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नयी दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच 14 अक्टूबर को अहमदाबाद में होने वाले विश्व कप मैच के टिकटों की पहली खेप एक घंटे के अंदर ही बिक गई। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के टिकटिंग साझेदार ‘बुक माय शो' ने इन टिकटों को बिक्री के लिए रखा था। भारत और पाकिस्तान के बीच इस मैच के टिकटों की दूसरी खेप तीन सितंबर को बिक्री के लिए रखी जाएगी और पूरी संभावना है कुछ घंटे के अंदर ही ये टिकट बिक जाएंगे। यह पुष्टि नहीं हो पाई कि भारत के मैचों और अभ्यास मैचों के ऑनलाइन बिक्री के लिए कितने टिकट रखे गए थे लेकिन यह पता चला है कि बिक्री भारतीय समयानुसार शाम छह बजे शुरू हुई और एक घंटे के अंदर सभी टिकट बिक गए। बीसीसीआई के सूत्रों के अनुसार,‘‘ आज केवल उन प्रशंसकों के लिए टिकट बिक्री पर रखे गए थे जिनके पास मास्टरकार्ड है। एक व्यक्ति केवल दो टिकट खरीद सकता था और बिक्री शुरू होने के एक घंटे के अंदर सभी टिकट बिक गए। टिकटों की बिक्री का अगला दौर तीन सितंबर को होने की संभावना है।''
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अलूर. चोट से उबरने और रिहैबिलिटेशन के लिए यहां राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) में मौजूद विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत एशिया कप से पहले भारतीय टीम के ट्रेनिंग शिविर में पहुंचे। पिछले साल दिसंबर में कार दुर्घटना में चोटिल हुए पंत चोटों से उबर रहे हैं लेकिन अभी उनकी वापसी की कोई समय-सीमा तय नहीं की गई है। सोशल मीडिया पर भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में 25 साल के पंत को मैदान में प्रवेश करते हुए कुलदीप यादव और शारदुल ठाकुर से मिलते समय मुस्कुराते हुए और फिर मुख्य कोच राहुल द्रविड़ के साथ बातचीत करते हुए देखा जा सकता है। हाल ही में इस विस्फोटक बल्लेबाज को स्वतंत्रता दिवस के दौरान यहां एक मनोरंजक कार्यक्रम में बल्लेबाजी करते देखा गया था। दुर्घटना में सबसे अधिक चोट पंत के घुटनों पर लगी।
बीसीसीआई ने टीम के ट्रेनिंग शिविर का एक अन्य वीडियो भी साझा किया। भारतीय टीम मंगलवार को श्रीलंका के लिए रवाना होगी। भारत एशिया कप के अपने पहले मैच में दो सितंबर को पाल्लेकल में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से भिड़ेगा। इस मुकाबले में विकेटकीपर बल्लेबाज लोकेश राहुल नहीं खेलेंगे। राहुल एनसीए में ही रहेंगे और उनके सुपर चार चरण के लिए टीम से जुड़ने की संभावना है। उनके टूर्नामेंट में हिस्सा लेने पर फैसला चार सितंबर को किए जाने की संभावना है जिस दिन भारत नेपाल के खिलाफ एशिया कप का अपना दूसरा मैच खेलेगा। - मुंबई । सूर्यकुमार यादव भारत की वनडे टीम के बल्लेबाजी क्रम में चौथे नंबर पर भले ही अपना दावा मजबूत नहीं कर पाए लेकिन यह विस्फोटक बल्लेबाज खेल के ‘सबसे चुनौतीपूर्ण' प्रारूप में सफलता हासिल करने का तरीका ढूंढकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रतिबद्ध है। सूर्यकुमार टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में विश्व के नंबर एक बल्लेबाज हैं लेकिन वह वनडे क्रिकेट में इस प्रदर्शन को दोहराने में नाकाम रहे हैं। वह फरवरी 2022 से अगस्त 2023 के बीच वनडे क्रिकेट में 20 मैचों में एक भी अर्धशतक नहीं लगा पाए। वेस्टइंडीज के पिछले दौरे में सूर्यकुमार को छठे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए भेजा गया। अब जबकि चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने वाले श्रेयस अय्यर की वापसी हो गई है तब सूर्यकुमार को अपनी नई भूमिका में ही उतरना पड़ेगा। वह एशिया कप के लिए भारतीय टीम में शामिल हैं।सूर्यकुमार ने कहा,‘‘ मैं चाहता हूं कि मुझे जो भी भूमिका सौंपी जाए मैं उस पर खरा उतरूं। निश्चित तौर पर यह एक ऐसा प्रारूप है जिसमें मैं अच्छा प्रदर्शन करने के लिए बेताब हूं।'' उन्होंने कहा,‘‘ प्रत्येक यह कह रहा है कि टी20 में मेरा प्रदर्शन अच्छा चल रहा है और जबकि दोनों प्रारूपों में सफेद गेंद का उपयोग किया जाता है तो फिर मैं 50 ओवरों के प्रारूप में सफलता हासिल क्यों नहीं कर पा रहा हूं। लेकिन में अच्छी तरह से अभ्यास कर रहा हूं क्योंकि मेरे अनुसार यह प्रारूप सबसे चुनौतीपूर्ण है।'' सूर्यकुमार ने कहा,‘‘ इस प्रारूप में संतुलन स्थापित करना बेहद महत्वपूर्ण होता है और इस कारण मैं काफी अभ्यास कर रहा हूं और इसको लेकर राहुल (द्रविड़) सर, रोहित (शर्मा) भाई और विराट (कोहली) भाई से बात करता हूं। उम्मीद है कि टूर्नामेंट आगे बढ़ने के साथ मैं इस प्रारूप में सफल होने का तरीका ढूंढ लूंगा।''
- बेंगलुरू। विराट कोहली ने अपने शानदार करियर के दौरान कई बाधाओं को पार किया लेकिन भारत के पूर्व कप्तान ने सोमवार को कहा कि आगामी आईसीसी विश्व कप 2023 उनके सामने नई चुनौती लेकर आएगा जिसका अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेढ़ दशक के बाद वह अब भी लुत्फ उठाते हैं। विश्व कप का आयोजन भारत में अक्टूबर-नवंबर में किया जाएगा और कोहली ने कहा कि वह स्वदेश में विश्व कप में खेलने की चुनौती के लिए कमर कस रहे हैं। कोहली ने यहां एक प्रचार कार्यक्रम के दौरान कहा, ‘‘आपके सामने कोई भी चुनौती हो, आपको उसे लेकर उत्सुक रहना चाहिए। जब कठिनाई सामने आती है तो आप उत्साहित हो जाते हैं। आप इससे कतराते नहीं हैं। 15 वर्षों के बाद भी मुझे मुकाबले पसंद हैं और विश्व कप 2023 उनमें से एक (चुनौती) है। यह मुझे उत्साहित करता है, मुझे कुछ नया चाहिए जो मुझे अगले स्तर पर ले जाए।'' कोहली ने इससे इनकार नहीं किया कि उन पर और टीम पर अपेक्षाओं का दबाव होगा लेकिन उन्होंने सभी को याद दिलाया कि खिलाड़ियों से अधिक कोई भी विश्व कप जीतना नहीं चाहता।उन्होंने कहा, ‘‘दबाव हमेशा रहता है। प्रशंसक हमेशा कहते हैं कि हम चाहते हैं कि (टीम) विश्व कप जीते। मैं कहूंगा कि वे मुझसे अधिक नहीं चाहते। ईमानदारी से कहूं तो मुझे पता है कि उम्मीदें और लोगों की भावनाएं हैं। लेकिन कृपया जान लें कि खिलाड़ियों से ज्यादा कोई भी जीतना नहीं चाहता।'' कोहली को पता है कि विश्व कप जीतने के लिए क्या करना होता है। उनकी अगुआई में भारत ने 2008 में आईसीसी अंडर-19 विश्व कप जीता और वह 2011 में महेंद्र सिंह धोनी की अगुआई में स्वदेश में 50 ओवर का विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का भी हिस्सा थे। उन्होंने कहा, ‘‘मेरे करियर का मुख्य आकर्षण स्पष्ट रूप से 2011 में विश्व कप जीतना है। मैं उस समय 23 वर्ष का था और शायद मुझे इसका महत्व समझ में नहीं आया। लेकिन अब 34 साल की उम्र में कई और विश्व कप खेलने के बाद, जिन्हें हम जीत नहीं पाए हैं, इसलिए मैं सभी सीनियर खिलाड़ियों (2011 में) की भावनाओं को समझता हूं।'' कोहली ने कहा, ‘‘सचिन तेंदुलकर के लिए और भी अधिक क्योंकि यह उनका आखिरी विश्व कप था। वह तब तक कई विश्व कप खेल चुके थे और अपने गृहनगर मुंबई में इसे जीतना उनके लिए बहुत खास था। मेरा मतलब है, यह सपना सच होने की तरह था।''
- पटियाला ।खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने सोमवार को यहां उम्मीद जताई कि चीन के हांगझोउ में 23 सितंबर से शुरू होने वाले एशियाई खेलों में भारतीय खिलाड़ी अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे। एशियाई खेलों में भारत के 634 खिलाड़ी भाग लेंगे जो कि इन खेलों के इतिहास में उसका अब तक का सबसे बड़ा दल होगा। ठाकुर ने यहां राष्ट्रीय खेल संस्थान में कहा,‘‘ पिछले कुछ वर्षों से भारतीय खिलाड़ी सभी खेलों में बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं और विश्व स्तर पर भारत का गौरव बढ़ा रहे हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि आगामी एशियाई खेलों में भी भारत उत्कृष्ट प्रदर्शन करेगा।'' खेल मंत्री ने एशियाई खेलों में भाग लेने वाले खिलाड़ियों और कोच से मुलाकात करके उनसे उनकी तैयारियों की जानकारी ली। इस दौरान ठाकुर ने राष्ट्रीय खेल संस्थान में कई खेल विकास परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया।
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नयी दिल्ली. अपना वजन कम करने के लिये खेलना शुरू करने वाले नीरज चोपड़ा का हरियाणा के एक गांव से भारत के महानतम खिलाड़ियों में नाम दर्ज कराने तक का सफर इतना गौरवमयी रहा है कि हर कदम पर एक नयी विजयगाथा वह लिखते चले जा रहे हैं । दो साल पहले तोक्यो में उन्होंने ओलंपिक ट्रैक और फील्ड स्पर्धा में भारत की झोली में पहला पीला तमगा डाला । उस समय उनकी उम्र सिर्फ 23 साल थी और महान निशानेबाज अभिनव बिंद्रा के बाद ओलंपिक की व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण जीतने वाले वह दूसरे भारतीय बने। खेलों के महासमर में एथलेटिक्स में लंबे समय से पदक का सपना संजोये बैठे भारत को रातोंरात मानों एक चमकता हुआ सितारा मिल गया। पूरा देश उसकी कामयाबी की चकाचौंध में डूब गया और यह सिलसिला बदस्तूर जारी है । बिंद्रा ने बीजिंग ओलंपिक 2008 में दस मीटर एयर राइफल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। इससे पहले भारतीय हॉकी टीम ने भारत की झोली में आठ स्वर्ण डाले थे। अब रविवार को बुडापेस्ट में विश्व चैम्पियनशिप में स्वर्ण जीतकर चोपड़ा ने भारतीयों को गौरवान्वित होने का एक और मौका दिया है। चंद्रयान 3 की कामयाबी , फिडे शतरंज विश्व कप में उपविजेता रहे आर प्रज्ञानानंदा की सफलता के बाद चोपड़ा के विश्व चैम्पियन बनने के साथ भारत के लिये बीता सप्ताह ऐतिहासिक रहा । एक ही समय में ओलंपिक और विश्व खिताब जीतने वाले चोपड़ा अब बिंद्रा के बाद दूसरे भारतीय खिलाड़ी बन गए । बिंद्रा ने 23 वर्ष की उम्र में विश्व चैम्पियनशिप और 25 की उम्र में ओलंपिक स्वर्ण जीता था । फिटनेस का स्तर बनाये रखने पर चोपड़ा अभी कई नये आयाम छू सकते हैं । वह कम से कम दो ओलंपिक और दो विश्व चैम्पियनशिप और खेल सकते हैं । विश्व जूनियर चैम्पियनशिप 2016 जीतकर पहली बार विश्व स्तर पर चमके चोपड़ा ने तोक्यो में स्वर्ण जीतकर भारतीय खेलों के इतिहास में नाम दर्ज करा लिया था । पूरे देश ने जिस तरह उन पर स्नेह बरसाया, वह अभूतपूर्व था । ऐसा तो अब तक क्रिकेटरों के लिये ही देखने को मिला था । तोक्यो के बाद उन्हें अनगिनत सम्मान समारोहों में भाग लेना पड़ा जिससे उनका वजन बढ गया और वह इतने आयोजनों के कारण अभ्यास नहीं कर सके । लेकिन फिर उन्होंने इसे नहीं दोहराने का प्रण लिया । तोक्यो ओलंपिक के बाद चोपड़ा आनलाइन सबसे ज्यादा सर्च किये जाने वाली भारतीय हस्ती बने । विराट कोहली और रोहित शर्मा से भी ऊपर । प्रायोजकों की मानों उनके दरवाजे पर कतार लग गई । ट्विटर और इंस्टाग्राम पर उनके फालोअर बढते चले गए । पिछले साल दिसंबर में वह फर्राटा धावक उसेन बोल्ट को पछाड़कर दुनिया के ऐसे एथलीट बन गए जिनके बारे में सबसे ज्यादा लिखा गया है । उनके नाम से 812 लेख छपे हैं । तोक्यो ओलंपिक के बाद से प्रदर्शन में निरंतरता उनकी सफलता की कुंजी रही है । पिछले दो साल में हर टूर्नामेंट में उन्होंने 86 मीटर से ऊपर का थ्रो फेंका है । पिछले साल जून में स्टॉकहोम डायमंड लीग में उन्होंने 89 . 94 मीटर का थ्रो फेंककर दूसरा स्थान हासिल किया था । चोपड़ा भले ही बिंद्रा की तरह वाकपटु नहीं हो लेकिन अपनी विनम्रता से हर किसी का मन मोह लेते हैं । भारत में और विदेश में भी सेल्फी या आटोग्राफ मांगने वालों को निराश नहीं करते । वह दिल से बोलते हैं और अपने हिन्दी भाषी होने में उन्हें कोई हिचक नहीं होती । बचपन में बेहद शरारती चोपड़ा संयुक्त परिवार में पले और लाड़ प्यार में वजन बढ गया । परिवार के जोर देने पर वजन कम करने के लिये उन्होंने खेलना शुरू किया । उनके चाचा उन्हें पानीपत के शिवाजी स्टेडियम ले जाते । उन्हें दौड़ने में मजा नहीं आता लेकिन भाला फेंक से उन्हें प्यार हो गया । उन्होंने इसमें हाथ आजमाने की सोची और बाकी इतिहास है जिसे शायद स्कूल की किताबों में बच्चे भविष्य में पढेंगे ।
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नयी दिल्ली. हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के विश्व कप विजेता बेटे अशोक ध्यानचंद का मानना है कि विश्व चैम्पियनशिप और ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले भालाफेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा भी उनके पिता की तरह भारतीय खेलों के ‘युगपुरूष' बनने की राह पर हैं । भारतीय खेलों के इतिहास में महानतम खिलाड़ियों में मेजर ध्यानचंद का जिक्र सबसे पहले आता है जिन्होंने एम्सटर्डम (1928), लॉस एंजीलिस (1932) और बर्लिन (1936) ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीते और माना जाता है कि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय हॉकी में एक हजार से अधिक गोल दागे । उनके जन्मदिन 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है । तोक्यो ओलंपिक 2021 स्वर्ण पदक विजेता चोपड़ा विश्व एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए ।उन्होंने बुडापेस्ट में हुई चैम्पियनशिप में 88 . 17 मीटर दूर भाला फेंककर यह उपलब्धि हासिल की । इससे पहले वह तोक्यो ओलंपिक स्वर्ण, एशियाई खेल और राष्ट्रमंडल खेल (2018) स्वर्ण, चार डायमंड लीग व्यक्तिगत मीटिंग खिताब और पिछले साल डायमंड लीग चैम्पियंस ट्रॉफी जीत चुके हैं । वह 2016 में जूनियर विश्व चैम्पियन और 2017 में एशियाई चैम्पियन भी रहे । विश्व कप 1975 विजेता टीम के सदस्य रहे अशोक ने कहा ,‘‘ कल पूरा देश जिस तरह टकटकी लगाये एथलेटिक्स देखता रहा । मैं भी आधी रात तक जागा था । इसका श्रेय नीरज को जाता है जिसने भारतीय एथलेटिक्स का कायाकल्प कर दिया। उसने एक पूरी पीढी को प्रेरित किया है और भालाफेंक फाइनल में शीर्ष छह में तीन भारतीय होना गर्व की बात है । उन्होंने कहा ,‘‘ ध्यानचंद जी तो मील के पत्थर थे और आज के दौर में व्यक्तिगत खेलों में नीरज नयी बुलंदियों को छू रहा है ।हम चाहते हैं और और भी खिलाड़ी आगे आयें और लगातार भारत का नाम रोशन करे । मुझे लगता है कि उनकी तरह भारतीय खेलों के युगपुरूष बनने की राह पर कोई है तो वह नीरज चोपड़ा है ।'' अशोक ने कहा कि भालाफेंक में भारत के बढते दबदबे ने उन्हें भारतीय हॉकी के सुनहरे दिनों की याद दिला दी जब भारत ने आठ बार ओलंपिक स्वर्ण पदक जीते थे। उन्होंने कहा, दद्दा ध्यानचंद के अलावा हमारे यहां लेज्ली क्लाउडियस (तीन ओलंपिक स्वर्ण , एक रजत),उधम सिंह (तीन ओलंपिक स्वर्ण, एक रजत) , बलबीर सिंह सीनियर (तीन ओलंपिक स्वर्ण) जैसे महान हॉकी खिलाड़ी हुए जिनकी अलग ही विरासत थी । मुझे उन दिनों की याद कल ताजा हो गई। हॉकी की तरह भालाफेंक में भी भारत की तूती बोल रही है ।'' भारतीय हॉकी टीम ने आखिरी बार ओलंपिक स्वर्ण मॉस्को में 1980 में जीता था। तोक्यो ओलंपिक 2021 में भारतीय पुरूष हॉकी टीम ने 41 साल का इंतजार खत्म करके कांस्य पदक हासिल किया ।
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श्रीनगर. भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान मिताली राज ने रविवार को कहा कि पुरुष टीम के पास इस साल के अंत में घरेलू परिस्थितियों में आईसीसी विश्व कप जीतने का एक बड़ा मौका होगा। इस वैश्विक प्रतियोगिता का आगाज पांच अक्टूबर से होगा। भारतीय टीम 1983 और 2011 के बाद तीसरी बार विश्व चैंपियन बनने के मकसद से टूर्नामेंट में उतरेगी। महिला प्रीमियर लीग फाइनल के लिए यहां पहुंची मिताली ने कहा, ‘‘ एक भारतीय क्रिकेट प्रशंसक के रूप में, मैं चाहूंगी कि भारत फाइनल खेले। यह एक बड़ा अवसर है. हम मेजबान देश हैं और परिस्थितियाँ हमारे पक्ष में हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘ टीम अगर अच्छा प्रदर्शन करती है तो हमें विश्व कप जीतने का एक और मौका मिलेगा।''
महिला एकदिवसीय में सबसे ज्यादा 7805 रन बनाने वाली इस पूर्व दिग्गज ने कहा कि घाटी में क्रिकेट के विकास की काफी संभावना है। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले दो-तीन वर्षों से बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट बोर्ड) महिलाओं के खेल और महिला खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए काफी प्रयास कर रहा है।'' भारत की इस पूर्व कप्तान ने कहा, ‘‘इस साल डब्ल्यूआईपीएल (महिला इंडियन प्रीमियर लीग) भी अच्छा रहा है और यह खेल के विकास के लिए अच्छा है। हमें उम्मीद है कि अगले दो से तीन वर्षों में राज्य से कई खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनायेंगे।
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नयी दिल्ली. एएफसी अंडर-23 चैंपियनशिप क्वालीफायर से पहले भुवनेश्वर में लगाए गए राष्ट्रीय शिविर में 28 में से केवल 12 फुटबॉलर ही पहुंचे हैं तथा इससे चिंतित मुख्य कोच क्लिफोर्ड मिरांडा ने क्लबों से खिलाड़ियों को छोड़ने की अपील की है। टूर्नामेंट छह सितंबर से चीन के डालियान में शुरू होगा। भारतीय टीम को चार सितंबर को रवाना होना है। भारत को ग्रुप जी में यूएई, मालदीव और चीन के साथ रखा गया है। उसका पहला मैच छह सितंबर को मालदीव से होगा। उसके बाद भारतीय टीम नौ सितंबर को मेजबान चीन और 12 सितंबर को यूएई से भिड़ेगी। मिरांडा ने कहा,‘‘मेरे पास अभ्यास शिविर के लिए केवल 12 खिलाड़ी पहुंचे हैं। बाकी खिलाड़ियों को उनके क्लबों ने नहीं छोड़ा है। मैं असमंजस की स्थिति में हूं।'' उन्होंने कहा,‘‘केवल पांच (छह) क्लब ने अपने खिलाड़ियों को शिविर में भाग लेने की अनुमति दी है। अन्य क्लबों का कहना है कि वे ऐसा केवल फीफा विंडो (4-12 सितंबर) के दौरान करेंगे। तकनीकी तौर पर वे सही हो सकते हैं लेकिन मैं उनसे बड़ी तस्वीर पर गौर करने का आग्रह कर रहा हूं।'' मिरांडा ने कहा,‘‘ यह राष्ट्रीय टीम और राष्ट्रीय सम्मान से जुड़ा है। यह बेहद महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करने से जुड़ा है।'' मोहन बागान सुपर जाइंट के सभी चार खिलाड़ी, एफसी गोवा के तीन, बेंगलुरु एफसी के दो खिलाड़ी तथा गोकुलम केरल, नॉर्थईस्ट यूनाइटेड और हैदराबाद एफसी के एक-एक खिलाड़ी शिविर में शामिल हुए हैं। ईस्ट बंगाल, केरल ब्लास्टर्स, मुंबई सिटी एफसी, जमशेदपुर एफसी, ओडिशा एफसी और पंजाब एफसी ने अभी तक अपने खिलाड़ियों को शिविर में शामिल होने की अनुमति नहीं दी है।
- - सालालाह (ओमान)। कप्तान नवजोत कौर की हैट्रिक की बदौलत भारत ने यहां महिला एशियाई हॉकी 5 विश्व कप क्वालीफायर में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए मलेशिया को 9-5 से शिकस्त दी और टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाने के साथ अगले साल होने वाले विश्व कप के लिए भी क्वालीफाई करने में सफल रहा। नवजोत (सातवें, 10वें और 17वें मिनट) ने हैट्रिक लगायी जबकि मारियाना कुजुर (नौवें, 12वें मिनट) और ज्योति (21वें और 26वें मिनट) ने दो दो गोल दागे। वहीं मोनिक्का दिपी टोप्पो (22वें मिनट) और महिमा चौधरी (14वें मिनट) ने एक एक गोल किये।मलेशिया के लिए जैती मोहम्मद (चौथे और पांचवें मिनट), डियान नजेरी (10वें और 20वें मिनट) और अजीज जाफिराह (16वें मिनट) में गोल किये।हॉकी फाइव्स विश्व कप का शुरुआती चरण अगले साल 24 से 27 जनवरी तक मस्कट में खेला जायेगा।भारत ने मैच में तेज शुरुआत की लेकिन मलेशिया ने जैती मोहम्मद के जरिये बढ़त बना ली। एक मिनट बाद इसी खिलाड़ी ने मैदानी गोल से इसे दोगुना कर दिया।भारत ने दो मिनट बाद नवजोत के गोल से अंतर कम किया और फॉर्म में चल रही कुजुर ने फिर भारत को 2-2 से बराबरी दिलायी।दोनों टीमें लगातार हमले कर रही थीं, मलेशिया ने नाजेरी के जरिये बढ़त बनायी।भारत ने तुंरत जवाबी हमले किये और तेजी से दो गोल कर स्कोर 4-3 कर दिया। नवजोत और कुजुर ने भारत के लिए गोल किये।पहले हाफ में एक मिनट का समय बचा था और महिमा चौधरी ने बढ़त 5-3 करने में मदद की।दूसरे हाफ में दोनों टीमें आक्रामक थीं और खतरनाक दिख रही थीं। मलेशिया ने मौके का फायदा उठाकर जाफिराह की बदौलत गोल कर अंतर कम किया।पर इसके बाद भारत ने नवजोत, ज्योति और टोप्पों के गोल की मदद से 8-5 की बढ़त बना ली थी। चार मिनट बचे थे, ज्योति ने भारत के लिए नौवां गोल कर दियां।अब फाइनल में भारत का सामना थाईलैंड और इंडोनेशिया के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा।
- चंडीगढ़ ।हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप की पुरुष भाला फेंक प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने के लिए सोमवार को नीरज चोपड़ा की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने एक बार फिर से इतिहास रच कर हम सभी को गौरवान्वित किया है।चोपड़ा ने विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाला पहला भारतीय बनकर रविवार को एक बार फिर इतिहास रच दिया। उन्होंने बुडापेस्ट में पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में 88.17 मीटर के थ्रो के साथ यह उपलब्धि हासिल की।खट्टर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर कहा, ”भारत के चमकते सितारे नीरज चोपड़ा को मेरी हार्दिक बधाई, जिन्होंने विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाला पहला भारतीय एथलीट बनकर एक बार फिर इतिहास रच दिया है। नीरज ने 88.17 मीटर के शानदार भाला फेंक के साथ रिकॉर्ड तोड़ दिया! हम सभी को आप पर बेहद गर्व है।”नीरज के स्वर्ण पदक जीतने पर पानीपत में उनके गांव खंडरा में जश्न का माहौल है।नीरज के चाचा भीम चोपड़ा ने कहा कि परिवार इस बात को लेकर आश्वस्त था कि वह स्वर्ण पदक जीतेंगे।नीरज के करियर को आकार देने में अहम भूमिका निभाने वाले भीम चोपड़ा ने बताया, ”उन्होंने इस प्रतियोगिता में अपने देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने का सपना पूरा किया है।”नीरज के चाचा ने कहा, ”परिवार के सभी सदस्य जश्न मना रहे हैं। ग्रामीण पूरी रात जागते रहे और अब वे हमारे घर पर इकट्ठा हुए हैं और अन्य हिस्सों से भी लोग यहां पहुंच रहे हैं।” उन्होंने कहा कि नीरज के माता-पिता भी उसकी उपलब्धि पर बहुत खुश हैं और गर्व महसूस कर रहे हैं।खंडरा के कई ग्रामीणों ने कहा कि नीरज चोपड़ा की कड़ी मेहनत ने उन्हें यह परिणाम दिया है।पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी स्वर्ण पदक जीतने के लिए नीरज चोपड़ा की सराहना की।मान ने एक्स पर कहा, ”भारत के नीरज चोपड़ा ने बुडापेस्ट में चल रही विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में इतिहास रच दिया। नीरज ने 88.17 मीटर की दूरी तक भाला फेंककर भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता। देश को नीरज पर हमेशा गर्व है। चक दे इंडिया।”25 वर्षीय चोपड़ा ने पहला प्रयास फाउल रहने के बाद दूसरे में सर्वश्रेष्ठ थ्रो फेंका । इसके बाद उन्होंने 88.17 मीटर, 86.32 मीटर, 84.64 मीटर, 87.73 मीटर और 83.98 मीटर के थ्रो फेंके।पाकिस्तान के अरशद नदीम ने 87.82 मीटर के सत्र के अपने सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ रजत और चेक गणराज्य के याकूब वालेश ने कांस्य पदक जीता जिनका सर्वश्रेष्ठ थ्रो 86.67 मीटर का था ।चोपड़ा ने फाउल के साथ शुरू किया लेकिन दूसरे प्रयास में बढत बनाई जो अंत तक कायम रही । पाकिस्तान के नदीम भी तीसरे दौर के बाद दूसरे स्थान पर आ गए और आखिर में पहले दो स्थान इन्हीं दोनों को मिले । निशानेबाज अभिनव बिंद्रा के बाद एक ही समय पर ओलंपिक और विश्व चैम्पियनशिप जीतने वाले चोपड़ा दूसरे भारतीय बन गए । बिंद्रा ने 23 वर्ष की उम्र में विश्व चैम्पियनशिप और 25 वर्ष की उम्र में ओलंपिक स्वर्ण जीता था ।
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विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय बने
नई दिल्ली। नीरज चोपड़ा ने विश्व एथलेटिक्स चैम्पियनशिप की भालाफेंक स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा। उन्होंने वर्ल्ड एथलेटिक्स चैम्पियनशिप 2023 में गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया है। नीरज ने पहला थ्रो जरूर फाउल किया था, लेकिन दूसरे ही थ्रो में 88.17 मीटर दूर भाला फेंककर गोल्ड अपने नाम कर लिया. पूरे मैच में इससे आगे कोई भी एथलीट भाला नहीं फेंक सका।
यह चैम्पियनशिप हंगरी के बुडापेस्ट में हुई। मेन्स जैवलिन थ्रो इवेंट का फाइनल मुकाबला रविवार को खेला गया। इस चैम्पियनशिप में पाकिस्तान के अरशद नदीम दूसरे नंबर पर रहे, उनका बेस्ट थ्रो रहा, जो उन्होंने तीसरे थ्रो में हासिल किया था। - जॉर्ज (दक्षिण अफ्रीका)। भारत की पांच सदस्यीय टेंट पेगिंग टीम ने दक्षिण अफ्रीका में आयोजित विश्व कप में तीसरा स्थान हासिल कर इतिहास रच दिया। टेंट पेगिंग घुड़सवारी के मान्यता प्राप्त 10 खेलों में से एक है। इसमें घुड़सवार का उद्देश्य भाले या तलवार की मदद से मैदान पर रखे सामान (रिंग, नींबू या लकड़ी के चौकोर टुकड़े) को भेद कर लक्ष्य की ओर ले जाना होता है। टेंट पेगिंग का यह चौथा विश्व कप है और टूर्नामेंट में इतिहास में यह भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। भारतीय टेंट पेगिंग टीम इससे पहले के दो सत्र में छठे और सातवें स्थान पर रही थी। यहां जारी विज्ञप्ति के मुताबिक तीन दिनों तक चले इस प्रतियोगिता के लिए नौ देशों ने क्वालीफाई किया था। भारतीय टीम कोच कर्नल एसएस सोलंकी के मार्गदर्शन में प्रतियोगिता के पहले दिन चौथे स्थान पर थी। टीम दूसरे दिन इसमें सुधार कर तीसरे स्थान पर पहुंची और तीसरे दिन अपने इस स्थान का बचाव करने में सफल रही। भारतीय टीम के लिए दिनेश गंगाराम कार्लेकर ने चार, मोहित कुमार छह, अमित छेत्री 12, मोहम्मद अबरार ने 31 और गौतम कुमार आत्मा ने 38 अंक बनाये।
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नई दिल्ली। ओलंपिक पदक विजेता पहलवान बजरंग पूनिया ने शनिवार को पटियाला में हुए विश्व चैम्पियनशिप के लिए ट्रायल में हिस्सा नहीं लिया, वह आगामी एशियाई खेलों की तैयारी के लिये किर्गिस्तान के इसीकुल रवाना होने के लिये तैयार हैं। विश्व चैम्पियनशिप 16 सितंबर को बेलग्रेड में शुरु होगी और ट्रायल्स में हिस्सा नहीं लेकर उन्होंने साफ कर दिया कि वह हांगझोउ एशियाड पर ध्यान लगाना चाहते हैं। भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) द्वारा कुश्ती के लिए गठित तदर्थ समिति के एक सदस्य ज्ञान सिंह ने कहा, ‘‘बजरंग पटियाला में विश्व चैम्पियनशिप के ट्रायल्स में नहीं पहुंचे। उन्होंने भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) द्वारा जरूरी फिटनेस सर्टिफिकेट जमा कर दिया है और एशियाई खेलों की तैयारी के लिए उन्हें जल्द ही किर्गिस्तान रवाना होना चाहिए। '' बजरंग ने खेल मंत्रालय से अनुरोध किया था कि वह विश्व चैम्पियनशिप के ट्रायल्स को छोड़ना चाहते हैं क्योंकि वह 23 सितंबर से हांगझोउ में होने वाले एशियाई खेलों की तैयारी पर ध्यान लगाना चाहते हैं। मंत्रालय ने फिर बजरंग से फिटनेस सर्टिफिकेट मांगा था जो वह दे चुके हैं और मिशन ओलंपिक इकाई ने इसे स्वीकार कर लिया है। बजरंग किर्गिस्तान में पांच हफ्ते तक चलने वाले ट्रेनिंग कार्यक्रम में अपने कोच, अनुकूलन विशेषज्ञ, फिजियोथेरेपिस्ट और अभ्यास के जोड़ीदार के साथ रवाना होंगे।
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गुवाहाटी। पूर्व चैम्पियन एफसी गोवा ने शनिवार को यहां चेन्नईयिन एफसी को 4-1 से हराकर 132वें डूरंड कप फुटबॉल टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में प्रवेश किया। कार्ल मैकहग (30वें मिनट), कार्लोस मार्टिनेज (37वें मिनट), नोआ सादोई (90+1वें मिनट) और विक्टर रोड्रिग्स (90+3वें मिनट) में गोवा की टीम के लिए गोल दागे। चेन्नईयिन एफसी के लिए एकमात्र गोल बिकास युमनाम ने पांचवें मिनट में दागा।
- पुणे । एसपी सेतुरमन ने शनिवार को यहां 60वीं राष्ट्रीय शतरंज चैम्पियनशिप के अंतिम दौर में ड्रा खेलकर 9.5 अंक से खिताब जीत लिया। सेतुरमन (पेट्रोलियम खेल संवर्धन बोर्ड) ने 11वें और अंतिम गेम में पश्चिम बंगाल के मित्राभा गुहा के खिलाफ बाजी ड्रा करायी। उन्हें एक दौर में भी हार का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने आठ जीत और तीन ड्रा खेले। यह सेतुरमन का दूसरा राष्ट्रीय खिताब है, उन्होंने 2014 में भी ट्राफी जीती थी। शीर्ष वरीय ग्रैंडमास्टर अभिजीत गुप्ता ने सफेद मोहरों से खेलते हुए अरोन्याक घोष के खिलाफ मैराथन मुकाबला ड्रा कराया। वह सेतुरमन से एक अंक पीछे और नौवें स्थान पर रहे। जीएम विष्णु प्रसन्ना ने नौ अंक से दूसरा स्थान हासिल किया।सेतुरमन को छह लाख रूपये जबकि उप विजेता को चार लाख रूपये की नकद पुरस्कार राशि दी गयी।
- चेन्नई। इंडियन ऑयल कोरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) ने शनिवार को यहां 94वीं अखिल भारतीय मुरूगप्पा गोल्ड कप हॉकी टूर्नामेंट के पूल ए मैच में भारतीय नौसेना को 4-2 से हराया। आईओसीएल के लिए अर्शदीप सिंह, वी आर रघुनाथ, अफ्फान यूसुफ और रोशन मिंज ने गोल किये।सुशील धनवार और के सेल्वराज ने गोल किये।पूल ए के एक अन्य मैच में कर्नाटक ने केंद्रीय सचिवालय को 2-1 से हराया। पंजाब नेशनल बैंक ने भारतीय सेना को पूल बी में 2-1 से शिकस्त दी।
- कोपनहेगन। एच एस प्रणय का विश्व बैडमिंटन चैम्पियनशिप में स्वप्निल सफर शनिवार को यहां पुरुष एकल सेमीफाइनल में थाईलैंड के कुनलावुत वितिदसर्ण से तीन गेम में हारकर समाप्त हो गया जिससे उन्होंने कांस्य पदक से अपना अभियान खत्म किया। इस तरह भारत ने 2011 के बाद से विश्व चैम्पियनशिप में कम से कम एक पदक जीतने का रिकॉर्ड बरकरार रखा।प्रणय (31 वर्ष) दुनिया के तीसरे नंबर के खिलाड़ी के खिलाफ शुरुआती गेम की बढ़त को गंवा बैठे। दूसरे गेम में वह 5-1 से बढ़त बनाये थे लेकिन तीन बार के पूर्व विश्व जूनियर चैम्पियन विदितसर्ण ने बेहतर ‘डिफेंस और अटैक' के बूते 18-21 21-13 21-14 से जीत हासिल कर लगातार दूसरे फाइनल में प्रवेश किया। इस हार के बावजूद प्रणय के लिए यह शानदार उपलब्धि रही क्योंकि वह विश्व चैम्पियनशिप का पदक जीतने वाले पांचवें भारतीय पुरुष एकल खिलाड़ी बन गये। किदाम्बी श्रीकांत (रजत), लक्ष्य सेन (कांस्य), बी साई प्रणीत (कांस्य) और प्रकाश पादुकोण (कांस्य) पुरुष एकल में पदक जीत चुके हैं। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू ने एक स्वर्ण (2019) सहित पांच एकल पदक जीते हैं। साइना नेहवाल (रजत और कांस्य) ने दो पदक जीते हैं जबकि ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा की महिला युगल जोड़ी ने 2011 में कांस्य पदक जीता था। सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी ने 2022 में कांस्य पदक जीता था। ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता और गत चैम्पियन विक्टर एक्सेलसेन को हराने के एक दिन बाद प्रणय अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में नाकाम रहे। मलेशिया मास्टर्स खिताब जीतने वाले प्रणय का डिफेंस कमजोर दिखा और वह 76 मिनट के मुकाबले के दौरान निरंतरता नहीं दिखा सके। इस सत्र में आस्ट्रेलियाई ओपन के उप विजेता प्रणय पिछले साल आल इंग्लैंड चैम्पियनशिप में वितिदसर्ण से दो कड़े गेम में हार गये थे और थाईलैंड के इस खिलाड़ी के डिफेंस की ताकत और वापसी करने की काबिलियत से वाकिफ थे। भारत के शीर्ष क्रम के पुरुष एकल खिलाड़ी ने अच्छी शुरुआत की लेकिन दूसरे गेम से उनके खेल में थकान का असर दिखने लगा जो शायद पिछले दो दिन में खेले गये तीन गेम के मैचों के कारण हो।
- बुडापेस्ट ।भारत की पुरुष टीम ने शनिवार को ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए विश्व चैम्पियनशिप की चार गुणा 400 मीटर रिले दौड़ स्पर्धा के फाइनल में प्रवेश कर लिया। भारतीय पुरुष टीम ने पहली बार इस स्पर्धा के फाइनल में जगह बनाई है।भारतीय पुरुष टीम ने दो मिनट 59.05 सेकेंड का समय लेते हुए चार गुणा 400 मीटर रिले दौड़ पूरी करके एशियाई रिकॉर्ड तोड़ा और साथ ही फाइनल में भी प्रवेश कर लिया। मुहम्मद अनस याहिया, अमोज जैकब, मुहम्मद अजमल वरियाथोडी और राजेश रमेश की भारतीय चौकड़ी ने अमेरिकी टीम के बाद दूसरा स्थान हासिल कर फाइनल में जगह बनाई।
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बेंगलुरु. नीदरलैंड की टीम पांच अक्टूबर से शुरू हो रहे एकदिवसीय विश्व कप के लिए सितंबर के मध्य में भारत में शिविर लगाने के साथ स्थानीय टीमों के साथ कुछ अभ्यास मैच खेल कर अपनी तैयारियों को पुख्ता करेगी। विश्व कप के क्वालीफाइंग चरण में वेस्टइंडीज जैसी कुछ बड़ी टीमों को पछाडने वाले नीदरलैंड के कोच रेयान कुक को उम्मीद है कि भारत में पहले पहुंच कर अभ्यास शिविर लगाने से टीम को फायदे की स्थिति में रहेगी। बेंगलुरु में शिविर लगाने के बाद यह टीम विश्व कप से पहले तिरुवनंतपुरम में अभ्यास मैचों में भारत और ऑस्ट्रेलिया का सामना करेगी। कुक ने शनिवार को मीडिया से कहा, ‘‘ हम अपनी तरफ से पुरजोर तैयारी कर रहे है। भारत में खिलाड़ी शिविर में समय बितायेंगे और फिर कुछ अभ्यास मैच होंगे। हमें उम्मीद है कि यह टूर्नामेंट के दौरान टीम के लिए मददगार होगा। विश्व कप शुरू होने के बाद हर खिलाड़ी का मकसद उसमें अच्छा प्रदर्शन करना होगा।'' नीदरलैंड की टीम ने जुलाई में क्वालीफाइंग मुकाबलों के बाद एक भी अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला है जिससे बड़े टूर्नामेंट से पहले उनकी तैयारी प्रभावित हो रही है। नीदरलैंड 1996 और 2011 में भारत में हुए विश्व कप का हिस्सा था लेकिन टीम इन दोनों सत्रों में एक भी मैच जीतने में सफल नहीं रही। टीम के कप्तान स्कॉट एडवर्ड हालांकि इतिहास को ज्यादा तवज्जो नहीं देना चाहते है।
उन्होंने कहा, मुझे नहीं लगता कि अतीत को याद करने की जरूरत है। आपके पास अब बिलकुल नयी टीम है। हम इसे टीम के नजरिये से देख रहे है। हमें लगता है कि इस टीम ने पिछले दो साल में काफी अच्छा प्रदर्शन किया है।'' विश्व कप लीग चरण में नीदरलैंड का मुकाबला भारत, श्रीलंका और पाकिस्तान जैसे टीमों से होगा जिसमें विश्व स्तरीय स्पिन गेंदबाज है। ‘ऑरेंज आर्मी' ने पिछले एक साल में श्रीलंका और पाकिस्तान दोनों के खिलाफ खेला है और उसे इन दोनों टीमों के बारे में पता है। कुक ने कहा कि पिछला अनुभव उनके काम आएगा, लेकिन बड़े टूर्नामेंट में टीम को खासकर स्पिनरों के खिलाफ और अधिक दमखम दिखाना होगा । उन्होंने कहा, ‘‘ जाहिर है, उनकी टीम में शानदार स्पिन गेंदबाज है और स्पिन के खिलाफ हमारा प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है। ऐसे में हमें अपने मौकों को भुनाने के लिए प्रदर्शन के स्तर को ऊंचा करना होगा। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हम मौके का फायदा उठाये। हमें प्रतिद्वंद्वी टीमों पर दबाव बनाना होगा। हम अभ्यास के दौरान इन सभी मुद्दों पर बात करते है।'' उन्होंने कहा, ‘‘ उम्मीद है कि हम उन्हें टक्कर देने और विश्व कप के कुछ मैचों को जीतने में सफल रहेंगे। - नई दिल्ली। जिस आर प्रज्ञानानंदा का उनके माता-पिता ने टेलीविजन से दूर रखने के लिए शतरंज से परिचय कराया, वही किशोर खिलाड़ी अब 64 खानों के इस खेल का नया बादशाह बनने की राह पर है। इस 18 वर्षीय खिलाड़ी को पिछले कुछ समय से पांच बार के विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद का संभावित उत्तराधिकारी माना जा रहा है और उन्होंने बाकू में चल रहे फिडे विश्व कप में शानदार प्रदर्शन करके इसे सही साबित भी कर दिया।प्रज्ञानानंदा को अब कैंडिडेट टूर्नामेंट में भाग लेने का मौका मिलेगा जिसका विजेता मौजूदा विश्व चैंपियन डिंग लीरेन के सामने चुनौती पेश करेगा। आनंद के बाद प्रज्ञानानंदा दूसरे भारतीय खिलाड़ी हैं जिन्होंने कैंडिडेट टूर्नामेंट में जगह बनाई है। प्रज्ञानानंदा ने साढ़े चार साल की उम्र से शतरंज खेलना शुरू किया था तथा अपने करियर में वह अभी तक कई उपलब्धियां हासिल कर चुके हैं। पिछले साल उन्होंने विश्व के नंबर एक खिलाड़ी और पूर्व क्लासिकल चैंपियन मैगनस कार्लसन को एक ऑनलाइन टूर्नामेंट में हराया था।प्रज्ञानानंदा ने अब तक दिखाया है कि वह दबाव झेलने और खेल के चोटी के खिलाड़ियों को हराने में सक्षम हैं। भारतीय शतरंज के गढ़ चेन्नई के रहने वाले प्रज्ञानानंदा ने छोटी उम्र से ही इस खेल में नाम कमाना शुरू कर दिया था। उन्होंने राष्ट्रीय अंडर सात का खिताब जीता और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। वह 10 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय मास्टर और उसके दो साल बाद ग्रैंड मास्टर बन गए थे।प्रज्ञानानंदा ने 2019 में 14 साल और तीन महीने की उम्र में अपनी ईएलओ रेटिंग 2600 पर पहुंचा दी थी। कोविड-19 के दौर में उन्होंने ऑनलाइन टूर्नामेंट में अपना जलवा दिखाया। उन्होंने 2021 में मेल्टवॉटर चैंपियंस टूर में सर्गेई कारजाकिन, तैमूूर राडजाबोव और जान क्रिजिस्टॉफ डूडा जैसे शीर्ष खिलाड़ियों को हराया जबकि कार्लसन को बराबरी पर रोका। प्रज्ञानानंदा ने वर्ष 2022 में एयरथिंग मास्टर्स रैपिड टूर्नामेंट में कार्लसन को हराया।इस तरह से वह आनंद और हरिकृष्णा के बाद कार्लसन को हराने वाले तीसरे भारतीय खिलाड़ी बने। इसके बाद वह विभिन्न टूर्नामेंट में अपनी छाप छोड़ते रहे। प्रज्ञानानंदा ने विशेषकर विश्वकप में दिखाया कि वह कभी हार नहीं मानते। दुनिया के दूसरे नंबर के खिलाड़ी हिकारू नाकामुरा के खिलाफ उन्होंने अपने जज्बे का शानदार नमूना पेश किया तथा अपने से अधिक रेटिंग वाले खिलाड़ी को हराया।सेमीफाइनल में उनका मुकाबला विश्व के तीसरे नंबर के खिलाड़ी फैबियानो कारूआना से था जिन्हें उन्होंने रक्षण का अच्छा नमूना पेश करके टाई ब्रेकर में पराजित किया।। विश्वकप के लिए भारतीय टीम के कोच ग्रैंड मास्टर एम श्याम सुंदर ने कहा, ‘‘उनकी सबसे बड़ी विशेषता खराब परिस्थिति में भी अच्छा प्रदर्शन करना है।’’प्रज्ञानानंदा को आनंद की तरह शुरू से ही अपने परिवार विशेषकर अपनी मां का साथ मिला। उनकी मां नागालक्ष्मी प्रत्येक टूर्नामेंट के दौरान उनके साथ रहती है जिसका इस युवा खिलाड़ी को भावनात्मक लाभ मिलता है।
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बाकू. भारत की ट्रैप निशानेबाज राजेश्वरी कुमारी ने आईएसएसएफ विश्व कप में बृहस्पतिवार को पांचवें स्थान पर रहकर देश को पेरिस ओलंपिक के लिये सातवां कोटा दिलाया । देश के शीर्ष खेल प्रशासकों में रहे पूर्व शॉटगन निशानेबाज रणधीर सिंह की बेटी राजेश्वरी ने दिग्गज प्रतिद्वंद्वियों के बीच फाइनल में जगह बनाई लेकिन पदक से चूक गई । वह महिलाओं की ट्रैप स्पर्धा में ओलंपिक कोटा हासिल करने वाली शगुन चौधरी के बाद दूसरी भारतीय बनी ।
फाइनल में वह 30 शॉट में 19 अंक ही हासिल कर सकी ।
फाइनल के बाद उन्होंने कहा ,‘‘ मुझे बहुत अच्छा लग रहा है । यह अविश्वसनीय है । आखिर कोटा मिल गया । काश मैं पदक भी जीत पाती लेकिन अच्छा लग रहा है । पेरिस ....।'' पांचों क्वालीफिकेशन दौर में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करके 125 में से 120 अंक लेकर छह निशानेबाजों के फाइनल में जगह बनाई थी । भारत की मनीषा कीर और प्रीति रजक क्रमश: 23वें और 58वें स्थान पर रहीं । भारत की महिला ट्रैप टीम 344 के स्कोर के साथ पांचवें स्थान पर रही जिसमें राजेश्वरी, प्रीति और मनीषा शामिल थे । इटली ने 354 के स्कोर के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि आस्ट्रेलिया को रजत और चीन को कांस्य पदक मिला ।
पुरूष ट्रैप स्पर्धा में पृथ्वीराज टोंटाइमैन 23वें , ओलंपियन कीनान चेनाई 51वें और जोरावर संधू 70वें स्थान पर रहे । तीनों टीम स्पर्धा में 11वें स्थान पर रहे । -
नयी दिल्ली. फिडे विश्व कप में असाधारण प्रदर्शन करने वाले आर प्रज्ञानानंदा को उम्मीद है कि इससे लोग भारतीय शतरंज पर गौर करने लगेंगे । प्रज्ञानानंदा को बाकू में हुए फिडे विश्व कप फाइनल में दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन ने टाइब्रेक में हराया। भारत के इस उदीयमान धुरंधर ने कहा ,‘‘ फाइनल में पहुंचकर बहुत अच्छा लगा । मैं आज जीत नहीं सका लेकिन शतरंज में यह चलता है ।'' यह पूछने पर कि क्या उन्हें अहसास है कि उन्होंने क्या हासिल किया है, उन्होंने कहा ,‘‘ अभी नहीं । लेकिन यह अहसास होगा ।'' उन्होंने कहा ,‘‘ यह खेल के लिये अच्छा है । मुझे खुशी है कि इतने लोग इसे देख रहे हैं । इतने बच्चे देखने आ रहे हैं । इससे और लोग शतरंज खेलने को प्रेरित होंगे । मेरा मानना है कि लोग भारतीय शतरंज पर गौर करना शुरू करेंगे । यह अच्छी बात है।'' पिछले दो महीने से लगातार खेल रहे प्रज्ञानानंदा ने कहा ,‘‘ मैं लगातार खेल रहा हूं इसलिये मुझे इस टूर्नामेंट की तैयारी का अधिक समय नहीं मिला । मुझे अपने विरोधियों के खेल को देखने के लिये एक सप्ताह ही मिला । मुझे लगा नहीं था कि फाइनल तक पहुंच सकूंगा लेकिन मैं बहुत खुश हूं ।'' उन्होंने कहा ,‘‘ मैं थक चुका हूं और अब आराम करना चाहता हूं । सोमवार से एक और टूर्नामेंट खेलना है ।'
- नयी दिल्ली। भारत के पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह ने युजवेंद्र चहल को वर्तमान समय में सीमित ओवरों में देश का सर्वश्रेष्ठ स्पिनर करार देते हुए कहा कि चयनकर्ताओं ने 30 अगस्त से पाकिस्तान और श्रीलंका में होने वाले एशिया कप के लिए उन्हें टीम में न चुनकर गलती की। चहल को एशिया कप के लिए भारतीय टीम में शामिल नहीं किया गया है। चयनकर्ताओं ने उनकी बजाय कुलदीप यादव और अक्षर पटेल को प्राथमिकता दी।हरभजन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा,‘‘ इस टीम में मुझे जो एक कमी और गलती लगी, वह है युजवेंद्र चहल की अनुपस्थिति। मेरे विचार में उन्हें एशिया कप के लिए टीम में होना चाहिए था।’’उन्होंने कहा,‘‘ चहल ऐसा लेग स्पिनर है जो गेंद को टर्न करा सकता है। अगर आप वास्तविक स्पिनर की बात करते हैं तो मुझे नहीं लगता कि सीमित ओवरों के प्रारूप में भारत में चहल से बेहतर कोई स्पिनर है।’’अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में 711 विकेट लेने वाले 43 वर्षीय हरभजन ने कहा,‘‘ यह सही है कि पिछले कुछ मैचों में उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा लेकिन इससे वह खराब गेंदबाज नहीं बन जाते हैं।’’हरभजन को उम्मीद है कि हाल के दिनों में टीम से अंदर बाहर होने वाले 33 वर्षीय चहल भारत में अक्टूबर-नवंबर में होने वाले 50 ओवरों के विश्वकप में वापसी करेंगे।उन्होंने कहा,‘‘ मुझे उम्मीद है उनके लिए दरवाजे बंद नहीं हुए होंगे। विश्वकप के लिए उनके नाम पर विचार करना महत्वपूर्ण होगा क्योंकि यह टूर्नामेंट भारत में खेला जाएगा।’’हरभजन ने कहा,‘‘ चहल साबित कर चुके हैं कि वह मैच विजेता गेंदबाज हैं। मैं समझता हूं कि अभी उनकी फॉर्म अच्छी नहीं है, इसलिए आप उन्हें विश्राम दे सकते हैं। लेकिन मेरा मानना है कि अगर वह टीम के साथ होते तो उनका आत्मविश्वास बना रहता। कोई भी खिलाड़ी जब बाहर होने के बाद वापसी करता है तो उस पर अच्छा प्रदर्शन करने का दबाव रहता है।’’
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नई दिल्ली। अजरबैजान के बाकू में आईएसएसएफ विश्व निशानेबाजी प्रतियोगिता में भारत के अमनप्रीत सिंह ने 25 मीटर स्टैंडर्ड पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता है। महिलाओं की 25 मीटर की व्यक्तिगत स्पर्धा में तियाना, यशिता शौकीन और कृतिका शर्मा पदक की दौड़ से बाहर हो गई। उन्होंने संयुक्त रूप से 1601 के स्कोर से टीम के लिए कांस्य पदक जीता। 5 स्वर्ण और 4 कांस्य पदकों के साथ पदक तालिका में अब भारत के कुल 9 पदक हो गए हैं।



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