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- -प्रदेश के 18 जिलों के 2100 से अधिक गाँवों और बसाहटों तक पहुँचाई जाएंगी नियमित स्वास्थ्य सेवाएँरायपुर / दूरस्थ और घने वनांचल वाले आदिवासी क्षेत्रों में अब स्वास्थ्य सेवाएँ लोगों के दरवाज़े तक पहुँचेंगी। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान “पीएम जनमन” के तहत बुधवार को नवा रायपुर में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल सहित मंत्रिमंडल के सदस्य, जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।मोबाइल मेडिकल यूनिटों के संचालन से विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) तक नियमित स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। सरकार का मानना है कि दुर्गम अंचलों में रहने वाले समुदायों को अस्पताल तक पहुँचने में आने वाली कठिनाइयों को देखते हुए यह व्यवस्था स्वास्थ्य सुविधाओं को सीधे उनके गाँवों व बसाहटों तक पहुँचाएगी।मोबाइल मेडिकल यूनिटों की तैनाती से प्रदेश के 18 जिलों के 2100 से अधिक गाँवों और बसाहटों तक नियमित स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाई जाएँगी। इससे दो लाख से अधिक विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) आबादी को प्रत्यक्ष लाभ मिल सकेगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में रहने वाले परिवारों के लिए अब इलाज और जाँच की सुविधा गाँव में ही उपलब्ध होगी। उन्होंने इस पहल को आदिवासी समुदायों की “सर्वांगीण भागीदारी और स्वास्थ्य सुरक्षा का ठोस आधार” बताया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह गौरव का दिन है। समाज में आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक प्रत्येक दृष्टिकोण से पिछड़े लोग विशेष पिछड़ी जनजाति के लोग हैं। छत्तीसगढ़ में निवासरत 3 करोड़ की आबादी में विशेष पिछड़ी जनजाति के 2 लाख 30 हजार लोग 18 जिलों के 21 सौ बसाहटों में निवासरत हैं। यह मोबाइल मेडिकल यूनिट उनके लिए वरदान साबित होगा। इन सर्वसुविधा-संपन्न 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से यह कार्य आसान होगा। इस यूनिट में डॉक्टर, नर्स, लैब टेक्निशियन और स्थानीय वालंटियर उपस्थित होंगे। इस यूनिट में 25 तरह की जाँच सुविधाएँ तथा 106 तरह की दवाइयाँ निःशुल्क उपलब्ध होंगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस नवीन योजना के लिए स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, सीजीएमएससी के अध्यक्ष श्री दीपक म्हस्के सहित सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि विशेष पिछड़ी जाति के उत्थान के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय प्रयासरत हैं। यह मोबाइल मेडिकल यूनिट ऐसे सुदूर वनांचलों के लिए हैं जहाँ स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुँच कम है। आज 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट पूरे प्रदेश के लिए समर्पित कर रहे हैं, जो प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सपने को पूर्ण करेगा। मंत्री श्री जायसवाल ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने इस पुनीत कार्य में छत्तीसगढ़ को सहभागी बनकर योगदान देने का अवसर प्रदान किया।स्वास्थ्य सचिव श्री अमित कटारिया ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 15 नवंबर 2023 को विशेष पिछड़ी जनजातियों के सामाजिक, आर्थिक उत्थान के लिए पीएम जनमन योजना की शुरुआत की। इसका उद्देश्य बुनियादी सुविधाओं को सीधे बसाहटों तक पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्थिति में मरीज को इन यूनिट के माध्यम से निकट स्वास्थ्य केंद्रों में पहुँचाना आसान होगा। हमारा उद्देश्य सिर्फ मशीनें ही नहीं, अपितु कुशल एवं संवेदनशील कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी है। प्रत्येक मोबाइल मेडिकल यूनिट में चिकित्सक, नर्स, लैब तकनीशियन, फार्मासिस्ट और स्थानीय स्वास्थ्य स्वयंसेवक तैनात किए गए हैं। ये यूनिटें हर 15 दिन में स्वास्थ्य शिविर आयोजित करेंगी, जिनमें 25 से अधिक प्रकार की जाँच और रोगों का उपचार किया जाएगा और आवश्यक दवाइयों का वितरण किया जाएगा। गंभीर मरीजों को आवश्यकता अनुसार निकटतम स्वास्थ्य संस्थानों में भेजा जाएगा।उल्लेखनीय है कि पूर्व में संसाधनों की कमी के कारण दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएँ नियमित रूप से नहीं पहुँच पाती थीं। अब नए वाहन और प्रशिक्षित कर्मियों की उपलब्धता के साथ यह व्यवस्था लगातार संचालित की जा सकेगी। इस पहल से टीबी, मलेरिया, एनीमिया और कुपोषण जैसी समस्याओं की समय पर पहचान व रोकथाम में मदद मिलेगी।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य की औद्योगिक विकास नीति 2024–30 में महत्वपूर्ण संशोधनों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इन संशोधनों के माध्यम से नीति को अन्य राज्यों की तुलना में और अधिक प्रतिस्पर्धात्मक, स्पष्ट एवं निवेश-अनुकूल बनाया गया है। इससे राज्य में औद्योगिक एवं सेवा क्षेत्र के साथ-साथ रोजगार के नए अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावनाएँ सुदृढ़ हुई हैं।मंत्रिपरिषद द्वारा लिए गए निर्णयों का मुख्य उद्देश्य राज्य के मूल निवासियों के लिए स्थायी एवं गुणवत्तापूर्ण रोजगार का सृजन सुनिश्चित करना है। इसी दृष्टि से ईपीएफ प्रतिपूर्ति तथा रोजगार सृजन अनुदान से संबंधित नए प्रावधान जोड़े गए हैं। अब 50 से अधिक रोजगार उपलब्ध कराने वाले विशेष सेक्टर के उद्यम — जैसे फार्मा, टेक्सटाइल, खाद्य प्रसंस्करण, इलेक्ट्रॉनिक्स, एआई, आईटी आदि के एमएसएमई इकाइयों को भी छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों को दिए जाने वाले वेतन पर अनुदान प्राप्त होगा।सेवा क्षेत्र के दायरे का विस्तार करते हुए, मंत्रिमंडल ने कंप्यूटर-आधारित टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, ई-कॉमर्स एवं ऐप-आधारित एग्रीगेटर, तथा NABL मान्यता प्राप्त डायग्नोस्टिक लैब को भी नीति के अंतर्गत सम्मिलित किया है। इन संस्थाओं को अब औद्योगिक विकास नीति के तहत निर्धारित प्रोत्साहन एवं अनुदान का लाभ मिलेगा।पर्यटन एवं स्वास्थ्य अधोसंरचना के विकास को गति देने के उद्देश्य से रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में पाँच सितारा होटलों तथा अन्य जिलों में तीन सितारा होटलों की स्थापना के लिए प्रोत्साहनात्मक संशोधन किए गए हैं। इसी प्रकार राज्य में बड़े निजी मल्टी-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की स्थापना को भी बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया है।उच्च शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता संवर्धन के लिए यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है कि NIRF Ranking में शीर्ष 100 में शामिल शिक्षण संस्थानों द्वारा राज्य में परिसर स्थापित किए जाने पर उन्हें नीति के अंतर्गत विशेष अनुदान प्रदान किया जाएगा। इससे छत्तीसगढ़ में उच्च स्तरीय शिक्षण संस्थानों की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा और राज्य के युवाओं को विश्व-स्तरीय शिक्षा एवं बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।मंत्रिपरिषद द्वारा स्वीकृत ये संशोधन छत्तीसगढ़ को उद्योग एवं सेवा क्षेत्र में तेजी से उभरता हुआ निवेश गंतव्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। इन निर्णयों से राज्य में निवेश बढ़ने, व्यापक रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास की गति को और अधिक तेज एवं संतुलित बनाने में सहायता मिलेगी।
- -बस्तर की लोक-संस्कृति का महोत्सव-लोक-संस्कृति का यह महोत्सव 10 जनवरी से 06 फरवरी तक चलेगारायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के दिशा निर्देश पर छत्तीसगढ़ के जनजातीय बहुल बस्तर संभाग की लोक-संस्कृति, परंपरा और विरासत को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए बस्तर पंडुम 2026 के आयोजन की तैयारियां शुरु कर दी गई है। छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग द्वारा वर्ष 2026 में “बस्तर पंडुम 2026” का आयोजन जनपद, जिला एवं संभाग स्तर पर प्रतियोगात्मक स्वरूप में किया जाएगा। यह आयोजन बस्तर अंचल की लोककला, शिल्प, नृत्य, गीत-संगीत, पारंपरिक व्यंजन, बोली-भाषा, वेश-भूषा, आभूषण, वाद्य यंत्र, नाट्य एवं जनजातीय जीवन-पद्धति के संरक्षण और संवर्धन का एक भव्य मंच बनेगा।राज्य शासन ने बस्तर संभाग के सभी सात जिलों-बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, कांकेर, कोण्डागांव एवं नारायणपुर-में इस उत्सव को व्यापक सहभागिता के साथ आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। इसके अंतर्गत बस्तर संभाग की 1885 ग्राम पंचायतों से जुड़े 32 जनपद मुख्यालयों में 12 विधाओं पर आधारित प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। ग्राम पंचायत स्तर से चयनित लोक कलाकारों और कला दलों को निःशुल्क ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से जनपद स्तरीय प्रतियोगिता में आमंत्रित किया जाएगा। पहले चरण में जनपद स्तरीय प्रतियोगिताएं 10 से 20 जनवरी 2026 के बीच आयोजित होंगी। प्रत्येक विधा से एक-एक विजेता दल का चयन किया जाएगा, जिन्हें 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। जनपद स्तर पर आयोजन के लिए प्रत्येक जनपद पंचायत को 5 लाख रुपये का बजट आबंटित किया गया है।दूसरे चरण में जिला स्तरीय प्रतियोगिताएं 24 से 29 जनवरी 2026 तक आयोजित की जाएंगी। जिला स्तर पर प्रत्येक विधा के विजेता दल को 20 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके लिए प्रत्येक जिले को 10 लाख रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई है। अंतिम और सबसे भव्य चरण के रूप में संभाग स्तरीय प्रतियोगिता 2 से 6 फरवरी 2026 तक जगदलपुर, जिला बस्तर में आयोजित होगी। इसमें सातों जिलों से चयनित 84 विजेता दल भाग लेंगे। संभाग स्तर पर प्रथम पुरस्कार 50 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार 30 हजार रुपये, तृतीय पुरस्कार 20 हजार रुपये तथा शेष 48 प्रतिभागी दलों को 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।इस महोत्सव की विशेषता यह होगी कि इसमें केवल वही कलाकार भाग ले सकेंगे, जो बस्तर संभाग के वास्तविक मूल निवासी हैं और जनजातीय लोक कला विधाओं में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। साथ ही, गांवों और कस्बों में अपनी कला से पहचान बना चुके वरिष्ठ कलाकारों के साथ-साथ नवोदित कलाकारों को भी मंच प्रदान किया जाएगा।प्रत्येक स्तर पर विजेता दलों को पुरस्कार राशि के साथ प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह (फोटो फ्रेम) प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। आयोजन को जनउत्सव का स्वरूप देने के लिए समाज प्रमुखों, वरिष्ठ नागरिकों, आदिवासी मुखियाओं, जनप्रतिनिधियों एवं संस्कृति प्रेमियों को अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाएगा। व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने हेतु प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं सोशल मीडिया के माध्यम से बड़े पैमाने पर प्रचार-प्रसार किया जाएगा।इस संपूर्ण आयोजन के लिए संचालनालय, संस्कृति एवं राजभाषा विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है। संस्कृति विभाग से श्री युगल तिवारी, नोडल अधिकारी एवं कार्यक्रम संयोजक (मोबाइलः 94063-98080) को आयोजन का दायित्व सौंपा गया है। समन्वय हेतु श्री प्रशांत दुबे (मोबाइलः 75093-62263) एवं श्री भाविन राठौर (मोबाइलः 99071-41307) को नामांकित किया गया है। सभी जिलों को अपने-अपने स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त कर विभाग को सूचित करने के निर्देश दिए गए हैं।राज्य शासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि “बस्तर पंडुम 2026” को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध, सुव्यवस्थित और गरिमामय ढंग से आयोजित किया जाए, ताकि बस्तर की लोक-संस्कृति की असली पहचान को सहेजते हुए उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा सके।
- -टी सहदेवभिलाई नगर। सेक्टर 05 स्थित बालाजी मंदिर में आंध्र साहित्य समिति के तत्वावधान में धनुर्मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को वैकुंठ एकादशी उत्सव विशाल जनसमुदाय के बीच धार्मिक सद्भाव से मनाया गया। दक्षिण भारत में इसे मुक्कोटि एकादशी भी कहा जाता है। बालाजी मंदिर और गणेश मंदिर के बीच बना वैकुंठ द्वार (उत्तर द्वार) ब्रह्ममुहूर्त में ही खुल गया था। सबसे पहले पंडित गोपालाचारी के सान्निध्य में विशेष रूप से सुसज्जित श्रीविष्णु के अवतारी भगवान बालाजी, माताओं श्रीदेवी-भूदेवी के उत्सव विग्रहों को मंडप के बीचों बीच स्थापित किया गया। उसके बाद उनकी वैदिक विधि विधान से पूजा-अर्चना की गई। पूजा के पश्चात वैकुंठ द्वार को भक्तों के प्रवेश के लिए खोल दिया गया।*उत्तर द्वार से गुजरने से मिलता है वैकुंठ धाम*ऐसा धार्मिक विश्वास है कि इस द्वार से गुजरने वाले को वैकुंठ धाम (स्वर्ग) की प्राप्ति होती है। इसलिए भक्तगणों ने इसी द्वार से प्रविष्ट करते हुए सर्वप्रथम श्रीविष्णु, श्रीदेवी-भूदेवी के दर्शन किए और उसके बाद परिसर में स्थित तीनों मंदिरों में माथा टेकने के उपरांत दक्षिण द्वार से बाहर की ओर प्रस्थान किया। उत्सव की तैयारियां काफी पहले से की गई थीं। उत्सव को देखते हुए मंदिर परिसर में स्थित मुख्य मंदिर के साथ-साथ, श्रीदेवी और भूदेवी के मंदिरों को भी फूलों के आकर्षक तोरणों से सजाया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए अध्यक्ष पीवी राव और सचिव पीएस राव ने असुविधा, भीड़भाड़ और अव्यवस्था से बचने के लिए जगह-जगह वालंटियर तैनात किए थे।*कन्नड़ भवन तक लगी भक्तगणों की कतार*भीड़ का आलम यह था कि भक्तगण कन्नड़ भवन तक कतार में थे। इधर बालाजी मंदिर और गणेश मंदिर के बीच की तीनों गैलरियां भी श्रद्धालुओं से खचाखच भर गई थीं। वैकुंठ द्वार (उत्तर द्वार) से प्रवेश करने तथा महाविष्णु के दर्शन में कोई असुविधा न हो, इसके लिए समिति के पदाधिकारी के सुब्बाराव, टीवीएन शंकर, एनएस राव, के लक्ष्मीनारायण और एस रवि कड़ी नजर रखे हुए थे। अध्यक्ष पीवी राव ने कहा कि वैकुंठ एकादशी का विशेष महत्व है, इस दिन दर्शन करने से श्रीविष्णु की कृपा हमेशा बनी रहती है। सचिव पीएस राव ने मंदिर में जुटी भक्तों की भीड़ को अभूतपूर्व बताते हुए कहा कि श्रीविष्णु के दर्शन से हमारे सभी पाप मिट जाते हैं।*एकादशी देवी की आंखों की ज्वाला से मुरासुर भस्म*पद्मपुराण के अनुसार मुर नामक दानव के अत्याचारों से भयभीत होकर देवतागण भगवान विष्णु की शरण में गए। मुर से मुक्ति के लिए देवताओं द्वारा प्रार्थना करने पर श्रीविष्णु ने मुरासुर से युद्ध किया, जो काफी लंबा चला। उस महा शक्तिशाली राक्षस के संहार के लिए विष्णु भगवान ने दिव्यास्त्र की खोज में भद्रिकाश्रम की हैमावती नामक गुफा में पहुंचे, जहां अपनी थकान दूर करने के लिए उन्होंने कुछ देर विश्राम किया। सोते हुए श्रीविष्णु को मारने के उद्देश्य से वह गुफा में घुस गया। तभी भगवान के शरीर से दुर्गा के रूप में एक दिव्य शक्ति प्रकट हुई और उस देवी ने अपनी आंखों की ज्वाला से मुरासुर को भस्म कर दिया। तब श्रीविष्णु ने प्रसन्न होकर उस शक्ति को एकादशी नाम दिया और वरदान मांगने को कहा। एकादशी ने वरदान मांगा कि जो भी उनके प्राकट्य दिवस धनुर्मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को व्रत रख कर पूजा करेंगे, उन्हें वैकुंठ धाम की प्राप्ति होगी। तब से वैकुंठ एकादशी उत्सव मनाया जाता है।
- रायपुर/ अविभाजित मध्यप्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री पण्डित रविशंकर शुक्ल का उनकी पुण्यतिथि पर सादर नमन करने रायपुर नगर पालिक निगम के संस्कृति विभाग के तत्वावधान में नगर निगम जोन क्रमांक 4 के सहयोग से राजधानी शहर रायपुर में जिलाधीश कार्यालय के सामने नगर निगम रायपुर के पण्डित रविशंकर शुक्ल उद्यान परिसर में स्थित उनके प्रतिमा स्थल के समक्ष पुष्पांजलि आयोजन रखा गया.नगर निगम रायपुर के तत्वावधान में रखे गए संक्षिप्त पुष्पांजलि आयोजन में पहुंचकर प्रमुख रूप से नगर पालिक निगम रायपुर के संस्कृति विभाग के अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी सहित बड़ी संख्या में गणमान्यजनों, सामाजिक कार्यकर्त्ताओं नवयुवकों, आमजनों ने प्रतिमा स्थल पर अविभाजित मध्यप्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री पण्डित रविशंकर शुक्ल का उनकी पुण्यतिथि पर सादर नमन किया.
- --इसके एवज में संस्था द्वारा ई - वेस्ट हेतु रेट लिस्ट अनुसार राशि का भुगतान भी किया जा रहा है*0रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र से वर्तमान में संस्था ई स्टार प्रोसेसर द्वारा प्रतिदिन औसतन लगभग 1 टन ई-वेस्ट का परिवहन कर प्रसंस्करण कार्य किया जा रहा है0*रायपुर/ रायपुर शहर से निकलने वाले इलेक्ट्रानिक वेस्ट को व्यवस्थित करने हेतु पब्लिक एरिया में स्मार्ट डस्टबिन रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा स्थापित किया गया है। परन्तु वर्तमान में उक्त स्मार्ट बिन मरम्मत कार्य नही होने के कारण कार्यरत नहीं है। नगर पालिक निगम, रायपुर क्षेत्र से निकलने वाले ई-वेस्ट को परिवहन कर प्रसंस्करण कार्य करने हेतु संस्था स्टॉर ई प्रोसेसर को अनापत्ति जारी किया गया है। तदानुसार संस्था स्टॉर ई प्रोसेसर द्वारा आम जनता से ई-वेस्ट संग्रहण हेतु *टोल फ्री नम्बर *18008917656* जारी किया गया है। जिसमें काल कर आम जनता अपना ई- वेस्ट दे सकती है तथा इसके एवज में संस्था द्वारा ई-वेस्ट हेतु रेट लिस्ट अनुसार राशि का भुगतान भी किया जा रहा है।वर्तमान में संस्था स्टॉर ई प्रोसेसर द्वारा रायपुर नगर पालिक निगम रायपुर क्षेत्र से प्रतिदिन औसतन लगभग 1 टन ई-वेस्ट का परिवहन कर प्रसंस्करण कार्य किया जा रहा है।
- रामशर साईट की मानकों के अनुरूप कोपराजलाशय के विकास के लिए बनाएं कार्य-योजनाबिलासपुर/कलेक्टर संजय अग्रवाल ने आज साप्ताहिक टीएल बैठक में राज्य सरकार की फ्लेगशीप योजनाओं और लंबित मामलों के निराकरण की प्रगति की समीक्षा की। उन्हेांने कोपरा जलाशय के विकास के लिए एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने काम की गति बढ़ाते हुए फरवरी 2026 तक प्रत्येक हितग्राही मूलक योजनाओं में लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बचे हुए स्कूली बच्चों को जाति प्रमाण पत्र शतप्रतिशत बनाने और वितरित करने के लिए 15 जनवरी तक की मोहलत दी है। स्कूल शिक्षा विभाग और राजस्व विभाग को आपसी तालमेल के साथ इस समय-सीमा में काम पूर्ण कर रिपोर्ट देने को कहा है। बैठक में नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल सहित जिला स्तरीय विभागीय अधिकारी मौजूद थे।कलेक्टर ने बताया कि आगामी 15 जनवरी को सिम्स बिलासपुर में निःशुल्क स्पाईन सर्जरी आयोजित की गई है। देश के जाने-माने स्पाईन सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. भोजराज जिला प्रशासन के अनुरोध पर शिविर में सेवाएं देंगे। फिलहाल लगभग एक दर्जन मरीज सर्जरी के लिए चिन्हित कर लिए गए हैं। गरीब मरीजों के लिए यह शिविर वरदान साबित होगा। पशुधन विकास विभाग के संयुक्त संचालक ने बैठक में बताया कि जिले में दो गोधाम- लाखासार (तखतपुर) एवं ओखर (मस्तुरी) का संचालन शुरू हो गया है। लगभग दो सौ गौवंशियों की देख-भाल इनमें की जा रही है। स्वीकृति के लिए 14 और गौधामों का प्रस्ताव गौ सेवा आयोग को भेजा गया है। कलेक्टर ने पीएम आवास निर्माण की धीमी गति पर असंतोष जाहिर करते हुए इनमें तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए। लगभग 43 हजार आवास निर्माण फिलहाल प्रगति पर हैं। पीएम अभ्युदय योजना की जानकारी देते हुए अधिकाधिक अनुसूचित जाति के उद्यमियों को इनका लाभ दिलाने के निर्देश दिए। योजना में उद्यमियों को आकर्षक सबसिडी प्रदान की जाती है। कलेक्टर ने कोपरा जलाशय के विकास के लिए एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। रामशर साईट की दिशा-निर्देशों के अनुरूप वन विभाग और जिला पंचायत संयुक्त रूप से कार्य-योजना बनाएं। जलाशय से अवैध मछलीपालन की गतिविधियों को रोकने के निर्देश दिए। पक्षियों के अवलोकन के लिए दूरबीन और वॉच टॉवर निर्माण कर स्थानीय स्व सहायता समूह को इसका प्रशिक्षण एवं काम देने कहा गया हैं। ठेकेदारों और अन्य वेन्डरों द्वारा गुणवत्ता पूर्ण काम कर लिए जाने पर इसका निरीक्षण कर अविलंब भुगतान किया जाए ताकि उन्हें भटकना न पड़े। कलेक्टर ने श्रम विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की और हर पात्र श्रमिक को आगे आकर इनका लाभ दिलाने के निर्देश दिए।
- बिलासपुर/ उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने आज नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद के ऑडिटोरियम में पत्रकार-वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने इस दौरान पिछले दो वर्षों में लोक निर्माण विभाग द्वारा किए गए कार्यों तथा विभाग की आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी। लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी और अपर सचिव श्री एस.एन. श्रीवास्तव भी पत्रकार-वार्ता में मौजूद थे।
- बिलासपुर संसदीय क्षेत्र को बड़ी सौगातबिलासपुर/रतनपुर/ छत्तीसगढ़ की जल संपदा और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण की दिशा में केंद्र सरकार ने एक मील का पत्थर स्थापित किया है। भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत बिलासपुर संसदीय क्षेत्र के 5 प्रमुख तालाबों के कायाकल्प के लिए ₹28.05 करोड़ की भारी-भरकम राशि को आधिकारिक मंजूरी प्रदान कर दी है।छत्तीसगढ़ के विकास को मिली नई गतिइस मंजूरी के साथ छत्तीसगढ़ में अमृत 2.0 के तीसरे चरण के तहत कुल 37 परियोजनाएं संचालित होंगीकेंद्र सरकार ने राज्य के शहरी विकास हेतु कुल ₹1303 करोड़ की सहायता राशि स्वीकृत की है, जो प्रदेश के भविष्य को जल-समृद्ध बनाने में सहायक होगी।*श्रमदान से सरकारी मंजूरी तक: श्री तोखन साहू की प्रतिबद्धता*गौरतलब है कि केंद्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू ने स्वयं रतनपुर के तालाबों में उतरकर श्रमदान किया था और जल संरक्षण का संदेश दिया था। उनके उस व्यक्तिगत जुड़ाव और 'भागीरथी प्रयास' का ही परिणाम है कि आज इन तालाबों के पुनर्जीवन और सौंदर्यीकरण के लिए इतनी बड़ी राशि स्वीकृत हुई है। श्री साहू के सक्रिय हस्तक्षेप के कारण ही केंद्र की एपेक्स कमेटी ने राज्य जल कार्य योजना (SWAP) के तीसरे चरण में इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को प्राथमिकता दी।परियोजनाओं का विवरण और बजट:स्वीकृत की गई ₹28.05 करोड़ की राशि से इन 5 तालाबों की सूरत बदलेगी:* रतनपुर क्षेत्र:* रत्नेश्वर तालाब: ₹9.5 करोड़ (पुनर्जीवन एवं सौंदर्यीकरण)* कृष्णार्जुनी तालाब: ₹7.5 करोड़ (कायाकल्प)* बिलासपुर शहर:* हरसागर तालाब: ₹5 करोड़* माँ महामाया तालाब: ₹3.5 करोड़* माँ शारदा तालाब: ₹2.55 करोड़प्रमुख लाभ और प्रभाव:* पुनर्जीवन और सौंदर्यीकरण: इन ऐतिहासिक तालाबों की गाद निकाली जाएगी, तटबंधों को मजबूत किया जाएगा और चारों ओर लाइटिंग व पाथवे बनाकर इनका सौंदर्यीकरण किया जाएगा।* जल संरक्षण: श्री तोखन साहू के श्रमदान अभियान को आगे बढ़ाते हुए, इन जलाशयों के संरक्षण से क्षेत्र के भूजल स्तर में भारी सुधार होगा।* पर्यटन को बढ़ावा: रतनपुर की ऐतिहासिक पहचान को इन तालाबों के सजने से नई मजबूती मिलेगी।
- *सेवानिवृत्त एसीएस श्री एम. के. राउत ने प्रोजेक्ट दधीचि के तहत नेत्र दान करने हेतु नेहा झा को किया सम्मानित*रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशन में जिला प्रशासन रायपुर द्वारा चलाया जा रहा प्रोजेक्ट 'दधीचि' अब समाज में मानव सेवा का प्रतीक बन रहा है। इस अनूठी पहल ने अंगदान को लेकर लोगों, विशेषकर युवाओं में नई जागरूकता पैदा की है।अब तक जिले में 63 लोगों ने अंगदान कर इस अभियान को समर्थन दिया है। इसका उद्देश्य शासकीय अधिकारियों, कर्मचारियों एवं आम नागरिकों को अंगदान के लिए प्रेरित करना है। इस कड़ी में आज पीडब्ल्यूडी विभाग में सहायक ग्रेड 3 श्रीमती नेहा झा ने एक प्रेरणादायक कदम उठाते हुए नेत्र दान करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी के सीईओ एवं सेवानिवृत्त एसीएस श्री एम. के. राउत एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने उन्हें सम्मानित करते हुए शॉल एवं प्रमाण पत्र प्रदान किया। श्रीमती झा ने कहा की "मैं प्रोजेक्ट दधीचि के तहत अपना नेत्र दान कर रही हूँ ताकि मेरे मृत्यु के बाद मेरा नेत्र किसी के काम आ सके"। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आमजनों से अपील की कि वे आगे आकर अंग एवं देहदान के इस महान कार्य में भागीदार बनें। इस अवसर पर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
- *1 लाख 33 हजार 053 मतदाताओं को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने किया आग्रह*रायपुर। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिला रायपुर में विशेष गहन पुनरीक्षण (एस.आई.आर.) कार्यक्रम के तहत जिले की 07 विधानसभा क्षेत्रों में नो-मैपिंग (केटेगरी-सी) वाले कुल 1 लाख 33 हजार 053 मतदाताओं को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने हेतु नोटिस जारी किया जा रहा है।विधानसभा के अनुसार धरसींवा-47 में 8,896, रायपुर ग्रामीण-48 में 39,835, रायपुर नगर पश्चिम-49 में 46,675, रायपुर नगर उत्तर-50 में 17,416, रायपुर नगर दक्षिण-51 में 12,495, आरंग-52 में 3,531 एवं अभनपुर-53 विधानसभा क्षेत्र में 4,205 नो-मैपिंग मतदाता चिन्हांकित किए गए हैं।निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा आज 30 दिसंबर 2025 तक कुल 3,570 मतदाताओं को नोटिस तामील कराया जा चुका है।जिला निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 03 जनवरी 2026 से जिले में कुल 116 अधिकारियों द्वारा जारी नोटिसों पर सुनवाई की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। संबंधित मतदाताओं से निर्धारित तिथि पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर सहयोग करने की अपील की गई है, ताकि मतदाता सूची को अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाया जा सके।*
- रायपुर। खाद्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत सभी राशनकार्डधारी परिवारों के प्रत्येक सदस्य का आधार आधारित eKYC कराना अनिवार्य किया गया है। जिन परिवारों के कुछ सदस्यों का eKYC अब तक नहीं हुआ है, वे शीघ्र ही अपनी नजदीकी शासकीय उचित मूल्य (राशन) दुकान में जाकर eKYC करवा लें, ताकि भविष्य में राशन प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।खाद्य विभाग के अनुसार जिले में कुल 22,04,430 राशनकार्डधारी सदस्यों में से 18,67,768 सदस्यों का eKYC पूर्ण हो चुका है, जबकि अभी भी 3,36,662 सदस्यों का eKYC शेष है। विभाग द्वारा शेष सदस्यों से समय रहते eKYC कराने की अपील की गई है।*फिंगरप्रिंट नहीं आने पर घबराने की जरूरत नहीं*कई मामलों में नागरिकों के फिंगरप्रिंट मशीन में नहीं आ पाते हैं। ऐसे में घबराने की आवश्यकता नहीं है। शासन द्वारा फेस ऑथेंटिकेशन अथवा अन्य वैकल्पिक सत्यापन व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही है। इसके लिए संबंधित राशन दुकान से संपर्क किया जा सकता है।*राशन दुकानदारों को दिए गए निर्देश*सभी शासकीय उचित मूल्य दुकानदारों को निर्देशित किया गया है कि जिन राशनकार्डधारी सदस्यों का eKYC शेष है, उनकी सूची अपने पास रखें तथा इसकी जानकारी संबंधित पार्षद, सरपंच एवं सचिव को उपलब्ध कराएं। साथ ही अपने क्षेत्र में लोगों को eKYC के लिए लगातार जागरूक करें।*आम नागरिकों से अपील*सभी राशनकार्डधारी परिवारों से अपील की गई है कि वे अपने परिवार के शेष सभी सदस्यों का eKYC समय पर अवश्य करवा लें। निर्धारित समय तक eKYC नहीं होने की स्थिति में संबंधित सदस्य का नाम अस्थायी रूप से राशनकार्ड से हटाया जा सकता है, जिससे राशन प्राप्त करने में समस्या हो सकती है।*मृत अथवा विवाह के बाद अलग रहने वाले सदस्यों की जानकारी आवश्यक*यदि राशनकार्ड में दर्ज कोई सदस्य मृत हो गया है अथवा विवाह के पश्चात् अलग निवास कर रहा है, तो परिवार को आवश्यक दस्तावेजों के साथ संबंधित राशन दुकान या स्थानीय निकाय कार्यालय (नगर पंचायत/नगर पालिका/ग्राम पंचायत) में जानकारी देकर नाम हटाने की प्रक्रिया पूर्ण करनी चाहिए, ताकि रिकॉर्ड अद्यतन किया जा सके।
- अब तक 4,379 आवारा श्वानों का बंधियाकरण एवं एंटी रेबिस टीकाकरण किया गयारायपुर । कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के निर्देशानुसार जिले में पशु जन्म नियंत्रण कार्यक्रम का प्रभावी एवं सतत क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत आवारा श्वानों का बंधियाकरण (नसबंदी) एवं एंटी रेबिस टीकाकरण किया जा रहा है, जिससे श्वानों की संख्या पर नियंत्रण के साथ-साथ जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।आयुक्त नगर निगम श्री विश्वदीप के मार्गदर्शन में नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न वार्डों से घुमन्तु श्वानों को निगम के डॉग कैचर दल द्वारा पकड़कर नगर निगम के एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) सेंटर, बैरनबाजार लाया जाता है। यहां प्रशिक्षित चिकित्सकों द्वारा श्वानों की नसबंदी के साथ-साथ एंटी रेबिस का टीकाकरण किया जा रहा है। इस विशेष कार्य के लिए दो चिकित्सकों की तैनाती की गई है। नसबंदी उपरांत 3 से 4 दिवस तक पोस्ट ऑपरेटिव केयर के बाद श्वानों को उसी स्थान पर सुरक्षित रूप से छोड़ा जाता है, जहां से उन्हें पकड़ा गया था।इसी क्रम में नगर निगम बिरगांव में भी एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है, जिसके पूर्ण होने के पश्चात् क्षेत्र में पशु जन्म नियंत्रण कार्य को और अधिक गति मिलेगी।इसके अतिरिक्त पशु चिकित्सा सेवाएं के संयुक्त संचालक डॉ. शंकर लाल उइके के मार्गदर्शन में शासकीय पशु चिकित्सालय बैरनबाजार एवं भांठागांव में विभिन्न पशु प्रेमियों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं (NGO) के सहयोग से श्वानों की नसबंदी एवं एंटी रेबिस टीकाकरण किया जा रहा है। पशु प्रेमियों द्वारा श्वानों को इन चिकित्सालयों में लाकर नसबंदी कराई जा रही है।वर्तमान वित्तीय वर्ष में पशु जन्म नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत अप्रैल माह से अब तक जिले में कुल 4379 श्वानों की नसबंदी की जा चुकी है। इनमें नगर निगम के एबीसी सेंटर द्वारा 3604 तथा शासकीय पशु चिकित्सालयों द्वारा 775 श्वानों की नसबंदी की गई है। इस पहल से श्वानों की जन्म दर में अपेक्षित नियंत्रण देखा जा रहा है। शासन द्वारा पशु जन्म नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत आम नागरिकों की सुविधा हेतु डॉग से संबंधित सूचना अथवा शिकायत दर्ज कराने के लिए हेल्पलाइन नंबर निदान 1100 जारी किया गया है। नागरिक इस नंबर पर संपर्क कर अपनी शिकायत अथवा सूचना दर्ज करा सकते हैं।
- प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से मिली 15 लाख रुपए की अनुदान राशि*अच्छी आय अर्जित करने के साथ स्थानीय लोगों को दे रहीं रोजगार*रायपुर/ सपनों की कोई उम्र नहीं होती, इस बात को सच कर दिखाया है जिले के अभनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम चम्पाझर (चम्पारण) की श्रीमती अनिता गोस्वामी ने। प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना का लाभ लेकर उन्होंने न केवल आत्मनिर्भरता हासिल की, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार सृजन का नया मार्ग भी प्रशस्त किया है।श्रीमती गोस्वामी बताती हैं कि वे पूर्व में शिक्षिका थीं तथा सेवानिवृत्ति के पश्चात अपना खुद का बिज़नेस प्रारम्भ करने के उद्देश्य से अपना स्वयं का रोजगार प्रारंभ करने का निर्णय लिया। इसी दौरान उन्हें जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में मत्स्य विभाग द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना की जानकारी प्राप्त हुई। योजना के अंतर्गत उन्होंने फिन फिश हेचरी के माध्यम से मछली पालन कार्य प्रारंभ किया। इस परियोजना पर कुल 25 लाख रुपये की लागत आई, जिसमें से शासन द्वारा 15 लाख रुपये का अनुदान प्रदान किया गया, जबकि 10 लाख रुपये की राशि उन्होंने स्वयं निवेश की। प्रारंभ में उन्होंने एक हेक्टेयर क्षेत्र में यह कार्य शुरू किया था, जो आज बढ़कर सात हेक्टेयर तक पहुंच चुका है।श्रीमती गोस्वामी के इस प्रयास से इस वर्ष उन्होंने 10 लाख रुपए के बीज की बिक्री आसपास के क्षेत्र में की है साथ ही वर्तमान में 10 से 12 स्थानीय लोगों को रोजगार भी उपलब्ध कराया। उन्होंने बताया प्रतिवर्ष 5 करोड़ स्पॉन एवं 1 करोड़ स्टैंडर्ड फ्राई फिश बीज का उत्पादन होता है। साथ ही योजना का लाभ लेकर 5000 देसी मांगुर का भी पालन भी कर रहें हैं जिससे उन्हें 3 लाख रुपए की अतिरिक्त आमदनी होगी।अनिता का यह प्रयास न केवल महिला उद्यमिता को सशक्त बना रहा है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया और यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका एवं रोजगार सृजन के लिए अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रही है।श्रीमती गोस्वामी की सफलता यह संदेश देती है कि यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो और योजनाओं का सही उपयोग किया जाए, तो हर चुनौती अवसर में बदल सकती है।
- दानदाताओं ने अब तक दी 6700 से अधिक पुस्तकेंरायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में जिले में संचालित स्मृति पुस्तकालय योजना शिक्षा के क्षेत्र में नया संबल प्रदान कर रही है। इसी क्रम में कंपटीशन अकेडमी के संचालक श्री हरि राम पटेल ने सीजीपीएससी, व्यापम, सामान्य अध्याय, पंचायती राज, हिंदी, छत्तीसगढ़ी, इंग्लिश, इतिहास, भूगोल, सहित अन्य पुस्तक दान की है । कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने इन पुस्तकों को ग्रहण करते हुए इस पुनीत कार्य के लिए दानदाता का आभार व्यक्त किया।जिले में 15 जुलाई से प्रारंभ इस योजना के तहत अब तक 6700 से अधिक पुस्तकें दान की जा चुकी हैं। ये पुस्तकें जरूरतमंद विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में सहायक सिद्ध होंगी।जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे आगे आकर पुस्तकें एवं इलेक्ट्रॉनिक गैजेट दान करें और ज्ञान के इस अभियान में सहभागी बनें। दान करने के लिए लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री प्रभात सक्सेना अथवा रोजगार अधिकारी श्री केदार पटेल से मोबाइल नंबर 9406049000 पर संपर्क किया जा सकता है।इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन एवं जिला रोजगार अधिकारी श्री केदार पटेल सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
- *अमसेना के किसान श्रीमती गुलाब बाई महिपाल ने कहा मैंने सुगमता पूर्वक अपने धान का विक्रय किया एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त किया**धान खरीदी में पारदर्शिता बनी किसानों की ताकत*रायपुर।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं किसान-हितैषी ढंग से संचालित किया जा रहा है। प्रभावी व्यवस्थाओं के चलते किसानों को बड़ी राहत मिल रही है।आरंग विकासखंड अंतर्गत ग्राम अमसेना के किसान श्रीमती गुलाब बाई महिपाल के खेतों के साथ-साथ उनके जीवन में भी खुशहाली लौटी है। श्रीमती महिपाल ने समर्थन मूल्य पर 30 क्विंटल 40 किलोग्राम धान का विक्रय किया। उन्होंने बताया कि धान खरीदी केंद्रों में शासन द्वारा सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। खरीदी केंद्रों में मॉइश्चर मापक मशीन, बारदाने की समुचित व्यवस्था के साथ त्वरित प्रक्रिया अपनाई जा रही है, जिससे किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो रही है।*खेती केवल आजीविका नहीं, समृद्ध भविष्य की राह*श्रीमती गुलाब बाई महिपाल ने बेहतर व्यवस्थाओं के लिए प्रदेश के मुखिया श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उनकी यह सफलता कहानी दर्शाती है कि जब नीतियां किसान-हित में हों और व्यवस्थाएं सुदृढ़ हों, तब खेती केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि समृद्ध भविष्य की दिशा बन जाती है। यह कहानी न केवल अमसेना, बल्कि पूरे प्रदेश के किसानों के लिए प्रेरणास्रोत है।
- भिलाईनगर । नगर पालिक निगम आयुक्त राजीव कुमार पांडेय द्वारा आज जोन 02 अंतर्गत वार्ड क्रमांक 15 का विस्तृत निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने क्षेत्र की सफाई व्यवस्था, अधोसंरचना विकास और आगामी पर्यावरण परियोजनाओं का जायजा लिया।निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने वार्ड की विभिन्न बैकलेन की स्थिति देखी। कई स्थानों पर बैकलेन में अवैध कब्जे के कारण नालियों की सफाई और मरम्मत में बाधा आ रही थी। इसे गंभीरता से लेते हुए आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कब्जा हटाने के निर्देश दिए हैं, ताकि वहां जल्द से जल्द नाली निर्माण कार्य शुरू किया जा सके। इससे क्षेत्र में जल भराव की समस्या से मुक्ति मिलेगी।आयुक्त ने वार्ड में चल रहे सफाई अभियान का सूक्ष्मता से अवलोकन किया और स्वच्छता कर्मियों को नियमित सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने वार्ड में नवनिर्मित और प्रस्तावित सी.सी. रोड की गुणवत्ता और स्थिति का भी परीक्षण किया।पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए आयुक्त ने इंदु आई.टी. के पीछे स्थित स्थल का भी निरीक्षण किया। इस स्थान को 'मियावाकी तकनीक' के माध्यम से वृक्षारोपण हेतु चयनित किया गया है। कम जगह में घना जंगल विकसित करने की इस पद्धति से शहर के एयर क्वालिटी इंडेक्स में सुधार और हरियाली में वृद्धि होगी।निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने जोन अधिकारियों को निर्देशित किया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जनहित के कार्यों को समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण करने की बात कही।इस दौरान जोन आयुक्त ऐशा लहरे, कार्यपालन अभियंता वेशराम सिंहा, अरविंद शर्मा, सहायक अभियंता अर्पित बंजारे, श्वेता महेश्वर, उप अभियंता चंदन निर्मल, सहायक राजस्व अधिकारी शरद दुबे, जोन स्वास्थ्य अधिकारी शंकर साहनी एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के सभागार में आज निगम आयुक्त राजीव कुमार पांडेय द्वारा एक विशेष समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में निगम क्षेत्र के विकास कार्यों, जनहित से जुड़ी योजनाओं और आगामी नववर्ष की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। जनहित और विकास कार्यों पर विशेष जोर दिया जाए।बैठक के दौरान आयुक्त ने वर्तमान में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। कलेक्टर टी एल, जनदर्शन, जन शिकायत एवं अन्य शिकायतो पर गहन चर्चा किया गया । इसके पश्चात उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर निगम भिलाई का मुख्य ध्येय नागरिकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जनहित के मामलों को प्राथमिकता दें और फाइलों के निराकरण में अनावश्यक विलंब न करें।आयुक्त ने नववर्ष 2026 के आगमन पर भिलाई की जनता को मिलने वाली संभावित सौगातों और विकास परियोजनाओं के रोडमैप पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि नए साल में स्विमिंग पूल, हॉर्स राइडिंग, गारमेंट फैक्ट्री, सीबीजी प्लांट, गोबर गैस प्लांट, फिजियोथैरेपी हॉस्पिटल, सड़कों का निर्माण, उच्च क्षमता वाले पानी टंकियां का निर्माण, पाइपलाइन विस्तार के कार्य, बेहतर आवागमन सुविधा हेतु सिटी बस सहित शहर के बुनियादी ढांचे, स्वच्छता और सौंदर्यीकरण को लेकर व्यापक स्तर पर कार्य किए जाएंगे, जिससे नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार होगा।अधिकारियों को कार्य के प्रति समर्पण का संदेश दिया और शहर वासियों से अपील किए हैं कि निगम के कार्यों में सहयोग करें।अधिकारियों को प्रोत्साहित करते हुए आयुक्त ने कहा कि "नए साल में हमें नई ऊर्जा और समर्पण के साथ काम करना है। हमारा लक्ष्य भिलाई को एक आदर्श शहर बनाना होना चाहिए। सभी अधिकारी और कर्मचारी टीम भावना के साथ जनहित के कार्यों में जुट जाएं ताकि हम लोगों को बेहतर सेवाएं प्रदान कर सकें।"प्रमुख निर्देश दिया गया जिसमे विकास कार्यों की समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण पूर्णता प्राथमिकता हो। स्वच्छता सर्वेक्षण को ध्यान में रखते हुए सफाई व्यवस्था में सुधार कीजिए। नागरिकों की शिकायतों का त्वरित और संतोषजनक निवारण हो, जिससे आम नागरिक परेशान ना हो। इस बैठक में अपर आयुक्त राजेंद्र दोहरे, उपायुक्त नरेन्द्र बंजारे, डी के कोसरिया, सभी जोन आयुक्त, सभी कार्यपालन अभियंता एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
- दुर्ग/ निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अर्हता 01 जनवरी 2026 के संबंध में 30 दिसम्बर 2025 को जिले के समस्त विधानसभा 62- पाटन, 63 दुर्ग ग्रामीण, 64- दुर्ग शहर, 65- भिलाई नगर, 66- वैशाली नगर, 67- अहिवारा के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की बैठक समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा आयोजित की गई।जिले के समस्त विधानसभा 62 पाटन, 63 दुर्ग ग्रामीण, 64- दुर्ग शहर, 65 भिलाई नगर, 66 वैशाली नगर, 67- अहिवारा के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के द्वारा बैठक में उपस्थित मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छ.ग. रायपुर के निर्देश पत्र क्रमांक/4186, रायपुर 29 दिसम्बर 2025 के परिपालन में निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 के संदर्भ में दावा आपत्तियों की सूची साझा किये जाने एवं विशेष गहन पुनरीक्षण के संबंध में जानकारी साझा किये जाने साप्ताहिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपस्थित राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों को कण्डिकावार जानकारी उपलब्ध कराई गई।आयोग के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ राज्य अंतर्गत मतदाता सूची का 23 दिसम्बर 2025 को प्ररूप मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया है। भारत निर्वाचन आयोग का उद्देश्य निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कराने का मुख्य उद्देश्य है कि कोई अवैध नागरिक न जुड़े एवं भारत के वैध नागरिक न छूटें, जिससे मतदाता सूची शुद्ध हो। एसआईआर के तहत मृत एवं अन्यत्र निवासरत व्यक्तियों का नाम मतदाता सूची से हटाया जाए तथा अर्हता तिथि 1 जनवरी 2026 की स्थिति में नए मतदाताओं का नाम फार्म-6 भरकर नाम जोड़ने की कार्यवाही की जा सके एवं मतदाता सूची में त्रुटि सुधार हेतु फार्म-8 का उपयोग कर, मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाया जा सकेगा। वर्तमान में राज्य में सम्पन्न कराए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में जिले अंतर्गत मतदाता केंद्रों के लिए बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा महत्वपूर्ण भूमिका दायित्व निभाया जा रहा है।प्रारूप मतदाता सूची में अपना नाम सर्च करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाईट https://voters.eci.gov.in लिंक के माध्यम से अपना नाम सर्च कर, विधानसभा क्षेत्र क्रमांक व नाम, भाग संख्या एवं मतदता सरल क्रमांक सर्च कर सकते हैं। 23 दिसम्बर 2025 से मतदान केन्द्रों में दावा आपत्तियों के संबंध में प्ररूप 9, 10, 11, 11क एवं 11ख संबंधितों को उपलब्ध कराया गया। प्रारंभिक प्रकाशन के बाद प्राप्त दावा आपत्तियों को निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 16 और 19 के तहत मतदाताओं के अर्हता के अनुसार उनकी पात्रता के जांच, प्रस्तुत दस्तावेजों एवं बी.एल.ओ. रिपोर्ट के आधार पर जांच करते हुए प्रस्तावित मतदाता को नोटिस जारी करेंगे। निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी जिन दस्तावेजों के आधार पर संतुष्ट हों, उन्हें ईसीआई नेट में अपलोड किया जायेगा।
- दुर्ग/ कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार जिले में बीज प्रक्रिया केंद्र रुआबांधा द्वारा खरीफ वर्ष 2026 के लिए बीज तैयार करने की प्रक्रिया जारी है। वर्ष 2025 में कुल 740 किसानों (1426.86 हेक्टेयर) का पंजीयन किया गया था। दुर्ग की प्रमाणीकरण संस्था ने खेतों का निरीक्षण कर किसानों को जरूरी सलाह दी है। फसल की पैदावार के आकलन के आधार पर, बीज निगम द्वारा अब तक किसानों को 1,03,000 खाली बोरे उपलब्ध कराया जा चुका है। अभी तक 33967.77 क्विटल उपार्जन हो चुका है तथा कृषकों की उपस्थिति में संसाधन (ग्रेडिंग) का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।उप संचालक कृषि द्वारा आगामी खरीफ 2026 हेतु बीज मांग 35000 क्विंटल (अनुमानित) के विरूद्ध बीज निगम द्वारा लगभग 50000 किंवटल विभिन्न खरीफ फसलों के प्रमाणित बीज उपलब्ध कराए जाने का अनुमान है, जिससे कि दुर्ग जिला सहित राज्य के अन्य जिलों में भी बीज की पूर्ति संभव होगा। बीज उत्पादक कृषकों को उनके द्वारा उत्पादित फसल पर अग्रिम राशि प्रति क्विटल धान मोटा हेतु 1895/-, धान पतला / सुगंधित हेतु 1911/-, सोयाबीन हेतु 4262/-. अरहर हेतु-6400/-, उड़द हेतु-6240 एवं मूंग हेतु-7014/- का प्रावधान किया गया है। इसी कड़ी में विगत दिन 76 कृषकों को 8386.71 क्विटल धान की अग्रिम राशि रू. 15923821/- का भुगतान आर.टी.जी.एस. के माध्यम से उनके खाते में स्थानांतरित की गयी। कृषकों को यह समझाईस दी गई है कि वे कृपया अपने पूरे लाट के बीज का उपार्जन शीघ्र कराए ताकि अग्रिम राशि का (लाट पूरा होने पर) भुगतान शीघ्र किया जा सके। बीज प्रबंधक श्री एस.के. बेहरा के अनुसार आज की स्थिति में धान की नवीन किस्में विक्रम टीसीआर, एमटीयू-1318, एमटीयू-1156, एमटीयू-1153 के साथ ही साथ पुरानी प्रचलित किस्मे आईआर-64, एमटीयू-1001, महामाया, राजेश्वरी, स्वर्णा सब-1 एवं स्वर्णा आदि का उपार्जन हो चुका है एवं अधिक से अधिक उपार्जन हेतु कृषकों से कृषि विभाग एवं बीज निगम द्वारा संपर्क किया जा रहा है। इसी प्रकार सोयाबीन की किस्म राज सोया-24 का भी बीज उपार्जन किया गया है। वर्तमान में उपार्जन का कार्य जारी है जो कि विगत दिनों जिले के उप संचालक कृषि श्री संदीप भोई के प्रक्रिया केन्द्र भ्रमण के दौरान निर्देशानुसार हर सप्ताह सोमवार से शनिवार तक उपार्जन कार्य होगा।
- दुर्ग. जिले में नकली नोट छापने और उसे स्थानीय बाजार में इस्तेमाल करने के आरोप में पुलिस ने एक दंपति को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि जिले के रानीतराई गांव के साप्ताहिक बाजार में नकली नोट का इस्तेमाल करने के आरोप में पुलिस ने अरुण तुरंग (50) और उसकी पत्नी राखी (40) को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों रायपुर जिले के सोनपैरी गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि साप्ताहिक बाजार में सब्जी विक्रेताओं में से एक तुलेश्वर सोनकर द्वारा पुलिस में मामला दर्ज कराने के बाद पुलिस ने आरोपी पति-पत्नी को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने बताया कि धमतरी के भखारा गांव निवासी तुलेश्वर सोनकर (40) और उनकी पत्नी सरिता सोनकर सोमवार को रानीतराई गांव के साप्ताहिक बाजार में सब्जी बेचने आये थे। शाम लगभग साढ़े पांच बजे एक व्यक्ति और एक महिला ने इनसे 60 रुपये की सब्जी खरीदी और पांच सौ रुपये का नोट दिया। सोनकर ने बाकी के पैसे वापस किए और पांच सौ रुपये का नोट अपने पास रख लिया। उन्होंने बताया कि कुछ देर बाद सब्जी मंडी के लोगों ने व्यापारियों को बताया कि बाजार में नकली नोटों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके बाद सोनकर ने पांच सौ रुपये के नोट को बारीकी से देखा और उसे उसके नकली होने का अंदेशा हुआ। उन्होंने बताया कि घटना के बाद सब्जी विक्रेता थाने पहुंचे और उसके बाद आरोपियों की खोज शुरू की गई। बाद में जब पुलिस ने आरोपी अरुण से पूछताछ की तब उसने नकली नोट छापकर बाजार में इस्तेमाल करने की बात स्वीकार कर ली। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी अरुण ने जानकारी दी कि उसने ऑनलाइन कलर प्रिंटर, फोटो कॉपी और पेपर मंगाया था। उसने प्रिंटर से पांच सौ रुपये के नोट की फोटो कॉपी कर नकली नोट छापा और उसे काटकर दुर्ग जिले के पाटन गांव के बाजार में इस्तेमाल किया था। उन्होंने बताया कि पुलिस ने आरोपी अरुण के आवास से कलर फोटो कॉपी मशीन, पेपर और 1,65,300 रुपये के नकली नोट बरामद किए। नकली नोट 500, 200 और 100 रुपये की मुद्रा में थे। अधिकारियों ने बताया पुलिस ने आरोपी पति-पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है तथा उनसे पूछताछ की जा रही है।
- बालोद/ जिला प्रशासन बालोद की मुहिम नीर चेतना अभियान के तहत आज जिला मुख्यालय बालोद की जीवनदायिनी ’’तांदुला नदी’’ को उसके पुराने वैभव और स्वच्छता के साथ पुनरूद्धार करने के लिए वृहद श्रमदान कार्यक्रम का हुआ आयोजन।इस अवसर पर राज्य लघु वनोपज संघ के उपाध्यक्ष श्री यज्ञदत्त शर्मा, जिला पंचायत बालोद की अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर, नगर पालिका परिषद बालोद की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चौधरी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री तोमन साहू, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य श्री यशवंत जैन, पद्मश्री श्रीमती शमशाद बेगम, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री चेमन देशमुख एवं श्री पवन साहू सहित जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक एवं श्री नूतन कंवर, एडीशनल एसपी श्रीमती मोनिका ठाकुर, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर ने नगर के गणमान्य नागरिकों, विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों, मीडिया प्रतिनिधियों तथा कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित महिला कमाण्डो, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की महिलाओं, अधिकारी-कर्मचारियों, एनएसएस, रेडक्राॅस के सदस्यों, छात्रा-छात्राओं एवं आम नागरिकों के साथ तांदुला नदी की साफ-सफाई कर जिला प्रशासन के इस महत्वपूर्ण नीर चेतना अभियान में महत्वपूर्ण भागीदारी निभाई।
- दुर्ग/ जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविंद मिश्रा ने आज विकासखंड धमधा एवं दुर्ग अंतर्गत अनेक शालाओं का आकस्मिक निरीक्षण किया। जिला शिक्षा अधिकारी श्री मिश्रा ने शासकीय प्राथमिक/पूर्व माध्यमिक शाला करेली, कन्हारपुरी, तुमाकला परसदाखुर्द, बोरी, सेमरिया, हसदा, लिटिया, सेवती, हिर्री के निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों के कक्षा स्तरीय योग्यता की जानकारी ली तथा बारहखड़ी, इमला, पहाड़ा, धाराप्रवाह हिंदी/अंग्रेजी वाचन, हैंडराइटिंग सुधार हेतु अभ्यास के संबंध में शिक्षको को आवश्यक निर्देश दिए।इसी प्रकार हाई/हायर सेकेण्डरी स्कूल धमधा, करेली, कन्हारपुरी, तुमाकला, बोरी, लिटिया, हिर्री में बोर्ड परीक्षाओं हेतु डीईओ कार्यालय से भेजे गए प्रश्न बैंक विद्यार्थियों को उपलब्ध कराने, 5 वर्षाे के बोर्ड के प्रश्न पत्रों को हल कराने, उन प्रश्नों के आधार पर प्रति सप्ताह टेस्ट परीक्षा आयोजित करने तथा मूल्यांकित उत्तर पुस्तिकाओं को विद्यार्थियों को दे हुई त्रुटियों को सुधरवाने सहित प्रायोगिक परीक्षाओं की तैयारियों के संबंध में आवश्यक निर्देश भी दिए। चिन्हांकित कमजोर बच्चों को सीमित पाठ्यक्रम से बोर्ड की तैयारी कराए जाने तथा मेधावी छात्रों को व्हाट्शप ग्रुप के माध्यम से विशेषज्ञों से डाउट क्लियर करने के निर्देश भी दिए।
- दुर्ग/ कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार नव वर्ष को ध्यान में रखते हुए 31 दिसम्बर 2025 एवं एक जनवरी 2026 के आयोजनों के संबंध में एडीएम श्री अभिषेक अग्रवाल और एडिशनल एसपी श्री सुखनंदन राठौर ने समस्त होटल ढाबा, रेस्टोरेंट, बार, संचालकों की बैठक लेकर सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में आवश्यक प्रशासनिक दिशा निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिये है। अधिकारियों ने सामान्य निर्देशों से अवगत कराते हुए कहा कि सभी होटल ढाबा, रेस्टोरेंट, बार, एवं इस्पात क्लब, स्टील क्लब एवं मैरिज पैलेस, आदि स्थानों पर अनिवार्य रूप से जहां तक भीड़ रहती है वहां तक सी.सी.टी.व्ही. कैमरा एवं विभिन्न पिकनिक स्थलों, दर्शनीय स्थल, पार्किंग क्षेत्र में जहा तक पब्लिक का जमाव हो रहा हो, इत्यादि स्थानों पर पीटीजेड कैमरा पर्याप्त संख्या में सीसीटीव्ही कैमरा लगवाना सुनिश्चित करें। संदिग्ध गतिविधियों की तत्काल सूचना देवें। नशे की स्थिति में वाहन न चलाए। डीजे साउंड सिस्टम का उपयोग निर्धारित समय एवं मापदंड में अनुमति प्राप्त कर करेंगे। सार्वजनिक रूप से सड़क पर केक नही काटेंगे। गाली गलौच, अभ्रद व्यवहार करना सार्वजनिक शांति भंग नहीं करेंगे। सभी होटल ढाबा, रेस्टोरेंट, बार, संचालकों के पदाधिकारियों की संपूर्ण सूची मोबाईल नंबर सहित स्वयं हस्ताक्षर से जमा करवाए। निर्धारित समय का पालन किया जाना सुनिश्चित करेंगे। वाहन पार्किंग के संबंध में निर्देशित किया गया कि यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से जारी रहे इसके लिए होटल ढाबा, रेस्टोरेंट, बार, संचालकों जिम्मेदार रहेगा। पार्किंग हेतु पूरी जगह पहले से चिन्हित करें। हाईवे/रोड के किनारे वाहन पार्किंग न हो। पार्किंग में लाईटिंग एवं सुरक्षा गार्ड रखें। वाहनों में रेडियम स्टीकर लगाए। इसी प्रकार ध्वनि विस्तारक यंत्र के संबंध में अवगत कराया गया कि होटल ढाबा, रेस्टोरेंट, बार, में अश्लील गाना किसी भी स्थिति में ध्वनि विस्तारक यंत्र का प्रयोग प्रतिबंधित है। डीजे/व्हिकल माउंटेड डीजे का प्रयोग पूर्णतः प्रतिबंधित है, मााननीय उच्चतम एवं उच्च न्यायालय द्वारा ध्वनि विस्तारक यंत्र का अधिकतम मानक 75 डेसीबल के साथ रात्रि 10.00 बजे तक निर्धारित किया गया है। ध्वनि विस्तारक यंत्र का प्रयोग माननीय उच्च न्यायालय के दिए निर्देशों के तहत करे, किसी भी अवस्था में डीजे का प्रयोग नहीं करे, वाहनों पर माउंटेड साउंड बाक्स का प्रयोग पूरी तरह निषिद्ध है तथा इसका उल्लंघन किए जाने पर कोलाहल अधिनियम, मोटरयान अधिनियम, नागरिक सुरक्षा संहिता की धाराओं में कार्यवाही की जावेगी। ध्वनि विस्तारक यंत्र को जप्त कर राजसात किया जाएगा। रात्रि 10 बजे के उपरांत ध्वनी विस्तार यंत्र, लाउड स्पीकर का प्रयोग पूर्णतः निषिद्ध है। इसी प्रकार विद्युत व्यवस्था के संबंध में होटल ढाबा, रेस्टोरेंट, बार, आदि स्थानों पर विद्युत आपूर्ति में किसी प्रकार का शार्ट सर्किट न हो इस हेतु पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिये। आगजनी जैसी घटनाओ से निपटने के लिए लघु अग्नि समन यंत्र, रेत भरी बाल्टी तथा पानी, की पर्याप्त व्यवस्था भी रखेंगे एवं जिला अग्निसमन अधिकारी से फायर आडिट अवश्य करायेंगे। विघुत व्यवस्था ऐसी रहेगी जिसमें किसी के ऑख पर दुष्प्रभाव न पड़े। होटल ढाबा, रेस्टोरेंट, बार, आदि स्थानों पर फायर आडिट, सुरक्षा आडिट एवं इलेक्ट्रिसिटी आडिट कराया जाए। होटल ढाबा, रेस्टोरेंट, बार, आदि स्थानों पर किसी भी प्रकार के शार्ट सर्किट या आगजनी से बचने का पुख्ता इंतजाम हो।
- रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने कहा है कि भाजपा का छत्तीसगढ़ संगठन बहुत प्रभावी और मजबूत है। केन्द्रीय स्तर पर जब भी हम संगठनात्मक गतिविधियों की राज्यवार समीक्षा करते हैं, तब हम देखते हैं कि छत्तीसगढ़ की प्रदेश से लेकर बूथ स्तर तक इकाइयाँ पार्टी के प्रत्येक कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में सबसे अग्रणी प्रदेशों में गिनी जाती हैं। श्री सिंह ने अटल जी की स्मृति को अक्षुण्ण रखने के इस कार्य के लिए छत्तीसगढ़ भाजपा संगठन के सभी कार्यकर्ताओं का अभिनन्दन करते हुए कहा कि अटल जन्म शताब्दी वर्ष में छत्तीसगढ़ अकेला एक ऐसा प्रदेश रहा, जहाँ 175 अटल परिसर की स्थापना की गई।हर सकारात्मक काम का कांग्रेस समेत समूचा विपक्ष विरोध करता ही हैभाजपा राष्ट्रीय महामंत्री श्री सिंह अटल जन्म शताब्दी कार्यक्रम की समीक्षा बैठक और कार्यकर्ता सम्मेलन व सम्मान समारोह के निमित्त बुधवार को राजधानी के प्रवास पर रहे। इस दौरान कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित प्रदेश कार्यालय में आहूत पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए श्री सिंह ने कहा कि संसद सत्र अभी सम्पन्न हुआ है, हमने देखा कि लोकसभा और राज्यसभा में कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं था। कई विधेयकों पर चर्चा हुई, लेकिन विपक्ष ढंग से अपनी बात भी नहीं रख पाया। उसके बाद बाहर आकर उन पर भ्रम फैलाने में लगा है। 'वीबी जी राम जी' में 125 दिन के रोजगार की गारंटी दी जा रही है अर्थात इससे लोगों को 25 दिन अधिक रोजगार मिलेगा। इसके साथ ही जो योजनाएँ बनेंगीं, जो काम होगा, वह ग्राम की आवश्यकता के अनुरूप ग्रामसभा और ग्राम पंचायत तय करेगी। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी सभी को एक पत्र लिखकर यह स्पष्ट किया है। लेकिन, विपक्ष इसमें भी भ्रम फैला रहा है कि यह सब केन्द्र सरकार तय करेगी। हर सकारात्मक काम का कांग्रेस समेत समूचा विपक्ष विरोध करता ही है। श्री सिंह ने कहा कि देशभर के अनेक स्थानों से मिली शिकायतों के बाद मनरेगा के तहत कई विधानसभाओं में जो गड्ढे-ही-गड्ढे दिखते थे और जिन पर काम ही नहीं हुआ, उनका वित्तीय आवंटन रोक दिया गया। अब इस योजना में बायोमेट्रिक्स के उपयोग को बढ़ावा देने, उसके कम्प्यूटरीकरण करने पर जोर दिया गया है। इससे विकास और बुनियादी जरूरतों के काम भी होंगे, ग्रामीणों को रोजगार भी मिलेगा और गाँव वाले खुशहाल भी होंगे।बंगाल में सरकार के संरक्षण में ऑर्गेनाइज्ड करप्शन हुआ हैभाजपा राष्ट्रीय महामंत्री श्री सिंह ने दावा किया कि प.बंगाल में प्रचंड बहुमत के साथ भाजपा की सरकार बनेगी। बंगाल में सरकार के संरक्षण में ऑर्गेनाइज्ड करप्शन हुआ है। योजनाओं में कहीं-न-कहीं लीकेज होता है। सरकार उस पर कार्रवाई करती है लेकिन सरकार के संरक्षण में ही अगर बड़े लेवल की करप्शन हो, लूट मची हो तो वह चिंताजनक है। प.बंगाल में हमारी पहले तीन सीटें आई थी, बाद में हम 77 सीटें जीते। इस बार बंगाल में थंपिंग मेजॉरिटी के साथ भाजपा की सरकार बनेगी क्योंकि टीएमसी के शासन में हिंसा, करप्शन से वहां की जनता परेशान है, त्रस्त है। बंगाल जैसी हिंसा पूरे देश में कहीं नहीं है, बंगाल जैसा करप्शन पूरे देशभर में कहीं नहीं है। श्री सिंह ने कहा कि ममता बनर्जी की शुरू से कार्ययोजना और सोच रही है कि किस प्रकार से तुष्टीकरण के मार्ग में चले। एक वर्ग को खुश करने के लिए बंगाल में बाबरी मस्जिद बन रही है फिर भी उसको नहीं रोक पाए, यह सब सरकार के संरक्षण में हो रहा है।केंद्र सरकार नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ और नक्सल मुक्त भारत की ओर तेजी से अग्रसर हैभाजपा राष्ट्रीय महामंत्री श्री सिंह ने नक्सल उन्मूलन अभियान की चर्चा करते हुए कहा कि देश के लिए यह सम्मान का विषय है कि नक्सलवाद की समस्या से निपटने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के रणनीतिक मार्गदर्शन और प्रदेश सरकारों के सहयोग से केंद्र सरकार नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ और नक्सल मुक्त भारत की ओर तेजी से अग्रसर है और 31 मार्च 2026 तक पूरा देश हथियारबंद नक्सलियों से मुक्त हो जाएगा। इसमें सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति, केन्द्रीय गृह मंत्री श्री शाह की रणनीति और प्रदेश सरकारों से श्री शाह का सतत सम्वाद जारी है। इसके साथ ही सरकार नक्सलियों से कठोरता से पेश आ रही और साथ ही उनसे विकास की मुख्यधारा में आने को भी कह रही है। आत्मसमर्पित नक्सलियों के साथ ही नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की योजनाओं की लम्बी कतार लगा दी है। नक्सल पीड़ित इलाकों में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में भाजपा सरकार की विकास योजनाओं का आँकड़ेवार ब्योरा देते हुए श्री सिंह ने कहा कि भारत चार सालों से लगातार सशक्त और तेज जीडीपी के चलते तेज गति से बढ़ती अर्थ व्यवस्था बन गया है लेकिन देश का एक बड़ा क्षेत्र चूँकि नक्सल प्रभावित था तो देश की जीडीपी में उन क्षेत्रों का योगदान नहीं था, परंतु अब उनका भी योगदान मिल रहा है। इस तरह जब सभी क्षेत्रों का योगदान बढ़ेगा तो भारत विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा।प्रदेश में 24 लाख स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास में से 16 लाख आवास बन चुके हैंभाजपा राष्ट्रीय महामंत्री श्री सिंह ने मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार के दो वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियों की विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार की उपलब्धियों का विश्लेषण करने पर स्पष्ट होता है कि प्रदेश तेज गति से विकास कर रहा है। नए-नए निवेश यहाँ पर हो रहे हैं और औद्योगिक विकास हो रहा है। इसी प्रकार रेलवे, सड़क आदि अधोसंरचनात्मक विकास भी दृष्टिगत हो रहा है। प्रदेश में 24 लाख स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास में से 16 लाख आवास बन चुके हैं। पत्रकार वार्ता में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, प्रदेश महामंत्री द्वय डॉ. नवीन मार्कण्डेय व यशवंत जैन, प्रदेश उपाध्यक्ष जगन्नाथ पाणिग्रही भी उपस्थित थे।






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