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- 0- बिना अनुमति के जिले से प्रवास करने एवं कर्तव्य में लापरवाही बरतने पर कारण बताओ नोटिस किया जारीराजनांदगांव। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने बिना अनुमति के जिले से प्रवास करने एवं कर्तव्य में लापरवाही बरतने पर वरिष्ठ मंडी सचिव प्रवर श्रेणी डोंगरगांव श्री गोपाल राम सुनहरे को छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विछिन्नता निवारण अधिनियम 1969 (एस्मा) के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया है।उल्लेखनीय है कि जिले में धान के अवैध भंडारण एवं परिवहन के संबंध में आवश्यक बैठक ली गई। जिसमें वरिष्ठ मंडी सचिव प्रवर श्रेणी डोंगरगांव श्री गोपाल राम सुनहरे अनुपस्थित रहे तथा राजनांदगांव जिले से बिना सक्षम अनुमति प्राप्त किए जिले से बाहर अन्यत्र प्रवासरत होने के कारण उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। छत्तीसगढ़ शासन गृह विभाग द्वारा धान खरीदी से संबंधित समस्त कर्मचारियों की सेवा को अत्यावश्यक सेवा घोषित किया गया है।कारण बताओ नोटिस में वरिष्ठ मंडी सचिव प्रवर श्रेणी डोंगरगांव श्री गोपाल राम सुनहरे को यह कहा गया है कि 24 घण्टे के भीतर समक्ष में उपस्थित होकर लिखित कारण प्रस्तुत करे, कि क्यों न उक्त कार्य को अत्यावश्यक सेवा छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विछिन्नता निवारण अधिनियम 1969 (एस्मा) के आदेश का उल्लंघन मानते हुए विधिक कार्रवाई के साथ-साथ छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए।
- 0- जिले में आज से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरूमोहला । राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले में 15 नवम्बर से धान खरीदी की शुरुआत हुईं। विधायक अहिवारा श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नम्रता सिंह, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं अधिकारियो ने मोहला धान उपार्जन केन्द्र में छत्तीसगढ़ महतारी, तौल मशीन एवं बांट का विधिवत पूजा-अर्चना कर धान खरीदी कार्य का शुभारंभ किया। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति, एसडीएम मोहला श्री हेमेन्द्र भुआर्य सहित आम नागरिक उपस्थित रहें।जिले की 19 समितियों के 27 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से धान खरीदी आज से प्रारंभ हुई। राज्य शासन द्वारा किसानों से इस वर्ष 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक धान खरीदी की जाएगी। प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को आर्थिक संबल प्रदान करते हुए धान का 3100 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है। किसानों को प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान बेचने की सहूलियत होगी। जिले में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के लिए प्रत्येक धान खरीदी केन्द्र हेतु खरीदी केन्द्र प्रभारी सहित नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए गए हैं। साथ ही धान उपार्जन कार्य की मॉनिटरिंग के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। वहीं सीमावर्ती क्षेत्रों से अवैध धान की आवक को रोकने के लिए जांच चौकी स्थापित करने सहित सतत निगरानी के लिए कर्मचारियों की रोस्टर अनुसार ड्यूटी लगाई गई है।धान खरीदी केन्द्रों में बारदाने की उपलब्धता सहित अन्य व्यवस्था किया गया है। धान की खरीदी अनिवार्य रूप से इलेक्ट्रॉनिक तौल यंत्र के माध्यम से की जाएगी। विक्रय किए गए धान का भुगतान किसानों को सीधे उनके बैंक खातों में डिजिटल माध्यम से किया जाएगा। बारदानों की व्यवस्था में नवीनता लाते हुए खरीदी 50 प्रतिशत नए और 50 प्रतिशत पुराने बारदानों में होगी। किसानों को टोकन प्राप्त करने की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए तुंहर टोकन मोबाइल ऐप का उपयोग किया जा रहा है। किसान सुबह 8 बजे से टोकन जारी कर सकते हैं। छोटे और सीमांत किसानों के लिए अधिकतम 02 टोकन और बड़े किसानों के लिए अधिकतम 03 टोकन की सीमा तय की गई है। खरीदी केवल एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीकृत किसानों से ही की जाएगी। जिसमें वन अधिकार पट्टाधारकों को पंजीयन में छूट दी गई है। राज्य शासन द्वारा किसानों को आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए टोलफ्री नम्बर 1800-233-3663 जारी किया गया है। जिसमें कृषक सम्पर्क कर अपनी शंकाओं का समाधान कर सकते हैं।
- -धान उपार्जन 2025-26: किसानों के उत्साह और पारदर्शी व्यवस्था के साथ खरीदी शुरू-किसानों की सुविधा सर्वोपरि : मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर /खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत प्रदेश के किसानों से समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन का शुभारंभ किया गया। उपार्जन केन्द्रों में धान बेचने आए किसानों का स्वागत तिलक एवं पुष्प भेंट कर आत्मीयता से किया गया। खरीदी केन्द्रों का माहौल आज उत्सव और गहमा–गहमी से भरा दिखाई दिया। मौके पर उपस्थित किसानों के चेहरे पर उत्साह, संतोष और शासन के प्रति आभार स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुआ। विभिन्न जिलों में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में कांटा- बांट एवं धान की पूजा-अर्चना कर तौल प्रक्रिया का विधिवत आरंभ किया गया।प्रदेश में आज कुल 195 उपार्जन केन्द्रों में 19464 क्विंटल धान का उपार्जन किसानों से किया गया। शासन द्वारा राज्य के 2,739 उपार्जन केन्द्रों में खरीदी संचालन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ पूर्ण कर ली गई हैं। उल्लेखनीय है कि सहकारी समितियों के कर्मचारियों द्वारा आंशिक रूप से अवैध हड़ताल पर जाने से उपार्जन प्रभावित होने की संभावना उत्पन्न हुई थी, जिसे शासन के निर्देश पर विपणन संघ द्वारा आउटसोर्सिंग के माध्यम से 2,739 डेटा एंट्री ऑपरेटरों की व्यवस्था कर सुचारू रूप से धान उपार्जन सुनिश्चित किया गया। कई जिलों में सहकारिता विभाग के कर्मचारियों ने भी धान उपार्जन की जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए खरीदी कार्य को निरंतर बनाए रखा।शासन द्वारा धान खरीदी में संलग्न कर्मचारियों को अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 (ESMA) के तहत अधिसूचित कर तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है, जिससे उपार्जन प्रक्रिया निर्बाध रूप से संचालित रहे।इस वर्ष धान उपार्जन को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी एवं किसान–उन्मुख बनाने के लिए उपार्जन केन्द्रों में ऑनलाइन टोकन एवं तुंहर टोकन प्रणाली को व्यापक रूप से लागू किया गया है। आज प्रदेश में जारी हुए कुल 2,029 टोकन में से 1,912 किसानों द्वारा तुंहर टोकन के माध्यम से आवेदन किया गया। इसके अतिरिक्त, किसान समिति स्तर पर भी टोकन हेतु आवेदन कर सकते हैं। लघु एवं सीमांत किसानों को अधिकतम 02 टोकन, तथा दीर्घ किसानों को अधिकतम 03 टोकन की सुविधा प्रदान की गई है।किसानों के विश्राम हेतु छाया, पीने के पानी तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था सभी उपार्जन केन्द्रों में उपलब्ध कराई गई है। जिला अधिकारियों को किसानों की सुविधा और खरीदी संचालन से संबंधित आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक उपार्जन केन्द्र में केंद्र प्रभारी के अतिरिक्त नोडल अधिकारी की भी ड्यूटी लगाई गई है, जिनके नाम और फोन नंबर केन्द्रों में प्रदर्शित कर दिए गए हैं। किसी भी प्रकार की असुविधा की स्थिति में किसान नोडल अधिकारी से तुरंत संपर्क कर सकते हैं, और समस्याओं का समाधान तत्काल किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रदेश स्तर पर हेल्पलाइन 1800 233 3663 के माध्यम से भी शिकायतें एवं जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।इस वर्ष धान खरीदी पूर्णतः आधार-आधारित है, जिसके अंतर्गत किसानों को बायोमेट्रिक पहचान के माध्यम से धान विक्रय करने की सुविधा दी गई है। प्रक्रिया को अधिक दक्ष एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से खाद्य विभाग द्वारा राज्य स्तरीय उड़नदस्ते गठित किए गए हैं, जो सतत् औचक निरीक्षण करते हुए उपार्जन में संभावित अनियमितताओं पर नियंत्रण रखेंगे तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।सभी उपार्जन केन्द्रों में स्थानीय स्तर पर निगरानी समितियों का गठन किया गया है तथा पीने के पानी, प्रसाधन, प्राथमिक उपचार पेटी आदि की व्यवस्थाएँ सुचारू रूप से उपलब्ध हैं। धान की तौल इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीनों से की जा रही है, ताकि किसानों को उनके हर एक दाने का उचित मूल्य मिल सके।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सभी कलेक्टरों एवं धान उपार्जन से संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसानों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उपार्जन कार्य को व्यवस्थित, समयबद्ध और पारदर्शी रूप से संचालित किया जाए।
- 0- जिले के 39 उपार्जन केन्द्रों में 237 किसानों की कुल 9655 क्विंटल धान की खरीदी की गईबालोद. समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य के अंतर्गत बालोद जिले में पहले दिन आज 15 नवंबर को धान खरीदी का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं श्री राजेन्द्र राठिया ने बताया कि पहले दिन आज जिले के 59 सहकारी समितियों में कुल 15 हजार 500 किसानों के धान खरीदी हेतु टोकन काटा गया था। जिसमें से आज जिले के 39 उपार्जन केन्द्रों में 237 किसानों की कुल 09 हजार 655 क्विंटल धान की खरीदी की गई। श्री राठिया ने बताया कि धान खरीदी के पहले दिन आज धान बिक्री हेतु जिन किसानों का टोकन काटा गया था वे सुबह से ही धान खरीदी केन्द्रों में पहुँच गए थे। किसानों के धान खरीदी केन्द्रों में पहुँचने के पश्चात उपार्जन केन्द्रों के अधिकारी-कर्मचारियों के द्वारा उन्हें फूलमाला एवं गमछा पहनाकर स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इसके पश्चात् निर्धारित क्रम अनुसार उनके धान का नाप-तौल कर धान खरीदी की कार्यवाही की गई। जिन किसानों का धान खरीदी हेतु आज टोकन कटा था वे पहले दिन ही अपने धान की बिक्री होने पर बहुत ही प्रसन्नचित नजर आ रहे थे।उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिले में धान खरीदी कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न करने हेतु पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित की गई है। इसके अंतर्गत धान खरीदी केन्द्रों में अपने धान की बिक्री हेतु पहुँचने वाले किसानों की सुविधा को दृष्टि में रखते हुए उनके लिए शुद्ध पेजयल, छांव, बैठक इत्यादि के अलावा शौचालय आदि की भी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा के निर्देंशानुसार जिला प्रशासन के आला अधिकारियों के अलावा जिले के सभी राजस्व अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार तथा खाद्य, सहकारिता एवं संबंधित विभाग के अधिकारी धान खरीदी केन्द्रों में पहुँचकर कार्य की सतत माॅनिटरिंग कर रहे हैं।
- 0- केंद्री उपार्जन केंद्र पहुंचे कृषक श्री ईश्वर साहू ने अच्छी व्यवस्था के लिए जताया मुख्यमंत्री के प्रति आभाररायपुर. जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का शुभारंभ होते ही किसानों में उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। सुबह से ही किसान अपने-अपने उपार्जन केंद्रों में पहुँचकर धान विक्रय कर रहे हैं। जिला प्रशासन द्वारा मॉइश्चर मीटर, तौल मशीन, बारदाना, टोकन प्रणाली, पेयजल तथा छायादार बैठने की व्यवस्था जैसी सभी आवश्यक सुविधाएँ सुनिश्चित की गई हैं, जिससे खरीदी प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी है।केंद्री, अभनपुर के धान उपार्जन केंद्र में अपना धान बेचने पहुँचे ग्राम उपरवारा के किसान श्री ईश्वर साहू ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि “मुख्यमंत्री हमारे धान को समर्थन मूल्य पर खरीद रहे हैं, यह हमारे लिए बड़ी सहायता है।” उन्होंने आगे बताया कि उपार्जन केंद्र में अच्छी व्यवस्थाएँ की गई है। बैठने के लिए शेड, समय पर टोकन, त्वरित तौल, पर्याप्त बारदाना तथा पेयजल सहित अन्य व्यवस्थाएं उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताया।
- -भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर बिलासपुर में राज्य स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम संपन्न-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जनजातीय समाज को संस्कृति, आस्था और विकास की दिशा में एकजुट रहने का दिया संदेश-छत्तीसगढ़ में जनजातीय विकास को पीएम जनमन, ग्राम उत्कर्ष अभियान से मिल रही नई दिशाबिलासपुर /पुलिस परेड ग्राउंड, बिलासपुर में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस का भव्य और गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि जनजातीय समाज का इतिहास सदैव शौर्य, बलिदान और गौरव से भरा रहा है। उन्होंने कहा कि मुगल शासन से लेकर अंग्रेजी हुकूमत तक, देश की स्वतंत्रता की लड़ाई में जनजातीय समाज के वीरों ने जो योगदान दिया, वह अनुपम है, किंतु इतिहास के पन्नों में उन्हें वह स्थान नहीं मिला जिसके वे हकदार थे।मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस ऐतिहासिक भूल को सुधारा और जनजातीय समाज के सम्मान, उत्थान और विकास के लिए बड़े स्तर पर कार्य किए। वे स्वयं भगवान बिरसा मुंडा की कर्मभूमि गए और समाज की प्रगति के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री जी ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लेकर पूरे देश में स्वाभिमान की नई ऊर्जा का संचार किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मध्यप्रदेश के जबलपुर में रानी दुर्गावती संग्रहालय और रायपुर में शहीद वीर नारायण सिंह ट्राइबल म्यूजियम का उद्घाटन कर देशभर के जनजातीय योद्धाओं के योगदान को सम्मानित किया है। यह संग्रहालय डिजिटल स्वरूप में भी उपलब्ध है, जिससे नई पीढ़ी अपने इतिहास से परिचित हो सके। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी ने ही झारखंड और छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण कर जनजातीय समाज को नई पहचान दिलाई। उन्होंने आदिम जाति मंत्रालय बनाकर जनजातीय विकास के लिए विशेष बजट प्रावधान किए। आज देश का सर्वाेच्च संवैधानिक पद राष्ट्रपति आदिवासी समाज से होना गर्व की बात है, और छत्तीसगढ़ में भी आदिवासी समाज का बेटा मुख्यमंत्री के रूप में सेवा कर रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना के माध्यम से लगभग 80 हजार करोड़ रूपए से अधिक राशि का प्रावधान कर 6600 से भी अधिक गांवों में विकास के कार्य किए जा रहे हैं। इसके साथ ही विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए पीएम जनमन योजना शुरू की गई है, जिसके तहत सड़क, आवास तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने गर्व से बताया कि इन योजनाओं के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ देश में प्रथम स्थान पर है और इस उपलब्धि के लिए राज्य को राष्ट्रपति महोदया द्वारा सम्मानित भी किया गया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि उन्हें यह सौभाग्य प्राप्त हुआ है कि वे इस ऐतिहासिक जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में उपस्थित हैं। उन्होंने बिलासपुर जिले में 329 करोड़ रूपए से अधिक के विकास कार्यों के लोकार्पण और शिलान्यास पर जनता को बधाई दी। कार्यक्रम में जनजातीय समाज के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों,सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले कलाकारों और समाजसेवियों और स्कैच तैयार करने वाली दीपिका धु्रव को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने समाज के प्रमुख जनप्रतिनिधियों से चर्चा की तथा उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया।कार्यक्रम की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने की। उन्होंने कहा कि आज का दिन सौभाग्य और सम्मान का दिन है, जब बिलासपुर को 329 करोड़ रूपए से अधिक के विकास कार्यों की सौगात मिली है। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा स्वतंत्रता संग्राम के महानायक थे, और जनजातीय समाज का इतिहास गौरवशाली रहा है। उपमुख्यमंत्री ने ट्राइबल म्यूजियम की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए सभी को इसे अवश्य देखने की अपील की।इस अवसर पर विधायक श्री धरमलाल कौशिक, श्री अमर अग्रवाल, श्री धर्मजीत सिंह, श्री सुशांत शुक्ला, श्री दिलीप लहरिया, श्री अटल श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी, पाठ्य पुस्तक निगम अध्यक्ष श्री राजा पांडेय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, जनजातीय समाज के श्री हेमंत राज, श्री वीरेंद्र सिंह राज, श्री उमेश कश्यप, डॉ. सीएस उइके, श्रीमती वंदना उइके, वेद सिंह मरकाम, संभाग आयुक्त श्री सुनील जैन, आईजी श्री संजीव शुक्ला, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, एसएसपी श्री रजनेश सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री अमित कुमार, सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित थे।बिलासपुर में लगेगी भगवान बिरसा मुंडा की आदमकद प्रतिमा - मुख्यमंत्री की महत्वपूर्ण घोषणाकार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ की। बिलासपुर में भगवान बिरसा मुंडा की आदमकद प्रतिमा स्थापित की जाएगी। शहर के एक प्रमुख चौक का नामकरण भगवान बिरसा मुंडा के नाम पर किया जाएगा। लाल खदान ओवरब्रिज का नामकरण शहीद वीर नारायण सिंह ओवरब्रिज के रूप में किया जाएगा। जनजातीय बालक-बालिकाओं के लिए 300-200 सीटर अत्याधुनिक पोस्ट मैट्रिक छात्रावास खोले जाएंगे। कोटा ब्लॉक में जनजातीय समाज के लिए सुसज्जित सामुदायिक भवन का निर्माण किया जाएगा।
- 0- केंद्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू ने जनजातीय समाज के मेधावी छात्रों को किया सम्मानित0- प्रयास आवासीय विद्यालय में जनजातीय गौरव दिवस समारोह का आयोजनरायपुर. प्रयास बालक आवासीय विद्यालय, सड्डू में जनजातीय गौरव दिवस एवं संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्य मंत्री श्री तोखन साहू उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान श्री साहू ने आईआईआईटी, एनआईटी और मेडिकल कॉलेज में नवप्रवेशित विद्यार्थियों को उपहार भेंट कर सम्मानित किया। विद्यालय के छात्रों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिसमें बस्तर की पारंपरिक लोकधुनों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किए गए।कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा गुजरात के डेडियापाडा से राष्ट्र को संबोधित संदेश का वाचन भी किया गया। प्रधानमंत्री ने हाल ही में छत्तीसगढ़ में शहीद वीर नारायण सिंह जनजातीय संग्रहालय के लोकार्पण का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में राष्ट्रपति से लेकर कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों तक जनजातीय समाज का नेतृत्व मजबूत हो रहा है। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा को नमन करते हुए सभी देशवासियों को जनजातीय गौरव दिवस की बधाई दी।अपने संबोधन में श्री तोखन साहू ने कहा कि आज पूरा देश भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर जनजातीय गौरव दिवस मना रहा है। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज ने अंग्रेजों और मुगल शासन के विरुद्ध निरंतर संघर्ष कर आजादी की लड़ाई को मजबूत किया है। उन्होंने बताया कि 9वीं सदी से 19वीं सदी तक जनजातीय समाज ने अपने अधिकारों और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण आंदोलन चलाए।श्री साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी जनजातीय समाज के गौरव को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ में शहीद वीर नारायण सिंह जैसे अमर सेनानी स्वतंत्रता संग्राम के प्रेरणास्रोत रहे हैं। उन्होंने सभी वीरों को नमन करते हुए उपस्थित जनों को जनजातीय गौरव दिवस की शुभकामनाएं दीं।जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल ने कहा कि यह हमारे लिए गौरव की बात है कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री तथा देश की महामहिम राष्ट्रपति दोनों ही जनजातीय समाज से आते हैं। छत्तीसगढ़ का जनजातीय इतिहास बहुत समृद्ध है। वीर नारायण सिंह, वीर गुंडाधुर जैसे अनेक स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने छत्तीसगढ़ का नाम इतिहास में अमर कर दिया है।"जनजातीय समाज का गौरवशाली इतिहास"विषय पर आयोजित संगोष्ठी में मानवशास्त्र विभाग, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्ष डॉ. जितेंद्र कुमार तथा इतिहास विभाग के प्राध्यापक डॉ. बंसोड़ नुरेटी ने अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में जनजातीय समाज ने प्राचीन काल से लेकर मुगल काल और स्वतंत्रता संग्राम तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जनजातीय वीरों ने अपनी भूमि, संस्कृति और अधिकारों की रक्षा के लिए साहसिक संघर्ष किए।इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन कुमार अग्रवाल, जिला पंचायत सदस्य गुरु सौरभ साहेब, नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुमार बिश्वरंजन सहित संबंधित अधिकारी, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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- वनवासी क्षेत्रों का हो रहा विकास, दूरस्थ क्षेत्रों में बिछाया जा रहा सड़कों का जाल
- छत्तीसगढ़ में दिखाई दे रहा परिवर्तन
- प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत 18 लाख आवास बनाए गए
- वनवासी परिवारों को मिले 7 लाख आवास
- विधानसभा अध्यक्ष जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में हुए शामिल
राजनांदगांव । जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आज पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी गुजरात के नर्मदा जिले के डेडियापाड़ा में बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में सम्मलित हुए। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष एवं अन्य जनप्रतिनिधि वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े रहे। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह को वाईसन हॉर्न मुकुट पहनाकर आत्मीय अभिनंदन किया गया। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को सामग्री का वितरण किया। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं महिलाओं को सम्मानित किया। अपने उद्बोधन में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने सभी को जनजातीय दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आज देश के 700 जिलों में इस कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश पहुंच रहा है कि हम जननायक बिसरा मुंडा की शहादत को नहीं भुलेंंगे और उनकी याद को अक्षुण्य बनाए रखेंगे। अंग्रेजों के अन्याय के खिलाफ झारखंड में बिरसा मुंडा ने विद्रोह किया। उन्होंने झारखंड के युवाओं को संगठित किया और अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी। बिरसा मुण्डा को भगवान की उपाधि दी गई है और लोकगीत, लोककथाओं एवं जनश्रुतियों में उनका वर्णन मिलता है। उनकी अद्भुत शक्ति के कारण छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश एवं अन्य राज्यों में उनका व्यापक प्रभाव पड़ा। बिरसा मुण्डा के नेतृत्व में अंग्रेजों के खिलाफ वनवासी युवाओं ने विद्रोह कर युद्ध की घोषणा की। जिसे दबाने के लिए अंग्रेजों ने भीषण नरसंहार किया। बिरसा मुंडा ने देश के लिए अपनी शहादत दी। उनके संघर्षों को हम आज नमन करते हैं।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की संकल्पना के अनुरूप वनवासी क्षेत्रों का विकास हो रहा है तथा दूरस्थ क्षेत्रों में सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। प्रदेश में कुपोषण, गरीबी एवं पलायन को रोकने के लिए खाद्यान्न सुरक्षा योजना लाई गई, जिसके माध्यम से वनवासी लाभान्वित हुए। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वनवासियों के लिए तेंंदूपत्ता संग्राहकों को 4000 रूपए से बढ़ाकर 5500 रूपए पारिश्रमिक कर दिया है। प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत 12 हजार करोड़ रूपए की लागत से 18 लाख आवास बनाए गए, जिनमें से 7 लाख आवास वनवासियों को मिला है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में परिवर्तन दिखाई दे रहा है। हर गांव में पेयजल, बिजली एवं अन्य सुविधाओं का विकास हो रहा है। वनवासी क्षेत्रों में 50 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या होने पर धरती आबा योजना अंतर्गत ऐसे क्षेत्रों में पेयजल, शिक्षा, राशन, स्वास्थ्य एवं विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए किया जा रहा है। हमारा देश, गौरव, अस्मिता, स्वाभिमान, हमारी संस्कृति, मिट्टी से जुड़ा है। संस्कृति एवं संस्कार की रक्षा के लिए वीरों ने देश के लिए अपना बलिदान दिया है। इतिहास में ऐसे महानायक जो कही न कही विस्मृत हो गए, ऐसे पूर्वजों को याद करने के लिए आज का यह दिन महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर समाज के प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने बिरसा मुण्डा के जीवन यात्रा के संबंध में जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल श्री योगेशदत्त मिश्रा, जिला पंचायत सदस्य श्री प्रशांत कोड़ापे, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती बिरम मंडावी, जिला पंचायत सदस्य श्री गोपाल सिंह भुआर्य, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अनिता मंडावी, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती देवकुमारी, पार्षद श्री सेवक उईके, समाज सेवी श्री कोमल सिंह राजपूत, श्री सचिन बघेल, श्री सुमित उपाध्याय, श्री भावेश बैद, कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव, पुलिस अधीक्षक श्रीमती अंकिता शर्मा, अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास सुश्री दीक्षा गुप्ता, जनजातीय समाज के प्रतिनिधि श्री आत्माराम चंद्रवंशी, श्री एमडी ठाकुर, श्री नीलकंठ गढ़े, श्रीमती सुशीला नेताम, श्री एचआर ठाकुर, श्री राहुल नेताम, श्री गेमू लाल कुंजाम, श्री आरएस नायक, श्रीमती पुष्पा उईके, श्री ललित कुमरे, श्री आरपी ठाकुर, सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी, समाज के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। - 0- महाराष्ट्र मंडल ने बहुप्रतीक्षित आपुलकी प्रकल्प की ओर बढ़ाया एक और कदमरायपुर। महाराष्ट्र मंडल के दिव्यांग बालिका विकास गृह के पुनर्निर्माण के बाद शनिवार शाम को सचिव चेतन गोविंद दंडवते ने उपाध्यक्ष गीता को पति श्याम दलाल के साथ यजमान बनाते हुए पूजा की। पूजा के बाद हवन में मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले सहित समुचित कार्यकारिणी, विभिन्न समितियों के पदाधिकारी और सभासदों ने हिस्सा लिया। इस आयोजन के बाद महाराष्ट्र मंडल ने अपने बहु प्रतीक्षित आपुलकी प्रकल्प की ओर एक कदम और बढ़ा दिया है।बताते चलें की महाराष्ट्र मंडल ने समता कॉलोनी स्थित दिव्यांग बालिका विकास गृह का पुनर्निर्माण करते हुए यहां पर अस्थि बाधित दिव्यांग बच्चियों, मुक- बधिर दिव्यांग बच्चियों सहित वरिष्ठ नागरिकों के डे केयर सेंटर की व्यवस्था की गई है। जिसे आपुलकी प्रकल्प नाम दिया गया है।हाल ही में कलेक्टर गौरव सिंह और वित्त सचिव मुकेश बंसल ने महाराष्ट्र मंडल में अध्यक्ष अजय काले को दिए सौजन्य भेंट में मंडल की आपुलकी योजना पर दिलचस्पी दिखाई थी और इसे छत्तीसगढ़ शासन के नए सियान गुड़ी योजना के साथ जोड़कर शुरू करने की बात कही थी। सौजन्य भेंट के बाद कलेक्टर गौरव सिंह अतिशीघ्र दिव्यांग बालिका विकास गृह के नवनिर्मित भवन का दौरा कर सियान गुड़ी योजना के तहत वरिष्ठ नागरिकों के दिनभर रहने की व्यवस्था का निरीक्षण करने के बाद योजना के क्रियान्वयन को लेकर आवश्यक दिशा- निर्देश देने की बात कही थी।अब उम्मीद की जा रही है कि दिसंबर प्रथम सप्ताह तक महाराष्ट्र मंडल का आपुलकी प्रकल्प शासन की सियान गुड़ी योजना के साथ शुरू हो जाएगा। सखी निवास की प्रभारी नमिता शेष ने बताया कि पूरा आयोजन शनिवार की शाम को होने के कारण पूजा और महा आरती के बाद सभी ने हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ भी किया।
- 0- अनुपस्थिति और स्पष्टीकरण नहीं देने पर हुई कार्रवाईरायपुर. प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्या. गनियारी द्वारा समिति प्रभारी, गनियारी श्री कौशल वर्मा को गंभीर अनुशासनहीनता के कारण तत्काल प्रभाव से सेवा मुक्त कर दिया गया है।समिति द्वारा पहले ही श्री वर्मा को जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित होने पर तत्काल कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए थे। पूर्व में शो कॉज नोटिस भी जारी किया गया था। इसके बावजूद उनके द्वारा न तो कार्यालय में उपस्थिति दर्ज कराई गई और न ही लिखित जवाब प्रस्तुत किया गया।उनकी लगातार अनुपस्थिति से समिति में धान उपार्जन की तैयारी, रबी ऋण वितरण, खाद–बीज वितरण तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़े आवश्यक कार्य प्रभावित हुए, जिसे समिति ने व्यापक लोकहित के विपरीत और गंभीर दुराचरण माना। आज बोर्ड की बैठक के निर्णय के अनुसार सेवा नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए श्री वर्मा को समिति प्रभारी पद से तुरंत प्रभाव से हटाने का आदेश जारी कर दिया गया है।
- - किसानों से खेती-किसानी के संबंध में चर्चा कर धान विक्रय के लिए दी शुभकामनाएं- शासन द्वारा समर्थन मूल्य और कृषक उन्नति योजना के तहत धान खरीदी से किसानों में हर्ष व्याप्तराजनांदगांव । विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आज राजनांदगांव विकासखंड के धान उपार्जन केन्द्र भानपुरी में इलेक्ट्रानिक कांटा बाट मशीन में धान का बारदाना रखकर पूजा-अर्चना कर धान खरीदी का शुभारंभ किया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने किसानों को फूल माला पहनाकर उनका अभिनंदन किया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह धान खरीदी केन्द्र में धान की बिक्री के लिए पहुंचे किसानों से रूबरू हुए। उन्होंने किसानों से खेती-किसानी के संबंध में चर्चा की और किसानों को धान विक्रय के लिए शुभकामनाएं दी।विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 अंतर्गत आज से पूरे प्रदेश में धान खरीदी की शुरूआत हो रही है और प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक धान खरीदी की जाएगी। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों से 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर और प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक के मान से धान खरीदी की जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा किसानों को धान का वाजिब कीमत देने, समय पर खरीदी करने, समय पर उठाव करने तथा अन्य कार्यों के लिए सभी व्यवस्थाएं की गई है। उन्होंने कहा कि धान खरीदी के संबंध में किसी भी तरह की समस्या के समाधान के लिए जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से संपर्क कर सकते है।कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने जिले में शुरू की गई धान खरीदी के संबंध में जानकारी दी। कलेक्टर ने बताया कि जिले में सभी 96 उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी की जाएगी। धान खरीदी हेतु इस वर्ष 1 लाख 28 हजार 410 कृषकों का पंजीयन किया गया है। सभी उपार्जन केन्द्रों में पर्याप्त संख्या में बारदाने उपलब्ध है। धान खरीदी के लिए मानव संसाधनों की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। धान खरीदी हेतु टोकन जारी किया जा रहा है। किसान टोकन के माध्यम से प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक धान ब्रिकी कर सकते है। इस अवसर पर समाज सेवी श्री कोमल सिंह राजपूत, श्री सचिन बघेल, श्री सुमित उपाध्याय, श्री भावेश बैद, पुलिस अधीक्षक श्रीमती अंकिता शर्मा, एडीएम राजनांदगांव श्री गौतमचंद पाटिल, खाद्य अधिकारी श्री रविन्द्र सोनी, केन्द्रीय सहकारी समिति के सीईओ श्री सोनी सहित सहकारी समितियों के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।
- -कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम हुए शामिल-आदिवासी परंपरा, संस्कृति और शहादत को समर्पित जनजातीय गौरव दिवस -मंत्री श्री नेताम-विभिन्न योजनाओे के तहत 126 करोड़ से अधिक की लागत राशि के कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन-जनजातीय समुदाय के प्रतिभावान बच्चों एवं समाज प्रमुखों को किया सम्मानितबलरामपुर / भगवान बिरसा मुंडा के 150 जयंती पर जिले के ऑडिटोरियम प्रांगण, बाजारपारा में जनजातीय गौरव दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात से वर्चुअली रूप से जुड़कर कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने बिरसा मुंडा के स्वतंत्रता संग्राम में निभाई गई भूमिका और उनकी प्रेरणादायक जीवनी का उल्लेख किया।जिला स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री रामविचार नेताम के आगमन पर जनजातीय समाज प्रमुखों ने पारम्परिक पगड़ी पहनाकर आत्मीय स्वागत किया। मंत्री श्री नेताम ने स्वयं पारम्परिक वाद्य यंत्र मांदर बजाते हुए पर मुख्य मंच पर पहुंचे। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा के छायाचित्र सहित जनजातीय देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना कर जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में मंत्री श्री नेताम ने 126 करोड़ 82 लाख 65 हजार रूपये की लागत से तीन एकलव्य आदर्ष आवासीय विद्यालय, तीन बालक आश्रम का भूमिपूजन तथा पीएम जनमन योजना के तहत बहुउद्देषीय आमाकोना का लोकार्पण किया।जिला स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में रेडक्रॉस सोसायटी अध्यक्ष श्री ओम प्रकाश जायसवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हीरामुनी निकुंज, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री धीरज सिंह देव, नगरपालिका अध्यक्ष श्री लोधी राम एक्का, उपाध्यक्ष श्री दिलीप सोनी, पिछड़ा वर्ग आयोग सदस्य श्री कृष्णा गुप्ता,कलेक्टर श्री राजेंद्र कटारा, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर, सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक मौजूद रहे। इस दौरान मंत्री श्री नेताम ने विभिन्न अदिवासी समुदाय के समाज प्रमुखों को साल और शील्ड से सम्मानित किया।कृषि मंत्री श्री नेताम ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर आप सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने भगवान बिरसा मुंडा की जन्मदिवस को पूरे भारत मे जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने का निर्णय आदिवासी समाज का गौरव बढ़ाया है। प्रधानमंत्री जी आज गुजरात से आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र से कार्यक्रम में शामिल होकर बिरसा मुंडा की जयंती पर बधाई दे रहे है यह हमारे आदिवासी समाज के लिए सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि आदिवासी जनजाति के लिए ऐसा कोई पर्व नही था, परन्तु प्रधानमंत्री जी ने बिरसा मुंडा के जयंती को पूरे भारत का पर्व बना दिया है जिसे आज पूरा देश मना रहा हैमंत्री श्री नेताम ने कहा कि समाज मे कई ऐसे महापुरुष है जो देश के लिए अपनी जान गंवाई है, उन्ही महापुरुषों में भगवान बिरसा मुंडा विशेष स्थान रखते है। उन्होंने आजादी की लड़ाई में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि आज जनजातीय गौरव दिवस है। बिरसा मुंडा ने आदिवासी संस्कृति को बचाने, समाज को सही दिशा देने तथा आजादी में योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि देश की जनजातीय के गौरव के लिए यह दिवस मनाया जा रहा है। जिसके माध्यम से जनजातीय शहादतों को याद किया जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए जनजातीय म्यूजियम का उल्लेख भी किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के द्वारा जनजातीय वर्ग के विकास के साथ,संस्कृति का संरक्षण करने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने कहा कि हमारी लोक संस्कृति, परंपरा, पहनावा को संजोना है। उन्होंने कहा कि हमें गर्व होता है कि हमारी राष्ट्रपति विशेष पिछड़ी जनजाती की है। जिससे हमारा मान सम्मान स्वाभिमान बढ़ा है। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से जनजातीय वर्ग का उत्थान करने का प्रयास किया जा रहा है। हमे लगातार आदिवासी समुदाय को आगे बढ़ाने के लिए मिल कर कार्य करना है। और उन्हें शासन की समस्त योजनाओं से लाभान्वित करना है।मंत्री नेताम ने विभागीय स्टॉलों का किया अवलोकनमंत्री श्री रामविचार नेताम ने कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए विभागीय स्टॉलों का अवलोकन किया। इस अवसर पर आदिवासी विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, वन विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग सहित विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए थे। स्टॉलों के माध्यम से विभागीय अधिकारियों ने अपनी-अपनी जनकल्याणकारी योजनाओं और सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी जिससे आमजन को योजनाओं का लाभ समझने और प्राप्त करने में सहूलियत हो।जनजातीय हितग्राहियों को दी गई स्वेच्छानुदान राशिपीएम आवास की चाबी, मिनीकिट सहित विभिन्न सामग्रियों का वितरणकार्यक्रम में मुख्य अतिथि द्वारा जनजातीय हितग्राहियों को स्वेच्छानुदान की राशि, प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत लाभार्थियों को पीएम आवास जनमन की चाबी, बैंक लिंकेज हेतु चेक, कृषि विभाग के तहत मसूर मिनी-किट तथा स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत आयुष्मान कार्ड का वितरण किया गया। साथ ही उन्होंने विभिन्न विषयों, सामान्य ज्ञान, खेल, बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र का भी वितरण किया।शहीद वीर नारायण सिंह लोक कला महोत्सव अंतर्गत पारंपरिक नृत्यों की मनमोहक झलककर्मा, शैला और सोन्दों नृत्य ने दर्शकों का मन मोहाशहीद वीर नारायण सिंह लोक कला महोत्सव अंतर्गत आज सभी विकासखंडों से आए नर्तक दलों ने पारंपरिक वेश-भूषा और वाद्य यंत्रों के साथ आकर्षक प्रस्तुति दी। इसमें कुसमी विकासखंड के ग्राम खजुरी के नर्तक दल ने कर्मा नृत्य प्रस्तुत कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसी प्रकार शंकरगढ़ के ग्राम सिलफिली के दल ने शैला नृत्य की प्रस्तुति देकर द्वितीय स्थान तथा राजपुर विकासखंड के ग्राम कोदौरा से आए दल ने सोन्दों नृत्य प्रस्तुत कर तृतीय स्थान हासिल किया। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि श्री नेताम द्वारा विजेता दलों को सम्मानित किया गया
- -प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल रूप से जुड़कर विभिन्न विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास, जनजातीय गौरव दिवस की दी शुभकामनाएं-सरगुजा में जिला स्तरीय कार्यक्रम में वित्तमंत्री श्री ओ. पी. चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में हुए शामिल-उत्तर छत्तीसगढ़ क्षेत्र जनजातीय लोक नृत्य महोत्सव एवं वीर नारायण सिंह कला महोत्सव 2025 के जिला स्तरीय प्रतियोगिता का हुआ आयोजन-बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी हुए सम्मानितरायपुर, /भगवान बिरसा मुण्डा की 150वीं जयंती 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर शनिवार को राजमोहिनी देवी भवन ऑडिटोरियम में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के वित्त मंत्री एवं सरगुजा जिले के प्रभारी मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी शामिल हुए।कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल रूप से जुड़कर विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने आदिवासियों के उत्थान में भगवान बिरसा मुंडा की भूमिका को स्मरण कर उन्हें नमन किया तथा देश की आजादी में आदिवासी समुदाय के महापुरुषों के त्याग एवं बलिदान को याद किया। जनजातीय गौरव दिवस की सभी को शुभकामनाएं दीं।जिला स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वित्तमंत्री श्री ओ पी चौधरी ने कहा कि देश की स्वतंत्रता में स्वयं को समर्पित करने वाले आदिवासी समाज के सेनानियों का बहुत बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि आज भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर हम उन्हें नमन करते हैं, अंग्रेजों के खिलाफ लड़ते हुए उन्होंने अपना जीवन न्योछावर कर दिया।प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा जी के जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में स्थापित किया है। हम ऐसे महान स्वतंत्रता संग्राम राष्ट्र सेनानियों को याद करें, इसके लिए जनजातीय गौरव दिवस मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनजातीय गौरव वर्ष जनजातीय समुदायों के योगदान, गौरवशाली इतिहास और उनकी विरासत को समर्पित है।लुण्ड्रा विधायक श्री प्रबोध मिंज ने जनजातीय गौरव दिवस शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जनजातीय समाज को लाभ दिलाने के उद्देश्य से शासन द्वारा कई योजनाएं शुरू की गई। जिसका प्रत्यक्ष लाभ आदिवासियों की जीवन शैली में नजर आ रहा। आज देश के गांव-गांव तक सड़क पहुंच रही है, स्वास्थ्य सुविधाएं लोगों तक पहुंची है, आदिवासी क्षेत्रों तक शिक्षा, पेयजल, विद्युत पहुंच गए हैं। शासन आदिवासी समुदाय को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही है, इसलिए आज हम जनजातीय गौरव दिवस मना रहे हैं।सीतापुर विधायक श्री रामकुमार टोप्पो ने कहा कि आज का दिन अपने आप में गौरव का दिवस है। आजादी के पहले अंग्रेजों के द्वारा आदिवासियों की जमीन लूटी गई, उनकी संस्कृति को तहस-नहस किया गया। तब भगवान बिरसा मुण्डा ने आंदोलन किया और इस आंदोलन के कारण यह नियम बना कि कोई भी आदिवासी का जमीन नहीं खरीद सकता। आज यह नियम आदिवासियों के लिए वरदान है। उन्होंने कहा कि आदिवासियों के द्वारा देश की आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई है। कई ऐसे महापुरुष हुए जिन्होंने आंदोलनों के माध्यम से अंग्रेजों के खिलाफ खड़े रहे। वहीं संस्कृति को बचाने में भी आदिवासी समुदायों ने अपनी भूमिका निभाई है।इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती निरूपा सिंह, उपाध्यक्ष देवनारायण यादव, महापौर श्रीमती मंजूषा भगत, नगर निगम सभापति श्री हरमिंदर सिंह टिन्नी, सरगुजा संभागायुक्त श्री नरेन्द्र दुग्गा, पुलिस महानिरीक्षक श्री दीपक झा,कलेक्टर श्री विलास भोसकर, पुलिस अधीक्षक श्री राजेश अग्रवाल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, जिले के अधिकारी-कर्मचारी, विभिन्न आदिवासी समाजों के प्रतिनिधि, आमजन उपस्थित थे। बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी हुए सम्मानितइस दौरान हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूल की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले सरगुजा जिले के अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थी सम्मानित हुए। इस दौरान 10वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों में शासकीय प्रयास आवासीय विद्यालय अम्बिकापुर से समली, शारदा सिंह एवं विद्या सिंह, संत यूजिन अंग्रेजी माध्यम बोदा बतौली से निलिश्मा तिर्की तथा शा.बहु.उ.मा. विद्यालय अम्बिकापुर से आलोक कुमार सम्मानित हुए। वहीं 12 वीं हायर सेकेण्डरी स्कूल परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों में क्रिश्चियन उ.मा.वि. सूर्यापारा से अनुप खेस्स, विवेकानंद विद्या निकेतन उ.मा.वि अम्बिकापुर से जेनीरीमा मिंज एवं कविता टोप्पो, शासकीय प्रयास आवासीय विद्यालय अम्बिकापुर से समीर खाखा एवं शासकीय बालक उ.मा.वि. लुण्ड्रा से अनुराग सिंह सम्मानित हुए।उत्तर छत्तीसगढ़ क्षेत्र जनजातीय लोक नृत्य महोत्सव एवं वीर नारायण सिंह कला महोत्सव 2025 के जिला स्तरीय प्रतियोगिता का हुआ आयोजन-इस दौरान उत्तर छत्तीसगढ़ क्षेत्र जनजातीय लोक नृत्य महोत्सव के जिला स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें विकासखण्ड स्तर पर चयनित कुल 14 दलों के बीच प्रतियोगिता हुई। इसके साथ ही कार्यक्रम में वीर नारायण सिंह कला महोत्सव 2025 के जिला स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन हुए, जिसमें विकासखण्ड स्तर पर चयनित कुल 7 दल प्रतियोगिता में शामिल हुए।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज अपने बिलासपुर प्रवास के दौरान पुलिस ग्राउंड में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में जिले को विकास की नई सौगात देते हुए 329 करोड़ 77 लाख रूपए से अधिक की लागत वाले 47 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें 309 करोड़ 95 लाख रूपए से अधिक की लागत से 42 कार्यों का शिलान्यास तथा 19 करोड़ 18 लाख रूपए की लागत से 5 कार्यों का लोकार्पण शामिल है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कोनी में 11 करोड़ 91 लाख 17 हजार रूपए की लागत से निर्मित संभागीय आयुक्त कार्यालय का लोकार्पण किया। इसी क्रम में 11 लाख रूपए की लागत से निर्मित राजा रघुराज सिंह की प्रतिमा का अनावरण भी किया गया। स्मार्ट सिटी के तहत 6 करोड़ 99 लाख रूपए की लागत से तैयार वंदे मातरम उद्यान एवं ड्यूल पाइपिंग अंतर्गत एसटीपी निर्माण कार्य, नगर निगम बिलासपुर के वार्ड क्रमांक 18 में 30 लाख 33 हजार रूपए की लागत से रिटर्निंग वॉल, इंटरलॉकिंग पोर्च, टाइल्स एवं चैनल लिंक फेंसिंग का कार्य तथा महमंद में 50 लाख रूपए की लागत से प्राथमिक शाला लालखदान के नवीन भवन में अतिरिक्त कक्ष का लोकार्पण भी किया गया। उन्होंने कोटा भैंसाझार में 4 करोड़ 43 लाख रूपए की लागत से प्रस्तावित भैंसाझार उद्वहन सिंचाई योजना का शिलान्यास किया। साथ ही टिकरी एवं चिल्हाटी में 30-30 लाख रूपए की लागत से महतारी सदन निर्माण कार्य का भी शिलान्यास किया।
- बिलासपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बिलासपुर प्रवास के दौरान शहर के मध्य स्थित रघुराज स्टेडियम में दानदाता गोंड राजा रघुराज सिंह जगत की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया। पंडरिया जमींदारी के राजा रघुराज सिंह जगत द्वारा शहर के बीचोबीच दान की गई लगभग 5 एकड़ भूमि पर इस ऐतिहासिक स्टेडियम का निर्माण किया गया है। क्रिकेट सहित कई इनडोर खेल प्रतियोगिताएं इसमें आयोजित होती हैं। मालूम हो कि अविभाजित बिलासपुर जिले की पश्चिम सीमा में पंडरिया जमींदारी शामिल थी। वर्ष 1958 में यहां के राजा रघुराज सिंह जगत ने बिलासपुर शहर के बीचोबीच स्थित अपनी बेशकीमती जमीन खेलों के विकास के लिए दान कर दी थी। खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए उनके द्वारा दान में दी गई भूमि पर स्टेडियम बना है। फिजिकल कल्चरल सोसाइटी फिलहाल इसकी देखरेख करती है। राजा रघुराज सिंह क्रिकेट स्टेडियम कई रणजी मैचों का गवाह रह चुका है । स्टेडियम में 1978, 1979 और 1981 में विदर्भ क्रिकेट टीम के खिलाफ मध्य प्रदेश क्रिकेट टीम और रेलवे क्रिकेट टीम के खिलाफ तीन रणजी मैचों की मेजबानी भी कर चुका है। इसके अलावा यहां कई राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय मैच खेल चुके खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्टेडियम में खिलाड़ियों से मिलकर उनका उत्साह बढ़ाया।इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव, विधायक श्री धरमलाल कौशिक, श्री अमर अग्रवाल, श्री धर्मजीत सिंह,श्री सुशांत शुक्ला, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- -मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों और कलेक्टरों ने तराजू-बॉट की पूजा-अर्चना कर खरीदी का किया शुभारंभ-खरीदी केन्द्रों में किसानों को फूल-माला पहनाकर किया गया स्वागत-पहले दिन किसानों से 188 केंद्रों में 18639 क्विंटल धान की हुई खरीदी-उपमुख्यमंत्री द्वय श्री अरूण साव एवं श्री विजय शर्मा की मौजूदगी में हुआ श्रीगणेश-खाद्य मंत्री श्री बघेल ने चंदरपुर और कृषि मंत्री श्री नेताम ने डौरा-कोचली में की खरीदी की शुरुआत-रायपुर /छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का महाअभियान आज से औपचारिक रूप से शुरू हो गया है। यह अभियान राज्य के सभी जिलों में 31 जनवरी तक चलेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में धान खरीदी के लिए सम्पूर्ण चाक-चौबंद और पारदर्शी व्यवस्था की गई है।समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए इस साल राज्य में 2739 धान खरीदी केंद्र बनाए गए हैं, जहां किसानों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। वहीं, भुगतान की सुविधा सुगम बनाने हेतु माइक्रो एटीएम भी स्थापित किए गए हैं। खरीदी के पहले दिन प्रदेश में 18639 क्विंटल धान की खरीदी की गई।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के सभी किसानों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि किसानों की मेहनत से ही प्रदेश में समृद्धि और खुशहाली का वातावरण निर्मित हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेती-किसानी को बढ़ावा देने के लिए निष्ठा, संवेदनशीलता और सजगता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि धान खरीदी को पूरी तरह व्यवस्थित, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से संचालित किया जाएगा। किसानों की किसी भी प्रकार की असुविधा को रोकने के लिए सभी जिलों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। इस वर्ष धान खरीदी को तकनीक-सक्षम बनाते हुए तुँहर टोकन ऐप, जीपीएस आधारित परिवहन, सतर्क ऐप और कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटर जैसी व्यवस्थाएँ मजबूत की गई हैं।धान खरीदी के पहले दिन राज्यभर के खरीदी केंद्रों में किसानों का स्वागत फूल-मालाओं के साथ किया गया। विभिन्न जिलों में मंत्रिगणों, सांसदों, विधायकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने धान खरीदी का विधिवत् शुभारंभ किया। उपमुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने बिलासपुर जिले के सेंदरी धान खरीदी केंद्र में खरीदी की शुरुआत की, वहीं उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कबीरधाम जिले के महाराजपुर धान खरीदी केंद्र में धान खरीदी का शुभारंभ किया।इसी प्रकार, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल ने सूरजपुर जिले के चंद्रपुर धान खरीदी केंद्र में विधि-विधान के साथ खरीदी प्रारंभ की और किसानों का फूल-मालाओं से अभिनंदन किया। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम ने बलरामपुर जिले के डौरा-कोचली धान खरीदी केंद्र में पहुँचकर किसानों का आत्मीय स्वागत करते हुए खरीदी प्रक्रिया की शुरुआत की।सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने बस्तर जिले के पल्ली धान खरीदी केंद्र में पूजा-अर्चना कर खरीदी अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया। इसी क्रम में राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कांकेर जिले के मालगांव धान खरीदी केंद्र में इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन और किसानों द्वारा लाए गए धान की पारंपरिक रीति से पूजा-अर्चना कर खरीदी का आरंभ किया। कौशल विकास मंत्री श्री गुरू खुशवंत साहेब ने महासमुंद जिले के झालखमरिया धान खरीदी केंद्र में धान खरीदी की औपचारिक शुरुआत की।उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि हर किसान बिना किसी परेशानी के अपना धान बेच सके, समय पर भुगतान पाए और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी एवं सम्मानजनक हो। आज प्रदेशभर में जिस उत्साह और विश्वास के साथ किसानों ने खरीदी केंद्रों का रुख किया, वह छत्तीसगढ़ की कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था की मजबूती का प्रतीक है। आगामी दिनों में खरीदी प्रक्रिया और अधिक सुगमता के साथ चले, इसके लिए सभी जिला प्रशासन सतर्क और प्रतिबद्ध हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि सरकार का ध्येय केवल धान खरीदना नहीं, बल्कि किसान के श्रम का सम्मान सुनिश्चित करना है और यही भावना इस पूरे अभियान की सबसे बड़ी शक्ति है।
- रायपुर। अस्पतालों की गुणवत्ता, सुरक्षा और नियमानुसार उपचार सुनिश्चित करने में अनियमितता पर स्वास्थ्य विभाग ने कार्यवाही करते हुए बलौदाबाज़ार जिले में संचालित दो निजी अस्पतालों के आयुष्मान पंजीयन 3 माह के लिये सस्पेंड कर दिया है।प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के द्वारा आरोग्यम हॉस्पिटल सिमगा एवं ओमकार हॉस्पिटल बलौदाबाजार का जांच कराया गया जिसमें गंभीर अनियमितताएं पाए जाने के बाद कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।उक्त दोनों अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। नोटिस का जवाब संतोषजनक नहीं होने पर राज्य कार्यालय को अस्पतालों के विरुद्ध कार्यवाही की अनुशंसा की गई। अनुशंसा के आधार पर राज्य नोडल एजेंसी द्वारा आरोग्यम हॉस्पिटल सिमगा एवं ओमकार हॉस्पिटल बलौदाबाजार का आयुष्मान पंजीयन 3 माह के लिये सस्पेंड कर दिया है।जाँच में मिली प्रमुख कमियाँ- अस्पताल स्टाफ की योग्यता का सत्यापन न होना,आवश्यक मेडिकल उपकरणों का अभाव,केस शीट और उपचार रजिस्टर में गड़बड़ियाँ, आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली कमजोर, दवाइयों और प्रक्रियाओं की गलत प्रविष्टियां,आवश्यक सुविधाओं की कमी,मरीजों की देखरेख में खामियां मिली।
- -समितियों का किया औचक निरीक्षण कर किसानों से किया संवादरायपुर,। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव तथा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की आयुक्त श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले ने आज कांकेर जिले के धान खरीदी केन्द्रों का औचक निरीक्षण किया। समर्थन मूल्य पर सुचारू धान खरीदी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उन्होंने चारामा तहसील के माहुद, चारामा, लखनपुरी और कांकेर तहसील के नाथिया नवागांव एवं सरोना स्थित खरीदी केन्द्रों की व्यवस्था का विस्तृत अवलोकन किया।निरीक्षण के दौरान सचिव ने किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं को जाना। उन्होंने धान विक्रय टोकन की प्रक्रिया का परीक्षण किया और किसानों को बताया कि टोकन सोसायटी मॉड्यूल के माध्यम से भी प्राप्त किए जा सकते हैं।सचिव ने जिला खाद्य अधिकारी और सहकारी बैंक के नोडल अधिकारियों से कम्प्यूटर ऑपरेटरों की नियुक्ति, उनके प्रशिक्षण, नमी मापक यंत्र, बारदाना उपलब्धता, डेमेज एवं हमाल की व्यवस्था संबंधी जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि खरीदी केन्द्रों में किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।जिला खाद्य अधिकारी ने बताया कि कांकेर जिले में समर्थन मूल्य पर धान विक्रय हेतु 94 हज़ार 192 किसानों का पंजीयन किया जा चुका है तथा 85 प्रतिशत बारदाना उपलब्ध करा दिया गया है। सचिव के द्वारा निरीक्षण के दौरान एसडीएम श्री अरुण वर्मा, खाद्य अधिकारी श्री जे.जे. नायक, उप पंजीयक सहकारी समिति श्री आशुतोष डडसेना, तहसीलदार चारामा श्री सतेन्द्र शुक्ल, नायब तहसीलदार श्री कृष्ण कुमार पाटले, तहसीलदार सरोना श्री मोहित साहू, सहकारी बैंक के नोडल अधिकारी श्री मनोज वानखेडे तथा नान के जिला प्रबंधक श्री आकाश राही भी उपस्थित रहे।
- -धान उपार्जन केन्द्रों का विधायक कलेक्टर सहित अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा किया गया निरीक्षण-राज्य शासन के मंशानुरूप धान खरीद प्रक्रिया को किसानों के हित में पारदर्शी, सुगम बनाने के लिए प्रशासन पूर्णतः प्रतिबद्ध -विधायक श्री अटामीदंतेवाड़ा । छत्तीसगढ़ राज्य में मुख्यमंत्री की किसान हितैषी मंशा के अनुरूप आज से धान खरीदी का शुभारंभ किया गया। इसी क्रम में दंतेवाड़ा जिले के मुख्य उपार्जन केंद्र दंतेवाड़ा में विधायक सहित अन्य जनप्रतिनिधियों, कलेक्टर ओर अन्य अधिकारीगण की गरिमामयी उपस्थिति में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 की धान खरीदी प्रक्रिया की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार इस वर्ष धान खरीदी को और अधिक पारदर्शी, सुगम और तकनीकी रूप से मजबूत बनाया गया है।इस क्रम में कृषकों को संबोधित करते हुए विधायक श्री चैतराम अटामी ने कहा कि राज्य सरकार पंजीकृत किसानों से धान खरीदने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है और इसके लिए शासन द्वारा सभी तैयारियां पहले से कर ली गई हैं। उन्होंने किसानों से धान बिक्री हेतु पूरी तैयारी कर साफ-सुथरा, अच्छी गुणवत्ता वाला धान उपार्जन केंद्रों तक लाने की अपील की, ताकि गाँव और जिले का नाम गौरवान्वित हो। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि खराब, धूल-मिट्टी मिश्रित धान उपार्जन केंद्रों में बिल्कुल न लाया जाए।जिले के सभी 15 उपार्जन केंद्रों में छाया, पानी, शौचालय और अन्य बुनियादी व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के निर्देश प्रशासन को दिए गए हैं, ताकि किसी भी किसान को असुविधा न हो। इस वर्ष दंतेवाड़ा में 13,000 से अधिक किसानों ने धान खरीदी हेतु पंजीयन कराया है, जिनके लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारी की है।कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने जानकारी देते हुए बताया कि शासन के निर्देशानुसार पंजीकृत किसानों से धान खरीदी बायोमेट्रिक पद्धति से की जाएगी ताकि पारदर्शिता बनी रहे। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक चलेगी। इस वर्ष किसानों की सुविधा के लिए ‘टोकन तुंहर हाथ’ एप के माध्यम से टोकन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। शासन द्वारा घोषित समर्थन मूल्य के अनुसार पतला धान 2389 रुपए प्रति क्विंटल, मोटा धान 2369 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाएगा, तथा कृषक सहायता राशि जोड़कर धान खरीदी 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से की जाएगी। प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान खरीदा जाएगा। धान खरीदी के सफल संचालन हेतु जिला प्रशासन पूरी तरह तैयार है और किसानों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए संपूर्ण प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर अधिकारी एवं कर्मचारी सहित कृषकगण उपस्थित थे।
- दंतेवाड़ा । छत्तीसगढ़ योग आयोग द्वारा बस्तर संभाग के वनांचल एवं आदिवासी बहुल क्षेत्रों में योग जागरूकता और प्रशिक्षण को बढ़ावा देने हेतु विशेष पहल की जा रही है। इसी क्रम में बस्तर संभाग के जिला दंतेवाड़ा में दस दिवसीय जिला स्तरीय योग प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह आवासीय प्रशिक्षण शिविर 17 नवंबर 2025 से 26 नवंबर 2025 तक नवनिर्मित पोस्ट मैट्रिक छात्रावास भवन, चूड़ी टिकरा, दंतेवाड़ा में आयोजित होगा। शिविर में प्रतिभागियों को दैनिक जीवन में योग के महत्व, स्वास्थ्य लाभ, मानसिक संतुलन तथा योगाभ्यास के विभिन्न आयामों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। आयोजन का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को योग से जोड़कर स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना है। इच्छुक प्रतिभागी अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस आवासीय शिविर का लाभ ले सकते हैं। अधिक जानकारी एवं पंजीयन हेतु समाज कल्याण विभाग दंतेवाड़ा के संपर्क नंबर 08839222699 पर संपर्क किया जा सकता है।
- -वर्चुअल कार्यक्रम में प्रधानमंत्री द्वारा जिलें को दी गई दो एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय की सौगात-जननायक बिरसा मुंडा का जीवन संदेश भावी पीढ़ी के लिए अनुकरणीय-जनजातीय वीर वीरांगनाओं के शौर्य और बलिदान के लिए सदैव ऋणी रहेगा देश-विधायकदंतेवाड़ा । जिले में जन जातीय गौरव दिवस आज अत्यंत उत्साह, सम्मान और गरिमामय वातावरण में जिला मुख्यालय दंतेवाड़ा स्थित माँ दंतेश्वरी मंदिर प्रांगण, मेंढ़क डोबरा परिसर में भव्य रूप से आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि विधायक श्री चैतराम अटामी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत सीईओ, नगर पालिका एवं जनपद पंचायत पदाधिकारियों तथा जिले के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।कार्यक्रम के दौरान देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा जन जातीय गौरव दिवस एवं भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए दिए गए वर्चुअल संदेश का सीधा प्रसारण दिखाया गया। प्रधानमंत्री ने इस ऐतिहासिक अवसर पर सभी देशवासियों एवं विशेष रूप से जनजातीय समाज को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। जिला मुख्यालय में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारियों, ग्रामीणों तथा बड़ी संख्या में पहुंचे स्कूली छात्र-छात्राओं ने प्रधानमंत्री के उद्बोधन को अत्यंत उत्साह के साथ सुना। इसी वर्चुअल कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय गीदम एवं एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय कुआकोंडा का शिलान्यास भी किया, जिसे उपस्थित जनसमुदाय ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ स्वागत किया।कार्यक्रम के अवसर पर विधायक श्री चैतराम अटामी ने कहा कि आज हम सभी भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के पावन अवसर पर जन जातीय गौरव दिवस बड़े ही सम्मान और गर्व के साथ मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा केवल एक व्यक्ति नहीं थे, बल्कि पूरे भारत और विशेषकर जनजातीय समाज के लिए एक युग, एक चेतना और एक क्रांति थे। बिरसा मुंडा ने अपने अल्प जीवन में जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए वह संघर्ष किया, जिसने उन्हें धरती आबा धरती के पिता का स्थान दिया।विधायक श्री अटामी ने कहा कि बिरसा मुंडा ने शोषण और अन्याय के विरुद्ध आदिवासी समाज को संगठित किया, अपने असाधारण नेतृत्व से ‘उलगुलान’ अर्थात महान क्रांति का बिगुल फूंका और गरीबों, किसानों एवं वनवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। उन्होंने आगे कहा कि भारत देश की आजादी और सामाजिक न्याय की लड़ाई में अनेक क्रांतिकारियों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है, और उनमें बिरसा मुंडा का स्थान सर्वोपरि है। आज उनका जीवन संदेश हमें प्रेरित करता है कि हम अपनी संस्कृति, परंपरा, प्रकृति और अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा जागरूक और संगठित रहें। विधायक श्री अटामी ने यह भी बताया कि धरती आबा योजना के अंतर्गत जिले के विभिन्न ग्रामों में शिविरों का आयोजन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से शासन की विविध योजनाओं की जानकारी, लाभ और जागरूकता गाँव-गाँव तक पहुँचाई जा रही है। विधायक श्री अटामी ने सभी स्कूली बच्चों द्वारा सांस्कृतिक प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन हमारी समृद्ध आदिवासी विरासत को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं। इस क्रम में महिला आयोग की सदस्य श्रीमती ओजस्वी मंडावी जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नंदलाल मुड़ामी एवं उपाध्यक्ष श्री अरविंद कुजांम द्वारा भी जननायक भगवान बिरसा मुंडा के कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए भावी पीढ़ी को उनसे प्रेरणा लेने का आग्रह किया गया।कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों, सामाजिक नेताओं, वरिष्ठजनों एवं जिले वासियों का हार्दिक स्वागत करते हुए जय जोहार कहा। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि जनजाति गौरव दिवस को छत्तीसगढ़ शासन की मंशानुसार पूरे प्रदेश में उत्साह, सम्मान और गर्व के साथ मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ‘‘आज हम सभी माननीय प्रधानमंत्री जी के उद्बोधन को सुन रहे थे, जिसमें उन्होंने आदिवासी समाज के अमूल्य योगदान, संस्कृति और परंपराओं को अक्षुण्ण बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। हमारे देश के इतिहास को समृद्ध बनाने में जनजातीय समाज का योगदान अतुलनीय है और इस गौरव को सम्मान देने के लिए ही यह दिवस समर्पित है।’’कलेक्टर ने आगे कहा कि जिले में जनजातीय समाज की सांस्कृतिक पहचान, परंपराओं और संवेदनाओं को संरक्षित और सुदृढ़ करने के लिए धरती आबा योजना के तहत विशेष पहलें की जा रही हैं। इस योजना के तहत जिले की सभी ग्राम पंचायतों में शिविरों का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय परंपराओं का दस्तावेजीकरण, पारंपरिक ज्ञान का संकलन, युवाओं में सांस्कृतिक जागरूकता, तथा जनजातीय नायकों के जीवन और संघर्षों पर विस्तृत चर्चा की गई है। उन्होंने कहा कि शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को शासन की विविध जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई तथा उन्हें अपने अधिकारों और अवसरों के प्रति जागरूक किया गया। इसके साथ ही, आदिवासी कला, गीत, नृत्य, हस्तशिल्प एवं पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रदर्शन और प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। कलेक्टर श्री दुदावत ने कहा कि ‘‘जनजातीय गौरव दिवस केवल उत्सव नहीं है, बल्कि यह हमारी साझा सांस्कृतिक विरासत का स्मरण और संरक्षण का संकल्प है। जिला प्रशासन जनजातीय समाज के उत्थान, शिक्षा, आजीविका, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रहा है और आगे भी इस दिशा में नए नवाचार और कार्यक्रम जारी रहेंगे। कलेक्टर ने यह भी कहा कि जिस प्रकार वर्चुअल कार्यक्रम में लखपती दीदियों ने आत्मनिर्भरता का अनुभव साझा किया है। इस संबंध में जिला प्रशासन का यह प्रयास रहेगा कि जिले में भी लखपति दीदी योजना अंतर्गत महिलाओं के लिए नये कार्यक्षत्रों में अवसर उपलब्ध कराये जायेगें।इस अवसर पर विविध जनजातीय लोक नृत्यों कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुतियां भी दी गईं। जिले के विभिन्न विकास खंडों से आए नृत्य दलों और स्कूली छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन पर आकर्षक प्रदर्शन कर कार्यक्रम में उत्साह और ऊर्जा का संचार किया। लोक नृत्यों प्रस्तुतियों के मूल्यांकन उपरांत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले दलों का चयन किया गया, जिन्हें आगामी अंबिकापुर में आयोजित राज्य स्तरीय जन जातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में जिले का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा। इस गरिमामय अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती पायल गुप्ता, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुनीता भास्कर, अन्य जनप्रतिनिधि कमला विनय नाग, संतोष गुप्ता, सर्व समाज प्रमुख, पुलिस अधीक्षक श्री गौरव राय, जिला पंचायत सीईओ श्री जयंत नाहटा, अपर कलेक्टर श्री राजेश पात्रे, आदिवासी आयुक्त श्री राजीव नाग, सहित जिले के अन्य अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
- - जिला प्रशासन द्वारा मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के लिए की गई अद्वितीय पहल- सभी डॉक्टर अपने जिम्मेदारियों का बेहतर तरीके से करें निर्वहन- जिले के निर्माणाधीन स्वास्थ्य केन्द्रों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से शीघ्र पूर्ण करने के दिए निर्देश- कलेक्टर ने संस्थागत प्रसव को बढ़ाने के लिए कहा- कलेक्टर ने जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक लीराजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने शुक्रवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक ली। कलेक्टर ने पूर्व में हुए मातृ मृत्यु के दृष्टिगत परिजनों से चर्चा की। उन्होंने मोबाईल के माध्यम से प्रतिदिन हाई रिस्क वाली गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने निजी डायग्नोस्टिक संस्थानों से बात कर जरूरतमंद गर्भवती महिलाओं को नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच करने के लिए कहा। कलेक्टर ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा समाज की महत्वपूर्ण सेवा है। सभी डॉक्टर अपनी जिम्मेदारियों एवं कर्तव्य का बेहतर तरीके से निर्वहन करें। सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में डॉक्टर, नर्स एवं अन्य स्टॉफ का व्यवहार मरीजों के साथ अच्छा होना चाहिए। कलेक्टर ने जिले सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में उपलब्ध संसाधनों की गहन समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य केन्द्रों के संजीवनी एम्बुलेंस, विभागीय एम्बुलेंस, महतारी एक्सप्रेस सहित अन्य वाहनों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने एम्बुलेंस की सुविधा को दुरूस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एम्बुलेंस की सुविधा मरीजों तक समय पर पहुंचे यह सुनिश्चित करें। जिससे मरीजों को समय पर ईलाज उपलब्ध हो सके। उन्होंने जिले के निर्माणाधीन स्वास्थ्य केन्द्रों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता देते हुए प्रगतिरत एवं अप्रारंभ निर्माण कार्य को समय पर पूर्ण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्माणाधीन कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए कमजोर बच्चों का चिन्हांकन करने के लिए डोर-टू-डोर सर्वे कर अभिभावकों की कांउसलिंग एवं उचित ईलाज करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले में संस्थागत प्रसव को बढ़ाने के लिए कहा। गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच एवं उपचार नियमित तौर पर होना चाहिए। उन्होंने हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं के चिन्हांकन कर उनके लिए विशेष तौर पर उपचार के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने स्थानीय स्तर पर निजी डायग्नोस्टिक संस्थाओं से संपर्क कर न्यूनतम दर पर गर्भवती महिलाओं की जांच व्यवस्था करने कहा। जिससे गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच हो पाएगी। उन्होंने जिला अस्पताल और शासकीय मेडिकल कॉलेज के डायलिसिस मशीनों बेहतर तरीके से उपयोग करते हुए अधिक से अधिक संबंधित मरीजों का डायलिसिस करने के लिए कहा। टीबी एवं कुष्ठ रोग की बीमारी के परीक्षण को बढ़ाने के लिए कहा। उन्होंने समस्त राष्ट्रीय कार्यक्रम की समीक्षा की एवं आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने जननी सुरक्षा योजना, आयुष्मान वय वंदन कार्ड, निक्षय निरामय, प्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्र, मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य कार्य की प्रगति, एनीमिया मुक्त भारत, परिवार नियोजन, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, पोषण पुर्नवास की प्रगति, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस योजना, ई-संजीवनी, मुख स्वास्थ्य कार्यक्रम, मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम, राष्ट्रीय वैक्टर रोग नियंत्रण कार्यक्रम, डेंगू, मलेरिया, फाईलेरिया सहित अन्य कार्यक्रमों के प्रगति की समीक्षा की। इस अवसर पर संयुक्त संचालक मेडिकल कालेज डॉ. अतुल देशकर, डिप्टी कलेक्टर श्री प्रकाश टंडन, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरत्न, सिविल सर्जन श्री यूके चंद्रवंशी, डॉ. माधुरी खुंटे, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. बीएल तुलावी, डीपीएम श्री संदीप ताम्रकार, समस्त बीएमओ, बीपीएम, सलाहकार उपस्थित रहे।
- महासमुंद / राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में निर्धारित बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (FLN) को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जिला महासमुंद की 1269 प्राथमिक शालाओं में दिनांक 14 नवंबर को FLN मेला का आयोजन किया गया। इस वर्ष का थीम “करके देखबो, सीख के रहीबो” था। मेले का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2027 तक प्रत्येक बच्चे को भाषाई एवं गणितीय दक्षता से पूर्णत: निपुण बनाना है तथा शिक्षा को गतिविधि-आधारित, रोचक और बाल-केंद्रित बनाना है।जिला स्तर पर यह आयोजन कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह तथा सीईओ जिला पंचायत श्री हेमंत कुमार नंदनवार के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस दौरान जिले के प्रत्येक विद्यालय में कुल 48 गतिविधि आधारित काउंटर स्थापित किए गए, जिनमें गणित – 15 काउंटर, हिंदी – 17 काउंटर, अंग्रेजी – 11 काउंटर, बालवाड़ी – 05 काउंटर सभी काउंटरों का संचालन बच्चों द्वारा स्वयं किया गया। शिक्षक पूरे समय मार्गदर्शक एवं पर्यवेक्षक की भूमिका में रहे। बच्चों ने रोचक खेल, भाषा एवं गणितीय गतिविधियाँ, प्रायोगिक मॉडल, TLM सामग्री के माध्यम से अपनी समझ और दक्षता का शानदार प्रदर्शन किया।जिले में आयोजित FLN मेले का निरीक्षण डीईओ श्री विजय कुमार लहरे, डीएमसी श्री रेखराज शर्मा, एपीसी श्री डी.एन. जांगड़े, विद्या साहू, सम्पा बोस, प्रियंका पटेल, संजय पटेल , जय यादव एवं विशेषज्ञों द्वारा किया गया। इस दौरान अधिकारियों द्वारा पीएम श्री विद्यालय तुमगांव, प्राथमिक शाला सम्हर, कसहीबाहरा, कन्या पिथौरा, भलेसर, बृजराज, कुर्मीपारा विद्यालय का अवलोकन किया गया। इस दौरान पालकगण, एसएमसी सदस्य और बड़ी संख्या में बच्चे उपस्थित रहे। FLN मेला महासमुंद जिले में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह मेला बच्चों की सीखने की क्षमता, शिक्षकों की रचनात्मकता और स्कूल–समुदाय की सहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण है। हर बच्चा सीख सकता है, समझ सकता है और निपुण बन सकता है।
- बिलासपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर के कोनी में संभागायुक्त के नये कार्यालय का विधिवत पूजा अर्चना के साथ लोकार्पण किया। लगभग 12 करोड़ रुपए की लागत से इस सर्वसुविधायुक्त भवन का निर्माण किया गया है। उन्होंने नए कार्यालय के विभिन्न कक्षों और सुविधाओं का अवलोकन किया। अरपा नदी के किनारे बिलासा ताल के सामने लगभग ढाई एकड़ क्षेत्र में इसका विस्तार है। इसमें बेसमेंट सहित भूतल और प्रथम तल बना हैं। प्रत्येक तल पर 1620 वर्गमीटर में निर्माण कार्य हुआ है। भूतल में 10 कमरे, हॉल और पृथक से प्रसाधन कक्ष हैं। इसी प्रकार दूसरे तल में 12 कमरे और हाल के साथ अलग से प्रसाधन बना हुआ है। भवन में आयुक्त, अपर आयुक्त का कक्ष, न्यायालय कक्ष और बैठक कक्ष हैं। उपायुक्त राजस्व, विकास, लेखा अधिकारी के साथ अलग अलग स्टाफ रूम हैं। नए भवन में अधिवक्ताओं और पक्षकारों की सुविधाओं को भी समाहित किया गया है। नए भवन के बन जाने से प्रशासनिक कार्याें में सुविधा मिलने के साथ पक्षकारों और अधिवक्ताओं को भी फायदा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर परिसर में एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत लाल चंदन के पौधे लगाये। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव, विधायक श्री धरमलाल कौशिक, श्री अमर अग्रवाल, श्री धर्मजीत सिंह,श्री सुशांत शुक्ला, श्री अटल श्रीवास्तव, श्री दिलीप लहरिया, क्रेडा अध्यक्ष भूपेन्द्र सवन्नी, पाठय पुस्तक निगम अध्यक्ष श्री राजा पाण्डेय, महापौर पूजा विधानी, संभागायुक्त सुनील जैन, आईजी संजीव शुक्ला, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- -छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विच्छिन्नता निवारण अधिनियम, ESMA लागूमहासमुंद / राज्य सरकार का यह समाधान हो गया है कि लोक हित में यह आवश्यक तथा समीचीन है कि राज्य में 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 अर्थात खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 की संपूर्ण धान खरीदी की अवधि तक धान खरीदी कार्य में संलग्न समस्त कर्मचारियों को अत्यावश्यक सेवा में कार्य करने से इंकार किये जाने का प्रतिषेध किया जाये। अतएव छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विच्छिन्नता निवारण अधिनियम, 1979 (क. 10 सन् 1979) की धारा 4 की उप-धारा (1) एवं (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए, राज्य सरकार, एतद्वारा, अनुसूची के खण्ड क-क. (दो) (क) (ख) में विनिर्दिष्ट अनुसार धान खरीदी कार्य में संलग्न कर्मचारियों द्वारा कार्य से इंकार किये जाने का प्रतिषेध करती है, जो15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 अर्थात खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 तक की कालावधि के लिये तत्काल प्रभाव से प्रवृत्त होगा।कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने जिले में धान खरीदी में संलग्न अधिकारी कर्मचारियों को छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विच्छिन्नता निवारण अधिनियम के अंतर्गत पालन के निर्देश दिए है। उन्होंने सभी अनुविभागीय अधिकारियों को अधिनियम का कड़ाई से पालन के निर्देश दिए हैं। आदेश का पालन नहीं करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

















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