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- -मिशन दृष्टि’ के तहत मोतियाबिंद ऑपरेशन करा चुके मरीजों को वितरित किए फलअप्रैल से अब तक 152 मरीजों का सफल मोतियाबिंद ऑपरेशनरायपुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा दूरस्थ और पहुंचविहीन क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसी क्रम में बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप ने रविवार को सुकमा जिला चिकित्सालय का निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया।निरीक्षण के दौरान सांसद श्री कश्यप ने जिला अस्पताल के नेत्र रोग वार्ड का अवलोकन किया। यहां उन्होंने ‘मिशन दृष्टि’ योजना के अंतर्गत मोतियाबिंद ऑपरेशन करा चुके मरीजों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने मरीजों को फल वितरित कर शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की शुभकामनाएं दीं।सांसद ने विशेष रूप से जगरगुंडा क्षेत्र के दूरस्थ, संवेदनशील और वनांचल इलाकों से आए 42 मरीजों से बातचीत की। मरीजों ने बताया कि उन्हें शासन की ओर से निःशुल्क उपचार, दवाएं, भोजन और ठहरने की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे उन्हें काफी राहत मिली है।जिला अस्पताल की नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. खुशबू देवांगन के नेतृत्व में अप्रैल 2026 से अब तक कुल 152 मरीजों के सफल मोतियाबिंद ऑपरेशन किए जा चुके हैं। यह उपलब्धि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर पहुंच और गुणवत्तापूर्ण उपचार व्यवस्था को दर्शाती है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। ‘मिशन दृष्टि’ जैसी पहलें ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के समन्वित प्रयासों से सुकमा जैसे दूरस्थ जिले में भी लोगों को बेहतर उपचार सुविधाएं मिल रही हैं। यह पहल दर्शाती है कि दृढ़ संकल्प और संवेदनशील प्रशासन के माध्यम से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा सकता है। इस अवसर पर नगरपालिका अध्यक्ष श्री हुंगाराम मरकाम, कलेक्टर श्री अमित कुमार, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकुन्द ठाकुर, सिविल सर्जन डॉ. एम.आर. कश्यप, जिला पंचायत सदस्य श्री कोरसा सन्नू, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री धनीराम बारसे तथा श्री अरुण सिंह भदौरिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
- रायपुर ।जशपुर विकासखंड के ग्राम कोमडो निवासी 24 वर्षीय दिव्यांग बालती बाई को जिला प्रशासन की तत्पर पहल से सुरक्षित आश्रय और बेहतर देखभाल की सुविधा उपलब्ध हो गई है। 70 प्रतिशत सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित बालती बाई के पुनर्वास के लिए उनके पिता श्री सुखराम उरांव द्वारा कलेक्टर श्री रोहित व्यास के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया गया था।कलेक्टर श्री व्यास ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे विशेष प्राथमिकता में लेते हुए त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। बालती बाई की माता का पूर्व में निधन हो चुका है तथा उनकी बहन का विवाह हो चुका है। वर्तमान में वह अपने वृद्ध पिता के साथ रहती थीं। पिता के मजदूरी के लिए बाहर जाने पर उन्हें घर में अकेले और असुरक्षित परिस्थितियों में रहना पड़ता था। भोजन, पानी तथा दैनिक आवश्यकताओं के लिए भी उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।समस्या के समाधान हेतु समाज कल्याण विभाग, जशपुर ने सक्रिय पहल करते हुए विभिन्न पुनर्वास केन्द्रों से संपर्क किया। अम्बिकापुर स्थित घरौंदा केन्द्र में सीट उपलब्ध नहीं होने पर विभाग ने जिला मनेन्द्रगढ़ से समन्वय स्थापित किया। इसके बाद रॉबर्ट कनान संस्था द्वारा संचालित घरौंदा पुनर्वास केन्द्र, मनेन्द्रगढ़ में बालती बाई का 18 जून 2026 को प्रवेश सुनिश्चित कराया गया।पुनर्वास केन्द्र में बालती बाई को निःशुल्क आवास, भोजन, स्वास्थ्य देखभाल एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अपनी पुत्री को सुरक्षित वातावरण और आवश्यक सुविधाएं मिलने पर श्री सुखराम उरांव ने जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है।यह पहल दिव्यांगजनों के कल्याण, सम्मानजनक जीवन और सुरक्षित पुनर्वास के प्रति जिला प्रशासन की संवेदनशीलता तथा प्रतिबद्धता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
- रायपुर। राजधानी रायपुर में रविवार और सोमवार की दरमियानी रात डब्ल्यूआरएस कॉलोनी के एक खुले मैदान में एक युवक का सिर कुचला हुआ शव मिला। सोमवार सुबह स्थानीय लोगों ने मैदान में खून से लथपथ शव देखा, जिसके बाद इसकी सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। इसके साथ ही रायपुर में दो और शव मिलने से सनसनी है।पुलिस के अनुसार पहला मामला खमतराई थाना क्षेत्र का है। शुरुआती जांच में पता चला है कि युवक के सिर और चेहरे पर किसी भारी पत्थर या ठोस वस्तु से वार किया गया है। घटनास्थल पर बड़ी मात्रा में खून मिला है, जिससे आशंका जताई जा रही है कि हत्या की गई है। पुलिस के अनुसार मृतक की अब तक पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस को युवक के दाहिने हाथ पर आर के सारथी नाम का टैटू मिला है। इसी आधार पर उसकी शिनाख्त करने की कोशिश की जा रही है। आसपास के थाना क्षेत्रों से गुमशुदा लोगों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।खमतराई मेटल पार्क में भी एक लाश मिली है। मौके पर पुलिस की टीम पहुंची और शव का पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। फिलहाल मृतक कौन था और उसकी मृत्यु का कारण क्या था, इसकी जांच खमतराई पुलिस द्वारा की जा रही है। भाटागांव के आगे हाइवे में एक युवक की लाश मिली है। मृतक कौन था और उसकी मौत का कारण क्या था? इसकी जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।
- -प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के आवास प्लस 2.0 सर्वे की अंतिम प्राथमिकता सूची पर होगा निर्णयरायपुर । सरगुजा जिले में 24 जून को आयोजित होने वाली विशेष ग्राम सभाएं ग्रामीण विकास, जनभागीदारी और पारदर्शी सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगी। जिले की सभी ग्राम पंचायतों में आयोजित इन ग्राम सभाओं में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत आवास प्लस 2.0 सर्वेक्षण से तैयार अंतिम प्राथमिकता सूची पर निर्णय लिया जाएगा। यह प्रक्रिया उन हजारों गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए विशेष महत्व रखती है, जो लंबे समय से अपने पक्के घर का सपना देख रहे हैं। ग्राम सभाओं में ग्रामीणों की सहभागिता से पात्र हितग्राहियों का चयन सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंच सके। आवास प्लस 2.0 सर्वेक्षण के तहत सरगुजा जिले में कुल 1 लाख 16 हजार 36 परिवारों का सर्वे किया गया है। इनमें अम्बिकापुर विकासखंड के 30 हजार 163, बतौली के 10 हजार 529, लखनपुर के 19 हजार 89, लुण्ड्रा के 18 हजार 825, मैनपाट के 11 हजार 765, सीतापुर के 13 हजार 892 तथा उदयपुर के 11 हजार 773 परिवार शामिल हैं।सर्वेक्षण के आधार पर तैयार सूची को ग्राम सभा में सार्वजनिक रूप से पढ़कर सुनाया जाएगा। इसका उद्देश्य पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना और यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र परिवार योजना के लाभ से वंचित न रहे। जिला प्रशासन द्वारा ग्रामीणों की सहभागिता से आवासहीन एवं जरूरतमंद परिवारों की अंतिम प्राथमिकता सूची तैयार की जाएगी। इससे चयन प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष और भरोसेमंद बनेगी।जिला प्रशासन ने सभी ग्रामीणों से ग्राम सभा में अनिवार्य रूप से शामिल होने की अपील की है। यदि किसी पात्र हितग्राही का नाम सूची में नहीं है अथवा किसी प्रकार की विसंगति दिखाई देती है, तो ग्रामीण ग्राम सभा में अपने दावे एवं आपत्तियां प्रस्तुत कर सकेंगे। प्रशासन का कहना है कि ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी न केवल उनके अधिकारों को मजबूत करेगी, बल्कि ग्राम स्वराज और सहभागी विकास की अवधारणा को भी सशक्त बनाएगी।प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत आवास प्लस 2.0 की यह प्रक्रिया केवल हितग्राही चयन तक सीमित नहीं है, बल्कि पारदर्शिता, सामाजिक न्याय और जनभागीदारी आधारित सुशासन को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम भी है। ग्राम सभाओं में लिए जाने वाले निर्णय हजारों परिवारों के पक्के आवास के सपनों को साकार करने में अहम भूमिका निभाएंगे और शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के संकल्प को और मजबूत करेंगे।
- रायपुर । गन्ना किसानों के लिए सबसे बड़ी चिंता अक्सर समय पर भुगतान की होती है, लेकिन कबीरधाम जिले का भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना इस मामले में देश के लिए मिसाल बना है। लगातार दूसरे वर्ष कारखाने ने जून माह में ही किसानों को समर्थन मूल्य (एफआरपी) और अतिरिक्त रिकवरी राशि का शत-प्रतिशत भुगतान कर देश के सहकारी शक्कर उद्योग में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यही कारण है कि यह कारखाना केवल चीनी उत्पादन का केंद्र नहीं, बल्कि किसानों के भरोसे और सहकारिता की सफलता का प्रतीक बन गया है।रविवार को आयोजित कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की उपस्थिति में 29.83 करोड़ रुपये सीधे किसानों के बैंक खातों में अंतरित किए गए। इसमें 6.91 करोड़ रुपये एफआरपी की शेष राशि और 22.92 करोड़ रुपये अतिरिक्त रिकवरी राशि शामिल है। इसके साथ ही पेराई सत्र 2025-26 में किसानों को कुल 107.10 करोड़ रुपये का भुगतान पूरा हो गया है।उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि यह उपलब्धि केवल आर्थिक भुगतान नहीं, बल्कि किसानों और सहकारिता व्यवस्था के बीच मजबूत विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि भोरमदेव शक्कर कारखाना किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि हजारों किसानों का अपना संस्थान है। उन्होंने किसानों से अधिक से अधिक गन्ना उत्पादन और आपूर्ति करने का आह्वान करते हुए आगामी सत्र में चार लाख मीट्रिक टन से अधिक गन्ना पेराई का लक्ष्य हासिल करने का आह्वान किया।भोरमदेव शक्कर कारखाना केवल समय पर भुगतान नहीं बल्कि किसान हितैषी नवाचारों के कारण भी चर्चा में है। लगातार तीसरे वर्ष 12 प्रतिशत से अधिक शुगर रिकवरी, रियायती दर पर शक्कर वितरण में सहभागिता, ‘बलराम सदन‘ कृषक प्रतीक्षालय, मिट्टी परीक्षण सुविधा, प्रेसमड वितरण, उन्नत गन्ना बीज एवं सीडलिंग और नियमित प्रशिक्षण जैसी पहलें किसानों की लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने में मददगार हैं। वहीं, कारखाना परिसर में संचालित शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना के तहत श्रमिकों को मात्र पांच रुपये में भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना के चेयरमैन एवं कलेक्टर गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में अपनाई गई पारदर्शी और किसान-केंद्रित कार्यप्रणाली ने इसे देश के अग्रणी सहकारी शक्कर कारखानों में शामिल कर दिया है। समय पर भुगतान, आधुनिक तकनीक, उत्पादन वृद्धि और किसानों की सक्रिय भागीदारी ने यह साबित कर दिया है कि जब सहकारिता मजबूत होती है तो केवल उद्योग नहीं, बल्कि पूरी ग्रामीण अर्थव्यवस्था नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ती है। यही वजह है कि आज भोरमदेव मॉडल देश के अन्य सहकारी शक्कर कारखानों के लिए भी प्रेरणा बनता जा रहा है।
- -केंद्रीय उड़नदस्ता की संयुक्त टीम ने किया रात्रिकालीन औचक निरीक्षण-हाईटेक ड्रोन सर्वे से अनुज्ञा के अनुरूप खनन और भंडारण की हो रही है विस्तृत जांचरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर अवैध रेत खनन एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रदेश भर में लगातार अभियान चलाकर बड़ी कार्रवाई की जा रही है। जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ खनिज विभाग का मैदानी अमला अवैध गतिविधियों की रोकथाम के लिए कड़ी निगरानी कर रहा है।इसी क्रम में केंद्रीय खनि उड़नदस्ता की संयुक्त टीम द्वारा प्राप्त शिकायतों के आधार पर 21 जून 2026 को रात्रिकालीन खनन क्षेत्रों का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान जिला मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर. की तहसील केल्हारी अंतर्गत दंडाहस्वाही स्थित केवाई नदी, पसौरी, कुटरा तथा हसदेव नदी क्षेत्रों के सघन निरीक्षण में स्वीकृत दो अस्थायी रेत भंडारण अनुज्ञप्ति स्थलों का विस्तृत परीक्षण किया गया। मौके पर उपलब्ध रेत की मात्रा का आकलन हाईटेक ड्रोन सर्वेक्षण के माध्यम से किया गया। निरीक्षण में भंडारण अनुज्ञा की शर्तों के उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित रेत भंडारणकर्ताओं को कारण बताओ सूचना जारी कर तीन दिवस के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में अवैध खनन गतिविधियों के लिए कोई स्थान नहीं है और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ-साथ खनिज संपदा का नियमानुसार दोहन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि अवैध खनन एवं भंडारण में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।खनिज सचिव श्री पी. दयानंद ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राज्य के पहुंच-विहीन एवं संवेदनशील क्षेत्रों की सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए। इसी उद्देश्य से विभिन्न जिलों में अवैध रेत उत्खनन संभावित क्षेत्रों का चिन्हांकन कर हाईटेक ड्रोन सर्वे के माध्यम से निगरानी की जा रही है, जिससे अवैध रेत खनन एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके। उक्त कार्रवाई में केंद्रीय उड़नदस्ता की संयुक्त जांच टीम एवं जिला स्तरीय टीम के अधिकारी उपस्थित रहे।
- -बलौदाबाजार में 6 क्रशर सीलबंद, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में अवैध रेत उत्खनन में प्रयुक्त चैन माउंटेन जब्त*-ड्रोन सर्वे के माध्यम से की गई जांच, खनिज विभाग की केंद्रीय उड़नदस्ता टीम ने की बड़ी कार्रवाईरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध लगातार कार्रवाई हो रही है। शासन की मंशा खनिज संसाधनों के संरक्षण, उनके नियमानुसार उपयोग तथा अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश सुनिश्चित करने की है।इसी कड़ी में खनिज साधन के विभाग के सचिव और संचालक के निर्देशानुसार केंद्रीय खनि उड़नदस्ता की संयुक्त टीम ने प्राप्त शिकायतों के आधार पर 21 एवं 22 जून 2026 को विभिन्न जिलों में औचक निरीक्षण एवं जांच अभियान चलाकर कार्रवाई की। इस दौरान जिला बलौदाबाजार के ग्राम खपरीडीह में गौण खनिज निम्न श्रेणी चूनापत्थर से संबंधित स्वीकृत अस्थायी भंडारण अनुज्ञप्ति स्थलों एवं खदानों का निरीक्षण किया गया। जांच में विभिन्न प्रकार की अनियमितताएं पाए जाने पर 06 क्रशर इकाइयों को सीलबंद किया गया तथा संबंधित संचालकों को जवाब प्रस्तुत करने हेतु नोटिस जारी किए गए।इसी प्रकार जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ के ग्राम दहिदा में महानदी क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान एक चैन माउंटेन मशीन द्वारा अवैध रूप से रेत उत्खनन किया जाना पाया गया। खनिज अधिनियम के प्रावधानों के तहत उक्त मशीन को जब्त कर आगामी आदेश तक सीलबंद किया गया। मशीन को मशीन ऑपरेटर की सुपुर्दगी में दिया गया है तथा मशीन स्वामी को नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।उक्त सभी स्थलों की जांच एवं सत्यापन ड्रोन सर्वेक्षण तकनीक के माध्यम से भी किया गया, जिससे खनन गतिविधियों का सटीक आकलन सुनिश्चित किया जा सके।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रदेश में अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण की गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा खनिज संपदा के नियमानुसार उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।खनिज सचिव श्री पी. दयानंद ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि आधुनिक तकनीक, ड्रोन सर्वेक्षण एवं सतत निगरानी के माध्यम से अवैध खनन गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जाए तथा शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इस कार्रवाई में केंद्रीय उड़नदस्ता की संयुक्त जांच टीम एवं संबंधित जिलों की जिला स्तरीय टीम के अधिकारी उपस्थित रहे।
- -रायपुर में तेज हवाओं के साथ बारिश, कई इलाकों में सड़कों पर भरा पानीरायपुर। छत्तीसगढ़ में सोमवार को मानसून ने दस्तक दे दी। दंतेवाड़ा के रास्ते मानसून प्रदेश में पहुंचा है। मानसून के पहुंचते ही दंतेवाड़ा में झमाझम बारिश हो रही है। इधर, राजधानी रायपुर में तेज हवाएं चली और मानसून पूर्व की बारिश हुई। इस रायपुर के कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया। मौसम विभाग के सूत्रों के अनुसार कुछ दिनों में यह कुछ और जिलों को भी कवर कर लेगा। मानसून की एंट्री के बाद बस्तर संभाग में बारिश तेज होने की संभावना है। अगले कुछ दिनों में यह मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ के जिलों को भी कवर कर लेगा। भारी बारिश के चलते रायपुर के सुंदरनगर इलाके में महादेवघाट रोड पर पानी भर गया है, जिससे लोगों को आनेजाने में काफी दिक्कत हुई। मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में गरज-चमक, बिजली गिरने और हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है।
- -ठेकेदार को 10 जुलाई तक महाराजबंद तालाब एसटीपी का कार्य पूर्ण नहीं करने पर भुगतान पर रोक लगवाने की कड़ी कार्यवाही की दी सख्त चेतावनीरायपुर/ रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के माध्यम से महाराजबंध तालाब में निर्माणाधीन 3 एमएलडी क्षमता के एसटीपी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के कार्य की प्रगति का प्रत्यक्ष निरीक्षण नगर निगम जोन 5 जोन अध्यक्ष श्री अम्बर अग्रवाल, जोन कमिश्नर श्री खीरसागर नायक, स्मार्ट सिटी उप अभियंता श्री योगेन्द्र साहू, श्री शुभम तिवारी, जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री संदीप वर्मा की उपस्थिति में किया.महापौर ने कार्य की कछुआ छाप गति देखकर इसे लेकर अनुबंधित ठेकेदार मेसर्स समृद्धि वाटर वर्कस प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि को कड़ी फटकार लगायी और तत्काल अतिरिक्त श्रमिक लगाकर शीघ्र कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए.महापौर से अनुबंधित ठेकेदार ने कहा कि महाराजबंध तालाब के एसटीपी का कार्य दिनांक 10 जुलाई 2026 तक पूर्ण करके प्रारम्भ कर देंगे.महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कार्य उक्त निर्धारित समयावधि दिनांक 10 जुलाई 2026 तक पूर्ण नहीं होने पर सम्बंधित अनुबंधित ठेकेदार मेसर्स समृद्धि वाटर वर्कस लिमिटेड के भुगतान पर रोक लगाने की कड़ी कार्यवाही की जाएगी.महापौर ने इस सम्बन्ध में आवश्यक कार्यवाही कार्य नियत समय तक पूर्ण नहीं होने पर करने के कड़े निर्देश रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के सम्बंधित अभियंताओं को दिए हैँ.
- -कार्य को तत्काल गतिमान कर गुणवत्तापूर्ण कार्य करवाकर शीघ्र नाला निर्माण पूर्ण करवाने के दिए सख्त निर्देशरायपुर/रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने राजधानी शहर रायपुर के व्हीआईपी रोड में श्रीराम मन्दिर के समीप नगर निगम जोन क्रमांक 10 लोक कर्म विभाग के माध्यम से गंदे पानी की सुगम निकासी हेतु जलभराव की समस्या दूर करने लगभग 2 करोड़ की लागत से व्हीआईपी मार्ग श्रीराम मन्दिर के पास से सुलभ शौचालय तक लगभग 8 मीटर चौड़े निर्माणाधीन नाले के कार्य की प्रगति का वहाँ पहुंचकर प्रत्यक्ष निरीक्षण वार्ड पार्षद एवं एमआईसी सदस्य डॉ अनामिका सिंह सहित जोन 10 जोन कमिश्नर श्री मोनेश्वर शर्मा, कार्यपालन अभियंता श्री गजाराम कँवर, उप अभियंता श्रीमती निवृत्ति परमार एवं कार्य से सम्बंधित अनुबंधित ठेकेदार की उपस्थिति में किया.महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने नाला निर्माण कार्य को तत्काल गतिमान करते हुए सतत मॉनिटरिंग कर तय समयसीमा के भीतर गुणवत्ता सहित शीघ्र पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए.
- रायपुर/ रायपुर नगर निगम जोन 3 स्वास्थ्य विभाग को प्राप्त स्वच्छता से सम्बंधित प्राप्त जनशिकायत को तत्काल संज्ञान में लेते हुए नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा द्वारा दिए गए निर्देश पर नगर निगम जोन 3 जोन कमिश्नर श्रीमती प्रीति सिंह के मार्गदर्शन में नगर निगम जोन 3 स्वास्थ्य विभाग द्वारा जोन 3 क्षेत्र में होटल दक्षिण सूत्र की स्वच्छता व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया गया. इस दौरान होटल दक्षिण सूत्र द्वारा बाहर कचरा डाले जाने से सम्बंधित प्राप्त जनशिकायत सही पायी गयी.इस पर जोन 3 जोन कमिश्नर श्रीमती प्रीति सिंह के निर्देश पर जोन 3 जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री पूरन कुमार ताण्डी द्वारा होटल दक्षिण सूत्र के सम्बंधित संचालक पर तत्काल 2500 रूपये का ई चालान किया गया और उन्हें भविष्य के लिए कड़ी चेतावनी देते हुए रायपुर नगर निगम जोन 3 स्वास्थ्य विभाग को प्राप्त स्वच्छता से सम्बंधित जनशिकायत का स्थल पर पहुंचकर जोन के स्तर पर त्वरित निदान जोन 3 के सम्बंधित स्वास्थ्य विभाग कर्मचारियों की उपस्थिति में किया गया.
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के वार्ड क्रमांक 42 गौतम नगर खुर्सीपार स्थित एस.एल.आर.एम. (सॉलिड लिक्विड रिसोर्स मैनेजमेंट) सेंटर में मणीकंचन महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं स्वच्छता और आत्मनिर्भरता की अनूठी मिसाल पेश कर रही हैं। यहां वार्डों से प्रतिदिन एकत्र होने वाले कचरे और कबाड़ सामग्री को उपयोगी एवं आकर्षक सजावटी वस्तुओं में बदलकर ’वेस्ट से बेस्ट’ की अवधारणा को साकार किया जा रहा है।खुर्सीपार स्थित एस.एल.आर.एम. सेंटर में पहुंचने वाले सूखे कचरे का पृथक्करण कर प्लास्टिक, टायर, बोतल, डिब्बे एवं अन्य अनुपयोगी सामग्रियों को अलग किया जाता है। इसके बाद महिला समूह की सदस्य अपनी रचनात्मकता का उपयोग करते हुए इन कबाड़ वस्तुओं से सुंदर गमले, सजावटी शोपीस, गार्डन डेकोरेशन सामग्री, हैंगिंग आइटम, टेबल डेकोरेशन और घरों के प्रवेश द्वार को आकर्षक बनाने वाले विभिन्न उत्पाद तैयार कर रही हैं। महिलाओं द्वारा तैयार की गई सामग्री न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक है, बल्कि लोगों को कचरे के पुनः उपयोग के प्रति भी जागरूक कर रही है। इन उत्पादों का उपयोग घरों, कार्यालयों और उद्यानों की सुंदरता बढ़ाने के लिए किया जा रहा है।निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय का कहना है कि इस पहल से एक ओर कचरे का बेहतर प्रबंधन हो रहा है, वहीं दूसरी ओर महिला समूहों को रोजगार एवं आय का अतिरिक्त स्रोत भी प्राप्त हो रहा है। यह प्रयास स्वच्छ भारत मिशन और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है। महिला समूह की इस अभिनव पहल की स्थानीय नागरिकों द्वारा भी सराहना की जा रही है। लोगों का मानना है कि ऐसे प्रयास न केवल शहर को स्वच्छ बनाने में मदद करते हैं, बल्कि समाज में पर्यावरण के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने का कार्य भी करते हैं।
- दुर्ग/ श्रम विभाग द्वारा जिले के पंजीकृत श्रमिकों के लिए ई-केवाईसी कराना अनिवार्य किया गया है। ई-केवाईसी की अंतिम तिथि 30 जून 2026 निर्धारित की गई है। श्रम विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार ई-केवाईसी के माध्यम से श्रमिकों के डाटा का सत्यापन एवं अद्यतन किया जाएगा, जिससे उन्हें विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुगमता से मिल सके। वर्तमान में आधार के अनुसार डाटा संशोधन का कार्य सीएससी केंद्रों के माध्यम से किया जा रहा है, जहां श्रमिक आधार कार्ड के अनुरूप सत्यापन करा सकते हैं। केवल ई-केवाईसी पूर्ण करने वाले पंजीकृत श्रमिकों को ही योजनाओं का लाभ मिलेगा। ई-केवाईसी नहीं कराने वाले श्रमिकों के नाम पोर्टल से हटाए जा सकते हैं तथा मृत अथवा अपात्र हितग्राहियों के नाम भी सूची से पृथक किए जाएंगे। श्रम विभाग ने सभी पंजीकृत श्रमिकों से अपील की है कि वे 30 जून 2026 तक अनिवार्य रूप से अपना ई-केवाईसी पूर्ण कर लें, ताकि उनका पंजीयन सक्रिय बना रहे और वे विभागीय योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।
- ग्राम घुघसीडीह में सामुदायिक मध्यस्थता कार्यक्रम के अंतर्गत जागरूकता एवं संवाद बैठक आयोजितदुर्ग/ राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), नई दिल्ली द्वारा जारी “Community Mediation Towards a Litigation-Free Rural India” Standard Operating Procedure (SOP), 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के क्रम में ग्राम घुघसीडीह में सामुदायिक मध्यस्थता कार्यक्रम के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण जागरूकता एवं संवाद बैठक का आयोजन ग्राम पंचायत भवन में किया गया।कार्यक्रम के अंतर्गत स्थायी एवं निरंतर लोक अदालत (जनोपयोगी सेवाएं), दुर्ग की अध्यक्ष सुषमा लकड़ा, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के सचिव उमेश कुमार भागवतकर तथा वरिष्ठ न्यायालय प्रबंधक द्वारा ग्राम घुघसीडीह का भ्रमण किया गया तथा ग्रामवासियों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं स्थानीय नागरिकों के साथ विस्तृत संवाद स्थापित किया गया।बैठक में उपस्थित ग्रामीणों को सामुदायिक मध्यस्थता की अवधारणा, उसके उद्देश्यों एवं लाभों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि सामुदायिक मध्यस्थता ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पन्न होने वाले छोटे-छोटे सामाजिक, पारिवारिक, पड़ोसी, भूमि, रास्ता, पानी, घरेलू एवं अन्य स्थानीय विवादों को न्यायालय में वाद प्रस्तुत किए जाने से पूर्व ही आपसी सहमति एवं संवाद के माध्यम से सुलझाने की एक प्रभावी व्यवस्था है। इससे न केवल समय एवं धन की बचत होती है, बल्कि सामाजिक संबंध भी मधुर बने रहते हैं।बैठक के दौरान ग्रामीणों को यह भी अवगत कराया गया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा जिले के पांच ग्रामों घुघसीडीह, ननकट्ठी, अरसनारा, निकुम एवं कुथरेल का चयन सामुदायिक मध्यस्थता कार्यक्रम के लिए किया गया है। इन ग्रामों में स्थानीय स्तर पर विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान हेतु जागरूकता अभियान, प्रशिक्षण कार्यक्रम, संवाद सत्र तथा मध्यस्थता संबंधी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।स्थायी एवं निरंतर लोक अदालत, दुर्ग की अध्यक्ष सुषमा लकड़ा ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि सामुदायिक मध्यस्थता आपसी संवाद एवं सहयोग की संस्कृति को बढ़ावा देती है। यह व्यवस्था ग्राम स्तर पर शांति, सौहार्द एवं सामाजिक एकता को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे छोटे-छोटे विवादों को न्यायालय तक ले जाने के बजाय आपसी चर्चा एवं मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाने का प्रयास करें।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के सचिव उमेश कुमार भागवतकर द्वारा उपस्थित जनसमुदाय को निःशुल्क विधिक सहायता, लोक अदालत एवं अन्य विधिक सेवा योजनाओं की जानकारी भी प्रदान की गई। साथ ही बताया गया कि सामुदायिक मध्यस्थता कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में विवादों की संख्या को कम करना तथा न्याय तक आसान एवं त्वरित पहुंच सुनिश्चित करना है।कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों, पंचायत पदाधिकारियों, पैरालीगल वालंटियर्स (PLVs), महिलाओं, युवाओं एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासियों ने सहभागिता की तथा सामुदायिक मध्यस्थता कार्यक्रम के प्रति उत्साह व्यक्त किया। ग्रामीणों ने इस पहल को ग्राम स्तर पर विवादों के समाधान के लिए उपयोगी एवं सकारात्मक कदम बताते हुए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा आगामी दिनों में चयनित अन्य ग्रामों में भी इसी प्रकार के जागरूकता एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे "वाद-मुक्त ग्रामीण भारत" की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में ठोस प्रगति सुनिश्चित की जा सके। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में न्याय तक सरल पहुंच, सामाजिक समरसता एवं विवादों के शांतिपूर्ण समाधान को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।
- बिलासपुर/नेपाल फेडरेशन एवं पीसीए स्पोर्ट्स मैनेजमेंट नेपाल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित प्रथम इंडो-नेपाल ओपन इंटरनेशनल ताइक्वांडो चैंपियनशिप-2026 का आयोजन 14 से 18 जून 2026 तक पोखरा, नेपाल में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।प्रतियोगिता में भारत, नेपाल, भूटान और बांग्लादेश सहित विभिन्न देशों के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 34 स्वर्ण और 27 रजत पदक जीतकर ओवरऑल चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। मेजबान नेपाल दूसरे तथा बांग्लादेश तीसरे स्थान पर रहा। प्रतियोगिता में खेलो ताइक्वांडो यूथ स्पोर्ट्स फेडरेशन के 61 खिलाड़ियों ने विभिन्न भार वर्गों में भाग लिया और उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए भारत की जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया। खिलाड़ियों की इस उपलब्धि से संगठन और देश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित हुआ।प्रतियोगिता से लौटने पर रेलवे स्टेशन पर खिलाड़ियों का उनके परिजनों एवं शुभचिंतकों ने फूल-मालाओं के साथ भव्य स्वागत किया। खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए सभी ने उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर खुशी जताई।फेडरेशन के अध्यक्ष बाबा पात्रे, कार्यकारी अध्यक्ष राजकुमार यादव (मध्य प्रदेश), इंटरनेशनल ताइक्वांडो मास्टर गणेश सागर, रिमझिम गुप्ता तथा अन्य पदाधिकारियों ने सभी पदक विजेता खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और टीम अधिकारियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं खिलाड़ियों को अनुभव प्रदान करने के साथ-साथ खेल के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
- -कलेक्टर अभिजीत सिंह ने अपर कलेक्टर योगिता देवांगन को नोडल और ई.डी.एम. श्रुति अग्रवाल को सहायक नोडल का सौंपा जिम्मादुर्ग/ मुख्यमंत्री हेल्पलाइन योजना के अंतर्गत विभिन्न विभागों में प्राप्त होने वाले जन-शिकायतों और आवेदन पत्रों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण के लिए जिला प्रशासन द्वारा एक बड़ी प्रशासनिक पहल की गई है। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने योजना के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों की समय-सीमा में निराकरण की कार्यवाही और उसकी निरंतर प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। जिसके अनुसार, अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन को सी.एम. हेल्पलाइन योजना के अंतर्गत ’नोडल अधिकारी’ नियुक्त किया गया है। उनके साथ तकनीकी व प्रशासनिक समन्वय को सुदृढ़ बनाने के लिए जिला प्रबंधक (ई.डी.एम.) श्रीमती श्रुति अग्रवाल को ’सहायक नोडल अधिकारी’ की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
- आवास प्लस 2.0 की स्थायी प्रतीक्षा सूची पर होगी चर्चाबिलासपुर/छत्तीसगढ़ शासन के पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आगामी 24 जून 2026 को प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा। इसी क्रम में जिले में भी सभी 486 ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभा आयोजित की जाएगी। इन ग्राम सभाओं का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण विकास योजनाओं को धरातल पर मजबूत करना और आम जनता की भागीदारी को बढ़ाना है।इन सभाओं में मुख्य रूप से आवास प्लस 2.0 की स्थायी प्रतीक्षा सूची को लेकर विस्तृत चर्चा की जाएगी। दावे और आपत्तियों का निराकरण पात्र हितग्राहियों की प्राथमिकता सूची तैयार की जाएगी। इसके साथ ही, सूची को लेकर प्राप्त होने वाले दावों और आपत्तियों का नियमानुसार निराकरण भी किया जाएगा ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित न रहे। ग्रामीण विकास एवं जनभागीदारी सभाओं के दौरान विभिन्न ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाएगी और ग्रामीणों की सक्रिय जनभागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अन्तर्गत जिला बिलासपुर में आवास प्लस 2.0 के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र के 228336 लोगो का सर्वे का कार्य किया गया है जिसके अन्तर्गत जनपद बिल्हा में 61894, जनपद कोटा में 42955, जनपद मस्तूरी में 74164, जनपद तखतपुर में 49323 है।विभाग द्वारा सभी ग्रामीणजनों से अपील की गई है कि वे 24 जून को आयोजित होने वाली इस ग्राम सभा में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित रहें। यदि किसी योग्य ग्रामीण को कोई विसंगति नजर आती है, तो वे स्वयं उपस्थित होकर अपनी दावे-आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं, ताकि पात्र हितग्राहियों की सही सूची तैयार की जा सके और ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद लोग इस योजना से जुड़ सकें। छत्तीसगढ़ सरकार ग्रामीण विकास की इन योजनाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ हर जरूरतमंद तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। विभाग ने सभी ग्रामीणों से इन ग्राम सभाओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है।
- बिलासपुर/जिले के सलखा ग्राम निवासी आदिवासी किसान श्री अमृत सिंह पहले अपनी 1.5 हेक्टेयर कृषि भूमि में मुख्य रूप से धान की खेती करते थे। एक ही फसल पर निर्भरता के कारण उनकी वार्षिक आय लगभग 1 लाख रुपये तक सीमित थी। बढ़ती लागत और सीमित आमदनी के कारण आर्थिक प्रगति की संभावनाएँ भी कम थीं। इसी दौरान राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत फल क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम से उन्हें जोड़ा गया। विभाग द्वारा उन्हें केले की उन्नत खेती के लिए गुणवत्तायुक्त पौध सामग्री उपलब्ध कराई गई। साथ ही मल्चिंग, ड्रिप सिंचाई एवं अंतरवर्ती फसलों के समावेश संबंधी तकनीकी मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया। योजना के अंतर्गत अनुदान सहायता मिलने से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाना उनके लिए आसान हो गया।उद्यानिकी फसलों की खेती शुरू करने के बाद श्री अमृत सिंह की कृषि व्यवस्था में बड़ा परिवर्तन आया। केले की व्यावसायिक खेती और आधुनिक तकनीकों के उपयोग से उत्पादन में वृद्धि हुई तथा अतिरिक्त आय के नए स्रोत विकसित हुए। परिणामस्वरूप उनकी वार्षिक आय बढ़कर लगभग 5 लाख रुपये हो गई, जो पहले की तुलना में पांच गुना अधिक है। श्री अमृत सिंह का कहना है कि उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन और अनुदान सहायता से उन्हें नई दिशा मिली है। अब वे आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ अन्य किसानों को भी पारंपरिक खेती के साथ उद्यानिकी फसलों को अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। यह सफलता कहानी दर्शाती है कि सरकारी योजनाओं, तकनीकी मार्गदर्शन और आधुनिक कृषि पद्धतियों के समुचित उपयोग से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक समृद्धि का मार्ग प्रशस्त किया जा सकता है।
- रायपुर/ जिंदल स्टील मशीनरी डिवीजन ने अपने मंदिर हसौद स्थित विनिर्माण संयंत्र में उत्साहपूर्वक अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन किया। इस अवसर पर कंपनी ने कर्मचारियों के स्वास्थ्य, कल्याण एवं समग्र विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया।कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकाल एक विशेष योग सत्र के साथ हुई, जिसका संचालन जिंदल स्टील मशीनरी डिवीजन की योग गुरु सुश्री गीता शर्मा द्वारा किया गया। विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास किया। इन गतिविधियों का उद्देश्य तनाव कम करना, शारीरिक फिटनेस को बढ़ावा देना तथा मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करना था।इस अवसर पर उपस्थित कर्मचारियों को संबोधित करते हुए सुश्री गीता शर्मा ने योग के महत्व पर प्रकाश डाला और सभी को इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।उन्होंने कहा, “योग शरीर और मन दोनों को सशक्त बनाने का एक प्रभावी माध्यम है। यदि हम योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करें, तो हम बेहतर स्वास्थ्य, अधिक कार्यक्षमता और संतुलित जीवन प्राप्त कर सकते हैं। इससे कार्यस्थल का वातावरण भी अधिक सकारात्मक और ऊर्जावान बनता है।”इस कार्यक्रम में कर्मचारियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने स्वास्थ्य एवं कल्याण के प्रति उनकी बढ़ती जागरूकता को प्रदर्शित किया। कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों द्वारा शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन एवं सजग जीवनशैली को दैनिक जीवन में अपनाने की सामूहिक शपथ के साथ हुआ।जिंदल स्टील अपने कर्मचारियों के लिए स्वस्थ, सुरक्षित एवं सकारात्मक कार्य वातावरण सुनिश्चित करने हेतु इस प्रकार की कल्याणकारी पहलों को निरंतर प्रोत्साहित करता रहा है तथा भविष्य में भी करता रहेगा।जिंदल स्टील के बारे मेंजिंदल स्टील देश की अग्रणी औद्योगिक कंपनियों में से एक है, जिसकी मजबूत उपस्थिति इस्पात, ऊर्जा, खनन एवं अवसंरचना क्षेत्रों में है। मंदिर हसौद स्थित मशीनरी डिवीजन इंजीनियरिंग उत्कृष्टता, परिचालन दक्षता, कर्मचारी कल्याण एवं सामुदायिक विकास के प्रति समर्पित है।
- 1000 विशिष्टजन विशेष ट्रेन से करेंगे सोमनाथ धाम की यात्रा, 22 जून को रायपुर से मुख्यमंत्री करेंगे शुभारंभरायपुर। भारतीय संस्कृति, आस्था और राष्ट्रीय स्वाभिमान के प्रतीक सोमनाथ धाम से जुड़ने के लिए छत्तीसगढ़ से एक ऐतिहासिक सांस्कृतिक यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत 22 से 26 जून 2026 तक आयोजित होने वाली ‘‘सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा’’ में प्रदेश के 1000 विशिष्टजन विशेष ट्रेन के माध्यम से गुजरात स्थित सोमनाथ धाम पहुंचेंगे। यात्रा का शुभारंभ 22 जून को प्रातः 11 बजे रायपुर रेलवे स्टेशन से होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे तथा पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री राजेश अग्रवाल कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। इसके साथ ही रायपुर के जनप्रतिनिधि, सांसद, विधायक और महापौर सहित अनेक गणमान्य नागरिक भी समारोह में शामिल होंगे।सोमनाथ स्वाभिमान पर्व भारत की उस सांस्कृतिक चेतना और गौरवशाली विरासत का प्रतीक है, जिसने हजार वर्षों की चुनौतियों के बाद भी अपनी आस्था और पहचान को अक्षुण्ण बनाए रखा। इसी ऐतिहासिक अवसर पर संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ की यह सांस्कृतिक यात्रा उसी राष्ट्रीय अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य नई पीढ़ी को भारत की सांस्कृतिक जड़ों, आध्यात्मिक धरोहर और राष्ट्रीय गौरव से जोड़ना है। इस यात्रा की विशेषता यह है कि इसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों से चयनित विशिष्टजन, पद्म पुरस्कार एवं राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित कलाकार, साहित्यकार, संस्कृति कर्मी, समाजसेवी तथा जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। यात्रा के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, परंपराओं और सांस्कृतिक विविधता का भी राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन होगा। प्रतिभागी अपने-अपने क्षेत्रों की पवित्र मिट्टी और नदियों का जल लेकर सोमनाथ पहुंचेंगे, जो भारत की सांस्कृतिक एकता, आध्यात्मिक समरसता और राष्ट्रीय अखंडता का प्रतीक बनेगा।यात्रा के दौरान प्रतिभागियों को सोमनाथ मंदिर के दर्शन के साथ-साथ विभिन्न सांस्कृतिक और धार्मिक गतिविधियों में शामिल होने का अवसर मिलेगा। मंदिर दर्शन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, कला यात्राएं तथा ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के स्थलों का भ्रमण इस कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहेगा। इससे न केवल प्रतिभागियों को भारत की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को निकट से जानने का अवसर मिलेगा, बल्कि विभिन्न राज्यों के सांस्कृतिक प्रतिनिधियों के बीच संवाद और आदान-प्रदान भी बढ़ेगा।संस्कृति विभाग के अनुसार यात्रा के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। सभी जिलों से चयनित प्रतिभागियों के स्वास्थ्य परीक्षण, यात्रा व्यवस्था और आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। विशेष ट्रेन के माध्यम से यात्रा को सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए विभागीय अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक चेतना, गौरवशाली इतिहास और राष्ट्रीय एकता का जीवंत उत्सव है। छत्तीसगढ़ से निकलने वाली यह यात्रा प्रदेश की समृद्ध लोक परंपराओं, कला, साहित्य और आध्यात्मिक विरासत को राष्ट्रीय मंच पर नई पहचान प्रदान करेगी। साथ ही यह आयोजन समाज में सांस्कृतिक जागरूकता, राष्ट्रीय गौरव और भारतीय मूल्यों के प्रति नई प्रेरणा का संचार करेगा।
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कोई नारी टोनही नहीं- डॉ. दिनेश मिश्ररायपुर। अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष और नेत्र विशेषज्ञ डॉ. दिनेश मिश्र द्वारा पिछले तीन दशकों से अधिक समय से प्रदेश के आदिवासी बहुल बस्तर क्षेत्र में सामाजिक अंधविश्वासों एवं कुरीतियों के विरुद्ध निरंतर जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में ग्रामीणों को जादू-टोना, टोनही प्रताडऩा तथा कथित चमत्कारों की वास्तविकता से परिचित कराया गया तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने का प्रयास किया गया।डॉ. दिनेश मिश्र ने बताया कि इस दौरान कोरर एवं भानुप्रतापपुर में सभाओं का आयोजन किया गया। कोंडागांव, बीजापुर, सुकमा तथा दंतेवाड़ा जिलों में अंधविश्वास से जुड़ी घटनाओं के संबंध में प्रशासन से चर्चा की गई तथा मांग पर कोंडागांव, फरसगांव सहित लगभग एक दर्जन ग्रामों का दौरा कर ग्रामीणों के भ्रम दूर किए गए।डॉ. दिनेश मिश्र ने बताया कि कांकेर जिले के पुसावंड ग्राम में स्कूली छात्रों में फैले अंधविश्वास के एक मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के आमंत्रण पर विद्यार्थियों के भ्रमों का निराकरण किया गया। जगदलपुर-चित्रकूट में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना के राज्य स्तरीय शिविर में प्रशिक्षार्थियों को व्याख्यान दिए गए।डॉ. दिनेश मिश्र ने बताया कि नारायणपुर जिले के दुर्गम अबूझमाड़ क्षेत्र के ओरछा में जनजागरण कार्यक्रम, स्वास्थ्य परीक्षण शिविर तथा व्याख्यान आयोजित किए गए। आमदेई घाटी शिविर में सुरक्षा बलों के जवानों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। शासकीय गुंडाधुर स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोंडागांव, शासकीय भानुप्रताप देव स्नातकोत्तर महाविद्यालय कांकेर , जगदलपुर, सुकमा सहित अनेक शिक्षण संस्थाओं में व्याख्यान एवं पुस्तकों का वितरण किया गया।अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष और नेत्र विशेषज्ञ डॉ. दिनेश मिश्र के पिछले तीन दशकों से अधिक समय से बस्तर क्षेत्र के प्रमुख प्रवास एवं जनजागरण कार्यक्रम का विवरणवर्ष 2001-29 अगस्त 2001 - खडक़ागांव (नारायणपुर) में जादू-टोने के संदेह में महिला प्रताडऩा के मामले में प्रवास, चर्चा एवं जनजागरण।-18 नवंबर 2001 - कोरर में अंधविश्वास विरोधी जनजागरण कार्यक्रम।वर्ष 2002-16 फरवरी 2002 - लोहंडीगुड़ा (बस्तर) में टोनही प्रताडऩा के मामले में प्रवास एवं जनजागरण।वर्ष 2004-1 सितंबर 2004 - नरहरपुर (कांकेर) में टोनही प्रताडऩा के मामले में प्रवास एवं जनजागरण।वर्ष 2006-8 जनवरी 2006 - कोरर में सभा एवं पुस्तकों का वितरण।-9 जनवरी 2006 - भानुप्रतापपुर में सभा, व्याख्यान एवं जनजागरण।15 जून 2006 - दुर्गकोंडल (कांकेर) में टोनही प्रताडऩा के मामले में प्रवास एवं जनजागरण।वर्ष 20075 मई 2007 - गीदम में अंधविश्वास संबंधी मामले पर चर्चा एवं जनजागरण।20-21 मई 2007 - कोंडागांव एवं फरसगांव क्षेत्र में अंधविश्वास संबंधी घटनाओं के संबंध में प्रशासन से चर्चा एवं व्यापक जनजागरण अभियान।कोंडागांव से कांकेर तक लगभग एक दर्जन ग्रामों—मसोरा, गिरोला, माकड़ी, शामपुर, लुभा, शंकरपुर, बोरगांव, फरसगांव, चूरेगांव, पल्ली, सिंगारपुर, गंधवा एवं तोड़मा—का दौरा कर ग्रामीणों से संवाद एवं व्याख्यान।वर्ष 20082 सितंबर 2008 - जैगुर (बीजापुर) में जादू-टोने के संदेह में हुई तीन हत्याओं के बाद प्रवास एवं जनजागरण।वर्ष 200914 जून 2009 - कलचा (जगदलपुर) में टोनही प्रताडऩा के मामले में प्रवास एवं जनजागरण।वर्ष 201019 मार्च 2010 - बजावंड, नगरनार क्षेत्र में टोनही प्रताडऩा के मामले में चर्चा एवं जनजागरण।वर्ष 201130 जनवरी 2011 - चित्रकूट (जगदलपुर) में हृस्स् के प्रादेशिक शिविर में व्याख्यान।जनवरी 2011 - बनियागांव (कोंडागांव) में प्रवास एवं चर्चा।18 अगस्त 2011 - धमतरी में अंधविश्वास संबंधी मामले पर चर्चा एवं जनजागरण।3 दिसंबर 2011 - चारामा में टोनही प्रताडऩा की घटना के संबंध में प्रवास एवं जनजागरण।10 दिसंबर 2011 - शासकीय भानुप्रताप देव स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कांकेर में कार्यशाला।वर्ष 20112 जनवरी 2012 - बीजापुर में नरबलि की घटना के बाद प्रवास एवं जनजागरण।फरवरी-अप्रैल 2012 - शासकीय मिडिल स्कूल पुसावंड (सरोना, कांकेर) में छात्रों के बीच फैले अंधविश्वासों पर चर्चा, जनजागरण एवं स्वास्थ्य परीक्षण।3 फरवरी 2012 - शासकीय विद्यालय अभनपुर (कांकेर) में व्याख्यान।वर्ष 201321 जुलाई 2013 - नेलगुड़ा (गीदम, दंतेवाड़ा) में जादू-टोने के संदेह में दो हत्याओं के मामले में प्रवास एवं जनजागरण।10 अगस्त 2013 - दमकसा (कांकेर) में टोनही के संदेह में प्रताडऩा के मामले में जनजागरण एवं समझाइश।वर्ष 20144 फरवरी 2014 - ककालगुर (जगदलपुर) में जादू-टोने के संदेह में दो हत्याओं के बाद प्रवास एवं जनजागरण।वर्ष 201619 अप्रैल 2016 - ओरछा (नारायणपुर) में सामाजिक कुरीतियों एवं अंधविश्वास पर व्याख्यान, जनजागरण एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर।20 अप्रैल 2016 - आमदेई कैंप (नारायणपुर) में जवानों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं व्याख्यान।वर्ष 20188 मार्च 2018 - सल्फीपदरपारा (जगदलपुर) में टोनही प्रताडऩा के मामले में प्रवास एवं जनजागरण।5 दिसंबर 2018 - कूकानार (सुकमा) में जादू-टोने के संदेह में हत्या के मामले में प्रवास एवं जनजागरण।वर्ष 20193 जून 2019 - सिरिसगुड़ा (बड़ाजी क्षेत्र, जगदलपुर) में जादू-टोने के संदेह में हत्या के मामले में दौरा एवं जनजागरण।वर्ष 202027 फरवरी 2020 - चारगांव, भानपुरी (जगदलपुर) में जादू-टोने के संदेह में हत्या के मामले में प्रवास एवं जनजागरण।19 जून 2020 - नकुलनार में जादू-टोने के संदेह में हत्या के मामले में प्रवास एवं जनजागरण।24 दिसंबर 2020 - गोगुंडा (दोरनापाल) में जादू-टोने के शक में हुई हत्याओं के संबंध में दौरा एवं जनजागरण।वर्ष 202116 जुलाई 2021 - कूकानार (सुकमा) में जादू-टोने के शक में प्रताडऩा के मामले में प्रवास एवं जनजागरण।वर्ष 202212 फरवरी 2022 - शासकीय गुंडाधुर स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कोंडागांव में व्याख्यान एवं जनजागरण अभियान।13 नवंबर 2022 - छिंदगढ़ (सुकमा) में जादू-टोने के शक में हत्या के मामले में जनजागरण।वर्ष 2024सुकमा में टोनही प्रताडऩा के मामले में जनजागरण।19 सितंबर 2024 - मुरलीगुड़ा (कोंटा) में टोनही प्रताडऩा के मामले में प्रवास एवं जनजागरण।29 अक्टूबर 2024 - हिड़पाल (बारसूर, दंतेवाड़ा) में जादू-टोने के शक में हत्या के मामले में प्रवास एवं जनजागरण।वर्ष 20255 जुलाई 2025 - छोटेडोंगर (नारायणपुर) में जादू-टोने के शक में हत्या के मामले में प्रवास एवं जनजागरण।29 अगस्त 2025 - मड़ानार (कोंडागांव) में टोनही के संदेह में महिला की हत्या के मामले में जनजागरण।वर्ष 2026फरवरी 2026 - शासकीय गुंडाधुर स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कोंडागांव में जनजागरण कार्यक्रम एवं पुस्तकों का वितरण।फरवरी 2026 - शासकीय विद्यालय, परचनपाल (बस्तर) में जनजागरण कार्यक्रम।अप्रैल 2026 - दरभा (बस्तर) में अंधविश्वास के कारण हुई हत्या के मामले में जनजागरण अभियान।डॉ. दिनेश मिश्र ने बताया कि बस्तर क्षेत्र, तथा पूरे छत्तीसगढ़ में पिछले तीन दशकों से अधिक समय से अंधविश्वास, जादू-टोना, टोनही प्रताडऩा तथा अन्य सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध निरंतर जनजागरण, संवाद, व्याख्यान, स्वास्थ्य परीक्षण शिविर एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण के प्रचार-प्रसार का कार्य किया गया। इस अभियान का प्रमुख संदेश रहा है—"कोई नारी टोनही नहीं होती; अंधविश्वास नहीं, वैज्ञानिक सोच अपनाएँ।" - रायपुर । रायपुर श्री संघ के परम सौभाग्य से भारत के 13 सेंटरों में रायपुर सेंटर को भी मनोनीत किया गया। इस अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून (रविवार) प्रातः 6:00 बजे से 9:00 बजे तकध्यानगुरु आत्मज्ञानी सदगुरुदेव आचार्य सम्राट पूज्य डॉ. श्री शिवमुनि जी महाराज के दिव्य सानिध्य एवं नेपाल केसरी राष्ट्र संत श्री मणिभद्र मुनि जी महाराज साहब आदि ठाणा के दिव्य निश्रा में रायपुर के श्री लाल गंगा पटवा भवन टैगोर नगर में लगभग 70 - 80 साधकों एवं रायपुर श्रमण संघ अध्यक्ष श्री अशोक जी पटवा एवं ध्यान योग साधना के प्रांतीय अध्यक्ष संदीप बैद की उपस्थिति मे आयोजित किया गया। जिसमें डॉक्टर श्री अनिल जी एवं मौलिक कर्णावट का विशेष सहयोग रहा।आचार्य डॉ शिव मुनि जी ने विश्व योग दिवस पर उद्बोधन देते हुए कहा कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए जहां योग जरूरी है । वहीँ आत्म कल्याण और 84 लाख जीव योनि में जन्म मरण से मुक्ति पाने के लिए ध्यान की गहराई में प्रविष्ट करना जरूरी है। ध्यान के मह्त्व को बताते हुए उन्होंने कहा कि ध्यान हमारे जीवन में समता लाता है और हमारी दृष्टि को उत्कृष्ट बनाता है। साधकों को प्रति दिन सोते, उठते और भोजन के पश्चात ध्यान करने की प्रेरणा देते हुए उन्होंने पूरे विश्व में शांति और मंगल मैत्री के लिए प्रार्थना की।मोना जी जैन ने अपने भाव रखते हुए वक्तव्य ने कहा इस योग साधना को कुछ साधको को मिलकर इसे दिनचर्या में लाया जाए जिस पर श्री अनिल जी कर्णावट मोना जी जैन श्री गुलाब जी रायसोनी सहित कुछ सदस्यों ने रायपुर में विराजमान पुनीत मुनि जी महाराज साहब के सानिध्य में करने का लक्ष्य रखा कार्यक्रम को सफल बनाने में युवा संघ और श्रावक संघ का विशेष सहयोग रहा । कार्यक्रम के पश्चात स्वादिष्ट नवकारसी की व्यवस्था संघ की ओर से रखी गई।
- रायपुर। भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री और छत्तीसगढ़ प्रभारी बजरंगी प्रसाद यादव ने कहा है कि आज के समय में कृषि में रासायनिक खादों और कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग ने न केवल हमारी फसलों को जहरीला बना दिया है, बल्कि इसका सीधा असर मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण पर पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या के समाधान के रूप में "प्राकृतिक खेती" एक बड़े आंदोलन के रूप में उभर रही है। यह पद्धति पूरी तरह से सिंथेटिक रसायनों से मुक्त है, जो हमारे भोजन को शुद्ध और पौष्टिक बनाती है। श्री यादव शनिवार को यहाँ कृषि विश्वविद्यालय स्थित स्वामी विवेकानन्द सभागार में भाजपा किसान मोर्चा द्वारा आयोजित प्राकृतिक खेती कार्यशाला व उन्नत किसान सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे।भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री श्री यादव ने कहा कि कृषि को रसायन मुक्त बनाने, मिट्टी की उर्वरक क्षमता बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से प्राकृतिक खेती अपनाने से हवा, पानी और भोजन में घुल रहे रसायनों पर रोक लगेगी, जिससे कैंसर, लिवर और किडनी से जुड़ी बीमारियों में भारी कमी आएगी। इसके साथ ही, यह खेती प्रकृति के अनुकूल है, जो मित्र कीटों, पक्षियों और पर्यावरण के पूरे चक्र को सुरक्षित रखती है। यह केवल एक खेती की पद्धति नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने का एक महाअभियान है। यह कृषि क्षेत्र का नया सवेरा है। ‘प्राकृतिक खेती’ से धरती अनेक विकारों से मुक्त होगी और मानव स्वास्थ्य को दीर्घायु का वरदान मिलेगा।प्राकृतिक खेती से मिट्टी के जैविक कार्बन में वृद्धि होती है - रामविचार नेतामकार्यशाला को सम्बोधित करते हुए प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि लगातार यूरिया और डीएपी के इस्तेमाल से देश की उपजाऊ मिट्टी कड़क और बेजान होती जा रही है। कृषि वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि यदि मिट्टी का स्वास्थ्य नहीं सुधारा गया, तो भविष्य में खाद्यान्न संकट खड़ा हो सकता है। ऐसे में प्राकृतिक खेती मिट्टी के लिए 'संजीवनी' साबित हो रही है। इस पद्धति में गाय के गोबर और गोमूत्र से तैयार 'जीवामृत' का उपयोग किया जाता है, जो मिट्टी में सुप्त पड़े केंचुओं और लाभकारी सूक्ष्मजीवों को सक्रिय कर देता है। श्री नेताम ने इस सम्बन्ध में हुए वैज्ञानिक अध्ययनों की चर्चा करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती अपनाने के महज कुछ ही वर्षों के भीतर मिट्टी के जैविक कार्बन में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। मिट्टी स्पंज की तरह काम करने लगती है, जिससे उसकी नमी सोखने की क्षमता बढ़ जाती है। इसका सीधा फायदा यह होता है कि सूखे की स्थिति में भी फसलें लंबे समय तक टिकी रहती हैं और भू-जल स्तर पर भी अनुकूल प्रभाव पड़ता है।कार्यशाला में प्राकृतिक खेती की नवीन तकनीकों, जैविक संसाधनों के प्रभावी उपयोग, मिट्टी की सेहत, जल संरक्षण, कीट प्रबंधन और किसानों की आय बढ़ाने के उपायों पर विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया। इस दौरान भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू, रायपुर शहर जिला अध्यक्ष रमेश ठाकुर, अभिनेष कश्यप,मोनू वर्मा,ओमप्रकाश देवांगन, देवेंद्रसिंह ठाकुर सहित किसान मोर्चा के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थिति रहे।
- - कार्यपालक निदेशक ने शीर्षासन और नन्हीं विराध्या ने सेतुबंधासन से किया मंत्रमुग्धरायपुर । छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ रायपुर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सामूहिक योगाभ्यास किया गया। इसमें छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के सदस्य श्री विवेक गनोदवाले तथा प्रबंध निदेशकगण श्री एस.के. कटियार एवं श्री राजेश कुमार शुक्ला ने भाग लेकर स्वस्थ जीवन और संतुलित दिनचर्या का संदेश दिया। कार्यक्रम में विभिन्न योगासनों एवं प्राणायाम का अभ्यास किया गया तथा नियमित योग को जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया गया।पावर कंपनी मुख्यालय स्थित लोड डिस्पेच सेंटर परिसर में आयोजित कार्यक्रम में प्रशिक्षक डॉ. आनंद भारतीय ने योग प्रोटोकॉल के अनुसार योगाभ्यास करवाया। इसके पश्चात कार्यपालक निदेशक श्री संजय पटेल ने शीर्षासन एवं मयूरासन प्रस्तुत किया, वहीं नन्हीं बच्ची विराध्या वर्मा ने सेतुबंधासन का प्रदर्शन कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। गुढ़ियारी के खेलन यादव ने बकासन तथा सेवानिवृत्त कर्मी श्री मूल सजीवन शर्मा ने भी शीर्षासन प्रस्तुत किया।अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर डायटिशियन सुश्री शिल्पी गोयल ने शरीर को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित आहार, पर्याप्त धूप, स्वच्छ हवा एवं शुद्ध जल के महत्व पर प्रकाश डाला। योगाभ्यास के दौरान अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी की कार्यालय सहायक सुश्री अनिता गेडाम तथा जनरेशन कंपनी के अधीक्षण अभियंता श्री एम.पी. नायक को सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में कार्यपालक निदेशक श्री के.एस. मनोठिया, मुख्य अभियंता श्रीमती रश्मि वर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एच.एल. पंचारी, डीजीएम श्री पंकज सिंह, एसई श्री पंकज चौधरी तथा एई श्री रजनीश चौबे उपस्थित थे। मंच संचालन डीजीएम (जनसंपर्क) श्री गोविन्द पटेल ने किया।योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि मानसिक एकाग्रता, सकारात्मक ऊर्जा और कार्यक्षमता में भी वृद्धि करता है। इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों ने स्वस्थ एवं निरोग जीवन के लिए नियमित योग करने का संदेश दिया।
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रायपुर/जगदलपुर। विश्व योग दिवस के अवसर पर रविवार को जगदलपुर स्थित प्रियदर्शिनी स्टेडियम में योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव शामिल हुए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं नागरिकों ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने इस अवसर पर कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य परंपरा है, जो शरीर को स्वस्थ रखने के साथ-साथ मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। श्री देव ने सभी नागरिकों से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करने का आह्वान किया। कार्यक्रम से पहले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने स्टेडियम परिसर में एक पेड़ माँ के नाम पर पौधरोपण भी किया। योग दिवस के अवसर पर भाजपा प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन बालोद में, अखिलेश सोनी अंबिकापुर में डॉ. नवीन मार्कंडेय ने रायपुर में योगाभ्यास शिविर में शामिल होकर योगाभ्यास किया।



























