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बर्लिन. रोलर स्केटर्स के दो स्वर्ण और तीन रजत पदक से भारत ने यहां स्पेशल ओलंपिक विश्व खेलों में अपने पदकों की संख्या को 150 पदक के आंकड़े के पार पहुंचाया। भारत इन खेलों में अब तक कुल 157 पदक, (66 स्वर्ण, 50 रजत, 41 कांस्य) जीत चुका है। खेलों में अब सिर्फ एक दिन की प्रतियोगिताएं बची हैं। आर्यन (300 मीटर) और दीपन (1000 मीटर) ने रोलर कोस्टर में स्वर्ण पदक जीते। भारत की फाइव ए साइड मिश्रित बास्केटबॉल टीम ने भी पुर्तगाल को 6-3 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। इससे पहले शनिवार को भारत की महिला टीम को फाइनल में स्वीडन के खिलाफ हार के साथ रजत पदक से संतोष करना पड़ा था। रविवार को प्रतियोगिताओं के अंतिम दिन भारत एथलेटिक्स, लॉन टेनिस और साइकिलिंग में पदक जीतने के इरादे से उतरेगा। -
दुबई। गैंग्स ग्रैंडमास्टर्स ने शनिवार को यहां ग्लोबल शतरंज लीग (जीसीएल) के तीसरे दिन लगातार तीसरी जीत दर्ज कर शीर्ष पर अपना दबदबा कायम रखा। सफेद मोहरों से खेलते हुए गैंग्स ग्रैंडमास्टर्स ने बालान अलास्कान नाइट्स को 11-6 से पराजित किया। पहले बोर्ड पर विश्वनाथन आनंद और इयान नेपोमनियाच्ची ने 30 चाल के बाद ड्रा खेला। एक अन्य मैच में त्रिवेणी कांटिनेंटल किंग्स को एसजी एल्पाइन वारियर्स से 7-8 से हार मिली।
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दुबई. भारत के शीर्ष ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने बुधवार को जारी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की टेस्ट रैंकिंग में गेंदबाजों की सूची में अपना शीर्ष स्थान बरकरार रखा जबकि इंग्लैंड के जो रूट ऑस्ट्रेलिया के मार्नस लाबुशेन को पछाड़कर दुनिया के नंबर एक बल्लेबाज बन गए। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के लिए भारत की अंतिम एकादश में जगह बनाने में नाकाम रहे अश्विन 860 अंक के साथ दुनिया के नंबर एक गेंदबाज बने हुए हैं। उनके बाद इंग्लैंड के जेम्स एंडरसन 829 अंक के साथ दूसरे स्थान पर हैं। भारतीय गेंदबाजों में जसप्रीत बुमराह (772) और रविंद्र जडेजा (765) क्रमश: आठवें और नौवें स्थान पर बरकरार हैं। भारत के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली एक पायदान नीचे 14वें स्थान पर खिसक गए हैं जबकि कप्तान रोहित शर्मा 12वें स्थान पर हैं। चेतेश्वर पुजारा 25वें स्थान पर बने हुए हैं जबकि अजिंक्य रहाणे और श्रेयस अय्यर एक-एक पायदान ऊपर चढ़कर क्रमश: 36वें और 37वें स्थान पर हैं। विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत शीर्ष 10 में शामिल एकमात्र भारतीय बल्लेबाज हैं। वह 10वें स्थान पर हैं।
बल्लेबाजों की रैंकिंग में रूट पांच स्थान की छलांग के साथ लाबुशेन को पछाड़कर नंबर एक बल्लेबाज बन गए हैं। ऑस्ट्रेलिया के इंग्लैंड को एजबस्टन में रोमांचक पहले टेस्ट में दो विकेट से हराकर पांच टेस्ट की एशेज में 1-0 की बढ़त बनाने के एक दिन बाद रैंकिंग में बदलाव आया है। रूट ने इंग्लैंड की पहली पारी में 118 और दूसरी पारी में 46 रन बनाए जबकि लाबुशेन दोनों पारियों में बल्ले से छाप छोड़ने में नाकाम रहे। इंग्लैंड के खिलाफ शून्य और 13 रन बनाने वाले लाबुशेन तीसरे स्थान पर खिसक गए। न्यूजीलैड के दिग्गज बल्लेबाज केन विलियमसन दो स्थान के फायदे से दूसरे स्थान पर आ गए। ऑस्ट्रेलिया के ट्रेविस हेड (एक पायदान नीचे चौथे स्थान पर) और स्टीव स्मिथ (चार स्थान गिरकर छठे स्थान पर) भी नंबर एक टेस्ट बल्लेबाज बनने की दौड़ में पिछड़ गए हैं। हालांकि शीर्ष छह बल्लेबाजों के बीच सिर्फ 26 रेटिंग अंक का अंतर है। गेंदबाजों में दक्षिण अफ्रीका के कागिसो रबादा ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस (824) को पछाड़कर 825 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर हैं। -
नयी दिल्ली|भारत के शीर्ष युगल खिलाड़ी रोहन बोपन्ना ने बुधवार को कहा कि वह मोरक्को के खिलाफ सितंबर में अपने डेविस कप कैरियर पर विराम लगायेंगे लेकिन अपने राज्य कर्नाटक में विदाई मैच खेलने की उनकी ख्वाहिश पूरी नहीं हो सकेगी क्योंकि एआईटीए इस मैच की मेजबानी उत्तर प्रदेश को पहले ही दे चुका है। भारत को सितंबर में विश्व ग्रुप दो के मैच में मोरक्को से खेलना है।
डेविस कप में 2002 में पदार्पण करने वाले बोपन्ना भारत के लिये 32 मुकाबले खेल चुके हैं ।उन्होंने कहा ,‘‘ मैं सितंबर में अपना आखिरी डेविस कप मैच खेलने की सोच रहा हूं । मैं 2002 से टीम के साथ हूं । मैं चाहता था कि यह मैच बेंगलुरू में हो और मैने भारतीय खिलाड़ियों से भी इस बारे में बात की । वे सभी बेंगलुरू में खेलने को लेकर खुश थे ।अब महासंघ को देखना है कि वे बेंगलुरू में मुकाबला कराना चाहते हैं या नहीं ।'' उन्होंने कहा ,‘‘ चूंकि मैं 20 साल से खेल रहा हूं तो मुझे बस कप्तान से बात करनी होगी कि क्या इसे वहां कराया जा सकता है । सभी आकर आखिरी बार मुझे खेलते देख सकेंगे । '' अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) ने हालांकि कहा कि इस मैच की मेजबानी कर्नाटक प्रदेश लॉन टेनिस संघ को नहीं दी जा सकती । एआईटीए महासचिव अनिल धूपर ने कहा ,‘‘ रोहन के लिये यह अच्छा होता कि भारत के लिये अपना आखिरी मैच बेंगलुरू में खेले लेकिन हम उत्तर प्रदेश को मेजबानी दे चुके हैं । मैच लखनऊ में होगा और यह पहले से तय है ।'' भारत के लिये सबसे ज्यादा 58 मैच लिएंडर पेस ने खेले हैं जिसके बाद जयदीप मुखर्जी ने 43, रामनाथन कृष्णन ने 43, प्रेमजीत लाल ने 41, आनंद अमृतराज ने 39, महेश भूपति ने 35 और विजय अमृतराज ने 32 मैच खेले हैं । बोपन्ना ने 32 मैच खेलकर 12 एकल और 10 युगल मुकाबले जीते ।उन्होंने कहा ,‘‘ अगर मैं टूर पर नहीं खेलता हूं तो मेरी जगह किसी दूसरे भारतीय को नहीं मिलने जा रही । अगर मैं विम्बलडन नहीं खेलता हूं तो कोई और भारतीय मेरी जगह नहीं लेगा । डेविस कप में हालांकि मेरी जगह एक भारतीय ही खेलेगा ।'' -
नई दिल्ली। ओलंपियन भवानी देवी ने चीन के वुक्सी में एशियाई तलवारबाजी चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीत कर इतिहास रचा। महिला सेबर स्पर्धा के सेमीफाइनल में उन्हें उज्बेकिस्तान की जेनाब डेयिबेकोवा ने 14-15 से हराया। इस प्रतियोगिता में भारत का यह पहला पदक है। भवानी को राउंड ऑफ-64 में बाई मिली थी। उसके बाद उन्होंने कज़ाकिस्तान की डोसपे करीना को हराया। प्री-क्वार्टर फाइनल में भवानी ने उलट फेर करते हुए तीसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी ऑजाकी सेरी को 15-11 से हराया।
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भुवनेश्वर. कप्तान सुनील छेत्री और लल्लिंजुआला छांगते के गोल के दम पर भारत ने इंटरकांटिनेंटल कप के फाइनल में रविवार को यहां लेबनान को 2-0 से शिकस्त दी। भारत ने दूसरी बार इस टूर्नामेंट को अपने नाम किया है। टीम ने 2018 में इसके शुरुआती सत्र के फाइनल में कीनिया को हराया था जबकि 2019 भारत चौथे और आखिरी स्थान पर रहा था। भारतीय खिलाड़ियों ने मैच में शुरुआत से दबदबा बनाया लेकिन गोल करने के मौके को भुनाने में नाकाम रहे। सक्रिय खिलाड़ियों में सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय गोल करने के मामले में तीसरे स्थान पर काबिज छेत्री ने मैच का दूसरा हाफ शुरू होते ही गोल दाग दिया जबकि इस गोल में मददगार की भूमिका निभाने वाले छांगते ने 66वें मिनट में टीम की बढ़त को दोगुना कर दिया। दोनों टीमों ने इसके बाद कई और प्रयास किये लेकिन गोल करने में नाकाम रहे।
- जकार्ता,। सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की अनुभवी भारतीय पुरुष युगल जोड़ी ने शनिवार को यहां इंडोनेशिया ओपन विश्व टूर सुपर 1000 बैडमिंटन स्पर्धा के सेमीफाइनल में कोरिया के मिन ह्युक कांग और सेउंग जे सेओ की जोड़ी को शिकस्त देकर खिताबी मुकाबले में अपनी जगह पक्की की लेकिन पुरुष एकल में एचएस प्रणय का अभियान सेमीफाइनल में हार के साथ खत्म हो गया। सातवीं वरीय भारतीय जोड़ी ने सेमीफाइनल में गैर वरीय कोरियाई जोड़ी के खिलाफ पहले गेम में हार के बाद शानदार वापसी की। सात्विक और चिराग की जोड़ी ने एक घंटे सात मिनट तक चले मुकाबले को 17-21 21-19 21-18 से जीता। इन दोनों जोड़ियों के बीच पांच मैचों में सात्विक और चिराग की जोड़ी की यह तीसरी जीत है।विश्व रैंकिंग में छठे स्थान पर काबिज भारतीय जोड़ी पहली बार सुपर 1000 स्तर के स्पर्धा के फाइनल में पहुंची है। चिराग ने इस जीत के बाद कहा, ‘‘ हम आज जिस तरह से खेले उससे हमें काफी अच्छा महसूस हो रहा है। उन्होंने तीसरे गेम में वापसी की लेकिन हम अंत तक डटे रहे और मुझे खुशी है कि हम अपनी रणनीति से पीछे नहीं हटे। पहली बार हम सुपर 1000 के फाइनल में हैं और इसलिए यह अच्छा लग रहा है।''इससे पहले पुरुष युगल में मैच की शुरुआत में दोनों जोड़ियों ने बराबरी की टक्कर दी लेकिन कोरियाई जोड़ी ने 6-3 की बढ़त बना ली। कोरियाई जोड़ी के बढ़त हासिल करने बाद भारतीय जोड़ी बस उसका पीछा ही करती रही। सात्विक और चिराग ने आक्रामक खेल के दम पर बढ़त कम करने की कोशिश लेकिन 20-17 स्कोर होने के बाद कोरियाई जोड़ी ने उनकी गलती का फायदा उठा कर पहला गेम जीत लिया। पहला गेम गंवाने के बाद राष्ट्रमंडल खेलों के चैम्पियन ने दूसरे गेम में जोरदार वापसी करते हुए 6-3 और फिर 11-4 की बढ़त बना ली। कांग और सेओ की जोड़ी ने इसके बाद अच्छी वापसी की और स्कोर को 18-15 कर दिया। भारतीय जोड़ी ने अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए इस गेम को जीत लिया।तीसरे गेम में दोनों का स्कोर 5-5 था लेकिन इसके बाद भारतीय जोड़ी ने लगातार सात अंक हासिल कर 12-5 की बढ़त हासिल कर ली। कोरियाई जोड़ी ने हार नहीं मानी और शानदार वापसी करते हुए स्कोर 16-16 कर दिया। चिराग और सात्विक ने इसके बाद दबाव में अपना दमखम दिखाया और जीत दर्ज कर ली।
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अमृतसर. हेइगुरुजम दया देवी के दो गोल की मदद से मणिपुर ने शनिवार को यहां सीनियर महिला राष्ट्रीय फुटबॉल चैंपियनशिप के ग्रुप बी मैच में महाराष्ट्र को 3-1 से हराया। डांगमेई ग्रेस के मणिपुर के लिए पहला गोल किया था जबकि दया देवी ने दूसरे हाफ में दो गोल दागे। महाराष्ट्र के लिए इकलौता गोल आर्या मोरे ने किया। ग्रुप के अन्य मैचों में बंगाल ने हिमाचल प्रदेश को 4-0 और हरियाणा ने रेलवे को 2-1 से हराया।
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नयी दिल्ली. भारतीय साइकिलिस्ट रोनाल्डो सिंह लाइतोंजाम ने बृहस्पतिवार को मलेशिया के नियाली में एशियाई ट्रैक साइकिलिंग चैम्पियनशिप में 9 . 877 सेकंड का समय निकालकर पुरूषों की स्प्रिंट स्पर्धा में नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया । रोनाल्डो टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना (टॉप्स) का हिस्सा हैं । वह 10वें स्थान पर रहकर पुरूषों की स्प्रिंट में आर16 के लिये क्वालीफाई करने में कामयाब रहे । भारतीय खेल प्राधिकरण ने ट्वीट किया ,‘‘ अनुभवी भारतीय साइकिलिस्ट रोनाल्डो सिंह ने पुरूषों के स्प्रिंट क्वालीफिकेशन (200 मीटर फ्लाइंग टाइम ट्रायल) में नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया । वह 9 . 877 सेकंड का समय निकालकर एशियाई ट्रैक साइकिलिंग चैम्पियनशिप में दसवें स्थान पर रहे ।'' पिछली बार दिल्ली में हुए टूर्नामेंट में रोनाल्डो ने रजत जीतकर इतिहास रच दिया था ।
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भोपाल. जूनियर विश्व चैम्पियनशिप पदक विजेता वरूण तोमर ने कुमार सुरेंद्र स्मृति निशानेबाजी चैम्पियनशिप में पुरूषों की दस मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता । उत्तर प्रदेश के वरूण ने फाइनल में 241 . 9 स्कोर किया । सेना के श्रवण कुमार उनसे 0.7 अंक पीछे रहे जिन्होंने रजत पदक जीता । सेना निशानेबाजी ईकाई के सागर डांगी ने कांस्य पदक जीता । जूनियर पुरूष एयर पिस्टल में हरियाणा के कमलजीत ने पहला स्थान हासिल किया । कर्नाटक के जोनाथन एंटोनी दूसरे और उत्तर प्रदेश के यश तोमर तीसरे स्थान पर रहे ।
- चेन्नई ।विश्व स्क्वैश चैंपियनशिप में भारत ने चेन्नई में दक्षिण अफ्रीका को 4-0 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। भारत की तन्वी खन्ना, सौरभ घोषाल, जोशना चिनप्पा और अभय सिंह ने अपने-अपने मैचों में जीत दर्ज की। तन्वी ने दक्षिण अफ्रीका की हे ले वार्ड को 7-4, 7-2, 3-7, 7-2 से हराया जबकि सौरभ ने दक्षिण अफ्रीका के देवल्ड वैन नीकेर्क को 7-6, 7-4, 7-1 से हराया। जोशना ने दक्षिण अफ्रीका की लिजेल मुलर को 7-4, 7-3, 3-7, 7-1 से और अभय ने दक्षिण अफ्रीका के जीन पियरे ब्रिट्स को 7-4, 3-7, 7-6, 7-6 से हराया।प्रतियोगिता में मेजबान भारत, ऑस्ट्रेलिया, कोलंबिया, मिस्र, हांगकांग चीन, जापान, मलेशिया और दक्षिण अफ्रीका हिस्सा ले रही हैं।
- नयी दिल्ली । बचपन से परिवार के बलिदान और संघर्ष देखती आई अन्नु ने जूनियर महिला एशिया कप में जब दनादन गोल दागे तो उसे यही मलाल रह गया कि भूखे सोकर भी उसके सपने पूरे करने वाले उसके माता पिता उसे इतिहास रचते नहीं देख सके । भारतीय टीम ने जापान के काकामिगाहारा में चार बार की चैम्पियन दक्षिण कोरिया को फाइनल में 2 . 1 से हराकर पहली बार खिताब जीता । अन्नु ने फाइनल में पहला गोल किया और पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा नौ गोल करके दो बार ‘प्लेयर आफ द मैच' बनी । हरियाणा के जींद जिले के छोटे से गांव रोजखेड़ा की रहने वाली अन्नु ने कहा ,‘‘ मुझे यह दुख हमेशा रहेगा कि मेरे मम्मी पापा मैच नहीं देख सके । उनके पास स्मार्टफोन नहीं था जिस पर लाइव स्ट्रीमिंग देख पाते । अब घर जाकर सबसे पहले उन्हें फोन दिलाना है ताकि आगे से ऐसा नहीं हो ।'' अन्नु के परिवार में सिर्फ भाई ने मैच देखा जो हाल ही में सेना में भर्ती हुआ है ।अपने परिवार के संघर्षों के बारे में इस होनहार खिलाड़ी ने कहा ,‘‘हमने बहुत बुरे दिन देखे हैं । पापा खेतों में मजदूरी करते तो कभी ईंट के भट्टे पर काम करते थे । मम्मी डिस्क की बीमारी से जूझ रही थी । हम कई बार भूखे भी सोये हैं और मैदान पर खेलते समय माता पिता के ये सारे बलिदान मुझे याद रहते थे ।'' भारतीय जूनियर हॉकी टीम ने उसी दिन खिताब जीता जिस दिन क्रिकेट टीम विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल हारी थी । ऐसा अक्सर नहीं होता कि क्रिकेट के बीच हॉकी को मीडिया में ज्यादा तवज्जो मिले लेकिन उस दिन ऐसा हुआ । अन्नु ने कहा ,‘‘ भारत में तो सभी क्रिकेट को पसंद करते हैं और जूनियर हॉकी को तो उतनी पहचान भी नहीं मिलती लेकिन इस मैच ने एक दिन के लिये ही सही , नजारा बदल दिया । पहले जूनियर लड़कों ने और अब पहली बार लड़कियों ने जीतकर इतिहास रचा । उम्मीद है कि सोच बदलेगी और लोग हमारे प्रदर्शन को भी सराहेंगे ।'' सीनियर टीम की पूर्व कप्तान रानी रामपाल और मौजूदा कप्तान सविता भी हरियाणा से हैं और कई रूढियों को तोड़कर भारतीय हॉकी की सुपरस्टार बनी । क्या परिवार को संघर्षों से निकालने का जरिया उनके लिये हॉकी बनी, यह पूछने पर अन्नु ने कहा ,‘‘ मेरा हमेशा से यही मानना था कि मुझे कुछ करना है । मुझे अपने परिवार को अच्छी जिंदगी देनी है और देश का नाम भी रोशन करना है ।'' उसने कहा ,‘‘ जब भी हम कहीं जीतते थे तो जो नकद पुरस्कार मिलता था, वह मैं मम्मी पापा को देती थी । हम पर काफी कर्ज चढा हुआ था जो धीरे धीरे उतारा । हरियाणा टीम में आने पर प्रदेश सरकार से भी पैसा मिलता है जो काफी काम आया ।'' चौथी कक्षा से हॉकी खेल रही अन्नु ने बताया कि शुरूआत में उनके पिता को लोगों ने हतोत्साहित करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने परिस्थितियों से लड़कर उसे इस मुकाम तक पहुंचाया । उसने कहा ,‘‘ पापा हर जगह खेलने ले जाते थे तो लोग विरोध करते थे कि इससे कुछ नहीं होगा लेकिन पापा ने हार नहीं मानी । अब इस खिताब के बाद पूरा गांव खुशियां मना रहा है तो मुझे और खुशी हो रही है । मेरे पापा का विश्वास जीत गया है ।'' खेलो इंडिया खेलों में 2018, 2020 और 2021 में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा रही अन्नु की प्रतिभा को परवान हिसार स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण केंद्र पर कोच आजाद सिंह ने चढाया । उसने कहा ,‘‘ आजाद सर ने मेरा बहुत साथ दिया और मेरे परिवार की हालत देखकर मेरा पूरा ख्याल रखा । कभी प्रशिक्षण में कोई कमी नहीं आने दी । टूर्नामेंट के दौरान सीनियर कोच यानेके शॉपमैन साथ थी तो उनके अनुभव से काफी फायदा मिला । बड़ी टीमों के खिलाफ कैसे खेलना है , उन्होंने बारीकी से बताया ।'' अब उनका अगला लक्ष्य इस साल होने वाले जूनियर विश्व कप में भी स्वर्ण पदक लेकर आना है लेकिन उससे पहले अपने परिवार के साथ इस ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाना बाकी है ।
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भुवनेश्वर. कप्तान सुनील छेत्री के गोल के दम पर भारत ने इंटरकांटिनेंटल कप के अपने दूसरे मुकाबले में सोमवार को यहां वनुआतु को 1-0 से शिकस्त देकर फाइनल का टिकट पक्का किया। भारतीय टीम पूरे मैच के दौरान हावी रही लेकिन विश्व रैंकिंग में 164 वें स्थान पर काबिज वनुआतु की रक्षापंक्ति ने उसे काफी देर तक बढ़त लेने से रोके रखा। करिश्माई खिलाड़ी छेत्री ने मैच के 81वें मिनट में गोलकर टीम की जीत सुनिश्चित की। विश्व रैंकिंग में 101वें स्थान पर काबिज भारतीय टीम ने अपने पहले मैच में मंगोलिया को हराया था। टीम के नाम दो मैचों में चार अंक हो गये है। वनुआतु की यह दो मैचों में दूसरी हार है। भारतीय टीम को राउंड रॉबिन चरण में अपना अगला मैच लेबनान के साथ खेलना है। -
कोलंबो. पूर्व भारतीय क्रिकेटर और इंडियन प्रीमियर लीग टीम चेन्नई सुपरकिंग्स (सीएसके) के सबसे सफल बल्लेबाजों में से एक सुरेश रैना का नाम लंका प्रीमियर लीग 2023 की खिलाड़ियों की नीलामी की सूची में शामिल है। खिलाड़ियों की नीलामी 14 जून को होगी।
श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) ने सोमवार को अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेटरों की सूची जारी की जो 31 जुलाई से शुरू होने वाले पांच टीम के टूर्नामेंट के दौरान नीलामी में हिस्सा लेंगे। रैना 2008 से 2021 के बीच आईपीएल के प्रत्येक सत्र में खेले। यह 36 वर्षीय खिलाड़ी हालांकि 2020 में यूएई से स्वदेश लौट आया था जहां कोविड के कारण आईपीएल का आयोजन किया जा रहा था। रैना ने 205 आईपीएल मैचों में 5500 से अधिक रन बनाए हैं जिसमें नाबाद शतक भी शामिल है।
सीएसके के अलावा रैना आईपीएल में गुजरात लायंस का भी प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वह घरेलू टूर्नामेंटों में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते थे। भारतीय क्रिकेट बोर्ड के नियमों के अनुसार अन्य देश में फ्रेंचाइजी लीग में खेलने के लिए भारतीय खिलाड़ी को घरेलू क्रिकेट में सभी प्रारूपों से संन्यास लेना होगा। -
पेरिस. नोवाक जोकोविच ने टेनिस के इतिहास में सबसे ज्यादा ग्रैंडस्लैम खिताब जीतने वाले पुरूष खिलाड़ी बन गए । उन्होंने फ्रेंच ओपन फाइनल में रविवार को कैस्पर रूड को हराकर 22 बार के ग्रैंडस्लैम चैम्पियन रफेल नडाल को पीछे छोड़ दिया । सर्बिया के 36 वर्ष के जोकोविच ने तीन घंटे 13 मिनट तक चले मुकाबले में 7 . 6, 6 . 3, 7 . 5 से जीत दर्ज की । वह नडाल से एक खिताब आगे और अब टेनिस को अलविदा कह चुके रोजर फेडरर से तीन खिताब आगे हो गए । रोलां गैरो पर 14 बार के चैम्पियन नडाल चोट के कारण इस बार नहीं खेल रहे थे ।
जोकोविच ने यहां 2016 और 2021 में भी खिताब जीता है ।
वह टेनिस के इतिहास में हर ग्रैंडस्लैम कम से कम तीन बार जीतने वाले पहले खिलाड़ी बन गए । उन्होंने दस आस्ट्रेलियाई ओपन, सात विम्बलडन और तीन अमेरिकी ओपन जीते हैं । वह एक बार फिर एक कैलेंडर वर्ष में सभी ग्रैंडस्लैम जीतने की राह पर है । रॉड लावेर ने 1969 में यह कारनामा किया था जिसे उसके बाद कोई दोहरा नहीं सका । जोकोविच 2021 में आस्ट्रेलियाई ओपन, फ्रेंच ओपन और विम्बलडन जीतकर उसके करीब पहुंचे थे लेकिन अमेरिकी ओपन फाइनल में दानिल मेदवेदेव से हार गए । विम्बलडन तीन जुलाई से आल इंग्लैंड क्लब पर खेला जायेगा ।
कोरोना महामारी के दौरान टीका नहीं लगवाने के कारण जोकोविच आस्ट्रेलियाई ओपन और अमेरिकी ओपन नहीं खेल सके थे । जोकोविच ने इस खिताब के साथ ही 23 बार की ग्रैंडस्लैम चैम्पियन सेरेना विलियम्स की बराबरी भी कर ली जिन्होंने पिछले साल टेनिस से विदा ले ली है । मार्गरेट कोर्ट ने अमैच्योर युग में 24 खिताब जीते हैं लेकिन ओपन युग में जोकोविच और सेरेना सबसे आगे हैं । -
नयी दिल्ली. महान खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर ने अनुभवी रविचंद्रन अश्विन को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) फाइनल के लिए भारतीय एकादश में जगह नहीं मिलने को चौकाने वाला फैसला करार देते हुए कहा कि उनकी क्षमता के स्पिनर को प्रभावी होने के लिए अनुकूल परिस्थितियों की जरूरत नहीं होती है। डब्ल्यूटीसी फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 209 रन से हराया। भारत के मुख्य कोच राहुल द्रविड ने टीम में अश्विन को जगह नहीं देने के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि बारिश की स्थिति ने उन्हें चौथे विशेषज्ञ तेज गेंदबाज को चुनने के लिए मजबूर किया। तेंदुलकर ने रविवार को ट्वीट किया, ‘‘ भारत को मैच में बने रहने के लिए पहली पारी में बड़ा स्कोर खड़ा करना था, लेकिन वे ऐसा नहीं कर सके। भारतीय टीम के लिए कुछ अच्छे क्षण थे, लेकिन मैं अश्विन को अंतिम एकादश में शामिल नहीं करने के फैसले को पचा नहीं पा रहा हूं। वह इस समय दुनिया का नंबर एक टेस्ट गेंदबाज है।'' तेंदुलकर को इस तर्क से हैरानी हुई कि अश्विन जैसी क्षमता वाले गेंदबाज को तेज गेंदबाजों के अनुकूल परिस्थितियों में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है, वह भी तब जब इस ऑस्ट्रेलियाई टीम में बायें हाथ के कई बल्लेबाज है। उन्होंने कहा, ‘‘ मैंने मैच से पहले ही कहा था कि कुशल स्पिनर हमेशा पिच से मिलने पर मदद के भरोसे नहीं रहता। वे हवा, पिच की उछाल और अपनी विविधताओं का इस्तेमाल करता है। यह नहीं भूलना चाहिये कि ऑस्ट्रेलिया के पास शीर्ष आठ में बायें हाथ के पांच बल्लेबाज थे। अश्विन ने डब्ल्यूटीसी के दूसरे सत्र के दो साल के चक्र में 13 टेस्ट में 61 विकेट लिए हैं।
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काकामिगाहारा. भारत ने रविवार को यहां चार बार के चैंपियन दक्षिण कोरिया को 2-1 से हराकर पहली बार महिला जूनियर हॉकी एशिया कप का खिताब जीता। पहला क्वार्टर गोल रहित बराबर रहने के बाद भारत ने 22वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर अनु के गोल की बदौलत बढ़त बनाई। जापान के खिलाफ सेमीफाइनल की निराशा को पीछे छोड़ते हुए अनु ने गोलकीपर के बाईं ओर से गोल दागते हुए भारत को 1-0 से आगे किया। दक्षिण कोरिया ने हालांकि तीन मिनट बाद पार्क सियो यिओन के गोल की बदौलत स्कोर 1-1 कर दिया।
नीलम ने 41वें मिनट में दक्षिण कोरिया की गोलकीपर के दाईं ओर से गोल दागकर भारत को 2-1 से आगे कर दिया जो निर्णायक स्कोर साबित हुआ। भारतीय टीम ने इसके बाद अंतिम क्वार्टर में अपनी बढ़त बरकरार रखते हुए जीत दर्ज की।
दक्षिण कोरिया को पेनल्टी कॉर्नर के रूप में गोल करने के कई मौके मिले लेकिन टीम इसका फायदा नहीं उठा सकी। इससे पहले महिला जूनियर एशिया कप में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2012 में था जब टीम बैंकॉक में पहली बार फाइनल में पहुंची थी लेकिन चीन से 2-5 से हार गई। -
नयी दिल्ली. तकनीकी फैसले लेने में हिचकिचाहट, सीनियर खिलाड़ियों को आईना नहीं दिखा पाना और दूसरी जमात के खिलाड़ियों को तैयार नहीं करने से भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच के रूप में महान बल्लेबाज राहुल द्रविड़ को उतनी सफलता नहीं मिल पा रही । इस साल के आखिर में विश्व कप में भी यही हश्र रहा तो उनका अनुबंध बढ़ने की उम्मीद नहीं है । शायद वह खुद ही अनुबंध का विस्तार कराना नहीं चाहेंगे क्योंकि अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर पाने की कसक उनके चेहरे पर झलकने लगी है । अपने जमाने में तेज गेंदबाजों को बेखौफ खेलने वाले द्रविड़ बतौर कोच सवालों की बौछार पर बगलें झांकते नजर आते हैं । वहीं इससे पहले कोच रहे रवि शास्त्री सवालों का सीधा जवाब देते थे , फिर वह आपको पसंद आये चाहे नहीं । भारत की आस्ट्रेलिया के हाथों विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप हार के तुरंत बाद पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने स्टार स्पोर्ट्स पर इंटरव्यू के दौरान उनसे सवाल किया ,‘‘ राहुल, तुम लीजैंड रहे हो लेकिन उपमहाद्वीप के बाहर हमारे शीर्षक्रम के बल्लेबाज जूझते क्यो नजर आ रहे हैं ।'' इस पर द्रविड़ ने कहा ,‘‘ हमारे पास शीर्ष पांच में अनुभवी खिलाड़ी हैं जिन्होंने ऊंचे मानक कायम किये हैं । ये खिलाड़ी भविष्य में लीजैंड कहलायेंगे । उन्होंने आस्ट्रेलिया में दो श्रृंखलायें जीती, इंग्लैंड में टेस्ट जीते । हम जो कर सकते हैं, कर रहे हैं ।'' इस बात से ना तो गांगुली संतुष्ट दिखे और न ही लाखों क्रिकेटप्रेमी जो टीवी के आगे नजरें गड़ाये बैठे थे । सीनियर टीम के साथ दो साल के कार्यकाल में अक्सर द्रविड़ इसी तरह नजर आये हैं । उनके कोच बनने पर जितना उत्साह क्रिकेटप्रेमियों में देखा गया था, वह काफूर होता दिख रहा है । भारत की हार के बीज नागपुर, दिल्ली और इंदौर में ही पड़ गए थे जहां डब्ल्यूटीसी अंक लेने के लिये टीम खराब पिचों पर खेली । इससे बल्लेबाजों का आत्मविश्वास डोला और गेंदबाज तैयार नहीं हो सके । ऋषभ पंत के हादसे में घायल होने और जसप्रीत बुमराह की चोट से भारत को नुकसान तो हुआ ही लेकिन बतौर कोच जोखिम नहीं लेने वाले द्रविड़ की रणनीति से भी कोई फायदा नहीं हुआ । वह सीनियर खिलाड़ियों को भी डपट नहीं सके जो रणनीति पर खरे नहीं उतर पा रहे । भारतीय टीम अगले डब्ल्यूटीसी चक्र की शुरूआत एक महीने बाद वेस्टइंडीज दौरे से करेगी । क्या द्रविड़ अगले दो साल के लिये टीम बना सकेंगे जब रोहित, कोहली और पुजारा टीम का हिस्सा नहीं होंगे । क्या वह जोखिम लेंगे या उसी ढर्रे पर चलना पसंद करेंगे । इन सवालों के जवाब सिर्फ द्रविड़ के पास हैं ।
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अल्माटी. भारत की दिव्या देशमुख एशियाई महाद्वीपीय शतरंज चैंपियनशिप की महिला क्लासिकल स्पर्धा में रविवार को यहां चैंपियन बनीं, तो वहीं मैरी एन गोम्स उपविजेता रहीं। सत्रह साल की दिव्या ने कजाकिस्तान की जेनिया बालाबायेवा के साथ नौवें और अंतिम दौर के मुकाबले को ड्रा खेला और 7.5 अंकों के साथ शीर्ष पर रहीं। मैरी ने भी आखिरी दौर में ड्रा खेला और 6.5 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रही।
भारतीय खिलाड़ी साक्षी चितलंगे 5.5 अंकों के साथ सातवें स्थान पर रहीं। अन्य भारतीयों में पीवी नंदीधा (पांच अंक) और आशना मखीजा (पांच अंक) क्रमश: 13वें और 14वें स्थान पर रहीं। स्पर्धा के ओपन वर्ग में ग्रैंडमास्टर अभिमन्यु पुराणिक अंतिम दौर से पहले पदक की दौड़ में थे। वह हालांकि अपने अंतिम दौर के मुकाबले को जीतने में सफल नहीं रही। अजमत उतेगलियायेव के खिलाफ ड्रॉ खेलने के कारण वह 6.5 अंकों के साथ चौथे स्थान पर रहे। शीर्ष वरीय के रूप में शुरुआत करने वाले ग्रैंडमास्टर अर्जुन एरिगैसी 6.5 अंकों के साथ छठे स्थान पर रहे। एसपी सेथुरमन का अभियान सातवें स्थान पर खत्म हुआ। उज्बेकिस्तान के ग्रैंडमास्टर शमसुद्दीन वोखिदोव ने शीर्ष स्थान हासिल किया। -
सिंगापुर. भारतीय तीरंदाज एशिया कप के तीसरे चरण में कोरिया और चीन के खिलाफ अपने सभी छह फाइनल मैच में शनिवार को दबाव में बेहतर प्रदर्शन नहीं कर सके और पदक तालिका में अपने अभियान को पांचवें स्थान के साथ खत्म किया। भारत एक भी स्वर्ण पदक जीतने में नाकाम रहा लेकिन टीम ने छह रजत पदक और एक कांस्य पदक अपने नाम किया।
तीरंदाजी ‘पावर हाउस' कोरिया चार स्वर्ण, एक रजत और दो कांस्य पदक के साथ तालिका में शीर्ष पर रहा जबकि चीन चार स्वर्ण और तीन कांस्य पदक के साथ दूसरे स्थान पर रहा। भारत को दिन के शुरुआती मुकाबले में कोरिया से शिकस्त मिली। साक्षी चौधरी, प्रगति और दीपिका की भारतीय महिला कम्पाउंड टीम को इस मुकाबले में 232-234 से हार का सामना करना पड़ा। पुरुषों के कम्पाउंड मुकाबले में भी भारतीय टीम को 235-238 से पराजय का सामना करना पड़ा।
रिकर्व महिला टीम भी फाइनल में कोरिया की चुनौती से पर नहीं पा सकी। रिधि फोर, रूमा बिस्वास और अदिति जायसवाल को 3-5 से हार का सामना करना पड़ा। भारत की पुरुष रिकर्व टीम फाइनल में चीन से 1-5 से हार गयी।
पार्थ सालुंके को पुरुष रिकर्व मैच में चीन के क्यूई जियांगशुओ ने 6-2 से हराया। भारतीय महिला कम्पाउंड तीरंदाज रूमा बिस्वास चीन की एएन किजुआन से 2-6 से हार गयी
प्रगति ने कम्पाउंड महिला व्यक्तिगत तीसरे स्थान के प्लेऑफ में अपनी टीम की साथी दीपशिखा को 147-146 से हराकर भारत के लिए कांस्य पदक जीता।
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नई दिल्ली। सरकार ने वर्तमान ओलंपिक के लिए अब तक चार सौ पचास करोड़ रूपये व्यय किए हैं। यह राशि प्रशिक्षण, उपकरणों और अन्य सुविधाओं पर व्यय की गई है। आवश्यकता होने पर सरकार और अधिक सहयोग देगी ताकि पेरिस ओलंपिक-2024 में भारत नये रिकॉर्ड बना सके।
केन्द्रीय खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कल नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में कहा कि भारत ने पिछले ओलंपिक, पैरालम्पिक और राष्ट्रमंडल खेलों में अब तक का सर्वोत्तम प्रदर्शन किया है। समारोह का आयोजन इसी महीने बर्लिन में होने वाले विशेष ग्रीष्मकालीन ओलम्पिक 2023 के लिए एक सौ अठानवे भारतीय खिलाड़ियों की टीम भेजने के अवसर पर किया गया था। श्री ठाकुर ने कहा कि खिलाड़ियों के लिए लक्षित ओलंपिक पोडियम योजना शुरू करने के साथ खेल के लिए बजट बढ़ाया गया है। केन्द्र ने एशियाई खेलों की तैयारी के लिए अब तक दो सौ बीस करोड़ रूपये से अधिक मंजूर किये हैं। खेल मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इस वर्ष चीन में होने वाले एशियाई खेलों में भारत अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेगा। -
सुहल (जर्मनी) . भारतीय ट्रैप निशानेबाज यहां क्वालीफिकेशन में शीर्ष छह में जगह बनाने में नाकाम रहने के बाद पदक दौर में नहीं पहुंच पाए लेकिन इसके बावजूद भारत आईएसएसएफ जूनियर विश्व कप की अंक तालिका में 15 पदक के साथ शीर्ष पर रहा। भारत ने छह स्वर्ण, छह रजत और तीन कांस्य पदक जीते।
भारत 2019 से भी आईएसएसएफ जूनियर विश्व कप और विश्व चैंपियनशिप में शीर्ष पर रहा है। भारत के लिए इस टूर्नामेंट में महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल में सेनयम, पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल में धनुष श्रीकांत, पुरुषों की 25 मीटर पिस्टल में अमनप्रीत सिंह, 10 मीटर एयर राइफल मिश्रित टीम में अभिनव शॉ और गौतमी भनोट तथा गौतमी, स्वाति चौधरी और सोनम मस्कर ने महिला 10 मीटर राइफल टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीते। इसके अलावा महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल टीम स्पर्धा में मेगना सादुला, पायल खत्री और सिमरनप्रीत कौर बरार ने भी सोने का तमगा जीता। पुरुषों के ट्रैप स्पर्धा में बख्तयारुद्दीन मालेक पांच दौर में 125 में से 111 के स्कोर के साथ सर्वश्रेष्ठ भारतीय रहे। उन्होंने 23वां स्थान हासिल किया जबकि तवरेज सिंह संधू 105 के स्कोर के साथ 48वें स्थान पर रहे। कबीर शर्मा 104 के स्कोर से 53वें और आर्य वंश त्यागी 102 के स्कोर से 57वें स्थान पर रहे। शारदुल विहान (97) 68वें स्थान पर रहे। महिला ट्रैप में भव्या त्रिपाठी 110 के स्कोर के साथ नौवें स्थान पर रहीं जबकि आशिमा अहलावत (106) 15वें स्थान पर रहीं। सबीरा हारिस और निला राजा बालू दोनों 100 के समान स्कोर के साथ 22वें और 23वें स्थान पर रहीं। दर्शना राठौर ने 96 के स्कोर से 27वां स्थान हासिल किया। - लंदन। भारतीय बल्लेबाज विराट कोहली ने आस्ट्रेलियाई क्रिकेटर स्टीव स्मिथ को रन बनाने में उनकी निरंतरता और उनके अविश्वसनीय औसत को देखते हुए इस पीढ़ी का सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज करार किया। कोहली की यह टिप्पणी इस आस्ट्रेलियाई खिलाड़ी के लिए काफी बड़ी प्रशंसा होगी क्योंकि यह मौजूदा पीढ़ी के एक अन्य शानदार बल्लेबाज द्वारा की गयी है। कोहली ने भारत और आस्ट्रेलिया के बीच चल रहे विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल से पहले कहा, ‘‘मेरा मानना है कि स्टीव स्मिथ इस पीढ़ी के सर्वश्रेष्ठ टेस्ट खिलाड़ी हैं। उन्होंने दिखाया है कि उनकी अनुकूल होने की क्षमता शानदार है। '' उन्होंने कहा, ‘‘हर कोई उनका रिकॉर्ड जानता है, 85-90 टेस्ट में उनका औसत 60 का है जो अविश्वसनीय है। वह जिस तरह से लगातार रन बना रहा है, मैंने पिछले 10 वर्षों में किसी भी टेस्ट खिलाड़ी को ऐसा करते नहीं देखा है। '
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लंदन. ओवल के मुख्य क्यूरेटर ली फोर्टिस ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बुधवार से शुरू होने वाले विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) फाइनल के लिए पिच उछाल भरी होगी। ओवल की पिच पारंपरिक रूप से उछाल भरी होती है और यह बल्लेबाजी के लिए अनुकूल होती है लेकिन इस बार इसके व्यवहार को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है क्योंकि डब्ल्यूटीसी फाइनल पहला टेस्ट मैच होगा जो कि जून में यहां खेला जाएगा। मैच की पूर्व संध्या पर पिच पर घास दिख रही थी लेकिन खेल शुरू होने से पहले इसे काटा जा सकता है। बादल छाए रहने से ऑस्ट्रेलिया को फायदा मिल सकता है जबकि भारतीय टीम चाहेगी कि धूप खिली रहे। फोर्टिस ने रविचंद्रन अश्विन से उनके यूट्यूब चैनल पर कहा,‘‘ यह ओवल की अच्छी पिच होगी। एक चीज है कि इसमें उछाल होगी। पिच उछाल भरी होगी। उम्मीद है कि बारिश नहीं होगी।
- नयी दिल्ली. भारत के शीर्ष धावक अमलान बोरगोहेन ने बेल्जियम के मेर्कसेम में फ्लैंडर्स कप एथलेटिक्स मीट में 100 और 200 मीटर स्पर्धा का स्वर्ण पदक अपने नाम किया। बोरगोहेन ने 100 मीटर की दौड को 10.70 सेकंड में पूरा किया। उनका राष्ट्रीय रिकॉर्ड हालांकि 10.25 सेकंड है। इस स्पर्धा में जमैका के औब्रे एलन (10.80 सेकंड) और बेल्जियम के विक्टर हॉफमैन्स (11.01 सेकंड) क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। इस 25 साल के धावक ने 200 मीटर की दौड़ को पूरा करने के लिए 20.96 सेकंड का समय लिया। वह इसमें हॉफमैन (21.42 सेकंड) और जमैका के सैमुअल रोवे (21.88 सेकंड) को पछाड़ने में सफल रहे। बोरगोहेन का 200 मीटर में राष्ट्रीय रिकॉर्ड 20.52 सेकंड का है।विश्व एथलेटिक्स कैलेंडर में श्रेणी एफ के इस प्रतियोगिता को अंतरराष्ट्रीय एंटवर्प एथलेटिक्स गाला भी कहा जाता है। इस बीच अमेरिका के पोर्टलैंड ट्रैक फेस्टिवल में महिलाओं की 10,000 मीटर दौड़ में भारत की संजीवनी जाधव ने 32 मिनट 46.88 सेकंड के समय के साथ रजत पदक जीता। दूसरी ओर पोलैंड के चोरजो में ओरलेन जानूस कुसोकिंस्की मेमोरियल में भारतीय धाविका ज्योति याराजी 100 मीटर बाधा दौड़ में 13.03 सेकंड के समय के साथ चौथे स्थान पर रही। इस 23 साल की खिलाड़ी का राष्ट्रीय रिकॉर्ड 12.82 सेकंड है।




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