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- नयी दिल्ली। गेमिंग कंपनी गेम्स 24x7 ने ऋतिक रोशन को ऑनलाइन गेमिंग मंच रमीसर्कल का ब्रांड एम्बेसेडर घोषित किया है। अब से ऋतिक रमीसर्कल के मल्टीमीडिया अभियान जैसे कि टीवी, डिजिटल और सोशल मीडिया मंच पर दिखाई देंगे। गेम्स24x7 के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी भाविन पांड्या ने साझेदारी की घोषणा करते हुए कहा, “हम अभिनेता ऋतिक रोशन के साथ साझेदारी करके बहुत उत्साहित हैं। यह साझेदारी गेम्स24x7 के लिए सही निर्णय है।’’ ऋतिक रोशन ने कहा, "यह खेल (रमी) जीवन कौशल विकसित करने का एक मजेदार तरीका है। रमीसर्कल और गेम्स24x7 के साथ जुड़कर मुझे खुशी हो रही है।” इस साझेदारी के तहत कंपनी 29 जनवरी से टेलीविजन विज्ञापन के माध्यम से ऋतिक अभिनीत नए अभियान ‘‘रहो एक कदम आगे’’ की शुरुआत करेगी।
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नई दिल्ली। इंटरनेट के क्षेत्र की प्रमुख कंपनी गूगल दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल में एक अरब डॉलर का निवेश करेगी। इसमें इक्विटी निवेश के साथ-साथ संभावित वाणिज्यिक समझौतों के लिए एक कोष शामिल है, जिसके तहत समझौतों को अगले पांच वर्षों के दौरान पारस्परिक रूप से सहमत शर्तों पर मंजूरी दी जाएगी। गूगल यह निवेश गूगल फॉर इंडिया डिजिटाइजेशन फंड के हिस्से के तौर पर कर रही है। एयरटेल ने एक बयान में कहा, ‘‘इसमें, 70 करोड़ डॉलर का इक्विटी निवेश भारती एयरटेल में 734 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर किया जाएगा।’’ इसमें बताया गया कि कुल निवेश में से 30 करोड़ डॉलर की राशि वाणिज्यिक समझौतों के क्रियान्वयन के लिए होगी।
- नई दिल्ली। टाटा मोटर्स इस महीने अपनी सबसे सस्ती कार पर भारी डिस्काउंट दे रही है। देश की दिग्गज कार निर्माता अपनी टाटा टियागो पर 28 हजार रुपये तक की भारी छूट दे रही है। कंपनी की तरफ से इस पर कैश डिस्काउंट से लेकर एक्सचेंज बोनस और कॉर्पोरेट डिस्काउंट तक दिया जा रहा है। आइये जानते हैं इस कार पर दिए जा रहे सभी ऑफर्स के बारे में -टाटा टियागो के 2021 मॉडल पर 28 हजार रुपये तक की छूट मिल रही है। इसमें 10 हजार रुपये का कैश ़डिस्काउंट, 15 हजार रुपये तक का एक्सचेंज बोनस और 3 हजार रुपये का कॉर्पोरेट डिस्काउंट शामिल है। वहीं, 2022 टाटा टियागो पर 23 हजार रुपये तक का डिस्काउंट मिल रहा है। इसमें 10 हजार रुपये का कैश डिस्काउंट, 10 हजार रुपये तक का एक्सचेंज बोनस और 3 हजार रुपये का कॉर्पोरेट डिस्काउंट शामिल है।टाटा टियागो के सीएनजी मॉडल पर कोई डिस्काउंट नहीं मिल रहा है। इसके अलावा ये ऑफर्स सीमित समय के लिए हैं और अलग-अलग राज्यों और डीलरशिप्स पर बदल सकते हैं। टाटा टियागो के मैनुअल और ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन में 20.09 केएमपीएल का माइलेज मिलता है। टाटा टियागो में 1199 सीसी (1.2 लीटर), 3-सिलेंडर पेट्रोल इंजन दिया गया है, जो 6000 आरपीएम पर 86 पीएस की मैक्सिमम पावर और 3300 आरपीएम पर 113 एनएम का पीक टॉर्क जेनरेट करता है। इसमें 5-स्पीड मैन्युअल गियरबॉक्स स्टैंडर्ड के साथ 5-स्पीड ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन का विकल्प मिलता है।टाटा टियागो की लंबाई 3765 मिलीमीटर, चौड़ाई 1677 मिलीमीटर और ऊंचाई 1535 मिलीमीटर है। वही, इसका व्हीलबेस 2400 मिलीमीटर है। इसमें 35 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज मिलता है। टाटा टियागो की शुरुआती दिल्ली एक्स-शोरूम कीमत 5.19 लाख रुपये है।
- वाराणसी। काशी की गुलाबी मीनाकारी एक बार फिर दुनिया में अपनी खूबसूरती की चमक बिखेर रही है। कोरोना के बावजूद इस उद्योग ने पिछले तीन महीनों में करीब एक करोड़ रुपये का कारोबार किया है और कारीगरों के पास अगले दो माह के लिए ऑर्डर हैं। दशकों से ‘कराह' रहा गुलाबी मीनाकारी उद्योग पिछले सात साल से पुरानी रंगत में लौट आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस उद्योग को ऐसा ‘पर' लगाया कि यह उड़ान भरने लगा। साथ ही घरेलू बाजार में भी इसकी मांग बढ़ी है। दीपावली, शादी और कॉरपोरेट उपहार के लिए गुलाबी मीनाकारी के उत्पाद लोगों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं। कोरोना की तीसरी लहर में भी गुलाबी मीनाकारी के उत्पादों की मांग कम नहीं हुई है। ग़ुलाबी मीनाकारी के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार पाने वाले कुंज बिहारी ने बताया कि अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर में करीब एक करोड़ का कारोबार हुआ है और आने वाले दो महीनों के ऑर्डर बुक हो चुके है। कुंज बिहारी का मानना है कि वाराणसी के इस खास हुनर को जीआई टैग मिलने के बाद इससे जुड़े कारीगरों को नई पहचान मिली है। वाराणसी में गुलाबी मीनाकारी के काम में करीब 75 से 80 परिवार के 300 से अधिक लोग जुड़े हैं। वाराणसी जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त वीरेंद्र कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका समेत अन्य देशों के राजनेताओं को गुलाबी मीनाकारी के उत्पादों को उपहार स्वरूप दिया है और प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों से जीआई उत्पाद को उपहार में देने की अपील की है, तबसे इन उत्पादों के काम में तेजी आई है। व्यापार से जुड़े लोग बताते हैं कि उद्योग दोबारा खड़ा हो गया है। गौरतलब है कि गुलाबी मीनाकारी सोने और चांदी दोनों ही की सुंदरता में चार चांद लगाती है। दोनों धातुओं को शुभ माना जाता है, इसलिए शादी में गुलाबी मीनाकारी के गणेश जी के डिमांड ज्यादा रहती है। साथ ही उपहार के लिए मोर की भी मांग खूब है।
- नयी दिल्ली। स्वास्थ्य सेवा कंपनी रोश डायग्नॉस्टिक्स इंडिया ने कोरोना वायरस संक्रमण के घर पर परीक्षण के लिए ‘एट होम' जांच किट पेश की है। कंपनी ने बृहस्पतिवार को बताया कि उसने एट-होम जांच किट पेश की है। यह किट कोरोना वायरस के लक्षण वाले व्यक्तियों में सार्स सीओवी-2 संक्रमण का पता लगाने के लिए एक ओवर-द-काउंटर परीक्षण है। कंपनी के अनुसार इस किट को भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद से भी मंजूरी मिल गई है। एट होम किट कोरोना वायरस और ओमीक्रोन संस्करण समेत सार्स-सीओवी-2 वायरस का सफलतापूर्वक पता लगा सकती है।
- नयी दिल्ली। सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कंपनी विप्रो ने बद्रीनाथ श्रीनिवासन को दक्षिणपूर्व एशिया के लिए प्रबंध निदेशक नियुक्त करने की बृहस्पतिवार को घोषणा की। कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि श्रीनिवासन कारोबार वृद्धि, राजस्व विस्तार, ग्राहकों से संबंध, कौशल विकास और ब्रांड निर्माण के विप्रो के दृष्टिकोण पर ध्यान देंगे। वह दक्षिणपूर्व एशिया के अहम बाजारों को भी मजबूत करेंगे और बड़े सौदों और रणनीतिक परिवर्तन समझौतों पर काम करेंगे। इससे पहले श्रीनिवासन इंफोसिस में वित्तीय सेवाएं एवं बीमा क्षेत्र के लिए एशिया लीडर की भूमिका में थे। विप्रो के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (एपीएमईए) एन एस बाला ने कहा कि दक्षिणपूर्व एशिया पर बीते कई वर्षों से विप्रो का रणनीतिक रूप से ध्यान रहा है और व्यापक डिजिटल परिवर्तन, विशेषीकृत प्रौद्योगिकी आवश्यकताओं तथा नवोन्मेष की क्षेत्र में बढ़ती मांग को देखते हुए इस पर और अधिक ध्यान दिया जा रहा है। विप्रो के एपीएमईए (एशिया प्रशांत, पश्चिम एशिया, भारत और अफ्रीका) रणनीतिक बाजार इकाई के तहत छह प्रमुख क्षेत्रों में दक्षिणपूर्व एशिया भी है जिन पर कंपनी का विशेष ध्यान है।
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-जेएसपीएल, मंदिरहसौद में गणतंत्र दिवस उत्साह के साथ मनाया गया
रायपुर। जिन्दल स्टील एंड पॉवर लिमिटेड के मशीनरी डिविजन, मंदिरहसौद, रायपुर में 73 वां गणतंत्र दिवस उत्साह के साथ मनाया गया। इस मौके पर श्री नीलेश टी. शाह ने झंडारोहण किया गया और जिन्दल स्टील एण्ड पॉवर लिमिटेड के अध्यक्ष श्री नवीन जिन्दल के संदेश का वाचन किया। अपने संदेश में श्री नवीन जिन्दल ने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढऩे वाली अर्थव्यवस्था है, इस मे हमारा उत्तरोत्तर सहयोग अपेक्षित है।
अपने संदेश में श्री नवीन जिन्दल ने कहा कि - जे.एस.पी. ने अपने कर्मचारियों में संचार कौशल विकसित करने और उन्हें सुनने के लिए बेस्ट प्लेस टू वर्क पर काम करना शुरू किया है ताकि संस्थान के विकास में प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो सके। हमारा लक्ष्य अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सराहनीय एक ऐसा संस्थान बनना है, जिससे जुड़कर युवा इंजीनियर और अन्य प्रोफेशनल्स गर्व की अनुभूति करें। आपने निश्चित रूप से "थ्योरी औफ कन्सट्रेंट्स" को समझा होगा और एक्सट्रीम ओनरशिप, द वन थिंग पढ़ी होगी। कोई भी कंपनी तभी आगे बढ़ती है, जब उसके सदस्य निरंतर अपना ज्ञान बढ़ाते रहें और अपनी कार्यशैली का विकास करते रहें ताकि उनमें नेतृत्व की भावना उत्पन्न हो। सच्चा लीडर वही है जो दायित्व संभालने में न डरे क्योंकि नाकामयाबी के लिए वह जिम्मेदार है तो कामयाबी का श्रेय भी उसे ही मिलता है। हम प्रत्येक वर्ष 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस बहुत गर्व और उत्साह के साथ मनाते हैं क्योंकि इसी दिन संविधान लागू हुआ था। हमें गर्व है कि भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। इस अवसर पर मैं डॉ. राजेंद्र प्रसाद, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर और सभी संविधान निर्माताओं को नमन करता हूं। भारतीय गणतंत्र के तीन अंग हैं - विधानपालिका, कार्यपालिका और न्याय पालिका। लेकिन इन तीनों अंगों की शक्तियां "हम भारत के लोग" में समाहित हैं क्योंकि लोगों से ही राष्ट्र बनता है। "हम भारत के लोग" ही गणतंत्र का संचालन करते हैं।संविधान ने हम सभी को स्वतंत्र देश के नागरिक के रूप में कुछ अधिकार प्रदान किये हैं तो न्याय, स्वतंत्रता, समानता और भाईचारे के मूलभूत सिद्धांतों के प्रति सदैव कटिबद्ध रहना हमारा भी कर्तव्य है।हमें गर्व है कि जे.एस.पी. इस देश के विकास में अपनी भूमिका पूरी जिम्मेदारी से निभा रही है। ये हमारा सौभाग्य है कि हमसभी के प्रेरणास्रोत और कंपनी के संस्थापक चेयरमैन बाऊजी श्री ओपी जिन्दल जी स्वदेशी के हिमायती थे। उन्होंने अपने हाथों से अनेक मशीनें बनाईं और स्टील एवं पावर सेक्टर में आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार किया। उनकी नीतियों ने भारत के करोड़ों लोगों को अपने पांव पर खड़े होने के लिए प्रेरित किया। उनके बताए मार्ग पर चलकर हमारे आदरणीय चेयरमैन सर श्री नवीन जिन्दल के नेतृत्व में जेएसपी राष्ट्र के विकास में एक नया अध्याय लिख रही है।नवीनतम टेक्नोलॉजी के साथ ही आज के युग में प्रतिस्पर्धा में आगे आना सम्भव हो सकेगा, इसी पथ पर जिन्दल स्टील आगे बढ़ रहा है: नीलेश टी. शाहइस मौके पर श्री नीलेश टी. शाह ने कहा कि हमें गर्व है कि जे.एस.पी. इस देश के विकास में अपनी भूमिका पूरी जिम्मेदारी से निभा रही है। ये हमारा सौभाग्य है कि हमसभी के प्रेरणास्रोत और कंपनी के संस्थापक चेयरमैन बाऊजी श्री ओपी जिन्दल जी स्वदेशी के हिमायती थे। उन्होंने अपने हाथों से अनेक मशीनें बनाईं और स्टील एवं पावर सेक्टर में आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार किया। उनकी नीतियों ने भारत के करोड़ों लोगों को अपने पांव पर खड़े होने के लिए प्रेरित किया।वहीं श्री अरविंद तगई ने नवीन जी का सन्देश पढते हुए कहा कि आदरणीय चेयरमैन सर के प्रयासों से देशवासियों को साल के 365 दिन सम्मानपूर्वक तिरंगा फहराने की आजादी मिली है। पहले गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस जैसे मौकों को छोड़कर आम नागरिकों को राष्ट्रीय ध्वज फहराने की अनुमति नहीं थी। लेकिन चेयरमैन सर ने देश की जनता को यह अधिकार दिलाने का संकल्प लिया और इसके लिए एक दशक से ज्यादा लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी। 23 जनवरी 2004 को सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में पूरे सम्मान के साथ राष्ट्रीय ध्वज को स्वतंत्र रूप से प्रदर्शित करने का मौलिक अधिकार देश के नागरिकों को दिया। यह सिर्फ हमारी नहीं, तिरंगे को लेकर पूरे देश की भावनाओं की जीत थी। आज फ्लैग फाउन्डेशन के माध्यम से देश भर में 100 फुट और 207 फुट के 90 से अधिक विशालकाय ध्वजस्तंभ लगे हैं ताकि देशवासियों में देशभक्ति की भावना का संचार होता रहे। तिरंगा जेएसपीएल के विकास का प्रेरणास्रोत है। हमें विश्वास है कि हम आत्मनिर्भर भारत के सपने साकार करने में कामयाब होंगे।
- मुंबई।वाहन विनिर्माता कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड ने अपने नए स्पोर्ट्स यूनिलिटी वाहन (एसयूवी) एक्सयूवी700 के लिए अबतक एक लाख बुकिंग हासिल की हैं। कंपनी ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला की बाधाओं के बावजूद जनवरी तक वाहन की पहली 14,000 इकाइयों की बिक्री है। महिंद्रा ने बृहस्पतिवार को एक बयान में कहा कि आपूर्ति श्रृंखला की दिक्कत उत्पादन को सुव्यवस्थित और तेज करने में एक चुनौती बनी हुई है। कंपनी ग्राहकों को समय पर डिलिवरी के लिए पूरा प्रयास कर रही है। कंपनी के अनुसार, बड़ी संख्या में बुकिंग और वाहन की निरंतर मजबूत मांग को देखते हुए इस वाहन के ज्यादातर संस्करणों के लिए इंतजार की अवधि छह से 10 महीने की बनी हुई है। हालांकि, एएक्स7 के लिए यह 12 महीने से ऊपर की चल रही है। घरेलू वाहन विनिर्माता ने एक्सयूवी700 को पिछले वर्ष अगस्त में पेश किया था और इसकी बुकिंग अक्टूबर में शुरू हुई थी। इसकी आपूर्ति 30 अक्टूबर से शुरू की थी।
- नयी दिल्ली। टाटा समूह ने बृहस्पतिवार को सार्वजनिक क्षेत्र की विमानन कंपनी एयर इंडिया का स्वामित्व हासिल कर लिया। निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) में सचिव तुहिन कांत पांडे ने ट्वीट किया, ‘‘एयर इंडिया का रणनीतिक विनिवेश लेनदेन आज सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ, जिसमें एयर इंडिया के 100 प्रतिशत शेयर और प्रबंधन नियंत्रण मेसर्स टैलेस प्राइवेट लिमिटेड को हस्तांतरित किए गए।'' उन्होंने कहा कि एयर इंडिया का प्रभार रणनीतिक साझेदार की अगुवाई वाले नए निदेशक मंडल ने ले लिया है।टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टैलेस प्राइवेट लिमिटेड ने आठ अक्टूबर, 2021 को कर्ज में डूबी एयर इंडिया के अधिग्रहण की बोली 18,000 करोड़ रुपये में जीत ली थी। टाटा समूह 2,700 करोड़ रुपये नकद देगा और इसके अलावा एयर इंडिया का 15,300 करोड़ रुपये का कर्ज चुकाएगा। वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘ एयर इंडिया का रणनीतिक विनिवेश लेनदेन आज पूरा हो गया है, जिसमें सरकार को रणनीतिक साझेदार (मैसर्स टैलेस प्राइवेट लिमिटेड, मैसर्स टाटा संस प्राइवेट लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी) से 2,700 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। एयर इंडिया और एआईएक्सएल के 15,300 रुपये के कर्ज के दायित्व समेत एयर इंडिया के शेयर (एयर इंडिया और इसकी अनुषंगी एआईएक्सएल के 100 प्रतिशत शेयर और एआईएसएटीएस के 50 प्रतिशत शेयर) को रणनीतिक भागीदार को स्थानांतरित किए गए है।
- नयी दिल्ली। सरकार देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी एलआईसी को मार्च अंत में शेयर बाजार में सूचीबद्ध कराएगी। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) को लेकर विवरण पुस्तिका को अंतिम रूप दिया जा रहा है और जल्दी ही इसे बाजार नियामक सेबी (भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड) के पास जमा कराया जाएगा। निवेश और लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव तुहिन कांत पांडेय ने कहा, ‘‘एलआईसी की विनिवेश राशि इस साल के बजट में शामिल है क्योंकि हमारा इसे 31 मार्च से पहले सूचीबद्ध कराने का लक्ष्य है।'' सरकार के लिये विनिवेश लक्ष्य हासिल करने को लेकर एलआईसी का आईपीओ काफी महत्वपूर्ण है। वित्त वर्ष 2021-22 के बजट में विनिवेश लक्ष्य 1.75 लाख करोड़ रुपये है। पिछले वित्त वर्ष में विनिवेश से 32,835 करोड़ रुपये जुटाये गये थे। चालू वित्त वर्ष में अबतक सार्वजनिक उपक्रमों में अल्पांश हिस्सेदारी बेचकर 9,330 करोड़ रुपये जुटाये गये हैं।
- अहमदाबाद। गुजरात सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि आर्सेलर मित्तल निप्पन स्टील इंडिया (एएमएनएस इंडिया) राज्य में छह अलग-अलग परियोजनाओं में 1,66,000 करोड़ रुपये निवेश करेगी। कंपनी का सूरत के हजीरा में इस्पात संयंत्र है। राज्य सरकार ने एक बयान में कहा कि प्रस्तावित निवेश को लेकर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये गये। समझौते पर अतिरिक्त मुख्य सचिव (उद्योग और खान) राजीव कुमार गुप्ता और कंपनी की तरफ से उसके भारत में मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) दिलीप ओमेन ने दस्तखत किये। गांधीनगर में हुए इस समझौते के मौके पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल भी मौजूद थे।बयान के अनुसार, स्टील कंपनी हजीरा में निजी उपयोग वाले जेटी के विस्तार और आधुनिकीकरण को लेकर 4,200 करोड़ रुपये और हजीरा प्लांट की इस्पात उत्पादन क्षमता को मौजूदा 86 लाख सालाना से बढ़ाकर 1.8 करोड़ टन सालाना करने के लिये 45,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इसके अलावा कंपनी सूरत में सुवाली में अपने संयंत्र का विस्तार करने के लिये 30,000 करोड़ रुपये और सूरत में किदियाबेट में सूरत स्टील सिटी और औद्योगिक संकुल विकसित करने को लेकर 30,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।-
- जुगाड़ की जीप अब महिंद्रा रिसर्च वैली का हिस्सा होगीमुंबई। जाने -माने बिजनेसमैन आनंद महिंद्रा हर बार ऐसा कुछ कर जाते हैं, कि लोग उनकी तारीफ करते नहीं थकते हैं। इस बार भी उन्होंने अपनी दरियादिली से आम लोगों का दिल जीत लिया है।दरअसल कुछ दिन पहल आनंद महिंद्रा ने ट्विटर पर जुगाड़ से जीप बनाने वाले महाराष्ट्र के एक व्यक्ति की काबिलियत की खूब तारीफ की थी। साथ ही, वादा किया था कि वह उसे नई बोलेरो देंगे। महिंद्रा ने 25 दिसंबर को ट्वीट कर दुनिया को बता दिया कि वह हमेशा अपना वादा पूरा करते हैं। दरअसल, महिंद्रा ने जुगाड़ से बनी जीप में सुरक्षा संबंधी खतरों को देखते हुए शख्स को उसके बदले नई बोलेनो गिफ्ट करने का एलान किया था।आनंद महिंद्रा ने 25 दिसंबर को ट्विटर पर दत्तात्रेय की कुछ तस्वीरें शेयर कीं और लिखा- बेहद खुशी है कि उन्होंने अपनी गाड़ी के बदले नई बोलेरो लेने के हमारे प्रस्ताव को स्वीकार किया। कल उनके परिवार को नई बोलेरो मिली और बड़े गर्व के साथ हमने उनकी क्रिएशन (गाड़ी) को संभाल लिया है। उनकी ये गाड़ी हमारी महिंद्रा रिसर्च वैली में सभी तरह की कारों के संग्रह का हिस्सा होगी और हमें संसाधन संपन्न होने की प्रेरणा देगी।गौरतलब है कि आनंद महिंद्रा ने 21 दिसंबर को यह वीडियो शेयर किया था। उन्होंने कैप्शन में लिखा था, यकीनन ये वाहन किसी नियम पर खरा नहीं उतरता। लेकिन मैं कभी भी अपने लोगों की सादगी और कम से कम क्षमताओं के साथ कमाल करने की कला की प्रशंसा करना नहीं छोडूंगा। ये अपने सफर के प्रति उनका जुनून है। वैसे जीप की फ्रंट ग्रिल जानी पहचानी लग रही है ना। इसके बाद 22 दिसंबर को एक और ट्वीट किया और जुगाड़ से बनी जीप में सुरक्षा संबंधी खतरों को देखते हुए उसके बदले शख्स को नई बोलेनो गिफ्ट करने का एलान किया था।यह वीडियो क्लिप महाराष्ट्र के दत्तात्रेय लोहार की थी, जिन्होंने अपने बच्चों की जिद पूरी करने के लिए जुगाड़ से महिंद्रा थार जैसी दिखने वाली एक चार पहिए की कार बनाई थी, जो किक से स्टार्ट होती है। बताया गया कि इसे बाइक के इंजन से बनाया है। जबकि टायर ऑटो रिक्शा के हैं।----

- नयी दिल्ली। महिंद्रा इलेक्ट्रिक मोबिलिटी ने बिजली से चलने वाला तिपहिया इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) ई-अल्फा कार्गो पेश किया है। दिल्ली में इसकी कीमत 1.44 लाख रुपये है। महिंद्रा इलेक्ट्रिक मोबिलिटी दरअसल वाहन विनिर्माता कम्पनी महिंद्रा एंड महिंद्रा की अनुषंगी कंपनी है। ई-अल्फा कार्गो को पेश करने के साथ कंपनी ने तेजी से बढ़ती ई-कार्ट श्रेणी में कदम रखा है।महिंद्रा इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुमन मिश्रा ने गुरुवार को एक बयान में कहा, ‘‘अंतिम छोर डिलीवरी श्रेणी में बिजली से चलने वाले तिपहिया वाहनों को तेजी से अपनाया जा रहा है। ईंधन से चलने वाले तिपहिया वाहनों की तुलना में परिचालन लागत कम होने के कारण इनका चलन बढ़ा है।’’उन्होंने कहा कि इस श्रेणी में ग्राहकों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए हम ई-अल्फा कार्गो पेश कर रहे हैं। कंपनी के अनुसार यह तिपहिया वाहन 310 किलो तक का भार उठा सकता है और एक बार चार्ज होने पर 80 किलोमीटर तक चल सकता है। इसमें 1.5 किलोवाट की बैटरी दी गई है। इसकी अधिकतम गति 25 किलोमीटर प्रति घंटा है।
- नयी दिल्ली। देश से रत्न एवं आभूषणों का निर्यात चालू वित्त वर्ष के पहले नौ माह अप्रैल-दिसंबर, 2021 के दौरान 71 प्रतिशत बढ़कर 28.9 अरब डॉलर पर पहुंच गया। वाणिज्य मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी। इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में रत्न एवं आभूषण निर्यात 16.9 अरब डॉलर रहा था।आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर, 2021 में रत्न एवं आभूषण निर्यात 16.38 प्रतिशत बढ़कर 2.99 अरब डॉलर पर पहुंच गया। समीक्षाधीन अवधि में देश के कुल निर्यात में क्षेत्र की हिस्सेदारी 9.6 प्रतिशत रही।रत्न एवं आभूषण निर्यात के पांच प्रमुख गंतव्यों में अमेरिका, हांगकांग, संयुक्त अरब अमीरात, बेल्जियम और इस्राइल शामिल हैं। यह उद्योग देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में करीब सात प्रतिशत का योगदान देता है। इस क्षेत्र में 50 लाख से अधिक श्रमिक कार्यरत हैं।
- नयी दिल्ली। राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन और शहद मिशन (एनबीएचएम) न केवल शहद उत्पादन के कारोबार में बुनियादी ढांचे की कमी को दूर करेगा बल्कि छोटे मधुमक्खी पालकों को एकजुट कर शहद में मिलावट की समस्या से निपटने में भी मदद करेगा। कृषि मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। एक राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए, कृषि मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव, अभिलाक्ष लिखी ने कहा कि केंद्र सरकार की योजना एनबीएचएम का कार्यान्वयन देश में 'मीठी क्रांति' हासिल करने के लिए एक बड़ा कदम साबित होगा। उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘एनबीएचएम शहद में मिलावट से निपटने के लिए शहद के लिए ढांचागत सुविधाओं और छोटे मधुमक्खी पालकों को संगठित तरीके से जोड़ने में मदद करेगा।'' अधिकारी ने कहा कि एनबीएचएम का उद्देश्य देश के सभी हिस्सों में शहद परीक्षण प्रयोगशालाओं का एक नेटवर्क बनाना है और इसके लिए मधुमक्खी पालकों के 100 किसान-उत्पादक संगठन (एफपीओ) केंद्र बनेंगे। राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड (एनबीबी) द्वारा सहकारी समितियों नेफेड, ट्राइफेड और एनडीडीबी के सहयोग से किया गया था। कार्यक्रम में 600 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। एनबीबी ने शहद और अन्य मधुमक्खी उत्पादों जैसे मधुमक्खी पराग, मधुमक्खी मोम, मधुमक्खी के डंक और प्रोपोलिस की ट्रेसबिलिटी के लिए मधुक्रांति पोर्टल लॉन्च किया है। देश भर में एनबीएचएम के प्रभावी कार्यान्वयन पर जोर देते हुए, एनबीबी के कार्यकारी निदेशक एन के पाटले ने कहा कि मधुमक्खी पालकों और अन्य हितधारकों को वस्तुत: लाभ दिलाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, ‘‘मधुमक्खी पालकों की आय बढ़ाने के लिए यह सलाह दी जाती है कि शहद के उत्पादन के साथ-साथ रॉयल जेली, मधुमक्खी पराग, मधुमक्खी मोम, मधुमक्खी डंक, प्रोपोलिस इत्यादि जैसे अन्य मधुमक्खी उत्पादों का भी उत्पादन किया जाना चाहिए।'' उन्होंने कहा कि आईसीएआर पूरे भारत में एआईसीआरपी केंद्रों के तहत ‘परागण उद्यान' बनाने की राह पर है। उन्हेंने कहा कि गोविंद बल्लभ पंत कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर, उत्तराखंड में इस तरह का पहला परागण उद्यान स्थापित किया गया है। नेफेड के अतिरिक्त प्रबंध निदेशक पंकज प्रसाद ने कहा कि उनकी सहकारी संस्था, मधुमक्खी पालकों और शहद प्रसंस्करणकर्ताओं के 65 संकुल और एफपीओ बना रही है। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के अभिजीत भट्टाचार्य ने कहा कि एनडीडीबी का डेयरी सहकारी समितियों की तर्ज पर शहद एफपीओ बनाने की सोच है ताकि डेयरी सहकारी समितियों और दूध संघों के पास उपलब्ध ढांचागत सुविधाओं का लाभ मिल सके। ट्राइफेड की महाप्रबंधक सीमा भटनागर ने कहा कि यह सहकारी संस्था पहले से ही देश के आदिवासी हिस्सों में मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने और जंगली शहद की खरीद में शामिल है और उसने वर्ष 2020-21 के दौरान विभिन्न देशों को 115 लाख रुपये के शहद का निर्यात भी किया है।
- नयी दिल्ली। खाद्य तेल कंपनी अडाणी विल्मर (एडब्ल्यूएल) ने अपने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) से पहले मंगलवार को एंकर निवेशकों से 940 करोड़ रुपये जुटाए हैं। बीएसई की वेबसाइट पर उपलब्ध सूचना के अनुसार, कंपनी ने एंकर निवेशकों को 230 रुपये प्रति शेयर के मूल्य पर 4.09 करोड़ इक्विटी शेयर आवंटित करने का फैसला किया है। इस तरह यह राशि 940 करोड़ रुपये बैठती है। एडब्ल्यूएल अहमदाबाद के अडाणी ग्रुप और सिंगापुर के विल्मर समूह का 50:50 का संयुक्त उद्यम है।फॉर्च्यून ब्रांड के तहत खाद्य तेल बेचने वाली कंपनी ने अपने आईपीओ के आकार को 4,500 करोड़ रुपये से घटाकर 3,600 करोड़ रुपये कर दिया है। कंपनी का आईपीओ 27 जनवरी को खुलकर 31 जनवरी को बंद होगा। आईपीओ के लिए मूल्य दायरा 218-230 रुपये प्र्रति शेयर रखा गया है।
- नयी दिल्ली। हीरो इलेक्ट्रिक ने मंगलवार को कहा कि उसने अपने दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहन एनवाईएक्स की तैनाती के लिए एएलटी मोबिलिटी के साथ साझेदारी की है। एएलटी मोबिलिटी, लॉजिस्टिक बाजार के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को पट्टे पर देती है।हीरो इलेक्ट्रिक ने एक बयान में कहा कि इस गठजोड़ के तहत कंपनी वर्ष 2023 तक 10,000 हीरो एनवाईएक्स इलेक्ट्रिक स्कूटर को तैनात करने के लिए लॉजिस्टिक एग्रीगेटर्स और फ्लीट परिचालकों के साथ काम करेंगी। हीरो इलेक्ट्रिक के सीईओ सोहिंदर गिल ने कहा, ‘‘यह सहयोग हमें लॉजिस्टिक बाजार में कार्बन-मुक्त परिवहन को बढ़ावा देने में मदद करेगा।'' उन्होंने कहा कि बदलते बाजार परिदृश्य और इलेक्ट्रिक वाहन के लिए बढ़ती प्राथमिकता के साथ, ईवी अपनाने को बढ़ावा देने की खास आवश्यकता है। एएलटी मोबिलिटी फ्लीट परिचालकों को मासिक सदस्यता पर दोपहिया और तिपहिया इलेक्ट्रिक वाहन मुहैया कराती है।
- नयी दिल्ली। विमानन कंपनी आकाश एयर ने कहा है कि वह बोइंग 737 मैक्स विमान मिलने के साथ ही मई के अंत में या जून की शुरुआत में उड़ान भरने के लिए तैयार है। कंपनी ने कहा कि वह देश में भरोसेमंद और किफायती सेवाओं के साथ हवाई यात्रा को और अधिक लोकतांत्रिक बनाने के लिए काम करेगी। चर्चित निवेशक राकेश झुनझुनवाला समर्थित विमानन कंपनी मार्च, 2023 के अंत तक अपने बेड़े में 18 विमानों को जोड़ने की तैयारी कर रही है। विमानन कंपनियों पर कोविड महामारी के चलते संकट के बादल छाए रहने के बावजूद आकाश एयर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विनय दुबे अत्यधिक आशावादी हैं। उन्होंने जोर देकर कहा, ‘‘यदि आप भारत में वाणिज्यिक विमानन के दीर्घकालिक भविष्य को देखें, तो यह दुनिया में किसी भी दूसरी जगह की तरह ही रोमांचक है।'' दुबे ने कहा कि भारतीय विमानन क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है और आकाश एयर का मानना है कि वर्तमान दौर अस्थायी है तथा ये बीत जाएगा। विमानन क्षेत्र महामारी से काफी प्रभावित हुआ है और ओमीक्रोन स्वरूप के आने से उद्योग के पुनरुद्धार को एक और झटका लगा है। आकाश एयर किफायती विमान वाहक के रूप में उड़ान भरेगी और कंपनी ने 72 बोइंग 737 मैक्स विमानों के लिए ऑर्डर दिया है, जिनमें ईंधन की खपत कम होती है। आकाश एयर शुरुआत में महानगरों से दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों के लिए सेवाएं शुरू करेगी। दुबे ने कहा कि महानगरों से महानगरों के लिए भी उड़ानें होंगी। उन्होंने बताया कि आकाश एयर मुख्य रूप से पेशेवर रूप से प्रबंधन, प्रतिस्पर्धी लागत संरचना, ग्राहकों की संतुष्टि, कर्मचारियों की खुशी और एयरलाइन की आर्थिक सेहत पर जोर देगी। दुबे ने कहा, ‘‘हमें अपना पहला विमान अप्रैल के उत्तरार्ध में मिलने की उम्मीद है, पहली वाणिज्यिक उड़ान मई के अंत या जून की शुरुआत में चालू होगी।'' दुबे ने कहा कि कंपनी ने भर्ती शुरू कर दी है और वह अन्य प्रक्रियाओं को अंतिम रूप दे रही है। इस समय विमानन कंपनी के पास 50 से अधिक कर्मचारी हैं। दुबे ने कहा, ‘‘विमानन क्षेत्र को लेकर हम उत्साहित हैं। इसका एक कारण यह है कि ज्यादातर पश्चिमी अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में भारत में कुछ लोगों ने ही उड़ान भरी है। आने वाले वर्षों में यह सब बदलने वाला है और हम उस बदलाव का हिस्सा बनना चाहते हैं। हम इस बदलाव और हवाई यात्रा के लोकतंत्रीकरण में योगदान करना चाहते हैं।'' दुबे ने कहा कि विमानन कंपनी का लक्ष्य वर्ष 2023 की दूसरी छमाही में विदेशी उड़ानें शुरू करने का है।
- नयी दिल्ली। स्थानीय मांग बढ़ने और रुपये के मूल्य में गिरावट आने के कारण राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में मंगलवार को सोना 86 रुपये बढ़कर 48,555 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने यह जानकारी दी। पिछले कारोबारी सत्र में सोना 48,469 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।हालांकि, चांदी की कीमत 522 रुपये की गिरावट के साथ 63,907 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। पिछले कारोबारी सत्र में यह 64,429 रुपये प्रति किलोग्राम रही थी। अन्तरबैंक विदेशीमुद्रा विनिमय बाजार में मंगलवार को डॉलर के मुकाबले रुपये का मूल्य 16 पैसे घटकर 74.67 रुपये प्रति डॉलर रह गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव गिरावट के साथ 1,841 डॉलर प्रति औंस रह गया, जबकि चांदी 23.78 डॉलर प्रति औंस पर लगभग अपरिवर्तित रही। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) तपन पटेल ने कहा, ‘‘न्यूयॉर्क स्थित जिंस एक्सचेंज कॉमेक्स में मंगलवार को हाजिर सोने का भाव गिरावट के साथ 1,841 डॉलर प्रति औंस था जिससे सोने की कीमत कमजोर रही।'
- नयी दिल्ली। डिजिटल कॉमर्स कंपनी मीशो अपनी प्रौद्योगिकी टीम को मजबूत करने के लिए इस साल 450 नए लोगों की नियुक्ति करेगी। मीशो ने साल 2021 में अपनी प्रौद्योगिकी टीम के कर्मचारियों की संख्या को दोगुना किया है।कंपनी ने सोमवार को बयान में कहा कि दिसंबर, 2021 तक उसने अपनी प्रौद्योगिकी टीम के सदस्यों की संख्या बढ़ाकर 325 कर ली है। कंपनी ने कहा कि इस साल हमारा अपनी प्रौद्योगिकी टीम के कर्मचारियों की संख्या को 750 पर पहुंचाने का लक्ष्य है। इस साल करीब 450 नई भर्तियां की जाएंगी।
- -भारत ने अप्रैल-अक्टूबर 2021 से 114 मिलियन अमरीकी डालर मूल्य के खीरे का निर्यात किया, जबकि 2020-21 में निर्यात 200 मिलियन अमरीकी डालर से अधिक हुआनई दिल्ली। भारत दुनिया में खीरे का सबसे बड़ा निर्यातक बनकर उभरा है। भारत ने अप्रैल-अक्टूबर (2020-21) के दौरान 114 मिलियन अमरीकी डालर के मूल्य के साथ 1 लाख 23 हजार 846 मीट्रिक टन ककड़ी और खीरे का निर्यात किया है।भारत ने पिछले वित्तीय वर्ष में कृषि प्रसंस्कृत उत्पाद के निर्यात का 200 मिलियन अमरीकी डालर का आंकड़ा पार कर लिया है, इसे खीरे के अचार बनाने के तौर पर वैश्विक स्तर पर गेरकिंस या कॉर्निचन्स के रूप में जाना जाता है। 2020-21 में, भारत ने 223 मिलियन अमरीकी डालर के मूल्य के साथ 2 लाख 23 हजार 515 मीट्रिक टन ककड़ी और खीरे का निर्यात किया था। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत वाणिज्य विभाग के निर्देशों का पालन करते हुए, कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीईडीए) ने बुनियादी ढांचे के विकास, वैश्विक बाजार में उत्पाद को बढ़ावा देने और प्रसंस्करण इकाइयोँ में खाद्य सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली के पालन में कई पहल की हैं।खीरे को दो श्रेणियों ककड़ी और खीरे के तहत निर्यात किया जाता है जिन्हें सिरका या एसिटिक एसिड के माध्यम से तैयार और संरक्षित किया जाता है, ककड़ी और खीरे को अनंतिम रूप से संरक्षित किया जाता है। खीरे की खेती, प्रसंस्करण और निर्यात की शुरूआत भारत में 1990 के दशक में कर्नाटक में एक छोटे से स्तर के साथ हुई थी और बाद में इसका शुभारंभ पड़ोसी राज्यों तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भी हुआ। विश्व की खीरा आवश्यकता का लगभग 15 प्रतिशत उत्पादन भारत में होता है।खीरे को वर्तमान में 20 से अधिक देशों को निर्यात किया जाता है, जिसमें प्रमुख गंतव्य उत्तरी अमेरिका, यूरोपीय देश और महासागरीय देश जैसे संयुक्त राज्य अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, स्पेन, दक्षिण कोरिया, कनाडा, जापान, बेल्जियम, रूस, चीन, श्रीलंका और इजराइल हैं।
- राउरकेला। भारतीय इस्पात प्राधिकरण लिमिटेड (सेल) के ‘कॉर्पोरेट उत्कृष्टता पुरस्कार-2021' के तहत राउरकेला इस्पात संयंत्र (आरएसपी) को ‘‘सर्वश्रेष्ठ एकीकृत इस्पात संयंत्र'' का खिताब दिया गया है। एक आधिकारिक वक्तव्य में यह जानकारी दी गई। इसमें कहा गया कि यह पुरस्कार वित्तीय वर्ष 2020-21 में आरएसपी के उल्लेखनीय प्रदर्शन के लिए दिया गया। बयान में कहा गया कि बीते वित्तीय वर्ष में उत्पादन, उत्पादकता, प्रौद्योगिकी-अर्थशास्त्र और मुनाफे के लिहाज से संयंत्र का प्रदर्शन बहुत अच्छा रहा है और इसने पहली बार वार्षिक व्यवसाय योजना का लक्ष्य प्राप्त किया है। बोकारो इस्पात संयंत्र और राउरकेला इस्पात संयंत्र के प्रभारी निदेशक अमरेंदु प्रकाश ने इस उपलब्धि पर आरएसपी की टीम को बधाई दी।
- नयी दिल्ली। रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने कहा है कि ‘भारतीय अर्थव्यवस्था में चमकीले स्थानों के साथ कुछ काले धब्बे' भी हैं, ऐसे में सरकार को अपने खर्च को सावधानी से ‘लक्षित' करने की जरूरत है, ताकि राजकोषीय घाटे को बहुत ऊंचाई पर पहुंचने से रोका जा सके। राजन अपने विचारों को स्पष्ट तरीके से रखने के लिए जाने जाते हैं। प्रसिद्ध अर्थशास्त्री ने कहा कि सरकार को अर्थव्यवस्था के ‘के' आकार के पुनरुद्धार को रोकने के लिए और उपाय करने की जरूरत है। सामान्य तौर पर के-आकार के पुनरुद्धार में प्रौद्योगिकी और बड़ी पूंजीगत कंपनियों की स्थिति महामारी से अधिक प्रभावित छोटे व्यवसायों और उद्योगों की तुलना में तेजी से सुधरती है। राजन ने कहा, ‘‘अर्थव्यवस्था के बारे में मेरी सबसे बड़ी चिंता मध्यम वर्ग, लघु एवं मझोले क्षेत्र और हमारे बच्चों को लेकर है। ये सारी चीजें दबी मांग से शुरुआती पुनरुद्धार के बाद ‘खेल' में आएंगी।'' उन्होंने कहा कि इन सभी का ‘लक्षण' कमजोर उपभोक्ता मांग है। विशेषरूप से व्यापक स्तर पर इस्तेमाल वाले उपभोक्ता सामान की मांग काफी कमजोर है। राजन फिलहाल शिकॉगो विश्वविद्यालय के बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस में प्रोफेसर हैं। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था में हमेशा चमकदार स्थानों के साथ गहरे काले धब्बे होते हैं।उन्होंने कहा कि चमकदार क्षेत्रों की बात की जाए, तो इसमें स्वास्थ्य सेवा कंपनियां आती हैं। इनके अलावा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और आईटी-संबद्ध क्षेत्र जबर्दस्त कारोबार कर रहे हैं। कई क्षेत्रों में यूनिकॉर्न (एक अरब डॉलर से अधिक मूल्यांकन) बने हैं और वित्तीय क्षेत्र के कुछ हिस्से भी मजबूत हैं। रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर ने कहा, ‘‘काले धब्बों की बात की जाए, तो बेरोजगाारी, कम क्रय शक्ति (विशेषरूप से निम्न मध्यम वर्ग में), छोटी और मझोले आकार की कंपनियों का वित्तीय दबाव इसमें आता है।'' इसके अलावा काले धब्बों में ऋण की सुस्त वृद्धि और हमारे स्कूलों की पढ़ाई भी आती है।राजन ने कहा कि कोरोना वायरस का नया स्वरूप ओमीक्रोन चिकित्सकीय और आर्थिक गतिविधियों दोनों के लिए झटका है, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने सरकार को के-आकार के पुनरुद्धार के प्रति आगाह किया। राजन ने कहा कि हमें ‘के' आकार के पुनरुद्धार को रोकने के लिए हरसंभव उपाय करने चाहिए।चालू वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर नौ प्रतिशत रहने का अनुमान है। बीते वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था में 7.3 प्रतिशत की गिरावट आई थी। वित्त वर्ष 2022-23 का आम बजट एक फरवरी को पेश किया जाएगा। बजट से पहले राजन ने कहा कि बजट-दस्तावेज एक ‘दृष्टिकोण' होता है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं भारत के लिए पांच या 10 साल का दृष्टिकोण या सोच देखना चाहता हूं।'' राजन ने कहा कि महामारी के आने तक भी भारत की राजकोषीय स्थिति अच्छी नहीं थी। ‘‘यही वजह है कि वित्त मंत्री अब खुले हाथ से खर्च नहीं कर सकतीं।'' उन्होंने कहा कि जहां जरूरत है, वहां सरकार खर्च करे। ‘‘लेकिन हमें खर्च सावधानी से करने की जरूरत है, ताकि राजकोषीय घाटा बहुत ऊंचाई पर नहीं पहुंच जाए।'' मुद्रास्फीति के बारे में राजन ने कहा कि आज दुनिया के सभी देशों के लिए ‘महंगाई' चिंता का विषय है और भारत इसका अपवाद नहीं हो सकता।
- नयी दिल्ली। सीमाशुल्क विभाग ने कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के दौरान तरल मेडिकल ऑक्सीजन के सफल परिवहन के लिए आयातित उच्च-गुणवत्ता वाले कंटेनरों के पुन: निर्यात के लिए 30 सितंबर तक का समय दिया है। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमाशुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने फील्ड फॉर्मेशन्स को भेजे अपने परिपत्र में कहा है कि उसे कोविड महामारी से लड़ने के लिए अस्थायी रूप से आयातित आईएसओ कंटेनरों के पुन: निर्यात में राहत देने के लिए उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) के माध्यम से ज्ञापन मिले हैं। इन कंटेनरों की सड़क, रेल, जलमार्ग और हवाईमार्ग से ले जा सकने संबंधी बहु-मॉडल परिवहन की विशेषता के कारण तरल मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए इनका इस्तेमाल किया गया। सीबीआईसी के सर्कुलर में कहा गया, ‘‘बोर्ड सभी फील्ड फॉर्मेशन्स को आयातकों से अनुरोध प्राप्त होने पर तरल मेडिकल ऑक्सीजन ग्रेड के परिवहन के लिए इस्तेमाल आईएसओ कंटेनरों के पुन: निर्यात के लिए समयावधि 30 सितंबर, 2022 तक बढ़ाने की अनुमति देने को निर्देशित करता है।'' अभी तक कंटेनरों को अगले छह महीने में पुन: निर्यात करने की शर्त पर उन पर आयात शुल्क नहीं लगना है।
- नयी दिल्ली। टाटा मोटर्स को भरोसा है कि वह इस साल भी वृद्धि की रफ्तार को कायम रख पाएगी। कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने आपूर्ति पक्ष के मुद्दों के सुलझने की उम्मीद जताते हुए कहा है कि इससे हमें बढ़ी मांग को पूरा करने के लिए उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी। मुंबई स्थित टाटा मोटर्स पंच, नेक्सन और हैरियर जैसे मॉडलों की बिक्री करती है। चालू वित्त वर्ष की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के दौरान कंपनी ने अपने डीलरों को 99,002 वाहनों की आपूर्ति की है। यह इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के 68,806 इकाइयों के आंकड़े की तुलना में 44 प्रतिशत अधिक है। दिसंबर, 2021 में कंपनी की कुल यात्री वाहन बिक्री 50 प्रतिशत के उछाल के साथ 35,299 इकाइयों पर पहुंच गई, जो दिसंबर, 2020 में 23,545 इकाई रही थी। टाटा मोटर्स पैसेंजर्स वेहिकल्स के प्रबंध निदेशक शैलेश चंद्रा ने कहा, ‘‘अब हमारे पोर्टफोलियो में हर मॉडल है। हमारे पास सात उत्पाद हैं और प्रत्येक मॉडल ने इस वृद्धि में योगदान दिया है।'' उनसे पूछा गया था कि क्या कंपनी को 2022 में भी अपनी वृद्धि की रफ्तार को कायम रखने की उम्मीद है। चंद्रा ने कहा, ‘‘आपूर्ति पक्ष के मुद्दे रहे हैं, जिसकी वजह हम अपनी कारों की श्रृंखला के लिए मांग संभावना का पूरी तरह दोहन नहीं कर पाए हैं। इसलिए मुझे भरोसा है कि है कि हम आगे भी आपूर्ति पक्ष की स्थिति में सुधार के बाद वृद्धि की रफ्तार को कायम रखेंगे।'' उन्होंने कहा कि कंपनी अपने ग्राहक आधार का विस्तार करने के लिए व्यापक वर्ग की दृष्टि से अधिक विकल्प लेकर आ रही है। पंच के साथ प्रवेश स्तर के एसयूवी खंड में उतरना इसका एक बेहतर उदाहरण है। उन्होंने कहा कि हम वृद्धि वाले नए क्षेत्रों के लिए नए मॉडल उतारना जारी रखेंगे। पिछले दो साल से हम ऐसा कर रहे हैं। चंद्रा ने कहा कि कंपनी ने एसयूवी और सीएनजी मॉडल उतारे हैं। साथ ही कंपनी इलेक्ट्रिक वाहनों की पेशकश जारी रखेगी। यह पूछे जाने पर कि क्या सेमीकंडक्टर की आपूर्ति में कुछ सुधार हुआ है, उन्होंने कहा कि यह अभी सामान्य नहीं हुआ है। लेकिन इस तिमाही के लिए परिदृश्य पिछली तिमाही की तुलना में बेहतर दिखाई दे रहा है। ‘‘कुल मिलाकर कह सकते हैं कि पिछली दो तिमाहियों की तुलना में यह 10 से 15 प्रतिशत बेहतर है।













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