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- -दिशा की बैठक में केंद्रीय योजनाओं की गहन समीक्षा-केंद्रीय राज्यमंत्री की अध्यक्षता में दिशा की बैठक संपन्नबिलासपुर /जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आज यहां जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में केन्द्रीय आवासन एवं शहरी विकास राज्य मंत्री और सांसद श्री तोखन साहू की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में फ्लैगशिप योजनाओं सहित जिले में संचालित विकास योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत 122 गांवों की विकास परियोजनाओं एवं अरपा भैंसाझार परियोजना सहित विभिन्न विभागीय योजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक में विधायक सर्व श्री धरम लाल कौशिक, सुशांत शुक्ला, दिलीप लहरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, महापौर श्रीमती पूजा विधानी सहित जनपद एवं नगर पंचायत के अध्यक्ष एवं अन्य जनप्रतिनिधि, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, नगर निगम कमिश्नर श्री प्रकाश कुमार सर्वे, सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल सहित विभागीय अधिकारी मौजूद थे।बैठक में केंद्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि सरकार की मंशानुरूप पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित हो। धरातल पर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन नजर आएं। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं में किसी भी तरह की गड़बड़ी और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं श्री तोखन साहू ने मनरेगा के लंबित कार्यों, मजदूरी भुगतान, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क निर्माण एवं आंगनबाड़ी भवनों के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लक्ष्य के अनुरूप आवास निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला ने आवास योजना में अनियमितताओं की शिकायतों पर त्वरित निराकरण के निर्देश दिए गए। लेन-देन पर सख्त रोक लगाने, आवास मित्रों के मानदेय से जुड़े मामलों की जांच तथा गड़बड़ी पाए जाने पर वसूली के निर्देश भी दिए गए। श्री शुक्ला ने मनरेगा कार्यों में जल संरक्षण को प्राथमिकता देने का सुझाव दिया। उन्होंने एम.आई. टैंक, वेटलैंड संरक्षण तथा शासकीय तालाबों के पुनर्जीवन पर विशेष फोकस करने की बात कही। गर्मी के मौसम में होने वाली पेयजल समस्या के निराकरण के लिए योजना बनाने पर भी चर्चा की गई।कलेक्टर ने जल संरक्षण और वृक्षारोपण के लिए ठोस एवं गहन योजना बनाकर कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से आमजन को जल संरक्षण के प्रति जागरूक और प्रेरित किया जा सकता है। जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल ने बताया कि मनरेगा के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 25-26 में जिले को 40 लाख मानव दिवस का लक्ष्य प्राप्त हुआ है तथा राज्य स्तर पर जिले ने प्रथम स्थान हासिल किया है। वर्तमान में 12,597 कार्य अपूर्ण हैं, जिन्हें शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। यह भी जानकारी दी गई कि दिसंबर माह तक श्रमिकों का भुगतान पूर्ण कर दिया गया है। बैठक में बिहान योजना की प्रगति, लक्ष्यों तथा ‘लखपति दीदी’ पहल की जानकारी दी गई। महिलाओं को रीपा के माध्यम से रोजगार से जोड़ने के प्रयासों पर भी चर्चा की गई। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत जिले में 79992 आवासों के लक्ष्य के विरूद्ध 71093 आवासों की स्वीकृति की गई है। लक्ष्य एवं आवासों की स्वीकृति में जिला राज्य स्तर में प्रथम स्थान पर है। पीएम जनमन योजना के तहत जिले में कोटा, मस्तुरी एवं तखतपुर ब्लॉक में कुल 959 पिछड़ी जनजाति के परिवारों को आवास प्रदान किये गये है। वर्तमान में 524 हितग्राहियों के आवास पूरे किये जा चुके है।बैठक में जनप्रतिनिधियों ने स्मार्ट सिटी परियोजना की समीक्षा करते हुए परियोजना की धीमी गति और गुणवत्ता विहीन कार्याें पर नाराजगी जताई। सांसद आदर्श ग्राम एवं विधायक आदर्श ग्राम योजनाओं के तहत कार्ययोजनाएं बनाकर निर्माण कार्य पूर्ण करने, ग्रामों में मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने तथा ग्राम पंचायत विकास योजना के अंतर्गत शासकीय निर्माण कार्यों के लिए भूमि चिन्हांकन के निर्देश दिए गए। शौचालय निर्माण व पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाने पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत 32 में से 11 सड़कों के पूर्ण होने की जानकारी दी गई। पीएम जनमन योजना, सड़क व पुल निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। जनप्रतिनिधियों ने रेत घाटों के कारण सड़कों के जर्जर होने की समस्या पर भी चिंता व्यक्त की। साथ ही समाज कल्याण, महिला बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जल जीवन मिशन, जल संसाधन विकास, श्रम रोजगार, सड़क परिवहन राज्यमार्ग, खनिज, शिक्षा विभाग सहित विभिन्न विभागों के योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक के अंत में सभी विभागों को निर्देशित किया गया कि निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करें, पारदर्शिता बनाए रखें तथा शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित करें।
- रायपुर। पारदर्शिता किसी मजबूत व्यवस्था की बुनियादी जरुरत होती है l मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग ने ई-सर्विस को अपनाया l इस डिजिटल पहल ने बॉटलिंग से लेकर डिलीवरी तक की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीक आधारित बना दिया।आबकारी विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार ई-चालान, सिंगल विंडो लॉग इन सिस्टम, यूजर रजिस्ट्रेशन, रियल टाइम कैश कलेक्शन इनफार्मेशन, सेंट्रल विडियो, मोनिटरी सिस्टम पूरी तरह से पारदर्शी है l इसी तरह एनओसी परमिट इशू सिस्टम, ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम, आधार इनेबल्ड बायो-मेट्रिक अटेंडेंस, और टोल-फ्री शिकायत सुविधा इन आधुनिक ऑनलाइन तकनीकों ने आबकारी विभाग को नई दक्षता और विश्वसनीयता दी है lआधुनिक ऑनलाइन तकनीकों ने बढ़ाई आबकारी विभाग की पारदर्शी व्यवस्था में विश्वसनीयतापारदर्शी, सुरक्षित और तकनीक आधारित व्यवस्था का परिणाम है कि भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण और राज्य के राजस्व में सतत वृद्धि करना। इस चालू वित्तीय वर्ष में 12 हज़ार करोड़ रुपये के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए, दिसंबर माह तक ही 10.50 प्रतिशत की वृद्धि दर के साथ 7 हजार 851 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया जा चुका है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार के सुशासन के लक्ष्यों को साकार करने के लिए कृत संकल्पित, छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग lमुख्यमंत्री विष्णु देव साय की बैठकों व नीति-निर्णय के दृश्य, आधुनिक वीडियो कंट्रोल रूम, कंप्यूटर स्क्रीन पर डिजिटल डैशबोर्ड व लाइव डेटा का संग्रहण किया जाता है l इसी प्रकार QR कोड, मोबाइल स्कैनिंग, GPS आधारित ट्रक ट्रैकिंग, बोतलों पर यूनिक कोड, डिलीवरी की डिजिटल पुष्टि, आधुनिक आउटलेट, सुव्यवस्थित, तकनीक-आधारित कार्यप्रवाह के माध्यम से किया जा रहा है l
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बिलासपुर /मस्तुरी विकासखण्ड के ग्राम रिस्दा में राशन दुकान खोलने के लिए 22 जनवरी 2026 तक आवेदन आमंत्रित किये गये है। इच्छुक आवेदक अनुविभागीय राजस्व अधिकारी कार्यालय मस्तुरी के खाद्य शाखा में उक्त तिथि तक बंद लिफाफे में शाम 5 बजे तक आवेदन दे सकते है। आवेदन के लिए ग्राम पंचायत, महिला स्व सहायता समूह, प्राथमिक कृषि साख समिति, अन्य सहकारी समितियां, लेम्प समितियां और वन सुरक्षा समितियां पात्रता रखते है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी अनुविभागीय राजस्व अधिकारी कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।
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राजनांदगांव । छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण समिति संचालनालय महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिले के बालगृहों के लिए स्वीकृत संविदा पदों के लिए शासकीय बालगृह (बालिका) के 14 पद एवं विशेषीकृत दत्तक ग्रहण अभिकरण राजनांदगांव के 1 पद के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि में वृद्धि करते हुए 21 जनवरी 2026 शाम 5.30 बजे तक आवेदन आमंत्रित की गई है। उक्त पदों पर भर्ती के लिए इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी निर्धारित तिथि तक कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग राजनांदगांव में पंजीकृत डाक, स्पीड, पोस्ट, कोरियर के माध्यम से आवेदन प्रस्तुत कर सकते है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी वेबसाईट www.cgwcd.gov.in, www.cgstate.gov.in तथा कार्यालय जिला बाल संरक्षण इकाई महिला एवं बाल विकास विभाग संयुक्त कलेक्टोरेट कार्यालय प्रथम तल कक्ष क्रमांक 11 राजनांदगांव सूचना पटल से प्राप्त की जा सकती है।
- रायपुर।, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में कीर्ति चक्र विजेता वीर शहीद दीपक भारद्वाज स्मृति समिति के सदस्यों ने सौजन्य मुलाकात की। समिति के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को वीर अमर शहीद दीपक भारद्वाज की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण दिया।मुख्यमंत्री श्री साय ने वीर शहीद दीपक भारद्वाज के अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए कहा कि उनका जीवन और कर्तव्यनिष्ठा देश एवं प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि शहीदों का सम्मान करना और उनके बलिदान को सदैव स्मरण रखना हम सभी का कर्तव्य है।उल्लेखनीय है कि 3 अप्रैल 2021 को छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले अंतर्गत तर्रेम थाना क्षेत्र के टेकलगुड़ा में नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में 22 जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे। इनमें सब-इंस्पेक्टर पुलिस दीपक भारद्वाज भी शामिल थे, जिन्होंने अद्वितीय वीरता का परिचय देते हुए मातृभूमि की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर कर दिए।शहीद दीपक भारद्वाज के असाधारण पराक्रम और बलिदान को सम्मानित करते हुए छत्तीसगढ़ शासन के प्रस्ताव पर भारत सरकार द्वारा उन्हें कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। 9 मई 2023 को राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। वीर शहीद दीपक भारद्वाज की प्रतिमा सक्ती जिले के शासकीय वेदराम महाविद्यालय, मालखरौदा (पिहरीद) के समक्ष स्थापित की गई है। इस अवसर पर शहीद श्री दीपक भारद्वाज के पिता श्री राधेलाल भारद्वाज, मालखरौदा जनपद अध्यक्ष श्री कवि वर्मा, श्री निर्मल सिन्हा, लालू गबेल, श्री जगदीश चंद्रा एवं प्रतिनिधिमंडल उपस्थित थे।
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राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार जिले में अवैध परिवहन की रोकथाम के लिए सघन जांच अभियान के तहत राजस्व विभाग की टीम द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। तहसीलदार लाल बहादुर नगर श्री अमीय श्रीवास्तव ने बताया कि ग्राम खुबाटोला में इमारती लकड़ी का अवैध रूप से बिना दस्तावेज के परिवहन किया जा रहा था। जिसे जप्त कर कार्रवाई के लिए वन विभाग को सुपुर्द किया गया।
- - छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, दिल्ली, पंजाब, सीबीएसई अगले दौर में पहुंचीराजनांदगांव । स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा संचालित एवं स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 69वीं राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का आयोजन 11 जनवरी से 15 जनवरी 2026 तक दिग्विजय स्टेडियम राजनांदगांव में आयोजित किया जा रहा है, जिनमें देश के 27 राज्य एवं 9 शैक्षणिक संस्थान सहित कुल 36 बास्केटबॉल बालक-बालिका 17 वर्ष की टीमें हिस्सा ले रही हैं। प्रतियोगिता के तीसरे एवं चौथे दिन खेले गये प्री-क्वार्टर व क्वार्टर फायनल मैचों में मेजबान छत्तीसगढ़ सहित मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, सीबीएसई, दिल्ली, पंजाब, सीबीएससीडब्लूएसओ, तमिलनाडू, चण्डीगढ़ की टीमों ने अपने मैच जीतकर प्रवेश किया। छत्तीसगढ़ के बालक व बालिकाओं की टीम सेमीफायनल में जगह बना ली है।दिग्विजय स्टेडियम एवं अन्य खेल मैदानों में खेली जा रही प्रतियोगिता के तीसरे दिन संध्या में प्री-क्वार्टर फायनल मैच खेले गए जिसमें बालिका वर्ग में उत्तर प्रदेश ने केवीएस को 49-41 अंकों से, केरल ने पश्चिम बंगाल को 52-36 अंकों से, सीबीएसई ने झारखण्ड को 45-15 अंकों से, मध्यप्रदेश ने राजस्थान को 55-46 अंकों से, महाराष्ट्र ने हरियाणा को 54-43 अंकों से तथा बालक वर्ग में तमिलनाडू ने तेलंगाना को 89-49 अंकों से, दिल्ली ने चण्डीगढ़ को 64-29 अंकों से, केवीएस ने गुजरात को 60-48 अंकों से, मध्यप्रदेश ने उत्तर प्रदेश को 42-14 अंकों से, सीबीएससीडब्लूएसओ ने राजस्थान को 47-38 अंकों से, महाराष्ट्र ने संघर्षपूर्ण व रोमांचक मुकाबलें में सीआईएसई को 47-46 अंकों से हराकर क्वार्टर फायनल में जगह बनाई थी।
प्रतियोगिता के क्वार्टर फायनल मैच 14 जनवरी को सुबह खेला गया। जिसमें बालिका वर्ग में सीबीएसई ने मध्यप्रदेश को 45-20 अंकों से, महाराष्ट्र ने केरल को 54-28 अंकों से, दिल्ली ने उत्तर प्रदेश को 55-31 अंकों से, मेजबान छत्तीसगढ़ की बालिकाओं ने चण्डीगढ़ को 74-60 अंकों से हराकर सेमीफायनल में जगह बनाई। वही बालक वर्ग के सेमीफायनल दिल्ली ने महाराष्ट्र को 64-29 अंकों से, पंजाब ने कड़े मुकाबले में तमिलनाडु को 69-66 अंकों से, मेजबान छत्तीसगढ़ ने मध्यप्रदेश को 35-19 अंकों से पराजित किया। प्रतियोगिता का फायनल मैच 15 जनवरी को सुबह 7:35 बजे से दिग्विजय स्टेडियम में खेला जायेगा।
- -जल जीवन मिशन से आसान हुई ग्रामीणों का जीवन, परिवारों को मिला सुकून और सुविधारायपुर ।भारत सरकार के जल जीवन मिशन से ग्रामीण इलाकों में लोगों का जीवन आसान हो गया है। हर घर नल, हर घर जल योजना के तहत अब घर-घर नल से जल पहुँच रहा है, जिससे ग्रामीण परिवारों को पीने के स्वच्छ पानी के लिए भटकना नहीं पड़ता। पहले गांवों में पानी लाने के लिए लोगों को काफी दूर जाना पड़ता था। खासकर बुजुर्ग महिलाओं के लिए यह काम बहुत मुश्किल होता था। पानी लाने में समय और मेहनत दोनों लगते थे, जिससे घर के दूसरे काम भी प्रभावित होते थे और स्वास्थ्य पर भी असर पड़ता था।जल जीवन मिशन की शुरुआत इन्हीं परेशानियों को दूर करने के लिए की गई। इस योजना का उद्देश्य सिर्फ पानी उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ग्रामीण लोगों का जीवन आसान और सम्मानजनक बनाना है। आज इस योजना से जिले के हजारों परिवारों को शुद्ध पेयजल मिल रहा है।कबीरधाम जिले के पंडरिया विकासखंड के ग्राम पंचायत खाम्ही की निवासी सतो बैगा भी इस योजना से बहुत लाभान्वित हुई हैं। वे बताती हैं कि पहले उन्हें पानी लाने के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ती थी। उम्र बढ़ने के साथ यह काम और भी कठिन हो गया था।सतो बैगा ने बताया कि पहले खाना बनाना, साफ-सफाई रखना और पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था करना एक बड़ी समस्या थी। गर्मी और बारिश के मौसम में परेशानी और बढ़ जाती थी। लेकिन अब उनके घर में नल से जल के बाद ये सभी दिक्कतें खत्म हो गई हैं।अब उनके घर में हर समय साफ पानी उपलब्ध रहता है। उन्हें न तो दूर जाना पड़ता है और न ही किसी पर निर्भर रहना पड़ता है। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और स्वास्थ्य भी पहले से बेहतर हुआ है। वे बताती हैं कि अब समय बचता है, जिसे वे अपने घर और आराम के लिए उपयोग कर पाती हैं। सतो बैगा का कहना है कि जल जीवन मिशन ने उन्हें सिर्फ पानी नहीं दिया, बल्कि चौन और सम्मान भरी जिंदगी भी दी है। अब पानी को लेकर रोज की चिंता पूरी तरह खत्म हो गई है।
- -ग्रामीण महिलाओं को मिला आत्मनिर्भरता का नया अवसररायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य में अमृत सरोवर योजना जल संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण आर्थिक सशक्तिकरण का एक मजबूत आधार बनकर उभर रही है। योजना के अंतर्गत विकसित जलस्रोत जहां भू-जल स्तर बढ़ाने में सहायक हैं, वहीं स्थानीय समुदाय, विशेषकर महिलाओं को रोजगार और आय सृजन के नए अवसर प्रदान कर रहे हैं।सरगुजा संभाग के अंबिकापुर के ग्राम पंचायत बरगंवा में अमृत सरोवर योजना अंतर्गत निर्मित तालाब इसका सफल उदाहरण है। तालाब का उपयोग सरस्वती महिला स्व सहायता समूह द्वारा मछली पालन के लिए किया जा रहा है, जिससे समूह की महिलाओं को गांव में ही रोजगार उपलब्ध हुआ है और उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना बनी है।ग्राम पंचायत बरगंवा की सरपंच श्रीमती संजिता सिंह ने बताया कि अमृत सरोवर के निर्माण से गांव के जल स्तर में सकारात्मक सुधार दर्ज हुआ है। आसपास के कुओं एवं अन्य जल स्रोतों में जल की उपलब्धता बढ़ी है, जिससे ग्रामीणों को पेयजल एवं सिंचाई में सहूलियत मिल रही है। उन्होंने कहा कि तालाब का प्रबंधन महिला स्व सहायता समूह को सौंपने से आजीविका संवर्धन का एक सशक्त माध्यम तैयार हुआ है।समूह की महिलाओं द्वारा तालाब में लगभग 4,000 मछली बीज डाले गए हैं। स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप यह गतिविधि भविष्य में आय का महत्वपूर्ण स्रोत बनेगी। मछली पालन के जरिए महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और वे स्वयं के श्रम, कौशल और सहभागिता से आत्मनिर्भर बन सकेंगी।सरपंच श्रीमती सिंह ने कहा कि अमृत सरोवर योजना जल संरक्षण, पर्यावरणीय संवर्धन और ग्रामीण आजीविका सृजन का प्रभावी मॉडल साबित हो रही है। इससे गांवों में नए रोजगार सृजित हो रहे हैं और स्थानीय महिलाओं की सहभागिता के कारण सामाजिक एवं आर्थिक विकास को गति मिल रही है।महिला स्व सहायता समूह की सदस्यों ने भी शासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि तालाब निर्माण और मछली पालन ने उन्हें सम्मानजनक और दीर्घकालिक आजीविका का अवसर दिया है। योजना से गांव में समग्र विकास की नई दिशा स्थापित हो रही है और महिलाएं आत्मविश्वास व सशक्तिकरण के साथ आगे बढ़ रही हैं।
- -डिजिटल टोकन प्रणाली से किसानों को मिल रही बड़ी सहूलियतरायपुर। राज्य शासन के निर्देशानुसार प्रदेश में धान उपार्जन व्यवस्था को पारदर्शी, सुगम और पूरी तरह किसान हितैषी बनाने के लिए व्यापक सुधार किए गए हैं। धान उपार्जन केन्द्रों में डिजिटल तकनीक का प्रयोग, सुव्यवस्थित प्रबंधन और समयबद्ध प्रक्रिया के परिणामस्वरूप किसानों को अपनी उपज बेचने में महत्वपूर्ण सुविधा मिल रही है।सरगुजा जिले के ग्राम करजी के लघु सीमांत कृषक श्री सूरज राजवाड़े ने बताया कि इस वर्ष की धान खरीदी व्यवस्था पूर्व वर्षों की तुलना में कहीं अधिक सरल और पारदर्शी है। उनके 166 क्विंटल धान की खरीदी के लिए उन्होंने घर बैठे ही “किसान तुहंर टोकन” मोबाइल ऐप के जरिए टोकन प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन टोकन सुविधा से समिति कार्यालय में अनावश्यक भीड़ समाप्त हुई है और किसानों का मूल्यवान समय बच रहा है।टोकन तिथि पर धान उपार्जन केन्द्र पहुंचने पर उन्हें शीघ्रता से गेट पास उपलब्ध कराया गया। वहां धान की नमी का परीक्षण, बारदाना उपलब्धता और तौल प्रक्रिया बिना विलंब के संपन्न हुई। उन्होंने बताया कि नयी प्रणाली से धान विक्रय पूरी तरह सुचारु और व्यवस्थित हो गया है।श्री राजवाड़े ने उपार्जन केन्द्रों में उपलब्ध सुविधाओं की भी प्रशंसा की। किसानों के लिए पेयजल की समुचित व्यवस्था, छायादार बैठने की जगह और समिति कर्मचारियों का सहयोगी व्यवहार उन्हें संतोषजनक लगा।राज्य शासन द्वारा इस वर्ष धान का सर्वाधिक समर्थन मूल्य ₹3100 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। साथ ही प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान खरीदी की जा रही है। किसान के अनुसार इस निर्णय ने राज्य के कृषकों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बेहतर मूल्य मिलने से खेती को लाभदायक बनाया जा सका है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देता है।कृषक श्री राजवाड़े ने पारदर्शी और डिजिटल धान खरीदी प्रणाली के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि वर्तमान प्रबंधन से किसानों में सुरक्षा, सम्मान और भरोसे की भावना बढ़ी है।
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-अतुल्य दंतेवाड़ा बना पर्यटकों का नया स्वर्ग
रायपुर। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में बारसूर और मुचनार क्षेत्र तेजी से रोमांचक एडवेंचर, प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनते जा रहे हैं। ‘अतुल्य दंतेवाड़ा‘ अभियान के तहत विकसित ये स्थल पर्यटकों को जिपलाइन, नाइट कैंपिंग जैसे अनुभव प्रदान कर रहे हैं। सुरक्षित और सुगम सुविधाओं ने इन्हें बस्तर की सांस्कृतिक विरासत के साथ जोड़कर एक आदर्श पर्यटन गंतव्य बना दिया है।बारसूर-मुचनार में जिले की सबसे लंबी जिपलाइन पर्यटकों के बीच सबसे बड़ा आकर्षण बन चुकी है। ऊंचाई से जंगल और घाटियों के बीच सरकते हुए मिलने वाला यह रोमांच साहसिक पर्यटन को नई ऊंचाई दे रहा है। पर्यटक बताते हैं कि हवा की तेज रफ्तार और हरियाली का नजारा उन्हें अविस्मरणीय क्षण प्रदान करता है। इसके अलावा, नाइट कैंपिंग की सुविधा रात के जंगल को जीवंत बना रही है। तारों भरी आकाशमंडल के नीचे टेंट में ठहरना, जंगल की शीतल हवाओं और पक्षियों की चहचहाहट का आनंद लेना पर्यटकों को प्रकृति के करीब ला रहा है। प्रशासन ने सुरक्षा के पूर्ण इंतजाम किए हैं, जिसमें प्रशिक्षित गाइड और आपातकालीन सेवाएं शामिल हैं।बारसूर अपने 10वीं-11वीं शताब्दी के भव्य मंदिरों के लिए जाना जाता है, जहां नागर शैली के ये स्थापित धरोहरें इतिहास और आध्यात्मिकता का अनुपम संगम प्रस्तुत करती हैं। भगवान शिव, विष्णु और गणेश के ये मंदिर बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत करते हैं। धार्मिक पर्यटक यहां पूजा-अर्चना के साथ इतिहास से रूबरू हो रहे हैं। वहीं, सातधार नदी का कल-कल बहता जल और चारों ओर फैली हरियाली पर्यटकों का मन मोह रही है। नदी किनारे पिकनिक, फोटोग्राफी और ध्यान के लिए उपयुक्त यह स्थान शांति की तलाश में आने वालों के लिए वरदान साबित हो रहा है। हाल के दिनों में सैलानियों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है।दंतेवाड़ा जिला प्रशासन ‘अतुल्य दंतेवाड़ा‘ के तहत सड़क, पार्किंग, शौचालय और होमस्टे जैसी सुविधाओं का विस्तार कर रहा है। यह अभियान स्थानीय रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पुलिस और वन विभाग का सहयोग लिया जा रहा है। आने वाले समय में ट्रेकिंग और बोटिंग जैसी नई गतिविधियां जोड़ी जाएंगी। बारसूर-मुचनार न केवल रोमांच और शांति चाहने वालों के लिए बल्कि बस्तर की सांस्कृतिक यात्रा के इच्छुक पर्यटकों के लिए भी आदर्श बन रहा है। यह क्षेत्र छत्तीसगढ़ के पर्यटन को नई पहचान दे रहा है। - रेखा ठाकुर ने स्वरोजगार को बनाया नियमित आय का साधनरायपुर/ छत्तीसगढ़ महिला कोष द्वारा संचालित सक्षम योजना राज्य की आर्थिक रूप से कमजोर, विधवा एवं एकल महिलाओं के लिए संबल बनकर उभरी है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि वे सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सकें और अपने परिवार की जिम्मेदारियों को मजबूती से निभा सकें। इसी क्रम में मुंगेली जिले के पथरिया विकासखण्ड के ग्राम धरदेई निवासी श्रीमती रेखा ठाकुर को सक्षम योजना का लाभ दिया गया। सीमित आय और पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण उनका जीवन संघर्षों से भरा हुआ था। दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति करना भी उनके लिए कठिन हो गया था, जिससे वे मानसिक रूप से भी परेशान रहती थीं।सक्षम योजना के तहत प्राप्त आर्थिक सहायता ने उनके जीवन में नई उम्मीद जगाई। इस सहायता से उन्होंने सिलाई मशीन खरीदा और इससे स्वरोजगार की शुरुआत की, जिससे नियमित आय का साधन विकसित हुआ। धीरे-धीरे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होने लगा और परिवार की आवश्यकताओं की पूर्ति सहज होने लगी। योजना से मिली मदद ने केवल आर्थिक सशक्तिकरण ही नहीं किया, बल्कि उनमें आत्मविश्वास और आत्मसम्मान की भावना भी उत्पन्न की। आज वे अपने निर्णय स्वयं ले रही हैं और परिवार की जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक निभा रही हैं। गांव और समाज में उनकी पहचान एक आत्मनिर्भर और सशक्त महिला के रूप में बन गई है। छत्तीसगढ़ महिला कोष की सक्षम योजना वास्तव में महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक प्रभावशाली पहल है। यह योजना न केवल आर्थिक मजबूती प्रदान कर रही है, बल्कि महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर भी दे रही है।
- कोण्डागांव/ कलेक्टर श्रीमती नुपूर राशि पन्ना के निर्देशन एवं महिला एवं बाल विकास विभाग जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती रेनू प्रकाश के मार्गदर्शन में यूनिसेफ राज्य कार्यालय छत्तीसगढ़ के प्रशिक्षक द्वारा जिला कोण्डागांव किशोर न्याय बोर्ड में बाल संरक्षण प्रणालियों में मानसिक स्वास्थ्य एवं मनोसामाजिक देखभाल को शामिल करने हेतु दो दिवसीय पायलट प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।यह प्रशिक्षण 08 जनवरी 2026 से 09 जनवरी 2026 तक आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य सेवा प्रदाताओं, देखभालकर्ताओं एवं बाल संरक्षण अधिकारियों की क्षमता का मूल्यांकन करना, मदद करने के कौशल में सुधार लाना तथा हानिकारक व्यवहार को कम करना रहा। प्रशिक्षण के दौरान रोल प्ले एवं व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य बच्चों के साथ बेहतर तालमेल स्थापित करना, उन्हें खुलकर बात करने के लिए प्रेरित करना, सक्रिय एवं ध्यानपूर्वक सुनने की क्षमता विकसित करना, समानुभूति की समझ बढ़ाना, आत्महत्या के जोखिम का आकलन एवं प्रबंधन करना तथा बच्चों की ताकतों और कठिनाइयों से निपटने के तरीकों को पहचानने में सहायता करना रहा। इसके साथ ही मानसिक स्वास्थ्य, सकारात्मक सामाजिक मनोविज्ञान, सुरक्षा एवं संरक्षण को बच्चों के समग्र विकास की नींव के रूप में प्रस्तुत किया गया।इस प्रशिक्षण के माध्यम से बच्चों को सही समझ, मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान कर उन्हें आत्मविश्वासी, संवेदनशील एवं जिम्मेदार नागरिक बनाने पर विशेष जोर दिया गया।इस अवसर पर जिला महिला एवं बाल विकास विभाग कोण्डागांव के अंतर्गत जिला महिला सशक्तिकरण, मिशन वात्सल्य, किशोर न्याय बोर्ड, बाल कल्याण समिति तथा बाल देखरेख संस्थाओं के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
- कोंडागांव/ कोंडागांव में नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा निकाय की शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रत्येक बुधवार को विशेष वसूली अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में कोंडागांव के सीएमओ दिनेश डे ने राजस्व वसूली टीम के साथ 14 जनवरी को वसूली अभियान की कमान संभाली।इस दौरान सीएमओ दिनेश डे डोर-टू-डोर अभियान के तहत घरों में समेकित कर, संपत्ति कर एवं जल शुल्क की वसूली तथा दुकानों से किराया व प्रीमियम की वसूली के लिए निकले। उन्होंने बताया कि बड़े बकायादारों एवं दुकानदारों की सूची तैयार कर उसी के अनुरूप वसूली अभियान चलाया जा रहा है। जिन दुकानों का किराया और प्रीमियम बकाया है, उनके विरुद्ध दुकान निरस्तीकरण की कार्रवाई भी की जा रही है। सीएमओ ने नगरवासियों से अपील की कि वे समस्त करों का भुगतान परिषद कोष में समय पर जमा करें। साथ ही घरों एवं दुकानों से निकलने वाले कचरे को स्वच्छता दीदी को सौंपें और यूजर चार्ज का भुगतान भी सुनिश्चित करें। उन्होंने जानकारी दी कि कोंडागांव नगर की कुल डिमांड लगभग चार करोड़ रुपये है, जिसकी वसूली की जानी है। इसमें डोर टू डोर यूजर चार्ज एवं अन्य लेन-देन को भी शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त सभी मकान मालिकों एवं दुकानदारों को वित्तीय वर्ष 2025-26 का बिल भी वितरित कर दिया गया है।
- एमसीबी/प्राकृतिक आपदा में मृतकों के परिजनों को सहायता प्रदान करने की व्यवस्था की गई है। इसी क्रम में राजस्व पुस्तक परिपत्र 6(4) के परिशिष्ट-1 की कंडिका-6(क)(1) के अंतर्गत निवासी छरछा तहसील केल्हारी़ फुलकुवंर की पानी में डूबने से हुई मृत्यु के पश्चात उनके पति चीनीलाल को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार निवासी पाराडोल तहसील मनेन्द्रगढ़ में मंदीप सिंह की मृत्यु जहरीले सर्प के काटने के कारण हो गया था जिससे मृतक के पिता महेन्द्र सिंह को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। यह सहायता राशि पीड़ित परिवार को आपदा की कठिन घड़ी में संबल प्रदान करने हेतु शासन द्वारा प्रदत्त राहत उपायों के अंतर्गत दी गई है। स्वीकृत राशि का व्यय मांग संख्या-58 के मुख्य शीर्ष-2245 प्राकृतिक आपदा राहत के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में विकलनीय होगा।
- महासमुन्द/ राजस्व पटवारी संघ तहसील बसना के पत्रानुसार पटवारी श्री लालकृष्ण देवांगन द्वारा अवैध धान परिवहन की रोकथाम के दौरान गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार श्री देवांगन, तत्कालीन पटवारी हल्का नंबर 20 तहसील बसना द्वारा 21 दिसंबर 2025 की रात्रि में ग्राम उमरिया क्षेत्र में ओड़िशा के वाहन से 420 कट्टा धान का अवैध परिवहन कराया जाता हुआ पाया गया था। इस घटना का प्रकाशन दैनिक समाचार पत्रों में भी हुआ, जिससे शासन-प्रशासन की छवि धूमिल हुई।उक्त प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बसना द्वारा 8 जनवरी 2026 को संबंधित पटवारी को कारण बताओ सूचना जारी की गई थी। प्राप्त जवाब संतोषप्रद नहीं पाए जाने पर यह स्पष्ट हुआ कि श्री लालकृष्ण देवांगन द्वारा कर्तव्य निर्वहन में घोर लापरवाही बरती गई है। फलस्वरूप, उनके कदाचरण, अनुशासनहीनता एवं शासकीय कर्तव्यों के प्रति गंभीर लापरवाही को देखते हुए छत्तीसगढ़ भू-अभिलेख नियमावली भाग-एक में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए तथा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 09 के उपनियम (1)(क) के तहत अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बसना श्री हरीशंकर पैंकरा द्वारा श्री लालकृष्ण देवांगन, पटवारी (तत्कालीन प.ह.नं.-20, वर्तमान प.ह.नं.-42 तहसील बसना) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय बसना नियत किया गया है तथा नियमानुसार उन्हें जीवन-निर्वाह भत्ता देय होगा।
- -प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई, उद्योग का संचालन रोका गयारायपुर ।प्लांट से जहरीला पानी खेतों एवं नालों में बहाए जाने की शिकायत मिलने पर ग्राम भिलाई, तहसील आरंग स्थित औद्योगिक इकाई मेसर्स मोदी बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड का संयुक्त निरीक्षण किया गया। यह निरीक्षण छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल, रायपुर के क्षेत्रीय कार्यालय एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों द्वारा किया गया।निरीक्षण में यह पाया गया कि उद्योग द्वारा दूषित जल का निस्सारण किया जा रहा है तथा वायु प्रदूषण की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। उल्लेखनीय है कि पूर्व में भी उद्योग परिसर के बाहर दूषित जल का रिसाव पाए जाने पर दिनांक 14 नवंबर 2025 को जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 की धारा 33(क) के अंतर्गत नोटिस क्रमांक 5377 जारी किया गया था। बावजूद इसके उद्योग द्वारा अपेक्षित सुधारात्मक कार्यवाही नहीं की गई।निरीक्षण दिवस प्रदूषण मानकों के गंभीर उल्लंघन को दृष्टिगत रखते हुए उद्योग के विरुद्ध जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 की धारा 33(क) एवं वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 की धारा 31(क) के तहत सख्त कार्रवाई की गई। इसके अंतर्गत उद्योग का उत्पादन बंद कराते हुए विद्युत विभाग के माध्यम से विद्युत आपूर्ति विच्छेद की कार्यवाही की गई है।यह कार्रवाई पूर्णतः पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण के उद्देश्य से की गई है। संबंधित उद्योग को स्पष्ट रूप से सूचित किया गया है कि सभी पर्यावरणीय मानकों, वैधानिक प्रावधानों एवं सम्मति शर्तों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किए बिना संचालन की अनुमति प्रदान नहीं की जाएगी।क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा आसपास के क्षेत्रों की नियमित निगरानी की जा रही है। किसी भी उद्योग द्वारा प्रदूषक उत्सर्जन अथवा दूषित जल का निस्सारण पाए जाने पर जल एवं वायु प्रदूषण नियंत्रण अधिनियमों के तहत कठोर कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। इस अवसर पर उद्योग की ओर से प्रतिनिधि श्री रजनीश प्रताप सिंह (प्रोडक्शन एंड) उपस्थित रहे। file photo
- रायपुर। सचिव सह आबकारी आयुक्त सुश्री आर. शंगीता के मार्गदर्शन व कलेक्टर रायपुर डॉ गौरव सिंह के निर्देशानुसार, प्रभारी उपायुक्त आबकारी रायपुर श्री राजेश शर्मा के नेतृत्व में आबकारी विभाग द्वारा अवैध मदिरा के विरुद्ध सघन कार्रवाई की गई।प्राप्त सूचना के आधार पर आबकारी टीम ने वार्ड क्रमांक 15, सुभाष वार्ड नेवरा, थाना तिल्दा क्षेत्र अंतर्गत निवासी आरोपी सूरज कुमार चौहान, पिता तिलकराम चौहान के रिहायशी मकान पर दबिश दी। तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से अवैध रूप से धारित कुल 8.10 बल्क लीटर देशी एवं विदेशी मदिरा बरामद की गई।जब्त मदिरा में 35 पाव देशी मदिरा मसाला ‘शोले’ तथा 10 पाव विदेशी मदिरा ‘जम्मू स्पेशल व्हिस्की’ शामिल है। आरोपी के विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) एवं 59(क) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर उसे गिरफ्तार किया गया।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल, रायपुर द्वारा आयोजित मार्च–अप्रैल 2026 की हायर सेकण्डरी एवं हाईस्कूल परीक्षाओं की समय-सारणी जारी कर दी गई है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार हायर सेकण्डरी की परीक्षाएं 16 मार्च 2026 से प्रारंभ होकर 8 अप्रैल 2026 तक आयोजित की जाएंगी, जबकि हाईस्कूल की परीक्षाएं 17 मार्च 2026 से प्रारंभ होकर 7 अप्रैल 2026 तक संपन्न होंगी।छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल द्वारा परीक्षा की समस्त तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। परीक्षार्थी अपनी परीक्षा से संबंधित विस्तृत समय-सारणी एवं अन्य जानकारी के लिए अपने समीपस्थ अध्ययन केंद्र से संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त परीक्षा की समय-सारणी छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल की आधिकारिक वेबसाइट www.sos.cg.nic.in पर भी उपलब्ध है, जिसे छात्र-छात्राएं डाउनलोड कर सकते हैं।
- रायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार, जिला प्रशासन रायपुर द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए चलाई जा रही योजना "प्रोजेक्ट धड़कन" के अंतर्गत ज़िले भर में विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस अभिनव पहल का उद्देश्य है - बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की समय रहते पहचान कर उन्हें बेहतर और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना।कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन तथा श्री सत्य साई हॉस्पिटल के सहयोग से आज टीम बी धरसीवां द्वारा अकोली के प्राथमिक व मिडिल स्कूल में 126 बच्चों का स्क्रीनिंग किया गया। अर्बन टीम डी द्वारा गोगांव के आंगन बाड़ी केंद्र में 131 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई। अभनपुर टीम बी द्वारा सिवनी स्कूल में 176 बच्चों का स्क्रीनिंग किया गया । अर्बन टीम 2 द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र बोरियाखुर्द में 175 बच्चों की स्क्रीनिंग किया गया जिसमें कोई भी सस्पेक्टेड नहीं मिला। आरंग टीम बी द्वारा आंगन बाड़ी केंद्र अकोली खुर्द में 155 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई। अर्बन टीम ए द्वारा आत्मानंद निवेदिता हाइर सेकेंडरी स्कूल में 205 बच्चों की स्क्रीनिंग किया गया।
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-कलेक्टर डॉ सिंह के निर्देशानुसार नगर निगम द्वारा की जा रही कार्रवाई
रायपुर । कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह के सख्त निर्देशों के तहत नगर पालिक निगम द्वारा जनहित में लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में नगर पालिक निगम रायपुर के जोन क्रमांक-6 द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय कार्यालय के साथ मिलकर आज औचक निरीक्षण किया गया।निरीक्षण के दौरान संतोषी नगर स्थित राज ट्रेडर्स और भाठागांव चौक के पास स्थित दो पतंग दुकानों की जांच की गई। जांच में दोनों दुकानों से लगभग 8 बंडल प्रतिबंधित चाइनीज मांझा पाया गया जिसे तत्काल जप्त कर लिया गया।कलेक्टर डॉ सिंह के निर्देशानुसार जनजीवन, पशु-पक्षियों एवं पर्यावरण की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जा रही है। संबंधित दुकानदारों को भविष्य में चाइनीज मांझा का विक्रय या भंडारण न करने की सख्त चेतावनी दी गई है। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - -सार्वजनिक मार्गों से अतिक्रमण हटाने टीम प्रहरी सक्रिय, टीम की लगातार कार्रवाईरायपुर ।रायपुर जिला कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह एवं नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देशानुसार नगर पालिक निगम रायपुर द्वारा जनहित एवं जन सुविधा की दृष्टि से संचालित टीम प्रहरी अभियान के अंतर्गत अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई।अभियान के तहत नगर निगम जोन क्रमांक-9 के महर्षि वाल्मीकि वार्ड क्रमांक-32 अंतर्गत अवंति विहार मुख्य मार्ग, गौरव पथ एवं विजय नगर चौक क्षेत्र में सड़क किनारे लगाए गए अवैध ठेलों एवं गुमटियों को हटाया गया। यह कार्रवाई जोन-9 जोन कमिश्नर श्री अंशुल शर्मा के नेतृत्व में कार्यपालन अभियंता श्री शरद ध्रुव, सहायक अभियंता श्री सैयद जोहेब, उप अभियंता श्री रवि प्रभात साहू सहित नगर निगम मुख्यालय के नगर निवेश उड़न दस्ता एवं जोन-9 नगर निवेश विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की गई।नगर पालिक निगम रायपुर द्वारा राजधानी शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने, आमजनों को मुख्य मार्गों पर सुरक्षित एवं सुगम आवागमन उपलब्ध कराने तथा सार्वजनिक मार्गों को अतिक्रमण मुक्त रखने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई। उल्लेखनीय है कि संबंधित दुकानदारों को पूर्व में अतिक्रमण न करने की चेतावनी दी गई थी, इसके बावजूद नियमों के उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कठोर कदम उठाए गए।नगर निगम ने पुनः निगम क्षेत्र के सभी दुकानदारों से अपील की है कि वे सार्वजनिक स्थलों पर अतिक्रमण न करें तथा आम नागरिकों की सुविधा के लिए यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाए रखने में सहयोग करें। टीम प्रहरी अभियान के अंतर्गत अतिक्रमण रोधी कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।
- -मोहन तिवारी - अध्यक्ष, गौरव शर्मा- महासचिव , दिनेश कुमार यदु- कोषाध्यक्ष निर्वाचितरायपुर । रायपुर प्रेस क्लब के लिए संपन्न हुए मतदान के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। चुनाव शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी ढंग से सम्पन्न हुआ, जिसमें पत्रकारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।घोषित परिणामों के अनुसार अध्यक्ष पद पर श्री मोहन तिवारी, कोषाध्यक्ष पद पर श्री दिनेश कुमार यदु, उपाध्यक्ष पद पर श्री दिलीप कुमार साहू और महासचिव पद पर श्री गौरव शर्मा निर्वाचित घोषित किए गए।संयुक्त सचिव पद पर सुश्री निवेदिता साहू और श्री भूपेश जांगड़े ने जीत हासिल की। निर्वाचन अधिकारी श्री नवीन कुमार ठाकुर ने परिणाम की घोषणा की। इस दौरान सहायक निर्वाचन अधिकारी श्री राकेश कुमार देवांगन , अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री नंदकुमार चौबे उपस्थित रहे। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाइयाँ दी गईं।
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- जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के साथ निराकरण करने के दिए निर्देश
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में जिले के विभिन्न स्थानों से आए जनसामान्य की शिकायत एवं समस्याओं को संवेदनशीलतापूर्वक सुनी। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्राप्त सभी आवेदनों को प्राथमिकता के साथ शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नागरिकों की समस्याओं का निराकरण करते हुए उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करने कहा। आवेदनों का अवलोकन कर नियमानुसार पात्र हितग्राहियों को शासकीय योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए निर्देश दिए। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि जनमानस उम्मीद लेकर जनदर्शन में आते है। उनकी समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए समाधान करें। जनदर्शन में प्रधानमंत्री आवास योजना से लाभान्वित करने, आधार कार्ड बनवाने, सीमांकन, अतिक्रमण हटाने, पट्टा, भू-अर्जन सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं से लाभ दिलाने जैसे आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर ने जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के साथ निराकरण के लिए निर्देश दिए। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। -
- यौन उत्पीडऩ निवारण अधिनियम 2013 के तहत सभी शासकीय एवं निजी संस्थाओं में आंतरिक शिकायत समिति गठन करना होगा अनिवार्य
- आंतरिक शिकायत समिति गठन नहीं किए जाने पर 50 हजार रूपए का लगेगा जुर्माना
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव की अध्यक्षता में आज जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीडऩ निवारण अधिनियम 2013 के तहत जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने सभी विभागों को अपने-अपने विभाग के अधीन सभी कार्यालयों में एवं शासकीय विभागों से पंजीकृत निजी संस्थानों, निजी उद्योगों, दुकानों, अस्पताल एवं स्कूलों सहित सभी संस्थाओं में आंतरिक शिकायत समिति के गठन करने और सी-बॉक्स पोर्टल में जानकारी अनिवार्य रूप से अपलोड करने के निर्देश दिए।
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्रीमती गुरूप्रीत कौर ने कार्यशाला में बताया कि यौन उत्पीडऩ निवारण अधिनियम 2013 के तहत प्रत्येक शासकीय कार्यालय, हॉस्पिटल, स्कूल, हॉस्टल, कंपनी, दुकान, उद्योग सहित सभी शासकीय एवं निजी कार्यालयों जहां कर्मचारियों की संख्या 10 या 10 से अधिक है, उन्हें अनिवार्य रूप से अपने कार्यालय में आंतरिक शिकायत समिति का गठन करना अनिवार्य है। आंतरिक शिकायत समिति गठन नहीं किए जाने की स्थिति में संबंधित को 50 हजार रूपए का जुर्माना लगाया जा सकता है। भारत सरकार द्वारा ऑनलाइन शी-बॉक्स पोर्टल बनाया गया है, जिसमें सभी कार्यालय की आंतरिक शिकायत समिति की जानकारी अपलोड किया जाना अनिवार्य होगा। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।













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