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संग्रामपुर। उत्तरप्रदेश में दोस्त की पत्नी से चल रहे कथित अवैध संबंधों के चलते ही आरोपी जियालाल ने गोली मारकर अपने दोस्त को मौत के घाट उतार दिया था। सीओ अमेठी अर्पित कपूर ने धर्मेंन्द्र हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि उसके आरोपी दोस्त जियालाल को हत्याकांड के 24 घंटे के अंदर ही गिरफ्तार कर लिया। हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी पुलिस ने बरामद कर लिया। वहीं हत्याकांड में मृतक की पत्नी की भूमिका की पुलिस जांच कर रही है।
सीओ अमेठी अर्पित कपूर ने बताया कि संग्रामपुर थाना क्षेत्र के पूरे तालुकदार मजरे गोरखापुर निवासी धर्मेंद्र की बीते रविवार की रात गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के ससुर रामदुलारे की तहरीर पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्जकर जांच शुरू की तो बगल के गांव आमपोखर निवासी मृतक का दोस्त आरोपी जियालाल शक के दायरे में आ गया। सीओ अमेठी अर्पित कपूर ने बताया कि आरोपी जियालाल के मोबाइल की काल डिटेल निकालने पर पता चला कि वह दिन में कई कई बार मृतक की पत्नी से बात किया करता था। जिसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की।
मंगलवार की सुबह प्रभारी निरीक्षक प्रेमचन्द्र सिंह ने आरोपी जियालाल को मेला बगिया चौराहे के पास गिरफ्तार कर लिया। सीओ अमेठी अर्पित कपूर ने बताया कि पूछताछ में आरोपी जियालाल ने बताया कि उसका धर्मेंन्द्र की पत्नी से प्रेम प्रसंग चल रहा था। जिसकी जानकारी जब धर्मेंद्र को हुई तो वह विरोध करने लगा। इसी बात से नाराज होकर उसने धर्मेंद्र को रास्ते से हटाने के लिए उसकी हत्या का प्लान बनाया और रविवार की रात बेरन उखाडऩे के बहाने ले जाकर उसकी गोली मारकर हत्या कर दी।
सीओ अमेठी अर्पित कपूर ने बताया कि आरोपी जियालाल की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त तमंचा उसके घर के बगल मड़हे के छप्पर से बरामद कर लिया। सीओ ने बताया कि हत्याकांड में मृतक की पत्नी की भूमिका की जांच की जा रही है। वहीं बीते 28 जून को धर्मेंद्र पर हुए जानलेवा हमले में आरोपी जियालाल की भूमिका के साक्ष्य तलाशे जा रहे हैं। - गुवाहाटी। असम मंत्रिमंडल ने बुधवार को पुलिस आयोग गठित करने का फैसला किया जो पुलिस प्रणाली में सुधार, उनकी गतिविधियों और तैनाती संबंधी विषयों पर अनुशंसा करेगा। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक में फैसला किया गया कि आयोग की अध्यक्षता संयुक्त रूप से तीन महीने तक आईएएस अधिकारी हिमांग्शु शेखर दास और पूर्व पुलिस महानिदेशक पीवी सुमंत करेंगे और मुख्य सचिव से समन्वय करेंगे। सरकार के प्रवक्ता और जल संसाधन मंत्री पीयूष हजारिका ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मीडिया को बताया कि सरकार ने इससे पहले एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने का फैसला किया था, जिसके तहत एक सितंबर से असम पुलिस में 15 हजार पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सरकार ने असम पुलिस की पांच नयी बटालियन स्थापित करने का भी फैसला किया है जिनमें 6270 युवाओं की भर्ती की जाएगी।
- कानपुर (उप्र)। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बुधवार को कहा कि अगर प्रदेश में मौजूद प्रत्येक विश्वविद्यालय, कॉलेज तथा प्राइवेट कॉलेज एक गांव को गोद लें, तो गांवों की तस्वीर बदल सकती है। उत्तर प्रदेश में 58 हजार ग्राम पंचायतें हैं, जबकि विश्वविद्यालयों, कॉलेजों तथा प्राइवेट कॉलेजों की संख्या 60 हजार है। राज्यपाल ने कहा कि ये शिक्षण संस्थाएं यदि एक-एक गांव को गोद लेकर पांच साल तक केन्द्र व प्रदेश सरकार की योजनाओं को सही रूप में अमल में लायें, तो पांच साल में उत्तर प्रदेश की सूरत बदल सकती है। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केन्द्र आबादी के अनुसार बनाये जाते हैं। आशा कार्यकर्ता तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताएं यदि मिलकर कुपोषित/टी0बी0 से ग्रस्त बच्चों, गर्भवती महिलाओं की बेहतर देखभाल व उन्हें स्वास्थ सेवाएं उपलब्ध कराएं तो ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करने वाली जनता बड़े पैमाने पर लाभान्वित होगी। लखनऊ में जारी एक सरकारी बयान के अनुसार उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में जनपद कानपुर नगर के 75 आंगनवाड़ी केन्द्रों को सुविधा सम्पन्न बनाने के लिए आवश्यक वस्तुओं का वितरण किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्यपाल की अभिनव पहल से शिक्षा केन्द्रों को समाज से जोड़ने का सार्थक प्रयास किया गया है। इस कार्य में सभी सहयोगी संस्थाओं का प्रयास सराहनीय रहा है। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केन्द्रों को गोद लेना और उन्हें बिना किसी शासकीय सहयोग के सुविधा सम्पन्न बनाना एक अभिनन्दनीय पहल है। आंगनवाड़ी केन्द्रों में 3-5 वर्ष के बच्चे आते हैं। यह वह समय है, जहां पर हम उन्हें जैसी दिशा देना चाहेंगे, उनका आगे का जीवन हमें उसी रूप में बढ़ता हुआ दिखायी देगा।
- जयपुर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के अधिकारियों ने बुधवार को अजमेर और चित्तौडग़ढ़ में अलग-अलग कार्रवाई करते हुए एक महिला राजस्व पटवारी और सहायक विकास अधिकारी को कथित रूप से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया।एसीबी के महानिदेशक भगवान लाल सोनी ने बताया कि अजमेर में जिला परिषद कार्यालय में सहायक विकास अधिकारी आरोपी मुकेश कांकाणी को शिकायतकर्ता से निरीक्षण रिपोर्ट में कमियां नहीं निकालने के एवज में 11 हजार रुपये की कथित रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। आरोपी इससे पूर्व शिकायतकर्ता से कथित रूप से पांच हजार रुपये की रिश्वत ले चुका था। उन्होंने बताया कि चित्तौडग़ढ़ में एसीबी के अधिकारियों ने निम्बाहेडा तहसील के कोटडी कलां हल्का की राजस्व पटवारी आरोपी जाहिदा परवीन को एक शिकायतकर्ता से कृषि भूमि संबंधी कागजात के एवज में कथित रूप से पांच हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। उन्होंने बताया कि आरोपियों के आवास एवं अन्य परिसरों की तलाश जारी है और उनके खिलाफ मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।
- कोलकाता। एमटेक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए गेट-2022 अगले साल फरवरी में होगी। यह घोषणा भारतीय प्रौद्यागिकी संस्थान (आईआईटी) खड़गपुर ने बुधवार को की। संस्थान ने बताया कि ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (गेट)-2022 पांच, छह, 12 और 13 फरवरी को होगी। गेट-2022 के लिए आईआईटी खड़गपुर आयोजक संस्थान है। संस्थान ने बताया कि अगले साल होने वाली परीक्षा में उम्मीदवारों को दो नए विषय- जियोमेटिक इंजीनियरिंग और नेवल आर्किटेचर- उपलब्ध होंगे। इसके साथ गेट परीक्षा के विषयों की संख्या 29 हो जाएगी।
- पुरी। ओडिशा के पुरी स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर में एक भक्त ने सोने के तीन ‘टंग क्लीनर' (जीभ साफ करने का यंत्र) भेंट किया है। अधिकारियों ने बताया कि भक्त ने ये टंग क्लीनर भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और भगवान जगन्नाथ को चढ़ाए गए हैं। उन्होंने बताया कि इन ‘टंग क्लीनर' का कुल वजन 90 ग्राम है। मंदिर के अनुष्ठान के मुताबिक भगवान द्वारा टंग क्लीनर का इस्तेमाल भगवान द्वारा सुबह उठने के बाद अनुष्ठान के दौरान किया जाता है। अधिकारियों ने बताया कि यह दान भुवनेश्वर निवासी पद्मचरण पात्रा ने किया है। इससे पहले उन्होंने मंदिर को सोने से बनी सूर्य और चंद्र की आकृति दान की थी।
- नयी दिल्ली। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के दूसरे चरण के तहत इस वित्तवर्ष निजी घरों में 50 लाख शौचालय, एक लाख सामुदायिक शौचालय बनाए जांएगे। 2,400 ब्लॉक में प्लास्टिक कचरा प्रबंधन इकाई स्थापित की जाएगी औा 1.82 लाख गांवों में अपशिष्ट जल प्रबंधन की व्यवस्था की जाएगी। यह जानकारी केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बुधवार को दी। उन्होंने कहा कि इसमें गोवर्धन योजना को भी शामिल किया जाएगा, जिसका उद्देश्य 386 जिलों में गोबर और अन्य जैविक कचरे का प्रभावी प्रबंधन करना और करीब 250 जिलो में मल के प्रबंधन की व्यवस्था करना है। शेखावत और उनके मंत्रालय में राज्य मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत ओडीएफ प्लस नियमावली जारी की। शेखावत ने कहा कि वर्ष 2021-22 में मंजूर वार्षिक क्रियान्वयन योजना के मुताबिक स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के दूसरे चरण के तहत करीब 40,700 करोड़ के निवेश से करीब दो लाख गांवों में ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने बताया कि परियोजना को लागू करने में केंद्र का हिस्सा करीब 14 हजार करोड़ रुपये होगा जबकि राज्य की हिस्सेदारी 8,300 करोड़ रुपये की होगी। 12,730 करोड़ की व्यवस्था 15वें वित्त आयोग के जरिये की जाएगी जबकि 4,100 करोड़ रुपये की व्यवस्था मनरेगा से होगी। उन्होंने बताया, ‘‘इस वित्तीय वर्ष क्रियान्वयित होने वाली योजना के तहत 50 लाख निजी घरों में शौचालय का निर्माण होगा, एक लाख सामुदायिक शैचालय बनाए जाएंगे, भारत के 2400 ब्लॉक में प्लास्टिक कचरा प्रबंधन की व्यवस्था की जाएगी, 1.82 लाख गांवों में घर से निकलने वाले दूषित पानी के प्रबंधन की व्यवस्था की जाएगी। 386 जिलो में गोवर्धन योजना और करीब 250 जिलो में मल प्रबंधन व्यवस्था की जाएगी।'' शेखावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू स्वच्छता के लिए जन आंदोलन चला। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) से ग्रामीण भारत की तस्वीर बदल गई है और मिशन के तहत ग्रामीण भारत खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) के लक्ष्य को प्राप्त कर रहा है।
- नयी दिल्ली। रेलवे ने तोक्यो ओलंपिक में हिस्सा ले रहे अपने खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिये बुधवार को विशेष नकद पुरस्कार की घोषणा की जिसमें स्वर्ण पदक विजेता को तीन करोड़ रूपये दिये जायेंगे। रेलवे खेल संवर्धन बोर्ड के 25 खिलाड़ी, पांच कोच और एक फिजियो तोक्यो ओलंपिक में भारतीय दल का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। ओलंपिक में हिस्सा ले रहे भारतीय दल के करीब 20 प्रतिशत खिलाड़ी रेलवे के हैं।मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया, ‘‘रेलवे मंत्रालय ने मौजूदा नीति के तहत तोक्यो ओलंपिक 2020 में भाग ले रहे भारतीय रेलवे खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिये विशेष पुरस्कारों की घोषणा की है जो उनका मनोबल बढ़ाने के लिये है। '' इसमें स्वर्ण पदक विजेता को तीन करोड़ रूपये, रजत पदक विजेता को दो करोड़ रूपये और कांस्य पदक विजेता को एक करोड़ रूपये दिये जायेंगे। अगर एक खिलाड़ी अपनी स्पर्धा में अंतिम आठ में रहता है तो उसे 35 लाख रूपये जबकि प्रत्येक प्रतिभागी को साढ़े सात लाख रूपये मिलेंगे। स्वर्ण पदक विजेता के कोच को 25 लाख रूपये, रजत पदक विजेता के कोच को 20 लाख रूपये जबकि कांस्य पदक विजेता के कोच को 15 लाख रूपये दिये जायेंगे। अन्य प्रतिभागियों के कोचों को साढ़े सात - साढ़े सात लाख रूपये मिलेंगे।
- नई दिल्ली। दिल्ली के चिडिय़ाघर में वाहनों से होने वाले ध्वनि प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए बुधवार को चिडिय़ाघर के अधिकारियों को साइकिलें दी गयीं। एक वक्तव्य के मुताबिक केन्द्रीय चिडिय़ाघर प्राधिकरण के सदस्य सचिव एस पी यादव ने विश्व संरक्षण दिवस के अवसर पर साइकिलों के बेड़े को झंडी दिखाकर रवाना किया। चिडिय़ाघर के निदेशक रमेश पांडे ने कहा कि सभी 10 सेक्शन पर्यवेक्षकों को चिडिय़ाघर में उपयोग के लिए एक-एक साइकिल दी गई है। इससे चिडिय़ाघर परिसर में कॉर्बन उत्सर्जन और ध्वनि प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी।-
- नयी दिल्ली । राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और निजी अस्पतालों के पास अब भी टीके की 2.18 करोड़ से अधिक अतिरिक्त और बिना इस्तेमाल की हुई खुराकें मौजूद हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को यह जानकारी दी। केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सभी प्रकार के स्रोतों से अब तक टीके की 46,23,27,530 खुराकें प्रदान की हैं। इसके अलावा 1,20,70,820 खुराकें भेजे जाने की तैयारी है। मंत्रालय ने कहा कि (सुबह आज आठ बजे तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार) इनमें से बर्बाद हो चुकी खुराकों को मिलाकर कुल 44,29,95,780 खुराकों की खपत हो चुकी है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों तथा निजी अस्पतालों के पास कोविड-19 रोधी टीके की 2,18,10,422 अतिरिक्त और बिना इस्तेमाल की हुई खुराकें बची हैं, जिन्हें लगाया जाना बाकी है। केंद्र सरकार देशभर में कोविड-19 टीकाकरण का दायरा बढ़ाने और टीके लगाने की गति को तेज करने के लिये प्रतिबद्ध है। कोविड-19 रोधी टीकों की सर्व-उपलब्धता का नया चरण 21 जून, 2021 से शुरू किया गया है। अधिक से अधिक टीके उपलब्ध कराकर टीकाकरण अभियान में तेजी लाई गई है। इसके तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को टीके की उपलब्धता के बारे में पूर्व सूचना दी गई, ताकि वे बेहतर योजना के साथ टीके लगाने का बंदोबस्त कर सकें और टीके की आपूर्ति श्रृंखला को दुरुस्त किया जा सके। देशव्यापी टीकाकरण अभियान के हिस्से के रूप में केंद्र सरकार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निशुल्क कोविड टीके प्रदान कर उन्हें समर्थन दे रही है। टीकों की सर्व-उपलब्धता के नए चरण में केंद्र सरकार टीका निर्माताओं से 75 प्रतिशत टीके खरीदकर उन्हें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निशुल्क प्रदान करेगी।-file photo
- छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में स्थानीय निवासी पुल न होने की वजह से एक खाट के जरिए नदी पार कराकर गर्भवती महिला को अस्पताल ले गए, लेकिन देर होने और गंभीर हालत के कारण अस्पताल में महिला के बच्चे को बचाया नहीं जा सका।जिले के दमुआ खंड के टेकाढाना गांव के पूर्व सरपंच दिलीप बटके ने बुधवार को बताया कि मंगलवार को प्रसव पीड़ा होने पर स्थानीय निवासी 24 वर्षीय महिला पिंकी को पुल न होने की वजह से खाट पर नदी पार कराकर पहले रामपुर स्थित सामुदायिक केंद्र और बाद में दमुआ स्थित अस्पताल ले गए। जहां महिला की हालत गंभीर होने के कारण चिकित्सक बच्चे को नहीं बचा पाए। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोग लंबे समय से भडंगा नदी पर पुल बनाने कही मांग कर रहे हैं, लेकिन यह मांग अब तक पूरी नहीं हो सकी है जिससे ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। बटके ने कहा कि प्रदेश में छिंदवाड़ा अपने विकास के लिए जाना जाता है, लेकिन इस घटना ने विकास के लंबे दावों की पोल खोल दी है।टेकढ़ाना गांव छिंदवाड़ा लोकसभा क्षेत्र में आता है और इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व लोकसभा में लंबे समय तक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व केन्द्रीय मंत्री कमलनाथ करते रहे हैं तथा वर्तमान में उनके पुत्र नकुल नाथ यहां से सांसद हैं। बटके ने कहा कि जिला मुख्यालय से करीब 70 किलोमीटर दूर उनका गांव टेकाढाना हर साल बारिश के मौसम में टापू में बदल जाता है। स्थानीय लोग लंबे समय से नदी पर पुल बनाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने गर्भवती महिला का उपचार करने वाले डॉ संजय भटकर के हवाले से कहा, '' बच्चे को बचाया नहीं जा सका क्योंकि महिला को गंभीर हालत में देर से अस्पताल लाया गया था।'' महिला को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।दमुआ के मुख्य नगर पालिका अधिकारी पी खांडे ने कहा कि गांव के लोगों ने कई बार पुल के निर्माण के लिए ज्ञापन दिया है और इसे जिला अधिकारियों को भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि जैसे ही अधिकारियों से इसकी अनुमति मिलेगी, पुल का निर्माण किया जाएगा।
- पालघर। महाराष्ट्र में पालघर जिले के वडा तालुका के एक गांव में उपयोग में नहीं लाये जा रहे एक बोरवेल का पानी कथित रूप से पीने से चार साल के एक बच्चे की मौत हो गयी और सात अन्य बीमार पड़े गये। एक स्वास्थ्य अधिकारी ने बुधवार को बताया कि कोंडलेगांव जांबुलपाडा में इन सभी ने उपयोग में लाये नहीं जा रहे बोरवेल से पानी पीया था, जिसके बाद सोमवार को एक ग्रामीण अस्पताल में ले जाने के दौरान इस बच्चे की मौत हो गयी। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि दूषित पानी पीने से दस्त होने लगी और बच्चे की जान चली गयी जबकि अन्य बीमार पड़ गये। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस गांव में पिछले चार दिनों से ऐसे ही मामले सामने आ रहे हैं। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दयानंद सूर्यवंशी ने गांव का निरीक्षण किया और अधिकारियों को सभी बोरवेलों, उसके आसपास के क्षेत्रों एवं जलाशयों को संक्रमणमुक्त करने का निर्देश दिया। सूर्यवंशी ने कहा कि तत्काल कदम उठाये गये हैं और स्वास्थ्य विभाग मरीजों पर नजर बनाये हुए है तथा किसी भी कर्मचारी को लापरवाही के लिए जिम्मेदार पाये जाने पर उसके विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी।
- भोपाल। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक के प्रोफेसर खेमसिंह डहेरिया को भोपाल स्थित अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय का नया कुलपति नियुक्त किया गया है। मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने यह नियुक्ति हिन्दी विश्वविद्यालय अधिनियम 2011 की धारा-29 के तहत की है। प्रोफेसर डहेरिया का कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तिथि से चार वर्ष या 70 वर्ष की आयु तक रहेगा।
- गोंडा (उप्र)। गोंडा जिले के खरगूपुर थाना क्षेत्र के पचरुखी मनोहर जोत गांव निवासी तीन किशोर बुधवार दोपहर बिसुही नदी में नहाते समय डूब गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। उपजिलाधिकारी सूरज पटेल ने बताया कि घाघरा, मनवर व कुआनो नदियों का जलस्तर बढऩे से बिसुही नदी में बाढ़ आ गई है और इसके कारण जिले के इटियाथोक व रुपईडीह विकास खण्डों के लगभग 40 गांव लगभग जलमग्न हो गए हैं। बुधवार दोपहर तीन लड़के विक्रांत कुमार वर्मा (12), छोटेलाल (12) तथा आनंद कुमार मिश्र (15) राशन लाने के लिए घर से निकले थे। रास्ते में भोलाजोत गांव के पास वे बिसुही नदी में नहाने लगे। बाढ़ के कारण नदी में पानी अधिक होने से तीनों डूब गए। घटना की जानकारी मिलने पर आसपास के लोगों ने पहले अपने स्तर पर नदी में किशोरों को ढूंढने का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस और प्रशासन को सूचित किया गया। सूचना पाकर अधिकारियों ने नवाबगंज से गोताखोरों की टीम को बुलवाकर किशोरों की तलाश शुरू करवा दी है।-file photo
- नोएडा (उप्र)। थाना सेक्टर-39 क्षेत्र अंतर्गत सेक्टर-45 स्थित एक सोसाइटी में मंगलवार शाम एक बच्ची सातवीं मंजिल से नीचे गिर गई जिसे नाजुक हालत में दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया है। थाना प्रभारी आजाद सिंह तोमर ने बताया कि सेक्टर-45 स्थित ईस्ट सफायर नामक सोसाइटी निवासी बदरा प्रकाश श्रीवास्तव की डेढ़ वर्षीय बेटी कामाक्षी मंगलवार शाम उनकी गोद से फिसलकर सातवीं मंजिल से नीचे गिर गई जिसे गंभीर हालत में नोएडा के नियो अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्होंने कहा कि बच्ची को बुधवार तड़के दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया गया और उसकी हालत अत्यंत नाजुक बताई जाती है।
- - अदालत ने बैंक प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताईइंदौर। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने अनुकंपा नियुक्ति के एक मामले में भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारियों के "अमानवीय रवैये" की आलोचना करते हुए उन्हें याचिकाकर्ता महिला को दो लाख रुपये का हर्जाना चुकाने का आदेश दिया है। उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ के न्यायमूर्ति विवेक रूसिया ने मीना ढाईगुड़े की रिट याचिका मंजूर करते हुए सोमवार को यह आदेश जारी किया। महिला ने भारतीय स्टेट बैंक के इंदौर में पदस्थ महाप्रबंधक और मुख्य प्रबंधक (कार्मिक प्रशासन) के खिलाफ वर्ष 2012 में याचिका दायर की थी। एकल पीठ ने अपने फैसले में कहा, "मेरे सुविचारित मत में यह प्रतिवादियों के अमानवीय रवैये के लिए उन पर हर्जाना लगाने का एकदम सटीक मामला है।" बैंक प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता महिला को उचित रोजगार के अभाव में दूसरों के घर में काम करना पड़ा ताकि वह अपने बेटों का लालन-पालन कर सके। उच्च न्यायालय ने बैंक अधिकारियों को यह आदेश भी दिया कि वे महिला की अनुकंपा नियुक्ति के दावे पर विचार करें। याचिकाकर्ता मीना के वकील आनंद अग्रवाल ने बताया कि उनकी मुवक्किल के पति अशोक ढाईगुड़े तत्कालीन स्टेट बैंक ऑफ इंदौर (इस बैंक को भारतीय स्टेट बैंक में मिलाया जा चुका है) में चपरासी के पद पर काम करते थे। उन्होंने कहा कि ढाईगुड़े 19 दिसंबर 1998 को घर से बैंक के लिए रवाना हुए थे, लेकिन वह लापता हो गए।अग्रवाल ने बताया कि पुलिस को शिकायत करने के बाद भी जब सात साल तक ढाईगुड़े का कोई पता नहीं चल सका, तो उनकी पत्नी ने अनुकंपा के आधार पर बैंक में नौकरी दिए जाने का अनुरोध किया। लेकिन बैंक प्रबंधन ने इस पर वर्षों तक कोई ध्यान नहीं दिया। उन्होंने बताया कि ढाईगुड़े को 21 अक्टूबर 2005 को मृत मान लिया गया था।
- नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि कोविड-19 महामारी से निपटने में आत्मसंतोष के लिए कोई जगह नहीं है क्योंकि नये पॉजीटिव मामलों की संख्या अब भी अधिक है। महामारी से जुड़े दिशानिर्देशों को 31 अगस्त तक विस्तारित करते हुए केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने यह भी कहा कि कोविड-19 के प्रभावी प्रबंधन के लिए पांच सूत्री रणनीति-जांच करना, संक्रमित का पता लगाना, उपचार करना, टीकाकरण और कोविड से जुड़े नियमों का अनुपालन कराने पर निरंतर ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए भीड़भाड़ वाले सभी स्थानों पर कोविड से जुड़े नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने की जरूरत है। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भेजे अपने पत्र में भल्ला ने कहा कि उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटने पर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश क्रमिक रूप से आर्थिक एवं अन्य गतिविधियां फिर से खोल रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘संक्रमण के मामलों में कमी आना संतोष का विषय है लेकिन इस पर भी गौर करने की जरूरत है कि सामने आ रहे नये मामलों की संख्या अब भी अधिक है।'' गृह सचिव ने कहा कि इसलिए आत्मसंतोष करने के लिए कोई जगह नहीं है और पाबंदियों में ढील देने की प्रक्रिया को सावधानीपूर्वक आगे बढ़ाना होगा, जैसा कि पूर्व के पत्रों में कहा गया है। गृह सचिव ने 14 जुलाई के अपने पत्र का हवाला देते हुए कहा कि संक्रमण दर में वृद्धि नहीं होने देने को सुनिश्चित करने के लिए हर कोशिश की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में संक्रमण की पुष्टि होने की दर अब भी अधिक प्रदर्शित हो रही है, वहां कठोरतम संभावित उपाय करने की जरूरत है। भल्ला ने राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को जिलों तथा अन्य सभी स्थानीय प्राधिकारों को कोविड प्रबंधन के लिए जरूरी कदम उठाने के वास्ते सख्त निर्देश जारी करने को कहा। उन्होंने कहा, ‘‘संबद्ध अधिकारियों को किसी भी ढिलाई के लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।
- नयी दिल्ली। भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के गुजरात कैडर के वरिष्ठ अधिकारी राकेश अस्थाना ने बुधवार को दिल्ली के पुलिस आयुक्त का पदभार संभाल लिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। मध्य दिल्ली के जय सिंह मार्ग पर स्थित पुलिस मुख्यालय पहुंचने पर अस्थाना को पुलिस बल ने रस्मी गार्ड ऑफ ऑनर दिया। मंगलवार को जारी एक आदेश में गृह मंत्रालय ने कहा था कि फिलहाल सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के महानिदेशक के रूप में कार्यरत अस्थाना तत्काल प्रभाव से दिल्ली पुलिस आयुक्त का कार्यभार संभालेंगे। अस्थाना की नियुक्ति 31 जुलाई को उनकी सेवानिवृत्ति से कुछ दिन पहले हुई है। उनका कार्यकाल एक साल का होगा। इस तरह के बहुत कम उदाहरण हैं जब अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश (एजीएमयूटी) कैडर से बाहर के किसी आईपीएस अधिकारी को दिल्ली पुलिस के प्रमुख के रूप में नियुक्त किया गया हो। 1984 बैच के आईपीएस अधिकारी अस्थाना पहले केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) में विशेष निदेशक रह चुके हैं। सीबीआई में अपने कार्यकाल के दौरान,उनका सीबीआई के तत्कालीन निदेशक आलोक वर्मा के साथ विवाद हो गया था जिसमें दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। दिलचस्प है कि वर्मा सीबीआई निदेशक बनने से पहले दिल्ली पुलिस के आयुक्त थे। जून के अंत में पुलिस आयुक्त पद से एसएन श्रीवास्तव के सेवानिवृत्त होने के बाद वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी बालाजी श्रीवास्तव को पुलिस आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था।
- -प्रधानमंत्री राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की पहली वर्षगांठ के अवसर पर कई महत्वपूर्ण पहलों को लॉन्च करेंगे-एनईपी 2020 के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में ये पहल एक महत्वपूर्ण कदम हैनई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत सुधारों के एक वर्ष पूरा होने के उपलक्ष्य में 29 जुलाई 2021 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देशभर के शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में नीति निर्माताओं, छात्रों, शिक्षकों को संबोधित करेंगे। वह इस दौरान शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई पहल की भी शुरुआत करेंगे।प्रधानमंत्री कार्यक्रम में एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट का शुभारंभ करेंगे जो उच्च शिक्षा में छात्रों के लिए कई प्रवेश और निकास का विकल्प प्रदान करेगा। इसके साथ ही क्षेत्रीय भाषाओं में प्रथम वर्ष के इंजीनियरिंग कार्यक्रम और उच्च शिक्षा के अंतर्राष्ट्रीयकरण के लिए दिशानिर्देश भी जारी करेंगे।प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की जाने वाली पहलों में ग्रेड 1 के छात्रों के लिए तीन महीने का नाटक आधारित स्कूल तैयारी मॉड्यूल विद्या प्रवेश, माध्यमिक स्तर पर एक विषय के रूप में भारतीय सांकेतिक भाषा; एनआईएसएचटीएचए 2.0, एनसीआरटी द्वारा डिजाइन किया गया शिक्षक प्रशिक्षण का एक एकीकृत कार्यक्रम; सफल (सीखने के स्तर के विश्लेषण के लिए संरचित मूल्यांकन), सीबीएसई स्कूलों में ग्रेड 3, 5 और 8 के लिए एक योग्यता आधारित मूल्यांकन ढांचा और एक वेबसाइट जो पूरी तरह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को समर्पित होगा, शामिल हैं।इसके अलावा, यह कार्यक्रम राष्ट्रीय डिजिटल शिक्षा ढांचे (एनडीईएआर) और राष्ट्रीय शिक्षा प्रौद्योगिकी फोरम (एनईटीएफ) के शुभारंभ का भी साक्षी बनेगा।ये सारी पहल एनईपी 2020 के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे शिक्षा क्षेत्र को अधिक जीवंत और सुगम बनाने में मदद मिलेगी।एनईपी, 2020 सीखने के परिदृश्य को बदलने वाला, शिक्षा को समग्र बनाने और एक आत्मानिर्भर भारत के लिए मजबूत नींव बनाने के लिए मार्गदर्शक के रूप में है।यह 21वीं सदी की पहली शिक्षा नीति है और चौंतीस वर्षीय पुरानी राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनपीई), 1986 की जगह लेती है। सबके लिए आसान पहुंच, इक्विटी, गुणवत्ता, वहनीयता और जवाबदेही के आधारभूत स्तंभों पर निर्मित यह नई शिक्षा नीति सतत विकास के लिए एजेंडा 2030 के अनुकूल है और इसका उद्देश्य 21वीं सदी की जरूरतों के अनुकूल स्कूल और कॉलेज की शिक्षा को अधिक समग्र, लचीला बनाते हुए भारत को एक ज्ञान आधारित जीवंत समाज और ज्ञान की वैश्विक महाशक्ति में बदलना और प्रत्येक छात्र में निहित अद्वितीय क्षमताओं को सामने लाना है। इस मौके पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री भी मौजूद रहेंगे।
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बेंगलुरु। बसवराज बोम्मई ने बुधवार यानी आज सुबह 11 बजे कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। बी एस येदियुरप्पा के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद कर्नाटक के गृहमंत्री बसवराज बोम्मई को सीएम पद के लिए चुना गया था। बोम्मई ने कर्नाटक के 23वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। कर्नाटक राजभवन के ग्लास हाउस में राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरुप्पा भी मौजूद रहे। इसके साथ ही बीजेपी के कई और बड़े केंद्रीय और राज्य के वरिष्ठ नेता भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। -
7 माह बाद हुआ हत्याकांड का खुलासा
नरसिंहपुर। मध्यप्रदेश में तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम रम्पुरा में 7 माह पहले 17 जनवरी को धारदार हथियार से की गई एक युवक की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मृतक संतोष यादव की साली के आरोपी संदीप से अवैध संबंध थे। संतोष यादव ने इसका विरोध किया तो आरोपी संदीप ने उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि 17 जनवरी 2021 को रमपुरा गांव में गौतम कुर्मी के खेत में बनी टपरिया में उसके खेत की रखवाली करने वाले संतोष उम्र 30 साल निवासी खिरकाटोला का शव पाया गया था। जिसकी सूचना पर थाना तेंदूखेड़ा में अज्ञात आरोपी के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में पुलिस 7 माह से जांच कर रही थी पर उसे कोई सफलता नहीं मिली। 26 जुलाई को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि खिरकाटोला निवासी आरोपी संदीप शराब के नशे में मोहल्ले के क्रिकेट ग्राउण्ड के पास खड़ा है और बड़बड़ा रहा है कि मृतक संतोष की साली से उसके अवैध संबंध होने की जानकारी संतोष को लग गई थी। इसी सूत्र के आधार पर पुलिस ने आरोपी संदीप को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
पुलिस के अनुसार आरोपी संदीप ने अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि संतोष की साली के साथ एक दिन अवैध संबंथ बनाते हुए संतोष ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया था। संतोष ने उसके साथ मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी थी जिसके बाद से उसने संतोष को ठिकाने लगाने की ठान ली थी।
पुलिस ने बताया कि इस घटना के बाद एक दिन जब संतोष रात में खेत की रखवाली के लिए गया था तो उसकी साली ने आरोपी संदीप को मोबाइल फोन से इस बात की जानकारी दी कि आज संतोष रात में खेत पर ही सोएगा। आरोपी संदीप ने उसी रात उसकी हत्या करने की ठान ली। आरोपी धारदार गड़ासा लेकर देर रात खेत पर पहुंचा और गड़ासे से संतोष का काम तमाम कर दिया। हत्या करने के बाद आरोपी संदीप अपने खेत पहुंचा और ट्यूबवेल के पास लगे सागौन के पेड़ के नीचे खून से सना गड़ासा गाड़ दिया। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त गड़ासा जब्त कर लिया है। आरोपी संदीप और हत्या का कारण बनी मृतक की साली को धारा 302,120 बी,201 भादवि में गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष ज्यूडीशियल रिमाण्ड हेतु प्रस्तुत किया गया। -
कानपुर। दुनिया में जासूसी को लेकर हर रोज नए किस्से और कारनामे सुनने को मिलते रहते हैं। जहां एक ओर पूरी दुनिया में सॉफ्टवेयर और तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर जासूसी की जा रही है, तो वहीं, कानपुर में एक युवक को जासूसी करने के बदले अपनी जान गंवानी पड़ी है।
डीसीपी वेस्ट संजीव त्यागी ने बताया कि मृतक अपने परिचित के कहने पर पास में ही रहने वाली एक मां-बेटी के प्रेम संबंधों की जासूसी करता था। दोनों के बारे में गुप्त सूचनाएं उनके घरवालों को देता था। जब मां-बेटी को इसका पता चला तो उन्होंने युवक की कथित रूप से हत्या कर दी। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए जानकारी दी।
दरअसल, कोहना थाना क्षेत्र रहने वाले नवीन की अपहरण करने के बाद हत्या कर दी गई। पुलिस ने फुर्ती दिखाते हुए मामले का 24 घंटे के भीतर ही खुलासा कर दिया। पुलिस ने बताया कि नवीन की जान अवैध संबंधों की जासूसी करने के कारण गई है।
डीसीपी वेस्ट संजीव त्यागी ने बताया कि मोहल्ले में रहने वाले भरत की आरोपी मां और बहन का रंजीत पाले नाम के एक युवक के साथ अवैध संबंध था। भरत ने इस बात की सच्चाई का पता लगाने के लिए नवीन को जासूसी करने के लिए कहा। नवीन पूरी जासूसी करते हुए पूरी जानकारी भरत को देता था। नवीन से मिली जानकारी के आधार पर भरत अपनी आरोपी मां और बहन के साथ मारपीट करने लगा। मारपीट से तंग आकर एक दिन आरोपी मां और बेटी ने अपने प्रेमी आरोपी रंजीत के साथ मिलकर नवीन की हत्या का मास्टर प्लान तैयार किया।
डीसीपी वेस्ट संजीव त्यागी ने बताया कि प्लान के मुताबिक आरोपी रंजीत ने पहले नवीन से दोस्ती की और उसके बाद नवीन को अपने भरोसे में लेकर उसने एक सूनसान जगह पर उसे बुलाया। मौका देखकर आरोपी रंजीत ने बिजली के तार से नवीन का गला दबाकर हत्या कर दी।
हत्या की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मामले को दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी। पुलिस ने जांच के दौरान आरोपी रंजीत को गिरफ्तार किया। पुलिस की सख्ती आरोपी रंजीत बर्दाश्त नहीं कर पाया और सच्चाई सामने आ गई। जिसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया।
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बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में मंगलवार देर रात बड़ा हादसा हो गया। यहां लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर सड़क किनारे खड़ी स्लीपर कोच बस को तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसे में बस में सवार और उसके नीचे सो रहे एक महिला समेत 19 यात्रियों की मौत हो गई। 23 से ज्यादा घायल हैं। 10 की हालत नाजुक है, जिन्हें ट्रामा सेंटर लखनऊ रेफर किया गया है। हादसे के बाद बाराबंकी प्रशासन ने कंट्रोल रूम नंबर जारी किया है। पीडि़त परिवार और रिश्तेदार- 9454417464 पर संपर्क कर सकते हैं।
पुलिस ने बताया कि बस हरियाणा से बिहार जा रही थी। हादसा बाराबंकी के रामसनेही घाट थाना क्षेत्र में हुआ। बस में करीब 130 यात्री सवार थे। बताया जा रहा है कि हिसार में खराब हुई एक दूसरी बस के यात्री भी इसी में सवार हो गए थे। ओवरलोड होने की वजह से बस का एक्सल टूट गया। इसे ठीक करने के लिए ड्राइवर ने बस को हाईवे पर कल्याणी नदी के पुल पर खड़ा कर दिया था। यात्रियों को नींद आ रही थी इसलिए वे बस के नीचे और उसके आसपास लेट गए। रात लखनऊ की ओर से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने बस को टक्कर मार दी। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस को सूचना दी और रेस्क्यू शुरू कर दिया। गंभीर घायलों को जिला अस्पताल और लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर किया गया।
पुलिस ने बताया कि हादसे के बाद ट्रक का ड्राइवर मौके से फरार हो गया। हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। इससे करीब 5 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। हादसे के शिकार लोगों ने बताया कि बस में सवार सभी यात्री बिहार के सीतामढ़ी, सुपौल सहित अलग-अलग जिलों के रहने वाले थे। ये सभी मजदूर थे, जो धान की रोपाई के लिए अपने-अपने गांव वापस जा रहे थे।
प्रधानमंत्री ने सीएम योगी से की बात, आर्थिक मदद का ऐलान
बाराबंकी हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जाहिर किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से फोन पर जानकारी ली। प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए की मदद का ऐलान किया है। घायलों को 50-50 हजार रुपए दिए जाएंगे। वहीं, ष्टरू योगी ने सभी घायलों के मुफ्त इलाज करने के निर्देश दिए हैं। - नई दिल्ली। भारत के केंद्रीय औषधि प्राधिकरण की एक विशेषज्ञ समिति ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) को दो से 17 साल के बच्चों पर 'कोवोवैक्स' टीके के दूसरे और तीसरे चरण के परीक्षण के लिए कुछ शर्तों के साथ अनुमति देने की मंगलवार को सिफारिश की।परीक्षण में 10 जगहों पर 920 बच्चे शामिल होंगे जिनमें 12-17 और 2-11 आयु वर्ग के प्रत्येक वर्ग में 460 बच्चों को शामिल किया जाएगा। ''केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की कोविड -19 पर विषय विशेषज्ञ समिति (एसईसी) ने मंगलवार को एसआईआई द्वारा दिए गए संशोधित अध्ययन प्रोटोकॉल आवेदन पर विचार किया और दो से 17 साल के बच्चों पर कोवोवैक्स के दूसरे और तीसरे चरण के परीक्षण के लिए फर्म को अनुमति देने की सिफारिश की।'' पुणे की दवा कंपनी ने टीके की सुरक्षा और प्रतिरक्षण क्षमता का निर्धारण करने के लिए 18 वर्ष और उससे अधिक आयु के भारतीय वयस्कों में चल रहे कोवोवैक्स चरण 2 और 3 नियंत्रित अध्ययन में बाल चिकित्सा दल को शामिल करने के लिए एक संशोधित प्रोटोकॉल प्रस्तुत किया था।----
- नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी समेत पार्टी के कुछ नेताओं के केंद्र के तीन कृषि कानूनों के विरोध में ट्रैक्टर से संसद पहुंचने के संबंध में एक मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। हालांकि पुलिस ने मामले के संबंध विस्तृत जानकारी देने से इनकार कर दिया और कहा कि मामले में जांच जारी है। घटना सोमवार को हुई थी।कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने सोमवार को दावा किया कि तीन कृषि कानूनों के खिलाफ उनके विरोध के बाद उन्हें और पार्टी के कुछ अन्य नेताओं को दिल्ली पुलिस ने सात घंटे से अधिक समय तक हिरासत में रखा था। पिछले साल सितंबर में बने इन कानूनों के विरोध में सुबह ट्रैक्टर चलाकर संसद के बाहर पहुंचे कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया गया था। सुरजेवाला के साथ अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के सचिव प्रणव झा और भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष बी वी श्रीनिवास भी शामिल थे। पुलिस ने बताया था कि मंदिर मार्ग पुलिस थाने में 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है। बाद में सभी को छोड़ दिया गया। कृषि कानूनों का विरोध और उन्हें वापस लेने की मांग करते हुए गांधी, कुछ अन्य कांग्रेसी नेताओं और सांसदों के साथ ट्रैक्टर चलाकर संसद पहुंचे थे।






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