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- 0- कृषि विश्वविद्यालय के अध्यापकों और विद्यार्थियों ने सीखे साइबर अपराध तथा साइबर ठगी से बचाव के तरीके0- छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा कृषि विश्वविद्यालय में साइबर जागृति अभियान के तहत कार्यशाला आयोजितरायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में आज यहां छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा साइबर क्राइम के संबंध में जन जागरूकता उत्पन्न करने हेतु संचालित “साइबर जागृति अभियान” के अंतर्गत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ शासन में कृषि विकास, किसान कल्याण तथा आदिम जाति मंत्री श्री रामविचार नेताम इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ. गिरीश चंदेल कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे तथा पुलिस कमिश्नर रायपुर डाॅ. संजीव शुक्ला ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। कार्यशाला के दौरान छत्तीसगढ़ पुलिस के अधिकारियों द्वारा कृषि विश्वविद्यालय के प्रध्यापकों एवं विद्यार्थियों को साइबर क्राइम के विभिन्न पहलुओं, साइबर ठगी के विविध रूपों तथा इनसे सुरक्षा हेतु अपनाए जाने वाले एहतियातों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा राज्य में साइबर क्राइम के बढ़ते मामलों की रोकथाम एवं प्रभावी नियंत्रण हेतु 15 अगस्त से 02 अक्टूबर 2026 तक “साइबर जागृति अभियान” संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत स्कूल काॅलेजों के विद्यार्थियों, बैंक खाता धारकों, आम नागरिकों, वरिष्ठ नागरिकों आदि को साइबर अपराध तथा उससे बचाव हेतु जागरूक किया जा रहा है।कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्री रामविचार नेताम ने कहा कि पूरे देश में साइबर अपराध एवं साइबर ठगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा प्रदेश के नागरिकों को साइबर अपराध में प्रति सचेत करने के लिए “साइबर जागृति अभियान” चलाया जा रहा है। उन्होंने इसके लिए छत्तीसगढ पुलिस की तारीफ की तथा अभियान की सफलता हेतु शुभकामनाएं दीं। श्री नेताम ने कहा कि डिजिटल युग में सुरक्षित रहने के लिए जागरूकता एवं सतर्कता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रदेश के नागरिकों से साइबर अपराध, साइबर ठगी तथा इससे बचाव हेतु जागरूक एवं सतर्क रहने का आव्हान किया। पुलिस कमिश्नर रायपुर डाॅ. संजीव शुक्ला ने इस अवसर पर कहा कि देश में साइबर अपराध एवं ठगी के मामलों में पिछले चार सालों में 12 गुना वृद्धि हुई है जबकि इसी दौरान ठगी की राशि में 40 गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आंकड़ों के अनुसार आज देश में प्रतिदिन 61 करोड़ रूपये की साइबर ठगी की जा रही है। उन्होंने कहा कि साइबर ठग, ठगी के नित नए तरीके ईजाद कर रहे हैं इसलिए लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा इसी बात को ध्यान में रखते हुए छः सप्ताह का साइबर जागृति अभियान संचालितकार्यशाला के दौरान रायपुर पुलिस के अधिकारियों द्वारा साइबर अपराध, साइबर ठगी तथा इससे बचाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में बढ़ते साइबर अपराधों की रोकथाम तथा आम नागरिकों को डिजिटल माध्यमों के सुरक्षित उपयोग के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से “साइबर जागृति अभियान” संचालित किया जा रहा है। अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक साइबर सुरक्षा संबंधी आवश्यक जानकारी पहुंचाना तथा नागरिकों को साइबर ठगी और ऑनलाइन अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करना है। वर्तमान डिजिटल युग में ऑनलाइन बैंकिंग, सोशल मीडिया, डिजिटल भुगतान एवं अन्य इंटरनेट आधारित सेवाओं के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराधों के मामले भी सामने आ रहे हैं। साइबर अपराधी फर्जी कॉल, फिशिंग लिंक, ओटीपी फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी नौकरी एवं निवेश योजनाओं तथा सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को ठगी का शिकार बनाने का प्रयास करते हैं। “साइबर जागृति अभियान” के तहत नागरिकों को ऐसे अपराधों की पहचान करने एवं उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी जा रही है। अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, कर्मचारियों एवं ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों सहित समाज के विभिन्न वर्गों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है।छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी, बैंक खाता विवरण, एटीएम कार्ड नंबर, पासवर्ड अथवा अन्य व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें तथा अनजान कॉल या संदेशों के माध्यम से प्राप्त प्रलोभनों एवं धमकियों पर विश्वास न करें। साइबर अपराध या ऑनलाइन ठगी की स्थिति में नागरिकों से तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने तथा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई है। साइबर जागृति अभियान का उद्देश्य केवल साइबर अपराधों की जानकारी देना नहीं, बल्कि नागरिकों में सुरक्षित डिजिटल व्यवहार की आदत विकसित करना भी है। जागरूकता और सतर्कता के माध्यम से ही साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है। कार्यशाला में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलसचिव डाॅ. कपिल देव दीपक एवं कृषि महाविद्यालय रायपुर के अधिष्ठाता सहित विभिन्न संचालकगण, प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
- 0- आई.आई.टी, एन.आई.टी, आई.आई.आई.टी. और सीजी काॅस्ट भी होंगे आयोजन में सहयोगी0- छत्तीसगढ़ के एक हजार युवा कान्क्लेव में शामिल होंगेरायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर द्वारा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर, भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान नवा रायपुर, छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, छत्तीसगढ़ बायोटेक प्रमोशन सोसायटी तथा राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 29 एवं 30 सितंबर 2026 को “छत्तीसगढ़ यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव 2026” का आयोजन कृषक सभागार इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में किया जाएगा। राज्य में उद्यमिता एवं स्टार्ट अप्स को बढ़ावा देने वाले इस यूथ कॉन्क्लेव में प्रदेश भर से लगभग एक हजार नवोन्मेषी युवा उद्यमियों के शामिल होने की उम्मीद है.यह कॉन्क्लेव राज्य में नवाचार अनुसंधान, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, स्टार्टअप एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय पहल के रूप में प्रस्तावित है। कॉन्क्लेव के माध्यम से प्रदेश के युवाओं, विद्यार्थियों, शोधार्थियों, नवाचारकर्ताओं, स्टार्टअप्स, उद्यमियों, निवेशकों, उद्योग प्रतिनिधियों, इनक्यूबेटर्स, शिक्षाविदों तथा विभिन्न शासकीय विभागों के अधिकारियों को एक साझा मंच उपलब्ध कराया जाएगा। इस मंच के माध्यम से नवीन विचारों, अनुसंधान एवं तकनीकी नवाचारों को व्यावसायिक अवसरों एवं सफल उद्यमों में परिवर्तित करने के साथ-साथ राज्य में एक सुदृढ एवं आत्मनिर्भर स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करने में सहायता प्राप्त होगी। कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश के प्रथम एवं एकमात्र बायोटेक्नोलॉजी सेक्टर-केंद्रित श्सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटरश् के उद्घाटन का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है। यह केंद्र प्रदेश में बायोटेक्नोलॉजी आधारित अनुसंधान, नवाचार, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, स्टार्टअप विकास एवं उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए एक महत्वपूर्ण संस्थागत आधार के रूप में कार्य करेगा। इसके माध्यम से शोधार्थियों एवं नवाचारकर्ताओं को प्रोटोटाइप विकास, तकनीकी मार्गदर्शन, इनक्यूबेशन, मेटरशिप तथा उद्योग एवं निवेशकों से जुड़ने के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जाएगा।छत्तीसगढ़ में लागू नवाचार एवं स्टार्टअप सवर्धन नीति 2025-30 के प्रभावी क्रियान्वयन को गति प्रदान करना इस कॉन्क्लेव का प्रमुख उद्देश्य है। इसके माध्यम से युवाओं में नवाचार एवं उद्यमिता की भावना को प्रोत्साहित करने, स्थानीय आवश्यकताओं एवं समस्याओं के तकनीकी एवं व्यावसायिक समाधान विकसित करने तथा राज्य के स्टार्टअप्स एवं नवाचारों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए आवश्यक मंच एवं अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। कॉन्क्लेव में विशेष रूप से कृषि एवं एग्री टेक. खाद्य प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन, जैव प्रौद्योगिकी, ग्रामीण उद्यमिता, डिजिटल प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सीप-टेक, नवीकरणीय ऊर्जा, पर्यावरण एवं जलवायु स्मार्ट तकनीक, फिनटेक तथा अन्य उभरते क्षेत्रों में नवाचार एवं उद्यमिता को प्रोत्साहित किया जाएगा। उक्त कार्यक्रम में कुल चार तकनीकी सत्रो का आयोजन प्रस्तावित है। कार्यक्रम के दौरान तकनीकी सत्र, विशेषज्ञों का व्याख्यान, स्टार्टअप प्रदर्शनी, स्टार्टअप पिचिंग, निवेशकध्स्टार्टअप संवाद, नीति संवाद, मेंटरशिप एवं इनक्यूबेशन सत्र तथा उत्कृष्ट नवाचारों एवं स्टार्टअप्स को सम्मान प्रदान किया जाना प्रस्तावित है।इस कॉन्क्लेव में लगभग 1000 प्रतिभागियों की सहभागिता अपेक्षित है, जिनमें युवा, उच्च शिक्षा के विद्यार्थी, शोधार्थी, स्टार्टअप संस्थापक, नवाचारकर्ता, उद्यमी, निवेशक, उद्योग प्रतिनिधि, इनक्यूबेटर, मेंटर, शिक्षाविद् तथा विभिन्न शासकीय विभागों के अधिकारी सम्मिलित होंगे। इस आयोजन से प्रदेश के युवाओं को अपने नवीन विचारों एवं तकनीकी समाधानों को विशेषज्ञों, उद्योगों एवं संभावित निवेशकों के समक्ष प्रस्तुत करने का अवसर एवं लाभ प्राप्त होगा।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा शहर की सुंदरता एवं स्वच्छता बनाए रखने तथा सार्वजनिक स्थलों पर अनाधिकृत रूप से लगाए गए बैनर-पोस्टर को हटाने की कार्रवाई लगातार की जा रही है। इसी क्रम में दिनांक 04 सितम्बर 2026 से 05 सितम्बर 2026 तक निगम के सभी जोनों में अभियान चलाकर कुल 1009 बैनर-पोस्टर हटाए गए।जोनवार कार्रवाई, हटाए गए बैनर-पोस्टर जोन-1 से 117, जोन-2 से 310, जोन-3 से 165, जोन-4 363, जोन-5 से 54 इस तरह कुल 1009 हटाए गए। नगर निगम द्वारा सार्वजनिक स्थानों, विद्युत पोल, डिवाइडर एवं अन्य स्थानों पर बिना अनुमति लगाए गए बैनर-पोस्टर हटाने की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। निगम ने नागरिकों एवं विभिन्न संस्थाओं से अपील की है कि शहर की स्वच्छता एवं सुंदरता को बनाए रखने में सहयोग करें तथा सार्वजनिक स्थानों पर बिना अनुमति प्रचार सामग्री न लगाएं।
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-कार्यकर्ताओं को भी मिली सुविधाएं
वीबी-जी राम जी एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अभिसरण से झोझया पारा धनगवां में 11.69 लाख रुपये की लागत से बन रहा नया आंगनबाड़ी भवन
रायपुर/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ बच्चों और माताओं के लिए बेहतर सेवाएं सुनिश्चित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में विकसित भारत रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) वीबी-जी राम जी तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के अभिसरण से सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सपना के झोझया पारा धनगवां में 11.69 लाख रुपये की लागत से नया आंगनबाड़ी भवन निर्मित किया जा रहा है।
इस भवन के निर्माण में 3.69 लाख रुपये महिला एवं बाल विकास विभाग के अभिसरण से तथा 8 लाख रुपये वीबी-जी राम जी के माध्यम से उपलब्ध कराए गए हैं। नए भवन से आंगनबाड़ी केंद्र में आने वाले बच्चों, गर्भवती एवं शिशुवती माताओं के साथ-साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका को भी बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं।
*किराये के भवन से नए भवन तक, बदली आंगनबाड़ी की तस्वीर*
पहले आंगनबाड़ी केंद्र किराये के भवन में संचालित होता था। सीमित स्थान के कारण बच्चों के लिए सीखने, खेलने और अन्य गतिविधियों के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं थी। एक ही कमरे में भोजन तैयार करने और बच्चों को पढ़ाने का कार्य होने से कार्यकर्ताओं को भी व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
अब चार कमरों वाले नए भवन के निर्माण से केंद्र की व्यवस्थाएं अधिक सुव्यवस्थित हो गई हैं। बच्चों के लिए पर्याप्त स्थान, आवश्यक मूलभूत सुविधाएं और आकर्षक दीवार चित्रों से सीखने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हुआ है। इससे बच्चे उत्साह के साथ आंगनबाड़ी केंद्र पहुंच रहे हैं और खेल-खेल में सीखने की गतिविधियों में भाग ले रहे हैं।
*पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं का भी मिल रहा लाभ*
आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से बच्चों को गरम भोजन एवं रेडी-टू-ईट उपलब्ध कराया जा रहा है। गर्भवती एवं शिशुवती माताओं को निर्धारित पोषण सामग्री प्रदान करने के साथ स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी आवश्यक जानकारी भी दी जा रही है। बच्चों और गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
*सुविधाजनक कार्यस्थल से कार्यकर्ताओं को मिली राहत*
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती उर्मिला ने बताया कि पहले किराये के भवन में केवल एक कमरा होने के कारण भोजन बनाने, बच्चों को पढ़ाने और अन्य गतिविधियों को संचालित करने में परेशानी होती थी। नए भवन में पर्याप्त स्थान, अलग-अलग कमरे और शौचालय सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होने से कार्य करना अब काफी आसान हो गया है। उन्होंने कहा कि नया भवन बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और बेहतर वातावरण प्रदान कर रहा है। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्र की गतिविधियां भी पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित ढंग से संचालित हो रही हैं।
श्रीमती उर्मिला ने नए भवन के निर्माण और आंगनबाड़ी केंद्रों को बेहतर सुविधाओं से जोड़ने की पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु भैया के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं और विभागीय अभिसरण से आंगनबाड़ी केंद्रों का कायाकल्प हो रहा है, जिसका सीधा लाभ बच्चों, माताओं और कार्यकर्ताओं को मिल रहा है। -
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से मिला आर्थिक सहारा
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से मिली 5,000 रुपये की सहायता, पौष्टिक आहार और बच्चे के भरण-पोषण में बनी मददगार
रायपुर/मातृत्व के दौरान महिलाओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य, पोषण एवं बेहतर देखभाल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा बन रही है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को निर्धारित शर्तों की पूर्ति पर आर्थिक सहायता दी जाती है, जिससे गर्भावस्था और प्रसव के बाद मां एवं बच्चे की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलती है। सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत मेंड्राकला निवासी श्रीमती बिंदु मानिकपुरी के लिए भी यह योजना मातृत्व काल में आर्थिक संबल का माध्यम बनी। उनके पति श्री गुलशन कुमार मानिकपुरी कृषि कार्य करते हैं। परिवार की सीमित आर्थिक स्थिति के बीच गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक आहार और अन्य आवश्यक खर्चों को पूरा करना चुनौतीपूर्ण था। ऐसे समय में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से मिली सहायता ने परिवार को राहत प्रदान की।
*5,000 रुपये की सहायता ने आसान की मातृत्व की राह*
बिंदु बताती हैं कि पहली बार गर्भवती होने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने उन्हें प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की जानकारी दी। कार्यकर्ता के मार्गदर्शन से उन्होंने योजना का लाभ प्राप्त किया और उन्हें कुल 5,000 रुपये की आर्थिक सहायता मिली।
उन्हें पहली किश्त के रूप में 3,000 रुपये प्राप्त हुए। इसके बाद प्रसव के पश्चात बच्चे का आवश्यक टीकाकरण पूर्ण होने पर 2,000 रुपये की दूसरी किश्त मिली। आर्थिक रूप से सीमित परिवार के लिए मातृत्व के इस महत्वपूर्ण दौर में मिली यह सहायता काफी उपयोगी साबित हुई।
*पौष्टिक आहार और बच्चे के भरण-पोषण में मिली मदद*
बिंदु ने बताया कि योजना से प्राप्त राशि का उपयोग उन्होंने अपने और अपने बच्चे के खान-पान, पौष्टिक आहार तथा भरण-पोषण से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में किया। उनका कहना है कि गर्भावस्था और प्रसव के बाद मां और बच्चे के स्वास्थ्य के लिए पर्याप्त पोषण बेहद आवश्यक होता है, लेकिन आर्थिक परिस्थितियों के कारण कई बार इन जरूरतों को पूरा करना कठिन हो जाता है।
ऐसे समय में सरकार से मिली आर्थिक सहायता ने उन्हें राहत दी और अपने स्वास्थ्य तथा बच्चे के पोषण पर अधिक ध्यान देने में मदद की। इससे परिवार पर पड़ने वाला अतिरिक्त आर्थिक दबाव भी कुछ कम हुआ।
*योजना ने बढ़ाया आत्मविश्वास, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बनीं मददगार*
बिंदु का कहना है कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना केवल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि मातृत्व के दौरान महिलाओं को सहयोग और सुरक्षा का एहसास भी कराती है। विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं के लिए समय पर मिलने वाली सहायता काफी महत्वपूर्ण होती है।
उन्होंने योजना की जानकारी देने और लाभ दिलाने में सहयोग के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के प्रति भी आभार व्यक्त किया। उनके अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से महिलाओं तक शासन की योजनाओं की जानकारी पहुंच रही है, जिससे पात्र हितग्राही समय पर योजनाओं का लाभ उठा पा रही हैं।
*विष्णु भैया के प्रति जताया आभार*
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से मिली आर्थिक सहायता के लिए श्रीमती बिंदु मानिकपुरी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं के लिए मातृत्व के दौरान मिलने वाली सहायता बेहद उपयोगी है।
बिंदु ने कहा, “इस योजना से हम महिलाओं को सशक्त किया गया है। मुझे गर्भावस्था और प्रसव के बाद जो आर्थिक सहायता मिली, उससे मेरे और मेरे बच्चे के भरण-पोषण तथा पौष्टिक आहार में मदद मिली। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री विष्णु देव भैया को बहुत-बहुत धन्यवाद देती हूं।”
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से पात्र महिलाओं को मातृत्व के दौरान आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर उनके स्वास्थ्य, पोषण और शिशु देखभाल में सहयोग दिया जा रहा है। बिंदु मानिकपुरी की कहानी इस बात की मिसाल है कि समय पर मिला आर्थिक संबल मातृत्व के कठिन दौर को सहज बनाने के साथ मां और बच्चे के बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। -
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप मेटागुड़ा में लगी चौपाल, ग्रामीणों की समस्याओं पर मौके पर हुई त्वरित कार्रवाई
जमीन पर बैठकर कलेक्टर श्री अमित कुमार ने सुनी ग्रामीणों की बात, आंगनबाड़ी और प्राथमिक शाला भवन को मिली तत्काल स्वीकृति
रायपुर/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि प्रशासन और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित हो तथा ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान उनके गांव में ही सुनिश्चित किया जाए। इसी मंशा के अनुरूप सुकमा जिले में प्रशासनिक अधिकारियों ने संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए मेटागुड़ा गांव पहुंचकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया।
मेटागुड़ा गांव के ग्रामीण दो दिन पहले स्कूल, आंगनबाड़ी भवन सहित विभिन्न मांगों को लेकर ट्रैक्टर से जिला मुख्यालय सुकमा पहुंचे थे। ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने के बाद कलेक्टर श्री अमित कुमार, जिला पंचायत सीईओ श्री मुकुंद ठाकुर सहित प्रशासनिक अमला शुक्रवार को किस्ताराम से करीब 20 किलोमीटर दूर पालाचलमा पंचायत के मेटागुड़ा गांव पहुंचा। कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ ने बाइक से गांव पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याएं जानीं और मौके पर ही उनके समाधान की दिशा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की।
*पेड़ की छांव में लगी चौपाल, जमीन पर बैठकर सुनी ग्रामीणों की बात*
गांव पहुंचने पर कलेक्टर श्री अमित कुमार एवं अधिकारियों ने पेड़ के नीचे ग्रामीणों के साथ चौपाल लगाई। कलेक्टर ने जमीन पर बैठकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और एक-एक कर उनकी मांगों की जानकारी ली। इस दौरान मेटागुड़ा में आंगनबाड़ी भवन तथा आमापेंटा में प्राथमिक शाला भवन के निर्माण के लिए तत्काल स्वीकृति आदेश जारी किए गए।
ग्रामीणों ने गांव में बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और अपनी अपेक्षाओं से प्रशासन को अवगत कराया। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को मांगों पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
*सिंचाई और रोजगार के अवसरों को मिलेगा बढ़ावा*
ग्रामीणों की सिंचाई सुविधा से जुड़ी मांगों को भी प्राथमिकता दी गई है। गांव में नहर विकास कार्य के साथ वीबी-जी रामजी के अंतर्गत तालाब निर्माण की स्वीकृति दी गई है। इन कार्यों से एक ओर जहां सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा, वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे।
*दो माह में बिजली पहुंचाने का आश्वासन, सड़क के लिए डीपीआर तैयार*
मेटागुड़ा में बिजली सुविधा उपलब्ध कराने के संबंध में अधिकारियों ने लगभग दो माह की अवधि में विद्युत सुविधा पहुंचाने का आश्वासन ग्रामीणों को दिया। वहीं सड़क निर्माण की मांग पर डीपीआर तैयार कर राज्य सरकार को भेजा जा चुका है। इससे गांव को बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराने की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ी है।
*सोमवार को गांव में लगेगा शिविर, ग्रामीणों को मिलेंगी शासकीय सेवाएं*
ग्रामीणों को शासकीय योजनाओं और आवश्यक दस्तावेजों से जोड़ने के लिए सोमवार को मेटागुड़ा में विशेष शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर में वोटर आईडी, आधार कार्ड, राशन कार्ड, श्रम कार्ड और आयुष्मान कार्ड से संबंधित कार्य किए जाएंगे। इससे ग्रामीणों को जरूरी दस्तावेज बनवाने और शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा मिलेगी।
मेटागुड़ा में प्रशासनिक अमले के सीधे पहुंचने और ग्रामीणों के साथ संवाद करने से स्थानीय समस्याओं को मौके पर समझने तथा उनके समाधान की प्रक्रिया को गति मिली है। ग्रामीणों ने प्रशासन की इस पहल पर संतोष व्यक्त करते हुए गांव तक पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनने और तत्काल कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन का आभार जताया। -
रायपुर कोड़ातराई में 1.21 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा पीएम श्री स्कूल भवन, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने किया भूमिपूजन
रायपुर/कोड़ातराई में 1.21 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा पीएम श्री स्कूल भवन, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने किया भूमिपूजन कोड़ातराई में 1.21 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा पीएम श्री स्कूल भवन, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने किया भूमिपूजनरायपुर कोड़ातराई में 1.21 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा पीएम श्री स्कूल भवन, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने किया भूमिपूजन
शिक्षक दिवस के अवसर पर वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी ने रायगढ़ जिले के पुसौर विकासखंड अंतर्गत कोड़ातराई में पीएम श्री स्कूल भवन निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। करीब 1.21 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस स्कूल भवन में विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण के साथ आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। भवन निर्माण पूर्ण होने से क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा के लिए बेहतर अधोसंरचना प्राप्त होगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि शिक्षा समाज और राष्ट्र के विकास की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि वर्तमान तकनीकी दौर में विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार करना जरूरी है। शिक्षक बच्चों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखें, बल्कि उनमें नई सोच, जिज्ञासा, सवाल पूछने और नवाचार की भावना विकसित करें।
उन्होंने कहा कि बच्चों में इनोवेशन और स्टार्टअप की सोच विकसित करना समय की आवश्यकता है। विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। शिक्षक समाज में ज्ञान और जागरूकता के विस्तार की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने शिक्षक दिवस के अवसर पर सभी शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए उनसे बच्चों में सीखने और कुछ नया करने की प्रवृत्ति को प्रोत्साहित करने का आग्रह किया।
*सकरबोगा में ग्रामीणों से सीधा संवाद, सुनीं समस्याएं*
वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने शनिवार सुबह रायगढ़ जिले के सकरबोगा गांव पहुंचकर ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं और स्थानीय जरूरतें सुनीं। उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद करते हुए क्षेत्र की प्राथमिक आवश्यकताओं की जानकारी ली और विकास कार्यों को स्थानीय जरूरतों के अनुरूप आगे बढ़ाने की बात कही।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, पेयजल, सिंचाई, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। गांवों के विकास की योजनाएं स्थानीय लोगों की आवश्यकताओं और सुझावों को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही हैं, ताकि विकास का लाभ सीधे ग्रामीणों तक पहुंचे।
इस अवसर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष पुसौर श्रीमती हेमलता हरिशंकर चौहान, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती भाग्यवती डोलनारायण नायक, जनपद पंचायत सदस्य श्री गोपी चौधरी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। -
भगवान श्रीकृष्ण से प्रदेशवासियों के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना
रायपुर/ श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा ने कवर्धा स्थित श्री राधा-कृष्ण बड़े मंदिर पहुंचकर भगवान श्री राधा-कृष्ण के दर्शन किए। उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर भगवान श्री राधा-कृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त किया तथा प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने भगवान श्रीकृष्ण से प्रार्थना करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की कृपा से सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं आनंद का संचार हो। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व हमें भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों, उनके जीवन संदेश और धर्म एवं सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पावन पर्व सभी के जीवन में नई ऊर्जा, उमंग और खुशियां लेकर आए तथा प्रदेश निरंतर विकास और प्रगति के पथ पर आगे बढ़े। -
लक्ष्मीनारायण मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की
रायपुर/ उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा कवर्धा के ग्राम छीरहा स्थित हाईटेक नए बस स्टैंड एवं लक्ष्मीनारायण मंदिर परिसर के समीप आयोजित भक्तिमय रामधुनी कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने भगवान श्रीराम एवं लक्ष्मीनारायण की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली के लिए आशीर्वाद प्राप्त किया।
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने रामधुनी कार्यक्रम में श्रद्धापूर्वक सहभागिता करते हुए रामधुनी टीम के सदस्यों के साथ बैठकर कीर्तन भी किया। भक्तिमय वातावरण में आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने भगवान श्रीराम का स्मरण करते हुए प्रदेश की उन्नति और सभी नागरिकों के जीवन में सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की। इस दौरान रामधुनी कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह एवं भक्ति का वातावरण देखने को मिला। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि ऐसे धार्मिक एवं भक्तिमय आयोजनों से समाज में आपसी प्रेम, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना को बढ़ावा मिलता है। -
छत्तीसगढ़ से राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान पाने वाली एकमात्र शिक्षिका
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से भी मिला संवाद का अवसर
रायपुर/राष्ट्रपति ने सारंगढ़- बिलाईगढ़ की शिक्षिका सुनीता यादव को प्रदान किया राष्ट्रीय शिक्षक सम्मानरायपुर : राष्ट्रपति ने सारंगढ़- बिलाईगढ़ की शिक्षिका सुनीता यादव को प्रदान किया राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान
शिक्षक दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ से वर्ष छत्तीसगढ़ से राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान के लिए चयनित होने वाली सुनीता यादव एकमात्र शिक्षिका हैं l सारंगढ़- बिलाईगढ़ जिले के लिए आज गौरव का ऐतिहासिक क्षण रहा। जिले के बरमकेला विकासखंड के शासकीय प्राथमिक विद्यालय खिचरी की शिक्षिका श्रीमती सुनीता यादव को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान समारोह में भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया।
देशभर के चयनित स्कूली शिक्षकों को यह सम्मान शिक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान, नवाचार और विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव के लिए प्रदान किया गया। विज्ञान भवन में आयोजित गरिमामय समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने सुनीता यादव को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। समारोह में राष्ट्रीय स्तर पर चयनित शिक्षकों के अनुकरणीय कार्यों पर आधारित लघु वृत्तचित्र भी प्रदर्शित किए गए।
*खेल-खेल में शिक्षा तथा नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को अपनाया*
सुनीता यादव ने सीमित संसाधनों वाले ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षा को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि साहित्य, तकनीक, रचनात्मकता और अनुभव आधारित गतिविधियों को शिक्षण का माध्यम बनाया। कक्षा के अंतिम पायदान पर रहने वाले बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए उन्होंने निरंतर प्रयास किए और बच्चों में सीखने की रुचि विकसित करने के लिए खेल-खेल में शिक्षा तथा नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को अपनाया।
*शिक्षा के साथ रोजगारमूलक जानकारी और डिजिटल साक्षरता को जोड़ने की पहल*
शिक्षिका सुनीता यादव बच्चों को कठिन विषयों को सहज ढंग से समझाने के लिए स्वयं और विद्यार्थियों के अभिनय वाली लघु फिल्में तैयार कर उनका उपयोग शिक्षण में करती हैं। इसके साथ ही वे दीक्षा एप, स्टोरीवीवर, ऑडियो बुक, पॉडकास्ट, ब्लॉगिंग और स्मार्ट क्लास जैसी तकनीकी माध्यमों का उपयोग कर बच्चों के सीखने के अनुभव को अधिक रोचक और प्रभावी बनाती हैं। उनके प्रयासों में शिक्षा के साथ रोजगारमूलक जानकारी और डिजिटल साक्षरता को जोड़ने की पहल भी शामिल है।
*आदिवासी बच्चों के लिए निशुल्क समर कैंप चलाकर अध्यापन की*
सुनीता की संवेदनशीलता केवल कक्षा तक सीमित नहीं है। बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए वे अपने व्यय से विद्यार्थियों को नियमित दूध उपलब्ध कराती हैं तथा अधिक से अधिक न्योता भोजन कराने के लिए समुदाय को प्रेरित करती हैं। शिक्षा से वंचित और कमजोर वर्ग के बच्चों तक पहुंच बनाने के लिए उन्होंने बिलासपुर जिले के शासकीय प्राथमिक विद्यालय तिलकडीह में आदिवासी बच्चों के लिए निशुल्क समर कैंप चलाकर अध्यापन भी किया।
*विद्यार्थियों में सामाजिक एवं पर्यावरणीय संवेदनशीलता विकसित करने का प्रयास*
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के परिप्रेक्ष्य में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के प्राथमिक विद्यालयों में आए बदलाव और उसके प्रभावों पर शोध पत्र तैयार करने वाली वे जिले की पहली महिला शिक्षिका हैं। शिक्षा के साथ सामाजिक सरोकारों में भी उनकी सक्रिय भागीदारी रही है। प्रकृति संरक्षण के लिए सीड बॉल तैयार करने और देश की सुरक्षा में योगदान देने वाले सैनिकों के लिए राखी निर्माण जैसे कार्यों के माध्यम से उन्होंने विद्यार्थियों में सामाजिक एवं पर्यावरणीय संवेदनशीलता विकसित करने का प्रयास किया है।
*प्राथमिक शिक्षा में उनके नवाचारी योगदान को मिली राष्ट्रीय पहचान*
सुनीता की शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में उनके योगदान को पहले भी विभिन्न स्तरों पर सम्मान मिला है। वर्ष 2024 में उन्हें राज्य शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया गया, जबकि वर्ष 2025 में साहित्य के क्षेत्र में पंडित मुकुटधर पांडे स्मृति अलंकरण से नवाजा गया। राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान के लिए उनका चयन इन निरंतर प्रयासों और प्राथमिक शिक्षा में उनके नवाचारी योगदान को मिली राष्ट्रीय पहचान है। उपलब्ध विवरणों के अनुसार उनके शिक्षण में साहित्य, तकनीक और संवेदनशीलता का विशिष्ट समन्वय दिखाई देता है।
*प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से भी मिला संवाद का अवसर*
राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान समारोह से एक दिन पहले देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान के लिए चयनित शिक्षकों को अपने आवास पर आमंत्रित कर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर शिक्षिका सुनीता यादव ने प्रधानमंत्री के साथ अपने शिक्षण कार्य, नवाचारों और ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा की। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने उनके नियमित अध्यापन कार्य के साथ शिक्षा में नवाचार, तकनीक और रचनात्मक माध्यमों के उपयोग की सराहना की। ग्रामीण क्षेत्र के छोटे से विद्यालय में बच्चों के लिए लघु फिल्मों के माध्यम से शिक्षण, ऑडियो बुक और पॉडकास्ट जैसे माध्यमों का उपयोग तथा स्मार्ट क्लास के संचालन जैसे प्रयासों ने उनके विद्यालय को नवाचार आधारित शिक्षा का उदाहरण बनाया है।
*सारंगढ़-बिलाईगढ़ के लिए गौरव का क्षण*
शिक्षिका सुनीता यादव को राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान मिलने पर जिले के प्रभारी मंत्री श्री टंक राम वर्मा , कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू और पुलिस अधीक्षक श्री सुनील शर्मा ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि जिले की शिक्षिका का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होना पूरे सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के लिए गौरव की बात है। उनके नवाचारपूर्ण कार्य जिले के अन्य शिक्षकों को भी नई सोच के साथ शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करेंगे।
जिले के प्रभारी मंत्री ने भी सुनीता यादव को राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान प्राप्त करने पर बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और वनांचल क्षेत्र में रहकर बच्चों की शिक्षा को नवाचार, तकनीक और संवेदनशीलता से जोड़ने का उनका प्रयास सराहनीय है। यह उपलब्धि न केवल सुनीता यादव बल्कि पूरे सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले और छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है।
*मेहनत, नवाचार और संवेदना की यात्रा*
सांकरा, जिला महासमुंद में शिक्षक परिवार में जन्मीं सुनीता यादव छात्र जीवन से ही मेधावी रही हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा सांकरा में हुई। उन्होंने कला महाविद्यालय पिथौरा से स्नातक तथा पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर से अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की। पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय बिलासपुर से बी.एड. की उपाधि प्राप्त करने के बाद उन्होंने शिक्षण को अपने कर्मक्षेत्र के रूप में चुना।
बरमकेला के व्यवसायी श्री नंदकुमार यादव से विवाह के बाद भी उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में अपनी सक्रियता और रचनात्मकता को निरंतर आगे बढ़ाया। उनकी पुत्री सृजना यादव गुरु घासीदास विश्वविद्यालय में पत्रकारिता एवं जनसंचार की छात्रा हैं।
आज राष्ट्रपति के हाथों मिला राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान सुनीता यादव की उस निरंतर यात्रा की राष्ट्रीय पहचान है, जिसमें एक छोटे से ग्रामीण विद्यालय की कक्षा को उन्होंने नवाचार, साहित्य, तकनीक और संवेदनशीलता से जोड़कर बच्चों के लिए सीखने का जीवंत मंच बनाया। - -विभिन्न प्रदेशों से 09 टीमें होंगी शामिल
रायपुर/ छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनी 6 से 8 सितंबर तक आयोजित हो रहे विद्युत उपक्रमों के अखिल भारतीय टेबल टेनिस प्रतियोगिता की मेजबानी करने जा रही है। अखिल भारतीय विद्युत क्रीड़ा नियंत्रण बोर्ड (AIESCB) द्वारा निर्धारित कार्यक्रम अनुसार 48 वीं अखिल भारतीय टेबल टेनिस प्रतियोगिता पॉवर कंपनी मुख्यालय स्थित क्रीड़ा परिसर में आयोजित की जाएगी। केंद्रीय क्रीड़ा एवं कला परिषद के महासचिव श्री एम एस चौहान ने बताया कि अखिल भारतीय प्रतियोगिता में देश भर के विभिन्न विद्युत उपक्रमों की 09 टीमें हिस्सा ले रहीं हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ 6 सितंबर 11बजे तीनों पावर कंपनियों के प्रबंध निदेशकों सर्वश्री संजीव कुमार कटियार, राजेश कुमार शुक्ला एवं भीम सिंह कंवर की उपस्थिति में पॉवर कंपनी मुख्यालय के महिला मंडल भवन, टेबल टेनिस हॉल डंगनिया में होगा।प्रतियोगिता में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु ,कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, असम, कोलकाता तथा छत्तीसगढ़ की टीमें हिस्सा ले रही हैं। प्रतियोगिता के दौरान एकल, युगल तथा टीम चैंपियनशिप के लिए मैच खेले जाएंगे। - आंध्र भवन में तेलुगु भाषी और अन्य समाजों की महिलाओं की उमड़ी भीड़-टी. सहदेवभिलाई नगर। सेक्टर-05 स्थित बालाजी मंदिर में गुरुवार को आंध्र साहित्य समिति के तत्वावधान में कुमकुम पूजा का भव्य धार्मिक आयोजन किया गया। माता लक्ष्मी (देवी पद्मावती) को समर्पित इस पूजा में बड़ी संख्या में तेलुगु भाषी महिलाओं के साथ-साथ अन्य समाज की महिलाओं ने भी श्रद्धा और भक्तिभाव से भाग लिया। महिलाओं ने पति की दीर्घायु, अखंड सौभाग्य, सुख-समृद्धि और परिवार की मंगलकामना के लिए विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। पूजा के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण और वैदिक मंत्रोच्चार से गूंजता रहा। समिति के अध्यक्ष पीवी राव एवं सचिव पीएस राव के नेतृत्व में आयोजित यह धार्मिक अनुष्ठान मंदिर के मुख्य पंडित गोपालाचारी के सान्निध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पारंपरिक विधि-विधान से संपन्न हुआ। पूजा में सम्मिलित महिलाओं के लिए आवश्यक पूजन सामग्री की व्यवस्था समिति की ओर से की गई थी।माता के अलौकिक सौंदर्य ने सबको मोहापूजा प्रारंभ होने से पूर्व पंडित गोपालाचारी ने मंत्रोच्चारित जल से पूजा स्थल का शुद्धीकरण किया। इसके पश्चात माता लक्ष्मी के उत्सव विग्रह को नूतन वस्त्रों, पुष्पों, आभूषणों एवं आकर्षक अलंकरणों से सुसज्जित कर प्रतिष्ठित किया गया। माता के मनोहारी स्वरूप के दर्शन कर श्रद्धालु महिलाएं भावविभोर हो उठीं। पंडित के निर्देशानुसार सभी महिलाएं अपने-अपने स्थान पर विराजमान हुईं और सनातन परंपरा के अनुसार कुमकुम पूजा करते हुए माता लक्ष्मी से अखंड सौभाग्यवती रहने का आशीर्वाद मांगा।कुमकुम पूजा में शामिल महिलाओं को समिति की ओर से पूजा से पूर्व हल्दी-कुमकुम वितरित किया गया। महिलाओं ने पूजा संपन्न होने के बाद इसे श्रद्धापूर्वक माता के चरणों में अर्पित किया।माता लक्ष्मी के हजार नामों का हुआ पाठकुमकुम पूजा के दौरान पंडित गोपालाचारी ने माता लक्ष्मी की सहस्रनामार्चना भी कराई। इस अवसर पर देवी लक्ष्मी के हजार नामों का पवित्र पाठ किया गया। सनातन परंपरा में सुख, समृद्धि, ऐश्वर्य एवं सौभाग्य की प्राप्ति के लिए सहस्रनामार्चना का विशेष महत्व माना जाता है। पंडित के साथ श्रद्धालु महिलाओं ने भी माता लक्ष्मी के सहस्र नामों का पाठ कर वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। पूजा के समापन के पश्चात समिति की ओर से श्रद्धालु महिलाओं को भेंटस्वरूप लक्ष्मी दीप, हल्दी-कुमकुम, ब्लाउज पीस एवं सुहागन की निशानियां प्रदान की गईं। इसके बाद महिलाओं ने मंदिर प्रांगण में स्थित माता लक्ष्मी के मंदिर में माथा टेककर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।पूजा के सफल आयोजन में समिति के कोषाध्यक्ष टीवीएन शंकर, उपकोषाध्यक्ष एनएस राव एवं संयुक्त सचिव के लक्ष्मी नारायण की विशेष भूमिका रही। इस मौके पर प्रबंध कार्यकारिणी के सदस्य मौजूद थे।
- ‘गुरु वंदन’ ग्रैंड फिनाले में 30 प्रस्तुतियों ने बांधा समां, नन्हे कलाकारों से लेकर शिक्षकों तक ने दिखाया हुनरजिला कलेक्टर ने प्रतिभाओं को प्रमाणपत्र प्रदत्त कर सम्मानित कर किया उत्साहवर्धननागरिकों से की अपील - तिरंगा शक्ति फेस्ट के आयोजनों में आकर कलाकारों का करें उत्साहवर्धनरायपुर/ शहीद स्मारक भवन, जयस्तंभ चौक। मंच सजा था... रोशनी जगमगा रही थी... और जैसे ही सुरों ने आकार लिया, पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। सितंबर माह को डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को समर्पित करते हुए आयोजित ‘गुरु वंदन’ तिरंगा फेस्ट फेस्टिवल के ग्रैंड फिनाले में कला, संस्कृति, गुरु-शिष्य परंपरा और देशभक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला।प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर एवं जिला प्रशासन रायपुर के मार्गदर्शन में अभिनव प्रयास के अंतर्गत आयोजित विशेष कार्यक्रम में शास्त्रीय संगीत, कथक, भरतनाट्यम, नृत्य, गीत, देशभक्ति गीत एवं वर्चुअल एयर प्रोग्राम सहित करीब 30 प्रस्तुतियां मंच पर प्रस्तुत की गईं। प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ अपनी कला का प्रदर्शन किया।कार्यक्रम में डॉ. गौरव कुमार सिंह, कलेक्टर रायपुर; श्री संबित मिश्रा, आयुक्त नगर पालिक निगम रायपुर; श्री युगल किशोर उर्वशा, आयुक्त , नगर पालिक निगम बिरगांव; श्री नवीन ठाकुर, अपर कलेक्टर; श्री कीर्तिमान सिंह राठौर, अपर कलेक्टर; तथा श्री अमर गिदवानी, अध्यक्ष, संस्कृति विभाग , रायपुर नगर पालिक निगम सहित अन्य गणमान्य अतिथिगण की मंच पर उपस्थिति रही ।रायपुर जिला कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह ने मंच पर तिरंगा शक्ति फेस्ट के आयोजन में अपनी कला प्रतिभा का प्रदर्शन करने वाले नन्हे, युवा, अनुभवी कलाकारों सहित कला केन्द्र रायपुर, नगर निगम रायपुर और स्कूल शिक्षा विभाग के सफल कार्यक्रम प्रबंधन में योगदान देने वाले शिक्षक- शिक्षिकाओं, अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रमाणपत्र प्रदत्त कर उन्हें सम्मानित करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया.जिला कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह ने सभी नागरिकों से विनम्र अपील की कि वे तिरंगा शक्ति फेस्ट के आयोजनों में अधिक से अधिक संख्या में आकर कला प्रतिभा का मंच पर प्रदर्शन करने वाले सभी कलाकारों का उत्साहवर्धन करें. उत्साहवर्धन किये जाने से कलाकारों का मनोबल बढ़ता है और उनकी कला प्रतिभा में और अधिक निखार आता है.नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा ने रायपुर जिला कलेक्टर के मार्गदर्शन में किये जा रहे तिरंगा शक्ति फेस्ट आयोजन को सराहा और कला प्रतिभाओं का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें सफलता हेतु हार्दिक शुभकामनायें दींनगर निगम संस्कृति विभाग अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी ने तिरंगा शक्ति फेस्ट के सफल आयोजन हेतु आयोजकों को सराहा और आगामी प्रस्तावित आयोजनों हेतु सफलता के लिए अपनी अग्रिम हार्दिक शुभकामनायें मंच पर दींपांच साल के नन्हे कलाकारों ने भी संभाला मंचइस आयोजन की सबसे खास तस्वीर तब देखने को मिली, जब करीब पांच वर्ष के नन्हे-मुन्ने कलाकारों ने मंच पर अपनी प्रस्तुतियां दीं। छोटे-छोटे कदमों और बड़े आत्मविश्वास के साथ बच्चों ने दर्शकों का दिल जीत लिया।प्रतियोगिता में दो आयु वर्ग रखे गए थे—5 से 15 वर्ष तथा 15 से 70 वर्ष। इस आयु सीमा ने कार्यक्रम को खास बना दिया। एक ही मंच पर बच्चों की मासूम प्रतिभा और वरिष्ठ प्रतिभागियों के अनुभव का सुंदर संगम देखने को मिला।जब गुरु और शिष्य एक साथ मंच पर आएसितंबर माह की थीम ‘गुरु वंदन’ होने के कारण शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की भागीदारी ने कार्यक्रम को और विशेष बना दिया। शिक्षकों ने भी मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।शिक्षकों का उत्साह देखते ही बन रहा था। मंच पर शिक्षक जब कलाकार बने और विद्यार्थियों के साथ कला की प्रस्तुति दी, तो गुरु-शिष्य परंपरा का भाव जीवंत हो उठा।हर महीने बदलेगा तिरंगा फेस्ट का अंदाजकलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने कहां तिरंगा फेस्ट की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि हर महीने इसका विषय बदलेगा और समाज के अलग-अलग वर्गों तथा महापुरुषों को केंद्र में रखकर कार्यक्रम आयोजित होंगे।रायपुर जिला *कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह के अनुसार, आने वाले महीनों में महापुरुषों की जयंतियों एवं महत्वपूर्ण अवसरों को ध्यान में रखते हुए तिरंगा फेस्ट की थीम निर्धारित की जाएगीअब ‘अंत्योदय’ को मिलेगा मंचअब आयोजन एकात्म मानववाद सिद्धांत के प्रणेता पण्डित दीनदयाल उपाध्याय की जयन्ती दिनांक 25 सितम्बर के अवसर पर उनकी स्मृति में ‘अंत्योदय दिवस’ की भावना को आयोजन समर्पित रहेगा। इसका उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और सम्मान की पहुंच सुनिश्चित करने की सोच को मंच देना होगा।इस अवसर पर स्वच्छता दीदी, पिंक दीदी, सफाई दीदी सहित समाज के जमीनी स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले लोगों को विशेष रूप से मंच प्रदान किया जाएगा।रानी लक्ष्मीबाई की जयंती पर महिलाओं का मंचआगामी आयोजन में दिनांक 19 नवम्बर को रानी लक्ष्मीबाई की जयन्ती के अवसर को केंद्र में रखते हुए तिरंगा शक्ति फेस्ट का मंच महिलाओं के नाम रहेगा। इसमें केवल महिला प्रतिभागियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर दिया जाएगा।स्वामी विवेकानंद जयंती पर युवाओं की बारीस्वामी विवेकानंद जयंती दिनांक 12 जनवरी के अवसर पर आयोजित होने वाले तिरंगा फेस्ट में 15 वर्ष से 29 वर्ष के युवा मुख्य भूमिका में रहेंगे। युवाओं की प्रतिभा, ऊर्जा, विचार और रचनात्मकता को मंच देने की दिशा में यह विशेष आयोजन होगा।दिसंबर में कविता का महासंगमदिसंबर माह का तिरंगा फेस्ट पूर्व प्रधानमंत्री एवं प्रख्यात कवि अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित रहेगा। इस अवसर पर अटलजी की जयन्ती सुशासन दिवस दिनांक 25 दिसम्बर को भव्य ग्रैंड कवि सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें कविता, साहित्य और राष्ट्रभावना का संगम देखने को मिलेगा।चार संस्थाएं, एक मंच, एक उद्देश्यतिरंगा शक्ति फेस्ट का आयोजन जिला प्रशासन रायपुर, नगर पालिक निगम रायपुर, कला केंद्र एवं स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त प्रयास से किया जा रहा है।इसका उद्देश्य रायपुर में कला, संस्कृति, साहित्य, देशभक्ति और सामाजिक सरोकारों को एक साझा मंच उपलब्ध कराना है।‘गुरु वंदन’ ग्रैंड फिनाले ने इस पहल को एक नई पहचान दी है। कथक की थाप, भरतनाट्यम की मुद्राएं, गीतों की मधुरता, देशभक्ति के जोश और बच्चों की मासूम प्रस्तुतियों ने साबित कर दिया कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती।तिरंगा फेस्ट अब सिर्फ प्रतियोगिता नहीं, बल्कि हर महीने बदलती थीम के साथ समाज के अलग-अलग वर्गों को सम्मान और प्रतिभाओं को मंच देने वाला रायपुर का एक अनूठा सांस्कृतिक अभियान बनता जा रहा है।जयस्तंभ चौक के समीप स्थित शहीद स्मारक भवन में आयोजित तिरंगा फेस्ट के ‘गुरु वंदन’ ग्रैंड फिनाले में प्रस्तुति देते प्रतिभागी कार्यक्रम में नन्हे कलाकारों से लेकर शिक्षकों तक ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
- अपर आयुक्त ने वार्ड 2, 20 एवं 70 में प्रगतिरत विकास कार्यों का निरीक्षण किया, कार्य की धीमी गति पर गहन नाराजगी व्यक्त कर कार्यादेश के बाद भी कार्य में विलम्ब कर रहे ठेकेदारों पर नियमानुसार कार्रवाई करने कहारायपुर/रायपुर नगर पालिक निगम के अपर आयुक्त श्री लोकेश्वर साहू ने रायपुर नगर निगम जोन 8 क्षेत्र अंतर्गत श्रीगणेश उत्सव पर्व के पूर्व महादेवघाट के समीप विसर्जन कुण्ड को तैयार किये जाने कार्य की प्रगति का प्रत्यक्ष निरीक्षण नगर निगम जोन 8 जोन कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल और कार्यपालन अभियंता श्री अतुल चोपड़ा सहित नगर निगम जोन 8 के अन्य सम्बंधित अधिकारियों की उपस्थिति में किया. अपर आयुक्त ने जोन कमिश्नर और कार्यपालन अभियंता को श्रीगणेश की प्रतिमाओं के इको फ्रेंडली विसर्जन हेतु विसर्जन कुण्ड को शीघ्र प्राथमिकता से तैयार करना सुनिश्चित करने निर्देशित किया.अपर आयुक्त श्री लोकेश्वर साहू ने अधीक्षण अभियंता श्री राजेश राठौर, जोन 8 जोन कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल, कार्यपालन अभियंता श्री अतुल चोपड़ा सहित अन्य सम्बंधित जोन 8 अधिकारियों सहित जोन क्षेत्र अंतर्गत पण्डित जवाहर लाल नेहरू वार्ड क्रमांक 2 क्षेत्र में अटल आवास परिसर और अन्य स्थानों पर प्रगतिरत निर्माण कार्यों की प्रगति का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया. वहीं संत रविदास वार्ड क्रमांक 70 के सरोना क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न प्रगतिरत निर्माण कार्यों की प्रगति प्रत्यक्ष देखी और कोटा क्षेत्र में रामकृष्ण परमहंस वार्ड क्रमांक 20 क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति का स्थल निरीक्षण किया. इस दौरान पण्डित जवाहर लाल नेहरू वार्ड क्रमांक 2 क्षेत्र में वार्ड पार्षद श्री भगतराम हरबंश और संत रविदास वार्ड क्रमांक 70 के क्षेत्र में वार्ड पार्षद श्री अर्जुन यादव की उपस्थिति रही.अपर आयुक्त श्री लोकेश्वर साहू ने प्रगतिरत विकास कार्यों की धीमी गति को लेकर गहन नाराजगी व्यक्त की और विकास कार्यों को स्वीकृति अनुसार सभी स्थानों पर वार्ड 2, 20,70 में तत्काल गतिमान करते हुए सतत मॉनिटरिंग कर गुणवत्ता का ध्यान रखकर विकास कार्यों को शीघ्र पूर्ण करवाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. अपर आयुक्त ने कार्यादेश के बाद भी विकास कार्यों में विलम्ब कर रहे सम्बंधित ठेकेदारों पर नियमानुसार प्रक्रिया के अंतर्गत कार्रवाई करने के निर्देश दिए.
- रायपुर/रायपुर नगर पालिक निगम के जल कार्य विभाग के अध्यक्ष श्री संतोष साहू द्वारा रायपुर शहर के सभी सम्मानित नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण अपील:शहर के जल संकट वाले क्षेत्रों में पाइपलाइन विस्तार और नए नल कनेक्शन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नगर निगम द्वारा डिजिटल सर्वे का कार्य प्रारंभ किया गया है।आप कैसे जुड़ सकते हैं?QR कोड स्कैन करें: स्क्रीन पर दिए गए QR कोड को स्कैन करके सीधे फॉर्म भरें।जोन कार्यालय से संपर्क: अपने संबंधित जोन के अधिकारियों के माध्यम से भी जानकारी दर्ज करा सकते हैं।रायपुर शहर में सुचारू जल आपूर्ति सुनिश्चित करने और हर घर तक पानी पहुँचाने के लिए इस सर्वे में अवश्य भाग लें।#RMC #raipurnagarnigam #raipur
- रायपुर। नगर पालिक निगम रायपुर ने शहर में लगाए जाने वाले फ्लैक्स एवं बैनर को लेकर नागरिकों, व्यापारियों एवं विज्ञापनदाताओं से जनहित एवं नागरिक सुरक्षा की दृष्टि से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।शहर में बिना अनुमति लगाए गए अथवा असुरक्षित तरीके से लगाए गए फ्लैक्स एवं बैनर न केवल शहर की सुंदरता एवं व्यवस्थित स्वरूप को प्रभावित करते हैं, बल्कि नागरिकों के लिए गंभीर सुरक्षा जोखिम भी पैदा कर सकते हैं।विशेष रूप से कटे-फटे, ढीले अथवा कमजोर तरीके से लगाए गए फ्लैक्स एवं बैनर तेज हवा, बारिश एवं खराब मौसम में उड़कर या गिरकर दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। सड़क एवं फुटपाथ के आसपास लगे ऐसे फ्लैक्स दो-पहिया एवं चार-पहिया वाहन चालकों की दृश्यता बाधित कर सकते हैं, जिससे सड़क दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। वहीं इनके गिरने अथवा उड़ने से पैदल यात्रियों को भी गंभीर चोट लगने का खतरा रहता है।अनधिकृत रूप से लगाए गए फ्लैक्स एवं बैनरों में उनके स्ट्रक्चर, फिक्सिंग, मजबूती एवं स्थापना स्थल की सुरक्षा का समुचित परीक्षण नहीं हो पाता। इसलिए इनका अनियंत्रित एवं असुरक्षित उपयोग जनसुरक्षा के लिए गंभीर समस्या बन सकता है।रायपुर नगर पालिक निगम ने नागरिकों, व्यापारियों एवं विज्ञापनदाताओं से अपील की है कि अवैध, कटे-फटे अथवा असुरक्षित फ्लैक्स एवं बैनर का उपयोग न करें। विज्ञापन के लिए केवल निजी अनुमति अथवा सरकारी अनुमति प्राप्त अधिकृत स्थानों का ही उपयोग किया जाए तथा निर्धारित नियमों एवं शुल्क का पालन किया जाए।शहर की सुंदरता और प्रचार से कहीं अधिक महत्वपूर्ण नागरिकों की सुरक्षा है। अतः सभी से आग्रह है कि विज्ञापन लगाते समय स्थान, संरचना एवं सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखें।
- कुरूद क्षेत्र में 16 किलोमीटर मार्ग के चौड़ीकरण-मजबूतीकरण के लिए 35.87 करोड़ तथा धमतरी-गंगरेल-कुकरेल मार्ग के 11.40 किलोमीटर हिस्से के लिए 81.44 करोड़ रुपये स्वीकृतधमतरी/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा धमतरी जिले में सड़क अधोसंरचना को सुदृढ़, आधुनिक और बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। जिले में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को सुगम एवं सुरक्षित सड़क संपर्क से जोड़ने के उद्देश्य से दो महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को कुल 117 करोड़ 30 लाख 78 हजार रुपये से अधिक की प्रशासकीय स्वीकृति मिली है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से आवागमन की सुविधा बढ़ने के साथ कृषि, व्यापार, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़ी गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।कुरूद क्षेत्र के 16 किलोमीटर मार्ग के लिए 35.87 करोड़ रुपयेकुरूद-चर्रा-छाती-उड़ेना-झिरीया-कंडेल-भोथली-संबलपुर मार्ग के 16 किलोमीटर हिस्से के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण तथा पुल-पुलियों सहित निर्माण कार्य के लिए 35 करोड़ 87 लाख 22 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। यह कार्य वर्ष 2025-26 के बजट में शामिल मद के अंतर्गत स्वीकृत हुआ है। सड़क के उन्नयन से कुरूद क्षेत्र के अनेक गांवों के बीच आवागमन सुगम होगा। ग्रामीणों को विकासखंड एवं जिला मुख्यालय, बाजार, शैक्षणिक संस्थानों, स्वास्थ्य सुविधाओं सहित अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी। किसानों को कृषि उपज के परिवहन में सहूलियत मिलने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्थानीय व्यापार को भी मजबूती मिलेगी।धमतरी-गंगरेल-कुकरेल मार्ग के 11.40 किलोमीटर हिस्से के लिए 81.44 करोड़वर्ष 2025-26 के बजट में शामिल धमतरी-गंगरेल-कुकरेल मार्ग (मुख्य जिला मार्ग क्रमांक-243) के कुल 18.50 किलोमीटर में से 11.40 किलोमीटर हिस्से के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण, पुल-पुलियों सहित निर्माण कार्य के लिए 81 करोड़ 43 लाख 56 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।परियोजना के तहत किलोमीटर 1/2 से 5/10 तक 5 किलोमीटर लंबाई में 4-लेन तथा किलोमीटर 6/2 से 12/4 तक 6.40 किलोमीटर लंबाई में 2-लेन सड़क का निर्माण प्रस्तावित है। सड़क के उन्नयन से धमतरी शहर का गंगरेल और कुकरेल क्षेत्र से संपर्क और बेहतर होगा। साथ ही क्षेत्र में बढ़ते यातायात दबाव और भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए सड़क अधोसंरचना को मजबूत आधार मिलेगा।कंडेल-देवपुर-छाती मार्ग बनेगा विकास और पर्यटन का नया संपर्क मार्गजिले में देवपुर-कंडेल-छाती मार्ग का टू-लेन निर्माण भी सड़क संपर्क के साथ-साथ क्षेत्र के समग्र विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम है। इस मार्ग के विकसित होने से कंडेल, देवपुर और छाती क्षेत्र के बीच सीधा एवं बेहतर संपर्क स्थापित होगा तथा लोगों को आवागमन के लिए अतिरिक्त दूरी तय करने की आवश्यकता कम होगी। इससे समय और ईंधन की बचत के साथ स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।कंडेल ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण गांव है, जहां नहर सत्याग्रह जैसे स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े गौरवपूर्ण प्रसंगों की स्मृतियां जुड़ी हैं। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के कंडेल आगमन से भी इस क्षेत्र का ऐतिहासिक महत्व बढ़ जाता है। वहीं देवपुर क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। ऐसे में कंडेल-देवपुर-छाती सड़क का बेहतर संपर्क पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और व्यापारिक गतिविधियों के विस्तार में सहायक होगा।सड़क संपर्क से खुलेंगे विकास के नए अवसरदेवपुर-कंडेल-छाती मार्ग के टू-लेन विकास से क्षेत्र को प्रमुख मार्गों और बाजारों से बेहतर संपर्क मिलेगा। किसानों के लिए कृषि उपज का परिवहन आसान होगा तथा अस्पताल, महाविद्यालय और अन्य संस्थानों तक पहुंच सुगम होगी। साथ ही धमतरी-रायपुर कॉरिडोर से संपर्क मजबूत होने पर क्षेत्र में औद्योगिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों के विस्तार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।यह मार्ग भविष्य में क्षेत्र के आर्थिक विकास के महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग के रूप में विकसित हो सकता है। बेहतर सड़क नेटवर्क से ग्रामीण क्षेत्रों को बाजार, पर्यटन स्थलों और सेवा सुविधाओं से जोड़ने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।अगले दो वर्षों में करीब 12 महत्वपूर्ण सड़कों के उन्नयन की दिशा में कार्यधमतरी जिले में सड़क अधोसंरचना के विस्तार को व्यापक विकास योजना के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है। शहर में तीन फोरलेन सड़कें विकसित हो चुकी हैं, जबकि गौरव पथ के लिए भी प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी है। इसके अलावा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में महत्वपूर्ण सड़कों के चौड़ीकरण, मजबूतीकरण तथा टू-लेन और फोरलेन निर्माण की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं।जिले में आगामी दो वर्षों में लगभग 12 महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण एवं उन्नयन की योजना पर कार्य किया जा रहा है। वर्तमान में स्वीकृत हो रही परियोजनाएं इस व्यापक योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। सड़कें केवल आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यटन, उद्योग और व्यापार को गति देने वाली आधारभूत संरचना हैं। बेहतर सड़क संपर्क के माध्यम से धमतरी जिले के गांवों और शहरों को अधिक सशक्त आर्थिक नेटवर्क से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।इन सड़क परियोजनाओं के पूरा होने के साथ धमतरी के शहरी स्वरूप में भी सकारात्मक बदलाव आएगा। आधुनिक सड़क अधोसंरचना शहर की नई पहचान और व्यवस्थित विकास का आधार बनेगी। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर संपर्क से लोगों को सुविधाओं तक पहुंच आसान होगी और जिले के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।
- सक्ती/सक्ती जिले में 1 जून 2026 से 4 सितम्बर 2026 तक 893.5 मि.मी.औसत वर्षा दर्ज की गई है। बीते 24 घंटे में जिले में 3.0 मिली मीटर औसत वर्षा हुई है। भू-अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 जून 2026 से अब तक जिले के सक्ती तहसील में 810.1, मिली मीटर, जैजैपुर में 708.5, मालखरौदा में 1031.6, डभरा में 950.9, नया बाराद्वार में 998.5, अड़भार में 846.6, हसौद में 804.7, चंद्रपुर में 998.7, एवं भोथिया में 891.7 मिली मीटर वर्षा दर्ज की गई है। प्राप्त जानकारी अनुसार आज की स्थिति मे तहसील सक्ती में 2.6, मिली मीटर, जैजैपुर में 1.8, मालखरौदा में 1.9, डभरा में 1.5, नया बाराद्वार में 10.0, अड़भार में 1.5, हसौद में 1.5, चंद्रपुर में 2.4, एवं भोथिया में 3.6 मिली मीटर वर्षा दर्ज की गई है।
- चिन्हांकित क्षेत्रों में लगाए जा रहे स्वास्थ्य शिविर, चिकित्सक और दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धताधमतरी/जिले में मौसमी बीमारियों की रोकथाम एवं नियंत्रण को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है। बारिश के मौसम में संभावित मौसमी बीमारियों को ध्यान में रखते हुए पूर्व अनुभवों के आधार पर संवेदनशील एवं चिन्हांकित क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की टीम द्वारा लोगों की जांच कर आवश्यक उपचार एवं दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में जिले में मौसमी बीमारियों की स्थिति सामान्य है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग द्वारा एहतियातन लगातार निगरानी की जा रही है। चिन्हांकित क्षेत्रों में स्वास्थ्य अमले को सक्रिय रखा गया है तथा आवश्यकता के अनुसार चिकित्सकीय दल भेजकर लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा रही है। बुखार, सर्दी-खांसी, उल्टी-दस्त सहित अन्य मौसमी लक्षणों वाले मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक उपचार एवं परामर्श दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मैदानी स्तर पर मितानिनों, एएनएम एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के माध्यम से भी लोगों को स्वच्छ पेयजल के उपयोग, घर एवं आसपास साफ-सफाई रखने, पानी जमा नहीं होने देने तथा व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखने के लिए जागरूक किया जा रहा है। लोगों से अपील की गई है कि बुखार अथवा अन्य स्वास्थ्य संबंधी लक्षण दिखाई देने पर स्वयं दवा लेने के बजाय नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र अथवा शिविर में चिकित्सकीय परामर्श लें।कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने कहा कि मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए समय पर निगरानी, त्वरित जांच और उपचार सबसे महत्वपूर्ण है। जिले में स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले को सक्रिय रखते हुए चिन्हांकित क्षेत्रों में शिविर लगाए जा रहे हैं। किसी भी क्षेत्र में बीमारी के मामलों में वृद्धि की सूचना मिलने पर तत्काल स्वास्थ्य टीम पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करे। लोगों को भी स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों के प्रति जागरूक किया जाए।उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि मौसमी बीमारियों की स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी जाए तथा आवश्यकतानुसार दवाइयों एवं चिकित्सकीय संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि जिलेवासियों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
- बीजापुर/छत्तीसगढ़ शासन द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण, सम्मान और उत्थान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं एवं संस्थाओं को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं। इसी क्रम में जिले की इच्छुक महिलाएं निर्धारित प्रक्रिया के तहत “वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी स्मृति पुरस्कार”, “माता बहादुर कलारिन सम्मान” एवं “मिनी माता सम्मान (महिला उद्यमी)” के लिए आवेदन कर सकती हैं।वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी स्मृति पुरस्कार महिलाओं में वीरता, शौर्य, साहस एवं आत्मबल को सशक्त करने के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला को प्रदान किया जाता है। चयनित महिला को 02 लाख रुपये की राशि एवं प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जाएगा।इसी प्रकार माता बहादुर कलारिन सम्मान महिलाओं के उत्पीड़न के खिलाफ संघर्ष तथा नारी उत्थान के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य करने वाली महिला को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रदान किया जाता है। इसके तहत चयनित महिला को 02 लाख रुपये एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।वहीं मिनी माता सम्मान (महिला उद्यमी) महिलाओं, विशेष रूप से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक महिलाओं के उत्थान के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला अथवा अशासकीय संस्था को प्रदान किया जाता है। इस सम्मान के तहत 02 लाख रुपये की राशि एवं प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। तीनों सम्मानों के लिए इच्छुक उम्मीदवार निर्धारित प्रपत्र में आवश्यक दस्तावेजों सहित अपना आवेदन 25 सितम्बर 2026 तक कार्यालयीन समय में कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला बीजापुर, कलेक्टर कार्यालय प्रथम तल में प्रस्तुत कर सकते हैं।आवेदन प्रक्रिया, पात्रता, निर्धारित प्रपत्र एवं अन्य आवश्यक जानकारी जिला बीजापुर की वेबसाइट www.bijapur.gov.in पर उपलब्ध है। इच्छुक महिलाएं अंतिम तिथि से पहले आवेदन प्रस्तुत कर सकती हैं।
- डॉग स्क्वॉड की मदद से हुई पतासाजी, चार नाखून बरामद, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाईरायपुर/वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ में वन्यजीवों की सुरक्षा और अवैध शिकार पर रोक लगाने के लिए वन विभाग द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। गौरेला-पेड्रा-मरवाही जिले के वन परिक्षेत्र मरवाही में मृत भालू के नाखून काटकर ले जाने के मामले में वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से भालू के चार नाखून बरामद किए गए हैं।ऐसे हुआ खुलासावन विभाग को 3 सितंबर को मरवाही वृत्त के उसाढ़ परिसर स्थित कक्ष क्रमांक 2035 में भालू के मृत होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही टीम तत्काल मौके पर पहुंची। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि मृत भालू के पिछले दाएं पंजे के चार नाखून गायब थे। घटना की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग द्वारा डॉग स्क्वॉड टीम की सहायता से सघन सर्च एवं पतासाजी अभियान चलाया गया।’दो आरोपी पकड़े गए’अभियान के दौरान वन विभाग की टीम ने दो आरोपियों - ’सुदर्शन यादव उम्र 54 वर्ष और सूरज साहिस उम्र 20 वर्ष, दोनों निवासी ग्राम बरौर’ को पकड़ा। दोनों के कब्जे से मृत भालू के चार नाखून बरामद कर विधिवत जप्त कर लिया गया है। आरोपियों के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के प्रावधानों के तहत वैधानिक कार्रवाई कर उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।’फेफड़ों के संक्रमण से हुई मौत’सर्च एवं वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद पशु चिकित्सकों की टीम की मौजूदगी में मृत भालू का पोस्टमार्टम कराया गया। पशु चिकित्सकों ने प्रथम दृष्टया भालू की मृत्यु का कारण तीव्र फेफड़ों का संक्रमण बताया है। पोस्टमार्टम के बाद मृत भालू का विधिवत दाह संस्कार किया गया। इस दौरान वनमंडलाधिकारी मरवाही श्री कुमार निशांत सहित वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।’आम नागरिकों से अपील’वन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी वन्यजीव के मृत पाए जाने पर उसके शव या अंगों के साथ छेड़छाड़ न करें और तत्काल निकटतम वन विभाग कार्यालय को सूचना दें। इसी प्रकार वन विभाग ने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वन अपराध, अवैध शिकार या वन्यजीवों से संबंधित किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल निकटतम वन विभाग कार्यालय को दें। विभाग ने कहा कि वन्यजीवों की सुरक्षा सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और स्थानीय लोगों की सहभागिता से वन संरक्षण के प्रयासों को और मजबूत बनाया जा सकता है।
- रायपुर/ डॉ. भीमराव ओपन थिएटर खेल मैदान, घंटाघर कोरबा में सर्व यादव समाज द्वारा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर आयोजित भव्य शोभायात्रा एवं रैली में मुख्य अतिथि के तौर पर कैबिनेट मंत्री श्री लखन लाल देवांगन एवं महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत शामिल हुए। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना कर समस्त यादव समाज को जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।यादव समाज का स्नेह सदैव प्राप्त होता रहा है: मंत्री देवांगनमंत्री श्री देवांगन ने कहा कि यादव समाज का स्नेह और आशीर्वाद मुझे सदैव प्राप्त होता रहा है। भगवान श्रीकृष्ण के आशीर्वाद का ही फल है कि आज नगर एवं जिले में तेज गति से विकास कार्य किए जा रहे हैं। समाज की मांग के अनुरूप विकास कार्यों को तेजी से धरातल पर उतारा जा रहा है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज के सर्वांगीण विकास के लिए मिलकर कार्य करना हमारा संकल्प है।’यादव समाज के लिए 75 लाख के विकास कार्य’मंत्री श्री देवांगन ने बताया कि यादव समाज की मांगों को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न विकास कार्य कराए जा रहे हैं, जिनमें बालको शांति नगर स्थित राधाकृष्ण मंदिर के पास भवन के ऊपरी तल का निर्माण, जमनीपाली में सामुदायिक भवन निर्माण, शारदा विहार अमरैय्यापारा राधाकृष्ण मंदिर के ऊपरी तल का निर्माण विस्तार कार्य 10-10 लाख रुपये का पूर्ण हो चुका है। इसी प्रकार वैशाली नगर मिनी स्टेडियम के पास मंच निर्माण एवं कक्ष निर्माण 10 लाख रुपये प्रगतिरत है । लाटा मेन रोड में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 20 लाख रुपये की स्वीकृति मानिकपुर यादव मोहल्ले में भवन निर्माण के लिए - ’15 लाख रुपये’ की स्वीकृति शीघ्र की जाएगी ।’महापौर ने सुनाया भजन’इस अवसर पर कोरबा महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने जन्माष्टमी की बधाई देते हुए भगवान को समर्पित भजन भी सुनाया। कार्यक्रम में सर्व यादव समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री रमेश यदु, संरक्षक श्री कमलेश यादव, प्रदेश महामंत्री श्री संतोष यादव, पार्षद श्री नरेंद्र देवांगन, महिला प्रकोष्ठ की संरक्षक श्रीमती हारबाई यादव, श्री प्रफुल्ल तिवारी, शोभायात्रा के संयोजक श्री रंजू यादव सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।
- नवाचार और संवेदनशीलता से प्राथमिक शिक्षा को दी नई दिशारायपुर/छत्तीसगढ़ के लिए गौरव की बात है कि राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान-2026 के लिए सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की शिक्षिका श्रीमती सुनीता यादव का चयन हुआ है। वे प्रदेश से इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चयनित एकमात्र शिक्षिका हैं। शिक्षक दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में उन्हें प्रशस्ति पत्र, शाल और चेक प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा।बरमकेला विकासखंड के शासकीय प्राथमिक विद्यालय खिचरी में पदस्थ श्रीमती सुनीता यादव ने शिक्षा को नवाचार, साहित्य और तकनीक से जोड़कर बच्चों के सीखने को सरल और रोचक बनाया है। वे कक्षा के अंतिम पायदान पर रहने वाले बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास करती हैं। बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य के लिए वे अपने खर्च से नियमित दूध उपलब्ध कराने के साथ न्योता भोजन के लिए भी प्रेरित करती हैं।श्रीमती सुनीता दीक्षा एप, स्टोरीवीवर, ऑडियो बुक, पॉडकास्ट और लघु फिल्मों के माध्यम से बच्चों को पढ़ाती हैं। बच्चों और स्वयं के अभिनय वाली लघु फिल्मों के जरिए विषयों को सहज ढंग से समझाने का उनका प्रयास विशेष पहचान बना चुका है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के परिप्रेक्ष्य में प्राथमिक विद्यालयों में आए बदलाव पर उन्होंने शोध पत्र भी तैयार किया है। बिलासपुर जिले में आदिवासी बच्चों के लिए निशुल्क समर कैंप में अध्यापन भी किया है।शिक्षा के साथ साहित्य और समाजसेवा में भी सक्रिय श्रीमती सुनीता यादव को वर्ष 2024 में राज्य शिक्षक सम्मान तथा वर्ष 2025 में पंडित मुकुटधर पांडे स्मृति अलंकरण से सम्मानित किया जा चुका है। प्रकृति संरक्षण के लिए सीड बॉल निर्माण और सैनिकों के लिए राखी बनाने जैसे सामाजिक कार्यों में भी वे सहभागिता निभाती हैं।श्रीमती सुनीता यादव की यह उपलब्धि उनके समर्पण, नवाचार और संवेदनशील शिक्षण का परिणाम है, जिसने न केवल बच्चों की शिक्षा को नई दिशा दी, बल्कि छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है।
- रायपुर/जल संरक्षण और भू-जल पुनर्भरण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सफलता की अमिट छाप छोड़ी है। केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा संचालित ‘जल संचय जन भागीदारी’ अभियान के तीसरे चरण के तहत सूरजपुर ने देश भर में चौथा स्थान और राज्य में पहला स्थान प्राप्त कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है।नई दिल्ली स्थित सुषमा स्वराज भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में आयोजित जल शक्ति मंत्रालय के शिखर सम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सूरजपुर मॉडल की जानकारी साझा की। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में जल संरक्षण को केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित न रखकर इसे किसान, ग्राम पंचायत, जल सखी और जल मित्र के सहयोग से एक जनांदोलन का रूप दिया गया है।’जल संरक्षण अभियान के प्रमुख आंकड़े’निर्मित संरचनाएं 5,429 (अमृत सरोवर, तालाब गहरीकरण, फार्म पॉन्ड, रिचार्ज पिट, कंटूर ट्रेंच और गेबियन चेक डैम) निर्मित की गई। इनकी जल भराव क्षमता 94.89 लाख घन मीटर है। इससे सिंचित रकबे में बढ़ोतरी 5,608.26 हेक्टेयर की हुई। सभी जल संरचनाओं की जियो-टैगिंग और नियमित समीक्षा की जा रही है।’जनभागीदारी और प्रशासनिक प्रयास’कलेक्टर सूरजपुर श्रीमती रेना जमील ने इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि जल संरक्षण प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। जिले के ग्रामीणों और किसानों ने अपनी भूमि उपलब्ध कराकर और श्रमदान देकर इस अभियान को सफल बनाया है। जिला पंचायत सीईओ ने बताया कि प्रधानमंत्री के कैच द रेन - जहां जल गिरे, वहीं सहेजें के संदेश को धरातल पर उतारते हुए पंचायत स्तर पर जल सुरक्षा और सिंचाई सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है, जिससे कृषि उत्पादन और ग्रामीण आजीविका में प्रत्यक्ष सुधार आ रहा है।
- सूरजपुर में बड़ा हादसा टलारायपुर/ उफनती नदियों में फंसे लोगों और ग्रामीणों के सुरक्षित रेस्क्यू के कई ऐसे मामले सामने आए हैं जहाँ प्रशासन, सेना और एसडीआरएफ (SDERF/SdRF) की टीमों ने जान जोखिम में डालकर लोगों की जान बचाई। सूरजपुर जिले के ओड़गी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम माढर में जिला प्रशासन और डीडीआरएफ (डिस्ट्रिक्ट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स) की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति की जान बचा ली। मछली पकड़ने के दौरान उफनती नदी के तेज बहाव में बहकर चट्टान पर फंसे ग्रामीण को घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।’मछली पकड़ने के दौरान बहाव की चपेट में आया ग्रामीण’जानकारी के अनुसार, सूरजपुर जिले के ओड़गी के ग्राम माढर निवासी अशोक सोनपाकर नदी में मछली पकड़ने गए थे। इसी दौरान नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया और वे तेज बहाव की चपेट में आ गए। खुद को संभालते हुए वे नदी के बीचों-बीच स्थित एक चट्टान पर जाकर फंस गए। घटना की जानकारी मिलते ही भैयाथान एसडीएम ने तत्काल जिला प्रशासन को सूचित किया।’विपरीत परिस्थितियों में चलाया गया रेस्क्यू ऑपरेशन’सूचना मिलते ही जिला सेनानी संजय गुप्ता के निर्देश पर डीडीआरएफ की संयुक्त टीम तुरंत मौके पर पहुंची। उफनती नदी और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद बचाव दल ने सूझबूझ और समन्वय के साथ जोखिम भरा रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और अशोक सोनपाकर को सुरक्षित बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।’बचाव टीम की महत्वपूर्ण भूमिका’इस सफल रेस्क्यू अभियान में डीडीआरएफ संयुक्त टीम प्रभारी हवलदार बीरबल गुप्ता, आनंद चौबे, धनश्य नेताम, हंसलाल, देवनारायण, त्रिनेत्र सिंह, शिवनारायण सिंह, सिद्धू सिंह, रिकेश कुमार एवं विदेश सिंह की सराहनीय भूमिका रही।’प्रशासन की नागरिकों से अपील’सफल रेस्क्यू के बाद जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि लगातार हो रही भारी बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। ऐसे में जल स्रोतों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों के समीप जाने से बचें, सुरक्षा निर्देशों का कड़ाई से पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासनिक अमले को सूचित करें।




























