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- नयी दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए 'चैंपियन' लघु एवं मझोले उद्यमों (एसएमई) को तैयार करने को 10,000 करोड़ रुपये का कोष स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए उन्होंने वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए कंटेनर विनिर्माण की एक योजना का भी प्रस्ताव दिया। वित्त मंत्री ने अपने भाषण में तकनीकी वस्त्रों के मूल्यवर्धन पर केंद्रित मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने और पांच उप-भागों वाले एक एकीकृत कपड़ा कार्यक्रम का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत में उच्च गुणवत्ता वाली किफायती खेल सामग्री के वैश्विक केंद्र के रूप में उभरने की क्षमता है। इसके अलावा, खादी हथकरघा को मजबूत करने के लिए 'महात्मा गांधी ग्राम स्वराज' पहल और 200 पुराने औद्योगिक क्लस्टर को पुनर्जीवित करने की योजना का भी प्रस्ताव रखा गया है।
- नयी दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को इस्पात और सीमेंट सहित विभिन्न क्षेत्रों में कार्बन अवशोषण और उपयोग योजना के लिए 20,000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा। वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश करते हुए मंत्री ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयासों के तहत सरकार देश में सीप्लेन (समुद्री विमान) के निर्माण के लिए प्रोत्साहन देगी। सीतारमण ने अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न उपायों की घोषणा करते हुए कहा कि 'विकसित भारत के लिए बैंकिंग' पर एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी। मंत्री ने शहरों के बीच विकास संपर्क के रूप में सात उच्च गति वाले गलियारे विकसित करने का प्रस्ताव रखा। इसके अलावा, अंतर्देशीय जलमार्गों के लिए एक जहाज मरम्मत पारिस्थितिकी तंत्र भी विकसित किया जाएगा, जिसे वाराणसी और पटना में स्थापित किया जाएगा। वित्त मंत्री के अनुसार, आज भारतीय बैंकिंग क्षेत्र की विशेषता मजबूत बही-खाता, ऐतिहासिक ऊंचाई और लाभप्रदता, बेहतर संपत्ति गुणवत्ता और कवरेज है।
- नयी दिल्ली. । वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को नगर निगम द्वारा 1,000 करोड़ रुपये से अधिक के एकल बॉन्ड जारी करने पर 100 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन का प्रस्ताव रखा। वित्त मंत्री ने सरकारी सार्वजनिक क्षेत्र के वित्तीय संस्थानों को मजबूत करने के तहत आरईसी लिमिटेड (पूर्व में ग्रामीण विद्युतीकरण निगम) और पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (पीएफसी) के पुनर्गठन की भी घोषणा की। मंत्री ने 'विकसित भारत के लिए बैंकिंग' पर एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का प्रस्ताव दिया। उन्होंने कहा कि देश के बैंकिंग क्षेत्र की विशेषता मजबूत बैलेंस शीट और ऐतिहासिक रूप से उच्च लाभप्रदता है। उन्होंने अपने बजट भाषण में विदेशी मुद्रा प्रबंधन (गैर-ऋण उपकरण) नियमों की समीक्षा करने का प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने कहा कि लगभग 25 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर आए हैं।
- नई दिल्ली। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 2047 तक विकसित भारत के निर्माण और अगले 25 वर्षों के रोडमैप को दर्शाने वाले बजट के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बधाई दी। अमित शाह ने कहा, मैं विकसित भारत बजट द्वारा रखे गए शानदार मील के पत्थर के लिए प्रधानमंत्री मोदी जी को बधाई देता हूं, जिसमें मोदी सरकार ने वित्तीय समझ के साथ विकास को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता को ज़ोरदार तरीके से दोहराया है। उन्होंने कहा कि यह बजट राजकोषीय घाटे को 4.5% से नीचे रखने के लक्ष्य को पूरा करता है।सोशल मीडिया हैंडल एक्स (X) प्लेटफॉर्म पर पोस्ट्स की श्रंखला में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा “मैन्युफैक्चरिंग से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर तक, स्वास्थ्य से लेकर टूरिज्म तक, ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर AI तक, स्पोर्ट्स से लेकर तीर्थों तक, विकसित भारत बजट हर गांव, हर कस्बे और हर शहर के युवाओं, महिलाओं तथा किसानों के सपनों को शक्ति देकर उन्हें पूरा करने वाला बजट है। 2047 तक विकसित भारत के निर्माण और अगले 25 वर्षों के रोडमैप को दर्शाने वाले इस बजट के लिए पीएम नरेन्द्र मोदी जी और वितंत मंत्री निर्मला सीतारमण जी का हर भारतवासी की ओर से हार्दिक अभिनंदन।”अमित शाह ने कहा कि विकसित भारत बजट भारत को एक ऐसे राष्ट्र के रूप में दर्शाता है जो अपनी ताकत पर भरोसा रखते हुए एक उभरते हुए आर्थिक पावर सेंटर के तौर पर अपनी नई पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि कोविड के बाद प्रधानमंत्री मोदी जी की दूरदर्शी आर्थिक नीतियों ने भारतीय अर्थव्यवस्था को रफ्तार दी है। शाह ने कहा कि विकसित भारत बजट भारत को वैश्विक मंच पर सबसे आकर्षक निवेश गंतव्य के तौर पर मजबूत करने के प्रयासों को गति देता है, जिसमें पारंपरिक से लेकर नए ज़माने के सभी सेक्टर शामिल हैं।केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा “बजट 2026-27 के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी जी ने सिद्ध किया है कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत केवल एक नारा नहीं, बल्कि हमारी सरकार का संकल्प है। इस बजट में न सिर्फ हर क्षेत्र, हर वर्ग और हर नागरिक को सशक्त बनाने का एक स्पष्ट ब्लूप्रिंट है, बल्कि उसे प्रोत्साहन देने का एक जमीनी विजन भी है, जो उसे हर कदम पर मदद करेगा। विकसित भारत बजट एक ऐसे भारत के निर्माण का विजन है, जो विश्व में हर क्षेत्र में अग्रणी हो।”अमित शाह ने कहा कि विकसित भारत बजट भारत को एक ऐसे राष्ट्र के रूप में दर्शाता है जो अपनी ताकत पर भरोसा रखते हुए एक उभरते हुए आर्थिक पावर सेंटर के तौर पर अपनी नई पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि कोविड के बाद प्रधानमंत्री मोदी जी की दूरदर्शी आर्थिक नीतियों ने भारतीय अर्थव्यवस्था को रफ्तार दी है। शाह ने कहा कि विकसित भारत बजट भारत को वैश्विक मंच पर सबसे आकर्षक निवेश गंतव्य के तौर पर मजबूत करने के प्रयासों को गति देता है, जिसमें पारंपरिक से लेकर नए ज़माने के सभी सेक्टर शामिल हैं।केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि विकसित भारत बजट में पूंजीगत व्यय के लिए ₹12.2 लाख करोड़ आवंटित कर प्रधानमंत्री मोदी जी के भविष्य के लिए तैयार भारत के विज़न को गति देने का काम किया गया है, जहां विकास बड़े शहरों से आगे तक पहुंचता है। उन्होंने कहा कि नए रेल कॉरिडोर, राष्ट्रीय जलमार्ग और बेहतर कनेक्टिविटी के माध्यम से टियर 2 और टियर 3 शहरों तक पहुँचने का लक्ष्य नौकरियों में वृद्धि को बढ़ावा देगा, जिससे भारत की आकांक्षाएं नई ऊंचाइयों पर पहुंचेंगी।अमित शाह ने कहा कि विकसित भारत बजट, भारत में कनेक्टिविटी को अभूतपूर्व गति देगा। उन्होंने कहा कि आज बजट में सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा की गई है, जिनका लक्ष्य हमारे देश के प्रमुख आर्थिक और जनसंख्या केंद्रों में शहरों के बीच कनेक्टिविटी को तेज़ गति देना और यात्रा के समय को कम करना है।केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा “महात्मा गांधी जी के ग्राम स्वराज के स्वप्न को साकार करने की दिशा में विकसित भारत बजट में ‘महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना’ की शुरुआत का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और बुनकरों, किसानों तथा हथकरघा उद्योग को नया संबल प्राप्त होगा। तटीय क्षेत्रों में कोकोनट प्रमोशन स्कीम से 3 करोड़ किसानों को लाभ, काजू-कोको के उत्पादन एवं निर्यात को बढ़ावा व चंदन संरक्षण का निर्णय यह दर्शाता है कि मोदी जी किसानों की समृद्धि और कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।”उन्होंने कहा कि MSMEs को भारत की ग्रोथ स्टोरी का चैंपियन बनाते हुए विकसित भारत बजट प्रधानमंत्री मोदी जी के उस विज़न को साकार करता है, जिसमें ₹10,000 करोड़ के ग्रोथ फंड के साथ एक स्पष्ट त्रिपक्षीय फ्रेमवर्क के ज़रिए ज़मीनी स्तर से अर्थव्यवस्था को मज़बूत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह प्रावधान टियर 2 और टियर 3 शहरों में MSMEs को स्ट्रक्चर्ड प्रोफेशनल मदद के ज़रिए अपने लक्ष्य हासिल करने में मदद करेगा।केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा “विकसित भारत बजट में पशुधन के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने का एक दूरदर्शी निर्णय लिया गया है। पशु चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने, वेटरनरी सेंटरों और ट्रेनिंग सेंटरों के विस्तार से पशुधन आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। डेयरी और पोल्ट्री क्षेत्र के लिए क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी देने, 500 सरोवरों के विकास से मत्स्य पालन को बढ़ावा देने और वैश्विक बाजार उपलब्ध कराने जैसे निर्णय मोदी सरकार के किसानों की आय बढ़ाने के संकल्प की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।”अमित शाह ने कहा “विकसित भारत बजट में मोदी सरकार द्वारा धोलावीरा सहित 15 पुरातात्विक स्थलों को सांस्कृतिक गंतव्य के रूप में विकसित करने का निर्णय भारत की प्राचीन संस्कृति को वैश्विक मंच पर स्थापित करेगा। पूर्वोत्तर के 5 राज्यों में बौद्ध सर्किट के निर्माण, हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और अराक्कू घाटी में माउंटेन ट्रेल्स तथा ओडिशा, कर्नाटक और केरल में टर्टल ट्रेल्स विकसित करने से इन क्षेत्रों में विकास को नई गति मिलेगी और इको-टूरिज्म को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही, नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी की स्थापना से युवाओं को कौशल और रोजगार के अवसर मिलेंगे तथा पर्यटन क्षेत्र को भी नई मजबूती मिलेगी।”गृह मंत्री ने कहा “विकसित भारत बजट शिक्षा से स्वरोजगार तक मोदी जी के विजन का सशक्त प्रतिबिंब है। बड़े औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर के आसपास 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप्स के विकास से एजुकेशन-इंडस्ट्री इंटीग्रेशन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, चार टेलिस्कोप इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाओं के निर्माण व अपग्रेडेशन से अनुसंधान को नई गति मिलेगी। नेशनल डिजाइन इंस्टिट्यूट, 15,000 सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में AVGC लैब्स की स्थापना तथा ‘एजुकेशन टू एम्प्लॉयमेंट एंड एंटरप्राइज’ हाई-पावर्ड कमेटी का गठन नई पीढ़ी को कौशल-संपन्न बनाकर हर क्षेत्र में अग्रणी भारत के निर्माण के संकल्प को दर्शाता है।”अमित शाह ने कहा कि विकसित भारत बजट हमारे युवाओं की शक्ति के उपयोग से देश को समृद्धि के एक नए युग में ले जा रहा है, जिसके लिए 15,000 स्कूलों में कंटेंट क्रिएशन ट्रेनिंग शुरू की गई है, और सस्ते स्पोर्ट्स सामान देने के लिए खास पहल की गई है। उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर, IT, टेक्सटाइल, हॉस्पिटैलिटी, टूरिज्म, कॉर्पोरेट कंप्लायंस में युवाओं के करियर को लॉन्च कर, बजट उनकी तरक्की की गाड़ी को आगे बढ़ा रहा है।
- नयी दिल्ली. केंद्र सरकार ने नयी योजना 'वीबी-जी राम जी' को लागू करने की तैयारी के साथ ही इसके लिए 95,692.31 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जबकि मनरेगा के लिए 30,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। 'विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार आजीविका मिशन (ग्रामीण)' (वीबी-जी राम जी) योजना के तहत साल में 125 दिनों के काम का वादा किया गया है। यह योजना महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा), 2005 के तहत बनी संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के कार्यकाल की दो दशक पुरानी ग्रामीण रोजगार योजना का स्थान लेगी। ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मनरेगा योजना तब तक जारी रहेगी, जब तक 'वीबी-जी राम जी' पूरी तरह अमल में नहीं आ जाती और इसके तहत लंबित कार्य पूरे नहीं हो जाते। बजट दस्तावेजों के अनुसार, मंत्रालय के ग्रामीण विकास विभाग के लिए कुल 1,94,368.81 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। यह पिछले वित्त वर्ष के 1,86,995.61 करोड़ रुपये के संशोधित अनुमान से थोड़ा अधिक है। वर्ष 2026-27 के लिए भूमि संसाधन विभाग को 2,654.33 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। वर्ष 2025-26 में इस विभाग के लिए 2,651 करोड़ रुपये का आवंटन था, जबकि संशोधित अनुमान के अनुसार वास्तविक खर्च 1,757.4 करोड़ रुपये रहा। वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमानों के मुताबिक, मनरेगा कार्यक्रम पर कुल खर्च 88,000 करोड़ रुपये रहा, जबकि शुरुआत में इसके लिए 86,000 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई थी। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के लिए वर्ष 2026-27 का आवंटन 19,000 करोड़ रुपये रखा गया है, जो 2025-26 के बराबर ही है। हालांकि, संशोधित अनुमान के अनुसार पिछले वित्त वर्ष में इस पर खर्च 11,000 करोड़ रुपये हुआ था। दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए 2026-27 का आवंटन बढ़ाकर 19,200 करोड़ रुपये कर दिया गया है। पिछले साल यह राशि 19,005 करोड़ रुपये थी, जबकि संशोधित अनुमान के मुताबिक 16,000 करोड़ रुपये खर्च हुए। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के लिए इस साल 54,916.70 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। पिछले बजट में यह राशि 54,832.00 करोड़ रुपये थी और संशोधित अनुमान में खर्च 32,500.01 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। संशोधित अनुमान (आरई) वास्तविक खर्च के रुझानों के आधार पर सरकार के व्यय का अद्यतन या ताजा अनुमान होता है।
- नयी दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को 'विकसित भारत के लिए बैंकिंग पर उच्चस्तरीय समिति' गठित करने की घोषणा की। यह समिति बैंकिंग क्षेत्र की व्यापक समीक्षा करेगी और इसे भारत की वृद्धि के अगले चरण के लिए तैयार करेगी। वित्त मंत्री ने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र आज मजबूत बही-खाते, लाभप्रदता के ऐतिहासिक उच्चस्तर, बेहतर संपत्ति गुणवत्ता और देश के 98 प्रतिशत से अधिक गांवों को शामिल करने वाली पहुंच से लैस है। उन्होंने आगे कहा, ''हम इस मोड़ पर इस क्षेत्र की सुधार आधारित वृद्धि जारी रखने के लिए आवश्यक उपायों का मूल्यांकन करने के लिए अच्छी स्थिति में हैं।'' सीतारमण ने लोकसभा में बजट भाषण देते हुए कहा, ''मैं वित्तीय स्थिरता, समावेश और उपभोक्ता संरक्षण को सुरक्षित रखते हुए इस क्षेत्र की व्यापक समीक्षा करने और इसे भारत की वृद्धि के अगले चरण के साथ जोड़ने के लिए 'विकसित भारत के लिए बैंकिंग पर उच्चस्तरीय समिति' स्थापित करने का प्रस्ताव करती हूं।'' उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लिए गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के नजरिये को ऋण वितरण और प्रौद्योगिकी अपनाने के स्पष्ट लक्ष्यों के साथ जोड़ा गया है। सार्वजनिक क्षेत्र की एनबीएफसी में पैमाना हासिल करने और दक्षता में सुधार करने के लिए उन्होंने कहा कि पहले कदम के रूप में पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन और रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉरपोरेशन के पुनर्गठन का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा, ''मैं भारत की आर्थिक प्राथमिकताओं के अनुरूप विदेशी निवेश के लिए अधिक समकालीन और उपयोगकर्ता के अनुकूल ढांचा तैयार करने के लिए विदेशी मुद्रा प्रबंधन (गैर-ऋण उपकरण) नियमों की व्यापक समीक्षा का प्रस्ताव करती हूं।''
- नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केंद्रीय बजट 2026-27 को ''ऐतिहासिक'' बताते हुए रविवार को कहा कि यह 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं को दर्शाता है और सुधारों की यात्रा को मजबूत करता है तथा विकसित भारत के लिए एक स्पष्ट रूपरेखा तैयार करता है। लोकसभा में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बजट पेश किए जाने के बाद टेलीविजन पर प्रसारित अपने संबोधन में मोदी ने कहा कि बजट में ''अवसरों की अपार संभावनाएं'' हैं। उन्होंने कहा, "आज का बजट ऐतिहासिक है। यह 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं को दर्शाता है। यह सुधारों की यात्रा को मजबूती देता है और विकसित भारत के लिए एक स्पष्ट रूपरेखा तैयार करता है।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि बजट में देश की नारी शक्ति का प्रतिबिंब झलकता है। उन्होंने कहा कि सीतारमण ने लगातार नौवीं बार देश का बजट पेश करके एक नया रिकॉर्ड बनाया है। मोदी ने कहा कि इस वर्ष का बजट 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' जैसी योजनाओं को नयी गति देने के लिए एक महत्वाकांक्षी रूपरेखा प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा, ''यह बजट 2047 तक विकसित भारत की ओर हमारी यात्रा की नींव है। इस वर्ष का बजट भारत की 'सुधार एक्सप्रेस' को नयी ऊर्जा और नयी गति प्रदान करेगा।" प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत केवल सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था होने से संतुष्ट नहीं है और यह बजट भारत के उज्ज्वल भविष्य की नींव को मजबूत करता है। उन्होंने कहा, ''यह बजट भारत की वैश्विक भूमिका को और मजबूत करता है। भारत के 140 करोड़ नागरिक केवल सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनकर संतुष्ट नहीं हैं। हम जल्द से जल्द विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना चाहते हैं। यह करोड़ों देशवासियों का संकल्प है।'' मोदी ने कहा कि यह बजट विश्वास आधारित शासन और मानव-केंद्रित आर्थिक ढांचे की परिकल्पना को दर्शाता है तथा यह एक विशिष्ट बजट है जो राजकोषीय घाटे को कम करने और मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने को प्राथमिकता देता है, साथ ही मजबूत आर्थिक विकास के साथ उच्च पूंजीगत व्यय को संतुलित करता है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के बजट में एमएसएमई को जो समर्थन मिला है, उससे इसे स्थानीय स्तर से लेकर वैश्विक स्तर तक विकास करने की नयी ताकत मिलेगी।
- नयी दिल्ली. सरकार ने रविवार को पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में एक सुव्यवस्थित केंद्र के साथ 'पूर्वी तट औद्योगिक गलियारे' के विकास और 'पूर्वोदय' के पांच राज्यों में कुल पांच पर्यटन स्थलों के निर्माण का प्रस्ताव रखा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए पूर्वोत्तर के छह राज्यों- अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, असम, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 'बौद्ध सर्किट' विकसित करने के लिए एक योजना शुरू करने का भी प्रस्ताव रखा। अपने संबोधन में वित्त मंत्री ने कृषि, वित्त, स्वास्थ्य, रोजगार, उद्योग और पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित कई घोषणाएं कीं। सीतारमण ने कहा, ''मैं दुर्गापुर में एक सुव्यवस्थित केंद्र के साथ पूर्वी तट औद्योगिक गलियारे के विकास, पूर्वोदय के पांच राज्यों में पांच पर्यटन स्थलों के निर्माण तथा 4,000 ई-बसों के प्रावधान का प्रस्ताव करती हूं।'' 'मोदी सरकार 3.0' के 100 दिन पूरे होने के उपलक्ष्य में सितंबर 2024 में यह घोषणा की गई थी कि समृद्ध भारत के लिए एक मजबूत नींव बनाने के उद्देश्य से 'विकसित भारत 2024 विजन' के तहत विभिन्न पहलें शुरू की गई हैं। इनमें भारत के पूर्वी क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से शुरू की गई पूर्वोदय पहल शामिल है, जिसमें बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश शामिल हैं। सीतारमण ने अपने बजट भाषण में पूर्वोत्तर क्षेत्र स्थित बौद्ध स्थलों के विकास पर भी जोर दिया।उन्होंने कहा, ''मैं अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, असम, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बौद्ध तीर्थयात्रा सर्किट के विकास के लिए एक योजना शुरू करने का प्रस्ताव करती हूं। इस योजना में मंदिरों और मठों का संरक्षण, तीर्थयात्रा व्याख्या केंद्र और तीर्थयात्रियों के लिए सुविधाएं शामिल होंगी।'' पूर्वोत्तर के कई राज्यों में ऐतिहासिक मठ और अन्य बौद्ध स्थल मौजूद हैं।
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नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से रविवार को बजट 2026 पेश किया गया है। इसमें कई ऐसी घोषणाएं सामने आई हैं, जिसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा। बजट 2026 में कैंसर, विदेश यात्रा, व्यक्तिगत आयात के साथ कई अन्य चीजों पर टैक्स कम किया गया है, जिससे आम आदमी को काफी फायदा होगा। वहीं, कोयला, शराब और शेयर बाजार में सट्टेबाजी पर टैक्स बढ़ाया गया है, जिससे इन चीजों की लागत पहले के मुकाबले बढ़ जाएगी।
बजट 2026 में कैंसर की 17 दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी हटाई गई है। साथ ही 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाओं और विशेष भोजन को आयात शुल्क में छूट दी गई है। वहीं, व्यक्तिगत आयात पर टैरिफ को 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है और विदेश यात्रा टूर पैकेज पर टीसीएस को 5 प्रतिशत/20 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत किया गया है।इसके अलावा, माइक्रोवेव ओवन, जूते, विदेश में पढ़ाई करना, सोलर एनर्जी से जुड़े चीजें, बैटरी, बायोफ्यूल मिली सीएनजी, हवाई जहाज के कलपुर्जे, चमड़े का निर्यात और बीड़ी आदि भी सस्ते हो जाएंगे। दूसरी तरफ, आयात शुल्क में इजाफा होने से कबाड़ और खनिज आदि महंगे हो जाएंगे। बजट 2026 में सरकार ने शराब (मानव उपभोग के लिए) पर टीसीएस की दर एक प्रतिशत से बढ़ाकर 2 प्रतिशत कर दी है।इसके अलावा, डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग कम करने के लिए सरकार ने बजट 2026 में फ्यूचर्स पर एसटीटी को मौजूदा 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत करने का प्रस्ताव दिया है। ऑप्शंस पर अब एसटीटी बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत करने का प्रस्ताव दिया गया है। इसके अलावा, सरकार ने बायबैक में शेयर सरेंडर करने पर सभी प्रकार के शेयरधारकों को होने वाले फायदे को कैपिटन गेन में लाने का प्रस्ताव रखा है। इससे अब बायबैक से होने वाली आय पर अधिक टैक्स लगेगा। -
नयी दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को उदारीकृत प्रेषण योजना (एलआरएस) के तहत शिक्षा और चिकित्सा उद्देश्यों के लिए विदेश से भेजे जाने वाले धन (रेमिटेंस) के साथ-साथ विदेशी यात्रा पैकेज की बिक्री पर 'स्रोत पर कर संग्रह' (टीसीएस) की दर को घटाकर दो प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा। लोकसभा में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए मंत्री ने यह भी प्रस्तावित किया कि विशिष्ट वस्तुओं - शराब, कबाड़ (स्क्रैप) और खनिजों के विक्रेताओं के लिए टीसीएस दर को युक्तिसंगत बनाकर दो प्रतिशत किया जाएगा और तेंदू पत्तों पर इसे पांच प्रतिशत से घटाकर दो प्रतिशत किया जाएगा। सीतारमण ने कहा, ''मैं उदारीकृत प्रेषण योजना (एलआरएस) के तहत शिक्षा और चिकित्सा उद्देश्यों के लिए टीसीएस दर को पांच प्रतिशत से घटाकर दो प्रतिशत करने का प्रस्ताव करती हूं।'' प्रस्ताव के अनुसार, शिक्षा या चिकित्सा उपचार के लिए 10 लाख रुपये से अधिक की राशि भेजने पर अब मौजूदा पांच प्रतिशत के बजाय दो प्रतिशत टीसीएस लगेगा। एलआरएस के तहत, नाबालिगों सहित सभी निवासी व्यक्तियों को प्रति वित्त वर्ष 2,50,000 अमेरिकी डॉलर तक विदेश भेजने की अनुमति है। हालांकि, शिक्षा या चिकित्सा के अलावा अन्य उद्देश्यों के लिए टीसीएस की दर 20 प्रतिशत बनी रहेगी। वित्त मंत्री ने विदेशी यात्रा पैकेज की बिक्री पर भी टीसीएस दर को मौजूदा पांच और 20 प्रतिशत से घटाकर बिना किसी सीमा के सीधे दो प्रतिशत करने का प्रस्ताव दिया। वर्तमान में 10 लाख रुपये तक के विदेशी यात्रा पैकेज पर पांच प्रतिशत और उससे अधिक पर 20 प्रतिशत टीसीएस लगता है। इसके अलावा, खनिज (कोयला, लिग्नाइट या लौह अयस्क), शराब और कबाड़ की बिक्री पर वर्तमान में टीसीएस की दर एक प्रतिशत है, जिसे अब दो प्रतिशत करने का प्रस्ताव है।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को 2026-27 के बजट में 1,06,530.42 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो 2025-26 के बजट के मुकाबले 10 प्रतिशत अधिक है। सरकार ने भारत को एक प्रमुख चिकित्सा पर्यटन गंतव्य के तौर पर बढ़ावा देने के लिए निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी में पांच क्षेत्रीय चिकित्सा हब बनाने में राज्यों की मदद के लिए एक योजना का प्रस्ताव रखा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करते हुए कहा कि ये हब एकीकृत स्वास्थ्य देखभाल परिसर के तौर पर काम करेंगे, जिनमें चिकित्सा, शिक्षा और अनुसंधान सुविधाएं शामिल होंगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह घोषणा भी की कि सहायक स्वास्थ्य पेशेवरों (एएचपी) के लिए मौजूदा संस्थानों को उन्नत किया जाएगा और निजी तथा सरकारी क्षेत्र में नए एएचपी संस्थान बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इससे स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत के युवाओं के लिए कौशल वाले रोजगारों के नए रास्ते बनेंगे। उन्होंने कहा, ''इसमें ऑप्टोमेट्री, रेडियोलॉजी, एनेस्थीसिया, ओटी टेक्नोलॉजी, एप्लाइड साइकोलॉजी और व्यवहार संबंधी सेहत समेत 10 चुने हुए क्षेत्र शामिल होंगे और अगले पांच साल में एक लाख एएचपी जुड़ेंगे।'' वित्त मंत्री ने कहा, ''बुजुर्गों और सहायक देखभाल सेवाओं के लिए एक मजबूत देखभाल प्रणाली बनाई जाएगी।'' स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के लिए आवंटित 1,06,530.42 करोड़ रुपये में से 1,01,709.21 करोड़ रुपये स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के लिए तथा 4,821.21 करोड़ रुपये स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के लिए आवंटित किए गए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने पहली बार एएचपी संबंधी योजना के लिए 1,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए आवंटन 2025-26 में 37,100.07 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2026-27 में 39,390 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लिए आवंटन 8,995 करोड़ से बढ़ाकर 9,500 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो 5.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। राष्ट्रीय दूर मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के लिए, बजट आवंटन को 45 करोड़ रुपये से थोड़ा बढ़ाकर 51 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जबकि राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन के लिए वित्त वर्ष 2026-27 में 350 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। स्वायत्त इकाइयों के लिए बजट आवंटन 2024-25 में 21,901.98 करोड़ रुपये से बढ़कर 2026-27 में 22,343.97 करोड़ रुपये हो गया है। नई दिल्ली स्थित एम्स के लिए आवंटन 5,238.70 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5,500.92 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जबकि आईसीएमआर के लिए 4,821.21 करोड़ रुपये चिह्नित किए गए हैं, जो लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि है। -
नयी दिल्ली. आम बजट 2026-27 में कैंसर के इलाज में काम आने वाली 17 दवाओं पर सीमा शुल्क हटा दिया है। इसके अलावा बैगेज नियमों को आसान बनाकर और निजी इस्तेमाल के लिए आयात किए गए सामान पर शुल्क घटाकर 10 प्रतिशत करके सीमा शुल्क व्यवस्था को आसान बनाया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को एक ''विश्वास-आधारित'' सीमा शुल्क व्यवस्था पेश की, जिसमें मालवाहक जहाजों की मंजूरी (कार्गो क्लीयरेंस) के लिए एकल खिड़की प्रणाली होगी, भरोसेमंद और लंबे समय से आपूर्ति श्रृंखला वाले नियमित आयात करने वालों के लिए कम जांच परख होगी, अधिकृत आर्थिक परिचालकों (एईओज) के लिए आसान शुल्क भुगतान के नियम होंगे और बंदरगाहों पर जांच में कृत्रिम मेधा (एआई) का इस्तेमाल होगा। सीतारमण ने यह भी घोषणा की कि ईमानदार करदाता, जुर्माने के बजाय अतिरिक्त राशि का भुगतान करके सीमा शुल्क विवादों को निपटा सकते हैं, और सभी सीमा शुल्क प्रक्रियाओं के लिए दो साल में सीमाशुल्क एकीकृत प्रणाली (सीआईएस) शुरू करने का वादा किया। उन्होंने यह भी घोषणा की कि 'एडवांस रूलिंग', सीमाशुल्क अधिकारियों पर पांच साल के लिए बाध्यकारी होगी, जो अभी तीन साल है। उन्होंने आगे कहा कि 'कस्टम वेयरहाउसिंग ढांचे' को स्वयं खुलासे, इलेक्ट्रॉनिक निगरानी और जोखिम-आधारित लेखा परीक्षण के साथ 'वेयरहाउस परिचालक-केंद्रित प्रणाली में बदल दिया जाएगा। सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा कि सीमाशुल्क प्रस्तावों का ''उद्देश्य शुल्क संरचना को और सरल बनाना, घरेलू विनिर्माण को समर्थन करना, निर्यात प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना और शुल्क में विसंगतियों को ठीक करना है।'' बजट में यात्रियों की वास्तविक चिंताओं को दूर करने के लिए अंतरराष्ट्रीय यात्रा के दौरान 'बैगेज क्लियरेंस' को नियंत्रित करने वाले प्रावधानों को संशोधित करने का प्रस्ताव है। बैगेज नियम 2016 के तहत, भारतीय निवासी और भारत में रहने वाले विदेशी जो नेपाल, भूटान या म्यामां के अलावा अन्य देशों से आ रहे हैं, वे 50,000 रुपये तक का शुल्क मुक्त सामान ला सकते हैं। निजी इस्तेमाल के लिए सामान के आयात के संबंध में, बजट में ऐसे सभी शुल्क वाले सामान पर शुल्क दर को 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को शहरी विकास को मजबूत करने के लिए एक बड़े कदम की घोषणा की। इसके तहत शहरी आर्थिक क्षेत्रों (सीईआर) के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा और प्रत्येक क्षेत्र के लिए पांच वर्षों में 5,000 करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव किया गया है। इसका मकसद संबंधित योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करना है।
सीतारमण ने लोकसभा में 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करते हुए शहरों को भारत के विकास, नवोन्मेष और अवसरों का इंजन बताया और कहा कि यह नई पहल दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों के साथ-साथ मंदिर नगरों पर केंद्रित होगी, जिन्हें आधुनिक बुनियादी ढांचे और बेहतर सुविधाओं की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बजट का उद्देश्य विशिष्ट विकास कारकों के आधार पर शहर आर्थिक क्षेत्र का मानचित्रण करके शहरों की आर्थिक शक्ति को और अधिक बढ़ाना है। सीतारमण ने कहा, ''सुधार-सह-परिणाम आधारित वित्तपोषण व्यवस्था के साथ चुनौतीपूर्ण तरीके से उनकी योजनाओं को लागू करने के लिए प्रत्येक सीईआर के लिए पांच वर्षों में 5,000 करोड़ रुपये का आवंटन प्रस्तावित किया गया है।'' उन्होंने कहा कि पिछले दशक में, उनकी सरकार ने सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के व्यापक सुधार के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें बुनियादी ढांचा निवेश ट्रस्ट (इनविट) और रियल एस्टेट निवेश ट्रस्ट (रीट) जैसे नए वित्तपोषण साधन और एनआईआईएफ (राष्ट्रीय निवेश और बुनियादी ढांचा कोष) और एनएबीएफआईडी (राष्ट्रीय बुनियादी ढांचा और विकास वित्त पोषण बैंक) जैसी संस्थाएं शामिल हैं। सरकार पांच लाख से अधिक आबादी वाले शहरों (टियर 2 और टियर 3) में अवसंरचना के विकास पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखेगी। ये शहर विकास केंद्रों के रूप में विकसित हुए हैं। -
प्रयागराज| प्रयागराज में आयोजित किए जा रहे माघ मेले में रविवार को माघी पूर्णिमा स्नान पर्व पर सुबह आठ बजे तक करीब 90 लाख श्रद्धालुओं ने संगम और गंगा में डुबकी लगाई। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। मेला प्राधिकरण के अधिकारी ने बताया कि कड़ाके की ठंड के बावजूद शनिवार आधी रात 12 बजे से ही श्रद्धालुओं का मेला क्षेत्र में आगमन और गंगा स्नान जारी है। उन्होंने बताया कि रविवार सुबह आठ बजे तक लगभग 90 लाख श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में स्नान किया।
जिला मजिस्ट्रेट मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि पिछले एक महीने से मेले में कल्पवास कर रहे कल्पवासियों का रविवार को अंतिम गंगा स्नान है, इसलिए उनके परिजन उन्हें घर वापस ले जाने के लिए आए हैं। उन्होंने बताया कि सुबह घने कोहरे के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और सभी घाटों पर स्नान सुचारू रूप से जारी है। उन्होंने कहा, ''सभी घाटों पर सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम तैनात हैं। इसके अलावा नाविकों और गोताखोरों को भी सभी घाटों पर तैनात किया गया है।'' वर्मा ने बताया कि मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों तथा ड्रोन के माध्यम से निगरानी की जा रही है और सभी अधिकारी मेला क्षेत्र में भ्रमणशील हैं। त्रिवेणी संगम आरती सेवा समिति के अध्यक्ष आचार्य राजेंद्र मिश्र ने बताया कि माघ मेले में करीब पांच लाख कल्पवासियों का एक माह का कल्पवास माघी पूर्णिमा स्नान के साथ संपन्न हो जाएगा और आगामी 15 फरवरी को महाशिवरात्रि स्नान पर्व के साथ माघ मेला समाप्त हो जाएगा। मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने बताया कि 800 हेक्टेयर में फैले मेला क्षेत्र को सात सेक्टर में बांटा गया है और 25 हजार से अधिक शौचालय बनाए गए हैं व 3,500 से अधिक सफाईकर्मी तैनात हैं। पुलिस अधीक्षक (माघ मेला) नीरज पांडेय ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवागमन के लिए पूरे मेला क्षेत्र में 10 हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। यातायात को सुगम बनाए रखने के लिए एक लाख से अधिक वाहन क्षमता के 42 अस्थायी पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि माघ मेला 2025-26 के लिए कुल 12,100 फुट लंबे घाटों का निर्माण किया गया है, जिनमें सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। -
नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में बजट पेश करने से पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने लाल ‘डिजिटल बही-खाता’ पेश किया। पारंपरिक तौर पर वित्त मंत्री संसद में बजट पेश करने से पहले राष्ट्रपति से मुलाकात करती हैं। इस बार भी बजट पेपरलेस होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा ही पेपरलेस बजट की शुरुआत की गई थी।
वित्त मंत्री सीतारमण ने सबसे पहले 2019 में ब्रिटिश काल से चली आ रही चमड़े के पुरानी ब्रीफकेस की जगह पारंपरिक बही-खाता का इस्तेमाल शुरू किया था। इसके दो साल बाद 2021 में, उन्होंने बजट के कागजात ले जाने के लिए डिजिटल टैबलेट का उपयोग करना शुरू किया था। इस बार का बजट वित्त मंत्री के रूप में सीतारमण का लगातार नौवां बजट होगा।वित्त मंत्री बजट ऐसे समय पर पेश कर रही हैं, जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक परिस्थितियां कठिन बनी हुई हैं और टैरिफ से प्रभावित कई सेक्टर्स राहत की उम्मीद कर रहे हैं। इस कारण बजट 2026 में बाजार का ध्यान इंडस्ट्री और निर्यात से जुड़े ऐलान पर हो सकता है।इसके अतिरिक्त संसद में सुबह 11 बजे केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करने के बाद, वित्त मंत्री सीतारमण देश के विभिन्न क्षेत्रों के लगभग 30 कॉलेज छात्रों से बातचीत करेंगी। आधिकारिक बयान के अनुसार, इस पहल के तहत, छात्र लोकसभा गैलरी से केंद्रीय बजट का सीधा प्रसारण भी देखेंगे, जिससे उन्हें वर्ष की सबसे महत्वपूर्ण संसदीय कार्यवाही में से एक को देखने का अवसर मिलेगा।इन छात्रों का चयन वाणिज्य, अर्थशास्त्र, चिकित्सा शिक्षा और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों सहित विभिन्न शैक्षणिक विषयों से किया गया है और वे भारत के विभिन्न राज्यों का प्रतिनिधित्व करते हैं। वे कर्तव्य भवन-1 स्थित वित्त मंत्रालय का दौरा भी करेंगे और वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत करके इसके कामकाज, नीति निर्माण प्रक्रियाओं और राष्ट्र निर्माण में संस्थानों की भूमिका के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे।( -
नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करने से पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की। यह एक परंपरा है, जिसमें हर साल वित्त मंत्री बजट पेश करने से पहले राष्ट्रपति से मिलती हैं। इस दौरान राष्ट्रपति ने निर्मला सीतारमण को दही-चीनी भी खिलाई और उन्हें व उनकी टीम को बजट पेश करने के लिए शुभकामनाएं दीं।
राष्ट्रपति कार्यालय के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर भी इस मुलाकात की कुछ तस्वीरें शेयर की गई हैं। इसके साथ ही लिखा है, “केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी और वित्त मंत्रालय के सीनियर अधिकारियों के साथ यूनियन बजट पेश करने से पहले राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और उनकी टीम को बजट पेश करने के लिए शुभकामनाएं दीं।”इसके पहले सुबह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपने मंत्रालय पहुंची थीं और बजट से जुड़ी अंतिम तैयारियों की समीक्षा की। हर साल की तरह इस बार भी उनका हाथ में ‘बहिखाता’ देखा गया, उसी टैब में वह पेपरलेस बजट प्रस्तुत करती रही हैं। इस बार का बजट खास इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि यह लगातार उनका नौवां बजट है। इस उपलब्धि के साथ वह उन चुनिंदा वित्त मंत्रियों में शामिल हो गई हैं जिन्होंने सबसे अधिक बार बजट पेश किया है।इस बजट से लोगों की उम्मीदें भी काफी बढ़ गई हैं। किसानों, छात्रों और मध्यम वर्ग के लिए नई घोषणाओं की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा, आर्थिक सर्वेक्षण के संकेतों से पता चला है कि इस बार के बजट में सरकार रोजगार, विकास और सामाजिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों पर ज्यादा फोकस कर सकती है। साथ ही कुछ चुनावी राज्यों के लिए बड़े ऐलान भी किए जा सकते हैं, जिससे राजनीतिक और आर्थिक दोनों ही दृष्टि से बजट की अहमियत बढ़ गई है। -
भुवनेश्वर. ओडिशा के गंजाम जिले में एक ट्रक ने तीन दोपहिया वाहनों को रौंद दिया, जिससे कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। दुर्घटना ब्रह्मपुर शहर से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-16 पर हल्दियापदर में हुई।
एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के अधीक्षक दुर्गा माधव सतपथी ने कहा, "दुर्घटना में मारे गए सभी पांच लोगों के शव यहां लाये गए।" पुलिस ने पहले बताया था कि दुर्घटना में छह लोग घायल हुए हैं, लेकिन बाद में पता चला कि केवल तीन लोग घायल हुए और वे सभी राहगीर थे। दक्षिणी रेंज की आईजी नीति शेखर ने कहा कि ट्रक राजमार्ग पर गलत दिशा में जा रहा था, तभी यह हादसा हुआ। उन्होंने बताया कि दुर्घटना इतनी भीषण थी कि मृतकों के शव राष्ट्रीय राजमार्ग पर बिखरे पड़े मिले।दुर्घटना के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग-16 पर यातायात कई घंटों तक रुका रहा।ब्रह्मपुर पुलिस अधीक्षक श्रवण विवेक एम ने बताया कि ट्रक को जब्त कर लिया गया है और उसके चालक को हिरासत में ले लिया गया है। उन्होंने कहा, "दुर्घटना का सटीक कारण गहन जांच के बाद ही पता चलेगा।"उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद मृतकों के शव परिजनों को सौंप दिए गए।पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान अयोध्या नगर के सुरय नारायण पांडा (41), गुंथुबांध के सिबाराम जेना (35), फुल्टा के जगा नाहक (20) और राकेश नाहक (22) और जराडा के पास खरियागुड़ा के सत्य नारायण बेज के रूप में हुई है। ओडिशा के मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर कहा, ''गंजाम जिले के ब्रह्मपुर के पास हल्दियापादर में हुए सड़क हादसे में जानमाल की हानि पर मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शोक व्यक्त किया है।'' इसने कहा कि माझी ने मुख्यमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिजनों के लिए चार-चार लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की। विपक्ष के नेता और बीजद अध्यक्ष नवीन पटनायक तथा केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी अलग-अलग सोशल मीडिया पोस्ट में, दुर्घटना में लोगों की मौत पर दुख व्यक्त किया। -
कोहिमा. नगालैंड की राजधानी कोहिमा से लगभग 21 किलोमीटर दूर एक बस पलट जाने से कम से कम चार महिलाओं की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। शुरुआती खबरों के अनुसार, चुमौकेदिमा आओ बैपटिस्ट चर्च के लगभग 40 सदस्यों को ले जा रही बस मोकोकचुंग जिले में एक प्रार्थना सभा के बाद चुमौकेदिमा लौट रही थी, तभी कोहिमा जिले में 10 माइल और पेदुचा के बीच सड़क पर रात लगभग आठ बजे यांत्रिक खराबी के कारण बस पलट गई। घायलों को राहगीरों की मदद से पास के अस्पतालों में पहुंचाया गया है।अधिकारी ने बताया कि जिला प्रशासन और पुलिस ने बचाव कार्य में सहायता के लिए एम्बुलेंस भी मंगवाई हैं।
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पणजी. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने शनिवार को गोवा में पार्टी कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर से लेकर राज्य स्तर तक संगठन को मजबूत करने और 2027 के विधानसभा चुनाव में हर मतदान केंद्र पर कम से कम 50 प्रतिशत मत हासिल करने का लक्ष्य तय करने का आह्वान किया। पणजी के निकट कार्यकर्ताओं के सम्मेलन को संबोधित करते हुए नवीन ने कहा कि 2027 के चुनाव "विकसित गोवा" के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। उन्होंने कहा कि राज्य की विकास यात्रा जारी रखने के लिए स्थिर सरकार आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि बूथ प्रमुख पार्टी के संगठन में सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति होते हैं।नवीन ने 2027 के चुनाव में हर मतदान केंद्र पर कम से कम 50 प्रतिशत मत हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गोवा की प्रति व्यक्ति आय 2014 में 1.12 लाख रुपये से बढ़कर 2023-24 में लगभग 3 लाख रुपये हो गई है। भाजपा अध्यक्ष ने दो हवाई अड्डों, विस्तारित एक्सप्रेसवे, राष्ट्रीय राजमार्गों और फ्लाईओवर सहित बुनियादी ढांचे के विकास का भी उल्लेख किया और कार्यकर्ताओं से गोवा की बदली तस्वीर के बारे में लोगों तक जानकारी पहुंचाने का आग्रह किया। -
नयी दिल्ली/पणजी. गोवा के अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान का 'प्रयास' केंद्र तंत्रिका विकास और तंत्रिका संबंधी विकारों से पीड़ित बच्चों के लिए आशा की किरण बनकर उभरा है, जो आयुर्वेद, योग और आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों के संयोजन से उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए समन्वित प्रयास कर रहा है। 'प्रयास' केंद्र की शुरुआत नवंबर 2025 में की गई थी। इस एकीकृत बाल चिकित्सा न्यूरो-पुनर्वास केंद्र ने न्यूरो-मस्कुलर और न्यूरो-बिहेवियरल ओपीडी के माध्यम से 574 रोगियों को लाभान्वित किया है, और आईपीडी सेवाओं के माध्यम से 176 बच्चों को एकीकृत देखभाल प्रदान की है। अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) गोवा की डीन (शैक्षणिक एवं प्रशासन) डॉ. सुजाता कदम ने कहा, ''प्रयास तंत्रिका विकास संबंधी विकारों से पीड़ित बच्चों के लिए आशा की किरण है, जो आयुर्वेद के समग्र सिद्धांतों को बहुविषयक चिकित्सा पद्धतियों के साथ एकीकृत करके उनके जीवन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार लाता है। हम इस मॉडल को पूरे भारत में अधिक से अधिक परिवारों तक विस्तारित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, और अपने संस्थान की नवीन एवं करुणामयी देखभाल के प्रति प्रतिबद्धता को आगे बढ़ा रहे हैं।'' उन्होंने बताया कि इसका एक उदाहरण तीन वर्षीय एक लड़के का है, जो 'स्पैस्टिक हेमिप्लेजिक सेरेब्रल पाल्सी' से ग्रस्त था और स्वतंत्र रूप से खड़े होने या चलने में असमर्थ था, लेकिन केंद्र में एकीकृत देखभाल के बाद वह बिना किसी सहारे के चलने-फिरने में सक्षम हो गया। बच्चे की मां ने कहा, ''पहले मेरा बच्चा अपने पैरों पर खड़ा नहीं हो पाता था और न ही चल पाता था। 'प्रयास' में इलाज के बाद उसकी हालत में काफी सुधार हुआ है और अब वह बिना सहारे के चल सकता है।''
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नयी दिल्ली. केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री एल मुरुगन ने शनिवार को कहा कि सरकार देश के रेडियो क्षेत्र के और विस्तार में सहयोग करने के लिए तैयार है। मुरुगन ने 'ब्रॉडकास्ट इंजीनियरिंग सोसाइटी एक्सपो' में कहा कि सरकार 'टीयर थ्री' शहरों में भी एफएम रेडियो के विस्तार को प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने कहा, ''हमारे पास 313 शहरों में 839 एफएम स्टेशन हैं। सामुदायिक रेडियो स्टेशन भी तेजी से बढ़ रहे हैं। हमारे पास 532 सामुदायिक रेडियो स्टेशन हैं। सरकार लाइसेंस जारी करके रेडियो क्षेत्र को सहयोग देने के लिए तैयार है।" मुरुगन ने कहा कि भारत का एफएम रेडियो तंत्र दशकों में अपने सबसे बड़े परिवर्तन की ओर अग्रसर हो सकता है, क्योंकि निजी एफएम प्रसारक और उपभोक्ता उपकरण निर्माता एचडी रेडियो का उपयोग करके एनालॉग से डिजिटल एफएम में परिवर्तन के लिए तत्परता के संकेत दे रहे हैं।
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तिरुपति. मुंबई की एक श्रद्धालु ने तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) की ओर से संचालित श्री पद्मावती बाल हृदय केंद्र को 90 लाख रुपये मूल्य के चिकित्सा उपकरण शनिवार को दान किए। मधुरिमा सिंह ने ये उपकरण टीटीडी के संयुक्त कार्यकारी अधिकारी (स्वास्थ्य एवं शिक्षा) ए शरद को सौंपे। मंदिर निकाय ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, "मधुरिमा सिंह ने श्री पद्मावती बाल हृदय केंद्र को 90 लाख रुपये मूल्य के उन्नत चिकित्सा उपकरण दान किए हैं।" विज्ञप्ति के मुताबिक, दान किए गए उपकरणों में चार उच्च श्रेणी के वेंटिलेटर, चार रोगी मॉनिटर, चार 'ह्यूमिडिफायर' और चार 'हाई-फ्लो नेजल कैनुला' उपकरण शामिल हैं। तिरुमला तिरुपति देवस्थानम विश्व के सबसे धनी हिंदू तीर्थस्थल के रूप में विख्यात श्री वेंकटेश्वर मंदिर का आधिकारिक संरक्षक है।
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नयी दिल्ली. उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने शनिवार को कहा कि बुनियादी ढांचे और पर्यटन में लगातार निवेश से संतुलित विकास हुआ है। राधाकृष्णन ने लाल किले के प्रांगण में 'भारत पर्व 2026' के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि बुनियादी ढांचे का विस्तार, डिजिटल सशक्तीकरण, वित्तीय समावेशन, सामाजिक सुरक्षा, महिला नेतृत्व वाला विकास और युवा नवाचार राष्ट्र की नींव को नया आकार दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि घरेलू पर्यटन में उल्लेखनीय वृद्धि भारत को जानने-समझने के लिए नये राष्ट्रीय आत्मविश्वास और उत्साह की सूचक है। 'भारत पर्व' पर्यटन मंत्रालय की ओर से गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम है, जो देश की सांस्कृतिक विविधता, कलात्मक परंपराओं और पर्यटन क्षमता को प्रदर्शित करता है। उपराष्ट्रपति ने 'भारत पर्व' को एक उत्सव से कहीं अधिक बताया। उन्होंने कहा कि यह एक शानदार अनुभव है, जो भारत की शाश्वत भावना को जीवंत करता है। राधाकृष्णन ने कहा कि ऐसे आयोजन 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की भावना को दर्शाते हैं, क्योंकि ये देश भर की परंपराओं, शिल्प, व्यंजनों और कलात्मक अभिव्यक्तियों को एक मंच पर लाते हैं।
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देहरादून. उत्तराखंड में पिछले वर्ष से शुरू हुई शीतकालीन यात्रा में तेजी आयी है और चार धामों के कपाट बंद होने के बाद से उनके शीतकालीन प्रवास स्थलों पर अब तक 34,140 श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। यहां जारी एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, चारों धामों-बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के सर्दियों में कपाट बंद हो जाने के बाद अक्सर पहाड़ों पर दिखाई देने वाली वीरानी अब शीतकालीन यात्रा की चहल पहल में बदल गयी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी साल भर पहले शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा देने के लिए राज्य में आए थे और अब वह तेजी से आगे बढ़ रही है। विज्ञप्ति के अनुसार, चारों धामों से संबंधित ज्योतिर्मठ, ऊखीमठ, मुखवा और खरसाली जैसे शीतकालीन प्रवास स्थलों तक देश-दुनिया के यात्री अच्छी-खासी संख्या में पहुंच रहे हैं। इसके अनुसार इस बार चारधाम यात्रा के कपाट बंद होने के बाद से अभी तक 34,140 यात्री इन स्थानों पर पहुंच चुके हैं। विज्ञप्ति के अनुसार, शीतकालीन यात्रा अभी करीब ढाई महीने और चलनी है। यह यात्रा वर्ष 2024-25 में शुरू की गयी थी और तब 73,381 यात्री शीतकालीन यात्रा पर उत्तराखंड आए थे। शीतकालीन यात्रा में अभी तक सबसे ज्यादा यात्री बाबा केदारनाथ के गद्दीस्थल ऊखीमठ पहुंचे हैं। चार धाम यात्रा प्रबंधन एवं नियंत्रण संगठन के विशेष कार्याधिकारी डॉ प्रजापति नौटियाल ने बताया कि अभी तक सबसे ज्यादा 20,338 यात्रियों ने ऊखीमठ में दर्शन किए हैं। उन्होंने बताया कि इसके बाद ज्योर्तिमठ, खरसाली और मुखवा में यात्री पहुंचे हैं। डॉ नौटियाल के अनुसार, प्रतिदिन एक से डेढ़ हजार यात्री इन शीतकालीन प्रवास स्थलों पर दर्शन के लिए आ रहे हैं। इस संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने मुखवा और हर्षिल आकर जिस तरह से शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा दिया, उसके सार्थक नतीजे निकले हैं और लगातार दूसरे वर्ष भी शीतकालीन यात्रा सफलतापूर्वक चल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा, ''देश-दुनिया के लोग शीतकाल में भी उत्तराखंड आकर पवित्र स्थलों के दर्शन कर रहे हैं और यहां के प्राकृतिक सौंदर्य को देख रहे हैं। बारहमासी यात्रा की सफलता से स्थानीय लोगों का रोजगार भी फल-फूल रहा है।''
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बैरकपुर/सिलीगुड़ी. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर शनिवार को तीखा हमला बोलते हुए उस पर घुसपैठियों को संरक्षण देने, सामाजिक तनाव बढ़ाने और चुनावी लाभ के लिए जानबूझकर सीमा सुरक्षा को कमजोर करने का आरोप लगाया। शाह ने दावा किया कि देश में कोई भी सरकार टीएमसी सरकार जितनी "भ्रष्ट" नहीं है।
गृह मंत्री ने दक्षिण और उत्तर बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं की सभाओं को संबोधित करते समय पश्चिम बंगाल के आगामी विधानसभा चुनाव को एक सामान्य राजनीतिक मुकाबले से कहीं अधिक बताया। उन्होंने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा, सुशासन और बंगाली अस्मिता को लेकर जनमत संग्रह करार दिया। शाह ने कहा कि घुसपैठ, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), कथित घोटालों और राज्य में बढ़ते सामाजिक विभाजन को लेकर भाजपा ने टीएमसी को सत्ता से हटाने के लिए अपना आक्रामक अभियान तेज कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि "वोट बैंक की राजनीति" के चलते टीएमसी सरकार में भारत-बांग्लादेश सीमा से अवैध घुसपैठ बेकाबू हो गई है। बैरकपुर में कार्यकर्ताओं की सभा को संबोधित करते हुए शाह ने कहा, "जिस तरह पश्चिम बंगाल में घुसपैठ हो रही है, वह पूरे देश के लिए सुरक्षा संबंधी मुद्दा बन गया है। अदालत के आदेशों के बावजूद टीएमसी सरकार सीमा पर बाड़ लगाने के लिए बीएसएफ (सीमा सुरक्षा बल) को जमीन नहीं दे रही, क्योंकि घुसपैठिये ही उसका 'वोट बैंक' हैं।" उन्होंने दावा किया कि अवैध प्रवासियों को खुलेआम घूमने दिया जा रहा है और "प्रशासन व पुलिस आंखें मूंदे हुए हैं।" शाह ने कहा कि कलकत्ता उच्च न्यायालय ने भी टिप्पणी की है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सीमा पर बाड़बंदी के लिए आवश्यक जमीन देने में सहयोग नहीं कर रही हैं। उन्होंने कहा, "लेकिन मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं, ममता बनर्जी उच्च न्यायालय के निर्देश के अनुसार 31 मार्च तक जमीन दें या न दें, अप्रैल में भाजपा की सरकार बनते ही 45 दिनों में मुख्यमंत्री बीएसएफ को जमीन सौंप देगा।" उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह नौ सीमावर्ती जिलों में पहले से अधिग्रहीत जमीन 31 मार्च तक बाड़ लगाने के लिए सौंपे। अदालत ने यह भी कहा है कि बांग्लादेश से लगी भारत की कुल सीमा का आधे से अधिक हिस्सा पश्चिम बंगाल में है और 2016 से कई कैबिनेट फैसलों के बावजूद बड़े हिस्से अब भी बाड़ रहित हैं। मतदाता सूची के एसआईआर को लेकर शाह ने राज्य सरकार पर निर्वाचन आयोग के काम में बाधा डालने और सहयोग न करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "ममता बनर्जी एसआईआर का चाहे जितना विरोध करें, लेकिन यह होगा और मतदाता सूची से घुसपैठियों के नाम हटाए जाएंगे।" गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि राज्य के अधिकारी जानबूझकर निर्वाचन आयोग के साथ सहयोग नहीं कर रहे।उन्होंने कहा, "ममता बनर्जी डर क्यों रही हैं? क्योंकि एसआईआर लागू होते ही घुसपैठियों को जाना पड़ेगा।" शाह ने कोलकाता के पास आनंदपुर में मोमो फैक्टरी से जुड़े गोदामों में हाल ही में लगी आग को लेकर भी राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि यह त्रासदी भ्रष्टाचार और प्रशासनिक विफलता का नतीजा है। गृह मंत्री ने कहा, "मैं आनंदपुर अग्निकांड में जान गंवाने वाले सभी मजदूरों को श्रद्धांजलि देता हूं। लेकिन मैं साफ कह देना चाहता हूं कि यह आग कोई दुर्घटना नहीं थी। ममता बनर्जी सरकार का भ्रष्टाचार ही इसकी वजह है।" उन्होंने सरकार पर संवेदनहीन होने का आरोप लगाते हुए कहा कि एक मंत्री "32 घंटे बाद" घटनास्थल पर पहुंचे। शाह ने सवाल किया, "क्या बंगाल में प्रशासन पूरी तरह से खत्म हो गया है?" उन्होंने आरोप लगाया कि अगर पीड़ित किसी "विशेष समुदाय" से होते, तो प्रतिक्रिया अलग होती। शाह ने मांग की कि मुख्यमंत्री इस घटना की गहन जांच के आदेश दें और दोषियों को जेल भेजा जाए।उत्तर बंगाल में शाह ने सियासी हमले और तेज करते हुए कहा कि टीएमसी शासन में भ्रष्टाचार व्यवस्था का हिस्सा बन चुका है। उन्होंने कहा, "देश में ममता बनर्जी की सरकार से ज्यादा भ्रष्ट कोई सरकार नहीं है। बंगाल में भ्रष्टाचार को संस्थागत बना दिया गया है।" शाह ने दावा किया कि केंद्र सरकार की ओर से भेजे गए 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक के फंड को सिंडिकेट के जरिये हड़प लिया गया। उन्होंने ममता को खुली चुनौती देते हुए कहा, "अगर आप भ्रष्टाचार का समर्थन नहीं करती हैं, तो गिरफ्तार किए जा चुके या आरोपों का सामना कर रहे 23 दागी नेताओं को टिकट मत दीजिए। लेकिन वह टिकट देंगी, क्योंकि अगर नहीं देंगी, तो वे फाइलें खोल देंगे।" टीएमसी पर समुदायों को आपस में लड़ाने का आरोप लगाते हुए शाह ने कहा कि बंगाल में सामाजिक सौहार्द पूरी तरह से नष्ट हो चुका है। उन्होंने कहा, "ममता जी 'मां, माटी, मानुष' का नारा लेकर आई थीं। आज मैं कह सकता हूं कि आपसे तो वामपंथी भी बेहतर थे। आपने गोरखा लोगों को बंगालियों से लड़वाया, आदिवासियों को कुर्मियों से लड़वाया, राजबंशियों को आदिवासियों और बंगालियों से लड़वाया। आंतरिक संघर्ष और सामाजिक तनाव पैदा करने के अलावा आपने कुछ नहीं किया।" शाह ने ममता पर तंज कसते हुए कहा कि उनके राज में "मां असुरक्षित है, मानुष पीड़ित है और माटी निगल ली गई है।" गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि ममता के शासन में महिलाएं सुरक्षित महसूस नहीं करतीं, आम लोग सिंडिकेट के दबाव में जी रहे हैं और जमीन पर घुसपैठियों का कब्जा हो रहा है। चुनावों से पहले शरणार्थी समुदायों को साधने की कोशिश के तहत शाह ने मतुआ और नामशूद्र समुदायों से संपर्क किया, जो नागरिकता की बहस में अहम रहे हैं और 2019 से भाजपा का समर्थन कर रहे हैं। एसआईआर को लेकर उनकी चिंताओं को दूर करने की कोशिश करते हुए शाह ने आरोप लगाया कि टीएमसी नागरिकता के मुद्दे पर शरणार्थी समुदायों को डराने का काम कर रही है। उन्होंने कहा, "टीएमसी मतुआ और नामशूद्रों को डरा रही है। मैं उनसे कहना चाहता हूं डरने की जरूरत नहीं है। ममता बनर्जी आपके वोटों को छू भी नहीं सकतीं।" शाह ने टीएमसी के शासनकाल में अर्थव्यवस्था में गिरावट का भी आरोप लगाया और कहा कि 2011 से 2025 के बीच पश्चिम बंगाल से 6,900 कंपनियां या तो बंद हो गईं या राज्य छोड़कर चली गईं। उन्होंने कहा कि इनमें 110 सूचीबद्ध कंपनियां शामिल हैं। शाह ने कहा, "2026 वह साल है, जब टीएमसी को 'टाटा, बाय-बाय' कहने का समय आ गया है।" उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से टीएमसी सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकने और बंगाल में "देशभक्तों व राष्ट्रवादियों की सरकार" बनाने का आह्वान किया।

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