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- मुंबई। ब्रिटेन की एक ब्रोकरेज फर्म ने गुरुवार को कहा कि रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) अतिरिक्त नकदी को सोखने के लिए रिवर्स रेपो दर में 0.25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर सकती है, हालांकि रेपो दर, जिस पर केंद्रीय बैंक उधार देता है, में यथास्थिति बनी रह सकती है। बार्कलेज के विश्लेषकों ने अगले सप्ताह होने वाली एमपीसी की बैठक से पहले कहा, ‘‘ओमीक्रोन स्वरूप के प्रकोप और अपेक्षाकृत अनुकूल मुद्रास्फीति के बीच रिजर्व बैंक के पास वृद्धि समर्थक मौद्रिक नीति को बनाए रखने के लिए गुंजाइश है।'' बार्कलेज ने रिपोर्ट में कहा कि केंद्रीय बैंक अपने नकदी प्रबंधन उपायों के मद्देनजर रिवर्स रेपो दर में 0.20-0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर सकता है। इसके अलावा भी कई विश्लेषकों ने रिवर्स रेपो रेट में बढ़ोतरी का अनुमान जताया है। उनका कहना है कि सरकारी उधारी में आश्चर्यजनक बढ़ोतरी के कारण रिजर्व बैंक नीति सामान्यीकरण की ओर बढ़ सकता है।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के चेयरमैन जे बी महापात्र ने कहा है कि प्रत्यक्ष कर संग्रह चालू वित्त वर्ष के अंत तक 12.50 लाख करोड़ रुपये के संशोधित लक्ष्य को पार कर सकता है। उन्होंने इसके अब तक के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने की उम्मीद भी जताई। उन्होंने कहा कि करदाताओं के लिये अनुपालन प्रक्रिया आसान बनाने तथा आंकड़ों के प्रसंस्करण को लेकर कर अधिकारियों की दक्षता में सुधार जैसे कई कारणों से कंपनी कर और व्यक्तिगत आयकर मद में कर संग्रह बढ़ने की उम्मीद है। महापात्र ने कहा, एक फरवरी तक प्रत्यक्ष कर संग्रह 10.38 लाख करोड़ रुपये है। यह बजटीय अनुमान से केवल 70,000 करोड़ रुपये कम है। इस समय यह आंकड़ा पिछले साल के कुल संग्रह के मुकाबले बेहतर है।'' उन्होंने कहा कि प्रत्यक्ष कर संग्रह अबतक 11.18 लाख करोड़ रुपये से ऊपर कभी नहीं गया है। सीबीडीटी प्रमुख ने कहा, ‘‘इस साल हम 12 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करने जा रहे हैं...हमारा लक्ष्य 12.50 लाख करोड़ (संशोधित अनुमान) रुपये का है। और हमें न केवल इस लक्ष्य को हासिल करने बल्कि संभवत: इसे पार कर जाने का भरोसा है।'' उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष के समाप्त होने में अभी दो महीने है। ऐसे में लक्ष्य दायरे में जान पड़ रहा है। वित्त वर्ष 2021-22 में कुल 12.50 लाख करोड़ रुपये में से 6.35 लाख करोड़ रुपये कंपनी कर श्रेणी में जबकि 6.15 लाख करोड़ रुपये व्यक्तिगत आयकर खंड में आने का अनुमान है। महापात्र ने कहा कि इस बार कर विभाग बेहतर स्थिति में है। इसका कारण विभिन्न उपाय हैं, जो पिछले कुछ साल में करदाताओं और कर प्राधिकरण दोनों के लिये प्रत्यक्ष कर संग्रह प्रणाली को दुरुस्त करने को लेकर किये गये हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम लंबे समय तक ऐसी स्थिति में नहीं थे, जैसे आज हैं। इसका कारण हमने करदाताओं के लिये कर अनुपालन को आसान बनाया है। साथ ही हमें आयकर विभाग की आंकड़ा प्रसंस्करण क्षमता पर भरोसा है।'' सीबीडीटी प्रमुख ने कहा कि इसके अलावा कारोबार के संगठित रूप में आने, केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी), बाजार नियामक सेबी समेत विभिन्न एजेंसियों के बीच आंकड़ों को साझा करने से भी हमें मदद मिली है। इससे आंकड़े एकत्रित करने में मदद मिली। हम सभी अन्य एजेंसियों का लाभ उठा रहे हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘कर अधिकारियों को विभिन्न श्रेणियों में इलेक्ट्रॉनिक आंकड़े प्राप्त हुए हैं। अत: उन्हें कर चोरी करने वालों पर व्यक्तिगत रूप से नजर रखने की जरूरत नहीं है। साथ ही करदाताओं के लिये स्वैच्छिक अनुपालन प्रक्रिया भी लायी गयी है।'' महापात्र के अनुसार, 2018-19 में कुल प्रत्यक्ष कर संग्रह 11.18 लाख करोड़ रुपये, 2019-20 में 10.28 लाख करोड़ रुपये और 2020-21 में यह 9.24 लाख करोड़ रुपये था।
- नयी दिल्ली। इलेक्ट्रिक वाहन कंपनी हीरो इलेक्ट्रिक ने अपने पूरे उत्पाद पोर्टफोलियो के लिए ग्राहकों को खुदरा ऋण (फाइनेंसिंग) की सुविधा उपलब्ध कराने को निजी क्षेत्र के एक्सिस बैंक के साथ करार किया है। हीरो इलेक्ट्रिक ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि ग्राहक कंपनी के 750 से अधिक डीलरों के नेटवर्क पर दोपहिया वाहनों के वित्तपोषण का विकल्प चुन सकते हैं। कंपनी ने कहा कि इस साझेदारी के जरिये हीरो इलेक्ट्रिक के ग्राहक अब कम से कम कागजी प्रक्रिया के साथ कई मूल्यवर्धित वित्तीय लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इस समझौते से ग्राहकों को सुगम तरीके से खरीदारी का अनुभव मिलेगा।
- मुंबई। बीएसई सेंसेक्स गुरुवार को 770 का गोता लगाकर 59 हजार अंक के नीचे बंद हुआ। आईटी और वित्तीय शेयरों में मुनाफावसूली के बीच कारोबार के अंतिम समय में बिकवाली दबाव बढऩे से यह गिरावट आयी। कारोबारियों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों की पूंजी निकासी जारी रहने से भी कारोबारी धारणा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 770.31 अंक यानी 1.29 प्रतिशत टूटकर 58,788.02 अंक पर बंद हुआ। इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 219.80 अंक यानी 1.24 प्रतिशत की गिरावट के साथ 17,560.20 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स शेयरों में तीन प्रतिशत से अधिक की गिरावट के साथ सबसे अधिक नुकसान में एचडीएफसी का शेयर रहा। इसके अलावा इन्फोसिस, एलएंडटी, कोटक बैंक, बजाज फिनसर्व और टेक महिंद्रा में भी प्रमुख रूप से गिरावट रही। सेंसेक्स के 25 शेयर नुकसान में जबकि पांच लाभ में रहे।एशिया के अन्य बाजारों में जापान का निक्की नुकसान में जबकि दक्षिण कोरिया का कॉस्पी लाभ में रहा। चीन और हांगकांग समेत एशिया के कई अन्य बाजार चंद्र नव वर्ष के मौके पर बंद रहे। यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में मिला-जुला रुख रहा।इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.65 प्रतिशत फिसलकर 88.89 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशक पूंजी बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे। उन्होंने बुधवार को 183.60 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे। देश में सेवा क्षेत्र की गतिविधियां जनवरी के महीने में नरम पड़ी हैं। गुरुवार को जारी एक मासिक सर्वे के अनुसार कोरोना वायरस महामारी के बढऩे के बीच इसकी रोकथाम के लिये लगायी गयी पाबंदियों और मुद्रास्फीति दबाव के साथ नए कारोबार में काफी धीमी गति से वृद्धि हुई। आईएचएस मार्किट के अनुसार मौसमी रूप से समायोजित भारत सेवा व्यापार गतिविधियां सूचकांक जनवरी में मासिक आधार पर घटकर 51.5 रहा, जो दिसंबर में 55.5 था। यह पिछले छह महीने में विस्तार की सबसे धीमी दर है।
- नयी दिल्ली। रुपये के मूल्य में गिरावट आने के कारण राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में गुरुवार को सोना 37 रुपये की तेजी के साथ 47 हजार 902 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने यह जानकारी दी। पिछले कारोबारी सत्र में सोना 47 हजार 865 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।हालांकि, चांदी की कीमत 536 रुपये टूटकर 61 हजार 102 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। पिछले कारोबारी सत्र में यह 61 हजार 638 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव गिरावट के साथ 1,803 डॉलर प्रति औंस रह गया, जबकि चांदी 22.55 डॉलर प्रति औंस पर लगभग अपरिवर्तित रही। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) तपन पटेल ने कहा, ''न्यूयॉर्क स्थित जिंस एक्सचेंज कॉमेक्स में गुरुवार को हाजिर सोना गिरावट के साथ 1,803 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था, जिससे सोने की कीमतों में गिरावट रही।
- नयी दिल्ली। जर्मनी की लक्जऱी कार विनिर्माता कंपनी ऑडी ने देश में अपनी एसयूवी कार 'क्यू7' का नया संस्करण उतारा है। दिल्ली में इसकी एक्स-शोरूम कीमत 79.99 लाख रुपये है। ऑडी ने गुरुवार को बताया कि स्थानीय इकाई में तैयार इस कार में 48वी माइल्ड हाइब्रिड प्रणाली के साथ 3,000 सीसी का इंजन दिया गया है, जो 340 हॉर्स पवार की शक्ति पैदा करता है। यह कार 5.9 सेकंड में शून्य से 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ़्तार पकड़ सकती है। कंपनी के अनुसार यह कार दो नए संस्करण 'क्यू7 प्रीमियम प्लस' और 'क्यू7 टेक्नोलॉजी' में उपलब्ध है और इनकी कीमत क्रमश: 79.99 लाख और 88.33 लाख रुपये है।ऑडी इंडिया के प्रमुख बलबीर सिंह ढिल्लों ने बताया, ''हम अपनी क्यू7 को वापस बाजार में ला रहे हैं। यह कार न केवल हमारी प्रमुख कार है, बल्कि सबसे महत्वपूर्ण कारों में से एक है। इस कार को हमेशा ग्राहकों के सभी वर्गों से शानदार प्रतिक्रिया मिली है।'' उन्होंने कहा कि नई क्यू7 पेश करने के साथ ऑडी इंडिया वर्ष 2022 में एक और मजबूत प्रदर्शन के लिए उत्साहित है।
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नयी दिल्ली। महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंशियल सर्विसेज (महिंद्रा फाइनेंस) का एकीकृत शुद्ध लाभ दिसंबर, 2021 में समाप्त तिमाही में 992 करोड़ रुपये रहा है। तिमाही के दौरान कंपनी का ऋण वितरण 28 प्रतिशत बढ़ा है। कंपनी ग्रामीण और अर्द्ध-शहरी क्षेत्रों में नए और पुराने वाहन खरीदने के इच्छुक ग्राहकों पर विशेष ध्यान दे रही है जिससे उसका ऋण वितरण बढ़ा है। इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी को 223 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था।
कंपनी ने बुधवार को कहा कि चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के दौरान उसकी कुल आय 2,986 करोड़ रुपये पर स्थिर रही। इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 2,993 करोड़ रुपये रही थी। - मुंबई। बजट से उत्साहित शेयर बाजारों में तेजी का दौर बुधवार को भी जारी रहा और बीएसई सेंसेक्स करीब 696 अंक उछलकर फिर 59,500 अंक के स्तर को लांघ गया। कारोबार के दूसरे सत्र में बैंक एवं वित्तीय कंपनियों के शेयरों में भारी लिवाली से सेंसेक्स को मजबूती मिली। इसके अलावा अनकूल वैश्विक संकेतों ने भी बाजार को तेजी देने का काम किया। कारोबारियों के अनुसार, केंद्रीय बजट में बुनियादी ढांचा क्षेत्र के लिये अधिक आवंटन के साथ पूंजीगत व्यय बढ़ने से मौजूदा आर्थिक पुनरुद्धार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इसका बाजार ने स्वागत किया। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स कारोबार के अंत में 695.76 अंक यानी 1.18 प्रतिशत बढ़कर 59,558.33 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 203.15 अंक यानी 1.16 प्रतिशत की बढ़त के साथ 17,780.00 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में से इंडसइंड बैंक 5.57 प्रतिशत की तेजी के साथ सर्वाधिक फायदे में रही। बजाज फिनसर्व, एचसीएल, बजाज फाइनेंस, कोटक महिंद्रा बैंक और एक्सिस बैंक में भी अच्छी तेजी रही। एचडीएफसी में 1.87 प्रतिशत की तेजी आयी। कंपनी का एकीकृत शुद्ध लाभ दिसंबर, 2021 को समाप्त तिमाही में करीब 13 प्रतिशत बढ़कर 5,837 करोड़ रुपये रहने की खबर से इसके शेयर में मजबूती आयी। दूसरी तरफ टेक महिंद्रा, नेस्ले इंडिया, अल्ट्राटेक सीमेंट, मारुति सुजुकी, एलएंडटी और सन फार्मा के शेयर 1.61 प्रतिशत तक नुकसान के साथ बंद हुए। सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से 21 के शेयर लाभ में रहे जबकि नौ में घाटा उठाना पड़ा। जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘घरेलू बाजार में बजट के अच्छे संकेत तथा वैश्विक स्तर पर सकारात्मक रुख से तेजी बनी रही। ज्यादातर क्षेत्र लाभ में रहे। हालांकि, तेजी में बैंक और वित्तीय शेयरों का योगदान ज्यादा रहा।'' उन्होंने कहा, ‘‘वैश्विक बाजारों में तेजी के साथ कंपनियों के बेहतर परिणाम से निवेशकों ने भू-राजनीतिक तनाव को ज्यादा महत्व नहीं दिया। कंपनियों के तिमाही परिणाम के अलावा निवेशकों को तेल निर्यातक देशों के संगठन (ओपेक) और उनके सहयोगी देशों की बैठक के नतीजे का इंतजार है। इसके अलावा यूरो क्षेत्र के मुद्रास्फीति के आंकड़े की भी प्रतीक्षा है।'' रेलिगेयर ब्रोकिंग के उपाध्यक्ष (शोध) अजित मिश्रा ने कहा कि केंद्रीय बजट के बाद बाजार में उत्साह रहा। इसके अलावा, वैश्विक पुनरुद्धार और कंपनियों के अनुकूल परिणाम तेजी को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इन सबके बीच यह नहीं भूलना चाहिए कि निफ्टी सूचकांक अभी भी 18,000-18,300 के नीचे कारोबार कर रहा है और यह एक बाधा के रूप में काम करेगा। हमें लगता है कि निवेशकों को उन क्षेत्रों पर गौर करना चाहिए जो सूचकांक के अनुरूप कारोबार कर रहे हैं। इनमें बैंक तथा वित्तीय क्षेत्र प्रमुख हैं।'' एशिया के अन्य बाजारों में जापान का निक्की लाभ में रहा। वहीं चीन, हांगकांग एवं दक्षिण कोरिया के बाजार चंद्र नव वर्ष के मौके पर बंद रहे। यूरोप के बाजारों में दोपहर के सत्र में तेजी का दौर देखने को मिला।इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.27 प्रतिशत बढ़कर 89.40 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर रहा। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया एक पैसे के नुकसान के साथ 74.83 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। शेयर बाजारों से मिली जानकारी के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने मंगलवार को 21.79 करोड़ रुपये की निकासी की।
- नयी दिल्ली। बजट में आपात ऋण सुविधा गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) को विस्तार, विशेष आर्थिक क्षेत्रों (सेज) के लिए नए कानून और 100 कार्गो टर्मिनल स्थापित करने के प्रस्ताव देश से निर्यात बढ़ाने में मदद करेंगे और साथ ही इससे आर्थिक वृद्धि को प्रोत्साहन मिलेगा। निर्यातकों और उद्योग ने यह राय जताई है। ब्रिक्स कृषि कारोबार परिषद के चेयरमैन विक्रमजीत साहनी ने कहा कि तिलहन उत्पादन को प्रोत्साहन की घोषणा से घरेलू उद्योग आगे बढ़ेगा। फिलहाल उद्योग अपनी 60 प्रतिशत तिलहन की जरूरत को आयात से पूरा कर रहा है। साहनी ने कहा, ‘‘कृषि क्षेत्र की स्टार्टअप इकाइयों तथा कृषि उपज मूल्य श्रृंखला के ग्रामीण उपक्रमों के वित्तपोषण के लिए नाबार्ड के जरिये विशेष कोष का प्रस्ताव किया गया है, इससे भी देश में औद्योगिक वृद्धि को प्रोत्साहन मिलेगा।'' भारतीय निर्यात संगठनों के महासंघ (फियो) के अध्यक्ष ए शक्तिवेल ने कहा कि आपात ऋण सुविधा गारंटी योजना को 50,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त व्यय के साथ 2022-23 के लिए आगे बढ़ाया गया है। इसके अलावा सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उपक्रमों के लिए ऋण गारंटी न्यास (सीजीटीएमएसई) के तहत दो लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त ऋण प्रावधान किया गया है। इन घोषणाओं से उद्योग को काफी फायदा होगा। शक्तिवेल ने कहा कि ईसीएलजीएस योजना ने कोविड महामारी के चरम में एमएसएमई क्षेत्र को काफी मदद प्रदान की थी। इस योजना के विस्तार से कारोबार में नई जान फूंकी जा सकेगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) कानून के स्थान पर नए कानून के प्रस्ताव से सेज आर्थिक वृद्धि का इंजन बन सकेंगे और रोजगार सृजन करेंगे। इसके साथ ही सेज से निर्यात बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। भारतीय व्यापार संवर्द्धन परिषद (टीपीसीआई) ने एक बयान में कहा कि आम बजट ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार, डिजिटलीकरण और आधुनिकीकरण पर केंद्रित है। टीपीसीआई ने कहा, ‘‘सेज में सुधार काफी समय से लंबित था। हमें खुशी है कि सरकार ने अब इस दिशा में कदम उठाया है।
- मुंबई।वार्डविजार्ड इनोवेशंस एंड मोबिलिटी ने जनवरी माह में 3,951 इलेक्ट्रिक वाहन बेचे हैं। पिछले साल समान महीने में कंपनी की बिक्री मात्र 129 इकाई रही थी। वार्डविजार्ड ‘जॉय ई-बाइक' ब्रांड नाम से इलेक्ट्रिक वाहन बेचती है। गुजरात की इस कंपनी ने बुधवार को कहा कि चालू वित्त वर्ष के पहले 10 माह (अप्रैल-जनवरी) में उसकी ई-दोपहिया की बिक्री 21,327 इकाई रही है। कंपनी का मार्च तक 30,000 इकाइयों की बिक्री का लक्ष्य है। वार्डविजार्ड इनोवेशंस एंड मोबिलिटी के मुख्य परिचालन अधिकारी शीतल भालेराव ने कहा, ‘‘हम अपनी मौजूदा बाजार विस्तार नीतियों की सफलता से काफी उत्साहित हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग बढ़ने के साथ हमारी मासिक बिक्री लगातार बढ़ रही है।
- नई दिल्ली। टाटा की एसयूवी टाटा नेक्सन कंपनी की बेस्टसेलिंग कारों में शामिल है और अपने सेगमेंट में शानदार प्रदर्शन कर रही है। यह कार पेट्रोल इंजन के साथ साथ इलेक्ट्रिक पावरट्रेन के साथ भी उपलब्ध है। टाटा मोटर्स ने नेक्सॉन सीएनजी की टेस्टिंग शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक कंपनी इस मॉडल को कंपनी 1.2 लीटर, 3 सिलेंडर टर्बो पेट्रोल इंजन और फैक्ट्री फिटेड सीएनजी के साथ मार्केट में उतारेगी। कंपनी इसे भारत में फेस्टिवल सीजन के आस पास लॉन्च करने वाली है।इस कार वर्तमान मॉडल1.2 लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन के साथ आती है और इसके अलावा 1.5 लीटर डीजल इंजन ऑप्शन के साथ भी यह कार खरीदी जा सकती है। टाटा ने हाल ही में टाटा टिगोर सीएनजी भारत में लॉन्च की थी। टाटा मोटर्स ने भारतीय बाजार में इसकी शुरुआती दिल्ली एक्स-शोरूम कीमत 7 लाख 69 हजार 900 रुपये रखी है, जो इसके टॉप एंड वैरिएंट पर 8 लाख 41 हजार 900 रुपये तक जाती है। कंपनी का दावा है कि इस सिडान सीएनजी कार में ग्राहकों के कम्फर्ट और सेफ्टी का खासा ध्यान रखा गया है। एडवांस्ड आईसीएनजी तकनीक से लैस इस सीएनजी कार में ग्राहकों को कई सेगमेंट फस्र्ट फीचर्स मिलते हैं।
- नयी दिल्ली। सार्वजानिक क्षेत्र की कंपनी एनएमडीसी का लौह अयस्क उत्पादन चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जनवरी की में 28 प्रतिशत बढ़कर 3.28 करोड़ टन पर पहुंच गया। लौह अयस्क खनन कंपनी ने मंगलवार को शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में उसका लौह अयस्क उत्पादन 2.56 करोड़ टन था। कंपनी ने कहा कि जनवरी, 2022 में उसका लौह अयस्क उत्पादन बढ़कर 45.6 लाख टन पर पहुंच गया। एक साल पहले के इसी महीने में यह 38.6 लाख टन था। इसके अलावा कंपनी के लौह अयस्क की कुल बिक्री चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जनवरी के दौरान सालाना आधार पर 25 प्रतिशत बढ़कर 3.26 करोड़ टन हो गई। कंपनी ने एक साल पहले की इसी अवधि में 2.61 करोड़ टन लौह अयस्क की बिक्री की थी। वही जनवरी, 2022 में कंपनी ने 42.4 लाख टन लौह अयस्क बेचा। उसने जनवरी, 2021 में इसकी 37.4 टन की बिक्री की थी।
- नयी दिल्ली। मारुति सुजुकी, हुंदै, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टोयोटा किर्लोस्कर मोटर और होंडा जैसे शीर्ष यात्री वाहन कंपनियों की बिक्री में जनवरी, 2022 में दौरान गिरावट दर्ज की गई है। सेमीकंडक्टर की कमी के कारण उत्पादन प्रभावित होने से इन कंपनियों की बिक्री में कमी आई है।वही, दूसरी तरफ टाटा मोटर्स और स्कोडा ऑटो इंडिया जैसी कंपनियों की घरेलू बिक्री में जनवरी, 2022 के दौरान उछाल दर्ज किया गया। मारुति सुजुकी इंडिया की घरेलू बिक्री पिछले महीने आठ प्रतिशत घटकर 1,36,442 इकाई रही, जो एक साल पहले के इसी महीने में 1,48,307 इकाई थी। मारुति ने कहा, ‘‘इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की कमी का उन वाहनों के उत्पादन पर प्रभाव पड़ा है, जो मुख्य रूप से घरेलू बाजार में बेचे जाते हैं। हम इस प्रभाव को कम करने के लिए हरसंभव कदम उठा रहे है।'' इसी तरह हुंदै मोटर इंडिया की घरेलू बिक्री जनवरी में 15.35 प्रतिशत घटकर 44,022 इकाई की रह गई। एक साल पहले के इसी महीने में उसने 52,005 इकाइयां बेचीं थी। दूसरी ओर, टाटा मोटर्स ने आलोच्य महीने के दौरान कुल 40,777 यात्री वाहन बेचे, जबकि जनवरी, 2021 के दौरान उसने 26,978 वाहनों की बिक्री की थी। जनवरी, 2022 में कंपनी की कुल बिक्री सालाना आधार पर 51.15 प्रतिशत बढ़ गई। महिंद्रा एंड महिंद्रा की बिक्री में भी जनवरी,2022 के दौरान गिरावट आई है।मुंबई स्थित वाहन विनिर्माता कंपनी ने कहा कि जनवरी, 2022 के दौरान उसने घरेलू बाजार में 19,964 इकाइयां बेचीं जबकि एक साल पहले इसी महीने में उसने 20,634 इकाइयों की बिक्री की थी। इसके अलावा वाहन कंपनी किआ की बिक्री पिछले महीने में 1.38 प्रतिशत बढ़कर 19,319 इकाई पर पहुंच गई। कंपनी पिछले साल के इसी महीने में 19,056 गाड़ियां बेचीं थीं। टोयोटा किर्लोस्कर मोटर की घरेलू बिक्री में भी जनवरी, 2022 के दौरान बड़ी गिरावट देखी गई। कंपनी की घरेलू बिक्री पिछले महीने 34 प्रतिशत घटकर 7,328 इकाई की रह गई जबकि उसने जनवरी, 2021 के दौरान भारतीय बाजार में 11,126 इकाइयों की बिक्री की थी। होंडा कार्स इंडिया लिमिटेड की घरेलू बिक्री भी पिछले महीने 7.88 प्रतिशत घटकर 10,427 इकाई पर आ गई। कंपनी ने जनवरी, 2021 में 11,319 वाहन बेचे थे।
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नयी दिल्ली। बहुमूल्य धातुओं की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में मजबूती के रुख तथा रुपये के मूल्य में गिरावट से राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में मंगलवार को सोना 333 रुपये की जोरदार तेजी के साथ 47,844 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने यह जानकारी दी। पिछले कारोबारी सत्र में सोना 47,511 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। डॉलर के मुकाबले रुपये में 14 पैसे की गिरावट आई और यह 74.79 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ। चांदी की कीमत भी 68 रुपये लुढ़ककर 61,164 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। पिछले कारोबारी सत्र में यह 61,232 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव लाभ के साथ 1,803 डॉलर प्रति औंस हो गया, जबकि चांदी 22.60 डॉलर प्रति औंस पर लगभग अपरिवर्तित रही। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) तपन पटेल ने कहा, ‘‘न्यूयॉर्क स्थित जिंस एक्सचेंज कॉमेक्स में मंगलवार को सोना 0.34 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,803 डॉलर प्रत औंस हो गया, जिससे सोने की कीमतों में तेजी रही।'
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मुंबई। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा आम बजट में बुनियादी ढांचे की मजबूती पर जोर देने और नए करों से परहेज के बीच मंगलवार को शेयर बाजारों में तेजी आई। धातु और पूंजीगत सामान कंपनियों के शेयरों में भारी लिवाली से बीएसई सेंसेक्स 848 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ। कारोबारियों ने कहा कि इसके अलावा मजबूत वैश्विक संकेतों ने भी घरेलू शेयर बाजारों को मजबूती दी।
दिन के कारोबार में 30 शेयरों पर आधारित सूचकांक 59,032.20 की ऊंचाई को छूने के बाद 848.40 अंक या 1.46 प्रतिशत बढ़कर 58,862.57 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 237 अंक या 1.37 प्रतिशत बढ़कर 17,576.85 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स में सबसे अधिक 7.57 प्रतिशत की बढ़त टाटा स्टील में हुई। इसके अलावा सन फार्मा, इंडसइंड बैंक, एलएंडटी, अल्ट्राटेक सीमेंट, आईटीसी और एचसीएल टेक भी बढ़त दर्ज करने वाले प्रमुख शेयरों में शामिल थे। दूसरी ओर महिंद्रा एंड महिंद्रा, पावरग्रिड, एसबीआई, भारती एयरटेल, एनटीपीसी, मारुति और रिलायंस के शेयर गिरकर बंद हुए। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आर्थिक वृद्धि को गति देने के लिये खजाना खोलते हुए 39.45 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया। इसमें अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्रों को गति देने के उद्देश्य से राजमार्गों से लेकर सस्ते मकानों के लिए आवंटन बढ़ाया गया है। वित्त मंत्री ने रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए बुनियादी ढांचे पर खर्च बढ़ाने का प्रस्ताव किया है, लेकिन आयकर स्लैब या कर दरों में बदलाव का प्रस्ताव नहीं किया है। लोकसभा में पेश 2022-23 के बजट में वित्त मंत्री ने पूंजी व्यय 35 प्रतिशत बढ़ाकर 7.5 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव किया। साथ ही सीमा शुल्क दरों को युक्तिसंगत बनाने तथा नई विनिर्माण कंपनियों के लिये रियायती दर की समयसीमा बढ़ाने के साथ डिजिटल मुद्रा शुरू करने तथा क्रिप्टो संपत्तियों पर कर लगाने के भी प्रस्ताव किये हैं। पिछले साल की तरह इस बार भी बजट में बुनियादी ढांचा खर्च पर अच्छा-खासा जोर है। इसमें 5जी स्पेक्ट्रम नीलामी से लेकर 25,000 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग का विकास, नदियों को जोड़ने की योजना तथा नई पीढ़ी की 400 वंदे भारत ट्रेनों का विनिर्माण शामिल है। वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में तेज वृद्धि के लिये आधार रखने का संकल्प जताते हुए कहा, ‘‘अर्थव्यवस्था का तेजी से सुदृढ़ होना और पुनरुद्धार हमारे देश की मजबूती को बताता है।'' उन्होंने कहा, ‘‘बजट में राजकोषीय मजबूती की जगह आर्थिक वृद्धि को प्राथमिकता दी गयी है। बजट वृद्धि के लिये निरंतर गति प्रदान करता रहेगा।'' बजट में राजकोषीय घाटा चालू वित्त वर्ष में बढ़कर 6.9 प्रतिशत रहने का अनुमान रखा गया है जबकि पूर्व में इसके 6.8 प्रतिशत रहने की संभावना जतायी गयी थी। लेकिन अगले वित्त वर्ष 2022-23 में इसके कम होकर 6.4 प्रतिशत तथा 2025-26 तक 4.5 प्रतिशत पर आने का अनुमान रखा गया है। आर्थिक वृद्धि दर के बारे में इसमें कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष में जीडीपी वृद्धि दर 9.2 प्रतिशत तथा अगले वित्त वर्ष 2022-23 में 8 से 8.5 प्रतिशत रहेगी। वित्त वर्ष 2020-21 में अर्थव्यवस्था में 6.6 प्रतिशत की गिरावट आयी थी।
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि बजट दीर्घकालिक वृद्धि पर केंन्द्रित है, जिसका बाजार ने स्वागत किया है। इसमें लोकलुभावन उपायों के लिए कोई जगह नहीं है। बीएसई के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) आशीष कुमार चौहान ने कहा, ‘‘2022-23 का बजट बेहद संतुलित है और पिछले बजट के वृद्धि उन्मुख नजरिये को आगे बढ़ाता है।'' एचडीएफसी सिक्योरिटीज के प्रबंध निदेशक और सीईओ धीरज रेली ने कहा कि बजट वृद्धि को बढ़ावा देने वाला है और पूंजीगत व्यय में तेजी से बढ़ोतरी करता है। उन्होंने कहा कि विनिर्माण को बढ़ावा देने के साथ ही स्टार्टअप, आधुनिक गतिशीलता और स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों पर जोर देने से पता चलता है कि वित्त मंत्री ने दीर्घकालिक वृद्धि को प्राथमिकता दी है। एशियाई बाजारों में हांगकांग और जापान के बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। चीन और दक्षिण कोरिया के बाजार छुट्टी के कारण बंद रहे। यूरोप के शेयर बाजार मध्य सत्र के सौदों में मजबूती के साथ कारोबार कर रहे थे।
इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 0.24 फीसदी गिरकर 89.05 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। शेयर बाजार के अस्थायी आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को सकल आधार पर 3,624.48 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। -
नई दिल्ली। भारतीय वाणिज्य और उद्योग महासंघ-फिक्की के अध्यक्ष संजीव मेहता ने आम बजट-2022 को विकासोन्मुखी बताया है। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने साहसिक बजट लाने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन की सराहना की।भारतीय वाणिज्य और उदयोग मंडल- एसोचेम ने केंद्रीय बजट में हरित ऊर्जा पर ध्यान केंद्रित करने और लॉजिस्टिक लागत को कम करने के लिए बजट में लाए गये प्रस्तावों का स्वागत किया है। एसोचेम ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीरारमन ने इस बजट में सूक्ष्म, लघु और मझौले उद्यमों के विकास को बढ़ावा देने के दृष्टिकोण को रेखांकित किया है।कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज़-सीआईआई के मनोनीत अध्यक्ष संजीव बजाज ने इस बजट को विकासोन्मुख बताते हुए कहा है कि बजट में सभी का ध्यान रखा गया है। सीआईआई ने विश्वास व्यक्त किया है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने वर्ष 2022-23 में ब्लॉकचेन और अन्य तकनीकों के माध्यम से डिजिटल मुद्रा की शुरूआत से एक नये अध्याय की शुरूआत होगी।
सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बैनर्जी ने कहा कि बजट भविष्योन्मुखी है, जिसमें बुनियादी ढांचे पर खास ध्यान दिया गया है। उन्होंने कहा कि बजट में व्यापार को सुगम बनाने पर भी जोर दिया गया है।इंडियन बैंक एसोसिएशन- आई बी ए के वरिष्ठ सलाहकार, बिकास नारायण मिश्रा ने बजट की सराहना की है। श्री मिश्रा ने कहा कि एक लाख पचास हजार डाकघरों को कोर बैंकिंग से जोड़े जाने से ग्रामीण क्षेत्र को लाभ होगा। सोसाइटी ऑफ़ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चर्स- एसआईडीएम ने वर्ष 2022-23 के रक्षा बजट में घरेलू उद्योगों के लिए पूंजीगत सामान खरीद के लिए इसमें 68 प्रतिशत आवंटन करने का स्वागत किया है।
एसआईडीएम अध्यक्ष एस पी शुक्ला ने कहा कि इससे निवेश का सिलसिला जारी रहेगा और नई क्षमताओं का निर्माण होगा। - नयी दिल्ली। सरकार ने सार्वजानिक क्षेत्र की कंपनी नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड (एनआईएनएल) को 12,100 करोड़ रुपये में टाटा स्टील लॉन्ग प्रोडक्ट्स लिमिटेड को बेचने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। एनआईएनएल सार्वजनिक क्षेत्र की चार कंपनियों... एमएमटीसी लिमिटेड, राष्ट्रीय खनिज विकास निगम, भेल और मेकॉन लिमिटेड समेत ओडिशा सरकार की दो कंपनियों का संयुक्त उद्यम है। एनआईएनएल का ओडिशा के कलिंगनगर में 11 लाख टन की क्षमता वाला एक एकीकृत इस्पात संयंत्र है। कंपनी भारी घाटे में चल रही है और यह संयंत्र 30 मार्च, 2020 से बंद है। जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड के गठजोड़ और नलवा स्टील एंड पावर लिमिटेड, जेएसडब्ल्यू स्टील लिमिटेड और टाटा स्टील लॉन्ग प्रोडक्ट्स लिमिटेड (टीएसएलपी) ने एनआईएनएल को खरीदने के लिए वित्तीय बोली लगाई थी। इसमें टीएसएलपी सबसे बड़ी बोलीदाता बनकर उभरी थी। टीएसएलपी को आशय पत्र (एलओआई) जारी किया जा रहा है।
- नयी दिल्ली। बहुमूल्य धातुओं के अंतरराष्ट्रीय कीमतों में कमजोरी तथा रुपये में सुधार के कारण राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में सोमवार को सोना पांच रुपये की मामूली गिरावट के साथ 47,507 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने यह जानकारी दी। पिछले कारोबारी सत्र में सोना 47,512 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।चांदी की कीमत भी 27 रुपये लुढ़ककर 60,914 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। पिछले कारोबारी सत्र में यह 60,941 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। सोमवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 45 पैसे सुधरकर 74.62 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ।अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव गिरावट के साथ 1,788 डॉलर प्रति औंस रह गया, जबकि चांदी 22.42 डॉलर प्रति औंस पर लगभग अपरिवर्तित रही। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) तपन पटेल ने कहा, ‘‘न्यूयॉर्क स्थित जिंस एक्सचेंज कॉमेक्स में सोमवार को सोना मामूली गिरावट के साथ 1,788 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था जिससे सोने की कीमतों में गिरावट आई।''
- मुंबई। विभिन्न क्षेत्रों में चौतरफा लिवाली से बीएसई सेंसेक्स सोमवार को 813 अंक की बढ़त के साथ एक बार फिर 58,000 अंक के पार निकल गया। वहीं निफ्टी 17,300 अंक के स्तर को पार कर गया। वित्त वर्ष 2021-22 की आर्थिक समीक्षा में अर्थव्यवस्था की बेहतर वृद्धि दर के अनुमान से बाजार में तेजी आयी। यूरोपीय बाजारों में अच्छी शुरुआत तथा एशियाई बाजारों के मजबूत रुख से भी घरेलू बाजारों में तेजी को बल मिला। तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स अच्छी बढ़त के साथ खुला और पूरे सत्र के दौरान इसमें तेजी रही। अंत में यह 813.94 अंक यानी 1.42 प्रतिशत मजबूत होकर 58,014.17 अंक पर बंद हुआ। इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 237.90 अंक यानी 1.39 प्रतिशत मजबूत होकर 17,339.85 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स के शेयरों में टेक महिंद्रा, विप्रो, बजाज फिनसर्व, इन्फोसिस, एसबीआई और पावरग्रिड प्रमुख रूप से लाभ में रहे। दूसरी तरफ इंडसइंड बैंक, कोटक बैंक और एचयूएल नुकसान में रहे।संसद में सोमवार को पेश आर्थिक समीक्षा में टीकाकरण दायरा बढ़ने और आपूर्ति पक्ष में सुधार के साथ नियमन को सुगम बनाने से एक अप्रैल से शुरू वित्त वर्ष 2022-23 में वृद्धि दर 8 से 8.5 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया है। साथ ही कहा गया है कि अर्थव्यवस्था भविष्य की चुनौतियों से निपटने में अच्छी तरह से तैयार है। इसमें 2021-22 में आर्थिक वृद्धि दर 9.2 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है। पिछले वित्त वर्ष में अर्थव्यवस्था में 7.3 प्रतिशत की गिरावट आयी थी। एशिया के अन्य बाजारों में हांगकांग का हैंगसेंग और जापान का निक्की लाभ में रहे। चीन और दक्षिण कोरिया के बाजारों में अवकाश था। यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर कारोबार में तेजी का रुख था।इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.86 प्रतिशत बढ़कर 90.80 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। शेयर बाजार के अस्थायी आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 5,045.34 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे।
- नयी दिल्ली। वैश्विक स्तर पर सेमीकंडक्टर चिप की कमी के कारण कई क्षेत्रों की कंपनियों का उत्पादन या तो पूरी तरह ठप हो गया या फिर घट गया। आर्थिक समीक्षा 2021-22 में यह बात कही गई है। संसद में सोमवार को पेश आर्थिक समीक्षा के अनुसार सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले विनिर्माण क्षेत्र के लिए 76,000 करोड़ रुपये चिह्नित करने के सरकार के निर्णय से देश में इनका उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी। समीक्षा में कहा गया कि इस क्षेत्र के लिए सरकार ने यह कदम ऐसे समय पर उठाया है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था आपूर्ति श्रृंखलाओं की गंभीर बाधाओं के कारण सेमीकंडक्टर की भारी कमी का सामना कर रही है। समीक्षा में कहा गया, "आपूर्ति में खड़ी बाधाओं में गंभीर दिक्कतों के कारण विभिन्न क्षेत्र की कंपनियों का उत्पादन या तो घट गया है या पूरी तरह से बंद हो गया है।" समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार, उत्पादन से संबंधित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना समेत अन्य योजनाएं न केवल उद्योग को कोविड-19 महामारी की चुनौतियों से निपटने में मदद करेंगी बल्कि वैश्विक आपूर्ति बाधाओं से भी उबरने में सहायता देंगी। आर्थिक समीक्षा के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे तेजी से बढ़ने वाला उद्योग है और अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों में तेजी से अपने कदम बढ़ा रहा है।
- नयी दिल्ली। भारतीय अर्थव्यवस्था अगले वित्त वर्ष (2022-23) में 8-8.5 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा सोमवार को संसद में पेश 2021-22 की आर्थिक समीक्षा में यह अनुमान लगाया गया है। समीक्षा के मुताबिक, 2022-23 का वृद्धि अनुमान इस धारणा पर आधारित हैं कि आगे कोई महामारी संबंधी आर्थिक व्यवधान नहीं आएगा, मानसून सामान्य रहेगा, कच्चे तेल की कीमतें 70-75 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में रहेंगी और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के व्यवधान इस दौरान लगातार कम होंगे। समीक्षा में कहा गया कि तेजी से हुए टीकाकरण, आपूर्ति-पक्ष के सुधारों तथा नियमनों को आसान बनाने के साथ ही अर्थव्यवस्था भविष्य की चुनौतियों से निपटने को अच्छी तरह तैयार है। आर्थिक समीक्षा में उम्मीद जाहिर की गई है कि अर्थव्यवस्था चालू वित्त वर्ष के दौरान 9.2 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी, जो महामारी से पहले के स्तर के मुकाबले सुधार का संकेत है। इसका मतलब है कि वास्तविक आर्थिक उत्पादन का स्तर 2019-20 के कोविड-पूर्व स्तर को पार कर जाएगा।वित्त वर्ष 2020-21 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 7.3 प्रतिशत की गिरावट आई थी।प्रधान आर्थिक सलाहकार संजीव सान्याल के नेतृत्व वाले एक दल द्वारा तैयार इस दस्तावेज में आगे कहा गया कि 2020-21 में अर्थव्यवस्था को दिए गए वित्तीय समर्थन के साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं के कारण राजकोषीय घाटा और सरकारी ऋण बढ़ गया। हालांकि, 2021-22 में अब तक सरकारी राजस्व में जोरदार उछाल देखने को मिला है। समीक्षा के अनुसार, सरकार के पास समर्थन बनाए रखने और जरूरत पड़ने पर पूंजीगत व्यय बढ़ाने की वित्तीय क्षमता है। आर्थिक समीक्षा भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति को मजबूत बनाने के लिए आपूर्ति-पक्ष के मुद्दों पर केंद्रित है। समीक्षा में कहा गया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था बेहतर स्थिति में है और यह 2022-23 की चुनौतियों से निपटने में सक्षम है। समीक्षा कहती है, ‘‘कुल मिलाकर वृहद-आर्थिक स्थिरता संकेतक बताते हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था 2022-23 की चुनौतियों का सामना करने के लिए अच्छी तरह से तैयार है। भारतीय अर्थव्यवस्था के अच्छी स्थिति में होने की एक वजह इसकी अनोखी प्रतिक्रिया रणनीति है।'' समीक्षा कहती है कि अगले वित्त वर्ष में वृद्धि को व्यापक टीकाकरण, आपूर्ति-पक्ष में किए गए सुधारों से हासिल लाभ एवं नियमनों में दी गई ढील से समर्थन मिलेगा। समीक्षा में कहा गया है कि निर्यात में मजबूत वृद्धि और राजकोषीय गुंजाइश होने से पूंजीगत व्यय में तेजी आएगी जिससे अगले वित्त वर्ष में वृद्धि को समर्थन मिलेगा। इसमें कहा गया है, ‘‘देश की वित्तीय प्रणाली अर्थव्यवस्था के पुनरुद्धार को समर्थन देने के लिए बेहतर स्थिति में है। वित्तीय प्रणाली की मजबूती से निजी निवेश में तेजी आने की संभावना है।'' समीक्षा कहती कि निजी क्षेत्र का निवेश बढ़ने की उम्मीद है, क्योंकि अर्थव्यवस्था के पुनरुद्धार के लिए वित्तीय प्रणाली अच्छी तरह तैयार है। इसमें आगे कहा गया कि बैंकिंग प्रणाली अच्छी तरह से पूंजीकृत है और गैर-निष्पादित आस्तियों (एनपीए) में संरचनात्मक रूप से गिरावट आई है। समीक्षा के मुताबिक, थोक कीमतों पर आधारित मुद्रास्फीति की ऊंची दर कुछ हद तक आधार प्रभाव के कारण है, लेकिन साथ ही इसमें कहा गया है कि भारत को आयातित मुद्रास्फीति से सावधान रहने की जरूरत है। ऊंची ऊर्जा कीमतों के संबंध में खासतौर से यह बात कही गई है।
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नयी दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को आर्थिक समीक्षा पेश की, जिसमें वित्त वर्ष 2022-23 के लिए सरकार के बजट से पहले अर्थव्यवस्था की स्थिति का ब्योरा दिया गया है। आर्थिक समीक्षा में वित्त वर्ष 2022-23 (अप्रैल 2022 से मार्च 2023) के दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था के 8-8.5 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान लगाया गया है।दूसरी ओर राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के अनुमान के मुताबिक आर्थिक वृद्धि दर 9.2 प्रतिशत रह सकती है।समीक्षा 2021-22 में अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों की स्थिति के साथ ही वृद्धि में तेजी लाने के लिए किए जाने वाले सुधारों का ब्योरा दिया गया है। वित्त वर्ष 2020-21 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 7.3 प्रतिशत की गिरावट आई थी। आर्थिक समीक्षा भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति को मजबूत बनाने के लिए आपूर्ति-पक्ष के मुद्दों पर केंद्रित है।
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नई दिल्ली। देश से समुद्री उत्पादों के निर्यात में पिछले वर्ष अप्रैल से दिसम्बर के दौरान, वर्ष 2020 की इसी अवधि की तुलना में, 35 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह छह अरब दस करोड डॉलर तक पहुंच गया। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने बताया कि पिछले वर्ष दिसम्बर में 72 करोड डॉलर से अधिक के समुद्री उत्पादों का निर्यात हुआ और इसमें 28 प्रतिशत की वृद्धि रही। पिछले वित्तीय वर्ष में कुल पांच अरब 96 करोड डॉलर मूल्य के समुद्री उत्पादों का निर्यात हुआ। मुख्य रूप में अमरीका, चीन, जापान, वियतनाम और थाईलैंड को समुद्री उत्पादों का निर्यात होता है। मत्स्य उत्पादों के निर्यात को बढाने के लिए अनेक योजनाएं शुरू की गई हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मई 2020 में प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना की शुरूआत की थी।
खाने के लिए तैयार उत्पादों के निर्यात में, पिछले वित्तीय वर्ष के अप्रैल से अक्तूबर तक की तुलना में, मौजूदा वित्तीय वर्ष की इस अवधि में 24 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और यह 39 करोड 40 लाख डॉलर का हो गया। खाने के लिए तैयार उत्पाद मुख्य रूप से अमरीका, संयुक्त अरब अमारात, कनाडा और श्रीलंका को भेजे जाते हैं। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने बताया कि तैयार उपभोक्ता खाद्य सामग्री के निर्यात में पिछले दशक में महत्वपूर्ण बढोतरी हुई। नवीनतम आंकडों के अनुसार पिछले तीन वित्तीय वर्षों के दौरान 543 करोड 80 लाख डॉलर मूल्य के तैयार खाद्य पदार्थों का निर्यात किया गया। -
कोलकाता। इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) ने आगामी आम बजट में कर और लेखा संबंधी 14 सुधारों की मांग की है। आईसीएआई के अध्यक्ष निहार एन जंबूसरिया ने शनिवार को कहा कि ये सुझाव कानून को सरल, निष्पक्ष, पारदर्शी और उपभोक्ता के अनुकूल बनाने के लिए हैं। उन्होंने, ‘‘हमारी ओर से 14 सुझाव हैं जो केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा-शुल्क बोर्ड को विचार के लिए भेजे गए हैं।'' चार्टर्ड अकाउंटेंट संस्था की तरफ से भेजे गए सुझावों में व्यापार में हुए नुकसान को बीते वर्ष के कर रिटर्न में शामिल करने और इसके आवेदन के लिए उपयुक्त विधायी संशोधन पेश करना भी शामिल हैं। यह आतिथ्य, यात्री परिवहन और कुछ अन्य क्षेत्रों के लिए प्रासंगिक है।
- नयी दिल्ली। वाहन निर्माता कंपनी टोयोटा किर्लोस्कर मोटर (टीकेएम) ने शनिवार को कहा कि उसके प्रीमियम हैचबैक ग्लैंजा और कॉम्पैक्ट एसयूवी अर्बन क्रूजर की थोक बिक्री का सम्मिलित आंकड़ा एक लाख इकाई के पार हो गया है। टीकेएम इन दोनों वाहनों को मारुति सुजूकी इंडिया के साथ साझेदारी में पेश करती है। इस समझौते के तहत कंपनी मारुति की बलेनो को ग्लैंजा और विटारा ब्रेजा को अर्बन क्रूजर के ब्रांड नाम से बाजार में बेच रही है। टीकेएम ने एक बयान में कहा कि ग्लैंजा और अर्बन क्रूजर की सम्मिलित थोक बिक्री एक लाख इकाई से अधिक हो चुकी है। जून 2019 में पेश ग्लैंजा की अब तक 65,000 से अधिक इकाइयों की बिक्री हुई है जबकि सितंबर 2020 में उतारी गई अर्बन क्रूजर की अब तक 35,000 से अधिक इकाइयां बिक चुकी हैं। टोयोटा किर्लोस्कर के सहायक उपाध्यक्ष (बिक्री एवं रणनीतिक विपणन) अतुल सूद ने इस उपलब्धि को ग्राहकों के भरोसे का प्रमाण बताते हुए कहा कि इन दोनों मॉडल के जरिये कंपनी युवा ग्राहकों को एक बढ़िया अनुभव देने में सफल रही है। टीकेएम देश भर में फैले अपने 418 डीलर आउटलेट की मदद से ग्राहक आधार बढ़ाने की कोशिश कर रही है। इस दौरान दूसरे एवं तीसरे दर्जे के शहरों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।




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