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- - शोभा मोहता और डॉ. मानसी पत्तेवार महिला सशक्तीकरण व सामाजिक उत्थान के लिए सम्मानित- प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के साथ खिलाड़ियों, कई विधाओं के कलाकारों का भी किया गया सम्मानरायपुर। दो दशकों से वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और मानव- वन्यजीव द्वंद्व को कम करने की दिशा में कार्य कर रही नोवा नेचर वेलफेयर को महाराष्ट्र मंडल के गौरव अलकंरण सम्मान से नवाजा। बता दें कि नोवा नेचर वेलफेयर की टीमें शहर में सर्पों को पकड़ने और उन्हें बिना हानि पहुंचाए जंगलों में छोड़ने का कार्य करतीं हैं।शिक्षा, व्यवहार परिवर्तन और व्यक्तित्व विकास के क्षेत्र में 30 वर्षों से 20 हजार से अधिक छात्रों, शिक्षकों को प्रशिक्षित कर चुकी शोभा मोहता और गर्भ संस्कार, पेरेटिंग कोचिंग के जरिए गर्भवती माता को मार्गदर्शन देने के लिए लेखिका और डॉ. मानसी पत्तेवार को महिला सशक्तीकरण, समाजसेवा के लिए सम्मानित किया गया। खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ठ प्रदर्शन के लिए वर्तिका क्षीरसागर और आय़ुष्मान कालेले सम्मानित किए गए। संत ज्ञानेश्वर सभागृह में आयोजित इस गरिमामय आयोजन में प्रतिभाशाली विद्यार्थी सम्मान, डॉ. अंबेडकर स्मृति अस्पताल की सर्वोत्कृष्ठ नर्स का सम्मान भी अश्लेषम, पुणे के सुप्रसिद्ध नाटक ‘जाणता राजा’ में शामिल होने वाले मंडल के कलाकारों, सभासद पाल्य विद्यार्थियों, खेलकूद व अन्य स्पर्धाओं में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों सहित रविवार को जिन सभासदों का जन्मदिन था, को सम्मानित किया गया।इस मौके पर मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर ने कहा कि रायपुर जैसे महानगर में अपनी व्यस्त दिनचर्या और कार्यों के बीच समाज को एक सूत्र में पिरोने का कार्य महाराष्ट्र मंडल बखूबी कर रहा है। पिछले कुछ समय से जेन-जी, जेन अल्फा जैसे शब्द हमारे जीवन में आए। कुछ दिन पहले दिल्ली में एक प्रदर्शन की रील्स और वीडियो तेजी से वायरल हुए। इसके बाद सभी ने अपना-अपना तर्क किया। आज यहां बड़ी संख्या में युवा मौजूद हैं, आप सोशल प्लेटफार्म में शेयर होने वाले कंटेट की जांच करें, मंथन करें, फिर उस पर कोई निर्णय करें। उन्होंने युवा साथियों से कहा कि हमें खूब ऊंचा उड़ाना है, खूब आगे जाना है। कई बार लगता है कि माता- पिता हमारे मार्ग में बाधा बन रहे है, लेकिन जिस प्रकार पतंग तब तक आसमान में उड़ती है, जब तक वह डोर से बंधी होती है। डोर छूटने के बाद वह जमीन में गिर जाती है। इसी तरह माता-पिता भी हमारे जिंदगी की डोर हैं, आसमान में उड़ना है, तो उनसे जुड़े रहना ही होगा।विशेष अतिथि की आसंदी से सरगुजा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. राजेन्द्र लाकपाले ने युवाओं से कहा कि आप नवीन टेक्नोलॉजी को अपनाएं। आज के जनरेशन की यह बड़ी मांग और जरूरत है। परंतु आपकी सफलता में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से माता- पिता, गुरु, मित्र मंडली की भी बड़ी भूमिका हैं। उन्होंने कहा कि आप अपनी तुलना किसी और से न करें। आप अपनी तुलना स्वयं से करें कि कल आप क्या थे और आज क्या हैं। क्या मैं इससे बेहतर कर सकता हूं, यह भावना हमेशा अपने अंदर होनी चाहिए। धीरे-धीरे आप में परिवर्तन आएगा और आप एक बेहतरीन इंसान बनने की तरफ बढ़ेंगे।अध्यक्षीय उद्बोधन में महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने मंडल की ओर से सन् 1988-89 में शुरू किए गए इस सम्मान समारोह और उसके उद्देश्य की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि एक समय पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय ने दीक्षांत समारोह बंद कर दिया था। तब महाराष्ट्र मंडल ने बच्चों के सम्मान की परंपरा शुरू की, जो आज तक जारी है। कार्यक्रम का संचालन मंडल सचिव चेतन दंडवते और सहसचिव अजय पोतदार ने किया। आभार प्रदर्शन कार्यकारिणी सदस्य परितोष डोनगांवकर ने किया।
- -भारतीय कृषि महाविद्यालय दुर्ग को पेपर लीक मामले में नोटिस जारी-विश्वविद्यालय प्रबंधन की आपात बैठक में परीक्षा की गोपनीयता एवं निष्पक्षता सुनिश्चित करने हेतु अनेक निर्णयरायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा पेपर लीक प्रकरण को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए परीक्षाओं की पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए आज रविवार को अवकाश के दिन डाॅ. गिरीश चंदेल की अध्यक्षता में आयोजित आपातकालीन बैठक में अनेक निर्णय लिए गए। बैठक में 20 अगस्त की परीक्षा के पेपर लीक मामले में रायपुर पुलिस द्वारा की गई जांच में विश्वविद्यालय द्वारा 07 अगस्त 2026 को आयोजित बी.एस.सी. कृषि प्रथम वर्ष के प्लांट पैथोलाॅजी विषय के प्रश्न पत्र को भी अभियुक्त द्वारा लीक किए जाने की जानकारी मिलने पर उस प्रश्न पत्र को भी निरस्त करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही भारतीय कृषि महाविद्यालय, दुर्ग पर पेपर लीक प्रकरण में परीक्षा की गोपनीयता सुनिश्चित न कर पाने हेतु नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही करने का फैसला लिया गया तथा उन्हें इस संबंध में नोटिस जारी किया गया। 20 अगस्त के पेपर लीक प्रकरण में रायपुर पुलिस द्वारा भारतीय कृषि महाविद्यालय, दुर्ग के जिन दोषी पाए गए छात्रों को हिरासत में लिए गया है उनके ऊपर भी कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही करने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही 20 अगस्त को आयोजित बी.एस.सी. कृषि द्वितीय वर्ष के एंटोमोलाॅजी प्रश्न पत्र तथा 07 अगस्त को आयोजित प्रथम वर्ष के प्लांट पैथोलाॅजी प्रश्न पत्र की गोपनीयता सुनिश्चित करने हेतु भारतीय कृषि महाविद्यालय, दुर्ग में विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा नियुक्त ऑब्जर्वरों को भी कारण बताओ नोटिस देने का निर्णय लिया गया है। बैठक में तय किया गया कि दोनों रद्द परीक्षाएं सितम्बर माह के प्रथम सप्ताह में पुनः आयोजित की जाएंगी।इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा कहा गया है कि छात्रों के सुरक्षित भविष्य हेतु परीक्षाओं की गोपनीयता, निष्पक्षता तथा पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा कड़े कदम उठाए जा रहे हैं तथा परीक्षा प्रणाली को लीक प्रूफ बनाने की कार्यवाही की जा रही है। इसी संबंध में 20 अगस्त के पेपर लीक प्रकरण पश्चात विश्वविद्यालय परीक्षा विभाग द्वारा दिनांक 22 अगस्त 2026 को आयोजित परीक्षा के प्रश्न पत्र संबंधित महाविद्यालयों को हार्ड काॅपी के स्थान पर पासवर्ड प्रोटेक्टेड ईमेल के माध्यम से भेजे गए। संबंधित महाविद्यालयों को प्रातः 10 बजे से होने वाले पश्न पत्र का ईमेल प्रातः 9ः30 बजे उपलब्ध कराया गया जिससे किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की कोई आशंका न रहे। सोमवार 24 अगस्त को आयोजित होने वाली परीक्षाएं भी इसी प्रक्रिया से संपन्न कराई जाएंगी। विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग तथा महाविद्यालयों के परीक्षा हाॅल में सीसी टी वी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाएगी। विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा भविष्य में आयोजित होने वाली परीक्षाओं की गोपनीयता एवं पारदर्शिता में बढ़ोतरी हेतु आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करने पर भी विचार किया जा रहा है।
- - रिमझिम फुहारों के बीच थिरकीं सावन सुंदरियाँ-तोशिबा ठाकुर बनी सावन क्वीन-यातायात, साइबर सुरक्षा पर AIG संजय शर्मा व कैंसर पर डां मीनू केसकर स्त्री रोग विशेषज्ञ ने किया महिलाओं को जागरूकरायपुर। ज़िन्दगी ना मिलेगी दोबारा सेवा संस्था द्वारा आयोजित सावन उत्सव इस वर्ष भी अत्यंत हर्षोल्लास एवं जागरूकता के साथ आज रायपुर में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत सावन की बरसाती रिमझिम फुहारों के बीच हुई, जहाँ संस्था की महिला सदस्यों ने रैंप वॉक कर सावन सुंदरियों का अद्भुत अंदाज़ प्रस्तुत किया।कार्यक्रम की एक और आकर्षक कड़ी रही प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता एवं विभिन्न रोचक खेल, जिनमें महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। तोशीबा ठाकुर सावन क्वीन चुनी गईं द्वितीय स्थान पर अनामिका दूबे , तीसरे स्थान पर कौशल्या कश्यप रहीं , साथ ही बेस्ट रेट्रो थीम में प्रथम आशा श्रीवास रहीं , रैंप वाक मे मोनिका पाठक दूसरे नंबर पर तथा विनीता शर्मा तीसरे पर रहीं ।सभी प्रतिभागियों ने पूरे कार्यक्रम में अपनी प्रतिभा एवं आत्मविश्वास से सभी का मन मोह लिया।इस आयोजन की सबसे सार्थक विशेषता रही – यातायात एवं साइबर सुरक्षा जागरूकता सत्र। संस्था ने हमेशा की तरह इस बार भी अपनी महिला सदस्यों को केवल मनोरंजन ही नहीं, बल्कि सामाजिक सुरक्षा के प्रति भी जागरूक किया।इस सत्र के लिए विशेष रूप से आमंत्रित पूर्व एआईजी (यातायात) श्री संजय शर्मा ने अत्यंत रोचक एवं सरल अंदाज़ में महिलाओं को यातायात नियमों की बारीकियाँ समझाईं। साथ ही, बढ़ते साइबर अपराधों से बचाव के लिए आवश्यक सुरक्षात्मक उपायों की जानकारी देकर उन्हें सजग एवं सुरक्षित बनाने का प्रयास किया।संस्था की अध्यक्षा सुषमा तिवारी ने बताया कि हमारा उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर, सजग एवं सशक्त बनाना है। सावन उत्सव के माध्यम से हमने यह संदेश दिया कि उत्सव और जागरूकता साथ-साथ चल सकते हैं।इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाएँ उपस्थित रहीं एवं कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था की अध्यक्ष सुषमा तिवारी , संरक्षक अजय शर्मा। सचिव ममता शर्मा कार्यक्रम प्रभारी श्रीमती अपूर्वा शर्मा , सांस्कृतिक प्रभारी सरिता विश्वकर्मा सहित सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा।
- -‘लक्ष्मी सखी मिलेट कैफे’ ने महिलाओं को दिया रोजगार, आय और सम्मान का नया अवसर-आयुर्वेदिक कॉलेज परिसर में स्व-सहायता समूह की महिलाएं दे रही पौष्टिक भोजन-25 हजार रुपए तक की आय, मरीजों को मिल रहा पोषक आहाररायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध करा रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित ‘लक्ष्मी सखी मिलेट कैफे’ इसी बदलाव की ऐसी कहानी है, जहां सरकारी पहल से महिलाओं के हाथों को काम और मेहनत को नई पहचान मिली है। इस योजना के तहत रायपुर के लक्ष्मी सखी स्व-सहायता समूह की संचालक श्रीमती लक्ष्मी यदु द्वारा आयुर्वेदिक कॉलेज परिसर, जी.ई. रोड में मिलेट कैफे का सफल संचालन किया जा रहा है।कैफे संचालक श्रीमती लक्ष्मी यदु ने बताया कि उनके कैफे में चार महिलाएं कार्यरत हैं और प्रतिमाह 20 से 25 हजार रुपए की आमदनी हो रही है। उन्होंने इस कैफे की शुरुआत 8 अप्रैल 2026 को की थी।कैफे में आने वाले लोगों के लिए रागी का चीला, डोसा, इडली, ज्वार की मैगी, प्रीमिक्स पराठा, मूंग बड़ा, मिलेट कुकीज सहित कई तरह के स्वादिष्ट और पौष्टिक व्यंजन परोसे जाते हैं। यहां मुख्य रूप से आयुर्वेदिक कॉलेज के छात्र-छात्राएं, मरीज और उनके परिजन आते हैं, जिन्हें स्वस्थ और पौष्टिक भोजन मिलता है। रोजाना मरीजों और उनके परिजनों को पौष्टिक आहार देते हैं, जिससे वे जल्द स्वस्थ हो सकें। श्रीमती यदु कहती हैं कि हमारे विष्णु भैया जी ने उन्हें केवल रोजगार नहीं दिया, बल्कि अपने पैरों पर खड़े होने का भरोसा भी दिया है। आज स्व-सहायता समूह की महिलाएं स्वयं आय अर्जित कर रही हैं और अपने परिवार के लिए आर्थिक सहारा बन रही हैं। यह कैफे न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रहा है, बल्कि लोगों को श्री अन्न (मिलेट) आधारित स्वस्थ खान-पान के प्रति जागरूक भी कर रहा है।
- -गोंडिगुड़ा में नया मोबाइल टॉवर शुरू, 4 हजार से अधिक ग्रामीणों को मिलेगा नेटवर्क का लाभ-मुख्यमंत्री श्री साय की संवेदनशील पहल और वन मंत्री श्री कश्यप के निर्देशों से वनांचल में पहुंच रही डिजिटल सुविधारायपुर। सुकमा जिले के दूरस्थ वनांचलों में अब विकास की नई तस्वीर दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल और वन एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी का परिणाम है कि गोंडिगुड़ा जैसे दूरस्थ गांव में अब मोबाइल नेटवर्क की सुविधा उपलब्ध हो गई है।गोंडिगुड़ा सहित सुन्नापेंटा, दूंगाबाबू और टेटरई जैसे अंदरूनी गांवों में मोबाइल नेटवर्क बहाल होने से 4 हजार से अधिक ग्रामीणों को लाभ मिलेगा। वर्षों से मोबाइल नेटवर्क के अभाव में ग्रामीणों को जरूरी फोन करने के लिए दूर जाना पड़ता था। अब वे गांव में ही अपने परिवार और परिचितों से आसानी से संपर्क कर सकेंगे।मोबाइल कनेक्टिविटी मिलने से ग्रामीणों को केवल फोन करने की सुविधा ही नहीं मिली है, बल्कि उनके लिए शिक्षा, रोजगार और सरकारी सेवाओं के नए रास्ते भी खुले हैं। विद्यार्थी अब ऑनलाइन कक्षाओं और डिजिटल अध्ययन सामग्री का लाभ ले सकेंगे। ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं और जनकल्याणकारी सेवाओं की जानकारी भी समय पर मिल सकेगी।डिजिटल बैंकिंग और डीबीटी के माध्यम से मिलने वाली सहायता राशि से जुड़ी सेवाओं तक पहुंच भी आसान होगी। आपात स्थिति में स्वास्थ्य विभाग, एंबुलेंस और प्रशासन से संपर्क करना भी अब पहले की तुलना में आसान हो गया है।मोबाइल इंटरनेट की सुविधा से गांव के युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ऑनलाइन अध्ययन कर सकेंगे। वहीं स्थानीय वनोपज, हस्तशिल्प और अन्य उत्पादों से जुड़े ग्रामीण डिजिटल माध्यमों के जरिए अपने उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने के नए अवसर तलाश सकेंगे।ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर मो. शाहिद ने बताया कि बीएसएनएल की 4G सैचुरेशन परियोजना के तहत बस्तर संभाग के 195 दुर्गम स्थानों पर नए मोबाइल टॉवर सक्रिय किए गए हैं। इससे वनांचल के ग्रामीण क्षेत्रों में तेज इंटरनेट और बेहतर कॉलिंग की सुविधा उपलब्ध हो रही है। सुकमा के इन दूरस्थ गांवों में मोबाइल की बजती घंटी अब केवल संपर्क का माध्यम नहीं है, बल्कि यह बेहतर शिक्षा, रोजगार, सरकारी सेवाओं और सुरक्षा से जुड़ने का नया माध्यम बन रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल और वन एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार किए जा रहे प्रयासों से विकास की यह सुविधा अब वनांचल के अंतिम छोर तक पहुंच रही है।
- रायपुर ।कोरिया जिले के आकांक्षी विकासखण्ड बैकुंठपुर के स्वामी आत्मानंद विद्यालय के विद्यार्थियों के लिए रविवार का दिन यादगार बन गया। जिला प्रशासन की अभिनव पहल ‘विजनरी-15 : जहां सपने मिलते हैं नेतृत्व से’ के दूसरे सत्र में विद्यार्थियों को प्रशासन के साथ सीधे संवाद, अपने सपनों को साझा करने और भविष्य के लिए मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिला।‘विजनरी-15’ की अवधारणा पर आयोजित इस विशेष संवाद में विद्यार्थियों ने अपने लक्ष्य, रुचियों और भविष्य की योजनाओं पर खुलकर चर्चा की। जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि बड़े सपनों को साकार करने के लिए कड़ी मेहनत, अनुशासन और समय प्रबंधन आवश्यक है। ‘उठो, पढ़ो और बढ़ो’ के मंत्र के साथ बच्चों को हर गलती से सीखते हुए निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।कार्यक्रम की सबसे खास बात आत्मीय और पारिवारिक वातावरण रहा। बच्चों ने झूला झूला, वॉलीबाल और शतरंज खेला तथा अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। छात्राओं ने फूल लगाए तो विद्यार्थियों ने बांस से सुंदर फूल बनाकर स्थानीय कला और हुनर की झलक प्रस्तुत की। बच्चों ने कविता और पेंटिंग भी भेंट की।विद्यार्थियों ने शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं और आधुनिक खेती को बढ़ावा देने पर बच्चों ने अपने विचार रखे। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रशांत सिंह ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में उपलब्ध करियर अवसरों की जानकारी दी।विद्यार्थियों के साथ भोजन और अनौपचारिक बातचीत ने इस आयोजन को और खास बना दिया। जिला प्रशासन की यह पहल बच्चों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, नवाचार और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। ‘सशक्त युवा, समृद्ध कोरिया’ के संकल्प को साकार करने वाली यह पहल विद्यार्थियों के सपनों को नई उड़ान दे रही है।
- -महतारी वंदन योजना से संवर रहीं धमतरी की बहनों की खुशियांरायपुर ।महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को हर महीने आर्थिक मदद मिलती है। इस राशि से छत्तीसगढ़ की माताएं और बहनें अपने घर के छोटे-बड़े काम और त्यौहार की जरूरतें आसानी से पूरी कर पा रही हैं। रक्षाबंधन का पावन पर्व सिर्फ धागों और वचनों का त्यौहार नहीं, बल्कि स्नेह और भरोसे का प्रतीक भी है। इस बार रक्षाबंधन से ठीक पहले धमतरी की शिवानी साहू के जीवन में यह पर्व खुशियों की एक नई सौगात लेकर आया है। राज्य सरकार की श्महतारी वंदन योजनाश् के तहत मिली नियमित सहायता राशि ने न केवल उनके त्यौहार की उमंग को दोगुना कर दिया है, बल्कि उनके परिवार को आर्थिक संबल भी प्रदान किया है।त्यौहारों के आगमन के साथ ही घर-परिवार में कपड़ों, मिष्ठान और बच्चों की जरूरतों से जुड़े कई छोटे-बड़े खर्च अचानक बढ़ जाते हैं। ऐसे संवेदनशील अवसर पर समय पर मिली यह आर्थिक मदद शिवानी के लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं हुई। वे बताती हैं कि योजना से मिलने वाली राशि से घरेलू बजट पर पड़ने वाला दबाव काफी हद तक कम हो जाता है। इससे आवश्यक सामान की खरीदारी और त्यौहार की तैयारियां बिना किसी चिंता के पूरी हो जाती हैं। यह राशि उनके लिए सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और स्वावलंबन का एक सशक्त जरिया बन चुकी है, जिससे घर के छोटे-मोटे आर्थिक निर्णयों में भी उनकी भूमिका मजबूत हुई है।भावुक मन से मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार जताते हुए शिवानी कहती हैं कि हमारे विष्णु भैया ने रक्षाबंधन से पहले ही महतारी वंदन की राशि देकर हम बहनों को राखी का अनमोल तोहफा दिया है। उन्होंने बहनों का मान बढ़ाया है। शिवानी का यह अनुभव दर्शाता है कि जब सरकारी योजनाएं सीधे आम नागरिक की रोजमर्रा की जरूरतों और खुशियों से जुड़ती हैं, तो वे केवल कागजी दस्तावेज न रहकर आत्मनिर्भरता की नई राह खोलती हैं। महतारी वंदन योजना आज प्रदेश की अनगिनत महिलाओं के जीवन में आत्मविश्वास, सम्मान और समृद्धि का नया उजाला फैला रही है।
- -किसानों की मेहनत, बहनों की उद्यमशीलता और सुगंधित विष्णुभोग चावल ने गौरेला-पेंड्रा-मरवाही को दिलाई नई पहचानरायपुर। छत्तीसगढ़ का 25वां नवगठित जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ अब विशिष्ट कृषि उत्पाद सुगंधित विष्णुभोग चावल के कारण भी नई पहचान बना रहा है। भारत सरकार की एक जिला-एक उत्पाद योजना के अंतर्गत विष्णुभोग चावल को जिले के प्रमुख उत्पाद के रूप में चुना गया है। मनमोहक सुगंध, उत्कृष्ट स्वाद और पारंपरिक खेती की विशेषताओं के कारण विष्णुभोग चावल आज जीपीएम जिले की विशिष्ट पहचान बन चुका है। विष्णुभोग की महक अब खेतों तक सीमित नहीं है, बल्कि जिले की सीमाओं को पार कर प्रदेश और देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंच रही है।पेंड्रा क्षेत्र में लगभग 1,500 किसान करीब 600 एकड़ भूमि में विष्णुभोग धान की खेती कर रहे हैं। किसानों की मेहनत, सामूहिक प्रयास और प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ते कदमों ने इस विशिष्ट धान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। विष्णुभोग की खेती किसानों की आय बढ़ाने के साथ जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही है।विष्णुभोग चावल की खेती से लेकर उसके प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन तक महिलाओं की भागीदारी इसे आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानी बना रही है। मलनिया महिला फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी, पेंड्रा द्वारा किसानों से विष्णुभोग धान की खरीदी की जाती है। इसके बाद मिनी राइस मिल में धान का प्रसंस्करण कर आकर्षक पैकेजिंग और ब्रांडिंग के साथ बाजार में उपलब्ध कराया जा रहा है।इस कार्य से समूह की 15 महिला सदस्यों को स्थायी रोजगार मिला है। महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होकर लखपति दीदी बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। समूह की महिलाओं द्वारा अब तक लगभग 2 टन विष्णुभोग चावल की सफलतापूर्वक बिक्री की जा चुकी है, जिससे उन्हें करीब 1 लाख रुपये का लाभ प्राप्त हुआ है।विष्णुभोग की सफलता यह बताती है कि जब स्थानीय संसाधनों को किसानों की मेहनत और महिला शक्ति का साथ मिलता है, तो पारंपरिक उत्पाद भी व्यापक बाजार में अपनी अलग पहचान बना सकते हैं। विष्णुभोग चावल आज जीपीएम जिले के किसानों की समृद्धि, बहनों के स्वावलंबन और स्थानीय उद्यमिता का सशक्त प्रतीक बनकर उभर रहा है।एक जिला-एक उत्पाद योजना के माध्यम से विष्णुभोग चावल को उत्पादन के साथ-साथ प्रसंस्करण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन का बेहतर मंच मिल रहा है। इसकी बढ़ती मांग स्थानीय किसानों और महिला उद्यमियों के लिए नए अवसर पैदा कर रही है। आने वाले समय में विष्णुभोग के उत्पादन, ब्रांडिंग और विपणन को और अधिक प्रोत्साहन मिलने से यह चावल छत्तीसगढ़ की विशिष्ट कृषि विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिला सकता है। जीपीएम की धरती पर उगने वाला विष्णुभोग आज किसानों की मेहनत, बहनों के स्वावलंबन और विष्णु भैया के सुशासन में आगे बढ़ते आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की सुगंध को दूर-दूर तक पहुंचा रहा है।
- -प्रथम कैबिनेट में 18 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास निर्माण का लिया गया था संकल्परायपुर। प्रदेश में गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्की छत उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत आवास निर्माण का कार्य निरंतर गति से जारी है। उपमुख्यमंत्री एवं पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि नई सरकार के गठन के बाद से अब तक 11 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के मकान पूर्ण किए जा चुके हैं। राज्य सरकार गरीबों को आवास उपलब्ध कराने के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को पूरा करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ लगातार कार्य कर रही है।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने बताया कि नई सरकार के गठन के बाद प्रथम कैबिनेट बैठक में ही प्रदेश के पात्र परिवारों के लिए 18 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत करने एवं निर्माण का संकल्प लिया गया था। इसी संकल्प के अनुरूप राज्य सरकार द्वारा आवास निर्माण की प्रक्रिया को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया गया है। पुराने एवं नए वित्तीय वर्षों के स्वीकृत आवासों को आवश्यक राशि उपलब्ध कराते हुए निर्माण कार्य पूर्ण कराया जा रहा है। श्री शर्मा ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में प्रदेश में 5 लाख 92 हजार से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूर्ण किए गए। यह उपलब्धि पूरे देश में सर्वाधिक है। राज्य सरकार द्वारा आवास निर्माण की गति को बनाए रखते हुए पात्र हितग्राहियों को समय पर आवास उपलब्ध कराने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।उपमुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में वर्ष 2011 एवं 2018 की पात्रता सूची के अंतर्गत पात्र पाए गए सभी आवासों को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। कुल स्वीकृत आवासों में से अब तक 20 लाख 40 हजार मकानों का निर्माण पूर्ण हो चुका है। वहीं, वर्तमान में लगभग 4 लाख आवासों का निर्माण कार्य प्रगतिरत है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल आवास स्वीकृत करना नहीं, बल्कि पात्र परिवारों को शीघ्रता से उनके पक्के मकान का लाभ दिलाना है। इसी उद्देश्य से निर्माणाधीन आवासों को जल्द से जल्द पूर्ण कराने के लिए विभागीय स्तर पर निरंतर कार्य किया जा रहा है।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने स्पष्ट किया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में पूर्ण किए गए 11 लाख से अधिक आवासों में पिछले वित्तीय वर्षों में स्वीकृत आवास भी शामिल हैं। पुराने समय में स्वीकृत ऐसे आवास, जो विभिन्न कारणों से लंबित थे, उन्हें भी आवश्यक राशि उपलब्ध कराकर वर्तमान सरकार द्वारा पूर्ण कराया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पुराने लंबित आवासों को भी प्राथमिकता देते हुए हितग्राहियों को आवास का लाभ दिलाने का कार्य किया है। इस प्रकार पिछले ढाई वर्षों के अल्प समय में पुराने एवं नए वित्तीय वर्षों के आवासों को मिलाकर 11 लाख से अधिक आवास पूर्ण किए जा चुके हैं।वर्तमान सरकार के कार्यकाल में पूर्ण किए गए आवासों में विभिन्न योजनाओं के तहत स्वीकृत आवास भी शामिल हैं। इनमें मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत 48 हजार आवासों में से लगभग 20 हजार आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत लगभग 23 हजार आवास शामिल हैं। इसके अतिरिक्त विशेष परियोजनाओं के अंतर्गत स्वीकृत आवास भी आवास निर्माण की उपलब्धि में शामिल हैं। इन योजनाओं के माध्यम से विशेष रूप से जरूरतमंद, गरीब एवं वंचित परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश के प्रत्येक गरीब परिवार को पक्की छत उपलब्ध कराने का संकल्प लिया है। छत्तीसगढ़ सरकार इसी संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। सरकार बनने के बाद आवास निर्माण को प्राथमिकता देते हुए स्वीकृत आवासों के निर्माण में तेजी लाई गई है। उन्होंने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में 11 लाख से अधिक आवासों का पूर्ण होना राज्य सरकार की प्रतिबद्धता और निरंतर प्रयासों का परिणाम है। पुराने लंबित आवासों को पूरा करने के साथ-साथ नए स्वीकृत आवासों का निर्माण भी नियमित रूप से जारी है।श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में लगभग 4 लाख आवास निर्माणाधीन हैं और इन्हें भी शीघ्र पूर्ण करने के लिए विभाग द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र गरीब परिवार पक्के आवास से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के माध्यम से गरीब परिवारों के जीवन में स्थायी बदलाव लाने का कार्य किया जा रहा है। सरकार पुराने एवं नए सभी वित्तीय वर्षों के आवासों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण कराते हुए प्रदेश के अधिक से अधिक पात्र परिवारों को पक्के आवास का लाभ दिलाने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।
- -पवित्र श्रावण मास की भव्य कांवड़ यात्रा में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री साय-भक्ति, संस्कृति और सामाजिक समरसता का अनुपम संगम है कांवड़ यात्रा - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय-हजारों कांवडि़ए पवित्र जल लेकर भगवान हटकेश्वरनाथ महादेव के जलाभिषेक के लिए हुए रवाना-मुख्यमंत्री ने शिवभक्तों को दी शुभकामनाएं, कहा - हमारी धार्मिक परंपराएं पीढि़यों को संस्कृति और संस्कारों से जोड़ती हैंरायपुर। पवित्र श्रावण मास में राजधानी रायपुर आज भगवान भोलेनाथ की भक्ति में सराबोर नजर आई। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय गुढि़यारी स्थित मारुति मंगलम परिसर में आयोजित भव्य कांवड़ यात्रा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने भगवान शिव का विधि-विधान से रुद्राभिषेक एवं पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि, शांति, खुशहाली और प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की। उन्होंने कांवड़ यात्रा में शामिल शिवभक्तों का उत्साहवर्धन करते हुए सभी को पवित्र श्रावण मास की शुभकामनाएं दीं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भगवान शिव का रुद्राभिषेक कर प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना कीमुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सावन का महीना भगवान शिव की आराधना और भक्ति का विशेष अवसर है। इस पवित्र माह में कांवड़ यात्रा हमारी आस्था, भक्ति और समर्पण की अनुपम अभिव्यक्ति है। हजारों शिवभक्त पवित्र जल लेकर भगवान भोलेनाथ के अभिषेक के लिए पैदल निकलते हैं। कठिन यात्रा के बीच शिवभक्तों का उत्साह और श्रद्धा सनातन संस्कृति में निहित आस्था की शक्ति को प्रकट करती है।मुख्यमंत्री ने कहा कि गुढि़यारी के मारुति मंगलम परिसर से हजारों कांवडि़ए पवित्र जल लेकर महादेव घाट स्थित भगवान हटकेश्वरनाथ महादेव के जलाभिषेक के लिए रवाना हुए हैं। शिवभक्तों के जयघोष और भक्ति से पूरा वातावरण शिवमय हो उठा है। यह आयोजन केवल धार्मिक यात्रा ही नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का उत्सव भी है।मुख्यमंत्री श्री साय ने भगवान हटकेश्वरनाथ महादेव मंदिर के ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि यह मंदिर छत्तीसगढ़ की प्राचीन शिव आराधना परंपरा का प्रमुख केंद्र है। महादेव घाट में विराजमान भगवान हटकेश्वरनाथ के प्रति प्रदेशवासियों की गहरी आस्था है। विशेष रूप से श्रावण मास में बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक एवं पूजा-अर्चना करते हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान जितनी इसकी प्राकृतिक सुंदरता और लोक-संस्कृति से है, उतनी ही इसकी गहरी आध्यात्मिक परंपराओं से भी है। प्रदेश के अलग-अलग अंचलों में स्थित प्राचीन शिवधाम और शक्तिपीठ हमारी समृद्ध धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत के साक्षी हैं। यहां के पर्व, उत्सव और धार्मिक यात्राएं समाज को अपनी जड़ों और संस्कारों से जोड़े रखती हैं।उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा जैसे धार्मिक आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे आयोजनों में समाज के हर वर्ग के लोग एक साथ जुड़ते हैं। इससे आपसी सद्भाव, सामाजिक एकता और समरसता की भावना मजबूत होती है। सेवा, सहयोग और सामूहिकता की यही भावना छत्तीसगढ़ की संस्कृति की विशेषता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और संवर्धन हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। राज्य सरकार प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थलों के विकास और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाओं के विस्तार की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। इससे हमारी आस्था के केंद्रों को नई पहचान मिलने के साथ धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं को भी विस्तार मिल रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कांवड़ यात्रा में शामिल सभी शिवभक्तों को शुभकामनाएं देते हुए भगवान भोलेनाथ से प्रदेश की निरंतर प्रगति की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि देवाधिदेव महादेव की कृपा छत्तीसगढ़ और प्रदेशवासियों पर सदैव बनी रहे। हर परिवार में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली आए तथा हमारा छत्तीसगढ़ विकास और जनकल्याण के पथ पर निरंतर आगे बढ़ता रहे।इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, लोकसभा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर पश्चिम विधायक श्री राजेश मूणत, रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी, रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू, रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, पूर्व सांसद श्री अभिषेक सिंह, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, निगम-मंडलों के अध्यक्ष, गणमान्य नागरिक, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
- विष्णु भैया की सरकार में स्वरोजगार का सम्मानमछली पालन से सेमरताल की 100 ग्रामीण महिलाओं एवं परिवारों को मिला आत्मनिर्भरता का नया अवसरबिलासपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। सरकार की इसी सोच को सेमरताल की ग्रामीण महिलाएं अपनी मेहनत और हौसले से नई पहचान दे रही हैं। मछली पालन को आजीविका का माध्यम बनाकर 100 ग्रामीण महिलाओं एवं उनके परिवारों ने आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाया है।जनपद पंचायत बिल्हा के सेमरताल में ज्ञान सुधा संकुल संगठन के आईएफसी एवं आजीविका सेवा केंद्र द्वारा “राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के तहत 100 हितग्राहियों को मछली पालन से जोड़ने के लिए प्रत्येक हितग्राही को 1000 फिंगरलिंग मछली बीज उपलब्ध कराया गया।” मत्स्य विभाग द्वारा कुल 150 पैकेट फिंगरलिंग मछली बीज उपलब्ध कराया गया। एक पैकेट में 1000 मछली बीज हितग्राहियों को मात्र 300 रुपये में उपलब्ध कराया गया।कम लागत में स्वरोजगार की शुरुआतमछली बीज उपलब्ध होने से ग्रामीण परिवारों को कम लागत में मछली पालन शुरू करने का अवसर मिला है। इससे महिलाओं को गांव में ही स्वरोजगार का साधन मिला है और परिवार की आय बढ़ाने की उम्मीद भी मजबूत हुई है। स्थानीय संसाधनों के उपयोग से शुरू हुई यह पहल आने वाले समय में इन परिवारों के लिए अतिरिक्त आय का माध्यम बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।महिलाओं की आर्थिक मजबूती से परिवार होगा खुशहालसेमरताल की यह पहल बताती है कि जब महिलाओं को अवसर और सहयोग मिलता है, तो वे अपने परिवार की आर्थिक मजबूती में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। मछली पालन से जुड़कर महिलाएं अपनी मेहनत और हुनर को आमदनी में बदलने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी जा रही है। आजीविका के ऐसे अवसर ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ उनके परिवारों को भी आर्थिक रूप से मजबूत करने में सहायक बन रहे हैं। रक्षाबंधन के अवसर पर सेमरताल की बहनों की यह पहल आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की नई कहानी कह रही है। राखी के इस पावन पर्व पर बहनों के सपनों को उड़ान मिल रही है और स्वरोजगार के माध्यम से उनके हाथ मजबूत हो रहे हैं।
- - शिव महापुराण कथा श्रवण करने मुख्यमंत्री श्री साय सपत्नीक कथा स्थल पहुँचे- व्यास पीठ का पूजा अर्चना कर प्रदेश के जनता की खुशहाली की कामना कीदुर्ग/ जिले के भिलाई नगर स्थित जयंती स्टेडियम के समीप आयोजित शिव महापुराण कथा के आज अंतिम दिवस मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय अपनी धर्मपत्नी श्रीमती कौशिल्या देवी साय के साथ कथा श्रवण करने पहुंचे। उन्होंने व्यास पीठ का पूजा अर्चना कर प्रदेश के जनता की खुशहाली एवं समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर विशाल शिवभक्तों को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में कहा कि यह हम सबके लिए सौभाग्य की बात है कि माता कौशिल्या की जन्मभूमि और प्रभु श्री राम के ननिहाल छत्तीसगढ़ प्रदेश के इस्पात नगरी भिलाई की पावन भूमि में बीते सात दिनों से शिव भक्ति की अविरल धारा बह रही है। यहां पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को अध्यात्म से सीधे जुड़ने का अवसर मिला है। आज मैं भी सपत्नीक कथा श्रवण करने पहुंचा हूं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भगवान भोलेनाथ हमारे प्रदेश के चारों दिशाओं में विराजमान है। रायपुर में हटकेश्वर महादेव और कवर्धा में वे भोरमदेव कहे जाते हैं। राजीम में कुलेश्वर महादेव, चम्पारण में चम्पेश्वर महोदव, गरियाबंद में भुतेश्वर महोदव, सिरपुर में गंधेश्वर महोदव, जशपुर में मधेश्वर महोदव के रूप में पूजे जाते हैं। इस तरह छत्तीसगढ़ के चप्पे-चप्पे पर देवाधिदेव भगवान महोदव की कृपा है। उनके आशीर्वाद से सभी ओर खुशहाली और समृद्धि है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हमारा परम सौभाग्य है कि भगवान शिव के साथ-साथ माँ शक्ति भी छत्तीसगढ़ में जगह-जगह विराजमान है। प्रदेश सरकार ने पांच शक्तिपीठों सुरजपुर की कुदरगढ़ी माता, चन्द्रपुर की माँ चन्द्रहासिनी, रतनपुर की माँ महामाया, डोंगरगढ़ की माँ बम्लेश्वरी और दन्तेवाड़ा की माँ दन्तेश्वरी शक्तिपीठों के लिए विकास की योजना बनायी है। इन्हें चारधाम तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। यहां के धार्मिक तीर्थों के विकास के साथ प्रदेश सरकार श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना संचालित कर रही है। इस योजना से अब तक 50 हजार से अधिक लोग अयोध्या जाकर प्रभु श्री रामलला के दर्शन कर चुके हैं। प्रदेश में मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को एक बार फिर से शुरू किया गया है। इसके अंतर्गत तीर्थ यात्रियों को देश के विभिन्न 19 तीर्थों का दर्शन लाभ कराया जा रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा जी देश-दुनिया में शिव महापुराण कथा सुनाकर सनातन धर्म को मजबूती प्रदान कर रहे हैं। इस्पात नगरी भिलाई में शिव महापुराण कथा का लगातार तीसरी बार आयोजन है। मुख्यमंत्री जी ने प्रदेश वासियों की तरफ से कथा वाचक पंडित मिश्रा जी का स्वागत किया तथा शिव महापुराण कथा आयोजन समिति को उनके सफल आयोजन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर वैशाली नगर विधायक श्री रिकेश सेन, संभाग आयुक्त श्री सत्यनारायण राठौर, आईजी श्री अभिषेक शांडिल्य, कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल एवं अन्य विभाग के अधिकारी तथा आयोजन समिति के श्री दया सिंह एवं अन्य पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में शिव भक्त कथा श्रवण करने उपस्थित थे।
- दुर्ग/ जिले में 1 जून 2026 से 23 अगस्त 2026 तक 617.2 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। कार्यालय कलेक्टर भू-अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 जून से अब तक सर्वाधिक वर्षा 768.3 मिमी तहसील पाटन में तथा न्यूनतम 445.8 मिमी. तहसील धमधा में दर्ज की गई है। इसके अलावा तहसील दुर्ग में 719.3 मिमी, तहसील बोरी में 599.6 मिमी, तहसील भिलाई-3 में 672.5 मिमी और तहसील अहिवारा में 497.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। 23 अगस्त 2026 को तहसील दुर्ग में 15.7 मिमी, तहसील धमधा में 4.3 मिमी, तहसील पाटन में 13.5 मिमी, तहसील बोरी में 6.5 मिमी, तहसील भिलाई 3 में 13.9 मिमी और तहसील अहिवारा में 13.9 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।
- रायपुर/रायपुर नगर पालिक निगम के संस्कृति विभाग के तत्वावधान में रायपुर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 4 के सहयोग से नगर पालिक निगम रायपुर के पूर्व महापौर स्व. बलवीर सिंह जुनेजा की पुण्यतिथि दिनांक 24 अगस्त 2026 सोमवार को प्रातः 11 बजे राजधानी शहर रायपुर में नगर निगम रायपुर के बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम परिसर के प्रागण में स्थित उनके मूर्ति स्थल के समक्ष उनका सादर नमन करने पुष्पांजलि आयोजन रखा गया है।पुष्पांजलि आयोजन हेतु रायपुर नगर पालिक निगम के संस्कृति विभाग द्वारा रायपुर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 4 जोन कमिश्नर को इंडोर स्टेडियम परिसर के प्रांगण में स्थित पूर्व महापौर स्व बलवीर सिंह जुनेजा के मूर्ति स्थल उसके समक्ष और आसपास के क्षेत्र में आवश्यक साफ-सफाई, पुष्प, पुष्पमाला, फूलो की पंखुडिया आदि के साथ-साथ अन्य सामान्य यथोचित व्यवस्थायें प्रशासनिक तौर पर करवाने हेतु निर्देशित किया गया है।
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-C&D वेस्ट प्लांट का कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश
भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई की आयुक्त सुरुचि सिंह ने नेहरू नगर स्थित SLRM सेंटर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परिसर में निर्माणाधीन C&D (कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन) वेस्ट प्लांट के निर्माण कार्यों का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी को कार्य की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए निर्माण कार्य अतिशीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।
आयुक्त ने निर्माणाधीन प्लांट का निरीक्षण करते हुए कार्य की प्रगति की जानकारी ली तथा निर्धारित मापदंडों के अनुरूप कार्य सुनिश्चित करने कहा। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए तथा कार्य को समय-सीमा में पूर्ण किया जाए।
इसके साथ ही आयुक्त ने SLRM सेंटर में संचालित कचरा सेग्रीगेशन (गीला-सूखा एवं अन्य श्रेणियों में अपशिष्ट पृथक्करण) कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर कार्यप्रणाली का अवलोकन करते हुए सेग्रीगेशन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित बनाने के निर्देश दिए।
आयुक्त ने SLRM सेंटर में कार्यरत कर्मचारियों की उपस्थिति व्यवस्था को हाईटेक करने के निर्देश भी दिए, ताकि कर्मचारियों की उपस्थिति की नियमित एवं पारदर्शी निगरानी सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने अधिकारियों को व्यवस्था में तकनीक का अधिकतम उपयोग करते हुए कार्यों की सतत मॉनिटरिंग करने कहा।
निरीक्षण के दौरान जोन आयुक्त डी के कोसरिया, कार्यपालन अभियंता सुनील जैन, नितेश मेश्राम, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, सहायक अभियंता श्वेता वर्मा, उप अभियंता पुरुषोत्तम सिन्हा, अशोक देवांगन, आशीष भारती, स्वस्छता निरीक्षक कमलेश द्विवेदी सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। -
रायपुर/ प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर रायपुर जिला प्रशासन के जनप्रिय पर्यावरण हितकारी प्रोजेक्ट पुनर्जीवन की अभिनव योजना के अंतर्गत रायपुर जिला कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिह के मार्गनिर्देशन में पिछले दिनों छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका द्वारा पर्यावरण संरक्षण कार्य को लेकर व्यक्त की गई गहन चिंता के तत्काल पश्चात से रायपुर जिला क्षेत्र अतर्गत रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र में आयुक्त श्री संबित मिश्रा के मार्गनिर्देशन में सभी 10 जोन कमिश्नरों द्वारा सतत मॉनिटरिंग कर प्रतिदिन नियमित अपने- अपने जोन क्षेत्र के सभी वार्डो में ऐसे सभी पौधों को चिन्हित करने का कार्य किया गया , जो पूर्व में चारों ओर से ट्री गार्ड एवं कांक्रीट के घेरों पेवर में घिरे हुए होने के कारण प्राकृतिक रूप से विकसित नहीं हो पा रहे थे ।
ऐसे समस्त पौधों को चिन्हित करके प्राकृतिक रूप से स्वतः विकसित होने एवं स्वयं मिट्टी, पानी प्राप्त करने पर्यावरण हितैषी वातावरण देने इन सभी पौधों को चारों ओर से घेरकर लगाये गये ट्री गार्ड और कांक्रीट के घेरों पेवर को हटाने का कार्य रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र के अंतर्गत सभी 10 जोनों में तेज गति से निरन्तर समाजहित में पर्यावरण सुरक्षा की दृष्टि से करवाया गया।
विभिन्न जोनों के भिन्न क्षेत्रों के स्थानों में इन सभी चिन्हित पौधों को समाज हित में पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से चारों ओर कॉंक्रीट के घेरे पेवर लगाकर लगाए गए अब तक लगभग 2302 ट्री गार्ड और लगभग 571 कांकीट के घेरों पेवर को समस्त जोन कमिश्नरों द्वारा वहां पहुंचकर हटवाये जाने का कार्य तेजी के साथ करवाया है और यह अभियान रायपुर नगर निगम क्षेत्र में निरन्तर प्रगति पर है एवं सभी जोन कमिश्नरों की सतत निगरानी में सभी 10 जोन क्षेत्रों में ऐसे सभी पौधों को स्वतः विकसित होने पानी प्राप्त कर सकने आवश्यक पर्यावरण हितैषी वातावरण कायम करने का कार्य प्राथमिकता के साथ किया गया है ।
रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री संबित मिश्रा ने उक्त कार्य को पहली प्राथमिकता में रखकर करवाने सभी जोन कमिश्नरो समाजहित में पर्यावरण संरक्षण कार्य हेतु स्पष्ट निर्देशित किया।
रायपुर जिला कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह ने राजधानी रायपुर शहर क्षेत्र के समस्त रहवासी नागरिको से रायपुर जिला प्रशासन की ओर से विनम्र अपील की कि वे ऐसे सभी पौधों को आवश्यक पानी खाद आदि देकर विकसित करने में सहभागी बनकर अपनी सक्रिय सहभागिता को दर्ज करवाने का कष्ट करें।
ऐसा करने वाले सभी पर्यावरण प्रेमी नगरवासियों को पर्यावरण मित्र के रूप में रायपुर जिला प्रशासन के तत्त्ववधान में पर्यावरण हितैषी प्रोजेक्ट पुनर्जीवन योजना के अंतर्गत समाज में उनके द्वारा पर्यावरण हितकारी योगदान देने हेतु सम्मानित किया जायेगा।
रायपुर नगर पालिक निगम के सभी 10 जोनों के 10 जोन कमिश्नरों द्वारा करवाये जा रहे उक्त पर्यावरण हितैषी कार्यों की रायपुर नगर पालिक निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा द्वारा प्रतिदिन स्वतः नियमित मॉनिटरिंग और कार्य की प्रगति की सतत निरंतर समीक्षा रायपुर जिला कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह के निर्देश पर की जा रही है ।
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- न्यायिक अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण के साथ डिजिटल न्याय एवं सामुदायिक मध्यस्थता को मिला नया आयाम
दुर्ग / जिला दुर्ग के न्यायिक इतिहास में आज एक महत्वपूर्ण एवं गौरवपूर्ण अध्याय जुड़ा, जब माननीय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा के कर कमलों से नवीन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय भवन, दुर्ग के निर्माण हेतु भूमिपूजन एवं Foundation Stone Laying Ceremony संपन्न हुई। इस अवसर पर न्यायिक गरिमा, आधुनिक न्यायिक अधोसंरचना, डिजिटल न्याय व्यवस्था तथा वैकल्पिक विवाद समाधान के क्षेत्र में जिले की महत्वपूर्ण पहलों का भी शुभारंभ एवं लोकार्पण किया गया।
इस अवसर पर माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय के साथ माननीय न्यायाधिपति श्री पी.पी. साहू, माननीय न्यायाधिपति श्री नरेश कुमार चंद्रवंशी, माननीय न्यायाधिपति श्री रवीन्द्र कुमार अग्रवाल, माननीय न्यायाधिपति श्री विभु दत्त गुरु एवं माननीय न्यायाधिपति श्री अमितेंद्र किशोर प्रसाद की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दुर्ग श्री के. विनोद कुजूर के स्वागत उद्बोधन से हुआ। उन्होंने माननीय मुख्य न्यायाधिपति एवं उपस्थित माननीय न्यायाधीशगण का स्वागत करते हुए नवीन न्यायालय भवन की आवश्यकता, न्यायिक अधोसंरचना के विकास तथा भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक न्यायिक परिसर की परिकल्पना पर प्रकाश डाला। इसके पश्चात माननीय मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा द्वारा नवीन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय भवन, दुर्ग के निर्माण हेतु विधिवत भूमिपूजन किया गया। प्रस्तावित नवीन भवन से न्यायिक कार्यों के लिए बेहतर, सुव्यवस्थित एवं आधुनिक वातावरण उपलब्ध होने के साथ-साथ न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, कर्मचारियों तथा न्यायार्थियों के लिए सुविधाओं में व्यापक विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कार्यक्रम में माननीय न्यायाधिपति श्री पी.पी. साहू, माननीय न्यायाधिपति श्री नरेश कुमार चंद्रवंशी सहित अन्य माननीय न्यायाधीशगण की गरिमामयी उपस्थिति रही।
'संधि सेतु' पुस्तक का विमोचन
कार्यक्रम के अगले चरण में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा सामुदायिक मध्यस्थता के विषय पर तैयार की गई पुस्तक 'संधि सेतु' का माननीय मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा द्वारा विमोचन किया गया। 'संधि सेतु' पुस्तक का उद्देश्य सामुदायिक स्तर पर संवाद, सहमति एवं मध्यस्थता के माध्यम से विवादों के समाधान की अवधारणा को सामने लाना तथा विवाद-मुक्त एवं सौहार्दपूर्ण ग्रामीण समाज की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को दस्तावेजीकृत करना है। यह पहल न्याय को केवल न्यायालय तक सीमित न रखते हुए समाज के बीच संवाद एवं समझ के माध्यम से विवादों के समाधान की भावना को सशक्त करती है।
डिजिटल न्यायिक पहलों का शुभारंभ एवं वीडियो प्रस्तुतीकरण
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की सूचना प्रौद्योगिकी टीम द्वारा विकसित विभिन्न डिजिटल न्यायिक पहलों का Launch एवं Video Presentation भी किया गया। इनमें प्रमुख रूप से Cashless Fine Payment Facility, AFR Mobile Application (Android) एवं Court Fee Ticket Generation System का शुभारंभ / प्रस्तुतीकरण किया गया।
इन डिजिटल पहलों का उद्देश्य न्यायिक प्रक्रियाओं को अधिक सरल, पारदर्शी, सुलभ एवं तकनीक-सक्षम बनाना तथा न्यायालयीन सेवाओं के उपयोग में नागरिकों एवं न्यायिक हितधारकों को अधिक सुविधा प्रदान करना है।
मुख्य न्यायाधिपति का प्रेरणादायी उद्बोधन
कार्यक्रम के मुख्य उद्बोधन में माननीय मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा द्वारा न्यायिक व्यवस्था में आधुनिक अधोसंरचना, तकनीकी नवाचार तथा जन-केंद्रित न्याय व्यवस्था के महत्व पर प्रकाश डाला गया। उन्होंने नवीन न्यायालय भवन के निर्माण को दुर्ग जिले की न्यायिक व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप न्यायिक संस्थानों को और अधिक सुदृढ़ किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने डिजिटल न्यायिक पहलों तथा सामुदायिक मध्यस्थता जैसे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि न्याय व्यवस्था की वास्तविक सफलता तभी है, जब न्याय अधिक सुलभ, सरल, पारदर्शी और जनसामान्य के निकट हो।
गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ कार्यक्रम
कार्यक्रम के अवसर पर न्यायिक अधिकारीगण, जिला न्यायपालिका के अधिकारी एवं कर्मचारी, अधिवक्तागण, विधिक सेवा प्राधिकरण से जुड़े प्रतिनिधि, विभिन्न प्रशासनिक अधिकारी, पैरालीगल वॉलंटियर्स, सामाजिक प्रतिनिधि तथा प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, दुर्ग श्रीमती सुमन एक्का द्वारा आभार प्रदर्शन (Vote of Thanks) किया गया। उन्होंने माननीय मुख्य न्यायाधिपति, माननीय न्यायाधीशगण, न्यायिक अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, मीडिया प्रतिनिधियों एवं कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग प्रदान करने वाले सभी संबंधितों के प्रति आभार व्यक्त किया।
नवीन न्यायालय भवन का भूमिपूजन, 'संधि सेतु' का विमोचन तथा डिजिटल न्यायिक पहलों का शुभारंभ-तीनों आयोजन दुर्ग जिले की न्याय व्यवस्था को आधुनिक, सुलभ, तकनीक-सक्षम एवं जन-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में सामने आए। माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय का जिला अधिवक्ता संघ, दुर्ग द्वारा आत्मीय एवं गरिमापूर्ण स्वागत किया गया। इस अवसर पर जिला दुर्ग से चयनित स्टेट बार काउंसिल के सदस्यों द्वारा भी माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय का आत्मीय अभिनंदन किया गया।
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खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने जारी किया निषेधात्मक आदेश
दुर्ग/ खाद्य एवं औषधि प्रशासन, जिला दुर्ग द्वारा जनस्वास्थ्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 'फॉर्च्यून' (Fortune) ब्रांड के मैदा की बिक्री, भंडारण और वितरण पर संपूर्ण जिले में तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है। अभिहित अधिकारी श्री जितेंद्र कुमार नेते द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जांच प्रयोगशाला भोपाल से प्राप्त रिपोर्ट में बैच नंबर FAMD550059A (पैक्ड 500 ग्राम, निर्माण तिथि 28/02/2026) के सैंपल में निर्धारित सीमा से अधिक कीटनाशक (इंसेक्टिसाइड) पाया गया है, जिसके आधार पर इसे खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत "असुरक्षित" घोषित किया गया है। प्रशासन ने जिले के सभी खाद्य व्यवसाय संचालकों, थोक व खुदरा विक्रेताओं को उक्त संबंधित बैच के स्टॉक को बाजार से तत्काल वापस (रिकॉल) मंगाने और इस आदेश का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। आदेश का उल्लंघन करने या असुरक्षित उत्पाद का विक्रय जारी रखने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ा कानूनी संज्ञान लिया जाएगा। - -ईस्टर्न नेवल कमांड के एक अधिकारी और 10 विशेषज्ञ गोताखोरों की टीम पहुंचेगी रायपुररायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर ब्लू वाटर दुर्घटना में खोज अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए भारतीय नौसेना के विशेषज्ञ गोताखोरों की टीम विशाखापट्टनम से छत्तीसगढ़ आएगी। यह टीम शनिवार को दोपहर दो - तीन बजे पहुंचेगी,इसके बाद सर्च ऑपरेशन शुरू करेगी।ईस्टर्न नेवल कमांड, विशाखापट्टनम की इस विशेष टीम में एक अधिकारी और 10 नौसैनिक शामिल हैं, जिन्हें गोताखोरी एवं पानी के भीतर चलाए जाने वाले खोज और बचाव अभियानों में विशेष दक्षता प्राप्त है।मुख्यमंत्री श्री साय ने संबंधित घटना की जानकारी मिलने के बाद हरसंभव संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में भारतीय नौसेना के विशेषज्ञ गोताखोर दल की सहायता ली जा रही है।
- -भगवान शिव से प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की मंगल कामनारायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय पवित्र श्रावण मास की बेला पर राजधानी रायपुर के सिविल लाइंस स्थित अपने निवास में सपरिवार भगवान शिव के रुद्राभिषेक में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने पूर्ण विधि-विधान से शिवलिंग का अभिषेक कर समस्त प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की मंगल कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के परिवारजन और भक्तजन उपस्थित थे।
- -योजना के प्रभाव का जमीनी दस्तावेज है ‘महतारी वंदन अभिनंदन’रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में पत्रकार सुश्री निशा द्विवेदी द्वारा लिखित पुस्तक ‘महतारी वंदन अभिनंदन’ का विमोचन किया। दो भागों में प्रकाशित इस पुस्तक में महतारी वंदन योजना से लाभान्वित महिलाओं के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों, उनके अनुभवों और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदमों को संकलित किया गया है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पुस्तक के प्रकाशन पर पत्रकार सुश्री निशा द्विवेदी को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना ने प्रदेश की महिलाओं को नियमित आर्थिक संबल देने के साथ उनके आत्मविश्वास और परिवार के निर्णयों में उनकी भूमिका को भी मजबूत किया है। यह योजना महिला सशक्तीकरण की दिशा में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण पहल है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना के अंतर्गत महिलाओं को प्रतिमाह मिलने वाली राशि उनकी छोटी-बड़ी जरूरतों को पूरा करने में सहायक बन रही है। अनेक महिलाएं इस राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई, पोषण, स्वास्थ्य, घरेलू आवश्यकताओं और बचत के लिए कर रही हैं। नियमित रूप से अपने खाते में राशि मिलने से महिलाओं में आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का भाव मजबूत हुआ है।मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी जनकल्याणकारी योजना की वास्तविक सफलता उसके लाभार्थियों के जीवन में दिखाई देने वाले परिवर्तन से मापी जाती है। ‘महतारी वंदन अभिनंदन’ में योजना से जुड़ी महिलाओं के अनुभवों को सामने लाने का प्रयास किया गया है। इस तरह की पुस्तकें शासन की योजनाओं के सामाजिक प्रभाव को समझने के साथ भविष्य के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बनती हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अनुरूप छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना प्रारंभ की गई। योजना के माध्यम से प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपए की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में दी जा रही है। योजना की 30 किश्तों के माध्यम से अब तक लगभग 19 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, कौशल विकास और आजीविका के माध्यम से उनके सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े ने पुस्तक की सराहना करते हुए कहा कि इसमें महतारी वंदन योजना से लाभान्वित महिलाओं के अनुभवों और उनकी संवेदनाओं को शब्द दिए गए हैं। किसी योजना का वास्तविक प्रभाव जानने के लिए हितग्राहियों के बीच जाकर उनसे संवाद करना और उनके जीवन में आए बदलावों को समझना आवश्यक होता है।श्रीमती रजवाड़े ने कहा कि गांव-गांव जाकर महिलाओं से मिलना, उनके अनुभवों को समझना, योजना से उनके जीवन में आए परिवर्तन का आकलन करना और फिर उन अनुभवों को पुस्तक के रूप में संजोना चुनौतीपूर्ण कार्य है। पत्रकार सुश्री निशा द्विवेदी ने इस पुस्तक के माध्यम से महतारी वंदन योजना के सामाजिक और आर्थिक प्रभाव को जमीनी स्तर पर सामने लाने का सार्थक प्रयास किया है। उन्होंने लेखिका को पुस्तक के प्रकाशन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री कृष्णा दास, जनसंपर्क आयुक्त श्री रजत बंसल, श्री गौरी शंकर श्रीवास, सुश्री शताब्दी पांडेय सहित बड़ी संख्या में महिला पत्रकार एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- -लक्ष्य के अनुरूप स्वीकृत सड़कों का निर्माण समय-सीमा में कार्य पूर्ण करें - उप मुख्यमंत्री श्री साव-सभी ग्राम पंचायतों में जून 2027 तक हर घर जल का लक्ष्य पूर्ण करना सुनिश्चित करें-नगरीय निकायों को आने वाले 5 वर्षों के लिए कार्ययोजना बनाकर विकसित करें-हर गांव में मैदान हो और हर स्कूल से खिलाड़ी निकलेंमहासमुंद / प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज शाम कलेक्ट्रेट सभाकक्ष महासमुंद में लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, नगरीय प्रशासन विभाग, खेलकूद एवं कल्याण विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय कार्यों एवं योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से जिले में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, योजनाओं के क्रियान्वयन तथा आम नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने सभी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने तथा शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने लोक निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान जिले में सड़कों, पुल-पुलियों तथा अन्य निर्माण कार्यों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने निर्माणाधीन कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने तथा स्वीकृत कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क एवं अधोसंरचना से जुड़े कार्यों का सीधा प्रभाव आम लोगों की आवागमन सुविधा पर पड़ता है, इसलिए निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी कार्ययोजना बनाकर कार्य करें। सड़कों के मरम्मत के लिए संबंधित अनुविभागीय अधिकारी सीधे जिम्मेदार होंगे। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और उपकरणों के मदद से कार्याें को आसान बनाएं। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था, जलापूर्ति से संबंधित कार्यों तथा संचालित योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने पेयजल व्यवस्था सुचारू बनाए रखने, जल स्रोतों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा पेयजल से जुड़ी समस्याओं का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। श्री साव ने कहा कि ग्राम पंचायतों को हैंड ओवर करने के पश्चात सचिवों और सरपंच की बैठक लेकर उन्हें संचालन की जानकारी दें एवं तकनीकी रूप से सक्षम बनाएं। सभी ग्राम पंचायतों में जून 2027 तक हर घर जल का लक्ष्य पूर्ण करना है। उन्होंने कहा कि बंद पड़े ट्यूबवेल को चालू करें।नगरीय प्रशासन विभाग की समीक्षा के दौरान नगरीय निकायों में चल रहे विकास कार्यों, नागरिक सुविधाओं, स्वच्छता, सड़क एवं नाली निर्माण सहित विभिन्न कार्यों की प्रगति पर चर्चा हुई। श्री साव ने नगरीय क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने तथा शहरों के व्यवस्थित विकास पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए और नगरीय निकायों में स्वच्छता एवं जन सुविधाओं की नियमित निगरानी हो। उन्होंने अधोसंरचना मद 15वें वित्त के कार्य, नालंदा परिसर आदि के लक्ष्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आने वाले 5 वर्षों के लिए कार्ययोजना बनाकर कार्य करें। प्रधानमंत्री आवास को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि राजस्व वसूली पर भी विशेष ध्यान देवें। खेलकूद एवं कल्याण विभाग की समीक्षा में जिले में खेल गतिविधियों, खेल अधोसंरचना तथा युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए संचालित कार्यक्रमों की जानकारी ली गई। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएं। उन्होंने उपलब्ध खेल संसाधनों के बेहतर उपयोग और खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल को बढ़ावा देने प्राथमिक शालाओं से खिलाड़ी तैयार करें। प्रत्येक बच्चे मैदान जाएं और खेलों में शामिल रहें।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने सभी विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को गति देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का वास्तविक उद्देश्य आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है, इसलिए अधिकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।बैठक में कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने जिले में संचालित विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं तथा विभागीय गतिविधियों की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने विभागवार कार्यों की वर्तमान स्थिति, पूर्ण हो चुके कार्यों तथा प्रगतिरत कार्यों से अवगत कराया। संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भी अपने-अपने विभाग की गतिविधियों और कार्ययोजनाओं की जानकारी उप मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत की। बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सहित जिले के अधिकारी मौजूद थे।
- रायपुर । रक्षाबंधन के पावन पर्व पर आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए डाक विभाग ने रायपुर संभाग के अंतर्गत आने वाले डाकघरों के संचालन को लेकर विशेष व्यवस्था की है।23 अगस्त (रविवार) को रायपुर संभाग के सभी विभागीय डाकघरों—जिसमें प्रधान डाकघर (GPO), मुख्य डाकघर और उप-डाकघर शामिल हैं—के काउंटर आम जनता के लिए खुले रहेंगे, ताकि रक्षाबंधन के लिए राखियों की बुकिंग और प्रेषण का कार्य सुचारू रूप से किया जा सके।इसके अतिरिक्त, नागरिकों को प्रशासनिक सुविधाओं का लाभ प्रदान करने के उद्देश्य से 23 अगस्त 2026 (रविवार) को रायपुर प्रधान डाकघर (जीपीओ) में कार्यालयीन समय के दौरान आधार पंजीयन एवं अद्यतनीकरण (अपडेशन) का कार्य भी नियमित रूप से चालू रहेगा। डाक विभाग ने जन सामान्य से अपील की है कि वे रविवार को अपने निकटतम विभागीय डाकघर जाकर इन विशेष सुविधाओं का लाभ उठाएं।
- -न्यायिक अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण के साथ डिजिटल न्याय एवं सामुदायिक मध्यस्थता को मिला नया आयामरायपुर / जिला दुर्ग के न्यायिक इतिहास में आज एक महत्वपूर्ण एवं गौरवपूर्ण अध्याय जुड़ा, जब माननीय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा के कर कमलों से नवीन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय भवन, दुर्ग के निर्माण हेतु भूमिपूजन एवं Foundation Stone Laying Ceremony संपन्न हुई। इस अवसर पर न्यायिक गरिमा, आधुनिक न्यायिक अधोसंरचना, डिजिटल न्याय व्यवस्था तथा वैकल्पिक विवाद समाधान के क्षेत्र में जिले की महत्वपूर्ण पहलों का भी शुभारंभ एवं लोकार्पण किया गया।इस अवसर पर माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय के साथ माननीय न्यायाधिपति श्री पी.पी. साहू, माननीय न्यायाधिपति श्री नरेश कुमार चंद्रवंशी, माननीय न्यायाधिपति श्री रवीन्द्र कुमार अग्रवाल, माननीय न्यायाधिपति श्री विभु दत्त गुरु एवं माननीय न्यायाधिपति श्री अमितेंद्र किशोर प्रसाद की गरिमामयी उपस्थिति रही।कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दुर्ग श्री के. विनोद कुजूर के स्वागत उद्बोधन से हुआ। उन्होंने माननीय मुख्य न्यायाधिपति एवं उपस्थित माननीय न्यायाधीशगण का स्वागत करते हुए नवीन न्यायालय भवन की आवश्यकता, न्यायिक अधोसंरचना के विकास तथा भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक न्यायिक परिसर की परिकल्पना पर प्रकाश डाला। इसके पश्चात माननीय मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा द्वारा नवीन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय भवन, दुर्ग के निर्माण हेतु विधिवत भूमिपूजन किया गया। प्रस्तावित नवीन भवन से न्यायिक कार्यों के लिए बेहतर, सुव्यवस्थित एवं आधुनिक वातावरण उपलब्ध होने के साथ-साथ न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, कर्मचारियों तथा न्यायार्थियों के लिए सुविधाओं में व्यापक विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कार्यक्रम में माननीय न्यायाधिपति श्री पी.पी. साहू, माननीय न्यायाधिपति श्री नरेश कुमार चंद्रवंशी सहित अन्य माननीय न्यायाधीशगण की गरिमामयी उपस्थिति रही।कार्यक्रम के अगले चरण में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा सामुदायिक मध्यस्थता के विषय पर तैयार की गई पुस्तक 'संधि सेतु' का माननीय मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा द्वारा विमोचन किया गया। 'संधि सेतु' पुस्तक का उद्देश्य सामुदायिक स्तर पर संवाद, सहमति एवं मध्यस्थता के माध्यम से विवादों के समाधान की अवधारणा को सामने लाना तथा विवाद-मुक्त एवं सौहार्दपूर्ण ग्रामीण समाज की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को दस्तावेजीकृत करना है। यह पहल न्याय को केवल न्यायालय तक सीमित न रखते हुए समाज के बीच संवाद एवं समझ के माध्यम से विवादों के समाधान की भावना को सशक्त करती है।कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की सूचना प्रौद्योगिकी टीम द्वारा विकसित विभिन्न डिजिटल न्यायिक पहलों का Launch एवं Video Presentation भी किया गया। इनमें प्रमुख रूप से Cashless Fine Payment Facility, AFR Mobile Application (Android) एवं Court Fee Ticket Generation System का शुभारंभ / प्रस्तुतीकरण किया गया।इन डिजिटल पहलों का उद्देश्य न्यायिक प्रक्रियाओं को अधिक सरल, पारदर्शी, सुलभ एवं तकनीक-सक्षम बनाना तथा न्यायालयीन सेवाओं के उपयोग में नागरिकों एवं न्यायिक हितधारकों को अधिक सुविधा प्रदान करना है।कार्यक्रम के मुख्य उद्बोधन में माननीय मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा द्वारा न्यायिक व्यवस्था में आधुनिक अधोसंरचना, तकनीकी नवाचार तथा जन-केंद्रित न्याय व्यवस्था के महत्व पर प्रकाश डाला गया। उन्होंने नवीन न्यायालय भवन के निर्माण को दुर्ग जिले की न्यायिक व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप न्यायिक संस्थानों को और अधिक सुदृढ़ किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने डिजिटल न्यायिक पहलों तथा सामुदायिक मध्यस्थता जैसे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि न्याय व्यवस्था की वास्तविक सफलता तभी है, जब न्याय अधिक सुलभ, सरल, पारदर्शी और जनसामान्य के निकट हो।कार्यक्रम के अवसर पर न्यायिक अधिकारीगण, जिला न्यायपालिका के अधिकारी एवं कर्मचारी, अधिवक्तागण, विधिक सेवा प्राधिकरण से जुड़े प्रतिनिधि, विभिन्न प्रशासनिक अधिकारी, पैरालीगल वॉलंटियर्स, सामाजिक प्रतिनिधि तथा प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।कार्यक्रम के अंत में प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, दुर्ग श्रीमती सुमन एक्का द्वारा आभार प्रदर्शन (Vote of Thanks) किया गया। उन्होंने माननीय मुख्य न्यायाधिपति, माननीय न्यायाधीशगण, न्यायिक अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, मीडिया प्रतिनिधियों एवं कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग प्रदान करने वाले सभी संबंधितों के प्रति आभार व्यक्त किया।नवीन न्यायालय भवन का भूमिपूजन, 'संधि सेतु' का विमोचन तथा डिजिटल न्यायिक पहलों का शुभारंभ-तीनों आयोजन दुर्ग जिले की न्याय व्यवस्था को आधुनिक, सुलभ, तकनीक-सक्षम एवं जन-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में सामने आए। माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय का जिला अधिवक्ता संघ, दुर्ग द्वारा आत्मीय एवं गरिमापूर्ण स्वागत किया गया। इस अवसर पर जिला दुर्ग से चयनित स्टेट बार काउंसिल के सदस्यों द्वारा भी माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय का आत्मीय अभिनंदन किया गया।
- -छत्तीसगढ़ ट्रॉम्बे कुमुद के नाम से पहचानी जा रही यह किस्म पोषण एवं उत्पादन क्षमता की दृष्टि से महत्वपूर्णबिलासपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के अंतर्गत संचालित अखिल भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान परियोजना के तहत बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय एवं क्षेत्रीय कृषि अनुसंधान केंद्र, बिलासपुर के वैज्ञानिकों ने गेहूं की एक नई बायोफोर्टिफाइड किस्म सीजी 1047 (छत्तीसगढ़ ट्रॉम्बे कुमुद) विकसित की है। इस किस्म की पहचान वर्ष 2025 में गेहूं वैज्ञानिकों की कार्यशाला में की गई थी। इसका विकास मुख्य रूप से प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में अधिसिंचित परिस्थितियों में गेहूं की खेती को ध्यान में रखते हुए किया गया है।सीजी 1047 के विकास में डॉ. अजय प्रकाश अग्रवाल, गेहूं वैज्ञानिक (आनुवंशिकी एवं पादप प्रजनन) का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इस किस्म को लगभग दस वर्षों के सतत अनुसंधान के बाद विकसित किया गया। इस दौरान भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिकों का भी महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ। ट्रॉम्बे, मुंबई में इस किस्म की सूक्ष्म विशेषताओं का परीक्षण किया गया।सीजी 1047 की प्रमुख विशेषता इसकी बायोफोर्टिफाइड प्रकृति है। इसमें आयरन 41.7 पीपीएम, जिंक 41.7 पीपीएम तथा प्रोटीन 12 प्रतिशत से अधिक पाया गया है। इस कारण यह किस्म पोषण सुरक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।किस्म की गुणवत्ता का आकलन करने पर इसका चपाती मेकिंग स्कोर 8.0/10 तथा बिस्किट स्प्रेडिंग फैक्टर 8.7/10 दर्ज किया गया है। इस वजह से यह किस्म चपाती बनाने के साथ-साथ बिस्किट निर्माण के लिए भी उपयुक्त मानी जाती है।सीजी 1047 की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यह 2–3 सिंचाई वाले क्षेत्रों में भी अच्छी उत्पादकता देने की क्षमता रखती है। इसकी उत्पादन क्षमता अधिसिंचित अवस्था में लगभग 36.7 क्विंटल प्रति हेक्टेयर दर्ज की गई है। समय पर बुवाई और बेहतर प्रबंधन के साथ इसकी अधिकतम उत्पादन क्षमता को और बढ़ाया जा सकता है।इस किस्म का पैरेंट एच.डब्ल्यू. 2004/पी.एस.एस. 725 है। पौधों की औसत ऊंचाई लगभग 85–90 सेंटीमीटर, 1000 दानों का वजन लगभग 41.5 ग्राम तथा फसल अवधि 107–110 दिन है। इसके दानों का रंग अम्बर (गेहुआं) है।सीजी 1047 की किस्म पहचान अखिल भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान परियोजना की 65वीं कार्यशाला, जो 18 से 20 अगस्त 2026 तक आयोजित हुई, में की गई। कार्यशाला का आयोजन श्री करण नरेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय, जयपुर से संबद्ध राजस्थान कृषि अनुसंधान संस्थान, दुर्गापुरा, जयपुर में किया गया।किस्म की पहचान संबंधी प्रमाण-पत्र भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट के करकमलों से डॉ. दिनेश पाण्डेय, वरिष्ठ वैज्ञानिक (सस्य विज्ञान) एवं प्रमुख अन्वेषक (एक्रीप व्हीट) तथा डॉ. अवनीत कुमार, वैज्ञानिक (आनुवंशिकी एवं पादप प्रजनन) ने प्राप्त किया।इस अवसर पर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के उपमहानिदेशक (फसल विज्ञान) डॉ. डी.के. यादव, अखिल भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान, करनाल के निदेशक डॉ. रतन तिवारी, सहायक महानिदेशक (पादप सुरक्षा एवं जैव सुरक्षा) डॉ. पूनम जसरोतिया तथा कुलपति, श्री करण नरेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय, जयपुर डॉ. पी.एल. चौहान सहित अनेक कृषि वैज्ञानिक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।सीजी 1047 का विकास इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल के दिशा-निर्देशन, संचालक अनुसंधान डॉ. विवेक त्रिपाठी के मार्गदर्शन तथा मुख्य वैज्ञानिक, क्षेत्रीय कृषि अनुसंधान केंद्र बिलासपुर डॉ. संजय कुमार वर्मा के नेतृत्व में अखिल भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान परियोजना, बिलासपुर के वैज्ञानिकों द्वारा किया गया है।इस किस्म के विकास में बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय, बिलासपुर के अधिष्ठाता डॉ. एन.के. चौरे का निरंतर मार्गदर्शन भी प्राप्त हुआ। इसके अतिरिक्त डॉ. एस.के. सिन्हा, प्रमुख वैज्ञानिक (आनुवंशिकी एवं पादप प्रजनन) व अधिष्ठाता राजमोहिनी देवी कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, अंबिकापुर डॉ. सुनील नाग, प्रमुख वैज्ञानिक (आनुवंशिकी एवं पादप प्रजनन), कृषि महाविद्यालय, रायपुर डॉ. डी.जे. शर्मा, वैज्ञानिक (आनुवंशिकी एवं पादप प्रजनन) तथा माधुरी ग्रेस मिंज, तकनीकी सहायक का भी परियोजना में महत्वपूर्ण सहयोग एवं योगदान रहा।सीजी 1047 का विकास छत्तीसगढ़ के कृषि वैज्ञानिकों की दीर्घकालिक शोध क्षमता और टीम भावना का उल्लेखनीय उदाहरण है। कम सिंचाई वाले क्षेत्रों में बेहतर उत्पादन, उच्च आयरन एवं जिंक सामग्री तथा अच्छी चपाती एवं बिस्किट गुणवत्ता जैसी विशेषताओं के कारण यह किस्म उत्पादन, पोषण और जल-संरक्षण—तीनों दृष्टियों से उपयोगी साबित हो सकती है। विशेष रूप से प्रायद्वीपीय एवं अधिसिंचित क्षेत्रों के किसानों के लिए यह किस्म गेहूं उत्पादन में एक नई संभावनाओं का द्वार खोल सकती है।



















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