दंतेवाड़ा जिले में अतिवृष्टि से फसल क्षति का आकलन प्रारंभ
0- प्रशासन द्वारा प्रारंभ किया गया त्वरित राहत
दंतेवाड़ा । विगत दो दिनों से दंतेवाड़ा जिले में हुई लगातार असामान्य एवं भारी वर्षा (200 मि.मी. से अधिक) ने जिले के कई गाँवों और कृषि क्षेत्रों को प्रभावित कर दिया है। अचानक हुई इस अतिवृष्टि से खेतों में पानी भराव, मिट्टी खिसकने, एवं रेत भर जाने जैसी स्थितियां उत्पन्न हो गईं, जिससे यहाँ के किसानों को आंशिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। जिला प्रशासन और कृषि विभाग ने तुरंत स्थिति का संज्ञान लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे कार्य प्रारंभ कर दिया है। यदि फसल पर प्रभाव की बात की जाए तो धान की फसल (मुख्य खरीफ फसल) वर्तमान में अधिकांश खेतों में धान की रोपाई एवं बुआई पूरी हो चुकी है। अभी तक धान की अवस्था ऐसी है कि अत्यधिक वर्षा का व्यापक नुकसान नहीं हुआ है। हालांकि यदि पानी लंबे समय तक ठहरा रहा तो जड़ सड़न और पौधों के गिरने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
कृषि क्षेत्र में क्षति आकलन की प्रक्रिया के तहत कृषि विभाग की मैदानी टीमों को तुरंत प्रभावित राजस्व ग्रामों में भेजा गया है। ग्रामवार सर्वे सूची तैयार की जा रही है, जिसमें प्रभावित किसानों के नाम, आधार नंबर व फसल का विवरण शामिल किया जा रहा है।क्षति की गंभीरता को राजस्व विभाग के आरबीसी 64 प्रावधानों तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ¼PMFBY½ के अंतर्गत दर्ज किया जा रहा है ताकि पात्र किसानों को शीघ्र राहत मिल सके। जिन किसानों की फसल प्रभावित हुई है, उन्हें घटना के 72 घंटे के भीतर सूचना देनी होगी। इसके अलावा किसान अपने फसल नुकसान की सूचना टोल-फ्री नंबर 14447 पर कॉल करके दर्ज करा सकते हैं। सूचना दर्ज कराने के बाद बीमा कंपनी के अधिकृत सर्वेक्षक खेतों का निरीक्षण करेंगे। सत्यापन उपरांत योग्य किसानों को बीमा दावे और मुआवजे की राशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी। अतिवृष्टि को देखते हुए जिला प्रशासन ने तुरंत राहत को प्राथमिकता दी है। कृषि विभाग की टीम प्रभावित गांवों का लगातार निरीक्षण कर रही है।
सर्वे कार्य को शीघ्र पूर्ण करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं ताकि किसानों को मुआवजा समयबद्ध रूप से उपलब्ध हो सके। साथ ही दीर्घकालिक समाधान के तौर पर मिट्टी संरक्षण एवं जल निकासी के उपाय किए जा रहे है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अतिवृष्टि से प्रभावित किसी भी पात्र किसान को मुआवजा पाने में देरी नहीं होगी। कृषि विभाग, राजस्व अमला और बीमा कंपनियां समन्वय बनाकर कार्य कर रही हैं। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसानों के नुकसान की भरपाई पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से की जाए। समग्र रूप से देखा जाए तो दंतेवाड़ा जिले में हुई असामान्य वर्षा ने विशेष रूप से दलहन और तिलहन फसलों को नुकसान पहुँचाया है। कृषि विभाग ने त्वरित आकलन और राहत-प्रक्रिया पर काम शुरू किया है ताकि किसानों को उनकी मेहनत का उचित प्रतिफल मिल सकें।














Leave A Comment