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- - लखपति दीदी श्रीमती तामेश्वरी साहू ने अपने हौसले एवं आत्मविश्वास से अपनी राह बनाई- सोचा नहीं था कि स्कूटी और ऑटो ले पाऊंगी : लखपति दीदी तामेश्वरी साहूराजनांदगांव । ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं में सामाजिक परिवर्तन की बयार दिखाई दे रही है। यह बयार है शासन की राष्ट्रीय आजीविका मिशन बिहान अंतर्गत संचालित विभिन्न गतिविधियां, जिससे जुड़कर महिला स्वसहायता समूह की महिलाएं आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। ऐसी ही एक मिसाल है, राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम परेवाडीह की लखपति दीदी श्रीमती तामेश्वरी साहू, जिन्होंने चुनौतियों एवं संघर्ष के बावजूद अपने हौसले एवं आत्मविश्वास से अपनी राह बनाई। उन्होंने बताया कि वे प्रज्ञा स्वसहायता समूह से जुड़ी है और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान से उन्हें भरपूर मदद मिली। उन्होंने बताया कि बिहान से जुडऩे से पहले वे घरेलू कार्य के साथ खेती-किसानी का कार्य करती थी तथा घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। उन्होंने बताया कि बैंक लिंकेज के माध्यम से ऋण लेकर अपना किराना दुकान खोला, लेकिन दुकान में आग लगने से बहुत क्षति हुई। फिर उन्होंने हिम्मत करते हुए बिहान से योगदान मिलने पर फिर से अपना किराना दुकान प्रारंभ किया। इसी दौरान ग्राम पदुमतरा में सीएलएफ में खाना बनाने का कार्य मिला। जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत बनी।लखपति दीदी श्रीमती तामेश्वरी साहू ने बताया कि उन्होंने अब तक वे बिहान योजना के माध्यम से 5 से 8 लाख रूपए तक का ऋण ले चुकी है। अभी वे किराना दुकान के साथ ही बैंक सखी एवं वित्तीय साक्षरता के प्रति जागरूकता के लिए कार्य कर रही है और उनकी वार्षिक आय लगभग 1 लाख 50 हजार रूपए है। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि मैंने कभी सोचा नहीं था कि अपने लिए स्कूटी और ऑटो ले पाऊंगी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुडऩे के बाद यह सपना साकार हो गया है। उन्होंने बताया कि बैंक सखी के रूप में कार्य करने से आत्मविश्वास बढ़ा, वहीं आर्थिक स्थिति में भी सुधार हुआ। उन्होंने बताया कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय साक्षरता के लिए कार्य कर रही हैं तथा जनसामान्य को शासन की योजनाओं की जानकारी दे रही है। लखपति दीदी श्रीमती तामेश्वरी साहू ने बिहान योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद दिया।
- राजनांदगांव । प्रयास आवासीय विद्यालयों के कक्षा 9वीं में प्रवेश हेतु द्वितीय प्रतीक्षा सूची के विद्यार्थियों की काऊंसिलिंग 28 जुलाई 2025 को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक प्रयास कन्या आवासीय विद्यालय गुढिय़ारी रायपुर में आयोजित की गई है। द्वितीय प्रतीक्षा सूची का अवलोकन वेबसाईट https://eklavya.cg.nic.in पर किया जा सकता है। विद्यार्थियों को निर्धारित तिथि, समय एवं स्थान पर अनिवार्य दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने कहा गया है।
- राजनांदगांव । एग्रीस्टेक पोर्टल फॉर्मर रजिस्ट्री के तहत किसान अपना पंजीयन स्वयं कर सकते है। पंजीयन करने के लिए स्मार्ट फोन या कम्प्यूटर सेट, आधार नंबर लिंक मोबाईल, आधार कार्ड, भूमि का खसरा बी-1 की आवश्यकता होगी। कम्प्यूटर से पंजीयन करने के लिए वेबसाईट www.cgfr.agristack.gov.in पर जाना होगा। मोबाईल से पंजीयन करने के लिए गूगल प्ले स्टोर से Farmer Registry Cg एप डाऊनलोड करना होगा। साईट या एप पर जाकर पेज में नीचे क्रिएट न्यू यूजर अकाउंट पर जाये, अपना आधार नंबर बाक्स में भरें, आधार ओटीपी से आधार नंबर वेरीफाई करें, आपकी डिटेल अपने आप आ जायेगी, पेज में सबसे नीचे जाएं, मोबाईल नंबर भरें, ओटीपी से मोबाईल नंबर वेरीफाई करें, अपना स्वयं का पासवर्ड बनाये। अब वापस लॉगिन पेज पर जाकर अपने मोबाईल व पासवर्ड से लॉगिन करें, लॉगिन करने पर आपकी डिटेल पेज पर दिखाई देगी व रजिस्टर पर क्लिक करें, पोर्टल आपसे पूछेगा की आप मोबाईल नंबर बदलना चाहते है? नहीं कर आगे बढ़े। किसान को अपनी डिटेल हिन्दी में भरना होगा (या गुगल ट्रांसलेट से कर सकते है)। आपके विवरण को अंग्रेजी से मिलाकर प्रतिशत में कितना मिल रहा है, बताएगा ध्यान में रखे जानकारी 80 प्रतिशत से ज्यादा मिले। इसी प्रकार आपका पता, जिला, अनुभाग, आदि भरें, अब रजिस्ट्रेशन जमीन की जानकारी में आगे जाये। जमीन में मालिक या किरायेदार पूछेगा आपको कृषि और लैंड ओवनिंग का दो विकल्प दिखाई देगा दोनों को सेलेक्ट करें। फैच लैंड डिटेल पर क्लिक करें। सर्वे नंबर पर मूल खसरा नंबर एवं सर्वे नंबर पर भरें जो संख्या हो उसे भरें, जैसे-110/5 है तो पहले खाने में 110 एवं दूसरे खाने में 5 भरें। अपना नाम किसान की सूची में सलेक्ट करें, पहचानकर्ता के नाम को मिलान कर सबमिट करें। किसान के नाम जितनी भूमि है, सब दिखाई देगी फिर भी बी-1 से मिलाकर उन खसरा का चयन करें जो आपकी है। अब वेरीफाई ऑल लैण्ड पर जो की लिस्ट में ऊपर है उसे क्लिक करें। बाक्स में सहमति के लिए चेकबाक्स में क्लिक करें, ई साईन का विकल्प खुलने पर ई साईन ओटीपी के माध्यम से पूर्ण करें। ई साईन होने के लिए आधार की साईट पर जो अपने आप खुलेगी आधार नंबर डालकर ओटीपी के माध्यम से ई साईन करें। ई-साईन करने पर आपका रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूर्ण होकर नामांकन नंबर मिलेगा। यदि आपके द्वारा 80 प्रतिशत से अधिक मिलान हो रहा है तो यह स्वचलित प्रक्रिया के तहत 48 घंटे में आपकी फार्मर रजिस्ट्री पूर्ण हो जायेगी और यदि 80 प्रतिशत से कम मिलान है तो पटवारी और तहसीलदार द्वारा वेरीफिकेशन पूर्ण होने पर आईडी जारी होगी।
- - कृषक पंजीयन की अंतिम तिथि 30 अगस्त- घर-घर जाकर पंजीयन के लिए छूटे हुए कृषकों को किया जा रहा जागरूकराजनांदगांव । जिले में एग्रीस्टेक पोर्टल फॉर्मर रजिस्ट्री के तहत किसानों का पंजीयन कराया जा रहा है। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने किसानों का एग्रीस्टेक पोर्टल फॉर्मर रजिस्ट्री अंतर्गत किसानों को अधिक से अधिक पंजीयन कराने के निर्देश दिए है। कलेक्टर के मार्गदर्शन में जिले में किसानों के पंजीयन के लिए कृषक जोड़ो अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कृषि विभाग को सक्रियता के साथ कृषक पंजीयन कराने के लिए निर्देश दिए। एग्रीस्टेक पोर्टल फॉर्मर रजिस्ट्री के तहत कृषक पंजीयन की अंतिम तिथि 30 अगस्त 2025 है। कृषि विभाग द्वारा जिले में पंजीकृत 127107 कृषकों में से 104684 कृषकों का एग्रीस्टेक पोर्टल फार्मर रजिस्ट्री कराया जा चुका है। शेष 22423 कृषकों का 14 अगस्त 2024 तक शिविरों के माध्यम से पंजीयन कराया जा रहा है। कृषि विभाग द्वारा घर-घर जाकर पंजीयन के लिए छूटे हुए कृषकों का चिन्हांकन किया जा रहा है। ग्राम पंचायत एवं सहकारी समिति में शिविर का आयोजन कर चिन्हांकित कृषकों का पंजीयन कराया जा रहा है। ग्राम पंचायत के माध्यम से कृषकों को पंजीयन के लिए प्रेरित किया जा रहा है।उप संचालक कृषि श्री टीकम सिंह ठाकुर ने बताया कि जिले में एग्रीस्टेक पोर्टल फॉर्मर रजिस्ट्री के तहत कृषक पंजीयन के लिए कृषक जोड़ो अभियान के तहत लगातार कृषकों का पंजीयन कराने के लिए जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि छूटे हुए किसानों का पंजीयन कराने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण किया जा रहा है और पाम्प्लेट, पोस्टर के माध्यम से भी जानकारी दी जा रही है। कृषि विभाग की टीम ग्राम लालूटोला, नवागांव, रीवागहन, टाकुरटोला, भेजराटोला, किरगी ब सहित विभिन्न ग्रामों में लगातार दौरा कर रही है और कृषकों की समस्या का समाधान कर रही है। किसानों के पंजीयन के संबंध में आने वाली तकनीकी एवं अन्य समस्याओं से अवगत करा रहे है।उल्लेखनीय है कि एग्रीस्टेक पोर्टल फॉर्मर रजिस्ट्री के तहत वेबसाईट www.cgfr.agristack.gov.in एवं मोबाईल एप्लीकेशन Farmer Registry Cg के माध्यम से किसान अपना पंजीयन स्वयं कर सकते है। पंजीयन करने के लिए स्मार्ट फोन या कम्प्यूटर सेट, आधार नंबर लिंक मोबाईल, आधार कार्ड, भूमि का खसरा बी-1 की आवश्यकता होगी।
- बिलासपुर। उद्यानिकी फसल उत्पादन कर रहे किसानों के लिए टमाटर, बैगन, अमरूद, केला, पपीता, मिर्च एवं अदरक के लिये खरीफ वर्ष 2023 अंतर्गत पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना छत्तीसगढ़ सरकार के सहयोग से भारतीय कृषि बीमा कंपनी के द्वारा संचालित की जा रही है। उप संचालक उद्यानिकी से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के इच्छुक ऋणी एवं अऋणी कृषक 31 जुलाई 2025 तक निकटतम लोक सेवा केन्द्र, बैंक शाखा, सहकारी समिति या भारतीय कृषि बीमा कंपनी के प्रतिनिधि से संपर्क कर अपने उद्यानिकी फसलों का बीमा करा सकते है। योजना के संबंध में अधिक जानकारी के लिए उद्यानिकी विभाग में कार्यरत अधिकारियों एवं बीमा कंपनी के प्रतिनिधि से संपर्क किया जा सकता है। इस हेतु बीमा कंपनी के प्रतिनिधि श्री थानेश्वर साहू मो0न0 99071-22727, बिल्हा में उद्यानिकी विभाग के वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी श्री अशोक कुमार परस्ते 94796-19829, तखतपुर में उद्यान विकास अधिकारी श्री जेनेन्द्र कुमार पैंकरा 62659-81957, कोटा में वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी श्री साधूराम नाग 91654-90297 एवं मस्तूरी में प्रभारी उद्यान अधीक्षक श्री आरके जगत 80852-80923 से संपर्क कर अधिक जानकारी ली जा सकती है।चयनित उद्यानिकी फसलों खरीफ के लिए किसानों द्वारा द्वेय प्रीमियम दर बीमित राशि का 5 प्रतिशत है। बिलासपुर जिले में खरीफ मौसम के फसलों हेतु 100 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित है। टमाटर फसल के लिए प्रति एकड़ बीमित राशि 1 लाख 20 हजार रुपए एवं कृषक अंश राशि 6 हजार, बैगन के लिए बीमित राशि 77 हजार रुपए एवं कृषक अंश राशि 3 हजार 850 रुपए, अमरुद के लिए बीमित राशि 45 हजार रुपए एवं कृषक अंश राशि 2 हजार 250, केला के लिए बीमित राशि 1 लाख 65 हजार रुपए एवं कृषक अंश राशि 8 हजार 250 रुपए, पपीता के लिए बीमित राशि 1 लाख 25 हजार रुपए एवं कृषक अंश राशि 6 हजार 250, मिर्च के लिए बीमित राशि 90 हजार रुपए एवं कृषक अंश राशि 4 हजार 500 रुपए और अदरक के लिए बीमित राशि 1 लाख 50 हजार रुपए एवं कृषक अंश राशि 7 हजार 500 रुपए निर्धारित है।किसानों के हानि का मूल्यांकन अधिसूचित क्षेत्र में स्थापित स्वचलित मौसम केंद्र से प्राप्त 4 आवरित जोखिमों जैसे कम या अधिक तापमान, कम या अधिक या बेमौसम वर्षा, वायु गति, कीट एवं व्याधि प्रकोप के अनुकूल मौसम के प्रमाणित आंकड़ों एवं अधिसूचित टर्मशीट के अनुसार दावा गणना की जाएगी। दावा राशि का भुगतान सीधे किसानों के खाते में किया जाएगा। खरीफ मौसम के टमाटर, बैगन, अमरुद, केला, पपीता, मिर्च, एवं अदरक फसल हेतु ओलावृष्टि हवाएं की स्थिति में कृषक इसकी सूचना सीधे बीमा कम्पनी के टोल फ्री नं. 18004190344 पर तथा टोटल शिकायत निवारण पोर्टल (Farmer Grievance Redressal) या लिखित रुप में 72 घंटे के भीतर संबंधित बैंक, स्थानीय राजस्व एवं संबंधित क्षेत्र के उद्यान अधिकारी को बीमित फसल के ब्यौरे, क्षति की मात्रा तथा क्षति का कारण सहित सूचित करना होगा। संबंधित संस्था/विभाग 48 घंटा के भीतर कृषकों से प्राप्त जानकारी (बीमित फसल के ब्यौरे, क्षति की मात्रा तथा क्षति के कारण सहित) बीमा कंपनी को प्रदान करेंगे।जरूरी दस्तावेज - नवीनतम आधारकार्ड की कॉपी, नवीनतम भूमि प्रमाण पत्र, बी 1, पी 2 की कॉपी, बैंक पासबुक के पहले पन्ने की कॉपी जिस पर एकाउंट नंबर, आईएफसी कोड, बैंक का पता साफ दिखाई दे रहा हो। फसल बुआई प्रमाण पत्र, किसान का वैद्य मोबाईल नंबर, बटाईदार, कास्तकार, साझेदार किसानों के लिए फसल साझा अथवा कास्तकार का घोषणा पत्र।
- रायपुर । बुधवार को नगर पालिक निगम रायपुर के जोन क्रमांक 8 के कार्यालय में जोन 8 जोन अध्यक्ष श्री प्रीतम सिंह ठाकुर और स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चन्द्राकर ने नगर निगम जोन क्रमांक 8 क्षेत्र के वार्ड पार्षद श्री सन्दीप साहू, श्री भगतराम हरवंश, श्री अमन सिंह ठाकुर, श्री अर्जुन यादव की उपस्थिति में जोन नम्बर 8 के सभी 7 वार्डो के विभिन्न कार्यों की समीक्षा की और सड़क बत्ती, पेयजल एवं सफाई से सम्बंधित कार्यों को लेकर जोन के सभी वार्ड प्रभारियों को आवश्यक निर्देश दिये. जोन 8 जोन अध्यक्ष और स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष ने वार्ड पार्षदों सहित जोन राजस्व विभाग के सम्बंधित अधिकारियों को रायपुर नगर पालिक निगम के हित में अधिकाधिक राजस्व वसूली करने के कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता से करने के निर्देश दिये।
- रायपुर। ज्ञान और शिक्षा के क्षेत्र में रायपुर जिला प्रशासन की अभिनव पहल 'स्मृति पुस्तकालय योजना' को जनमानस का भरपूर समर्थन मिल रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन और कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के नेतृत्व में 15 जुलाई से प्रारंभ इस योजना के तहत आज तक 43 दानदाताओं द्वारा 949 से अधिक पुस्तकें दान की जा चुकी हैं।बुधवार को दो दानदाताओं – सुश्री कौशल्या यदु और श्री खेमराज रात्रे ने कुल 103 पुस्तकें दान कीं। इन पुस्तकों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, करियर गाइड तथा प्रेरणादायक साहित्य शामिल हैं। इस अवसर पर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने दानदाताओं को सम्मान पत्र प्रदान कर उनके योगदान की सराहना की।विशेष बात यह रही कि कौशल्या यदु, जो स्वयं अशिक्षित हैं, ने तीन प्रेरणादायक उपन्यास दान करते हुए कहा, "मैं खुद पढ़ नहीं सकी, पर चाहती हूं कि कोई और मेरी तरह अनपढ़ न रह जाए।" वहीं, श्री खेमराज रात्रे ने प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें दान करते हुए कहा, "यह योजना उन विद्यार्थियों के लिए वरदान साबित होगी जो आर्थिक रूप से किताबें खरीदने में सक्षम नहीं हैं।"जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे आगे आकर पुस्तक दान करें और ज्ञान के इस अभियान में सहभागी बनें।
- -सुशासन तिहार में दिए आवेदन पर मिला मोटर चलित ट्राइसाइकिल-फर्राटा मारते हुए पहुंचा अपना गांवबिलासपुर / छत्तीसगढ़ का परंपरागत लोक तिहार हरेली घोघरा (बिल्हा)निवासी दिव्यांग विशंभर ध्रुव के लिए दोहरी खुशियां लेकर आया है। तिहार के पूर्व संध्या पर उन्हें लगभग 50 हजार रुपए की मोटर चलित तिपहिया वाहन मुफ्त में जो मिली है। दरअसल, श्री विशंभर सुशासन तिहार के अवसर पर दो माह पूर्व अपने गांव में आयोजित सुशासन शिविर में हिस्सा लिया था। शिविर में उन्होंने अधिकारियों को अपनी दिव्यांगता का हवाला दिया और अर्जी देकर मोटर चलित तिपहिया वाहन की मांग की थी। समाज कल्याण विभाग द्वारा उनके आवेदन का परीक्षण किया गया पात्र होने पर उसी समय स्वीकृत कर लिया गया था। तत्काल मोटर चलित वाहन उपलब्ध था नहीं। वाहन आते ही श्री विशंभर ध्रुव को सूचना देकर पुनर्वास केंद्र बुलाया गया। श्री ध्रुव अपने गांव में हरेली तिहार की तैयारी में लगा था। परिवार जनों का सहारा लेकर उल्लास भाव से बिलासपुर पहुंचा। उन्हें समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने वाहन सौंपी और शुभकामनाएं दी। हरेली तिहार में मन की मुराद पूरी हो जाने पर श्री ध्रुव की खुशियां दोगुनी हो गई। फर्राटे से वाहन दौड़ाते हुए वापस अपना गांव वापस गया। ट्राइसाइकिल ने श्री ध्रुव की दिव्यांगता को मात दे दी। अब वह सामान्य लोगों की तरह आने जाने और काम करने में समर्थ हो गया है। श्री ध्रुव ने गांव के एक गरीब और बेसहारा आदिवासी की बात सुनने और तत्परता से पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन के प्रति कृतज्ञता व्यक्त किया है।
- =परंपरा, आस्था और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है बस्तर दशहरारायपुर।, छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी मंदिर प्रांगण में आज हरेली अमावस्या के मौके पर पाट जात्रा पूजा विधान के साथ विश्वप्रसिद्ध ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व की शुरुआत होगी। इस दौरान पारम्परिक मांझी-चालकी, मेम्बर-मेम्बरीन, पुजारी, पटेल, नाईक-पाईक, सेवादार रथ निर्माण के लिए औजार बनाने ठुरलू खोटला रस्म अदा करेंगे। इस अवसर पर बस्तर दशहरा समिति द्वारा मांझी-चालकी, मेम्बर-मेम्बरीन, पुजारी, पटेल, नाईक-पाईक, सेवादारों सहित गणमान्य नागरिकों एवं ग्रामीणों को उपस्थित होकर पाट जात्रा पूजा विधान में शामिल होने का आग्रह किया गया है।जात्रा पूजा विधान के साथ ही बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी को समर्पित इस 75 दिवसीय ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व में शुक्रवार 05 सितम्बर को डेरी गड़ाई पूजा विधान, रविवार 21 सितम्बर को काछनगादी पूजा विधान, सोमवार 22 सितम्बर को कलश स्थापना पूजा विधान, मंगलवार 23 सितम्बर को जोगी बिठाई पूजा विधान सहित बुधवार 24 सितम्बर से सोमवार 29 सितम्बर 2025 तक प्रतिदिन नवरात्रि पूजा एवं रथ परिक्रमा पूजा विधान, सोमवार 29 सितम्बर को सुबह 11 बजे बेल पूजा, मंगलवार 30 सितम्बर को महाअष्टमी पूजा विधान एवं निशा जात्रा पूजा विधान, बुधवार 01 अक्टूबर को कुंवारी पूजा विधान, जोगी उठाई पूजा विधान एवं मावली परघाव, गुरुवार 02 अक्टूबर को भीतर रैनी पूजा विधान एवं रथ परिक्रमा पूजा विधान, शुक्रवार 03 अक्टूबर को बाहर रैनी पूजा विधान एवं रथ परिक्रमा पूजा विधान, शनिवार 04 अक्टूबर को सुबह काछन जात्रा पूजा विधान के पश्चात दोपहर में मुरिया दरबार का आयोजन होगा। वहीं रविवार 05 अक्टूबर को कुटुम्ब जात्रा पूजा विधान में ग्राम्य देवी-देवताओं की विदाई की जाएगी और मंगलवार 07 अक्टूबर को मावली माता की डोली की विदाई पूजा विधान के साथ ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व सम्पन्न होगी।,
- - स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की अध्यक्षता में सीजीएमएससीएल की समीक्षा बैठक का आयोजन- स्वास्थ्य मंत्री ने बैठक में स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार को लेकर दिए अहम निर्देशरायपुर। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की अध्यक्षता में बुधवार को नया रायपुर के सेक्टर 27 में स्थित स्वास्थ्य विभाग के उपक्रम सीजीएमएससीएल की समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में सीजीएमएससी के अध्यक्ष श्री दीपक म्हस्के और सचिव स्वास्थ्य सेवाएं श्री अमित कटारिया विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में प्रबंध संचालक श्रीमती पद्मिनी भोई ने विभाग द्वारा संचालित योजनाओं और कार्यों की विस्तार से जानकारी दी।स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सीजीएमएससी की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा है कि राज्य की जनता को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें। इस दौरान उन्होंने पारदर्शिता दिखाने के उद्देश्य से सीजीएमएससी की नई वेबसाइट को रिमोट का बटन दबाकर लॉन्च किया।उन्होंने निर्देशित किया कि जहां भी कोई बाधा हो, उसे शीघ्र दूर किया जाए। मंत्री ने कहा कि ब्रांडेड और गुणवत्ता वाली दवाइयों की खरीदी की जाए तथा दवाइयों की आपूर्ति सुचारु और समयबद्ध हो।उन्होंने कहा कि सीजीएमएससी स्वास्थ्य विभाग का एक अत्यंत महत्वपूर्ण उपक्रम है, जिसके माध्यम से प्रदेश के तीन करोड़ लोगों की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित होती है। इसीलिए इसके उपकरण और दवाइयों की गुणवत्ता में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।स्वास्थ्य मंत्री ने निर्माण कार्यों और खरीदी प्रक्रिया को तय समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि सीजीएमएससी स्वास्थ्य सेवाओं का अभिन्न हिस्सा है और इसके बिना विभाग का काम अधूरा है। उन्होंने कार्यों में प्रशिक्षण को अनिवार्य रूप से शामिल करने की बात कही जिससे कार्य की गुणवत्ता में और सुधार लाया जा सके।बैठक के बाद अध्यक्ष श्री दीपक म्हस्के ने कहा कि आज की समीक्षा बैठक बहुत ही उपयोगी रही। यह तय किया गया है कि आगे और बेहतर तरीके से काम कैसे किया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाबद्ध रूप से कार्य करते हुए इसे आगे बढ़ाना है। साथ ही, पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से एक नई वेबसाइट तैयार की गई है, जिसमें विभाग की सभी जानकारियां उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने कहा कि यह उपक्रम लगातार बेहतर कार्य कर रहा है और आने वाले समय में इसके कार्यों की गुणवत्ता और बेहतर होगी। समीक्षा बैठक में सीजीएमएससी के सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर। सूरजपुर जिले के रामानुजनगर तहसील के ग्राम कौशलपुर में मेसर्स मोनू कृषि सेवा केंद्र में रासायनिक खाद के विक्रय में अनियमितता का मामला पकड़ में आने पर जिला प्रशासन द्वारा इसे सील कर दिया गया है। निरीक्षण के दौरान गोदाम में लगभग 1,442 बोरियां रासायनिक खाद, जिनमें प्रमुख रूप से इफको ब्रांड की खाद का भंडारण पाया गया। कृषि सेवा केन्द्र के संचालक द्वारा शासन के दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करने, स्टॉक पंजी का संधारण नही करने तथा अन्य अनियमितता के चलते प्रशासन द्वारा यह कार्रवाई की गई।गौरतलब है कि कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन के निर्देश पर सूरजपुर जिले में रासायनिक खाद की कालाबाजारी एवं अनियमित आपूर्ति पर प्रभावी नियंत्रण हेतु लगातार जांच पड़ताल की कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में आज रामानुजनगर तहसील के अंतर्गत ग्राम कौशलपुर स्थित मेसर्स मोनू कृषि सेवा केंद्र के संचालक श्री ब्रिज बिहारी साहू के गोदाम का औचक निरीक्षण किया गया। तहसीलदार रामानुजनगर, एसएडीओ एवं हल्का पटवारी की संयुक्त जांच टीम ने उक्त कृषि सेवा केन्द्र में मिली अनियमितताओं के चलते गोदाम को तत्काल प्रभाव से सील करने की कार्रवाई की।
- रायपुर।, सूरजपुर जिले में किसानों की आय में वृद्धि तथा खाद्य तेल के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ऑयल पाम की खेती को बढ़ावा देने विशेष अभियान का शुभारंभ किया गया। यह अभियान राष्ट्रीय मिशन ऑन एडिबल ऑयल्स-ऑयल पाम योजना के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत वर्ष 2025-26 में जिले को कुल 300 हेक्टेयर क्षेत्र में ऑयल पाम पौधरोपण का लक्ष्य प्राप्त हुआ है।अभियान की शुरुआत बुधवार को भैयाथान विकासखंड के ग्राम सिरसी में हुई, जहां कृषक श्री आशीष गुप्ता के एक हेक्टेयर भूमि पर 143 ऑयल पाम पौधों का रोपण किया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चंद्रमणी पैकरा, उपाध्यक्ष श्रीमती रेखा राजलाल राजवाड़े, जनपद पंचायत भैयाथान के जनप्रतिनिधि, स्थानीय कृषकगण एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।इस अवसर पर कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन ने कहा कि पारंपरिक फसलों की तुलना में ऑयल पाम की खेती से चार गुना अधिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है। इसकी खेती में न्यूनतम श्रम बल की आवश्यकता होती है, रोगों की संभावना कम रहती है तथा यह किसानों की आय में आशातीत वृद्धि का माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के माध्यम से भारत खाद्य तेल के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा।ऑयल पाम की खेती में प्रति हेक्टेयर 143 पौधों का रोपण किया जाता है, जो 9×9 मीटर की त्रिकोणीय पद्धति से किया जाता है। चार वर्षों में पौधे फल देने लगते हैं और एक एकड़ में वार्षिक 10 से 12 टन उत्पादन संभावित होता है, जो लगातार 25-30 वर्षों तक प्राप्त होता है। सरकार द्वारा फलों की खरीदी दर 17 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित की गई है।किसानों की सुविधा हेतु केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संयुक्त रूप से अनुदान प्रदान किया जा रहा है। इसके अंतर्गत पौधरोपण सामग्री हेतु 29 हजार रूपए, फेंसिंग हेतु 54 हजार 485 रूपए, ड्रिप सिंचाई प्रणाली हेतु 31 हजार 400 रूपए अनुदान दिए जाने का प्रावधान है। साथ ही बोर खनन एवं पंप प्रतिस्थापन पर भी अनुदान की व्यवस्था की गई है।उल्लेखनीय है कि इस योजना के माध्यम से किसानों की सबसे बड़ी समस्या विपणन का समाधान किया गया है। राज्य सरकार एवं प्री. यूनिक एशिया प्रा. लि. के बीच संपन्न एमओयू के तहत कंपनी किसानों से फसल की खरीदी सीधे खेत से करेगी, जिससे किसानों को बाजार की चिंता नहीं करनी होगी।ऑयल पाम एक ताड़ प्रजाति का पौधा है, जिससे ताड़ का तेल (पाम ऑयल) प्राप्त होता है। इसका उपयोग रिफाइंड खाद्य तेल, साबुन, सौंदर्य प्रसाधन सहित कई उत्पादों में होता है। यह अभियान किसानों की आय वृद्धि के साथ-साथ देश को खाद्य तेल के आयात पर निर्भरता से मुक्त कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। वर्तमान में भारत 60-70 प्रतिशत खाद्य तेल का आयात करता है, जिसमें पाम ऑयल की हिस्सेदारी 60 प्रतिशत है।
- -अवैध भंडारण एवं परिवहन के मामले में कोण्डागांव मंडी समिति ने की कार्रवाईरायपुर। कृषि उपज मंडी समिति, कोण्डागांव द्वारा मंडी क्षेत्र अंतर्गत अवैध भण्डारण और परिवहन के मामले में 834 बोरा मक्का एवं 60 बोरा उड़द जब्त किया गया है। यह कार्रवाई मंडी सचिव श्री सुरेश कुमार सिंह के नेतृत्व में गठित निरीक्षण दल द्वारा मंडी अधिनियम 1972 के तहत की गई।प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम मेघना (नवरंगपुर) निवासी श्री पदम बिंदाड़ी द्वारा ग्राम बफना में वाहन में 60 बोरा उड़द का परिवहन बिना किसी वैध मंडी दस्तावेज के करते पाए जाने पर मंडी अधिनियम की धारा 23 के तहत जब्ती और अभिग्रहण की कार्रवाई की गई।इसी प्रकार ग्राम मुड़ाटिकरा (मुलमूला) में श्री बुधराम देवांगन के गोदाम का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान बिना वैध मंडी पंजीयन के अवैध रूप से भण्डारित 834 बोरा मक्का (अनुमानित वजन 500 क्विंटल) जब्त किया गया। दोनों प्रकरणों में मंडी अधिनियम 1972 की धारा 19(4) के तहत नियमानुसार मंडी शुल्क, कृषक कल्याण शुल्क, निराश्रित शुल्क तथा धारा 53 के अंतर्गत प्रशमन शुल्क के रूप में कुल 92,738 रूपए की वसूली की गई। मंडी समिति के सचिव ने जानकारी दी कि सत्र 2025-26 में अब तक कुल 9 प्रकरण पंजीबद्ध किए गए हैं, जिनमें कुल 3,631 बोरा (अनुमानित वजन 2,172.20 क्विंटल) कृषि उपज की जब्ती की गई है। इनका कुल अनुमानित मूल्य 49 लाख 71 हजार 780 रूपए है। इन प्रकरणों में मंडी अधिनियम 1972 की धारा 19(4) के तहत कार्रवाई करते हुए 3 लाख 47 जार 852 की राशि वसूल कर प्रकरणों का निराकरण किया गया है।
- रायपुर,। राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री रमेन डेका ने प्रोफेसर डॉ. विरेन्द्र कुमार सारस्वत को पंडित सुन्दरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय बिलासपुर का कुलपति नियुक्त किया गया है।राज्यपाल द्वारा डॉ. सारस्वत की नियुक्ति पंडित सुन्दरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय अधिनियम, 2004 (संशोधन अधिनियम, 2006, 2010 एवं 2019) की धारा 9(1) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए की गई है। उनका कार्यकाल, परिलब्धियां तथा सेवा शर्ते विश्वविद्यालय अधिनियम एवं परिनियम में निहित प्रावधान अनुसार होंगी।वर्तमान में डॉ. सारस्वत, डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा में कंप्यूटर साइंस विभाग के प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं।
- -महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में तिलक- आजाद जयंती पर कथक नृत्य व सुगम संगीत का हुआ मनमोहक आयोजन- वेस्टइंडीज के सुसान व राणा मोहिप ने अपनी यादगार प्रस्तुतियों से दिल जीता संगीतप्रेमी दर्शकों कारायपुर। महाराष्ट्र मंडल में लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक और चंद्रशेखर आजाद की जयंती पर वेस्ट इंडीज के त्रिनिदाद- टोबैगो से पहुंचीं कथक नृत्यांगना सुसान मोहिप ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस मौके पर राणा मोहिप और साधना राहटगांवकर ने अपने साथी वादकों के साथ सुगम संगीत की महफिल भी जमाई।महादेव की स्तुति के लिए राग भूपाली में ‘महेश्वरा महादेव’ नाम से प्रसिद्ध बंदिश कथक नृत्य और गायन के दौरान सुनाई दी। इस बंदिश में राग भूपाली की मधुरता और महादेव की महिमा को एक साथ व्यक्त किया गया। इसे सुनकर श्रोताओं को आनंद और शांति का अनुभव हुआ। सुसान की ओर से प्रस्तुत बंदिश में ‘महेश्वरा महादेव’ के नाम की पुनरावृत्ति ने महादेव की इस स्तुति को और भी अधिक प्रभावशाली बना दिया।वेस्टइंडीज के त्रिनिदाद से पहुंचे भारतीय मूल के राणा मोहिप ने हारमोनियम में संगत दी। कार्यक्रम में भिलाई की साधना रहाटगांवकर का सुगम और भक्ति गायन भी लोगों को सुनने को मिला। इनके साथ पंडित अवध सिंह ठाकुर, शरीफ हुसैन और डा. बिहारी लाल तारम ने बांसुरी की धुन ने सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नेहरू युवा केंद्र छत्तीसगढ़- मध्यप्रदेश के स्टेट डायरेक्टर अतुल निकम ने अपने उद्बोधन में कहा कि सिर्फ 10 महीने पहले वे रायपुर आए थे और इतने कम समय में उनका महाराष्ट्र मंडल से जो नाता जुड़ा है, वो आजीवन बना रहेगा, वे रायपुर में रहें या न रहें। वैसे भी वे मंडल के आजीवन सभासद जो हैं। उन्होंने मंडल के उल्लेखनीय कार्यों और गतिविधियों का जिक्र करते हुए कहा कि यही कारण है कि वे महाराष्ट्र मंडल और उसके अध्यक्ष अजय काले सहित पूरी कार्यकारिणी को अपने परिवार का सदस्य मानते हैं।दिव्यांग बालिका विकास गृह के प्रभारी प्रसन्न निमोणकर ने लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की जीवनी पर चर्चा करते हुए कहा कि वे जितने ईमानदार और स्पष्ट वक्ता थे, उतने ही आक्रामक भी। उस काल में गरम दल का अर्थ बंदूक, गोला- बारूद हुआ करता था, लेकिन उनके गरम दल का अर्थ लेखन में था। तिलक ने कारावास में भी अवसर ढूंढकर गीता रहस्य नामक ग्रंथ की रचना की।मंडल के सचेतक रवींद्र ठेंगड़ी ने चंद्रशेखर आजाद के जीवन से जुड़े कई रोचक किस्से सुनाए। इनमें से एक किस्सा ठेंगडी ने बताया कि काकोरी ट्रेन लूट कांड के बाद ब्रिटिश हुकूमत में फरार चल रहे चंद्रशेखर आजाद साधु के वेश में गाजीपुर के आश्रम में जानबूझकर पहुंच गए। वहां के मुख्य साधु मरणासन्न थे और उनकी सेवा करने के लिए भी आसपास कोई नहीं था। आजाद को लगा कि कल- परसों में यदि ये साधु दिवंगत हो जाते हैं, तो वे स्वयं पूरे आश्रम और संपत्ति का वारिस हो जाएंगे और यहां से मिला पैसा उनके स्वतंत्रता आंदोलन में काम आएगा। इसी लालच में उस आश्रम में रुककर आजाद से बेहद बीमार व अशक्त साधु की सेवा करने लगे। धीरे- धीरे साधु पूरी तरह स्वस्थ होकर चलने- फिरने लगे। आखिरकार आजाद को वहां से भागना पड़ा।इधर सांस्कृतिक समिति की प्रभारी प्रिया बक्षी और सह प्रभारी गौरी क्षीरसागर ने वेस्ट इंडीज और भारत के बीच सांस्कृतिक समानता पर चर्चा की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने वेस्ट इंडीज के अतिथि कलाकारों का स्वागत करते हुए उनकी प्रस्तुतियों को महाराष्ट्र मंडल के मंच की उपलब्धि बताया। उन्होंने मुख्य अतिथि अतुल निकम के महाराष्ट्र मंडल को दिए गए सहयोग को भी आभार व्यक्त करते हुए याद किया। मंच का संचालन संत ज्ञानेश्वर स्कूल के प्रभारी परितोष डोनगांवकर ने किया।
- -मंत्री खन लाल देवांगन ने एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया-पेड़-पौधे प्रकृति के आभूषण, मां के नाम पौधरोपण कर करें हरियाली का विस्तारः मंत्री देवांगन-कटघोरा उपजेल परिसर में वनमहोत्सव का हुआ आयोजन, तेंदूपत्ता महिला संग्राहकों को चरण पादुका किया गया वितरितरायपुर। , वाणिज्य उद्योग व श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य में तेंदूपत्ता महिला संग्राहकों को चरण पादुका वितरण व एक पेड़ मां के नाम 2.0 वनमहोत्सव कार्यक्रम का आयोजन कटघोरा मे किया गया । कार्यक्रम में मंत्री श्री देवांगन सहित सभी जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया एवं आमजनो को अधिक से अधिक पेड़ लगाकर सहभागिता निभाने एवं अभियान को सफल बनाने का आग्रह किया।कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि पेड़ पौधे प्रकृति के आभूषण है। इनका संरक्षण आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को समर्पित प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रेरक अभियान एक पेड़ माँ के नाम को अब देश-प्रदेश में जनआंदोलन के रूप में पहचान मिल रही है। इस पहल के अंतर्गत लोगों को अपने मातृत्व भाव के प्रतीक स्वरूप एक पेड़ लगाने व हरियाली का विस्तार करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि यह अभियान न केवल पर्यावरण को बचाने का माध्यम है, बल्कि इसमें मां के प्रति श्रद्धा और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता का सुंदर समन्वय है। इस हेतु हम सभी को वृहद स्तर पर पौध रोपण कर इस अभियान को सफल बनाना है।कैबिनेट मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के कार्यकाल में प्रारंभ चरण पादुका योजना का पुनः संचालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज कार्यक्रम में वनों के विषम परिस्थितियों में तेंदूपत्ता जैसे अनेक वनोपजों का संग्रहण करने वाली महिलाओं को चरण पादुका प्रदान किया जा रहा है। श्री देवांगन ने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री मोदी के गारंटी के तहत की गई वादों को पूरा करने का कार्य किया है। सरकार गठन के साथ ही 18 लाख आवास निर्माण की स्वीकृति, 2 साल के धान का बकाया बोनस , 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, महतारी वंदन योजना से महिलाओं को प्रति माह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता, 5500 रुपए मानक बोरा में तेंदूपत्ता की खरीदी कर हितग्राहियों को लाभ दिलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता के हित मे लगातार जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन कर विकास की नई ऊंचाईयों में पहुचाने का काम कर रही है।महिलाओं को चरण पादुका पहनाकर बढ़ाया मान, वनोपज संग्राहकों को मिल रहा शासन का साथइस दौरान मंत्री श्री देवांगन ने चरण पादुका वितरण योजना के तहत तेंदूपत्ता महिला संग्राहकों को चरण पादुका पहनाकर उनका मान बढ़ाया। उन्होंने बताया कि कटघोरा वनमण्डल अंतर्गत लगभग 64 हजार महिला संग्राहकों को चरण पादुका वितरित किया जाएगा।विधायक कटघोरा श्री पटेल ने कहा कि प्रकृति को मां के रूप में देखने का भाव हमारे संस्कारों में रहा है। जब हम एक पेड़ अपनी मां के नाम पर लगाते हैं, तो यह केवल एक पौधरोपण नहीं होता, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक चेतना और पर्यावरणीय जिम्मेदारी का प्रतीक बन जाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के आह्वान पर एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम के तहत आमजन बढ़ चढ़ कर सामाजिक दायित्व के साथ अपने आस पास पौधरोपण कर रहे है। राज्य सरकार द्वारा कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से हर वर्ग को लाभान्वित किया जा रहा है। वनोपज संग्रहण करने वाले परिवारों को लाभ पहुँचाने हेतु 5500 रुपए प्रति मानक बोरा की दर पर तेंदूपत्ता की खरीदी की जा रही है। चरण पादुका का वितरण कर महिलाओं को सम्मानित किया जा रहा है।कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने आमजनों से अपील की है कि वे पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आएं और हर व्यक्ति एक पौधा अपनी मां के नाम पर लगाने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल हमारे वातावरण को हरा-भरा बनाएगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ, सुरक्षित और स्वस्थ पर्यावरण की नींव भी तैयार करेगी।डीएफओ कटघोरा श्री कुमार निशांत ने कहा कि स्वस्थ समाज के लिए स्वच्छ और हरित पर्यावरण अनिवार्य है। पौधरोपण केवल पर्यावरण की सेवा नहीं, यह आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत कटघोरा वनमण्डल में वर्ष 2025 में 65 हजार 456 नग पौधेरोपित करने का लक्ष्य है। साथ ही कटघोरा वनमण्डल में 44 लघु वनोपज समितियों के 63 हजार 636 तेंदूपत्ता महिला संग्राहकों को चरण पादुका का वितरण किया जाएगा।कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने उपजेल कटघोरा के परिसर में “एक पेड़ मां के नाम 2.0 वनमहोत्सव अंतर्गत पौधरोपण किया और अपने आस पास के लोगो को भी पौधरोपण हेतु प्रेरित करने का संकल्प लिया।निःशुल्क पौधा वितरण वाहन को हरी झंडी दिखाकर किया रवानाकार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री श्री देवांगन सहित अन्य अतिथियों द्वारा निःशुल्क पौधा वितरण वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह वाहन शहरी व ग्रामीण क्षेत्रो में घूम घूम कर आमजनो को निःशुल्क पौधा प्रदान करेगा।
- -रायपुर को देश का चौथा स्वच्छ शहर बनाने में योगदान के लिए उप मुख्यमंत्री ने स्वच्छता दीदियों और सफाई कर्मियों को किया सम्मानित-स्वच्छता दीदियों और सफाई कर्मियों को सम्मानित करने आयोजित होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम-रायपुर नगर निगम द्वारा 25 स्वच्छता निरीक्षकों, 144 स्वच्छता दीदियों और 52 सफाई मित्रों का सम्मानरायपुर। रायपुर को देश का सबसे साफ-सुथरा शहर बनाने के लिए स्वच्छता के कार्यों में जनसहभागिता बढ़ानी होगी। शहर के एक-एक व्यक्ति, एक-एक परिवार को इस मिशन से जोड़ना होगा, तभी हम रायपुर को देश का स्वच्छतम शहर बना सकेंगे। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने आज रायपुर के शहीद स्मारक भवन में आयोजित स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों के सम्मान समारोह में ये बातें कहीं।भारत सरकार के स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में रायपुर को मिलियन प्लस (दस लाख से अधिक) आबादी वाले शहरों में देश का चौथा सबसे स्वच्छ शहर, गारबेज-फ्री सिटी में सेवन स्टार रैंकिंग और वाटर प्लस सर्टिफिकेशन की उपलब्धियों में स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों के सक्रिय योगदान को रेखांकित करते हुए उन्हें सम्मानित किया गया। रायपुर नगर निगम द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में सभी जोनों के स्वच्छता अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ ही 25 स्वच्छता निरीक्षकों, 144 स्वच्छता दीदियों और 52 सफाई मित्रों को सम्मानित किया गया।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में रायपुर सहित प्रदेश के सात शहरों को स्वच्छता के लिए उत्कृष्ट कार्यों हेतु राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। स्वच्छ सर्वेक्षण में शामिल राज्य के 169 शहरों में से 115 शहरों ने अपनी रैंकिंग सुधारी है। छत्तीसगढ़ की इस उपलब्धि में स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों का अमूल्य योगदान है, जिसके लिए वे अभिनंदन के पात्र हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा इनके सम्मान के लिए राज्य स्तरीय कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। श्री साव ने कहा कि शहरों को स्वच्छ, सुंदर और सुविधापूर्ण बनाने राज्य शासन नगरीय निकायों को हरसंभव सहयोग प्रदान कर रही है। शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को जनसहभागिता बढ़ाने गंभीरता से काम करना होगा।रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने समारोह में कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण में रायपुर को जो उपलब्धियां हासिल हुई हैं, उसकी नींव की पत्थर हमारी स्वच्छता दीदियां और सफाई मित्र ही हैं। स्वच्छता सेवा और समर्पण का काम है जिसे ये पूर्ण मनोयोग से कर रही हैं। आने वाले समय में रायपुर को देश का सबसे साफ-सुथरा शहर बनाने के लिए हम सभी गंभीरता और सक्रियता से काम करेंगे।सभापति श्री सूर्यकांत राठौर ने सफाई कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोग शहर को साफ और सुंदर बनाने के लिए धूप, बरसात और ठंड में भी अपने कार्यों को अंजाम देते हैं। आप लोगों की मेहनत से हमें नई दिल्ली में सम्मानित होने का मौका मिला है। कोरोना महामारी के कठिन समय में भी आप लोगों ने सराहनीय काम किया है।रायपुर नगर निगम में स्वास्थ्य विभाग की अध्यक्ष श्रीमती गायत्री चन्द्राकर और आयुक्त श्री विश्वदीप ने भी समारोह को संबोधित किया। निगम के अपर आयुक्त श्री यू.एस. अग्रवाल, श्री विनोद पाण्डेय और स्वास्थ्य अधिकारी सुश्री प्रीति सिंह सहित सभी जोनों के अध्यक्ष, एमआईसी सदस्य, पार्षदगण, अधिकारी-कर्मचारी और सफाई कर्मी बड़ी संख्या में सम्मान समारोह में मौजूद थे।
- -कृषि यंत्रों का पूजन, गेड़ी नृत्य, सावन झूला और रामायण पाठ जैसे विविध आयोजन होंगे आकर्षण का केंद्ररायपुर / छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा और कृषि परंपरा से जुड़ा प्रमुख लोकपर्व हरेली तिहार इस वर्ष 24 जुलाई को मुख्यमंत्री निवास में पारंपरिक और उल्लासपूर्ण रूप से मनाया जाएगा। छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित इस विशेष आयोजन में लोकजीवन की विविध रंगतें, सांस्कृतिक विरासत और किसानों के प्रति सम्मान का भाव सजीव रूप में प्रकट होगा। हरेली त्यौहार के आयोजन के लिए मुख्यमंत्री निवास परिसर को छत्तीसगढ़ी लोकसंस्कृति के रंगों से सजाया गया है। पारंपरिक तोरण, हरियाली से सजे द्वार और ग्रामीण शिल्प कला से समृद्ध इस वातावरण में हरेली की वास्तविक आत्मा को अनुभव किया जा सकेगा।आयोजन में छत्तीसगढ़ के विविध अंचलों से आए लोक कलाकारों द्वारा गेड़ी नृत्य, राउत नाचा आदि लोकनृत्यों की प्रस्तुतियाँ दी जाएँगी। सावन की फुहारों के बीच सावन झूला और सवनाही रामायण पाठ दर्शकों के आकर्षण का केंद्र होंगे। यह कार्यक्रम ना केवल एक सांस्कृतिक आयोजन होगा, बल्कि यह प्रदेश की लोकभावना और पारंपरिक धरोहर का जीवंत उत्सव भी होगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय इस आयोजन में शामिल होकर कृषि यंत्रों एवं औजारों की पूजा करेंगे, जो हरेली पर्व की मुख्य परंपरा रही है। पारंपरिक से लेकर आधुनिक यंत्रों की एक विस्तृत प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिससे नई पीढ़ी को छत्तीसगढ़ की कृषि परंपराओं और यांत्रिकी प्रगति से परिचय मिलेगा।कार्यक्रम में बच्चों के लिए परंपरागत खेल और लोककला प्रदर्शनी भी आयोजित की जा रही हैं। हरेली तिहार को इस बार केवल एक त्योहार नहीं बल्कि पर्यावरण, परंपरा और प्रगति के मिलन के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों को हरेली की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि हरेली पर्व केवल खेती और हरियाली का नहीं, बल्कि हमारे लोकजीवन, परंपरा और प्रकृति के साथ सहअस्तित्व का उत्सव है। हमारी सरकार इस सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।हरेली तिहार के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में होने वाला यह आयोजन छत्तीसगढ़ के ग्रामीण लोकसंस्कृति को न केवल संरक्षित करने की दिशा में एक प्रयास है, बल्कि उसे सार्वजनिक जीवन के केंद्र में लाने की प्रेरक पहल भी है।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के परंपरागत लोकपर्व हरेली के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की मिट्टी से जुड़ा ऐसा पर्व है, जो हमारी कृषि संस्कृति, लोक परंपरा और प्रकृति प्रेम का प्रतीक है।मुख्यमंत्री ने कहा कि हरेली पर्व खेती-किसानी से जुड़ा पहला त्योहार है, जिसमें किसान अपने कृषि उपकरणों की पूजा कर धरती माता के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हैं। यह पर्व न केवल अच्छी फसल की कामना का अवसर है, बल्कि प्रकृति के साथ सामंजस्य की भावना को भी प्रकट करता है।श्री साय ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि इस वर्ष हरेली पर्व को हम और भी सार्थक बनाएं — धरती माता की पूजा के साथ वृक्षारोपण करें, जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरा-भरा भविष्य सुनिश्चित हो सके। यह पर्व केवल परंपरा नहीं, बल्कि पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का भी प्रतीक बने।मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि हरेली पर्व प्रदेशवासियों के जीवन में खुशियाँ, समृद्धि और हरियाली लेकर आए। उन्होंने सभी नागरिकों से इस लोकपर्व को आपसी सौहार्द, प्रकृति प्रेम और परंपरा के सम्मान के साथ मनाने का आह्वान किया।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशों पर राज्य सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में निरंतर सुधार और शिक्षक समुदाय के हित में त्वरित निर्णय लिए जा रहे हैं। इसी क्रम में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आज दिनांक 23 जुलाई 2025 को विभिन्न विषयों के 1227 व्याख्याता (टी संवर्ग) शिक्षकों को पदोन्नति आदेश जारी किए गए हैं। इन व्याख्याताओं की पदस्थापना काउंसिलिंग के माध्यम से की जाएगी। इन विषयों में हिन्दी, अंग्रेजी, संस्कृत, गणित, भौतिक, रसायन, जीवविज्ञान, राजनीति शास्त्र, इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र और वाणिज्य जैसे मुख्य विषय शामिल हैं। यह निर्णय सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके अंतर्गत राज्य के शिक्षकों को उनके कार्य, वरिष्ठता और योग्यता के आधार पर समय पर पदोन्नति और अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है।उल्लेखनीय है कि विगत एक वर्ष में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जिला एवं संभाग स्तर पर लगभग 7000 पदों पर पदोन्नति की कार्यवाही संपन्न की गई है। इसके साथ ही, 2621 सहायक शिक्षक (विज्ञान प्रयोगशाला) की सीधी भर्ती काउंसिलिंग के माध्यम से की गई, जिससे स्कूलों में प्रयोगात्मक शिक्षा को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।इससे पूर्व दिनांक 30 अप्रैल 2025 को लगभग 2900 प्राचार्यों के पदोन्नति आदेश भी जारी किए जा चुके हैं। आने वाले दिनों में पदोन्नत टी संवर्ग के प्राचार्यों की पदस्थापना भी काउंसिलिंग के माध्यम से की जाएगी, जिससे पारदर्शिता और स्थान-आवश्यकता के आधार पर समुचित व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।ई संवर्ग के प्राचार्यों का प्रकरण माननीय न्यायालय में लंबित है। माननीय न्यायालय के निर्णयानुसार समयबद्ध रूप से आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।
- -किसान पंजीयन, फसल बीमा और जल संरक्षण की विस्तार से समीक्षाबिलासपुर, /जिले में कृषि कार्यों को सुचारू, पारदर्शी और किसान हितैषी बनाने के उद्देश्य से आज कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में एक विस्तृत समीक्षा बैठक का आयोजन मस्तूरी ब्लॉक के सभाकक्ष में किया गया। इस बैठक में फार्मर एग्री स्टेक पंजीयन, फसल बीमा, जल संरक्षण तथा भूमि बंटांकन (बंटवारा) से संबंधित विभागीय कार्यों की समीक्षा की गई और आवश्यक निर्देश दिए गए।कलेक्टर ने कहा कि कृषि से जुड़े सभी विषयों में पारदर्शिता, त्वरित कार्यवाही और किसानों की सहभागिता आवश्यक है। हमारा उद्देश्य सिर्फ योजनाएं लागू करना नहीं है, बल्कि किसानों तक उसका वास्तविक लाभ पहुँचाना है। एग्रीस्टेक योजना के तहत किसान पंजीयन की अत्यंत धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि मात्र 44.9 प्रतिशत किसानों का पंजीयन हुआ है। उन्होंने एक एक गांववार इसमें प्रगति की समीक्षा की। कृषि और राजस्व विभाग को मिलकर इसमें प्रगति लाने के निर्देश दिए।कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिया कि कोई भी पात्र किसान पंजीयन से वंचित नहीं रहना चाहिए। यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने गांववार शिविर लगाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने निर्देश दिया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत किसानों को जागरूक कर बीमा कवरेज सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि बीमा के अंतिम तिथि से पूर्व सभी कृषकों का बीमा अनिवार्य रूप से कराया जाए।कलेक्टर ने जल संरक्षण कार्यों को तेज़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग, ग्रामीण विकास विभाग और जल संसाधन विभाग मिलकर वर्षा जल संचयन के लिए योजना बनाएं। गांवों में जल उपयोग की जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रचार-प्रसार अभियान चलाया जाए। गांवों में संगोष्ठी आयोजित करने कहा।कलेक्टर ने भूमि बंटांकन और सीमांकन के लंबित प्रकरणों पर नाराज़गी जताई और स्पष्ट निर्देश कि सभी लंबित बंटांकन प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण किया जाए।संबंधित पटवारियों और राजस्व निरीक्षकों की जिम्मेदारी तय की जाए। उन्होंने त्रुटि सुधार के कार्यों को भी प्राथमिकता से करने कहा। बैठक में एसडीएम श्री प्रवेश पैकरा, कृषि उप संचालक श्री पी डी हथेश्वर, तहसीलदार, जनपद सीईओ और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
- -भारतीय मजदूर संघ के स्थापना दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए उप मुख्यमंत्रीबिलासपुर. । उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव आज भिलाई के बैकुंठ नगर में भारतीय मजदूर संघ के स्थापना दिवस में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहां अंबेडकर भवन में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय ने की। विधायक श्री रिकेश सेन और श्री ललित चन्द्राकर तथा दुर्ग नगर निगम की महापौर श्रीमती अलका बाघमार विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुईं।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने भारतीय मजदूर संघ के स्थापना दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज हम सब भारतीय मजदूर संघ का 70वां स्वर्णिम स्थापना दिवस मना रहे हैं। उन्होंने संघ के पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि मजदूर भाईयों ने विगत 70 सालों से भारतीय मजदूर संघ के साथ ही देश को रचनात्मक दिशा देने का कार्य किया है। भारतीय मजदूर संघ दुनिया का सबसे बड़ा संघ है। इसने देश को आत्मनिर्भर बनाने में सरकार और मजदूरों के मध्य सेतु का कार्य किया है। श्री साव ने कहा कि मोदी सरकार समाज के सभी वर्गों के हित में कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार भी इस दिशा में काम कर रही है। श्रमिकों का कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता में है। उन्होंने संघ की मांग पर भवन के लिए पदाधिकारियों से जमीन की व्यवस्था करने का आग्रह किया। उन्होंने भवन के निर्माण के लिए हरसम्भव सहयोग का भरोसा दिलाया।पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय ने कार्यक्रम में भारत की आजादी के बाद गठित विभिन्न मजदूर संघों और उनकी विचारधारा के बारे में विस्तार से जानकारी दी। विधायक श्री रिकेश सेन ने अपने सम्बोधन में कहा कि भारतीय मजदूर संघ एक संगठन नहीं विचारधारा है। विधायक श्री ललित चन्द्राकर ने कहा कि संघ मजदूरों के हितों के साथ ही राष्ट्रीय हित के लिए भी काम करते आ रहा है। भिलाई में बड़ी संख्या में मजदूर विभिन्न औद्योगिक संस्थानों में कार्यरत् हैं। वे सभी भारतीय मजदूर संघ से जुड़े हैं। स्थापना दिवस कार्यक्रम में भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक, मजदूर और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
- दुर्ग / भारतीय विद्या भवन, रायपुर के कक्षा 8 के छात्र, 12 वर्षीय सात्विक समद्दार ने अपने हॉरर फैंटेसी पुस्तक ’कॉस्मिक मॉन्स्टर’ के साथ साहित्यिक जगत में एक उल्लेखनीय शुरुआत की है। पुस्तक विमोचन समारोह में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव उपस्थित थे, जिन्होंने सात्विक के उज्ज्वल भविष्य के लिए आशीर्वाद और शुभकामनाएं दीं। सात्विक समद्दार, साहित्यिक प्रतिभा, अपने प्रथम हॉरर उपन्यास, कॉस्मिक मॉन्स्टर्स के साथ एक अद्भुत शुरुआत कर रहे हैं। कहानी कहने के प्रति उनकी लगन और जीवंत कल्पना ने एक ऐसी हॉरर कहानी रची है जो सभी उम्र के पाठकों को आकर्षित करेगी। इस युवा लेखक की यात्रा छोटे अध्याय लिखने से शुरू हुई और उनके लेखन के प्रति समर्पण हर पृष्ठ पर दिखाई देता है। यह रोमांचक पुस्तक अमेज़न, फ्लिपकार्ट, प्लेस्टोर एवं विसेन बुक स्टोर्स पर उपलब्ध है।
- बालोद। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आज संयुक्त जिला कार्यालय स्थित अपने कक्ष में कौशल तिहार 2025 अंतर्गत आयोजित जिला स्तरीय कौशल प्रतियोगिता के विजेताओं को प्रमाण पत्र एवं प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने आगामी राज्य स्तर पर आयोजित होने वाले कौशल प्रतियोगिता के लिए विजेताओं को अग्रिम शुभकामनाएं दी। जिला कौशल विकास प्राधिकरण के सहायक संचालक श्री विकास देशमुख ने बताया कि जिला स्तरीय कौशल प्रतियोगिता का आयोजन 21 से 23 जुलाई तक आटोमोटिव टेक्नोलॉजी, प्लम्बिंग एवं हिटिंग, इलेक्ट्रीकल इंस्टालेशन एवं फिल्ड टेक्नीकेशिन इलेक्ट्रानिक्स ट्रेड में प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विभिन्न ट्रेडों में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता अंतर्गत प्लम्बिंग एवं हिटिंग टेªड में झुमुक लाल और अनुरूद्ध कुमार को कौशल प्रमाण पत्र और प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसी प्रकार आटोमोटिव टेक्नोलॉजी टेªड में ईश कुमार, कुबेर निषाद, खामेलाल एवं लवलेश तथा इलेक्ट्रीकल इंस्टालेशन टेªड अंतर्गत पे्रम सोनी, दुलेश्वर साहू, हनेश साहू, प्रभात सिंह एवं फिल्ड टेक्नीकेशिन इलेक्ट्रानिक्स ट्रेड में आलोक सुरेन्द्र, आदिल अली, हेम कुमारी एवं प्रभा मानिकपुरी को कौशल प्रमाण पत्र और प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि राज्य शासन ’कौशल तिहार 2025’ का आयोजन का उद्देश्य कौशल प्रतियोगिता के माध्यम से कौशल प्रशिक्षित एवं प्रशिक्षणरत युवाओं को प्रोत्साहित करने एवं उनके कौशल के प्रदर्शन पर केंद्रित है। कौशल उत्सव द्वारा युवाओं में कौशल के प्रति जागरूकता लाना एवं विजेताओं को इंडिया स्किल्स 2025 के क्षेत्रीय एवं राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना, जो संभवतः वर्ल्ड स्किल्स 2026 में देश का प्रतिनिधित्व करेंगें।
- -पर्यटन विभाग के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने दिखाई हरी झंडीबिलासपुर /श्री रामलला दर्शन योजना के तहत आज भारत गौरव ट्रेन बिलासपुर संभाग के 850 श्रद्धालु को लेकर अयोध्या धाम के लिए रवाना हुई। इस विशेष ट्रेन को पर्यटन विभाग के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, तखतपुर विधायक श्री धर्मजीत सिंह, बिल्हा विधायक श्री धर्मलाल कौशिक, बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला ने हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया।बिलासपुर रेलवे स्टेशन से अयोध्या धाम यात्रा के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं का स्टेशन में भव्य स्वागत किया गया। गाजे बाजे और पारंपरिक नृत्य से भक्तों का स्वागत किया गया। ये श्रद्धालु काशी विश्वनाथ का भी दर्शन करेंगे।ट्रेन में श्रद्धालु भजन कीर्तन करते हुए रवाना हुए।दर्शन के लिए जा रहे इन श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। श्रद्धालुओं का कहना था कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संवेदनशील सरकार ने लोगों की भावनाओं का ध्यान रखते हुए श्री रामलला दर्शन योजना शुरू की है जिससे आम लोगों की अयोध्या जाने की इच्छा पूरी हो रही है जो उनका सौभाग्य है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गाे को तीर्थ यात्रा कराकर सरकार पुण्य का काम कर रही है। उम्र के इस पड़ाव में सभी को तीर्थ यात्रा की इच्छा रहती है लेकिन आर्थिक स्थिति के कारण यह संभव नहीं हो पाता है, लेकिन छत्तीसगढ़ की विष्णु सरकार इस इच्छा को पूरा कर रही है।अयोध्या धाम के लिए रवाना हुई इस विशेष ट्रेन में बिलासपुर जिले के 225 यात्री भी शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि श्री रामलला दर्शन योजना के तहत श्रद्धालुओं को पूरा पैकेज मिलेगा जिसमें छत्तीसगढ़ से अयोध्या जाने, वहां ठहरने की व्यवस्था, मंदिर दर्शन, नाश्ते और खाने की भी व्यवस्था रहेगी। इस ट्रेन में टूर एस्कॉर्ट, सुरक्षा कर्मी और चिकित्सकों का दल भी मौजूद रहेगा।



























