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- -जिला पंचायत सीईओ ने पशु दीदियों का बढ़ाया मनोबल-प्रशिक्षण सत्र के 11वें दिन परिचर्चा में शामिल हुए विशेषज्ञबिलासपुर, /इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, कृषि विज्ञान केन्द्र, सरकण्डा, बिलासपुर में आयोजित 17 दिवसीय आवासीय पशु सखी प्रशिक्षण कार्यक्रम के 11वें दिन विशेष परिचर्चा कार्यक्रम श्री संदीप अग्रवाल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, बिलासपुर की अध्यक्षता एवं डॉ. एन. के. चौरे, अधिष्ठाता, कृषि महाविद्यालय, बिलासपुर, डॉ. अरूण त्रिपाठी, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, कृषि विज्ञान केन्द्र, बिलासपुर, डॉ. विरेन्द्र पिल्ले, अतिरिक्त उप संचालक, पशु चिकित्सा, बिलासपुर, श्री रामेन्द्र सिंह गुर्जर, जिला समन्वयक, एनआरएलएम, डॉ. तन्मय, डॉ. रंजना नंदा, डॉ. तापसी एवं कृषि विज्ञान केन्द्र बिलासपुर के वैज्ञानिकगण डॉ. शिल्पा कौशिक, श्रीमती हेमकान्ति बंजारे, डॉ. अमित शुक्ला, डॉ. एकता ताम्रकार, इंजी. पंकज मिंज, डॉ. चंचला रानी पटेल, डॉ. स्वाति शर्मा एवं श्रीमती सुशीला ओहदार एवं प्रशिक्षणार्थी पशु सखियों की सक्रिय सहभागिता में सम्पन्न हुआ।पशु सखियों से चर्चा करते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अग्रवाल ने आग्रह किया कि इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान, विभिन्न बिमारियों से बचाव हेतु टीकाकरण, समय-समय पर कृमि नाशक उपचार, गलाघोंटू एवं अन्य सामान्य बिमारियों से बचाव के लिए अपने क्षेत्र में अन्य पशु पालक किसानों एवं महिलाओं को जागरूक करें। उन्होंने पूरी तन्मयता से प्रशिक्षण दे रहे पशु पालन विभाग के डॉ. रंजना नंदा, डॉ. तन्मय एवं डा. तापसी मंडल से पशु सखियों को सरल भाषा में ज्यादा प्रायोगिक ज्ञान देने का आग्रह किया तथा पशु सखियों को सलाह दी कि अपनी जिज्ञासाओं का समाधान करें तथा यह भी सुनिश्चित कर लें कि पशुओं में होने वाली किन साधारण बीमारियों का उपचार उनके द्वारा किया जा सकता है एवं गंभीर बिमारियों की दशा में पशु चिकित्सकों से संपर्क में रहें तथा उनसे परामर्श के उपरांत ही उपचार करें। श्री अग्रवाल ने पशु सखियों से पशुधन प्रबंधन का उन्नत ज्ञान प्राप्त कर एवं उत्पादकता बढ़ाकर माननीय प्रधानमंत्री महोदय की मंशा के अनुरूप लखपति दीदी बनने का आह्वान किया।कार्यक्रम के समन्वयक, डॉ. त्रिपाठी ने पशु सखियों से निःसंकोच अपनी शंकायें एवं समस्याओं का विशेषज्ञ डाक्टरों से पूछकर समाधान करें तथा पशुधन से प्राप्त गोबर, गोमूत्र आदि का कम्पोस्ट, केंचुआ पालन, प्राकृतिक खेती के विभिन्न उत्पाद, जीवामृत, बीजामृत, घनजीवामृत आदि बनाकर लाभ अर्जित करें। डा. विरेन्द्र पिल्ले, अतिरिक्त उप संचालक, पशु चिकित्सा, बिलासपुर ने पशु सखियों से अनुरोध किया कि प्रत्येक गांव में पशु चिकित्सक नहीं पहुंच सकते, इस स्थिति में पशु सखी दीदीयां पशु चिकित्सक एवं पशुपालक किसानों के बीच सेतु का काम कर पशुधन संबंधी समस्याओं का समाधान कर रोजगार एवं आय का सृजन करें।एन.आर.एल.एम. के समन्वयक श्री गुर्जर ने पशु सखियों को पशु चिकित्सा में उपयोग होने वाले किट एवं ड्रेस आदि उपलब्ध कराने को कहा तथा पशु चिकित्सकों से जीवंत संपर्क बनाकर रहने को कहा ताकि हमारे पशु न सिर्फ स्वस्थ रहें बल्कि हमारे लिए आर्थिक रूप से भी उपयोगी बनें। उक्त परिचर्चा में पशु सखियों ने प्रशिक्षण के दौरान अर्जित पशु उपचार तथा देखभाल में उपयोग होने वाली व्यवहारिक जानकारी के बारे में अवगत कराया। उक्त परिचर्चा का प्रभावी संचालन डा. शिल्पा कौशिक तथा आभार प्रदर्शन डा. अमित शुक्ला ने किया।
- -गांव-गांव में शिविर लगाकर किसानों का करें सहयोग-इस साल 31 जुलाई तक है फार्म भरने का अंतिम दिन-गत वर्ष किसानों को मिला 3.14 करोड़ का बीमा मुआवजाबिलासपुर /कलेक्टर संजय अग्रवाल ने अधिकारियों की बैठक लेकर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होेंने कहा कि इस साल 31 जुलाई तक खरीफ फसलों के लिए बीमा कराने की समय-सीमा निर्धारित की गई है। अब इसके लिए केवल 12 दिन शेष रह गए हैं। हर एक किसान तक बीमा योजना का लाभ पहुंचाया जाए। उन्होंने इसके लिए सोसायटी स्तर एवं गांव-गांव तक शिविर लगाकर किसानों को बीमा कराने के लिए समझाइश देने के निर्देश दिए। कृषि विभाग एवं जिला सहकारी बैंक मिलकर इसे किसान हितैषी कार्य को अभियान स्वरूप में चलाएंगे। जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।कलेक्टर संजय अग्रवाल ने मौसम एवं कीट प्रकोप की अनिश्चितता के मद्देनजर किसानों को आर्थिक हानि से बचाने के लिए फसल बीमा करा लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि छोटे से छोटे किसान बीमा करा पाये, इसलिए प्रीमियम की दर अत्यंत कम रखी गई है। धान की फसल के लिए प्रति एकड़ लगभग साढ़े 3 सौ रूपए की प्रीमियम दर निर्धारित की गई है। पिछले खरीफ मौसम में जिले के 10 हजार से ज्यादा किसानों को लगभग सवा 3 करोड़ का बीमा मुआवजा मिला था। कलेक्टर ने पिछले साल कुछ सोसायटियों एक भी किसान द्वारा बीमा नहीं कराये जाने और बीमा प्रस्ताव वापस लिए जाने पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कृषि विभाग,सहकारी बैंकों को ऐसे गांवों में विशेष शिविर लगाकर किसानों को इस साल के लिए तैयार करने के निर्देश दिए। धान फसल की बीमा के लिए एचडीएफसी अर्मो जनरल इन्श्यूरेंस कम्पनी को जिले के लिए अधिकृत किया गया है।उप संचालक कृषि पीडी हथेश्वर ने बताया कि ऋणी किसानों को बीमा अपने आप बैंक द्वारा किया जायेगा। मुख्य जोर अऋणी किसानों के लिए लगाना है। जिले में खरीफ के लिए धान सिंचित, धान असिंचित, उड़द मूंग, मूंगफली, कोदो, कुटकी, मक्का, अरहर, रागी एवं सोयाबीन की फसलें अधिसूचित की गई हैं। बीमा का कार्य किसी बैंक के अलावा किसी भी सीएससी से कराया जा सकता है। इसके लिए संबंधित किसान को अपना नवीनतम आधार कार्ड, नवीनतम भूमि प्रमाण पत्र बी वन एवं पी टू, बैंक पास बुक की छाया प्रति, फसल बोआई प्रमाण पत्र अथवा स्व घोषणा पत्र, किसान का वैध मोबाईल नम्बर, बटाईदार/काश्तकार एवं साझेदार किसानों के लिए घोषणा पत्र प्रस्तुत करना होगा।
- - संभागायुक्त महादेव कावरे की अध्यक्षता में समिति करेगी विचाररायपुर / शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के पश्चात जिला स्तरीय समिति के विरुद्ध प्राप्त अभ्यावेदनों पर विचार करने हेतु सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशानुसार संभागायुक्त महादेव कावरे की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है। समिति की बैठक में निर्णय लिया गया है कि अभ्यर्थी अपना अभ्यावेदन/आवेदन आयुक्त, रायपुर संभाग, रायपुर के नाम से संबोधित करते हुए कार्यालय संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल, एकीकृत परिसर, प्रथम तल, पेंशनबाड़ा में दिनांक 16 जुलाई 2025 से 28 जुलाई 2025 तक कार्यालयीन समय में जमा कर सकते हैं।अभ्यावेदन में आवेदक जानकारी जैसे :- युक्तियुक्तकरण उपरांत आबंटित शाला का आदेश, यदि युक्तियुक्तकरण उपरांत आबंटित शाला में कार्यभार ग्रहण किया गया है, तो कार्यभार ग्रहण दिनांक, अभ्यावेदक का मोबाईल नम्बर, यदि न्यायालय में याचिका प्रस्तुत की गई है तो याचिका की प्रति एवं प्रकरण पर माननीय न्यायालय द्वारा निर्णय पारित किया गया है तो निर्णय की प्रति, जिला स्तरीय युक्तियुक्तकरण समिति को प्रस्तुत अभ्यावेदन की प्रति, जिला स्तरीय युक्तियुक्तकरण समिति के निर्णय की कॉपी अनिवार्यतः संलग्न करें |
- -जिला अधिकारियों को आपातकालीन प्राथमिक उपचार, CPR व बचाव तकनीकों का दिया गया प्रशिक्षणरायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार आज कलेक्टोरेट स्थित बीपीओ सेंटर, मल्टीलेवल पार्किंग में रेडक्रॉस के सहयोग और छत्तीसगढ़ कॉलेज ऑफ नर्सिंग के तकनीकी सहयोग से “प्रोजेक्ट सुरक्षा” के तहत जिला स्तरीय अधिकारियों हेतु आपातकालीन स्थिति में प्राथमिक उपचार और जीवन रक्षक उपायों पर विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम में CPR की तकनीक एवं फर्स्ट एड के ज़रूरी एवं प्रभावी बचाव के तरीके विस्तार से बताए गए, ताकि ज़रूरत के समय त्वरित और सटीक सहायता दी जा सके।प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ कॉलेज ऑफ नर्सिंग द्वारा अधिकारियों को CPR (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) का लाइव डेमोंस्ट्रेशन दिखाया गया और बताया गया कि सीपीआर कब और कैसे देना चाहिए। उन्होंने बताया कि सबसे पहले मरीज को सुरक्षित स्थान पर ले जाने के बाद जांच करनी चाहिए कि वह होश में है या नहीं। प्रतिक्रिया न मिलने की स्थिति में तुरंत एम्बुलेंस को कॉल कर सहायता आने तक मरीज को पीठ के बल लिटाकर छाती पर दोनों हाथों से दबाव देकर 30 कम्प्रेशन और 2 रेस्क्यू ब्रीथ्स की प्रक्रिया दोहराई जानी चाहिए। इसके बाद राजभवन के डॉ. देवेश रायचा ने हड्डी टूटने, अत्यधिक खून बहने, सर्पदंश, कुत्ते के काटने, जलने जैसी स्थितियों में प्राथमिक उपचार की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अत्यधिक खून बहने पर घाव पर साफ कपड़ा रखकर कसकर बांधा जाना चाहिए ताकि रक्तस्राव रोका जा सके। किसी अन्य घाव की स्थिति में उसे हल्के कपड़े से ढंककर मरीज को जल्द अस्पताल ले जाना चाहिए। सर्पदंश या डॉग बाइट की स्थिति में घाव को 5 मिनट तक साफ पानी से धोकर हल्के कपड़े से ढंककर अस्पताल पहुंचाना जरूरी है ताकि आवश्यक इंजेक्शन लगवाया जा सके। जलने पर जले स्थान को ठंडे पानी के नीचे तब तक रखा जाना चाहिए जब तक राहत महसूस न हो। बीपी और डायबिटीज के मरीजों को दवाएं हमेशा साथ रखने और हर 6 माह में नियमित हेल्थ चेकअप कराने की सलाह दी गई। प्रशिक्षण के अंत में अधिकारियों को प्राथमिक उपचार के लिए मेडिकल किट वितरित की गई, जिसमें पेरासिटामोल, पेंटाप्रजोल, डोमपेरीडोन, नारफ्लोक्सिन, टिनिडाजोल, ओआरएस पैकेट, बैंडेड, पावीडोन आयोडीन ऑइंटमेंट, बैंडेज रोल और कॉटन शामिल हैं।
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-प्रोजेक्ट दक्ष- हम होंगे स्मार्ट
-कलेक्ट्रेट स्थित बीपीओ सेंटर, मल्टीलेवल पार्किंग में जिला स्तरीय अधिकारियों को दिया जा रहा डिजिटल प्रशिक्षणरायपुर / रायपुर जिले के शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों को डिजिटल दुनिया में सशक्त बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक नई पहल करते हुए “प्रोजेक्ट दक्ष : हम होंगे स्मार्ट” की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में शुरू किए गए इस महत्वाकांक्षी अभियान के तहत जिले के सभी शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों को तकनीकी रूप से दक्ष और स्मार्ट बनाने का लक्ष्य तय किया गया है।प्रोजेक्ट “DAKSH” का अर्थ विस्तार है — D : डिजिटल साक्षरता, A : आत्मनिर्भरता, K : क्षमता विकास, S : स्मार्ट प्रशासन, H : हैप्पी एम्प्लॉयी-हैप्पी सिटिजन।यानी इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य न केवल कर्मचारियों को तकनीकी रूप से कुशल बनाना है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और स्मार्ट भी बनाना है, ताकि प्रशासनिक सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनता केंद्रित बनाया जा सके।16 जुलाई से आरम्भ हुए इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में अधिकारियों और कर्मचारियों को कंप्यूटर और मोबाइल की मूलभूत समझ, साइबर सुरक्षा, डेटा गोपनीयता, डिजिटल दस्तावेज़ प्रबंधन सहित MS Word, Excel, Email, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के उपयोग और तकनीकी समस्याओं को स्वयं हल करने जैसे विषयों पर ऑन-हैंड प्रैक्टिकल सत्र के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मास्टर ट्रेनर्स की मदद से यह चरणबद्ध प्रशिक्षण संचालित किया जा रहा है, जिसके अंत में मूल्यांकन और प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाएगा।प्रोजेक्ट दक्ष के माध्यम से जिला प्रशासन न केवल अपने अधिकारियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ रहा है, बल्कि डिजिटल इंडिया के सपनों को भी धरातल पर साकार करने की दिशा में ठोस कदम बढ़ा रहा है। - रायपुर /नक्सलवाद से प्रभावित बस्तर अंचल का एक नाम जो आज उम्मीद और बदलाव की मिसाल बनकर उभरा है – वह है माडवी अर्जुन। सुकमा जिले के अति-दुर्गम और माओवादी हिंसा से वर्षों त्रस्त रहे पूवर्ती गांव के इस बालक ने जवाहर नवोदय विद्यालय, पेंटा (दोरनापाल) में छठवीं कक्षा में चयन पाकर इतिहास रच दिया है। यह केवल एक छात्र की जीत नहीं, बल्कि उस उम्मीद का संकेत है जो अब बस्तर के कोने-कोने में अंकुरित हो रही है।माडवी अर्जुन जिस पूवर्ती गांव का रहने वाला है , दरअसल वह नक्सलियों के कमांडर हिड़मा का पैतृक गांव है। एक दौर था, जब पूवर्ती नक्सलियों का गढ़ माना जाता था। यहाँ माओवादी जन अदालत लगाकर आतंक और ग्रामीणों भाग्य का फैसला सुनाते थे। अब वही पूवर्ती गांव, शिक्षा और विकास के नए सूरज की किरणें देख रहा है। अर्जुन की इस उपलब्धि ने यह दिखा दिया है कि परिस्थितियां कितनी भी कठिन हों, अगर अवसर और मार्गदर्शन मिले तो सफलता जरूर मिलती है।अर्जुन वर्तमान में बालक आश्रम सिलगेर में पढ़ाई कर रहा था। उसके घर में न बिजली है, न पक्की छत। उसके माता-पिता खेती और मजदूरी कर किसी तरह घर चलाते हैं। फिर भी, अर्जुन ने कठिन परिस्थितियों को पीछे छोड़ते हुए अपनी मेहनत और आश्रम शिक्षकों के समर्पण से यह उपलब्धि अर्जित की।बीते डेढ़ वर्षों में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चलाए जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान ने बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों में परिवर्तन की नींव रखी है। पूवर्ती जैसे क्षेत्र जहां पहले सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं थीं, अब वहां सड़क निर्माण, सुरक्षा बलों के कैंप, गुरुकुल विद्यालय, स्वास्थ्य सेवाएं और उचित मूल्य दुकानें शुरू हो चुकी हैं।पूवर्ती में अब बच्चों की पढ़ाई के लिए सुरक्षा बलों की देखरेख में चल रहे गुरुकुल ने एक प्रेरणादायी माहौल देना शुरू किया है। अर्जुन की सफलता इसी सतत प्रयास की पहली बड़ी उपलब्धि है।जिला कलेक्टर श्री देवेश ध्रुव ने कहा कि पूवर्ती जैसे दुर्गम और माओवाद प्रभावित गांव से नवोदय विद्यालय में चयन, न केवल अर्जुन की मेहनत का परिणाम है, बल्कि यह जिले की शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन का भी संकेत है। हम हर बच्चे को आगे बढ़ाने का मौका देना चाहते हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि माडवी अर्जुन की सफलता छत्तीसगढ़ की बदलती तस्वीर का प्रतीक है। यह उस नव-छत्तीसगढ़ की झलक है, जहाँ अंधेरे की जगह अब उजाले की बातें हो रही हैं। पूवर्ती जैसे गांव से राष्ट्रीय स्तर के नवोदय स्कूल तक का सफर दर्शाता है कि हमने जो बीज शिक्षा, सुरक्षा और विकास का बोया है, वह अब फल देने लगा है। अर्जुन को मेरी ओर से ढेरों बधाई और शुभकामनाएं। अब पूवर्ती क्षेत्र से केवल एक अर्जुन नहीं, हजारों अर्जुन निकलेंगे और छत्तीसगढ़ के भविष्य को संवारेंगे। राज्य सरकार हर बच्चे के सपनों को पंख देने के लिए कटिबद्ध है।माडवी अर्जुन की यह यात्रा केवल एक छात्र की कहानी नहीं, बल्कि यह उस बदलाव की दास्तान है, जिसे बस्तर जी रहा है। नक्सलवाद की दीवारें अब दरक रही हैं और शिक्षा की रोशनी बस्तर के घर-आंगनों में फैल रही है।बदलते बस्तर की यह शुरुआत है। अब अर्जुनों की कतार लगेगी और पूवर्ती जैसे गांव विकास की नई इबारत लिखेंगे।
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बिलासपुर /पीएम श्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय मल्हार में सत्र 2026-27 के लिए चयन परीक्षा के माध्यम से कक्षा 6वीं में प्रवेश के लिए 29 जुलाई 2025 तक आवेदन किये जा सकते है। प्रवेश के लिए चयन परीक्षा का आयोजन 13 दिसम्बर 2025 को किया जाएगा। पंजीकरण एवं विवरण के लिए वेबसाईट https://navodaya.gov.in का अवलोकन किया जा सकता है।
प्रवेश हेतु अभ्यर्थी को जिले का मूल निवासी होना आवश्यक है एवं वह जिले के किसी सरकारी मान्यता प्राप्त स्कूल में शैक्षणिक सत्र 2025-26 में कक्षा 5वीं में पढ़ रहा हो। अभ्यर्थी का जन्म 01.05.2014 से पहले तथा 31.07.2016 के बीच का होना चाहिए। अभ्यर्थी यदि कक्षा 3, 4 व 5वीं में से किसी भी कक्षा में शहरी क्षेत्र के विद्यालय में अध्ययनरत रहता है तो वह शहरी क्षेत्र का अभ्यर्थी माना जाएगा। -
राष्ट्रीय स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25
रायपुर शहर मिलियन प्लस सिटीस श्रेणी में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की नेशनल रैंकिंग में 11996 अंक सहित चौथे स्थान पर*महापौर श्रीमती मीनल चौबे, सभापति श्री सूर्यकांत राठौड, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर, आयुक्त श्री विश्वदीप ने सभी नगरवासियों को दी हार्दिक बधाई, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री अरुण साव को दिया धन्यवाद, रायपुर नगर पालिक निगम के पार्षदों, स्वच्छता ब्राड एम्बेसडरों, निगम अधिकारियों, कर्मचारियों, स्वच्छता दीदियों, सफाई मित्रों के प्रयासो को सराहारायपुर /राष्ट्रीय स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में रायपुर को 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों मिलियन प्लस सिटीस श्रेणी में नेशनल रैकिंग में रायपुर शहर को चौथा स्थान प्राप्त हुआ है। इसमें रायपुर शहर को 11996 अंक निर्धारित मानको के अनुरूप प्राप्त हुए है। रायपुर शहर छत्तीसगढ़ राज्य का पहला 7 स्टार शहर बन गया है। रायपुर शहर की इस उपलब्धि पर राजधानी शहर की प्रथम नागरिक नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, सभापति श्री सूर्यकांत राठौड, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर, आयुक्त श्री विश्वदीप ने समस्त नगरवासियों को हार्दिक बधाई दी है। उन्होने नगर निगम रायपुर की ओर से प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री अरूण साव को हार्दिक धन्यवाद दिया है। साथ ही नगर निगम रायपुर के सभी जनप्रतिनिधि पार्षदों, सामाजिक, स्वयंसेवी संगठनो के पदाधिकारियों, रायपुर नगर निगम के स्वच्छता एम्बेसडकर सहित नगर निगम रायपुर के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, स्वच्छता दीदियों, सफाई मित्रो को उनके प्रयासो हेतु सराहा है। -
रायपुर/नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कहा है कि रायपुर को स्वच्छ बनाने के लिए इज़रायल से प्रेरणा लेना सराहनीय कदम है। वहाँ की तकनीकी दक्षता और नागरिकों की जागरूकता से हम बहुत कुछ सीख सकते हैं:
???? उन्नत तकनीक: इज़रायल में कचरे से ऊर्जा उत्पादन, जल पुनर्चक्रण और स्मार्ट कचरा संग्रह जैसी अत्याधुनिक तकनीकें अपनाई जाती हैं।???? मजबूत बुनियादी ढाँचा: उच्च गुणवत्ता वाले संसाधन, प्रशिक्षित कर्मी और सख्त नीतियाँ स्वच्छता को सुनिश्चित करते हैं।???? जन भागीदारी: वहाँ जनता कचरा पृथक्करण, उचित निपटान और स्वच्छता नियमों का पालन करती है।रायपुर में भी स्मार्ट डस्टबिन, GPS-आधारित कचरा वाहन ट्रैकिंग, और मोहल्ला पुरस्कार जैसी योजनाएँ लागू की जा सकती हैं। साथ ही, दंडात्मक नियमों से अनुशासन भी तय किया जाए।तकनीक + जन सहयोग = स्वच्छ रायपुरइन्हीं सिद्धांतों से हम एक सुंदर, स्वस्थ और स्मार्ट शहर बना सकते हैं। - -विद्यार्थियों को प्राथमिक सहायता एवं सामाजिक दायित्वों के निर्वहन के गुर सिखाएं गएमहासमुंद, / छत्तीसगढ़ की विद्यालयों में अध्ययन, अध्यापन के साथ-साथ अन्य शिक्षकोत्तर गतिविधियों में रेडक्रॉस की गतिविधियां अत्यंत ही महत्वपूर्ण होती है, इसी के अंतर्गत विभिन्न विद्यालयों में हाई स्कूल तथा हायर सेकेंडरी स्कूलों में जूनियर रेडक्रॉस का संचालन किया जाता है। कलेक्टर एवं अध्यक्ष भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार जिले के विकासखंड पिथौरा, बागबाहरा एवं महासमुंद के समस्त हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूल की रेडक्रॉस प्रभारी शिक्षकों (काउंसलर) संख्या 111 का रेडक्रॉस से संबंधित समस्त प्रशिक्षण एवं प्राथमिक सहायता का प्रशिक्षण का आयोजन जिला स्तर पर महासमुंद में किया गया।
प्रशिक्षण के तृतीय दिवस बुधवार को समापन अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एस. आलोक उपस्थित रहे। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी श्री विजय कुमार लहरे पदेन अध्यक्ष जूनियर रेडक्रॉस महासमुंद, जिला रेडक्रॉस सोसाइटी के अध्यक्ष श्री संदीप कुमार दीवान, इसके साथ ही बतौर विशिष्ट अतिथि श्री पारस चोपड़ा, श्री संजय शर्मा, श्री दाऊलाल चंद्राकार, श्री अभिषेक पांडे, श्री आशीष पांडे श्रीमती सती साहू, श्रीमती अरुणा शुक्ला, जिला क्रीड़ा अधिकारी अंजलि बरमाल उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ 14 जुलाई को हुआ, जो कि प्रशिक्षण का द्वितीय चरण था, प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि श्री संदीप दीवान, सभापति रेडक्रॉस महासमुंद, विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री ऐतराम साहू, जिला अध्यक्ष स्काउट एवं गाइड संघ, उपाध्यक्ष श्री भूपेंद्र सिंह राठौर, श्री अशोक गिरी गोस्वामी जिला संगठक महासमुंद एवं श्रीमती अनिता रावटे, श्री माधव लाल टांकसले, श्री महेन्द्र कुमार श्रीश्रीमाल, डॉ एम. वॉय मेमन, श्री मनीष शर्मा, श्री संजय शर्मा, श्री प्रेम चंन्द्राकर, श्रीमती सती साहू, श्री प्रमोद तिवारी, श्री एच.आर. बघेल, श्री अभिषेक पाण्डेय, श्री आकाश पाण्डेय, श्री सुनील शर्मा, श्री यशवंत चौधरी, श्री हीरा बंजारे, श्री राजेश्वर खरे, श्री विश्वनाथ पाणिग्रही, श्री धर्मेन्द्र महोबिया, मनोज पिंजा, श्री आशीष पांडे सदस्य प्रबंध संचालन, श्री अरशी अनवर एवं सीएमएचओ डॉ. आई. नागेश्वर राव उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि प्रथम चरण का प्रशिक्षण सरायपाली में बसना विकासखंड एवं सरायपाली विकासखंड के काउंसलर का प्रशिक्षण 10 जुलाई से लेकर 12 जुलाई तक आयोजित किया गया जिसमें 80 काउंसलर ने भागीदारी दी।
इस अवसर पर ड़ॉ. अशोक गिरि गोस्वामी द्वारा रेडक्रॉस की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला गया एवं रेडक्रॉस की उद्देश्य एवं सामाजिक गतिशीलता के साथ-साथ सामाजिक पृष्ठभूमि पर इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला गया। समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं जिला सीईओ श्री एस आलोक के द्वारा उद्बोधन दिया गया, जिसमें समस्त काउंसलर को जमीनी स्तर पर विद्यालय में रेडक्रॉस की टीम तैयार करने हेतु निर्देश दिया गया। जिला शिक्षा अधिकारी के द्वारा स्कूलों में विद्यार्थियों की शिक्षा में गुणवत्ता के साथ-साथ रेडक्रॉस की गतिविधियों को निरंतर संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। श्री पारस चोपड़ा के द्वारा बच्चों में सेवा की भावना को जागृत करने का संदेश दिया गया। श्री संदीप दीवान के द्वारा विद्यालयीन रेडक्रॉस बच्चों में प्राथमिक सहायता की शिक्षा, जो कि प्रशिक्षण में प्रदान किया गया, उसे देखकर उनके सामाजिक दायित्वों के निर्वहन संबंधी संदेश दिया गया। श्री दाऊलाल चंद्राकर के द्वारा महासमुंद जिले में रेडक्रॉस की विशिष्ट भूमिका एवं लगातार महासमुंद जिले में रेडक्रॉस के क्षेत्र में विशेष रूप से सभी को भविष्य में कार्य करने की प्रेरणा प्रदान किया गया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षक के रूप में राष्ट्रीय स्तर के प्राथमिक उपचार प्रशिक्षक डॉ यशवंत चंद्राकर एवं जिला प्रशिक्षक दिनेश कुमार साहू के द्वारा विभिन्न विद्यालयों से आए रेडक्रॉस प्रभारी काउंसलर को रेडक्रॉस के इतिहास उद्देश्य एवं सिद्धांत तथा रेडक्रॉस की मूल पृष्ठभूमि एवं विभिन्न दायित्वों का प्रशिक्षण दिया गया साथ ही इस प्रशिक्षण का मुख्य फोकस बिंदु जीवन को बचाने वाले प्राथमिक सहायता प्रशिक्षण था। प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य रूप से विभिन्न प्रकार के दुर्घटनाओं जैसे की सड़क दुर्घटना, आग लगने पर, भूकंप, बाढ़ एवं पानी में डूबने एवं प्राकृतिक आपदाओं पर एक रेडक्रॉस वॉलिंटियर का किस प्रकार से दायित्व होता है और किस प्रकार से प्राथमिक सहायता दी जा सकती है, इसका संपूर्ण प्रशिक्षण प्रदान किया गया। जिसमें मुख्य रूप से घायल व्यक्ति का रक्त प्रवाह होने पर बैंडेज बांधना फ्रैक्चर की स्थिति में सहायता देना, सीपीआर थेरेपी के साथ-साथ बिच्छू डंक, कुत्ता के काटने, मधुमक्खी के काटने, मिर्गी, जहर सेवन कर लेने पर, आग से या किसी भी प्रकार से जलने पर एवं विभिन्न प्रकार के दुर्घटनाओं में प्राथमिक सहायता का संपूर्ण प्राथमिक सहायता प्रदान किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक दायित्वों का प्रशिक्षण प्रदान किया गया जैसे कि प्रदूषण एवं साक्षरता, वृक्षारोपण, बालक -बालिका शिक्षा एवं रक्तदान, नेत्रदान तथा टीकाकरण एवं विभिन्न प्रकार के सामाजिक परिवेश में रेडक्रॉस के दायित्वों का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। स्कूली विद्यार्थियों को स्कूल में विभिन्न प्रकार की दुर्घटनाओं में उनकी भूमिका किस प्रकार से होगी, इसका प्रशिक्षण दिया गया।
उपरोक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम में महासमुंद जूनियर रेड क्रॉस सचिव श्रीमती किरण पटेल विकासखंड महासमुंद, श्री परसराम सिंन्हा सचिव विकासखंड जूनियर रेडक्रॉस बागबाहरा एवं विकासखंड पिथौरा सचिव जूनियर रेड क्रॉस पिथौरा दिनेश कुमार साहू के कुशल नेतृत्व में तीनों विकासखंड के रेड क्रॉस काउंसलर का प्रशिक्षण विधिवत् प्रदान किया गया उपरोक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम में रेडक्रॉस के वार्षिक कैलेंडर पर चर्चा किया गया और आगामी समय में रेडक्रॉस के समस्त गतिविधियों को स्कूली विद्यार्थियों के समग्र विकास हेतु संचालित करने का निर्णय लिया गया। इस कार्यक्रम में विशेष रूप से अंशुमन तांडी, रामकुमार जांगड़े, प्रकाश दास मानिकपुरी एवं लोकेश्वरी साहू, विनीता अंजलि दीवान, नोबेल ध्रुव, श्रीमती भावना पांडव, श्रीमती यशोदा चौहान, श्रीमती पुष्पलता भार्गव, तेजलाल देवांगन रेडक्रॉस कार्यालय प्रभारी, एवं द्वारका प्रसाद विशेष रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम का मंच संचालन श्रीमती किरण पटेल सचिव जूनियर रेड क्रॉस विकासखंड शाखा महासमुंद के द्वारा किया गया। संपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम डॉक्टर अशोक गिरी गोस्वामी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी जिला शाखा महासमुंद के प्रबंध समिति के संरक्षक एवं सदस्य गणों ने महासमुंद जिले में हुए कॉसलर प्रशिक्षण के प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दी। रेडक्रॉस की गतिविधियाँ जिले में विभिन्न स्तरों पर मानवता, निष्पक्षता, तटस्थता, स्वतंत्रता, स्व प्रेरित सेवा, एकता, सार्वभौमिकता के बुनियादी सिद्धांत के साथ संगठन के उद्देश्य को अधिक व्यापकता प्रदान करेंगे। - महासमुंद / नन्हे कदमों से गूंजते आंगन, दीवारों पर रंग-बिरंगी पेंटिंग्स, कविताएं गुनगुनाते बच्चे और खेल-खेल में सीखने की ललक कुछ ऐसी ही सजीव और संजीव छवि अब जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों की बन गई है। महासमुंद शहरी सेक्टर-1 स्थित संजय नगर-2, दलदली रोड और विश्वकर्मा वार्ड के सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र इसकी सजीव मिसाल हैं, जहां आंगनबाड़ी अब केवल पोषण और देखभाल का केन्द्र नहीं, बल्कि बच्चों के संपूर्ण विकास की पाठशाला बन चुकी हैं। इन केन्द्रों की सजावट किसी प्ले स्कूल से कम नहीं है। दीवारों पर उकेरी गई रंगीन चित्रकारी और शैक्षणिक चार्ट नन्हे मन को पढ़ाई की ओर आकर्षित कर रहे हैं। अक्षर ज्ञान, गिनती, कविताएं और व्यवहारिक जानकारियां बच्चों को सहज और रोचक तरीके से दी जा रही हैं।संदेशों के माध्यम से सामाजिक बदलाव की दिशा में भी कदम बढ़ाए जा रहे हैं। जितनी अच्छी वजन की रेखा, उतना अच्छा बच्चा देखा, लड़का-लड़की एक समान जैसे संदेश दीवारों पर उकेरे गए हैं, जो बाल देखभाल के साथ सामाजिक चेतना का संचार भी कर रहे हैं। यहां न केवल बच्चे बल्कि गर्भवती माताएं और किशोरी बालिकाएं भी लाभान्वित हो रही हैं। गर्भवती महिलाओं के लिए गर्म पौष्टिक भोजन की नियमित व्यवस्था है, साथ ही सुपोषण चौपाल जैसे आयोजनों के माध्यम से टीकाकरण व स्वास्थ्य परामर्श दिया जाता है। किशोरियों को स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा है।सेक्टर पर्यवेक्षक श्रीमती शीला प्रधान बताती हैं कि यहां मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना, नोनी सुरक्षा, महतारी वंदन, सुकन्या समृद्धि योजना जैसे कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इन योजनाओं के ज़रिए बालिकाओं और माताओं के स्वास्थ्य एवं अधिकारों की रक्षा की जा रही है।आंगनबाड़ी केंद्रों में नियमित साफ-सफाई की जा रही है। आरओ वाटर प्योरीफायर, स्वच्छ किचन रूम और पर्याप्त खेल सामग्री यहां की विशेषता बन चुके हैं। बच्चों के लिए खेल घर उपलब्ध है और अर्ली चाइल्डहुड केयर के तहत भाषा, गणित आदि विषयों की बुनियादी जानकारी रोचक तरीकों से दी जा रही है। यहां पदस्थ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रूपा भारती और अंजू चंद्राकर बताती हैं कि यहां बच्चों के अन्नप्राशन संस्कार से लेकर किशोरी बालिकाओं तक के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम होते हैं। महतारी समिति की बैठकें भी नियमित होती हैं, जिससे माताओं की सहभागिता भी सुनिश्चित होती है।
- -सदस्यों को अधिकार, कर्तव्य एवं विकास योजनाओं की दी गई जानकारीमहासमुंद / जिला पंचायत महासमुंद के सभा कक्ष में जिला पंचायत सदस्यों के लिए एक दिवसीय आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में नव निर्वाचित एवं वर्तमान सदस्यों को पंचायत से जुड़े अधिकारों, कर्तव्यों तथा विकास योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान किया गया।प्रशिक्षण में उपसंचालक पंचायत श्रीमती दीप्ति साहू द्वारा 73वें संविधान संशोधन, जिला पंचायत सदस्यों की भूमिका, सामान्य सभा एवं स्थाई समिति की प्रक्रिया, 15वें वित्त आयोग, जिला पंचायत विकास योजना, सतत विकास लक्ष्य एवं इससे संबंधित 9 प्रमुख थीमों के बारे में विस्तारपूर्वक मार्गदर्शन दिया गया।प्रशिक्षण में जिला पंचायत के लेखाधिकारी श्री गोपेश कुमार होता ने बजट निर्माण एवं प्रबंधन की प्रक्रिया की जानकारी दी। वहीं प्रभारी जिला ऑडिटर श्री अशोक चंद्राकर ने पंचायतों में कर व्यवस्था और ऑडिट प्रक्रिया पर प्रकाश डाला। सहायक परियोजना अधिकारी श्री मनोज गुप्ता ने सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत नागरिकों को मिलने वाले अधिकारों और पंचायत की जवाबदेही से जुड़ी जानकारियाँ साझा कीं। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्यगण श्रीमती रामदुलारी सिंह, श्रीमती देवकी पटेल, श्रीमती देवकी पुरुषोत्तम दीवान, श्रीमती जगमोती भोई, श्रीमती कुमारी भास्कर, श्री जुगनू जागेश्वर चंद्राकर, श्री नैन पटेल, श्री मोक्ष कुमार प्रधान, श्री करण सिंह दीवान एवं श्री लोकनाथ बारी उपस्थित रहे।
- -प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम से मिली नई उड़ान-स्टोन कटिंग एवं पॉलिशिंग उद्योग में पारंगत एवं सफल उद्यमी बनीमहासमुंद / महासमुंद विकासखण्ड के ग्राम भोरिंग की निवासी श्रीमती पुष्पा साहू ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के माध्यम से आत्मनिर्भरता की मिसाल कायम की है। महज 10वीं तक की शिक्षा प्राप्त करने वाली पुष्पा साहू ने शासकीय योजना का लाभ उठाकर न केवल अपना उद्योग स्थापित किया, बल्कि आज अपने परिवार के लिए आर्थिक स्थिरता भी सुनिश्चित कर रही हैं। चुनौती और कठिन परिस्थितियों में काम करने की जज्बा ने स्टोन कटिंग एवं पॉलिशिंग उद्योग में काम करते हुए पारंगत एवं सफल उद्यमी बनकर अन्य लोगों को प्रेरणा दी है।श्रीमती पुष्पा साहू ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त किया और तत्पश्चात खादी ग्रामोद्योग विभाग, जिला पंचायत महासमुंद के माध्यम से 35 प्रतिशत अनुदान के साथ ऋण के लिए आवेदन किया। विभागीय प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात कारपोरेशन बैंक, महासमुंद द्वारा उनके उद्योग हेतु कुल 25 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई, जिसमें से प्रथम चरण में 7 लाख रुपए की किस्त मशीन क्रय के लिए प्रदान की गई। उद्योग की प्रगति के अनुसार शेष राशि भी चरणबद्ध तरीके से जारी की गई।श्रीमती पुष्पा साहू ने वर्ष 2017 में ज्योति स्टोन कटिंग एवं पॉलिशिंग उद्योग की स्थापना की। नियमित बैंक किश्तों का भुगतान करते हुए वे अब प्रति माह 18 हजार रुपए की किश्त जमा कर रही हैं और लगभग 35 हजार रुपए मासिक आय अर्जित कर रही हैं। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है और उनका जीवन सुखद एवं आत्मनिर्भर हो गया है। पुष्पा साहू ने बताया कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम ने मेरी ज़िंदगी की दिशा बदल दी। आज मैं खुद का व्यवसाय चला रही हूं और अपने परिवार को अच्छे से चला पा रही हूं। इसके लिए मैं केंद्र और राज्य सरकार का दिल से आभार व्यक्त करती हूं। इसी तरह इच्छाशक्ति और सही मार्गदर्शन से ग्रामीण अंचलों की महिलाएं भी आत्मनिर्भर बन सकती हैं।
- -राष्ट्रीय शिक्षा नीति और शिक्षा का अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप प्रदेश में हुआ स्कूल और शिक्षक युक्तियुक्तकरणरायपुर। शिक्षा की गुणवत्ता और सुगमता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता, संवेदनशीलता और नीति-आधारित दृष्टिकोण के साथ संपन्न की गई है। इस प्रक्रिया में शिक्षकों के किसी भी पद को समाप्त नहीं किया गया है, बल्कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम, 2009 तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रावधानों के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ और संगठित किया गया है।राज्य में युक्तियुक्तकरण से पहले की स्थिति अत्यंत असंतुलित थी। प्रदेश में शून्य दर्ज संख्या वाली 211 शालाएं संचालित थीं, जिनमें कुछ में शिक्षक पदस्थ भी थे। इसके अतिरिक्त, 453 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, हाईस्कूल तथा हायर सेकेण्डरी शालाएं शिक्षक विहीन थीं। साथ ही, 5936 शालाएं एकल शिक्षकीय थीं, जिनमें सभी स्तर की शालाएं सम्मिलित थीं। यह स्थिति निःसंदेह शिक्षा की गुणवत्ता को प्रभावित कर रही थी।वहीं दूसरी ओर, कुछ प्राथमिक शालाओं में अनुचित शिक्षक-संख्या की अधिकता देखी गई — 8 प्राथमिक शालाओं में 15 से अधिक शिक्षक, 61 में 10 से 14 शिक्षक, तथा 749 प्राथमिक शालाओं में 6 से 9 शिक्षक कार्यरत थे। पूर्व माध्यमिक स्तर पर भी यही असंतुलन था — 9 शालाओं में 15 या उससे अधिक, 90 में 10 से 14, तथा 1641 पूर्व माध्यमिक शालाओं में 6 से 9 शिक्षक कार्यरत पाए गए।प्रदेश में कई स्थानों पर एक ही परिसर में प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी शालाएं अलग-अलग प्रशासनिक नियंत्रण में संचालित थीं, जिससे प्रबंधन में भी जटिलताएँ उत्पन्न हो रही थीं। इसके साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में 10 से कम दर्ज संख्या वाली शालाएं, 01 किलोमीटर से भी कम दूरी पर स्थित दूसरी शालाओं के समानांतर संचालित थीं। शहरी क्षेत्रों में यह स्थिति और भी अधिक घनत्व वाली थी — 500 मीटर से कम दूरी पर 30 से कम दर्ज संख्या वाली शालाएं संचालित थीं। इस असमानता को समाप्त करने और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एवं शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के उद्देश्यों को धरातल पर लागू करने के लिए युक्तियुक्तकरण आवश्यक था।प्रथम चरण — विद्यालयों का युक्तियुक्तकरणइस प्रक्रिया के पहले चरण में, शासन द्वारा निर्धारित मापदंडों और निर्देशों के आधार पर विकासखंड स्तर पर युक्तियुक्तकरण योग्य विद्यालयों का चयन किया गया, जिसे जिला स्तरीय समिति द्वारा परीक्षण एवं अनुशंसा उपरांत शासन को भेजा गया। इसके आधार पर कुल 10538 विद्यालयों का युक्तियुक्तकरण किया गया, जिसमें 10372 एक ही परिसर में संचालित विद्यालय, 133 ग्रामीण क्षेत्र की 01 कि.मी. से कम दूरी की शालाएं, तथा 33 शहरी क्षेत्र की 500 मीटर से कम दूरी वाली शालाएं सम्मिलित हैं।द्वितीय चरण — शिक्षकों का युक्तियुक्तकरणशिक्षकों के युक्तियुक्तकरण हेतु अतिशेष शिक्षकों का चिन्हांकन एवं गणना प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्तर पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 तथा शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के प्रावधानानुसार निर्धारित प्रक्रिया के तहत की गई।इन शिक्षकों को काउंसिलिंग प्रक्रिया के माध्यम से शिक्षक विहीन, एकल शिक्षकीय तथा विषयवार आवश्यकता वाली शालाओं में समायोजित किया गया।युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया के परिणामस्वरूप कुल 15165 शिक्षकों एवं प्राचार्यों का समायोजन किया गया जिससे पूर्व में 453 शिक्षक विहीन शालाएं अब पूर्णतः शिक्षक युक्त हो गई हैं।5936 एकल शिक्षकीय शालाओं में से अब केवल 1207 प्राथमिक शालाएं शिक्षक अनुपलब्धता के कारण शेष हैं।इस प्रक्रिया में कोई भी पद समाप्त नहीं किया गया है, बल्कि प्रत्येक विद्यालय के लिए आवश्यक शिक्षक संख्या का निर्धारण शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के अनुसार दर्ज संख्या के अनुपात में किया गया है।भविष्य में यदि किसी विद्यालय की दर्ज संख्या में वृद्धि होती है, तो वहां शिक्षकों की व्यवस्था स्वीकृत पदों के अनुसार की जाएगी।
- रायपुर / छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर बुधवार को सुप्रसिद्ध लोक गायिका सुश्री मैथिली ठाकुर के सुमधुर भजनों से राममय हो गया।छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती वर्ष 2025 के अंतर्गत आयोजित उत्कृष्टता अलंकरण समारोह के अंतर्गत आयोजित सांस्कृतिक संध्या के कार्यक्रम में सुश्री मैथिली ठाकुर ने प्रभु श्रीराम के भक्ति भाव से ओतप्रोत एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। अपने गायन के दौरान उन्होंने "श्रीराम को देखकर जगत जननी नंदनी...", "मेरे झोपड़ी के भाग खुल जाएंगे...", "मेरे राम की कृपा से सब काम हो रहा है..." जैसे भजनों को मधुर और मनमोहक स्वर में प्रस्तुत किया, जिसे सुनकर उपस्थित जनसमूह भक्ति में लीन हो गया।विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मुख्य मंच से लोक गायिका सुश्री मैथिली ठाकुर को शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत सहित सांसदों एवं विधायकगणों ने भव्य सांस्कृतिक संध्या का आनंद लिया।
- -मुख्यमंत्री ने मैदानी स्वास्थ्य अमले के लिए 151 नए वाहनों को दिखाई हरी झंडी-प्रदेश को शीघ्र मिलेगी 851 नई एंबुलेंस-प्रधानमंत्री जन मन योजना के अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए होगी एंबुलेंस की विशेष व्यवस्थारायपुर। प्रदेश के कोने-कोने तक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण हेतु राज्य सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। भरोसेमंद चिकित्सा सुविधा आमजन तक पहुँचाने की दिशा में उठाया गया यह कदम ऐतिहासिक है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास परिसर से मैदानी स्वास्थ्य अमले के लिए 151 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर विभिन्न जिलों के लिए रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इन वाहनों के माध्यम से बस्तर और सरगुजा क्षेत्र के सुदूर अंचलों में भी लोगों को समय पर प्रभावी उपचार मिल सकेगा। यह 'स्वस्थ छत्तीसगढ़' की दिशा में एक सशक्त पहल सिद्ध होगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था को सशक्त और सुलभ बनाने की दिशा में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है। पुराने, अनुपयोगी हो चुके वाहनों को स्क्रैप कर उनकी जगह अत्याधुनिक नए वाहन शामिल किए गए हैं। यह पहल राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन, समयबद्ध निरीक्षण और निगरानी को भी गति प्रदान करेगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जिला और विकासखंड स्तर पर कार्यरत अधिकारियों एवं मैदानी स्वास्थ्य कर्मियों के लिए उपलब्ध कराए जा रहे वाहनों से नियमित निरीक्षण, स्वास्थ्य शिविरों की निगरानी, दूरस्थ अंचलों तक त्वरित पहुँच और आपातकालीन परिस्थितियों में समयबद्ध हस्तक्षेप संभव हो सकेगा। इससे राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों का संचालन अधिक प्रभावी और गतिशील होगा तथा राज्य में स्वास्थ्य सेवा वितरण प्रणाली और अधिक सक्रिय, उत्तरदायी और परिणामोन्मुखी बनेगी। यह पहल प्रदेश के संपूर्ण स्वास्थ्य तंत्र को गति देने का कार्य करेगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों को ये वाहन चरणबद्ध रूप से उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रथम चरण में बस्तर और सरगुजा संभाग के 12 जिलों को ये वाहन भेजे जा रहे हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि शीघ्र ही प्रदेश में 851 नवीन एंबुलेंस सेवाएं शुरू की जाएंगी, जिनमें से 375 एंबुलेंस 108 आपातकालीन सेवाओं के लिए, 30 एंबुलेंस ग्रामीण चलित चिकित्सा इकाइयों के लिए तथा 163 ‘मुक्तांजली’ शव वाहन निःशुल्क सेवा के अंतर्गत दी जाएंगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जनजातीय समुदायों के उत्थान हेतु समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में प्रधानमंत्री ‘जन मन योजना’ के तहत विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए 30 एंबुलेंस की व्यवस्था भी शीघ्र की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब वर्षा ऋतु जैसे चुनौतीपूर्ण समय में भी राज्य सरकार घर-घर स्वास्थ्य सेवा पहुँचाने के अपने संकल्प को पूरी तत्परता से पूर्ण कर सकेगी। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करने हेतु किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी और इस दिशा में निरंतर प्रतिबद्धता दोहराई।स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार पूरी क्षमता के साथ स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर कार्यरत है। उन्होंने स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत बनाने हेतु सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी तथा मैदानी स्वास्थ्य अमले को इस विशेष सौगात के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।इस अवसर पर सीजीएमएससी के अध्यक्ष श्री दीपक म्हस्के, वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष श्री सलीम राज, स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, आयुक्त डॉ. प्रियंका शुक्ला सहित बड़ी संख्या में अधिकारीगण एवं गणमान्यजन उपस्थित थे।
- 0- एक हजार पौधे रोपण के साथ उनके संरक्षण का भी लिया जाएगा जिम्मारायपुर। महाराष्ट्र मंडल की पर्यावरण समिति ने मानसून सत्र में राजधानी रायपुर में एक हजार पौधों के रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया है। समिति की ओर से पौधरोपण का भव्य आयोजन चारों ओर बाउंड्री वॉल से घिरे एक फार्म हाउस में किया जाएगा, जहां लगभग 300 पौधों का रोपण मंडल की कार्यकारिणी, विभिन्न समितियों के पदाधिकारियों के साथ आजीवन सभासद भी करेंगे। ये समिति न सिर्फ पौधों का रोपण करेगी बल्कि उनके संरक्षण की भी पूरी व्यवस्था करेगी।पर्यावरण समिति के समन्वयक अभय भागवतकर ने बताया कि इस बार स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट, सड्डू कॉलोनी, शासकीय नागार्जुन विज्ञान महाविद्यालय, गवर्नमेंट स्कूल दतरेंगा, गवर्नमेंट स्कूल मठपुरैना, श्री सोलापुरी माता मंदिर डब्ल्यूआरएस कॉलोनी, शासकीय दूधाधारी महिला महाविद्यालय, वनवासी कल्याण आश्रम रोहिणीपुरम, संभव पाइप्स इंडस्ट्री उरला, लिंगराज स्टील्स उरला जैसे अनेक स्थलों पर यथासंभव पौधारोपण करने की तैयारी है। संबंधित शैक्षणिक संस्थाओं, इंडस्ट्री के प्रमुखों से पहले की इसके लिए स्वीकृति ली जा चुकी है।पर्यावरण समिति पुरुष के प्रमुख वैभव बर्वे ने जानकारी दी कि महाराष्ट्र मंडल में 19 अगस्त को आयोजित मंगलागौर की पूजा में शामिल होने वाले लगभग 30 नवविवाहित जोड़ों को भी इस अवसर पर उपहार स्वरूप गमलों में पौधे दिए जाएंगे। पर्यावरण समिति की ओर से यह आश्वस्त किया गया है कि इस बीच यदि किसी संस्था की ओर से पौधारोपण के लिए बुलाया जाता है तो हमारी टीम वहां पौधे रोपने जरूर जाएगी। इसी तरह यदि किसी को हमसे पौधों की अपेक्षा है, तो वो भी हम देने की प्रयास करेंगे।पर्यावरण समिति महिला प्रमुख अनघा करकशे के अनुसार पर्यावरण समिति खुले मैदानों, खेत- खलिहानों या ऐसे किसी स्थान पर पौधों का रोपण नहीं करती, जहां कभी भी मवेशी आकर पौधों को चर जाएं। महाराष्ट्र मंडल की ओर से अब तक लगभग साढे़ सात हजार पौधों रोपे गए हैं। उनमें से ज्यादतर वृक्ष बन गए हैं या उस ओर अग्रसर हैं। दरअसल पौधे रोपने के बाद पर्यावरण समिति के सदस्य समय- समय पर रोपे गए पौधों की स्थिति देखने रोपण स्थल पर जाते रहते हैं और किसी भी तरह की कमी को तत्काल पूरा भी करते हैं।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई जोन क्रमांक 03 मदर टेरेसा नगर का निरीक्षण करने आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय जोन आयुक्त येशा लहरे के साथ पहुंचे। वार्ड क्रं. 36 महात्मा गांधी नगर में निर्माणाधीन 3000 किलो लीटर उच्च स्तरीय क्षमता वाले जलागार का कार्य प्रगति पर है। जिसके निर्माण की गुणवत्ता और कार्य की स्थिति का अवलोकन करते हुए कार्यपालन अभियंता संजय अग्रवाल से जानकारी प्राप्त किये। नया जलागार निर्माण से उस क्षेत्र के लगभग 1500 परिवारों को जल आपूर्ति पर्याप्त मात्रा में किया जा सकेगा। वहीं सर्कुलर मार्केट में निर्मित सी.सी. रोड का निरीक्षण किया गया है, शेष आवश्यक एवं अन्य जर्जर मार्गो का प्रस्ताव शासन को प्रेषित करने हेतु जोन आयुक्त को निर्देश दिया गया है।शौचालय का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है जिसका निरीक्षण आयुक्त द्वारा किया गया है। शौचालय के निर्माण से स्थानीय नागरिको को बड़ी सुविधा मिलेगी। पानी टंकी के समीपस्थ बाल उद्यान का अवलोकन कर घाॅस कटिंग एवं वृक्षारोपण कराने उद्यान अधिकारी तिलेश्वर साहू को निर्देशित किए। निरीक्षण के दौरान पार्षद विनोद चेलक, सहायक अभियंता नितेश मेश्राम, जोन स्वास्थ्य अधिकारी हेमंत मांझी, स्वक्षता निरीक्षक चूड़ा मनी यादव, श्याम ठाकुर एवं समाज सेवी त्रिलोचन उपस्थित रहे।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय के अध्यक्षता में भिलाई शहर की व्यवस्था में सुधार हेतु समीक्षा बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर जनदर्शन, निदान 1100, प्रधानमंत्री शिकायत, जलकर वसूली, मोर संगवारी योजना, जल प्रदाय, अवैध मकान निर्माण, गौठान, राजस्व आय, स्व-विवरणी में 5 गुणा वसूली, शिक्षण संस्थानो से टैक्स वसूली एवं नालियो के उपर से अतिक्रमण हटाने एवं शहर में वृहद वृक्षारोपण जैसे विषयों पर चर्चा की गई।स्वच्छता के क्षेत्र में पुरस्कार वितरण अंतर्गत रिवाल्विंग ट्राॅफी हेतु सेवानिवृत्त अधिकारी/कर्मचारी, गैर सरकारी संस्था एवं समाजसेवियों को चयन समिति में शामिल किया जाएगा। भूमि विकास अधिनियम का पालन कड़ाई से करते हुये भवन अनुज्ञा प्रदान किया जाये और नाला एवं समीपस्थ निचले क्षेत्रों में निवास हेतु भवन अनुज्ञा जारी न हो। साथ ही जलकर वसूली एवं जल प्रदाय व्यवस्था को सुनियोजित तरीके से कराने का कार्य केन्द्रीयकृत किया जाये। मोर संगवारी योजना से मिलने वाले 27 प्रकार के सुविधाओं को नागरिकों तक पहुचाने का कार्य हेतु विशेष प्रचार-प्रसार किया जाये। गौठान संचालनकर्ता एजेंसी को बदला गया है, जिससे व्यवस्था में सुधार लाया जा सके। स्वेच्छानुसार अधिकारियों एवं कर्मचारियो द्वारा प्रतिदिवस गौठान में पशुओं को मिलने वाले सुविधाओं का देख-रेख किया जायेगा जिसके लिये निगम के अधिकारी/कर्मचारी तैयार है।भिलाई शहर की हरियाली एवं पर्यावरण के संरक्षण हेतु स्कूलो, शासकीय भवनों, उद्यानों एवं अन्य रिक्त स्थलों पर वृहद वृक्षारोपण कराने सभी जोन आयुक्त एवं अभियंतागणों को निर्देशित किए है। साथ ही पौधे जोन कार्यालय में रखा जाएगा, जिसे आम नागरिक आवेदन करके अपने सुरक्षा व्यवस्था करते हुये घरों एवं आस-पास रिक्त जगहो पर पौधा लगा सके। संपत्तिकर का वसूली हेतु डोर-टू-डोर सर्वे किया जाये। जिससे नये निर्मित मकानों/दुकानों का आंकलन किया जा सके, सर्वे का मुख्य उद्देश्य अनियमित, अवैध, अतिक्रमण मकानों एवं प्लाटो का टैक्स वसूली किया जाना है, जिससे निगम के राजस्व में वृद्धि हो।राजस्व वृद्वि के लिए कर वसूली हेतु नियम कर्मी या प्लेसमेंट को नियोजन कर वसूली किया जाने पर विचार किया जा रहा है। निगम स्वामित्व एवं राजस्व भूमि का मुआयना कर दस्तावेजीकरण करना है। नालो/नालियों में अतिक्रमण को बिना नोटिस दिए हटाया जाएगा। अवैध अतिक्रमण पर कार्यवाही की जावेगी एवं निर्यात कर की वसूली को प्राथमिकता दी जायेगी। निगम की संपत्तिकर हेतु स्व-विवरणी अनुसार 154 घरो की मौके पर जांच की गयी जिसमें जमा किये गये दस्तावेज मिलान करने एवं परीक्षण पश्चात् 10 घरों की गलत जानकारी पायी गई जिसे 5 गुणा शास्ति शुल्क वसूल किया जाने की कार्यवाही हेतु नोटिस जारी किया है। गोकुल नगर योजना कुरूद में पशुपालको को आबंटित भूमि का नियमानुसाार प्रक्रिया कर रजिस्ट्री कराया जाना है। जो पशुपालक बिना अनुमति के अन्य व्यक्तियो को जमीन विक्रय किये है ऐसे पशुपालको का आबंटन निरस्त किया जायेगा। हो समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य अभियंता भागीरथी वर्मा, अधीक्षण अभियंता दीपक जोशी, अजीत कुमार तिग्गा, जोन आयुक्त एवं अन्य अधिकारी गण उपस्थित रहे ।--
- भिलाई नगर। शासन के निर्देशानुसार नगर पालिक निगम भिलाई में नमस्ते दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने भिलाई शहर में स्वच्छता के क्षेत्र में कार्य करने वाले सफाई कर्मियों को बधाई देते हुए संबोधित कर सुरक्षा एवं सम्मान के लिए सुरक्षा उपकरण प्रदान किए। नमस्ते दिवस का मुख्य उद्देश्य सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई करने वाले सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उनके सम्मान की रक्षा करना है। इसका लक्ष्य है कि इन कार्यो में मानव मल के साथ सफाई कर्मचारियों के सीधें संपर्क को समाप्त किया जाए और सभी सफाई कार्य सुरक्षा उपकरणों के साथ कुशल श्रमिकों द्वारा किया जाए। साथ ही आपतकालीन प्रतिक्रिया स्वच्छता इकाइयों को सुदृढ़ और समक्ष बनाना। इस कार्यक्रम के दौरान मुख्य अभियंता भागीरथी वर्मा, अधीक्षण अभियंता दीपक जोशी एवं अजीत कुमार तिग्गा सहित निगम के अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
- भिलाईनगर। वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन के मंशानुरूप नगर निगम भिलाई द्वारा भेजे गए प्रस्ताव के आधार पर राज्य शासन से भिलाई शहर के विकास एवं नागरिको की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए अधोसंरचना, मुख्यमंत्री नगरोत्थान एवं सेंट्रल लाईब्रेरी योजना अंतर्गत राज्य बजट से विकास कार्यो हेतु लगभग 51.41 करोड़ की स्वीकृति मिली है।माननीय उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग मंत्री अरूण साव जी के द्वारा विधानसभा वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन को लिखे गए पत्रानुसार अधोसरंचना मद से जोन 01 अंतर्गत नेहरू नगर अंडरब्रिज से भिलाई नगर रेल्वे स्टेशन तक रेल्वे लाईन के सामानांतर रोड निर्माण एवं विद्युतीकरण हेतु 322 लाख़ एवं जोन 01 अंतर्गत भिलाई नगर रेल्वे स्टेशन से सुपेला अंडरब्रिज तक रेल्वे लाईन के सामानांतर रोड निर्माण एवं विद्युतीकरण हेतु 384 लाख तथा जवाहर मार्केट का उन्नयन एवं विकास कार्य हेतु 700 लाख की स्वीकृति मिली है। मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के तहत अन्य अतिरिक्त निर्माण कार्य हेतु 2592.76 लाख की स्वीकृति मिली है। इसी प्रकार सेंट्रल लाईबे्ररी सह रीडिंग जोन परिसर 500 सीटर निर्माण हेतु 1142.28 लाख की स्वीकृति मिली है।नगर निगम भिलाई क्षेत्र में रोड निर्माण, प्रकाश व्यवस्था से नागरिको को आवागमन में सुविधा मिलेगी। वहीं सेंट्रल लाइब्रेरी सह रीडिंग जोन के निर्माण से क्षेत्र के युवाओं को बेहतर शिक्षा, अनुकुल महौल एवं शिक्षामय वातावरण मिलेगा। जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।
- रायपुर - नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर, आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर नगर निगम स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर सभी जोनों के वार्ड क्षेत्रों में जोन स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से जनहित में जनस्वास्थ्य सुरक्षा बाबत सघन एंटी लार्वा ट्रीटमेंट अभियान चलाया जा रहा है.इस क्रम में बुधवार को नगर निगम जोन 4 स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा जोन क्षेत्र अंतर्गत ब्राम्हणपारा वार्ड क्रमांक 43 के क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर मच्छरों के कारगर नियंत्रण हेतु सघन एंटी लार्वा ट्रीटमेंट अभियान चलाया गया.
- 0- शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पंक्ति के लोगों तक पहुँचाने हेतु जरूरी उपाय सुनिश्चित करने के दिए निर्देश0- जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारी-कर्मचारियों को आपसी समन्वय से जनहित में बेहतर कार्य करने को कहाबालोद, सांसद श्री भोजराज नाग की अध्यक्षता में बुधवार को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति के अध्यक्ष सांसद श्री भोजराज नाग ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मंशानुरूप देश को विकसित राष्ट्र बनाने हेतु केन्द्र व राज्य सरकार के जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक जरूरतमंद लोगों तक पहुँचाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हम सभी जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारी-कर्मचारियों का यह दायित्व है कि शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सभी जरूरतमंद लोगों तथा समाज के अंतिम पंक्ति के लोगों तक पहुँचाने में हम सभी निष्ठापूर्वक अपने दायित्वों का निर्वहन करें।बैठक में श्री नाग ने पिछले बैठक में दिए गए निर्देशों पर संबंधित विभागों द्वारा की गई कार्रवाई की समीक्षा करने के उपरांत आज आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति के बैठक की निर्धारित एजेंडा के संबंध बारी-बारी से समीक्षा की। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चन्द्राकर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री तोमन साहू, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, जिला पंचायत के प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री चंद्रकांत कौशिक, अपर कलेक्टर श्री अजय किशोर लकरा, एडीशनल एसपी श्रीमती मोनिका ठाकुर सहित नगर पालिका परिषद बालोद की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चैधरी, नगर पालिका परिषद दल्लीराजहरा के अध्यक्ष श्री तोरण लाल साहू, नगर पंचायत गुण्डरदेही के अध्यक्ष श्री प्रमोद जैन, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री केसी पवार, जनपद पंचायतों एवं नगरीय निकायों के अध्यक्ष के अलावा अन्य जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे।बैठक में सांसद श्री नाग ने आम जनता के हित में जिले में शासकीय योजनाओं का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित कर योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंद लोगों तक पहुँचाने जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारी-कर्मचारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को स्थानीय जनप्रतिनिधियों से सुझाव लेकर कार्य योजना बनाने तथा निर्धारित समयावधि में गुणवत्तायुक्त ढंग से निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। श्री नाग ने जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारी-कर्मचारियों से कुपोषण मुक्ति एवं टीबी मुक्त भारत अभियान एवं जल संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण एवं रचनात्मक कार्यों में भी अपनी बहुमूल्य भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा। इस अवसर पर सांसद श्री नाग ने कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के विशेष प्रयासों से बालोद जिला प्रशासन द्वारा रविवार 20 जुलाई को जिले में आयोजित की जा रही वृहद वृक्षारोपण अभियान की भूरी-भूरी सराहना भी की।बैठक में श्री नाग ने पिछले बैठक में दिए गए निर्देशों के आधार पर कृषि विभाग के उप संचालक से आज जनता के जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित करने हेतु जिले में किए जा रहे कार्य तथा इसके समुचित प्रचार-प्रसार के कार्यों के संबंध में जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत जिले में कुल स्वीकृत एवं पूर्ण-अपूर्ण आवासों की संख्या के संबंध में भी जानकारी ली। बैठक में श्री नाग ने जल जीवन मिशन के कार्यों की भी समीक्षा की। श्री नाग ने जल जीवन मिशन के कार्यों में शत प्रतिशत गुणवत्ता सुनिश्चित कराने तथा निर्धारित समयावधि में कार्यों को पूरा कराने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी से शाला मरम्मत हेतु प्राप्त राशि की जानकारी लेते हुए जर्जर शाला भवनों के डिसमेंटल करने की र्कारवाई करने के निर्देश भी दिए।बैठक में श्री नाग ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य के अंतर्गत उपार्जन केन्द्र से धान की उठाव, आंगनबाड़ी भवनों की स्थिति, स्वच्छ भारत मिशन आदि के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। श्री नाग ने लोक निर्माण विभाग, प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना एवं छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क अभिकरण के कार्यों की समीक्षा करते हुए सड़क निर्माण कार्य में शत प्रतिशत गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ-साथ मरम्मत योग्य सड़कों का शीघ्र मरम्मत कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित कराने को कहा कि कोई भी पात्र कृषक किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेेने से वंचित न रहे। बैठक में उन्होंने अमृत मिशन, महिला एवं बाल विकास विभाग, समग्र शिक्षा के कार्यों की भी समीक्षा की। स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से जिले में चिरायु कार्यक्रम, राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अलावा जिला चिकित्सालय बालोद सहित जिले के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में चिकित्सकों एवं अन्य चिकित्सा कर्मियों की पदस्थापना तथा रिक्त पदों के संख्या के संबंध में जानकारी ली।उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिकों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ प्रदान करना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता मंे शामिल है। जिसे ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग के प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी पूरी निष्ठा एवं प्रतिबद्धता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए समय पर स्वास्थ्य सुविधाओं का समुचित लाभ प्रदान कराना सुनिश्चित करें। बैठक में श्री नाग ने उद्योग, खाद्य, श्रम आदि विभागों के अलावा रेलवे, भिलाई स्टील प्लांट आदि से संबंधित कार्यों की भी समीक्षा की। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा सहित बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने भी आवश्यक सुझाव दिए। बैठक में विभाग प्रमुखों के द्वारा अपने-अपने विभागों के कार्यों की प्रगति, संचालित योजनाओं, निर्धारित लक्ष्य एवं उपलब्धि की जानकारी दी गई। बैठक की समाप्ति पर वन विभाग के अनुविभागीय अधिकारी सुश्री डिम्पी बैस ने उपस्थित सभी अतिथियों को उनके बहुमूल्य उपस्थिति के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।
- 0- कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने परीक्षार्थियों से की व्यापम के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए निष्पक्ष एवं पारदर्शीपूर्ण परीक्षा संपन्न कराने में सहयोग करने की अपील0- परीक्षा केन्द्र में प्रवेश के पूर्व अभ्यर्थियों का किया जाएगा हैण्ड हेल्ड मेटल डिटेक्टर तथा मैन्युअल पैट डाउन फ्रिस्किंगबालोद, छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल रायपुर द्वारा आयोजित परीक्षाओं के निष्पक्ष, पारदर्शीपूर्ण एवं सफलतापूर्वक आयोजन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किया गया है। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों के आधार पर अब व्यापम द्वारा आयोजित आगामी सभी परीक्षाओं में परीक्षा केन्द्र में प्रवेश के पूर्व सभी अभ्यर्थियों का अनिवार्य रूप से हैण्डहेल्ड मेटल डिटेक्टर से तथा मैन्युअल पैट डाउन फ्रिस्किंग किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक परीक्षा केन्द्रों में 01-01 महिला एवं पुरूष पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। जारी किए गए दिशा-निर्देशों के आधार पर महिला अभ्यर्थियों की फ्रिस्किंग महिला पुलिस कर्मी द्वारा परीक्षा केन्द्र में बनाए गए अस्थायी कक्ष में किया जाएगा।कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल द्वारा आयोजित परीक्षाओं में शामिल होेने वाले बालोद जिले के अभ्यर्थियों से व्यापम द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए निष्पक्ष एवं पारदर्शीपूर्ण परीक्षा संपन्न कराने में सहयोग करने की अपील की है। जिससे कि प्रतियोगी परीक्षाओं में योग्य एवं मेहनतकश लोगों का चयन सुनिश्चित हो सके।छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों के आधार पर व्यापम द्वारा आयोजित आगामी सभी परीक्षाओं में परीक्षार्थियों को परीक्षा प्रारंभ होने से कम से कम 02 घंटा पूर्व परीक्षा केन्द्र में पहुँचना अनिवार्य है, जिससे कि उनका फ्रिस्किंग एवं सत्यापन सही तरीके से किया जा सके। इसके अंतर्गत आगामी 20 जुलाई 2025 को आयोजित परीक्षा के दिन परीक्षा प्रारंभ होने के 15 मिनट पूर्व परीक्षा केन्द्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा। उदाहरण के लिए यदि कोई परीक्षा सुबह 10 बजे से प्रारंभ हो रहा है तो मुख्य द्वार सुबह 09.45 बजे बंद कर दिया जाएगा। इसके साथ ही 27 जुलाई 2025 से होने वाले परीक्षाओं में 30 मिनट पूर्व परीक्षा केन्द्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा। जारी किए गए दिशा-निर्देशों के आधार पर परीक्षार्थियों को हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े तथा फुटवियर के रूप में चप्पल पहनना अनिवार्य होगा। कान में किसी भी प्रकार का आभूषण वर्जित है।परीक्षा कक्ष में किसी भी प्रकार का संचार उपकरण, इलेक्ट्राॅनिक उपकरण, इलेक्ट्राॅनिक घड़ी, पर्स, पाउच, स्कार्फ, बेल्ट, टोपी आदि ले जाना पूर्णतः वर्जित है। परीक्षा प्रारंभ होने के पहले आधे घंटे में एवं परीक्षा समाप्ति के आखिरी आधे घंटे में परीक्षा कक्ष से बाहर जाना भी वर्जित है। व्यापम द्वारा आयोजित परीक्षाओं के निगरानी हेतु 03 सदस्यीय उड़नदस्ता दल का प्रावधान है जिसमें 01 पुलिसकर्मी अनिवार्य रूप से अब शामिल किया गया है, जो परीक्षा केन्द्र के साथ-साथ, उसके परिसर एवं गेट के बाहर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगे। फ्रिस्किंग के नए प्रावधान को व्यापम द्वारा जिले के नोडल अधिकारी एवं समन्वयक को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अवगत कराया गया। अब व्यापम द्वारा आयोजित परीक्षा में परीक्षार्थियों को प्रवेश पत्र तथा मूल पहचान पत्र के साथ परीक्षा केन्द्र में 02 घंटा पूर्व पहुँचना अनिवार्य किया गया है। जिससे उनका फ्रिस्किंग का कार्य परीक्षा प्रारंभ के पूर्व संपन्न किया जा सके।
- 0- एमएसएमई उद्यमियों और बैंकर्स के बीच हुआ सीधा संवादबालोद, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के सहयोग से रैंप (राईसिंग एक्सेलेरेटिंग एमएसएमई पफाॅमेंश) योजना अंतर्गत आमापारा बालोद में उद्योग एवं बैंकर्स कनेक्ट कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमियों, महिला उद्यमियों के प्रतिनिधियों, पीएमएफएमई एवं पीएमईजीपी योजना के लाभार्थी शामिल हुए। कार्यक्रम में जिले के एनबीएफसी सहित अन्य बैंकों के अधिकारियों ने उपस्थित उद्यमियों को विभिन्न वित्तीय योजनाओं ऋण सुविधाओं मुद्रा योजना और के लाभों की जानकारी दी।महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र ने बताया कि कार्यक्रम में प्रतिभागियों को बैंक अधिकारियों के साथ प्रत्यक्ष संवाद का अवसर मिला। इस दौरान उपस्थित उद्यमियों ने अपने व्यापार से जुड़ी समस्याओं का साझा किया। जिन पर बैंक अधिकारियों ने समाधान और मार्गदर्शन प्रदान किया। इस दौरान अधिकारियों द्वारा प्रोजेक्ट रिपोर्ट एवं आईटीआर के महत्व के संबंध में जानकारी दी गई। इसके साथ ही लोन लेने हेतु उपरोक्त दस्तावेजों की भूमिका, केवायसी, टर्मलोन एवं सीसी तथा सिबिल स्कोर के महत्व के बारे में भी विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।



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