोकन और इलेक्ट्रानिक तौल मशीन से धान विक्रय करना हुआ आसान- जानीवाकर ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को कहा थैंक्यू- किसान कुंवर सिंह ने धान खरीदी केन्द्र में किसानों को मिल रही सहूलियत और मूलभूत सुविधाओं पर प्रसन्नता व्यक्त की- किसानों ने आसान एवं पारदर्शिता से धान खरीदी के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति व्यक्त किया आभारराजनांदगांव । राज्य शासन के समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत किसानों से 3100 रूपए की दर से प्रति एकड़ 21 क्ंिवटल धान खरीदने एवं धान उपार्जन केन्द्रों में मिल रही सुविधाओं और पारदर्शितापूर्वक तौलाई एवं शीघ्र भुगतान से जिले के किसानों में उत्साह है। जिले के किसान अपने-अपने क्षेत्र के धान उपार्जन केन्द्र में अपनी उपज को विक्रय करने के लिए उत्साह के साथ पहुंच रहे हैं। डोंगरगांव विकासखंड के ग्राम जंगलपुर के किसान श्री जानीवाकर साहू ने बताया कि वे साढ़े 35 क्विंटल धान बिक्री करने आए हैं। उन्होंने बताया कि वे ऑनलाईन मोबाईल एप्प टोकन तुंहर हाथ के माध्यम से टोकन कटाया था, जिससे उन्हें धान विक्रय करने में आसानी हुई है। टोकन कटाने के लिए धान उपार्जन केन्द्र का चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ी। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि धान उपार्जन केन्द्रों में किसानों को अच्छी सुविधाएं उपलब्ध होने के साथ-साथ पारदर्शितापूर्वक धान खरीदी की जा रही है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को थैंक्यू कहा।इसी तरह ग्राम जंगलपुर के किसान श्री कुंवर सिंह साहू ने बताया कि उनके पास 3.51 एकड़ खेती जमीन है और 156 कट्टा धान बेचने आज धान उपार्जन केन्द्र रामपुर आए हैं। किसान श्री कुंवर ने शासन के प्रति प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि धान बेचना बहुत आसान हो गया है। धान खरीदी केन्द्र में किसानों की सहूलियत पर पूरा ध्यान रखा जा रहा है। किसानों को धान विक्रय में किसी प्रकार की परेशानी नहीं आ रही है। धान उपार्जन केन्द्र में किसानों के लिए छांव, पेयजल, शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। उल्लेखनीय है कि डोंगरगांव विकासखंड के धान उपार्जन केन्द्र रामपुर के अंतर्गत रामपुर, बनभेंडी, जंगलपुर, कोटरासरार, चमारराय टोलागांव, मोहभ_ा, घोरदा, बुद्धूभरदा, कविराज टोलागांव, बनहरदी, किरगी-ब कुल 11 गांवों के किसानों से धान खरीदी की जा रही है। खरीदी केन्द्र में ऑनलाईन टोकन तुंहर हाथ के माध्यम से टोकन कटवाकर किसान धान विक्रय करने आ रहे हैं। किसानों को यह जानकारी दी जा रही है कि किसान अपनी टोकन पर्ची, ऋण पुस्तिका, आधार कार्ड, बैंक का पासबुक की प्रति लेकर आए। धान उपार्जन केन्द्रों में मोटा, सरना एवं पतला धान की खरीदी की जा रही है।
- - अब तक कुल 30 प्रकरणों में 1 करोड़ 13 लाख 21 हजार 200 रूपए मूल्य के 3652 क्विंटल अवैध धान एवं 2 वाहन किया गया जप्तराजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार जिले में अवैध धान बिक्री की रोकथाम के लिए कोचियों एवं बिचौलियों पर कार्रवाई की जा रही है। आने वाले समय में कोचियों एवं बिचौलियों द्वारा अवैध धान की बिक्री करने की पुनरावृत्ति होने एवं संलिप्त पाए जाने पर अपराधिक प्रकरण भी दर्ज किए जा सकते हैं। इसी कड़ी में राजस्व, खाद्य, मंडी विभाग के संयुक्त दल द्वारा शुक्रवार को कुल 9 प्रकरणों में 57 लाख 28 हजार 800 रूपए मूल्य के 1848 क्विंटल (4620 बोरा) अवैध धान जप्त किया गया। इसी तरह खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में अब तक कुल 30 प्रकरणों में 1 करोड़ 13 लाख 21 हजार 200 रूपए मूल्य के 3652 क्विंटल (9130 बोरा) अवैध धान एवं 2 वाहन जप्त किया गया है।प्राप्त जानकारी अनुसार शुक्रवार को राजनांदगांव अनुविभाग में कुल 6 प्रकरणों में 54 लाख 87 हजार रूपए मूल्य के 1770 क्विंटल (4425 बोरा) अवैध धान, डोंगरगढ़ अनुविभाग में 1 प्रकरण में 49 हजार 600 रूपए मूल्य के 16 क्विंटल (40 बोरा) अवैध धान एवं डोंगरगांव अनुविभाग में कुल 2 प्रकरणों में 1 लाख 92 हजार 200 रूपए मूल्य के 62 क्विंटल (155 बोरा) अवैध धान जप्त किया गया है। इसी तरह खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में अब तक राजनांदगांव अनुविभाग में कुल 19 प्रकरणों में 73 लाख 43 हजार 900 रूपए मूल्य के 2369 क्विंटल (5923 बोरा) अवैध धान, डोंगरगढ़ अनुविभाग में 7 प्रकरण में 30 लाख 90 हजार 700 रूपए मूल्य के 997 क्विंटल (2493 बोरा) अवैध धान एवं डोंगरगांव अनुविभाग में कुल 4 प्रकरणों में 8 लाख 86 हजार 600 रूपए मूल्य के 286 क्विंटल (715 बोरा) अवैध धान जप्त किया गया है।कोचियों एवं बिचौलियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। जिले के 1500 छोटे एवं बडे मंडी अनुज्ञप्तिधारियों को सूचीबद्ध कर अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार एवं खाद्य व मंडी के अधिकारियों को जांच कर अवैध रूप से भंडारित धान जप्त किए जाने तथा सख्त कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिये गये है। जिले में अंतर्राज्यीय अवैध धान आवक के रोकथाम हेतु जिले में कुल 3 अंतर्राज्यीय चेकपोस्ट बोरतलाब, पाटेकोहरा एवं कल्लूबंजारी स्थापित किया गया है। जहां पर मंडी, नगर सेना, वन विभाग एवं राजस्व के अधिकारियों द्वारा तीन पालियों में 24 घंटे की ड्यूटी लगाई गई है।
- - किसानों ने की धान उपार्जन केन्द्रों में सुविधाओं की प्रशंसा- विगत वर्ष धान बिक्री से प्राप्त राशि से किसान श्री राजू ने लिया नया ट्रैक्टर, बना रहे नया घर- मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को कहा शुक्रियाराजनांदगांव । जिले में धान खरीदी का कार्य सुचारू तरीके से चल रहा है। अन्नदाता किसानों का धान समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना के तहत 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर और प्रति एकड़ 21 क्विंटल के मान से धान खरीदी होने से किसानों में हर्ष व्याप्त है। जिला प्रशासन द्वारा जिले के धान उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी के लिए चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है। ग्राम गोडरी के किसान श्री राजू लाल साहू शुक्रवार को धान उपार्जन केन्द्र अर्जुनी में धान बिक्री के लिए आए थे। उन्होंने बताया कि उनके पास 17 एकड़ भूमि है। आज वे 88.80 क्विंटल धान बिक्री के लिए लेकर आए है। टोकन तुंहर हाथ मोबाईल एप से ऑनलाईन टोकन होने से उनको बहुत सुविधा हुई है। उन्होंने कहा कि एक एकड़ में सब्जी की खेती भी कर रहे है। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा स्प्रिंकलर के लिए अनुदान भी मिला है। विगत वर्ष धान की बिक्री से बहुत फायदा हुआ और उन्होंने एक नया ट्रैक्टर खरीदा है तथा नया घर बना रहे है। किसान श्री राजू लाल साहू ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का अच्छा मूल्य मिल रहा है और बचत भी हो रही है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को शुक्रिया कहा।उल्लेखनीय है कि धान उपार्जन केन्द्र अर्जुनी अंतर्गत अर्जुनी, केसला, गोडरी, पैरी, मेढ़ा, सालिक झिटि, सिंगारपुर, सुखरी ग्राम के 1641 कृषक पंजीकृत कृषक है। धान उपार्जन केन्द्र अर्जुनी में आज मोटा, पतला एवं सरना धान बिक्री के लिए लाया गया था। कुल 1817 क्विंटल धान की खरीदी की गई, जिससे 45 कृषक लाभान्वित हुए। जिनके द्वारा टोकन तुंहर हाथ मोबाईल एप के माध्यम से टोकन प्राप्त कर धान उपार्जन केन्द्र अर्जुनी में धान की बिक्री की जा रही है। धान खरीदी केन्द्र में इलेक्ट्रोनिक तौल मशीन, पर्याप्त संख्या में बारदाने की उपलब्धता, पेयजल, छांव, बायोमैट्रिक डिवाइस मशीन सहित अन्य आवश्यक व्यवस्था की गई थी। जिसके लिए किसानों ने प्रशंसा जाहिर की। धान उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी की दर की सूची लगाए गए हंै। किसान लगातार टोकन तुंहर हाथ मोबाईल एप के माध्यम से ऑनलाईन टोकन प्राप्त कर रहे हैं।
- - समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना के तहत धान खरीदी से किसानों की आर्थिक जरूरतें हो रही पूरी- विगत वर्ष धान बिक्री की प्राप्त राशि से किसान सेवक दास ने अपनी बेटी का किया विवाह, इस वर्ष करेंगे अपने पुत्र की शादी- किसान श्री सेवक दास धान खरीदी केन्द्र रामपुर में इलेक्ट्रानिंक तौल मशीन और पारदर्शिता के साथ धान खरीदी से हुए प्रसंन्नराजनांदगांव । खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जिले में समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों से धान खरीदी की जा रही है। शासन द्वारा धान खरीदी से किसानों की आय में वृद्धि हो रही है और अपने जरूरतों को पूरा कर रहे हैं। डोंगरगांव विकासखंड के धान उपार्जन केन्द्र रामपुर में ग्राम जंगलपुर के किसान श्री सेवक दास साहू धान विक्रय करने पहुंचे थे। उन्होंने ऑनलाईन माध्यम से धान विक्रय के लिए टोकन कटवाया था। जिससे उनके समय और श्रम दोनों की बचत हुई है।किसान श्री सेवक दास ने बताया कि धान खरीदी केन्द्र में उन्होंने 50 क्विंटल धान की बिक्री की है। उन्होंने कहा कि धान खरीदी केन्द्र रामपुर में धान खरीदी पूरी पारदर्शिता से किया गया हैं। इलेक्ट्रानिक मशीन से धान खरीदी कार्य तेजी से हो पाया और समय कम लगा है। धान खरीदी में किसानों के लिए अच्छी व्यवस्थाएं की गई है। किसान श्री सेवक ने कहा कि शासन द्वारा 3100 रूपए प्रति क्विंटल दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी से किसानों की आर्थिक जरूरतें पूरी हो रही है। उन्होंने कहा कि विगत वर्ष धान बिक्री से प्राप्त राशि से उन्होंने अपनी बेटी का विवाह किए थे और इस वर्ष अपने पुत्र की शादी करने के लिए सोच रहे हैं। उन्होंने कहा कि संवेदनशील सरकार किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए एक-एक दाना खरीद रही है, जिससे किसानों को अच्छा प्रतिफल मिल रहा है। शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं से किसान जागरूक हो रहे है और किसानों के जीवन स्तर का उन्नयन हुआ है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद दिया।
- -पूवर्ती सहित कई गांवों में इंटरनेट व बैंकिंग सेवाएँ अब ग्रामीणों की पहुँच मेंरायपुर । नियद नेल्लानार योजना से सुकमा जिले के दूरस्थ एवं अंदरूनी गांवों में बुनियादी सुविधा और शासकीय योजनाओं व कार्यक्रमों का लाभ आम जनता को सुलभ होने से गांवों और ग्रामीणों की तस्वीर संवरने लगी है। सुकमा जिले के दूरस्थ गांवों में कलेक्टर के मार्गदर्शन में लगातार सुविधा शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। प्रशासन की यह पहल से ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हो रही है, जो वर्षों से मूलभूत सुविधाओं और सरकारी योजनाओं से वंचित रहे थे।सुरक्षाबलों द्वारा दो दिन पहले न्यूट्रलाइज किए गए नक्सली कमांडर हिड़मा के गांव पूवर्ती में भी जिला प्रशासन द्वारा बीते दिनों सुविधा शिविर लगाकर ग्रामीणों को महतारी वंदन योजना, जननी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम किसान सम्मान निधि सहित विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं से लाभान्वित किया गया। इसी दौरान पुवर्ती की निवासी श्रीमती मड़कम हान्दा ने शिविर में उपस्थित बीसी सखी की सहायता से आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से महतारी वंदन योजना की 1000 रुपए पाकर प्रसन्नता जताई और इसके लिए शासन-प्रशासन का आभार व्यक्त किया।पूवर्ती सुविधा शिविर में कुल 21 ग्रामीणों को आधार कार्ड के माध्यम से 43 हजार रुपए की राशि निकालकर दी गई। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य दूरस्थ, दुर्गम और संचारविहीन क्षेत्रों में लोगों को शासन की सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाना है। इस दिशा में पूवर्ती कैंप में जियो नेटवर्क का स्थापित होना एक बड़ी उपलब्धि है। नेटवर्क विस्तार से अब पूवर्ती ही नहीं, बल्कि चिमलीपेंटा, तुमलपाड़, जोनागुड़ा, सिंगाराम तथा टेकलगुड़े जैसे आसपास के अंदरूनी गांव भी संचार सुविधा से जुड़ गए हैं। मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट मिलने से ग्रामीण पहली बार अपने परिजनों से आसानी से संपर्क कर पा रहे हैं। साथ ही डिजिटल बैंकिंग, आधार आधारित लेनदेन और ऑनलाइन सेवाएँ भी अब उनकी पहुँच में हैं।शासन और जिला प्रशासन की सामूहिक पहल से दूर-दराज के वनांचल क्षेत्रों में नेटवर्क, इंटरनेट और बैंकिंग जैसी मूलभूत सेवाओं का विस्तार तेजी से हो रहा है। इन सुविधाओं के कारण ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आने लगा है, जो उनके सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
- रायपुर। भोरमदेव अभयारण्य के चिल्फी परिक्षेत्र में दो इंडियन बायसन/गौर (अनुसूची-1) के अवैध शिकार का गंभीर मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार आरोपियों ने बहनाखोदरा क्षेत्र में विद्युत करंट बिछाकर दोनों वन्यप्राणियों को मार दिया और बाद में उनका मांस काटकर आपस में बाँट लिया।घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 एवं लोक सम्पत्ति नुकसान निवारण अधिनियम, 1984 की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर वन अपराध प्रकरण 18 नवम्बर का पंजीबद्ध किया गया। जाँच के दौरान वन अमले ने साक्ष्य जुटाकर पांच अपराधी अन्तू पिता गौतर बैगा, सखुराम पिता रामासिंह बैगा, सोनेलाल पिता सुखराम बैगा, कमलेश पिता चमरू यादव और इन्दर पिता शतुर बैगा को 19 नवम्बर को गिरफ्तार किया। सभी को न्यायालय में प्रस्तुत कर 14 दिन की रिमांड का आवेदन किया गया है, ताकि मामले की विस्तृत जाँच हो सके।गौरतलब है और इस अपराध की बारीकी से जाँच के लिए अचानकमार टाइगर रिज़र्व, लोरमी से विशेष डॉग-स्क्वॉड टीम को भी बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल पर महत्वपूर्ण सुराग जुटाए, जिनकी मदद से पूरी कार्रवाई और मजबूत हुई। इस पूरे अभियान में स्थानीय पुलिस ने भी सहयोग दिया। उल्लेखनीय है कि वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने वन्य अपराध में संलिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। जिसके परिपालन में वनमंडलाधिकारी कवर्धा श्री निखिल अग्रवाल और भोरमदेव अभयारण्य के अधीक्षक के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई। विभाग ने कहा है कि वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए अभयारण्य क्षेत्र में निगरानी और कड़ी की जा रही है। वन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी वन अमले को दें।
- - वन मंत्री ने अचानकमार टाइगर रिज़र्व का किया भ्रमणरायपुर। वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने शुक्रवार को बिलासपुर जिले में स्थित देश के प्रमुख संरक्षित क्षेत्र अचानकमार टाइगर रिज़र्व का भ्रमण किया। यह क्षेत्र अपनी घनी हरियाली, स्वच्छ जलधाराओं और समृद्ध वन्यजीवन के कारण प्राकृतिक सुंदरता का अनोखा अनुभव प्रदान करता है। वन मंत्री श्री कश्यप ने जंगल के भीतर विभिन्न हिस्सों का अवलोकन किया और वहाँ की जैव-विविधता, वन संरक्षण कार्यों तथा वन्यजीव सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। भ्रमण के दौरान मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि अचानकमार टाइगर रिज़र्व छत्तीसगढ़ की अमूल्य प्राकृतिक धरोहर है, जहाँ वन विभाग द्वारा संरक्षण एवं संवर्धन कार्य लगातार प्रभावी रूप से किए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय समुदायों को भी जागरूक किया जाए, ताकि वन क्षेत्र की सुरक्षा और मजबूत हो सके।राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित गोंड चित्रकला कलाकार सुश्री रागिनी ध्रुव ने वन मंत्री से सौहार्दपूर्ण भेंट की। उन्होंने अपनी विशिष्ट गोंड कला शैली में बनाई गई एक सुंदर पेंटिंग मंत्री श्री कश्यप को समर्पित की। वन मंत्री ने इस सम्मान के लिए कलाकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय कला हमारी सांस्कृतिक पहचान है और इसे राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष स्थान प्राप्त है।मंत्री श्री कश्यप ने आगे कहा कि प्राकृतिक संपदा और सांस्कृतिक विरासत दोनों ही राज्य की ताकत हैं। इनका संरक्षण और प्रोत्साहन शासन की प्राथमिकता है। अचानकमार टाइगर रिज़र्व के अधिकारियों ने मंत्री को वन क्षेत्र में की जा रही योजनाओं, वन्यजीवों की सुरक्षा व्यवस्था, ईको-टूरिज्म गतिविधियों और समुदाय आधारित संरक्षण कार्यक्रमों की भी विस्तृत जानकारी प्रदान की।भ्रमण के दौरान का पूरा कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण और प्रेरणादायक रहा, जिसमें प्रकृति की सुंदरता, वन संरक्षण और
- रायपुर ।मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला के केल्हारी क्षेत्र में इस वर्ष समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का शुभारंभ किसानों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है। शासन की किसान-केंद्रित नीतियों, पारदर्शी व्यवस्था और सुविधा-संपन्न उपार्जन केंद्रों ने किसानों के मन में भरोसा जगाया है। उन्हीं किसानों में से एक हैं केल्हारी निवासी किसान गुलसेर, जिन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस वर्ष की धान खरीदी प्रक्रिया ने वास्तव में उनके जीवन में सकारात्मक प्रभाव डाला है।किसान गुलसेर आज 40 क्विंटल धान लेकर धान उपार्जन केंद्र पहुँचे। उन्होंने बताया कि मंडी में प्रवेश करने से लेकर तौल-कांटा तक की पूरी प्रक्रिया बेहद सुव्यवस्थित रही। बारदाना की उपलब्धता पर्याप्त रही, जिससे किसी भी तरह की भागदौड़ नहीं करनी पड़ी। तौल प्रक्रिया भी पहले की तुलना में तेज और सटीक रही, जिससे समय की बचत हुई। वे बताते हैं कि मंडी में पेयजल की उचित व्यवस्था, प्रतीक्षारत किसानों के लिए छाया और बैठने की सुविधाएँ, तथा कर्मचारियों का सहयोगपूर्ण व्यवहार किसानों की सुविधा को और बढ़ाता है। गुलसेर ने स्वीकार किया कि इस वर्ष उन्हें किसी भी चरण में असुविधा या भ्रम की स्थिति का सामना नहीं करना पड़ा।गुलसेर ने समर्थन मूल्य पर फसल खरीदी को किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने वाला कदम बताया। उन्होंने 3100 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य को किसान हित में बेहद महत्वपूर्ण निर्णय कहा। उनके अनुसार, इस दर ने किसान परिवारों के आय में स्थिरता और भरोसा पैदा किया है। “सरकार ने किसानों के मेहनत का सही मूल्य सुनिश्चित किया है। इस बार समर्थन मूल्य ने हम सभी को उत्साहित किया है,” - गुलसेर ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा।इस वर्ष टोकन प्रणाली ने किसानों की परेशानी काफी हद तक कम की है। गुलसेर का टोकन समय पर कट गया, जिससे न तो प्रतीक्षा करनी पड़ी और न ही विक्रय प्रक्रिया में कोई विलंब हुआ। पारदर्शिता से भरी इस व्यवस्था ने किसानों में विश्वास पैदा किया है कि उनकी बारी और अधिकार सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि पहले कई बार टोकन प्राप्त करने और समय पर कटने में समस्याएँ आ जाती थीं, जिससे मंडी पहुँचने के बाद भी घंटों इंतजार करना पड़ता था। परंतु इस बार ऑनलाइन व्यवस्था और अनुशासित कार्यप्रणाली ने इस समस्या का समाधान किया है।किसान गुलसेर ने उच्च स्तर पर की गई व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को विशेष धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में किसानों के लिए जो नीतियां और सुविधाए लागू की जा रही हैं, वे न केवल वर्तमान फसल सीजन बल्कि किसानों के भविष्य को भी अधिक सुरक्षित और उज्ज्वल बना रही हैं। “मुख्यमंत्री जी के प्रयासों से हमें यह अनुभव हुआ कि सरकार सचमुच किसानों के साथ खड़ी है।”केल्हारी उपार्जन केंद्र में केवल गुलसेर ही नहीं बल्कि अनेक किसानों ने बताया कि इस वर्ष की धान खरीदी व्यवस्था ने मंडी का माहौल सकारात्मक कर दिया है। सुविधाओं के विस्तार, समय पर भुगतान की उम्मीद और समर्थन मूल्य जैसी पहल ने किसानों में यह विश्वास जगाया है कि उनकी मेहनत और फसल का सम्मान किया जा रहा है।



























