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रायपुर:।- श्री परसराम साहू से.नि. उप महाप्रबंधक भारत संचार निगम लिमिटेड (बी.एस.एन.एल.) द्वारा पद्यानुवाद की पुस्तक ’’श्री सीता चरितम’’ पुस्तक का विमोचन 29 जनवरी सोमावार को वृंदावन हॉल सिविल लाईन रायपुर में दुधाधारी मठ के महंत श्री राजे डॉ. रामसुन्दर दास के मुख्य आतिथ्य, श्री विजय कुमार छबलानी (आई.टी.एस.) मुख्य महाप्रबंधक, बी.एस.एन.एल छ.ग., मेजर डॉ श्री जी.के. श्रीवास्तव, प्राफेसर एवं डीन इंदिरा गांधी कृषी महाविद्यालय के विशिष्ट आतिथ्य में एवं डॉ. श्री राजेश दुबे, प्राचार्य शहीद राजीव पाण्डेय शास. महाविद्यालय रायपुर की अध्यक्षता में किया गया।श्री परसराम साहू ने बताया कि अमेरिकन महिला डेना मरियम जो स्वमी योगानन्द की शिष्या है वर्ष 2015-16 में सांस्कृतिक यात्रा में भारत की धार्मिक नगरी अयोध्या आई और वहां से हरिद्वार के ऋषिकेश पहुची। ऋषिकेश में पवित्र गंगा नदी के तट पर ध्यान में बैठी तब उन्हे प्रभु श्रीराम और सीता के दर्शन हुए एवं ध्यान के दौरान माता सीता से उनका सीधा संवाद हुआ। मां सीता से हुए सीधे संवाद केा उन्होने आत्मसात किया और इस आध्यात्मिक अलौकिक अनुभूति कोे उन्होने अंग्रेजी भाषा में ’’द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ सीता’’ पुस्तक में लिखा, जिसे बाद में दिल्ली की श्रीमती कविता गुप्ता ने हिन्दी भाषा में रुपांतरित कर ’’सीतायन’’ नाम से प्रकाशन करवाया। वर्ष 2021 में जब श्री साहू कोरोना महामारी के शिकार हुए एवं 14 दिन के क्वारांईटाईन अवधि में थे तब ब्रम्हर्षि पितामह सुभाष पत्री जी के संस्था पिरामिड स्प्रिच्युअल सोसायटी मूवमेन्ट से ऑनलाईन माध्यम से जुड़े एवं एक दिन संस्था के सांयकालीन ध्यान सत्र में ’’सीतायन’’ पुस्तक पर चर्चा चल रही थी तब ईश्वरीय चेतना से प्रेरित होकर ’’सीतायन’’ के पद्यानुवाद का विचार श्री साहू के मन में आया और उन्होने सीतायन का पद्यानुवाद ’’श्री सीता चरितम’’ पुस्तक में किया। इस पुस्तक में माता सीता जो जगत जननी है नारायणी है के धरती से प्रकट होने व उसके पश्चात मिथिला नरेश महराज जनक व माता सुनयना के लालन पोषण में बड़े होने, बाल्यावस्था के दौरान अपने पिता के साथ राजदरबार में जाने, मिथिला के समीप निवासरत ऋषि मुनियों के समूहों के समीप जाने, धर्म चर्चा करने, ध्यान लगाने, उनकी सेवा करने, और प्रभु राम से विवाह व विवाह उपरांत जो संस्कार व शिक्षा मिथिला नगरी में अपने पिता व माता से प्राप्त की उसका पालन अयोध्या में राजा दशरथ के यहां करना व व उस संस्कार एवं शिक्षा को अयोध्या में भी फैलाना, प्रभु श्रीराम के साथ वनगमन, रावण द्वारा सीता हरण, वन में राम-हनुमान मिलन व हनुमान जी का लंका प्रवेश, अशोक वाटिका में हनुमान की रक्षा करना, राम रावण युद्व के दौरान लक्ष्मण के मूर्छित होने की जानकारी मां सीता को ध्यान से ही जानकारी प्राप्त होना व ध्यान में ही उनका यमराज से संवाद, यु़द्ध में राम को विजय की प्राप्ति, राम-सीता का लक्ष्मण जी व हनुमान के साथ वनवास के बाद अयोध्या वापस आना, अग्निपरीक्षा, गर्भावस्था में माता सीता का वाल्मिकी आश्रम में रहना और बाद में पुनः धरती पर विलय हो जाना इस प्रकार पूरे जीवनकाल में उनके समर्पण, प्रेम, करुणा, दिव्य शक्ति, आंतरिक उर्जा, त्याग, सेवा एवं समाजवाद को जीवन उन्होनें जिया उसका वर्णन किया गया है।श्री साहू ने कहा कि आज जो समाज व परिवार बिखर रहा है ऐसे समय में पुनः सीता जैसी नारी की आवश्यकता है। सतयुग की मां सीता के जीवन को पढ़कर और आत्मसात कर आज की नारी शक्ति इस कलयुग में भी अपने परिवार के साथ-साथ दूसरेे कुल और परिवार को भी तार सकती है। और यह केवल नारी से ही संभव नही होगा इसके लिये प्रत्येक पुरुष को भी स्वयं भगवन राम को पढ़कर प्रेरणा लेकर मर्यादित जीवन जीना होगा तभी समाज में पुनः संस्कारवान व सुव्यवस्थि परिवार स्थापित होगा। और अच्छे परिवार से गांव, गांव से शहर, शहर से राज्य और राज्य से अच्छे राष्ट्र निर्माण का सपना पूरा होगा और हमारा भारत पुनः विश्व गुरु बन पायेगा। इस पुस्तक के माध्यम से वे स्वयं मर्यादा पुरुषोत्तम राम और माता सीता ने जिस अलौकिक प्रेम व आदर्श राम राज्य की नींव रखे थे, उस प्रेममयी सुनहरी सृष्टि का आह्वान करते है। - - रायपुर जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों ने आवेदन के माध्यम से बताई समस्याएं-आज जनचौपाल में प्राप्त हुए 78 आवेदनरायपुर / कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के मार्गदर्शन में आज कलेक्ट्रेट परिसर स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में अतिरिक्त कलेक्टर श्री बीबी पांचभाई ने जनचौपाल के माध्यम से आम नागरिकों की समस्याएं सुनी। जन चौपाल में आज नागरिकों की मांग एवं समस्याओं से संबंधित 78 आवेदन आए। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहें।आज जन चौपाल में आज रायपुर निवासी तारा शर्मा ने अपनी भूमि के खसरा एवं नक्शा को ऑनलाइन दर्ज कराने और सेरीखेड़ी निवासी जगरबती ने अपनी भूमि का नक्शा बटांकन कर ऑनलाइन पोर्टल एवं पटवारी नक्शे में दुरुस्त करने आवेदन दिया। इसी प्रकार पंडरी रायपुर निवासी पंडरी रायपुर निवासी प्रीतम महानंद ने अपने पुत्र की मार्कशीट में जन्मतिथि में त्रुटि सुधार करने गुरुघासीदास वार्ड निवासी भगवती साहू ने अपनी भूमिका पट्टा दिलाने, ग्राम मोहदी निवासी राकेश शर्मा ने गांव की सड़क का डामरीकरण कराने एवं ग्राम बिरोदा निवासी इतवारी राम साहू ने अपनी भूमि का मुआवजा दिलवाने, ग्राम पाड़ाभाट निवासी राजा राम टंडन ने विकलांग पेंशन दिलवाने, सामाजिक कार्यकर्ता सुरेश दीवान ने गांव में हो रहे अवैध ईट निर्माण कार्य को रूकवाने और बिजली खंभे लगवाने के लिए आवेदन दिया।उल्लेखनीय है कि प्रत्येक सोमवार सुबह 11:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक कलेक्ट्रेट परिसर में कलेक्टर जन चौपाल का आयोजन किया जाता है। जिसमें नागरिक अपनी मांग एवं समस्याओं से संबंधित आवेदन कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं।
- -रायगढ़ और रायपुर के निजी उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में मिलेगा रोजगार-दिव्यांग आवेदकों की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 8वीं उत्तीर्ण से स्नातक व उससे अधिक रखी गई हैरायपुर, / दिव्यांगों के लिए राजधानी रायपुर में रोजगार मेले का अयोजन किया जा रहा है। यह मेला राजभवन के पास स्थित विशेष रोजगार कार्यालय में 31 जनवरी को लगाया जाएगा। इस मेले में निजी उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों द्वारा विभिन्न पदों पर दिव्यांगों को भर्ती के लिए चयनित किया जाएगा। रोजगार मेला सुबह 10.30 बजे से प्रारंभ होगा। इस मेले में चयनित होने वाले दिव्यांग आवेदकों को रायगढ़ एवं रायपुर के विभिन्न निजी उद्योगों तथा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।विशेष रोजगार कार्यालय रायपुर की उपसंचालक डॉ. (श्रीमती) शशीकला अतुलकर द्वारा अवगत कराया गया है कि मेले में शामिल होने वाले दिव्यांग आवेदकों को जिला रोजगार कार्यालय पंजीयन कार्ड, जिला चिकित्सा बोर्ड द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, शिक्षा एवं आयु से संबंधित प्रमाण पत्र, आधार कार्ड मोबाईल नंबर, जाति प्रमाण-पत्र, (यदि आरक्षित श्रेणी से है) तथा पासपोर्ट आकार के 2 फोटो लाना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त अनुभवी दिव्यांगजनों के लिए 1 से 5 वर्ष के अनुभव के आधार पर भी रिक्तियों की पूर्ति मेले में की जायेगी। अनुभव प्रमाण पत्र साथ में लाना अनिवार्य है।उप संचालक डॉ. श्रीमती शशीकला अतुलकर ने बताया कि रोजगार मेले में पात्र दिव्यांगजनों का डाटा एन्ट्री ऑपरेटर, क्लर्क, सुपरवाइजर, भृत्य, असिस्टेंट, सेल्स मेन, हेल्पर, फिल्ड मार्केटिंग, फिल्ड एक्सेक्यूटिव, डिलीवरी एक्सेक्यूटिव, रिसेप्शनिस्ट एवं सेल्स एक्सेक्यूटिव पदों पर साक्षात्कार लिया जाएगा। शैक्षणिक योग्यता न्यूनतम 08वीं उत्तीर्ण से स्नातक व उससे अधिक योग्यताधारी निर्धारित की गई है। मेले में आवेदक को स्वयं के व्यय पर उपस्थित होना है, कोई मार्ग व्यय देय नहीं होगा। रहने एवं खानपान की व्यवस्था भी आवेदक को स्वयं करनी है।रोजगार मेले में बालाजी फायनेंस एण्ड कंसलटेंसी के लिए 12 पद, रोटोकास्ट इंडस्ट्रीस लिमिटेड क्लर्क एवं डाटा एन्ट्री ऑपरेटर के 02 पद, शांता टेक्नो प्राइवेट लिमिटेड के लिए क्लर्क का 1 पद, डाटा एन्ट्री ऑपरेटर का 1 पद, भृत्य का 1 पद सुनिल स्पांज प्राइवेट लिमिटेड में असिस्टेंट का 1 पद, एस्केयर फूड एंड बेवरेजेस प्रा० लि० रायपुर में हेल्पर का 5 पद, रामा उद्योग प्राइवेट लिमिटेड रिसेप्शनिष्ट का 1 पद, डाटा एन्ट्री ऑपरेटर का 1 पद, सुपरवाइजर का 1 पद, टचस्टोन ग्रुप भाठागांव रायपुर के लिए सेल्स मेन का 4 पद पर भर्ती की जाएगी।इसी प्रकार डॉ. रेडीस फॉउडेशन द्वारा रिलायंस स्मार्ट प्वाइंट अम्बुजा मॉल के लिए सेल्स एसोसिएट के 3 पद सिटी सेंटर मॉल में रिलायंस स्मार्ट प्वाइंट के लिए सेल्स एसोसिएट के 4 पद करेंसी टॉवर में रिलायंस स्मार्ट प्वाइंट के लिए सेल्स एसोसिएट के 6 पद, कलर्स मॉल में रिलायंस स्मार्ट प्वाइंट के लिए सेल्स एसोसिएट के 6 पद एवं फ्लिपकार्ट रायपुर में डिलीवरी एक्सेक्यूटिव के लिए 20 पदों पर भर्ती की जाएगी।
- रायपुर / लाइवलीहुड कॉलेज जोरा में महिन्द्रा एण्ड महिन्द्रा लिमिटेड द्वारा ट्रैक्टर मैकेनिक कोर्स के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए कॉलेज में नवीन तकनीक से सुसजित लैब स्थापित किया गया है। इस प्रशिक्षण की अवधि 220 घण्टे तथा आवश्यक योग्यता 10वीं पास है। रायपुर जिले में निवासरत् 18 से 45 वर्ष के युवाओं से आवेदन आमंत्रित है। अधिक जानकारी हेतु कार्यालयीन नम्बर-0771-244306 एवं अन्य नम्बर-9109321845, 9399791163 में संपर्क कर सकते है। file phpto
- -दंतेश्वरी मैय्या सहकारी शक्कर कारखाना करकाभाट में किया गया गन्ना उत्पादक संगोष्ठी का आयोजन-किसानों को समुचित बिजली एवं पानी की आपूर्ति के अलावा गन्ना के परिवहन के लिए मदद के साथ-साथ मनरेगा के तहत गन्ने की खेती से संबंधित स्वीकृत किए जाएंगे कार्यबालोद । कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने कहा कि शक्कर कारखाना करकाभाट में उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ बालोद जिले में गन्ना उत्पादन हेतु अनुकूल भूमि एवं जलवायु होने के कारण गन्ना की पैदावार की भी बहुत अच्छी संभावनाएं है। श्री चन्द्रवाल ने कहा कि जिले के करकाभाट शक्कर कारखाने मंे समुचित उत्पादन हो सके इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा जिले के गन्ना उत्पादक कृषकों को जरूरी मदद उपलब्ध कराए जाएंगे। श्री चन्द्रवाल 26 जनवरी को दंतेश्वरी मैय्या शक्कर कारखाना करकाभाट परिसर में आयोजित गन्ना उत्पादक कृषक संगोष्ठी के अवसर पर अपना उदगार व्यक्त कर रहे थे। इस दौरान कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने किसानों की मांग पर किसानों को गन्ना के उत्पादन हेतु समुचित मात्रा में पानी एवं बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित कराने का आश्वासन भी दिया। इसके अलावा उन्होंने गर्मी के दिनों में गन्ना फसल के लिए विद्युत आपूर्ति में किसी भी प्रकार के अवरोध उत्पन्न न हो इसके लिए निर्बाध रूप से विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराने की भी बात कही। संगोष्ठी में कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने कहा कि किसानों की मांग पर खेत से शक्कर कारखाना करकाभाट तक गन्ने की परिवहन हेतु किसानों को मदद उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही किसानों की मांग पर सहमति व्यक्त करते हुए गन्ने की खेती के अंतर्गत भूमि सुधार के कार्य तथा गन्ना कटाई के कार्य के अलावा गन्ने के समुचित उत्पादन हेतु पड़त भूमि की सुधार हेतु मनरेगा के तहत कार्य स्वीकृत कराने पर विचार करने की बात कही। इसके अलावा उन्होंने गन्ना किसानों को अस्थाई विद्युत कनेक्शन को स्थायी कराने का आश्वासन भी दिया। कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने कहा कि बालोद जिले मंे गन्ने का पैदावार पर्याप्त मात्रा में होने पर दंतेश्वरी मैय्या शक्कर कारखाना में एथेनाॅल प्लांट लगाने पर भी विचार किया जाएगा। कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने गन्ना कृषकों को उनके बिजली एवं पानी से संबंधित मांगों एवं समस्याओं के निराकरण हेतु 30 से 40 कृषकों को सामुहिक रूप से आवेदन प्रस्तुत करने का सुझाव भी दिया। जिससे उनके मांगों का आसानी से निराकरण सुनिश्चित किया जा सके। इस अवसर पर संयुक्त कलेक्टर श्री योगेन्द्र श्रीवास, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के प्राध्यापक श्री डाॅ. निलेश वर्मा, उप संचालक कृषि श्री जीएस धुर्वे, दंतेश्वरी मैय्या शक्कर कारखाना के प्रबंध संचालक श्री राजेन्द्र प्रसाद राठिया, सहायक संचालक कृषि श्री एसएन ताम्रकार सहित गन्ना उत्पादन कृषक संघ के प्रतिनिधियों के अलावा बड़ी संख्या में गन्ना कृषक उपस्थित थे।संगोष्ठी मंे कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने उपस्थित कृषकों से जिले मंे गन्ने के पैदावार को बढ़ाने एवं उनकी मांगों एवं आवश्यकताओं की पूर्ति के संबंध में आवश्यक सुझाव भी लिए। इस अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के प्राध्यापक श्री डाॅ. निलेश वर्मा एवं उप संचालक कृषि श्री जीएस धुर्वे ने बालोद जिले में गन्ना के पैदावार को बढ़ाने के उपायों के संबंध मंे विस्तारपूर्वक जानकारी दी। शक्कर कारखाना के प्रबंध संचालक श्री राठिया ने बालोद जिले के जलवायु को गन्ना उत्पादन के लिए उपयुक्त बताते हुए किसानों द्वारा मौजूदा वर्ष में उत्पादन किए गए गन्ना की कुल मात्रा के संबंध में जानकारी दी। इस अवसर पर किसान श्री रमेश उईके, श्री सतभुज देवांगन, श्री भोजराम, श्री बनवारी लाल आदि किसानों ने अपना विचार रखते हुए गन्ना के उत्पादन बढ़ाने एवं गन्ना किसानों को आवश्यक मदद उपलब्ध कराने के संबंध में अपना सुझाव दिया।
- -विद्यार्थियों को आत्म विश्वास बनाए रखने तथा चुनौतियों का सामना करने के लिए सदैव तैयार रहने की दी सीख-शासकीय आदर्श कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बालोद में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए कलेक्टर श्री चन्द्रवाल सहित जनप्रतिनिधि एवं आला अधिकारियों के अलावा शिक्षक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी-कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने विद्यार्थियों को तनाव मुक्त रहकर परीक्षा की तैयारी की दी समझाईशबालोद । प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज भारत शासन के वार्षिक कार्यक्रम ’’परीक्षा पे चर्चा’’ के दौरान पूरे देश के विभिन्न स्थानों के विद्याथियों से चर्चा कर उन्हें परीक्षा एवं जीवन में सफल होेने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण टीप्स दिए। इस दौरान उन्होंने परीक्षा के दौरान तनाव से मुक्त रहकर सफलता हासिल करने के उपायों के संबंध में रोचक, ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणास्पद जानकारियां दी। इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने संघर्ष एवं चुनौतियों को मनुष्य के लिए अत्यंत आवश्यक बताते हुए विद्यार्थियों को विपरित समय में भी आत्मविश्वास एवं धैर्य बनाए रखने तथा चुनौतियों का सामना करने के लिए सदैव तैयार रहने की सीख दी। जिला मुख्यालय बालोद के शासकीय आदर्श कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित ’’परीक्षा पे चर्चा’’ कार्यक्रम के अवसर पर आज कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल एवं आला अधिकारियों के अलावा राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य श्री यशवंत जैन, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्री यज्ञदत्त शर्मा, श्री राकेश यादव, श्री केसी पवार सहित अन्य जनप्रतिनिधि, शिक्षक-शिक्षिका एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थीगण उपस्थित थे। इस अवसर पर विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा परीक्षा एवं जीवन में सफल होने के लिए दिए गए महत्वपूर्ण टिप्स को पूरे मनोयोग से सुनकर भूरी-भूरी सराहना की।प्रधानमंत्री श्री मोदी ने ’परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम में पूरे देश से जुड़े विद्यार्थियों एवं उनके माता-पिता, अभिभावकों एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं को परीक्षा के मुश्किल दिनों को खुशनुमा एवं तनाव मुक्त बनाने के संबंध में सारगर्भिक एवं ज्ञानवर्धक जानकारियां दी। श्री मोदी ने विद्यार्थियों के माता-पिता एवं अभिभावकों को परीक्षा के दौरान किसी भी स्थिति में विद्यार्थियों पर दबाव नहीं बनाने की अपील की। इस दौरान उन्हांेने विद्यार्थियों को भय एवं चिंताओं से दूर रहने तथा शांत मन से पूरे उत्साह एवं आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दिलाने को कहा। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने विद्यार्थियों द्वारा जीवन में आने वाली चुनौतियों से सामना करने के उपायों के संबंध में पूछे गए प्रश्नांे का सारगर्भित जानकारियां दी। उन्होंने कहा कि जीवन मंे यदि चुनौतियां एवं प्रतिस्पर्धा नहीं होंगी तो जीवन का कोई महत्व नहीं रह जाएगा। उन्होंने कहा कि मनुष्य के समुचित विकास के लिए जीवन में चुनौतियां एवं प्रतिस्पर्धा अत्यंत आवश्यक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जीवन में अगर चुनौतियां है तो उसका समाधान भी है। श्री मोदी ने रोचक कहानियां एवं प्रेरक प्रसंग के माध्यम से विद्यार्थियों को एक-दूसरे का सहयोग करते हुए स्वस्थ्य प्रतिस्पर्धा करने की सीख दी। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने से अधिक प्रतिभाशाली लोगों से कभी भी ईष्या नहीं करने तथा प्रतिभाशाली लोगों से सदैव दोस्ती करने को कहा।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास हेतु पूरे मनोयोग के साथ पढ़ाई-लिखाई के अलावा व्यायाम एवं शारीरिक श्रम उचित पोषण एवं भरपूर नींद को भी अत्यंत आवश्यक बताया। जिससे सेहत पर भी प्रतिकुल प्रभाव न पड़े। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को परीक्षा के दौरान लगातार पढ़ाई-लिखाई के अलावा बीच-बीच में रिचार्ज होना भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को नींद के समय भरपूर नींद एवं काम के समय पूरी तरह से जागृत रहकर काम करने की सलाह दी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने विद्यार्थियों के कम्प्यूटर, लैपटाॅप, मोबाईल आदि ज्ञान-विज्ञान के आधुनिक तकनीकों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विद्यार्थियों को इसका आवश्यकतानुसार सही समय पर सही उपयोग करना चाहिए।इस अवसर पर कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने प्रधानमंत्री श्री नरंेद्र मोदी के द्वारा ’परीक्षा पे चर्चा’ के माध्यम से विद्यार्थियों से चर्चा कर उन्हें रोचक एवं अत्यंत महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करने पर सराहना व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा पूरे देश के विद्यार्थियों को दी गई जानकारी हमारे विद्यार्थियों के लिए अत्यंत लाभप्रद सिद्ध होगा। इस अवसर पर उन्होंने बालोद जिले के विद्यार्थियों को परीक्षा के दौरान तनाव मुक्त रहकर पूरे मनोयोग से परीक्षा की तैयारी में जुट जाने को कहा। उन्होंने विद्यार्थियों को परीक्षा में अच्छे अंक अर्जित कर जीवन में उपलब्धि हासिल करने के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी। कार्यक्रम में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. रेणुका श्रीवास्तव, जिला शिक्षा अधिकारी श्री मुकुल साव, डीएमसी श्री अनुराम द्विवेदी, जिला खेल अधिकारी श्री किशोर मेहरा सहित संस्था के प्राचार्य एवं बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिका और विद्यार्थीगण उपस्थित थे।
- बालोद। बालोद जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 के अंतर्गत धान खरीदी का कार्य निरंतर जारी है। जिला खाद्य अधिकारी ने बताया कि जिले में कुल 01 लाख 49 हजार 161 किसानों ने धान विक्रय हेतु पंजीयन कराया है। जिसमें से अब तक 01 लाख 40 हजार 548 किसानों द्वारा कुल 07 लाख 09 हजार 503 मीट्रिक टन धान विक्रय किया गया है। जिसकी कुल राशि 1553 करोड़ 31 लाख रूपए है। उन्होंने बताया कि अब तक 05 लाख 72 हजार 339 मीट्रिक टन धान हेतु डीओ जारी किया गया है, जिसमें से 04 लाख 75 हजार 794 मीट्रिक टन का धान उठाव कर लिया गया है। उपार्जन केन्द्रों में 02 लाख 33 हजार 708 मीट्रिक टन धान शेष है। उन्होंने बताया कि आगामी खरीदी दिवस हेतु 9815 किसानों के लिए टोकन जारी किया गया है, जिसमें कुल 22 हजार 500 मीट्रिक टन धान की खरीदी की जाएगी।
- -कृषि विश्वविद्यालय में समन्वित कृषि प्रणाली पर तीन दिवसीय अखिल भारतीय वार्षिक समूह बैठक प्रारंभ-समन्वित कृषि प्रणाली के विभिन्न मॉडलों, संभावनाओं एवं चुनौतियों पर विचार मंथन होगारायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में आज समन्वित कृषि प्रणाली पर अखिल भारतीय समन्वित कृषि अनुसंधान परियोजना की तीन दिवसीय वार्षिक समूह बैठक का शुभारंभ किया गया। 31 जनवरी तक चलने वाली इस समूह बैठक में इस परियोजना के अंतर्गत संचालित देश के 74 अनुसंधान केन्द्रों के कृषि वैज्ञानिक शामिल हुए हैं। वार्षिक समूह बैठक के शुभारंभ समारोह के मुख्य अतिथि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के उप महानिदेशक (प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन) डॉ. एस.के. चौधरी थे तथा समारोह की अध्यक्षता इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने की। इस तीन दिवसीय वार्षिक समूह बैठक का आयोजन भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान (भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, मोदीपुरम, मेरठ) तथा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। इस बैठक में समन्वित कृषि प्रणाली परियोजना के अंतर्गत देश भर के विभिन्न केन्द्रों में संचालित अनुसंधान गतिविधियों, समन्वित कृषि प्रणाली के विभिन्न मॉडलों, चुनौतियों तथा संभावनाओं पर विचार-मंथन किया जाएगा तथा भविष्य हेतु रणनीति तैयार की जाएगी।वार्षिक समूह बैठक का शुभारंभ करते हुए उप महानिदेशक भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद डॉ. एस.के. चौधरी ने कहा कि समन्वित कृषि प्रणाली आज के दौर में पूरे विश्व की आवश्यकता है और दुनिया के विभिन्न देशों में इसका सफलतापूर्वक प्रयोग किया जा रहा है। उन्हांने कहा कि समन्वित कृषि प्रणाली के माध्यम से कृषि के उपलब्ध संसाधनों का समुचित तथा प्रभावी उपयोग हो पाता है, उत्पादकता बढ़ती है तथा खेती की लागत कम होती है। समन्वित कृषि प्रणाली फसल उत्पादन के साथ-साथ उद्यानिकी, वानिकी, पशुपालन, मछली पालन तथा कृषि से संबंधित सभी पहलुओं का समन्वित उपयोग कर अधिक उत्पादन एवं आय प्राप्त करने का उपयुक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि समन्वित समन्वित कृषि प्रणाली के द्वारा ही कृषि के क्षेत्र में व्याप्त चुनौतियों जैसे खाद्य सुरक्षा, पोषण सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, पारिस्थितिकी असंतुलन आदि का समाधान किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि 70 वर्ष पूर्व शुरू की गई यह परियोजना उस समय भी प्रासंगिक थी और आज और भी ज्यादा प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के तहत संचालित देश के विभिन्न केन्द्रों में समन्वित कृषि प्रणाली के विविध मॉडलों पर अनुसंधान किया जा रहा है तथा जलवायु सहनशील मॉडलों का विकास किया जा रहा है।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने कहा कि कृषि एवं कृषकों के विकास के समन्वित कृषि प्रणाली एक बेहतरीन मॉडल है। इस प्रणाली के तहत किसान के पास उपलब्ध समस्त संसाधनों - मानव संसाधन, पशु संसाधन, यंत्र एवं उपकरण, बीज, खाद, उर्वरक, सिंचाई जल आदि का समुचित उपयोग किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस मॉडल को और अधिक सफल बनाने के लिए इसमें कृषि के क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाले नवाचारों एवं आधुनिक तकनीकों जैसे ड्रोन टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेन्स आदि का भी उपयोग किया जाना चाहिए। डॉ. चंदेल ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए फसलों एवं उनके उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग पर ध्यान देना होगा। उन्होंने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा समन्वित कृषि प्रणाली के क्षेत्र में किये जा रहे अनुसंधान कार्यां के बारे में भी जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम में डॉ. एन. रविशंकर, परियोजना समन्वयक, अखिल भारतीय कृषि अनुसंधान परियोजना (समन्वित कृषि प्रणाली), डॉ. सुनील कुमार, निदेशक, भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान, मोदीपुरम, डॉ. पी.के. घोष, निदेशक, राष्ट्रीय जैविक तनाव प्रबंधन संस्थान, रायपुर तथा डॉ. विवेक कुमार त्रिपाठी, संचालक अनुसंधान इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने भी अपने विचार व्यक्त किये।कार्यक्रम के दौरान समन्वित कृषि प्रणाली के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले दो किसानों श्री नरसिंह राठौर, पिपरहटा, आरंग तथा श्री निरंजन जांगडे, परसदा, आरंग को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर समन्वित कृषि प्रणाली अनुसंधान परियोजना के तहत उल्लेखनीय कार्य करने वाले कृषि वैज्ञानिकों को भी सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान समन्वित कृषि प्रणाली विषय पर प्रकाशित विभिन्न प्रकाशनों, वार्षिक प्रतिवेदन का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम के अंत में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के प्रमुख सस्य वैज्ञानिक एवं कार्यशाला के आयोजन सचिव डॉ. आदिकांत प्रधान ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष एवं बड़ी संख्या में कृषि वैज्ञानिक उपस्थित थे।
- रायपुर /भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश और एचएनएलयू में प्रतिष्ठित न्यायविद प्रोफेसर श्री न्यायमूर्ति यू.यू. ललित 30 जनवरी को हिदायतुल्ला नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (एचएनएलयू) में ’आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के युग में विधि एवं नैतिकता: ’गांधीवादी परिप्रेक्ष्य’ विषय पर तृतीय महात्मा गांधी मेमोरियल व्याख्यान देंगे।एचएनएलयू में विगत दो वर्षों से 30 जनवरी को महात्मा गांधी मेमोरियल व्याख्यान आयोजित की जाती रही है। इस वर्ष का स्मृति व्याख्यान शाम 4.30 बजे विश्वविद्यालय सभागार में आयोजित किया जाएगा। मुख्य वक्ता के रूप में जस्टिस यू. यू. ललित रहेंगे तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. (डॉ.) वी.सी. विवेकानंदन, कुलपति एचएनएलयू करेंगे।मेमोरियल लेक्चर का उद्देश्य विधि के छात्रों और विधिक बिरादरी को प्रेरित और लाभान्वित करने के लिए विधि और सामाजिक विज्ञान के साथ जुड़े और गांधीवादी मूल्यों का प्रसार करने के लिए न्यायविदों को आमंत्रित करना है।इस ज्ञानवर्धक व्याख्यान में सम्मिलित होने के लिए सभी छात्रों, प्राध्यापक सदस्यों और विधिक अध्ययन के प्रति उत्साही लोगों को सादर आमंत्रित करते हैं। मेमोरियल लेक्चर एचएनएलयू के आधिकारिक यूट्यूब चैनल https://www.youtube.com/watch?v=5logn9bdoBs पर भी लाइव स्ट्रीम किया जाएगा।
- -राज्य सरकार ने जारी किया परिपत्ररायपुर /भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों की स्मृति में 30 जनवरी 2024 को सुबह 11 बजे दो मिनट का मौन आयोजन किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि यह दिवस महात्मा गांधी का निर्वाण दिवस भी है। इस संबंध में मंत्रालय नवा रायपुर के सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने समस्त विभागाध्यक्ष, समस्त संभागायुक्त, सभी कलेक्टरों, सभी जिला पंचायत के सीईओ सहित अन्य अधिकारियों को सफल आयोजन के लिए एक परिपत्र जारी किया गया है।परिपत्र में कहा गया है कि 30 जनवरी 2024 को सुबह 11 बजे दो मिनट का मौन आयोजन किया जाना है और अन्य काम तथा गतिविधियों को रोक दिया जाना चाहिए। जहां कहीं संभव हो, दो मिनट के मौन की अवधि शुरू होने तथा समाप्त होने की सूचना सायरन बजाकर या आर्मी गन से दी जानी चाहिए।इस आयोजन के संबंध में शैक्षणिक संस्थाओं और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को जिला प्रशासन द्वारा समुचित अनुदेश जारी किए जाए। इस दिन के महत्व को प्रसारित करने हेतु भारत की स्वतंत्रता में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की भूमिका तथा राष्ट्रीय एकता से संबंधित विषय पर हाइब्रिड या आनलाइन मोड़ में भाषण और वार्ताएं आयोजित किए जाए।
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रायपुर / उच्च शिक्षा एवं संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने आज राजधानी रायपुर के महाराजा अग्रसेन महाविद्यालय में आयोजित की जा रही अंतर विद्यालयीन सांस्कृतिक प्रतियोगिता का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया।
उच्च शिक्षा और संस्कृति मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने प्रतियोगिता का शुभारंभ करते हुए कहा कि जीवन में शिक्षा का बहुत महत्व है। शिक्षा के जरिए हम अपने भविष्य का निर्माण करते हैं। उन्होंने कहा कि हमे शिक्षा के साथ-साथ अपने व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास के लिए खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी शामिल होना चाहिए। इस मौके पर उच्च शिक्षा मंत्री को उनका रेखाचित्र भी भेंट किया।शुभारंभ अवसर पर महाविद्यालयीन छात्र-छात्राओं द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य श्री डी.के. अग्रवाल, डॉ. वाई.के. राजपूत, डॉ. के.के. अवस्थी, शिक्षक, विद्यार्थी समेत गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। - -उप मुख्यमंत्री कबीरधाम जिला के ग्राम केजादाह में आयोजित मेला-मड़ई कार्यक्रम में शामिल हुए-श्री शर्मा ने क्षेत्र के विकास के लिए कई घोषणाए कीरायपुर। उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा आज कबीरधाम जिला के ग्राम केजादाह में आयोजित छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति से जुड़े मेला-मड़ई कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने पूजा अर्चना कर कार्यक्रम की शुरुआत की और प्रदेश की सुख समृद्धि ,शांति और खुशहाली की कामना की।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा जी के कार्यक्रम में पहुंचने पर छत्तीसगढ़ के लोक पारंपरिक वेशभूषा में तैयार यादव समाज के नर्तक दलों द्वारा वाद्ययंत्रों के मधुर धुन से आत्मीय स्वागत किया गया। श्री शर्मा ने क्षेत्रवासियों को मड़ई मेला के आयोजन के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी तथा क्षेत्र के विकास के लिए कई घोषणाएं की।उन्होंने बड़ौदा कला में सर्वसमाज के सामुदायिक भवन एवं मंच के लिए 15 लाख रुपए, ग्राम सिंगारपुर मे सीसी सड़क के लिए 5 लाख रुपए तथा ग्राम सोनपुर में सीसी सड़क के लिए 4 लाख रुपए देने की घोषणा की।उन्होंने ग्रामीणों की सभी मांगों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का विश्वास दिलाया। उन्होने साहू, यादव समाज औऱ क्षेत्र के विकास के लिए सौपे गए सभी मांग पत्रों पर कहा कि क्षेत्र विकास के लिए मेरा प्रयास निरन्तर जारी रहेगा।उन्होंने ग्रामवासियों से कहा कि मेला मड़ई गांव की पारंपरिक संस्कृति से जुड़ा हुआ है। गांव की सुख समृद्धि और एकजुटता के लिए इसका आयोजन किया जाता है। मेला मंड़ई कार्यक्रम पारंपरिक संस्कृति का हिस्सा है। जिसे समाज द्वारा अभी भी जीवंत रखा गया है। इस पारंपरिक संस्कृति को सहेज के रखते हुए आगे बढ़ाना है।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में समर्थन मूल्य पर किसानों से प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान खरीदी 3100 रूपए प्रति क्विंटल के मान से की जा रही है। उन्होंने कहा कि समर्थन मूल्य के अतिरिक्त अंतर की राशि जल्द ही किसानों के खाते में पहुंच जाएगी। किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के लिए बजट में प्रावधान कर लिया गया है। प्रतिवर्ष 12 हजार रूपए की राशि माताओं के खाते में डाली जाएगी। उन्होंने कहा कि भूमिहीन मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रूपए प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। श्री शर्मा ने कहा कि सभी वादो को मोदी की गारंटी में पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब तक छत्तीसगढ़ की सरकार ने मोदी की गारंटी में शामिल दस बड़े गारंटी को पूरा किया है। इस अवसर पर श्री कैलाश, श्री ईश्वरी साहू, श्री मनीराम साहू, श्री संतोष मिश्रा सहित जनप्रतिनिधि, ग्रामवासी उपस्थित थे।
- -उच्च शिक्षा मंत्री ने राज्य स्तरीय खेल एवं सांस्कृतिक महोत्सव का किया शुभारंभ-गायन डांस आदि कंपटीशन के साथ 4000 प्रतिभागी विभिन्न खेल में लेंगे हिस्सा-खेल से हमें टीम भावना और अनुशासन की मिलती है सीख: श्री बृजमोहन अग्रवालरायपु /उच्च शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा है कि पढ़ाई के साथ ही खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियां भी विद्यार्थी जीवन के लिए बहुत जरूरी हैं। जहां खेलकूद से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होता है। वहीं अनुशासन के साथ आपसी समझ और टीम भावना विकसित होती है। संस्कृति गतिविधियों से रचनात्मकता और सामाजिक कौशल और नेतृत्व क्षमता विकसित होती है। वे आज श्री रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय में सात दिवसीय राज्य स्तरीय खेल एवं सांस्कृतिक महोत्सव ‘आरोहण - 2024’ के शुभारंभ के अवसर पर सम्बोधित कर रहे थे।उच्च शिक्षा मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि, खेल और संस्कृति गतिविधियां जैसे गायन, डांस आदि वर्तमान समय में आजीविका का साधन भी बन गई हैं। इतना ही नहीं यह हमें राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान भी दिलाती है। खेल हमें सीखाता है कि जिंदगी में हार भी जरूरी है, हार से हमें अपनी कमियों का पता चलता है। इससे पहले उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर आरोहण 2024 का शुभारंभ किया और सभी छात्र-छात्राओं को ‘’मैं को हम बनायेंगे, हम नया भारत बनायेंगे’’ की शपथ दिलाई। उन्होंने इस मौके पर रंग बिरंगे गुब्बारों को आसमान में छोड़कर आरोहण-2024 का शुभारंभ किया।रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय के प्रतिभागियों और शिक्षकों ने शुभारंभ अवसर पर फ़्लैश माब नृत्य का प्रस्तुत किया। सात दिनों तक चलने वाले आरोहण 2024 में देश भर से करीब 4000 प्रतिभागी तीरंदाजी, फुटबॉल, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल समेत विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के साथ ही गायन डांस आदि कंपटीशन में हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम में श्री रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री हर्ष गौतम, कुलपति प्रो. एस.के. सिंह एवं कुलसचिव डॉ. सौरभ कुमार शर्मा सहित बड़ी संख्या में प्रतिभागी उनके परिजन शिक्षक और कर्मचारी उपस्थित थे।
- रायपुर / राज्य की शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं में छात्रावास अधीक्षक एवं छात्रावास अधीक्षिका के पदों पर तृतीय चरण के दस्तावेज सत्यापन हेतु अभ्यर्थियों को 01 फरवरी 2024 को शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था, रायपुर, विधान सभा रोड, सड्डू, रायपुर में बुलाया गया है। इस हेतु संबंधित अभ्यर्थियों को एसएमएस पर भी सूचना भेजी जा रही है। कट ऑफ मार्क्स संचालनालय की वेबसाइट पर देखी जा सकती है। उक्त चरण में रिक्त पदों के विरूद्ध 03 गुना अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन हेतु बुलाया गया है। सभी अभ्यर्थी अद्यतन जानकारी हेतु निरंतर संचालनालय की वेबसाइट https://cgiti.cgstate.gov.in/ तथा अपने लॉगिन आईडी का नियमित अवलोकन करते रहें। दस्तावेज सत्यापन उपरांत संबंधित अभ्यर्थी आगामी दिवस को दोपहर 01ः00 बजे तक उसी स्थल पर पंजीयन प्रभारी के पास अपना दावा आपत्ति भी प्रस्तुत कर सकते हैं।
- -खाद्य विभाग एप के जरिये राशनकार्डों के नवीनीकरण के लिए आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैंरायपुर /छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत वर्तमान में प्रचलित सभी 77 लाख राशनकार्डों के नवीनीकरण का कार्य 25 जनवरी से जारी है। 29 जनवरी की स्थिति में 14 लाख राशनकार्डधारियों ने नवीनीकरण के लिए आवेदन प्रस्तुत किया है। राशनकार्डों के नवीनीकरण के लिए खाद्य विभाग द्वारा दी गई। ऑनलाइन सुविधा का लोग भरपूर लाभ उठा रहे हैं और स्वयं अपने मोबाइल से खाद्य विभाग के एप के जरिये राशनकार्डों के नवीनीकरण के लिए आवेदन प्रस्तुत कर रहे हैं। गौरतलब है कि राशनकार्ड नवीनीकरण 25 जनवरी से 15 फरवरी 2024 तक किया जा रहा है।राशनकार्ड नवीनीकरण के लिए खाद्य विभाग के द्वारा खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोेक्ता संरक्षण विभाग का नया मोबाईल एप्प तैयार किया गया है, इसे प्ले स्टोर में जाकर डाउनलोड किया जा सकता है। राशनकार्डधारी अपने मोबाईल में इस एप्प के जरिए नवीनीकरण के लिए इलेक्ट्रानिक आवेदन ऑनलाईन प्रस्तुत कर सकते हैं। ऐसे हितग्राही जिनके पास एन्ड्राईड मोबाईल नहीं है अथवा जहां पर मोबाईल कनेक्टिविटी नहीं है वहां उचित मूल्य दुकान स्तर पर ऑनलाईन प्रक्रिया के जरिए राशनकार्डों के नवीनीकरण हेतु इलेक्ट्रानिक आवेदन प्रस्तुत करने की सुविधा भी दी जा रही है।
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रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज शाम यहां राज्य अतिथि गृह पहुना में सीआरपीएफ के डीजी श्री अनीश दयाल सिंह ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय को स्मृति चिन्ह और शाल भेंट कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर सीआरपीएफ के एडीजी श्री वितुल कुमार, एडीजी सेंट्रल जोन श्री अमित कुमार, आईजी छत्तीसगढ़ सेक्टर श्री साकेत कुमार सिंह भी मौजूद रहे। - रायपुर, / प्रदेश के मंत्री, सासंद और विधायक सहित जनप्रतिनिधियों ने आज सुकमा पहुंचकर स्वर्गीय श्री कुमार लक्ष्मी नारायण देव को विनम्र श्रद्धांजलि दी तथा शोकाकुल परिवारजनों से मिलकर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। गौरतलब है कि जगदलपुर विधायक श्री किरण देव के पिता श्री कुमार लक्ष्मी नारायण देव का विगत दिनों जगदलपुर में निधन हो गया था।स्वर्गीय श्री देव को श्रद्धांजलि देने के लिए वन मंत्री श्री केदार कश्यप, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सासंद श्री विजय बघेल, विधायक सर्वश्री राजेश अग्रवाल, कवासी लखमा, डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, संपत अग्रवाल, विक्रम उसेंडी, चैतराम अटामी, विनायक गोयल, पूर्व सांसद श्री दिनेश कश्यप, बस्तर राजपरिवार के श्री कमलचंद भंजदेव, पूर्व विधायक सर्वश्री राम सेवक पैकरा, बैदूराम कश्यप, महेश गागडा, संतोष बाफना, छत्तीसगढ़ वन विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष श्री श्रीनिवास राव मद्दी पूर्व महापौर जगदलपुर श्री जतिन जायसवाल, श्री छबिंद्र कर्मा एवं ओजस्वी मंडावी सुकमा पहुंचकर स्वर्गीय श्री कुमार लक्ष्मी नारायण देव के तस्वीर पर श्रद्धासुमन अर्पित की और परिवारजनों से मिलकर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। इस अवसर पर श्री करण सिंह देव, कुमार जयदेव, विक्रम सिंह देव, विधायक श्री किरण देव और उनके परिजन सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
- -उपमुख्यमंत्री ने क्षेत्र की जनता के साथ बैठकर श्रीमद भागवत कथा और नवधा रामायण का श्रवण कियारायपुर, / उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा आज कबीरधाम जिला के ग्राम कल्याणपुर और छोटे पीपरटोला में आयोजित भागवत कथा में शामिल हुए। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा क्षेत्र की जनता के साथ बैठकर श्रीमद भागवत कथा श्रवण किया। उन्होंने श्रीमद भागवत पुराण पर पुष्प अर्पित की और प्रदेश तथा क्षेत्र की जनता की खुशहाली, सुख-समृद्धि और शांति की कामना की।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ग्राम खजरी में आयोजित नवधा रामायण प्रतियोगिता में भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों मे बहुत पहले से ही नवधा रामायण के आयोजन की परंपरा रही है। नवधा रामायण के माध्यम से रामायण मंडली भगवान श्री राम की जीवन-गाथा को गाकर लोगों को जीवन की सीख देते है और यही परंपरा आज भी चली आ रही है। इस अवसर पर श्री कैलाश, श्री ईश्वरी साहू, श्री मनीराम साहू, श्री संतोष मिश्रा सहित गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
- -अब तक 134 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी-किसानों को 28 हजार 104 करोड़ रूपए का भुगतान-कस्टम मीलिंग के लिए 91.13 लाख मीट्रिक टन धान का उठावरायपुर / छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का ग्राफ प्रतिदिन ऊपर चढ़ता जा रहा है। बीते साल राज्य में हुई 107.53 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी का रिकार्ड इस साल पहले ही टूट चुका है। राज्य में अब तक 133.88 लाख टन धान की खरीदी हो चुकी है, जो कि बीते साल की तुलना में लगभग 27 लाख मीट्रिक टन अधिक है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का अभी दो दिन और बाकी है। प्रतिदिन औसतन साढ़े तीन लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो रही है। इसको देखते हुए इस साल धान खरीदी की मात्रा 140 लाख मीट्रिक टन के पार होने की उम्मीद है।गौरतलब है कि राज्य में इस साल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी का परिपालन सुनिश्चित करते हुए किसानों से प्रति एकड़ के मान से 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है। किसानों से चालू विपणन वर्ष में 29 जनवरी तक 133.88 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी के एवज में उन्हें 28 हजार 104 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है।मार्कफेड के महाप्रबंधक से प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य में समर्थन मूल्य पर अब तक 23 लाख 68 हजार 810 किसान धान बेच चुके हैं। उल्लेखनीय है कि समर्थन मूल्य पर धान बेचने के राज्य में 26 लाख 85 हजार किसानों ने अपना पंजीयन कराया है। राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के साथ-साथ कस्टम मिलिंग भी समांतर रूप से जारी है। मिलर्स द्वारा खरीदी केन्द्रों से धान का उठाव लगातार किया जा रहा है। अब तक 101 लाख 85 हजार 181 मीट्रिक टन धान के उठाव के लिए डीओ जारी किया गया है, जिसके विरूद्ध मिलर्स द्वारा 91 लाख 13 हजार मीट्रिक टन धान का उठाव किया जा चुका है।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज यहां राज्य अतिथि गृह पहुना में ब्रिगेडियर श्री विवेक शर्मा, विशिष्ट सेवा मेडल (से.नि.), सचिव राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड एवं संचालक, संचालनालय सैनिक कल्याण, छत्तीसगढ़ ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को उन्होंने राज्य के समस्त भूतपूर्व सैनिकों की तरफ से मुख्यमंत्री का पदभार ग्रहण करने की हार्दिक शुभकामनाएं दी और सैनिक कल्याण बोर्ड के विभिन्न गतिविधियों के साथ ही आगामी कार्ययोजनाओं से अवगत कराया।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 'परीक्षा पे चर्चा' के सीधे प्रसारण कार्यक्रम में हुए शामिल। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में उपस्थित स्कूली बच्चों एवं अभिभावकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि अभी हम सभी ने देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का प्रेरक उद्बोधन सुना। इस उद्बोधन से निश्चित रूप से आपके भीतर नयी ऊर्जा का संचार हुआ होगा। आपका आत्मविश्वास और अधिक मजबूत हुआ होगा। आप सभी कितने सौभाग्यशाली हैं कि जब आप परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तब आपको न सिर्फ आपके शिक्षकों, माता-पिता और मित्रों का साथ मिल रहा है, बल्कि देश के प्रधानमंत्री भी आपके साथ खड़े हैं।मुख्यमंत्री ने कहा- जब देश के मुखिया को देश के हर एक बच्चे की चिंता हो, तो उस देश का भविष्य उज्जवल ही होगा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को देश के प्रत्येक बच्चे की चिंता है। जिसका साक्षात उदाहरण “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम में देखने को मिला।प्रधानमंत्री जी ने बेहद सरल और मजेदार अंदाज में बच्चों के हर एक सवाल का जबाव दिया। कैसे बोर्ड परीक्षा की तैयारी की जाए, टाइम मैनेजनेंट कैसे हो, मोबाइल के दुष्प्रभाव से कैसे बचा जाए? इन सभी सवालों का जवाब प्रधानमंत्री श्री मोदी ने दिया। उन्होंने यह भी बताया कि वो कैसे इतने पॉजिटिव रहते हैं और प्रधानमंत्री के रूप में आने वाली चुनौतियों का सामना कैसे करते हैं।प्रधानमंत्री जी ने छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से आत्मीयता से बातचीत की। करीब पौने दो घंटे तक प्रधानमंत्री 'सर' की मेगा क्लास में बच्चों को परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन से लेकर बेहतर नागरिक बनने के गुर मिले।पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बच्चों, पालकों और शिक्षकों के साथ यह कार्यक्रम देखा। उन्होंने कार्यक्रम के पश्चात् उपस्थित छात्र-छात्राओं और अभिभावकों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के सुझावों पर अमल करने के लिए प्रेरित किया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रायपुर में परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम के दौरान विभिन्न स्कूलों से आए विद्यार्थियों से आत्मीय मुलाकात की।विद्यार्थियों द्वारा अलग अलग विषयों पर आधारित प्रोजेक्ट्स का प्रदर्शन किया गया था। मुख्यमंत्री जी ने सभी से मुलाकात की और उनके प्रोजेक्ट से जुड़े सवाल भी पूछे।
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आवास निर्माण में गड़बड़ी की जांच करेंगे जिला पंचायत सीईओ
बिलासपुर/कलेक्टर अवनीश शरण ने साप्ताहिक जनदर्शन में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। तात्कालिक महत्व की समस्याओं का जहां त्वरित निदान उन्होंने किया वहीं गंभीर किस्म की कुछ आवेदनों को टीएल पंजी पर दर्ज कर इनका निदान करने के निर्देश संबंधित अफसरों को समय-सीमा दी। प्रधानमंत्री आवास एवं पेंशन की मांग से संबंधित आवेदन आज के जनदर्शन में ज्यादा आई।
जनदर्शन में आज मस्तूरी के ग्राम पंचायत विद्याडीह की सरपंच ने रोजगार सहायक के विरूद्ध आवास योजना में फर्जीवाड़े की शिकायत कर उसे हटाने की मांग की। उन्होंने ज्ञापन सौपकर बताया कि रोजगार सहायक ने अपूर्ण आवास को पूर्ण बताकर संपूर्ण राशि आहरित किया है। हितग्राहियों को राशि नहीं मिली है। मनरेगा की मजदूरी भुगतान भी लम्बे समय बीत जाने के उपरांत भी नहीं किया गया है। कलेक्टर ने इसकी जांच कर कार्रवाई के निर्देश जिला पंचायत सीईओ को दिए हैं। इसे टीएल पंजी में भी दर्ज किया गया है। विकलांग पेंशन एवं विधवा पेंशन के करीब आवेदने मिले जिसके निराकरण के लिए टीएल पंजी में दर्ज कर संयुक्त संचालक पंचायत एवं समाज सेवा को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजा गया है। आयुर्वेद विभाग से सेवानिवृत्त औषधालय सेवक पांच महीने का पेशन नहीं मिलने की जानकारी देते हुए दिलाने का अनुरोध किया। इसे टीएल पंजी में दर्ज कर इसका भुगतान करने के निर्देश जिला आयुर्वेद अधिकारी को दिए। शहर के चिंगराज पारा निवासी ज्योती ने नागरिक सहकारी बैंक पर ढाई साल की मजदूरी नहीं देने का आरोप लगाते हुए ज्ञापन सौंपा है। कलेक्टर ने इसे सहकारिता विभाग के लिए टीएल में लेते हुए जांच कर भुगतान करने के निर्देश दिए। -
बिलासपुर/ प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के निरीक्षण और कार्रवाई के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों से मिलकर बनी दो टीमें आज रात में रवाना हुई हैं। कोल डस्ट, राखड़ और अन्य खनिजों के खुले में परिवहन के विरुद्ध मौके पर कार्रवाई करेंगी। इनमें एक टीम मस्तुरी रोड पर और दूसरी टीम पेंड्री बायपास से कोरबा रोड पर तैनात की गई हैं। पर्यावरण, पुलिस, राजस्व, खनिज और परिवहन विभाग के अधिकारी शामिल हैं। कलेक्टर ने खुले वाहन में कोल डस्ट, राखड़ आदि खनिज परिवहन करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने को कहा है।
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बिना तारपोलीन ढके कर रहे थे खनिज परिवहन
विशेष टीम ने आधी रात तक 62 ट्रकों की जांच की
बिलासपुर। पर्यावरण प्रदूषण का गंभीर कारण बन रहे 8 ट्रक वाहनों के विंरूद्ध बीती रात कार्रवाई की गई। उन्हें संबंधित थानों में खड़ी कर विस्तृत जांच की जा रही है। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्री अवनीश शरण के निर्देश पर दो संयुक्त टीमों ने कल रात दो अलग-अलग मार्गो पर आकस्मिक निरीक्षण किया गया। एक टीम मस्तुरी मार्ग पर और दूसरी टीम पेण्ड्री बाईपास से बेलतरा तक निरीक्षण किया। टीम ने आधी रात तक दो मार्गों में 62 ट्रकों की जांच की। इनमें 8 ट्रक नियम-कायदों का उल्लंघन करते पाये गए। उनके द्वारा तारपोलीन अथवा ग्रीन नेट ढके बिना खुले में परिवहन किया जा रहा था। इन आठ ट्रकों में से तीन ट्रक को रतनपुर थाने में, 2 ट्रक को मस्तुरी थाने में और 3 ट्रक को खनिज विभाग को आगे की जांच एवं कार्रवाई हेतु सुपुर्द किया गया है। गौरतलब है कि बिलासपुर एवं इसके आस-पास बड़ी संख्या में कोल वाशरी, राखड़ एवं रेत का परिवहन किया जाता है। नियमानुसार इन्हें ढक कर परिवहन किया जाना है। नहीं ढकने पर इनके डस्ट सड़क और वातावरण में गिरकर प्रदूषण फैलाते हैं। कलेक्टर के निर्देश पर इन दिनों प्रदूषण फैलाने वाले तत्वों के विरूद्ध सघन अभियान छेड़ा गया है। इस तरह धरपकड़ की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। कलेक्टर ने सभी ट्रक मालिकों एवं परिवहन कर्ताओं को नियमों के अनुरूप कारोबार चलाने के सख्त निर्देश दिए हैं। -
रायपुर। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की अंतिम तिथि 31 जनवरी समाप्त होने में आज को मिला महज 3 दिन शेष है और व्यवहारिक दिक्कतों के चलते किसानों के शेष बचे धान को इस अवधि में खरीद पाने में सोसायटियां असमर्थता जता रही हैं पर प्रशासन हर हाल में इस तिथि तक धान खरीदवाने में आमादा हैं । सोसायटियों व किसानों के मांग के बाद भी खरीदी अवधि अब तक न बढ़ने से जहां सोसायटी कर्मी हलाकान हैं तो किसान सांसत् में हैं । बीते कल आरंग विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अपने निर्वाचन क्षेत्र के सोसायटियों का क्षेत्रीय जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अनीता साहू द्वारा किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेन्द्र शर्मा व अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ दौरा कर हालात की जानकारी ली तो पता चला कि केन्द्रीय सहकारी बैंक शाखा आरंग के अधीन आने वाले 16 सोसायटियों में से फरफौद को छोड़ शेष 15 ने इस अवधि में धान खरीदी कर पाने में अपनी असमर्थता की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी है पर इसके बाद भी प्रशासन प्रतिदिन धान खरीदी का लक्ष्य बढ़ा धान खरीदने दबाव डाल रहा है । इधर इसी विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित एक अन्य जिला पंचायत सदस्य श्रीमती ललिता कृष्णा वर्मा ने हालात का जायजा ले क्षेत्रीय विधायक गुरु खुशवंत सिंह को ज्ञापन सौंप खरीदी तिथि बढ़वाने का आग्रह किया है
ज्ञातव्य हो कि बीते 1 नवंबर से धान खरीदी शुरू करते समय शासन ने प्रत्येक धान उपार्जन केन्द्रों के लिये प्रतिदिन धान खरीदी व बफर स्टाक लिमिट तय कर दी थी । अब निर्धारित शेष बचे 3 दिन की अवधि में धान खरीदवाने प्रशासन मनमाने तरीके से धान खरीदी का लिमिट बढ़ा रहा है तो बफर स्टॉक से अधिक जाम धान का प्रभावी परिवहन भी नहीं करवा पा रहा है जिसके चलते खरीदी व्यवस्था चरमरा गयी है । बीते कल श्री शर्मा के पहल पर श्रीमती साहू सहित पूर्व में जनपद उपाध्यक्ष रहे थानसिह साहू , नारा के सरपंच हेमंत चंद्राकर , डिघारी के पूर्व सरपंच नंदकुमार साहू , जागरूक युवा कृषक द्रोण चंद्राकर , फवीन्द्र वर्मा , सेवानिवृत्त प्रधानपाठक रामावतार दुबे आदि ने जमीनी हकीकत जानने केन्द्रों का दौरा कर किसानों व सोसायटी कर्मियों से चर्चा की । रीवा केन्द्र में बफर स्टॉक 11500 क्विंटल के स्थान पर 21500 क्विंटल धान पड़ा है व खरीदी लिमिट 1791 क्विंटल को बढ़ा 5200 क्विंटल कर दिया गया है । यहां पर करीबन 15 हजार क्विंटल धान खरीदी बाकी है । गुल्लू केन्द्र में बफर लिमिट 17400 क्विंटल के बदले 23735 क्विंटल धान रखा है । धान खरीदी लिमिट 1600 को बढ़ा 5520 क्विंटल कर दिया गया है और 5520 क्विंटल धान खरीदी किया जाना बाकी है । बाना में बफर लिमिट 13500 के स्थान पर 26774 क्विंटल धान पड़ा है तो खरीदी लिमिट 1800 को बढ़ा 4500 क्विंटल कर दिया गया है । गौरभाठ में बफर लिमिट 4666 के स्थान पर 13600 क्विंटल धान रखा हुआ है तो खरीदी लिमिट को1280 से बढ़ा 4787 क्विंटल कर दिया गया है व यहां करीब 14500 क्विंटल धान खरीदी शेष है । चपरीद में बफर स्टाक 9 हजार के बदले 21000 क्विंटल धान पड़ा है तो खरीदी लिमिट को 2100 से बढ़ा 3000 कर दिया गया है व करीब 12 हजार क्विंटल धान खरीदी शेष है । देवरी में बफर लिमिट 2 हजार के मुकाबले 20 हजार क्विंटल धान जाम है तो खरीदी लिमिट 1700 को बढ़ा 3750 क्विंटल कर दिया गया है व तकरीबन 12 हजार क्विंटल धान खरीदी बाकी है। मोखला में बफर स्टॉक 8600 के बदले 20000 क्विंटल धान रखा है तो खरीदी लिमिट को 1700 से बढ़ा 3750 क्विंटल कर दिया गया है व करीबन 12 हजार क्विंटल धान खरीदी शेष है ।लखौली में बफर स्टॉक 3750 के स्थान पर 15000 क्विंटल धान जाम है तो खरीदी लक्ष्य को 1200 से बढ़ा 1500 क्विंटल कर दिया गया है व करीबन 11000 क्विंटल धान खरीदी शेष है । भिलाई में बफर लिमिट 6500 के स्थान पर 12558 क्विंटल धान रखा हुआ है तो खरीदी लिमिट 940 को बढ़ा 3000 क्विंटल कर दिया गया है व लगभग 9000 क्विंटल धान खरीदी बाकी है । गोविंदा में बफर स्टॉक 500 के स्थान पर 19855 क्विंटल धान जाम है तो खरीदी लिमिट 1386 से बढ़ा 4153 क्विंटल कर दिया गया है व करीबन 12500 क्विंटल धान खरीदी शेष है । भानसोज में बफर स्टॉक 10000 की तुलना में 25000 क्विंटल धान जाम है तो खरीदी लिमिट 1600 से बढ़ा 4700 कर दिया गया है व करीबन 14000 क्विंटल धान खरीदी शेष है । खमतराई में बफर स्टॉक 8400 के मुकाबले 14636 क्विंटल धान रखा हुआ है तो खरीदी लिमिट 876 से बढ़ा 3520 क्विंटल कर दिया गया है और करीबन 9700 क्विंटल धान खरीदी बाकी है । जरौद में बफर स्टॉक 8600 के तुलना में 17700 क्विंटल धान रखा है तो खरीदी लिमिट 1200 से बढ़ा 4021 कर दिया गया है व करीबन 12000 क्विंटल धान खरीदी शेष है । आरंग में बफर स्टॉक 9903 के मुकाबले 13000 क्विंटल धान पड़ा हुआ है तो खरीदी लिमिट 1600 से बढ़ा 3000 क्विंटल कर दिया गया है व करीबन 14000 क्विंटल धान खरीदी करना बाकी है ।
भलेरा में 2000 बफर स्टॉक के मुकाबले 6190 क्विंटल धान जाम है व खरीदी लिमिट 680 को बढ़ा 1200 क्विंटल कर दिया गया है व लगभग 5700 क्विंटल धान खरीदी शेष रह गया है । इन सभी सोसायटियों ने शेष बचे अवधि में बाकी किसानों का शेष धान खरीदी करने के लिये हाथ खड़े कर दिये हैं। श्री शर्मा ने किसानों व सोसायटियों के कर्मियों से बातचीत व मिली जानकारी के आधार पर बतलाया कि किसान भी हमाल न मिलने की सोसायटी कर्मियों के कथन का समर्थन करते हैं व वे भी निर्धारित समय में धान न बिक पाने व अफरातफरी मचने की जानकारी देते हुये कम से कम 15 दिन खरीदी अवधि बढ़ाने की अविलंब घोषणा की मांग कर रहे हैं । इधर जिला पंचायत सदस्य श्रीमती ललिता कृष्णा वर्मा ने भी किसानों व समिति कर्मियों से चर्चा पश्चात खरीदी अवधि बढ़वाने पहल का आग्रह क्षेत्रीय विधायक से किया है ।







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