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-दिव्य अनुभूति विद्यालय, चांदनी चौक, कोहका का वार्षिक समारोह
- सांसद विजय बघेल अपने बचपन को याद कर हुए भावुक
- वीर बालक ओम उपाध्याय का सांसद ने शाल-श्रीफल स्मृति चिन्ह से किया सम्मान
भिलाई। त्याग, तपस्या और बलिदान की भूमि है भारत... जहां बच्चे-बच्चे में राम और घर-घर बसती है सीता... जहां अनेक धर्म और संस्कृति की एकता विश्व में मिशाल है। विश्व गुरु के इस धरती पर ऋषि-मुनियों के संस्कार हिलोरी मारती है... जी हां यही देखने को मिला दिव्य अनुभूति विद्यालय, चांदनी चौक, कोहका के वार्षिक स्नेह सम्मेलन में।
जहां नन्हें कदमों ने आने वाले खतरों की ओर इशारा करते हुए एकता बनाए रखने का संदेश दिया, तो वहीं लोक संस्कृति, परंपरा और सुमधुर गीतों से पारंपरिक वेशभूषा में छात्र-छात्राओं ने नयनाभिराम प्रस्तुति देकर तालियां बटोरीं। इस अवसर पर स्कूल की अनेक गतिविधियों में सालभर श्रेष्ठता का प्रदर्शन करने वाले बच्चों को अतिथियों ने पुरस्कार प्रदान किए।
वीर बालक ओम का सांसद ने किया सम्मान
समारोह के मंच पर खास अवसर रहा कि राज्य के वीर बालक मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से "साहिबजादा अजीत सिंह" अवार्ड से सम्मानित, दिव्य अनुभूति विद्यालय में ग्यारहवीं का छात्र ओम उपाध्याय को उनकी वीरता और साहस के लिए सम्मान किया गया। मुख्य अतिथि दुर्ग सांसद विजय बघेल और शिक्षाविद् स्कूल संचालक जेपी घनघोरकर, संगठन प्रभारी भाजपा कवर्धा महेश वर्मा ने शाल-श्रीफल, मैडल और स्मृति चिन्ह से ओम का अभिनंदन किया। इस दौरान सांसद विजय बघेल ने स्कूल की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए शिक्षाविद् जेपी घनघोरकर के प्रयासों की सराहना की, वहीं स्कूल के समय में अपने बचपन को याद कर भावुक हो गए। समारोह का बेहतरीन संचालन प्राचार्य माधुरी वर्मा और प्रभारी अन्नपूर्णा ने किया। शिक्षिका रूपेश्वरी साहू, ममता पांडे, जागेश्वरी वर्मा, चित्रलेखा साहू, तिलेश्वरी साहू, अनिता शर्मा, रोहाणी जंघेल, विद्या देवांगन, गिरिजा जंघेल, मंजुलता के मार्गदर्शन में कार्यक्रम पूरा हुआ।
ये रहे समारोह के अतिथि
समारोह के अतिथियों में भाजपा भिलाई पूर्व जिला अध्यक्ष बृजेश बिजपुरिया, कार्यक्रम संयोजक संगठन प्रभारी भाजपा कवर्धा महेश वर्मा, भाजपा आईटी प्रदेश सह संयोजक अमित मिश्रा, प्रतिष्ठित समाज सेवी निशिकांत शर्मा, पूर्व नेता प्रतिपक्ष निगम भिलाई संजय जे. दानी, अध्यक्ष महिला मोर्चा भाजपा स्वीटी कौशिक, जिला संयोजक, भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ, भिलाई दुर्ग डॉ. प्रदीप चौधरी, भाजपा जिला दुर्ग संयोजक शिक्षा प्रकोष्ठ ब्रजकिशोर द्विवेदी, उपाध्यक्ष भाजपा भिलाई इस्पात मजदूर संघ शारदा गुप्ता, अध्यक्ष कोहका व्यापारी संघ कन्हैया लाल सोनी, जिला सह संयोजक शिक्षा प्रकोष्ठ भाजपा सुरेश मालवीय, अशोक यादव, शैलेंद्र वर्मा व भानु जंघेल थे। -
वेब सीरीज का समाजशास्त्र : एक अध्ययन (मिर्जापुर, आश्रम, पंचायत एवं पाताल लोक के संदर्भ में) विषय पर शोध
रायपुर। श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल विश्वविद्यालय, भिलाई (छत्तीसगढ़) ने पत्रकार समरेन्द्र शर्मा को पत्रकारिता एवं जनसंचार विषय में डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएचडी) की उपाधि प्रदान की है। उन्होंने 'वेब सीरीज का समाजशास्त्र : एक अध्ययन (मिर्जापुर, आश्रम, पंचायत एवं पाताल लोक के संदर्भ में)' विषय पर अपना शोध कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किया।
समरेन्द्र शर्मा ने यह शोध कार्य डॉ. धनेश जोशी के निर्देशन में किया। अपने शोध में उन्होंने लोकप्रिय हिंदी वेब सीरीज को केवल मनोरंजन के माध्यम के रूप में नहीं, बल्कि समकालीन समाज की सत्ता संरचनाओं, सामाजिक यथार्थ और वैचारिक विमर्श के प्रभावशाली मंच के रूप में विश्लेषित किया है।
शोध में यह स्पष्ट किया गया है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रसारित वेब सीरीज किस प्रकार समाज में व्याप्त जाति, वर्ग, लिंग, धर्म, राजनीति और सत्ता संबंधों को उजागर करती हैं तथा सामाजिक चेतना को प्रभावित करती हैं।
उल्लेखनीय है कि समरेन्द्र शर्मा पिछले 25 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकारिता से जुड़े हुए हैं। वे विभिन्न टीवी चैनलों, समाचार पत्रों और डिजिटल मीडिया संस्थानों में कार्य कर चुके हैं।
पीएचडी उपाधि प्राप्त होने पर विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों, शोधकर्ताओं एवं शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके भविष्य की कामना की है। - रायपुर / छत्तीसगढ़ के इंद्रावती टाइगर रिजर्व ने गिद्ध संरक्षण के क्षेत्र में देशभर के लिए एक नया उदाहरण प्रस्तुत किया है। मध्य भारत के सबसे स्वच्छ नदी-वन पारिस्थितिकी तंत्रों में शामिल यह रिजर्व अब केवल बाघों और जंगली भैंसों का ही नहीं, बल्कि विलुप्तप्राय गिद्धों के संरक्षण का भी एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है।गिद्ध पर्यावरण के 'सफाईकर्मी' हैं और इनके बिना बीमारियों का खतरा बढ़ सकता हैमुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार इंद्रावती के टाइगर रिजर्व क्षेत्र में गिद्धों सुरक्षित क्षेत्रों (Vulture Safe Zones) का निर्माण कर इनकी घटती आबादी को बचाना और बढ़ाना है, क्योंकि गिद्ध पर्यावरण के 'सफाईकर्मी' हैं और इनके बिना बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है l गिद्धों के अस्तित्व पर जहरीली दवाओं (NSAID), असुरक्षित शव निपटान और मानव हस्तक्षेप जैसे गंभीर खतरे मंडरा रहे हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए इंद्रावती टाइगर रिजर्व में उपग्रह (सैटेलाइट) टेलीमेट्री आधारित निगरानी कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है।गिद्ध लगभग 10,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में रहते हैं सक्रियछत्तीसगढ़ में यह अपनी तरह का पहला प्रयास है, जिसमें उच्च-रिज़ॉल्यूशन गिद्ध गतिविधि डेटा का उपयोग संरक्षण कार्यों की दिशा तय करने के लिए किया जा रहा है। अब तक के आंकड़ों से पता चला है कि गिद्ध लगभग 10,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में सक्रिय रहते हैं और घने जंगलों व मानव बस्तियों के बीच लगातार आवाजाही करते हैं।वन्यजीव प्रबंधन को मिली नई वैज्ञानिक दिशागौरतलब है कि वर्ष 2022 से 2025 के बीच गिद्ध संरक्षण के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की गई हैं। राज्य में पहली बार दो गिद्धों की सैटेलाइट ट्रैकिंग के माध्यम से 18,000 से अधिक उच्च गुणवत्ता वाले GPS डेटा पॉइंट्स प्राप्त किए गए हैं, जिससे वन्यजीव प्रबंधन को नई वैज्ञानिक दिशा मिली है। इस सफलता में क्षेत्रीय जीवविज्ञानी श्री सूरज कुमार के नेतृत्व में “गिद्ध मित्र दल” (गिद्ध संरक्षण स्वयंसेवक दल) की अहम भूमिका रही है। यह दल घोंसलों की निगरानी, शवों के सुरक्षित प्रबंधन और स्थानीय समुदायों को संरक्षण से जोड़ने का कार्य कर रहा है। इसी सामुदायिक सहयोग का परिणाम है कि “गुड्डा सारी गुट्टा” जैसे दुर्गम क्षेत्रों में पहली बार निर्बाध प्रजनन सुनिश्चित हो सका है।“वुल्चर रेस्टोरेंट” की स्थापनासंरक्षण प्रयासों के तहत उप-निदेशक श्री संदीप बलागा के पर्यवेक्षण में “वुल्चर रेस्टोरेंट” की स्थापना भी की गई है। यह नियंत्रित भोजन स्थल हैं, जहां केवल पशु चिकित्सा परीक्षण के बाद NSAID-मुक्त शव ही रखे जाते हैं। इससे गिद्धों को सुरक्षित भोजन मिल रहा है। साथ ही ये केंद्र सामुदायिक शिक्षा के केंद्र के रूप में भी कार्य कर रहे हैं, जहां स्कूलों और स्थानीय युवाओं को पारिस्थितिकी तंत्र में गिद्धों के महत्व के बारे में जानकारी दी जा रही है।“गिद्ध सुरक्षित क्षेत्र” (Vulture Safe Zone) की स्थापनाभविष्य की रणनीति के तहत कार्यक्रम के तीसरे चरण का नेतृत्व भी उप-निदेशक श्री संदीप बलागा करेंगे। इस चरण में तीन अतिरिक्त गिद्धों की सैटेलाइट टैगिंग, 50 से अधिक जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन, पंचायतों की भागीदारी से 100 किलोमीटर क्षेत्र में “गिद्ध सुरक्षित क्षेत्र” (Vulture Safe Zone) की स्थापना तथा छत्तीसगढ़ की पहली गिद्ध पुनर्वास कार्ययोजना के प्रकाशन का लक्ष्य रखा गया है l तकनीक, पारंपरिक ज्ञान और सामुदायिक सहभागिता को एक सूत्र में पिरोते हुए इंद्रावती टाइगर रिजर्व यह संदेश दे रहा है कि दूरदर्शी नेतृत्व में जंगल और लोग साथ-साथ आगे बढ़ सकते हैं।
- -सीआईआरएफ के अंतर्गत 665 करोड़ की 174 किमी सड़क परियोजनाओं को स्वीकृति-साल के पहले दिन छत्तीसगढ़ के लिए अच्छी खबर, केंद्र सरकार ने 4 सड़क खंडों के लिए स्वीकृत किए 665 करोड़-लोक निर्माण विभाग के प्रस्ताव को भारत सरकार की मंजूरी, 5 जिलों में 174 किमी सड़क होगी चौड़ी और मजबूत-डबल इंजन सरकार के प्रयासों से प्रदेश में कनेक्टिविटी और विकास को नई गति - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी को दिया धन्यवादरायपुर /केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ में चार सड़क खंडों के मजबूतीकरण, चौड़ीकरण और उन्नयन के लिए 664 करोड़ 67 लाख रुपए मंजूर किए हैं। सीआरआईएफ (Central Road & Infrastructure Fund) से प्राप्त होने वाली इस राशि से राज्य के पांच जिलों में करीब 174 किलोमीटर सड़कों के विकास और उन्नयन के कार्य किए जाएंगे। केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने आज राशि स्वीकृति का आदेश राज्य शासन के लोक निर्माण विभाग के सचिव को भेजा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने राज्य में सड़कों के विकास के लिए इतनी बड़ी राशि देने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी को धन्यवाद दिया है।उल्लेखनीय है कि उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग द्वारा भारत सरकार को चार सड़क खंडों के मजबूतीकरण और चौड़ीकरण के प्रस्ताव भेजे गए थे। इन्हें मंजूर करते हुए केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने मुंगेली जिले के कोटा-लोरमी-पंडरिया मार्ग के 21 किमी भाग में फोरलेन के निर्माण और मजबूतीकरण के लिए 156 करोड़ 33 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं। कांकेर जिले में कांकेर-भानुप्रतापपुर-संबलपुर मार्ग की 48.4 किमी टू-लेन विद्यमान सतह के मजबूतीकरण और चौड़ीकरण के लिए 130 करोड़ 63 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं।केंद्र सरकार द्वारा सीआरआईएफ से सुकमा से दंतेवाड़ा मार्ग के 68 किमी लंबाई में टू-लेन सड़क के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए 230 करोड़ 85 लाख रुपए तथा गरियाबंद जिले में राजिम-फिंगेश्वर-महासमुंद मार्ग में 35.5 किमी लंबाई में सड़क की मजबूती और उन्नयन के लिए 146 करोड़ 86 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। इन महत्वपूर्ण मार्गों के विकास एवं उन्नयन से इन जिलों में राज्यीय राजमार्ग तथा मुख्य जिला मार्ग अच्छी होंगी और आवागमन बेहतर होगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सीआरआईएफ से मंजूर की गई इस राशि के लिए भारत सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य में सड़कों के निर्माण में केंद्र सरकार का लगातार सहयोग मिल रहा है। इस राशि से मुंगेली, कांकेर, सुकमा, दंतेवाड़ा और गरियाबंद जैसे दूरवर्ती जिलों में सड़कों का चौड़ीकरण, मजबूतीकरण और उन्नयन होगा। इससे राज्य के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों और मैदानी इलाकों में परिवहन बेहतर होगा।केंद्रीय सड़क अधोसंरचना निधि (CRIF) के अंतर्गत मुंगेली, कांकेर, सुकमा/दंतेवाड़ा एवं गरियाबंद जिलों में ₹664.67 करोड़ की लागत से 173.70 किलोमीटर लंबी सड़क परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ को सड़क अधोसंरचना के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण स्वीकृति प्राप्त हुई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी जी द्वारा प्रदेश के लिए स्वीकृत इन परियोजनाओं से राज्य के सर्वांगीण विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि ये सड़कें बेहतर कनेक्टिविटी, सुरक्षित परिवहन व्यवस्था और क्षेत्रीय आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में निर्णायक भूमिका निभाएँगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि इन परियोजनाओं से बस्तर संभाग के दुर्गम और आंतरिक क्षेत्रों में सड़क कनेक्टिविटी और अधिक सुदृढ़ होगी, जिससे स्थानीय जनता, किसानों, विद्यार्थियों, व्यापारियों तथा आपातकालीन सेवाओं को सीधा लाभ मिलेगा। सड़क नेटवर्क मजबूत होने से पर्यटन, औद्योगिक गतिविधियों और स्थानीय बाजारों तक पहुँच और सरल होगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ के विकास के लिए केंद्र सरकार द्वारा लगातार किए जा रहे सहयोग और स्वीकृतियों के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व और केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी जी के विशेष प्रयासों से छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्गों तथा अन्य महत्वपूर्ण सड़कों का तेज़ी से विस्तार हो रहा है। डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ आज प्रगति पथ पर मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है। राज्य में अधोसंरचना विकास, कनेक्टिविटी, निवेश और रोजगार के अवसर निरंतर बढ़ रहे हैं, जिसका सीधा लाभ आम नागरिकों तक पहुँच रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि नई स्वीकृत सड़क परियोजनाएँ शीघ्र क्रियान्वित होकर प्रदेश के सामाजिक-आर्थिक विकास को और अधिक गति देंगी।वहीं उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने विभाग के प्रस्ताव पर सड़कों के विकास एवं उन्नयन के लिए राज्य को मिली राशि के लिए केंद्र सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि राज्य में कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करना हमारी प्राथमिकता है। राज्य में नई सड़कों के निर्माण और विद्यमान सड़कों की मजबूती व उन्नयन के लिए विभाग द्वारा पिछले दो वर्षों में 8092 करोड़ रुपए की नवीन स्वीकृति जारी की गई है। लोक निर्माण विभाग इन सभी कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
- -23 से 25 जनवरी तक आयोजित होगा रायपुर साहित्य उत्सवरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में रायपुर साहित्य उत्सव की वेबसाइट का लोकार्पण किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, कौशल विकास मंत्री श्री खुशवंत साहेब तथा छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा उपस्थित थे। उल्लखेनीय है कि रायपुर साहित्य उत्सव 23 से 25 जनवरी तक आयोजित किया जाएगा। साहित्य उत्सव में देशभर के प्रख्यात साहित्यकारों, लेखकों, कवियों, पत्रकारों, समीक्षकों एवं पाठकों की सहभागिता होगी। कार्यक्रम में साहित्य, संस्कृति, सृजनात्मक लेखन, प्रकाशन जगत, युवा साहित्य तथा नई पीढ़ी के रचनाकारों से जुड़े विषयों पर विविध सत्र आयोजित किए जाएंगे।
- -दशकों से लंबित परियोजनाएँ अब समयबद्ध रूप से हो रही पूरी : प्रगति प्लेटफ़ॉर्म प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की निर्णायक कार्यशैली का सशक्त प्रमाण - मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास की गति नई ऊँचाइयों पर पहुँची है। दशकों से लंबित महत्वपूर्ण अधोसंरचना एवं ऊर्जा परियोजनाएँ अब “प्रगति” प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से समयबद्ध ढंग से पूरी हो रही हैं। यह केंद्र सरकार की परिणामोन्मुख, जवाबदेह तथा निर्णायक कार्यशैली का सशक्त प्रमाण है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में “प्रगति” प्लेटफ़ॉर्म का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। भिलाई इस्पात संयंत्र के आधुनिकीकरण से न केवल देश में रेल उत्पादन को नई गति मिली है, बल्कि इससे हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित हुए हैं। इससे आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूती मिली है और औद्योगिक विकास को नई दिशा प्राप्त हुई है।इसी प्रकार एनटीपीसी की लारा सुपर थर्मल पावर परियोजना (1600 मेगावाट) से छत्तीसगढ़ सहित छह राज्यों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हुई है तथा औद्योगिक और कृषि गतिविधियों को नई ऊर्जा प्राप्त हुई है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “प्रगति” प्लेटफ़ॉर्म ने परियोजनाओं की निगरानी, निरंतर समीक्षा और बाधाओं के त्वरित समाधान की एक सशक्त प्रणाली विकसित की है। स्पष्ट लक्ष्य, तेज़ क्रियान्वयन और ठोस परिणाम—यही नए भारत की कार्यसंस्कृति है और यही “विकसित भारत @ 2047” के लक्ष्य को साकार करने का मार्ग है।प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित प्रगति (PRAGATI) की 50वीं बैठक ने न केवल राष्ट्रीय स्तर पर, बल्कि छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा को भी नई गति प्रदान की है। प्रगति सक्रिय शासन और समयबद्ध कार्यान्वयन के लिए विकसित एक आईसीटी आधारित प्लेटफॉर्म है, जिसने परियोजनाओं की निगरानी और समाधान की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया है। पिछले दशक में प्रगति प्लेटफॉर्म के माध्यम से 85 लाख करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की परियोजनाओं की रफ्तार तेज हुई है। इससे देशभर में अवसंरचना, ऊर्जा, रेल, सड़क, कोयला और अन्य क्षेत्रों से जुड़े अनेक कार्यों को समयबद्ध प्रगति मिली है। इन परियोजनाओं में छत्तीसगढ़ से संबंधित कई महत्वपूर्ण परियोजनाएँ भी शामिल हैं।बैठक में भिलाई इस्पात संयंत्र के आधुनिकीकरण और विस्तार कार्य का विशेष रूप से उल्लेख किया गया। इस परियोजना को वर्ष 2007 में स्वीकृति मिली थी। प्रगति बैठकों में नियमित समीक्षा और अंतर-एजेंसी समन्वय के कारण इस परियोजना को नई गति मिली, जिसके परिणामस्वरूप इसका कार्य तेज़ी से आगे बढ़ा और लक्षित प्रगति सुनिश्चित हुई।भिलाई इस्पात संयंत्र के आधुनिकीकरण से उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन, सहायक उद्योगों के विस्तार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा प्राप्त हुई है। इससे राज्य को देश के प्रमुख इस्पात उत्पादन केंद्र के रूप में और अधिक मजबूती मिली है।इसी प्रकार रायगढ़ में वर्ष 2009 में स्वीकृत लारा सुपर थर्मल पावर परियोजना की प्रगति प्लेटफॉर्म के अंतर्गत उच्च स्तरीय समीक्षाओं, समय-समय पर दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देशों और निरंतर मॉनिटरिंग से तेज गति मिली और इसके क्रियान्वयन में ठोस प्रगति दर्ज की गई।आज लारा सुपर थर्मल पावर परियोजना राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करने वाली प्रमुख परियोजनाओं में से एक बन चुकी है। इस परियोजना ने न केवल बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाई है, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान को “पावर हब ऑफ इंडिया” के रूप में और अधिक मजबूत किया है। इससे राज्य और देश दोनों के ऊर्जा तंत्र को नई स्थिरता प्राप्त हुई है।प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने यह रेखांकित किया कि प्रगति प्लेटफॉर्म ने सहयोगी संघवाद को नई शक्ति दी है और केंद्र तथा राज्यों के संयुक्त प्रयासों से विकास कार्यों में गति और विश्वास दोनों बढ़ा है।प्रगति से तेज़ होती छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव सायमुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रगति की 50वीं बैठक को देश और छत्तीसगढ़ के लिए दूरगामी महत्व का बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकास परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूरा करने की जो व्यवस्था स्थापित की गई है, उसका सीधा लाभ छत्तीसगढ़ को भी मिला है। उन्होंने कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र के आधुनिकीकरण तथा लारा सुपर थर्मल पावर परियोजना जैसी बड़ी परियोजनाओं को नई गति मिलना इस बात का प्रमाण है कि प्रगति प्लेटफॉर्म ने वास्तविक अर्थों में समाधान-उन्मुख शासन का मॉडल प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से प्रदेश के औद्योगिक विकास, ऊर्जा क्षमता, निवेश, रोज़गार और सहायक अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रगति के माध्यम से परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग और जवाबदेही सुनिश्चित होने से छत्तीसगढ़ विकसित भारत @ 2047 के राष्ट्रीय लक्ष्य में अपनी निर्णायक भूमिका और मजबूती के साथ निभाता रहेगा।
- -राज्य के शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में मरीजों के परिजनों के लिए बनेंगे विश्राम गृह-चिकित्सा शिक्षा विभाग और सेवादान आरोग्य फाउंडेशन के बीच हुआ एमओयूरायपुर / जब कोई गंभीर बीमारी घर में दस्तक देती है, तो पूरा परिवार मानसिक और आर्थिक रूप से टूट जाता है। ऐसे वक्त में दूर-दराज के गांवों से शहर आने वाले गरीब परिवारों के लिए सबसे बड़ी चुनौती इलाज के साथ-साथ खुद के ठहरने की होती है। अक्सर मरीज तो वार्ड में इलाज करा रहा होता है, लेकिन उसके अपने लोग अस्पताल के गलियारों, ठंडी सीढ़ियों या खुले आसमान के नीचे रातें गुजारने को मजबूर होते हैं। इसी मानवीय पीड़ा को महसूस करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने एक बहुत ही प्रशंसनीय कदम उठाया है। अब राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में मरीजों के परिजनों के लिए सर्वसुविधायुक्त ‘विश्राम गृह’ बनाए जाएंगे, ताकि किसी भी मजबूर आंख को रात बिताने के लिए सुरक्षित छत की तलाश में भटकना न पड़े।इस नेक काम को धरातल पर उतारने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में मंत्रालय नवा रायपुर में मेडिकल एजुकेशन विभाग और सेवादान आरोग्य फाउंडेशन के बीच एक एमओयू संपादित हुआ है। इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री खुशवंत साहेब , स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त श्री रितेश अग्रवाल सहित सेवादान फाउंडेशन के सदस्य उपस्थित थे।इस समझौते की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इन आश्रय स्थलों के निर्माण, सजावट और उनके रोजमर्रा के संचालन का पूरा जिम्मा संस्था खुद उठाएगी। इसका सीधा मतलब यह है कि सरकार और संस्था मिलकर एक ऐसा मानवीय ढांचा तैयार कर रहे हैं जहाँ परिजनों को सुरक्षित, स्वच्छ और बेहद किफायती ठहराव मिलेगा। इन विश्राम गृहों में केवल सिर छुपाने की जगह ही नहीं मिलेगी, बल्कि अपनों की सेवा में लगे लोगों के लिए 24 घंटे सुरक्षा, सीसीटीवी की निगरानी, साफ-सुथरा भोजन और एक गरिमामय माहौल भी सुनिश्चित किया जाएगा।योजना के पहले पड़ाव में रायपुर, अंबिकापुर, रायगढ़ और जगदलपुर जैसे प्रमुख शहरों के मेडिकल कॉलेजों को चुना गया है, जहां दूरस्थ अंचलों से बड़ी संख्या में लोग उम्मीद लेकर पहुँचते हैं। यह पहल दिखाती है कि स्वास्थ्य सेवाएं सिर्फ दवा और डॉक्टर तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उनमें उन लोगों के लिए भी जगह होनी चाहिए जो अपने बीमार परिजनों के लिए संबल बनकर साथ खड़े रहते हैं। यह कदम न केवल स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती देगा, बल्कि उन हजारों परिवारों को एक बड़ी मानसिक राहत भी पहुँचाएगा जिनके पास शहर में रहने का कोई ठिकाना नहीं होता।"इलाज सिर्फ दवाओं से नहीं, अपनों के साथ और सुकून से भी होता है।छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं को नया विस्तार मिलने जा रहा है। इस MoU के तहत राज्य के मेडिकल कॉलेजों में मरीजों के परिजनों के लिए बेहतर और सुविधाजनक 'विश्राम गृह' बनेंगे जो 'नो प्रॉफिट-नो लॉस' के आधार पर संचालित होंगे।" स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल"राज्य सरकार का उद्देश्य केवल बेहतर इलाज उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि मरीजों के साथ आने वाले परिजनों की गरिमा और सुविधा का भी ख्याल रखना है। दूर-दराज़ से आने वाले लोग कई दिनों तक अस्पतालों के आसपास असुविधाजनक परिस्थितियों में रुकने को मजबूर होते हैं। विश्राम गृह की व्यवस्था उनके लिए सुरक्षित, स्वच्छ और किफायती ठहराव का बड़ा सहारा साबित होगी।यह पहल संवेदनशील और उत्तरदायी शासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। विश्राम गृहों के माध्यम से मरीज परिजनों को सम्मानजनक आवास, भोजन और बुनियादी सुविधाएँ एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। इससे स्वास्थ्य सेवाओं के साथ मानवता और संवेदना का समन्वय और सुदृढ़ होगा।" - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज नवा रायपुर, सेक्टर-24 स्थित मुख्यमंत्री निवास में केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने सौजन्य भेंट की। मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास, सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं सुदृढ़ीकरण से संबंधित विषयों पर सौहार्दपूर्ण एवं रचनात्मक चर्चा हुई।मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्रीय मंत्री श्री शेखावत का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें राजकीय गमछा, बस्तर दशहरा पर आधारित कॉफी टेबल बुक तथा बेल मेटल से निर्मित स्मृति-चिन्ह भेंट किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल उपस्थित थे।
- बिलासपुर /भारत सरकार द्वारा महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षण एवं सशक्तिकरण के उद्देश्य से एकीकृत महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम के अंतर्गत अम्ब्रेला योजना मिशन शक्ति का आरंभ किया गया है। मिशन शक्ति की उपयोजना “सामर्थ्य” के अंतर्गत स्वाधार एवं उज्जवला गृह योजना को समाहित करते हुए शक्ति सदन - एकीकृत राहत एवं पुनर्वास गृह योजना का संचालन किया जा रहा है। शक्ति सदन के प्रभावी संचालन एवं सुचारू क्रियान्वयन के लिए सेवाप्रदाता नियुक्ति किया जाना है। इसके लिए पात्र आवेदकों से 19 जनवरी 2025 तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।पद हेतु शैक्षणिक योग्यता, नियम एवं शर्तें तथा विज्ञापन की जानकारी जिले के वेबसाइट www.bilaspur.gov.in पर उपलब्ध है। इसके अलावा कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, पुराना कम्पोजिट बिल्डिंग के पीछे स्थित कार्यालय, बिलासपुर के सूचना पटल का भी अवलोकन किया जा सकता है।
- - राजनांदगांव जिले के पात्र आवेदकों के लिए 18 जनवरी को अग्निवीर जनरल ड्यूटी एवं 20 जनवरी को अग्निवीर ट्रेडसमेन (दसवीं) की शारीरिक दक्षता परीक्षाराजनांदगांव । भारतीय सेना भर्ती कार्यालय रायपुर द्वारा आयोजित ऑनलाईन सामान्य प्रवेश परीक्षा (सीईई) में उत्तीर्ण उम्मीदवारों की अग्निवीर जनरल ड्यूटी, अग्निवीर तकनीकी, अग्निवीर क्लर्क व स्टोर कीपर, अग्निवीर ट्रेडसमेन (आठवीं व दसवीं) के पदों पर भर्ती के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा एवं अन्य भर्ती प्रक्रिया 10 जनवरी से 24 जनवरी 2026 तक इंडोर स्टेडियम धमतरी में की जाएगी। राजनांदगांव जिले के पात्र आवेदकों के लिए 18 जनवरी 2026 को अग्निवीर जनरल ड्यूटी एवं 20 जनवरी 2026 को अग्निवीर ट्रेडसमेन (दसवीं) की शारीरिक दक्षता परीक्षा आयोजित की जाएगी। लिखित परीक्षा उत्तीर्ण आवेदकों को प्रवेश पत्र उनके ई-मेल पर भेज दिया गया है। इसके साथ ही प्रवेश पत्र वेबसाईट www.joinindianarmy.nic.in से प्राप्त कर सकते है। परीक्षा शामिल होने के लिए एडमिट कार्ड एवं सभी कागज रैली अधिसूचना के अनुसार और साथ में आधार कार्ड से लिंक मोबाईल भी लेकर आना अनिवार्य है। परीक्षा के संबंध में अन्य जानकारी जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र राजनांदगांव के दूरभाष क्रमांक 07744-299523 पर संपर्क कर प्राप्त कर सकते है।
- राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने सामान्य पुस्तक परिपत्र में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए कैलेण्डर वर्ष 2026 के लिए स्थानीय अवकाश घोषित किया है। इसके अंतर्गत 25 सितम्बर 2026 को अनंत चतुर्दशी, 19 अक्टूबर 2026 को दशहरा (महाअष्ठमी) एवं 11 नवम्बर 2026 को भाई दूज (दीपावली) के अवसर पर स्थानीय अवकाश घोषित किया गया है। यह आदेश बैंक एवं कोषालय पर लागू नहीं होगा।
- राजनांदगांव । कृषि विज्ञान केन्द्र सुरगी में 16 से 31 दिसम्बर 2025 तक स्वच्छता पखवाड़ा का आयोजन किया गया। पखवाड़ा अंतर्गत स्वच्छता शपथ, स्वच्छता जागरूकता दिवस, कचरा प्रबंधन, साफ-सफाई, पौधरोपण, प्रतिदिन स्वच्छता श्रमदान कृषक एवं छात्र-छात्राओं के साथ स्वच्छता प्रश्नोत्तरी, तालाब की सफाई सहित अन्य गतिविधियों के माध्यम से स्वच्छता के लिए जनमानस को जागरूक करने का प्रयास किया गया। इसके साथ ही कृषि विज्ञान केन्द्र परिसर में स्वच्छता पखवाड़ा अंतर्गत 23 दिसम्बर 2025 को किसान दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में केन्द्र के वैज्ञानिकों द्वारा कृषि विज्ञान केन्द्र में तिलहन फसल उत्पादन, मशरूम उत्पादन, चने एवं गेहूं की खेती एवं प्राकृतिक खेती के संबंध में व्याख्यान का आयोजन किया गया। कृषकों के लिए प्रश्रोत्तरी का आयोजन भी किया गया। जिसमें विजेता कृषकों को फलदार आम, आंवला, अमरूद अन्य पौधों का वितरण किया गया। साथ ही सीधा प्रसारण के माध्यम से कृषकों को केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के उद्बोधन से कृषकों को जोड़ा गया। विकसित भारत जी-राम-जी योजना के संबंध में कृषकों को जानकारी दी गई। विकसित कृषि संकल्प अभियान अंतर्गत कृषकों को प्रोत्साहित किया गया एवं किसानों की मनरेगा में 100 दिवस के स्थान पर 125 दिवस व विकसित भारत जी राम जी की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र की वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. गुंजन झा, वैज्ञानिक डॉ. नूतन रामटेके, श्रीमती अंजली घृतलहरे, श्री आशीष गौरव शुक्ला, श्री जितेन्द्र मेश्राम एवं स्वच्छता पखवाड़ा के प्रभारी डॉ. योगेन्द्र श्रीवास सहित कृषक उपस्थित थे।
- - प्रधान डाकघर का व्यवसायिक समय सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तकराजनांदगांव । भारतीय डाक विभाग द्वारा नागरिकों को बेहतर एवं सुगम डाक सेवाएं उपलब्ध कराने, ग्राहकों की बढ़ती आवश्यकताओं के दृष्टिगत डाकघरों के व्यवसायिक समय में विस्तार किया गया है। राजनांदगांव संभाग अंतर्गत आने वाले राजनांदगांव प्रधान डाकघर एवं कवर्धा मुख्य डाकघर के व्यवसायिक समय में वृद्धि करते हुए समय सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक किया गया है। इस समयावधि में नागरिक को स्पीड पोस्ट, पार्सल, वित्तीय सेवाओं एवं अन्य डाक सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।
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- सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली में समय पर उपस्थिति देने के निर्देश दिए
- जिले में आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली प्रारंभ
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली के संबंध में अधिकारियों-कर्मचारियों की बैठक ली। कलेक्टर ने कहा कि अधीनस्थ कार्यालयों में ई ऑफिस में ऑनबोर्डिंग हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। अधीनस्थ कार्यालयों में आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली आज से लागू हो रही है। इसके लिए ई-ऑफिस के लिए नियुक्त नोडल अधिकारी ही आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली के नोडल अधिकारी होंगे। इसके लिए सभी अधिकारी निरंतर अभ्यास जारी रखें। यह अभ्यास लोकेशन की प्रामाणिकता, ऐप इंस्टॉलेशन, प्रतिदिन उपस्थिति के तकनीकी पहलुओं, कार्य सत्यापन के साथ ही इसे सीखकर आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली में अपनी उपस्थिति देंगे। जिससे कार्य के प्रति विश्वनीयता और अनुशासन रहेगा। उन्होंने सभी अधिकारियों को इसके संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कलेक्टोरेट में पदस्थ सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली में समय पर उपस्थिति देने के निर्देश दिए। इस दौरान सभी को प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री सीएल मार्कण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। - राजनांदगांव । मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह ने मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना अंतर्गत जिले के विभिन्न ग्रामों में विकास कार्यों के लिए 89 लाख 47 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। डोंगरगढ़ विकासखंड के विभिन्न ग्रामों में विकास कार्यों के लिए 20 लाख 12 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। जिसके तहत ग्राम घोठिया में सीसी रोड निर्माण के लिए 2 लाख 60 हजार रूपए, ग्राम अछोली में शेड निर्माण कार्य के लिए 3 लाख रूपए, ग्राम डोड़की में रंगमंच निर्माण के लिए 3 लाख रूपए, ग्राम पेंडरी में व्यवसायिक परिसर निर्माण के लिए 8 लाख 92 हजार रूपए, ग्राम कसारी में सीसी रोड निर्माण के लिए 2 लाख 60 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। छुरिया विकासखंड के विभिन्न ग्रामों में विकास कार्यों के लिए 54 लाख 35 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। जिसके तहत ग्राम चिरचारीकला में शेड निर्माण के लिए 3 लाख 75 हजार रूपए, ग्राम पुर्रामटोला में शेड निर्माण के लिए 3 लाख 75 हजार रूपए, ग्राम गहिराभेंडी में शेड निर्माण के लिए 3 लाख 75 हजार रूपए, ग्राम पुर्रामटोला में पुलिया निर्माण कार्य के लिए 7 लाख रूपए, ग्राम आमगांव कु. में शेड निर्माण कार्य के लिए 3 लाख रूपए, ग्राम शिकारीमहका में शेड निर्माण कार्य के लिए 3 लाख रूपए, ग्राम बम्हनी चारभांठा में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 6 लाख 50 हजार रूपए, ग्राम खोभा में शेड निर्माण के लिए 3 लाख रूपए, ग्राम शिकारीटोला में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 6 लाख 50 हजार रूपए, ग्राम आतरगांव में यात्री प्रतीक्षालय निर्माण के लिए 5 लाख रूपए, ग्राम पाण्डेटोला में सीसी रोड निर्माण के लिए 2 लाख 60 हजार रूपए, ग्राम मरकाकसा में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 6 लाख 50 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। राजनांदगांव विकासखंड के विभिन्न ग्रामों में विकास कार्यों के लिए 15 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। जिसके तहत ग्राम सुन्दरा में सीसी रोड निर्माण के लिए 7 लाख 80 हजार रूपए, ग्राम बासुला में सीसी रोड निर्माण के लिए 5 लाख 20 हजार रूपए, ग्राम बासुला में शेड निर्माण कार्य के लिए 2 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। निर्माण एजेंसियों को समय-सीमा में गुणवत्तायुक्त कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए है।
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राजनांदगांव । छत्तीसगढ़ शासन द्वारा राज्य के किसानों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए एकीकृत किसान पोर्टल के माध्यम से पंजीयन एवं सत्यापन की प्रक्रिया संचालित की जा रही है। किसानों द्वारा एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन से संबंधित संशोधन एवं आवेदन किए गए हैं। किसानों को समयबद्ध लाभ प्रदान करने के उद्देश्य से यह प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी है। राज्य शासन द्वारा प्राप्त आवेदनों के परीक्षण के उपरांत 7 जनवरी 2026 तक संबंधित राजस्व विभाग एवं अन्य अधिकृत विभागों के अधिकारियों एवं पटवारियों को भौतिक सत्यापन का कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए है। जिससे पात्र किसानों को योजना का लाभ बिना विलंब के प्रदान किया जा सकेगा। जिले के समस्त एसडीएम एवं तहसीलदारों को व्हीसी के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान कर आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय-सीमा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने कहा गया है। साथ ही किसानों से सत्यापन प्रक्रिया में आवश्यक सहयोग प्रदान करने की अपील की गई है। जिला प्रशासन द्वारा किसानों के हित में पारदर्शी, तकनीक आधारित और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध करायी जा रही है।
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- औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं के प्रशिक्षणार्थी होंगे पात्र
मोहला । शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था, अंबागढ़ चौकी में युवाओं के लिए 05 जनवरी को प्रात: 10 बजे से कैम्पस प्लेसमेंट का आयोजन किया जा रहा है।
इस प्लेसमेंट का आयोजन परिश्रम बीसीएल समूह प्रा. लि. रायपुर के माध्यम से जीनस पावर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा. लि. रायपुर के लिए किया जा रहा है। इसमें जिले सहित आसपास के क्षेत्रों के योग्य प्रशिक्षणार्थी भाग ले सकते हैं। कैम्पस प्लेसमेंट में वर्ष 2020 से 2025 तक उत्तीर्ण शासकीय एवं निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं के प्रशिक्षणार्थी पात्र होंगे। इसमें विद्युतकार व्यवसाय के साथ-साथ फिटर, वेल्डर, डीजल मैकेनिक, टर्नर/कोण एवं अन्य ट्रेड साथ ही डिप्लोमा तथा 10 वीं एवं 12 वीं उत्तीर्ण उम्मीदवार भी शामिल हो सकते हैं। पात्रता के लिए उम्मीदवार की आयु 18 से 30 वर्ष निर्धारित की गई है। यह अवसर केवल पुरुष उम्मीदवारों के लिए है।
इच्छुक अभ्यर्थियों को अपने साथ आधार कार्ड, सभी शैक्षणिक एवं तकनीकी प्रमाण पत्र 02 पासपोर्ट साइज फोटो, बैंक पासबुक की छायाप्रति, पैन कार्ड सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज लाने होंगे। सभी योग्य एवं इच्छुक उम्मीदवारों से आग्रह किया गया है कि वे निर्धारित तिथि एवं समय पर कार्यालय प्राचार्य, शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था, अंबागढ़ चौकी में उपस्थित होकर कैम्पस प्लेसमेंट का लाभ उठाएं। - कलेक्टर ने जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में एडवेंचर एवं राफ्टिंग सेंटर का किया शुभारंभबेहतरीन पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित होेने के साथ-साथ स्थानीय लोगों का रोजगार सृजन का बनेगा कारगर माध्यमबालोद/कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि मनोरम प्राकृतिक वादियों पर स्थित सियादेवी जलाशय शीघ्र ही इकोटूरिज्म के महत्वपूर्ण केन्द्र के रूप में स्थापित होकर जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में अपना पहचान कायम करेगा। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा आज गुरूर विकासखण्ड के ग्राम नारागांव स्थित सियादेवी जलाशय में एडवेंचर एवं राफ्टिंग सेंटर के शुभारंभ अवसर पर अपना उद्गार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर कलेक्टर ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में फीता काटकर इस एडवेंचर एवं राफ्टिंग सेंटर का विधिवत शुभारंभ किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कहा कि प्रकृति के मनोरम वादियों के बीच स्थित होेने के कारण सियादेवी जलाशय का यह बेहतरीन एडवेंचर एवं राफ्टिंग सेंटर शीघ्र ही बेहतरीन पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित होने के साथ-साथ स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने का कारगर माध्यम बनेगा। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक एवं श्री अजय किशोर लकरा, जनपद पंचायत गुरूर की अध्यक्ष श्रीमती सुनीता संजय साहू सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं पर्यटकगण उपस्थित थे। इस दौरान कलेक्टर एवं अधिकारियों ने बैम्बू राफ्टिंग में बैठकर मनोरम सियादेवी जलाशय का सैर भी किया।इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने वर्ष 2025 के अंतिम दिन आज 31 दिसंबर को नारागांव जलाशय में इस बेहतरीन एडवेंचर एवं राफ्टिंग सेंटर पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए नारागांव सहित अंचल वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि हम सभी के लिए खुशी की बात है कि इस एडवेंचर एवं राफ्टिंग सेंटर के शुभारंभ होने से 01 जनवरी 2026 से स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध होना शुरू हो जाएगा। श्रीमती मिश्रा ने आशा व्यक्त किया कि इस एडवेंचर एवं राफ्टिंग सेंटर के माध्यम से ग्रामीणों के लिए बेहतर रोजगार के अवसर पर सुनिश्चित हो सकेगा। उन्होंने आशा व्यक्त किया कि नारागांव जलाशय का यह क्षेत्र अपने अनुपम प्राकृतिक सौंदर्य एवं बेहतरीन परिवेश के कारण एक खुबसूरत एवं वृहद पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित होगा। श्रीमती मिश्रा ने कहा कि इसके माध्यम से बालोद जिले में इकोटूरिज्म के परिकल्पना को भी साकार करने में मदद मिलेगा। उन्होंने नारागांव एवं अंचल वासियों को एडवेंचर एवं राफ्टिंग सेंटर का समुचित देखभाल करने तथा इसकी साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने को कहा। कलेक्टर ने नारागांव सहित एडवेंचर एवं राफ्टिंग सेंटर क्षेत्र के विकास हेतु जिला प्रशासन द्वारा हर संभव मदद उलपब्ध कराने तथा नहर की रिपेयरिंग हेतु शीघ्र ही शासन को प्रस्ताव भेजकर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने का भी आश्वासन दिया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा अंचल वासियों के सहयोग से नारागांव जलाशय में एडवेंचर एवं राफ्टिंग सेंटर प्रारंभ कर जिले में इकोटूरिज्म को बढ़ावा देने हेतु बेहतरीन नवाचार किया गया है। उन्होंने कहा कि आज के इस भाग-दौड़ के समय में एडवेंचर आवश्यक होने के साथ-साथ इसकी व्यापक संभावनाएं भी है। अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक ने नारागांव जलाशय में एडवेंचर एवं राफ्टिंग सेंटर प्रारंभ होनेे पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि हम सभी का छोटा-छोटा प्रयास बालोद जिले को पर्यटन के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान दिलाने की दिशा में अत्यंत निर्णायक साबित होगा। अपर कलेक्टर श्री अजय किशोर लकरा ने इस बेहतरीन एडवेंचर एवं राफ्टिंग सेंटर की सराहना करते हुए इसे जिले के पर्यटन क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुनीता संजय साहू ने नारागांव जलाशय में एडवेंचर एवं राफ्टिंग सेंटर के शुभारंभ अवसर पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा एवं अन्य अतिथियों की उपस्थिति पर सराहना करते हुए सभी अतिथियों का आत्मीय अभिनंदन एवं स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने सियादेवी जलाशय के इस पर्यटन क्षेत्र के विकास के लिए मदद उलपब्ध कराने की मांग भी की। इस दौरान कार्यपालन अभियंता जल संसाधन विभाग श्री पीयुष देवांगन, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग श्री विजय कंवर, जनपद पंचायत गुरूर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री उमेश रात्रे सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारियों के अलावा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
- विभिन्न शिक्षण संस्थाओं के विद्यार्थियों को नाम जोड़ने हेतु भराया जा रहा है फार्मबालोद/अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्रीमती प्रतिमा ठाकरे झा के निर्देशानुसार गुण्डरदेही विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत वर्तमान में 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले नये मतदाताओं तथा 01 जुलाई एवं 01 अक्टूबर 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले भावी मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में नाम जोड़ने हेतु निरंतर शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत आज 31 दिसंबर को गुण्डरदेही विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों में मास्टर ट्रेनर्स, अभिहीत अधिकारियों एवं बीएलओ के द्वारा शिविर लगाकर नये एवं भावी मतदाता के रूप में शामिल विद्यार्थियों को फार्म 06 भराया जा रहा है।
- रायपुर।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के आदेशानुसार रायपुर प्रेस क्लब के कार्यकारिणी पदाधिकारियों एवं सदस्यों के निर्वाचन की प्रक्रिया के अंतर्गत वैध सदस्यों की मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन आज 01 जनवरी 2026 को किया गया।मतदाता सूची पर 03 जनवरी 2026 तक दावा-आपत्ति प्रस्तुत की जा सकती है। प्राप्त दावा-आपत्तियों का निराकरण उपरांत 05 जनवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।दावा-आपत्ति कार्यालय कलेक्टर, रायपुर के कक्ष क्रमांक 09 में कार्यालयीन समय के दौरान श्री राकेश देवांगन, अतिरिक्त तहसीलदार एवं सहायक निर्वाचन अधिकारी के समक्ष आवश्यक दस्तावेजों सहित प्रस्तुत की जा सकती है। निर्धारित तिथि के पश्चात प्राप्त किसी भी दावा-आपत्ति पर विचार नहीं किया जाएगा।
- - प्रशासनिक प्रयासों से धान उठाव में आई तेजी, किसानों को मिल रही राहत- अवैध धान भंडारण एवं परिवहन पर लगातार कार्रवाई जारीमोहला । मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी जिले में छत्तीसगढ़ शासन की धान खरीदी व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो रही है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में अब तक जिले के पंजीकृत किसानों में से बड़ी संख्या में किसानों ने उपार्जन केन्द्रों में धान विक्रय कर शासन की व्यवस्था पर भरोसा जताया है।जिले में कुल 43,840 पंजीकृत किसानों में से अब तक 21,284 किसानों द्वारा 10 लाख 92 हजार 146 क्विंटल धान की बिक्री सफलतापूर्वक की जा चुकी है। धान उठाव में तेजी लाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा 7 राइस मिलों का पंजीयन किया गया है। इन राइस मिलों के माध्यम से 1 लाख 49 हजार 860 क्विंटल धान के डीओ जारी किए गए, जिसमें से 1 लाख 14 हजार 980 क्विंटल धान का उठाव पूर्ण हो चुका है।धान की लगातार आवक को देखते हुए संग्रहण केन्द्र सेवताटोला में 31,000 क्विंटल धान के संग्रहण हेतु परिवहन आदेश जारी किया गया है। आज संग्रहण केन्द्र एवं राइस मिलों के माध्यम से कुल 30 गाडिय़ों में धान का सुरक्षित परिवहन किया गया। इसके साथ ही जिले में खरीदे गए धान के शीघ्र निराकरण के लिए अंतर-जिला मिलिंग की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है। इसके अंतर्गत राजनांदगांव, दुर्ग एवं धमतरी जिलों की मिलों को 3 लाख क्विंटल धान का डीओ जारी किया जाएगा।धान बिक्री करने वाले किसानों में से 11,824 किसानों द्वारा 4,772.12 हेक्टेयर रकबा समर्पण किया गया है। रकबा समर्पण से कोचियों एवं बिचौलियों द्वारा अवैध धान बिक्री पर प्रभावी रोक लगेगी, जिससे जिले के वास्तविक किसानों से ही जिले में उत्पादित धान की खरीदी सुनिश्चित होगी।कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति के निर्देशन में राजस्व, खाद्य एवं मंडी विभाग के अधिकारियों द्वारा अवैध धान व्यापार के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जा रही है। अब तक 35 प्रकरणों में 1,891 क्विंटल धान जप्त कर लगभग 58 लाख 62 हजार रुपए की कार्यवाही की जा चुकी है। यह कार्रवाई आगे भी सतत रूप से जारी रहेगी। छत्तीसगढ़ शासन एवं जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों से जिले में धान खरीद,ए उठाव एवं भंडारण की व्यवस्था पारदर्शी और प्रभावी बनी हुई है, जिससे किसानों को समय पर लाभ मिल रहा है।
- - अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 के आधार परमोहला । विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 का कार्य अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 के आधार पर प्रारंभ कर दिया गया है। जिले के कुल 313 मतदान केन्द्रों में इस कार्य के लिए बीएलओ बूथ लेवल ऑफिसर नियुक्त किए गए हैं, जो मतदाता सूची के अद्यतन कार्य में सक्रिय रूप से लगे हुए हैं।विशेष गहन पुनरीक्षण के अंतर्गत 01 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले सभी छात्र-छात्राओं के नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए जिले के समस्त हायर सेकेण्डरी स्कूल एवं महाविद्यालयों के स्वीप नोडल अधिकारियों के पास फॉर्म-6 उपलब्ध कराया गया है।अर्हता तिथि 01.01.2026 की स्थिति में प्रारूप मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन दिनांक 23 दिसंबर 2025 को जिले के सभी 313 मतदान केन्द्रों में बीएलओ के माध्यम से किया जा चुका है। इस प्रारूप सूची पर दावा-आपत्ति 22 जनवरी 2026 तक आमंत्रित की जा रही है। ऐसे भारतीय नागरिक जो 01 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर रहे हैं वे इस अवधि में अपना नाम निर्वाचक नामावली में जुड़वाने के लिए पात्र होंगे।विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के दौरान जो मतदाता Uncollectable की श्रेणी में दर्ज किए गए हैं, वे भी फॉर्म-6 के माध्यम से पुनरू आवेदन कर सकते हैं। पात्र मतदाताओं को अपने निवास क्षेत्र के बीएलओ को एक पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो के साथ निम्न में से किसी एक वैध दस्तावेज की प्रति संलग्न कर आवेदन प्रस्तुत करना होगा।जैसे केंद्रीय/राज्य/पीएसयू कर्मचारी पहचान पत्र या पेंशन आदेश, जन्म प्रमाण-पत्र, पासपोर्ट, शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, स्थायी निवास प्रमाण-पत्र, जाति प्रमाण-पत्र, वन अधिकार प्रमाण-पत्र, परिवार रजिस्टर, भूमि/मकान आवंटन प्रमाण-पत्र अथवा आयोग के निर्देशानुसार आधार संबंधी दस्तावेज आदि।इसके अतिरिक्त, अर्हता तिथि 01 अक्टूबर 2026 की स्थिति में 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले मतदाता भी अपने क्षेत्र के बीएलओ के पास फॉर्म-6 में आवेदन कर सकते हैं। निर्वाचन आयोग द्वारा सभी पात्र भारतीय नागरिकों से अपील की गई है कि वे मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने अथवा आवश्यक संशोधन के लिए बीएलओ से संपर्क करें या फिर ECINET मोबाइल ऐप अथवा www.voters.eci.gov.in n के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करें।- मतदाताओं की सुविधा के लिए विभिन्न प्रपत्र इस प्रकार हैंमतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए निर्वाचन आयोग द्वारा विभिन्न प्रपत्र निर्धारित किए गए हैं। फॉर्म-6 का उपयोग नए मतदाता पंजीकरण के लिए किया जाता है, जबकि फॉर्म-6 क प्रवासी भारतीय नागरिकों एनआरआई के मतदाता बनने हेतु निर्धारित है। मतदाता सूची से नाम हटवाने के लिए फॉर्म-7 तथा नाम, पता, फोटो में संशोधन, स्थानांतरण अथवा नया ईपिक कार्ड प्राप्त करने के लिए फॉर्म-8 भरा जा सकता है। यह विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम जिले में शुद्ध अद्यतन एवं त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे पात्र प्रत्येक नागरिक का नाम निर्वाचक नामावली में सुनिश्चित किया जा सकेगा।
- रायपुर । विकास खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय आरंग के अंतर्गत आने वाले ग्राम टेकारी ( कुंडा ) के शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला में कल शुक्रवार को वार्षिकोत्सव का आयोजन किया गया है । इस आयोजन में उच्चतर , उच्च , पूर्व माध्यमिक , प्राथमिक व आई टी आई के विद्यार्थियो द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया जावेगा । कार्यक्रम कल शुक्रवार को पूर्वाह्न 11बज से प्रारंभ होगा ।
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कस्टम मीलिंग का पंजीयन नही होने पर केजीएन राईस मिल चिरचारी को किया गया सील
बालोद/ कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य के अंतर्गत बालोद जिले में धान की अवैध खरीदी-बिक्री पर रोकथाम सुनिश्चित करने राजस्व, खाद्य, सहकारिता एवं कृषि उपज मंडी के जांच दल के द्वारा निरंतर कार्रवाई की जा रही है। इसके अंतर्गत आज एसडीएम गुरूर श्री रामकुमार सोनकर के नेतृत्व में जांच दल के द्वारा गुरूर विकासखण्ड के केजीएन राईस मिल चिरचारी के जांच के उपरांत राईस मिल का कस्टम मीलिंग पंजीयन नही होने से राईस मिल को सील करने कार्रवाई की गई। एसडीएम गुरूर श्री रामकुमार सोनकर ने बताया कि केजीएन राईस मिल के जांच के दौरान पाया गया कि उक्त राईस मिल के द्वारा खरीद विपणन वर्ष 2024-25 में कस्टम मीलिंग का कार्य करने हेतु एफसीआई उसना में 96000 क्विंटल धान का अनुबंध किया गया था। राईस मिल के द्वारा जिसके विरूद्ध 56658.56 क्विंटल धान का उठाव किया गया है। जिसमें जमा करने योग्य चावल की मात्रा 38913.099 क्विंटल है। उन्होंने बताया कि जांच में पाया गया कि आज दिनांक तक राईस मिल के द्वारा 28121.98 क्विंटल चावल एफसीआई में जमा किया गया है। इसके साथ ही जमा करने योग्य शेष चावल की मात्रा 10791.119 क्विंटल है। जांच में पाया गया कि उक्त राईस मिल के द्वारा 70.26 प्रतिशत चावल जमा किया गया है।एसडीएम श्री सोनकर ने बताया कि केजीएन राईस मिल के द्वारा जांच के समय तक खरीफ वर्ष 2025-26 में कस्टम मीलिंग हेतु आॅनलाईन पंजीयन नही किया गया है। जो कि छत्तीसगढ़ कस्टम मीलिंग चावल उपार्जन आदेश 2016 की कंडिका 4(1) का स्पष्ट उल्लंघन एवं उक्त आदेश कंडिका 09 के तहत दंडनीय है। जिसके फलस्वरूप जांच दल के द्वारा केजीएन राईस मिल को सील करने की कार्रवाई की गई एवं राईस मिल में उपलब्ध धान एवं चावल की जप्ती कर फर्म में उपस्थित राईस मिल के मंूशी श्री रूपेश कुमार साहू की सुपुदर्गी में दे दिया गया है। जांच दल के अधिकारियों के द्वारा एसडीएम श्री रामकुमार सोनकर, तहसीलदार श्री हनुमंत श्याम एवं खाद्य व कृषि उपज मंडी के निरीक्षकों की उपस्थिति में जांच की संपूर्ण कार्रवाई सुनिश्चित की गई। -
नव वर्ष पर 65 प्रतिशत उपभोक्ताओं को मिल चुकी स्मार्ट मीटर की सौगात
बालोद/नये वर्ष की सुबह दुर्ग रीजन (दुर्ग, बालोद, बेमेतरा जिले) के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए पारदर्षिता और आधुनिकता की नई किरण लेकर आ रही है। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूषन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीडीसीएल) दुर्ग क्षेत्र ने नव वर्ष के अवसर पर 65 प्रतिशत उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर की सौगात दे दी है। अब उपभोक्ता नए साल में अपनी बिजली खपत के एक-एक पैसे का हिसाब रख सकेंगे। उल्लेखनीय है कि दुर्ग, बालोद एवं बेमेतरा जिले के लगभग 09 लाख 80 उपभोक्ताओं में से कुल 05 लाख 71 हजार से अधिक उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर सफलतापूर्वक स्थापित किए जा चुके हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि विद्युत रीजन दुर्ग के तीनों जिलों के लगभग 65 प्रतिशत लोगों के घरों में आधुनिक स्मार्ट बिजली मीटर लग चुके हैं, जिससे वे नई व्यवस्था का सीधा लाभ उठाना शुरू कर चुके हैं। अब खपत की पाई-पाई का रिकार्ड उपभोक्ता देख सकेंगे। हर आधे घंटे में कितनी यूनिट बिजली की खपत हुई उसका रिकार्ड देख सकेंगे, जिससे विद्युत का किफायत से उपयोग किया जा सकेगा। उल्लेखनीय है कि जहां-जहां स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, वहां पर बिलिंग और रीडिंग सहीं समय पर हो रही है। विद्युत रीजन दुर्ग के अंतर्गत विभागीय संभाग भिलाई शहर पश्चिम में 62075, भिलाई पूर्व संभाग में 48968, दुर्ग शहर संभाग में 59244, बालोद संभाग में 103696, दुर्ग संभाग में 73058, बेमेतरा संभाग में 53556, साजा संभाग में 52131, अहिवारा संभाग में 53196 एवं पाटन संभाग में 65152 निम्नदाब उपभोक्ताओं के घर स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं। कंपनी ने बताया कि स्मार्ट मीटर लगने से उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं मिलेंगी एवं सटीक बिलिंग और ऊर्जा दक्षता में सुधार होगा। स्मार्ट मीटर लगाने का काम समय सीमा में पूर्ण करने के लिए कंपनी की टीमें लगातार कार्य में जुटी हुई हैं। कंपनी ने बताया कि उपभोक्ता अब हर आधे घंटे में देख सकेंगे कि कितनी यूनिट बिजली खर्च हुई। अब घर पर मीटर रीडर का इंतजार करने की जरुरत नहीं होगी, रीडिंग सीधे विभाग तक पहुंच जायेगी। स्मार्ट मीटर के प्रीपेड हो जाने पर हर साल जमा की जाने वाली सुरक्षा निधि से उपभोक्ताओं को मुक्ति मिल जाएगी।
बैंक अकाउंट की तरह अब उपभोक्ता के फोन पर बिजली का पूरा हिसाब मौजूद रहेगा। भविश्य में 10 किलोवॉट से अधिक संबद्ध भार वाले निम्नदाब उपभोक्ताओं को टी.ओ.डी. टैरिफ पर बिल किया जाएगा, जिससे बिजली की प्रचलित दर में की गई खपत पर छूट का प्रावधान होगा। कंपनी ने बताया कि यह सब स्मार्ट मीटर लगने के बाद ही संभव होगा। ज्ञातव्य हो कि विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के द्वारा जारी विद्युत (उपभोक्ताओं के अधिकार) नियमन 2020, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के द्वारा जारी मीटरिंग कोड एवं छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा बनाये गये नियमों के पालन में प्रदेष के सभी निम्नदाब उपभोक्ताओं के यहां पुराने मीटरों को स्मार्ट मीटरों से बदलना अनिवार्य है। यह कार्य भारत सरकार और राज्य सरकार के संयुक्त निर्देशो पर आरडीएसएस योजना के अंतर्गत किया जा रहा है। सीएसपीडीसीएल दुर्ग क्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री संजय खंडेलवाल ने नए वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उपभोक्ता अपना मोबाइल नंबर अवश्य रजिस्टर कराएं क्योंकि मीटर से संबंधित सभी महत्वपूर्ण सूचना उपभोक्ता के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस एवं वाट्सअप के माध्यम से भेजे जाते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी उपभोक्ता मोर बिजली ऐप के माध्यम से अपनी दैनिक खपत देख सकते हैं और बिल तथा विद्युत से संबंधित अन्य सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने बताया कि स्मार्ट मीटर लगाना पूरी तरह से निःशुल्क है। भविष्य में सोलर रुफटॉप कनेक्शन लेने पर स्मार्ट मीटर लगे परिसरों में नेटमीटर लगाने की आवष्यकता नहीं होगी। स्मार्ट मीटर में अब मानवीय त्रुटियों की संभावना शून्य हो गई है। मुख्य अभियंता ने कहा कि जीनस कंपनी के कर्मचारी यूनिफार्म एवं विद्युत विभाग के प्राधिकृत अधिकारी द्वारा हस्ताक्षरित आईकार्ड के साथ कार्यालयीन समय में मीटर लगाने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि सीएसपीडीसीएल अपने शेष सभी उपभोक्ताओं के परिसर में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य त्वरित गति से कर रही है एवं उपभोक्ता भी सहयोग कर रहे हैं और स्मार्ट मीटर से संतुष्ट हैं।












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