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- बिलासपुर. कार्यालय परियोजना संचालक (आत्मा) सह उप संचालक कृषि द्वारा DAESI (Diploma in Agricultural Extension Services for Input Dealers) के नवीन बैच के लिए पात्र इच्छुक उम्मीदवार एवं इनपुट डीलरों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।जिले के सभी विकासखंडों बिल्हा, तखतपुर, मस्तूरी एवं कोटा के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र के इच्छुक एवं पात्र इनपुट डीलरों से आवेदन प्राप्त कर निर्धारित प्रारूप में आवश्यक दस्तावेजों सहित 15 जुलाई 2026 तक कार्यालय परियोजना संचालक (आत्मा), बिलासपुर को भेजना सुनिश्चित करें। आवेदन के साथ अभ्यर्थियों को शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र न्यूनतम 10+2 या नियमानुसार पात्रता, आधार कार्ड, पासपोर्ट रंगीन फोटो, निर्धारित प्रारूप में शपथ-पत्र तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज संलग्न करने होंगे। कृषि विभाग ने सभी इच्छुक अभ्यर्थियों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन प्रस्तुत करने की अपील की है, ताकि डीएईएसआई पाठ्यक्रम के नए बैच में प्रवेश प्रक्रिया समय पर पूर्ण की जा सके।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने जोन-2 वैशाली नगर क्षेत्र का निरीक्षण कर विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने निर्माणाधीन सीसी रोड और सीवर सिस्टम पाइपलाइन एवं बैक लाइन की कच्ची नालियों की सफाई व्यवस्था अवलोकन करते हुए अधिकारियों को कार्य जल्द पूर्ण कराने निर्देशित किये है।निगम आयुक्त ने ओम शांति चौक से कालीबाड़ी हाउसिंग बोर्ड के बीच निर्माणाधीन सीसी रोड का निरीक्षण किया और नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्य को गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना क्षेत्र में सीवर सिस्टम पाइपलाइन एवं बैक लाइन की कच्ची नालियों की सफाई व्यवस्था का भी अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बारिश के मौसम को देखते हुए नालियों की समय पर सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो और आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। आयुक्त ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को विकास कार्यों की नियमित निगरानी करने, निर्माण कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने तथा सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नागरिकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना निगम की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान कार्यपालन अभियंता अरविंद शर्मा, सहायक अभियंता श्वेता वर्मा, उप अभियंता अशोक देवांगन, जोन स्वास्थ्य अधिकारी शंकर सहानी, स्वच्छता निरीक्षक अंजनी सिंह, जोनल एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
- भिलाईनगर। छत्तीसगढ़ शासन की पहल पर नागरिकों को उनकी भूमि की पहचान एवं स्वामित्व संबंधी सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पट्टा सर्वे अभियान प्रारंभ किया जा रहा है। इस अभियान के तहत पात्र नागरिकों के पट्टों का सर्वे कर किया जाएगा।नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय के निर्देशानुसार पट्टा सर्वे कार्य को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की विभिन्न जोनों में ड्यूटी लगाई गई है। नियुक्त दल अपने-अपने जोन क्षेत्र में पात्र हितग्राहियों तक पहुंचकर पट्टों का सर्वे करेंगे। उपायुक्त सह नोडल अधिकारी दिनेश कोसरिया की उपस्थिति में मंगलवार को नगर निगम सभागार में पट्टा सर्वे अभियान के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पट्टा सर्वे की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों के सत्यापन, हितग्राहियों तक पहुंचने की कार्ययोजना तथा सर्वे के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की विस्तृत जानकारी दी गई।उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पट्टा सर्वे का कार्य पारदर्शिता, समयबद्धता एवं जिम्मेदारी के साथ किया जाए, ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि शासन की इस महत्वपूर्ण पहल का उद्देश्य नागरिकों को उनकी भूमि से संबंधित अधिकारों को सुदृढ़ करना तथा प्रशासनिक सेवाओं को उनके घर-घर तक पहुंचाना है।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई में 62 वर्ष की आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त हुए 8 कर्मचारियों को सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। इस अवसर पर आयोजित समारोह में कर्मचारियों को शाल, श्रीफल एवं प्रशस्ति पत्र भेंट कर उनके लंबे एवं समर्पित सेवाकाल के लिए सम्मानित किया गया।निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय की उपस्थिति में समयपाल एवं कार्य सहायक ग्रेड-2 बंछोर लाल, पम्प सहायक विष्णु प्रसाद साहू, संजीव तिवारी, अनिल कुमार शर्मा, प्रकाश साहू, वाहन चालक विश्राम सिंह वर्मा, चौकीदार बसंत तथा सफाई कामगार कोटेश्वर को सेवानिवृत्ति पर भावभीनी विदाई दी गई। कार्यक्रम में आयुक्त एवं उपायुक्त ने सभी सेवानिवृत्त कर्मचारियों के कार्यों की सराहना करते हुए उनके स्वस्थ, सुखद एवं सम्मानपूर्ण जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण से संस्था को मजबूती मिलती है तथा उनकी सेवाएं सदैव याद रखी जाएंगी। विदाई समारोह में निगम के उपायुक्त डी के कोसरिया, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, उद्यान सह जनसंपर्क अधिकारी तिलेश्वर साहू, सहायक अभियंता फत्ते लाल साहू, के के सिंह, शशिभूषण मोहंती, राज सच्चर, सागर दुबे सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी, संघ के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल एवं स्वस्थ भविष्य की कामना की।
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0- शादी के बाद पत्नी का आधार अपडेट कराने डेढ़ महीने से हो रही थी समस्या
0- टेमन लाल ने त्वरित समाधान होने पर मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभारबालोद. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आम जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु संचालित मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान का सशक्त माध्यम बनकर उभर रही है। सुशासन की मिसाल बन रहे सीएम हेल्पलाइन 1076 से बालोद जिले के ग्राम बोरी निवासी श्री टेमन लाल साहू की ढेड़ माह से हो रही एक समस्या का निवारण मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से महज 6 घंटे के भीतर हो गया है।श्री टेमन लाल साहू का विवाह तीन माह पूर्व हुआ था। वे अपने राशन कार्ड में नवविवाहित पत्नी का नाम दर्ज कराना चाहते थे, जिसके लिए तकनीकी नियमानुसार पत्नी के आधार कार्ड में पति का नाम और पता अपडेट होना अनिवार्य था। इस छोटे से सुधार के लिए टेमन लाल पिछले डेढ़ महीने से लगातार विभिन्न केंद्रों के चक्कर काट रहे थे। तकनीकी दिक्कतों और कई कोशिशों के बाद भी उनका काम नहीं हो पा रहा था, जिससे वे काफी निराश हो चुके थे। इसी निराशा के बीच टेमन लाल को बालोद डिस्ट्रिक्ट के सोशल मीडिया एकाउंट के माध्यम से राज्य सरकार की सीएम हेल्पलाइन 1076 के बारे में पता चला। उन्होंने बिना समय गंवाए इस नंबर पर कॉल करके अपनी समस्या दर्ज कराई।हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज होते ही जिले के ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर ने सीधे टेमन लाल से संपर्क किया और उनके आवश्यक दस्तावेज लेकर त्वरित कार्रवाई शुरू की। प्रशासनिक तत्परता और संवेदनशीलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिस काम के लिए हितग्राही डेढ़ महीने से परेशान था, वह मात्र 06 घंटे के भीतर सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। आधार कार्ड में सुधार होने के बाद अब टेमन लाल अपनी पत्नी का नाम राशन कार्ड में आसानी से दर्ज करा सकेंगे, जिससे उन्हें शासकीय योजनाओं का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। अपनी खुशी और राहत साझा करते हुए टेमन लाल साहू ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन 1076 हम जैसे आम लोगों के लिए एक वरदान साबित हो रही है। जहाँ महीनों से काम अटका हुआ था, वहाँ सिर्फ एक कॉल से कुछ ही घंटों में समाधान मिल गया। इसके सुचारू संचालन के लिए मैं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को सहृदय धन्यवाद देता हूँ। उन्होंने जिले के अन्य नागरिकों से भी अपील की है कि वे किसी भी प्रशासनिक समस्या या काम में देरी होने पर सीएम हेल्पलाइन 1076 का लाभ जरूर उठाएं। - 0- समय-सीमा की बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश0- खनिज पदार्थों के अवैध भण्डारण, परिवहन एवं उत्खनन करने वालों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई करने के दिए निर्देशबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में सुशासन तिहार 2026 के दौरान प्राप्त आवेदनों के अंतर्गत निराकरण हेतु शेष रह गए आवेदनों की विभागवार समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जिले के विभाग एवं कार्यालय प्रमुखों को निराकरण हेतु शेष रह गए शत प्रतिशत आवेदनों का तत्काल निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने सभी विभाग प्रमुखों को अपने-अपने विभागों के अंतर्गत निराकरण हेतु शेष रह गए आवेदनों का आगामी साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक के पूर्व शत प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने जिले में खनिज पदार्थों के अवैध भण्डारण, परिवहन एवं उत्खनन करने वालों के विरूद्ध की जा रही कार्रवाई की भी समीक्षा की। उन्होंने राजस्व, खनिज एवं अन्य संबंधित विभाग के अधिकारियों को खनिज पदार्थों के अवैध भण्डारण, परिवहन एवं उत्खनन करने वालों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक एवं श्री नूतन कंवर, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष एवं राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों के अलावा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।बैठक में श्रीमती मिश्रा ने मौजूदा खरीफ सीजन के मद्देनजर जिले में खाद, बीज की उपलब्धता की भी समीक्षा की। उन्होंने जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के नोडल अधिकारी से जिले के सहकारी समितियों में खाद, बीज की उपलब्धता एवं वितरण की स्थिति के संबंध में जानकारी ली। कलेक्टर ने कहा कि किसानों को समय पर खाद, बीज की प्रबंध करने में किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो इसके लिए समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए। कलेक्टर ने कहा कि राज्य शासन द्वारा किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में युरिया खाद उपलब्ध कराई जा रही है। इसे देखते हुए किसानों की आवश्यकता एवं पात्रता के अनुरूप उन्हें शत प्रतिशत युरिया खाद का वितरण सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने बीज निगम के प्रबंधक से धान, बीज की उलपब्धता के संबंध में भी जानकारी ली तथा जिले में पर्याप्त मात्रा में धान, बीज की भण्डारण एवं वितरण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने सुशासन को जन-जन तक पहुँचाने और प्रत्येक पात्र परिवारों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान के संबंध में भी जानकारी दी। उन्होंने अधिकारियों को जिले में इस अभियान के बेहतर क्रियान्वयन हेतु विस्तृत योजना बनाने के भी निर्देश दिए। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने सभी विभाग प्रमुखों को उच्च न्यायालय से संबंधित प्रकरणों का निराकरण निर्धारित समयावधि में निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। इसके अलावा उन्होंने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार बिना रबड टायर के दोहरे पिंजरे वाले (आयरन केजीविल) ट्रेक्टर के सड़कों पर उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित कराने के भी निर्देश दिए। उन्होंने जिले के सभी अनुविभागीय दण्डाधिकारियों, तहसीलदारों तथा पुलिस एवं अन्य संबंधित विभाग के अधिकारियों को इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।बैठक में कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने सभी विभाग प्रमुखों को जिला प्रशासन द्वारा जुलाई 2026 में आयोजित की जाने वाली वृहद वृक्षारोपण अभियान हेतु वृहद कार्ययोजना बनाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने इस अभियान के अंतर्गत सभी विभागों के अलावा जिले के स्वयं सेवी तथा शासकीय-अशासकीय संस्थानों सहित समाज के सभी वर्गों के सहभागिता से अधिक से अधिक संख्या में पौधरोपण किए जाने की भी जानकारी दी। श्रीमती मिश्रा ने कृषि विभाग के अधिकारियों से किसानों को शासन के योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराने हेतु एग्रीस्टेक पोर्टल में जिले के किसानों के पंजीयन की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को पंजीयन हेतु शेष रह गए किसानों का शत प्रतिशत पंजीयन कराने के भी निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने जिला खनिज संस्था न्यास निधि के अंतर्गत 2025-26 के स्वीकृत कार्यों को तत्काल प्रारंभ कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने जिला शिक्षा अधिकारी से जिला एवं विकासखण्ड स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव के आयोजन की तैयारियों के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी से 15 जुलाई तक अनिवार्य रूप से शाला प्रवेशोत्सव का आयोजन सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा उन्होंने सड़क निर्माण से जुड़े विभागों के अधिकारियों को स्कूल, आंगनबाड़ी तथा अन्य शिक्षण संस्थाओं तक के पहुँच मार्गों का मरम्मत एवं अन्य जरूरी निर्माण कार्यों को पूरा कर समुचित आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए।
- 0- कलेक्टर, एडीएम सहित अधिकारी-कर्मचारियों ने उनके कार्य एवं व्यवहार की भूरी-भूरी सराहना कीबालोद. बालोद जिला प्रशासन द्वारा आज जिला कोषालय अधिकारी श्री मुकुंद सिंह भारद्वाज को 62 वर्ष की आयु पूरी होने के उपरांत सेवानिवृत्त होने पर विदाई दी गई। संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित संक्षिप्त विदाई समारोह के अवसर पर कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक एवं श्री नूतन कंवर, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष सहित समारोह में उपस्थित सभी अधिकारी-कर्मचारियों ने श्री भारद्वाज के सौम्य, मधुर एवं आत्मीय व्यवहार तथा उनके कार्य कुशलता की भूरी-भूरी सराहना करते हुए उनके व्यक्तित्व को सभी अधिकारी-कर्मचारियों के लिए प्र्रेरणादायी बताया।विदाई समारोह को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने श्री भारद्वाज के सहज, सरल एवं आत्मीय व्यवहार की सराहना करते हुए कुशल प्रशासनिक अधिकारी के साथ-साथ एक बेहतरीन इंसान बताया। इस अवसर पर उन्होंने श्री भारद्वाज के सफल, सुखद एवं मंगलमय जीवन तथा सेवानिवृत्त के पश्चात उनकी उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कहा कि हम सभी की मंगल कामना है कि सेवानिवृत्ति के पश्चात श्री भारद्वाज अपने परिवार के साथ खुशहाल जीवन व्यतीत करें। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक ने श्री मुकुंद भारद्वाज को लंबी शासकीय सेवा का सफलतापूर्वक संपादन के उपरांत आज सेवानिवृत्त होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।उन्होंने श्री भारद्वाज के सौम्य एवं मधुर व्यवहार की सराहना करते हुए कहा कि विपरित परिस्थितियों में भी धैर्य एवं पूरी शिद्दत के साथ कार्य करने का गुण वास्तव में काबिले-तारीफ है। उन्होंने कहा कि हम सभी ईश्वर से यह कामना करते हैं सेवानिवृत्ति के पश्चात श्री भारद्वाज अपने जीवन की नई पारी की शुरूआत कर अपने परिवार के साथ सुखद एवं मंगलमय जीवन व्यतीत करेंगे। इस अवसर पर कलेक्टर, सीईओ जिला पंचायत, अपर कलेक्टर एवं अन्य अधिकारियों ने श्री भारद्वाज को शाॅल एवं पौधा भेंट कर उन्हें शुभकामनाएं दी। इस मौके पर जिले के सभी राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों के अलावा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
- बालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिले में खनिज के अवैध उत्खनन, परिवहन, भण्डारण पर निरंतर कार्रवाई की जा रही है। जिला खनिज अधिकारी ने बताया कि जिला स्तरीय टॉस्क फोर्स द्वारा 25, 26 एवं 27 जून को गुरूर व गुण्डरदेही विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम भैसमुंडी एवं धनगांव का औचक निरीक्षण संयुक्त टीम राजस्व विभाग, खनिज विभाग, पुलिस विभाग द्वारा किया गया। निरीक्षण के दौरान खनिज रेत, मिट्टी (ईंट) के अवैध भण्डारण, परिवहन करते पाए जाने के कारण 01 जेसीबी व 02 ट्रेक्टर, महेन्द्रा युवो (मय ट्रॉली) तथा 02 ट्रॉली को जप्त कर थाना, आरक्षी केन्द्र अर्जुन्दा, मरकाटोला कैम्प, पुरूर के अभिरक्षा में रखा गया है।इसी तरह खनिज विभाग द्वारा 30 जून 2026 को गुण्डरदेही विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम रेंगाकठेरा एवं बघमरा का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान खनिज रेत, मिट्टी (ईंट) के अवैध उत्खनन, परिवहन करते पाए जाने के कारण 01 ट्रेक्टर (मय ट्रॉली) तथा 02 ट्रॉली को जप्त कर थाना, आरक्षी केन्द्र गुण्डरदेही के अभिरक्षा में रखा गया है। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी खनिज जांच दल द्वारा खनिज के अवैध परिवहन, उत्खनन व भण्डारणकर्ताओं के विरूद्ध निरंतर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
- बालोद. छत्तीसगढ़ शासन खनिज साधन विभाग के द्वारा गौण खनिज नियमों के परिवर्तन हेतु केबिनेट की बैठक में मंजूरी उपरांत गौण खनिज के नियमों में संशोधन किया गया। जिला खनिज अधिकारी ने बताया कि खनिजों के अवैध उत्खनन, भंडारण, परिवहन के मामलों में प्रशमन की राशि में बढोत्तरी की गई है। संशोधित नियमानुसार खनिजों के अवैध उत्खनन, भंडारण के मामलों में, दोषी व्यक्ति द्वारा अपराध का प्रशमन कर प्रकरण समाप्त करना चाहता हो तो, न्यूनतम प्रशमन राशि जो किसी भी मामले में हो 25 हजार के कम नहीं होगी। परन्तु अवैध खनिज परिवहन के मामले में परिविहित खनिज मात्रा के विरूद्ध धारा 21 (5) अनुसार राशि के अतिरिक्त धारा 23 के अनुसार प्रतिटन दो हजार रूपये की दर से प्रशमन राशि, किन्तु किसी भी मामले में पच्चीस हजार के कम नहीं होगी। स्पष्ट है कि खनिज नियमों के तहत् न्यूनतम समझौता राशि 25 हजार से कम नहीं होगी।इसी तरह अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण में जप्त वाहन, मशीन, खनिज या अन्य जप्त सामग्री को सुपुर्दी दिए जाने संबंधी अंतिम निर्णय के पूर्व किसी भी सक्षम न्यायायल को वाहन के प्रकार अनुरूप 50 हजार से 03 लाख रूपये तक जमानत राशि जमा नियम 46 (क) में निर्धारित सुरक्षा जमा मद में जमा कराये जाने उपरांत ही संलिप्त वाहन को सुपुर्दगी में दिया जा सकेगा। शासकीय निर्माण कार्य हेतु उत्खनन अनुज्ञापत्र दिये जाने हेतु रकबा 01 हेक्टेयर से बढ़ा कर 02 हेक्टेयर तथा अनुज्ञापत्र की अवधि 02 वर्ष से बढ़ा कर 03 वर्ष किया गया है। खनिज अन्वेषण, व्यवस्थि विकास और बुनियाढ ढाँचे के विकास हेतु छत्तीसगढ़ राज्य खनिज अन्वेषण न्यास 2025 की स्थापना 12 सितंबर 2025 को की गई। इसके अंतर्गत गौण खनिज पट्टा एकत्रित रायल्टी को 02 प्रतिशत ट्रस्ट में जमा कराया जाएगा।विभिन्न रीति से उत्खनन पट्टे (जैसे बिना ई-नीलामी, निविदा अथवा ई-नीलामी, निविदा अथवा निजी भूमि के प्रकरणों) की स्वीकृति प्रीमियम राशि लिया जाकर किया जा रहा है। ऐसे में पट्टों का समामेलन करने से शासन को अलग-अलग मद में राशि प्राप्त होने से पट्टा समामेलन में व्यवहारिक कठिनाई आ रही थी। इसके दृष्टिगत नवीन प्रावधान किये गये है जिसके अनुसार ’जहां कोई समामेलित पट्ट, ई-नीलामी, निविदा अथवा प्रीमियम पर आधारित है, तो ऐसे पट्टे के समामेलित होने के पश्चात् रायल्टी, डीएमएफ, एसएमईटी, नीलामी राशि प्रीमियम राशि देय होगी तथा ऐसी राशि का भुगतान करने की सहमति पर, संचालक द्वारा पट्टों का समामेलन अनुज्ञात करेगा।राज्य के निर्माण विभाग में रायल्टी कटौती एवं रायल्टी क्लीयरेंस सर्टिफिकेट जारी करने में एकरूपता सुनिश्चित किये जाने बावत् नियम 71क में आवश्यक संशोधन किये गये है। संशोधित नियम के तहत् बाजार मूल्य के बराबर राशि के स्थान पर शब्द रायल्टी, डीएमएफ, पर्यावरण उपकर, अंधोसंरचना विकास उपकर, एसएमईटी व अन्य कर के समतुल्य राशिष् प्रतिस्थापित किया गया है। गौण खनिजों से प्राप्त राजस्व राशि का वितरण अब नगरीय निकायों, ग्राम पंचायतों, जनपद पंचायतों के साथ-साथ जिला पंचायतों में उक्त राशि का वितरण किया जाएगा। बंद खदानों, निष्क्रिय खदानों हेतु डेंडरेंट (अनिवार्य भाटक) की दरों में 30 वर्षों में बढोत्तरी की गई है, ताकि निष्क्रिय खदानों को वापस लेकर दोबारा नीलाम अथवा नवीन स्वीकृति के तहत् खदान संचालन की अनुमति प्रदान की जा सके।
- 0- “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” के तहत शासकीय कर्मचारी बच्चों संग साझा कर रहे हैं खुशियाँरायपुर. जिले में शासकीय कर्मचारियों के जन्मदिन अब केवल व्यक्तिगत आयोजन नहीं रह गए हैं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना और न्योता भोज के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” का उद्देश्य ही है - खुशियों को बाँटना, और इस पहल को शासकीय कर्मचारी पूरे उत्साह के साथ अपना रहे हैं।इसी क्रम में एमपीडब्ल्यू श्री प्रेम शंकर ब्रम्हभट्ट ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर, सिलतरा एवं हेड कॉन्स्टेबल श्री संतोष कुमार गुप्ता ने आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 01 अमलीडीह में विद्यार्थियों के साथ जन्मदिवस के अवसर पर बच्चों के साथ केक काटकर, फल और पौष्टिक आहार वितरित कर इस दिन को विशेष बनाया।
- 0- शासकीय सेवकों की प्रोजेक्ट वंदन के तहत सम्मान के साथ विदाई0- मुख्यमंत्री श्री साय के मार्गदर्शन एवं कलेक्टर डाॅ. सिंह की पहल अब सेवानिवृत्त सेवकों के लिए साबित हुई वरदान0- रिटायर्ड शासकीय सेवकों ने जताई खुशी, 112 अधिकारी एवं कर्मचारियों के लिए हुआ सम्मान समारोहरायपुर। रायपुर जिले में आज प्रोजेक्ट वंदन के तहत जून माह में सेवानिवृत्त हुए 112 शासकीय अधिकारी एवं कर्मचारियों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में सभी सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों को शॉल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। साथ ही उनकी पेंशन एवं अन्य सेवानिवृत्ति संबंधी प्रक्रियाओं को समयबद्ध रूप से पूरा करने की पहल भी सुनिश्चित की गई।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह की पहल पर शुरू किए गए प्रोजेक्ट वंदन का उद्देश्य सेवानिवृत्ति को केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया न मानकर, शासकीय सेवकों के वर्षों के योगदान का सम्मान करना है। पहले जहां सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन एवं अन्य लाभों के लिए कई बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, वहीं अब उनकी आवश्यक प्रक्रियाएं समय पर पूरी की जा रही हैं, ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।अब जिले के किसी भी विभाग से सेवानिवृत्त होने वाले प्रत्येक शासकीय सेवक को आत्मीयता और सम्मान के साथ विदाई दी जाएगी। जिला प्रशासन सेवानिवृत्ति को उनके जीवनभर की सेवाओं के उत्सव के रूप में मना रहा है।सेवानिवृत्ति के बाद अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अनुभव और विशेषज्ञता का लाभ समाज को मिलता रहे, इसके लिए जिला प्रशासन ने प्रोजेक्ट सेकेंड इनिंग भी शुरू किया है। इसके अंतर्गत इच्छुक सेवानिवृत्त अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी रुचि और दक्षता के अनुसार शिक्षण, मार्गदर्शन तथा प्रशासनिक सहयोग जैसे क्षेत्रों में स्वैच्छिक योगदान दे सकेंगे।इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, जिला शिक्षा अधिकारी श्री सतीश नायर, सीएमएचओ डॉ. मिथिलेश चौधरी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
- भिलाई नगर। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी 2.0) के तहत AHP घटक के अंतर्गत आवास आवंटन हेतु पात्र हितग्राहियों से 3 दिनों के भीतर आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं।शासन को भेजे गए कुल 4,372 आवासों के प्रस्ताव में से 4,200 आवास व्यवस्थापन के लिए आरक्षित किए गए हैं। शेष 172 आवासों पर सामान्य पात्र आवेदकों की भर्ती की जानी है।इस विज्ञप्ति के जारी होने की तिथि से आगामी 3 दिवस 3 जुलाई तक जोन 3 कार्यालय एवं मुख्य कार्यालय, नगर पालिक निगम, भिलाई में आवेदन कर सकते हैं।आवेदक प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी 2.0) के निर्धारित मापदंडों को पूरा करता हो। भिलाई नगर निगम क्षेत्र का मूल निवासी होना अनिवार्य है। आवेदक के पास स्वयं का पक्का मकान नहीं होना चाहिए।आवश्यक दस्तावेजआधार कार्ड एवं राशन कार्डआय प्रमाण पत्र / जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो) बैंक पासबुक की छायाप्रतिनिवासरत होने का प्रमाण पत्र और पासपोर्ट साइज फोटो लाना है। निर्धारित समय-सीमा 3 जुलाई के पश्चात प्राप्त होने वाले आवेदनों पर किसी भी परिस्थिति में विचार नहीं किया जाएगा। रिक्त सीटें सीमित होने के कारण आवंटन प्रक्रिया नियमानुसार पूर्ण की जाएगी।
- -’कभी घर तक सीमित थीं, आज अपने उत्पाद से कमा रही हैं सम्मान और आय’रायपुर ।कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा की कुछ महिलाओं ने शायद कभी नहीं सोचा था कि रसोई में बनने वाला आम का अचार एक दिन उनकी पहचान बन जाएगा। जो महिलाएं पहले केवल घर-परिवार की जिम्मेदारियों तक सीमित थीं, वे आज अपने हाथों से तैयार अचार के जरिए न केवल परिवार की आय बढ़ा रही हैं, बल्कि आत्मनिर्भरता की नई मिसाल भी बन गई हैं। इस बदलाव की मजबूत नींव राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान ने रखी।सहसपुर लोहारा के माँ जगदंबा स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने अपने आसपास उपलब्ध आम को आजीविका का माध्यम बनाने का निर्णय लिया। शुरुआत आसान नहीं थी। बाजार, पैकेजिंग और व्यवसाय का अनुभव नहीं था, लेकिन बिहान के तहत मिले प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और सामूहिक प्रयास ने उनकी सोच और जिंदगी दोनों बदल दी। प्रशिक्षण के बाद महिलाओं ने गुणवत्ता के साथ आम का अचार तैयार करना शुरू किया। धीरे-धीरे स्थानीय बाजार में उनके उत्पाद की मांग बढ़ने लगी। आज समूह की महिलाएं स्वयं अचार तैयार करती हैं, उसकी पैकेजिंग करती हैं और बाजार तक पहुंचाकर बिक्री भी करती हैं। इस उद्यम से उन्हें नियमित आय मिल रही है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और उनका आत्मविश्वास भी कई गुना बढ़ा है।समूह की महिलाओं का कहना है कि पहले वे केवल घरेलू कार्यों तक सीमित थीं, लेकिन अब अपनी मेहनत से कमाई कर परिवार की जिम्मेदारियों में बराबरी से भागीदारी निभा रही हैं। उनकी पहचान अब केवल गृहिणी के रूप में नहीं, बल्कि सफल महिला उद्यमी के रूप में भी बनने लगी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शासन द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान ग्रामीण महिलाओं के लिए नए अवसरों का द्वार खोल रहा है। प्रशिक्षण, वित्तीय सहयोग और विपणन जैसी सुविधाओं के माध्यम से हजारों महिलाएं स्वरोजगार अपनाकर आत्मनिर्भर बन रही हैं। आज माँ जगदंबा स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने सही अवसर, प्रशिक्षण, विश्वास और अपनी मेहनत से न केवल अपने परिवार का भविष्य संवार रही, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन गई हैं।
- -एनएमसी ने जारी किया लेटर ऑफ रिन्यूअल, प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा को मिलेगा नया आयामरायपुर । राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी), नई दिल्ली के स्नातक चिकित्सा शिक्षा बोर्ड (यूजीएमईबी) द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) की 150 एमबीबीएस सीटों की मान्यता का नवीनीकरण (लेटर ऑफ रिन्यूअल) जारी कर दिया गया है। इसके साथ ही आगामी शैक्षणिक सत्र में 150 विद्यार्थियों के प्रवेश का मार्ग प्रशस्त हो गया है।यह उपलब्धि सिम्स में उपलब्ध गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा, आधुनिक आधारभूत संरचना, अनुभवी संकाय तथा मरीजों को प्रदान की जा रही उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमाण है। एनएमसी द्वारा जारी यह नवीनीकरण संस्थान की शैक्षणिक उत्कृष्टता, गुणवत्ता मानकों के सफल अनुपालन एवं निरंतर प्रगति की राष्ट्रीय स्तर पर पुष्टि करता है।सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने इस अवसर पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि 150 एमबीबीएस सीटों की मान्यता का नवीनीकरण पूरे सिम्स परिवार के लिए गौरव का विषय है। यह संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता, समर्पित शिक्षकों, आधुनिक संसाधनों और उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं को मिली राष्ट्रीय मान्यता है। उन्होंने कहा कि सिम्स को मध्य भारत के अग्रणी चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। नए शैक्षणिक सत्र में विद्यार्थियों को अत्याधुनिक प्रयोगशालाएँ, आधुनिक अधोसंरचना तथा उत्कृष्ट नैदानिक प्रशिक्षण की सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी।उन्होंने बताया कि सिम्स चिकित्सालय बिलासपुर संभाग का सबसे बड़ा शासकीय चिकित्सा संस्थान है, जहाँ प्रतिदिन लगभग 2,000 से 2,500 मरीज बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) में उपचार के लिए पहुँचते हैं तथा लगभग 900 मरीज विभिन्न वार्डों में भर्ती रहकर उपचार प्राप्त करते हैं। संस्थान में 24 घंटे संचालित ब्लड बैंक, अत्याधुनिक ट्रॉमा सेंटर एवं विभिन्न सुपर स्पेशियलिटी विभागों के माध्यम से उच्चस्तरीय चिकित्सा सेवाएँ प्रदान की जाती हैं। बड़ी संख्या में आने वाले मरीजों के कारण मेडिकल विद्यार्थियों को समृद्ध व्यावहारिक एवं नैदानिक प्रशिक्षण प्राप्त होता है, जिससे वे दक्ष एवं संवेदनशील चिकित्सक बनने की दिशा में तैयार होते हैं। यह मान्यता प्रदेश के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को अपने ही राज्य में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने का उत्कृष्ट अवसर प्रदान करेगी।उल्लेखनीय है कि सिम्स छत्तीसगढ़ के सबसे पुराने एवं प्रतिष्ठित शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में से एक है। संस्थान में थैलेसीमिया एवं सिकल सेल एनीमिया से पीड़ित मरीजों को निःशुल्क रक्त एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में संस्थान ने 10,043 यूनिट रक्त संग्रह कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान एवं जनस्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में सिम्स निरंतर नए मानक स्थापित कर रहा है तथा प्रदेशवासियों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।150 एमबीबीएस सीटों की मान्यता का यह नवीनीकरण केवल एक प्रशासनिक उपलब्धि नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार, दक्ष चिकित्सकों के निर्माण और आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
- -’भागुटोला के किसान जगन्नाथ पटेल को मिली एकमुश्त राशि, बेटे की वर्षों पुरानी मोटरसाइकिल की इच्छा हुई पूरी’रायपुर। मेहनत से खेती करने वाले किसान के लिए उसकी फसल ही सबसे बड़ी पूंजी होती है। जब उसी मेहनत का उचित मूल्य और अतिरिक्त आर्थिक सहयोग समय पर मिले, तो परिवार के कई सपने साकार हो जाते हैं। ऐसी ही कहानी है कबीरधाम जिले के ग्राम भागुटोला निवासी श्री जगन्नाथ पटेल की, जिनके परिवार की एक बड़ी इच्छा मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सरकार की कृषक उन्नति योजना से पूरी हुई।करीब पांच एकड़ कृषि भूमि पर धान सहित अन्य फसलों की खेती करने वाले श्री जगन्नाथ पटेल ने इस वर्ष 82.49 क्विंटल धान समर्थन मूल्य पर बेचा। धान विक्रय के बाद उन्हें कृषक उन्नति योजना के तहत अंतर की राशि लगभग 57 हजार रुपए एकमुश्त प्राप्त हुई। यह राशि उनके परिवार के लिए किसी सौगात से कम नहीं थी। श्री पटेल बताते हैं कि उनका 21 वर्षीय बेटा लंबे समय से मोटरसाइकिल खरीदना चाहता था। परिवार की अन्य जिम्मेदारियों के कारण यह सपना पूरा नहीं हो पा रहा था। लेकिन योजना के तहत मिली एकमुश्त प्रोत्साहन राशि से उन्होंने बेटे के लिए मोटरसाइकिल खरीदी और उसके चेहरे की खुशी देखकर उन्हें अपनी मेहनत का सच्चा फल मिला।श्री जगन्नाथ पटेल कहते हैं कि यदि यह राशि किस्तों में मिलती, तो इतनी बड़ी जरूरत पूरी करना मुश्किल होता। एक साथ राशि मिलने से परिवार की महत्वपूर्ण आवश्यकता आसानी से पूरी हो गई और आर्थिक बोझ भी नहीं बढ़ा। उनका कहना है कि कृषक उन्नति योजना किसानों के लिए बड़ा सहारा बनकर सामने आई है। उचित मूल्य के साथ अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिलने से खेती में निवेश करना, कृषि उपकरण खरीदना और परिवार की जरूरतों को पूरा करना पहले की तुलना में आसान हो गया है। इससे किसानों का आत्मविश्वास भी बढ़ा है और वे आधुनिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए श्री पटेल कहते हैं कि सरकार की किसान हितैषी नीतियों ने खेती को अधिक लाभकारी बनाया है। अब किसानों को अपनी मेहनत का बेहतर प्रतिफल मिल रहा है, जिससे वे पूरे उत्साह के साथ खेती कर रहे हैं। वे कहते है कि खेती केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि परिवार के सपनों को साकार करने और खुशहाल भविष्य की मजबूत नींव बनने का साधन बन गई हैं।
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- नि:शुल्क सरस्वती सायकल योजना से बालिकाओं की शिक्षा को मिली नई रफ्तार
- साधना, पूजा, खुशबू और लता को नि:शुल्क सरस्वती सायकल योजना से मिली सायकल
राजनांदगांव । शासन की नि:शुल्क सरस्वती सायकल योजना जिले की बालिकाओं के लिए शिक्षा की राह को आसान बना रही है। इस योजना के माध्यम से छात्राओं को विद्यालय आने-जाने के लिए नि:शुल्क सायकल उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उनकी नियमित उपस्थिति बढऩे के साथ-साथ आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास में भी वृद्धि हो रही है। पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी एवं हिन्दी माध्यम विद्यालय राजनांदगांव में अध्ययनरत कक्षा 9वीं की छात्रा साधना साहू ने बताया कि उन्हें योजना के अंतर्गत नि:शुल्क सायकल मिली है। साधना ने बताया कि वे वार्ड क्रमांक 1 बजरंगपुर नवागांव से विद्यालय आती हैं। पहले उन्हें स्कूल आने के लिए ऑटो का इंतजार करना पड़ता था या अन्य साधनों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे समय पर विद्यालय पहुंचने में कठिनाई होती थी। अब सायकल मिलने से वे बिना किसी परेशानी के समय पर स्कूल पहुंच सकेंगी और पढ़ाई पर अधिक ध्यान दे पाएंगी।
इसी विद्यालय की कक्षा 9वीं की छात्रा पूजा भिमनानी ने भी योजना के अंतर्गत नि:शुल्क सायकल प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि यह योजना बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करने वाली एक महत्वपूर्ण पहल है। सायकल मिलने से विद्यालय आने-जाने की सुविधा आसान हो गई है, जिससे नियमित रूप से अध्ययन करने में मदद मिलेगी। विद्यालय की अन्य छात्राओं खुशबू साहू एवं लता साहू को भी नि:शुल्क सरस्वती सायकल योजना का लाभ मिला है। छात्राओं ने शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना न केवल उनकी शिक्षा को गति दे रही है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा भी दे रही है। नि:शुल्क सरस्वती सायकल योजना बालिकाओं के लिए केवल एक परिवहन सुविधा नहीं, बल्कि उनके उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ाया गया एक सशक्त कदम है। यह योजना शिक्षा तक आसान पहुंच सुनिश्चित कर बालिकाओं के सपनों को नई उड़ान देने का कार्य कर रही है। - -कलेक्टर के निर्देश पर 8 क्रेशर और 1 माइंस सील, 10 गाड़ियां जब्तरायपुर ।सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में खनिज के अवैध कारोबार में लिप्त माफियाओं के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर के कड़े रुख के बाद, खनिज विभाग की टीम ने पिछले 5 दिनों तक जिले के संदिग्ध इलाकों में सघन छापामार कार्रवाई की। इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण करने वाले कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।सारंगढ़, सरिया और बरमकेला तहसील में निरीक्षण के दौरान भारी अनियमितता पाए जाने पर 'छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन एवं भंडारण) नियम 2009' के तहत कुल 08 स्वीकृत भंडारण व क्रेशर परिसरों को जब्त कर सील कर दिया गया है। इन पर नियमों के उल्लंघन का गंभीर आरोप है। जिसमे मेसर्स सिंघल क्रशर उद्योग (प्रो. गोपाल प्रसाद अग्रवाल),मेसर्स गणपति ग्रामोद्योग (प्रो. रमेश छपारिया),मेसर्स जय मां शारदा मिनरल्स (प्रो. हिमांशु अग्रवाल),मेसर्स मंगल क्रशर उद्योग (प्रो. दीपक अग्रवाल),मेसर्स श्री सालासर इंटरप्राइजेस (प्रो. श्रीमती प्राची बेरीवाल),मेसर्स हरिओम मिनरल्स (प्रो. शत्रुघन लाल अग्रवाल),मेसर्स मां अम्बे स्टोन क्रेशर (प्रो. श्रीमती निरजा अग्रवाल),मेसर्स श्री श्याम मिनरल्स (प्रो. श्रीमती पूनम देवी अग्रवाल) शामिल है।क्रेशरों के साथ-साथ गुड़ेली स्थित मेसर्स बाबा मिनरल्स (प्रो. राजेश अग्रवाल) के स्वीकृत उत्खनिपट्टा (माइंस) पर भी गाज गिरी है। यहाँ 'छ.ग. गौण खनिज नियम 2015' और पर्यावरण सम्मति (Environmental Clearance) की शर्तों का खुला उल्लंघन पाया गया, जिसके बाद इस खदान को तत्काल प्रभाव से जब्त कर सील कर दिया गया है। सभी मामलों में नियमानुसार आगे की वैधानिक प्रक्रिया जारी है।मंगलवार को सरिया तहसील में खनिज अमले ने सड़क पर उतरकर अवैध परिवहन के खिलाफ मोर्चा संभाला। इस दौरान गौण खनिज डोलोमाइट का अवैध परिवहन करते हुए 2 हाइवा वाहन (CG-13-AX-0311 एवं CG-13-BK-5842) और साधारण रेत का अवैध परिवहन करते हुए 8 ट्रैक्टरों को रंगे हाथों पकड़ा गया। जब्त किए गए सभी 10 वाहनों को 'छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015' एवं 'खान एवं खनिज विकास अधिनियम 1957 की धारा 21' के तहत कार्रवाई करते हुए सुरक्षा के लिहाज से सरिया थाने की कस्टडी में सौंप दिया गया है।जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि खनिज संसाधनों की चोरी और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। कलेक्टर के निर्देशानुसार, जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ यह धरपकड़ अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
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राजनांदगांव । जिले की ग्राम पंचायतों में किसानों को शासन की कृषि एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ग्राम सभा एवं कृषक चौपाल का आयोजन किया जा रहा है। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने किसानों को शासन की योजनाओं से अधिक से अधिक लाभान्वित करने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए पात्र हितग्राहियों को लाभ लेने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए है। जिसके तहत डोंगरगांव विकासखंड के ग्राम सम्बलपुर में आयोजित ग्राम सभा में फसल परिवर्तन एवं फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के संबंध में जानकारी दी गई। किसानों को शासन द्वारा धान के स्थान पर दलहन, तिलहन एवं मक्का जैसी वैकल्पिक फसलों की खेती करने पर प्रति एकड़ 15 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि, संतुलित उर्वरक उपयोग, बीजीए टांका निर्माण, फसल बीमा योजना तथा अन्य कृषि संबंधी योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई।
इसी प्रकार ग्राम पंचायत सिवनीकला में आयोजित कृषक चौपाल में फसल विविधीकरण के अंतर्गत धान के स्थान पर अन्य फसलों की खेती करने पर शासन द्वारा दिए जाने वाले प्रोत्साहन तथा पीएम-आशा योजना के तहत दलहन एवं तिलहन की खरीदी संबंधी जानकारी किसानों को दी गई। साथ ही रासायनिक उर्वरकों के विकल्प के रूप में नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया के उपयोग एवं उनके लाभों के बारे में भी विस्तार से अवगत कराया गया। छुरिया विकासखंड के ग्राम पंचायत दैहान, कुहीकला, साल्हे एवं रतनभाट में भी कुषक चौपाल आयोजित कर किसानों को कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं, फसल विविधीकरण, आधुनिक कृषि तकनीकों तथा शासकीय प्रोत्साहन योजनाओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में कृषकों ने भाग लिया। इस अवसर पर संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव, कृषि विकास अधिकारी एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी उपस्थित रहे। - -एक माह में ही पहुंचे 480 से ज्यादा पर्यटक, युवाओं, महिला समूह, वन प्रबंधन समिति को पौने 3 लाख रुपए से अधिक की हुई आय-पर्यटन के साथ स्थानीय समुदाय को मिल रहा प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ-जंगल सफारी, प्राकृतिक सौंदर्य और वन्यजीवों की रोमांचक साइटिंग से पर्यटकों का बढ़ा आकर्षणरायपुर छत्तीसगढ़ में पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण का एक अनूठा संगम देखने को मिल रहा है भोरमदेव जंगल सफारी में । 'ईको-टूरिज्म' के तहत स्थानीय जैव विविधता को नुकसान पहुंचाए बिना लोगों को प्रकृति से जोड़ने की नई पहल शुरू की गई है, जिसमें पर्यटकों को आकर्षित करने वाले शानदार मॉडल शामिल हैं।छत्तीसगढ़ सरकार की इको-टूरिज्म पहल के तहत विकसित भोरमदेव जंगल सफारी संचालन के पहले ही महीने में छत्तीसगढ़ के इको-टूरिज्म की नई पहचान बनकर उभरी है। जंगल सफारी प्रकृति प्रेमियों और रोमांच के शौकीनों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन गई है, सिर्फ एक माह में ही 489 से अधिक पर्यटक यहां पहुंचे हैं, वहीं स्थानीय युवाओं, वन प्रबंधन समिति और स्व-सहायता समूहों को रोजगार एवं आमदनी के नए अवसर मिले हैं। भोरमदेव जंगल सफारी प्रकृति, रोमांच और स्थानीय विकास का सफल संगम बनी यह पहल भोरमदेव को राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों में स्थापित करने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती प्रदान कर रही है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा तथा वन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में शुरू की गई यह जंगल सफारी आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन गई है। वन मंडलाधिकारी श्री निखिल अग्रवाल ने बताया कि भोरमदेव जंगल सफारी का उद्घाटन 3 मई को कर पर्यटकों के लिए इसका संचालन शुरू किया गया था। मानसून को देखते हुए 4 जून से सफारी को अस्थायी रूप से स्थगित किया गया है। मात्र एक माह के संचालन के दौरान 480 से अधिक पर्यटकों ने जंगल सफारी का आनंद लिया, जिससे पौने 3 लाख रुपए से अधिक की राशि प्राप्त हुई है। बारिश के बाद नवंबर माह से इसका संचालन फिर से शुरू होगा।भोरमदेव जंगल सफारी की शुरुआत से स्थानीय लोगों को रोजगार और आय के नए अवसर मिले हैं। केवल एक महीने के संचालन में वाहन चालक, गाइड और गेट कीपर के रूप में कार्यरत 17 स्थानीय युवाओं ने 75 हजार रुपये से अधिक की आय अर्जित की। वहीं वन प्रबंधन समिति को 92 हजार और वन विभाग को 26 हजार रुपये से अधिक की आय प्राप्त हुई। सफारी परिसर में स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित कैंटीन भी पर्यटकों की पसंद बनी रही। एक माह में कैंटीन से 20 हजार रुपये से अधिक का मुनाफा हुआ, जिससे समूह की महिलाओं की आय बढ़ी और उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में मजबूती मिली।जंगल सफारी के साथ-साथ भोरमदेव का प्राकृतिक उद्यान भी पर्यटकों की पसंद बन रहा है। सफारी का आनंद लेने वाले पर्यटकों के अलावा 1500 से अधिक लोगों ने उद्यान का भी भ्रमण किया। इससे साफ है कि भोरमदेव क्षेत्र धीरे-धीरे प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी अलग पहचान बना रहा है।करीब 36 किलोमीटर लंबी जंगल सफारी के दौरान पर्यटकों को कई वन्यजीवों और पक्षियों को करीब से देखने का अवसर मिला। सफारी में भारतीय गौर, भालू, नीलगाय, सांभर, कोटरी (बार्किंग डियर), बाघ के पदचिह्न (टाइगर पगमार्क), जंगली मुर्गा, विभिन्न प्रजातियों के पक्षी और रंग-बिरंगी तितलियां पर्यटकों के लिए खास आकर्षण रहीं। घने जंगल, ऊंची पहाड़ियां और प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर वातावरण ने सफारी को रोमांचक और यादगार अनुभव बना दिया।वन मंडलाधिकारी श्री निखिल अग्रवाल ने बताया कि लगभग 352 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले भोरमदेव अभयारण्य में 36 किलोमीटर लंबा जंगल सफारी मार्ग तैयार किया गया है। सफारी का मुख्य प्रवेश द्वार भोरमदेव मंदिर के पास करियाआमा क्षेत्र में स्थित है, जहां से पर्यटक अपनी जंगल यात्रा शुरू करते हैं। इस सफारी के माध्यम से पर्यटकों को छत्तीसगढ़ के समृद्ध वन, वन्यजीव, जैव विविधता और प्राकृतिक सुंदरता को करीब से देखने का अवसर मिल रहा है। साथ ही, इससे स्थानीय लोगों को रोजगार और आय के नए अवसर भी मिल रहे हैं।
- -जनदर्शन में कुल 85 आवेदन प्राप्त हुएमहासमुंद / कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में मंगलवार को कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों की समस्याएं एवं मांगें गंभीरता से सुनीं। जनदर्शन में राजस्व, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, बिजली, सामाजिक सुरक्षा पेंशन सहित विभिन्न जनहित से जुड़े विषयों पर कुल 85 आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर श्री लंगेह ने प्रत्येक आवेदन का अवलोकन कर संबंधित विभागीय अधिकारियों को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों का समय-सीमा में निराकरण कर आम नागरिकों को राहत पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है।जनदर्शन में ग्राम पंचायत मामा भांचा के आश्रित ग्राम डोंगरीपाली के निवासियों ने गांव में बोर खनन, ग्राम बम्हनी के जागेश्वरी पाल ने भू अभिलेख में नाम सुधरवाने हेतु आवेदन दिया। इसी तरह जनदर्शन में प्रधानमंत्री आवास योजना, अतिक्रमण, पीएम सम्मान निधि, दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना एवं राशन कार्ड से संबंधित एवं अन्य आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे आमजन की समस्याओं का संवेदनशीलता, जवाबदेही और प्राथमिकता के साथ निराकरण करें। जनदर्शन में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर श्री सचिन भूतड़ा, रवि साहू सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार खनिज विभाग द्वारा जिले में खनिज का अवैध उत्खनन, भण्डारण एवं परिवहन करने वालों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में खनिज विभाग की टीम द्वारा अर्जुनी, रायतापायली, बीजेभांठा, डोंगरगांव, खुज्जी, कुमरदा, लक्ष्मणभरदा, किरगी, सुरगी, सिंघोला, तुमड़ीबोड़, इन्दामारा, सोमनी सहित अन्य क्षेत्र का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान चूना पत्थर (गिट्टी) का अवैध परिवहन करने पर 3 वाहनों को जप्त किया गया। इसके तहत ग्राम करेली में कोटगुल महाराष्ट्र निवासी चंदन शेखावत के स्वामित्व के हाईवा एमएच 33 टी 5852 से बिजरावन मध्यप्रदेश निवासी वाहन चालक बहादुर सिंह एवं ग्राम खुर्सीपार में डोंगरगांव निवासी गोविन्द देवांगन के स्वामित्व के माजदा सीजी 08 एएन 8053 से बाजार नवागांव निवासी वाहन चालक उमेश यादव द्वारा चूना पत्थर (गिट्टी) का अवैध परिवहन करने पर कार्रवाई करते हुए जप्त कर थाना डोंगरगांव को सुपुर्द किया गया। इसी तरह ग्राम फरहद में दुर्ग निवासी अमर इन्फ्रा के स्वामित्व के हाईवा सीजी 07 एएक्स 9196 से अज्ञावबाजार निवासी वाहन चालक अभिषेक पाण्डे द्वारा चूना पत्थर (गिट्टी) का अवैध परिवहन करने पर कार्रवाई करते हुए जप्त कर थाना पुलिस लाईन राजनांदगांव को सुपुर्द किया गया। प्रकरणों में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन, भण्डारण की रोकथाम के लिए लगातार गस्त व निगरानी की जा रही है।
- -बाल विवाह की सूचना मिलते ही प्रशासन ने की त्वरित कार्रवाई, परिजनों ने विवाह रोकने का लिया संकल्प-मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सशक्त नेतृत्व में बाल विवाह रोकथाम अभियान को मिल रही सफलतारायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सशक्त नेतृत्व में प्रदेश में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ लगातार प्रभावी अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान का सकारात्मक परिणाम अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी दिखाई देने लगा है। बीजापुर जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला प्रशासन और पुलिस विभाग द्वारा चलाए जा रहे जन-जागरूकता अभियान के चलते एक 15 वर्षीय किशोरी का संभावित बाल विवाह समय रहते रोक दिया गया। भोपालपटनम विकासखंड के एक गांव में 15 वर्षीय किशोरी के विवाह की सूचना जागरूक नागरिकों ने समय रहते चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और महिला हेल्पलाइन 181 पर दी। सूचना मिलते ही महिला एवं बाल विकास विभाग और चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने किशोरी के माता-पिता, परिजनों और ग्रामीणों को बाल विवाह के दुष्परिणामों तथा इससे जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। समझाइश और विधिक परामर्श के बाद परिजनों ने बाल विवाह नहीं करने तथा बालिका की पढ़ाई जारी रखने की सहमति दी। साथ ही भविष्य में बाल विवाह नहीं कराने का लिखित आश्वासन भी दिया। जिला प्रशासन ने बताया कि जिले में लगातार ग्राम स्तरीय बैठकों, विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रमों, सामुदायिक संवाद और व्यापक प्रचार-प्रसार के कारण लोगों में बाल विवाह के प्रति जागरूकता बढ़ी है। इसी का परिणाम है कि अब नागरिक स्वयं आगे आकर ऐसी घटनाओं की सूचना दे रहे हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास ने नागरिकों से अपील की है कि बाल विवाह एक सामाजिक और कानूनी अपराध है। यदि कहीं भी बाल विवाह की जानकारी मिले तो तुरंत 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन) या 181 (महिला हेल्पलाइन) पर सूचना दें। समय पर दी गई एक सूचना किसी बच्चे का भविष्य सुरक्षित कर सकती है।जिला प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पुलिस विभाग ने जागरूक नागरिकों के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं, जनजागरूकता और जनभागीदारी के समन्वित प्रयासों से ही बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार बच्चों के सुरक्षित, शिक्षित और उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
- -प्रतिभा का सम्मान, भविष्य का निर्माण — पं. रामदयाल तिवारी विद्यालय में 29 मेधावी विद्यार्थियों को 5-5 हजार के चेक वितरित-29 मेधावी विद्यार्थियों को -5-5 हजार के चेक, स्कूल विकास को मिली करोड़ों की सौगात-प्रतिभा के सम्मान से शिक्षा के उत्थान तक, रायपुर पश्चिम लिख रहा नई इबारत-रायपुर पश्चिम में शिक्षा को नई दिशा देने का संकल्प लगातार साकार हो रहा है: राजेश मूणतरायपुर। रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर हो रहे विकास कार्यों और मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने की पहल के अंतर्गत पंडित रामदयाल तिवारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में शाला प्रवेश उत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 10वीं एवं 12वीं कक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 29 मेधावी विद्यार्थियों को 5-5 हजार के प्रोत्साहन चेक वितरित किए गए।कार्यक्रम के दौरान विद्यालय में विद्यार्थियों की सुविधाओं को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 1.50 करोड़ की लागत से बनने वाले अतिरिक्त कक्ष निर्माण तथा खेल मैदान के विकास के लिए ₹19 लाख की स्वीकृति की जानकारी भी दी गई। इन कार्यों से विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण, सुविधाजनक कक्ष और खेल गतिविधियों के लिए उपयुक्त मैदान उपलब्ध होगा।इससे पूर्व रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत शासकीय महोबा बाजार उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 22 विद्यार्थियों तथा मायाराम सुरजन शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 35 विद्यार्थियों को भी ₹5-5 हजार के प्रोत्साहन चेक वितरित किए जा चुके हैं। साथ ही माध्यमिक शिक्षा मंडल की प्रवीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाली कुमारी युक्ता मुखी साहू को स्कूटी प्रदान कर उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन का सम्मान किया गया है।अब शेष 7 शालाओं के 85 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को भी प्रोत्साहन चेक प्रदान किए जाएंगे। इसी क्रम में आगामी 3 जुलाई को पंडित गिरजाशंकर विद्यालय में मेधावी विद्यार्थियों को चेक वितरित किए जाएंगे।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रायपुर पश्चिम के विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेश मूणत ने कहा कि शिक्षा केवल प्रमाणपत्र प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है। रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में हमारा प्रयास है कि हर विद्यार्थी को बेहतर वातावरण, आधुनिक सुविधाएं और आगे बढ़ने के लिए सम्मानजनक प्रोत्साहन मिले।उन्होंने कहा कि मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान उनके परिश्रम, अनुशासन और लगन का सम्मान है। जब विद्यार्थी अपनी मेहनत से उत्कृष्ट परिणाम लाते हैं, तो समाज की जिम्मेदारी बनती है कि उन्हें प्रोत्साहित कर उनके आत्मविश्वास को और मजबूत किया जाए। ₹5-5 हजार की प्रोत्साहन राशि केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सपनों के प्रति विश्वास और सम्मान का प्रतीक है।श्री मूणत ने आगे कहा कि रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अतिरिक्त कक्ष निर्माण, खेल मैदान विकास, विद्यालयों में आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता और मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान — यह सभी कार्य आने वाली पीढ़ी को बेहतर अवसर देने की दिशा में ठोस कदम हैं।उन्होंने कहा कि हमारा संकल्प है कि रायपुर पश्चिम का कोई भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी संसाधनों के अभाव में पीछे न रहे। शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे ये प्रयास आने वाले समय में विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाएंगे और रायपुर पश्चिम को शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरक मॉडल के रूप में स्थापित करेंगे।प्रतिभा का सम्मान, शिक्षा का उत्थान और भविष्य का निर्माण — यही रायपुर पश्चिम का संकल्प है।
- रायपुर - रायपुर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 7 स्वास्थ्य विभाग को मिली स्वच्छता से सम्बंधित जनशिकायत को तत्काल संज्ञान में लेकर नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा के निर्देश पर जोन 7 जोन कमिश्नर डॉ तृप्ति पाणीग्रही के मार्गनिर्देशन और जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री आत्मानंद साहू एवं अन्य सम्बंधित कर्मचारियों की उपस्थिति में जोन 7 क्षेत्र अंतर्गत जीई मार्ग में एनआईटी के आसपास 7 भिन्न संस्थानों की स्वच्छता व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया गया. औचक निरीक्षण में 7 विभिन्न संस्थानों में गन्दगी और प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक मिला और इस सम्बन्ध में प्राप्त जनशिकायत स्थल पर सही पायी गयी. इस पर जोन 7 जोन कमिश्नर के निर्देश पर जोन स्वास्थ्य अधिकारी ने सम्बंधित 7संस्थानों के संचालकों को भविष्य के लिए नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए कुल 50 हजार रूपये का ई चालान किया.
- -महापौर ने भूमि स्वामी बिल्डर से मानसून तक बाउंड्रीवाल नहीं बनाने कहा, ताकि मानसून में बस्ती में निकासी में बाधा उत्पन्न ना होने पाएरायपुर - नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने मंगलवार को रायपुर नगर पालिक निगम जोन कमांक 9 के लाल बहादुर शास्त्री वार्ड कमांक 51 क्षेत्र के अंतर्गत जोरा की भाठापारा बस्ती पहुंचकर वार्ड पार्षद श्रीमती रेणु जयंत साहू सहित भाठापारा बस्ती के रहवासियों, महिलाओं, जोन 9 जोन कमिश्नर श्री राकेश शर्मा, कार्यपालन अभियंता नगर निवेश श्री आशुतोष सिंह, जोन 9 कार्यपालन अभियंता श्री शरद ध्रुव, सहायक अभियंता श्री सैय्यद जोहेब, उपअभियंता श्री रवि प्रभात साहू, श्री आशुतोष पाण्डेय, जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री बारोन बंजारे, स्वच्छता निरीक्षक श्री भोला तिवारी सहित संबंधित कर्मचारियों की उपस्थिति में भाठापारा बस्ती में बारिश के दौरान गंदे पानी की निकासी की समस्या को लेकर स्थल निरीक्षण किया।स्थल पर एक निजी भूखण्ड क्षेत्र में पानी का प्राकृतिक ढलान होना पाया गया । जिसके कारण विगत कई वर्षों से भाठापारा बस्ती में जलभराव की समस्या नहीं होने एवं बारिश में गंदा पानी प्राकृतिक ढलान से आगे निकलकर निकास हो जाने की जानकारी रहवासियों ने स्थल पर महापौर को दी। वर्तमान में बिल्डर श्री राजेश अग्रवाल द्वारा उक्त भूखण्ड को कय करके वहां निर्माण कार्य करवाने हेतु बाउंड्रीवाल का निर्माण करवाया जा रहा है। इसके कारण सम्बंधित भाठापारा बस्ती के रहवासियों को इस बार बारिश में जलभराव की आशंका हो गई है।महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने वार्ड पार्षद श्रीमती रेणु जयंत साहू की उपस्थिति में भाठापारा बस्ती के रहवासियों की मांग पर गंदे पानी के निकास की समस्या के समाधान हेतु सम्बंधित स्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों को निर्देश देने का आश्वासन रहवासियों को दिया था। आज महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने स्थल निरीक्षण कर बस्ती के रहवासियों को दिया गया अपना आश्वासन पूरा किया।महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने स्थल पर संबंधित भूमि स्वामी बिल्डर श्री राजेश अग्रवाल को बुलवाया एवं उनसे स्थल पर वार्ड पार्षद एवं रहवासियों की उपस्थिति में निकास समस्या पर चर्चा की । महापौर ने मानसून के दौरान निर्माण कार्य के नाम पर बस्ती के निकास के रास्ते में बाउंड्रीवाल निर्माण नहीं करने सम्बंधित भवन स्वामी बिल्डर को कहा है। ताकि बारिश में जल भराव की समस्या बस्ती में उत्पन्न ना होने पाए और नागरिको को इसके चलते कोई असुविधा ना होने पाये। महापौर ने अधिकारियों को मानसून के बाद बस्ती के गंदे पानी की सुगम निकासी के प्रबंधन हेतु नाला निर्माण का प्रस्ताव बनाकर शीघ्र कार्यवाही करने निर्देशित किया है एवं संबंधित भूमि स्वामी बिल्डर को भाठापारा बस्ती क्षेत्र की गंदे पानी की निकासी की समस्या दूर करने सहयोग करने कहा है।महापौर श्रीमती मीनल चौबे के स्थल निरीक्षण एवं आश्वासन पूरा करने से अत्यंत प्रसन्न होकर जोरा की भाठापारा बस्ती के रहवासियों एवं महिलाओं ने महापौर श्रीमती मीनल चौबे का फूलमालाओं से लादकर आत्मीय स्वागत किया। महापौर ने बस्ती के रहवासियों को आश्वस्त किया कि भाठापारा बस्ती में बारिश में जलभराव की समस्या नहीं आयेगी एवं रहवासियों को असुविधा का सामना नहीं करना पडेगा। शीघ्र ही मानसून के बाद सम्बंधित भूमि स्वामी बिल्डर के सहयोग से रायपुर नगर निगम जोन 9 के माध्यम से वहां नाला निर्माण व्यवहारिक आवश्यकतानुसार शीघ्र करवाकर गंदे पानी के निकास की समस्या को दूर करने कार्य किया जायेगा।महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने जोरा बस्ती के तालाब का निरीक्षण वार्ड पार्षद श्रीमती रेणु जयंत साहू, जोन 9 जोन कमिश्नर श्री राकेश शर्मा, कार्यपालन अभियंता श्री शरद ध्रुव, कार्यपालन अभियंता नगर निवेश श्री आशुतोष सिंह सहित जोन के अन्य संबंधित अधिकारियों एवं भाठापारा बस्ती के रहवासियों एवं महिलाओं की उपस्थिति में किया एवं जोरा तालाब का सौंदर्यीकरण पीपीपी मॉडल पर करने शीघ्र प्रस्ताव तैयार कर सक्षम स्वीकृति हेतु भेजने के निर्देश जोन 9 जोन कमिश्नर एवं जोन कार्यपालन अभियंता को स्थल पर दिये।



























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