दंतेवाड़ा जिले में आपदा प्रभावितों के खातों में पहुंचाई गई एक करोड़ इक्यानवे लाख रुपए से अधिक की राशि
--शहर के अधिकांश प्रभावित वार्डों में पेयजल व्यवस्था बहाल हुई
दंतेवाड़ा। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार अतिवर्षा पीड़ितों को तात्कालिक राहत पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन मिशन मोड में जुटा हुआ है फिर चाहे वह फसल, पशु, मकान क्षति के मुआवजा प्रकरण हो या फिर पेयजल, चिकित्सा या विद्युत व्यवस्था बहाल करना हो। इस संबंध में कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत द्वारा संबंधित विभागों को निर्देश जारी किए जा चुके हैं।
इसके तहत बाढ़ प्रभावित समस्त गांव में मकान क्षति, फसल क्षति, पशु हानि एवं जनहानि का सर्वेक्षण कर लिया गया है तथा आंशिक एवं पूर्ण मकान क्षति का ग्राम बड़े तुमनार, बांगापाल, बालपेट एवं बालूद का एक करोड़ इक्यानवे लाख उनतीस हजार रूपये का मुआवजा प्रकरण तैयार किया जा चुका है। उक्त प्रकरण में से ग्राम बालपेट में 19 लोगों के खाते में कुल 22,80,000.00 रूपये (शब्दों में बाईस लाख अस्सी हजार रूपये) तथा गीदम तहसील अंतर्गत ग्राम बड़े तुमनार में 46 प्रभावितों को एवं ग्राम बांगापाल में 68 प्रभावितों को (कुल 114 प्रभावितों) को 93,93,000.00 रूपये (तिरानबे लाख तिरानबे हजार रूपये) डीबीटी के माध्यम से प्रभावितों के बैंक खातों में वितरण किया गया है। शेष सभी प्रभावित ग्रामों में प्रभावितों को फसल क्षति, मकान क्षति, पशु हानि एवं जनहानि की मुआवजा की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है और शीघ्र ही पूर्ण कर लिया जायेगा। इस क्रम में आज ग्राम बालपेट में डेमो चेक वितरण के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नंदलाल मुड़ामी, महिला आयोग सदस्य श्रीमती ओजस्वी मंडावी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री अरविंद कुजाम, जनपद पचायत अध्यक्ष श्रीमती सुनीता भास्कर सहित अन्य जनप्रतिनिधि गण मौजूद रहे।
ज्ञात हो कि 26 अगस्त 2025 को जिला दक्षिण बस्तर दन्तेवाड़ा में अतिवृष्टि के कारण निर्मित बाढ़ आपदा से कुल 27 गांव प्रभावित हुए। जिसमें तहसील दंतेवाडा अन्तर्गत ग्राम बालपेट, बालूद, चितालंका, दंतेवाड़ा एवं नेटापुर तहसील गीदम अन्तर्गत ग्राम हारम, बांगापाल, फुण्डरी, बोदली, बिंजाम, झोडि़याबाड़म, सियानार, समलूर, बड़े सुरोखी, बडे तुमनार एवं कारली। तहसील बारसूर अन्तर्गत ग्राम हितामेटा, नेउरनार, नेलगोड़ा, मुचनार, छिन्दनार, मुस्तलनार, गुमलनार, पुरनतरई, एवं इड़पाल। तहसील बडेबचेली अन्तर्गत ग्राम गंजेनार, एवं कड़मपाल मुख्य रूप से प्रभावित हुए। इसके अलावा अन्य कुल ग्राम भी आंशिक रूप से प्रभावित हुए हैं। इस बाढ़ से कुल 23 नग पुल-पुलिया आंशिक एवं पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो गए या बह गए। जिले में बाढ़ में फसे कुल 113 व्यक्तियों को रेस्क्यू किया गया। बाढ़ पश्चात् दूसरे दिन मकान क्षत गिर जाने से 01 जनहानि हुआ है। कुल 941 मकान आंशिक एवं पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो गए एवं 220 पशु हानि हुए। इस संबंध में जिला प्रशासन द्वारा तत्काल राहत एवं बचाव का कार्य प्रारंभ किया गया। 27 अगस्त 2025 को 26 राहत शिविरों में कुल 1116 लोगों को ठहराया गया था। आज 30 अगस्त 2025 की स्थिति में ग्राम समलूर, कुण्डेनार, नमनार, कारली, फुण्डरी, बारसूर, हितामेटा, इंडोर स्टेडियम दन्तेवाड़ा एवं आश्रय स्थल दन्तेवाड़ा के राहत शिविरों में कुल 277 लोगों को ठहराया गया है एवं गर्म भोजन की व्यवस्था की जा रही है। प्रभावित परिवारों को राहत किट का वितरण किया गया है जिसमें सूखा राशन चावल, दाल, तेल, मसाले, बड़ी एवं कंबल, गाउन, टी-शर्ट, निक्कर शामिल है। अभी तक कुल 1826 राहत किट का वितरण किया जा चुका है। इसके साथ ही प्रभावित, क्षतिग्रस्त पुल-पुलिया एवं सड़क का आंकलन कर लिया गया है। दन्तेवाड़ा शहर के अधिकांश वार्डों में पेयजल की व्यवस्था बहाल कर लिया गया है तथा कुछ वाडों में मरम्मत के पश्चात् बहाल कर लिया जायेगा, ऐसे स्थानों में पानी टेंकर के माध्यम से पेय जल आपूर्ति की जा रही है। कुल 56 गांव में बाढ़ के कारण विद्युत आपूर्ति बाधित हुई थी जिसमें से 53 गांव में विद्युत आपूर्ति बहाल कर ली गई है तथा 03 गांव में शीघ्र बहाल कर लिया जायेगा।














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