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- कोलकाता/ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में सोमवार को 206 सीटें जीतकर दो-तिहाई से अधिक बहुमत हासिल कर इतिहास रच दिया और तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन का अंत कर दिया। पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 148 है। हालांकि, फाल्टा में मतदान रद्द होने के कारण 293 निर्वाचन क्षेत्रों के मतों की गिनती हुई और इस वजह से फिलहाल बहुमत का आंकड़ा 147 है। पश्चिम बंगाल में भाजपा ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के पारंपरिक गढ़ों में सेंध लगाई और शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में अपना जनाधार बढ़ाया। इस जीत के साथ, भाजपा राज्य में पहली बार सरकार बनाएगी। निर्वाचन आयोग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, भाजपा ने 206 सीटें जीत लीं हैं जबकि तृणमूल कांग्रेस ने 81 सीट पर जीत दर्ज की है । वर्ष 2011 में लगभग चार प्रतिशत के मामूली वोट शेयर से, भाजपा 2019 में लगभग 40 प्रतिशत तक पहुंच गई और फिर 2021 के विधानसभा चुनावों में 77 सीटें हासिल करके वामपंथी और कांग्रेस को पछाड़ते हुए टीएमसी के प्रमुख प्रतिद्वंद्वी के रूप में उभरी।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के साथ अब ''गंगोत्री से लेकर गंगासागर तक कमल ही कमल खिला हुआ है'' और उन्होंने सभी दलों से ''बदले के बजाय बदलाव के लिए'' काम करने का आह्वान किया। पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत के बाद भाजपा मुख्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि यह देश के उज्ज्वल भविष्य की उद्घोषणा का दिन है। प्रधानमंत्री ने कहा, ''यह भरोसे का दिन है। यह भारत के महान लोकतंत्र पर भरोसे का दिन है, (जनता के लिए) काम करने की राजनीति पर भरोसे का दिन है, स्थिरता के संकल्प पर भरोसे का दिन है, और 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की भावना पर भरोसे का दिन है।'' उन्होंने विजय समारोह में कहा, ''मैं पश्चिम बंगाल, असम, पुडुचेरी, तमिलनाडु और केरल की जनता को नमन करता हूं।'' समारोह में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय मंत्री अमित शाह और राजनाथ सिंह सहित पार्टी के अन्य नेता उपस्थित थे। पिछले साल 14 नवंबर को, जब बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित हुए थे, मोदी ने इसी स्थान से भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा था कि गंगा बिहार से पश्चिम बंगाल के गंगा सागर तक बहती है। उन्होंने कहा, ''और आज, पश्चिम बंगाल में जीत के साथ, गंगोत्री (उत्तराखंड) से गंगा सागर (पश्चिम बंगाल) तक कमल ही कमल खिला हुआ है। उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल -- मां गंगा के किनारे बसे इन सभी राज्यों में अब भाजपा-राजग की सरकारें हैं।'' मोदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र के इस उत्सव में भय नहीं, बल्कि लोकतंत्र की जीत हुई है।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने बंगाल में जीत हासिल की है, ऐसे में 'बदले' की नहीं, बल्कि 'बदलाव' की और 'भय' के बजाय 'भविष्य' की बात होनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि जीत और हार लोकतंत्र और राजनीति का स्वाभाविक हिस्सा है, लेकिन इन पांच राज्यों की जनता ने दुनिया को दिखा दिया है कि क्यों ''हमारा देश लोकतंत्र की जननी'' है। उन्होंने कहा, ''हमारे लिए लोकतंत्र सिर्फ एक व्यवस्था नहीं है, यह हमारी रगों में दौड़ता हुआ संस्कार है। आज भारत का संविधान भी जीता है। हमारी संवैधानिक संस्थाएं जीती हैं। हमारी लोकतांत्रिक प्रक्रियाएं जीती हैं।'' मोदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में लगभग 93 प्रतिशत मतदान अपने आप में ऐतिहासिक है तथा असम, तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल में भी मतदान के नये रिकॉर्ड बने हैं। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में महिलाओं की भागीदारी असाधारण रूप से अधिक रही और यह भारतीय लोकतंत्र की सबसे उज्ज्वल तस्वीर के रूप में उभर रही है। उन्होंने कहा, ''आज का दिन ऐतिहासिक है, अभूतपूर्व है। जब वर्षों की तपस्या उपलब्धि में तब्दील होती है, तो चेहरे पर जो खुशी झलकती है, वही खुशी आज मैं देशभर में भाजपा कार्यकर्ताओं के चेहरों पर देख रहा हूं।'' प्रधानमंत्री ने विधानसभा चुनावों को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए निर्वाचन आयोग, उसके सभी कर्मचारियों, मतदान प्रक्रिया में शामिल सभी कर्मियों, विशेष रूप से सुरक्षा बलों को बधाई दी। उन्होंने कहा, ''भारत के लोकतंत्र की गरिमा को बनाए रखने में आपके योगदान को इतिहास हमेशा याद रखेगा।'' -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में जनशक्ति की जीत हुई है और भाजपा की सुशासन की राजनीति विजयी हुई, जबकि असम में राजग की जीत विकास और जन-कल्याण की राजनीति के प्रति जनता-जनार्दन के अटूट विश्वास का प्रतीक है। मोदी ने 'एक्स' पर सिलसिलेवार पोस्ट में कहा कि बंगाल में जनता-जनार्दन ने भाजपा को अभूतपूर्व जनादेश दिया है। उन्होंने कहा, ''मैं उन्हें विश्वास दिलाता हूं कि हमारी पार्टी पश्चिम बंगाल के लोगों के सपनों और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेगी। हमारी डबल इंजन सरकार समाज के सभी वर्गों के लिए समान अवसर और सम्मान सुनिश्चित करेगी।'' प्रधानमंत्री ने कहा, ''पश्चिम बंगाल में कमल खिल उठा है! वर्ष 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव अविस्मरणीय रहेंगे। जनशक्ति की जीत हुई है और भाजपा के सुशासन की राजनीति को यहां (बंगाल) के लोगों का भरपूर आशीर्वाद मिला है। इस ऐतिहासिक विजय के लिए बंगाल के अपने भाई-बहनों का हृदय से आभारी हूं।'' उन्होंने कहा, ''पश्चिम बंगाल में भाजपा की यह रिकॉर्ड जीत हमारे कर्मठ कार्यकर्ताओं के दशकों के अथक प्रयास और संघर्षों का परिणाम है। मैं उन सभी को नमन करता हूं। उन्होंने जमीनी स्तर पर निरंतर कड़ी मेहनत की है और अनेक चुनौतियों का सामना किया। उन्होंने हमारे विकास के एजेंडे को आगे बढ़ाया है। वे हमारी पार्टी की असली ताकत हैं।'' असम में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को मिली जीत पर प्रधानमंत्री ने कहा, ''असम ने एक बार फिर भाजपा-राजग को अपना भरपूर आशीर्वाद दिया है!'' उन्होंने कहा कि असम विधानसभा चुनावों में भाजपा-राजग की यह जीत विकास और जन-कल्याण की राजनीति के प्रति जनता-जनार्दन के अटूट विश्वास का प्रतीक है। मोदी ने कहा, ''मैं इस प्रचंड जनादेश के लिए असम के अपने परिवारजनों के प्रति आभार व्यक्त करता हूं। मैं उन्हें विश्वास दिलाता हूं कि हम राज्य के चौतरफा विकास के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे।'' उन्होंने कहा, ''मैं भाजपा-राजग के सभी कार्यकर्ताओं को हृदय से बधाई देता हूं, जिन्होंने असम की भीषण गर्मी के बीच भी दिन-रात कड़ी मेहनत की। यह देखकर बहुत खुशी होती है कि पिछले एक दशक में हमारी पार्टी और गठबंधन राज्य में काफी सशक्त हुआ है। उनके प्रयासों ने सुनिश्चित किया है कि हमारा सकारात्मक एजेंडा असम के लोगों के दिलों तक पहुंचे।'' प्रधानमंत्री ने राजग को एक और जीत दिलाने के लिए पुडुचेरी की जनता को भी धन्यवाद दिया।
केरल विधानसभा चुनावों पर प्रधानमंत्री ने कहा कि वह दक्षिणी राज्य में भाजपा-राजग को वोट देने वाले सभी लोगों को धन्यवाद देना चाहते हैं। उन्होंने कहा, ''हम केरल की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाते रहेंगे और 'विकासशील केरल' के सपने को साकार करने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे। मैं केरल विधानसभा चुनावों में यूडीएफ की जीत पर उसे बधाई देता हूं। केंद्र सरकार केरल के लोगों की विकास संबंधी आकांक्षाओं का हमेशा समर्थन करती रहेगी।'' तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में राजग का समर्थन करने वाले राज्य के मतदाताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए मोदी ने कहा कि (राज्य में अन्नाद्रमुक नीत राजग) गठबंधन हमेशा लोगों की समस्याओं के समाधान और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने में अग्रणी रहेगा। उन्होंने कहा, ''टीवीके को उसके शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई। केंद्र सरकार तमिलनाडु की प्रगति और यहां के लोगों के कल्याण के लिए हर संभव प्रयास करेगी।'' -
नयी दिल्ली. तमिल फिल्मों के सुपरस्टार विजय ने अपनी सियासी पारी के आगाज से न सिर्फ सबको हैरान कर दिया, बल्कि उनकी पार्टी तमिलागा वेट्री कषगम (टीवीके) अपने गठन के दो साल के भीतर ही देश के उन चंद सियासी 'स्टार्टअप' में शामिल हो गई जो अपने पहले ही चुनाव में सत्ता तक पहुंचने में सफल रहे। टीवीके अब आम आदमी पार्टी, असम गण परिषद और तेलुगु देशम पार्टी जैसी पार्टियों की जमात में शामिल हो गयी है जो अपने पहले चुनाव में ही सत्तासीन हो गए। आम आदमी पार्टी ने 2013 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में अपनी सियासी पारी की शुरुआत की थी और 70 सदस्यीय विधानसभा चुनाव में 28 सीटें जीती थीं और कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाई थी। असम गण परिषद 1985 में अपने गठन के तुरंत बाद सत्ता पर काबिज हुयी थी। तेदेपा ने अपने गठन के एक साल बाद 1983 में आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनाव में 201 सीटें जीतकर भारी बहुमत के साथ जीत हासिल की थी। कुछ राजनीतिक दल अपने आगाज के साथ ही कामयाबी के शिखर पर पहुंच गए, लेकिन कई ऐसे दल भी रहे जिन्होंने अस्तित्व में आने के बाद अपने पहले चुनाव में शानदार दस्तक दी, लेकिन सत्ता में आने के लिए इंतजार करना पड़ा। पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव में प्रशांत किशोर की 'जन सुराज पार्टी' चौतरफा चर्चा के बावजूद सफलता हासिल नहीं कर सकी। इसी तरह अभिनेता कमल हासन की पार्टी मक्कल निधि मय्यम 2021 को तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में एक भी सीट नहीं मिली। टीवीके ने शुरू से ही जोरदार चर्चा पैदा की और अतीत में फिल्मी सितारों द्वारा बनाए गए कई राजनीतिक 'स्टार्टअप' के दक्षिण में अच्छे प्रदर्शन की तर्ज पर तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में इससे काफी उम्मीदें थीं। टीवीके ने तमिलनाडु के दो मुख्य दलों द्रमुक और अन्नाद्रमुक को पछाड़कर सब को हतप्रभ कर दिया।
बिहार और उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों के दौरान कई राजनीतिक दल सियासी 'स्टार्टअप' के रूप में सामने आए, जिनमें कुछ नाकाम हुए और कुछ सीमित दायरे में कायम हैं। बिहार में पुष्पम प्रिया चौधरी की 'प्लूरल्स पार्टी' भी एक ऐसा दल है जो चर्चा के बावजूद कुछ सफलता हासिल नहीं कर सकी। जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) और उपेन्द्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा बिहार में सीमित दायरे में अपना अस्तित्व बनाए हुए हैं। उत्तर प्रदेश में निषाद पार्टी, पीस पार्टी, अपना दल (सोनेलाल) और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) जैसी कुछ ऐसे ही दल हैं। -
कोलकाता. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए सोमवार को जारी मतगणना के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने पार्टी की सरकार बनने का भरोसा जताते हुए सोमवार को कहा कि राज्य की जनता ने परिवर्तन और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पक्ष में मतदान किया है। निर्वाचन आयोग के अनुसार, रुझानों के अनुसार भाजपा 208 सीट पर आगे है जबकि तृणमूल कांग्रेस 79 सीट पर बढ़त बनाए हुए है। यह रुझान राज्य में राजनीतिक बदलाव का संकेत दे रहा है। राज्य में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि भाजपा राज्य में अगली सरकार बनाएगी।
अधिकारी नंदीग्राम और भवानीपुर से चुनाव जीत चुके हैं । अधिकारी ने संवाददाताओं से कहा, ''भाजपा सरकार बनाएगी। लोगों ने भाजपा को स्पष्ट जनादेश दिया है।''
उन्होंने दावा किया कि इस चुनाव में मुस्लिम मतदाता पूरी तरह तृणमूल के साथ नहीं गए और हिंदू मत भाजपा के पक्ष में एकजुट हुए हैं। उन्होंने कहा, ''हिंदुओं को भाषा, धर्म और जाति के नाम पर बांटा नहीं जा सका।''
अधिकारी ने कहा कि यह प्रधानमंत्री मोदी की जीत होगी, जिन्होंने राज्य में भाजपा के प्रचार अभियान का नेतृत्व किया। उन्होंने कहा, ''सभी हिंदू प्रधानमंत्री मोदी के पक्ष में एकजुट हुए हैं।''
भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने पार्टी की प्रचंड जीत का विश्वास जताया।
भट्टाचार्य ने कोलकाता में एक मतगणना केंद्र के बाहर कहा, ''राज्य की जनता ने तृणमूल कांग्रेस सरकार को पहले ही खारिज कर दिया है और कुछ घंटों में अधिकतर सीट के नतीजे इसकी पुष्टि कर देंगे कि ममता बनर्जी और लोगों के बीच की लड़ाई में जनता ने ममता बनर्जी को खारिज कर दिया है।'' खड़गपुर सदर से भाजपा के उम्मीदवार दिलीप घोष ने दावा किया कि लोगों ने बदलाव के लिए मतदान किया है।
उन्होंने 'पीटीआई वीडियो' से कहा, ''मतगणना उसी तरह कराई जाएगी जिस तरह मतदान हुआ था। लोगों ने नयी सरकार लाने के लिए मतदान किया है।'' नोआपाड़ा से भाजपा के उम्मीदवार अर्जुन सिंह ने कहा कि यह चुनाव बदलाव की राह प्रशस्त करेगा।
उन्होंने कहा, ''हमें पूरा विश्वास है कि बदलाव होगा और भाजपा चुनाव जीतेगी।''
गायघाटा से भाजपा के उम्मीदवार सुब्रत ठाकुर ने भरोसा जताया कि उनकी पार्टी 180 से अधिक सीट जीतेगी।
उन्होंने कहा, ''प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दिल्ली से हमारा मार्गदर्शन कर रहे हैं और हम 'डबल इंजन' सरकार बनाएंगे। पिछले चुनावों में दबंगई देखने को मिली थी। इस साल निर्वाचन आयोग ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित किया। लोगों ने 'परिवर्तन' के लिए मतदान किया है।'' भाजपा नेता शिशिर बाजोरिया ने भी दावा किया कि उनकी पार्टी चुनाव में बड़ी जीत दर्ज करेगी।
उन्होंने कहा, ''क्या आपने दीदी यानी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से कुछ सुना है? वे चुप हो गए हैं।'' दार्जिलिंग से सांसद एवं भाजपा नेता राजू बिष्ट ने 'पीटीआई वीडियो' से कहा कि जनादेश से पता चलता है कि घुसपैठियों और भ्रष्टाचार का समर्थन करने वालों तथा महिलाओं के खिलाफ हिंसा रोकने में विफल रहने वालों को जनता ने खारिज कर दिया है। -
भुवनेश्वर/क्योंझर. ओडिशा के क्योंझर में बैंक खाते से पैसे निकालने के लिए अपनी बहन का कंकाल ले जाने को मजबूर हुए 50-वर्षीय जीतू मुंडा ने रविवार को कहा कि वह बैंक अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं, जिन्होंने कथित तौर पर उन्हें परेशान किया था। मुंडा अपनी बहन की मृत्यु के प्रमाण के रूप में उसका कंकाल लेकर क्योंझर जिले के ओडिशा ग्रामीण बैंक में उसके खाते से पैसे निकालने गए थे। इस मामले का वीडियो वायरल होने के बाद हंगामा मच गया था। क्योंझर जिले के पटना ब्लॉक के डियानाली गांव के निवासी मुंडा ने कहा, ''अपनी बहन के कंकाल को बैंक ले जाने के बाद मुझे उसके नाम पर जमा की गई रकम मिल गई है। बैंक को मेरी बहन की मृत्यु का प्रमाण मिल गया और उन्होंने तुरंत रकम जारी कर दी। यह सच है कि उन्होंने मुझे परेशान किया, लेकिन राशि मिलने के बाद मैं उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं चाहता। उन्होंने मेरे घर आकर मुझे नकद राशि दी।'' उन्होंने कहा, ''पैसा मिलने के बाद अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का क्या फायदा? अगर मैं कंकाल बैंक में नहीं लाता, तो वे मेरी मृत बहन के नाम पर जमा हमारे परिवार का पैसा नहीं देते। मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है।'' मुंडा ने कहा, ''अब लोग कहते हैं कि मृत व्यक्ति के अवशेषों को खोदकर निकालना एक गलती थी, लेकिन मेरे पास ऐसा करने के अलावा कोई विकल्प नहीं था, क्योंकि बैंक अधिकारियों को मेरी बहन के अंगूठे का निशान चाहिए था, जिसकी तीन महीने पहले मृत्यु हो गई थी।
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नयी दिल्ली/कोलकाता/चेन्नई. तमिलनाडु, असम, केरल, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दौरान रोमांचक मुकाबले के बाद सोमवार को मतों की गिनती होगी। मतगणना के परिणाम तृणमूल कांग्रेस और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) जैसे प्रमुख सत्तारूढ़ क्षेत्रीय दलों के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), कांग्रेस और वाम के लिए भी महत्वपूर्ण होंगे। मतगणना प्रक्रिया सुबह 8 बजे डाक मतपत्रों के साथ शुरू होगी, जिसके लिए तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था वाले मतगणना केंद्र स्थापित किए गए हैं। निर्वाचन आयोग ने मतगणना केंद्रों में अनधिकृत प्रवेश रोकने के लिए पहली बार ईसीआईएनईटी के माध्यम से क्यूआर कोड आधारित फोटो पहचान पत्र प्रणाली शुरू की है। पश्चिम बंगाल में 293 विधानसभा सीट के लिए 77 केंद्रों पर मतों की गिनती की जाएगी, जहां इस बार अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की गई है। मतगणना दिवस से पहले राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी भाजपा दोनों ने वोट में हेरफेर की आशंका व्यक्त की है। राज्य में दो चरणों का चुनाव 29 अप्रैल को समाप्त हुआ, जिसमें स्वतंत्रता के बाद से अब तक का सबसे अधिक 92.47 प्रतिशत मतदान हुआ। दक्षिण 24 परगना जिले के एक निर्वाचन क्षेत्र - फाल्टा - में "गंभीर चुनावी अनियमितताओं" के कारण चुनाव रद्द कर दिया गया और वहां 21 मई को नये सिरे से चुनाव होगा। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल भाजपा की कड़ी चुनौती का सामना करते हुए लगातार चौथी बार सत्ता में आने की उम्मीद कर रही है, वहीं मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और कांग्रेस 2021 के चुनाव में मिली करारी हार के बाद अपनी स्थिति सुधारने की कोशिश कर रही हैं। हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) और असदुद्दीन ओवैसी की ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) जैसी छोटी पार्टियां भी कुछ महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी किस्मत आजमा रही हैं। निर्वाचन आयोग ने इस वर्ष मतगणना केंद्रों की संख्या पहले घोषित 87 से घटाकर 77 कर दी है, जबकि 2021 में यह संख्या 108 थी। इसके साथ ही बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था भी लागू की गई है। निर्वाचन आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "मतगणना शांतिपूर्ण, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो, इसके लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है।" निर्वाचन आयोग ने 165 अतिरिक्त मतगणना पर्यवेक्षकों और 77 पुलिस पर्यवेक्षकों को तैनात किया है। मतगणना केंद्रों पर सख्त नियंत्रण उपाय लागू किए गए हैं, जिनमें रिटर्निंग अधिकारियों और पर्यवेक्षकों को छोड़कर सभी के लिए मोबाइल फोन पर प्रतिबंध शामिल है। भाजपा के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) असम में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने की उम्मीद कर रहा है। राज्य की 126 विधानसभा सीट से 722 उम्मीदवारों के चुनावी भाग्य को समेटे हुए इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम), 35 जिलों के 40 मतगणना केंद्रों पर खोली जाएंगी। अधिकारियों ने बताया कि मतगणना केंद्रों और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) वाले स्ट्रांगरूम की सुरक्षा के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की पच्चीस कंपनियों (प्रत्येक में लगभग 100 जवान) को तैनात किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि सीएपीएफ की दो अतिरिक्त कंपनियों को स्थिर ड्यूटीपर रखा जाएगा, जबकि राज्य सशस्त्र पुलिस की 93 कंपनियों को जिलों में तैनात किया गया है। राज्य में मतदान 9 अप्रैल को हुआ था, जिसमें 85.96 प्रतिशत मतदान हुआ था।
राज्य में 722 उम्मीदवारों में से कांग्रेस के सबसे अधिक 99 उम्मीदवार हैं, उसके बाद भाजपा के 90, ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के 30, राजग के सहयोगी असम गण परिषद (एजीपी) के 26 और बोडो पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) के 11 उम्मीदवार हैं। विपक्षी गठबंधन में, रायजोर दल ने 13 सीट पर, असम जातीय परिषद ने 10 सीट पर, माकपा ने तीन सीट पर और ऑल पार्टी हिल लीडर्स कॉन्फ्रेंस ने दो सीट पर चुनाव लड़ा। प्रमुख उम्मीदवारों में भाजपा के मुख्यमंत्री हिमंता विश्व शर्मा, कांग्रेस की प्रदेश इकाई के प्रमुख गौरव गोगोई, विधानसभा अध्यक्ष बिस्वजीत दाइमरी और रायजोर दल के प्रमुख और सांसद अखिल गोगोई शामिल हैं। केरल में, 2024 के लोकसभा चुनाव और हाल ही में हुए स्थानीय निकाय चुनाव में अपने प्रदर्शन से उत्साहित कांग्रेस के नेतृत्व वाला संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ), दो कार्यकालों से सत्ता में रहे वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (एलडीएफ) को सत्ता से बाहर करने की उम्मीद कर रहा है। वहीं भाजपा के नेतृत्व वाला राजग द्विध्रुवीय राजनीति वाले राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने का प्रयास कर रहा है। एलडीएफ की हार के साथ 1960 के दशक के बाद पहली बार ऐसा होगा कि वामपंथी दल किसी भी भारतीय राज्य में सत्ता में नहीं होंगे। राज्य में 140 सीट के लिए कुल 883 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा। 43 स्थानों पर 140 मतगणना केंद्र स्थापित किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि इस कार्य के लिए 15,464 कर्मियों को तैनात किया गया है, जिनमें 140 रिटर्निंग ऑफिसर, 1,340 अतिरिक्त रिटर्निंग ऑफिसर, 4,208 सूक्ष्म पर्यवेक्षक, 4,208 मतगणना पर्यवेक्षक और 5,563 मतगणना सहायक शामिल हैं। मतगणना केंद्रों की सुरक्षा के लिए राज्य पुलिस कर्मियों के साथ केंद्रीय बलों की 25 कंपनियां तैनात की गई हैं। भाजपा के नेतृत्व वाला राजग, हालांकि सरकार बनाने की दौड़ में नहीं है, लेकिन 2021 में एक भी सीट जीतने में विफल रहने के बाद केरल में अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए इस चुनाव को महत्वपूर्ण मान रहा है। तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) एक बदले हुए राजनीतिक परिदृश्य में चुनाव लड़ रही है, जहां उसके मुख्य प्रतिद्वंद्वी ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (अन्नाद्रमुक) के अलावा, अभिनेता एवं नेता विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) और सीमान की एनटीके जैसी नयी पार्टियां भी मैदान में हैं। द्रमुक राज्य में लगातार दूसरी बार सत्ता में आने की उम्मीद कर रही है। तमिलनाडु की मुख्य निर्वाचन अधिकारी अर्चना पटनायक ने बताया कि राज्य भर में 62 निर्धारित मतगणना केंद्रों पर 4 मई को होने वाली मतगणना के लिए एक व्यापक त्रिस्तरीय सुरक्षा योजना सहित सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। मतगणना ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और सूक्ष्म पर्यवेक्षकों और पुलिस सहित लगभग 1.25 लाख कर्मियों को तैनात किया गया है। ईवीएम के लिए 234 मतगणना हॉल की व्यवस्था की गई है। डाक मतपत्रों और इलेक्ट्रॉनिक रूप से भेजे गए डाक मतपत्रों (ईटीपीबी) की गिनती के लिए अतिरिक्त 240 हॉल निर्धारित किए गए हैं। मतगणना कार्य के लिए कुल 10,545 मतगणना कर्मियों को तैनात किया गया है, जिन्हें 4,624 सूक्ष्म पर्यवेक्षकों का सहयोग प्राप्त है। निर्वाचन आयोग ने मतगणना प्रक्रिया की निगरानी के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए कुल 234 मतगणना पर्यवेक्षकों को नियुक्त किया है। पुडुचेरी में केंद्र शासित प्रदेश में छह मतगणना केंद्र स्थापित किए गए हैं।
अखिल भारतीय एन.आर. कांग्रेस (एआईएनआरसी), भाजपा, अन्नाद्रमुक और एलजेके से मिलकर बने राजग को कांग्रेस, द्रमुक और वीसीके से मिलकर बने 'इंडिया' गठबंधन से चुनौती मिल रही है। गोवा, कर्नाटक, नगालैंड, गुजरात और महाराष्ट्र की आठ सीट पर भी मतगणना होगी, जहां मौजूदा विधायकों के निधन के बाद पिछले महीने उपचुनाव हुए थे। आठ निर्वाचन क्षेत्र हैं: गोवा में पोंडा, कर्नाटक में बागलकोट और दावनगेरे दक्षिण, नगालैंड में कोरीडांग, त्रिपुरा में धर्मनगर, गुजरात में उमरेथ और महाराष्ट्र में राहुरी और बारामती। -
मुजफ्फरपुर. बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में रविवार को एक कार और एक ट्रक के बीच हुई सीधी टक्कर में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह दुर्घटना मोतीपुर पुलिस थाना क्षेत्र के रतनपुर गांव के नजदीक हुई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मोतिहारी की तरफ से आ रही कार एक मोटरसाइकिल सवार को बचाने की कोशिश में नियंत्रण खो बैठी और सामने से आ रहे एक कंटेनर ट्रक से टकरा गई। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) राजेश सिंह प्रभाकर ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ''आज दोपहर एक ट्रक और कार की टक्कर हो गई। इस हादसे में कार सवार सभी चार लोगों की मौत हो गई।'' प्रभाकर ने बताया कि मृतकों की पहचान कृष्णा, सोनू, मंतोष और कुंदन के रूप में हुई है। सभी मृत व्यक्ति मुजफ्फरपुर के रहने वाले थे। पुलिस ने बताया कि शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और प्रकरण की जांच की जा रही है।
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नयी दिल्ली. स्वास्थ्य मंत्रालय चार से दस मई तक देशभर की सभी स्वास्थ्य सुविधाओं में 'अग्नि सुरक्षा सप्ताह' का आयोजन करेगा, जिसका उद्देश्य अग्नि जोखिमों की रोकथाम और उनसे निपटने की तैयारी को मजबूत करना तथा जागरूकता बढ़ाना है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में शनिवार को कहा गया कि राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों व विभागों के सहयोग से आयोजित किए जा रहे सप्ताह भर चलने वाले इस कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलीला श्रीवास्तव द्वारा यहां कर्तव्य भवन में किया जाएगा। उद्घाटन समारोह का एक प्रमुख आकर्षण स्वास्थ्य सचिव द्वारा "स्वास्थ्य सुविधाओं में अग्नि सुरक्षा" पर संकल्प दिलाना होगा, जिसमें स्वास्थ्य संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानदंडों और तैयारियों के उपायों का कड़ाई से पालन करने की प्रतिबद्धता दोहराई जाएगी।
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नयी दिल्ली. केंद्र ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के दायरे को बढ़ाते हुए कार्यक्रम के संशोधित दिशानिर्देशों के तहत मानसिक स्वास्थ्य स्थितियों और मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी गैर-संचारी बीमारियों (एनसीडी) के जोखिम कारकों की जांच को भी शामिल किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने हाल ही में संपन्न सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा वितरण में अच्छी प्रथाओं और नवाचारों पर राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन के दौरान आरबीएसके 2.0 दिशानिर्देश जारी किए, जो प्रमुख बाल स्वास्थ्य जांच कार्यक्रम में एक बड़ा बदलाव है। एक दशक से अधिक के क्रियान्वयन के आधार पर, अद्यतन ढांचा कार्यक्रम के स्थापित दृष्टिकोण - जन्मजात दोष, रोग, कमियां और विकासात्मक देरी - को व्यापक बनाता है। साथ ही व्यवहार संबंधी विकार, मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं और जीवनशैली से संबंधित बीमारियों सहित उभरती हुई बाल स्वास्थ्य चिंताओं को भी शामिल करता है। संशोधित दिशा-निर्देशों में जन्म से लेकर 18 वर्ष की आयु तक के बच्चों के लिए देखभाल की एक व्यापक निवारक, प्रोत्साहक और उपचारात्मक श्रृंखला शुरू की गई है, जिसमें डिजिटलीकरण और देखभाल की निरंतरता पर अधिक ध्यान केंद्रित किया गया है। मंत्रालय के अनुसार, उन्नत जांच ढांचे का उद्देश्य बच्चों और किशोरों को प्रभावित करने वाली स्वास्थ्य स्थितियों की एक विस्तृत श्रृंखला के लिए शीघ्र पहचान और समय पर हस्तक्षेप सुनिश्चित करना है। इस कार्यक्रम के तहत जांच सेवाएं सचल स्वास्थ्य दलों के माध्यम से आंगनवाड़ी केंद्रों और विद्यालयों में जारी रहेंगी, ताकि व्यापक पहुंच और सार्वभौमिक कवरेज सुनिश्चित किया जा सके। मंत्रालय ने कहा कि नये दिशा-निर्देशों का उद्देश्य समुदाय स्तर पर की गई जांच से लेकर स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच और इलाज तक जाने की प्रक्रिया को और मजबूत बनाना है। इसके लिए एक मजबूत निगरानी प्रणाली बनायी जाएगी, जिससे मरीज बीच में इलाज छोड़कर न जाएं और उन्हें समय-समय पर आगे की देखभाल मिलती रहे। सरकार के डिजिटल स्वास्थ्य अभियान के तहत आरबीएसके 2.0 में डिजिटल स्वास्थ्य कार्ड, वास्तविक समय का डेटा प्रणाली और एकीकृत मंच शामिल किए गए हैं। मंत्रालय ने कहा कि ये डिजिटल नवाचार कार्यक्रम की कार्यक्षमता, जवाबदेही और तथ्यों/डेटा के आधार पर फैसले लेने में मदद करेंगे।
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नई दिल्ली। भारत से जुड़े एक और लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) टैंकर ने सफलतापूर्वक फारस की खाड़ी में मौजूद संकरे समुद्री रास्ते हॉर्मुज स्ट्रेट को सफलतापूर्वक पार कर लिया है। भारत से जुड़े एलपीजी टैंकर ने हॉर्मुज स्ट्रेट ऐसे समय पर पार किया है, जब अमेरिका और ईरान दोनों के बीच लगातार तनाव जारी है, जिससे स्ट्रेट से आवाजाही करीब रुक गई है। इसे काफी अहम समुद्री रास्ता माना जाता है, क्योंकि इससे दुनिया का करीब 20 प्रतिशत कच्चे तेल का निर्यात होता है।
शिप ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, मार्शल द्वीप समूह के ध्वज वाला जहाज, सर्व शक्ति, जो खाना पकाने के ईंधन के रूप में आमतौर पर इस्तेमाल होने वाली लगभग 45,000 टन एलपीजी ले जा रहा था, शनिवार को ईरान के लारक और केशम द्वीपों के पास से गुजरने के बाद ओमान की खाड़ी में प्रवेश करते हुए देखा गया। माना जा रहा है कि यह जहाज भारत की ओर जा रहा है। सर्वशक्ति, एक विशाल गैस वाहक पोत है, जो पहले फारस की खाड़ी और भारतीय बंदरगाहों के बीच मार्गों पर संचालित होता रहा है।ईरान से जुड़े संघर्ष के शुरू होने के बाद से इस क्षेत्र में चलने वाले पोतों द्वारा व्यापक रूप से अपनाए गए सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत, यह पोत वर्तमान में अपने भारतीय गंतव्य और चालक दल के विवरण का प्रसारण कर रहा है। इस जहाज को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह ईरान से जुड़े जहाजों को निशाना बनाकर अमेरिका के नेतृत्व में शुरू की गई नाकाबंदी के बाद भारत से जुड़े किसी टैंकर की पहली यात्रा है।इन प्रतिबंधों के कारण होर्मुज स्ट्रेट से टैंकरों का आवागमन लगभग शून्य हो गया था, जिससे दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा गलियारों में से एक बाधित हो गया था। सर्वशक्ति उन सबसे बड़े जहाजों में से एक है जिन्होंने पिछले महीने स्ट्रेट के संक्षिप्त और अव्यवस्थित रूप से फिर से खुलने के बाद से इस मार्ग से यात्रा की है, जिसके तुरंत बाद नए प्रतिबंध लगा दिए गए थे।पिछले महीने आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, पश्चिम एशिया में 28 फरवरी को शुरू हुए संघर्ष के बाद से लिक्विफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) की पहली खेप होर्मुज स्ट्रेट से गुजरी है, जो कि नाकाबंदी में ढील के संकेत देता है। शिप ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, एलएनजी टैंकर मुबाराज – जिसने मार्च की शुरुआत में अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी के दास द्वीप प्लांट से माल लोड किया था – भारत के दक्षिणी छोर से गुजरा था। यह जहाज कई हफ्तों तक फारस की खाड़ी में निष्क्रिय रहा और लगभग 31 मार्च से सिग्नल भेजना बंद कर दिया था, जिसके बाद सोमवार को यह भारत के पश्चिम में फिर से दिखाई दिया। -
नई दिल्ली। तमिलनाडु में 23 अप्रैल को सभी 234 विधानसभा क्षेत्रों में हुए मतदान के बाद सोमवार को होने वाली मतगणना की तैयारियों के बीच मतगणना केंद्रों पर लगभग 18,000 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। प्राधिकरणों ने सभी 62 मतगणना केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा सुनिश्चित की है, जहां इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) सुरक्षित रखी गई हैं और उन्हें सख्त निगरानी में खोला जाएगा। मतगणना प्रक्रिया से यह तय होगा कि राज्य में अगली सरकार कौन बनाएगा, जिसे लेकर राजनीतिक दलों और आम जनता में भारी उत्सुकता है।
इस चुनाव में चार-कोणीय मुकाबला देखने को मिला, जिसमें डीएमके नेतृत्व वाला सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस, एआईएडीएमके नेतृत्व वाला नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (एनडीए), नाम तमिलर काची (एनटीके) और अभिनेता विजय की तमिलगा वेट्ट्रि कझगम (टीवीके) शामिल रहे।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि TVK की एंट्री ने वोटों के बंटवारे के कारण चुनावी समीकरणों को काफी बदल दिया है, जिससे अनुमान लगाना और जटिल हो गया है। नतीजों से पहले प्रमुख सवाल बने हुए हैं: क्या DMK सत्ता में वापसी कर इतिहास रचेगी? क्या AIADMK-BJP गठबंधन वापसी कर पाएगा? क्या विजय किंगमेकर बनेंगे या मजबूत विपक्ष के रूप में उभरेंगे?मतगणना सुबह 8 बजे डाक मतपत्रों से शुरू होगी, जिसके बाद 8:30 बजे EVM के वोट गिने जाएंगे। शांतिपूर्ण प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए पूरे राज्य में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। मतगणना केंद्रों पर तैनात कर्मियों के अलावा, 40 से अधिक कंपनियां सशस्त्र अर्धसैनिक बलों की भी तैनात की गई हैं। कुल मिलाकर, लगभग एक लाख पुलिसकर्मी तमिलनाडु भर में ड्यूटी पर रहेंगे। पुलिस महानिदेशक संदीप राय राठौर के आदेश पर यह व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। वरिष्ठ अधिकारियों-आईजी, डीआईजी, कमिश्नर और पुलिस अधीक्षकों-को अपने-अपने क्षेत्रों में कड़ी निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।केवल चेन्नई में ही क्वीन मैरी कॉलेज, अन्ना यूनिवर्सिटी (गिंडी) और लोयोला कॉलेज में तीन मतगणना केंद्र बनाए गए हैं, जहां करीब 3,000 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। इसके अलावा, किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए महानगर क्षेत्र में 20,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। सुरक्षा व्यवस्था संवेदनशील स्थानों, जैसे राजनीतिक दलों के कार्यालयों तक भी बढ़ाई गई है, ताकि परिणामों की घोषणा के दौरा न कानून-व्यवस्था बनी रहे।मुख्य निर्वाचन अधिकारी अर्चना पटनायक के अनुसार, मतगणना के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। ईवीएम वोटों के लिए 234 हॉल और डाक मतपत्रों के लिए 240 हॉल बनाए गए हैं। कुल 3,324 मतगणना टेबल का उपयोग किया जाएगा। इस प्रक्रिया में 10,545 अधिकारी शामिल होंगे, जिनकी सहायता के लिए 4,624 माइक्रो-ऑब्जर्वर तैनात किए गए हैं, ताकि पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके।भारत निर्वाचन आयोग ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए एक-एक मतगणना पर्यवेक्षक नियुक्त किया है, यानी कुल 234 पर्यवेक्षक इस प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। इसके अलावा, डाक मतपत्रों की गिनती के लिए 1,135 सहायक रिटर्निंग अधिकारी तैनात किए गए हैं, जहां हर 500 वोट पर एक मतगणना टेबल निर्धारित की गई है।सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए सभी मतगणना केंद्रों पर तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। पहली बार प्रवेश को नियंत्रित करने के लिए क्यूआर कोड आधारित फोटो पहचान पत्र लागू किए गए हैं, जिससे केवल अधिकृत लोगों को ही सत्यापन के बाद प्रवेश मिल सके। परिणामों की घोषणा प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र के रिटर्निंग अधिकारी द्वारा पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए की जाएगी और यह चुनाव आयोग के आधिकारिक प्लेटफॉर्म-ईसीआई नेट ऐप और वेबसाइट पर भी उपलब्ध होंगे। जैसे ही मतगणना शुरू होगी, पूरा राज्य एक निर्णायक जनादेश का इंतजार करेगा, जो तमिलनाडु के राजनीतिक भविष्य को तय करेगा। -
श्री विजय पुरम. अंडमान निकोबार प्रशासन ने शनिवार को राधानगर बीच पर पानी के भीतर दुनिया का सबसे बड़ा राष्ट्रीय ध्वज फहराकर नया 'गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड' बनाया। यह विशाल तिरंगा स्वराज द्वीप (हैवलॉक द्वीप) में समुद्र के भीतर एक जटिल और सटीक समन्वित अभियान के तहत फहराया गया, जिसमें कई एजेंसियों और प्रशिक्षित गोताखोरों ने भाग लिया। इस तिरंगे की लंबाई 60 मीटर है जबकि चौड़ाई 40 मीटर है। कार्यक्रम को देखने के लिए उपराज्यपाल डी के जोशी, मुख्य सचिव चंद्र भूषण कुमार और पुलिस महानिदेशक एचएस धालीवाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। अंडमान निकोबार पुलिस, वन विभाग, भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल के कर्मियों के साथ-साथ विभिन्न गोताखारी केंद्रों के गोताखोरों ने पानी के भीतर ध्वज फहराने के इस जटिल अभियान को सफल बनाने में सहयोग किया। सुबह 10:35 बजे, गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के निर्णायक ऋषि नाथ ने औपचारिक रूप से इस उपलब्धि की पुष्टि की और जोशी को प्रमाणपत्र प्रदान किया। सभा को संबोधित करते हुए जोशी ने इस उपलब्धि को द्वीपों की विशिष्ट उपलब्धियों में एक महत्वपूर्ण क्षण बताते हुए इसमें शामिल लोगों के समन्वय और समर्पण की सराहना की। प्रशासन रविवार को स्वराज द्वीप के 'लाइटहाउस डाइव साइट' पर 'सबसे ऊंचा मानव पिरामिड' बनाने का एक और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का प्रयास करेगा, जिसमें उपराज्यपाल और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के शामिल होने की उम्मीद है। यह उपलब्धि अंडमान निकोबार द्वीप समूह को साहसिक पर्यटन, समुद्री गतिविधियों और वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त आयोजनों के लिए एक उभरते गंतव्य के रूप में दर्शाती है।
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नयी दिल्ली. सरकार ने रोहित जैन को तीन साल के कार्यकाल के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का डिप्टी गवर्नर नियुक्त किया है। जैन, टी रबी शंकर का स्थान लेंगे, जिनका विस्तारित कार्यकाल शनिवार को समाप्त हो गया। सूत्रों ने सोमवार को बताया कि मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने तीन मई या उसके बाद पदभार ग्रहण करने की तारीख से तीन साल के लिए उनकी नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। रोहित जैन इस समय आरबीआई में कार्यकारी निदेशक के पद पर कार्यरत हैं।
आरबीआई अधिनियम, 1934 के अनुसार केंद्रीय बैंक में चार डिप्टी गवर्नर होने चाहिए। इनमें से दो आंतरिक रैंक से, एक वाणिज्यिक बैंकर और एक अर्थशास्त्री होना चाहिए जो मौद्रिक नीति विभाग का नेतृत्व करे। अन्य तीन डिप्टी गवर्नर स्वामीनाथन जे, पूनम गुप्ता और एस सी मुर्मू हैं। टी रबी शंकर को पहली बार सितंबर 2021 में तीन साल के लिए डिप्टी गवर्नर नियुक्त किया गया था। उन्हें 2024 में और उसके बाद 2025 में एक-एक साल का विस्तार दिया गया था। -
नई दिल्ली। मोतियों की नगरी हैदराबाद में आयोजित योग महोत्सव में हजारों लोगों ने भाग लेकर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की तैयारियों को नई ऊर्जा दी। मुख्य आयोजन से 50 दिन पहले हुए इस कार्यक्रम में 20 से अधिक देशों की भागीदारी देखने को मिली। कान्हा शांति वनम में आयोजित इस कार्यक्रम में 6,000 से अधिक प्रतिभागियों ने एक साथ भुजंगासन का अभ्यास किया। यह उपलब्धि एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज की गई, जो एक साथ योग आसन करने वाले सबसे बड़े समूहों में शामिल है।
इस योग महोत्सव में कजाकिस्तान, बुल्गारिया, क्यूबा, नामीबिया, यूनाइटेड किंगडम, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया सहित 20 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। यह योग के बढ़ते वैश्विक प्रभाव और भारत की सॉफ्ट पावर को दर्शाता है। केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि योग भारत की प्राचीन विरासत ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए एक अनमोल उपहार है। उन्होंने जोर देकर कहा कि 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लिए स्वस्थ, अनुशासित और संतुलित समाज जरूरी है, जिसमें योग अहम भूमिका निभाता है।उन्होंने यह भी कहा कि हैदराबाद को तकनीक के साथ-साथ योग और समग्र स्वास्थ्य के वैश्विक केंद्र के रूप में भी उभरना चाहिए।आयुष मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में योग एक वैश्विक आंदोलन बन चुका है।उन्होंने ‘योग 365’ अभियान का जिक्र करते हुए बताया कि इसका उद्देश्य लोगों को रोजाना योग अपनाने के लिए प्रेरित करना है। साथ ही, 21 जून तक चलने वाले 100 दिवसीय निःशुल्क योग प्रशिक्षण कार्यक्रम में एक लाख से अधिक लोगों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।मंत्री ने घोषणा की कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की उलटी गिनती के तहत अगला योग महोत्सव खजुराहो में आयोजित किया जाएगा, जो भारत की सांस्कृतिक विरासत और स्वास्थ्य परंपराओं का संगम है।आयुष मंत्रालय की संयुक्त सचिव मोनालिसा दास ने कहा कि यह आयोजन देशभर में स्वास्थ्य और एकता को बढ़ावा देने वाला आंदोलन बनेगा। वहीं, हार्टफुलनेस के अध्यक्ष कमलेश डी पटेल (दाजी) ने ध्यान सत्र का संचालन किया।इस मौके पर सांसद डीके अरुणा और आयुष सचिव वैद्य राजेश कोटेचा समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।यह आयोजन अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की तैयारियों का अहम हिस्सा है, जो योग के जरिए स्वास्थ्य, कल्याण और संतुलित जीवनशैली को बढ़ावा देने की भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। -
नई दिल्ली।‘ भारत ने शनिवार को स्वदेशी तकनीक के जरिए सेल ब्रॉडकास्ट सेवा की शुरुआत की। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय संचार व पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि यह पहल नागरिक सुरक्षा को मजबूत करने और आपदा के समय त्वरित सूचना सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम है।
सिंधिया ने स्पष्ट किया कि मोबाइल फोन पर आया अलर्ट भारत की नई मोबाइल आधारित आपदा संचार प्रणाली का एक परीक्षण संदेश है। इसे दूरसंचार विभाग ने सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक के जरिए विकसित किया है।सिंधिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अलर्ट की फोटो साझा करते हुए लिखा कि यदि किसी के मोबाइल पर ऐसा संदेश आया है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। यह केवल परीक्षण के उद्देश्य से भेजा गया संदेश है।उन्होंने बताया कि यह प्रणाली दूरसंचार विभाग के प्रमुख अनुसंधान एवं विकास केंद्र सी-डॉट द्वारा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के सहयोग से विकसित की गई है।सिंधिया ने कहा कि भविष्य में इसी प्रणाली के जरिए आपदा या आपातकाल की स्थिति में स्थानीय भाषा और लोकेशन के आधार पर तुरंत अलर्ट भेजे जा सकेंगे। इससे नागरिकों तक सही समय पर सटीक जानकारी पहुंचाना संभव होगा। इससे पहले जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सुझाव और मार्गदर्शन में इस ‘सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम’ का शुभारंभ किया गया।इस अत्याधुनिक प्रणाली के जरिए आपदा, आपातकालीन स्थिति और जनसुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचनाएं सीधे मोबाइल फोन पर तुरंत भेजी जा सकेंगी। देशभर में इसके परीक्षण के दौरान लोगों के मोबाइल पर बीप ध्वनि के साथ इमरजेंसी अलर्ट संदेश भी प्रदर्शित हुआ। -
नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने रेलवे पुलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और मेट्रो रेल की विद्युत प्रणालियों को उन्नत बनाने के लिए 895.30 करोड़ रुपए की प्रमुख परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन योजनाओं का उद्देश्य सुरक्षा, क्षमता और संचालन दक्षता को बेहतर बनाना है। कोलकाता मेट्रो के उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर को मजबूत करने के लिए 671.72 करोड़ रुपए की परियोजना को मंजूरी मिली है। इसके तहत 7 नए ट्रैक्शन सबस्टेशन बनाए जाएंगे और मौजूदा 11 केवी बिजली प्रणाली को 33 केवी में अपग्रेड किया जाएगा।इस उन्नयन से मेट्रो की संचालन क्षमता में बड़ा बदलाव आएगा। पहले जहां ट्रेनें 5 मिनट के अंतराल पर चलती थीं, अब उन्हें 2.5 मिनट के अंतराल पर चलाने की मंजूरी मिल गई है, जिससे बढ़ती यात्री मांग को बेहतर तरीके से पूरा किया जा सकेगा।
1980 के दशक में विकसित मेट्रो सिस्टम अब अपनी क्षमता की सीमा तक पहुंच चुका है। पुराने सबस्टेशन और उपकरणों में स्पेयर पार्ट्स की कमी के कारण रखरखाव में दिक्कतें आ रही थीं। नए उन्नयन से बिजली आपूर्ति अधिक विश्वसनीय होगी और सेवा की गुणवत्ता में सुधार आएगा।दक्षिण पूर्वी रेलवे के आद्रा डिवीजन में 223.58 करोड़ रुपए की लागत से पुल अवसंरचना को मजबूत किया जाएगा। मधुकुंडा-दामोदर खंड पर स्थित पुराने पुल (संख्या 520) के आधारभूत ढांचे का पुनर्निर्माण किया जाएगा, जो 1903 और 1965 में बनाए गए थे और अब कमजोर हो चुके हैं।यह खंड आसनसोल और टाटानगर के बीच एक अहम रेलवे लिंक है और कोयला गलियारे का हिस्सा भी है। इस परियोजना से सुरक्षा, विश्वसनीयता और संचालन दक्षता में सुधार होगा। साथ ही दुर्गापुर-आसनसोल क्षेत्र के प्रमुख उद्योगों को बेहतर रेल संपर्क का लाभ मिलेगा।इन परियोजनाओं के जरिए भारतीय रेलवे आधुनिक, सुरक्षित और उच्च क्षमता वाली रेल प्रणाली की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मेट्रो उन्नयन से यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी, जबकि पुल परियोजना से माल ढुलाई और औद्योगिक संपर्क को मजबूती मिलेगी। ( -
नई दिल्ली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में किए गए एक अध्ययन में सामने आया है कि 1 साल से कम उम्र के बच्चों में अत्यधिक स्क्रीन टाइम, 3 साल की उम्र तक ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (ASD) के बढ़े हुए खतरे से जुड़ा हो सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, शुरुआती उम्र में स्क्रीन के अधिक संपर्क से बच्चों के मस्तिष्क विकास और सामाजिक व्यवहार पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर एक जटिल न्यूरोडेवलपमेंटल स्थिति है, जिसमें बच्चों के व्यवहार, संचार और सामाजिक संपर्क में अंतर देखा जाता है। कई मामलों में इसके संकेत 12 से 18 महीने की उम्र में ही दिखने लगते हैं, जिससे समय पर पहचान और हस्तक्षेप बेहद जरूरी हो जाता है। सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के 2025 के अनुमान के अनुसार, लगभग हर 31 में से 1 व्यक्ति में ASD पाया जाता है। यह आंकड़ा मजबूत पब्लिक हेल्थ सिस्टम और जागरूकता की जरूरत को दर्शाता है।एम्स के बाल रोग विभाग की प्रोफेसर डॉ. शेफाली गुलाटी ने बताया कि कई शोध और मेटा-एनालिसिस में पाया गया है कि जिन बच्चों में स्क्रीन एक्सपोज़र जल्दी शुरू होता है और स्क्रीन टाइम अधिक होता है, उनमें ऑटिज्म के लक्षण ज्यादा देखे जाते हैं।एम्स के अध्ययन में भी यह सामने आया कि ऑटिज्म से प्रभावित बच्चों में स्क्रीन टाइम की शुरुआत कम उम्र में हुई थी। साथ ही, लड़कों में इसकी दर अधिक देखी गई, हालांकि लड़कियों में भी लक्षण स्पष्ट रूप से मौजूद थे।विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों के स्वस्थ विकास के लिए स्क्रीन टाइम को सीमित रखना बेहद आवश्यक है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स और इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स की गाइडलाइंस के अनुसार 18 महीने से कम उम्र के बच्चों को स्क्रीन से पूरी तरह दूर रखना चाहिए। 18 महीने से 6 वर्ष तक के बच्चों के लिए सीमित और उद्देश्यपूर्ण (एक्टिव) स्क्रीन उपयोग की सलाह दी जाती है, जबकि 7 वर्ष से अधिक आयु के बच्चों के लिए स्क्रीन टाइम को अधिकतम 2 घंटे तक सीमित रखने की अनुशंसा की गई है।विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों को मोबाइल या टीवी के जरिए व्यस्त रखने के बजाय माता-पिता के साथ सीधा संवाद और इंटरैक्शन उनके मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास के लिए ज्यादा जरूरी है।ऑटिज्म की पहचान आमतौर पर 2 से 3 साल की उम्र में होती है, हालांकि 18 महीने के बाद इसके संकेत देखे जा सकते हैं। इसका कोई एक निश्चित मेडिकल टेस्ट नहीं है; पहचान बच्चे के व्यवहार, संवाद क्षमता और सामाजिक प्रतिक्रिया के आधार पर की जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि शुरुआती वर्षों में संतुलित माहौल, सीमित स्क्रीन टाइम और परिवार के साथ अधिक समय बच्चों के स्वस्थ विकास के लिए बेहद जरूरी है। जागरूकता और समय पर हस्तक्षेप से ऑटिज्म से जुड़ी चुनौतियों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। -
नई दिल्ली। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने प्रख्यात गीतकार, लेखक और संचार विशेषज्ञ श्री प्रसून जोशी को भारत के सार्वजनिक सेवा प्रसारक प्रसार भारती का अध्यक्ष नियुक्त किया है।
श्री जोशी साहित्य, विज्ञापन, सिनेमा और सार्वजनिक संचार के क्षेत्र में व्यापक योगदान देने वाले एक प्रतिष्ठित रचनात्मक व्यक्ति हैं। अपने प्रभावशाली लेखन और गहरी सांस्कृतिक संवेदनशीलता के लिए जाने जाने वाले जोशी ने समकालीन भारतीय मीडिया की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके कार्यों में प्रशंसित फिल्मी गीत, विज्ञापन अभियान और सामाजिक रूप से प्रासंगिक कहानियां शामिल हैं जो देश भर के विभिन्न दर्शकों से जुड़ती हैं।उनकी नियुक्ति पर सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “प्रसार भारती बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में श्री प्रसून जोशी जी की नियुक्ति पर हार्दिक बधाई। प्रसून जी एक विलक्षण रचनात्मक व्यक्तित्व हैं, जिन्हें विज्ञापन, साहित्य, कला और सिनेमा जगत में विश्व स्तर पर ख्याति प्राप्त है, फिर भी उनका हृदय भारत के लिए धड़कता है। उनके शब्दों में हमारी मिट्टी की सुगंध समाई है और उनकी दृष्टि हमारी संस्कृति के शाश्वत सार को प्रतिबिंबित करती है। उनके नेतृत्व में प्रसार भारती को नई ऊर्जा, गहरा उद्देश्य और एक नई रचनात्मक आवाज मिलेगी। उनके आगामी कार्यकाल के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाएं।”इस नियुक्ति से पहले, श्री जोशी अगस्त 2017 से मुंबई स्थित केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत रहे हैं, जहां उन्होंने फिल्म उद्योग के हितधारकों के साथ जुड़कर फिल्म प्रमाणन प्रक्रियाओं को सुदृढ़ करने में योगदान दिया। सीबीएफसी में उनका कार्यकाल रचनात्मक अभिव्यक्ति और नियामक उत्तरदायित्व के प्रति संतुलित दृष्टिकोण को दर्शाता है। इससे पहले, वे मैक्कैन वर्ल्ड ग्रुप इंडिया के सीईओ और मैक्कैन वर्ल्ड ग्रुप एशिया पैसिफिक (मैक्कैन एरिक्सन की एक सहायक कंपनी) के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। वह 2016 से इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के न्यासियों में से एक हैं।रचनात्मक उद्योगों और सार्वजनिक संचार में अपने व्यापक अनुभव के साथ, श्री जोशी से प्रसार भारती के नेतृत्व में एक अनूठा दृष्टिकोण लाने की उम्मीद है, ऐसे समय में जब सार्वजनिक प्रसारण तीव्र तकनीकी परिवर्तन और विकसित होती श्रोताओं की अपेक्षाओं का सामना कर रहा है।प्रसार भारती के बारे मेंप्रसार भारती (ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया) अधिनियम, 1990 के तहत स्थापित और 1997 से कार्यरत, प्रसार भारती भारत का वैधानिक स्वायत्त सार्वजनिक सेवा प्रसारक है। इसके दो प्रमुख विभाग हैं:ऑल इंडिया रेडियो (एआईआर)- विश्व के सबसे बड़े रेडियो नेटवर्कों में से एक, जो शहरी और ग्रामीण भारत में लाखों श्रोताओं तक कई भाषाओं और बोलियों में पहुंचता है।दूरदर्शन (डीडी)- भारत का राष्ट्रीय टेलीविजन प्रसारक, जो समाचार, शिक्षा, मनोरंजन और सांस्कृतिक सामग्री सहित व्यापक कार्यक्रम प्रस्तुत करता है।प्रसार भारती ने सार्वजनिक प्रसारण की भावना को बढ़ावा देने के लिए फ्री-टू-एयर ओटीटी सेवाओं को मजबूत करने हेतु वेव्स ओटीटी प्लेटफॉर्म भी लॉन्च किया है।प्रसार भारती सूचना के प्रसार, राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और देश भर में विश्वसनीय सार्वजनिक प्रसारण सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अपने विशाल स्थलीय और डिजिटल नेटवर्क के साथ, यह डिजिटल प्लेटफॉर्म, डीटीएच सेवाओं और अभिलेखीय पहलों के माध्यम से अपनी पहुंच का विस्तार करना जारी रखता है। - नयी दिल्ली। केंद्र सरकार ने शनिवार को शिक्षाविद जोरम अनिया और विद्वान-लेखक आर. बालासुब्रमण्यम को नीति आयोग के पूर्णकालिक सदस्य के रूप में नियुक्त किया।इन दो नियुक्तियों के साथ ही आयोग में उपाध्यक्ष सहित सदस्यों की कुल संख्या सात हो गई है।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नीति आयोग के पदेन अध्यक्ष हैं।कैबिनेट सचिवालय द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, “प्रधानमंत्री (नरेन्द्र मोदी) ने डॉ. आर बालासुब्रमण्यम और डॉ. जोरम अनिया को नीति आयोग के पूर्णकालिक सदस्य के रूप में कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से और अगले आदेश तक पूर्णकालिक सदस्यों पर लागू होने वाले समान नियमों एवं शर्तों पर नियुक्त करने की स्वीकृति दी है।”सरकार ने 24 अप्रैल को नीति आयोग का पुनर्गठन करते हुए अशोक कुमार लाहिड़ी को उपाध्यक्ष और अर्थशास्त्री के.वी. राजू, एम्स के निदेशक एम. श्रीनिवास, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अभय करंदीकर, वैज्ञानिक गोबर्धन दास और पूर्व कैबिनेट सचिव राजीव गाबा को पूर्णकालिक सदस्य नियुक्त किया था।प्रधानमंत्री मोदी ने नए नियुक्त सदस्यों को बधाई देते हुए ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “नीति आयोग के पूर्णकालिक सदस्य के रूप में नियुक्त होने पर डॉ. आर. बालासुब्रमण्यम जी और डॉ. जोरम अनिया जी को हार्दिक बधाई। विभिन्न मुद्दों पर उनका व्यापक अनुभव और गहन समझ नीति निर्माण प्रक्रिया को मजबूत करेगी।”उन्होंने कहा, “मुझे विश्वास है कि उनका (बालासुब्रमण्यम और अनिया का) योगदान सभी क्षेत्रों में नवाचार और विकास को गति प्रदान करेगा। उनके उज्ज्वल और सफल कार्यकाल की कामना करता हूं।”सूत्रों के अनुसार, अनिया का आयोग में शामिल होना एक ऐतिहासिक क्षण है, जिससे अरुणाचल प्रदेश की एक प्रख्यात बुद्धिजीवी को राष्ट्रीय नीति-निर्माण के सर्वोच्च स्तर तक पहुंचने का अवसर मिला है।कुशल शिक्षाविद, एसोसिएट प्रोफेसर और अरुणाचल प्रदेश निजी शिक्षा नियामक आयोग की सदस्य अनिया को शिक्षण, अनुसंधान और सार्वजनिक नीति में 18 वर्षों से अधिक का अनुभव है।वह निशि समुदाय की पीएचडी हासिल करने वाली पहली महिला होने के साथ ही राज्य में हिंदी भाषा में पीएचडी करने वाली पहली महिला हैं, जिन्होंने साहित्य, संस्कृति और स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।विद्वान-लेखक बालासुब्रमण्यम सार्वजनिक नीति विशेषज्ञ और विकास कार्यकर्ता हैं।योग्य चिकित्सक होने के साथ-साथ वह स्वामी विवेकानंद युवा आंदोलन और ग्रासरूट रिसर्च एंड एडवोकेसी मूवमेंट (ग्राम) के संस्थापक हैं। बालासुब्रमण्यम ने हार्वर्ड विश्वविद्यालय के हार्वर्ड कैनेडी स्कूल से लोक प्रशासन में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की है।
- नई दिल्ली। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुजरात में नेशनल हाईवे-48 के सूरत-भरूच खंड पर स्थित चोरायासी टोल प्लाजा पर देश की पहली मल्टी-लेन फ्री फ्लो (एमएलएफएफ) बैरियर-रहित टोलिंग प्रणाली का शुभारंभ किया। यह नई तकनीक वाहनों को बिना रुके टोल भुगतान की सुविधा देती है। इस अत्याधुनिक प्रणाली में ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) और FASTag तकनीक का उपयोग किया गया है। इससे वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकने की आवश्यकता नहीं होगी और टोल संग्रह पूरी तरह स्वचालित तरीके से होगा। एमएलएफएफ प्रणाली को भारत के टोलिंग इकोसिस्टम के डिजिटलीकरण और राष्ट्रीय राजमार्गों के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है। इससे न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि ट्रैफिक जाम में कमी आएगी और टोल संचालन अधिक पारदर्शी बनेगा।इस नई व्यवस्था से वाहनों के रुकने की आवश्यकता खत्म होने के कारण ईंधन की बचत होगी और कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी। साथ ही, टोल संचालन में मानवीय हस्तक्षेप कम होने से प्रणाली अधिक कुशल और विश्वसनीय बनेगी। नितिन गडकरी ने कहा कि यह पहल आम नागरिकों के लिए ‘ईज ऑफ लिविंग’ को बेहतर बनाएगी और देश में माल एवं लॉजिस्टिक्स की तेज आवाजाही सुनिश्चित कर ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को भी बढ़ावा देगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार विश्व स्तरीय, तकनीक आधारित और यात्री-अनुकूल राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया 2 मई 2026 को देशव्यापी मोबाइल-आधारित आपदा संचार प्रणाली का शुभारंभ करेंगे। यह प्रणाली दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के सहयोग से विकसित की गई है।
एनडीएमए ने सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमेटिक्स (C-DOT) द्वारा विकसित एकीकृत अलर्ट सिस्टम ‘SACHET’ को लागू किया है। यह प्रणाली कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल (CAP) पर आधारित है और देश के सभी 36 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में सक्रिय है। इस प्रणाली के जरिए अब तक 19 से अधिक भारतीय भाषाओं में 134 अरब से अधिक एसएमएस अलर्ट भेजे जा चुके हैं। इसका उपयोग प्राकृतिक आपदाओं, मौसम चेतावनियों और चक्रवात जैसी स्थितियों में प्रभावी ढंग से किया गया है। नई व्यवस्था के तहत एसएमएस के साथ सेल ब्रॉडकास्ट (CB) तकनीक जोड़ी गई है। इसके जरिए किसी विशेष क्षेत्र के सभी मोबाइल फोनों पर एक साथ अलर्ट भेजा जाएगा, जिससे लगभग वास्तविक समय में सूचना पहुंच सकेगी। शुभारंभ के दौरान देश के सभी राज्यों की राजधानियों, दिल्ली और एनसीआर में मोबाइल पर टेस्ट संदेश भेजा जाएगा। यह संदेश हिंदी, अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषाओं में होगा, जिसमें नागरिकों को सूचित किया जाएगा कि यह केवल परीक्षण है। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि टेस्ट संदेश मिलने पर घबराएं नहीं और किसी प्रकार की कार्रवाई करने की आवश्यकता नहीं है। यह केवल आपदा चेतावनी प्रणाली की प्रभावशीलता जांचने के लिए किया जा रहा है। यह पहल समय-संवेदनशील परिस्थितियों—जैसे भूकंप, सुनामी, बिजली गिरने या रासायनिक दुर्घटनाओं—में त्वरित चेतावनी देने की क्षमता को मजबूत करेगी और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएगी। -
जयपुर. अलवर जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर चलती कार में आग लगने से तीन महिलाओं और एक नाबालिग लड़की समेत पांच लोगों की जलकर मौत हो गई। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। यह घटना बुधवार रात को लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र के मौजपुर के पास हुई।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रियंका रघुवंशी ने बताया कि पुलिस को कल देर रात वाहन में आग लगने की सूचना मिली, जिसके बाद दमकल की गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। उन्होंने कहा, ''लगभग 15 मिनट में आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन तब तक कार पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी।'' पुलिस ने बताया कि सभी मृतक मध्य प्रदेश के शिवपुर जिले के निवासी थे और वैष्णो देवी की तीर्थयात्रा से लौट रहे थे। पुलिस उपाधीक्षक कैलाश जिंदल ने बताया कि चलती गाड़ी में आग लगने का कारण अब तक पता नहीं चल पाया है, हालांकि शॉर्ट सर्किट की आशंका है। सीएनजी की मौजूदगी से भी आग और भड़क उठी, जिससे वाहन में सवार लोगों को निकलने का मौका नहीं मिला। मृतकों में तीन महिलाएं, एक नाबालिग लड़की और एक पुरुष शामिल है। उन्होंने बताया, "वाहन से केवल कंकाल बरामद हुए हैं। उनकी पहचान के लिए डीएनए परीक्षण किए जाएंगे।"
कार चालक विनोद कुमार वाहन से कूदने में कामयाब रहा, लेकिन वह लगभग 80 प्रतिशत झुलस गया। अधिकारियों ने बताया कि उसे पहले पास के एक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए जयपुर रेफर कर दिया गया। मामले में आगे की जांच जारी है। -
क्योंझर. ओडिशा के क्योंझर जिले में अपनी मृत बहन के बैंक खाते से पैसे निकालने के लिए एक आदिवासी व्यक्ति द्वारा उसका कंकाल बैंक में ले जाकर उसकी मौत का प्रमाण पेश करने से जुड़े मामले की जांच राज्य सरकार ने बृहस्पतिवार को शुरू कर दी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने उत्तरी मंडल के राजस्व संभागीय आयुक्त (आरडीसी) को इस घटना की जांच शुरू करने का निर्देश दिया था। सोशल मीडिया पर एक वीडियो प्रसारित हुआ था, जिसमें 50 वर्षीय आदिवासी व्यक्ति कंकाल को ओडिशा ग्रामीण बैंक की मालीपोसी शाखा में ले जाते हुए दिखा था। वीडियो के प्रसारित हो जाने से हंगामा मच गया, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने मामले की जांच का निर्देश दिया। उत्तरी मंडल के राजस्व संभागीय आयुक्त संग्राम केशरी महापात्रा, क्योंझर जिले के आयुक्त विशाल सिंह और अन्य अधिकारी बृहस्पतिवार को जांच के सिलसिले में ओडिशा ग्रामीण बैंक की मालीपोसी शाखा पहुंचे। अधिकारियों ने बताया कि महापात्रा ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की और घटना के कारणों का पता लगाने के लिए बैंक अधिकारियों से पूछताछ की। टीम क्योंझर जिले के पटाना ब्लॉक के डियानाली गांव भी पहुंची और जीतू मुंडा से पूछताछ की जो अपनी बहन करला मुंडा (56) का कंकाल लेकर बैंक आया था। इस बीच, कांग्रेस की इकाई के पूर्व अध्यक्ष निरंजन पटनायक के नेतृत्व में पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने दिन में मुंडा से मुलाकात की। बीजू जनता दल (बीजद)की एक तथ्य-अन्वेषी टीम भी बुधवार को मुंडा के घर पहुंची थी और पार्टी ने इस मामले की न्यायिक जांच की मांग की है। अधिकारियों ने बताया कि ओडिशा सरकार ने मुंडा को 30,000 रुपये की सहायता प्रदान की है। मुंडा को अपनी दिवंगत बहन के बैंक खाते से पैसे मिल चुके हैं।
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चंडीगढ़. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने 'विकसित भारत' की दिशा में अपने सफर में सभी क्षेत्रों में, विशेष रूप से स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में, एक लंबी छलांग लगाई है। वह यहां सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियों में बेहतर और अनुकरणीय प्रथाओं तथा नवाचारों पर 10वें राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। नड्डा ने कहा, ''अगर मुझे इन पहलों के बारे में बात करनी हो, तो मैं निश्चित रूप से विज्ञान, नवाचार और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में हमारी स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने पर जोर दूंगा।'' उन्होंने कहा, ''प्रधानमंत्री मोदी के गतिशील नेतृत्व में हमने पिछले दशक में एक लंबी छलांग लगाई है और कई नयी पहल शुरू की हैं।'' नड्डा ने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण नीति वह है जिसका वह प्राय: उल्लेख करते हैं, वह है 2017 की व्यापक स्वास्थ्य नीति। उन्होंने कहा, ''अगर हम 1997-98 में शुरू की गई स्वास्थ्य नीति की बात करें, तो वह एक उपचारात्मक स्वास्थ्य नीति थी, जो लंबे समय से लागू थी। इसका मुख्य ध्यान उपचारात्मक पहलू पर था।'' नड्डा ने कहा, ''लेकिन 2017 में, जब हमने एक नयी नीति जारी की तो वह एक व्यापक, समग्र और समावेशी नीति थी।'' उन्होंने कहा कि इसमें रोकथाम, प्रोत्साहन, उपचारात्मक, पुनर्वास और वृद्धावस्था संबंधी पहलू शामिल हैं। इस अवसर पर, नड्डा ने स्वस्थ भारत और जननी पोर्टल, सर्वोत्तम प्रथाओं पर सार-संग्रह, प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल टीम के लिए एकीकृत प्रशिक्षण मॉड्यूल और राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके-2.0) की शुरुआत की। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों (स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों) के बारे में नड्डा ने कहा कि लगभग 1.85 लाख ऐसे केंद्र स्थापित किए गए हैं जो 1.40 अरब लोगों को जोड़ने वाले पहले संपर्क बिंदु हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, ''हमारा प्रयास रोकथाम के पहलू को ध्यान में रखना है। चाहे वह उच्च रक्तचाप हो, मधुमेह हो, मुंह का कैंसर हो, स्तन कैंसर हो या गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर हो, हमने इन सभी बीमारियों के लिए 30 वर्ष की आयु में जांच अनिवार्य कर दी है।''






















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