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- चेन्नई। लोकप्रिय पार्श्व गायिका कल्याणी मेनन का सोमवार को यहां एक निजी अस्पताल में बुढ़ापे संबंधी बीमारी के कारण निधन हो गया। उनके परिवार के करीबी सूत्रों ने यह जानकारी दी। वह 80 वर्ष की थीं। सूत्रों ने बताया कि जाने माने सिनेमा निर्देशक और माइंडस्क्रीन फिल्म इंस्टीट्यूट के संस्थापक राजीव मेनन की मां कल्याणी में स्ट्रोक के लक्षण दिखाई दिए और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। अंतिम संस्कार मंगलवार दोपहर शहर के बेसेंट नगर में होगा। कल्याणी मेनन ने 1970 के दशक में शास्त्रीय गायिका के रूप में गायन में अपना करियर शुरू किया था। मलयालम में जाने-माने गायक के जे येसुदास के साथ मेनन के प्रसिद्ध गीतों में 1983 की फिल्म "मंगलम नेरुन्नु" की "ऋतुभेडा कल्पना चारुथा नलकिया" और वर्ष 1992 में रिलीज़ हुई मोहनलाल-अभिनीत "वियतनाम कॉलोनी" की "पवनारचेझुथुनु कोलांगलेनम" शामिल हैं। एर्नाकुलम में जन्मीं मेनन ने पांच साल की उम्र में वहां के प्रसिद्ध टीडीएम हॉल में आयोजित "नवरात्रि संगीत उत्सव" में गाना शुरू किया था। उन्होंने थोपिल भासी द्वारा निर्देशित मलयालम फिल्म "अबाला" में गाकर पार्श्व गायिका के रूप में अपना करियर शुरू किया था। मलयालम के अलावा, उन्होंने शीर्ष संगीतकारों इलैयाराजा और ए आर रहमान के लिए कई तमिल फिल्मों में गाया है। उन्होंने 'नल्लाथोरु कुदुंबम' में इलैयाराजा के लिए गाना गाया, तो वहीं उन्होंने रहमान के साथ 2010 में 'विनई थांडी वरुवाया' सहित कई हिट गाने गाए।
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि प्रौद्योगिकी को अपनाने में भारत आज दुनिया के किसी भी देश से पीछे नहीं है और वह नवोन्मेष तथा सेवा प्रदान करने के लिए प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल के मामले में वैश्विक नेतृत्व की क्षमता रखता है। प्रधानमंत्री ने यह बात डिजिटल भुगतान समाधान ‘‘ई-रुपी'' लॉन्च करने के बाद अपने संबोधन में कही।उन्होंने कहा कि आज सरकार प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से 300 से ज्यादा योजनाओं को लाभार्थियों को उपलब्ध करा रही है और करीब 90 करोड़ लोगों को इसका फायदा मिल रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘एक लाख पैंतीस हजार करोड़ रुपये अब तक सीधे बैंक खातों में पहुंचाए गए हैं। इस बार सरकार ने खाद्यान्नों की खरीदी की है और उसके लगभग 85 हजार करोड़ रुपये सीधे किसानों के खातों में हस्तांतरित किए गए हैं।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से सरकार ने तकरीबन पौने दो करोड़ रुपये गलत हाथों में जाने से बचाए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘भारत आज दुनिया को दिखा रहा है कि प्रौद्यागिकी को अपनाने में वह किसी से भी पीछे नहीं हैं। नवोन्मेष की बात हो , सर्विस डिलीवरी में टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल की, भारत दुनिया के बड़े देशों के साथ मिलकर ग्लोबल लीडरशिप देने की क्षमता रखता है।'' मोदी ने कहा कि भारत ने अपनी प्रगति को जो गति दी है, उसमें भी प्रौद्योगिकी की भूमिका बहुत अहम है।कोविड महामारी के दौरान प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से लोगों को मदद पहुंचाने के लिए तैयार किए आरोग्य सेतु एप और टीकाकरण के लिए बनाए गए कोविन पोर्टल का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत के लोगों को इनका फायदा मिल रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘अगर पुरानी व्यवस्था चल रही होती तो टीका लगाने के बाद प्रमाणपत्र के लिए लोगों को भागदौड़ करनी पड़ती। भारत का कोविन मंच आज दुनिया को आकर्षित कर रहा है।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि इन बदलावों का सबसे अधिक फायदा देश के गरीब, पिछड़े और वंचित समुदायों को मिल रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘देश में डिजिटल संसाधन और डिजिटल लेनदेन के लिए जो काम पिछले छह-सात वर्षों में हुआ है, उसका लोहा आज दुनिया मान रही है। विशेषकर भारत में फिनटेक का बहुत बड़ा आधार तैयार हुआ है। ऐसा आधार तो बड़े-बड़े देशों में भी नहीं है।'' विपक्षी दलों को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि पहले हमारे देश में कुछ लोग कहते थे कि प्रौद्योगिकी तो केवल अमीरों की चीज है। उन्होंने कहा, ‘‘वह कहते थे कि भारत तो गरीब देश है इसलिए भारत के लिए प्रौद्योगिकी का क्या काम...जब हमारी सरकार प्रौद्यागिकी को मिशन बनाने की बात करती थी तो बहुत से राजनेता, कुछ खास किस्म के एक्सपर्ट्स उस पर सवाल खड़ा करते थे। लेकिन आज देश ने उन लोगों की सोच को नकारा भी है, और गलत भी साबित किया है। आज देश की सोच अलग है, नई है। आज हम प्रौद्योगिकी को गरीबों की मदद के, उनकी प्रगति के एक टूल के रूप में देख रहे हैं।'' ‘ई-रुपी' डिजिटल भुगतान के लिए एक कैशलेस और संपर्क रहित माध्यम है। ‘‘ई-रुपी'' को नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने अपने यूपीआई प्लेटफॉर्म पर वित्तीय सेवा विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के सहयोग से विकसित किया है।
- श्योपुर (मप्र)। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के विजयपुर बस स्टैंड पर बने एक विवाह भवन में बाढ़ का पानी घुस जाने से विवाह समारोह में शामिल होने के लिए पहुंचे करीब 60 लोग फंस गए। भवन में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए पुलिस और प्रशासन की टीम जुटी हुई है।विजयपुर के उपमंडलीय अधिकारी (एसडीएम) नीरज शर्मा ने बताया, लगातार जारी बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं। विजयपुर में क्वारी नदी के पास विवाह भवन में एक कार्यक्रम चल रहा था। भवन की दीवार टूट जाने से इसके एक मंजिल तक क्वारी नदी का पानी भर गया है, जिससे कार्यक्रम में शामिल 50 से 60 लोग फंस गए। उन्होंने बताया, सभी लोग भवन की दूसरी मंजिल पर चले गए हैं। बचाव अभियान चलाकर इनमें से कुछ लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। बाकी सभी को भी जल्द वहां से निकाल लिया जाएगा।शर्मा ने बताया कि इस भवन में फंसे सभी लोग सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि जिस भवन में यह विवाह समारोह चल रहा था, वह दो मंजिला है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा, विजयपुर में अन्य निचली बस्तियों के घरों एवं दुकानों में भी बाढ़ का पानी भर गया है और वहां से भी सात से आठ लोगों को बचाव अभियान चला कर सुरक्षित निकाला गया है। मालूम हो कि श्योपुर जिले में लगातार हो रही बारिश की वजह से नदी-नाले लगातार उफान पर हैं। विजयपुर की पार्वती नदी ने रौद्र रूप धारण कर लिया है और इस नदी के ऊपर बने छोटे एवं बड़े पुल जलमग्न हो गए हैं, जिससे पार्वती नदी का पानी अब क्वारी नदी में भी आ रहा है।
- भुवनेश्वर। ओडिशा के पुरी जिले में स्थित कोणार्क सूर्य मंदिर जनता के लिए सोमवार को खोल दिया गया। कोरोना वायरस की घातक दूसरी लहर के चलते मंदिर सौ दिन से अधिक समय से बंद था। 13वीं शताब्दी की इस ऐतिहासिक मंदिर में आने के लिए लोगों को थर्मल जांच करानी होगी और मास्क लगाना अनिवार्य है। दिशानिर्देशों के अनुसार एक दिन में मंदिर में दो हजार लोगों को ही आने की अनुमति है।प्रावधानों के अनुसार लोगों को टिकट ऑनलाइन बुक करने होंगे और मुख्य प्रवेश द्वार पर उसे मोबाइल फोन से स्कैन करना होगा। मंदिर परिसर में स्थानीय गाइड, फोटोग्राफ आदि को प्रवेश की अनुमति नहीं है।राज्य सरकार ने अगस्त की अपनी अनलॉक प्रक्रिया के लिए कहा था कि जिला प्रशासन स्थानीय स्तर पर महामारी के हालात को देखते हुए धार्मिक स्थलों और पर्यटक क्षेत्रों को खोलने की अनुमति दे सकते हैं। इसके अलावा सरकार ने लोगों को पुरी के समुद्र तटों, बालासोर के चांदीपुर और कोणार्क के चंद्रभागा जाने की मंजूरी दी थी। जिला प्रशासन ने तीन अगस्त से खास मंदिरों को खोलने की अनुमति दी, वहीं पुरी के विश्व प्रसिद्ध श्री जगन्नाथ मंदिर को खोलने के बारे में निर्णय चार अगस्त को लिया जाएगा।
- नयी दिल्ली। माल एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह जुलाई में 33 प्रतिशत बढ़कर 1.16 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। वित्त मंत्रालय ने रविवार को यह जानकारी दी। जुलाई के जीएसटी राजस्व के आंकड़ों से पता चलता है कि अर्थव्यवस्था का पुनरुद्धार तेजी से हो रहा है। जुलाई, 2020 में जीएसटी संग्रह 87 हजार 422 करोड़ रुपये रहा था। इससे पिछले महीने यानी जून, 2021 में जीएसटी संग्रह एक लाख करोड़ रुपये से कम यानी 92 हजार 849 करोड़ रुपये रहा था। यह चालू वित्त वर्ष में जीएसटी संग्रह का दूसरा सबसे ऊंचा आंकड़ा है। इससे पहले अप्रैल में जीएसटी संग्रह 1.41 लाख करोड़ रुपये रहा था। आंकड़ों के अनुसार, जुलाई, 2021 में सकल जीएसटी राजस्व एक लाख 16 हजार 393 करोड़ रुपये रहा। इसमें केंद्रीय जीएसटी 22 हजार 197 करोड़ रुपये, राज्य जीएसटी 28,541 करोड़ रुपये, एकीकृत जीएसटी 57 हजार 864 करोड़ रुपये (इनमें से 27 हजार 900 करोड़ रुपये वस्तुओं के आयात पर जुटाए गए) तथा उपकर 7,790 करोड़ रुपये (815 करोड़ रुपये वस्तुओं के आयात पर जुटाए गए) रहा।जुलाई, 2021 में जीएसटी संग्रह का आंकड़ा एक साल पहले के इसी महीने से 33 प्रतिशत अधिक रहा। इसमें एक से 31 जुलाई तक दायर किए गए जीएसटी रिटर्न के अलावा इसी अवधि के आईजीएसटी तथा वस्तुओं के आयात पर जुटाया गया उपकर शामिल है। समीक्षाधीन महीने में वस्तुओं के आयात से राजस्व पिछले साल के इसी महीने की तुलना में 36 प्रतिशत अधिक रहा। वहीं घरेलू लेनदेन से संग्रह (सेवाओं के आयात सहित) 32 प्रतिशत ऊंचा रहा। वित्त मंत्रालय ने कहा कि लगातार आठ माह तक जीएसटी संग्रह का आंकड़ा एक लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा था। उसके बाद जून, 2021 में यह घटकर इससे नीचे आ गया। इसकी वजह जून के संग्रह का मई के लेनदेन से संबंध था। मई, 2021 के दौरान कोविड-19 की वजह से ज्यादातर राज्यों और संघ शासित प्रदेशों में पूर्ण या आंशिक लॉकडाउन लगा हुआ था।मंत्रालय ने कहा कि कोविड-19 से संबंधित अंकुशों में ढील के साथ जुलाई का जीएसटी संग्रह का आंकड़ा एक बार फिर एक लाख करोड़ रुपये के पार निकल गया। इससे पता चलता है कि अर्थव्यवस्था का पुनरुद्धार तेजी से हो रहा है। चालू वित्त वर्ष में अप्रैल में जीएसटी संग्रह 1.41 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंचा था, लेकिन मई में महामारी की दूसरी लहर शुरू होने के साथ यह घटकर 1.02 लाख करोड़ रुपये रह गया। जून में जीएसटी संग्रह का आंकड़ा और घटकर एक लाख करोड़ रुपये से नीचे 92,849 करोड़ रुपये पर आ गया। शार्दुल अमरचंद मंगलदास एंड कंपनी के भागीदार रजत बोस ने कहा कि जून में आर्थिक गतिविधियों के रफ्तार पकडऩे की वजह से संग्रह में सुधार आया है। यदि देश तीसरी लहर से खुद को बचा पाता है, तो जीएसटी संग्रह में और बढ़ोतरी होगी।
- मुंबई। मुंबई के कुर्ला में कॉलेज में पढऩे वाले 19 वर्षीय छात्र ने अपनी प्रेमिका से वीडियो चैट करने के बाद कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने रविवार को बताया कि प्रेमिका ने उसके शादी के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था, जिसके बाद उसने यह कदम उठाया।वीबी नगर पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि इस व्यक्ति ने भारतीय नगर में अपने आवास पर बेल्ट से फंदा लगा लिया और पड़ोसियों ने उसका शव देखा, जिसके बाद उसकी मां को सूचित किया। उन्होंने बताया, ''चूंकि, वह अपनी मां का फोन नहीं उठा रहा था तो उसकी मां ने पड़ोसियों से जाकर देखने को कहा। हमारी जांच में पाया गया कि मृतक ने घटना से पहले एक लड़की के साथ वीडियो चैट की थी जो उसी की कॉलेज की थी। उसने लड़की को यह दिखाने के लिए वीडियो चैट की कि वह शादी का प्रस्ताव ठुकराने पर अपना जीवन खत्म करने के लिए तैयार है। पुलिस ने दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे जांच शुरू कर दी है।-FILE PHOTO
- नई दिल्ली। कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के कारण बंद होने के बाद चुनिंदा राज्यों में करीब चार महीने बाद सिनेमाघरों को खोलने की अनुमति दी गई है, जिसके साथ मल्टीप्लेक्स श्रृंखलाएं को उम्मीद है कि अच्छी फिल्मों के प्रदर्शन के जरिये वे ज्यादा से ज्यादा दर्शकों को आकर्षित कर सकेंगे।पीवीआर, आइनॉक्स और सिनेपोलिस जैसे प्रमुख मल्टीप्लेक्स श्रृंखलाओं ने अपनी पूरी टीम और कर्मचारियों का टीकाकरण कराया है जिससे मौजूदा स्थिति में दर्शकों को दोबारा लुभाने के लिए सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। ये मल्टीप्लेक्स विशेष ऑफर और प्रचार जैसी रणनीतियों का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। मल्टीप्लेक्स संचालकों ने पिछले हफ्ते शुक्रवार को इन राज्यों में अपने कुछ स्क्रीन को मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का सख्ती से पालन करते हुए खोला था तथा उनकी आने वाले हफ्तों में चरणबद्ध तरीके से और अधिक स्क्रीन चालू करने की योजना है। इसके अलावा मल्टीप्लेक्स अब अपने चालू स्क्रीन पर इंटरटेनमेंट बबल, व्यक्तिगत सेवा, मनपसंद फूड पैकेज आदि के साथ परिवारों एवं छोटे समूहों के लिए निजी स्क्रीनिंग की भी पेशकश कर रहे हैं। साथ ही वे उनके लिए उनकी पसंद की नयी या पुरानी फिल्मों की स्क्रीनिंग की भी सेवा दे रहे हैं।देश की प्रमुख फिल्म प्रदर्शन कंपनी पीवीआर को 526 स्क्रीन संचालित करने की मंजूरी मिली है और उनमें से लगभग 25 प्रतिशत इस समय चालू हैं। पीवीआर के सीईओ गौतम दत्ता ने बताया, "आज की तारीख में भारत में 12 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों में जहां पीवीआर मौजूद है और कोलंबो, श्रीलंका में सिनेमाघरों को सामाजिक दूरी से संबंधित अलग-अलग मानदंडों के साथ फिर से खोलने की मंजूरी दी गयी है।" उन्होंने कहा कि 111 मल्टीप्लेक्स के 526 स्क्रीन शामिल हैं जो हमारे कुल स्क्रीन पोर्टफोलियो का लगभग 60 प्रतिशत है। दत्ता ने कहा, "हम 30 जुलाई से अपने सिनेमाघरों को धीरे-धीरे फिर से खोल रहे हैं।"भारत और श्रीलंका में काम करने वाली पीवीआर के पास 71 शहरों में 176 मल्टीप्लेक्स में 842 स्क्रीन का पोर्टफोलियो है। वहीं देश की दूसरी सबसे बड़ी मल्टीप्लेक्स श्रृंखला आइनॉक्स ने कहा कि उसकी 650 स्क्रीन में से लगभग एक-तिहाई अब चालू हैं। इसके अलावा सिनेपोलिस इंडिया ने बताया कि हैदराबाद और विजयवाड़ा में उसके स्क्रीन चालू हो गए हैं। देश में उसके करीब 360 स्क्रीन हैं।
- नोएडा। थाना कासना क्षेत्र में शनिवार रात हथियारबंद बदमाशों ने एक चार्टर्ड अकाउंटेंट के साथ मारपीट कर उसकी आल्टो कार और अन्य सामान लूट लिया। पुलिस के एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।थाना कासना के थानाध्यक्ष सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट नरेश कल रात अपनी आल्टो कार में सवार होकर सिरसा गोल चक्कर के पास से जा रहे थे जब दो अज्ञात बदमाशों ने उनसे लिफ्ट मांगी। उन्होंने बताया कि सीए ने कार रोक दी। जैसे ही बदमाश कार में बैठे, उन्होंने सीए को धक्का दे दिया तथा कार और अन्य सामान लूट कर भाग गए। उन्होंने बताया कि घटना की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
- हैदराबाद। तेलंगाना में भद्राद्री-कोठागुडम जिले के वनक्षेत्र में माओवादियों और पुलिस के बीच रविवार को एक कथित मुठभेड़ में एक माओवादी की मौत हो गई। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के दल कुरनापल्ली-बोधनल्ली इलाके में तलाश अभियान चला रहे थे, तभी प्रतिबंधित संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के सदस्यों ने पुलिस पर अचानक गोलीबारी शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक माओवादी की मौत हो गई। भद्राद्री कोठमगुडम जिला पुलिस अधीक्षक सुनील दत्त ने कहा, ''इलाके की तलाश के दौरान पुलिस ने सुबह करीब सवा आठ बजे 10 सशस्त्र माओवादियों को देखा। उन्होंने पुलिस पर गोलीबारी की और इसके बाद शुरू हुई मुठभेड़ में एक माओवादी मारा गया। इस दौरान पुलिस का कोई कर्मी हताहत नहीं हुआ।'' पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ में मारे गए माओवादी की आयु करीब 25 वर्ष थी। उसकी पहचान का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। उसने बताया कि घटनास्थल से एक .303 राइफल और दो किट बैग बरामद किए गए। इलाके में तलाश अभियान जारी है।file photo
- नई दिल्ली। दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान मामलों में वृद्धि के कारण अस्थायी तौर पर बंद रहने के साढ़े तीन महीने बाद चिडिय़ाघर को रविवार को जनता के लिए फिर से खोल दिया गया। चिडिय़ाघर को इससे पहले महामारी और बर्ड फ्लू के कारण एक साल से अधिक समय के लिए बंद किया गया था और यह एक अप्रैल को फिर से खुला था।चिडिय़ाघर के निदेशक रमेश पांडे ने कहा, ''चिडिय़ाघर आज खुला। बारिश भी लोगों खासतौर से युवाओं के उत्साह को कम नहीं कर सकी। हम उनकी यात्रा को सार्थक बनाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।'' चिडिय़ाघर दो पालियों में सुबह आठ बजे से दोपहर तक और दोपहर एक बजे से शाम पांच तक खुलेगा। दर्शकों को चिडिय़ाघर की वेबसाइट या प्रवेश द्वारों से क्यू आर कोड का इस्तेमाल कर ऑनलाइन टिकट खरीदना होगा। प्रशासन ने अपने कर्मचारियों के लिए साइकिलों की भी व्यवस्था शुरू की है ताकि वाहनों के कारण होने वाले ध्वनि प्रदूषण को कम किया जा सके। पांडे ने बताया कि 2020-21 में जनता के लिए बंद रहते हुए चिडिय़ाघर में केवल 124 पशुओं की मौत हुई जो पिछले तीन वर्षों में सबसे कम है। उन्होंने बताया कि चिडिय़ाघर में अभी पशुओं की 94 प्रजातियां हैं और 1,162 पशु हैं। दिल्ली चिडिय़ाघर को गुजरात से प्रजनन के उद्देश्य से तीन शेर और नागपुर तथा चेन्नई से तीन बाघ मिलने की संभावना है। उसे चंडीगढ़ के एक चिडिय़ाघर से शुतुरमुर्ग मिला। महामारी के कारण तब से पशुओं के आदान-प्रदान का कोई कार्यक्रम नहीं हुआ।
- नयी दिल्ली। सरकार के एक आंकड़े के मुताबिक देश में वर्ष 2017-19 के बीच 14-18 आयु वर्ग के 24 हजार से अधिक बच्चों ने आत्महत्या की है, जिनमें परीक्षा में अनुत्तीर्ण होने से आत्महत्या करने के चार हजार से अधिक मामले शामिल हैं। संसद में हाल में पेश राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के मुताबिक 14-18 आयु वर्ग के कम से कम 24,568 बच्चों ने वर्ष 2017-19 के बीच आत्महत्या की। इनमें 13,325 लड़कियां शामिल हैं। अगर इन्हें वर्षवार देखा जाए तो 2017 में 14-18 आयु वर्ग के कम से कम 8,029 बच्चों ने आत्महत्या की थी, जो 2018 में बढ़कर 8,162 हो गई और 2019 में यह संख्या बढ़कर 8,377 हो गई। इस आयु वर्ग में आत्महत्या के सबसे अधिक मामले मध्य प्रदेश से सामने आए जहां 3,115 बच्चों ने आत्महत्या की, इसके बाद पश्चिम बंगाल में 2,802, महाराष्ट्र में 2,527 और तमिलनाडु में 2,035 बच्चों ने आत्महत्या की। आंकड़ों में कहा गया कि 4,046 बच्चों ने परीक्षा में फेल होने से, 639 बच्चों ने विवाह से जुड़े मुद्दों पर आत्महत्या की, इनमें 411 लड़कियां शामिल हैं। इसके अलावा 3,315 बच्चों ने प्रेम संबंधों के चलते और 2,567 बच्चों ने बीमारी के कारण, 81 बच्चों ने शारीरिक शोषण के तंग आ कर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या के पीछे किसी प्रियजन की मौत, नशे का आदी होना, गर्भधारण करना, सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल होना, बेरोजगारी, गरीबी आदि वजहें भी बताई गईं। बच्चों के लिए काम करने वाली संस्था ‘क्राई- चाइल्ड राइट्स एंड यू' की मुख्यकार्यकारी अधिकारी पूजा मारवाह ने कोरोना वायरस संक्रमण के कारण हालात खराब होने पर चिंता जताते हुए स्कूल पाठ्यक्रमों में जीवन कौशल प्रशिक्षण को शामिल करने और स्वास्थ्य देखभाल और कुशलता के एजेंडे में मानसिक स्वास्थ्य को शामिल करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘छोटे बच्चे अक्सर आवेग में आ कर आत्महत्या की कोशिश करते हैं। ये भाव दुख से, भ्रम से, गुस्से, परेशानी, मुश्किलों आदि से जुड़े हो सकते हैं। किशोरों में आत्महत्या के मामले दबाव, खुद पर विश्वास की कमी, सफल होने का दबाव आदि बातों से जुड़े हो सकते हैं और कुछ किशोर आत्महत्या को समस्याओं का हल मान लेते हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि प्रत्येक बच्चा और किशोर गुणवत्तापरक मानसिक स्वास्थ्य देखभाल और मानसिक-सामाजिक सहयोग तंत्र पाने का हकदार है। उनका अच्छा मानसिक स्वास्थ्य सुनिश्चित करके उनके व्यक्तित्व को पूरी तरह से निखर कर सामने लाने में मदद मिलेगी और वे समाज के जिम्मेदार सदस्य बनेंगे।-file photo
- नयी दिल्ली । वित्त मंत्रालय ने कहा कि सिविल लेखा सेवा के अधिकारी दीपक दास ने रविवार को व्यय विभाग के तहत महालेखा नियंत्रक (सीजीए) का पदभार संभाल लिया। 1986 बैच के भारतीय सिविल लेखा सेवा (आईसीएएस) के अधिकारी दास पूर्व में विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पर्यावरण और वन, तथा उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभागों जैसे मंत्रालयों में विभिन्न स्तरों पर महत्वपूर्ण पद संभाल चुके हैं। उन्होंने भारी उद्योग, वाणिज्य, कृषि, सड़क परिवहन, राजमार्ग और गृह मामलों के विभागों के साथ-साथ केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर तथा सीमा शुल्क विभाग में भी महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि सीजीए का प्रभार संभालने से पहले वह केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड में प्रधान मुख्य लेखा नियंत्रक थे, जहां वह प्रत्यक्ष कर संग्रह, रिपोर्टिंग और रसीद लेखांकन से संबंधित कई महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी संचालित पहलों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे। दास सीजीए का पद संभालने वाले 25वें अधिकारी हैं। सीजीए लेखा मामलों पर केंद्र सरकार का प्रधान सलाहकार होता है।
- बेंलगुरु। कोविड के दौरान ड्यूटी करते हुए जान गंवाने वाले योद्धाओं के चार बच्चों को दो-दो लाख रुपये की छात्रवृत्ति मिली है। ‘कृतज्ञ पुरस्कार' कार्यक्रम के तहत लाभार्थियों की यहां घोषित पहली सूची में उनका नाम है। ‘कृतज्ञ' कावेरी अस्पताल की एक पहल है जिसका मकसद बेंगलुरू के स्वास्थ्य योद्धाओं को सम्मानित करना है। छात्रवृत्ति की घोषणा करते हुए ‘कृतज्ञ' की आयोजन समिति के अध्यक्ष एवं कावेरी अस्पताल के कार्यकारी निदेशक डॉ विजय भास्करण ने कहा कि यह एक ऐसी योजना है जिसमें मृत कोविड योद्धाओं के परिवार के सदस्य कभी भी आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने कहा, “ हम आवेदनों की जांच करेंगे और पात्र मामलों पर विचार करेंगे। अस्पताल ने बयान में कहा कि मृत कोविड योद्धाओं के बच्चों की ओर से नौकरी के लिए आवेदन मिला था और उम्मीदवारों की वरीयता के मुताबिक उनकी जांच की जा रही है।
- नयी दिल्ली । केंद्र ने अंतर-राज्यीय सीमा विवादों को निपटाने के लिए उपग्रह की तस्वीरों के माध्यम से पूर्वोत्तर राज्यों की सीमाओं का सीमांकन करने का निर्णय लिया है। इन सीमा विवादों की वजह से अक्सर चिंताजनक हालात पैदा हो जाते हैं और कभी कभार हिंसा तक हो जाती है। दो वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने कहा कि यह कार्य उत्तर पूर्वी अंतरिक्ष उपयोग केंद्र (एनईएसएसी) को दिया गया है जो अंतरिक्ष विभाग (डीओएस) और पूर्वोत्तरी परिषद (एनईसी) की संयुक्त पहल है। एनईएसएसी उन्नत अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी सहायता प्रदान करके पूर्वोत्तर क्षेत्र में विकास प्रक्रिया को बढ़ाने में मदद करता है। अंतरराज्यीय सीमा विवाद हाल में सुर्खियों में रहा है जब असम-मिजोरम के बीच सीमा विवाद को लेकर हुए संघर्ष में असम के पांच पुलिस कर्मी और एक नागरिक की मौत हो गई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कुछ महीने पहले उपग्रह की तस्वीरों के माध्यम से अंतर-राज्यीय सीमाओं के सीमांकन का विचार रखा था। शाह ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में अंतर-राज्यीय सीमाओं और जंगलों के मानचित्रण और राज्यों के बीच सीमाओं के लिए एनईएसएसी को शामिल करने का सुझाव दिया था। शिलांग स्थित एनईएसएसी पहले से ही इस क्षेत्र में बाढ़ प्रबंधन के लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का उपयोग कर रहा है। सरकारी अधिकारियों ने कहा कि सीमाओं के सीमांकन में वैज्ञानिक तरीके अपनाने से, किसी भी विसंगति की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी और राज्य, सीमा विवाद के समाधान को बेहतर तरीके से स्वीकार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि उपग्रह से मानचित्रण हो जाने के बाद, पूर्वोत्तर राज्यों की सीमाएं खींची जा सकती हैं और विवादों को स्थायी रूप से सुलझाया जा सकता है ।
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को डिजिटल भुगतान के मंच ‘‘ई-रुपी'' के फायदे गिनाए और कहा कि डिजिटल प्रौद्योगिकी लोगों के जीवन में व्यापक बदलाव ला रहा है तथा इससे जीवन भी सुगम हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से ‘ई-रुपी' लॉन्च करेंगे, जो डिजिटल भुगतान के लिए एक कैशलेस और संपर्क रहित माध्यम है। प्रधानमंत्री ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘डिजिटल प्रौद्योगिकी से लोगों के जीवन में व्यापक बदलाव आ रहा है और इससे जिंदगी भी सुगम हो रही है। कल दो अगस्त को साढ़े चार बजे अत्याधुनिक डिजिटल भुगतान समाधान ‘ई-रुपी' की शुरुआत की जाएगी। यह उपयोगकर्ताओं को बहुत सारे फायदे पहुंचाएगा।'' उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘‘ई-रुपी के कुछ फायदे इस प्रकार हैं। कैशलेस और संपर्क रहित डिजिटल लेनदेन और सेवा प्रायोजकों व लाभार्थियों को जोड़ता है। विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को वितरण खामी रहित करता है।'' ‘‘ई-रुपी'' को नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने अपने यूपीआई प्लेटफॉर्म पर वित्तीय सेवा विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के सहयोग से विकसित किया है।
- पुणे। महाराष्ट्र के पुणे शहर में सिंहगड रोड पर बनी बहुमंजिला इमारत से 17 वर्षीय किशोरी रविवार को कथित तौर पर कूद गई, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने घटना की जानकारी देते हुए आत्महत्या का मामला होने की आशंका जताई है। पुलिस ने बताया कि मृतका की पहचान श्रेया पुरनदरे के तौर पर हुई है और वह घुड़सवारी की खिलाड़ी थी।हवेली पुलिस थाने के प्रभारी निरीक्षक सदाशिव शेलार ने कहा, ‘‘ लड़की नांदेड सिटी टाउनशिप की उक्त इमारत में पहली मंजिल पर रहती थी। हमारी शुरुआती जांच में संकेत मिला है कि यह आत्महत्या का मामला है। उसने संभवत: इमारत में तीसरी या चौथी मंजिल पर सीढ़ियों के लिए बने गलियारे से नीचे छलांग लगाई है।'' उन्होंने कहा कि इतना कठोर कदम उठाने की वजहों का अबतक पता नहीं चला है और न ही घटनास्थल से कोई नोट बरामद हुआ है। उन्होंने बताया कि घटना के बाद किशोरी को निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस के मुताबिक, श्रेया के पिता घुड़सवारी प्रशिक्षण अकादमी चलाते हैं, जहां से वह भी घुड़सवारी सीखती थी।
- नयी दिल्ली । संपत्ति सलाहकार कंपनी एनारॉक के अनुसार देश के सात शहरों में 1.4 लाख करोड़ रुपये की 1.74 लाख इकाइयों का काम पूरी तरह ठप हैं। इसमें से 66 प्रतिशत मकान दिल्ली-एनसीआर में हैं। एनारॉक ने कहा कि उसने अपने अनुसंधान में उन्हीं आवासीय परियोजनाओं को शामिल किया है जो 2014 में या उसके बाद शुरू हुई है। उसने कहा कि देशभर के सात शहरों में ठप और लंबित इकाइयों की संख्या 6,28,630 हैं जिनकी कीमत 5,05,415 करोड़ रुपये है। ये इकाईयां दिल्ली-एनसीआर, मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर), पुणे, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और कोलकाता में हैं। एनारॉक के निदेशक और प्रमुख (अनुसंधान) प्रशांत ठाकुर ने कहा, "वर्ष 2021 की पहली छमाई तक लगभग 6.29 लाख ऐसी इकाइयां हैं, जिन्हें शीर्ष-सात शहरों में पूरा किया जाना बाकी है। सात शीर्ष शहरों में पूरी तरह से ठप 1.74 लाख घरों की कुल कीमत वर्तमान में 1,40,613 करोड़ रुपये से अधिक है।" उसने बताया कि शहरों के इस हिसाब से दिल्ली-एनसीआर बाजार में सबसे अधिक 1,13,860 इकाइयां ठप हैं। जो सात शहरों की कुल इकाइयों का 66 प्रतिशत है। वही मुंबई में 41,730 इकाई, पुणे में 9,990 इकाई, बेंगलुरु में 3,870 इकाई और हैदराबाद में 4,150 इकाइयां ठप हैं। चेन्नई में इसी तरह की कोई भी इकाई नहीं हैं।
- कोच्चि। महाराष्ट्र के एक नौसेना अधिकारी की केरल के कोट्टायम जिले में मर्मला झरने के तेज बहाव की चपेट में आकर डूबने से मौत हो गई। वह केरल के दौरे पर आये आठ सदस्यीय दल का हिस्सा थे। एक रक्षा प्रवक्ता ने यह जानकारी दी। प्रवक्ता ने बताया कि दक्षिणी नौसेना कमान से जुड़े 28 वर्षीय लेफ्टिनेंट अभिषेक कुमार अचानक झरने से हुये पानी के तेज बहाव की चपेट में आकर बह गये। कुमार मूल रूप से लखनऊ के रहने वाले थे। उन्होंने कहा कि पुलिस, दमकल विभाग और स्थानीय लोगों द्वारा की गयी गहन तलाश के बाद अधिकारी का शव निकाला जा सका।-file photo
- नई दिल्ली। केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो-सीबीआई की एक विशेष अदालत ने मध्य प्रदेश व्यावसायिक परीक्षा बोर्ड- व्यापमं की पुलिस भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़े के दो दोषियों को सात वर्ष की जेल की सजा सुनाई है। व्यापमं घोटाले का पता वर्ष 2013 में चला था। यह मामला मेडिकल विद्यार्थियों और राज्य सरकार के कर्मचारियों के चयन के लिए हुई 13 परीक्षाओं से संबंधित है।
- नई दिल्ली। आयुष मंत्रालय ने कोविड-19 से उबरने में परंपरागत जड़ी-बूटी अश्वगंधा के लाभ के बारे में अध्ययन करने के लिए ब्रिटेन के लंदन स्कूल ऑफ हाइजिन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन (एलएसएचटीएम) के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। मंत्रालय के अधीन स्वायत्त संस्था अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) तथा एलएसएचटीएम ने ब्रिटेन के तीन शहरों- लेसिस्टर, बिरमिंघम और लंदन (साउथ हॉल और वेम्बले) में 2 हजार लोगों पर अश्वगंधा के चिकित्सीय परीक्षण करने के लिए हाल में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।वक्तव्य में कहा गया कि अश्वगंधा (वैज्ञानिक नाम विथानिया सोमनिफेरा) एक परंपरागत जड़ी-बूटी है जो तनाव घटाती है और प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाती है। यह आसानी से उपलब्ध है तथा ब्रिटेन में इसे पोषण के पूरक की तरह लिया जाता है और यह सुरक्षित है।परीक्षण यदि सफलतापूर्वक पूरा होता है तो भारत की परंपरागत औषधि प्रणाली को वैज्ञानिक वैधता मिल सकती है। अश्वगंधा के विभिन्न रोगों में लाभों को समझने के लिए अनेक अध्ययन हो चुके हैं लेकिन यह पहली बार है जब आयुष मंत्रालय ने कोविड-19 के मरीजों में इसके प्रभाव का पता लगाने के लिए किसी विदेशी संस्थान के साथ समन्वय किया है।एआईआईए की निदेशक डॉ. तनुजा मनोज नेसारी और इस परियोजना में अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं के समन्वयक डॉ. राजगोपालन के साथ सह-अन्वेषक हैं। एलएसएचटीएम के डॉ. संजय किनरा अध्ययन के प्रधान जांचकर्ता हैं। डॉ. नेसारी ने कहा, तीन महीने तक 1000 प्रतिभागियों के एक समूह को अश्वगंधा की गोलियां दी जाएंगी जबकि इतने ही लोगों के दूसरे समूह को इसी के समान दिखने वाली अन्य गोलियां दी जाएंगी। किसे कौन सी गोली दी गई है, इस बारे में मरीजों यहां तक कि चिकित्सकों को भी नहीं बताया जाएगा।
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दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया में पति ने मामूली बात पर पत्नी की कथित रूप से बेरहमी से हत्या कर दी। विवाद नाश्ते की दुकान की चटनी को लेकर हुआ था। पति की हाईवे पर चाय-नाश्ते की दुकान है। सुबह दुकान के नाश्ते के लिए पत्नी ने घर पर ही समोसा-कचौड़ी और चटनी बनाई थी। पति को चटनी का स्वाद पसंद नहीं आया तो वह पत्नी पर भड़क गया। पत्नी ने जवाब दे दिया। गुस्साए पति ने बका मार कर उसकी हत्या कर दी।
पुलिस ने बताया कि घटना दतिया जिले के गोराघाट थाना क्षेत्र के उपरांय गांव की है। आनंद गुप्ता की गांव के बाहर नेशलन हाईवे पर समोसा-कचौड़ी की दुकान है। हर रोज समोसा-कचौड़ी की चटनी घर से तैयार कराकर लाता था। रविवार की सुबह घर में पत्नी प्रीति (39) से चटनी तैयार करने को कहा। इसके बाद प्रीति ने समोसा-कचौड़ी की चटनी तैयार की। जब व्यापारी ने चटनी को चखा तो उसमें स्वाद नहीं आया। चटनी बेस्वाद होने पर वो झल्ला गया। इस पर पति आनंद ने प्रीति से कहा कि चटनी में कोई स्वाद नहीं है। ऐसे में ग्राहक आना बंद हो जाएंगे। तभी पत्नी प्रीति जवाब दे बैठी। इसी समय आनंद गुस्से में आकर आपा खो बैठा और उसने मारपीट करना शुरू कर दिया। पास में रखे हुए बका से हमला करके उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने व्यापारी को हिरासत में ले लिया है। -
उन्नाव। शहर के पीडी नगर में पति, पत्नी और वो के चक्कर में देर शाम एक हाई वोल्टेज ड्रामा चला। जवान ने पत्नी और उसके पुरुष मित्र को एक खंडहर के पास पकड़ लिया। वहां पहुंचकर जब उसने दोनों को देखा तो उसके होश उड़ गए। मौके पर पति को देख पत्नी ने पुरुष मित्र के साथ मिलकर जवान को ईंट मार कर घायल कर दिया। शोर सुनकर पहुंचे लोगों की मदद से दोनों को पकड़कर कोतवाली ले आया। जहां काफी देर तक पंचायत के बाद कोतवाली पुलिस ने जवान का मेडिकल कराया। इसके बाद खंडहर में हुए हंगामा का कुछ लोगों ने वीडियो और फोटो बनाकर इंटरनेट मीडिया पर वायरल कर दिया।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अनिल सिंह ने बताया कि शहर के इंदिरा नगर नई बस्ती में अरुणाचल प्रदेश में तैनात जवान का घर है। उनका आरोप है कि उन्हें पत्नी का फोन अत्यंत व्यस्त होने के कारण कुछ संदेह हुआ। तभी आस-पड़ोस के लोगों ने भी शिकायत की। इस पर बीती 19 जुलाई को वह उन्नाव छुट्टी पर आये, लेकिन अपने घर नहीं गये। बल्कि किसी दोस्त के घर पर ही ठहरे और इसके बाद वह पत्नी की गतिविधियों पर नजर रखने लगे। पत्नी को घर से पैदल निकलते हुए देख पीछा करने लगे। जवान का आरोप है कि कुछ दूर आगे जाने के बाद उनकी पत्नी एक युवक की बाइक पर बैठ कर आगे निकल गई। इसपर उसने दोनों का पीछा किया। शाम करीब साढ़े सात बजे पीडी नगर कालोनी से निराला नगर की तरफ राजमार्ग के करीब एक खंडहर के पास उनकी बाइक रुकी, पीछे से जवान भी वहां पहुंच गया। उसने दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देखा तो आपा खो दिया। तभी जवान की पत्नी ने पुरुष मित्र के साथ मिलकर जवान पर एक ईंट से हमला बोल दिया। इससे जवानका सिर फट गया। इसी बीच शोर सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गये। भीड़ ने पहले महिला के साथ मौजूद पुरुष मित्र की जमकर धुनाई की। इसके बाद जवान दोनों को लेकर कोतवाली पहुंचा। जहां कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अनिल सिंह को घटना की जानकारी दी। कोतवाल ने जवान का मेडिकल करा दिया है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अनिल सिंह ने बताया कि पति-पत्नी का आपसी मामला है। सुलह-समझौते के लिए बात चल रही है। वहीं, खंडहर में हुए हंगामे का किसी ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया।-file photo
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दो हादसों में 6 की मौत
रीवा। मध्य प्रदेश के विंध्य में लगातार बारिश से हालात बिगडऩे लगे हैं। रीवा-सिंगरौली में 12 घंटे में दो बड़े हादसों में 6 की मौत हो गई, जबकि 5 लोग गंभीर हैं। मृतकों की पुष्टि कलेक्टर इलैया राजा टी ने की है। पुलिस ने बताया कि रीवा में रविवार तड़के कच्चे मकान की दीवार सो रहे परिवार पर गिर गई। मलबे में दबकर 4 लोगों की जान चली गई। मृतकों में मां-बेटा और दो बहनें शामिल हैं। परिवार के दो सदस्य गंभीर हैं। वहीं, सिंगरौली में कंपनी की दीवार झुग्गी पर गिर गई। इस घटना में 2 भाइयों की मौत हो गई, जबकि माता-पिता समेत 3 लोग घायल हो गए। परिवार झारखंड से मजदूरी करने आया था।
चौकी प्रभारी अभिमन्यु द्विवेदी ने बताया कि पहला हादसा शनिवार-रविवार रात 2 बजे सिंगरौली के विन्ध्यनगर थाना क्षेत्र की जयंत चौकी इलाके में हुआ। एक कंपनी की दीवार गिर गई। दीवार के मलबे के चपेट में मजदूर भोला मुंडा (32) निवासी झारखंड की झुग्गी आ गई। भोला के दो बच्चे नीरज मुंडा (10) और सनिका मुंडा (2) की मौके पर मौत हो गई। वहीं, भोला की बेटी रागिणी मुंडा (7) गंभीर रूप से घायल हुई है। हादसे में भोला और उसकी पत्नी विनीता (28) भी घायल है। बच्ची को नेहरू अस्पताल के वेंटिलेटर पर रखवाया गया है।
पुलिस ने बताया कि गढ़ थाना क्षेत्र के बहेरा घुचियारी गांव में कच्चा मकान ढहने से चार लोगों की मौत हो गई है। मनोज पांडेय (35), उनकी मां कमेली पांडेय (60), दो बेटियां काजल (8) और आंचल पांडे (7) की मौत हो गई। मलबे में दबे मनोज की पत्नी और बेटे को किसी तरह बच गया, लेकिन गंभीर रूप से घायल होने के बाद उनको अस्पताल में भर्ती कराया है। - भवानीपटना। ओडिशा के कालाहांडी जिले में नव-निर्मित लिफ्ट सिचाईं नहर में दरार के बाद कई एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। लिफ्ट सिंचाईं एक ऐसी विधि है, जिसमें पानी को प्राकृतिक प्रवाह द्वारा नहीं, बल्कि पंपों या अन्य उपकरणों के जरिये पहुंचाया जाता है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार व शनिवार की दरमियानी रात कोकसारा प्रखंड के माझीगुड़ा गांव के पास इंद्रावती नहर के बाएं किनारे में लिफ्ट में करीब 10 फुट की दरार आ गई। उन्होंने कहा कि 20 एकड़ से अधिक धान भूमि में गाद जमा हो गई है और लगभग 100 एकड़ धान के खेत प्रभावित हुए हैं। कोकसारा तहसीलदार और उनकी टीम ने नुकसान का आकलन करने के लिए क्षेत्र का दौरा किया।इंद्रावती परियोजना के मुख्य निर्माण अभियंता विभूषण मिश्रा, लिफ्ट नहर प्रणाली की निर्माण एजेंसी लार्सन एंड टुब्रो के प्रतिनिधि और अन्य अधिकारी भी स्थिति का जायजा लेने के लिए मौके पर मौजूद हैं। लिफ्ट नहर प्रणाली के कार्यकारी अभियंता कोंडोल राव ने कहा कि समझौते में कहा गया है कि निर्माण एजेंसी पांच साल तक रखरखाव करेगी। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने 986.71 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस परियोजना का 14 जनवरी को उद्घाटन किया था। अधिकारियों ने कहा कि खरीफ सीजन के दौरान 25,274 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई प्रदान करके कोकसारा ब्लॉक के 88 गांवों को लाभान्वित करने का लक्ष्य है।-file photo
- कोलकाता। कोलकाता के एक निजी न्यूरोलॉजिकल अस्पताल के चिकित्सकों ने 50 वर्षीय एक व्यक्ति को उसकी खोपड़ी के एक हिस्से की सर्जरी करके उसके मस्तिष्क के पास नासिका गुहा के अंदर से सुई निकालकर उसकी जान बचायी। इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोसाइंसेज कोलकाता (आईएनके) के एक वरिष्ठ चिकित्सक ने कहा कि उन्होंने हाल ही में व्यक्ति की वह सर्जरी की जो ब्रेन ट्यूमर या असामान्य मस्तिष्क का ट्यूमर हटाने के लिए की जाती है। चिकित्सक ने कहा, ‘‘उक्त व्यक्ति नाक से खून बहने की शिकायत के साथ हमारे पास आया था जिसके बाद उसे भर्ती किया गया। जब वह हमारे पास आया तो वह नशे में था और हमें इसकी कोई जानकारी नहीं थी कि उसे चोट लगी है या किसी ने उसे मारा है। इसलिए हमने उसकी खोपड़ी का सीटी स्कैन करने का फैसला किया जिससे यह पता चला कि उसकी नाक से लेकर उसके मस्तिष्क तक एक सुई घुसी हुई है।'' नासिका गुहा के अंदर धातु की वस्तु होने के बावजूद, वह व्यक्ति ठीक था और पूरी तरह से सचेत था।उन्होंने कहा, ‘‘वह सामान्य रूप से बात कर रहा था, सामान्य स्थिति की तरह हाथों को ऊपर नीचे कर रहा था और एक सामान्य व्यक्ति की तरह चल रहा था और खाने-पी रहा था। हमें सुई की सटीक जगह का पता लगाने के लिए एक एंजियोग्राम करनी पड़ी। उसके बाद हमने हम खोपड़ी आधारित सर्जरी करने का फैसला किया।'' सर्जरी करने वाली टीम में शामिल रहे चिकित्सक ने कहा कि पहले मरीज की खोपड़ी की सर्जरी करके नाक से सुई निकाली गई। सर्जरी के बाद मरीज ठीक हो गया और उसे तीन दिनों के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि सुई उसके नासिका गुहा में कैसे घुसी।




















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