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- प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ाया कदम, बिजली बिल में मिलेगी राहत
राजनांदगांव । प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से जिले में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में ग्रामीण परिवारों द्वारा निरंतर पहल की जा रही है। योजना से प्रेरित होकर छुरिया विकासखंड के ग्राम कुहीखुर्द निवासी श्री वासुदेव साहू ने अपने कच्चे मकान की बाड़ी में 3 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल स्थापित कराकर स्वच्छ ऊर्जा की ओर महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। श्री वासुदेव साहू कृषि कार्य से जुड़े हैं। उनके मकान की छत सोलर पैनल लगाने के लिए उपयुक्त नहीं थी। ऐसे में उन्होंने घर की बाड़ी में उपलब्ध खाली एवं उपयुक्त स्थान का उपयोग करते हुए सोलर पैनल स्थापित कराया। उनकी यह पहल बताती है कि सौर ऊर्जा को अपनाने के लिए केवल पक्के मकान की छत ही जरूरी नहीं है, बल्कि तकनीकी रूप से उपयुक्त सुरक्षित स्थान उपलब्ध होने पर परिसर की अन्य जगह का भी उपयोग किया जा सकता है।
श्री वासुदेव साहू ने बताया कि ग्राम पंचायत में आयोजित सूर्य सभा के माध्यम से उन्हें प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की जानकारी मिली। योजना के बारे में जानकारी मिलने के बाद उन्होंने सौर ऊर्जा के लाभों को समझा और अपने घर में 3 किलोवाट का सोलर पैनल लगाने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि पहले उनके घर का बिजली बिल अधिक आता था। सोलर पैनल स्थापित होने के बाद उन्हें बिजली बिल में राहत मिलेगी और घर की बिजली जरूरतों के लिए प्राकृतिक एवं स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग हो सकेगा। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही अतिरिक्त बिजली उत्पादन से वे विद्युत विभाग को ग्रिड में भेजकर अतिरिक्त आय अर्जित करेंगे।
श्री वासुदेव साहू ने बताया कि 3 किलोवाट का सोलर पैनल स्थापित करने पर उन्हें केंद्र शासन की ओर से 78 हजार रूपए तथा राज्य शासन की ओर से 30 हजार रूपए की सब्सिडी का लाभ प्राप्त होगा। शासन की ओर से मिल रही इस आर्थिक सहायता से सौर ऊर्जा को अपनाना उनके लिए और अधिक आसान हुआ है। श्री वासुदेव साहू ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं की जानकारी ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचने से आम नागरिक भी नई तकनीक और स्वच्छ ऊर्जा को अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सोलर पैनल से बिजली की जरूरत पूरी करने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देने का अवसर मिल रहा है। श्री वासुदेव साहू की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के प्रति बढ़ती जागरूकता और जनभागीदारी का उदाहरण है। कच्चे मकान के बावजूद उपलब्ध स्थान का बेहतर उपयोग कर सोलर पैनल स्थापित करना यह संदेश देता है कि जहां इच्छा और पहल हो, वहां स्वच्छ ऊर्जा का रास्ता निकाला जा सकता है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से ऐसे प्रयास ग्रामीण परिवारों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। -
- कलेक्टर ने चरवाहे की व्यवस्था और दुर्घटना रोकने के प्रभावी उपाय करने के दिए निर्देश
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव की अध्यक्षता में मंंगलवार को जिला पंचायत के सभाकक्ष में राष्ट्रीय राजमार्ग एवं प्रमुख मार्गों पर घुमंतु पशुओं के प्रबंधन और सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के संबंध में बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्राम पंचायतों के सरपंच-सचिव, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, पुलिस विभाग, नगरीय निकाय तथा राष्ट्रीय राजमार्ग से संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर ने कहा कि सड़क पर पशुओं के विचरण से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रशासन, पुलिस और राष्ट्रीय राजमार्ग की टीम के साथ ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों और ग्राम पंचायतों की सहभागिता से ही इस समस्या का स्थायी समाधान संभव है। उन्होंने सभी सरपंच एवं सचिवों को अपने-अपने क्षेत्र में प्रभावी व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने ग्राम पंचायतों को अपने उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करते हुए चरवाहे की व्यवस्था करने कहा, ताकि राष्ट्रीय राजमार्ग एवं प्रमुख सड़कों पर विचरण करने वाले पशुओं को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके। इसके लिए स्थानीय टेक्स संग्रहण तथा अन्य उपलब्ध संसाधनों का नियमानुसार उपयोग करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि आगामी तीन माह तक इस व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाएगी। जिन पंचायतों द्वारा पशु प्रबंधन और सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य किया जाएगा, उन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा। उत्कृष्ट कार्य करने वाली पंचायतों को विकास कार्यों के लिए प्रोत्साहन तथा बेहतर कार्य करने वाले सरपंचों को सम्मानित करने की बात भी कही।
पशु आश्रय स्थलों को सक्रिय कर पशुओं के लिए सुरक्षित स्थान विकसित करें-
कलेक्टर ने ग्राम पंचायतों के पशु आश्रय स्थलों को सक्रिय करने पर जोर देते हुए कहा कि पशुओं के संरक्षण के साथ मानव-पशु टकराव को रोकना भी इसका महत्वपूर्ण उद्देश्य है। उन्होंने जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को ग्राम पंचायतों से प्रस्ताव प्राप्त कर पशु आश्रय स्थलों में आवश्यक शेड, फेंसिंग, चारा एवं पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क के आसपास उपलब्ध शासकीय भूमि का चिन्हांकन कर आवश्यकता के अनुसार सुरक्षित पशु आश्रय स्थल विकसित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में विभिन्न पंचायतों में उपलब्ध गौठानों की क्षमता तथा अतिरिक्त पशुओं को रखने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली गई।
कलेक्टर ने राष्ट्रीय राजमार्ग की पेट्रोलिंग टीम, पुलिस और ग्राम पंचायतों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क पर पशुओं के पाए जाने की सूचना तत्काल संबंधित टीम तक पहुंचनी चाहिए, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। इसके लिए सरपंच, सचिव, चरवाहे, जनपद पंचायत एवं राष्ट्रीय राजमार्ग की टीम को समन्वित सूचना समूह से जोडऩे के निर्देश दिए गए। उन्होंने रात्रिकालीन पेट्रोलिंग को प्रभावी बनाने के साथ दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में प्रकाश व्यवस्था, सीसीटीवी तथा उपलब्ध अन्य संसाधनों का बेहतर उपयोग करने कहा। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री दुर्गा प्रसाद अधिकारी, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, यातायात पुलिस के अधिकारी, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सरपंच, सचिव तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। -
- स्कूली बच्चों ने शासन की योजनाओं को जीवंत संवादों के जरिए किया प्रस्तुत
राजनांदगांव । सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत डोंगरगांव विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तिलईरवार के विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से नमो सेवा अनकही कहानियां की प्रभावी प्रस्तुति देकर ग्रामीणों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक किया। विद्यार्थियों ने अभिनय, संवाद और गीत के माध्यम से सेवा, जनभागीदारी और विकसित भारत के संकल्प का संदेश दिया।
नुक्कड़ नाटक में प्रधानमंत्री जनधन योजना, स्वच्छ भारत अभियान, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और कौशल विकास जैसी योजनाओं को रोचक संवादों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। विद्यार्थियों ने बताया कि शासन की योजनाओं का उद्देश्य आमजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है तथा इनके प्रभावी क्रियान्वयन में जनभागीदारी की महत्वपूर्ण भूमिका है। महिला सशक्तिकरण, बालिका शिक्षा, जल एवं पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और युवाओं के कौशल विकास जैसे विषयों को भी नाटक में प्रमुखता से शामिल किया गया। प्रस्तुति के अंत में विद्यार्थियों ने ग्रामीणों के साथ स्वच्छता रखने, जल बचाने, पर्यावरण संरक्षण, बेटियों का सम्मान करने, शिक्षा को महत्व देने और राष्ट्रीय एकता में योगदान देने का सामूहिक संकल्प लिया। विद्यार्थियों की प्रस्तुति ने मनोरंजन के साथ शासन की योजनाओं और नागरिक दायित्वों का संदेश प्रभावी ढंग से आमजन तक पहुंचाया। -
- जलस्रोत सफाई, वृद्धजनों का स्वास्थ्य परीक्षण, दिव्यांगजन सहयोग और जागरूकता गतिविधियों का होगा आयोजन
राजनांदगांव । सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत जिले में 23 सितम्बर 2026 को सेवा मेरा योगदान कार्यक्रम के तहत विभिन्न सेवा एवं जनजागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इसके माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों के प्रति संवेदनशीलता, सेवा भावना और जनभागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा। समाज कल्याण विभाग द्वारा दोपहर 12.30 बजे भगवान महावीर समता वृद्धाश्रम पार्रीनाला में सेवा गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इसमें अनाथालय भ्रमण, अंगदान संकल्प अभियान, नशा मुक्त भारत के प्रति जागरूकता तथा वरिष्ठ नागरिकों के लिए डिजिटल साक्षरता जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा दोपहर 3 बजे वृद्धाश्रम में वृद्धजनों के लिए स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया जाएगा।
इसी क्रम में आवास एवं पर्यावरण विभाग तथा नगर पालिक निगम द्वारा सुबह 7.30 बजे शिवनाथ नदी मोहारा घाट में जल संरक्षण एवं जलस्रोत सफाई गतिविधि आयोजित की जाएगी। नागरिकों को जलस्रोतों के संरक्षण एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए श्रमदान भी किया जाएगा। डोंगरगढ़ में दिव्यांगजन सहयोग गतिविधि के अंतर्गत शिविर का आयोजन किया जाएगा, जिसमें दिव्यांगजनों को आवश्यक सहयोग एवं शासन की योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। नगर पंचायत छुरिया द्वारा वार्ड क्रमांक 9 में सुबह 7 बजे से नया तालाब स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। अभियान के तहत नागरिकों से सेवा गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता निभाने तथा स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी गतिविधियों में योगदान देने की अपील की गई है। -
- जल जीवन मिशन ने साकार किया हर घर जल का सपना
- ग्रामीणों को मिली स्वच्छ पेयजल की सुविधा
राजनांदगांव । जल जीवन मिशन के तहत छुरिया विकासखंड के दूरस्थ वनांचल ग्राम पंचायत बेंदाड़ी के आश्रित ग्राम खेड़ेपार में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित होने से गांव की तस्वीर बदली है। जल जीवन मिशन ने ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। वनांचल ग्राम खेड़ेपार में जल जीवन मिशन के तहत सोलर आधारित नलजल प्रदाय योजना के माध्यम से हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है। कभी कुएं, हैंडपंप, नाले और दूरस्थ जलस्रोतों पर निर्भर रहने वाले ग्रामीणों के घरों में अब नल से नियमित स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है।
जल जीवन मिशन अंतर्गत नलजल प्रदाय योजना आने से पहले गांव में घर-घर नल कनेक्शन की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। ग्रामीणों को अपनी दैनिक जरूरतों के लिए कुएं, हैंडपंप, तालाब एवं अन्य जलस्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता था। गर्मी के दिनों में जलस्रोतों के सूखने से पानी की समस्या और बढ़ जाती थी। ग्रामीण महिलाओं को दूर से पानी लाने में काफी मेहनत करनी पड़ती थी, जिसमें समय भी बहुत लगता है। साथ ही जल की गुणवत्ता को लेकर भी चिंता बनी रहती थी। ग्रामीणों की इस समस्या के समाधान के लिए ग्राम खेड़ेपार को जल जीवन मिशन अंतर्गत सोलर आधारित नलजल प्रदाय योजना से जोड़ा गया। योजना के तहत गांव में पाइपलाइन बिछाई गई और 10 हजार लीटर क्षमता के सोलर टैंक का निर्माण किया गया। ग्रामीणों को घर पर ही स्वच्छ पेयजल की सुविधा के लिए प्रत्येक घर तक नल कनेक्शन पहुंचाया गया। गांव में जल एवं स्वच्छता समिति का गठन कर ग्रामीणों को जल संरक्षण, स्वच्छ पेयजल के उपयोग तथा नलजल योजना के रख-रखाव के प्रति जागरूक किया गया।
हर घर नल कनेक्शन मिलने के बाद ग्राम खेड़ेपार के ग्रामीणों के दैनिक जीवन में उल्लेखनीय बदलाव आया है। अब ग्रामीणों को पानी के लिए दूर-दराज के जलस्रोतों तक नहीं जाना पड़ता। ग्रामीण महिलाओं एवं बच्चों को भी पानी लाने की जिम्मेदारी से राहत मिली है। जिससे बच्चे पढ़ाई और महिलाएं अन्य आर्थिक गतिविधियों में अधिक समय दे पा रहे हैं। स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता से ग्रामीणों में स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ी है। ग्रामीणों ने योजना के कार्यों में सहयोग देने के साथ ही जलस्रोतों के संरक्षण, पानी के सदुपयोग और नलजल व्यवस्था के रख-रखाव की जिम्मेदारी निभा रहे है। नल के माध्यम से घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचने से ग्रामीणों की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान हुआ है। ग्रामीणों ने जल जीवन मिशन के तहत सोलर आधारित नलजल प्रदाय योजना के माध्यम से ग्राम के प्रत्येक घरों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। -
राजनांदगांव । श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों की समस्याओं के समाधान के लिए एसओपी अंतर्गत जिले के नगरीय निकायों के वार्डों एवं ग्राम पंचायतों में मोबाईल कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। मोबाईल कैम्प के माध्यम से श्रमिकों के कल्याण के लिए चलाए जा रहे शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी जा रही है तथा पात्र आवेदक को योजनाओं से लाभान्वित करने आवेदन प्राप्त किए जा रहे है। इसी क्रम में डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम पारागांव खुर्द, छुरिया विकासखंड के ग्राम पार्रीकला एवं तेलीनबांधा, राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम परमालकसा एवं पदुमतरा, डोंगरगांव विकासखंड के ग्राम बनभेड़ी में मोबाईल कैम्प एवं ई-केवायसी शिविर का आयोजन किया गया। इन मोबाईल कैम्प एवं ई-केवायसी शिविर में 510 श्रमिक उपस्थित हुए। छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल अंतर्गत तथा छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मण्डल अंतर्गत 97 श्रमिकों का पंजीयन हेतु आवेदन किया गया। शिविर में 27 वैधता अवधि समाप्त होने वाले श्रमिक पंजीयन का नवीनीकरण आवेदन किया गया एवं 9 हितग्राहियों के संशोधन एवं 12 योजनाओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए गए। शिविर में ई-श्रम साथी एप के माध्यम से 5 रजिस्ट्रेशन एवं 109 श्रमिकों का ई-केवायसी सत्यापन किया गया। शिविर में 220 श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं से संबंधित जानकारी दी गई एवं ब्रोसर का वितरण किया गया। सहायक श्रमायुक्त ने श्रमिकों से जिले में आयोजित मोबाईल कैम्पों में शामिल होकर नवीन श्रमिक पंजीयन एवं श्रमिक पंजीयन नवीनीकरण कराने के लिए आवेदन प्रस्तुत करने की अपील की है। मोबाईल कैम्पों में श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों के कल्याण के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
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- मत्स्य पालक श्रीमती सुखविंदर कौर भाटिया की आय में हुई वृद्धि
राजनांदगांव । प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना मत्स्य पालन को आधुनिक एवं लाभकारी व्यवसाय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। योजना के माध्यम से मत्स्य पालकों को आधुनिक तकनीक अपनाने और कम भूमि एवं पानी में अधिक मत्स्य उत्पादन करने में सहायता मिल रही है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना अंतर्गत पॉण्ड लाइनर निर्माण कर राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम धर्मापुर की श्रीमती सुखविंदर कौर भाटिया ने आधुनिक मत्स्य पालन की दिशा में कदम बढ़ाया। श्रीमती सुखविंदर कौर भाटिया ने बताया कि वर्ष 2024-25 में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना अंतर्गत पॉण्ड लाईनर निर्माण की 2 इकाइयों के माध्यम से मत्स्य उत्पादन का कार्य प्रारंभ किया। इस परियोजना की इकाई लागत 14 लाख रूपए आयी तथा योजना अंतर्गत 16 लाख 80 हजार रूपए का अनुदान प्राप्त हुआ। पॉण्ड लाइनर तकनीक से मत्स्य पालन करने पर कम भूमि एवं पानी में अधिक घनत्व के साथ मछली पालन संभव हुआ। उन्होंने बताया कि पारंपरिक तालाबों की तुलना में पॉण्ड लाइनर तकनीक से मत्स्य उत्पादन में बेहतर प्रबंधन, रोग नियंत्रण तथा कम समय में मछलियों की वृद्धि हुई है। इस परियोजना में मत्स्य उत्पादन पर 6 लाख रूपए का व्यय हुआ तथा विक्रय से 5 लाख रूपए का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ। शासकीय अनुदान और आधुनिक तकनीक से मत्स्य पालन एक लाभकारी व्यवसाय बन रहा है। श्रीमती सुखविंदर कौर भाटिया ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। - -उप मुख्यमंत्री ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ को जनभागीदारी से सफल बनाने के दिए निर्देश-अभियान की आगामी गतिविधियों की तैयारियों की समीक्षा कीरायपुर ।उप मुख्यमंत्री तथा कोरबा जिले के मंत्री श्री अरुण साव ने आज कोरबा जिला मुख्यालय में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत संचालित गतिविधियों एवं आगामी कार्यक्रमों की समीक्षा की। उन्होंने अभियान के अंतर्गत प्रस्तावित गतिविधियों की रूपरेखा, तिथि और आयोजन स्थलों को अंतिम रूप देते हुए सभी कार्यक्रमों को व्यापक जनभागीदारी के साथ आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एक माह तक चलने वाले इस अभियान को सार्थक, प्रभावी और जनोन्मुखी स्वरूप देने के लिए शासन, प्रशासन तथा आमजन के समन्वित प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्यक्रमों का सुचारु एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन और विधायक श्री प्रेमचंद पटेल भी बैठक में शामिल हुए।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत 17 सितम्बर को आयोजित ‘आशीर्वाद के दिया’ कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन को बधाई दी। उन्होंने कहा कि घर-घर दीप प्रज्ज्वलित कर जनभागीदारी का जो उत्साह देखने को मिला, वह अभियान की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि ‘मेरे सपनों का भारत’ कार्यक्रम के तहत छात्र-छात्राओं ने चित्रकला और भाषण के माध्यम से देश के प्रति अपने विचार और कल्पनाओं को अभिव्यक्त किया। उन्होंने आगामी गतिविधियों में भी इसी उत्साह और सहभागिता को बनाए रखते हुए सभी कार्यक्रमों को उत्सव के रूप में आयोजित करने के निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ के शेष कार्यक्रमों के लिए तिथिवार कार्ययोजना तैयार करने, कार्यक्रमों की रूपरेखा निर्धारित करने तथा आयोजन स्थलों का चिन्हांकन समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों को कार्यक्रमों की तिथि, स्वरूप एवं आयोजन स्थल की पूर्व जानकारी उपलब्ध कराने तथा निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार सभी गतिविधियों का समय पर आयोजन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ अपने दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करते हुए अभियान की गतिविधियों को सफल बनाने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि प्रत्येक आयोजन में उत्साहपूर्ण वातावरण निर्मित हो और लोगों को सक्रिय रूप से जोड़ने के लिए प्रेरित किया जाए। अभियान के तहत गांवों और शहरों में स्वच्छता को जनआंदोलन का स्वरूप देते हुए नदी-घाटों की साफ-सफाई, वृहद स्तर पर पौधरोपण, रक्तदान, अंगदान सहित विभिन्न जनसेवा गतिविधियों का आयोजन किया जाए। इन कार्यक्रमों में अधिकाधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए उन्हें सेवा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और मानवता के प्रति संकल्प दिलाया जाए।श्री साव ने कहा कि अभियान के दौरान केंद्र एवं राज्य शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव को ‘सेवा की कहानी’ के रूप में संकलित कर लोगों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं से लोगों के जीवन में आए वास्तविक परिवर्तन की प्रेरक कहानियां अभियान को और अधिक प्रभावी बनाएंगी।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ सरकार की योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यों को आमजन तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम है। इसके माध्यम से लोगों को शासन की योजनाओं की जानकारी मिले और वे उनके लाभ से जुड़ सकें, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने आगामी कार्यक्रमों की जानकारी गांवों और शहरों तक पहुंचाने के लिए मुनादी, बैनर, पोस्टर एवं अन्य प्रचार माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने अभियान की प्रत्येक गतिविधि में जनसेवा एवं जनभागीदारी की भावना को सशक्त बनाने तथा अधिकाधिक लोगों को इससे जोड़कर अभियान को सफल एवं सार्थक बनाने के निर्देश दिए।श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत निर्धारित तिथियों के अनुरूप सभी कार्यक्रमों का समयबद्ध एवं सुव्यवस्थित आयोजन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि अभियान की गतिविधियों को जिला मुख्यालय से लेकर सभी नगरीय निकायों एवं ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाते हुए अधिकाधिक लोगों को इससे जोड़ा जाए तथा प्रत्येक कार्यक्रम में जनसहभागिता को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए जनप्रतिनिधियों, सामाजिक एवं स्वयंसेवी संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों, स्व-सहायता समूहों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों सहित समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि अभियान को जनसेवा की भावना के साथ प्रभावी एवं सफल स्वरूप प्रदान किया जा सके।कोरबा जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ पवन सिंह, श्री गोपाल मोदी, कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत, पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी, सीईओ जिला पंचायत श्री प्रतीक जैन, डीएफओ कटघोरा श्री जितेंद्र उपाध्याय और निगम आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।
- मॉडिफाइड उड़ान योजना के नए चरण के लिए भारत सरकार और छत्तीसगढ़ शासन के बीच महत्वपूर्ण समझौताबेहतर हवाई संपर्क से पर्यटन, व्यापार, निवेश और रोजगार की संभावनाओं को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्रीप्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय नागर विमानन मंत्री श्री राम मोहन नायडू के प्रति मुख्यमंत्री ने जताया आभाररायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मॉडिफाइड उड़ान योजना के नए चरण के अंतर्गत भारत सरकार और छत्तीसगढ़ शासन के बीच हुए समझौते को विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश की भौगोलिक दूरियां घटेंगी और विकास की रफ्तार बढ़ेगी। नई दिल्ली में हुए इस समझौते पर छत्तीसगढ़ शासन की ओर से विमानन सचिव श्री मुकेश बंसल ने हस्ताक्षर किए।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारा प्रयास है कि बेहतर हवाई संपर्क का लाभ बड़े शहरों के साथ छोटे शहरों और दूरस्थ अंचलों तक भी पहुंचे। इस समझौते से प्रदेश में नए हवाई संपर्क, हवाई पट्टियों के विकास और दूरस्थ क्षेत्रों में हेली-कनेक्टिविटी के विस्तार की संभावनाओं को मजबूती मिलेगी।उन्होंने कहा कि बेहतर हवाई संपर्क से नागरिकों का आवागमन सुगम होगा और पर्यटन, व्यापार, निवेश तथा रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। प्रदेश के प्राकृतिक, धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। दूरस्थ क्षेत्रों में हेली-कनेक्टिविटी का विस्तार आपातकालीन चिकित्सा सहायता, आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों में भी उपयोगी होगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय नागर विमानन मंत्री श्री राम मोहन नायडू के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ देश के विस्तारित होते विमानन नेटवर्क से और मजबूती से जुड़ेगा।उल्लेखनीय है कि मॉडिफाइड उड़ान योजना के अंतर्गत देश में मौजूदा अनुपयोगी हवाई पट्टियों से 100 हवाई अड्डे तथा दूरस्थ क्षेत्रों में 200 आधुनिक हेलीपैड विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
- -पीपल-वट उद्यान को हरा-भरा एवं आकर्षक बनाने के साथ बच्चों के लिए मनोरंजन सुविधाएं विकसित करने पर दिया जोररायपुर ।उप मुख्यमंत्री तथा कोरबा जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव ने आज कोहड़िया स्थित कोरबा के प्रथम पीपल-वट उद्यान में वृक्षारोपण किया। उन्होंने उद्यान को निरंतर विकसित करते हुए हरा-भरा और सुंदर बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यह उद्यान नागरिकों के लिए प्राकृतिक वातावरण में समय बिताने का बेहतर स्थान बने तथा यहां आने वाले लोगों को पेड़-पौधों की छाया और बच्चों को मनोरंजन एवं खेलकूद की सुविधाएं भी मिलें। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन और विधायक श्री प्रेमचंद पटेल भी इस दौरान मौजूद थे।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि पीपल-वट उद्यान को व्यवस्थित एवं आकर्षक स्वरूप दिया जाए। यहां अधिक से अधिक पौधों का रोपण कर हरित क्षेत्र का विस्तार किया जाए, ताकि आने वाले वर्षों में विकसित पेड़-पौधे नागरिकों को शीतल छाया और स्वच्छ वातावरण प्रदान कर सकें। उन्होंने उद्यान में बच्चों के लिए आवश्यक मनोरंजन एवं खेलकूद के साधन विकसित करने की आवश्यकता भी बताई।
- -राज्यपाल, मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री एवं वित्त मंत्री शुभारंभ समारोह में रहेंगे मौजूद-छत्तीसगढ़ के एक हजार से अधिक युवा कान्क्लेव में शामिल होंगे-आई.आई.टी, एन.आई.टी, आई.आई.आई.टी., नाबार्ड और सीजी काॅस्ट भी होंगे आयोजन में सहयोगी-सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर का लोकार्पण भी होगारायपुर । छत्तीसगढ़ के युवाओं में नवचार, उद्यमिता विकास एवं प्रौद्योगिकी के व्यवसायीकरण को बढ़ावा देने के लिए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर द्वारा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर, भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान नवा रायपुर, छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, छत्तीसगढ़ बायोटेक प्रमोशन सोसायटी तथा राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 28 से 30 सितंबर 2026 तक “छत्तीसगढ़ यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव 2026” का आयोजन कृषि मंडपम इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में किया जाएगा। राज्य में उद्यमिता एवं स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने वाले इस यूथ कॉन्क्लेव में प्रदेश भर से लगभग एक हजार से अधिक नवोन्मेषी युवा उद्यमियों के शामिल होने की उम्मीद है। इस तीन दिवसीय यूथ काॅन्क्लेव 2026 का उद्घाटन 28 सितम्बर को छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रामेन डेका करेंगे तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम और वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चैधरी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के प्रथम एवं एकमात्र बायोटेक्नोलॉजी सेक्टर-केंद्रित सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर के नवनिर्मित भवन का शुभारंभ भी किया जाएगा। यूथ काॅन्क्लेव के दौरान युवा नेतृत्व वाले उद्यमों और संस्थागत नवाचारों को प्रदर्शित करने वाली “नवाचार एवं स्टार्टअप प्रदर्शनी” भी आयोजित की जाएगी तथा शीर्ष तीन स्टार्टअप्स को पुरस्कृत किया जाएगा। यूथ काॅन्क्लेव में शामिल होने के इच्छुक युवा छात्र एवं उद्यमी 25 सितम्बर 2026 तक पंजीयन करवा सकते हैं।“यूथ कॉन्क्लेव 2026” में नवाचार अनुसंधान, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, स्टार्टअप एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय पहल है। कॉन्क्लेव के माध्यम से प्रदेश के युवाओं, विद्यार्थियों, शोधार्थियों, नवाचारकर्ताओं, स्टार्टअप्स, उद्यमियों, निवेशकों, उद्योग प्रतिनिधियों, इनक्यूबेटर्स, शिक्षाविदों तथा विभिन्न शासकीय विभागों के अधिकारियों को एक साझा मंच उपलब्ध कराया जाएगा। इस मंच के माध्यम से नवीन विचारों, अनुसंधान एवं तकनीकी नवाचारों को व्यावसायिक अवसरों एवं सफल उद्यमों में परिवर्तित करने के साथ-साथ राज्य में एक सुदृढ़ एवं आत्मनिर्भर स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करने में सहायता प्राप्त होगी। कार्यक्रम के अंतर्गत 28 सितम्बर को प्रदेश के प्रथम एवं एकमात्र बायोटेक्नोलॉजी सेक्टर-केंद्रित सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर का उद्घाटन भी किया जाएगा। यह केंद्र प्रदेश में बायोटेक्नोलॉजी आधारित अनुसंधान, नवाचार, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, स्टार्टअप विकास एवं उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए एक महत्वपूर्ण संस्थागत आधार के रूप में कार्य करेगा। इसके माध्यम से शोधार्थियों एवं नवाचारकर्ताओं को प्रोटोटाइप विकास, तकनीकी मार्गदर्शन, इनक्यूबेशन, मेटरशिप तथा उद्योग एवं निवेशकों से जुड़ने के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जाएगा।छत्तीसगढ़ में लागू नवाचार एवं स्टार्टअप सवर्धन नीति 2025-30 के प्रभावी क्रियान्वयन को गति प्रदान करना इस कॉन्क्लेव का प्रमुख उद्देश्य है। इसके माध्यम से युवाओं में नवाचार एवं उद्यमिता की भावना को प्रोत्साहित करने, स्थानीय आवश्यकताओं एवं समस्याओं के तकनीकी एवं व्यावसायिक समाधान विकसित करने तथा राज्य के स्टार्टअप्स एवं नवाचारों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए आवश्यक मंच एवं अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। कॉन्क्लेव में विशेष रूप से कृषि एवं एग्री टेक. खाद्य प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन, जैव प्रौद्योगिकी, ग्रामीण उद्यमिता, डिजिटल प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सीप-टेक, नवीकरणीय ऊर्जा, पर्यावरण एवं जलवायु स्मार्ट तकनीक, फिनटेक तथा अन्य उभरते क्षेत्रों में नवाचार एवं उद्यमिता को प्रोत्साहित किया जाएगा। उक्त कार्यक्रम में कुल चार तकनीकी सत्रो का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान तकनीकी सत्र, विशेषज्ञों का व्याख्यान, स्टार्टअप प्रदर्शनी, स्टार्टअप पिचिंग, निवेशक/स्टार्टअप संवाद, नीति संवाद, मेंटरशिप एवं इनक्यूबेशन सत्र तथा उत्कृष्ट नवाचारों एवं स्टार्टअप्स को पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। तीन शीर्ष युवा नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स को क्रमशः एक लाख रूपये, पचहत्तर रूपये तथा पचास हजार रूपये की राशि से पुरस्कृत किया जाएगा।इस कॉन्क्लेव में लगभग 1000 प्रतिभागियों की सहभागिता अपेक्षित है, जिनमें युवा, उच्च शिक्षा के विद्यार्थी, शोधार्थी, स्टार्टअप संस्थापक, नवाचारकर्ता, उद्यमी, निवेशक, उद्योग प्रतिनिधि, इनक्यूबेटर, मेंटर, शिक्षाविद् तथा विभिन्न शासकीय विभागों के अधिकारी सम्मिलित होंगे। इस आयोजन से प्रदेश के युवाओं को अपने नवीन विचारों एवं तकनीकी समाधानों को विशेषज्ञों, उद्योगों एवं संभावित निवेशकों के समक्ष प्रस्तुत करने का अवसर एवं लाभ प्राप्त होगा। युथ काॅन्क्लेव 2026 में सहभागिता के इच्छुक युवा छात्र https://forms.gle/UL4UoMW8zi9VxyjQ9 तथा युवा नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स https://forms.gle/vH7RYusdHmmFUsxK6 पर 25 सितम्बर 2026 तक पंजीयन कर सकते हैं।
- रायपुर । ग्राम टेकारी ( कुंडा ) में परम्परागत रूप से खेती - किसानी का काम बंद रख आज मंगलवार को मंगल त्यौहार मनाया गया । अपराह्न में बजरंग बली मंदिर में पूजा पाठ व हवन का कार्यक्रम समस्त ग्रामवासियों द्वारा संपादित किया गया।ज्ञातव्य हो कि ग्राम टेकारी में भादो मास के किसी भी एक मंगलवार को ग्राम के सुखद भविष्य की कामना ले यह त्यौहार सामूहिक रूप से खेती - किसानी का काम बंद रख मनाया जाता है और बजरंग बली मंदिर में पूजा पाठ व हवन का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है । ग्रामीणों को नहीं मालूम कि यह परम्परा कब से चला आ रहा है पर वे कई पीढ़ियों से परम्परागत रूप से यह आयोजन चले आने की जानकारी देते हैं ।इस वर्ष भादो मास के अंतिम मंगलवार को जो आज 22 सितंबर को पड़ा ,मे मनाने का निर्णय ग्रामीण सभा द्वारा लिया गया था । ग्रामीणों की सामूहिक भागीदारी व उत्तरदायित्व को बनाये रखने प्रत्येक परिवार से राशि एकत्रित की जाती है । इस वर्ष प्रति राशनकार्ड 20 रुपये की राशि निर्धारित की गयी थी जिसे संबंधित वार्ड के पंचों के माध्यम से एकत्रित किया जाता है और ग्रामवासी स्वेच्छा से यह राशि देते हैं जिसका उपयोग मंगल त्यौहार के आयोजन में किया जाता है और प्रति वर्ष ग्रामीण सभा की बैठक में इसका हिसाब - किताब रखा जाता है । आयोजन में ग्रामीणों ने सक्रियता दिखलायी और पूजा पाठ व हवन में बढ़ चढ़कर भाग लिया । इसके साथ ही बजरंग बली मंदिर में व्यक्तिगत रूप से नारियल फोड़ने की भीड़ लगी रही और इन नारियलों का आधा हिस्सा उसे वापस लौटा आधे हिस्से को सामूहिक प्रसाद के रूप में परम्परानुसार उपयोग किया गया ।
- रायपुर / समाज कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा दानशीलता, सौहार्द एवं अनुकरणीय सामाजिक कार्यों के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को प्रतिवर्ष ‘दानवीर भामाशाह सम्मान’ से सम्मानित किया जाता है। इसी क्रम में वर्ष 2026 के लिए पात्र व्यक्तियों एवं संस्थाओं से प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं।जिला समाज कल्याण कार्यालय, रायपुर द्वारा जारी सूचना के अनुसार चयनित व्यक्ति अथवा संस्था को एक लाख रुपये की सम्मान राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। वर्ष 2026 के लिए ऐसे पात्र व्यक्तियों एवं संस्थाओं से प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं, जिन्होंने दानशीलता एवं सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय तथा अनुकरणीय कार्य किया हो।इच्छुक व्यक्ति अथवा संस्था निर्धारित प्रारूप में आवश्यक दस्तावेजों सहित अपना प्रस्ताव 30 सितंबर 2026 तक जिला समाज कल्याण कार्यालय, रायपुर में प्रस्तुत कर सकते हैं। प्रस्ताव के साथ निर्धारित पात्रता एवं आवश्यक दस्तावेज संलग्न करना अनिवार्य होगा।विभाग द्वारा जारी आवेदन प्रारूप में व्यक्ति/संस्था की श्रेणी, परिचय, छत्तीसगढ़ का निवासी/कार्यरत होने की स्थिति, दानशीलता एवं राष्ट्रीय क्षेत्र में किए गए कार्य, राज्य एवं समाज के हित में किए गए कार्य, अन्य प्राप्त पुरस्कारों का विवरण तथा संबंधित कार्यों के प्रमाण आदि की जानकारी मांगी गई है।अधिक जानकारी के लिए जिला समाज कल्याण कार्यालय, रायपुर के दूरभाष क्रमांक 0771-4919323 पर संपर्क किया जा सकता है।
- -महज एक हफ्ते में बन गये सभी जरूरी दस्तावेजबिलासपुर/शासन की डिजिटल सेवाओं का लाभ अब आम नागरिकों तक आसानी से पहुंच रहा है। सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से विभिन्न शासकीय सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा मिलने से नागरिकों को आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करने के लिए अनावश्यक भागदौड़ नहीं करनी पड़ रही है। इससे समय और धन दोनों की बचत हो रही है।कोटा विकासखण्ड के ग्राम गोबरीपाट निवासी श्री तरूण कुर्रे ने अपने बच्चों की शिक्षा से संबंधित आवश्यक दस्तावेजों के लिए सेवा सेतु केंद्र में आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया। बच्चों की शिक्षा के लिए ये प्रमाण पत्र आवश्यक थे, इसलिए समय पर दस्तावेज प्राप्त होना उनके लिए महत्वपूर्ण था। सेवा सेतु केंद्र के माध्यम से आवेदन करने के बाद उन्हें महज एक सप्ताह के भीतर आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र प्राप्त हो गए। श्री तरूण कुर्रे ने बताया कि सेवा सेतु केंद्र की सुविधा बहुत अच्छी है। आवेदन की प्रक्रिया सरल होने के साथ ही कम समय में प्रमाण पत्र प्राप्त हो जाने से उन्हें काफी सुविधा हुई। उन्होंने कहा कि बच्चों की पढ़ाई से जुड़े जरूरी दस्तावेज समय पर मिल जाने से अब उनकी आगे की शैक्षणिक प्रक्रिया आसानी से पूरी की जा सकेगी। प्रमाण पत्रों के लिए उन्हें अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ी।उन्होंने बताया कि सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से अब महत्वपूर्ण दस्तावेजों के लिए आवेदन करना काफी आसान हो गया है। इससे बार-बार कार्यालय जाने की आवश्यकता कम हुई है और आने-जाने में लगने वाले समय एवं खर्च की भी बचत हो रही है। कम समय में आवश्यक प्रमाण पत्र प्राप्त होने से नागरिकों को अपनी अन्य जरूरी गतिविधियों पर ध्यान देने का अवसर भी मिल रहा है। श्री कुर्रे ने सेवा सेतु की सुविधा के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि डिजिटल माध्यम से शासकीय सेवाओं की उपलब्धता आम नागरिकों के लिए सुविधाजनक बदलाव लेकर आई है। सेवा सेतु जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से आवश्यक प्रमाण पत्र कम समय में प्राप्त होने से आम लोगों के लिए शासकीय सेवाओं तक पहुंच आसान हुई है।
- बिलासपुर /जिला पंचायत की बैठक 25 सितम्बर 2026 को आहूत की गई है। इसके अंतर्गत सामान्य सभा की बैठक दोपहर 12 बजे एवं सामान्य प्रशासन समिति की बैठक दोपहर 4 बजे होगी। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी करेंगे। सामान्य सभा की बैठक में लोक निर्माण विभाग, वन विभाग, खनिज विभाग, कृषि विभाग, आदिवासी विकास विभाग सहित अन्य विभागों के अंतर्गत संचालित योजनाओं की जानकारी एवं समीक्षा की जाएगी। सामान्य प्रशासन समिति की बैठक में पूर्व बैठक का पालन प्रतिवेदन, उद्यान विभाग, क्रेडा विभाग अंतर्गत संचालित योजनाओं की जानकारी एवं समीक्षा तथा अध्यक्ष श्री सूर्यवंशी की अनुमति से अन्य विषयों पर चर्चा की जाएगी।
- बिलासपुर /छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू की अध्यक्षता में जल संसाधन विभाग स्थित प्रार्थना सभाकक्ष में जनसुनवाई आयोजित की गई। जनसुनवाई में जिले में महिला उत्पीड़न एवं महिला संबंधी शिकायतों से जुड़े कुल 13 प्रकरणों पर सुनवाई की गई। आयोग की अध्यक्ष ने उपस्थित पक्षकारों की समस्याएं और उनके पक्ष सुने तथा प्रकरणों की स्थिति के अनुसार आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।जनसुनवाई के दौरान एक प्रकरण में आवेदिका और अनावेदक दोनों पक्ष उपस्थित हुए। दोनों पक्षों ने आपसी मतभेद समाप्त कर आपसी सहमति से साथ रहने की बात कही। उन्होंने भविष्य में आपस में लड़ाई-झगड़ा नहीं करने पर भी सहमति व्यक्त की। दोनों पक्षों के बीच समझौता होने के बाद आयोग द्वारा प्रकरण को नस्तीबद्ध करने की कार्रवाई की गई। एक अन्य प्रकरण में आवेदिका उपस्थित हुईं, जबकि अनावेदक अनुपस्थित रहा। प्रकरण भरण-पोषण से संबंधित था तथा आवेदिका का आवेदन न्यायालय में लंबित होना बताया गया। प्रकरण में दूसरी पत्नी से संबंधित विषय होने के कारण आवेदिका के अधिवक्ता से आवश्यक चर्चा कर प्रकरण को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने के संबंध में कहा गया। अनावेदक के मुंगेली जिले में वर्ग-2 शिक्षक के पद पर पदस्थ होने की जानकारी के आधार पर शिक्षा विभाग, मुंगेली को आवश्यक पत्र प्रेषित करने की कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसी तरह एक अन्य प्रकरण में आवेदिका उपस्थित हुईं, जबकि अनावेदक उपस्थित नहीं हुआ। आयोग द्वारा अनावेदक से दूरभाष पर संपर्क किया गया। अनावेदक ने सुनवाई की तारीख को लेकर गलतफहमी होने की बात कही। इस प्रकरण को आगामी सुनवाई के लिए रखा गया।एक प्रकरण में आवेदिका की सुपुत्री उपस्थित हुईं और उनके द्वारा आवेदन प्रस्तुत किया गया। उन्होंने बताया कि आगामी सुनवाई में आवेदिका स्वयं उपस्थित होंगी। आयोग द्वारा प्रकरण को आगामी सुनवाई के लिए रखा गया। एक अन्य प्रकरण में आवेदिका अनुपस्थित रहीं, जबकि अनावेदकगण उपस्थित हुए। आयोग द्वारा आवेदिका से दूरभाष पर संपर्क किया गया तथा निर्धारित समय तक उनकी उपस्थिति नहीं होने पर अनावेदकगण का पक्ष सुना गया। अनावेदकगण द्वारा आवेदिका की ओर से विभिन्न स्थानों पर शिकायत किए जाने सहित अन्य तथ्य आयोग के समक्ष रखे गए। प्रकरण में धर्म परिवर्तन से संबंधित विषय सामने आने पर संबंधित थाना सिविल लाइन से आवश्यक जानकारी प्राप्त करने तथा मामले में नियमानुसार उचित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। आयोग द्वारा प्रकरण की आगामी सुनवाई में आवेदिका को उपस्थित होने के लिए बुलाए जाने तथा अनावेदकगण को नहीं बुलाए जाने का निर्णय लिया गया।
- दुर्ग / छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुक्रम में राज्य में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक संचालित सेवा संकल्प अभियान के तहत जिले में व्यापक प्रशासनिक तैयारियां की गई हैं। इसी कड़ी में ’सेवा सेतु अभियान-सरकार आपके द्वार’ के अंतर्गत 01 से 05 अक्टूबर 2026 तक जिले के दुर्ग, धमधा एवं पाटन विकासखंडों में विकासखंड स्तरीय विशेष ’सेवा सेतु शिविरों’ की श्रृंखला आयोजित की जा रही है। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने आमजनों की समस्याओं के त्वरित निराकरण, पारदर्शी सेवा प्रदायगी तथा प्रत्येक परिवार की सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु तिथिवार शिविरों हेतु आदेश जारी कर दिया है।विकासखंडवार शिविरों की इस श्रेणी में विकासखंड दुर्ग के अंतर्गत 01 अक्टूबर को विवेकानंद सभागार भवन दुर्ग में शिविर आयोजित होगा। जिसमें शामिल ग्राम पंचायत/नगर पालिका परिषद् उरला, करहीडीह, सिकोला, बघेरा, दुर्ग, फुलगांव, पोटियाकला, बोरसी, कसारीडीह, तितुरडीह व कातुलबोर्ड है। इसी प्रकार 02 अक्टूबर को भिलाई निगम सभागार में आमदी, कोसानाला, रुआबांधा, रिसाली, डुण्डेरा, जुनवानी, खम्हरिया, कोहका, कुरुद, छावनी व सुपेला के नागरिकों के लिए शिविर लगेगा। 03 अक्टूबर को शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला बोरई में ग्राम पंचायत रसमड़ा, नगपुरा, बोरई, दमोदा, खुरसुल, गनियारी, पीपरछेड़ी, खपरी (सि), महमरा, अंजोरा (ख), मोहलई, कोटनी, बेलौदी, चंदखुरी, पीसेगांव, कोलिहापुरी, धनोरा, खम्हरिया, हनोदा, कोड़िया, कोकड़ी, उमरपोटी, पुरई, पाउवारा, डुमरडीह व उतई के ग्रामीण तथा 04 अक्टूबर को निकुम शाला में तिरगा, झोला, भरदा, थनौद, बिरेझर, चंगोरी, भोथली, निकुम, खांडा, आलबरस, अण्डा, विनायकपुर, आमटी, चिंगरी, अछोटी, भानपुरी, जंजगिरी, कुथरेल, बोरीगारका, करगाडीह, खोपली, रिसामा, चिरपोटी, मतवारी, कातरो, मचांदुर, घुघसीडीह, कोनारी, मातरोडीह, रूदा व मासाभाट के ग्रामीण शामिल होंगे। वहीं 05 अक्टूबर को करंजाभिलाई शाला में करंजाभिलाई, अंजोरा (ढा), ढाबा, डांडेसरा, भेड़सर, सिरसाखुर्द, चिखली, कुटेलाभांठा, खपरी (कु), जेवरा, भटगांव, समोदा, बोड़ेगांव, ननकट्ठी, रवेलीडीह, अरसनारा, बासीन, ढौर, खेदामारा, कचांदुर, सिलोदा, खुर्सीडीह, मालूद, झेंझरी व गनियारी के नागरिक तथा तहसील कार्यालय भिलाई-03 में आयोजित होने वाले शिविर में जामुल नगर पालिका (ग्राम जामुल) एवं भिलाई-चरोदा निगम (ग्राम हथखोज, अकलोरडीह) के नागरिक होंगे।इसी क्रम मंे विकासखंड धमधा के तहत 01 अक्टूबर को ग्राम पंचायत बोरी में शिविर आयोजित होगा, जहां ग्राम पंचायत चीचा, डोड़की, देउरकोना, अरसी, सुखरीकला, टेकापार, तुमाखुर्द, फुण्डा, सिलतरा, दनिया, परसदाखुर्द, बोरी, डोमा, पथरिया, नवागांव व परसदा के ग्रामीणजन तथा मेड़ेसरा पंचायत में आयोजित शिविर में ग्राम सगनी, परसदा, कोड़िया, मेड़ेसरा, पथरिया, नंदिनी सुंदनी, पोटिया, पिटौरा, सेमरिया व गिरहोला के ग्रामीण शामिल होंगे। 02 अक्टूबर को लिटिया पंचायत में आयोजित शिविर में मड़ियापार, करेली, गाड़ाडीह, पुरदा, जोगीगुफा, लिटिया, सेमरिया, चिखला, विरेझर, हसदा, खर्रा, रौता, हिरी, टेमरी, पोटिया व सैवती तथा कपसदा पंचायत में अकोला, कपसदा, पंचदेवरी, सांकरा, खपरी, लिमतरा, कंडरका, ढाबा, बोरसी व मुर्रा का शिविर लगेगा। 03 अक्टूबर को डंगनिया पंचायत में आयोजित शिविर में ग्रा.पं. देवरी, पेड्री, भिभौरी, गोबरा, नंदवाय, नवागांव, टठिया, ठेगाभाठ, मोहलाई, छिराही, तरकोरी, धौराभाठा, डंगनिया, बिरोदा, गोप्ता, माटरा, हरदी, मोहरेंगा, कंदई, कोकड़ी, खजरी, पेण्ड्रीतराई, बिरझापुर, तितुरघाट, महाराजपुर, सोनेसरार, मोतिमपुर, रहटादाह, सिरनाभाठा, नंदेली, भरनी, रक्सा, खपरी, परसबोड़, धरमपुरा व बरहापुर तथा लहंगा पंचायत में खपरी, पाहरा, डूमर, मलपुरीखुर्द, ढौर (खेरधी), लहंगा, अछोटी, गोढ़ी, मलपुरीकला व ओटेबंद के लिए आयोजन होगा। 04 अक्टूबर को अहिवारा तहसील कार्यालय में आयोजित शिविर में बागडूमर, अहेरी, बिरेभाट, मुड़पार, ढौर (हिं.), खेरधा, मोहंदी, नारधा, रिंगनी, नंदौरी, मुरमुंदा, चेटुवा तथा अहिवारा नगर पालिका (ग्राम अहिवारा, खासाडीह, बानबरद) के शिविर लगेंगे। इसके पश्चात 05 अक्टूबर को पेण्ड्रावन पंचायत के शिविर में ग्राम पंचायत कन्हारपुरी, जाताघर्रा, परसुली, सिल्ली, दानीकोकड़ी, परोड़ा, बसनी, करेली, रौंदा, साल्हेखुर्द, पेण्ड्रावन, परसकोल, कोनका, गोरपा, नवागांव सा., भिलौरी, अगार, राजपुर, कुटहा, पेण्ड्री, अकोली, पगबंधी, अछोली, ठेलका, खैरझिटी, बिरेभाठ, हिरेतरा, घोठा, पेण्ड्री, रूहा, सुखरीखुर्द व खिलोराकला, खिलोराखुर्द, गाड़ाघाट, घसरा, घोटवानी, तुमाकला, धूमा, भाठाकोकड़ी, मुड़पार तथा भिलाई-03 तहसील कार्यालय के शिविर में नगर पालिका परिषद् कुम्हारी (ग्राम कुम्हारी, चोरहा, परसदा, जंजगिरी), भिलाई-चरोदा निगम (ग्राम जरवाय, पर्थरा, दादर) व जामुल पालिका (ग्राम सुरडुंग) के शिविर संपन्न होंगे।इसी तरह विकासखंड पाटन के अंतर्गत 01 अक्टूबर को सेलूद पंचायत में आयोजित शिविर में ग्राम पंचायत फुण्डा, सांतरा, गोंडपेन्डरी, छाटा, अचानकपुर, ढौर, महकाकला, मुड़पार, चुनकट्टा, पतोरा, धौराभाठा, सेलूद, मानिकचौरी, परसाही, फेकारी, गाड़ाडीह, मटंग, गुढ़ियारी व कानाकोट के ग्रामीण तथा 02 अक्टूबर को रानीतराई पंचायत के शिविर में तेलीगुण्डरा, खर्रा, केसरा, जरवाय, कौही, बोरेन्दा, रानीतराई, असोगा, रेंगाकठेरा, डिडगा, चुलगहन, औंसर, ओदरागहन, निपानी, करेला, पाहंदा व बीजाभाठा के लिए शिविर आयोजित होगा। 03 अक्टूबर को जामगांव (एम) पंचायत के शिविर में महकाखुर्द, पहंडोर, पचपेड़ी, करसा, घुघवा, अमेरी, करगा, जामगांव (एम.), रूही, झीट, खुड़मुड़ी, तुलसी, चंगोरी, चीचा, सावनी, तर्रा, रवेली, राखी, लोहरसी, देवादा व अरसनारा तथा जामगांव (आर) पंचायत में आयोजित शिविर में भरर, भनसुली (आर.), कुर्मीगुण्डरा, गब्दी, कुम्हली, पौहा, जामगांव (आर.), बोरवाय, धमना, खोला, बटरेल, अरमरीखुर्द, नवागांव, गातापार, सुरपा, टेमरी, बेल्हारी, अकतई, आगेसरा व किकिरमेटा के ग्रामीण शामिल होंगे। 05 अक्टूबर को पाटन नगर पंचायत के शिविर में मर्रा, बेलौदी, दरबारबमोखली, बोरीद, सोरम, सेमरी, कसही, पन्दर, गुजरा, बठेना, दैमार, सिकोला, सिपकोन्हा, पाटन, अखरा, अटारी, खोरपा, सोनपुर, तरीघाट, खम्हरिया, भनसूली के ग्रामीण और नगर पंचायत अमलेश्वर में आयोजित शिविर में पाहंदा, घुघवा, जमराव, महुदा, कोपेडीह व उफरा, अमलेश्वर नगर पंचायत में सांकरा, मोतीपुर, बटंग, खम्हरिया, अमलीडीह, आँरी, आँधी, नारधी, मगरघटा, भोथली, अमलेश्वर व खुड़मुड़ा के नागरिक गण शामिल होंगे। वहीं भिलाई-03 तहसील कार्यालय में अयोजित शिविर में नगर पालिका निगम भिलाई-चरोदा अंतर्गत आने वाले भिलाई-03, उमदा, पुरेना, कुगदा, सोमनी, गनियारी, मोरिद, सिरसाकला, देवबलौदा, उरला व चरोदा क्षेत्र के नागरिक सम्मिलित होंगे।इन सभी सेवा सेतु शिविरों के माध्यम से नागरिकों को एक ही स्थल पर नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, अतिक्रमण, खाता विभाजन, डायवर्सन, त्रुटि सुधार, निःशुल्क नक्शा, खसरा, बी-1 व किसान किताब वितरण, आधार-मोबाइल-जेंडर इन्द्राज, एग्रीस्टेक किसान रजिस्ट्री, स्वामित्व योजना अधिकार अभिलेख वितरण, पीएम-किसान भौतिक सत्यापन, आरबीसी 6(4) राहत प्रकरण, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र तथा वनाधिकार पत्रक जैसे समस्त राजस्व, किसान व नागरिक कल्याणकारी कार्यों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान प्रदान किया जाएगा।
- दुर्ग / बिहान (एनआरएलएम) और कृषि विभाग द्वारा आयोजित किसान गोष्ठियों एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जुड़कर ग्राम बरहापुर, जनपद पंचायत धमधा की महिला किसान अंजली धार्मिक ने खेती के क्षेत्र में नई पहचान बनाई है। परंपरागत खेती के साथ मशरूम उत्पादन को अपनाकर अंजली आज सफलतापूर्वक रसायन रहित मशरूम का उत्पादन कर रही हैं।अंजली के पास करीब 3 एकड़ कृषि भूमि है, जिसमें वे टमाटर, धान, चना, अरहर और तिवड़ा जैसी फसलों की खेती करती हैं। बिहान समूह से जुड़ने से पहले भी वे खेती करती थीं, लेकिन खेती में होने वाली लागत की तुलना में अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता था। इसी दौरान बिहान समूह और आत्मा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किसान गोष्ठी में अंजली ने भाग लिया। यहां उन्हें मशरूम की खेती की तकनीक और इसके लाभों के बारे में जानकारी मिली। प्रशिक्षण से प्रभावित होकर उन्होंने घर पर ही मशरूम उत्पादन शुरू करने का निर्णय लिया। आज अंजली सफलतापूर्वक रसायन रहित मशरूम का उत्पादन कर रही हैं। वे अपने उत्पाद को करीब 200 रुपये प्रति किलो की दर से बेच रही हैं। गुणवत्ता और रसायन रहित उत्पादन के कारण उनके मशरूम की मांग बनी हुई है और तैयार उत्पाद की बिक्री घर से ही व्यापारियों के माध्यम से कर रही है। अंजली बताती हैं कि बिहान और कृषि विभाग की किसान गोष्ठियों एवं प्रशिक्षणों से उन्हें खेती के नए तरीकों को समझने और अपनी आय बढ़ाने का अवसर मिला। उन्होंने बिहान, कृषि विभाग के अधिकारियों तथा शासन की योजनाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इनके मार्गदर्शन से वे आज एक प्रगतिशील महिला किसान के रूप में अपनी पहचान बना पाई हैं।
- -230 पदों पर भर्ती का सुनहरा अवसरमहासमुंद / जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र महासमुंद द्वारा 24 सितंबर 2026 को जिला स्तरीय रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। रोजगार मेला लाईवलीहुड कॉलेज के द्वितीय तल, पॉलिटेक्निक कॉलेज, ग्राम बरोंडाबाजार में प्रातः 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक आयोजित होगा।उपसंचालक रोजगार डॉ. शशिकला अतुलकर ने बताया कि रोजगार मेले में निजी क्षेत्र की स्वतंत्र माइक्रोफिन प्राइवेट लिमिटेड, पुष्कल एग्रोटेक लिमिटेड, अलर्ट एसजीएस प्राइवेट लिमिटेड, रजत इक्विपमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड एवं श्रमिन टैलेंट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 230 विभिन्न पदों पर भर्ती की जाएगी। इन पदों के लिए 10वीं, 12वीं, बीएससी एग्रीकल्चर, स्नातक एवं आईटीआई उत्तीर्ण अभ्यर्थी पात्र होंगे।रोजगार मेले में शामिल होने के इच्छुक एवं योग्य आवेदक निर्धारित तिथि, समय एवं स्थल पर अपनी शैक्षणिक योग्यता के दस्तावेज, रोजगार पंजीयन, आधार कार्ड, बायोडाटा की छायाप्रति एवं पासपोर्ट साइज फोटो के साथ उपस्थित हो सकते हैं। साक्षात्कार प्रक्रिया में शामिल होने के लिए आवेदकों को छत्तीसगढ़ रोजगार एपध्वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना आवश्यक है। रिक्तियों की संख्या, पदवार आवश्यक योग्यता, वेतनमान एवं कार्यस्थल सहित विस्तृत जानकारी के लिए आवेदक जिला रोजगार कार्यालय महासमुंद से संपर्क कर सकते हैं। साथ ही छत्तीसगढ़ रोजगार विभाग की वेबसाइट https://erojgar.cg.gov.in पर भी जानकारी प्राप्त का सकते हैं।
- दुर्ग / जब शासन की नीतियां सीधे आम नागरिक के संघर्षों को आसान बनाने लगें, तो वह केवल कागजी योजना नहीं रह जाती, बल्कि लोगों की जिंदगी बदलने का सशक्त माध्यम बन जाती है। नगर पालिका निगम रिसाली के ग्राम डुंडेरा वार्ड क्रमांक 35 में रहने वाले चेलाराम साहू की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। भिलाई स्टील प्लांट में कार्य करके वर्ष में करीब 80,000 रुपये अर्जित करने वाले चेलाराम अपने 3 सदस्यों के परिवार (पत्नी और एक छोटी बेटी) के साथ कच्चे व खपरैल वाले घर में रहने को मजबूर थे। बरसात के दिनों में छत से पानी टपकने और बंदरों द्वारा खपरैल तहस-नहस कर देने के कारण उन्हें बार-बार मरम्मत में काफी पैसे खर्च करने पड़ते थे। इस बदहाली का सबसे बुरा असर उनकी छोटी बिटिया पर पड़ता था, जो नमी के कारण बीमार पड़ जाती थी और उसकी पढ़ाई-लिखाई व सोने में भारी दिक्कतें आती थीं।बिटिया की चिंता से परेशान चेलाराम साहू को जब नगर निगम से प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी मिली, तो उन्होंने आवश्यक दस्तावेज जमा कर आवेदन किया। योजनांतर्गत 2.66 लाख रुपये की स्वीकृत लागत (जिसमें केंद्रांश 1.50 लाख, राज्यांश 0.665 लाख एवं हितग्राही अंशदान 0.495 लाख रुपये शामिल है) से उनका पक्का मकान एक साल के भीतर बनकर तैयार हो गया। दरअसल, जनसेवा और सुशासन के प्रति यही प्रतिबद्धता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उस कार्यशैली को दर्शाती है, जिसने बीते 25 वर्षों में देश में जन-जनकल्याण के नए मानदंड स्थापित किए हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियां हर गरीब के सपनों को नया संबल दे रही हैं। पक्का घर बनने पर चेलाराम साहू ने प्रधानमंत्री जी और मुख्यमंत्री जी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस आवास ने उनके सिर पर सुरक्षित छत दी है, साथ ही यह उनकी नन्ही बेटी की मुस्कान और पूरे परिवार की खुशियों का आधार भी बनी है।
- दुर्ग / छत्तीसगढ़ के भिलाई स्थित रिसाली नगर पालिक निगम के निवासी तेज कुमार साहू की जीवन यात्रा जन-कल्याण और निस्वार्थ सेवा के उस संकल्प को साकार करती है, जिसे केंद्र एवं राज्य शासन, सेवा के संकल्प के साथ धरातल पर उतार रही है। रिसाली बस्ती में शिवाजी चौक के पास झलक फैंसी स्टोर (ब्यूटी एवं फैशन एक्सेसरीज) का छोटा व्यवसाय चलाने वाले तेज कुमार जी लंबे समय से अपने काम को आगे बढ़ाने के लिए संघर्ष कर रहे थे। उनकी इस कठिन राह को आसान बनाने और उन्हें शासकीय योजनाओं से सीधे जोड़ने का कार्य ’सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से संभव हुआ। तेज कुमार जी को ’प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि’ (पीएम स्वनिधि) योजना की संपूर्ण जानकारी मिली और त्वरित सहायता प्रदान की गई। सेवा के इसी समर्पित भाव से उन्हें कार्यशील पूंजी का ऋण बिना किसी परेशानी के स्वीकृत हुआ, जिसका उपयोग उन्होंने अपनी दुकान में सौंदर्य व फैशन एक्सेसरीज की नई सामग्री शामिल करने के लिए किया। शिवाजी चौक रिसाली बस्ती के पास झलक फैंसी स्टोर जैसी मुख्य जगह पर दुकान होने और बेहतर स्टॉक उपलब्ध होने से उनकी दैनिक आय में अभूतपूर्व वृद्धि हुई। शासन और प्रशासन द्वारा दी गई इस सुव्यवस्थित सेवा ने न केवल उनके व्यवसाय को नई गति दी, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया। आज तेज कुमार साहू का यह व्यवसाय उनके परिवार की आर्थिक मजबूती और स्वावलंबन का मुख्य स्तंभ बन चुका है। ’सेवा संकल्प अभियान’ के इस सार्थक प्रयास ने यह साबित कर दिया है कि जब जनकल्याणकारी योजनाएं सच्ची सेवा भावना के साथ आम जनता तक पहुँचती हैं, तो वे जीवन को पूरी तरह से संवार देती हैं।
- - कार्यस्थलों पर संभावित जोखिमों की पहचान कर उनका समयबद्ध निराकरण करने के दिए निर्देशदुर्ग / जिले में विगत वर्षों में घटित गंभीर एवं खतरनाक औद्योगिक दुर्घटनाओं की समीक्षा तथा भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने और कार्यस्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से भिलाई इस्पात संयंत्र में औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा संचालक श्री मनीष श्रीवास्तव ने की।बैठक में भिलाई इस्पात संयंत्र सहित जिले के विभिन्न बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों के सुरक्षा अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर उप संचालक श्री मनीष कुंजाम एवं सहायक संचालक श्री दिव्यांश सिन्हा व श्री पीयूष वर्मा भी उपस्थित रहे। बैठक में जिले में विगत 10 वर्षों में घटित गंभीर एवं खतरनाक औद्योगिक दुर्घटनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। दुर्घटनाओं के कारणों, परिस्थितियों, कार्य-पद्धतियों तथा दुर्घटनाओं के दौरान सामने आई सुरक्षा संबंधी कमियों एवं खामियों का विश्लेषण किया गया।औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा संचालक द्वारा निर्देशित किया गया कि पूर्व में घटित दुर्घटनाओं की केस स्टडी तैयार कर उनसे प्राप्त सीख को कारखानों की वर्तमान सुरक्षा व्यवस्था में शामिल किया जाए। दुर्घटनाओं के मूल कारणों का विश्लेषण करते हुए आवश्यक निवारक एवं सुधारात्मक उपायों को प्रभावी रूप से लागू किया जाए।बैठक में खतरनाक एवं जोखिमपूर्ण कार्यों के लिए कार्य-विशिष्ट एसओपी (Standard Operating Procedure) तैयार करने तथा संबंधित श्रमिकों को कार्य की प्रकृति एवं जोखिम के अनुरूप प्रशिक्षण देने पर विशेष जोर दिया गया। नियमित सुरक्षा एवं रिफ्रेशर प्रशिक्षण आयोजित करने तथा कार्यस्थल पर निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) एवं अन्य आवश्यक सुरक्षा उपायों का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। संचालक द्वारा स्पष्ट किया गया कि किसी भी खतरनाक कार्य को निर्धारित सुरक्षित कार्य-विधि के बिना नहीं कराया जाए। कार्य प्रारंभ करने से पूर्व जोखिम मूल्यांकन, सुरक्षित कार्य-विधि, आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था तथा श्रमिकों की दक्षता एवं प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाए। सभी कारखाना प्रबंधनों एवं सुरक्षा अधिकारियों को लागू अधिनियमों एवं नियमों के सुरक्षा प्रावधानों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने तथा कार्यस्थलों पर संभावित जोखिमों की पहचान कर उनका समयबद्ध निराकरण करने के निर्देश दिए गए। बैठक का उद्देश्य औद्योगिक प्रतिष्ठानों में सुरक्षित कार्य संस्कृति को सुदृढ़ करना, दुर्घटनाओं के मूल कारणों का विश्लेषण करना तथा दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकते हुए श्रमिकों के लिए सुरक्षित एवं स्वस्थ कार्य वातावरण सुनिश्चित करना रहा।
- दुर्ग / लोक निर्माण विभाग के विभिन्न कार्यालयों में लंबित पेंशन प्रकरणों के निराकरण के लिए 30 सितम्बर 2026 को पेंशन निराकरण शिविर आयोजित किया जाएगा। यह शिविर कार्यालय संभागीय संयुक्त संचालक, कोष, लेखा एवं पेंशन, दुर्ग में आयोजित होगा।संयुक्त संचालक कोष, लेखा एवं पेंशन दुर्ग से प्राप्त जानकारी अनुसार लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत विभिन्न कार्यालयों में लंबित पेंशन प्रकरणों को पेंशन शाखा प्रभारी लिपिक के माध्यम से शिविर स्थल पर अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें, ताकि प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण किया जा सके।
- दुर्ग / कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने प्राकृतिक आपदा एवं दुर्घटनाओं में मृतकों के परिजनों को 04-04 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार वार्ड नं. 01 नयापारा दुर्ग तहसील व जिला दुर्ग निवासी पूर्णिमा बाई कौशल (उम्र 40 वर्ष) की 19 अगस्त 2025 को इंदिरा नगर नयापारा दुर्ग में खेत में कार्य के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से मृत्यु हो गई थी। इसी प्रकार ग्राम कातरो थाना उतई तहसील व जिला दुर्ग निवासी चन्द्रकला साहू (उम्र 55 वर्ष) की 19 अगस्त 2025 को खेत में निदाई करने के दौरान अधिक बारिश होने तथा आकाशीय बिजली गिरने से मृत्यु हो गई थी। वहीं वार्ड नं. 21 ढांचा भवन कुरुद बी.टी.सी.आई.ई. भिलाई तहसील व जिला दुर्ग निवासी स्व. मोहम्मद साहिल अंसारी (उम्र 24 वर्ष) की 02 जून 2025 को मरोदा डेम नेवई में नहाते समय पानी में डूबने से मृत्यु हुई थी।कलेक्टर द्वारा शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन के प्रावधानों (आरबीसी 6-4) के अनुरूप स्व. पूर्णिमा बाई कौशल के पति श्री हेमप्रकाश कौशल को, आकाशीय बिजली से मृत स्व. चन्द्रकला साहू के पति श्री झुमुक लाल साहू को तथा पानी में डूबने से मृत स्व. मोहम्मद साहिल अंसारी की माता श्रीमती मैमुल निशा को 4 लाख-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।
- - कैशलेस जुर्माना भुगतान, AFR मोबाइल ऐप और कोर्ट फीस टिकट जनरेशन सिस्टम से वकीलों और पक्षकारों को मिलेगी त्वरित और पारदर्शी कानूनी सुविधादुर्ग / न्यायिक प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुलभ और डिजिटल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर के मुख्य न्यायाधीश द्वारा जिला न्यायपालिका के लिए तीन प्रमुख ई-सेवाओं (e-Services) की शुरुआत की गई है। उच्च न्यायालय के कंप्यूटर सेल/सीपीसी (CPC) के निर्देशों के पालन में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय, दुर्ग ने इन सेवाओं को तुरंत प्रभाव से लागू करने की विस्तृत योजना तैयार की है।कैशलेस जुर्माना भुगतान सुविधा (Cashless Fine Payment Facility): इस प्रणाली के माध्यम से जिला न्यायालयों में अदालती जुर्माने (Court Fines) का भुगतान केवल डिजिटल मोड से किया जा सकेगा। इससे न्यायालयों में नकदी के लेन-देन में कमी आएगी, कागजी कार्रवाई घटेगी और डिजिटल रिकॉर्ड के साथ प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।ए.एफ.आर. मोबाइल एप्लीकेशन (AFR Mobile App): यह ऐप अधिवक्ताओं और पक्षकारों को उच्च न्यायालय के 'एएफआर' (Approved for Reporting) यानी लैंडमार्क फैसलों, केस साइटेशन और कानूनी व्याख्याओं तक त्वरित और पेपरलेस पहुँच प्रदान करेगा। इससे अधिवक्ताओं को त्वरित केस तैयारी (Case Preparation) में मदद मिलेगी।कोर्ट फीस टिकट जनरेशन सिस्टम (Court Fee Ticket Generation System): अधिवक्ता और पक्षकार अब ePay-eCourts पोर्टल और GRAS प्रणाली के माध्यम से UPI या नेट बैंकिंग का उपयोग करके डिजिटल कोर्ट फीस जमा कर सकेंगे। सफल भुगतान के बाद प्रणाली द्वारा स्वचालित रूप से GRN और e-Challan जनरेट होगा, जिसका सत्यापन कोर्ट रजिस्ट्री आसानी से कर सकेगी।दुर्ग जिला न्यायालय में क्रियान्वयन की विशेष व्यवस्था: - उच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के परिपालन में जिला न्यायालय दुर्ग (जिसमें पाटन, भिलाई-3 और धमधा तालुका न्यायालय शामिल हैं) द्वारा निम्नलिखित कदम उठाए जा रहे हैं:KIOSK और प्रिंटर सुविधा: पक्षकारों और अधिवक्ताओं की सुविधा के लिए दुर्ग जिला न्यायालय परिसर में स्थापित KIOSK मशीन के साथ विशेष प्रिंटर की व्यवस्था की जा रही है, ताकि ई-कोर्ट फीस टिकट तुरंत प्रिंट किए जा सकें।बार एसोसिएशन और अधिवक्ताओं तक पहुँच: AFR मोबाइल ऐप का व्यापक उपयोग सुनिश्चित करने के लिए डाउनलोड लिंक जिला अधिवक्ता संघ, दुर्ग तथा सभी अधीनस्थ न्यायालयों को ईमेल और व्हाट्सएप के माध्यम से साझा किया गया है। जन-जागरूकता एवं वेबसाइट पर प्रसार: इन ई-सेवाओं की विस्तृत जानकारी जिला न्यायालय के नोटिस बोर्ड पर चस्पा की जा रही है, तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय दुर्ग की आधिकारिक वेबसाइट (Official Website) पर भी इसका व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे आम जनता, पक्षकारों और अधिवक्ताओं को इन डिजिटल सेवाओं की सही जानकारी और सीधा लाभ मिल सके।




























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