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-कृषि विश्वविद्यालय के विस्तार सेवाएं निदेशालय द्वारा धरमपुरा और जोरा में 6 दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्नरायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के निदेशालय विस्तार सेवाएं द्वारा राज्य कृषि प्रबंधन और विस्तार प्रशिक्षण संस्थान, छत्तीसगढ़ एवं राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंधन संस्थान, हैदराबाद के वित्तीय सहयोग से ग्रामीण युवाओं हेतु कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम अंतर्गत ‘‘स्थानीय स्तर पर उपलब्ध फलों और सब्जियों के प्रसंस्करण और पैकेजिंग’’ विषय पर छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम दिनांक 27 फरवरी से 4 मार्च, 2025 तक ग्राम जोरा एवं ग्राम धरमपुरा में आयोजित किया गया। इन दोनों प्रशिक्षण कार्यक्रमां का आज यहां समापन किया गया समापन समारोह के मुख्य अतिथि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के निदेशक विस्तार सेवाएं डॉ. एस.एस. टुटेजा थे। डॉ. टुटेजा ने कार्यक्रम में उपस्थित महिला प्रतिभागियों से कहा कि वे स्व सहायता समूह गठित कर फलों एवं सब्जियों के परिरक्षित खाद्य उत्पादों का निर्माण एवं विपणन कर घर बैठे अपनी आय में वृद्धि कर सकती हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि उन्हें निदेशालय विस्तार सेवाएं की तरफ से परिरक्षित खाद्य पदार्थां के निर्माण एवं विक्रय हेतु हर संभव सहयोग दिया जाएगा। इस अवसर पर प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाणपत्र भी वितरित किये गये।इन दोनों प्रशिक्षण कार्यक्रमों में 18 से 40 वर्ष तक की 28-28 महिलाओं को फल एवं सब्ज्सियों के परिरक्षण का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। ग्राम जोरा एवं ग्राम धरमपुरा में आयोजित इस छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में महिलाओं को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध मौसमी सब्जियों एवं फलों के प्रसंस्करण एवं इससे निर्मित उत्पादों की पैकेजिंग आदि के बारे में प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत महिलाओं को फलों के जैम, जैली, स्क्वाश, नेक्टर तथा टमाटर का कैचप, चटनी एवं सॉस तथा विभिन्न सब्जियों के अचार, ईमली का अचार, मशरूम का अचार एवं मशरूम से निर्मित अन्य उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ ही महिला प्रतिभागियों को कंदीय फसलों के प्रसंस्कण एवं मूल्य संवर्धन के बारे में भी विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। छह दिवस तह आयोजित प्रशिक्षण कार्याक्रम में फलों एवं सब्जियों से निर्मित उत्पादों एवं उनके मूल्य संवर्धन करने के बारे में बताया गया इसके साथ ही साथ महिलाओं को विशेषज्ञों द्वारा महिला स्व-सहायता समूह बनाकर कार्य करने एवं घरेलू कार्य के साथ अतिरिक्त आय अर्जित करने के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। धरमपुरा में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम की संयोजक डॉ. नीता खरे थी और जोरा में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम की संयोजक डॉ. ज्योति भट्ट थीं। इस अवसर पर इस योजना की नोडल अधिकारी डॉ. दीप्ति झा एवं निदेशालय विस्तार सेवाएं के अधिकारी तथा प्रशिक्षकगण उपस्थित थे। - -गुरु गद्दी की पूजा कर लिया आशीर्वाद, प्रदेशवासियों की ख़ुशहाली और समृद्धि की कामना की-गिरौदपुरी मेला की राशि 25 लाख से बढ़ाकर 50 लाख करने तथा मेला परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार से मुख्य मंदिर तक स्थाई शेड निर्माण की घोषणारायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने गिरौदपुरी धाम में आयोजित गुरुदर्शन मेला के पहले दिन गुरु गद्दी का दर्शन एवं पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की खुशहाली और समृद्धि की कामना की।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर मेला समिति की मांग पर गिरौदपुरी मेले की राशि 25 लाख से बढ़ाकर 50 लाख करने एवं श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु मेला परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार से मंदिर तक स्थायी शेड निर्माण की घोषणा की। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मंदिर में दर्शन के बाद श्रद्धालुओं को स्वयं प्रसाद वितरित किया।इस अवसर पर धर्मगुरु गुरुबालदास साहेब, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरी शंकर अग्रवाल, कैबिनेट मंत्री श्री दयाल दास बघेल, पुलिस महानिरीक्षक श्री अमरेश मिश्रा, कलेक्टर दीपक सोनी, एसएसपी विजय अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में संत एवं श्रद्धालुगण उपस्थित थे।उल्लेखनीय है कि तीन दिवसीय गिरौदपुरी मेला 4 मार्च से 6 मार्च तक आयोजित होगा। गिरौदपुरी धाम में हर वर्ष आयोजित होने वाला यह मेला गुरु घासीदास जी के सत्य, अहिंसा और समानता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का माध्यम बन रहा है।
- *जन औषधि गरीबों के लिए वरदान : महापौर श्रीमती पूजा विधानी**महिलाओं की जनऔषधि सप्ताह में सहभागिता पर कार्यशाला**50 से 90 प्रतिशत तक सस्ती हैं जेनेरिक दवाईयां**8 मार्च को महिला दिवस पर विशाल रक्तदान शिविर*बिलासपुर/ जन औषधि सप्ताह में महिला सहभागिता को लेकर जिला कार्यालय के सभाकक्ष में मंगलवार को जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नव निर्वाचित महापौर श्रीमती पूजा विधानी सहित निगम की 29 महिला पार्षद और बड़ी संख्या में नगर की महिलाएं शामिल हुई। समारोह का आयोजन जिला रेडक्रास सोसायटी, बिलासपुर द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से किया गया। कलेक्टर अवनीश शरण की अध्यक्षता में कार्यक्रम संपन्न हुआ। उन्होंने जन औषधियों की महत्ता बताकर समाज में इसकी स्वीकार्यता बढ़ाने के लिए जन जागरूकता बढ़ाने में सहयोग के लिए महिला जनप्रतिनिधियों का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महंगे ब्रांडेड दवाइयों के सस्ते विकल्प के रूप में जेनेरिक दवाइयां लोकप्रिय हुए हैं। रेडक्रास सोसायटी की तरफ से महापौर एवं महिला पार्षदों को जेनेरिक दवाईयों से लैस फर्स्ट एड कीट भी वितरित किये।महापौर श्रीमती पूजा विधानी ने समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि जनऔषधियां गरीबों के लिए वरदान साबित हुई हैं। गुणवत्ता में ब्राण्डेड दवाईयों के समकक्ष होने के साथ काफी सस्ती भी होती हैं। उन्होंने बताया कि उनके यहां काम करने वाली महिला कर्मचारी पिछले साल एक बार गंभीर रूप से बीमार पड़ गई। डॉक्टर ने उन्हें 6 हजार से ज्यादा की दवाई लिख दी। वह परेशान हो गई। समझाइश पर उन्होंने सिम्स जाकर जनऔषधि दुकान से तमाम दवाईयां खरीदी। मात्र 355 रूपये में छह हजार की वे तमाम दवाईयां मिल गई। वह स्वस्थ होकर फिर से काम करने लगी है। उन्होंने कहा कि महिलाएं आज सभी क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। घर के साथ-साथ समाज में भी जिम्मेदारी संभाल रही हैं। इसलिए उनका स्वस्थ रहना बहुत जरूरी है। उन्होंने जनऔषधियों का स्वयं उपयोग करने और इसके बारे में जनजाकरूकता फैलाने का संकल्प लिया।कलेक्टर अवनीश शरण ने इस अवसर पर कहा कि जनऔषधि परियोजना को सफल बनाने में महिलाओं की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि इलाज आज काफी महंगी हो गई है। हर कोई अपने प्रियजन का उपचार घर-बार बेचकर भी कराना चाहता है। उनका जीवन बचाने में कोई कोर कसर नहीं रखना चाहते । ऐसी हालात में प्रधानमंत्री जन औषधि योजना बड़ी राहत पहुंचाती हैं। जन औषधि केन्द्रों में काफी सस्ती एवं गुणवत्ता पूर्ण दवाईयां मिलती हैं। 50 से 90 प्रतिशत तक की छूट इन दुकानो में मिलती है। मरीजों की सुविधा के लिए सिम्स एवं जिला अस्पताल में दो जनऔषधि दुकानें रेडक्रास सोसायटी द्वारा चलाई जा रही हैं।जिला अस्पताल की दुकान को राज्य स्तर पर उत्कृष्टता हासिल हुई है। शहर में इसके अलावा निजी तौर पर 10 जनऔषधियां दुकान संचालित हैं। इनमें तेलीपारा, राजकिशोर नगर, सरकण्डा, मुंगेली नाका इत्यादि हैं। इन सभी दुकानों में बड़े पैमाने पर सफलतापूर्वक दुकानें चल रही है। कलेक्टर ने बताया कि अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर 8 मार्च को शहर में विशाल ब्लड डोनेशन कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। कैम्प जल संसाधन विभाग के प्रार्थना सभाकक्ष में सवेरे 10 बजे से शुरू होगा। अब तक 76 लोग ब्लड दान के लिए पंजीयन करा चुके हैं। उन्होंने महापौर एवं पार्षदों को शिविर की कामयाबी में सहयोग देने का अनुरोध किया। जिला पंचायत सीईओ संदीप अगव्राल, सीएमएचओ डॉ. प्रमोद तिवारी, सोसायटी के चेयरमेन व्हीएल गोयल, नोडल अधिकारी प्रणय मजुमदार सहित रेडक्रास सोसायटी की कार्यकारिणी के सदस्य उपस्थित थे।
- सांय-सांय विकास, अंतिम व्यक्ति की चिंता वाला बजटबिलासपुर/ उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज विधानसभा में प्रस्तुत आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह विकसित छत्तीसगढ़ की ओर ले जाने वाला बजट है। इसमें छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण की रजत जयंती वर्ष की झलक है। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी द्वारा मुख्य रूप से विकास के चार प्रतिमानों गुड गवर्नेंस, एक्सलरेटिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्रियल ग्रोथ यानि 'गति (GATI)' पर जोर देने वाला समावेशी बजट विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को हासिल करने में सहायक सिद्ध होगा। इसके लिए बजट में कुल एक लाख 65 हजार 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ इस वर्ष अपनी स्थापना का रजत जयंती वर्ष मना रहा है। यह छत्तीसगढ़ का निर्माण करने वाले भारतरत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी बाजपेयी का जन्म शताब्दी वर्ष भी है।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि आज पेश हुए बजट में सरकार ने किसानों की तरक्की के लिए कृषक उन्नति योजना में दस हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लिए 8500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। वहीं मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना के तहत 100 करोड़ रुपए तथा मातृ शक्ति के लिए महतारी वंदन योजना में 5500 करोड़ रुपए प्रावधानित हैं। उन्होंने कहा कि आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में लोक निर्माण विभाग के लिए 9500 करोड़ रुपए और राज्य के हर घर में नल से जल पहुंचाने के लिए जल जीवन मिशन में 4500 करोड़ रुपए का प्रावधान है। न्यायिक प्रकिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए भी प्रावधान किए गए हैं। नगर निगमों में डीपीआर आधारित विकास की नई योजना 'मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना' के लिए भी 500 करोड़ रुपए रखे गए हैं। मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप योजना के लिए दस करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।श्री साव ने कहा कि बजट में सभी वर्गों की जरुरतों और अपेक्षाओं का ध्यान रखा गया है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में छह नए फिजियोथैरेपी कॉलेज और 12 नए नर्सिंग कॉलेज खोले जाएंगे। आईटीआई को अपग्रेड करने 50 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। राज्य को नक्सल मुक्त करने 3200 बस्तर फाइटर की भर्ती की जाएगी। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार बुजुर्गों को तीर्थ यात्रा कराने तीर्थ यात्रा योजना को फिर से शुरू कर रही है जिसे पिछली सरकार ने रोक दिया था। इस बजट में तीर्थ यात्रा के लिए 15 करोड़ रुपए रखे गए हैं। हक त्याग व बंटवारा में लोगों के लाखों रुपए खर्च होते हैं। इसमें विवाद की स्थिति भी उत्पन्न होती है। इसे रोकने के लिए इसका शुल्क मात्र 500 रुपए किया गया है।
- मुख्य वक्ता रिपीट गुड की फाउंडर एवं सीईओ शार्क टैंक इंडिया फेम इशा झावररायपुर/ अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस दिनांक 8 मार्च 2025 शनिवार को संध्या 4 बजे से 6 बजे तक राजधानी शहर रायपुर के भाठागांव में आईएसबीटी परिसर स्थित इनोव8 कोवर्किंग स्पेस में महिला उद्यमियों हेतु निःशुल्क महिला फाउंडर्स मीटअप का आयोजन रखा गया है. इस आयोजन में मुख्य वक्ता के रूप में रिपीट गुड की फाउंडर और सीईओ शार्क टैंक इंडिया फेम इशा झावर होंगी.
- आयुक्त अबिनाश मिश्रा ने भारत पेट्रोलियम कम्पनी के अधिकारी सहित स्थल का किया निरीक्षणरायपु/ केन्द्र सरकार की अभिनव योजना के अंतर्गत रांवाभाठा बिरगांव क्षेत्र में भारत पेट्रोलियम कम्पनी द्वारा रायपुर नगर पालिक निगम की रिक्त भूमि पर शीघ्र कंप्रेस्ड बायो गैस संयन्त्र लगाने का कार्य किया जायेगा. रायपुर कलेक्टर डॉक्टर गौरव कुमार सिंह के निर्देश पर नगर निगम रायपुर के आयुक्त अबिनाश मिश्रा ने भारत पेट्रोलियम कम्पनी के क्षेत्रीय प्रभारी अधिकारी सहित छत्तीसगढ़ बायो फ्यूल डेवलपमेन्ट अथारिटी के अधिकारी श्री लव त्यागी, रायपुर नगर निगम अपर आयुक्त श्री राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता, कार्यपालन अभियंता स्वच्छ भारत मिशन श्री रघुमणि प्रधान, सहायक अभियंता श्री योगेश कडु की उपस्थिति में कंप्रेस्ड बायो गैस संयन्त्र लगाने चयनित स्थल का निरीक्षण किया. बायो गैस संयन्त्र में प्रतिदिन 100 मेट्रिक टन गीले कचरे से बायो गैस बनाने का कार्य किया जायेगा. इस हेतु भारत पेट्रोलियम कम्पनी को गीला कचरा प्रतिदिन नियमित रायपुर नगर पालिक निगम, बिरगांव नगर पालिक निगम, खरोरा, अभनपुर, तिल्दा -नेवरा नगरीय निकायों से उपलब्ध करवाई जाएगी. इससे कंप्रेस्ड बायो गैस संयन्त्र में रायपुर जिले के बड़े क्षेत्र के नगरीय निकायों में निकलने वाले गीले कचरे का सुव्यवस्थित निष्पादन प्रतिदिन नियमित हो सकेगा.
- रायपुर / छत्तीसगढ़ सरकार के आम बजट में रायपुर जिले के लिए अनेक घोषणाएं की गई हैं। इनमें नया रायपुर में 200 करोड़ रूपए की परियोजना लागत के साथ एक प्रतिष्ठित डेस्टिनेशन और वेलनेस-वाइल्डलाइफ-वाटर टूरिस्ट सुविधा विकसित करने के लिए प्रावधान। प्लग एंड प्ले ऑफिस स्पेस, कमर्शियल ऑफिस कॉम्पलेक्स निर्माण के लिए 156 करोड़ का प्रावधान, इंटिग्रेटेड कमान एंड कन्ट्रोल सेंटर आईसीसीसी के उन्नयन, संचालन एवं संधारण कार्य के लिए 40 करोड़ का प्रावधान, ई-बस सेवा के लिए 10 करोड़, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए 20 करोड़, साइंस सिटी स्थापना के लिए 37 करोड़, पुस्तकालय निर्माण के लिए 20 करोड़, नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ फैशन टेक्नालाजी (निफ्ट) का 50 करोड़ का प्रावधान किया गया है। साथ ही नवा रायपुर में एक नए पॉवर सबस्टेशन के लिए 20 करोड़ रूपए का राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मेडिकल संस्थान के लिए लगभग 100 एकड़ में मेडिसिटी तथा लगभग 100 एकड़ में एडुसिटी विकसित का बजटीय प्रावधान है। इसके अलावा नवा रायपुर में राष्ट्रीय शहरीय प्रबंधन संस्थान की स्थापना, चेम्बर ऑफ कॉमर्स के कार्यालय के लिए रियायती दर पर भूमि आवंटित करने का प्रावधान भी किया गया है।इस बजट में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करते हुए रायपुर शहर स्थित डॉ. भीमराव अस्पताल में उन्नत कार्डियक संस्थान के आधुनिकीकरण के लिए 10 करोड़ तथा एमआरआई सिटी स्केन मशीन खरीदी के लिए 35 करोड़ का प्रावधान तथा सरोना में 100 बिस्तर के अस्पताल का बजटीय प्रावधान किया गया है। साथ ही गरीब निःसंतान दंपत्तियों के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल रायपुर में आईवीएफ सुविधा के लिए 10 करोड़ तथा रायपुर मेडिकल कॉलेज के कैंसर विभाग एवं अन्य विभागों में स्वास्थ्य उपकरणों की खरीदी के लिए 20 करोड़ का प्रावधान किया गया है।रायपुर में राष्ट्रीय स्तर की एकीकृत खाद और औषधी प्रयोगशाला की स्थापना के लिए 47 करोड़ रूपए, राज्य की राजधानी क्षेत्रीयं (एससीआर) कार्यालय, सेटअप और सर्वेक्षण के लिए प्रावधान जिसमें रायपुर-दुर्ग मेट्रो लाईन का सर्वेक्षण शामिल है।
- कहा- बजट समाज के सभी वर्गों के लिए कल्याणकारीवर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प पूर्ण करने की दिशा में सहायक सिद्ध होगारायपुर/ नगर पालिक निगम रायपुर की नवनिर्वाचित महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा विधानसभा में वित्त मन्त्री श्री ओ. पी. चौधरी द्वारा प्रस्तुत बजट की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ का बजट समाज के सभी वर्गों के लोगों के लिए कल्याणकारी है। छत्तीसगढ़ राज्य का यह बजट भारत गणराज्य के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को पुरा करने की दिशा में सहायक सिद्ध होगा। महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य की जनता के लिए ऐसा कल्याणकारी बजट प्रस्तुत करने हेतु मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और वित्त मन्त्री श्री ओ. पी. चौधरी की लोककल्याणकारी सोच के लिए सभी को सराहना करनी चाहिए।
- संत कवि पवन दीवान के बारे में कुछ भी बोलना भास्कर को दीपक दिखाने के समान : चौबेयहां मेरा सम्मान नहीं हुआ है, बल्कि मेरे साथ खड़े होने वाले प्रत्येक बहनों का सम्मान हुआ : मीनल चौबेडॉ. आदित्य शुक्ला एवं डा. चितरंजन कर को संत कवि पवन दीवान स्मृति अस्मिता सम्मानसंत कवि पवन दीवान श्रद्धांजलि सभा एवं सम्मान समारोह विप्र भवन में आयोजितरायपुर। राजिम कुंभ संत कवि पवन दीवान जी की ही परिकल्पना है। पवन दीवान छत्तीसगढ़ की गरिमा और अस्मिता की पहचान थे। वे संत, कवि हृदय, लेखक , साहित्यकार हम सबके मार्गदर्शक थे। आज जब फिर से एक बार सनातन की ज्वाला प्रज्वलित हुई है। ऐसे में विप्र समाज का गौरवशाली परंपरा, संस्कार, संस्कृति और सनातन धर्म को आगे बढ़कर युवा पीढ़ी को बचाने के लिए किया गया कार्य ही पवन दीवान जी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।उक्त विचार संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ शासन के सौजन्य से छत्तीसगढ़ी ब्राह्मण समाज के तत्वावधान में विप्र सांस्कृतिक भवन प्रबंध समिति द्वारा आयोजित संत कवि पवन दीवान श्रद्धांजलि सभा एवं सम्मान समारोह, विप्र भवन समता कॉलोनी में मुख्य अतिथि सांसद एवं पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने व्यक्त किए।इस अवसर पर रविंद्र चौबे ने बताया कि पवन दीवान जी की स्मृति को छत्तीसगढ़ की पहचान को बनाए रखने के लिए ही संत कवि पवन दीवान श्रद्धांजलि सभा और सम्मान समारोह का आयोजन विगत 8 वर्षों से विप्र समाज कर रहा है। संत कवि पवन दीवान के बारे में कुछ भी बोलना भास्कर को दीपक दिखाने के समान है, क्योंकि पवन दीवान जी छत्तीसगढ़ के आन-वान शान थे। छत्तीसगढ़ के अस्मिता और विकास के लिए हमेशा बेचैन रहे। आज छत्तीसगढ़ के विकास के लिए समर्पित होकर कार्य कर हम सब संत कवि पवन दीवान के सपनों को साकार करें।इस अवसर पर नवनिर्वाचित महापौर मीनल चौबे ने संत कवि पवन दीवान को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि संत पवन दीवान के सपनों को साकार करने का अवसर विप्र समाज के प्रेम और आशीर्वाद से उनके प्रत्यक्ष या प्रत्यक्ष सहयोग से मुझे प्राप्त हुआ है। उन्होंने अपनी जीत पर कहा कि सबसे बड़ी जीत बड़ी चुनौती भी लाती है। जिस विश्वास के साथ रायपुर के जनता ने मेरा साथ दिया उस विश्वास पर खरे उतरने के लिए पूरा प्रयास करूंगी। आज यहां मेरा सम्मान नहीं हुआ है, बल्कि मेरे साथ खड़े होने वाले प्रत्येक बहनों का सम्मान हुआ है। इसके पहले सर्वप्रथम विप्र सांस्कृतिक भवन प्रबंध समिति के अध्यक्ष नरेंद्र तिवारी ने समाज के कार्यों का विवरण प्रस्तुत किया। इसके उपरांत संत कवि पवन दीवान स्मृति अस्मिता सम्मान कवि एवं आध्यात्मिक लेखक डॉ. आदित्य शुक्ला एवं साहित्य व भाषा के प्रोफेसर डा. चितरंजन कर को प्रदान किया गया। मुख्य अतिथि एवं विप्र समाज के वरिष्ठ सदस्यों ने उन्हें 21000 नगद, सम्मान पत्र, स्मृति चिन्ह, शाल व श्रीफल से सम्मानित किया। इसके उपरांत विप्र समाज ने नवनिर्वाचित महापौर मीनल चौबे के साथ विप्र समाज के नवनिर्वाचित पार्षद सरिता आकाश दुबे, सुमन अशोक पांडेय, आकाश तिवारी, मुरली शर्मा, देवदत्त द्विवेदी, स्वप्निल मिश्रा एवं ममता सोनू तिवारी का पूरे उत्साह के साथ सम्मान एवं अभिनंदन किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. मेघेश तिवारी ने किया। अंत में आभार प्रदर्शन समारोह की परिकल्पना को साकार रूप देने में महती भूमिका निभाने वाले डॉ. सुधीर शर्मा ने किया।उपरोक्त जानकारी देते हुए छत्तीसगढ़ युवा विकास संगठन के अध्यक्ष ज्ञानेश शर्मा ने बताया कि संत कवि पवन दीवान के स्मृति में संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ शासन के सहयोग से यह कार्यक्रम विगत 8 वर्षों से विप्र सांस्कृतिक भवन प्रबंध समिति द्वारा आयोजित किया जा रहा है। जिसमें छत्तीसगढ़ के संस्कृति और परंपरा को साहित्य के माध्यम से जन-जन तक पहुंचने वाले साहित्यकारों का सम्मान किया जाता है। इस अवसर पर सुभाष तिवारी, मृत्युंजय दुबे, प्रदीप नारायण तिवारी, विनय तिवारी, संजय शर्मा, नटराज शर्मा, सुरेंद्र शुक्ला, के.के. शुक्ला, अविनाश शुक्ला, दिनेश शर्मा, अशोक दीवान, प्रमोद मिश्रा, संजय शर्मा, प्रशांत शर्मा, डा. ध्रुव पांडेय, उमाकांत शर्मा, कमल नारायण शर्मा, प्रदीप पांडे कमलेश तिवारी, वीर अजीत शर्मा, के.के. मिश्रा, राजेंद्र दुबे, विप्र शक्ति महिला मंडल के सदस्य कुसुम शर्मा, विभा तिवारी, प्रीति शुक्ला, भारती किरण शर्मा, आभा मिश्रा, रत्ना मिश्रा, सुनीता दुबे ,सरिता तरुण शर्मा ,कुसुम तिवारी , ममता शर्मा एवं संजीता शुक्ला सहित छत्तीसगढ़ी ब्राह्मण समाज के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
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रायपुर। छत्तीसगढ़ बजट में कर प्रस्ताव पेश किया गया। इसमें यह प्रावधान किया गया है....
00 छोटे व्यापारियों को आने वाली चुनौतियों को पहचानते हुए और कर अनुपालन के बोझ को कम करने की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, राज्य सरकार ने ई-वे बिल की सीमा को 50,000 से बढ़ाकर 1 लाख करने का निर्णय लिया है।
00 राज्य सरकार छोटे व्यापारियों को प्रोत्साहित करेगी और 10 साल से अधिक पुराने लंबित मामलों में 25,000 तक की वैट देनदारियों को माफ करेगी। इससे 40,000 से अधिक व्यापारियों को मदद मिलेगी और 62,000 से अधिक मुकदमेबाजी के मामलों में कमी आएगी।
00 अंतव्यवसायी निगम के उधारकर्ताओं के लिए ओ.टी.एस (One Time Settlement) सुविधा।
00 अचल संपत्ति लेनदेन पर स्टांप शुल्क पर उपकर हटाना।
- रायपुर। विधानसभा में पेश बजट में प्रमुख घोषणाएं निम्नलिखित हैं---00 कृषक उन्नति योजना के लिए 10,000 करोड़ रुपये§ प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 8500 करोड़ रुपये§ महतारी वंदन योजना के लिए 5500 करोड़ रुपये§ मुख्यमंत्री खाद्यान सहायता योजना के लिए 4500 करोड़ रुपये§ 5 एच.पी तक के कृषि पंपों को मुफ्त बिजली आपूर्ति के लिए 3500 करोड़ रुपये§ आयुष्मान योजना के लिए 1500 करोड़ रुपये§ सबके लिए आवास योजना के तहत शहरी क्षेत्रों में घरों के निर्माण के लिए 875 करोड़ रुपये§ राज्य की स्थापना के बाद पहली बार नई सड़कों के निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग को 2000 करोड़ रुपये§ नई सड़कों के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पी.एम.जी.एस.वाई) के तहत गांवों में सड़कों के निर्माण के लिए 845 करोड़ रुपये§ प्रधानमंत्री जनमन सड़क निर्माण योजना के तहत अत्यधिक पिछड़े आदिवासी क्षेत्र को मुख्य सड़क से जोड़ने के लिए 500 करोड़ रुपये।§ नगर पंचायतों और नगर पालिकाओं में रिंग रोड बनाने के लिए 100 करोड़ रुपये§ जल संसाधन विभाग के कुल 3,800 करोड़ रुपये के बजट में से 700 करोड़ रुपये नए सिंचाई परियोजनाओं के लिए आवंटित किए गए हैं। अटल सिंचाई योजना के तहत बहुत पुरानी सिंचाई परियोजनाओं को योजनाबद्ध तरीके से पूरा करने का लक्ष्य।§ मत्स्य उत्पादन, डेयरी, पोल्ट्री, बकरी पालन, सुअर पालन आदि के लिए 200 करोड़ रुपये।§ तेन्दूपत्ता के लिए प्रति मानक बोरा 5,500 रुपये का भुगतान करने के लिए 200 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान ।§ तेन्दूपत्ता संग्राहकों को "चरण पादुका" प्रदान करने के लिए 50 करोड़ रुपये।§ मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना के लिए 200 करोड़ रुपये, पिछले वर्ष के बजट से 300% की वृद्धि।§ 17 और नालंदा पुस्तकालयों को मंजूरी दी जाएगी§ 25 कॉलेजों को उत्कृष्टता केंद्र के रूप में बदलने के लिए 75 करोड़ रुपये का प्रावधान।§ शहरी क्षेत्रों में 150 आंगनबाड़ी भवनों और ग्रामीण क्षेत्रों में 1200 आंगनबाड़ी भवनों के लिए 40 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान।§ बलौदा बाजार - भाटापारा, धमतरी, महासमुंद, जांजगीर-चांपा और जशपुर में 5 नए साइबर पुलिस थाना स्थापित किए जाएंगे।§ कोरबा, जांजगीर-चांपा और सूरजपुर में 3 नए महिला पुलिस थाना स्थापित किए जाएंगे।§ नवा रायपुर में एकीकृत कमांड और नियंत्रण केंद्र (आई.सी.सी.सी) के उन्नयन, संचालन और रखरखाव के लिए 40 करोड़ रुपये।§ नवा रायपुर में एक नए पावर सबस्टेशन के लिए 20 करोड़ रुपये।§ स्काउट्स और गाइड्स के 19वें राष्ट्रीय जंबूरी कार्यक्रम के लिए बजटीय प्रावधान।§ रायपुर में राष्ट्रीय स्तर की एकीकृत खाद्य और औषधि प्रयोगशाला की स्थापना के लिए 47 करोड़ रुपये का प्रावधान।§ सरोंना रायपुर और जनकपुर - मनेंद्रगढ़ में नए 100 बिस्तरों वाले अस्पताल की स्थापना के लिए प्रावधानराशि प्रदान की गई है, तखतपुर - बिलासपुर में 50 बिस्तरों वाले महिला बाल अस्पताल, मनेंद्रगढ़ में मनोरोग अस्पताल, राखी, सारिया और कटघोरा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सी.एच.सी) का उन्नयन, रायपुर, बिलासपुर और रायगढ़ में शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (यू.पी.एच.सी)।§ बिलासपुर, अंबिकापुर और जगदलपुर से उड़ान सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए 40 करोड़ रुपये की वी.जी.एफ (व्यवहार्यता अंतराल निधि) और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना के तहत जगदलपुर और अंबिकापुर हवाई अड्डे केअधोसंरचना विकास के लिए प्रावधान।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ के बजट में कई नई पहल भी की गई है। जानिए प्रमुख प्रावधानों के बारे में....§ मुख्यमंत्री मोबाइल टॉवर योजना, बस्तर एवं सरगुजा के दूरस्थ क्षेत्रों में मोबाइल टॉवर कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए वी.जी.एफ के माध्यम से प्रावधान ।§ मुख्यमंत्री परिवहन योजना - ग्राम पंचायत से ब्लॉक और जिला स्तर तक सार्वजनिक परिवहन सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रावधान ,उन क्षेत्रों में जहां जनसंख्या घनत्व कम होने के कारण सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध नहीं है।§ 500 नई सहकारी समितियों का गठन किया जाएगा§ केंद्र सरकार की पी.एस.एस योजना के तहत दालों और तिलहन की खरीद के लिए बजट में पहली बार प्रावधान।§ नगर निगमों के डी.पी.आर आधारित विकास के लिए मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के लिए 500 करोड़ रुपये।§ राज्य में एक और राष्ट्रीय संस्थान के रूप मे राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान की स्थापना।§ छत्तीसगढ़ राज्य के सभी ब्लॉकों में सिकल सेल स्क्रीनिंग केंद्र की स्थापना का पहला चरण।§ महानदी - इंद्रावती और सिकासर - कोडार नदियों को जोड़ने के लिए सर्वेक्षण।§ नवा रायपुर में मेडिसिटी की स्थापना।§ नवा रायपुर में एजुकेशन सिटी की स्थापना।§ नवा रायपुर में राष्ट्रीय शहरी प्रबंधन संस्थान की स्थापना।§ सभी ग्राम पंचायतों में यूपीआई (डिजिटल भुगतान) को बढ़ावा देने के लिए बजट प्रावधान।§ राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एन.एस.जी) की तरह, राज्य में एक समर्पित विशेष संचालन समूह (SOG) की स्थापना की जाएगी।§ नया रायपुर में 200 करोड़ रुपये की परियोजना लागत के साथ एक प्रतिष्ठित डेस्टिनेशन और वेलनेस-वाइल्डलाइफ-वाटर टूरिस्ट सुविधा विकसित करने के लिए प्रावधान।§ राज्य की राजधानी क्षेत्र (SCR) कार्यालय, सेटअप और सर्वेक्षण के लिए प्रावधान जिसमें रायपुर-दुर्ग मेट्रो लाइन का सर्वेक्षण शामिल है।§ भारतीय लोक प्रशासन संस्थान के छत्तीसगढ़ चैप्टर की स्थापना के लिए प्रावधान ।§ पत्रकारों के एक्सपोजर विजिट के लिए प्रावधान और पत्रकार संघ के कार्यालय के नवीनीकरण के लिए बजटीय प्रावधान। पत्रकार सम्मान निधि की राशि दोगुनी की जाएगी।§ नवा रायपुर में चैंबर ऑफ कॉमर्स के कार्यालय के लिए रियायती दर पर भूमि आवंटित करने के लिए प्रावधान ।§ डी.एम.एफ के कार्यों का सामाजिक अंकेक्षण ।§ विभागीय सुधारों (प्रतिस्पर्धी सूचकांक) के आधार पर प्रोत्साहन के लिए प्रावधान।§ भूमि रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण और डिजिटल फसल सर्वेक्षण के लिए प्रावधान ।
- रायपुर। विधानसभा में पेश छत्तीसगढ़ के बजट की महत्वपूर्ण मुख्य बातें....§ पूंजीगत व्यय बढ़ाने को महत्व।§ कुनकुरी जिला जशपुर में नया मेडिकल कॉलेज।§ रिक्त सरकारी पदों पर भर्ती में तेजी लाई जाएगी, इसके अलावा स्कूल और कॉलेजों के शैक्षिक कर्मचारियों की भर्ती का पहला चरण।§ पिछले वर्ष की तुलना में उद्योग विभाग का बजट 3 गुना अधिक।§ बस्तर और सरगुजा में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होमस्टे नीति।§ रामलला दर्शन और तीर्थ यात्रा योजना के लिए प्रावधान ।§ आई.टी.आई. और पॉलिटेक्निक का आधुनिकीकरण।§ डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल रायपुर में उन्नत कार्डियक संस्थान का आधुनिकीकरण।§ गरीब नि:संतान दंपतियों के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल रायपुर में ए.आर.टी. (IVF) सुविधा।§ सरकारी अस्पताल में एम.आर.आई, सी.टी स्कैन मशीनों के लिए प्रावधान ।§ राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एन.डी.डी.बी) की मदद से राज्य में डेयरी को बढ़ावा देना।§ बलरामपुर और राजनांदगांव में नया प्रयास संस्थान।§ बस्तर ओलंपिक, बस्तर मड़ई, नया रायपुर, बस्तर मैराथन,नया रायपुर मे गोल्फ टूर्नामेंट आदि के लिए प्रावधान।§ पी.एम सूर्यघर योजना के लिए प्रावधान।§ पी.एम कुसुम योजना का प्रभावी कार्यान्वयन।§ सी.आई.एस.एफ की तर्ज पर राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल (एस.आई.एस.एफ) का गठन।§ सरकारी कर्मचारियों की पेंशन की भविष्य की देनदारियों के लिए पेंशन फंड बनाने के लिए प्रावधान।§ छत्तीसगढ़ विकास और स्थिरता कोष की स्थापना।§ सरकारी कर्मचारियों को डी.ए. @53%
- गति पर केंद्रित छत्तीसगढ़ का बजटG - गुड गवर्नेंस§ सरकारी वित्तीय संचालन में दक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए अगली पीढ़ी की एकीकृत वित्तीय प्रबंधन सूचना प्रणाली का कार्यान्वयन§ फाइलों के ऑनलाइन निपटान के लिए ई-फाइल प्रणाली का कार्यान्वयन§ अटल निगरानी पोर्टल (मुख्यमंत्री डैशबोर्ड) का विकास जो सरकारी परियोजनाओं की प्रगति को ट्रैक करने के लिए एक व्यापक डैशबोर्ड प्रदान करेगा§ ऑनलाइन खनिज प्रबंधन प्रणाली - खनिज ऑनलाइन 2.0 का उन्नयन§ सरकारी सेवाओं और योजनाओं में नागरिकों की सहायता के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की स्थापना§ सार्वजनिक खरीद के लिए जी.ई.एम (GeM) पोर्टल का उपयोग§ अचल संपत्ति बिक्री-खरीद का फेसलेस और पेपरलेस पंजीकरण§ आई.आई.एम और आई.आई.आई.टी रायपुर के सहयोग से मुख्यमंत्री शासन फेलोशिपA - एक्सेलरेटिंग इंफ्रास्ट्रक्चरपूंजीगत व्यय 26,341 करोड़ जो कुल बजट आकार का 16% है, पिछले वर्ष की तुलना में 18% की वृद्धि हुई है। मुख्य बजटीय प्रावधान इस प्रकार हैं:§ यू.एल.बी के अधोसंरचना विकास के लिए आबंटन: 750 करोड़§ बागवानी विश्वविद्यालय इन्फ्रा एवं स्थापना : 170 करोड़§ मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना: 100 करोड़§ जगदलपुर, बिलासपुर और अंबिकापुर में हवाई अड्डों का विकास§ पुलिस स्टेशनों को मजबूत करना: 70 करोड़§ नए अग्निशमन स्टेशनों की स्थापना और क्षमता वृद्धि: 44 करोड़§ अटल स्मारक और संग्रहालय का विकास: 40 करोड़§ बिलासपुर में 1,000 सीटों वाला सभागार: 25 करोड़T – टेक्नोलॉजी§ अदालतों का कंप्यूटरीकरण: 37 करोड़§ डायल 100/112 सेवाएं: 125 करोड़§ ई-धरती का कार्यान्वयन: 48 करोड़§ वाणिज्यिक कर विभाग में व्यापार खुफिया इकाई: 41 करोड़§ स्टेट डाटा सेंटर की स्थापना: 40 करोड़§ प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों का डिजिटलीकरण: 24 करोड़§ अपराध और आपराधिक ट्रैकिंग नेटवर्क प्रणाली का संचालन और रखरखाव: 25 करोड़§ डिजिटल गवर्नेंस की स्थापना: 9 करोड़§ परिवहन विभाग में वाहन ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म का कार्यान्वयन: 8 करोड़§ जिला स्तर पर जी.डी.पी डेटा एकत्र करने के लिए सांख्यिकीय विश्लेषण प्रणाली का कार्यान्वयन: 7 करोड़§ स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क का संचालन और रखरखाव: 18 करोड़§ भारत नेट कार्यक्रम का कार्यान्वयन: 15 करोड़§ नगरीय प्रशासन एकीकृत डैशबोर्ड का विकास: 10 करोड़I - इंडस्ट्रियल ग्रोथ§ औद्योगिक विकास एवं व्यापार करने में आसानी को बढ़ावा देने के लिए बी.आर.ए.पी - व्यापार सुधार कार्य योजना के तहत एकल खिड़की प्रणाली का कार्यान्वयन§ सी.एस.आई.डी.सी में ई.आर.पी एप्लिकेशन का कार्यान्वयन§ इन्वेस्ट छत्तीसगढ़ प्रोग्राम का कार्यान्वयन§ रोजगार मूलक औद्यिगिक नीति§ उद्योग विभाग का बजट 3 गुना अधिक§ कोर क्षेत्र के अलावा सेवा क्षेत्र को प्रोत्साहन§ न्यू इमर्जिंग टेक्नालजी को बढ़ावा§ अग्निवीर एवं आत्मसमर्पित नक्सलियों को रोजगार मे प्राथमिकता
- छत्तीसगढ़ बजट में किस क्षेत्र को क्या मिला1. प्रमुख घोषणाएँ – क्षेत्रवारv शिक्षा· 24 सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों का उन्नयन: 50 करोड़· आईटीआई का उन्नयन: 50 करोड़· विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (CSVTU) का अधोसंरचना विकास: 25 करोड़· 6 नए फिजियोथेरेपी कॉलेज भवनों की स्थापना: 6 करोड़· 12 नर्सिंग कॉलेज भवनों की स्थापना: 34 करोड़· पीएम स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया (PMSHRI) के तहत राज्य में स्कूल अधोसंरचना को आधुनिक बनाने और डिजिटाइज करने के लिए 277 करोड़ रुपये· कॉलेज भवनों के निर्माण और नवीनीकरण के लिए 212 करोड़ रुपये, पूरे उच्च शिक्षा बजट का 10%· बलरामपुर और राजनांदगांव में एक-एक नए 500-सीटर आवासीय स्कूल भवन के निर्माण के लिए प्रावधानv स्वास्थ्य और परिवार कल्याण· राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन: 1,850 करोड़· शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना: 1,500 करोड़· डॉ. भीमराव अंबेडकर मेमोरियल अस्पताल रायपुर में उन्नत कार्डियक संस्थान का विस्तार: 10 करोड़· रायपुर में ए.आर.टी. (आईवीएफ) केंद्र की स्थापना: 10 करोड़· रायपुर मेडिकल कॉलेज के कैंसर एवं अन्य विभागों में स्वास्थ्य उपकरणों की खरीद: 20 करोड़· डॉ. भीमराव अंबेडकर मेमोरियल अस्पताल रायपुर में एमआरआई और सीटी स्कैन मशीनों की खरीद: 35 करोड़· प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन: 186 करोड़· आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना: 182 करोड़· सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की स्थापना के लिए योजना: 132 करोड़· छत्तीसगढ़ आपातकालीन चिकित्सा प्रतिक्रिया सेवा योजना: 21 करोड़· मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना: 13 करोड़· सिकल सेल संस्थान की स्थापना: 13 करोड़· मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना : 100 करोड़v महिला एवं बाल विकास· महतारी वंदन योजना के अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को स्वास्थ्य और पोषण सुधार के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने हेतु प्रावधान : 5,500 करोड़· राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) जिसमें लखपति महिला, ड्रोन दीदी शामिल हैं: 800 करोड़· एससीए (SCA) योजना के तहत कामकाजी महिला छात्रावास का निर्माण: 133 करोड़· प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना: 100 करोड़· बच्चों के कल्याण और संरक्षण को सुनिश्चित करने के लिए मिशन वात्सल्य अंतर्गत विभिन्न बाल-केंद्रित पहल : 100 करोड़· हाई स्कूल की छात्राओं को साइकिल वितरण: 50 करोड़· मुख्यमंत्री कन्यादान योजना: 40 करोड़· हिंसा से प्रभावित महिलाओं के लिए, जिसमें चिकित्सा, कानूनी और परामर्श सहायता के लिए वन स्टॉप सेंटर (सखी) : 20 करोड़· मासिक धर्म स्वच्छता को बढ़ावा देने और महिलाओं और लड़कियों को सैनिटरी उत्पाद प्रदान करने के लिए शुचिता योजना: 13 करोड़· शिक्षा, प्रशिक्षण और संसाधनों के माध्यम से महिलाओं के सशक्तिकरण का समर्थन करने के लिए महिला सशक्तिकरण केंद्र: 9 करोड़· परित्यक्त और अनाथ बच्चों की देखभाल और समर्थन प्रदान करने के लिए पालना योजना: 10 करोड़v जनजातीय· नक्सल प्रभावित जिलों को सहायता: 220 करोड़· प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान योजना: 50 करोड़· धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान: 30 करोड़· पाम आयल की खेती: 25 करोड़· बस्तर में युवाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए बस्तर ओलंपिक· बस्तर की सांस्कृतिक विरासत का जश्न मनाने और शारीरिक फिटनेस को बढ़ावा देने के लिए बस्तर मैराथन और बस्तर मड़ई· बस्तर और सरगुजा में मोबाइल विज्ञान प्रयोगशालाएं· 5 जिलों (सरगुजा, बस्तर, बलरामपुर, जशपुर और रायगढ़) में विज्ञान पार्क की स्थापना· बस्तर और सरगुजा में होम स्टे का विकास· जशपुर और मनेंद्रगढ़ में फिजियोथेरेपी और प्राकृतिक चिकित्सा केंद्रों की स्थापना· जनजातीय क्षेत्रों में सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रावधान (अनुच्छेद 275 (1)): 221 करोड़· नक्सल प्रभावित जिलों को सहायता: 220 करोड़· आदिवासी विकासखंडो एवं माडा पैकेट में अंत्योदय योजना के तहत चना वितरण : 400 करोड़v ग्रामीण विकास· प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना : 845 करोड़· मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना : 119 करोड़· मुख्यमंत्री ग्राम गौरव पथ योजना के तहत जल निकासी प्रणाली के साथ कंक्रीट ग्राम सड़क के निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपयेv कृषि· दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना: 600 करोड़· डेयरी समग्र विकास परियोजना: 50 करोड़· कृषि पंपों का विद्युतीकरण: 50 करोड़v सामाजिक कल्याण· घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को बिजली बिलों में सब्सिडी: 1,000 करोड़· मुख्यमंत्री पेंशन योजना: 420 करोड़· प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना: 250 करोड़· सौर ऊर्जा आधारित योजना के लिए अनुदान: 25 करोड़· नियद नेल्लनार योजना के तहत 40 शिविरों में 70 गांवों का विद्युतीकरण: 20 करोड़· प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के लिए आबंटन: 30 करोड़· राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन के लिए आबंटन: 200 करोड़· सुखद सहारा योजना के लिए आबंटन: 125 करोड़· दिव्यांगजन को सशक्त बनाने के लिए: 26 करोड़· दिव्यांगजन के लिए शैक्षणिक संस्थान: 30 करोड़· तीसरे लिंग समुदाय के लिए विभिन्न कार्यक्रम और योजनाएंv खेल और युवा· राज्य छात्रवृत्ति योजना: 150 करोड़· केंद्रीय पुस्तकालय की स्थापना: 115 करोड़· छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना के लिए आबंटन: 50 करोड़· सीएम कौशल विकास योजना का कार्यान्वयन: 47 करोड़· एसएसआईपी (छात्र स्टार्टअप और नवाचार नीति) का कार्यान्वयन: 5 करोड़· छात्रों के लिए राज्य अनुसंधान फेलोशिप कार्यक्रम· छात्र कौशल कार्यक्रम और वित्तीय निवेश योजना प्रशिक्षण: राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षरv लोक निर्माण विभाग (PWD)· मुख्य जिला सड़कें: 403 करोड़· राज्य राजमार्ग: 109 करोड़· रेलवे ओवर ब्रिज के विकास के लिए: 35 करोड़· बड़े पुलों का निर्माण: 574 करोड़· रिंग रोड/ बाय पास निर्माण योजना : 100 करोड़· राज्य में सड़कों का निर्माण - राज्य राजमार्ग: 109 करोड़· हवाई पट्टियों का निर्माण और विस्तार: 7 करोड़· मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजना: 34 करोड़· सीजीआरआईडीसीएल द्वारा निर्माण कार्य के लिए प्रावधान: 500 करोड़· न्यूनतम सेवा के तहत ग्रामीण सड़कों का निर्माण: 500 करोड़v पर्यटन· सीएम तीर्थ दर्शन योजना: 15 करोड़· सिंधु दर्शन/कैलाश मानसरोवर यात्रा· जशपुर में एडवेंचर टूरिस्म का विकास· जशपुर पर्यटन सर्किट का विकास· जिला बलौदा बाजार - भाटापारा के भंडारपुरी में गुरुद्वारे (मोती महल) के निर्माण के लिए प्रावधानv परिवहन· 21 जिला परिवहन कार्यालयों में स्वचालित ड्राइविंग ट्रैक का कार्यान्वयन: 15 करोड़· राज्य ने 15 साल से अधिक पुराने वाहनों को हटाकर ग्रीन एनवायरनमेंट और रोड सेफ्टी लक्ष्य हासिल करने के लिए केंद्र सरकार से 95 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन प्राप्त किया। राज्य में पुराने वाहनों के प्रतिस्थापन के लिए 170 करोड़ का प्रावधान किया गया है
- रायपुर। छत्तीसगढ़ के बजट में कई नई पहल भी की गई है। जानिए प्रमुख प्रावधानों के बारे में....· मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना· मुख्यमंत्री मोबाइल टावर योजना· मुख्यमंत्री परिवहन योजना· मुख्यमंत्री बाय पास एवं रिंग रोड निर्माण योजना· मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना· मुख्यमंत्री गवर्नेंस फेलोशिप· सियान केयर योजना· पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना· अटल सिचाई योजना· एसएसआईपी (छात्र स्टार्टअप और नवाचार नीति) का कार्यान्वयन· राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के साथ छात्र कौशल कार्यक्रम और वित्तीय निवेश प्रशिक्षण योजना
- रायपुर/ वित्तमंत्री ओपी चौधरी ने प्रदेश का अब तक का सबसे बड़ा बजट 1 लाख 65 हजार करोड़ रुपयों का पेश किया। इस बार के बजट में सरकार ने नया स्लोगन गति दिया है। इसमें गुड गर्वनेंस, एक्सेलरेटिंग इंफ्रा स्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और इंड्रस्टियल ग्रोथ शामिल है। सरकार इस साल को अटल वर्ष के रूप में मनाएगी। यही वजह है कि अधोसंचरना विकास यानी इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस किया गया है। इसके लिए पूंजीगत व्यय को पिछले साल के मुकाबले 18 प्रतिशत बढ़ाते हुए 26 हजार 341 करोड़ का प्रावधान किया गया है। यह कुल बजट का 16 प्रतिशत हिस्सा है। सरकार ने पेट्रोल पर लगने वाले वैट पर कमी करते हुए कीमत में एक रुपए की कमी की है। इससे 65 लाख वाहन चालकों को लाभ मिलेगा। कृषक उन्नति योजना के लिए 10 हजार करोड़, पीएम आवास ग्रामीण के लिए 8500 करोड़, खाद्यान सहायता योजना के लिए 4500 करोड़, किसानों को मुफ्त बिजली के लिए 3500 करोड़ का प्रावधान करते हुए नई योजनाओं के लिए बड़ी राशि रखी गई है। बजट में हेल्थ पर भी फोकस किया गया है। इसी तहत सरोना रायपुर और जनकपुर - मनेंद्रगढ़ में नए 100 बिस्तरों वाले अस्पताल की स्थापना के लिए प्रावधानराशि प्रदान की गई है, तखतपुर - बिलासपुर में 50 बिस्तरों वाले महिला बाल अस्पताल, मनेंद्रगढ़ में मनोरोग अस्पताल, राखी, सारिया और कटघोरा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का उन्नयन, रायपुर, बिलासपुर और रायगढ़ में यू.पी.एच.सी खोलने का जिक्र है।पत्रकारों को 20 हजार रुपए पेंशनवरिष्ठ पत्रकार सम्मान निधि की राशि हुई दोगुनी। 10 हजार से 20 हजार करने की घोषणा। पत्रकारों के एक्सपोजर विजिट के लिए एक करोड़ रुपए। रायपुर प्रेस क्लब के रिनोवेशन के लिए एक करोड़।राज्य में पेट्रोल 1 रुपए सस्ताराज्य सरकार की ओर से पेट्रोल की कीमत में प्रति लीटर 1 रुपए की कटौती की गई है। प्रदेश के सभी शहरों में पेट्रोल की कीमत 100 रुपए के पार चल रही है। कीमत अब 100 रुपए से कम हो जाएगी।कर्मचारियों का डीए 53 फीसदीसरकारी कर्मचारियों का डीए बढ़ाकर 53 फीसदी किया जाएगा। अप्रैल से मिलेगा डीए का लाभ। प्रदेश में एनएसजी की तर्ज पर एसएजी बनेगा। सीआईएसएफ की तर्ज पर सीआईएसएफ का गठन होगा।भूमिहीन के लिए 600 करोड़छत्तीसगढ़ बजट में भूमिहीन मजदूरों के लिए 600 करोड़ रुपये का प्रावधान, दलहन-तिलहन को एमएसपी पर खरीदने का फैसला किया गया है। दलहन-तिलहन खरीदी के लिए 80 करोड़ रुपये का भी प्रावधान। ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने के लिये बजट में प्रावधान, एकीकृत बगवानी के लिये 150 करोड़ रुपए का प्रावधान। गन्ना किसानों के लिए बोनस के लिए 60 करोड़ रुपए का प्रावधान।बीजापुर में 200 बिस्तर अस्पतालछत्तीसगढ़ बजट में बस्तरवासियों के हेल्थ का खास ध्यान रखा गया है। बीजापुर में 200 बिस्तर अस्पताल का निर्माण होगा। तखतपुर में मातृ-शिशु अस्पताल बनेगा।
- -व्यापारी, पत्रकार, कर्मचारी संघ सहित महिला समुहों ने किया स्वागतरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सरकार के नेतृत्व में वित्तमंत्री श्री ओपी चौधरी द्वारा आज विधानसभा में वित्त वर्ष 2025-26 का बजट पेश किया गया। जिले में युवा, व्यावसायी, महिलाओं सहित सभी वर्गाें ने इस बजट का स्वागत किया तथा अपनी प्रतिक्रियाएं व्यक्त की है।प्रदेश चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष श्री अमर परवानी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आज घोषित किए गए बजट का स्वागत किया है। उन्होंने चेम्बर ऑफ कॉमर्स के कार्यालय के लिए नवा रायपुर में रियायती दरों पर जमीन उपलब्ध कराने की घोषणा की सराहना की है। श्री परवानी ने कहा कि बजट में ईवे बिल की राशि की डबल करने और वैट के 25 हजार रूपए के नीचे से कम राशि वाले मामलों को माफ करने की भी घोषणा की है। यह भी स्वागत योग्य है। जिससे करीब 62500 व्यापारियों के मामले थे वे समाप्त हो गए। इससे बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही नई उद्योग नीति में जो सब्सिडी तथा अन्य प्रावधान किए हैं, इससे उद्योगों को निश्चित तौर पर गति मिलेगी। युवा, किसान व्यापारी, उद्यमी सभी वर्गाें को देखकर बनाया गया यह बजट जन आकांक्षाओं और आशाओं को साकार करने वाला है। उन्होंने मुख्यमंत्री तथा वित्त्तमंत्री जी का धन्यवाद दिया है।कर्मचारी वर्ग ने भी इस बजट की विशेष रूप से सराहना की है। राज्य कर्मचारी संघ के महामंत्री श्री अश्वनी चेलक ने कर्मचारियों की डीए तीन प्रतिशत से बढाकर 53 प्रतिशत करने के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा कि जिससे कर्मचारियों में उत्साह की लहर है। समावेशी बजट की प्रशंसा करते हुए बिहान समुह की महिला श्रीमती आयुषी शुक्ला ने कहा कि महिला को आत्मनिर्भर बनाने में इस बजट में विशेष प्रावधान किया गया है। लखपति दीदी योजना के तहत आज महिलाएं अपने पैरों पर खड़ी हुई हैं। आज बजट में जो 800 करोड़ का प्रावधान किया गया है निश्चित रूप से यह राशि हम महिलाओं को आगे बढ़ने तथा और अच्छा करने में मदद करेगी। रायपुर शहर के वरिष्ठ पत्रकार श्री शंकर पाण्डेय इस बार बजट में पत्रकारों के हितों को ध्यान देने के लिए मुख्यमंत्री तथा वित्तमंत्री को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने अहम निर्णय लेते हुए पत्रकारों की सम्मान निधि की राशि दुगुना करते हुए 10 हजार रूपए से बढ़ाकर 20 हजार कर पत्रकारों का सम्मान बढ़ाया है। साथ ही प्रेसक्लब के रिनोवेशन और विस्तार के लिए 1 करोड़ रूपए का बजट का प्रावधान महत्वपूर्ण है। पत्रकार साथियों के लिए जो एक्सपोजर विजिट किया गया है वह पत्रकार साथियों के सीखने और सिखाने का महत्वपूर्ण मंच साहिब होगा। स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करने वाले सामाजिक संस्था युवा पहल के प्रदेश अध्यक्ष श्री राहुल शर्मा ने कहा कि बजट में 100 बिस्तर का अस्पताल डॉ भीमराव अम्बेडकर हास्पीटल में उन्नत कार्डियक संस्थान का आधुनिकीकरण, मेडिकल कॉलेज हॉस्पीटल में गरीब निःसंतान दंपत्तियों के लिए एआरटी (आईवीफ) की सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा की गई है। इससे राजधानीवासियों को स्वास्थ्य के क्षेत्र में अच्छी सुविधा मिलेगी। पैसे की कमी की वजह से कई दंपत्ति आईवीफ का लाभ नहीं उठा पाते अब उन्हें यह सुविधा आसानी से मिलेगी।रेलवे यात्री कल्याण संघ के प्रदेश अध्यक्ष शिव दत्ता ने कहा कि छत्तीसगढ़ के सरकार का बजट रायपुर, दुर्ग में मेट्रो ट्रेन की सर्वे की घोषणा की है वह स्वागत योग्य है। इस मार्ग में प्रतिदिन सैकड़ों लोग यात्रा करते हैं। भविष्य में मेट्रो ट्रेन शुरू होने से बड़ी सुविधा मिलेगी।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी कल 4 मार्च को प्रदेशभर में लाइनमेन दिवस का आयोजन कर रही है, इसमें विद्युत आपूर्ति करने वाले मैदानीकर्मियों के सम्मान में हर संभाग स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे। इसी कड़ी में राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी स्थित कल्याण भवन में सम्मान समारोह का आयोजन दोपहर 12 बजे से किया गया है, जिसमें रायपुर शहर क्षेत्र एवं ग्रामीण क्षेत्र के विपरीत परिस्थितियों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले 60 लाइनमेन को सम्मानित किया जाएगा।इसी तरह प्रदेश के सभी क्षेत्रीय व संभागीय कार्यालयों में भी लाइनमेन दिवस मनाया जाएगा। राजधानी में आयोजित समारोह के मुख्य अतिथि डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री भीमसिंह कंवर होंगे। इसमें रायपुर शहर क्षेत्र के 20 एवं रायपुर ग्रामीण क्षेत्र के 40 लाइनमेन को उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में कार्यपालक निदेशक श्री संदीप वर्मा, मुख्य अभियंता श्री एम. जामुलकर एवं अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री संजीव सिंह भी उपस्थित रहेंगे। लाइनमेन दिवस देश भर में निर्बाध विद्युत वितरण सुनिश्चित करने वाले लाइनमेन और ग्राउंड मेंटेनेंस स्टाफ के समर्पण तथा सेवा के सम्मान में मनाया जाता है। इसकी शुरूआत केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण, विद्युत मंत्रालय ने 2021 में की। इसका उद्देश्य विद्युत उत्पादन से लेकर पारेषण और वितरण में लगे लाखों कर्मियों की सेवा को सम्मानित करना है। इस कार्यक्रम में सुरक्षा सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान, सुरक्षा यंत्रों और उपकरणों का प्रदर्शन एवं कार्यस्थल सुरक्षा प्रोटोकॉल को सुदृढ़ करने के लिये उपाय बताये जाएंगे।
- बिलासपुर, /त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन 2025 के पश्चात् जिला पंचायत के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष निर्वाचन के सम्मिलन की तिथि 08 मार्च को निर्धारित की गई हैं। जिला पंचायत के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के निर्वाचन पश्चात् दिनांक 12 मार्च को प्रथम सम्मिलन (विशेष) का आयोजन किया जावेगा।इसी प्रकार जनपद पंचायत बिल्हा, कोटा एवं तखतपुर के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष निर्वाचन हेतु सम्मिलन की तिथि 4 मार्च को निर्धारित की गई हैं। तथा इनके प्रथम सम्मिलन दिनांक 07 मार्च को आयोजित किया जावेगा। इसी प्रकार जनपद पंचायत मस्तूरी के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष निर्वाचन के सम्मिलन की तिथि 6 मार्च निर्धारित की गई हैं एवं प्रथम सम्मिलन दिनांक 11 मार्च को आयोजित किया जावेगा।जिला पंचायत के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के निर्वाचन हेतु श्री शिवकुमार बनर्जी अपर कलेक्टर बिलासपुर को पीठासीन अधिकारी एवं श्री मुकेश देवांगन तहसीलदार बिलासपुर तथा श्री राहुल शर्मा नायब तहसीलदार बिलासपुर को सहायक पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया गया है। तथा जनपद पंचायत के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के निर्वाचन हेतु तखतपुर के लिए श्री नितिन तिवारी डिप्टी कलेक्टर बिलासपुर को पीठासीन अधिकारी, श्री सत्यव्रत तिवारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत तखतपुर को सहायक पीठासीन अधिकारी, जनपद पंचायत कोटा हेतु एस.एस. दुबे अपर कलेक्टर जिला बिलासपुर को पीठासीन अधिकारी एवं श्री युवराज सिन्हा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत कोटा को सहायक पीठासीन अधिकारी, जनपद पंचायत बिल्हा हेतु श्री बजरंग वर्मा अनुविभागीय अधिकारी (रा.) बिल्हा को पीठासीन अधिकारी एवं श्री एस.एस. पोयाम मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बिल्हा को सहायक पीठासीन अधिकारी तथा जनपद पंचायत मस्तूरी हेतु श्री प्रवेश पैकरा अनुविभागीय अधिकारी (रा.) को पीठासीन अधिकारी एवं श्री जे.आर. भगत मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचातय मस्तूरी को सहायक पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया गया है।जिला पंचायत बिलासपुर में कुल 17 सदस्य हैं, तथा जिला पंचायत बिलासपुर का अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति (मुक्त) हेतु आरक्षित हैं। इसी प्रकार जनपद पंचायत कोटा, बिल्हा, मस्तूरी एवं तखतपुर में कुल 25-25 सदस्य हैं, जनपद पंचायत बिल्हा का अध्यक्ष पद अनारक्षित (मुक्त), मस्तूरी का अध्यक्ष पद अनुसूचित जनजाति (महिला), जनपद पंचायत कोटा का अध्यक्ष पद अनारक्षित (महिला) तथा तखतपुर के अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति (महिला) हेतु आरक्षित हैं।
- -कुलपति ने बजट को सर्वस्पर्शी, समावेशी तथा विकासोन्मुखी बतायारायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने छत्तीसगढ़ सरकार के आम बजट 2025 को सर्वस्पर्शी, समावेशी तथा विकासोन्मुखी बजट बताते हुए कहा कि कि इससे प्रदेश में कृषि के विकास को नई दिशा और गति मिलेगी। डॉ. चंदेल ने कहा कि वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी द्वारा आज सदन में पेश आम बजट 2025-26 में कृषि के विकास और किसानों के कल्याण के लिए अनेक प्रावधान किये गये हैं जिससे राज्य में कृषि के विकास को बढ़ावा मिलेगा। डॉ. चंदेल ने कहा कि इस बजट में कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों एवं शोधार्थियां को अन्तर्राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान संस्थाओं में शोध हेतु 1 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान किया गया है, जिससे कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों एवं शोधार्थियों को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के कृषि अनुसंधान संस्थानों में शोध करने का अवसर प्राप्त होगा और छत्तीसगढ़ में कृषि अनुसंधान के वैश्वीकरण में मदद मिलेगी। डॉ. चंदेल ने इस अभूतपूर्व निर्णय के लिए राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है। डॉ. चंदेल ने बजट में नवीन शासकीय कृषि महाविद्यालय मुंगेली की स्थापना हेतु 5 करोड़ रूपये की स्वीकृति हेतु भी राज्य सरकार तथा वित्त मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया है।डॉ. चंदेल ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा इस वित्तीय वर्ष से किसानां द्वारा उत्पादित दलहन एवं तिलहन फसलों की समर्थन मूल्य में खरीदी हेतु प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान के अंतर्गत 80 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान किया जाना निश्चित रूप से किसानों की आय में वृद्धि करने वाला कदम है। इससे दलहन एवं तिलहन उत्पादक किसानों को प्रोत्साहन मिलेगा और प्रदेश में इन फसलों के रकबे और उत्पादन में बढ़ोतरी होगी। इसके साथ ही कृषक समग्र विकास योजना के अंतर्गत धान, गेहूं, रागी, कोदो-कुटकी के साथ ही दलहन, तिलहन फसलों के बीज उत्पादन एवं वितरण के लिए 150 करोड़ रूपये का प्रावधान किया जाना भी स्वागत योग्य निर्णय है। छत्तीसगढ़ में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए 20 करोड़ रूपये तथा जैविक उत्पादों की प्रमाणीकरण हेतु 24 करोड़ रूपये का प्रावधान किये जाने से प्रदेश में जैविक कृषि का विस्तार होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहली बार डिजीटल क्रॉप सर्वे हेतु 40 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान किया गया है, जिससे कृषि के विकास को बढ़ावा मिलेगा।डॉ. चंदेल ने कहा कि कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत वित्तीय बजट में 10 हजार करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के अंतर्गत प्रदेश के 5 लाख 62 हजार भूमिहीन मजदूरां को सालाना 10 हजार रूपये की आर्थिक सहायता देना भी एक अच्छा निर्णय है। बजट में इसके लिए 600 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। कृषि पंपो के निःशुल्क बिजली प्रदाय हेतु 3500 करोड़ रूपये तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 750 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है जिससे किसानों किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। गन्ना किसानों को बोनस हेतु 60 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। डॉ. चंदेल ने कहा कि वित्तीय बजट में बागवानी के विकास एवं विस्तार हेतु भी अनेक प्रावधान किये गये हैं जिसके तहत बागवानी मिशन के लिए 150 करोड़ रूपये, खाद्य तेल राष्ट्रीय मिशन के अंतर्गत 30 करोड़ रूपये तथा मसाला फसलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए 5 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सरकार द्वारा प्रदेश के किसानों के खाते में विभिन्न योजनाओं के तहत लगभग 1 लाख करोड़ रूपये की राशि अंतरित की गई है जिससे प्रदेश के किसानों को बड़ी आर्थिक मदद मिली है।डॉ. चंदेल ने कहा कि इस वर्ष के बजट की महत्वपूर्ण विशेषता सिंचाई, अधोसंरचना और जल संसाधन प्रबंधन के लिए बढ़ा हुआ आबंटन है जो विशेष रूप से वर्षा आश्रित क्षेत्रों में किसानों के लिए जल उपलब्धता में सुधार सुनिश्चित करेगा। सबसिडी युक्त कृषि इन्पुट, कृषि यंत्रीकरण और फसल विविधिकरण में निवेश उत्पादकता और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक साकारात्मक कदम है। इसके अलावा किसान उत्पादक संगठन, कृषि स्टार्टअप और खाद्य प्रसंस्करण इकाईयों पर विशेष ध्यान दिया गया है जिससे छोटे किसानों को बाजार केन्द्रित कृषि प्रणाली से जोड़ने में मदद मिलेगी। डिजीटल कृषि और स्मार्ट खेती को बढ़ावा देना राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप है और पारंपरिक कृषि पद्धतियों के आधुनिकीकरण में सहायक होगा। डॉ. चंदेल ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण इकाईयों और फूड पार्कों की स्थापना के लिए 17 करोड़ रूपये तथा माइक्रो फूड प्रोसेसिंग उद्यमों के लिए 46 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है जो एक अच्छा कदम है। उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर यह बजट राष्ट्रीय बजट के अनुरूप एक समावेशी और प्रगतिशील बजट है जिससे छत्तीसगढ़ के किसानों को बदलते आर्थिक और पर्यावरणीय परिदृश्य में आगे बढ़ने के लिए आवश्यक सहयोग मिलेगा।
- दुर्ग / भिलाई नगर खुर्सीपार क्षेत्र वार्ड 42, गौतम नगर में संभावित पीलिया के मरीज प्राप्त होने की सूचना प्राप्त होने पर डॉ. मनोज दानी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, दुर्ग के निर्देश में डॉ. सी.बी.एस. बंजारे, जिला सर्वेलेंस अधिकारी, दुर्ग के मार्गदर्शन में डॉ. पियाम सिंग, प्रभारी अधिकारी, सिविल हॉस्पिटल सुपेला भिलाई व श्रीमती रितीका सोनवानी, जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट, दुर्ग द्वारा श्री विजय सेजुले, सुपरवाईजर, श्री हितेन्द्र कोसरे, बीईटीओ एवं स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं मितानिनों के साथ प्रभावित क्षेत्र का भ्रमण किया गया।सीएमएचओ डॉ दानी ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र का स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा नियमित सर्वे किया जा रहा है। 02 मार्च 2025 को कुल 245 घरों का सर्वे किया गया जहॉं कुल 21 संभावित पीलिया मरीज मिले हैं, 9 की जॉंच की गयी जिसमें से 06 पीलिया के मरीज मिले, 01 जिला अस्पताल में भर्ती किया गया, जिनका चिकित्सकीय उपचार किया जा रहा है। 03 मार्च 2025 को कुल 325 घरों का भ्रमण किया गया, जिसमें पीलिया के संभावित मरीज नहीं मिले। प्रभावित क्षेत्रों का पानी जॉंच के लिए 04 सैम्पल कार्यपालन अभियंता, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, दुर्ग को भेजा गया है।जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग, दुर्ग समस्त जनता से अपील करता है कि उल्टी लगना, भूख न लगना, थकान महसूस होना, पेट में लगातार दर्द होना, बुखार आना जैसे पीलिया संबंधी लक्षण दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में जाकर चिकित्सकीय परामर्श लें, पीलिया का जॉंच करायें और अपने व परिवार का ध्यान रखें।
- दुर्ग, / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के मार्गदर्शन में जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र परिसर दुर्ग में 07 मार्च 2025 को प्रातः 10.30 बजे से प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया गया है। प्लेसमेंट केम्प में निजी नियोजक सीएनएसपी दुर्ग द्वारा कम्प्यूटर हार्डवेयर नेटवर्किंग एण्ड प्रिन्टर टेक्निशियन सीनियर 01 एवं जूनियर 02, सीसीटीवी टेक्निशियन 01, सेल्स मार्केटिंग रिकवरी कोआर्डिनेर 01 और निजी नियोजक एमएपी एनर्जी द्वारा फिटर/वेल्डर 30, इलेट्रिशयन 35, मेकनिक 15, रिगर 20, गैस कटर 15, हेल्पर 50 पदों पर भर्ती की जाएगी। इसके लिए सीएनएसपी दुर्ग में आयु सीमा 25 से 30 वर्ष एवं शैक्षणिक योग्यता एक वर्ष डिप्लोमा, 12वी पास और अनुभवी को प्राथमिकता दी जाएगी। इसी तरह एमएपी एनर्जी में आयु सीमा 18 प्लस एवं शैक्षणिक योग्यता आईटीआई/12वी एवं 10 वीं पास और अनुभवी को प्राथमिकता दी जाएगी। यह प्लेसमेंट केम्प केवल पुरूष अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित है।जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र दुर्ग के उप संचालक श्री आर.के.कुर्रे के अनुसार इच्छुक आवेदक समस्त शैक्षणिक मूल प्रमाण एवं अंकसूची, पहचान पत्र (मतदाता परिचय पत्र, आधार कार्ड, पेन कार्ड, ड्रायविंग लाइसेंस) रोजगार कार्यालय का पंजीयन पत्रक, छ.ग. निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र सभी दस्तावेजों की छायाप्रति के साथ कार्यालयीन समय पर जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र दुर्ग में उपस्थित हो सकते हैं।
- -अपर कलेक्टर ने जनदर्शन में सुनी आमजनों की समस्याएं, निराकरण के दिए निर्देश-जनदर्शन में आज 53 आवेदन प्राप्त हुएदुर्ग, / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के निर्देशानुसार जिला कार्यालय के सभाकक्ष में अपर कलेक्टर श्री वीरेन्द्र सिंह ने साप्ताहिक जनदर्शन कार्यक्रम में पहंुचे जनसामान्य लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने जनदर्शन में पहुंचे सभी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समुचित समाधान एवं निराकरण करने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही कर आवश्यक पहल करने को कहा। जनदर्शन में अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन कराने, आर्थिक सहायता राशि दिलाने सहित विभिन्न मांगों एवं समस्याओं से संबंधित आज 53 आवेदन प्राप्त हुए।जीवनदीप समिति में कार्यरत कर्मचारियों ने समय पर वेतन दिलाने की मांग की। उन्होंने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र निकुम में पिछले 10 वर्षाे से सफाई कर्मचारी के पद पर कार्यरत है। मानदेय के रूप में तीन हजार रूपए ही प्राप्त होते हैं, जिससे परिवार का पालन पोषण करने में कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। मानदेय भी दो से तीन महिने में एक बार मिलता है। मानदेय में बढ़ोतरी करते हुए समय पर वेतन दिलाने आवेदन सौपा। इस पर अपर कलेक्टर ने सीएमएचओ को नियमानुसार कार्यवाही करने को कहा।सुंदर विहार कॉलोनीवासियों ने मोबाइल टॉवर लगाए जाने की शिकायत लेकर जनदर्शन में पहंुचे। उन्होंने बताया कि उनकी कॉलोनी में एयरटेल कंपनी द्वारा मोबाइल टावर लगाया जा रहा है, जिसका विरोध पूरी कॉलोनी द्वारा किया गया। परंतु कंपनी द्वारा नये नियम का हवाला देकर घर के बाजू में टावर लगाने का कार्य किया जा रहा है। कॉलोनी में पर्याप्त नेटवर्क होने के बावजूद जबरदस्ती टावर लगाया जा रहा है। टावर लगाकर मोबाइल कंपनी अपना टारगेट पूरा करना चाह रही है। तत्काल इस अनुमति को निरस्त करने आवेदन सौपा। इस पर अपर कलेक्टर ने संबंधित विभाग को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।पचरी पारा दुर्ग निवासी ने अनुकंपा नियुक्ति दिलाने आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि उनकी माता नगर निगम दुर्ग में कार्यरत थी। माता की मृत्यु होने के पश्चात अनुकंपा नियुक्ति देने का प्रावधान है। माता का देहांत हुए चार-पांच वर्ष हो चुके हैं, किंतु आज दिनांक तक किसी भी प्रकार की अनुकंपा नियुक्त प्राप्त नही हुई है। जिसके कारण आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस अवसर पर संयुक्त कलेक्टर सुश्री सिल्ली थॉमस, डिप्टी कलेक्टर उत्तम धु्रव सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
- -03 मार्च से 10 मार्च तक विभागीय परीक्षा का आयोजन बीआईटी के ब्लॉक-सी में-प्रथम दिवस, प्रथम पाली में 09 अधिकारी परीक्षा में हुए शामिलदुर्ग, / दुर्ग संभाग के आयुक्त श्री एस.एन. राठौर ने आज बीआईटी दुर्ग के सी-ब्लॉक में आयोजित विभागीय परीक्षा का निरीक्षण किया। यह परीक्षा 03 से 10 मार्च 2025 तक अधिकारी-कर्मचारियों के लिए आयोजित की गई है। परीक्षा के प्रथम दिवस प्रथम पाली में नव परीक्षार्थी सम्मिलित हुए। विधि तथा प्रकिया उत्पादन शुल्क आबकारी विभाग के अधिकारियों के लिए पुस्तक सहित आयोजित परीक्षा में 6 अधिकारी शामिल हुए। राजस्व विभाग के अधिकारियों के लिए दाण्डिक विधि तथा प्रकिया की परीक्षा में 2 अधिकारी शामिल हुए। इसी प्रकार पंजीयन विभाग के अधिकारियों के लिए आयोजित पंजीयन विधि तथा प्रकिया की परीक्षा में एक अधिकारी शामिल हुए। संभागायुक्त श्री राठौर ने परीक्षा प्रभारी को सुव्यवस्थित ढ़ंग से विभागीय परीक्षा की गतिविधि संपन्न कराने के लिए निर्देशित किया।प्राप्त जानकारी के अनुसार 03 मार्च 2025 सोमवार को प्रथम पाली में पहला प्रश्न पत्र-दाण्डिक विधि तथा प्रक्रिया (पुस्तकों सहित) भू-अभिलेख एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों के लिये, पंजीयन विधि तथा प्रक्रिया, पंजीयन विभाग के अधिकारियों के लिये (केवल अधिनियम तथा नियम की पुस्तकों सहित), विधि तथा प्रकिया-उत्पादन शुल्क/आबकारी विभाग के अधिकारियों के लिये (पुस्तकों सहित), विधि तथा प्रक्रिया- विक्रय कर विभाग के अधिकारियों के लिये (केवल नियमों की पुस्तकों सहित), पहला प्रश्न पत्र-सहकारिता (बिना पुस्तकों के) सहकारी संस्थाओं के सहायक पंजीयकों के लिये, पेपर-1 इलेक्ट्रॉनिक लॉस (विथआउट बुक्स) ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के लिये तथा द्वितीय पाली में दूसरा प्रश्न पत्र-दाण्डिक विधि तथा प्रक्रिया दाण्डिक मामलों में आदेश/निर्णय का लिखा जाना, भू-अभिलेख विभाग एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों के लिये, दूसरा प्रश्न पत्र-सहकारिता तथा सामान्य विधि (पुस्तकों सहित) सहकारी संस्थाओं के सहायक पंजीयकों के लिये, प्रश्न पत्र-समाज कल्याण (बिना पुस्तकों के), समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के लिये, पेपर-2, अर्थिंग एण्ड इलेक्ट्रिकल सेफ्टी (विथआउट बुक्स), ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के लिये आयोजित की गई है।इसी क्रम में 4 मार्च 2025 मंगलवार को प्रथम पाली में पहला प्रश्न पत्र-प्रशासनिक राजस्व विधि तथा प्रक्रिया (बिना पुस्तकों के) भाग-’ए’, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के अधिकारियों के लिये, पहला प्रश्न पत्र-प्रशासनिक राजस्व विधि तथा प्रक्रिया (बिना पुस्तकों के) राजस्व, भू-अभिलेख विभाग के अधिकारियों के लिये भाग- ’बी’, पहला प्रश्न पत्र-प्रशासनिक राजस्व विधि तथा प्रकिया (बिना पुस्तकों के) राजस्व, भू- अभिलेख विभाग के अधिकारियों के लिये भाग-’सी’, उद्योग विभाग संबंधी अधिनियम तथा नियम-उद्योग विभाग के अधिकारियों के लिये, प्रश्न पत्र- खनिज प्रबंध (पुस्तकों-सहित) खनिज साधन विभाग के अधिकारियों के लिये, लेखा तथा कार्यालयीन प्रक्रिया प्रथम प्रश्न पत्र पंजीयन विभाग के अधिकारियों के लिये (बिना पुस्तकों के), पेपर-3, इलेक्ट्रिकल इन्टॉलेशन (विथआउट बुक्स), ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के लिये तथा द्वितीय पाली में प्रथम प्रश्न पत्र-लेखा (बिना पुस्तकों के), सहायक संचालक संवर्ग, बाल विकास परियोजना एवं तृतीय श्रेणी कार्यपालिक (पर्यवेक्षक इत्यादि) के लिये तथा द्वितीय पाली में दूसरा प्रश्न पत्र-प्रशासनिक राजस्व विधि तथा प्रक्रिया (पुस्तकों सहित) राजस्व भू- अभिलेख आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारियों के लिये, प्रकिया विकास योजनाओं राज्यों के साधनों राज्य के नियम पुस्तिकाओं आदि का ज्ञान (पुस्तकों सहित), उद्योग विभाग के अधिकारियों के लिये, तीसरा प्रश्न पत्र बैंकिग (बिना पुस्तकों के) सहकारी संस्थाओं के सहायक पंजीयकों के लिये, प्रश्न पत्र-समाज शिक्षा (बिना पुस्तकों के), समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के लिये, लेखा तथा कार्यालयीन प्रक्रिया-द्वितीय प्रश्न पत्र, पंजीयन विभाग के अधिकारियों के लिये (पुस्तकों सहित), प्रश्न पत्र 4-लेखा व स्थापना (बिना पुस्तकों के), ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के लिये, द्वितीय प्रश्न पत्र-लेखा (पुस्तकों सहित), सहायक संचालक संवर्ग, बाल विकास परियोजना एवं तृतीय श्रेणी कार्यपालिक (पर्यवेक्षक इत्यादि) के लिये परीक्षा आयोजित की गई है।इसी प्रकार 05 मार्च 2025 को प्रथम पाली में तीसरा प्रश्न पत्र- प्रशासनिक, राजस्व विधि तथा प्रकिया, राजस्व के मामले में आदेश का लिखा जाना, राजस्व एवं भू-अभिलेख विभाग के अधिकारियों के लिये, प्रश्न पत्र-पुस्तपालन तथा कर निर्धारण (पुस्तकों सहित), विकयकर विभाग के अधिकारियों के लिये, प्रश्न पत्र प्रथम-वन विधि (बिना पुस्तकों के), सहायक वन संरक्षकों के लिये, पहला प्रश्न पत्र-प्रक्रिया (बिना पुस्तकों के) वन क्षेत्रपालों के लिये, प्रश्न पत्र-'व्यावहारिक शाखा' पुलिस विभाग के अधिकारियों के लिए (बिना पुस्तकों के), पेपर-5, स्विचगियर एण्ड प्रोटेक्शन (विथआउट बुक्स), ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के लिये तथा द्वितीय पाली में तृतीय प्रश्न पत्र-महिला कल्याण एवं सशक्तिकरण (बिना पुस्तकों के), सहायक संचालक संवर्ग, बाल विकास परियोजना एवं तृतीय श्रेणी कार्यपालिक (पर्यवेक्षक इत्यादि) के लिये तथा द्वितीय पाली में प्रश्न पत्र-कार्यालयीन संगठन तथा प्रक्रिया, विक्रयकर विभाग के अधिकारियों के लिये, सिविल विधि तथा प्रक्रिया (पुस्तकों सहित), राजस्व एवं भू-अभिलेख विभाग के अधिकारियों के लिये, प्रश्न पत्र- ’पुलिस शाखा’ (बिना पुस्तकों के), पुलिस विभाग के अधिकारियों के लिए, दूसरा प्रश्न पत्र-सामान्य विधि (पुस्तकों सहित), सहायक वन संरक्षकों के लिये, तीसरा प्रश्न पत्र-सामान्य विधि (पुस्तकों सहित) वन क्षेत्रपालों के लिये, स्थानीय शासन अधिनियम तथा नियम (बिना पुस्तकों के) पंचायत विभाग के अधिकारियों के लिये, चौथा प्रश्न पत्र-सहकारी लेखा तथा परीक्षण (बिना पुस्तकों के) भाग-1, लेखा भाग-2, सहकारिता लेखा परीक्षण, सहकारी संस्थाओं के सहायक पंजीयकों के लिये, समाज शास्त्र (पुस्तकों सहित), आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के अधिकारियों के लिये, पेपर-6, इन्सूलेशन कोऑडिनेशन एण्ड हजार्डस एरियास (विथआउट बुक्स) ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के लिये तथा चतुर्थ प्रश्न पत्र-बाल संरक्षण, देखभाल, कल्याण एवं विकास (बिना पुस्तकों के), सहायक संचालक संवर्ग, बाल विकास परियोजना एवं तृतीय श्रेणी कार्यपालिक (पर्यवेक्षक इत्यादि) के अधिकारियों के लिये परीक्षा आयोजित की गई है।06 मार्च 2025 गुरुवार को प्रथम पाली में प्रथम प्रश्न पत्र-लेखा (बिना पुस्तकों के) सहायक कलेक्टरों डिप्टी कलेक्टरों, तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों तथा राजस्व एवं भू- अभिलेख विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों के लिये प्रश्न पत्र प्रथम-लेखा (बिना पुस्तकों के), आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के अधिकारियों के लिये, प्रश्न पत्र प्रथम-लेखा (बिना पुस्तकों के), समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के लिये, प्रश्न पत्र-न्यायिक शाखा (बिना पुस्तकों के), पुलिस विभाग के अधिकारियों के लिए, प्रश्न पत्र-लेखा (पुस्तकों सहित), उत्पाद शुल्क/आबकारी विभाग के अधिकारियों के लिये, प्रश्न पत्र-लेखा (पुस्तकों सहित), आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के अधिकारियों के लिये, प्रश्न पत्र-लेखा (पुस्तकों सहित), उद्योग विभाग के अधिकारियों के लिये, प्रश्न पत्र-लेखा (पुस्तकों सहित), खनिज साधन विभाग के अधिकारियों के लिये तथा द्वितीय पाली में प्रश्न पत्र-लेखा (पुस्तकों सहित), जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों के लिये, द्वितीय प्रश्न पत्र-लेखा (पुस्तकों सहित), डिप्टी कलेक्टरों तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों तथा एवं भू-अभिलेख विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों के लिये, द्वितीय प्रश्न पत्र-लेखा (पुस्तकों सहित), आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के अधिकारियों के लिये, द्वितीय प्रश्न पत्र-लेखा (पुस्तकों सहित), समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के लिये आयोजित की गई है।07 मार्च 2025 शुक्रवार को प्रथम पाली में प्रश्न पत्र भाग-1 (बिना पुस्तकों के) पशुधन विकास विभाग के अधिकारियों के लिये, प्रथम प्रश्न पत्र-लेखा भाग-1 (बिना पुस्तकों के), मछली पालन विभाग के अधिकारियों के लिये, प्रथम प्रश्न पत्र-लेखा (पुस्तकों सहित), कृषि सेवा कार्यपालन प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी के अधिकारियों के लिये, प्रथम प्रश्न पत्र-विधि तथा प्रक्रिया (बिना पुस्तकों के) डेयरी विभाग के अधिकारियों के लिये, द्वितीय प्रश्न पत्र- छत्तीसगढ़ मूलभूत तथ्य और ग्रामीण विकास (पुस्तकों सहित), जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों के लिये, द्वितीय प्रश्न पत्र-लेखा (बिना पुस्तकों के), वन क्षेत्रपालों के लिये, प्रश्न पत्र-पंचायत राज विधि तथा प्रक्रिया (पुस्तकों सहित), सहायक कलेक्टरों, डिप्टी कलेक्टरों, तहसीलदारों अधीक्षक भू-अभिलेख, सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख जिला कार्यालय के अधीक्षक, ग्रामीण विकास विभाग के विकास खण्ड अधिकारी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत, अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक क्षेत्र संयोजक, विकास खंड अधिकारी के लिये मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत के लिये तथा द्वितीय पाली में प्रश्न पत्र भाग-2-लेखा (पुस्तकों सहित), पशुधन विकास विभाग के अधिकारियों के लिये, प्रश्न पत्र-लेखा भाग-2 (पुस्तकों सहित), मछली पालन विभाग के अधिकारियों के लिये, सहकारी संस्थाओं के सहायक पंजीयकों के लिये किसी मामले में आदेश/प्रतिवेदन लिखने की व्यवहारिक परीक्षा (पुस्तकों सहित), तृतीय प्रश्न पत्र-प्रकिया तथा लेखा (पुस्तकों सहित), सहायक वन संरक्षकों के लिये, द्वितीय प्रश्न पत्र-लेखा (बिना पुस्तकों के), कृषि कार्यपालन प्रथम द्वितीय तथा तृतीय श्रेणी के अधिकारियों के लिये, द्वितीय प्रश्न पत्र-लेखा तथा प्रक्रिया (पुस्तकों सहित), डेयरी विकास विभाग के अधिकारियों के लिये, प्रश्न पत्र तृतीय-अनुसुचित जाति तथा आदिवासी (अनुसुचित जनजाति) विकास, जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों के लिये (पुस्तकों सहित), 10 मार्च 2025 सोमवार को प्रथम पाली में हिंदी निबंध तथा हिंदी से अंग्रेजी में अनुवाद परीक्षा (सभी विभागों के अधिकारियों के लिए) आयोजित की गई है। प्रथम पाली की परीक्षा का समय प्रातः 10 बजे से दोपहर 01 बजे तक और द्वितीय पाली परीक्षा का समय दोपहर 02 बजे से शाम 05 बजे है। 08 तथा 09 मार्च 2025 को शासकीय अवकाश रहेगा।



















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