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- - वर्ष 2025 में 820 विदेशी पर्यटकों ने की छत्तीसगढ़ की यात्रा-छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा विकसित की जा रही आधुनिक पर्यटन सुविधाएँ वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर दिला रही नई पहचानरायपुर। प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध जनजातीय संस्कृति, घने वन, झरनों की कलकल ध्वनि और ऐतिहासिक धरोहरों से परिपूर्ण छत्तीसगढ़ अब धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बना रहा है। वर्ष 2025 के दौरान कुल 820 विदेशी पर्यटकों ने छत्तीसगढ़ की यात्रा की, जो यह संकेत देता है कि राज्य की अनछुई प्राकृतिक संपदा और सांस्कृतिक विविधता विदेशी सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। राज्य सरकार और छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा विकसित की जा रही आधुनिक पर्यटन सुविधाएँ तथा बेहतर होती सुरक्षा व्यवस्था आने वाले समय में विदेशी पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावनाओं को और मजबूत कर रही है।छत्तीसगढ़ को “पर्यटकों का स्वर्ग” कहा जाता है, क्योंकि यहाँ प्रकृति और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। चित्रकोट और तीरथगढ़ जैसे भव्य जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान की जैव विविधता, सिरपुर और रतनपुर जैसे ऐतिहासिक-धार्मिक स्थल, बस्तर की अद्वितीय जनजातीय परंपराएँ और लोकनृत्य, सरगुजा के पर्वतीय क्षेत्र तथा जशपुर की शांत और हरित वादियाँ विदेशी सैलानियों को एक अलग अनुभव प्रदान करती हैं। यही कारण है कि छत्तीसगढ़ उन पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है, जो प्रकृति के करीब रहकर स्थानीय संस्कृति को समझना चाहते हैं।राज्य सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। प्रमुख पर्यटन स्थलों तक बेहतर सड़क संपर्क, पर्यटक सूचना केंद्रों की स्थापना, होटल और होम-स्टे सुविधाओं का विस्तार, पर्यटक मार्गदर्शकों का प्रशिक्षण, डिजिटल प्रचार-प्रसार तथा बुनियादी सुविधाओं के विकास जैसे प्रयासों से पर्यटकों को अधिक सुगम और सुरक्षित अनुभव मिल रहा है। इसके साथ ही राज्य में ग्रामीण पर्यटन, ईको-टूरिज्म और सांस्कृतिक पर्यटन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे स्थानीय समुदायों को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं।बस्तर क्षेत्र विदेशी सैलानियों के लिए अत्यंत संभावनाशील पर्यटन गंतव्य के रूप में उभर रहा है। यहाँ के प्राकृतिक जलप्रपात, घने वन, राष्ट्रीय उद्यान, आदिवासी जीवन शैली और प्रसिद्ध बस्तर दशहरा जैसे सांस्कृतिक आयोजन विश्वभर के पर्यटकों के लिए अनूठा अनुभव प्रस्तुत करते हैं। कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान की जैव विविधता, चित्रकोट जलप्रपात की भव्यता और तीरथगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता बस्तर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान देते हैं। चित्रकोट फॉल्स के पास तीर्था गांव में प्रीमियम लक्जरी टेंट सिटी प्रस्तावित है। चित्रकोट इंडिजिनस नेचर रिट्रीट नामक एक व्यापक प्रस्ताव पर्यटन मंत्रालय को प्रस्तुत करने के लिए तैयार किया जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य चित्रकोट को एक वैश्विक स्तर की प्रकृति और संस्कृति गंतव्य के रूप में पुनर्विकसित करना है। राज्य सरकार की इन योजनाओं से बस्तर आने वाले वर्षों में विदेशी पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण का केन्द्र होगा।बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था में आए सकारात्मक बदलाव भी पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं। बस्तर अब नक्सलवाद से मुक्त होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और क्षेत्र में शांति एवं विकास का नया वातावरण निर्मित हो रहा है। बेहतर सुरक्षा, सड़क संपर्क और पर्यटन सुविधाओं के विस्तार से न केवल देशी बल्कि विदेशी पर्यटकों का विश्वास भी बढ़ रहा है। इससे आने वाले समय में बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।हाल ही में संयुक्त राष्ट्र की मेंटर एवं हिवा कोचिंग एंड कंसल्टिंग की संस्थापक सुश्री किर्सी ह्यवैरिनेन की बस्तर की छह दिवसीय यात्रा ने भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ पर्यटन की संभावनाओं को नई पहचान दिलाई है। उन्होंने बस्तर की जनजातीय संस्कृति, प्राकृतिक सौंदर्य और स्थानीय समुदायों की जीवन शैली की सराहना करते हुए इसे विश्व के लिए एक अनूठा पर्यटन अनुभव बताया। इस प्रकार की अंतरराष्ट्रीय यात्राएँ और सकारात्मक अनुभव विदेशों में छत्तीसगढ़ की छवि को और मजबूत करेंगे तथा भविष्य में अधिक विदेशी सैलानियों को आकर्षित करने में सहायक होंगे।सरगुजा और जशपुर क्षेत्र भी विदेशी सैलानियों के लिए अपार संभावनाएँ समेटे हुए हैं। सरगुजा के पर्वतीय वन क्षेत्र, मैनपाट का शांत और मनोहारी वातावरण, जशपुर की हरित घाटियाँ तथा वहाँ की प्राकृतिक जैव विविधता प्रकृति प्रेमी पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करती है। इन क्षेत्रों में ईको-टूरिज्म और एडवेंचर टूरिज्म की संभावनाएँ भी तेजी से विकसित हो रही हैं, जिससे विदेशी पर्यटकों के लिए नए अनुभवों के द्वार खुल रहे हैं। छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार-प्रसार, पर्यटन मेलों में भागीदारी, डिजिटल प्लेटफार्मों के माध्यम से प्रचार तथा पर्यटन अवसंरचना के विकास जैसे कई कदम उठा रही है। साथ ही, स्थानीय संस्कृति, हस्तशिल्प, लोकनृत्य और पारंपरिक उत्सवों को पर्यटन से जोड़कर छत्तीसगढ़ को एक विशिष्ट सांस्कृतिक पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ विदेशी सैलानियों के लिए एक नया और आकर्षक पर्यटन केंद्र बनेगा। प्राकृतिक संपदा, सांस्कृतिक विविधता, बेहतर होती सुविधाएँ और सुरक्षित वातावरण मिलकर राज्य को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाने की दिशा में आगे बढ़ा रहे हैं।
- रायपुर। मेहनत, दृढ़ संकल्प और अटूट लगन से अभावों को अवसरों में बदलकर अपने विकास की कहानी लिखना संभव है। यह यात्रा चुनौतियों का सामना मुस्कुराकर करते हुए, निरंतर प्रयास और अदम्य साहस से आत्मनिर्भरता प्राप्त करने की है। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी योजना बिहान (छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन) ग्रामीण महिलाओं के जीवन में आत्मविश्वास और स्वावलंबन का नया सवेरा लेकर आ रही है। सरगुजा जिले के ग्राम पंचायत मेंड्राकला की रहने वाली श्रीमती हरमनिया देवी राजवाड़े कभी आर्थिक तंगी के कारण बच्चों की स्कूल फीस भरने के लिए जद्दोजहद करने वाली आज न केवल एक सफल उद्यमी हैं, बल्कि अपने बच्चों को बड़े शहरों में उच्च शिक्षा भी दिला रही हैं।हरमनिया देवी बताती हैं कि बिहान से जुड़ने से पहले उनकी माली हालत दयनीय थी। घर चलाना एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन आकांक्षा स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष बनने के बाद उनके जीवन ने नई करवट ली। उन्होंने समूह के माध्यम से पहला ऋण लिया और गाँव में ही एक छोटी सी किराना और श्रृंगार दुकान की शुरुआत की।मेहनत और लगन से जब किराना व्यवसाय सफल हुआ, तो उन्होंने ईमानदारी से ऋण चुकता किया। स्व-रोजगार की दिशा में कदम आगे बढ़ाते हुए उन्होंने दोबारा ऋण लिया और अब वे कपड़े का व्यवसाय भी सफलतापूर्वक संचालित कर रही हैं। हरमनिया बतातीं हैं कि, बिहान ने हमें सिखाया कि कैसे छोटे-छोटे कदमों से बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।आर्थिक मजबूती का सबसे बड़ा प्रभाव उनके बच्चों के भविष्य पर पड़ा है। हरमनिया देवी गर्व से बताती हैं कि एक समय था जब मैं बच्चों को सामान्य शिक्षा दिलाने में भी असमर्थ थी, लेकिन आज मेरी आमदनी इतनी अच्छी है कि मेरे बच्चे बिलासपुर जैसे बड़े शहर में रहकर उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। मैं बिना किसी परेशानी के उनकी फीस समय पर भर पा रही हूँ।हरमनिया देवी ने अपनी सफलता का श्रेय प्रदेश और केंद्र सरकार की नीतियों को देते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। उनका मानना है कि इस योजना ने ग्रामीण महिलाओं को घर की चारदीवारी से निकालकर लखपति दीदी बनने और समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाने का कार्य किया है।शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं से आज हरमानिया जैसी हजारों महिलाएँ बिहान के माध्यम से न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मुख्यधारा में भी शामिल होकर लखपति दीदी बन रही हैं।
- -ग्राम पंचायत बुड़ार में स्वच्छता की अलख जगाकर बनीं प्रेरणा स्रोतरायपुर । महिलाओं ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि मन में दृढ़ संकल्प हो, एकता हो और समाज के लिए कुछ करने की भावना हो, तो सकारात्मक परिवर्तन अवश्य लाया जा सकता है। आज कोरिया जिले के अंजनि, हीरा मनी, लीलावती और मित्तल अपने गाँव में स्वच्छता की एक मिसाल बन चुकी हैं और अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत हैं। इनका यह कार्य स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उनकी मेहनत यह संदेश देती है कि संकल्प, सहयोग और निरंतर प्रयास से गाँव को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सकता है।कोरिया जिले में जनपद बैकुंठपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत बुडार की चार महिलाएँ अपने अथक समर्पण, मेहनत और एकजुटता के कारण पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। ग्राम पंचायत में रहने वाली श्रीमती अंजनि, हीरा मनी, लीलावती और मित्तल ने ग्राम पंचायत में प्रेरणा का एक नया माहौल बनाया है। ये महिलाएँ पिछले लगभग तीन वर्षों से स्वच्छता दीदी के रूप में लगातार कार्य कर रही हैं और गाँव को स्वच्छ एवं स्वस्थ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।स्वच्छता दीदी बनकर ये महिलाएँ सप्ताह में दो दिन बुधवार और शनिवार को गाँव के घर-घर जाकर कचरा संग्रहण का कार्य करती हैं तथा ग्रामीणों को स्वच्छता के महत्व के बारे में जागरूक करती हैं। वे लोगों को समझाती हैं कि गीला और सूखा कचरा अलग-अलग रखने से गाँव स्वच्छ रहता है और कचरे का सही प्रबंधन संभव होता है।कार्य के प्रारंभिक दिनों में इन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। गाँव के बहुत से लोग कचरा अलग-अलग देने के लिए तैयार नहीं थे और स्वच्छता के प्रति जागरूकता भी कम थी। लेकिन इन महिलाओं ने धैर्य, मेहनत और निरंतर प्रयास से घर-घर जाकर लोगों को समझाया। धीरे-धीरे ग्रामीणों की सोच में सकारात्मक बदलाव आया और अब गाँव के प्रत्येक रहवासी नियमित रूप से कचरा देने लगे हैं। जिससे गांव में स्वच्छता का माहौल बना है। श्रीमती अंजनि, हीरा मनी, लीलावती और मित्तल ने बताया कि प्रशासन के सहयोग से उन्हें कबाड़ी का काम करने वाले व्यवसायी से भी जोड़ा गया, जिससे वे सूखे कचरे जैसे प्लास्टिक, कागज और अन्य पुनर्चक्रण योग्य सामग्री को बेचकर अतिरिक्त आय प्राप्त कर रही हैं। इस कार्य से प्रत्येक महिला को लगभग 2 से 3 हजार रुपए प्रति माह की आय प्राप्त होती है। अब तक ये चारों महिलाएँ मिलकर लगभग 2.5 लाख से अधिक की आय अर्जित कर चुकी हैं, जिससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है और उनमें आत्मनिर्भरता की भावना भी बढ़ी है। इन महिलाओं की सबसे बड़ी ताकत उनकी आपसी एकता और संगठन है, जिसके कारण वे मिल-जुलकर अपने कार्य को सफलतापूर्वक आगे बढ़ा रही हैं।इनके लगातार प्रयासों और उत्कृष्ट कार्यों को देखते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा इन महिलाओं को एक ई-रिक्शा भी प्रदान किया गया है, जिससे उन्हें कचरा संग्रहण के कार्य में काफी सुविधा मिल रही है। इस ई-रिक्शा के माध्यम से अब वे आसानी से घर-घर से कचरा एकत्र कर पाती हैं और अपने कार्य को और अधिक प्रभावी तरीके से कर रही हैं। इन महिलाओं ने मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के सुशासन से हम महिलाएं सशक्त हुई हैं।
- रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में सफल छत्तीसगढ़ के अभ्यर्थियों से वीडियो कॉल के माध्यम से संवाद कर उन्हें हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दीं।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस दौरान खरसिया (रायगढ़) निवासी श्री रौनक अग्रवाल, रायपुर निवासी श्री संजय डहरिया, धमतरी जिले के परसवानी निवासी श्री डायमंड सिंह ध्रुव तथा एमसीबी जिले के जनकपुर निवासी सुश्री दर्शना सिंह से बातचीत की।मुख्यमंत्री श्री साय ने उनके परिवारजनों से भी संवाद करते हुए इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आप सभी युवाओं ने अपनी मेहनत, लगन और धैर्य के बल पर प्रतिष्ठित यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफलता प्राप्त कर प्रदेश का मान बढ़ाया है। आपकी यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और यह संदेश देती है कि निरंतर परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण से किसी भी ऊँचाई को प्राप्त किया जा सकता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ से युवाओं का सिविल सेवा में चयन होना प्रदेश के लिए गौरव की बात है। इससे यह सिद्ध होता है कि छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों में भी प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और हमारे युवा अपने परिश्रम के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी सफल अभ्यर्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि यह सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों के सपनों को नई ऊर्जा और दिशा देने वाली प्रेरणा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये सभी प्रतिभाशाली युवा प्रशासनिक सेवाओं में रहते हुए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ जनसेवा करेंगे तथा राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
- -कड़ी मेहनत और लगन से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं : मुख्यमंत्री विष्णु देव सायरायपुर । संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में 35वीं रैंक प्राप्त करने वाली सुश्री वैभवी अग्रवाल ने आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में भेंट की। मुख्यमंत्री श्री साय ने सुश्री वैभवी को मिठाई खिलाकर उनकी इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दीं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुश्री वैभवी अग्रवाल ने अपनी प्रतिभा, कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा में उत्कृष्ट सफलता प्राप्त कर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वैभवी की यह सफलता प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की उपलब्धियाँ यह संदेश देती हैं कि लक्ष्य के प्रति समर्पण,अनुशासन और निरंतर प्रयास से कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सुश्री वैभवी अग्रवाल भविष्य में प्रशासनिक सेवा में अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हुए देश और समाज की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान देंगी। उन्होंने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आगामी दायित्वों के लिए शुभकामनाएँ दीं।इस अवसर पर सुश्री वैभवी अग्रवाल के पिता श्री शीतल अग्रवाल और भाई श्री विनायक अग्रवाल उपस्थित थे।
- रायपुर/ रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप के आदेशानुसार और नगर निगम जोन 8 जोन कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल के निर्देशानुसार रायपुर नगर निगम जोन क्रमांक 8 क्षेत्र अंतर्गत वीर सावरकर नगर वार्ड क्रमांक 1 क्षेत्र अंतर्गत जरवाय क्षेत्र में लगभग 1 एकड़ निजी भूमि पर की जा रही अवैध प्लाटिंग पर अज्ञात अवैध प्लाटिंगकर्त्ताओं द्वारा निर्मित अवैध मुरूम रोड को जेसीबी मशीन की सहायता से काटकर और वहाँ लगभग 12 प्लीन्थ लेवल तक किये गए अवैध निर्माणों को तोड़कर तत्काल कारगर रोक लगाने की कार्यवाही स्थल पर नगर निगम जोन 8 उपअभियंता श्री अबरार खान एवं नगर निगम जोन 8 नगर निवेश विभाग के अन्य सम्बंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति में की.
- युवा शक्ति को नई उड़ान देगा ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026’ - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव सायमुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में दिए आवश्यक निर्देशबिलासपुर/ प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने और जनजातीय अंचलों की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान करने के उद्देश्य से ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स छत्तीसगढ़-2026’ का आयोजन 25 मार्च से 06 अप्रैल 2026 तक किया जाएगा। इस प्रतियोगिता का आयोजन रायपुर, सरगुजा और बस्तर के खेल मैदानों में होगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में खेल एवं युवा कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक लेकर इस महत्वपूर्ण आयोजन की तैयारियों की विस्तृत जानकारी ली।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि युवा ही देश और प्रदेश का भविष्य हैं। राज्य सरकार शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और खेल सहित हर क्षेत्र में युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 न केवल वनांचल के खिलाड़ियों की प्रतिभाओं को पहचान देने का मंच बनेगा, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम भी सिद्ध होगा।बैठक में मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना, प्रदेश में खेल अधोसंरचनाओं की स्वीकृति एवं निर्माण, खेलो इंडिया की केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन, खेल अकादमियों की गतिविधियों, खेल अलंकरण, युवा महोत्सव और आगामी कार्ययोजना की भी समीक्षा की। उन्होंने विगत वर्षों में स्वीकृत वृहद एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल अधोसंरचना परियोजनाओं की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं और निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए।उल्लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा प्रथम ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ की मेजबानी छत्तीसगढ़ को प्रदान की गई है। इस आयोजन में कुल 7 प्रतिस्पर्धात्मक और 2 प्रदर्शनात्मक खेल आयोजित किए जाएंगे। रायपुर में तीरंदाजी, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, स्वीमिंग और कबड्डी (डेमो), सरगुजा में कुश्ती एवं मलखम्ब (डेमो) तथा बस्तर में एथलेटिक्स प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इस प्रतियोगिता में देश के लगभग 30 राज्यों से करीब 2500 खिलाड़ी और अधिकारी भाग लेंगे।मुख्यमंत्री श्री साय ने बैठक में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि खेलो इंडिया में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। साथ ही मलखम्ब खिलाड़ियों को एक लाख रुपये की विशेष प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी तथा अमेरिका गॉट टैलेंट में चयनित मलखम्ब खिलाड़ी अनतई पोटाई के अमेरिका आने-जाने का पूरा व्यय राज्य सरकार वहन करेगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर ओलंपिक में एक लाख 65 हजार से अधिक युवाओं की सहभागिता इस बात का प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से मुक्त होकर शांति, विकास और सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। जनजातीय अंचलों में खेल प्रतिभाओं की अपार संभावनाएं हैं और राज्य सरकार इन प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि आने वाले समय में बस्तर और सरगुजा अंचल में भी ओलंपिक स्तर के खेल आयोजनों के माध्यम से राज्य की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत होगी।बैठक में मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, सचिव श्री राहुल भगत, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार और संचालक श्रीमती तनूजा सलाम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
- सरकारी योजनाओं से मिल रहा संबलबिलासपुर/अपने हौसलों और आत्मविश्वास की बदौलत आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही है, अब न केवल शहरी महिलाएं बल्कि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को भी आत्मनिर्भरता की नई राह मिली है जिससे वे अपना जीवन संवार रही है और अन्य महिलाओं के लिए मिसाल बन रही है। आज ग्रामीण और आदिवासी अंचलों की महिलाएं आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रही हैं। केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं ने ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। इन योजनाओं की बदौलत अब महिलाएं न केवल परिवार की जिम्मेदारियों को निभा रही हैं, बल्कि आर्थिक रूप से सशक्त होकर समाज में अपनी अलग पहचान भी बना रही हैं।जिले के कोटा विकासखंड के विचारपुर पंचायत के आश्रित ग्राम जुरेली की सुशीला बाई की जिंदगी में भी सरकारी योजना ने नई उम्मीद जगाई है। पहले सीमित आय के कारण परिवार की जरूरतें पूरी करना उनके लिए मुश्किल होता था, लेकिन स्व सहायता समूह से जुड़कर उन्हें न केवल आजीविका के साधन मिले हैं साथ ही आत्मविश्वास का भी संचार हुआ है। महतारी वंदन योजना से हर माह मिलने वाली 1000 रुपए की राशि ने भी उन्हें बड़ी राहत दी है। अब वे घर के जरूरी खर्चों के साथ बच्चों की जरूरतों को भी आसानी से पूरा कर पा रही हैं। इसी तरह ग्राम सिलपहरी की उर्वशी भानू भी इस योजना से लाभान्वित होकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बना रही हैं। वे बताती हैं कि यह राशि उनके लिए किसी सहारे से कम नहीं है और इससे बच्चों की पढ़ाई और घर के छोटे-मोटे खर्च पूरे करने में मदद मिलती है, साथ ही वे स्व सहायता समूह से जुड़कर टेंट का व्यवसाय भी कर रही हैं जिससे उनकी अपमदनी बढ़ी है।महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की एक प्रेरक कहानी बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम रमतला की विजेता रामसनेही उर्फ अन्नू कोरी की है। उन्होंने रेशम और कोसा बीज उत्पादन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। रमतला रेशम अनुसंधान एवं विकास केंद्र से प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन प्राप्त कर उन्होंने मात्र एक माह में 12 हजार कोसा बीज तैयार कर एक मिसाल कायम की। उनकी इस उपलब्धि के लिए केंद्रीय रेशम बोर्ड द्वारा सम्मानित भी किया गया। इस कार्य से उन्हें लगभग 40 हजार रुपए की आय हुई, जिससे उन्होंने अपने परिवार को आर्थिक संबल दिया और बच्चों की शिक्षा व बेहतर भविष्य की दिशा में कदम बढ़ाए। विजेता कोरी को प्रधानमंत्री आवास योजना से पक्का घर मिला, महतारी वंदन योजना से हर माह आर्थिक सहायता मिल रही है और बच्चों को छात्रवृत्ति योजना का लाभ भी प्राप्त हो रहा है। इसके साथ ही राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की बिहान योजना से जुड़े स्व-सहायता समूह के माध्यम से उन्होंने मछली पालन का कार्य भी शुरू किया है, जिससे उनकी आय के नए स्रोत बने हैं।इसी तरह मस्तूरी विकासखंड के ग्राम कर्रा में महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने बिहान योजना के माध्यम से “बर्तन बैंक” की अनूठी पहल शुरू की है। गायत्री महिला स्व सहायता समूह की अध्यक्ष गौरी यादव ने बताया कि पहले गांव में शादी-ब्याह और अन्य कार्यक्रमों में प्लास्टिक और थर्माकोल के डिस्पोजल का अधिक उपयोग होता था, जिससे गंदगी और पर्यावरण प्रदूषण काफी होता था , इसे देखते हुए महिलाओं ने सामूहिक रूप से स्टील के बर्तन खरीदकर बर्तन बैंक की शुरुआत की। अब गांव में होने वाले कार्यक्रमों के लिए ये बर्तन किराए पर उपलब्ध कराए जाते हैं। इससे न केवल गांव में डिस्पोजल का उपयोग लगभग बंद हो गया है, बल्कि गांव का वातावरण भी स्वच्छ बना हुआ है। साथ ही बर्तन किराए से होने वाली आय से स्व सहायता समूह की महिलाओं की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो रही है।महिलाओं के हौसलों और सरकारी योजनाओं से मिले संबल से अब ग्रामीण महिलाओं का जीवन बदल रहा है और इस बदलाव से न केवल उनका जीवन संवर रह है बल्कि इस बदलाव का सकारात्मक प्रभाव परिवार समाज और देश पर भी पड़ रहा है, अब सरकारी योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि गांव-गांव तक पहुंचकर महिलाओं का जीवन बेहतर बना रही हैं। महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, छात्रवृत्ति योजनाएं और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की बिहान योजना जैसी पहल ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है सरकारी योजनाओं के सहयोग और अपनी मेहनत ,हौसलों के दम पर ग्रामीण महिलाएं सशक्तिकरण की नई कहानी लिख रही हैं। इन योजनाओं से लाभान्वित महिलाएं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि सरकार की इन योजनाओं ने उन्हें सम्मान, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की नई राह दिखाई है।
- अब तक 23 हजार से अधिक घरों का हुआ सर्वेभिलाई नगर।नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्रांतर्गत मच्छर जनित रोगों जैसे डेंगू और मलेरिया से बचाव एवं मच्छर उन्मूलन हेतु जन जागरूकता अभियान युद्ध स्तर पर जारी है। निगम आयुक्त राजीव कुमार पांडेय के कड़े निर्देशों के परिपालन में स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली के मार्गदर्शन में निगम के विशेष दस्ते और जिला मलेरिया विभाग की संयुक्त टीम द्वारा रोस्टर अनुसार घर-घर जाकर गहन सर्वेलेंस और सर्वेक्षण कार्य किया जा रहा है।वरिष्ठ स्वच्छता निरीक्षक के.के.सिंह के नेतृत्व में निगम की टीम ने 01 अप्रैल 2025 से 06 मार्च 2026 तक की अवधि में व्यापक कार्रवाई की है ।23,935 घरों का निरीक्षण किया गया। कुल 10,874 मच्छर प्रजनन स्रोतों (कूलर-3945, टंकी-2973, ड्रम/कंटेनर-3924 एवं अन्य-32) की जांच कर पुराने जमा पानी को खाली कराया गया। 20,073 घरों के 26,478 कूलरों में वयस्क मच्छरों के नियंत्रण हेतु एवं 9472 कूलरों में लार्वा नष्ट करने हेतु 'एक्यूगार्ड' का छिड़काव किया गया।सर्वे के दौरान नागरिकों को मच्छरों से बचाव और स्वच्छता बनाए रखने के लिए आवश्यक स्वास्थ्य शिक्षा भी प्रदान की जा रही है। कूलर के पानी को सप्ताह में कम से कम एक बार अनिवार्य रूप से खाली कर और सुखाकर ही नया पानी भरें।मच्छरों को वयस्क अवस्था में पहुंचने से पहले लार्वा स्तर पर ही नष्ट करने में सहयोग दें।घर के आसपास नालियों में पानी जमा होने पर उसमें जला हुआ मोबिल ऑयल डालें।पक्षियों और मवेशियों के पीने के पानी के बर्तन (नांद) को भी सप्ताह में एक बार अवश्य साफ करें।नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनसहयोग से ही शहर को डेंगू और मलेरिया मुक्त बनाया जा सकता है। निगम की टीमें आने वाले दिनों में और भी मुस्तैदी के साथ चिन्हित क्षेत्रों में अभियान चलाएंगी।
- -टाटीबंध तालाब की सफाई करवाकर कचरा उठवाकर सफाई जनजागरण अभियान चलाने के दिए निर्देशरायपुर/नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे के निर्देश पर नगर निगम स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर ने नगर निगम जोन 8 क्षेत्र अंतर्गत टाटीबंध तालाब और बस्ती क्षेत्र की स्वच्छता व्यवस्था का प्रत्यक्ष निरीक्षण नगर निगम जोन 8 जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री गोपीचंद देवांगन और स्वच्छता निरीक्षक श्री रितेश झा की उपस्थिति में किया और सफाई व्यवस्था की स्थल समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश दिए.नगर निगम स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर ने टाटीबंध तालाब का सौंदर्य कायम रखने तालाब क्षेत्र को स्वच्छ और सुन्दर बनाये रखने स्वच्छता अभियान चलाने और कचरा उठवाने सहित स्थानीय रहवासियों के मध्य क्षेत्र की स्वच्छता को लेकर नगर निगम जोन 8 स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से सघन जनजागरण अभियान शीघ्र चलाये जाने के निर्देश जोन स्वास्थ्य अधिकारी और स्वच्छता निरीक्षक को स्थल पर दिए.
- 15 मार्च तक चलेगी प्रदर्शनी, प्रदेश के विभिन्न जिलों के बुनकर करेंगे आकर्षक वस्त्रों का प्रदर्शन एवं विक्रयबिलासपुर/ राज्य शासन के ग्रामोद्योग विभाग के अंतर्गत संचालक हथकरघा के सौजन्य से जिला हथकरघा कार्यालय बिलासपुर द्वारा राज्य स्तरीय कोसा एवं कॉटन ऑफ छत्तीसगढ़ हथकरघा वस्त्र प्रदर्शनी सह विक्रय का आयोजन 8 मार्च से 15 मार्च 2026 तक राघवेंद्र राव सभा भवन, कंपनी गार्डन के पास बिलासपुर में किया जा रहा है। प्रदर्शनी का शुभारंभ 8 मार्च को शाम 4 बजे नगर निगम बिलासपुर की महापौर श्रीमती पूजा विधानी द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया जाएगा।प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक हथकरघा वस्त्रों की उत्कृष्ट कारीगरी और विविध उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा। आयोजन का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के हथकरघा बुनकरों को उनके उत्पादों के विपणन के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराना तथा आम नागरिकों को पारंपरिक हथकरघा वस्त्रों से सीधे जोड़ना है। इसके माध्यम से उपभोक्ताओं के सुझावों के आधार पर नए डिजाइनों के विकास को भी प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही बुनकरों के लिए रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी तथा महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिलेगा।प्रदर्शनी में रायगढ़, जांजगीर-चांपा, बिलासपुर, चंद्रपुर, धुरी, सिवनी, रामटेला, लोफंदी, बिलाईगढ़ और सोमाडिह जैसे कोसा एवं सूती उत्पादक क्षेत्रों के बुनकर समितियों और प्रतिनिधियों द्वारा भाग लिया जाएगा। प्रदर्शनी में उत्कृष्ट कोसा साड़ियां, कोसा मलमल, कोसा ड्रेस मटेरियल, कोसा सलवार सूट, कोसा बाफ्टा, सूती साड़ियां, कॉटन सूटिंग-शर्टिंग, दुपट्टे, बेडशीट, बेड कवर, पिलो कवर, टॉवेल, नेपकिन और गमछा सहित विभिन्न आकर्षक वस्त्र उत्पाद उपलब्ध रहेंगे।प्रदर्शनी के नोडल अधिकारी एवं उपसंचालक हथकरघा बिलासपुर श्री डी धकाते ने बताया कि यह प्रदर्शनी 8 मार्च से 15 मार्च 2026 तक प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात 10 बजे तक आम नागरिकों के लिए खुली रहेगी। उन्होंने नागरिकों से प्रदर्शनी में पहुंचकर छत्तीसगढ़ की पारंपरिक बुनाई कला और हस्तनिर्मित वस्त्रों का अवलोकन कर बुनकरों को प्रोत्साहित करने की अपील की है।
- -32 विद्यालयों में बालक बालिका शौचालय, 21 विद्यालयों में कीचन शेड सहित 3.08 करोड़ के विकास कार्यों का भूमिपूजन संपन्नरायपुर। शासकीय स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रहे कोरबा नगर विधायक एवं छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने आज शुक्रवार को 32 विद्यालयों में बालक बालिका शौचालय निर्माण और 21 विद्यालयों में किचन शेड निर्माण कार्य समेत 3.08 करोड़ के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया।कोरबा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत दर्री जोन के शासकीय स्कूल अगारखार के पास आयोजित भूमि पूजन कार्यक्रम में मंत्री श्री लखन लाल देवांगन और महापौर श्रींमती संजू देवी राजपूत समेत अन्य अतिथि गणों ने विधिवत भूमिपुजन एवं शिलान्यास किया।भूमि पूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि, कैबिनेट मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी के सुशासन में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ और सुसज्जित करने की दिशा में निरंतर ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उनके नेतृत्व में प्राथमिक से लेकर उच्चतर माध्यमिक स्तर तक की शैक्षणिक संस्थाओं में अधोसंरचना को उन्नत करने पर विशेष बल दिया जा रहा है। जिला खनिज न्यास मद से शासकीय स्कूलों के नवीन भवन निर्माण, बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय, किचन शेड, सुरक्षा हेतु बाउंड्रीवॉल का निर्माण तेजी से कराए जा रहे हैं।इसी तरह इसी तरह कोसाबाड़ी जोन अंतर्गत सरस्वती शिशु मंदिर सीएसईबी कोरबा में आयोजित भूमि पूजन कार्यक्रम में मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि सुशासन की सरकार में आज कोरबा नगर समेत जिले का सर्वांगीण विकास हो रहा है। जनता की अपेक्षा में खरा उतारते हुए उनकी हर मांग और जरूर को ध्यान में रखते हुए कार्य किए जा रहे हैं।सरस्वती शिशु मंदिर, बच्चों के अंदर भारत और भारतीयता के प्रति, एक नागरिक के रूप में उन कर्तव्यों का बोध कराने, सुयोग्य नागरिक बनाने हेतु अपने राष्ट्रीय दायित्व का ईमानदारी पूर्वक निर्वहन कर रहा है।यहां से निकले हुए छात्र आज जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में समाज को नेतृत्व देकर 'विकसित भारत' के संकल्प के साथ जुड़कर पूरी प्रतिबद्धता के साथ अपना योगदान दे रहे हैं। मेरा सौभाग्य है कि मुझे विकास कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ है।इस अवसर पर मध्य क्षेत्र विद्या भारती के उपाध्यक्ष श्री जुडावान सिंह ठाकुर, श्री अशोक तिवारी, श्री कैलाश नाहक, नगर श्री मृगेश यादव, श्री अमृतलाल, श्री नागेंद्र सिंह, श्री धीरेंद्र सिंह, स्कूल के व्यवस्थापक श्री जोगेश लांबा, पार्षद श्री अशोक चावलानी, श्री पंकज देवांगन, श्री नरेंद्र देवांगन, श्री हीतानंद अग्रवाल, श्री राकेश वर्मा, श्री चंद्रलोक सिंह, श्रीमती ममता यादव, श्री राम कुमार साहू, स्कूल के प्राचार्य श्री राजकुमार देवांगन, अध्यक्ष श्री नानजी भाई पटेल, सभापति श्री नूतन सिंह ठाकुर, पार्षद श्री विन्रम तिवारी, श्री मुकुंद सिंह कंवर, श्री सरोज शांडिल्य , श्री फिरत साहू, श्री रतन कंवर, श्री अजय चंद्रा, सहित गणमान्य नागरिक मौजूद थे.इस अवसर पर महापौर श्रींमती संजू देवी राजपूत ने कहा कि विष्णुदेव सरकार आज विकास के हर पैमाने पर 100 फीसदी खरा उतरते हुए कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी के कुशल नेतृत्व और उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन के मार्गदर्शन में मूलभूत सुविधाओं सीसी रोड, नाली, पेयजल, सफाई, स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों के नए भवन के निर्माण तेजी से हो रहे हैं। शहर के 10 नालों को जोड़कर एसटीपी प्लांट से पानी को ट्रीटमेंट करने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है।भूमि पूजन कार्यक्रम में स्थाईजनों ने भी विष्णुदेव सरकार एवं मंत्री श्री देवांगन के इस पहल को लेकर आभार व्यक्त किया और सरकार के प्रयासों की सराहना की। नागरिकों ने कहा कि शौचालय नहीं होने से स्कूली बच्चों को बहुत परेशानी हो रही थी।लोगों ने शिक्षा के क्षेत्र में इस तरह की योजनाओं को लेकर सरकार के प्रयासों की सराहना की। क्षेत्र के बच्चों को सर्व सुविधा स्कूलों में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्राप्त होगी, जिससे उनका भविष्य उज्जवल होगा।नगर पालिक निगम कोरबा क्षेत्रांतर्गत दर्री जोन के 32 शासकीय विद्यालयों में बालक-बालिका शौचालय निर्माण (लागत 1 करोड़ 60 लाख रुपए) तथा दर्री जोन अंतर्गत 21 शासकीय स्कूलों में किचन शेड निर्माण कार्य (लागत 73 लाख रुपए), कोसाबाड़ी जोन अंतर्गत विभिन्न विकास कार्य वार्ड क्रमांक 19 में सीएसईबी के अंतर्गत सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय में अथिति स्वरूप भवन निर्माण कार्य (लगभग 25 लाख रुपए), वार्ड क्रमांक 22 में रोड निर्माण एवं शेड निर्माण कार्य ( 10 लाख रुपए), वार्ड क्रमांक 24 नेहरू नगर के मुख्य मार्ग में ग्रीनवेल्ट निर्माण कार्य ( 30 लाख रुपए) तथा वार्ड क्रमांक 21 (पूर्व वार्ड क्रमांक 19) गायत्री यज्ञपीठ सीएसईबी कॉलोनी कोरबा में अतिरिक्त भवन निर्माण एवं जीर्णोंद्धार कार्य (लगभग 10 लाख रुपए) शामिल है।
- -बिरगांव होली मिलन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री, प्रदेशवासियों को दी होली की शुभकामनाएंरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज शाम नगर निगम बिरगांव में आयोजित होली मिलन समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्र के नागरिकों को रंगों के इस पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस वर्ष होली का उत्साह प्रदेश में और भी अधिक है, क्योंकि राज्य सरकार द्वारा अन्नदाता किसानों के खातों में धान उपार्जन के अंतर की राशि अंतरित की गई है। इससे किसानों के परिवारों में खुशी का माहौल है और त्यौहार की रौनक दोगुनी हो गई है। उन्होंने कहा कि किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी समृद्धि ही राज्य की समृद्धि का आधार है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि होली का पर्व आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव का प्रतीक है। यह त्योहार समाज में एकता, समरसता और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देता है तथा लोगों को एक-दूसरे के और करीब लाने का अवसर प्रदान करता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की मंशानुरूप प्रदेश में नक्सलवाद अब समाप्ति की ओर है और बस्तर अंचल में शांति और विकास का नया अध्याय शुरू हो रहा है। राज्य सरकार बस्तर सहित पूरे प्रदेश में शांति, विकास और खुशहाली के लिए निरंतर कार्य कर रही है।समारोह के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक मंडली द्वारा प्रस्तुत मनमोहक फाग गीत का आनंद लिया। साथ ही विधायक श्री अनुज शर्मा की प्रस्तुति पर उपस्थित लोगों ने भी खूब उत्साह दिखाया। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने पिचकारी चलाकर रंगों की बौछार की और लोगों के साथ होली की खुशियां साझा कीं।इस अवसर पर रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, श्री योगेश साहू, निशक्तजन आयोग के अध्यक्ष श्री लोकेश कावड़िया, सीआईडीसी अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम, उपाध्यक्ष श्री अंजय शुक्ला, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शंशाक शर्मा, पूर्व विधायक एवं आरडीए अध्यक्ष श्री नंदे साहू, छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के अध्यक्ष श्री मिर्जा एजाज बेग, श्री रमेश ठाकुर, श्री भागीरथी यादव, श्री मनोज जोशी सहित बिरगांव नगर निगम के पार्षदगण, स्थानीय जनप्रतिनिधि, नागरिक और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित थे।
- - अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष- श्रीमती निर्मला ने अपनी बिटिया के नाम से सुकन्या समृद्धि योजना के तहत खुलवाया खाता- महतारी वंदन योजना से निर्मला की बिटिया के भविष्य को मिला सुरक्षित आधारराजनांदगांव । जिले के छुरिया विकासखंड अंतर्गत ग्राम कुमरदा निवासी श्रीमती निर्मला कोलियारे के जीवन में महतारी वंदन योजना से सकारात्मक बदलाव आया है। श्रीमती निर्मला ने बताया कि राज्य शासन द्वारा शुरू की गई महतारी वंदन योजना से उन्हें आर्थिक संबल मिला है, जिससे वे अपने परिवार की जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा कर पा रही हैं। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा इस योजना की शुरूआत की गई, तब उन्होंने भी इसका लाभ लेने के लिए आवेदन किया था। महतारी वंदन योजना के तहत 10 मार्च 2024 से उन्हें प्रतिमाह 1000 रूपए की सहायता राशि प्राप्त हो रही है। इस राशि ने उनके जीवन में नई उम्मीद जगाई है। उन्होंने इस राशि का उपयोग अपनी बिटिया के उज्जवल भविष्य के लिए करने का निर्णय लिया। श्रीमती निर्मला ने बताया कि अपनी बिटिया के नाम से उन्होंने सुकन्या समृद्धि योजना के तहत खाता खुलवाया। पहले आर्थिक तंगी के कारण वे वर्ष में केवल 1 हजार रूपए ही जमा कर पाती थी, लेकिन अब महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि से वे प्रतिमाह 500 रूपए कुल प्रतिवर्ष 6000 हजार रूपए जमा कर पा रही है। इससे उन्हें अपनी बेटी की शिक्षा और भविष्य को लेकर अब काफी भरोसा मिला है। इसके साथ ही अब वे अपने परिवार के लिए पौष्टिक फल और सब्जियां भी खरीद पा रही है, जिससे परिवार के स्वास्थ्य में सुधार आया है। श्रीमती निर्मला कोलियारे ने बताया कि महतारी वंदन योजना उनके जैसी अनेक महिलाओं के लिए वरदान से कम नहीं है। यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर और जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में सफलता प्राप्त करने वाले छत्तीसगढ़ के सभी अभ्यर्थियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रदेश के प्रतिभाशाली युवाओं ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर यह उपलब्धि हासिल कर पूरे छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने वैभवी अग्रवाल, दर्शना सिंह बघेल, डायमंड सिंह ध्रुव, रौनक अग्रवाल और संजय डहरिया को उनकी उल्लेखनीय सफलता के लिए बधाई दी है। उन्होंने कहा कि इन होनहार बेटे-बेटियों की उपलब्धि प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणादायक है और यह दिखाती है कि निरंतर परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण से किसी भी ऊँचाई को प्राप्त किया जा सकता है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सभी सफल अभ्यर्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि छत्तीसगढ़ के युवाओं को बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने के लिए प्रेरित करती है।मुख्यमंत्री ने कहा कि इन युवाओं की सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों के सपनों को नई ऊर्जा और दिशा देने वाली प्रेरणा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ये सभी प्रतिभाशाली युवा प्रशासनिक सेवाओं में रहते हुए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ जनसेवा करेंगे तथा राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
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बिलासपुर /खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर 8 मार्च 2026 को एक दिवसीय महिला खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम स्व. बी.आर. यादव राज्य खेल प्रशिक्षण केंद्र, बहतराई, बिलासपुर में प्रातः 10 बजे से आयोजित होगा।
प्रतियोगिता के अंतर्गत कबड्डी, आर्चरी, बास्केटबॉल और वॉलीबॉल सहित चार विभिन्न खेलों का आयोजन किया जाएगा। प्रतियोगिता में 12 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की प्रतिभागी भाग ले सकेंगी। कार्यक्रम के समापन पर विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा। खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने सभी इच्छुक प्रतिभागियों से समय पर कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित होकर प्रतियोगिता में भाग लेने का आग्रह किया है।कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को स्वास्थ्य और खेलों के प्रति जागरूक करना, उनमें स्वस्थ जीवनशैली के प्रति रुचि विकसित करना तथा खेल एवं शारीरिक गतिविधियों के माध्यम से स्वयं को स्वस्थ रखने के लिए प्रेरित करना है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के महत्व को भी रेखांकित किया जाएगा। - -युवा शक्ति को नई उड़ान देगा ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026’ - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय-मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में दिए आवश्यक निर्देशरायपुर। प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने और जनजातीय अंचलों की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान करने के उद्देश्य से ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स छत्तीसगढ़-2026’ का आयोजन 25 मार्च से 06 अप्रैल 2026 तक किया जाएगा। इस प्रतियोगिता का आयोजन रायपुर, सरगुजा और बस्तर के खेल मैदानों में होगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में खेल एवं युवा कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक लेकर इस महत्वपूर्ण आयोजन की तैयारियों की विस्तृत जानकारी ली।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि युवा ही देश और प्रदेश का भविष्य हैं। राज्य सरकार शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और खेल सहित हर क्षेत्र में युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 न केवल वनांचल के खिलाड़ियों की प्रतिभाओं को पहचान देने का मंच बनेगा, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम भी सिद्ध होगा।बैठक में मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना, प्रदेश में खेल अधोसंरचनाओं की स्वीकृति एवं निर्माण, खेलो इंडिया की केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन, खेल अकादमियों की गतिविधियों, खेल अलंकरण, युवा महोत्सव और आगामी कार्ययोजना की भी समीक्षा की। उन्होंने विगत वर्षों में स्वीकृत वृहद एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल अधोसंरचना परियोजनाओं की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं और निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए।उल्लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा प्रथम ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ की मेजबानी छत्तीसगढ़ को प्रदान की गई है। इस आयोजन में कुल 7 प्रतिस्पर्धात्मक और 2 प्रदर्शनात्मक खेल आयोजित किए जाएंगे। रायपुर में तीरंदाजी, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, स्वीमिंग और कबड्डी (डेमो), सरगुजा में कुश्ती एवं मलखम्ब (डेमो) तथा बस्तर में एथलेटिक्स प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इस प्रतियोगिता में देश के लगभग 30 राज्यों से करीब 2500 खिलाड़ी और अधिकारी भाग लेंगे।मुख्यमंत्री श्री साय ने बैठक में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि खेलो इंडिया में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। साथ ही मलखम्ब खिलाड़ियों को एक लाख रुपये की विशेष प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी तथा अमेरिका गॉट टैलेंट में चयनित मलखम्ब खिलाड़ी अनतई पोटाई के अमेरिका आने-जाने का पूरा व्यय राज्य सरकार वहन करेगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर ओलंपिक में एक लाख 65 हजार से अधिक युवाओं की सहभागिता इस बात का प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से मुक्त होकर शांति, विकास और सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। जनजातीय अंचलों में खेल प्रतिभाओं की अपार संभावनाएं हैं और राज्य सरकार इन प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि आने वाले समय में बस्तर और सरगुजा अंचल में भी ओलंपिक स्तर के खेल आयोजनों के माध्यम से राज्य की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत होगी।बैठक में मुख्य सचिव श्री विकाश शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, सचिव श्री राहुल भगत, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार, संचालक खेल श्रीमती तनुजा सलाम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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बिलासपुर/शासकीय उद्यान रोपणी बहतराई, विकासखण्ड तखतपुर में स्थित आम के मातृ वृक्षों में लगे फलों की नीलामी 10 मार्च को 2026 को आयोजित की जाएगी। उद्यान अधीक्षक कार्यालय द्वारा जारी सूचना के अनुसार नीलामी प्रक्रिया बंद लिफाफा पद्धति से संपन्न होगी। नीलामी में भाग लेने के इच्छुक व्यक्ति नीलामी की तिथि के पूर्व किसी भी दिवस दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक आम पौधों में लगे फलों का निरीक्षण कर सकते हैं। नीलामी शर्तों की विस्तृत जानकारी उद्यान अधीक्षक कार्यालय बहतराई, विकासखण्ड तखतपुर से प्राप्त की जा सकती है।
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*जनता को पेयजल उपलब्ध कराना निगम की ज़िम्मेदारी*
*सभी अधिकारी पेयजल की समस्या को गंभीरता से ले.**महापौर मीनल ने गर्मी में सुगम जलापूर्ति हेतु पुख्ता तैयारी को लेकर सभी जोन कमिश्नरों को दिए सख्त निर्देश**आयुक्त ने शहर के सभी जलागारों की मैकेनिकल सफाई अभियानपूर्वक शीघ्र करवाने के दिए निर्देश**गर्मी में निगम क्षेत्र के वार्डों में लोगों को सुगम जलआपूर्ति का दायित्व अच्छी तरह निर्वहन करें*रायपुर/महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कहा है कि पेयजल उपलब्ध कराना निगम की जिम्मेदारी h. सभी अधिकारी पेयजल की समस्या को गंभीरता से लें. सभी जोन कमिश्नर प्रतिदिन वार्डों में जलापूर्ति का नियमित निरीक्षण करें.आज नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप सहित गर्मी में राजधानी शहर नगर निगम क्षेत्र के सभी वार्डों में नागरिकों को सुगम जलापूर्ति की तैयारियों को लेकर आवश्यक बैठक लेकर सम्बंधित अधिकारियों को निर्देशित किया.महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने सभी जोन कमिश्नरों को अपनी टीम के अधिकारियों औऱ कर्मचारियों के साथ जोन अंतर्गत वार्डों का गर्मी में पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था पुख्ता करने नियमित निरीक्षण कर जल आपूर्ति के समय टेल एंड तक नागरिकों को सुगम जलापूर्ति किया जाना सुनिश्चित करने निर्देशित किया है.महापौर ने कहा कि जोन कमिश्नर वार्डों में जलसमस्या होने पर जोन से उसका सम्बंधित स्पाट पर तत्काल कार्यवाही कर समुचित निराकरण करेंगे औऱ इसमें जोन के स्तर पर तकनीकी समस्या निदान में आने पर इसकी तत्काल जानकारी नगर निगम मुख्यालय जल बोर्ड के अभियंताओं को देकर उनसे सम्बंधित क्षेत्र की जलसमस्या का वहाँ त्वरित निदान करवाएंगे. जोन कमिश्नर वार्ड पार्षदों के साथ समन्वय बनाकर अभी से जलसमस्या के संभावित क्षेत्रों में जलसमस्या निदान करवा लेंगे, ताकि गर्मी में नागरिकों को पानी को लेकर इधर - उधर ना भटकना पड़े.महापौर ने गर्मी में पेयजल वितरण का अपव्यय पर कारगर अंकुश लगाने कड़े निर्देश दिये.महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने जोन कमिश्नरों को अवैध नल कनेक्शनों पर नियमानुसार कड़ी कार्यवाही कर उन्हें करारोपण में सम्मिलित करने के निर्देश दिए हैँ. महापौर ने पार्षदों से समन्वय बनाकर वार्डों में व्यवहारिक आवश्यकता के अनुसार विभिन्न पॉइंट्स की सूची तैयार करते हुए पेयजल टैंकरों से पेयजल आपूर्ति जलसंकट ग्रस्त क्षेत्रों में करवाया जाना सुनिश्चित करने के निर्देश सभी जोन कमिश्नरों को दिए हैँ.आयुक्त श्री विश्वदीप ने सभी जोन कमिश्नरों को गर्मी में रायपुर नगर निगम के सभी वार्डों में सुगम पेयजल आपूर्ति की पुख्ता तैयारी कर अपना प्रशासनिक कार्य दायित्व निर्वहन अच्छी तरह करने निर्देशित किया है. उन्होंने कहा कि गर्मी में सुगम पेयजल आपूर्ति के कार्य में लापरवाही मिलने पर जवाबदेही तय कर सम्बंधित अधिकारी पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी. नागरिकों को गर्मी में निगम क्षेत्र में पेयजल को लेकर कोई बड़ी समस्या ना होने पाए, यह प्रतिदिन वार्डों का निरीक्षण जल आपूर्ति के समय अपनी टीम सहित करके सभी जोन कमिश्नर सुनिश्चित करें. पेयजल की गर्मी में सतत मॉनिटरिंग करते हुए सुगम आपूर्ति औऱ शत - प्रतिशत राजस्व वसूली के कार्य को सभी जोन कमिश्नर औऱ अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण सर्वोच्च प्राथमिकता में रखकर अपना प्रशासनिक कार्य दायित्व अच्छी तरह से निर्वहन करें.आयुक्त ने शहर में स्थित सभी 45 जलागारों की मैकेनिकल सफाई अभियान चलाकर शीघ्र करने के निर्देश फिल्टरप्लांट के सम्बंधित अधिकारियों को दिए हैँ. बैठक में नगर निगम अपर आयुक्त श्री विनोद पाण्डेय, अधीक्षण अभियंता श्री राजेश राठौर सहित सभी जोन कमिश्नर, कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता की उपस्थिति रही. - -अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में रायपुर में आयोजित होगा ‘लखपति दीदी संवाद’ कार्यक्रमरायपुर ।अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ द्वारा 7 मार्च 2026 को रायपुर के इंडोर स्टेडियम में ‘लखपति दीदी संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस गरिमामय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।कार्यक्रम की अध्यक्षता उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा करेंगे। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर प्रदेश भर से हजारों लखपति दीदियां कार्यक्रम में भाग लेंगी।मुख्यमंत्री श्री साय इन महिलाओं से संवाद करते हुए उनकी सफलता की कहानियां सुनेंगे और शासन की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलाव की जानकारी प्राप्त करेंगे। यह कार्यक्रम महिलाओं के आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को साझा करने का महत्वपूर्ण मंच बनेगा।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के करकमलों से लखपति दीदी आधारित कॉफी टेबल बुक तथा छत्तीसकला आधारित ब्रांड बुक का विमोचन किया जाएगा। इसके साथ ही ‘लखपति दीदी ग्राम पोर्टल’ का शुभारंभ भी किया जाएगा। इन प्रकाशनों के माध्यम से स्व-सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं की उपलब्धियों और आत्मनिर्भरता की प्रेरक यात्राओं को व्यापक रूप से प्रस्तुत किया जाएगा। कार्यक्रम में प्रदेश भर से उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्व-सहायता समूह की महिलाओं, कैडर्स और लखपति दीदियों को सम्मानित भी किया जाएगा। यह आयोजन महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार के सतत प्रयासों को रेखांकित करेगा और अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करेगा।
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रायपुर। छत्तीसगढ़ सिख समाज ने वरिष्ठ राजनयिक सरदार तरनजीत सिंह संधू को दिल्ली का नया उप-राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
छत्तीसगढ़ सिख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा ने जारी बयान में कहा कि देश के प्रतिष्ठित राजनयिक और अनुभवी प्रशासक सरदार तरनजीत सिंह संधू को दिल्ली जैसे महत्वपूर्ण केंद्र शासित प्रदेश का उप-राज्यपाल नियुक्त किया जाना देश के सिख समाज के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संधू अपने अनुभव, दूरदर्शिता और प्रशासनिक क्षमता के बल पर राजधानी दिल्ली के विकास और सुशासन को नई दिशा देंगे।
प्रदेश अध्यक्ष सिंघोत्रा ने इस नियुक्ति के लिए देश के प्रधानमंत्री Narendra Modi के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने हमेशा सिख समाज के इतिहास, परंपरा और गुरुओं के बलिदान को देश-दुनिया तक पहुंचाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की पहल पर देश में सिख गुरुओं की महान विरासत और उनके त्याग-बलिदान की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, जिससे सिख समाज में सम्मान और गौरव की भावना और मजबूत हुई है।
उन्होंने आगे कहा कि सिख गुरुओं का इतिहास त्याग, सेवा, साहस और मानवता की रक्षा का संदेश देता है। ऐसे में सिख समाज से जुड़े एक अनुभवी और प्रतिष्ठित व्यक्तित्व को दिल्ली का उप-राज्यपाल बनाया जाना देश की समावेशी और लोकतांत्रिक परंपरा को और सशक्त करता है।
छत्तीसगढ़ सिख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा, हरकिशन सिंह राजपूत, नरेंद्र सिंह हरगोत्रा, स्वर्ण सिंह चावला, कुलवंत सिंह खालसा, मनजीत सिंह भाटिया, स्वर्णपाल सिंह चावला, जागीर सिंह बावा, देवेंद्र सिंह चावला, रणजीत सिंह खनूजा, अमृत सिंह सूर, जसप्रीत सिंह चावला, इंदर पाल सिंह गांधी, गुरमीत सिंह छाबड़ा एवं मानवेंद्र सिंह डडियाला ने आशा व्यक्त की है कि सरदार तरनजीत सिंह संधू अपने नए दायित्व का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ करते हुए देश और समाज के लिए महत्वपूर्ण योगदान देंगे। - रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड अंतर्गत ग्राम गोडा अंबा के पास हुई बस दुर्घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इस दुर्घटना में लोगों के असामयिक निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा है कि यह समाचार अत्यंत दुखद और हृदय विदारक है।मुख्यमंत्री श्री साय ने ईश्वर से प्रार्थना की है कि दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें तथा शोक संतप्त परिजनों को इस कठिन घड़ी को सहन करने की शक्ति दें। उन्होंने दुर्घटना में घायल सभी लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देशित किया है कि दुर्घटना में घायल सभी व्यक्तियों के उपचार में किसी भी प्रकार की कमी न रहने दी जाए तथा उन्हें हर संभव चिकित्सा सुविधा और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों की सतत निगरानी करते हुए प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
- -झारखंड के कुरडेग से कुनकुरी जा रही बस थी, गोडाअंबा गांव के पास हुआ हादसाजशपुर। जिले के तपकरा थाना क्षेत्र अंतर्गत करडेगा चौकी के गोडाअंबा गांव के पास शुक्रवार को एक तेज रफ्तार यात्री बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस भीषण सड़क हादसे में अब तक 5 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि करीब 25 यात्री घायल हो गए हैं। दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों में चीख-पुकार सुनाई देने लगी।मिली जानकारी के अनुसार यात्री बस झारखंड के कुरडेग से यात्रियों को लेकर छत्तीसगढ़ के कुनकुरी की ओर आ रही थी। बस में करीब दो दर्जन से अधिक यात्री सवार थे। जैसे ही बस तपकरा थाना क्षेत्र के गोडाअंबा गांव के पास पहुंची, उसी दौरान तेज रफ्तार के कारण चालक का वाहन से नियंत्रण हट गया और बस सड़क किनारे पलट गई। बस के पलटते ही कई यात्री अंदर फंस गए और मौके पर हड़कंप मच गया।हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने में मदद की। वहीं सूचना मिलने के बाद तपकरा थाना पुलिस और करडेगा चौकी की टीम भी तत्काल मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।एडिशनल एसपी राकेश पाटनवार ने बताया कि हादसे में करीब 25 यात्री घायल हुए हैं, जिन्हें तत्काल उपचार के लिए कुनकुरी अस्पताल भेजा गया है। उन्होंने कहा कि रेस्क्यू के लिए पुलिस की टीम मौके पर पहुंच चुकी है और राहत कार्य जारी है। साथ ही दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है।इधर जशपुर के सीएमएचओ डॉ. जी.एस. जात्रा ने बताया कि वे स्वयं मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू कार्य की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि हादसे में 5 लोगों की मौत हुई है, जिनमें एक बच्चा भी शामिल है, जबकि करीब 25 घायल यात्रियों का उपचार कुनकुरी अस्पताल में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि घायलों के इलाज पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और चिकित्सा टीम को अलर्ट पर रखा गया है।घटना के बाद क्षेत्र में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है।
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कोण्डागांव। ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस (VHSND) का जिले के समस्त आंगनबाड़ी केंन्द्रों में आयोजन किया गया। इस मासिक सामुदायिक मंच के द्वारा गर्भवती महिलाओं, बच्चों और परिवारों को आवश्यक स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता सेवाएं प्रदान किया गया। विशेष रूप से कुपोषण को कम करने और मातृ स्वास्थ्य में सुधार लाने पर ध्यान केंद्रित किया गया। इस आयोजन में प्रदान की जाने वाली सेवाओं में प्रसवपूर्व देखभाल (एएनसी), टीकाकरण, बच्चों के विकास की निगरानी, स्वास्थ्य जांच और पोषण संबंधी परामर्श दिया गया। यह आयोजन मासिक रूप से आयोजित किया जा रहा है, जिसका प्रबंधन महिला एवं बाल विकास विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग के द्वारा किया जा रहा है। उक्त आयोजन में जिले के 1834 आंगनबाड़ी में 3491 सामुदायिक आधारित कार्यक्रम तथा ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस का आयोजन 1769 स्थानों में किया गया, फिल्ड क्षेत्रों में 6604 जगह में 44524 प्रतिभागीयों ने भाग लिया तथा 18434 हितग्राहियों का टीकाकरण उक्त आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्र से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और पर्यवेक्षक, स्वास्थ्य कर्मी तथा ग्रामीणजन उपस्थित रहे। -
- पुरखौती विरासत को जानने-समझने का अनूठा प्रयास
धमधा। धमधा की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को जानने-समझने के उद्देश्य से “धमधागढ़ हेरिटेज वॉक – पुरखौती विरासत भ्रमण” का आयोजन 8 मार्च (रविवार) को किया गया है। इसमें दो पूर्व कुलपति डॉ. एसके पांडेय एवं डॉ. एसके पाटिल समेत 20 प्रोफेसर, प्रिंसिपल व कवि लेखक शामिल होंगे। इसमेंइतिहास, संस्कृति और विरासत संरक्षण से जुड़े प्रबुद्ध जन भाग लेंगे।यह आयोजन धर्मधाम गौरवगाथा समिति, धमधा द्वारा किया जा रहा है। हेरिटेज वॉक में पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर के पूर्व कुलपति श्री एस.के. पांडेय, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के पूर्व कुलपति डॉ. एसके पाटिल, भिलाई से प्रोफेसर एवं पूर्व सदस्य सचिव छत्तीसगढ़ राज्य साक्षरता प्राधिकरण डॉ. डी.एन. शर्मा, उत्कृष्ठा स्वयंसेवी संस्था की अध्यक्ष श्रीमती शालू मोहन, संडे टाइम्स के संपादक श्री दीपक दास, संपूर्णानंद महाविद्यालय की प्राचार्य एवं इंटैक संयोजक डॉ. हंसा शुक्ला, कवयित्री श्रीमती विद्या गुप्ता, छायाचित्रकार श्री कांतिकुमार सोलंकी, राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक डॉ. प्रज्ञा सिंह, छत्तीसगढ़ हिंदी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ साहित्यकार श्री रवि श्रीवास्तव, एम.जे. कॉलेज भिलाई के प्राचार्य डॉ. अनिल चौबे, सुप्रसिद्ध कलाकार डॉ. महेश चतुर्वेदी, साडा सिरपुर के पूर्व मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री राजेंद्र राव, सामाजिक कार्यकर्ता सुश्री ममता, भिलाई महिला कॉलेज की पूर्व प्राचार्य डॉ. संध्या मदन मोहन, बाल साहित्यकार श्री कमलेश चंद्राकर, अभिनव जीवन कल्याण समिति दुर्ग के अध्यक्ष श्री जगमोहन सिन्हा, इंजीनियर एवं समाजसेवी श्री रमेश पटेल ने इसमें शामिल होने की सहमति प्रदान की है।इसमें भारतीय राष्ट्रीय कला एवं सांस्कृतिक विरासत न्यास (INTACH) भिलाई-दुर्ग के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।समिति के संयोजक वीरेंद्र देवांगन एवं सामर्थ्य ताम्रकार ने बताया कि यह विरासत भ्रमण केवल ऐतिहासिक स्थलों का अवलोकन भर नहीं होगा, बल्कि धमधा के इतिहास से जुड़े कई रोचक सवालों के उत्तर भी तलाशे जाएंगे। इसमें यह जानने का प्रयास होगा कि छत्तीसगढ़ के 36 गढ़ों में धमधा का नाम क्यों शामिल नहीं है, छै आगर छै कोरी तरिया किस प्रकार मोतियों की माला की तरह जुड़े थे, गोंड राजा कब और किस मार्ग से धमधा पहुंचे थे, त्रिमूर्ति महामाया मंदिर और राजा किला किस प्रकार अभेद किले के रूप में प्रसिद्ध थे तथा बूढ़ादेव मंदिर का इतिहास और धमधा के राजा की मनौती क्या थी।इसके अलावा प्रतिभागियों को धमधा के प्राचीन कांसा उद्योग में लोटा ढलने की प्रक्रिया, सौ वर्ष पुराने घरों और दुकानों के इतिहास सहित कई ऐतिहासिक तथ्यों से अवगत कराया जाएगा। इन विषयों से जुड़ी कई जानकारियां अंग्रेजों के समय की पुस्तकों और शोध से प्राप्त हुई हैं।कार्यक्रम के तहत सुबह 9 बजे पंडितवा तालाब से विरासत भ्रमण प्रारंभ होगा, जो चौखड़िया तालाब, महामाया मंदिर, राजा किला होते हुए तमेरपारा स्थित कांसा उद्योग और प्राचीन बसाहट तक जाएगा। इसके बाद दोपहर 3 बजे (संभावित) रेस्ट हाउस में संगोष्ठी आयोजित की जाएगी, जिसमें विरासत संरक्षण के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा होगी।आयोजकों ने बताया कि इस पुरखौती विरासत भ्रमण में शामिल होने के लिए पूर्व पंजीयन अनिवार्य है और पंजीयन पूरी तरह नि:शुल्क रहेगा। इच्छुक प्रतिभागी दिए गए संपर्क नंबरों पर पंजीयन करा सकते हैं।आयोजकों का कहना है कि यह आयोजन केवल एक भ्रमण नहीं, बल्कि अपनी ऐतिहासिक धरोहर को नए नजरिए से देखने, समझने और उसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का सामूहिक प्रयास है।






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