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- सूचना पर मौके पर मंत्री केदार कश्यप पहुंचेरायपुर। छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप के भतीजे की एक्सीडेंट में मौत हो गई है। हादसा नवा रायपुर में हुआ है। निखिल कश्यप (22) की तेज रफ्तार बाइक डिवाइडर से टकरा गई। जिससे बाइक से वह नीचे गिरा और सिर फटने से उसकी मौके पर मौत हो गई।मामला मंदिर हसौद थाना क्षेत्र का हैं। पुलिस के मुताबिक, घटना बुधवार सुबह करीब साढ़े 7 बजे की है। जानकारी मिलते ही एसएसपी लाल उमेद सिंह मौके पर पहुंचे उनके साथ मंत्री केदार कश्यप भी मौजूद थे। दोनों ने घटनास्थल का जायजा लिया। बता दें कि निखिल बस्तर सीट से पूर्व सांसद दिनेश कश्यप का बेटा था। उसकी मां वेदवती कश्यप वर्तमान में बस्तर जिला पंचायत की अध्यक्ष हैं। सीएम साय ने सोशल मीडिया साइट X पर पोस्ट कर हादसे पर दुख जताया है। एक्सीडेंट की सूचना पर मौके पर मंत्री केदार कश्यप पहुंचे उनके साथ पुलिस टीम भी साथ
- *शहर में पेयजल समस्या और जलभराव समस्या निराकरण को प्राथमिकता**श्रीगणेश मूर्तियों का विक्रय जोनवार या बड़े -बड़े मैदान में करवाकर यातायात सुगम बनाये रखने पर सुझाव*रायपुर। नगर निगम रायपुर में महापौर श्रीमती मीनल चौबे की अध्यक्षता में लोककर्म विभाग की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में लोककर्म विभाग के अध्यक्ष श्री दीपक जायसवाल सहित निगम के वरिष्ठ अभियंतागण उपस्थित रहे।महापौर श्रीमती चौबे ने राजधानी रायपुर में नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगर निगम का कार्य केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि शुद्ध पेयजल आपूर्ति, जलभराव की समस्या से मुक्ति, नाली-नालों का समुचित विकास तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत रहवासियों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है।महापौर द्वारा दिए गए मुख्य निर्देश:00 शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।00 जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।00 प्रधानमंत्री आवास योजना के मकानों में सड़क, बिजली, पानी और सीवरेज की व्यवस्था पूर्ण की जाए।00 नदी-नालों के संरक्षण और पुनर्निर्माण को प्राथमिकता दी जाए।बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि बरसात के मौसम में किसी भी वार्ड में जलभराव की स्थिति न बने। इसके लिए सभी ज़ोन में नालियों की सफाई और ड्रेनेज सुधार कार्यों को प्राथमिकता के साथ शीघ्र पूराआगामी श्रीगणेश उत्सव को दृष्टिगत रखते हुए शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए श्रीगणेश मूर्ति विक्रय केंद्रों को जोनवार अथवा बड़े मैदानों में निर्धारित करने का सुझाव आया .जिस पर जनसहयोग से निर्णय लिया जाएगा.महापौर ने सभी अभियंताओं को निर्देशित किया कि विकास कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता तथा सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए।बैठक में मुख्य अभियंता श्री यू.के. घलेन्द्र, अधीक्षण अभियंता श्री संजय बागदे, प्रभारी अधीक्षण अभियंता श्री राजेश राठौर, श्री पी. राजेश नायडू, प्रभारी कार्यपालन अभियंता श्री अंशुल शर्मा सहित सहायक अभियंता एवं उप अभियंता उपस्थित रहे।
- रायपुर/ रायपुर नगर पालिक निगम के जोन क्रमांक 8 के अंतर्गत संत रविदास वार्ड क्रमांक 70 के अंतर्गत डिपरापारा में सार्वजनिक सुलभ शौचालय का लोकार्पण नगर निगम जोन 8 जोन अध्यक्ष श्री प्रीतम सिंह ठाकुर ने संत रविदास वार्ड के पार्षद श्री अर्जुन यादव सहित जोन 8 जोन कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल, कार्यपालन अभियंता श्री पद्माकर श्रीवास ,उप अभियंता श्री भूपेन्द्र दिल्ली और क्षेत्र के रहवासी गणमान्यजनों, सामाजिक कार्यकर्त्ताओं, महिलाओं, नवयुवकों आमजनों की उपस्थिति में फीता काटकर लोकार्पण करते हुए क्षेत्र के रहवासियों को दैनिक जीवन में स्वस्थ परिवेश प्राप्त करने की शानदार सौगात दी. सभी रहवासी नागरिकों से जीवन में स्वस्थ परिवेश प्राप्त करने सार्वजनिक सुलभ शौचालय का सदुपयोग कर उसके रखरखाव और संधारण में सहयोग देने की अपील रायपुर नगर पालिक निगम के जोन क्रमांक 8 की ओर से की गयी.
- 0- जन चौपाल में भारत ध्रुव को मिला मोटराइज्ड ट्रायसाइकिल एवं देवमति को मिला श्रम कार्डमहासमुंद / जिला कार्यालय के कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जन चौपाल एक बार फिर आमजन के लिए राहत और उम्मीद का मंच साबित हुआ। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह द्वारा जन चौपाल में कुल 45 आवेदनों को गंभीरता से सुनते हुए त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की गई। इस जन चौपाल की सबसे त्वरित समाधान के रूप में ग्राम खल्लारी निवासी श्री भारत ध्रुव को तत्काल मोटराइज्ड ट्रायसाइकिल प्राप्त हुआ। उनके आवेदन पर कलेक्टर श्री लंगेह ने मौके पर ही समाज कल्याण विभाग को निर्देशित कर तत्काल ट्रायसाइकिल प्रदाय कराई। श्री ध्रुव ने हर्षित भाव से कलेक्टर के हाथों मोटराइज्ड ट्रायसाइकिल प्राप्त की और कहा कि यह सहायता उन्हें न केवल आत्मनिर्भर बनाएगा, बल्कि उनके जीवन में गति और सम्मान भी लौटाएगा। वहीं, ग्राम तिलईदादर की श्रीमती देवमति ध्रुव के श्रम कार्ड प्रकरण में भी त्वरित समाधान किया गया। तकनीकी कारणों से लंबित आवेदन को निरस्त कर नया पंजीयन कराया गया और श्रम अधिकारी को आज ही श्रम कार्ड देने निर्देशित किया गया। जिसके अनुपालन में श्रम विभाग द्वारा उन्हें नया श्रम कार्ड जारी कर दिया गया।इसी तरह ग्राम नर्रा कोमाख़ान निवासी श्री लीलाराम पटेल ने जमीन अतिक्रमण पर रोक लगाने हेतु आवेदन, ग्राम आमकोनी निवासी श्रीमती सुशीला बाई चक्रधारी ने पीएम आवाज़ अंतर्गत रोजगार गारंटी का पैसा दिलाने हेतु आवेदन, ग्राम पंचायत जगदीशपुर पिथौरा में श्मशान भूमि को मुक्त कराने हेतु, ग्राम तिलाई दादर निवासी श्रीमती पुष्पा निर्मलकर ने वात्सल्य योजना से लाभ दिलाने एवं श्रीमती देवमती ध्रुव ने श्रमिक कार्ड बनवाने, ग्राम ठाकुरदियाखुर्द निवासी श्री लालचंद पटेल ने ट्रांसफार्मर लगाने हेतु आवेदन किया। कलेक्टर श्री लंगेह ने जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के साथ निराकरण के निर्देश दिए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री रवि कुमार साहू सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
- 0- अब तक 74 हजार किसानों को 346 करोड़ रुपए का ऋण वितरितमहासमुन्द / जिले के किसानों को खरीफ मौसम की तैयारी में किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार जिले के प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में पर्याप्त मात्रा में खाद का भंडारण किया गया है। कलेक्टर ने सभी सहकारी समितियों एवं निजी दुकानों में पॉस मशीन के माध्यम से विक्रय करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही निजी दुकानों में अवैध भंडारण पाए जाने पर जब्ती की कार्रवाई करने सख्त निर्देश दिए है। अधिकारियों द्वारा लगातार खाद की उपलब्धता एवं वितरण पर निगरानी रखी जा रही है।उप संचालक कृषि श्री एफ.आर. कश्यप ने जानकारी दी कि जिले की सभी कृषक सहकारी समितियों से खाद प्राप्त कर सकते हैं। 1 अप्रैल से 22 जुलाई की स्थिति में जिले के सहकारी एवं निजी समितियों में कुल 66453 मीट्रिक टन खाद का भंडारण किया गया है, जिसमें से 51051 टन खाद का वितरण किया जा चुका है। अब तक भंडारित खाद में सहकारी एवं निजी समितियों में यूरिया 34 हजार 232 टन, सुपर फॉस्फेट 16 हजार 65 टन, पोटाश 3 हजार 193, डी.ए.पी. 7 हजार 109, एन.पी.के 5 हजार 854 टन भंडारित किया गया है।वर्तमान में 15 हजार 402 टन खाद विक्रय हेतु शेष है। जिसमें यूरिया 6 हजार 882 टन, सुपर फॉस्फेट 5 हजार 349, पोटाश एक हजार 907, डी.ए.पी. एक हजार 94 एवं एक हजार 170 टन एन.पी.के खाद उपलब्ध है, जिसका समितियों द्वारा किसानों को विक्रय किया जा रहा है। अब तक भंडारण के विरुद्ध 76.82 प्रतिशत वितरण किया जा चुका है।इसी तरह किसानों को खेती किसानी में सहुलियत दिलाने चालू सत्र में ऋण वितरण लक्ष्य 470 करोड़ रखा गया है। जिसके विरुद्ध 346.22 करोड़ ऋण वितरण किया जा चुका है। जिसमें 74 हजार 450 किसानों को 295.31 करोड़ रुपए की राशि नगद वितरण एवं 50.91 करोड़ का खाद बीज वितरण शामिल है।
- 0- ऑफिस के कार्यों का सरलीकरण करने की दिशा में ई-ऑफिस एक महत्वपूर्ण एवं उपयोगी पहल : कलेक्टर0- सभी विभागों को ई-ऑफिस के क्रियान्वयन को ध्यान में रखते हुए प्राथमिकता से कार्य करने के निर्देशराजनांदगांव । कलेक्टर श्री सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने मंगलवार को कलेक्टोरेट के कलेक्टर कक्ष में आज ई-ऑफिस अंतर्गत कार्य का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि शासन के निर्देशानुसार सभी विभागों में ई-ऑफिस के माध्यम से कार्य होंगे तथा सभी नस्ती, फाईल एवं डाक ई-ऑफिस के माध्यम से प्रस्तुत किए जाएंगे। उन्होंने स्वयं ई-ऑफिस से संबंधित जानकारी ली एवं बारीकी से समझते हुए कार्य करना प्रारंभ किया। उन्होंने कहा कि ऑफिस के कार्यों का सरलीकरण करने की दिशा में ई-ऑफिस एक महत्वपूर्ण एवं उपयोगी पहल है।इसके माध्यम से डिजिटल तरीके से शासकीय पत्राचार किए जा सकेंगे। जिससे कार्य के संपादन में गति एवं कार्य कुशलता बढ़ेगी। उन्होंने सभी विभागों को ई-ऑफिस के क्रियान्वयन को ध्यान में रखते हुए प्राथमिकता से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह एक नया कार्य है और इसके क्रियान्वयन के लिए सभी अधिकारी एवं कर्मचारी रूचि लेते हुए सक्रियता से कार्य करेंगे। उन्होंने 31 अगस्त के बाद कोई भी नस्ती, फाईल एवं डाक भौतिक रूप से प्रस्तुत नहीं किए जाए, सभी नस्ती ई-ऑफिस के माध्यम से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
- 0- 31 अगस्त के बाद सभी नस्ती, फाईल एवं डाक डिजिटल फार्म में प्रस्तुत किए जाएंगे0- डीएमएफ अंतर्गत लोकहित से जुड़े प्रस्ताव प्रस्तुत करने के दिए निर्देशराजनांदगांव । कलेक्टर श्री सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने मंगलवार को . कलेक्टोरेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक ली। कलेक्टर ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन अंतर्गत कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों को परिचय पत्र अनिवार्य तौर पर बनाना है। परिचय पत्र जारी करने के लिए एनआईसी द्वारा पोर्टल तैयार किया गया है। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्राथमिकता से परिचय पत्र बनवाने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सभी विभागों में ई-ऑफिस के माध्यम से कार्य होगा तथा सभी नस्ती, फाईल एवं डाक ई-ऑफिस के माध्यम से प्रस्तुत किए जाएंगे। उन्होंने सभी विभागों को ई-ऑफिस के क्रियान्वयन को ध्यान में रखते हुए प्राथमिकता से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस के क्रियान्वयन के लिए सभी विभाग तत्परता एवं सक्रियता से कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि 31 अगस्त के बाद कोई भी नस्ती, फाईल एवं डाक भौतिक रूप से प्रस्तुत नहीं किए जाए, सभी नस्ती ई-ऑफिस के माध्यम से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस का सुचारू संचालन एक नया कार्य है। जिसे सभी को सीखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि शासकीय कार्यालयों में कार्यों के संपादन के लिए ई-ऑफिस के माध्यम से पत्राचार किया जाएगा। शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए डिजिटल पत्राचार के माध्यम से कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस के माध्यम से डिजिटाइजेशन करते हुए कार्यों का सरलीकरण किया गया है तथा डाक एवं अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज ऑनलाईन प्रेषित किए जाएंगे। जिससे कार्य के संपादन में गति एवं कार्य कुशलता बढ़ेगी। सभी कार्यालय यथाशीघ्र ई-ऑफिस में कार्य आरंभ करें।कलेक्टर श्री सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने डीएमएफ अंतर्गत लोकहित से जुड़े प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए महिला स्वसहायता समूह हेतु प्रोसेसिंग यूनिट एवं सिलाई मशीन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दे सकते है। आंगनबाड़ी केन्द्र एवं स्कूलों की मरम्मत तथा विभिन्न आयामों में कार्य किया जा सकता है। उन्होंने यथाशीघ्र डीएमएफ अंतर्गत प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है। कलेक्टर ने कहा कि सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों के पेंशन प्रकरण में विलंब नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई बार पेंशन प्रकरणों में देरी होने के कारण अधिकारी-कर्मचारी परेशान होते है।उन्होंने सभी लंबित पेंशन प्रकरणों का निराकरण प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुरानी पेंशन एवं नयी पेंशन से संबंधित प्रकरणों का निराकरण करने के लिए कहा। जिला कोषालय अधिकारी श्री दिलीप सिंह ने आहरण एवं संवितरण अधिकारी द्वारा पेंशन प्रकरणों के भुगतान हेतु अपलोड किए जाने वाले दस्तावेजों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त होने के तीन महीने पहले पेंशन प्रकरण के लिए कार्रवाई प्रारंभ किया जाना चाहिए और पेंशन विभाग को भेजना चाहिए। उन्होंने कहा कि नई पेंशन योजना से पुरानी पेंशन योजना में जाने वाले तथा पुरानी पेंशन योजना से नई पेंशन योजना में जाने वाले प्रकरणों को भी यथाशीघ्र पे्रषित करना चाहिए। इस अवसर पर वनमंडलाधिकारी श्री आयुष जैन, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा, एसडीएम राजनांदगांव श्री खेमलाल वर्मा, एसडीएम डोंगरगांव श्री श्रीकांत कोराम, एसडीएम डोंगरगढ़ श्री अभिषेक तिवारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
- राजनांदगांव । मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह ने मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना अंतर्गत राजनांदगांव विकासखंड के विभिन्न ग्रामों में 24 विकास कार्यों के लिए 1 करोड़ 39 लाख 66 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। इसके अंतर्गत ग्राम मुड़पार में शेड निर्माण कार्य के लिए 10 लाख रूपए, ग्राम बरगा में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 6 लाख 50 हजार रूपए, ग्राम रानीतराई में शेड निर्माण कार्य के लिए 3 लाख रूपए, ग्राम भोथीपार खुर्द में शेड निर्माण के लिए 3 लाख रूपए, ग्राम जंगलेसर में निर्मल घाट निर्माण के लिए 5 लाख 20 हजार रूपए एवं सीसी रोड निर्माण के लिए 7 लाख 80 हजार रूपए, ग्राम इंदामरा में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 6 लाख 50 हजार रूपए, ग्राम सुकुलदैहान में सीसी रोड निर्माण के लिए 5 लाख 20 हजार रूपए, ग्राम बम्हनी में सीसी रोड निर्माण के लिए 5 लाख 20 हजार रूपए, ग्राम धनगांव में नाली निर्माण कार्य के लिए 5 लाख 91 हजार रूपए, ग्राम बरगा में नाली निर्माण कार्य के लिए 5 लख 91 हजार रूपए, ग्राम भानपुरी में सीसी रोड निर्माण के लिए 5 लाख 20 हजार रूपए, ग्राम रीवागहन में निर्मल घाट निर्माण के लिए 2 लाख 60 हजार रूपए एवं सीसी रोड निर्माण के लिए 5 लाख 20 हजार रूपए, ग्राम बांकल में नाली निर्माण कार्य के लिए 3 लाख 94 हजार रूपए, ग्राम फरहद में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 6 लाख 50 हजार रूपए, ग्राम रवेली में निर्मला घाट निर्माण के लिए 5 लाख 20 हजार रूपए, ग्राम भर्रेगांव में सीसी रोड निर्माण के लिए 7 लाख 80 हजार रूपए, ग्राम कांकेतरा में सीसी रोड निर्माण के लिए 7 लाख 80 हजार रूपए, ग्राम करेला में सीसी रोड निर्माण के लिए 7 लाख 80 हजार रूपए, ग्राम तिलई में सीसी रोड निर्माण के लिए 7 लाख 80 हजार रूपए, ग्राम उपरवाह में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 6 लाख 50 हजार रूपए, ग्राम जोरातराई में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 6 लाख 50 हजार रूपए, ग्राम कांकेतरा में निर्मला घाट निर्माण के लिए 2 लाख 60 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। उन्होंने निर्माण एजेंसी को गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए है।
- 0- कलेक्टर ने राजस्व प्रकरणों को समय-सीमा के भीतर निराकरण करने के निर्देश दिए0- किसान निकटतम कॉमन सर्विस सेंटर या लोक सेवा केन्द्रों में जाकर कराए अपना एग्रो स्टेट में रजिस्ट्रेशनराजनांदगांव । कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने मंगलवार को . कलेक्टोरेट सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर राजस्व संबंधी कार्यों की गहन समीक्षा की। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने कहा कि राजस्व से जुड़े प्रकरणों के लिए जनसामान्य को परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने राजस्व प्रकरणों को समय-सीमा के भीतर निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने पटवारियों को जनसामान्य के साथ अच्छा व्यवहार रखने के निर्देश दिए। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने एग्रो स्टेट में किसानों का रजिस्ट्रेशन प्राथमिकता के साथ कराने के निर्देश दिए। उन्होंने धान उपार्जन केन्द्रों में जिन किसानों ने पिछले वर्ष धान का विक्रय किया हैउनका प्राथमिकता के साथ अनिवार्य रूप से एग्रो स्टेट में रजिस्ट्रेशन कराने कहा। उन्होंने तहसीलदारों को किसानों का निकटतम कॉमन सर्विस सेंटर या लोक सेवा केन्द्रों में जाकर अपना एग्रो स्टेट में रजिस्ट्रेशन कराने के लिए जागरूकता लाने कहा। उन्होंने स्वामित्व योजना अंतर्गत अधिकार अभिलेख वितरण की कार्रवाई 1 अगस्त तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने चिन्हांकित तहसीलों के वन भूमि का राजस्व एवं वन विभाग द्वारा संयुक्त सर्वे कर 15 दिवस में रिपोर्ट प्रस्तुत करने कहा। वृक्षारोपण के लिए स्थल का चिन्हांकन करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। नक्शा बटांकन के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। किसानों का आधार सीडिंग और मोबाईल नंबर सीडिंग के कार्य को प्राथमिकता के साथ कराने कहा।कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने आरबीसी 6-4 के प्रकरणों को प्राथमिकता के साथ तत्काल भेजने के निर्देश दिए। जिससे संबंधित व्यक्ति को समय पर सहायता राशि मिल सके। उन्होंने जिले में संचालित बंद खदानों में दुर्घटना की आशंका को देखते हुए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही खुले बोर, कुओं का चिन्हांकन सुरक्षा व्यवस्था करने कहा। आदिवासी जमीन की खरीदी-बिक्री प्रकरण के संबंध में प्रतिवेदन पर विशेष ध्यान देने कहा। इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश अधिकारियों को दिए। जिले में चल रहे अवैध प्लाटिंग पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने डिजिटल क्राप सर्वे खरीफ के लिए फिल्ड सर्वेयरों को प्रशिक्षण देने कहा। उन्होंने अविवादित नामांतरण, विवादित खाता विभाजन एवं सीमांकन के कार्यों को समय-सीमा में करने के निर्देश दिए। जियोरिफरेसिंग नक्शा का स्थल भौतिक सत्यापन, नजूल जांच, गलत प्रविष्टि का सुधार कार्य, लोक सेवा केन्द्र में लंबित प्रकरण सहित राजस्व के विभिन्न प्रकरणों की समीक्षा की। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती शीतल बंसल, एसडीएम राजनांदगांव श्री खेमलाल वर्मा, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती सरस्वती बंजारे, संयुक्त कलेक्टर सुश्री हितेश्वरी बाघे सहित अन्य राजस्व अधिकारी उपस्थित थे।
- 0- किसानों को मिल रहा आधुनिक, किफायती और प्रभावशाली उर्वरकरायपुर/ रायपुर जिले में खरीफ 2025 के लिए उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए नैनो डीएपी का पर्याप्त मात्रा में भंडारण एवं वितरण किया जा रहा है। किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों से जोड़ते हुए आधुनिक, किफायती और प्रभावशाली तरल उर्वरक नैनो डीएपी के प्रयोग के बारे में बताया जा रहा है।नैनो डीएपी का उपयोग बेहद आसान है — एक लीटर पानी में 5 मिली नैनो डीएपी मिलाकर इसका छिड़काव किया जाता है। एक सामान्य घरेलू ढक्कन (25 मिली) की मात्रा 5 लीटर पानी के लिए पर्याप्त होती है।इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने भी नैनो डीएपी को किसानों के लिए लाभकारी बताया है। यह उर्वरक पौधों को आवश्यक नाइट्रोजन और फास्फोरस प्रदान करता है, जिससे उनकी बेहतर वृद्धि, विकास और उत्पादन में मदद मिलती है। साथ ही, यह मिट्टी के स्वास्थ्य को भी बेहतर करता है और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प के रूप में पारंपरिक डीएपी का स्मार्ट विकल्प है। नैनो डीएपी का उपयोग बीज उपचार, मिट्टी में मिलाने और पत्तों पर छिड़काव — तीनों रूपों में किया जा सकता है। यह सभी प्रकार की फसलों के लिए उपयुक्त है और किसानों को उत्पादन बढ़ाने में मदद कर रहा है।
- दुर्ग, छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष श्री सुरेश कुमार चंद्रवंशी के विगत दिवस दुर्ग जिले के प्रवास के दौरान कृषि एवं संबंधित विभागों के जिला अधिकारियों के साथ बैठक सर्किट हाउस दुर्ग में संपन्न हुई। बैठक में दुर्ग शहर विधायक श्री गजेन्द्र यादव भी सम्मिलित हुए। बैठक में बीज खाद की उपलब्धता, विभिन्न विभागीय योजनाओं की समीक्षा की गई। कृषि एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों को विभागीय योजनाओं से कृषकों को अधिकाधिक लाभान्वित कराने के निर्देश दिये गये। हरि खाद के उपयोग पर जोर दिया गया।विधायक श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि कृषकों को डीएपी खाद के उपयोग कम करने के साथ ही नैनों डीएपी अथवा यूरिया, सुपरफास्फेट, पोटाश एवं अन्य उपलब्ध मिश्रित उर्वरक का प्रयोग करने की सलाह दी जाए। श्री चंद्रवंशी के सर्किट हाउस पहुंचने पर विभागीय अधिकारियों में पुष्प गुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किये। इस अवसर पर संभागीय संयुक्त संचालक कृषि श्रीमती गोपिका गबेल, जिला विपणन अधिकारी श्री भौमिक बघेल, बीज निगम के अधिकारी श्री एस.के. बेहरा, सहकारी बैंक के अधिकारी श्री हृदेश शर्मा, उप संचालक मत्स्य श्रीमती सीमा चन्द्रवंशी सहित कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
- 0- कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने बुजुर्गों की मांग पर उन्हें प्रदान किया श्रवण यंत्रबालोद/ कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने मंगलवार को संयुक्त जिला कार्यालय स्थित अपने कक्ष में बुजुर्ग आनंदराम और तुकाराम को श्रवण यंत्र प्रदान किया। आज संयुक्त जिला कार्यालय में आयोजित जनदर्शन में पहुँचे गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम रेंगाकठेरा के श्रवणबाधित बुजुर्ग श्री आनंदराम और ग्राम बोदल के बुजुर्ग श्री तुकाराम ने आवेदन प्रस्तुत कर आवाज कम सुनाई देने की समस्या बताई तथा समाधान हेतु श्रवण यंत्र की मांग की। इनके आवेदन पर जिला प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए समाज कल्याण विभाग के माध्यम से श्रवण यंत्र उपलब्ध कराया गया। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने अपने कक्ष में दोनों ही बुजुर्गों को श्रवण यंत्र प्रदान कर उनसे बात की। बुजुर्ग श्री आनंदराम और श्री तुकाराम ने अपने कान में श्रवण यंत्र लगाकर बताया कि अब उन्हें सब की बातें साफ-साफ सुनाई दे रही है। उन्होंने अपनी समस्या के त्वरित समाधान के लिए शासन-प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया। इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर एवं समाज कल्याण विभाग के उप संचालक श्री अजय गेडाम उपस्थित थे।
- 0- प्रोजेक्ट दक्ष: प्राचार्यों को मिल रहा डिजिटल दक्षता का प्रशिक्षणरायपुर । प्रोजेक्ट दक्ष: हम होंगे स्मार्ट" अब एक नई दिशा और पहचान बना रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा अनुरूप और कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में इस परियोजना के माध्यम से जिले के शासकीय अधिकारी और कर्मचारी डिजिटल सशक्तिकरण की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। प्रोजेक्ट दक्ष के अंतर्गत मंगलवार को शिक्षा विभाग के हाई स्कूल एवं हायर सेकंडरी के प्राचार्यों को प्रशिक्षण दिया गया |इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाकर प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, गति और प्रभावशीलता लाना है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में कर्मचारियों को कंप्यूटर और मोबाइल के मूल उपयोग, साइबर सुरक्षा, डेटा गोपनीयता, डिजिटल डॉक्यूमेंट मैनेजमेंट, ईमेल और MS Office जैसे उपयोगी टूल्स की व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है।मास्टर ट्रेनर्स की मदद से यह प्रशिक्षण चरणबद्ध तरीके से कलेक्टोरेट स्थित बीपीओ सेंटर मल्टीलेवल पार्किंग में संचालित किया जा रहा है। प्रतिदिन दो पाली में 25-25 बैच में प्रशिक्षण दिया रहा है। जिसमें ऑन-हैंड प्रैक्टिकल सेशन शामिल हैं। प्रशिक्षण के अंत में प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया जाएगा और सफल प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित भी किया जाएगा।
- दुर्ग/ गांव में मजदूरी कर गुज़ारा करने वाली स्व सहायता समूह की महिलाएं आज अपने व्यवसाय से लखपति बन चुकी हैं और क्षेत्र की महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गई हैं। दुर्ग जिले के ग्राम पंचायत रिसामा में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘‘बिहान‘‘ अंतर्गत संचालित कल्याणी स्व सहायता समूह की सदस्य और सचिव खेमीन निर्मलकर बिहान योजना में सक्रिय महिला के तौर पर भी कार्य कर रही है, और स्व सहायता समहों से जुड़ी महिलाओं के लिए एक मिशाल के तौर पर उभरी है।खेमीन निर्मलकर बताती है कि ग्राम में मजदूरी का कार्य करती थी और उनके पति मिस्त्री के रूप में कार्य करते थे, जिससे उन्हंे 8,000 रूपये मासिक आमदानी प्राप्त होती थी। श्रीमती खेमीन ने समूह के माध्यम से ऋण लेकर नया व्यवसाय करने और अपनी आमदानी को बढ़ाने की योजना बनाई। समूह के माध्यम से उन्होंने 2.5 लाख रुपये का बैंक लोन और एक लाख रुपये अपनी पूंजी लगाकर 2000 वर्गफुट सेट्रींग प्लेट का निर्माण कार्य शुरू किया।काम की गुणवत्ता और समय पर सेवा देने के चलते खेमीन दीदी की मांग बढ़ती गई। उन्होंने इसी वित्तीय वर्ष (2024-25) में अपने लाभ से 1000 वर्गफुट अतिरिक्त सेट्रींग प्लेट खरीदी और अब कुल 3000 वर्गफुट प्लेट्स उपलब्ध हैं। ये प्लेट्स अब तक 100-150 प्रधानमंत्री ग्रामीण आवासों और 100 से अधिक निजी निर्माण कार्यों में लगाई जा चुकी हैं।हर 1000 वर्गफुट प्लेट से उन्हें 12 हजार रुपये की शुद्ध आमदनी होती है। इस हिसाब से 3000 वर्गफुट प्लेट से 36 हजार रुपये प्रतिमाह और 10 महीनों की कार्य अवधि में कुल 3 लाख 60 हजार रुपये वार्षिक आमदनी हो रही है।सिर्फ खुद नहीं, औरों के लिए भी रोशनी बनींआज खेमीन दीदी सिर्फ अपने गांव रिसामा में ही नहीं, बल्कि दुर्ग जिले के चंदखुरी, उतई, घुघसीडीह, मचांदुर, कुकरैल, अण्डा, चिरपोटी और यहां तक कि बालोद जिले के ओटेबंद, सुखरी, पांगरी जैसे अनेक गांवों में भी प्रधानमंत्री आवास और निजी निर्माण कार्यों के लिए सेट्रींग प्लेट उपलब्ध करा रही हैं। अब उनकी योजना है कि वे आने वाले महीनों में अपने व्यवसाय को 3000 से बढ़ाकर 5000 वर्गफुट तक करें, जिससे और अधिक आमदनी हो सके और अन्य महिलाओं को भी रोजगार मिल सके।
- 0- परीक्षा के सुचारू एवं निर्विघ्न संचालन हेतु 25 परिवहन अधिकारी व पर्यवेक्षक नियुक्तमहासमुंद / छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल रायपुर द्वारा आयोजित की जाने वाली आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा का आयोजन रविवार 27 जुलाई 2025 को पूर्वान्ह 11ः00 से 01ः15 बजे तक एक पाली में होगा। जिला मुख्यालय महासमुन्द के निर्धारित 25 परीक्षा केन्द्रों में आयोजित परीक्षा में जिले के 7,063 परीक्षार्थी शामिल होंगे।कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह द्वारा परीक्षा के सुचारू एवं निर्विघ्न रूप से संचालन के लिए परीक्षा केन्द्रों तक गोपनीय सामग्री पहुंचाने हेतु 25 परिवहन अधिकारी/पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया हैं। परीक्षा केन्द्रो की दूरी को दृष्टिगत रखते हुए, नियुक्त परिवहन अधिकारी/पर्यवेक्षक 27 जुलाई को प्रातः 8ः30 बजे जिला कोषालय महासमुंद से गोपनीय सामग्री प्राप्त कर, संबंधित परीक्षा केन्द्र में उपलब्ध कराएंगे तथा परीक्षा समाप्ति के उपरांत गोपनीय सामग्री को कोऑर्डिनेटर के माध्यम से सील बंद करके जिला/उप कोषालय में जमा करेंगे। कार्यमुक्त होने के पूर्व परिवहन अधिकारी पर्यवेक्षक ओ० के० रिपोर्ट नोडल अधिकारी, सहायक नोडल अधिकारी को अनिवार्यतः सौपेगें।
- 0- कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष श्री सुरेश चंद्रवंशी थे समारोह के मुख्य अतिथि0- परिवार की आमदनी बढ़ाने में पशुपालन की है अहम भूमिकाबिलासपुर. कृषि विज्ञान केन्द्र, बिलासपुर में एनआरएलएम योजना के अंतर्गत पशु सखियों का 17 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम भारत सरकार की राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड ए-हेल्प (A-Help) द्वारा प्रायोजित किया गया था। जिसका आयोजन संचालनालय पशु चिकित्सा सेवाएं, छ.ग. राज्य पशुधन विकास अभिकरण एवं इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय कृषि विज्ञान केन्द्र बिलासपुर के द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर श्री सुरेश चंद्रवंशी, अध्यक्ष, छ.ग. राज्य कृषक कल्याण परिषद शामिल हुए। उन्होंने अपने उद्बोधन में इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में पशुधन के विकास हेतु पशु सखियां का कौशल विकास प्रशिक्षण काम आयेगा। साथ ही पशु सखियों के रूप में नारी शक्ति जगेंगी तो सारी समस्या दूर होगी। उन्होंने कहा यदि हम पशुओं की उचित देखभाल करने हेतु स्वयं ही अग्रसर हो जायें तो पशुधन पारिवारिक आय का एक मुख्य स्त्रोत हो सकता है। कौशल विकास प्रशिक्षण के माध्यम से पशु सखियां पशुपालन एवं इससे संबंधित आयामों की आधुनिक तकनीकों को स्व-रोजगार के उपाय सृजित कर सकती हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्री माथी सिंह, प्रदेशाध्यक्ष, भारतीय किसान संघ छ.ग. ने गौ-आधारित खेती को अपनाने पर जोर दिया और कहा कि पशुधन पालन करके ही जैविक खादों का प्रयोग खेती में करके भूमि को लंबे समय तक उपजाऊ रखा जा सकता है। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में पधारे डॉ. एस. एस. टुटेजा, निदेशक, विस्तार सेवाएं, ई. गां.कृ.वि. रायपुर ने कहा कि इस प्रशिक्षण के उपरांत प्रशिक्षित पशु सखियाँ पशुओं का टीकाकरण, स्वास्थ्य परीक्षण, कृत्रिम गर्भाधान आदि कार्यों को निश्चित तौर पर गांव में सहयोग कर सकती हैं तथा पशुपालन हेतु ग्रामीणों को प्रेरित कर सकती हैं।इस अवसर पर अतिथि के रूप में उपस्थित कृषि महाविद्यालय, बिलासपुर के अधिष्ठाता, डॉ. एन. के. चौरे ने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पशु सखियों को पशुओं के देखभाल हेतु सम्पूर्ण पहलुओं में निपुण कर देगा। कार्यक्रम में अतिथि के रूप में उपस्थित कृषि महाविद्यालय, लोरमी के अधिष्ठाता, डॉ. एस. एल. स्वामी ने कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के द्वारा पशु सखियों ने पशुओं के स्वास्थ्य संबंधी, भोजन संबंधी सभी जरूरतों को समझा है । इससे ग्रामीण क्षेत्र में पशुधन विकास में मदद मिलेगी। इस अवसर पर अतिथि के रूप में उपस्थित अतिरिक्त उप निदेशक, पशुधन विभाग छ.ग. डॉ . टी.एस. सरजल ने कहा कि छ.ग. में ग्रामीण क्षेत्रों में पशु चिकित्सक की अनुपस्थिति में पशु सखियाँ पशुओं के स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को दूर करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। कृषि विज्ञान केन्द्र, बिलासपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, डॉ. अरूण त्रिपाठी ने कहा कि 17 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान पशु सखियों को पशु चिकित्सा, पशु आहार एवं पशुपालन आदि विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया।इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान मास्टर ट्रेनरों डॉ. तन्मय ओत्तलवार, डॉ. तापसी मंडल तथा डॉ. रंजना नंदा ने बहुत ही अच्छे तरीकों से सैद्धांतिक, प्रायोगिक एवं विभिन्न डेयरी इकाइयों के भ्रमण के साथ प्रशिक्षण प्रदान किया है जो कि पशु सखियों के कौशल विकास में महत्वपूर्ण योगदान प्रदान करेगा। इस अवसर पर कृषि महाविद्यालय, बिलासपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक, डॉ. गीत शर्मा तथा डॉ. संजय वर्मा भी उपस्थित थे। कृषि विज्ञान केन्द्र बिलासपुर के वैज्ञानिक डॉ. शिल्पा कौशिक, डॉ. एकता ताम्रकार, श्रीमती हेमकांति बंजारे, डॉ. अमित शुक्ला, श्री जयंत साहू, इंजी, पंकज निंज, डॉ. निवेदिता पाठक, डॉ. पंचला रानी पटेल, श्रीमती सुशीला ओहदार, डॉ. स्वाति शर्मा आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में वैज्ञानिक डॉ. अमित शुक्ला ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफलतापूर्वक आयोजित करने हेतु आयोजन से जुड़े हुए सभी व्यक्तियों का आभार व्यक्त किया।
- भिलाई नगर। नेहरू नगर चौक पर नाली के ऊपर अवैध कब्जा, सुपेला मार्केट एवं आकाशगंगा मार्केट में प्रस्तावित पार्किंग स्थल से अवैध कब्जा, आकाशगंगा मार्केट के मोड पर चल रहे ठेले, होटल एवं गुपचुप वालों पर कार्रवाई की गई। जिसके कारण यातायात एवं आवागमन बाधित हो रही थी । मंगलवार को अतिक्रमण एवं अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई जोन क्रमांक 1 में की जाती है।नेहरू नगर चौक पर नाली के ऊपर अवैध रूप से दुकान संचालित कर ताला चाबी निर्माता, गुमटी एवं ठेला द्वारा नाली जाम कर दिया गया था । अवैध दुकान संचालकों को बार-बार मना करने के बाद न मानने एवं प्राप्त शिकायत के आधार पर आज खाली कराया गया । इसी तरह सुपेला आकाशगंगा मार्केट के अंदर पार्किंग स्थल का निर्माण प्रस्तावित है वहां अवैध ठेला स्थापित करके व्यापार किया जा रहा था उसे हटाया गया है। लक्ष्मी नगर सब्जी मंडी में भी पार्किंग स्थल प्रस्तावित है जिसका निर्माण हो जाने से पार्किंग की समस्या का निजात मिलेगा वहां पर भी अवैध कब्जा करके व्यापार किया जा रहा था, जिसे हटाया गया स्थल रिक्त कराया गया है। राजस्थानी व्यापारियों के मांग पर पार्किंग स्थल प्रस्तावित किया गया है जिससे सड़क पर खड़ी हो रही गाड़ियों से निजात मिले लोगों का आवागमन सुगम हो और व्यापार अच्छा चल सके। कार्रवाई के दौरान जोन राजस्व अधिकारी अजय शुक्ला, प्रसन्न तिवारी तोड़फोड़ दस्ता, प्रभारी हरिओम गुप्ता विनोद शुक्ला नंदू सिन्हा इमान सिंह कन्नौज, खेमलाल, राजेंद्र कुमार सिंह विष्णु सोनी आदि उपस्थित रहे ।
- बिलासपुर/ कलेक्टर संजय अग्रवाल ने अधिकारियों को अपने-अपने कार्यालय में ई-ऑफिस योजना को लागू करने के निर्देश दिए हैं। योजना के तहत फाईलें कागजी दस्तावेज के रूप में नहीं बल्कि पेपरलेस फार्म में डिजिटली अधिकारियों एवं कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत की जायेंगी। कलेक्टर ने बड़े कार्यालयों के अधिकारियों को शुरू में कम से कम 50-50 फाईलें डिजिटली प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मैं स्वयं ई ऑफिस के तहत कार्य करना शुरू कर दिया है। अब हर ऑफिस को ई-फाईल पर काम करना होगा।यह कोई कठिन काम नहीं है। इसे हम कभी भी ऑनलाईन मोड में देख सकते हैं। शुरूआत पहले स्थापना शाखा जैसे सरल कार्यों से शुरू किया जाये। उन्होंने सभी संबंधित कर्मचारी एवं अधिकारियों को एक बार पुनः प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए है। नगर निगम आयुक्त अमित कुमार, एडीएम शिवकुमार बनर्जी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
- दुर्ग, परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना भिलाई 01 के अंतर्गत नगर पालिक निगम भिलाई वार्ड क्रमांक-11 के आंगनबाड़ी केन्द्र मुरूम खदान और वार्ड क्रमांक 29 के आंगनबाड़ी केन्द्र वृन्दानगर-1 में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रिक्त पदों पर भर्ती किया जाना है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के लिए आवेदन 28 जुलाई तक एकीकृत बाल विकास परियोजना कार्यालय भिलाई 01 (पता-जुनवानी चिखली मुख्य मार्ग जुनवानी भिलाई) में सीधे अथवा पंजीकृत डॉक द्वारा कार्यालयीन समय 10 से 5.30 बजे तक (शासकीय अवकाश को छोड़कर ) जमा किया जा सकता है। निर्धारित तिथि के पश्चात प्राप्त आवेदन स्वीकार नही किए जाएंगे।परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना से मिली जानकारी अनुसार आवेदन किये जाने हेतु शासन द्वारा निर्धारित आवश्यक गाईडलाईन के तहत आवेदिका की आयु 18 से 44 वर्ष के मध्य होनी चाहिए (एक वर्ष या अधिक सेवा का अनुभव रखने वाली कार्यकर्ता/सहायिका/सह-सहायिका/संगठिका को आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट दी जाएगी)। आवेदिका उसी ग्राम की स्थायी निवासी होनी चाहिए जिस ग्राम में आंगनबाड़ी केन्द्र स्थित है। शहरी क्षेत्रों में आवेदिका उसी वार्ड की निवासी होना चाहिए।निवासी होने के प्रमाण में ग्राम की अद्यतन मतदाता सूची में दर्ज नाम एवं नगरीय क्षेत्र में होने पर संबंधित वार्ड की अद्यतन मतदाता सूची में नाम दर्ज हो तो आवेदन पत्र में उसके क्रमांक का उल्लेख कर प्रतिलिपि लगाई जाए अथवा ग्राम पंचायत के सरपंच तथा सचिव द्वारा संयुक्त हस्ताक्षरित अथवा पटवारी तथा नगरीय निकायों में वार्ड पार्षद अथवा पटवारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र जिसमें वार्ड में निवासरत् रहने का पता सहित स्पष्ट उल्लेख हो, मान्य किया जाएगा।आवेदिका की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पद हेतु 12वीं बोर्ड परीक्षा उत्तीर्ण। अनुभवी कार्यकर्ता/सहायिका/सह सहायिका होने पर, गरीबी रेखा परिवार, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति परिवार की महिला होने पर तथा विधवा, परित्यक्ता अथवा तलाकशुदा महिला होने पर अतिरिक्त अंक दिए जाएंगे।
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बिलासपुर/ भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2025 के अंतर्गत पात्र बच्चों से ऑनलाईन आवेदन 31 जुलाई तक मंगाये गये है। यह पुरस्कार उन बच्चों को दिया जाता है जिन्होंने निःस्वार्थ कार्य, असाधारण बहादुरी, असाधारण क्षमताएं तथा उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल की हैं। ऐसे बच्चे जो रोल मॉडल बनकर समाज के लिए प्रेरणा बने हैं और जिन्होंने खेल, सामाजिक सेवा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, कला-संस्कृति तथा नवाचार के क्षेत्र में प्रभावशाली कार्य किए हैं, उन्हें यह पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
पुरस्कार की पात्रता कोई भी बच्चा जिसकी उम्र 05 वर्ष 31 जुलाई 2025 की स्थिति में 18 वर्ष से अधिक न हो, भारतीय नागरिक हो व भारत में निवास करता हो। घटना, उपलब्धि आवेदन, नामांकन की प्राप्ति की अंतिम तिथि से 2 वर्ष के भीतर होनी चाहिए। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2025 हेतु ऑनलाइन आवेदन पोर्टल https://awards.gov.in पर 1 अप्रैल 2025 से लाइव कर दिया गया है और आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2025 निर्धारित की गई है। आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे।
- बालोद/ दुर्ग संभाग के संभाग आयुक्त श्री सत्यनारायण राठौर ने मंगलवार को संयुक्त जिला कार्यालय परिसर बालोद में ’एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत रूद्राक्ष का पौधा रोपा। उन्होंने अपनी माँ श्रीमती श्याम बाई राठौर के नाम पर पौधरोपण किया और संबंधितों को पौधे की देखभाल करने एवं सुरक्षा की बात कही। इस अवसर पर उपस्थित कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने संभाग आयुक्त को बताया कि जिले में विगत 20 जुलाई को सभी वर्गों की सहभागिता से 01 लाख 74 हजार से अधिक पौधों का रोपण किया गया है। इस दौरान वनमण्डलाधिकारी श्री अभिषेक अग्रवाल, अपर कलेक्टर श्री नूतन कंवर, श्री अजय किशोर लकरा, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर उपस्थित थे।
- 0- बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के दिए निर्देशबालोद, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एल. उइके ने ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने सोमवार 21 जुलाई को जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड में कार्यरत स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारी-कर्मचारियों की बैठक ली। जिसके अंतर्गत मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, मलेरिया, टीबी, अंधत्व निवारण, गैर संचारी रोग, कृष्ठ नियंत्रण, महामारी नियंत्रण सहित समस्त ऑनलाईन एण्ट्री की स्वास्थ्य केन्द्रवार समीक्षा की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बैठक में मौजूद सभी अधिकारी-कर्मचारियों को लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधा पहुँचाने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि इस दौरान किसी भी तरह की लापरवाही बर्दास्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारी-कर्मचारियों को मुख्यालय में रहने और आधार आधारित उपस्थिति का शत् प्रतिशत पंजीयन कराने के कड़े निर्देश दिये। इसके साथ ही आपसी समन्वय बनाकर बेहतर कार्य कर स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश भी दिये। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने केन्द्र एवं राज्य शासन की योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला स्तरीय के खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनोद कुमार चारका, नोडल अधिकारी जितेन्द्र सिंह, जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री अखिलेश शर्मा, जिला सलाहकार डॉ. अरविन्द मिश्रा, जिला सलाहकार (एन.व्ही.बी.डी.सी.पी.) श्री सुर्यकांत साहू सहित विकासखण्ड स्तर के सभी विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- - संत ज्ञानेश्वर स्कूल में हुई महाराष्ट्र मंडल के वल्लभ नगर महिला केंद्र की बैठकरायपुर। आज के एकल परिवार सिद्धांत के बीच लगभग हर घर में देवरानी और जेठानी की आपस में नहीं बनती। किसी न किसी बात को लेकर दोनों के बीच मतभेद और मनभेद दोनों होते हैं। ऐसे में वल्लभ नगर महिला केंद्र की मेहमान अनिता चौहान और हेतल चौहान के देवरानी- जेठानी वाले प्रेम को देखकर सभी ने खूब प्रशंसा की। सभी महिलाएं संत ज्ञानेश्वर स्कूल में आयोजित वल्लभ नगर महिला केंद्र की मासिक बैठक में पहुंचे थे।महाराष्ट्र मंडल की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने बताया कि अनिता और हेतल दोनों देवरानी और जेठानी को एक साथ रहते 12 साल हो गए। तब से लेकर अब तक दोनों किसी भी फंक्शन में एक जैसे गेटअप में आती हैं। एक जैसी साड़ी, गहने, मेकअप, चूड़ी, खाना.... सब एक जैसा ही होता है। दोनों की पसंद और नापसंद भी एक जैसे ही है। दोनों मिल जुलकर रहती हैं और परिवार को भी जोड़कर रखती हैं। अनिता और हेतल ने बताया कि रिश्तेदार भी हमें यदि कोई गिफ्ट देते हैं या कपड़ा, साड़ी, खरीदते हैं, तो एक जैसा ही देते हैं। घर के लोग भी हमारे लिए एक जैसा सामान लाते हैं। घर में कोई भी चीज दो आती है और वह भी एक जैसी।तोपखानेवाले के अनुसार सर्वप्रथम हरतालिका के पूर्व सावन थीम पर तीज उत्सव मनाने पर विचार किया गया। इसके बाद केंद्र की सदस्य शुभांगी आप्टे ने ताश के पत्तों से रोचक खेल खिलाए, जिसे सभी ने खूब एंजाय किया। इसके बाद गानों की धुन में सभी ने हाउजी खेला। गानों में कुछ नंबर छिपे थे, जिसका हाउजी के टिकट में प्रतिभागी महिलाओं को ढ़ूंढना था। सभी ने इसका खूब मजा लिया।महिलाओं को दूसरा सरप्राइज गेम विठालकर ने खिलाया। उन्होंने खेल- खेल ही में महिलाओं को ड्रेसिंग सेंस के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि आप क्या पहने कि आप लोगों से अलग हटकर दिखे। इस अवसर पर तुलसी का पौधा लगाकर पर्यावरण के प्रति महिलाओं को जागरूक किया गया।
- - रायपुर क्षेत्रीय कार्यालयों में लगाए जाएंगे लक्ष्य से अधिक पौधे- प्रबंध निदेशक भीमसिंह कंवर ने किया वृक्षारोपणरायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज़ के 50 हजार पौधे लगाने के संकल्प को पूरा करने के लिए शहर से लेकर गांव तक में फैले बिजली दफ्तरों के रिक्त स्थानों में वृक्षारोपण करने का कार्यक्रम वृहद स्तर पर किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज गुढ़ियारी स्थित बिजली ऑफिस के सबसे पुराने कैंपस में वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री भीम सिंह कंवर के मुख्य आतिथ्य में वृक्षारोपण किया गया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि प्रकृति हमारी मां है। ब्रम्हांड में समय और प्रकृति ही काम करती है। सबको जन्म देने वाली प्रकृति मां ही है। प्रकृति को स्वच्छ बनाए रखने की जिम्मेदारी हम सबकी है। इसकी सुरक्षा और संवर्धन के लिए हमें अधिक से अधिक पेड़ लगाना चाहिए।पॉवर कंपनी के गुढ़ियारी स्थित सिविल संभाग के कार्यालय में वृक्षारोपण किया गया। इस स्थान पर 1951 में रायपुर पॉवर हॉउस संचालित था, जिसमें रिक्त भूमि में वृहद वृक्षारोपण किया गया। पॉवर कंपनीज़ वृक्षारोपण महोत्सव के तहत पूरे प्रदेश के बिजली दफ्तर, उपकेंद्र और उत्पादन संयंत्रों में 50 हजार से अधिक पौधे लगाए जा रहे हैं। इसके तहत रायपुर शहर क्षेत्रीय कार्यालय को दो हजार और रायपुर ग्रामीण क्षेत्रीय कार्यालय को 5500 पेड़ लगाने का लक्ष्य दिया गया था। जिसे प्रबंध निदेशक श्री कंवर ने बढ़ाकर रायपुर शहर में तीन हजार और रायपुर ग्रामीण में 7000 का लक्ष्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाने से हमारा दायित्व पूरा नहीं हो जाता, हमें इसकी देखभाल भी करनी होगी। इस मौके पर पॉवर कंपनी के डायरेक्टर श्री आर.ए. पाठक, कार्यपालक निदेशक श्री वीके साय, मुख्य अभियंता श्री राजेंद्र प्रसाद विशेष रूप से उपस्थित थे। इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक (रायपुर ग्रामीण) श्री संदीप वर्मा ने कहा कि ग्रामीण परिक्षेत्र में पांच जिलों के तीन वृत्त कार्यालय, 12 संभाग, 34 उपसंभाग, 120 वितरण केंद्र के साथ 134 उपकेंद्र हैं, जहां दो हजार से अधिक पेड़ लगाए जा चुके हैं। इसे 10 अगस्त तक पूरा कर लिया जाएगा। मुख्य अभियंता (रायपुर शहर) श्री एम. जामुलकर ने कहा कि शहर में 19 जोन आते हैं, वहां रिक्त भूमि में वृक्षारोपण का कार्यक्रम किया जा रहा है। एक पेड़ मां के नाम रोपण करने उपभोक्ताओं को भी प्रेरित किया जा रहा है। इस मौके पर चिकित्सा सलाहकार डॉ. विवेक गोले, अतिरिक्त मुख्य अभियंता सर्वश्री के.एस. भारती, श्री अशोक खंडेलवाल, बीके कुमरे, एल्मिना कुजूर, संजीव सिंह सहित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- -12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थी 26 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं-बी.एस.सी. (कृषि) की 1348 सीटों पर विद्यार्थियों ने लिया दाखिलारायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित शासकीय एवं निजी महाविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के बी.एस.सी. कृषि (ऑनर्स) स्नातक पाठ्यक्रम में द्वितीय चरण की काउंसलिंग (स्पॉट काउंसलिंग) के पश्चात रिक्त सीटों पर 12वीं परीक्षा के परिणामों के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश के इच्छुक 12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर 26 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं। इस अवधि में पंजीयन करने वाले अभ्यर्थियों को निर्धारित नियमों के तहत प्रावीण्यता के आधार पर उपरोक्त पाठ्यक्रम में प्रवेश दिया जाएगा। इसी प्रकार निजी महाविद्यालयों में प्रबंधन सीटों पर प्रवेश हेतु इच्छुक अभ्यर्थी 28 जुलाई से 3 अगस्त 2025 तक आवेदन कर सकते है। बी.एस.सी. कृषि (ऑनर्स) स्नातक पाठ्यक्रम में उपलब्ध कुल 2015 सीटों में अब तक 1348 सीटों पर प्रवेश दिया जा चुका है तथा 667 सीटें रिक्त हैं।उल्लेखनीय है कि नवीन शिक्षा नीति 2020 के तहत प्रवेश हेतु ऑनलाईन काउंसलिंग प्रक्रिया जारी है। काउंसलिंग के द्वितीय चरण में स्पॉट काउंसलिग आज से प्रारंभ हुई है जो कल 23 जुलाई तक चलेगी। स्पॉट काउंसलिंग के दौरान विभिन्न कृषि महाविद्यालयों में रिक्त सीटों पर उपलब्धता के आधार पर दस्तावेजों के परीक्षण के उपरांत तत्काल फीस जमा कर प्रवेश दिया जा रहा है। 25 जुलाई को विभिन्न महाविद्यालयों में शेष सीटों का कन्वर्शन किया जाएगा। कन्वर्शन काउंसलिंग हेतु प्रोविजनल सीट, महाविद्यालय आबंटन, तत्काल दस्तावेज एवं ऑनलाईन फीस जमा करने हेतु अभ्यर्थियों को कृषि महाविद्यालय रायपुर में 25 जुलाई को उपस्थित होना पडे़गा।बारहवीं के परीक्षा परिणामों के आधार पर रिक्त सीटों मे ंप्रवेश हेतु विश्वविद्यालय की वेबसाईट पर 26 जुलाई को रात्रि 11ः30 बजे तक ऑनलाईन पंजीयन कराया जा सकता है। असफल फीस ट्रांजेक्शन वाले अभ्यर्थी 27 जुलाई को पुनः फीस जमा कर सकते हैं। ऑफलाईन दस्तावेजों का सत्यापन कृषि महाविद्यालय रायपुर में 28 एवं 29 जुलाई को किया जाएगा। 30 जुलाई 2025 को विश्वविद्यालय की वेबसाईट पर अभ्यर्थियों की प्रावीण्य सूची अपलोड की जाएगी। 31 जुलाई से 2 अगस्त तक अभ्यर्थियों को सीट आबंटन तथा फीस जमा करने हेतु कृषि महाविद्यालय रायपुर में उपस्थित होना होगा। काउंसिलिंग संबंधित दिशा-निर्देशों की अधिक जानकारी हेतु विश्वविद्यालय की वेबसाईट www.igkv.ac.in का अवलोकन कर सकते हैं।



























