नराकास भिलाई-दुर्ग की 61वीं बैठक सम्पन्न, हिंदी के प्रचार-प्रसार को मिला नया संकल्प
भिलाई। नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), भिलाई-दुर्ग की 61वीं छमाही बैठक गुरुवार को सिविक सेंटर स्थित भिलाई निवास के बहुउद्देशीय सभागार में सम्पन्न हुई। मुख्य अतिथि के रूप में भारत सरकार, गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग, क्षेत्रीय कार्यान्वयन कार्यालय (मध्य) भोपाल के उपनिदेशक एवं कार्यालयाध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह मेहरा उपस्थित रहे। बैठक की अध्यक्षता भिलाई इस्पात संयंत्र के निदेशक प्रभारी एवं नराकास अध्यक्ष श्री चित्त रंजन महापात्र ने की, जबकि कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री पवन कुमार विशिष्ट अतिथि रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन से हुई। इसके उपरांत महाप्रबंधक (संपर्क व प्रशासन, जनसंपर्क एवं प्रभारी राजभाषा) तथा नराकास सचिव श्री राजीव कुमार और महाप्रबंधक श्री अमूल्य प्रियदर्शी ने अतिथियों का शॉल, श्रीफल एवं पुस्तक भेंटकर स्वागत किया।
मुख्य अतिथि श्री मेहरा ने समिति के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि नराकास, भिलाई-दुर्ग ने हिंदी के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट उपलब्धियाँ हासिल की हैं। उन्होंने वर्ष 2023-24 में मध्य क्षेत्र स्तर पर प्राप्त ‘नराकास राजभाषा सम्मान-प्रथम पुरस्कार’ पर बधाई दी और भविष्य में और ऊँचाइयाँ छूने की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने सदस्य संस्थानों से हिंदी में कार्यालयीन कार्य और बढ़ाने का आह्वान किया।
निदेशक प्रभारी श्री महापात्र ने कहा कि हिंदी में काम करना राष्ट्रीय कर्तव्य है और सभी संस्थान इस दिशा में प्रयासरत हैं। विशिष्ट अतिथि श्री पवन कुमार ने कहा कि कलम और की-बोर्ड दोनों पर हिंदी का प्रयोग ही वास्तविक अनुकरणीयता है।
बैठक में 50 सदस्य संस्थानों के प्रमुख, हिंदी अधिकारी एवं ‘राजभाषा विशिष्ट सेवा पुरस्कार’ प्राप्त अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।


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