- Home
- छत्तीसगढ़
-
-रायपुर प्रेस क्लब खेल मड़ई-2: स्व. देवेंद्र कर स्मृति बैडमिंटन एकल प्रतियोगिता के नॉकआउट मुकाबले शुरू
रायपुर। रायपुर प्रेस क्लब खेल मड़ई-2 (इंडोर गेम) के तहत आयोजित स्व. देवेंद्र कर स्मृति बैडमिंटन एकल प्रतियोगिता के पहले दिन गुरुवार को नॉकआउट दौर के ग्रुप मैच के मुकाबले हुए। यूनियन क्लब में खेले गए मुकाबलों में टिकेश्वर पटेल, सत्येंद्र कर, अजय सक्सेना व संतोष साहू (सीनियर) ने दमदार खेल का प्रदर्शन करते हुए अगले दौर में प्रवेश किया।
ग्रुप सी के मुकाबले विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र रहे। इस ग्रुप में टिकेश्वर पटेल ने लगातार दो मैच जीतकर अपनी मजबूत दावेदारी पेश की। उन्होंने पहले मुकाबले में लक्ष्मण लेखवानी को 30-15 के अंतर से पराजित किया। इस मैच में टिकेश्वर ने आक्रामक स्मैश और सटीक ड्रॉप शॉट्स का बेहतरीन तालमेल दिखाया। दूसरे मुकाबले में भी उनका प्रदर्शन उतना ही प्रभावशाली रहा, जहां उन्होंने राजेंद्र निगम को एकतरफा अंदाज में 30-7 से हराकर अगले दौर में अपनी जगह पक्की कर ली। लगातार दो जीतों के साथ टिकेश्वर पटेल ग्रुप सी से आगे बढ़ने वाले पहले खिलाड़ी बने।
इसी तरह ग्रुप ए के मैच में सत्येंद्र कर ने इम्तियाज अंसारी के खिलाफ 30-15 से जीत दर्ज की। मैच की शुरुआत से ही सत्येंद्र ने बढ़त बनाए रखी और अपने अनुभव का लाभ उठाते हुए मुकाबले को अपने पक्ष में किया। वहीं ग्रुप बी के मैच में संतोष साहू ने अभिषेक सिंह को 30-20 से हराया। यह मुकाबला शुरुआत में बराबरी का रहा, लेकिन संतोष ने निर्णायक क्षणों में आक्रामक स्मैश और सटीक ड्रॉप शॉट्स से बढ़त बनाकर अपनी जीत सुनिश्चित कर ली।
ग्रुप बी में ही अजय सक्सेना ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए दो मैचों में जीत दर्ज की। उन्होंने पहले मैच में दिलीप साहू को 30-12 से हराया। इसके बाद शुभम वर्मा के खिलाफ खेले गए मुकाबले में अजय ने संयम और रणनीति का परिचय देते हुए 30-24 से जीत हासिल की। अजय की लगातार जीत ने उन्हें अगले दौर का प्रबल दावेदार बना दिया है। इससे पहले खेले गए अन्य मैच में इम्तियाज अंसारी ने तारकेश्वर साहू को 30-8 से, राजेंद्र निगम ने दिनेश कुमार को 30-9 से, शुभम वर्मा ने नितिन नामदेव को 10-19 से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश किया था। इसके पूर्व पहले दौर के मैच में सत्येंद्र कर, रामेश्वर मिश्रा, सत्यप्रकाश दुबे, हिमांशु शर्मा, टिकेश्वर पटेल, लक्ष्मण लेखवानी, राजेंद्र निगम व दिनेश कुमार को प्रतिद्वंदी खिलाड़ी के नहीं पहुंचने पर वॉकओवर मिला था। मैच के निर्णायक विजय मिश्रा, चंदन साहू, सत्येंद्र कर, टीकम वर्मा, लविंदर सिंघोत्रा, सुमय कर व कमलेश गोगिया रहे।
आज के मैच
17 अप्रैल को मैच दोपहर 12 बजे से खेले जाएंगे। पहले दिन के शेष 4 मैच सबसे पहले होंगे। उसके बाद ग्रुप मैच खेले जाएंगे। मैच यूनियन क्लब के दो कोर्ट में खिलाड़ियों की सुविधानुसार लगातार दोपहर 3.30 बजे तक खेले जाएंगे।
1. रामेश्वर मिश्रा/सत्यप्रकाश दुबे के बीच।
2. हिमांशु शर्मा/संतोष साहू के बीच।
उक्त दोनों टीमों के विजेता क्रमशः सत्येंद्र कर व अजय सक्सेना से भिड़ेंगे।
ग्रुप मैच
1. चंदन साहू/सत्येंद्र सिंह के बीच।
2. शंकर चंद्राकर/लविंदर सिंघोत्रा के बीच।
3. तहसीन जैदी/संदीप पुराणिक के बीच।
4. हितेश मेहता/कौशल तिवारी के बीच।
5. सुशील अग्रवाल/महादेव तिवारी के बीच।
6. पंकज सिंह/भीमराव चंद्रिकापुरे के बीच।
7. विनय घाटगे/दीपक पांडेय के बीच।
8. शरणजीत सिंह तेतरी/अमित मिश्रा के बीच।
9. टीकम वर्मा/विक्रम साहू के बीच।
10. संतोष साहू (जू.)/राजेश सोनकर के बीच।
11. शिवम दुबे/रोहित बर्मन के बीच।
12. संदीप तिवारी/सुखनंदन बंजारे के बीच। -
*लोकप्रिय बाल पत्रिका ‘चकमक’ में गुंजन की लेखनी का प्रकाशन*
*‘प्रोजेक्ट पढ़े रायपुर, लिखे रायपुर’ पहल से निखरी लेखन प्रतिभा*
रायपुर/ आरंग की कक्षा तीसरी की नन्हीं छात्रा कु. गुंजन यादव ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा से एक नई पहचान बनाई है। पीएम श्री शासकीय वीरांगना अवंती बाई लोधी प्राथमिक शाला, आरंग की इस छात्रा की मौलिक कहानी देश की लोकप्रिय बाल पत्रिका ‘चकमक’ के नवीनतम अंक में प्रकाशित हुई है।
गुंजन ने अपनी कल्पनाशक्ति और लेखन कौशल के दम पर यह सिद्ध कर दिया है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती। विद्यालय में मिले प्रोत्साहन और निरंतर अभ्यास से उसकी लेखनी को नई दिशा मिली है।
इस उपलब्धि के पीछे प्रशासन द्वारा संचालित नवाचारी पहल ‘पढ़े रायपुर, लिखे रायपुर’ का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार तथा कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में संचालित इस पहल का उद्देश्य बच्चों में पढ़ने-लिखने की आदत विकसित करना और उनकी रचनात्मकता को मंच प्रदान करना है।
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने गुंजन को इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर शुभकामनाएँ देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। -
बिलासपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश एवं कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल के मार्गदर्शन में जिला बिलासपुर में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में लगभग डेढ़ दर्जन राजस्व एवं खनिज अमले द्वारा संयुक्त जांच अभियान चलाया गया। जांच के दौरान तखतपुर, काठकोनी, भरनी, चोरभट्ठी, गनियारी, नेवरा, टांडा, अमने, मंगला एवं धुरिपारा क्षेत्रों का निरीक्षण किया गया। नेवरा क्षेत्र से खनिज मुरुम का अवैध उत्खनन एवं परिवहन करते हुए 1 चैन माउंटेन मशीन एवं 2 हाइवा वाहन जप्त किए गए। तखतपुर क्षेत्र से मुरुम का परिवहन करते 1 ट्रैक्टर-ट्रॉली तथा मंगला-धुरिपारा क्षेत्र से रेत का अवैध उत्खनन एवं परिवहन करते 2 ट्रैक्टर-ट्रॉली जप्त की गई। इस प्रकार कुल 6 वाहनों को जप्त कर थाना सकरी, कोटा एवं कोनी की अभिरक्षा में रखा गया है, वहीं चैन माउंटेन मशीन को यथास्थान सीलबंद किया गया है। खनिज विभाग, राजस्व विभाग एवं पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त रूप से ऐसी कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
-
-अभिषेक बक्षी निर्देशित नाटक ‘शिव शौर्य’ की पूरी तैयारी के साथ शुरू हो रही रिहर्सल
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल में एक और हिंदी नाटक के मंचन की तैयारी शुरू हो गई है। सभासदों की देर शाम हुई बैठक में नाटक 'शिव शौर्य' के मंचन का निर्णय लिया गया है। पहली बार रंगसाधक अभिषेक बक्षी इस नाटक के माध्यम से निर्देशन के क्षेत्र में कदम रख रहे हैं। इसमें वे छत्रपति शिवाजी महाराज की केंद्रीय भूमिका निभाएंगे। सचिव चेतन दंडवते ने बताया कि छह जून को महाराष्ट्र मंडल में प्रति वर्षानुसार छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक दिवस समारोह आयोजित किया जाना है। इसी समारोह में अभिषेक बक्षी निर्देशित नाटक शिव शौर्य का मंचन प्रस्तावित है।
बैठक के बाद अभिषेक ने कहा कि 'शिव शौर्य' में वरिष्ठ रंगसाधक शशि वरवंडकर, रंजन मोड़क, कीर्ति हिशीकर, पवन ओगले, भारती पलसोदकर, रविंद्र ठेंगड़ी, योगेश दंडवते, यशस्वी दंडवते, गणेशा जाधव पाटिल, पंकज सराफ, अभय भागवतकर, पराग दलाल, प्रार्थना दंडवते सहित अनेक रंगमचीय कलाकारों ने नाटक में काम करने की अपनी सहमति दी है। तकनीकी पक्ष परितोष डोनगांवकर, अजय पोतदार, प्रवीण क्षीरसागर संभालेंगे। बैठक में नाटक की स्क्रिप्ट पर चर्चा की गई, जिसमें वरिष्ठ रंगसाधकों के महत्वपूर्ण सुझाव भी आए। अगले कुछ दिनों में नाटक का रिहर्सल शुरू हो जाएगा।
बैठक में शामिल अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा कि 'शिव शौर्य' के माध्यम से महाराष्ट्र मंडल ही नहीं, शहर के रंगमंच को भी अभिषेक बक्षी के रूप में एक नया निर्देशक मिलने जा रहा है। हजार कदम चलने के लिए पहला कदम तो उठाना ही पड़ता है। काले ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि मंडल का यह नाटक न केवल लोगों को पसंद आएगा, बल्कि सफलता के झंडे भी गाड़ेगा। सचिव दंडवते ने विश्वास दिलाया कि सभी कलाकार 'शिव शौर्य' के लिए पूरे समर्पित भाव से अनुशासन के साथ रिहर्सल में भाग लेंगे। - “डेला रेसकोर्स एंड इंटरनेशनल पोलो क्लब” प्रोजेक्ट पर क्रय-विक्रय व पंजीयन पर अंतरिम रोकरायपुर /छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (सीजीरेरा) ने बिना पंजीकरण रियल एस्टेट परियोजना के प्रचार-प्रसार के मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए “डेला रेसकोर्स एंड इंटरनेशनल पोलो क्लब” परियोजना पर क्रय-विक्रय एवं पंजीयन पर अंतरिम (प्रारंभिक) रोक लगा दी है।प्राधिकरण द्वारा प्रकरण क्रमांक एसएम-यूआरपी-2026-03599 में संज्ञान लेते हुए पाया गया कि नया रायपुर के सेक्टर-37 स्थित लगभग 55 एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित उक्त परियोजना के प्रमोटर द्वारा रेरा अधिनियम, 2016 की धारा 3 का उल्लंघन किया गया है।जांच में यह तथ्य सामने आया कि संबंधित प्रमोटर ने बिना रेरा पंजीकरण प्राप्त किए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर परियोजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया और आम नागरिकों को बुकिंग के लिए आमंत्रित किया। यह कृत्य अधिनियम के स्पष्ट प्रावधानों के विपरीत है, जिसके अनुसार बिना पंजीकरण किसी भी रियल एस्टेट परियोजना का विज्ञापन, विपणन या विक्रय प्रतिबंधित है।सीजीरेरा द्वारा नियमित निगरानी के दौरान उक्त विज्ञापन संज्ञान में आने पर प्रकरण दर्ज किया गया। उपलब्ध तथ्यों के आधार पर प्रथम दृष्टया उल्लंघन प्रमाणित पाए जाने पर प्राधिकरण ने अपने वैधानिक अधिकारों का प्रयोग करते हुए परियोजना से संबंधित सभी प्रकार के भूखंड, मकान एवं इकाइयों के क्रय-विक्रय और पंजीयन पर अंतरिम रोक लगाने का आदेश जारी किया है।इस संबंध में जिला पंजीयक एवं उप-पंजीयक, रायपुर को निर्देशित किया गया है कि उक्त परियोजना से जुड़े किसी भी विक्रय विलेख का पंजीयन आगामी आदेश तक स्वीकार न किया जाए और आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। प्राधिकरण ने आम नागरिकों को सलाह दी है कि किसी भी रियल एस्टेट परियोजना में निवेश करने से पहले उसकी रेरा पंजीयन स्थिति की जांच अवश्य करें, ताकि किसी भी प्रकार के वित्तीय या कानूनी जोखिम से बचा जा सके।
-
- महाराष्ट्र मंडल के डंगनिया केंद्र के आयोजन में महिलाओं ने तंबोला को भी किया एंजॉय, सर्वसम्मति से अंजलि काले बनीं संयोजिका
रायपुर। ‘गौर गौर सांजळी, गव्हाच्या आंजळी.....’ के साथ हल्दी कुंकू लगाकर महिलाओं ने चैत्र गौर उत्सव मनाया। आम के पत्ते और पारंपरिक खान पैठनी के साथ महिलाओं ने सुंदर चैत्र गौर की सजावट की। कैरी, फल और फूलों की पंखुड़ियों से एक आकर्षक 'चैत्रंगन' रंगोली बनाई। मौका महाराष्ट्र मंडल के डंगनिया महिला केंद्र की ओर से आयोजित हल्दी-कुंकू का था। वहीं फिल्म ‘धर्मात्मा’ के रोमांटिक गीत ‘क्या खूब लगती हो, बड़ी सुंदर लगती हो..’ पर ग्रुप डांस कर महिलाओं ने वातावरण को खुशनुमा बना दिया।
सखी निवास प्रभारी नमिता शेष ने बताया कि डंगनिया केंद्र की महिलाओं ने चैत्र गौर हल्दी-कुंकू का आयोजन किया। इस दौरान केंद्र की सदस्याओं ने फिल्मी गीतों में एक्शन के साथ रील्स बनाए। सर्वाधिक महत्वपूर्ण बात, अंजलि काले को सर्वसम्मति से डंगनिया महिला केंद्र की नई संयोजिका बनाया गया। वहीं प्रियंका राजपूत, प्रीति रणदिवे, अनुभा जाउलकर और दीपांजलि भालेराव को सह संयोजिका का दायित्व सौंपा गया।
इस मौके पर सभी का पसंदीदा खेल तंबोला खेला गया। महाराष्ट्र मंडल के मेस में बनाए गए स्वादिष्ट व्यंजनों व नाश्ते का लुत्फ उठाकर कार्यक्रम के समापन की घोषणा की गई। इस अवसर पर अनुभा जाउलकर, अंजलि काले, माधुरी गिर्हे, प्रिया जोगळेकर, रश्मि दलाल, ज्योति डोळस, अनुजा महाडिक, संध्या अनिल कुमार, सौम्या इंगले, सृष्टि दंडवते, अनामिका महाजन, श्रद्धा देशमुख, श्रद्धा मरघड़े, सोनल फडनवीस, दीपांजलि भालेराव, प्रियंका राजपूत, अर्चना कुलकर्णी, श्वेता बक्षी, अपर्णा दबड़गांव, सोनाली पंखराज, शैला गायधनी, जया भावे, सीमा देव, शिल्पा पराड़कर सहित अनेक सभासद उपस्थित थीं। - -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कलेक्टरों को दिए विस्तृत निर्देश-जन शिकायतों के समयबद्ध निराकरण पर जोररायपुर / छत्तीसगढ़ में सुशासन को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार वर्ष 2025 की तर्ज पर इस वर्ष “सुशासन तिहार 2026” का आयोजन व्यापक स्तर पर करने जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस संबंध में प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को पत्र जारी कर अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश दिए हैं।मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि जन शिकायतों का समयबद्ध निराकरण सुशासन की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को पारदर्शी, सरल और त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराना राज्य शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। गत वर्ष आयोजित सुशासन तिहार के सकारात्मक परिणामों को देखते हुए इस वर्ष इसे और अधिक व्यापक स्वरूप में लागू किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि 30 अप्रैल 2026 तक जिलों में लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। इसके अंतर्गत भूमि संबंधी प्रकरण जैसे नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही मनरेगा अंतर्गत लंबित मजदूरी भुगतान, हितग्राही मूलक योजनाओं के लंबित प्रकरण, आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र, बिजली एवं ट्रांसफार्मर संबंधी समस्याएं तथा हैंडपंप सुधार जैसे मुद्दों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने पात्र हितग्राहियों को उज्ज्वला योजना, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत योजना तथा सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी योजनाओं का लाभ दिलाने पर विशेष जोर दिया है।सुशासन तिहार के तहत 1 मई से 10 जून 2026 तक प्रदेशभर में जन समस्या निवारण शिविर आयोजित किए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में 15 से 20 ग्राम पंचायतों के समूह तथा शहरी क्षेत्रों में वार्ड क्लस्टर के आधार पर शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में न केवल जन समस्याओं का समाधान किया जाएगा, बल्कि शासन की योजनाओं के प्रति जन-जागरूकता भी बढ़ाई जाएगी। पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ प्रदान करने की व्यवस्था की जाएगी। शिविरों में प्राप्त आवेदनों का अधिकतम एक माह के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक आवेदक को उसके आवेदन की स्थिति से अवगत कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि अभियान के दौरान मंत्रीगण, सांसद एवं विधायक, साथ ही मुख्य सचिव और प्रभारी सचिव समय-समय पर शिविरों में शामिल होकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे और आमजन से सीधा संवाद स्थापित करेंगे। इससे प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता को मजबूती मिलेगी।अभियान के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय स्वयं विभिन्न जिलों का दौरा कर विकास कार्यों एवं योजनाओं के क्रियान्वयन का औचक निरीक्षण करेंगे। वे हितग्राहियों से सीधे संवाद कर फीडबैक भी प्राप्त करेंगे। इसके अतिरिक्त जिला मुख्यालयों पर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकें आयोजित कर शिविरों में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की स्थिति और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। निरीक्षण एवं समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री प्रेसवार्ता को संबोधित करेंगे तथा सामाजिक संगठनों और नागरिकों से सुझाव भी प्राप्त करेंगे।सुशासन तिहार 2026 को जन आंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से जनसंपर्क विभाग एवं जिला प्रशासन को व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए हैं। विभिन्न संचार माध्यमों के जरिए अधिक से अधिक नागरिकों को अभियान से जोड़ने की रणनीति बनाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों से अपेक्षा की है कि वे आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करते हुए इस अभियान को जनभागीदारी का सशक्त माध्यम बनाएं, ताकि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक शासन की योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंच सके।
- -मुख्य सचिव श्री विकासशील ने भी स्व-गणना के तहत अपनी जानकारी दर्ज कीरायपुर, /छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 के पहले चरण के तहत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना के तारतम्य में 16 से 30 अप्रैल 2026 तक स्व-गणना की प्रक्रिया की शुरूआत हुई है। आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव श्री विकासशील ने स्व-गणना के तहत स्वयं अपनी जानकारी दर्ज की। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव गृह श्री मनोज कुमार पिंगुआ, छत्तीसगढ़ जनगणना निदेशक श्री कार्तिकेय गोयल सहित जनगणना निदेशालय के अधिकारी भी मौजूद थे।मुख्य सचिव ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि इस सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग करें और अपनी जानकारी स्वयं भरकर जनगणना में सक्रिय भागीदारी निभाएं। राज्य में 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक नागरिकों को स्व-गणना के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज करने का अवसर दिया गया है। आज अपर मुख्य सचिव गृह श्री मनोज कुमार पिंगुआ ने भी स्व-जनगणना के तहत अपनी जानकारी पोर्टल पर जानकारी दर्ज की। स्व-गणना के लिए se.census.gov.in पोर्टल पर जाकर आसानी से विवरण भरा जा सकता है।मुख्य सचिव ने कहा है कि यह पहल जनगणना प्रक्रिया को आसान, पारदर्शी और अधिक विश्वनीय बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे लोग अपनी सही और पूरी जानकारी स्वयं साझा कर सकेंगे। स्व-गणना अवधि समाप्त होने के बाद, 1 मई से 30 मई तक जनगणना टीम घर-घर जाकर लोगों से जानकारी एकत्रित करेगी। प्रगणक घर-घर आकर जानकारी दर्ज करेंगे। हर मकान की जानकारी दर्ज की जाएगी। घर की स्थिति, सुविधाएं और मूलभूत जानकारी संकलित की जाएगी। जिन्होंने स्व-गणना के तहत जानकारी दर्ज की है वे जनगणना प्रगणकों के घर आने पर उनसे SE ID जरूर साझा करें। यदि कोई स्व-गणना नहीं कर पाते है तो चिंता करने की जरूरत नहीं है। छत्तीसगढ़ राज्य में 1 मई से 30 मई 2026 तक की अवधि में प्रगणक आपके घर आकर जानकारी अवश्य दर्ज करेंगे। सभी नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे इस अवसर का लाभ उठाकर देश के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। इस अवसर पर जनगणना निदेशालय के संयुक्त संचालक श्री प्रदीप साव सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए।
- -कलेक्टर–एसपी एवं वेदांता प्रबंधन के साथ ली समीक्षा बैठक-तकनीकी पहलुओं की जाँच एवं एफआईआर दर्ज करने के दिए निर्देशरायपुर / छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य उद्योग, श्रम, सार्वजनिक उपक्रम एवं आबकारी विभाग के मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने आज सक्ती जिले के डभरा ब्लॉक के ग्राम सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में 14 अप्रैल को हुए हादसे के बाद घटनास्थल का निरीक्षण किया।उन्होंने मृत श्रमिकों के प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।मंत्री श्री देवांगन ने सिंघीतराई में ही कलेक्टर श्री अमृत विकास टोपनो, पुलिस अधीक्षक श्री प्रफुल्ल ठाकुर तथा वेदांता प्रबंधन के अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने श्रम कानूनों के अनुरूप घटना के तकनीकी पहलुओं की गहराई से जाँच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए।बैठक में वेदांता प्रबंधन के चीफ हेड ऑफ ऑपरेशन श्री सुशील बेहरा ने घटना से संबंधित जानकारी दी। इस दौरान बॉयलर विशेषज्ञ श्री गुंजन शुक्ला ने हादसे की प्रारंभिक संभावनाओं के बारे में अवगत कराया। मंत्री श्री देवांगन ने कलेक्टर को निर्देश दिए कि जाँच पूरी सतर्कता और सूक्ष्मता से की जाए तथा प्रभावित परिवारों को मुआवजा, रोजगार और दुर्घटना में दिव्यांग होने की स्थिति में पेंशन जैसी सुविधाएँ सुनिश्चित की जाएँ। उन्होंने श्रमिकों के ईएसआईसी और पीएफ से संबंधित जानकारी भी ली।मंत्री ने स्पष्ट कहा कि दोषियों को किसी भी परिस्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री ने मृतकों और घायलों के लिए मुआवजे की घोषणा की है और मुख्यमंत्री स्वयं घटना की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं।अस्पताल में उपचार करा रहे घायल मजदूरों से मिले उद्योग मंत्रीउद्योग, श्रम, वाणिज्य, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने वेदांता पावर प्लांट दुर्घटना में घायल मजदूरों से मुलाकात की, जो रायगढ़ जिले के विभिन्न अस्पतालों में उपचाररत हैं।उन्होंने मेडिकल कॉलेज अस्पताल, एपेक्स हॉस्पिटल, मेट्रो हॉस्पिटल तथा जिंदल–फोर्टिस हॉस्पिटल पहुँचकर घायलों का हालचाल जाना, परिजनों से चर्चा की और शासन की ओर से सभी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की जानकारी दी।मंत्री ने अस्पताल प्रबंधन को घायलों के बेहतर और निरंतर उपचार के निर्देश दिए। उन्होंने श्रमिकों को आश्वस्त किया कि कंपनी के मुआवजे के अतिरिक्त प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री द्वारा घोषित सहायता राशि भी प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि जब तक आप पूर्ण रूप से स्वस्थ नहीं हो जाते, आपका उपचार सतत रूप से चलता रहेगा।
- रायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की कचहरी शाखा के नवीन एवं अत्याधुनिक परिसर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक श्री प्रभाष कुमार सुबुद्धि, उप महाप्रबंधक श्री रमेश सिन्हा, प्रबंधक श्री अनिल यादव सहित बैंक के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह अत्यंत हर्ष और सौभाग्य का विषय है कि पिछले 50 वर्षों से संचालित एसबीआई की कचहरी शाखा अब नए आधुनिक भवन में स्थानांतरित होकर ग्राहकों को और बेहतर सेवाएं प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि इस नए परिसर में उपभोक्ताओं को अत्याधुनिक बैंकिंग सुविधाएं मिलेंगी, जिससे उनके कार्य और अधिक सहज और त्वरित होंगे।मुख्यमंत्री श्री साय ने बैंकिंग व्यवस्था को देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा कि भारतीय स्टेट बैंक अपने दायित्वों का उत्कृष्ट निर्वहन कर रहा है और आगे भी ग्राहकों की सेवा में इसी तरह अग्रणी भूमिका निभाता रहेगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर शाखा के अधिकारियों और ग्राहकों को शुभारंभ की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।उल्लेखनीय है कि एसबीआई की कचहरी शाखा ने हाल ही में अपनी सेवाओं के 50 वर्ष पूर्ण किए हैं। ग्राहकों को बेहतर, सुविधाजनक और उन्नत बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शाखा को पंडरी रोड स्थित आक्सीजोन क्षेत्र में नए परिसर में स्थानांतरित किया गया है, जहां आधुनिक सुविधाओं के साथ बेहतर बैंकिंग अनुभव सुनिश्चित किया जाएगा।
- -मुख्यमंत्री के निर्देश पर घायलों को मिल रहा सर्वोत्तम उपचार, प्रशासन पूरी तरह सक्रिय-मृतकों व घायलों के लिए आर्थिक सहायता और रोजगार सहयोग की घोषणा, मजिस्ट्रियल जांच के आदेशरायपुर / छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य उद्योग, श्रम,आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम विभाग के कैबिनेट मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने आज गुरुवार को रायगढ़ जिले के शासकीय एवं निजी अस्पतालों का दौरा कर सिंघीतराई वेदांता प्लांट हादसे में घायल श्रमिकों का हालचाल जाना तथा उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देशित किया कि सभी घायलों को सर्वोत्तम एवं समुचित उपचार उपलब्ध कराया जाए। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी स्थिति की जानकारी भी ली। उपचार-रत श्रमिकों ने मिल रहे उपचार के प्रति संतोष व्यक्त किया। मंत्री श्री देवांगन आज रायगढ़ जिले के एक दिवसीय प्रवास पर रहे.श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि ग्राम सिंघीतराई स्थित वेदांता प्लांट में 14 अप्रैल को भीषण हादसा हुआ था, जिसमें कई श्रमिक प्रभावित हुए थे। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन तत्काल सक्रिय हो गया था। कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान प्रारंभ किया। घायलों को प्राथमिकता के साथ रायगढ़ के फोर्टिस हॉस्पिटल,मेट्रो, मेडिकल कॉलेज एवं अपेक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, वहीं गंभीर रूप से घायलों को बेहतर उपचार हेतु रायपुर के कालड़ा अस्पताल रिफर किया गया।मुख्यमंत्री द्वारा भी स्वयं इस घटना गहरी चिंता व्यक्त करते हुए पूरे घटना क्रम की मजिट्रियल जांच के निर्देश दिए है। जांच में जो भी दोषी होंगे उन पर श्रम कानून के तहत कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाएगी।इस हादसे में कुल 36 श्रमिक प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 20 की मृत्यु हो चुकी है, जबकि 16 घायल हैं और उनका उपचार जारी है। मुख्यमंत्री द्वारा मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि की घोषणा की गई है। वहीं प्रधानमंत्री द्वारा मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की अनुग्रह सहायता स्वीकृत की गई है।इधर, कंपनी प्रबंधन ने प्रभावित परिवारों के साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया है। कंपनी द्वारा मृतक श्रमिकों के परिजनों को 35 लाख रुपये की आर्थिक सहायता एवं रोजगार सहयोग, तथा घायलों को 15 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। साथ ही घायलों को पूर्ण स्वस्थ होने तक वेतन जारी रखा जाएगा और काउंसलिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
- -बढ़ती भीषण गर्मी में बच्चों की सेहत की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है – मुख्यमंत्री विष्णु देव सायरायपुर /प्रदेश में बढ़ती भीषण गर्मी और लू के प्रभाव को ध्यान में रखते हुए बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर स्कूलों के ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि में आंशिक संशोधन किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि बढ़ती भीषण गर्मी में बच्चों की सेहत की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित करना हम सब की जिम्मेदारी है। बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूर्व निर्धारित ग्रीष्मकालीन अवकाश को पहले लागू करने का निर्णय लिया है, ताकि इस भीषण गर्मी में बच्चों की सेहत सुरक्षित रह सके। स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, पूर्व में दिनांक 01 मई 2026 से 15 जून 2026 तक घोषित ग्रीष्मकालीन अवकाश में संशोधन करते हुए अब दिनांक 20 अप्रैल 2026 से 15 जून 2026 तक अवकाश घोषित किया गया है। यह आदेश प्रदेश के समस्त शासकीय, अनुदान प्राप्त, गैर अनुदान प्राप्त एवं अशासकीय शालाओं पर लागू होगा।
- -156 मानव दिवस में हुआ कार्य, नाले में लौटा 2 मीटर जलस्तररायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की दूरदृष्टि एवं ग्रामीण समृद्धि के संकल्प को साकार करते हुए जिला सूरजपुर के जनपद पंचायत भैयाथान अंतर्गत ग्राम पंचायत पहाड़ अमोरनी (सारासोर) में पनारी नाले का मनरेगा के तहत सफलतापूर्वक जीर्णोद्धार किया गया है।कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन के निर्देश एवं जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विजेंद्र पाटले के मार्गदर्शन में किए गए इस कार्य से 1200 से अधिक ग्रामीणों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त हो रहा है।इस कार्य के अंतर्गत 156 मानव दिवस का रोजगार सृजित किया गया। नाले की गाद सफाई कर उसे पुनर्जीवित किया गया तथा पूर्व निर्मित स्टॉप डेम की मरम्मत कर जल संरक्षण सुनिश्चित किया गया।इसके परिणामस्वरूप वर्तमान में नाले में लगभग 2 मीटर तक जलस्तर दर्ज किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में जल उपलब्धता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।नाले में जलस्तर बढ़ने से ग्राम पंचायत पहाड़ अमोरनी के ग्रामीणों को हैंडपंप एवं अन्य जल स्रोतों से सहजता से पेयजल उपलब्ध हो रहा है।साथ ही लगभग 200 पशुओं की पानी की आवश्यकता भी इस जलस्रोत से पूरी हो रही है, जिससे पशुपालकों को भी बड़ी राहत मिली है।नाले के पुनर्जीवन से क्षेत्र के किसानों को सीधा लाभ मिला है। लगभग 20 हेक्टेयर भूमि पर 26 किसान रबी-खरीफ फसलों के साथ-साथ मौसमी सब्जियों का उत्पादन कर रहे हैं।ग्राम के कृषक अम्बेलाल, नंदलाल एवं रामधन द्वारा उत्पादित सब्जियों को चंद्रमेणा बाजार में विक्रय कर अच्छी आमदनी अर्जित की जा रही है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का स्पष्ट विजन है कि ग्रामीण, आदिवासी एवं वनांचल क्षेत्रों के किसान आत्मनिर्भर बनें तथा शासकीय योजनाओं का लाभ सीधे उनके खेत-खलिहान तक पहुंचे। पनारी नाले का यह जीर्णोद्धार कार्य मनरेगा के माध्यम से रोजगार सृजन, जल संरक्षण एवं कृषि विकास—इन तीनों उद्देश्यों की एक साथ सफल पूर्ति का उत्कृष्ट उदाहरण है।
- -कच्ची झोपड़ी से पक्के सपनों तक, शासकीय योजनाओं ने बदली तक़दीररायपुर /सुकमा जिले के ग्राम पंचायत सिलगेर विकासखंड कोन्टा के हितग्राही श्री माड़वी कोसा के लिए वर्षों पुराना सपना अब साकार हो गया है। जो परिवार कभी कठिन परिस्थितियों में जर्जर झोपड़ी में जीवन गुजार रहा था, आज उसी परिवार के पास एक सुरक्षित, सम्मानजनक और मजबूत पक्का आवास है। नियद नेल्लानार योजना एवं प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण के संयुक्त प्रयासों ने उनके जीवन में वह बदलाव ला दिया, जिसने संघर्ष को उम्मीद में बदल दिया।इस बदलाव की असली नींव बनी रूरल मेसन ट्रेनिंग, जिसे मेरापथ एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा ग्राम पंचायत स्तर पर संचालित किया गया। प्रशिक्षण प्राप्त कर श्री कोसा ने न केवल निर्माण कार्य की तकनीक सीखी, बल्कि आत्मविश्वास के साथ अपने ही हाथों से अपने घर का निर्माण कर दिखाया। यह कहानी केवल एक मकान बनने की नहीं, बल्कि एक व्यक्ति के आत्मनिर्भर बनने और अपने भविष्य को स्वयं गढ़ने की प्रेरक मिसाल बन गई है।वित्तीय वर्ष 2024–25 में प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण अंतर्गत श्री कोसा को 1.20 लाख रुपए की आवास स्वीकृति मिली। इसके साथ ही मनरेगा अभिसरण से 95 मानव दिवस एवं 23,085 रुपए की मजदूरी सहायता प्रदान की गई, जिससे निर्माण कार्य को गति मिली। वहीं स्वच्छ भारत मिशन से 12,000 रुपए की राशि से शौचालय निर्माण, सोलर पैनल से रोशनी की सुविधा और नल–जल व्यवस्था से घर तक स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होने से उनके परिवार का जीवन अब सुविधाजनक और सुरक्षित बन गया है। इस प्रेरणादायक परिवर्तन पर कलेक्टर श्री अमित कुमार ने इसे जिले के लिए मॉडल बताते हुए कहा कि योजनाओं का सही क्रियान्वयन और कौशल विकास मिलकर परिवारों को आत्मनिर्भर बना सकते हैं। वहीं जिला पंचायत सीईओ श्री मुकुंद ठाकुर ने इसे सफल उदाहरण बताते हुए कहा कि प्रशिक्षण से गुणवत्ता बढ़ती है और हितग्राही स्वयं सशक्त बनता है। मुख्यमंत्री प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने श्री कोसा से संवाद कर उन्हें साल-श्रीफल एवं सांकेतिक चाबी भेंट कर सम्मानित किया। आज श्री माड़वी कोसा का यह पक्का घर केवल ईंट-पत्थर का निर्माण नहीं, बल्कि संघर्ष से सफलता तक की वह कहानी है जो पूरे क्षेत्र को प्रेरणा दे रही है।
- -युवा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में निभाएं सक्रिय भागीदारी - मुख्यमंत्री-छत्तीसगढ़ को प्रगति और समृद्धि के नए आयामों तक ले जाने में युवा पीढ़ी की महत्वपूर्ण भूमिका - उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा-छत्तीसगढ़ के 430 युवाओं को मिला शासकीय सेवा का अवसर, प्रयोगशाला परिचारकों को सौंपे गए नियुक्ति पत्ररायपुर /छत्तीसगढ़ में युवाओं के सशक्त भविष्य और पारदर्शी भर्ती व्यवस्था की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के प्रेक्षागृह में आयोजित गरिमामय समारोह में उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत चयनित 430 प्रयोगशाला परिचारकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी नवनियुक्त अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि राज्य सरकार युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी, निष्पक्ष और व्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक सुधार किए गए हैं, जिनका सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन में शुचिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ‘सुशासन एवं अभिसरण विभाग’ का गठन किया गया है तथा मंत्रालय के कार्यों को ई-प्रणाली से जोड़ा गया है, जिससे भ्रष्टाचार के रास्तों को प्रभावी रूप से बंद किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पूर्व में हुए पीएससी घोटाले की जांच सीबीआई को सौंपकर सरकार ने यह संदेश दिया है कि पारदर्शिता और न्याय सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके साथ ही भर्ती परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम के लिए कड़े कानूनी प्रावधान किए गए हैं, जिससे परीक्षाओं की विश्वसनीयता और अधिक मजबूत होगी।उन्होंने आगे कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं को सरल और सुलभ बनाने के लिए ‘छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल’ के गठन तथा एक निश्चित ‘परीक्षा कैलेंडर’ लागू करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की नई औद्योगिक नीति के माध्यम से निजी क्षेत्र में स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। उद्योगों को प्रोत्साहन देकर रोजगार सृजन को गति दी जा रही है, ताकि सरकारी नौकरियों के साथ-साथ निजी क्षेत्र भी युवाओं के लिए सशक्त विकल्प बन सके।मुख्यमंत्री ने सभी नवनियुक्त कर्मचारियों से निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि वे विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं।उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने इस भर्ती प्रक्रिया को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता, निष्पक्षता और सुशासन के सिद्धांतों पर आधारित रही है। उन्होंने कहा कि योग्य और प्रतिभाशाली युवाओं को उनका अधिकार दिलाने की दिशा में यह एक ऐतिहासिक पहल है। मंत्री श्री वर्मा ने बताया कि पदस्थापना प्रक्रिया में भी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए काउंसलिंग प्रणाली अपनाई गई। यह व्यवस्था सुशासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए यह नई पीढ़ी छत्तीसगढ़ को प्रगति और समृद्धि के नए आयामों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। हाल ही में लैब टेक्नीशियन और अब प्रयोगशाला परिचारकों की नियुक्तियाँ इस दिशा में सरकार की सक्रियता का स्पष्ट प्रमाण हैं।कार्यक्रम में उच्च शिक्षा सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए उन्हें अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त डॉ. संतोष देवांगन सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- 0- पक्का घर बनने से बदली जिंदगी, परिवार में आई खुशहालीरायपुर। शासन की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। इसका एक प्रेरक उदाहरण हीरापुर निवासी हितग्राही प्रभा यादव हैं, जिनका पक्के घर का सपना अब साकार हो चुका है। प्रभा यादव बताती हैं कि वे सीमित आय वाले परिवार से हैं। उनके पति ट्रक की स्टील बॉडी निर्माण का कार्य करते हैं, जिससे परिवार का भरण-पोषण होता है। दो बच्चों की जिम्मेदारी के बीच पक्का मकान बनाना उनके लिए एक बड़ा सपना था, जिसे आर्थिक तंगी के कारण पूरा करना संभव नहीं हो पा रहा था।उन्होंने बताया कि यदि वे स्वयं से मकान निर्माण करतीं, तो उन्हें कर्ज लेना पड़ता और लंबे समय तक ब्याज का बोझ उठाना पड़ता। ऐसे में प्रधानमंत्री आवास योजना उनके लिए संबल बनकर सामने आई और बिना आर्थिक दबाव के उन्हें पक्का एवं सुरक्षित आवास प्राप्त हुआ।प्रभा यादव ने कहा कि पहले उनका परिवार असुरक्षित माहौल में रहता था, लेकिन अब पक्का घर मिलने से वे स्वयं को सुरक्षित और सम्मानित महसूस करती हैं। उनके बच्चों को भी बेहतर वातावरण मिला है, जिससे उनके भविष्य को नई दिशा मिली है। प्रभा यादव की यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि प्रधानमंत्री आवास योजना केवल एक आवास योजना नहीं, बल्कि जरूरतमंद परिवारों के लिए सुरक्षा, सम्मान और उज्जवल भविष्य की मजबूत नींव है।--
- 0- अब तक 4000 से अधिक शासकीय कर्मचारियों को मिल चुका तकनीकि ज्ञानरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप तथा कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिले में प्रोजेक्ट दक्ष का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस परियोजना के तहत अब तक कुल 227 बैचों में 4000 से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। इसी कड़ी में शिक्षा विभाग के कुल 47 सहायक शिक्षक एवं प्रधान पाठकों ने प्रोजेक्ट दक्ष के तहत ट्रेनिंग ली।इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य शासकीय कार्यप्रणाली को डिजिटल रूप से सशक्त, पारदर्शी और अधिक प्रभावी बनाना है। प्रशिक्षण के माध्यम से कर्मचारियों को कंप्यूटर एवं मोबाइल के मूलभूत उपयोग, साइबर सुरक्षा, डेटा गोपनीयता, डिजिटल दस्तावेज़ प्रबंधन तथा ई-मेल जैसे आधुनिक डिजिटल टूल्स की व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है।प्रोजेक्ट दक्ष से शासकीय कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता में वृद्धि हुई है, जिससे ई-गवर्नेंस को मजबूती मिल रही है और नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता व गति में भी सुधार हो रहा है। यह पहल शासन की डिजिटल इंडिया और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
- दुर्ग. सेठ रतनचंद सुराना विधि महाविद्यालय में खंड 02 द्वितीय (चतुर्थ सेमेस्टर) के विद्यार्थियों हेतु Alternative Dispute Resolution (वैकल्पिक विवाद निवारण) विषय पर एक महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर "सतर्कता हमारी साझा जिम्मेदारी है" विषय पर भी विशेष जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम में विशेष रूप से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के स्थायी एवं निरंतर लोक अदालत की अध्यक्ष, जिला एवं सत्र न्यायालय, दुर्ग के चार न्यायाधीश एवं मीडिएटर अधिवक्ता उपस्थित रहे।अतिथियों का महाविद्यालय परिसर में भव्य स्वागत किया गया, तत्पश्चात न्यायाधीशों द्वारा दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया।सेमिनार के दौरान न्यायाधीशों ने विद्यार्थियों को संविधान एवं Alternative Dispute Resolution (ADR) के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ADR क्या है, इसका उपयोग किन-किन परिस्थितियों में किया जाता है, यह क्यों आवश्यक है तथा इससे समाज को क्या लाभ प्राप्त होते हैं। इसके अंतर्गत लोक अदालत एवं मीडिएशन की प्रक्रिया, उनके महत्व एवं व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से विद्यार्थियों को सरल भाषा में समझाया गया। साथ ही मीडिएशन की अवधारणा को महाभारत के प्रसंगों से जोड़कर भी रोचक ढंग से प्रस्तुत किया गया।इसके अतिरिक्त, कार्यक्रम में साइबर फ्रॉड, उसके विभिन्न प्रकार एवं उससे बचाव के उपायों पर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई, जिससे विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ी। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों को कानून का सम्मान करने एवं उसका पालन करने की शपथ दिलाई गई तथा राज्यगीत के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लिया एवं विभिन्न विधिक विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका न्यायाधीशों द्वारा सरल, स्पष्ट एवं संतोषजनक उत्तर दिया गया। यह विधिक साक्षरता शिविर विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुआ तथा उन्होंने इसे ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक अनुभव बताया।--
- 0- बुद्धुभरदा में त्वरित कार्रवाई से ग्रामीणों को मिली राहतराजनांदगांव। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है, जिससे आम नागरिकों को समयबद्ध राहत मिल सके। इसी कड़ी में डोंगरगांव विकासखंड के ग्राम बुद्धुभरदा में निस्तारी मार्ग लंबे समय से बंद होने की शिकायत पर राजस्व विभाग द्वारा तत्परता से कार्रवाई करते हुए मार्ग को बहाल कर दिया गया है। ग्राम बुद्धुभरदा में अनावेदक यशवंत साहू एवं कोमल साहू द्वारा निजी भूमि पर सीमेंट के खंभे एवं तार लगाकर किसानों के निस्तारी मार्ग को लंबे समय से बंद कर दिया गया था, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था। इस संबंध में ग्रामीणों द्वारा कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन प्रस्तुत कर समस्या के निराकरण की मांग की गई थी। जिला प्रशासन के निर्देश पर राजस्व विभाग द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की गई। राजस्व अधिकारियों की उपस्थिति में संबंधितों द्वारा सीमेंट के खंभे एवं तार को मेड़ से हटा दिया गया, जिससे निस्तारी मार्ग पुन: सुचारू रूप से चालू हो गया है। मार्ग बहाल होने पर ग्रामवासियों ने जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए राहत की भावना जाहिर की है।
- अम्बिकापुर। शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था अम्बिकापुर के प्राचार्य से प्राप्त जानकारी अनुसार शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था अम्बिकापुर में 20 अप्रैल 2026 को AMBIKA TRUCKING (BHARAT BEZ) द्वारा कैम्पस प्लेसमेंट आयोजित किया जा रहा है। जिसमें लगभग 10 पद टेक्निशीयन के है। जिसकी मासिक वेतन 10 हजार दिया जाएगा। जिसकी योग्यता इलेक्ट्रिशियन, मेकेनिक मोटर व्हिकल, मेकेनिक डीज़ल, आईटीआई उत्तीर्ण है। इच्छुक उम्मीदवार 20 अप्रैल 2026 को शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था अम्बिकापुर में सुबह 10 बजे उपस्थित होकर कैम्पस प्लेसमेंट में भाग ले सकते है।
- 0- सुकमा की बेटी लावण्या को मिली नई मुस्कान, मुख्यमंत्री ने दिया आशीर्वादरायपुर। कहते हैं कि सही समय पर मिला इलाज किसी की पूरी ज़िंदगी बदल सकता है। सुकमा जिले की 13 वर्षीय बालिका टुंकी लावण्या की कहानी इसी बात का जीवंत उदाहरण है, जिसने कठिन परिस्थितियों और वर्षों की पीड़ा के बाद आखिरकार एक नई मुस्कान और नया आत्मविश्वास पाया है। लावण्या, जो कन्या आश्रम, गोल्लापल्ली (पालाचेलमा) की निवासी है, जन्म से ही क्लैफ्ट लिप (कटे होंठ) जैसी गंभीर समस्या से जूझ रही थी। यह बीमारी सिर्फ शारीरिक दर्द तक सीमित नहीं थी, बल्कि उसके बचपन पर सामाजिक झिझक और आत्मविश्वास की कमी का भी गहरा असर डाल रही थी। परिवार में जागरूकता की कमी और इलाज को लेकर भय के कारण लंबे समय तक उसका उपचार नहीं हो पाया। लेकिन किस्मत ने तब करवट ली जब लावण्या मेगा सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य शिविर में पहुंची। शिविर में कलेक्टर श्री अमित कुमार और एसपी श्री किरण चव्हाण से मिली। उन्होंने लावण्या को स्वास्थ्य शिविर में जांच कराके बेहतर इलाज का प्रबंध किया।शिविर में मौजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने न सिर्फ लावण्या की जांच की, बल्कि उसके परिवार को समझाकर इलाज के लिए तैयार किया। इसी शिविर में आयुष्मान कार्ड बनाया गया। जिला अस्पताल रेफर किया गया। इसके बाद बेहतर इलाज के लिए लावण्या को कालाडा अस्पताल, रायपुर भेजा गया। इस दौरान आरबीएसके चिरायु टीम ने उसे सुरक्षित अस्पताल तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाई।सभी प्रक्रियाओं और समन्वय के बाद आखिरकार 10 अप्रैल 2026 को लावण्या का सफल ऑपरेशन किया गया। यह सिर्फ एक चिकित्सा प्रक्रिया नहीं थी, बल्कि उसके जीवन के अंधेरे में उम्मीद की रोशनी थी। ऑपरेशन के बाद लावण्या के चेहरे पर लौटी मुस्कान को देखकर परिवार की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। वर्षों का दर्द और ताने जैसे उसी दिन समाप्त हो गए।इस कहानी का सबसे भावुक पल तब आया जब 13 अप्रैल 2026 को सुकमा दौरे के दौरान माननीय मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ने लावण्या से मुलाकात की। उन्होंने लावण्या के स्वास्थ्य की जानकारी ली, उसे फल भेंट किए और उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए आशीर्वाद दिया।आज लावण्या के चेहरे पर लौटी मुस्कान केवल उसकी व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि सरकारी योजनाएं, स्वास्थ्य विभाग का समर्पण और समय पर उपचार दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में भी चमत्कार कर सकते हैं। लावण्या अब न सिर्फ स्वस्थ है, बल्कि उसके भीतर एक नई ऊर्जा और आत्मविश्वास भी लौट आया है। उसकी मुस्कान आज पूरे सुकमा के लिए प्रेरणा बन चुकी है।
- 0- पेंशन, दिव्यांगजन सहायता, पुनर्वास और सामाजिक सुरक्षा से बदल रही जरूरतमंदों की जिंदगीरायपुर। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं जिले के हजारों जरूरतमंद लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। वृद्धजन, विधवा, दिव्यांगजन और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए संचालित इन योजनाओं से जिले में कुल 82 हजार 583 हितग्राही लाभान्वित हो रहे हैं, जो सामाजिक सुरक्षा के मजबूत तंत्र को दर्शाता है। समाज कल्याण विभाग की योजनाएं न केवल आर्थिक सहायता प्रदान कर रही हैं, बल्कि सामाजिक सम्मान, आत्मनिर्भरता और जीवन की गुणवत्ता को भी बेहतर बना रही हैं। उप संचालक समाज कल्याण विभाग ने बताया कि विभाग की ये योजनाएं जशपुर जिले में सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार तैयार कर रही हैं। इससे समाज के हर वर्ग को सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर भी प्राप्त हो रहा है।यह पहल जिले में समावेशी विकास और सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। जशपुर जिले में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत 16,509 बुजुर्गों को नियमित सहायता मिल रही है। वहीं इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना से 4,356 महिलाओं को लाभ मिल रहा है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना के तहत 656 दिव्यांगजन लाभान्वित हैं, जबकि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से 14,294 और सुखद सहारा पेंशन योजना से 4,407 हितग्राहियों को सहायता मिल रही है। सबसे अधिक लाभार्थी मुख्यमंत्री पेंशन योजना के अंतर्गत हैं, जिसमें 40,244 लोग शामिल हैं। इसी प्रकार परिवार सहायता योजना के तहत 102 परिवारों को आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया है, जिससे संकट की घड़ी में उन्हें संबल मिला है। दिव्यांगजनों के लिए विभाग द्वारा कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। दिव्यांगजन छात्रवृत्ति योजना के तहत 180 विद्यार्थियों को सहायता दी गई है। दिव्यांगजन विवाह प्रोत्साहन योजना से 5 हितग्राहियों को लाभ मिला, जबकि कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण प्रदाय योजना के अंतर्गत 290 दिव्यांगजनों को उपकरण उपलब्ध कराए गए। इसके अलावा दिव्यांगजन सामर्थ्य विकास योजना से 550 हितग्राही लाभान्वित हुए हैं तथा ‘क्षितिज अपार संभावनाएं’ योजना के तहत 4 दिव्यांग विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए प्रोत्साहन दिया गया है।जशपुर जिले में संचालित नशामुक्ति एवं पुनर्वास केन्द्र के माध्यम से अब तक 157 व्यक्तियों को नशामुक्त कर समाज की मुख्यधारा में जोड़ा गया है। वहीं जशपुर नगर स्थित जनक वृद्धाश्रम में 12 वरिष्ठ नागरिकों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवनयापन की सुविधा प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत 782 वरिष्ठ नागरिकों को धार्मिक स्थलों की यात्रा का अवसर मिला है, जिससे उनके जीवन में संतोष और आध्यात्मिक सुख की अनुभूति हुई है। इसी प्रकार मोटराइज्ड ट्राईसायकल प्रदाय योजना के माध्यम से दिव्यांगजनों को गतिशीलता प्रदान की जा रही है।--
- 0- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में कभी घोर नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्र में हुआ तेज़ी से विकास0- नारायणपुर मुख्यालय से 40 किमी दूर गारपा में 55 लाख की लागत से 48 परिवारों को मिला कनेक्शनरायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी "नियद नेल्लानार योजना" के तहत जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र में विकास की मजबूत दस्तक सुनाई दे रही है। नारायणपुर मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर स्थित अत्यंत दुर्गम ग्राम गारपा में अब पहली बार बिजली की रोशनी पहुँची है, जिससे वर्षों से अंधेरे में जीवन बिता रहे ग्रामीणों के जीवन में नया उजाला आया है।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में नक्सलवाद के खात्मे के बाद अब इन दूरस्थ क्षेत्रों में विकास कार्य तेजी से पहुँच रहे हैं। पहले जहाँ सुरक्षा कारणों और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के चलते मूलभूत सुविधाएँ भी नहीं पहुँच पाती थीं, वहीं अब शासन की प्राथमिकता में इन क्षेत्रों को शामिल कर तेजी से काम किया जा रहा है। कलेक्टर नम्रता जैन के सतत मार्गदर्शन में प्रशासनिक और तकनीकी टीमों ने मिलकर इस चुनौतीपूर्ण कार्य को सफलतापूर्वक पूरा किया।बिजली विभाग द्वारा संचालित इस परियोजना में लगभग 55 लाख रुपये की लागत से 48 उपभोक्ताओं को पहली बार बिजली कनेक्शन प्रदान किया गया। कार्यपालन अभियंता कुमार लाल उइके ने बताया कि घने जंगल, कठिन रास्ते और सीमित संसाधनों के बावजूद टीम ने अदम्य साहस और कार्यकुशलता का परिचय देते हुए निर्धारित समय में लाइन विस्तार का कार्य पूर्ण किया।बिजली पहुँचने से अब गारपा के बच्चों को पढ़ाई के बेहतर अवसर मिलेंगे, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच आसान होगी और ग्रामीणों के आर्थिक उत्थान के नए रास्ते खुलेंगे। दशकों बाद अपने घरों को रोशन देख ग्रामीणों में उत्साह और खुशी का माहौल है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि ‘नियद नेल्लानार’ योजना के तहत जिले के अन्य दूरस्थ गांवों में भी इसी तरह प्राथमिकता के आधार पर विद्युतीकरण कार्य तेजी से जारी रहेगा, जिससे विकास की रोशनी हर अंतिम छोर तक पहुँच सके।--
- 0- सौर ऊर्जा आधारित प्रणालियों से पेयजल, रोशनी और सिंचाई सुविधाएं हुई मजबूतरायपुर। अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में क्रेडा विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों ने आमजन के जीवन में उल्लेखनीय और सकारात्मक परिवर्तन लाया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में सौर ऊर्जा आधारित प्रणालियों के बेहतर उपयोग पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिससे विकास की गति को नई दिशा मिली है। विभाग की विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के परिणामस्वरूप अब लोगों को बुनियादी सुविधाएं अधिक सरलता और सहजता से उपलब्ध हो रही हैं। सौर ऊर्जा के उपयोग से जहां एक ओर स्वच्छ पेयजल और सिंचाई व्यवस्थाएं सुदृढ़ हुई हैं, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बिना बिजली बिल के निरंतर रोशनी सुनिश्चित हो रही है। इससे न केवल लोगों का दैनिक जीवन अधिक सुविधाजनक हुआ है, बल्कि उनके जीवन स्तर में स्थायी और सकारात्मक सुधार लाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।ग्रामीण एवं कस्बाई क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के अंतर्गत भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय की पहल पर प्रत्येक परिवार तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। क्रेडा विभाग द्वारा पिछले दो वर्षों में जल जीवन मिशन अंतर्गत जशपुर जिले में 114 सोलर ड्यूल पंप स्थापित किए गए हैं। इनसे पेयजल आपूर्ति के साथ-साथ सिंचाई के लिए सस्ती एवं सुलभ ऊर्जा उपलब्ध हो रही है। सोलर पंपों के उपयोग से किसानों की डीजल एवं बिजली पर निर्भरता कम हुई है, जिससे उनकी लागत में कमी आई है और आय में वृद्धि हुई है। पानी की उपलब्धता बढ़ने से किसान वर्षभर खेती कर पा रहे हैं, जिससे उत्पादन में भी वृद्धि हुई है। वहीं घर के समीप जल उपलब्ध होने से महिलाओं को दूर से पानी लाने की परेशानी से राहत मिली है।जशपुर जिले में सार्वजनिक स्थलों पर बेहतर प्रकाश व्यवस्था के लिए सोलर हाई मास्ट योजना के तहत ग्रामों, कस्बों और शहरी क्षेत्रों के प्रमुख चौक-चौराहों पर संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। पिछले दो वर्षों में 80 सोलर हाई मास्ट लगाए जा चुके हैं। इन सौर ऊर्जा आधारित लाइटों से रात्रिकालीन आवागमन अधिक सुरक्षित और सुगम हुआ है। साथ ही, दुर्घटनाओं और अपराधों में भी कमी आई है। जहां बिजली आपूर्ति सीमित या बाधित रहती है वहां भी ये हाई मास्ट निर्बाध रूप से रोशनी प्रदान कर रहे हैं।कृषि प्रधान छत्तीसगढ़ में सौर सुजला योजना किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। इस योजना के अंतर्गत जशपुर जिले में पिछले दो वर्षों में 800 सोलर पंप स्थापित किए गए हैं, जिनसे सिंचाई सुविधाओं का व्यापक विस्तार हुआ है। सोलर पंपों के उपयोग से किसानों को बिजली बिल से मुक्ति मिली है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है। साथ ही कृषि उत्पादन में वृद्धि, भू-जल संरक्षण एवं संवर्धन, तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने जैसे सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
- 0- बाल सुरक्षा को मिलेगा मजबूत आधाररायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा राज्य में “रक्षक (RAKSHAK) पाठ्यक्रम” को प्रभावी रूप से लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इस विशेष शैक्षणिक कार्यक्रम का उद्देश्य महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के माध्यम से बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और समाज में बाल संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना है।इस पाठ्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए पूर्व में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े तथा उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा के सहयोग से एमओयू संपन्न किया गया था। यह समझौता राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों में “रक्षक” पाठ्यक्रम लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है।इसी क्रम में बुधवार को रायपुर स्थित होटल बेबिलोन में “रक्षक” पाठ्यक्रम के अंतर्गत तैयार उप-इकाइयों (सब-यूनिट्स) को अंतिम रूप देने हेतु विश्वविद्यालय स्तरीय परामर्श बैठक आयोजित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई, जिसके बाद आयोग के सचिव श्री प्रतीक खरे और डायरेक्टर श्रीमती संगीता बिंद ने अतिथियों का स्वागत किया।आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि “रक्षक पाठ्यक्रम केवल एक शैक्षणिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए एक सशक्त सामाजिक अभियान है। हमारा प्रयास है कि इसे प्रभावी रूप से लागू कर आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित और जागरूक बनाया जाए।”बैठक में राज्य के प्रमुख विश्वविद्यालयों—पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय (सरगुजा), श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (भिलाई), एमिटी यूनिवर्सिटी और अंजनेय यूनिवर्सिटी—के कुलपति, कुलसचिव, प्रतिनिधि एवं विषय विशेषज्ञ शामिल हुए। परामर्श बैठक का मुख्य उद्देश्य पाठ्यक्रम की उप-इकाइयों पर विस्तृत चर्चा कर उन्हें अंतिम स्वरूप प्रदान करना था, ताकि आगामी शैक्षणिक सत्र से इसे प्रभावी रूप से लागू किया जा सके। इस दौरान विशेषज्ञों ने पाठ्यक्रम की संरचना, उपयोगिता और व्यवहारिक पहलुओं पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए। सभी विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों ने इस पहल को समय की आवश्यकता बताते हुए आयोग की सराहना की और इसके सफल क्रियान्वयन में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। आयोग को विश्वास है कि “रक्षक” पाठ्यक्रम जल्द ही राज्य के महाविद्यालयों में लागू होगा, जिससे विद्यार्थियों के माध्यम से बाल अधिकारों की सुरक्षा को मजबूती मिलेगी और बच्चों के सुरक्षित भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान सुनिश्चित होगा।--












.jpg)














