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- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद् (केबिनेट) की बैठक बुधवार, 08 जुलाई को सवेरे 11.30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में होगी। file photo
- -रोजगार अवधि बढ़ने एवं मजदूरी में वृद्धि से ग्रामीण परिवारों को मिलेगा आर्थिक सशक्तिकरण, सुनीता साहू ने जताई खुशीरायपुर । ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और समग्र विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से प्रारंभ किए गए विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन से गांवों में नई उम्मीद जगी है। इस महत्वाकांक्षी पहल का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त, आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाना है। योजना के तहत अब प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को प्रति वित्तीय वर्ष 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों के अकुशल श्रम आधारित रोजगार की गारंटी दी जाएगी। साथ ही मजदूरी दर में भी वृद्धि की गई है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आय में इजाफा होगा।मुंगेली जिले के ग्राम लिम्हा की सुनीता साहू ने योजना के प्रति प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि रोजगार के दिनों में वृद्धि ग्रामीण परिवारों के लिए बड़ी राहत है। पहले 100 दिनों तक ही रोजगार उपलब्ध होता था, लेकिन अब अतिरिक्त दिनों के रोजगार से परिवार की आय बढ़ेगी और आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में आसानी होगी। उन्होंने बताया कि बढ़ी हुई मजदूरी और अतिरिक्त रोजगार के अवसर से अब परिवार को अधिक आर्थिक सुरक्षा मिलेगी। इससे बच्चों की शिक्षा, घरेलू आवश्यकताओं और अन्य खर्चों को पूरा करने में भी सहूलियत होगी। सबसे बड़ी बात यह है कि अब गांव में ही अधिक समय तक रोजगार मिलने से बाहर पलायन की आवश्यकता भी कम होगी। सुनीता साहू ने कहा कि विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन ग्रामीणों के लिए केवल रोजगार की योजना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक जीवन का माध्यम है। इससे गांवों में जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, आधारभूत संरचना निर्माण तथा स्थानीय आजीविका को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और मजबूत होगी। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार का यह निर्णय ग्रामीण परिवारों के भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। योजना से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, आय में वृद्धि होगी और गांवों का समग्र विकास सुनिश्चित होगा।
- -छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने संभाला पदभाररायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ शरीर, संतुलित मन और अनुशासित जीवन का आधार है। उन्होंने प्रदेशवासियों से योग को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि स्वस्थ नागरिक ही विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत की सबसे बड़ी शक्ति हैं।मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी रायपुर स्थित सर्किट हाउस में आयोजित छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष श्री संजय अग्रवाल के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने श्री अग्रवाल को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में योग आयोग प्रदेश में योग के प्रचार-प्रसार को नई गति देगा तथा योग को गांव-गांव, विद्यालयों और समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और निरंतर प्रयासों से भारत की प्राचीन योग परंपरा को वैश्विक पहचान मिली है। आज विश्व के 176 से अधिक देश 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाकर भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा का सम्मान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने योग और आयुर्वेद को नई दिशा देने के लिए आयुष मंत्रालय का गठन किया तथा पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को सशक्त बनाने के अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार से छत्तीसगढ़ में आयुर्वेद एम्स की स्थापना का आग्रह किया गया है। राज्य का लगभग 44 प्रतिशत वन क्षेत्र औषधीय वनस्पतियों से समृद्ध है, जिससे भविष्य में छत्तीसगढ़ आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा और वेलनेस पर्यटन के क्षेत्र में देश का अग्रणी केंद्र बन सकता है।स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिसे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक स्तर पर नई प्रतिष्ठा दिलाई है। उन्होंने कहा कि योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।विधायक श्री किरण सिंह देव ने विश्वास व्यक्त किया कि श्री संजय अग्रवाल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ योग आयोग प्रदेश के प्रत्येक गांव, शहर और परिवार तक योग की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में प्रभावी कार्य करेगा।समारोह में कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, विधायक श्री किरण देव, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय अग्रवाल, छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष श्री दीपक म्हस्के, छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार बोर्ड के अध्यक्ष श्री ध्रुव कुमार मिर्धा, विभिन्न निगम-मंडलों के अध्यक्ष, स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया सहित वरिष्ठ जनप्रतिनिधि, अधिकारी, बड़ी संख्या में योग साधक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- -दिव्यांगजनों को सहायक उपकरणों की मरम्मत की सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने जिला प्रशासन द्वारा खोली जाएगी रिपेयरिंग शॉपबलौदाबाजार / सोशल मीडिया के माध्यम से सीएम हेल्पलाइन 1076 की जानकारी मिलने के बाद बलौदाबाजार संजय कॉलोनी निवासी दिव्यांग दुर्गेश साहू ने नई ट्राई साइकिल प्रदान करने के लिए कॉल किया। इसके बाद 15 दिनों के भीतर उन्हें नई बैटरी संचालित ट्राइसाइकिल उपलब्ध करा दी गई। कलेक्टर श्री कुलदीप शर्मा ने आज दुर्गेश साहू को नई बैटरी संचालित ट्राइसाइकिल प्रदान की। इस अवसर पर उन्होंने दुर्गेश से उनका हाल-चाल जाना और ट्राइसाइकिल का अनुभव भी पूछा। इस पर दुर्गेश साहू ने बताया कि ट्राइसाइकिल की गुणवत्ता काफी अच्छी है तथा इसकी ऊंचाई भी सुविधाजनक है, जिससे इसे चलाने में आसानी होगी।कलेक्टर श्री कुलदीप शर्मा ने कहा कि दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल एवं अन्य सहायक उपकरणों की मरम्मत के लिए बार-बार परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा शीघ्र ही रिपेयरिंग शॉप की स्थापना की जाएगी। इससे दिव्यांगजनों को अपने सहायक उपकरणों की मरम्मत की सुविधा स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेगी।उल्लेखनीय है कि वर्ष 2010 में एक सड़क दुर्घटना के कारण दुर्गेश साहू गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दुर्घटना के बाद उनके शरीर का कमर के नीचे का हिस्सा काम करना बंद कर गया, जिससे वे पूर्णतः दिव्यांग हो गए। लंबे समय तक उन्हें आने-जाने सहित दैनिक कार्यों के लिए अपने परिवार पर निर्भर रहना पड़ता था।दुर्गेश साहू को पूर्व में भी समाज कल्याण विभाग द्वारा ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराई गई थी, लेकिन समय के साथ उसके महत्वपूर्ण पार्ट्स खराब हो गए और उनकी मरम्मत संभव नहीं हो पा रही थी। इससे उनकी आवाजाही और आजीविका दोनों प्रभावित हो रही थीं। इसी दौरान उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से सीएम हेल्पलाइन 1076 की जानकारी मिली। उन्होंने हेल्पलाइन पर अपनी समस्या दर्ज कराई, जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मात्र 15 दिनों के भीतर समाज कल्याण विभाग द्वारा उन्हें नई बैटरी संचालित ट्राइसाइकिल उपलब्ध करा दी गई।नई बैटरी संचालित ट्राइसाइकिल मिलने से अब दुर्गेश साहू को अपने दैनिक कार्यों के साथ-साथ अपनी छोटी सी किराना दुकान के संचालन में भी काफी सुविधा मिलेगी। इससे वे पहले की तुलना में अधिक आत्मनिर्भर होकर अपना जीवनयापन कर सकेंगे। इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग की उप संचालक सिनीवाली गोयल ने दुर्गेश साहू को दिव्यांग जनों के लिए संचालित ऋण योजनाओं मो जानकारी भी दी ताकि उनको अपने व्यवसाय में मदद मिल सके।दुर्गेश साहू के पुत्र रवि कुमार साहू ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि नई ट्राइसाइकिल मिलने से उनके पिता की कई समस्याएं दूर हो गई हैं। अब उन्हें आवागमन के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सीएम हेल्पलाइन 1076 वास्तव में आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने वाला प्रभावी मंच बन चुकी है। दुर्गेश की समस्या का यह त्वरित समाधान सुशासन और संवेदनशील प्रशासन का एक प्रेरक उदाहरण है।
- -योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों की आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने पर विशेष जोरबलौदाबाज़ार / देश भर में 1 जुलाई से ‘विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) – वीजी राम जी’ योजना का शुभारंभ शुरू हो चुका है। योजना के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को अब 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों तक रोजगार उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। योजना का उद्देश्य ग्रामीणों को अपने गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराना, ग्रामीण आधारभूत संरचना को सुदृढ़ बनाना, जल सुरक्षा एवं आजीविका के अवसरों का विस्तार करना तथा विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने में योगदान देना है। इस संबंध में गुरुवार को आयोजित जिला स्तरीय कार्यशाला में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को योजना की विस्तृत जानकारी दी गई।जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल ने कहा कि ‘वीबी -जी राम जी’ योजना वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से सभी ग्राम पंचायतों में बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण विकास कार्य किए जाएंगे। इससे ग्रामीण आधारभूत संरचना मजबूत होगी, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा गांवों का समग्र विकास सुनिश्चित होगा।कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने कहा कि योजना के माध्यम से अब ग्रामीणों को 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों तक रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति अपने गांव में रहकर रोजगार करना चाहता है तो उसे स्थानीय स्तर पर ही रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे। उन्होंने बताया कि योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों की आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। आंगनवाड़ी भवन, पंचायत भवन एवं अन्य आवश्यक सामुदायिक परिसंपत्तियों के निर्माण को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृत किया जाएगा। इसके साथ ही जल सुरक्षा, जल संरक्षण तथा आजीविका संवर्धन से जुड़े कार्यों को भी प्राथमिकता दी जाएगी।कलेक्टर श्री शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के अंतर्गत प्राथमिकता के आधार पर कार्यों का चयन एवं स्वीकृति सुनिश्चित की जाए, ताकि इसका लाभ शीघ्रता से ग्रामीणों तक पहुंचे। कृषि कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए बुवाई एवं कटाई के मौसम में 60 दिनों का अंतराल रखने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि योजना के माध्यम से व्यक्तिगत एवं सामुदायिक स्तर पर अधिकतम प्रत्यक्ष लाभ सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे ग्रामीणों की आय बढ़ेगी और गांवों का समग्र विकास होगा।जिला पंचायत सीईओ सुश्री दिव्या अग्रवाल ने विस्तार से योजना की जानकारी दी।उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की पहल पर महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियों के लिए क्लस्टर स्तर पर आजीविका केंद्रों के निर्माण की व्यवस्था की गई है। इन केंद्रों के माध्यम से महिलाओं को रोजगार, स्वरोजगार एवं कौशल प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध होंगे, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।कार्यशाला में अधिकारियों से योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों तक इसका लाभ पहुंचाने का आह्वान किया गया।कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष सुलोचना यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष पवन साहु सहित बड़ी संख्या में जन प्रतिनिधि , स्व सहायता समूह की महिलायें मौजूद थे।
- पंजीकृत ग्रामीण परिवार को 100 दिनों के स्थान पर अब 125 दिनों का मिलेगा गारंटीशुदा रोजगारबालोद। विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन (वीबी जी राम जी) के शुभारंभ अवसर पर आज 02 जुलाई 2026 को जिला पंचायत सभाकक्ष बालोद में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान द्वारा वर्चुअल माध्यम से किया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारिणी पुष्पेन्द्र चन्द्राकर, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील कुमार चन्द्रवंशी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री तोमन लाल साहू, एथेलेटिक्स संघ के उपाध्यक्ष श्री सौरभ लुनिया एवं अन्य वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों के अलावा अधिकारी-कर्मचारीगण उपस्थित थे।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर एवं जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री तोमन साहू ने वीबी जी राम जी योजना को ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने, रोजगार के अवसरों का विस्तार करने तथा गांवों के समग्र विकास को गति देने वाला ऐतिहासिक कदम बताया। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन (वीबी-जी राम जी) विकसित भारत-2047 के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत अब प्रत्येक पंजीकृत ग्रामीण परिवार को 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों का मांग आधारित गारंटीशुदा रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही छत्तीसगढ़ में श्रमिकों की मजदूरी दर 261 रूपये से बढ़ाकर 300 रूपये प्रतिदिन कर दी गई है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि होगी और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील कुमार चन्द्रवंशी ने बताया कि योजना के अंतर्गत मजदूरी का भुगतान 07 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा तथा रोजगार की मांग प्राप्त होने के 15 दिनों के भीतर कार्य उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। योजनाओं के बेहतर संचालन के लिए प्रशासनिक व्यय की सीमा 06 प्रतिशत से बढ़ाकर 09 प्रतिशत कर दी गई है। वीबी-जी राम जी अंतर्गत जल संरक्षण ग्रामीण अधोसंरचना विकास आजीविका संवर्धन तथा कौशल विकास से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए जीआईएस, ई-केवाईसी एवं बायोमेट्रिक प्रणाली का उपयोग किया जाएगा। साथ ही राज्य सरकार द्वारा निर्धारित 60 दिनों के कृषि अवकाश का प्रावधान भी रहेगा।
- रायपुर । छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ में कार्यपालक निदेशकों के प्रभार में परिवर्तन किया गया है तथा दो अधिकारियों को मुख्य अभियंता के पद पर पदोन्नति प्रदान की गई है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के कार्यपालक निदेशक (संचारण एवं संधारण) [ED (O&M)] के पद पर श्री संजय खंडेलवाल की नियुक्ति की गई है। वे पूर्व में दुर्ग के कार्यपालक निदेशक के पद पर कार्यरत थे। वहीं, राजनांदगांव के कार्यपालक निदेशक श्री शिरीष शैलेट का स्थानांतरण दुर्ग क्षेत्रीय कार्यालय में किया गया है।छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी की मुख्य अभियंता (मानव संसाधन) श्रीमती रश्मि वर्मा द्वारा उक्त आदेश जारी किए गए हैं। गौरतलब है कि मुख्यालय स्थित ED (O&M) कार्यालय से पूरे प्रदेश की विद्युत वितरण व्यवस्था का संचारण एवं संधारण किया जाता है। इस पद पर पूर्व में श्री जे.एस. नेताम कार्यरत थे। उनकी सेवानिवृत्ति के बाद श्री संजय खंडेलवाल को यह दायित्व सौंपा गया है।इसके साथ ही ट्रांसमिशन कंपनी के मानव संसाधन विभाग द्वारा पदोन्नति के दो आदेश भी जारी किए गए हैं। इनके तहत छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री दिलीप कुमार भोजक एवं श्री एच.के. मेश्राम को मुख्य अभियंता के पद पर पदोन्नत किया गया है। श्री भोजक को मुख्य अभियंता (सतर्कता) तथा श्री मेश्राम को मुख्य अभियंता, राजनांदगांव का प्रभार सौंपा गया है।
- रायपुर । डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के अंतर्गत छत्तीसगढ़ स्टेट पाॅवर कंपनी में ई-ऑफिस प्रणाली का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया जा चुका है। ई-ऑफिस के माध्यम से कार्यालयीन कार्यों का अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पाॅवर कंपनी के कार्यपालक निदेशक (ऊर्जा सूचना प्रौद्योगिकी केन्द्र) कार्यालय द्वारा अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए पुनः प्रशिक्षण कार्यक्रम आज से प्रारंभ किया गया । अप्रैल 2026 से पाॅवर कंपनीज़ के सभी कार्यालयों मे ई आफिस की औपचारिक शुरूआत हुई।इसी के तहत अब 2 जुलाई से 30 जुलाई कुल एक माह के लिए प्रशिक्षण आयोजित किया गया है। कार्यक्रम के तहत प्रथम पाली मे प्रारंभिक प्रशिक्षण एवं द्वितीय पाली में जागरूकता एवं मध्यवर्ती स्तर का प्रशिक्षण दिया जाएगा। आज प्रथम दिवस में कुल 500 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी ने आन लाईन के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त किये।प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत पाॅवर कंपनियों के मुख्यालय एवं क्षेत्रीय कार्यालयों में कार्यरत समस्त अधिकारी-कर्मचारी तथा आवक-जावक शाखा के कर्मचारियों को ई-ऑफिस के विभिन्न मॉड्यूल एवं कार्यप्रणाली की जानकारी प्रदान की जाएगी। प्रशिक्षण में ई-फाइल निर्माण एवं संचालन, पत्राचार का डिजिटल निष्पादन, दस्तावेजों का ऑनलाइन प्रबंधन, फाइल ट्रैकिंग तथा अन्य महत्वपूर्ण सुविधाओं के व्यावहारिक उपयोग का प्रशिक्षण दिया जाएगा।यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आज से प्रारंभ होकर एक माह तक प्रत्येक गुरुवार आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यालय के साथ-साथ छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी के सभी क्षेत्रीय कार्यालयों के अधिकारी एवं कर्मचारी भी ऑनलाइन माध्यम से सहभागिता करेंगे।पाॅवर कंपनी प्रबंधन ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से निर्धारित तिथि एवं समय पर प्रशिक्षण में अनिवार्य रूप से भाग लेने का आग्रह किया है। प्रबंधन का उद्देश्य ई-ऑफिस प्रणाली का शत-प्रतिशत प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना तथा कार्यालयीन कार्यों को पूर्णतः डिजिटल, पारदर्शी, दक्ष एवं पेपरलेस बनाना है। इस पहल से कार्य निष्पादन में गति आएगी, अभिलेखों का सुव्यवस्थित प्रबंधन होगा तथा शासन की डिजिटल इंडिया पहल को और अधिक मजबूती मिलेगी।
- -कलेक्टर ने की श्रमिकों से मुलाकात, दी शुभकामनाएं-श्रमिकों ने जताया शासन के प्रति आभाररायपुर / कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज वीबी जीरामजी अधिनियम के शुभारंभ के अवसर पर ग्राम बरौदा के मुक्तिधाम परिसर में कार्यरत श्रमिकों से बातचीत की और शुभकामनाएं दी। कलेक्टर ने उनसे नई मजदूरी दर के बारे में पूछा, इसपर महिला श्रमिकों ने बताया कि उन्हें अब मजदूरी दर बढ़कर 300/- रूपए प्रतिदिन मिलेंगे। श्रमिकों ने इस अधिनियम के लिए शासन के प्रति आभार व्यक्त किया।गौरतलब है कि पूरे प्रदेश सहित जिले में वीबी जीरामजी अधिनियम लागू हो गया है। 'वीबी जीरामजी' असल में विकसित भारत - रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) है| यह महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की जगह लेने वाला एक संशोधित और अधिक व्यापक कानून है| अब पात्र ग्रामीण परिवारों को हर साल 100 दिनों के बजाय 125 दिनों के वैधानिक रोजगार की गारंटी मिलेगी। किसी भी राज्य में दैनिक मजदूरी ₹300 से कम नहीं होगी। राष्ट्रीय औसत मजदूरी को बढ़ाकर ₹327.4 प्रतिदिन कर दिया गया है।इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सविता चंद्राकर, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, एसडीएम श्री नंदकुमार चौबे एवं धरसींवा जनपद सीईओ श्री आशीष केशरवानी, धरसींवा तहसीलदार श्री बाबूलाल कुर्रे एवं एपीओ श्रीमती रौशनी तिवारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
- मेरिट सूची का प्रकाशन 03 जुलाई को संभावित, चयनित उम्मीदवारों को 07 जुलाई तक लेना होगा प्रवेशबालोद । शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था गुरूर में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के अंतर्गत कोपा व्यवसाय की रिक्त सीटों पर द्वितीय चरण का प्रवेश 04 जुलाई से प्रारंभ होगी। शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था गुरूर के प्राचार्य ने बताया कि संस्था में संचालित कोपा व्यवसाय में प्रथम चरण के प्रवेश की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। प्रथम चरण के उपरांत अब कोपा व्यवसाय में कुल 21 सीटें रिक्त बची हैं, जिन पर द्वितीय चरण के अंतर्गत प्रवेश लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रवेश के लिए निर्धारित समय-सारणी के अनुसार, द्वितीय चरण की मेरिट सूची का प्रकाशन 03 जुलाई 2026 को होना संभावित है। मेरिट सूची जारी होने के तत्पश्चात संस्था में द्वितीय चरण हेतु चयनित उम्मीदवारों का प्रवेश 04 जुलाई 2026 से 07 जुलाई 2026 तक किया जाएगा। पात्र उम्मीदवार अपने समस्त शैक्षणिक तथा आवश्यक प्रमाण-पत्र ऑनलाइन रजिस्टेशन कापी व अलॉटमेंट लेटर के साथ टी.सी., जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र पासपोर्ट साइज फोटो व बैंक पासबुक इत्यादि के मूल प्रति व 02 छायाप्रतियों के साथ संस्था में प्रवेश ले सकते हैं।
- स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास तथा शिक्षा विभाग के समन्वित प्रयासों का मिला परिणाम, अब 100 प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्यबालोद ।महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा कैंसर) जैसी गंभीर बीमारी से बेटियों को सुरक्षित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान में बालोद जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। जिले ने 46 प्रतिशत टीकाकरण कवरेज प्राप्त करते हुए पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में तीसरा स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि स्वास्थ्य विभाग की सतत मेहनत, जनजागरूकता और विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एल. उइके के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा शिक्षा विभाग ने मिलकर अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित किया। जिले के स्वास्थ्य कर्मियों, मितानिनों, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में घर-घर संपर्क कर पालकों को जागरूक किया। वहीं विद्यालयों में विशेष टीकाकरण शिविर आयोजित कर पात्र बालिकाओं का टीकाकरण सुनिश्चित किया गया। इसी सतत प्रयास का परिणाम है कि बालोद प्रदेश के शीर्ष तीन जिलों में शामिल हो गया।ज्ञातव्य हो कि ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) संक्रमण महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण माना जाता है। 09 से 14 वर्ष की बालिकाओं को सही समय पर एचपीवी का टीका लगाए जाने से भविष्य में इस गंभीर बीमारी से प्रभावी सुरक्षा मिलती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह टीका पूरी तरह सुरक्षित, वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित और अत्यंत प्रभावी है। स्वास्थ्य विभाग ने इस उपलब्धि का श्रेय जिले के जागरूक पालकों, विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों और स्वास्थ्य अमले को दिया है, जिन्होंने अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एल. उइके ने बताया कि 46 प्रतिशत कवरेज हासिल करना जिले के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, लेकिन अभियान अभी निरंतर जारी है। वर्तमान में माइक्रो प्लानिंग के तहत शेष पात्र बालिकाओं तक पहुंचकर उन्हें भी टीकाकरण से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। विभाग का लक्ष्य है कि बालोद जिला जल्द ही 100 प्रतिशत एचपीवी टीकाकरण का लक्ष्य प्राप्त कर भविष्य में इस गंभीर बीमारी से प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
- -बस्तर प्रवास के अनुभवों के आधार पर मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने ली उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक-अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने, रिक्त पदों की भर्ती और बुनियादी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के दिए निर्देशरायपुर । महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने मंत्रालय महानदी भवन में महिला एवं बाल विकास एवं समाज कल्याण विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक लेकर विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने तथा जमीनी स्तर पर कार्यों में गति लाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। बैठक में महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार,दोनों विभागों के संचालक सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने हाल ही में बस्तर संभाग के प्रवास तथा केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी से हुई चर्चा के दौरान प्राप्त अनुभवों और सुझावों के आधार पर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए स्थानीय भाषाओं में संवाद अत्यंत आवश्यक है। इस उद्देश्य से बस्तर संभाग में विभागीय योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार गोंडी एवं हल्बी भाषा में किए जाने के निर्देश दिए गए, ताकि प्रत्येक पात्र हितग्राही तक योजनाओं की सटीक जानकारी पहुंच सके।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बस्तर संभाग में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका एवं पर्यवेक्षक के रिक्त पदों को आवश्यक स्वीकृति प्राप्त कर शीघ्र भरने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने दूरस्थ क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केंद्रों में भवन, पोषण, पेयजल, स्वच्छता एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष बल दिया।बैठक में उन्होंने कहा कि विभागीय योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए सभी जिलों में नियमित मॉनिटरिंग, सतत निरीक्षण और प्रभावी फॉलोअप सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करने की अपेक्षा व्यक्त की।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने पोषण पुनर्वास केंद्रों (एनआरसी) में भर्ती बच्चों एवं उनकी माताओं को गुणवत्तापूर्ण उपचार, पौष्टिक आहार तथा बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए कहा कि कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।समीक्षा बैठक के दौरान समाज कल्याण विभाग की योजनाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई। मंत्री ने दिव्यांगजन एवं वृद्धजन कल्याण से संबंधित योजनाओं की प्रगति का आकलन करते हुए बस्तर संभाग में दिव्यांगजनों को सहायक उपकरणों के समयबद्ध वितरण, पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने तथा नियमित शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए।उन्होंने सियान गुड़ी (डे-केयर सेंटर) एवं वृद्धाश्रमों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए बेहतर आवास, पौष्टिक भोजन, स्वास्थ्य सुविधाएं तथा सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।बैठक के अंत में मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि बस्तर संभाग के प्रवास के दौरान यह स्पष्ट रूप से अनुभव हुआ है कि क्षेत्र में विकास और विश्वास का नया वातावरण निर्मित हुआ है। ऐसे में विभाग की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है कि शासन की प्रत्येक जनकल्याणकारी योजना तीव्र गति से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और उसका प्रभाव धरातल पर दिखाई दे।
- -विकसित भारत-जी रामजी योजना से ग्रामीण विकास को मिलेगी नई गति-125 दिनों का रोजगार, समयबद्ध भुगतान और ग्रामसभा आधारित कार्ययोजना से सशक्त होंगे गांव- जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन एवं जनभागीदारी को मिलेगा बढ़ावारायपुर। विकसित भारत-जी रामजी योजना प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में समावेशी एवं सतत विकास को नई दिशा प्रदान करेगी। यह योजना ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों का रोजगार, समयबद्ध भुगतान तथा ग्रामसभा आधारित कार्ययोजनाओं के माध्यम से गांवों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगी। यह बात महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने विकसित भारत-जी रामजी योजना के शुभारंभ अवसर पर कही।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि विकसित भारत-जी रामजी योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ आजीविका संवर्धन, आधारभूत संरचना विकास तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को नई गति देगी। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी विकसित भारत के निर्माण के प्रमुख आधार हैं तथा इन क्षेत्रों में सामूहिक प्रयासों से ही स्थायी विकास के लक्ष्य प्राप्त किए जा सकते हैं।उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत ग्रामीण परिवारों को पूर्व में उपलब्ध 100 दिनों के रोजगार के स्थान पर अब 125 दिनों तक रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। ग्रामसभाओं के माध्यम से स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यों का चयन एवं अनुमोदन किए जाने से विकास कार्यों की प्रभावशीलता और पारदर्शिता में वृद्धि होगी।योजना के अंतर्गत जल संरक्षण, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, ग्रामीण अधोसंरचना विकास, वृक्षारोपण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, कृषि आधारित गतिविधियों तथा टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण को प्राथमिकता दी गई है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों का विस्तार होने के साथ-साथ दीर्घकालिक विकास को भी मजबूती मिलेगी।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि विकसित भारत-जी रामजी योजना प्रधानमंत्री के विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों एवं सभी संबंधित विभागों से योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया। इस अवसर पर विकसित भारत-जी रामजी योजना तथा ‘मोर गांव, मोर पानी’ अभियान पर आधारित प्रेरणादायी लघु फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। साथ ही जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं नागरिकों ने नशा मुक्त भारत और बाल विवाह उन्मूलन के लिए सामूहिक शपथ भी ली। मनरेगा के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले सरपंचों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
- -10 जून से अब तक अवैध परिवहन के 28 प्रकरणों में 05 लाख 48 हजार 288 रूपये एवं-अवैध भण्डारण के 03 प्रकरण में 02 लाख 87 हजार 800 रूपये का अर्थदंडकांकेर। जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए खनिज विभाग द्वारा अत्याधुनिक तकनीक ड्रोन कैमरा का उपयोग की जा रही है। इस संबंध में जानकारी देते हुए खनिज अधिकारी श्री सनत साहू ने बताया कि गत दिवस बुधवार रात्रि के दरमियान चारामा से लेकर कांकेर क्षेत्र में प्रवाहित नदियों में ड्रोन कैमरे के माध्यम से औचक निगरानी रखते हुए कार्यवाही की गई। ड्रोन द्वारा मचांदुर, माहुद, भिलाई, तेलगुडा, नगर पंचायत चारामा, जैसाकर्रा, भिरौद, करिहा, सराधुनवागांव, हाराडुला, खरथा, बांडाटोला, भुईगांव, किलेपार, टांहकापार, अरौद, तारसगांव, नारा, भिरावाही, माकडी, माटवाडा, मुड़डोगरी, कोकपुर देवरी क्षेत्र का सर्वे किया गया। चारामा तहसील अंतर्गत ग्राम खस्था में 01 ट्रेक्टर न्यू महिन्द्रा, वाहन मालिक दुर्गेश पॉल एवं कांकेर तहसील अंतर्गत ग्राम माटवाड़ा कोकपुर क्षेत्र में 08 वाहन कमशः न्यू मेसी सहदेव उईके, न्यू महिन्द्रा रूपेश कोर्राम, सीजी 19 बीई 2649 अमित नेताम, सीजी 17 बीजी 7024 राकेश्वर यादव, न्यू मेसी समीर उईके, न्यू महिन्द्रा सलेश कुमार, न्यू महिन्द्रा हितेश जैन, सीजी 19 बीआर 5154 सिद्धार्थ साहू के ट्रेक्टर को उड़नदस्ता दल द्वारा जप्त कर पुलिस अभिरक्षा एवं कलेक्टर परिसर में जप्त वाहनो को सुरक्षार्थ रखा गया है।खनिज अधिकारी श्री साहू ने बताया कि अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरूद्ध खान एव खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 एवं छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 में निहित प्रावधानों के तहत कड़ी कार्यवाही की जा रही है। निरंतर कार्यवाही से क्षेत्र में अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण को नियंत्रित किया जा रहा है, साथ ही जिले में टास्क फोर्स दल द्वारा सतत निगरानी भी की जा रही है। उन्होंने बताया कि 10 जून से अब तक अवैध उत्खनन, परिवहन तथा भण्डारण पर कार्यवाही करते हुए अवैध परिवहन के कुल 28 प्रकरण दर्ज किया जाकर 05 लाख 48 हजार 288 रूपये एवं अवैध भण्डारण के कुल 03 प्रकरण दर्ज कर 02 लाख 87 हजार 800 रूपये अर्थदंड से आरोपित किया गया है। वर्तमान में वर्षा ऋतु में नदियों से रेत का उत्खनन 15 अक्टूबर तक प्रतिबंधित होने के कारण जिले में रेत के सुचारू एवं सुगमता पूर्वक रेत उपलब्धता हेतु जिले में कुल 16 अस्थायी भण्डारण अनुज्ञप्ति स्वीकृत है, जिनके माध्यम से आम जनों के लिए रेत की सुगमता से आपूर्ति की व्यवस्था की गई है।
- -जशपुर में जनजातीय समाज के प्रतिनिधियों के साथ बैठक, समस्याएं और सुझाव सुने-कहा- सभी वैध प्रकरणों का नियमानुसार होगा निराकरण, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की होगी सतत निगरानीरायपुर। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा ने गुरुवार को जशपुर कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जनजातीय समुदाय के प्रतिनिधियों एवं समाज प्रमुखों के साथ संवाद किया। बैठक में उन्होंने जनजातीय समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों, शिकायतों एवं सुझावों को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि सभी वैध मामलों का नियमानुसार निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।बैठक में विधायक गोमती साय एवं रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय तथा छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष शंभूनाथ चक्रवर्ती उपस्थित रहे।बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. आशा लकड़ा ने कहा कि राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग का मूल उद्देश्य अनुसूचित जनजातियों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना, उन्हें न्याय दिलाना तथा उनके हितों का संरक्षण सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि आयोग का छत्तीसगढ़ प्रवास जनजातीय क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति का आकलन कर स्थानीय समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस पहल करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि आयोग केवल शिकायतों की सुनवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि जिला प्रशासन के साथ समन्वय कर जनजातीय क्षेत्रों में संचालित विकास योजनाओं की नियमित समीक्षा भी करता है। जिन मामलों का समाधान स्थानीय स्तर पर संभव नहीं हो पाता, उन्हें संबंधित विभागों तक पहुंचाकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।डॉ. लकड़ा ने आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों सिद्धू, कान्हू, चांद और भैरव के योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि उनके संघर्ष ने जनजातीय अधिकारों की रक्षा की दिशा में ऐतिहासिक आधार तैयार किया। उन्होंने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, आंगनबाड़ी जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव हो अथवा अनुसूचित जनजाति के लोगों के साथ अन्याय, शोषण या अत्याचार की घटनाएं सामने आती हैं, तो आयोग ऐसे मामलों में गंभीरता से सुनवाई कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करता है।उन्होंने बताया कि देश में लगभग 12 करोड़ अनुसूचित जनजाति के नागरिक और 725 से अधिक जनजातीय समुदाय निवास करते हैं। इनके अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा के लिए वर्ष 2004 में संविधान के अनुच्छेद 338(क) के अंतर्गत राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग का गठन किया गया। आयोग अनुसूचित जनजातियों को प्राप्त संवैधानिक एवं कानूनी संरक्षणों के क्रियान्वयन की निगरानी, शिकायतों की जांच तथा जनजातीय विकास योजनाओं की समीक्षा कर सरकार को आवश्यक सुझाव देता है।डॉ. लकड़ा ने कहा कि आयोग को जांच के दौरान दीवानी न्यायालय जैसी शक्तियां प्राप्त हैं। आयोग आवश्यक होने पर किसी भी अधिकारी या संबंधित व्यक्ति को समन जारी कर सकता है, सार्वजनिक अभिलेख तलब कर सकता है तथा प्रकरणों की विधिवत सुनवाई कर सकता है। आयोग की अनुशंसाएं कार्रवाई प्रतिवेदन के साथ संसद के दोनों सदनों में प्रस्तुत की जाती हैं।डॉ. आशा लकड़ा ने जनजातीय समुदाय से अपनी शिकायतें एवं समस्याएं लिखित रूप में प्रस्तुत करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि आयोग के ऑनलाइन शिकायत पोर्टल के माध्यम से भी आवेदन दर्ज किए जा सकते हैं। शिकायत दर्ज होने के बाद आवेदक को डायरी नंबर जारी किया जाता है, जिसके आधार पर प्रकरण की सुनवाई की जाती है। उन्होंने आवेदन करते समय पूरा पता, मोबाइल नंबर एवं पिनकोड सही ढंग से दर्ज करने की अपील की।बैठक में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के कंसल्टेंट श्री एच.आर. मीणा एवं श्री जे.पी. सिंह, सीनियर इन्वेस्टिगेटर श्रीमती सोनल राज, आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त श्री संजय सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
- - वरिष्ठ और युवा खेल पत्रकारों ने साझा किए यादगार मैदानी अनुभवरायपुर। आज विश्व खेल पत्रकार दिवस के अवसर पर रायपुर प्रेस क्लब द्वारा खेल पत्रकारों के सम्मान में आत्मीय मिलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर खेल जगत की खबरों को जन-जन तक पहुँचाने वाले वरिष्ठ एवं युवा खेल पत्रकारों का सम्मान किया गया तथा खेल पत्रकारिता के विभिन्न आयामों पर सार्थक चर्चा हुई।समारोह के दौरान वरिष्ठ एवं युवा खेल पत्रकारों ने अपने-अपने दौर के यादगार, प्रेरक और चुनौतीपूर्ण अनुभव साझा किए। वक्ताओं ने बताया कि किस प्रकार सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों में भी मैदान से खबरें जुटाकर उन्होंने खेल प्रेमियों तक सटीक और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाई। साथ ही खेल पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, नई तकनीकों और भविष्य की चुनौतियों पर भी विचार-विमर्श किया गया।कार्यक्रम में खेल पत्रकारिता जगत के अनेक वरिष्ठ एवं प्रतिष्ठित पत्रकार उपस्थित रहे। इनमें प्रमुख रूप से प्रशांत शर्मा, प्रकाश शर्मा, राजेश दुबे, विजय मिश्रा, डॉ. कमलेश गोगिया, शंकर चंद्राकर, पी. रामाराव नायडू, दिनेश कुमार, हेमंत डोंगरे, सुशील अग्रवाल, अख्तर हुसैन, पवन ठाकुर, अजय सक्सेना, स्टार जैन, प्रवीण सिंह, लवेंदर सिंघोत्रा एवं मनीष वोरा संतोष साहू जूनियर शामिल रहे।इस अवसर पर रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी ने कहा कि खेल पत्रकार केवल मैचों की रिपोर्टिंग तक सीमित नहीं रहते, बल्कि वे खिलाड़ियों के संघर्ष, उपलब्धियों और खेल संस्कृति को समाज तक पहुँचाने का महत्वपूर्ण दायित्व निभाते हैं। उनकी लेखनी और रिपोर्टिंग नई प्रतिभाओं को पहचान दिलाने तथा खेलों के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।कार्यक्रम में प्रेस क्लब के महासचिव गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, संयुक्त सचिव निवेदिता साहू एवं भूपेश जांगड़े, कार्यकारिणी सदस्य संदीप पुराणिक, संतोष साहू, संजीव सिन्हा, चंदन साहू, अंशुमान शर्मा तथा जाकिर घुड़सेना सहित प्रेस क्लब के अन्य पदाधिकारी, सदस्य एवं बड़ी संख्या में पत्रकार साथी उपस्थित रहे।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने जोन-4 खुर्सीपार क्षेत्र का व्यापक निरीक्षण कर निर्माणाधीन विकास कार्यों और नागरिक भीसुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्वक पूर्ण करने तथा नागरिकों की शिकायतों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।निगम आयुक्त ने औद्योगिक क्षेत्र में प्रस्तावित नाली निर्माण स्थल का निरीक्षण करते हुए निर्माण कार्य गुणवत्ता युक्त करने पर जोर दिया, ताकि जलभराव की समस्या से लोगों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि वर्षा ऋतु में जल निकासी की बेहतर व्यवस्था निगम की प्राथमिकता है। बालाजी नगर में पाइपलाइन कार्य का निरीक्षण करते हुए आयुक्त ने स्थानीय नागरिकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान रहवासियों ने क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था सुचारू करने की मांग रखी, निगम आयुक्त जल्द निराकरण हेतु जोन आयुक्त को निर्देशित किये हैं। आवश्यकतानुसार नल (टैब) लगाने कहा गया है, जिससे पानी की अनावश्यक बर्बादी रोकी जा सके। आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई कर जल्द समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।इसके बाद मिनी माता नगर में सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए उन्होंने स्वच्छता व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। वहीं वार्ड क्रमांक 42 गौतम नगर में प्रस्तावित सीमेंट कंक्रीट सड़क निर्माण स्थल का अवलोकन किया। सड़क के जर्जर होने से नागरिकों को हो रही परेशानी को देखते हुए आयुक्त ने शीघ्र सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए, जिससे क्षेत्रवासियों को बेहतर और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके। निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने स्पष्ट किया कि निगम का उद्देश्य विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कर नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए और जनसमस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाए।निरीक्षण के दौरान स्थानीय पार्षद के जगदीश, जोन आयुक्त अमरनाथ दुबे, कार्यपालन अभियंता संजय वर्मा, सहायक अभियंता चंद्रकांत साहू, उप अभियंता बसंत साहू, सहायक राजस्व अधिकारी बालकृष्ण नायडू, जोन स्वास्थ्य अधिकारी हेमंत मांझी, राजस्व निरीक्षक विजेंद्र परिहार सहित अन्य कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
- रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित प्रदेश कार्यालय में कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद के लिए संचालित 'सहयोग केन्द्र' की नियमित कड़ी में गुरुवार को प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, पुनर्वास और उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा पहुँचे। श्री वर्मा ने प्रदेशभर से आए कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर उनकी आवेदनों, मांगों व सुझावों को बेहद संवेदनशीलता के साथ सुना। 'सहयोग केन्द्र' में विभिन्न विषयों से जुड़े मामलों के आवेदन बड़ी संख्या में प्राप्त हुए। श्री वर्मा ने कई मामलों में फोन पर ही संबंधित अधिकारियों को तुरंत फोन लगाकर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने इस मौके पर कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार जनता के प्रति पूरी तरह जवाबदेह है। 'सहयोग केन्द्र' के माध्यम से सत्ता और संगठन के बीच सीधा समन्वय स्थापित हो रहा है, जिससे कार्यकर्ताओं की समस्याओं का बिना किसी देरी के निराकरण किया जा रहा है। राजस्व विभाग से जुड़े मामलों को तेजी से निपटाने के लिए प्रक्रियाओं का सरलीकरण और डिजिटलाइजेशन किया जा रहा है, ताकि आम जनता को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। श्री वर्मा ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता सरकार और जनता के बीच की मजबूत कड़ी हैं। उनके द्वारा लाए गए सार्वजनिक हित के मुद्दों और सुझावों पर प्राथमिकता के साथ अमल किया जाएगा। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश लाटिया, सहयोग केंद्र प्रभारी सच्चिदानंद उपासने उपस्थित रहे।
- बालोद । उच्चतम न्यायालय द्वारा न्याय को सरल एवं सुलभ तरीके से घर-घर तक पहुँचाने तथा आपसी सहभागिता और सहमति से न्याय की भावना को मूर्त रूप देने के लिए भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा समाधान समारोह 2026 का आयोजन 21 अप्रैल 2026 से आरम्भ किया जा रहा है, जिसकी परिणति 21, 22 तथा 23 अगस्त 2026 को विशेष लोक अदालत के आयोजन के साथ होगी। विशेष लोक अदालत का आयोजन सर्वोच्च न्यायालय परिसर में 21, 22 तथा 23 अगस्त को होगा, जिसमें सर्वोच्च न्यायालय में लंबित मामलों को शामिल किया जाएगा। विशेष लोक अदालत पूर्व सुलह बैठकों का आयोजन राज्य, जिला, तालुका, उच्च न्यायालय विधिक सेवा प्राधिकरण, समिति स्थित मध्यस्थता केन्द्र में किया जाएगा। इस सुलह वार्ता का आयोजन 21 अप्रैल 2026 को समाधान समारोह के आरम्भ के साथ शुरु हो चुका है। इस समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत) के आयोजन का लक्ष्य सर्वोच्च न्यायालय में लंबित उपयुक्त मामलों का सुलह एवं आपसी सहमति से निष्पादन करना है। अधिवक्तागण, वादकारियों तथा अन्य सभी संबंधित पक्षों से इस अभियान में सक्रिय रूप से भागीदारी के लिए आमंत्रित किया गया है। 21 अप्रैल 2026 से आरम्भ हो रहे समाधान समारोह में आपसी सहमति एवं वार्ता से समाधान तलाशने का प्रयास किया जाएगा। इन सुलह बैठकों का आयोजन राज्य, जिला, तालुका, उच्च न्यायालय विधिक सेवा प्राधिकरण, समिति स्थित मध्यस्थता केन्द्र में किया जाएगा। जिसमें प्रशिक्षित मध्यस्थ तथा सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, समिति पक्षकारों की मदद करेंगें। पक्षकार इन सुलह-प्रयास हेतु बैंठकों, वार्ताओं में सशरीर अथवा आभासी (आनलाईन) रूप से शामिल हो सकते हैं।
- -सीमेंट ब्रिक्स निर्माण इकाई स्थापित कर बने आत्मनिर्भर, दूसरों के लिए भी बने प्रेरणारायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में शासकीय योजनाएं प्रभावी साबित हो रही हैं। इन्हीं योजनाओं में शामिल प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) ने बीजापुर जिले के निवासी रमेश नाग के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। इस योजना की मदद से उन्होंने सीमेंट ब्रिक्स निर्माण इकाई स्थापित कर अपना सफल व्यवसाय शुरू किया है।पूंजी की कमी बनी थी सबसे बड़ी चुनौतीरमेश नाग लंबे समय से अपना सीमेंट ब्रिक्स निर्माण व्यवसाय शुरू करना चाहते थे, लेकिन आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण उनका सपना पूरा नहीं हो पा रहा था। उन्होंने जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, बीजापुर से संपर्क किया, जहां उन्हें पीएमईजीपी योजना की जानकारी और आवश्यक मार्गदर्शन मिला।10 लाख रुपये का ऋण और 3.50 लाख रुपये का अनुदान मिलायोजना के तहत यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बीजापुर के सहयोग से रमेश नाग को 10 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। इसके साथ ही उन्हें लगभग 3.50 लाख रुपये का मार्जिन मनी (अनुदान) भी प्राप्त हुआ। इस आर्थिक सहायता से उन्होंने आधुनिक मशीनों के साथ सीमेंट ब्रिक्स निर्माण इकाई स्थापित की।स्वरोजगार के साथ दूसरों को भी मिला रोजगारआज रमेश नाग की इकाई में गुणवत्तापूर्ण सीमेंट ब्रिक्स का उत्पादन हो रहा है। इससे स्थानीय निर्माण कार्यों की जरूरतें पूरी हो रही हैं और आसपास के लोगों को भी रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। उनका व्यवसाय लगातार आगे बढ़ रहा है और परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से काफी मजबूत हुई है।सरकारी योजना ने पूरा किया आत्मनिर्भर बनने का सपनारमेश नाग बताते हैं कि यदि उन्हें प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) का लाभ नहीं मिलता, तो अपना उद्योग शुरू करना संभव नहीं था। आज वे सम्मानपूर्वक अपना व्यवसाय संचालित कर रहे हैं और अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं।दूसरे युवाओं के लिए प्रेरणा बना यह प्रयासरमेश नाग की सफलता यह साबित करती है कि यदि शासकीय योजनाओं का सही समय पर लाभ लिया जाए और मेहनत के साथ आगे बढ़ा जाए, तो सीमित संसाधनों के बावजूद आत्मनिर्भर बनना संभव है। उनकी सफलता आज बीजापुर के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है और स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दे रही है।
- -हसदेव नदी पर पुल, बिजली विभाग का सब डिवीजन कार्यालय और सर्वसुविधायुक्त मंगल भवन की घोषणारायपुर /स्थानीय स्वशासन लोकतंत्र की सबसे सशक्त कड़ी है और नगर पंचायतें केवल प्रशासनिक इकाइयाँ नहीं, बल्कि नागरिकों की आकांक्षाओं को धरातल पर उतारने का प्रभावी माध्यम हैं। नवगठित नगर पंचायत बम्हनीडीह के प्रथम जनप्रतिनिधियों के कंधों पर केवल एक नगर के विकास की नहीं, बल्कि एक नई कार्यसंस्कृति और जनविश्वास की नींव रखने की जिम्मेदारी है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज जांजगीर-चांपा जिले के बम्हनीडीह में नगर पंचायत के नवनिर्वाचित अध्यक्ष एवं पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्री रमेश कुमार डडसेना एवं सभी पार्षदों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जनता ने जिस विश्वास के साथ उन्हें दायित्व सौंपा है, उसका प्रतिफल पारदर्शी प्रशासन, संवेदनशील कार्यशैली और विकास के रूप में दिखाई देना चाहिए।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बम्हनीडीह के विकास को नई गति देने वाली तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए दहिदा-बम्हनीडीह के बीच हसदेव नदी पर पुल निर्माण, बिजली विभाग का सब डिवीजन कार्यालय तथा सर्वसुविधायुक्त मंगल भवन के निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल आधारभूत संरचनाओं का विस्तार करना नहीं, बल्कि नागरिकों के जीवन को अधिक सुगम, सुरक्षित और सुविधासंपन्न बनाना है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में विकास को नई गति देते हुए हर वर्ग के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से लाखों परिवारों को पक्के घर, किसानों को उनकी उपज का सम्मानजनक मूल्य, महिलाओं को महतारी वंदन योजना के जरिए आर्थिक संबल तथा युवाओं के लिए रोजगार और अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि विकास का लाभ बिना किसी भेदभाव के समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे।मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण केवल बड़े शहरों के विकास से नहीं, बल्कि बम्हनीडीह जैसे उभरते नगरों को सशक्त बनाने से होगा। राज्य सरकार ऐसे सभी नगरीय क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, बेहतर नागरिक सेवाओं और सुनियोजित विकास के लिए प्रतिबद्ध है।उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बम्हनीडीह नगर पंचायत जनभागीदारी, सुशासन और विकास का एक आदर्श मॉडल बनकर उभरेगी तथा आने वाले वर्षों में क्षेत्र की नई पहचान बनेगी। समारोह में कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, विधायक श्री किरण सिंह देव ने भी जनता को संबोधित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंहदेव, खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह, श्री नारायण चंदेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
- -कार्यस्थलों का नियमित निरीक्षण कर हर महीने प्रगति की समीक्षा के दिए निर्देश-नए कार्यों के प्राक्कलन 31 जुलाई तक भेजने कहारायपुर. । लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों, मैदानी अधिकारियों और ठेकेदारों की बैठक लेकर प्रदेश में निर्माणाधीन पुलों, फ्लाई-ओवर्स और रेलवे ओवर-ब्रिजेस के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने रायपुर के सिरपुर भवन स्थित सेतु परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता कार्यालय में आयोजित बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों को कार्यस्थलों का नियमित निरीक्षण कर हर महीने प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्धारित माइलस्टोन्स के अनुसार हर कार्य की समयबद्ध प्रगति सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्माण कार्यों पर कड़ी निगरानी रखते हुए कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं लाने वाले ठेकेदारों पर त्वरित कार्रवाई करने को कहा।लोक निर्माण विभाग के सचिव ने राज्य में निर्माणाधीन सभी पुलों की प्रगति की संभागवार और वर्षवार समीक्षा की। उन्होंने बस्तर में आरसीपीएलडब्लूए (RCPLWA) के अंतर्गत प्रगतिरत पुलों के कार्य हर हाल में दिसम्बर तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलों, फ्लाई-ओवर्स और रेलवे ओवर-ब्रिजेस के निर्माण के लिए प्रत्येक चरण और प्रक्रिया को निश्चित समयावधि में पूर्ण करने के लिए मुख्य अभियंता को एसओपी बनाने को कहा। उन्होंने इनका कड़ाई से पालन भी सुनिश्चित करने को कहा।विभागीय सचिव ने पुलों के निर्माण के दौरान कार्यस्थलों पर सुरक्षा के सभी मानकों का पूरा ध्यान रखने को कहा, जिससे की जान-माल की कोई हानि न हो। उन्होंने पुलों, फ्लाई-ओवर्स और रेलवे ओवर-ब्रिजेस के निर्माण में सड़क सुरक्षा के सभी मापदंडों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मैदानी अधिकारियों को फील्ड में कार्यों का बारीकी से निरीक्षण कर ठेकेदारों द्वारा किए गए कार्यों के नियमित भुगतान करने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों को हर महीने भुगतान करने को कहा।श्री बंसल ने चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 और पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 के नए कार्यों की प्राथमिकता तय कर उनके प्राक्कलन 31 जुलाई तक भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने पहुंचविहीन गांवों तक बारहमासी कनेक्टीविटी के लिए पुलों के प्रस्ताव के साथ ही द्रुतगामी सड़कों में भी जहां पुलों की जरूरत है, उनके भी प्रस्ताव प्राथमिकता सूची में शामिल कर भेजने को कहा। उन्होंने कलेक्टरों के साथ समन्वय कर ब्लॉस्टिंग की अनुमति, भू-अर्जन, वन व्यपवर्तन, पेड़ कटाई तथा स्थल विवाद के लंबित मामलों का तेजी से निराकरण कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। इनका निराकरण नहीं होने की स्थिति में उच्च कार्यालयों को अवगत कराने को कहा, ताकि उच्च स्तर पर इनका समाधान निकाला जा सके।उन्होंने विभागीय अधिकारियों को जवाबदेही से काम करते हुए निर्माण सामग्री और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए समय-सीमा में पुलों के निर्माण पर जोर दिया। उन्होंने भारत सरकार के गतिशक्ति पोर्टल पर सभी पुलों की जानकारी 10 जुलाई तक अपलोड करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी, सेतु परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री एस.के. कोरी और अधीक्षण अभियंता श्री डी.के. माहेश्वरी सहित सभी मंडलों के अधीक्षण अभियंता, सभी संभागों के कार्यपालन अभियंता तथा सभी उप संभागों के अनुविभागीय अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे।स्काई-वॉक के संचालन-संधारण की कार्ययोजना बनाने के दिए निर्देशश्री बंसल ने रायपुर में निर्माणाधीन स्काई-वॉक के कार्यों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को इसके संचालन और संधारण की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके चालू होने के बाद साफ-सफाई, रखरखाव और बिजली आपूर्ति की स्थायी और पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने इसके हैंड-ओवर के लिए नगर निगम से चर्चा करने के भी निर्देश दिए।बैठक में अधिकारियों ने बताया कि स्काई-वॉक का काम इस साल दिसम्बर तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। लोगों के चढ़ने-उतरने के लिए 1.2 किमी लंबाई के इस स्काई-वॉक में 9 एस्केलेटर्स और 4 लिफ्ट भी लगाए जाएंगे।ठेकेदारों की बैठक लेकर समस्याओं की ली जानकारी, कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देशलोक निर्माण विभाग के सचिव श्री बंसल ने पुलों का निर्माण कर रहे ठेकेदारों की बैठक लेकर कार्य एवं कार्यस्थलों पर आ रही समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने अनुबंध के अनुसार निर्माण कार्यों में अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने के साथ ही गुणवत्ता और समय पर कार्य पूर्णता में कोई समझौता नहीं करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्य मार्गों से जोड़ने, लोगों के बारहमासी आवागमन और माल परिवहन की दृष्टि से पुलों के निर्माण बहुत महत्वपूर्ण हैं। इनके निर्माण में किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है। निर्धारित समयावधि में अच्छा काम होना चाहिए।
- -राज्य में 6.25 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में लक्ष्य का 13 प्रतिशत बोनी पूर्ण-इस खरीफ सीजन में 48.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी का है लक्ष्य-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश: किसानों को उनकी मांग के अनुरूप सुगमता से मिले खाद-बीज-किसानों को 7.28 लाख मीट्रिक टन खाद और 3.09 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरित-प्रदेश में अब तक 96.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्जः राज्य की औसत वार्षिक वर्षा 1246.3 मिमीरायपुर / प्रदेश में मानसून के दस्तक के साथ ही खेती किसानी का कार्य तेजी के साथ शुरू हो गया है। राज्य में 02 जुलाई की स्थिति में 6.25 लाख हेक्टेयर क्षेत्रों में लक्ष्य का 13 प्रतिशत बोनी हो चुकी है। इस खरीफ सीजन में 48.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किसानों को खेती-किसानी में सहुलियतें प्रदान करने के लिए सभी आवश्यक सहयोग करने संबंधित अधिकारियों निर्देशित किए गए हैं। उन्होंने किसानों को उनकी मांग के अनुसार सुगमता के साथ प्रमाणित खाद-बीज का वितरण करने को कहा हैं। खाद-बीज वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कड़ी कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए हैं। साथ ही सोसायटियों में पर्याप्त खाद-बीज का भण्डारण कर सतत निगरानी करने को कहा है। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा इन पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है।प्रदेश के किसानों को अब तक 7.28 लाख मीट्रिक टन खाद और 3.09 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण किया जा चुका है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में मानसून की बौछारों के साथ शुरू हुए खेती-किसानी में बोनी का रकबा भी निरंतर बढ़ते जा रहा है। राज्य में अब तक 7.28 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न फसलों जैसे धान, मक्का, कोदो, कुटकी, अरहर, मूंग, मूंगफली, रामतिल आदि की बोनी हो चुकी है, जो लक्ष्य का 13 प्रतिशत है। इस खरीफ सीजन में राज्य सरकार ने 48.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी का लक्ष्य रखा है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 02 जुलाई 2026 की स्थिति में प्रदेश में अब तक 96.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है, जबकि प्रदेश की औसत वार्षिक वर्षा 1246.3 मिमी है। अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष खरीफ 2026 के लिए बीज निगम द्वारा प्रदेश में 4.95 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरण का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से 4.30 लाख क्विंटल बीज का भंडारण कर अब तक 3.09 लाख क्विंटल बीज का वितरण किसानों को किया जा चुका है, जो मांग का 62 प्रतिशत है। गत वर्ष इसी अवधि में 2.67 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण किया गया था। इसी प्रकार प्रदेश में इस खरीफ सीजन में 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उक्त लक्ष्य के विरूद्ध 13.16 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का सहकारी एवं निजी क्षेत्रों में भंडारण किया गया है। उक्त भंडारण के विरूद्ध 7.28 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किसानों को किया जा चुका है, जो लक्ष्य का 47 प्रतिशत है।अधिकारियांे बताया कि राज्य सरकार किसानों को खेती-किसानी में सहूलियते हो इस उद्देश्य से किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से अल्प कालीन कृषि ऋण उपलब्ध करा रहे है। खरीफ सीजन 2026 के लिए 30 जून की स्थिति में 5525 करोड़ रूपए का ऋण वितरण किया है, जबकि गत वर्ष इसी अवधि में 4517 करोड़ रूपए का ऋण वितरण किया गया था। इस वर्ष किसानों को 8800 करोड़ रूपए ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया है।
- -मुख्यमंत्री श्री साय ने भारतीय कुष्ठ निवारक संघ आश्रम में सेवा, स्वास्थ्य एवं पुनर्वास कार्यों का किया अवलोकन-सिद्धि विनायक मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना कीरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज जांजगीर-चांपा जिले के एक दिवसीय प्रवास के दौरान सोठी स्थित भारतीय कुष्ठ निवारक संघ आश्रम पहुँचे। आश्रम आगमन पर संस्था के पदाधिकारियों एवं आश्रमवासियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने आश्रम प्रमुख श्री सुधीर देव से संस्था की सेवा गतिविधियों, चिकित्सा सुविधाओं तथा पुनर्वास कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा आश्रम द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों की सराहना की।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारतीय कुष्ठ निवारक संघ आश्रम केवल एक सेवा संस्थान नहीं, बल्कि मानवता, करुणा और समर्पण का जीवंत केंद्र है। यहाँ वर्षों से समाज के उपेक्षित और जरूरतमंद लोगों की गरिमा के साथ सेवा की जा रही है, जो भारतीय संस्कृति के 'नर सेवा ही नारायण सेवा' के आदर्श को साकार करती है। उन्होंने कहा कि ऐसे संस्थान समाज में संवेदनशीलता, सेवा और मानवीय मूल्यों को सुदृढ़ करने का प्रेरणादायी कार्य कर रहे हैं।मुख्यमंत्री ने आश्रम परिसर स्थित श्री सिद्धि विनायक मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना एवं आरती कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने संस्था के संस्थापक स्वर्गीय सदाशिव गोविंद कात्रे के छायाचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा उनके सेवा भाव को नमन किया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आश्रम के लिए नई एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि यह एम्बुलेंस आश्रमवासियों एवं जरूरतमंद मरीजों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने आश्रम परिसर का भ्रमण कर सेवा, स्वास्थ्य एवं पुनर्वास से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने आश्रमवासियों से आत्मीय भेंट कर उनका कुशलक्षेम जाना तथा उन्हें उपहार भी भेंट किए। इस दौरान उन्होंने गौशाला में गौमाता की पूजा-अर्चना कर हरा चारा अर्पित किया और गौसेवा का संदेश दिया।मुख्यमंत्री ने आश्रम परिसर स्थित संत गुरु घासीदास चिकित्सालय का निरीक्षण कर ओपीडी, पैथोलॉजी लैब, बिलिंग कक्ष, एक्स-रे कक्ष, आईसीयू तथा ऑपरेशन थियेटर सहित विभिन्न इकाइयों में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सालय में उपचाररत मरीजों के लिए उपलब्ध व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की तथा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ सुनिश्चित करने पर बल दिया।इस दौरान मुख्यमंत्री ने धनवंतरी जनकल्याण समिति सोसायटी, रायपुर द्वारा संचालित निःशुल्क कैंसर स्क्रीनिंग इनिशिएटिव वाहन का भी अवलोकन किया। उन्होंने वाहन के माध्यम से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में पहुँचाई जा रही कैंसर जांच सेवाओं की जानकारी लेते हुए कहा कि समय पर जांच और उपचार गंभीर बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है तथा ऐसी पहल जनस्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब,सांसद श्रीमती कमलेश देवी जांगड़े, विधायक जगदलपुर श्री किरण सिंह देव, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह, छत्तीसगढ़ राज्य हथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ के अध्यक्ष श्री भोजराज देवांगन, आश्रम के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
- -आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र सुकमा-01 को मिला राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन (एनक्वास) प्रमाणपत्र-जिले के 17 स्वास्थ्य केंद्र अब राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों पर खरेरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सशक्त नेतृत्व और वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा सुकमा जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में सुदूर और नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार सुधार हो रहा है। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से विकासखंड सुकमा के आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र सुकमा-01 को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्वास) प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ है। इसके साथ ही जिले के 17 स्वास्थ्य केंद्र अब राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणपत्र हासिल कर चुके हैं।93.04 प्रतिशत अंक के साथ हासिल की राष्ट्रीय उपलब्धिकलेक्टर श्री अमित कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य केंद्र ने भारत सरकार के राष्ट्रीय मूल्यांकन में 93.04 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। यह उपलब्धि स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी श्री मणीन्द्र कुर्रे, ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक श्रीमती रेणूका सूना तथा श्री माड़वी हिड़मा सहित पूरी स्वास्थ्य टीम की मेहनत, समर्पण और बेहतर कार्यप्रणाली का परिणाम है।कड़े मानकों पर खरा उतरने के बाद मिला एनक्वास प्रमाणपत्रएनक्वास (National Quality Assurance Standards) प्रमाणपत्र भारत सरकार द्वारा केवल उन स्वास्थ्य संस्थानों को दिया जाता है, जो गुणवत्ता के सभी निर्धारित मानकों पर खरे उतरते हैं। इसमें मरीजों की संतुष्टि, स्वच्छता, सुरक्षित मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, मानसिक स्वास्थ्य, संचारी एवं गैर-संचारी रोगों की देखभाल, प्रयोगशाला सेवाएं तथा स्वास्थ्य प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं का मूल्यांकन किया जाता है।7,417 ग्रामीणों को मिल रही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएंआयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र सुकमा-01 आधुनिक प्रसव कक्ष, सुसज्जित प्रयोगशाला और प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों से लैस है। यह केंद्र लगभग 7,417 ग्रामीणों को गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रहा है।शासकीय योजनाओं से बदल रही सुकमा की तस्वीरमुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप अंतिम व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने और प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में जिले में स्वास्थ्य अधोसंरचना को लगातार मजबूत किया जा रहा है। आयुष्मान भारत और अन्य स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल रहा है।अन्य जिलों के लिए बना प्रेरणादायक मॉडलसुकमा की यह उपलब्धि बताती है कि मजबूत प्रशासनिक इच्छाशक्ति, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और स्वास्थ्य कर्मियों की समर्पित सेवा से दूरस्थ एवं चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं। आज सुकमा का यह मॉडल प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के अन्य आकांक्षी जिलों के लिए भी प्रेरणा बन रहा है।



























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