- Home
- छत्तीसगढ़
-
भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर रोक लगाने लगातार कार्रवाई की जा रही है। निगम आयुक्त के निर्देशानुसार 20 अगस्त 2026 को जोन क्रमांक-01 अंतर्गत वार्ड 07 राधिका नगर क्षेत्र में निगम की टीम द्वारा विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठानों में गीले एवं सूखे कचरे को पृथक नहीं रखने तथा सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग करते पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान कुल 6700 रुपये का जुर्माना वसूल किया गया। कार्रवाई के तहत इंडियन कॉफी हाउस पर गीला-सूखा कचरा पृथक नहीं रखने पर 3000 रुपये, उठक बैठक शॉप पर खुले टायर में पानी जमा पाए जाने पर 1000 रुपये तथा सिंगल यूज प्लास्टिक पाए जाने पर 1000 रुपये, ला पिनो पिज्जा पर सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर 1000 रुपये तथा अमृत तुल्य चाय सेंटर पर सिंगल यूज प्लास्टिक पाए जाने पर 700 रुपये का जुर्माना लगाया गया।नगर निगम द्वारा प्रतिष्ठान संचालकों एवं नागरिकों से अपील की गई है कि गीले एवं सूखे कचरे को अलग-अलग रखें, सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग न करें तथा अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने में निगम का सहयोग करें। निगम द्वारा स्वच्छता नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध आगे भी लगातार चालानी कार्रवाई जारी रखी जाएगी। - -वाहन सहित 8.16 लाख रुपये से अधिक की सामग्री जब्त-कच्ची महुआ शराब एवं 200 किलो महुआ लाहन बरामदरायपुर। कवर्धा जिले में अवैध मदिरा के निर्माण, परिवहन एवं विक्रय पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से आबकारी विभाग द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में आबकारी विभाग ने 17 अगस्त 2026 को अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए अन्य प्रांत हरियाणा की मदिरा का अवैध परिवहन करने तथा कच्ची महुआ शराब का विक्रय करने वाले कुल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई में मदिरा, महुआ लाहन एवं परिवहन में प्रयुक्त वाहन सहित कुल 8 लाख 16 हजार 310 रुपये की सामग्री जब्त की गई है। आबकारी आयुक्त श्री पदुम सिंह एल्मा एवं कलेक्टर के निर्देश तथा प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी श्री मुकेश पाण्डेय के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई।प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी श्री मुकेश पाण्डेय ने बताया कि 17 अगस्त 2026 को आबकारी चेक पोस्ट चिल्फी के प्रभारी आबकारी उपनिरीक्षक श्री रामानंद दीवान द्वारा वाहनों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान चार पहिया वाहन क्रमांक एचआर 36 एबी 0487 की विधिवत तलाशी लेने पर वाहन से 5.25 बल्क लीटर विदेशी मदिरा, जिस पर सेल फॉर हरियाणा अंकित था, बरामद की गई। मदिरा को विधिवत जब्त करते हुए आरोपी विक्रम सिंह पिता आजाद सिंह, उम्र 41 वर्ष, निवासी ग्राम अमलीडीह, पोस्ट बरगड़ा, जिला बेमेतरा के विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 यथा संशोधित की धारा 34(1)(क), 34(2), 59(क) एवं 36 के तहत गैर-जमानती प्रकरण कायम कर विवेचना में लिया गया है। उन्होंने बताया कि जिले में अवैध मदिरा के निर्माण, संग्रहण, परिवहन एवं विक्रय के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा। विभाग द्वारा सीमावर्ती क्षेत्रों, प्रमुख मार्गों एवं संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाते हुए संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। उक्त कार्रवाई में आबकारी मुख्य आरक्षक श्री विद्यासिंह परमार, श्री इम्तियाज खान तथा आबकारी आरक्षक श्री भूपेंद्र साहू, सुश्री कामिनी भुआर्य, मेघा ध्रुव एवं सीमा नेताम का विशेष योगदान रहा।
- रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में बीएससी द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी विषय की परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने की सूचना को कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने गंभीरता से लिया है। मामले की जानकारी मिलते ही मंत्री श्री नेताम ने विश्वविद्यालय प्रशासन को तत्काल जांच समिति गठित करने तथा दोषियों के विरुद्ध FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए। मंत्री के निर्देशों के परिपालन में मामले में FIR दर्ज कर दी गई है।मंत्री श्री नेताम ने कहा कि परीक्षाओं की निष्पक्षता और विद्यार्थियों के भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रश्नपत्र लीक जैसी घटना अत्यंत गंभीर है और इसमें जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध जांच के बाद कड़ी एवं नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।उल्लेखनीय है कि बीएससी द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी विषय की आज आयोजित होने वाली परीक्षा के प्रश्नपत्र के लीक होने की सूचना विश्वविद्यालय प्रशासन को परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले प्राप्त हुई थी। सुबह 8:50 बजे कवर्धा से प्रश्नपत्र लीक होने की सूचना मिलने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 10:30 बजे परीक्षा निरस्त करने का निर्णय लिया।मामले की जांच के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा 5 सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है। समिति पूरे घटनाक्रम की जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों की जिम्मेदारी तय कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।कृषि मंत्री श्री नेताम ने कहा कि विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निरस्त परीक्षा की आगामी तिथि जल्द निर्धारित की जाएगी और परीक्षार्थियों को इसकी सूचना समय पर दी जाएगी।उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय के प्रश्नपत्रों की सेटिंग एवं छपाई विश्वविद्यालय स्तर पर की जाती है तथा प्रश्नपत्र संबंधित महाविद्यालयों को भेजे जाते हैं। ऐसे में प्रश्नपत्र लीक होने की घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
- रायपुर। भारत सरकार राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण नई दिल्ली तथा छत्तीसगढ़ राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं जिला आपदा प्रबंधन के संयुक्त तत्वावधान में बाढ़ से निपटने हेतु जिला स्तर पर बाढ़ मॉक एक्सरसाइज का आयोजन ग्राम बम्हनी में किया गया।कोंडागांव कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना के नेतृत्व में बम्हनी के लिए नियुक्त प्रभारी अधिकारी इंसिडेंट कमांडर, अपर कलेक्टर श्री चित्रकांत चाली ठाकुर, पर्यवेक्षक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कपिल चंद्रा व सीआरपीएफ 188 बटालियन के डिप्टी कमांडर श्री मुकेश, नोडल अधिकारी डिप्टी कलेक्टर श्री किशोर शर्मा, डिप्टी कलेक्टर श्री लखेश्वर यादव, डिप्टी कलेक्टर श्री राजेन्द्र कौशिक व तहसीलदार मनोज रावटे कोन्डागांव व नायब तहसीलदार श्री नरेंद्र सिंह एव समस्त अधिकारीगण के सहयोग मॉक एक्सरसाइज का आयोजन कर बाढ़ से निपटने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश व जनजागरूकता अभियान चलाया गया।इस अभियान में पुलिस विभाग, जिला सेनानी और स्वास्थ्य विभाग, जिला आपदा मोचन प्रबंधन बल, रेड क्रॉस सोसाइटी आदि शामिल थे। प्राकृतिक आपदा जैसे बाढ़ इत्यादि से निपटने हेतु आपातकालीन योजना बनाकर त्वरित राहत और बचाव कार्य एवं चिकित्सा सहायता प्रदान करते हुए एक माँक ड्रिल का आयोजन किया गया। ग्राम बम्हनी के जवाई मुंडा तालाब पर रेस्क्यू ऑपरेशन चला कर जान बचाया गया एवं तत्काल उन्हें चिकित्सा सुविधा हेतु प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बम्हनी ले जाया गया। इस दौरान विद्यालय के बच्चों को स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा सीपीआर की ट्रेनिंग भी दी गई। इस दौरान नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष श्री नरपति पटेल, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष श्री टोमेंद्र ठाकुर, ग्राम सरपंच सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने मॉक ड्रिल का अवलोकन किया।
- -बाढ़ आपदा से निपटने की तैयारियों को परखा, रामगढ़ में हुआ मॉक एक्सरसाइज-स्वास्थ्य, पेयजल, संचार और राहत शिविर तक व्यवस्थाओं का किया गया अभ्यासरायपुर। भारत सरकार के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशानुसार बाढ़ आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों को परखने के उद्देश्य से मुंगेली जिले में मॉक एक्सरसाइज का आयोजन किया गया। मुंगेली जिले के ग्राम रामगढ़ स्थित अमृत सरोवर में आयोजित बाढ़ आपदा अभ्यास के दौरान जिला प्रशासन सहित विभिन्न विभागों ने बाढ़ की स्थिति के दौरान राहत, बचाव एवं पुनर्व्यवस्था संबंधी कार्यों का अभ्यास किया। मॉक एक्सरसाइज में संभावित बाढ़ आपदा के दौरान विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया, संसाधनों की उपलब्धता और राहत-बचाव कार्यों की प्रभावशीलता को परखा गया।इस दौरान बाढ़ में फंसे लोगों का सफल रेस्क्यू कर आपदा के समय सतर्क रहने और सुरक्षित रहने के उपाय बताए गए। मॉकड्रिल में बाढ़ के दौरान बीच नदी में एक नाव पलटने का दृश्य प्रस्तुत किया गया। रेस्क्यू टीम ने तत्काल नाव से कुछ ही मिनटों में लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके बाद उन्हें सीपीआर देकर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया तथा एंबुलेंस से बाढ़ राहत शिविर भेजा गया। मॉकड्रिल के दौरान पशुपालन विभाग ने भी पशुपालकों को बाढ़ के समय पशुओं को बीमारियों से बचाने के उपाय बताए।मुंगेली एसडीएम श्री अजय शतरंज ने बताया कि अभ्यास के दौरान नगर सेना एवं बचाव दल द्वारा आवश्यक उपकरणों एवं मोटर बोट के साथ बचाव कार्य की तैयारी का प्रदर्शन किया गया। जल संसाधन विभाग द्वारा बाढ़ के दौरान प्राप्त सूचनाओं के संकलन एवं नियंत्रण कक्ष में संचार व्यवस्था का अभ्यास किया गया। वन विभाग को प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने तथा आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी गई। प्लास्टिक की पानी की बोतलों, केले के थंभों और अन्य तैरने योग्य वस्तुओं की मदद से सुरक्षित स्थान तक पहुंचा जा सकता है। सर्पदंश की स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेने की सलाह दी गई।स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभ्यास स्थल पर चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ, जीवन रक्षक दवाइयों एवं आवश्यक उपकरणों के साथ चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने का अभ्यास किया गया। लोक निर्माण विभाग द्वारा मार्गों से अवरोध हटाने एवं आवागमन सुचारू बनाए रखने तथा पुलिस विभाग द्वारा वायरलेस संचार, यातायात एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने की व्यवस्थाओं को परखा गया। पशु चिकित्सा विभाग द्वारा प्रभावित पशुओं के उपचार, विद्युत विभाग द्वारा विद्युत व्यवस्था, खाद्य विभाग द्वारा भोजन पैकेट, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा पेयजल एवं जल निकासी तथा दूरसंचार विभाग द्वारा संचार व्यवस्था से संबंधित तैयारियों का अभ्यास किया गया। परिवहन विभाग द्वारा राहत एवं बचाव कार्यों के लिए मिनी बस की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई।राजस्व विभाग द्वारा राहत शिविर के संचालन, प्राप्त सूचनाओं के संकलन एवं वरिष्ठ अधिकारियों तक जानकारी पहुंचाने तथा प्रभावित लोगों को सहायता उपलब्ध कराने की कार्यवाही का अभ्यास किया गया। पंचायत एवं नगरीय निकाय द्वारा प्रभावित लोगों के ठहरने एवं आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था को भी मॉक ड्रिल में शामिल किया गया। मॉक एक्सरसाइज के दौरान रिलीफ कैम्प, चिकित्सालय जैसे महत्वपूर्ण आपदा प्रबंधन बिंदुओं को भी अभ्यास में शामिल किया गया। जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न विभागों के नोडल एवं पर्यवेक्षण अधिकारियों को निर्धारित जिम्मेदारियों के अनुरूप आवश्यक अमले एवं उपकरणों के साथ अभ्यास में शामिल किया गया। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा, डिप्टी कलेक्टर श्री मायानंद चंद्रा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और एसडीआरएफ टीम तथा नगर सैनिक मौजूद रहे।
- -बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों का किया गया अभ्यास, ग्रामीणों को सुरक्षित निकालने का किया प्रदर्शनरायपुर। कवर्धा जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ एवं प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज बोड़ला विकासखंड के क्षीरपानी जलाशय एवं ग्राम भोंदा पुल के समीप मॉकड्रिल आयोजित किया गया। मॉकड्रिल के दौरान अत्यधिक बारिश से बाढ़ जैसी स्थिति निर्मित होने, जलाशय के ओवरफ्लो होने तथा ग्रामीणों के गहरे पानी में फंसने की काल्पनिक स्थिति तैयार कर मॉकड्रील किया गया। इस दौरान राज्य से टीम भी वीड़ियों कांन्फ्रेस के माध्यम से जुड़ी रही।मॉकड्रिल के तहत मैकल पर्वतीय क्षेत्र में मूसलाधार बारिश के कारण क्षीरपानी जलाशय के अधिकतम जलभराव क्षमता तक पहुंचने और ओवरफ्लो की स्थिति निर्मित होने की सूचना दी गई। इस दौरान चार ग्रामीणों के जलाशय के गहरे पानी में फंसने तथा तारेगांव जंगल मार्ग पर ग्राम भोंदा के समीप पुल बाढ़ के तेज बहाव से क्षतिग्रस्त होने की स्थिति का अभ्यास किया गया। पुल क्षतिग्रस्त होने से आसपास के कई गांवों का संपर्क बाधित होने की काल्पनिक स्थिति निर्मित की गई। स्थिति की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों द्वारा जिला बाढ़ कंट्रोल कक्ष को सूचना देने और तत्काल राहत-बचाव कार्य शुरू करने की प्रक्रिया का अभ्यास किया गया। अपर कलेक्टर श्री रामप्रसाद आँचला ने स्थिति का संज्ञान लेते हुए जिला बाढ़ आपदा एवं प्रबंधन टीम में शामिल नगर सेना एवं एनडीआरएफ की संयुक्त टीम को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया। सुबह 10 बजे संयुक्त दल क्षीरपानी जलाशय पहुंचा और राहत एवं बचाव अभियान प्रारंभ किया।मॉकड्रिल के दौरान नगर सेना, एनडीआरएफ के विशेषज्ञ जवानों, जिला प्रशासन के अधिकारियों तथा विभिन्न विभागों की रैपिड एक्शन टीमों ने आपसी समन्वय के साथ राहत-बचाव कार्यों का अभ्यास किया। जलाशय में फंसे चार ग्रामीणों को सुरक्षित निकालने तथा ग्राम भोंदा में क्षतिग्रस्त पुल के दूसरी ओर अलग-थलग हुए ग्रामीणों तक वैकल्पिक पुल बनाकर बाहर निकालने, आवश्यक सहायता पहुंचाने की कार्रवाई का प्रदर्शन किया गया। इस दौरान आपदा की स्थिति में सूचना प्राप्त होने से लेकर राहत एवं बचाव दल की तैनाती, प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने तथा आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की पूरी प्रक्रिया का अभ्यास किया गया। मॉकड्रिल के दौरान बोड़ला एडीएम श्री आशुतोष शर्मा, तहसीलदार श्री हुलेश्वर पटेल सहित अन्य विभाग के अधिकारी मौके पर उपस्थित रहे। विभिन्न विभागों द्वारा आपदा के दौरान अपने-अपने दायित्वों के अनुरूप की जाने वाली कार्रवाई का भी अभ्यास किया गया।
- -एसडीआरएफ, आपदा मित्रों और स्थानीय तैराकों ने संयुक्त रूप से चलाया बचाव अभियान, कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल और एसपी लक्ष्य विनोद शर्मा ने किया निरीक्षणरायपुर । खैरागढ़ जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच बाढ़ जैसी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए जिला प्रशासन द्वारा छुईखदान क्षेत्र में बाढ़ आपदा प्रबंधन की मॉकड्रिल आयोजित की गई। मॉकड्रिल के दौरान जिला बाढ़ आपदा नियंत्रण कक्ष को सूचना दी गई कि बाढ़ के कारण प्रभावित लोगों को ले जा रही नाव पलट गई है और चार लोग पानी में फंस गए हैं। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राहत एवं बचाव दलों को घटनास्थल के लिए रवाना किया।भारतीय मौसम विज्ञान विभाग से विभिन्न संचार माध्यमों के जरिए प्राप्त भारी वर्षा एवं बाढ़ की चेतावनी को देखते हुए जिला, अनुविभाग एवं तहसील स्तर पर संचालित बाढ़ आपदा राहत केन्द्रों को पहले से ही सतर्क किया गया था। इसी दौरान छुईखदान बाढ़ आपदा नियंत्रण कक्ष से जिला बाढ़ आपदा नियंत्रण कक्ष को सूचना दी गई कि बाढ़ के कारण नाव पलट गई है और प्रभावित लोगों को तत्काल बचाव की आवश्यकता है।सूचना प्राप्त होते ही जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के पदेन अधिकारियों ने बिना समय गंवाए बचाव कार्य शुरू कराया। स्थानीय आपदा मित्रों एवं स्थानीय तैराकों को तत्काल बचाव कार्य के लिए सक्रिय किया गया। अनुविभागीय अधिकारी ने तहसील स्तर के नोडल अधिकारी से संपर्क स्थापित कर आवश्यक निर्देश प्रसारित किए। साथ ही राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों को घटनास्थल पर तत्काल पहुंचने के निर्देश दिए गए।मॉकड्रिल के दौरान बाढ़ के तेज बहाव में फंसे चार लोगों के बचाव की कार्रवाई का प्रदर्शन किया गया। एसडीआरएफ, आपदा मित्रों एवं स्थानीय तैराकों ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाते हुए चारों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। तेज बहाव और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच बचाव दल ने रेस्क्यू बोट, रस्सियों और सुरक्षा उपकरणों की मदद से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया।रेस्क्यू के दौरान एक व्यक्ति की हालत गंभीर दर्शाई गई। पानी में फंसने के कारण उसके बेहोश होने पर मौके पर ही प्राथमिक उपचार और सीपीआर देने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया। इसके बाद सभी प्रभावितों को राहत शिविर में स्थानांतरित किया गया तथा गंभीर रूप से प्रभावित व्यक्ति को बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए सिविल अस्पताल पहुंचाने की कार्रवाई की गई।मॉकड्रिल के माध्यम से आपदा की स्थिति में सूचना प्राप्त होने से लेकर रेस्क्यू, प्राथमिक उपचार, राहत शिविर में स्थानांतरण और अस्पताल तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया को प्रदर्शित किया गया। इसका उद्देश्य राहत एवं बचाव दलों की तत्परता तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की वास्तविक स्थिति को परखना रहा।मॉकड्रिल के दौरान कलेक्टर श्री इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल और पुलिस अधीक्षक श्री लक्ष्य विनोद शर्मा ने घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने रेस्क्यू टीम द्वारा अपनाई जा रही प्रक्रिया, बचाव उपकरणों के उपयोग, प्रभावितों को सुरक्षित निकालने तथा प्राथमिक उपचार की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।कलेक्टर श्री चंद्रवाल ने अधिकारियों और बचाव दल से पूरी कार्रवाई की जानकारी लेते हुए आपदा की वास्तविक स्थिति में सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ जैसी आपदा में प्रत्येक मिनट महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय, पर्याप्त संसाधन और प्रशिक्षित बचाव दल की उपलब्धता से जनहानि को रोका जा सकता है।पुलिस अधीक्षक श्री लक्ष्य विनोद शर्मा ने भी रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान पुलिस की भूमिका, सुरक्षा व्यवस्था और बचाव दलों के साथ समन्वय का निरीक्षण किया। उन्होंने आपदा की स्थिति में प्रभावित क्षेत्रों तक सुरक्षित पहुंच, भीड़ नियंत्रण तथा राहत एवं बचाव दलों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने पर जोर दिया।मॉकड्रिल में जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, आपदा मित्र, स्थानीय तैराक, पुलिस, स्वास्थ्य, राजस्व एवं अन्य संबंधित विभागों के बीच आपसी समन्वय की पूरी प्रक्रिया को प्रदर्शित किया गया। सूचना प्राप्त होने से लेकर रेस्क्यू टीम की तैनाती, प्रभावितों के बचाव, प्राथमिक उपचार, राहत शिविर में स्थानांतरण तथा गंभीर व्यक्ति को अस्पताल भेजने तक की कार्रवाई को क्रमबद्ध तरीके से परखा गया।इसके बाद बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सेवाओं की बहाली की प्रक्रिया का भी प्रदर्शन किया गया। सड़क, दूरसंचार और अन्य आवश्यक सेवाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश देने तथा उनके कार्यों की समीक्षा करने की प्रक्रिया भी मॉकड्रिल में शामिल रही। इससे वास्तविक आपदा के समय विभागवार जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभाने की तैयारियों का आकलन किया गया।मानसून के दौरान संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा रेस्क्यू बोट, लाइफ जैकेट, प्रशिक्षित तैराक, आपदा मित्र और बचाव दलों को तैयार रखा गया है। मॉकड्रिल के माध्यम से उपलब्ध संसाधनों की उपयोगिता, बचाव दलों की तत्परता और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की स्थिति को परखा गया, ताकि वास्तविक आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्य बिना किसी देरी के संचालित किए जा सकें।जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान नदी, नाले, बांध और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास जाने से बचें। तेज बहाव वाले पानी को पार करने का प्रयास न करें और बच्चों को ऐसे स्थानों से दूर रखें। मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों को गंभीरता से लें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल डायल 112 अथवा जिला बाढ़ आपदा नियंत्रण कक्ष को सूचना दें।मॉकड्रिल के दौरान अपर कलेक्टर श्री सुरेंद्र कुमार ठाकुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री रुपेश डांडे, अपर कलेक्टर श्रीमती सुमन राज, एसडीएम छुईखदान श्री अविनाश ठाकुर, डिप्टी कलेक्टर द्वय श्रीमती पूजा पींचा, सुश्री रेणुका रात्रे सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी, एसडीआरएफ की टीम, आपदा मित्र, स्थानीय तैराक एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
- -वैद्य फूड्स से लिया गया पनीर का नमूना असुरक्षितमहासमुंद / आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं कलेक्टर श्री विनय कुमार लगेह के निर्देशानुसार जिले में एनालॉग पनीर पर प्रभावी रोक लगाने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा लगातार सघन जांच एवं प्रवर्तन कार्रवाई की जा रही है। अभिहित अधिकारी श्री उमेश वर्मा के मार्गदर्शन में जिले के विभिन्न प्रतिष्ठानों से पनीर एवं अन्य दुग्ध उत्पादों के नमूने लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच कराई जा रही है।विगत दिनों वैद्य फूड्स, महासमुंद से लिया गया पनीर का नमूना असुरक्षित पाया गया। वैद्य फूड्स से लिए गए पनीर के नमूने के असुरक्षित पाए जाने पर अधिगृहित खाद्य पदार्थों को नियमानुसार नष्ट कराया गया। साथ ही संबंधित फैक्ट्री को सील करने की कार्रवाई की गई।इस माह अब तक लिए गए नमूनों में क्षीरसागरम स्वीट्स, सरायपाली से पनीर एवं पेड़ा, यश फैमिली रेस्टोरेंट, बागबाहरा से पनीर तथा हर्षद मिष्ठान से पेड़ा की जांच रिपोर्ट प्राप्त होना लंबित है तथा कश्यप ऑर्गेनिक, बसना से लिए गए पनीर एवं दही के नमूने अवमानक पाए गए हैं।विभाग द्वारा जिले में दूध एवं दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता पर सतत निगरानी रखी जा रही है। प्राप्त फेल रिपोर्ट के आधार पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। लंबित नमूनों की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा जिले में दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए आगे भी लगातार सघन जांच एवं प्रवर्तन कार्रवाई जारी रहेगी।
- एसडीआरएफ और नगर सेना ने किया रेस्क्यू का प्रदर्शनमहासमुन्द / राष्ट्रीय एवं राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग तथा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण महासमुन्द के संयुक्त तत्वावधान में 20 अगस्त को शहीद वीर नारायण सिंह कोडार डेम में बाढ़ आपदा पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। मॉक ड्रिल का उद्देश्य बाढ़ की स्थिति में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का पूर्वाभ्यास किया गाय। साथ ही जिले की आपदा प्रबंधन तैयारियों को परखना तथा आम नागरिकों को बाढ़ के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों एवं बचाव उपायों के प्रति जागरूक करना था।मौके पर पहुंचकर कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने मॉक ड्रिल का जायजा लिया एवं आवश्यक जानकारी ली और निर्देश दिए। डिस्ट्रिक्ट कमांडेड श्री दिनेश रावटे के मार्गदर्शन में राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) एवं नगर सेना की संयुक्त टीम ने बाढ़ की स्थिति में बचाव एवं राहत कार्यों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। इस दौरान अपर कलेक्टर श्री रवि साहू, उप पुलिस अधीक्षक श्री सुशील नायक, एसडीएम सुश्री अक्षा गुप्ता, डिप्टी कलेक्टर श्री तेजपाल सिंह ध्रुव, तहसीलदार श्री जुगल किशोर पटेल, सहित स्वास्थ्य, पशुपालन, पुलिस, राजस्व, पीएचई, खाद्य, समाज कल्याण, विद्युत एवं स्थानीय ग्रामीण एवं विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।मॉक ड्रिल के दौरान एसडीआरएफ के जवानों ने नाव, मोटरबोट एवं रस्सी की मदद से बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने की तकनीक का प्रदर्शन किया। तेज बहाव में फंसे व्यक्तियों को रेस्क्यू जैकेट, ट्यूब एवं रस्सी के माध्यम से सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्यास भी कराया गया।स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घायलों को तत्काल प्राथमिक उपचार देने तथा एम्बुलेंस के माध्यम से नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया। पशुपालन विभाग ने बाढ़ के दौरान मवेशियों को सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर पहुंचाने की जानकारी दी। विद्युत विभाग ने बाढ़ की स्थिति में विद्युत आपूर्ति बंद करने और बिजली के खंभों एवं तारों से दूर रहने की आवश्यकता बताई। वहीं पीएचई विभाग ने सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता एवं जलजनित बीमारियों से बचाव के उपायों की जानकारी दी।मॉक ड्रिल के माध्यम से नागरिकों को बताया गया कि बाढ़ आने पर तत्काल ऊंचे एवं सुरक्षित स्थान पर पहुंचें तथा भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से बचें। बिजली के खंभों और तारों से दूरी बनाए रखें। केवल सुरक्षित पेयजल का उपयोग करें तथा आवश्यकता होने पर पानी को उबालकर पीएं। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को प्राथमिकता से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाएं तथा आपदा प्रबंधन दल एवं प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।मॉक ड्रिल के माध्यम से प्रशासनिक अमले ने बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में समन्वित एवं त्वरित कार्रवाई का अभ्यास किया। साथ ही आम नागरिकों को भी आपदा के समय सुरक्षित रहने और बचाव उपायों के प्रति जागरूक किया गया।
- -घरों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर कचरा पृथक्करण की व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू करने के दिए निर्देश, स्वच्छता व्यवस्था में नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने जन-जागरूकता गतिविधियां संचालित करने कहा-नालंदा परिसरों के निर्माण में तेजी लाने कहा, पयर्टन एवं धार्मिक महत्व- के स्थ*लों में पर्याप्त सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देशरायपुर। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के नए प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने कार्यभार ग्रहण करने के अगले ही दिन मंत्रालय में विभागीय अधिकारियों की मैराथन बैठक लेकर योजनाओं के क्रियान्वयन और विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने इस दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), अमृत मिशन, स्वच्छ भारत मिशन (शहरी), नालंदा परिसर, अधोसरंचना एवं अन्यो विभागीय योजनाओं के अंतर्गत निर्माणाधीन कार्यों में लक्ष्यों के अनुरूप प्रगति, मैदानी स्तर पर क्रियान्वयन तथा आगामी कार्ययोजना पर अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की।नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने बैठक में अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ नागरिकों तक समय पर पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है। इसके लिए योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग, मैदानी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन और निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करना जरूरी है। उन्होंने सभी नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के मुख्यर नगर पालिका अधिकारियों को अपर आयुक्तों , उपायुक्तोंव, जोन आयुक्तों एवं अन्यध अधिकारियों के साथ रोजाना वार्डों का भ्रमण कर विभागीय वाट्स-अप ग्रुप में फोटोग्राफस साझा करने के निर्देश दिए।प्रमुख सचिव श्री बोरा ने बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत स्वीकृत और पूर्ण आवासों की घटकवार प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने आवासों के निर्माण की प्रगति, निर्धारित लक्ष्यों और शेष कार्यों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ समय पर उपलब्ध कराने तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं प्रगति पर लगातार निगरानी रखते हुए कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। श्री बोरा ने अमृत मिशन के अंतर्गत नगरीय क्षेत्रों में चल रहे कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने कार्यों की वर्तमान स्थिति, प्रगति और आगामी चरणों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की समीक्षा केवल कार्यालय से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर नहीं होनी चाहिए, अधिकारी नियमित रूप से मौके पर जाकर कार्यों की गुणवत्ता, प्रगति और उससे नागरिकों को मिल रहे लाभों का आकलन करें। उन्होंने निर्माण एवं विकास कार्यों में निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने और सभी कार्य समय-सीमा में पूरा करने को कहा।श्री बोरा ने स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के तहत संचालित गतिविधियों और कार्यों की समीक्षा के दौरान स्वच्छता व्यवस्था, कचरा प्रबंधन और नगरीय निकायों में चल रहे स्वच्छता संबंधी कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कचरे के स्रोत पर ही पृथक्करण को प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निकायों में चार डस्ट बिन व्यवस्था के व्यवस्थित क्रियान्वयन, नागरिकों में जागरूकता तथा कचरे के उचित संग्रहण एवं प्रबंधन की स्थिति की भी जानकारी ली। उन्होंने घरों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर कचरे के पृथक्करण की व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू करने और निकायों द्वारा इसकी नियमित निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने स्वच्छता व्यवस्था में नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए निरंतर जन-जागरूकता गतिविधियां संचालित करने पर जोर दिया।प्रमुख सचिव ने बाजार क्षेत्रों में नियमित सफाई, समय पर कचरा उठाव, व्यवस्थित कचरा संग्रहण और सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल अभियान तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि ऐसी नियमित और सतत व्यवस्था विकसित की जाए, जिसका सकारात्मक असर जमीनी स्तर पर स्पष्ट दिखाई दे। उन्होंने नगरीय निकायों और विभागीय अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए।प्रमुख सचिव श्री बोरा ने राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना नालंदा परिसर - सेंट्रल लाइब्रेरी-सह-रीडिंग जोन के अंतर्गत विभिन्न निकायों में निर्माणाधीन 38 नालंदा परिसरों के निर्माण कार्यों का सतत् निरीक्षण करते हुए समय-सीमा में निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्य पूर्ण होते तक परिसर में आवश्यक अन्य सामग्री यथा लाइब्रेरी के लिए पुस्तकें] कम्प्यूटर पैनल्स] लाइब्रेरियन सहित अन्य आनुषांगिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा। इससे विद्यार्थियों को परिसर की पूर्णता के तुरंत बाद लाइब्रेरी की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।बैठक में श्री बोरा ने अपने पिछले कार्यकाल के दौरान किए गए महत्व पूर्ण कार्यों एवं नवाचारों के साथ ही कार्य के दौरान आने वाली समस्यादओं तथा उनके समाधान के संबंध में अपने अनुभवों को भी साझा किया। उन्होंसने बताया कि शहरों के विकास और नगरीय योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए स्थाोनीय जनप्रतिनिधियों के साथ लगातार समन्वचय करने की आवश्यओकता होती है। इससे विभाग को जमीनी स्तकर पर कार्यों की जानकारी एवं प्रगति की सूचना मिलते रहती है। उन्होंने सीएम हेल्पिलाइन और सीपीग्राम्स (CPGRAMS) पोर्टल के माध्यशम से प्राप्त शिकायतों का निराकरण पूर्ण निष्ठा् एवं समय-सीमा के भीतर किए जाने के निर्देश दिए।श्री बोरा ने बैठक में रायपुर नगर निगम केआयुक्तक को रायपुर शहर के पर्यटन स्थ लों का चिन्हांरकन कर वहां शुध्दक पेयजल, सुगम शौचालय, डस्टपबिन तथा सफाई की पर्याप्तज व्यनवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने शहरों में अर्बन-फारेस्ट्री के विकास तथा पब्लिक गार्डन के पुनरोध्दारर की कार्ययोजना बनाकर प्राथमिकता से कार्य करने तथा पीपीपी मोड पर फण्डड की व्योवस्थार के विकल्पा तलाशने को कहा। उन्होंने नगरीय निकायों के परिसीमन के बाद शामिल नए क्षेत्रों में शुध्दक पेयजल, सफाई व्येवस्था, शहरी हरियाली तथा अरबन एग्रीकल्च र जैसे बिन्दुसओं को प्राथमिकता से शामिल करते हुए योजना तैयार करने के निर्देश दिए।प्रमुख सचिव ने नगरीय क्षेत्रों में पूर्व निर्मित हाउसिंग प्रोजेक्स्शा की मरम्मजत, स्ल म रिडेव्हसल्पनमेंट तथा हाउसिंग प्रोजेक्टा के लिए उपलब्धर ईडब्यूकरनेएस भूमि पर वायबल कॉर्मिर्शियल प्रोजेक्टप के नवीन विकल्पि तलाशने तथा योजनाओं के क्रियान्वडयन में आउट-ऑफ-द-बॉक्सक विचार के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक श्री आर. एक्का, सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुमित अग्रवाल, नगर निगम रायपुर के आयुक्त श्री संबित मिश्रा, नगर निगम बिरगांव के आयुक्त श्री युगल किशोर उर्वशा, उप सचिव श्री भागवत जायसवाल, अपर संचालक श्री पुलक भट्टाचार्य, मुख्यल अभियंता श्री राजेश शर्मा, संयुक्त संचालक श्री मिथिलेश अवस्थी, उप संचालक श्री अरुण साहू, सूडा के उप मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील अग्रहरि, श्री सचित साहू तथा अधीक्षण अभियंता श्री रमेश सिंह भी बैठक में मौजूद थे।
- -जमीनी स्तर पर तैयारियों को परखा गया, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों ने लिया हिस्सारायपुर / छत्तीसगढ़ में बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा की स्थिति से निपटने और त्वरित, प्रभावी राहत-बचाव कार्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्यभर में व्यापक स्तर पर मॉक ड्रिल एक्सरसाइज आयोजित की गई। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी की अध्यक्षता में प्रदेश के सभी 33 जिलों में जिला प्रशासन के नेतृत्व में यह अभ्यास संपन्न हुआ। नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पूरी गतिविधि की निगरानी की गई।मॉक ड्रिल के दौरान बाक़ायदे बाढ़ की अलग-अलग संभावित परिस्थितियां निर्मित की गईं। इसमें एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF), सेना, पुलिस, होमगार्ड, नगर सेना और अग्निशमन सेवाओं के अलावा राजस्व, जल संसाधन, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, पशुपालन और दूरसंचार विभागों के बीच सूचना के आदान-प्रदान और समन्वय की गति को परखा गया।इस अभ्यास में बाढ़ की पूर्व चेतावनी जारी करने, प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, राहत शिविरों के संचालन, बचाव नौकाओं व संसाधनों की तैनाती और मेडिकल टीमों की व्यवस्था का पूरा रिहर्सल किया गया। जिला स्तर पर त्वरित निर्णय लेने और मैदानी अमले की प्रतिक्रिया क्षमता की समीक्षा की गई।आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (छक्ड।) के अधिकारियों ने रायपुर जिले में अभ्यास का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपदा के समय किसी भी स्तर पर सामने आने वाले अंतर (गैप्स)कृजैसे सूचना में देरी या संसाधनों की कमीकृको समय रहते पहचानकर दूर करना है।राज्य स्तरीय इस टेबल-टॉप और व्यावहारिक मॉक ड्रिल में एनडीएमए नई दिल्ली के वरिष्ठ सलाहकार श्री रविंद्र गुरुंग, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के डॉ. जीवन कुमार, राजस्व व आपदा प्रबंधन विभाग के उप सचिव श्री गजेंद्र ठाकुर सहित विभिन्न अंतर-विभागीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े रहे।
- -एकलव्य विद्यालयों में गणवेश, मेस संचालन एवं अन्य व्यवस्थाओं में एकरूपता पर जोररायपुर / आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम की अध्यक्षता में नवा रायपुर स्थित टीआरटीआई के सभाकक्ष में आदिम जाति कल्याण आवासीय एवं आश्रम शैक्षणिक संस्थान समिति के संचालक मंडल की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के संचालन, शैक्षणिक गुणवत्ता तथा विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की समीक्षा की गई। मंत्री श्री नेताम ने इस अवसर पर टीआरटीआई द्वारा प्रकाशित गुमनाम जननायक पुस्तक का भी विमोचन किया। उन्होंने इस दौरान शहीद वीरनारायण सिंह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सह स्मारक में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्य कर रही सुश्री अंबिका ध्रुव का नगर सैनिक में चयनित होने पर सम्मानित भी किया।मंत्री श्री नेताम ने एकलव्य विद्यालयों में गणवेश, मेस संचालन, भोजन व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं में एकरूपता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण एवं गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।बैठक में नेस्ट्स एवं राज्य सरकार के भर्ती नियमों के अनुरूप योग्यता रखने वाले एकलव्य विद्यालयों के पूर्व अतिथि शिक्षकों को पुनः अवसर प्रदान करने के विषय पर भी सहमति बनी।बैठक में बताया गया कि छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 75 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय संचालित हैं। साथ ही एकलव्य विद्यालयों की चतुर्थ राष्ट्रीय क्रीड़ा प्रतियोगिता में प्रदेश के विद्यार्थियों की उपलब्धियों की जानकारी दी गई। नवंबर 2025 में ओडिशा के सुंदरगढ़ में आयोजित प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के 466 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया और प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर द्वितीय स्थान प्राप्त किया। खिलाड़ियों ने 55 स्वर्ण पदक सहित कुल 126 पदक अर्जित किए। मंत्री श्री नेताम ने इस उपलब्धि पर विद्यार्थियों, प्रशिक्षकों एवं अधिकारियों की सराहना की।इस अवसर पर विभाग के सचिव श्री भुवनेश यादव, आयुक्त श्री डी राहुल वेंकट, टीआरटीआई की संचालक श्रीमती हिना अनिमेष नेताम, संचालक मंडल के सदस्य एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
- -शहीदों की स्मृति में सोनपुर में बनी शौर्य वाटिका, 37 शहीद परिवारों का हुआ सम्मानरायपुर, 20 अगस्त 2026/ वीर बलिदानियों की पावन स्मृति को संजोने और उनकी शौर्यगाथा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड के ग्राम सोनपुर में शौर्य वाटिका का भूमिपूजन किया गया। उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा के मुख्य आतिथ्य में आयोजित कार्यक्रम में जिले के 37 शहीद परिवारों का सम्मान किया गया। इस अवसर पर लगभग एक एकड़ क्षेत्र में विकसित की जा रही 'शौर्य वाटिका' में शहीदों के नाम पर उनके परिजनों द्वारा स्मृति वृक्ष लगाए गए। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने भी शहीदों की स्मृति में पीपल का पौधा रोपित कर शौर्य वाटिका में पौधरोपण की शुरुआत की।कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने लगभग 78.96 लाख रुपए की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इनमें तालाब गहरीकरण, खेल मैदान, पहुंच मार्ग निर्माण, शौचालय, चबूतरा निर्माण, वृक्षारोपण एवं शेड निर्माण सहित विभिन्न कार्य शामिल हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना के अंतर्गत 37.95 लाख रुपए की लागत से सीसी रोड निर्माण, आहता निर्माण एवं शेड निर्माण कार्यों का भी लोकार्पण किया गया।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में छत्तीसगढ़ के जवानों और बस्तर के लोगों ने बड़ी कीमते चुकाई है। उन्होंने शहीद जवानों और उनके परिवारों को नमन करते हुए कहा कि आज बस्तर में शांति स्थापित होने के बाद विकास की नई संभावनाएं खुली हैं। जिन क्षेत्रों में कभी नक्सल हिंसा के कारण स्कूल, अस्पताल, आंगनबाड़ी, बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं पहुंच पाती थीं, वहां अब विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि बस्तर में नक्सलवाद के खात्मे में शहीद जवानों की बहादुरी और बलिदान की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। आज नक्सल क्षेत्रों में तिरंगा यात्रा निकाली जा रही है, जहां कभी जाना मुश्किल था, अब वहां शांति और बदलाव का माहौल है। उपमुख्यमंत्री ने सोनपुर गांव के विकास की सराहना करते हुए कहा कि यहां शहीदों की स्मृति में शौर्य वाटिका का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिले के शहीद परिवारों और शहीदों के नाम पर यहां पौधरोपण किया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके त्याग और शौर्य को याद रख सकें।उन्होंने कहा कि सोनपुर गांव में योजना के अनुसार विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में सरकार हरसंभव सहयोग करेगी। उपमुख्यमंत्री ने गांव में निर्मित विभिन्न विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि मनरेगा सहित वीवीजी राम जी के माध्यम से रोजगार के साथ-साथ कौशल विकास और अधोसंरचना निर्माण को गति दी जा रही है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से योजनाबद्ध तरीके से गांव के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। इस अवसर पर सांसद श्री विजय बघेल ने भी शहीदों को नमन करते हुए उनके परिवारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। कार्यक्रम में साजा विधायक श्री ईश्वर साहू, जनपद पंचायत अध्यक्ष कीर्ति नायक, श्री सुरेन्द कोशिक, सरपंच श्री संत कुमार कुंभकार, सेवानिवृत शिक्षक श्री रामू राम चक्रधर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं नागरिक गण उपस्थित थे।
-
विभागीय कार्यों की समीक्षा की, अधिकारियों को सप्ताह में दो दिन फील्ड में रहने के दिए निर्देश
ठेकेदारों के कार्यों की कड़ाई से मॉनिटरिंग कर निर्धारित मापदंडों के अनुरूप निर्माण सुनिश्चित कराने कहा
बिलासपुर/ लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने बिलासपुर परिक्षेत्र के विभागीय एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को काम में तेजी लाने और सभी प्रक्रियाएं समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने नवा रायपुर स्थित निर्माण भवन में आयोजित बैठक में विभागीय अभियंताओं से कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा में पूर्णता विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने सड़कों और पुलों के नए प्रस्ताव तैयार करते समय भविष्य की जरूरतों और बढ़ते यातायात को ध्यान में रखने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी और अपर सचिव श्री एस.एन. श्रीवास्तव भी बैठक में मौजूद थे।
श्री बंसल ने अधिकारियों को प्रो-एक्टिव होकर काम करने तथा प्राक्कलन से लेकर निविदा की प्रक्रिया तक सभी कार्य तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी कार्यपालन अभियंताओं को अपने जिले के कलेक्टरों से बेहतर समन्वय रखने को कहा, ताकि निर्माण कार्यों से जुड़े मामलों तथा कार्यस्थलों की समस्याओं का त्वरित निराकरण हो और काम की गति बनी रहे। उन्होंने मैदानी अधिकारियों को सप्ताह में कम से कम दो दिन फील्ड में रहकर निर्माण कार्यों की कड़ी मॉनिटरिंग और निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने ठेकेदारों के कार्यों पर लगातार नजर रखने तथा निर्धारित मापदंडों के अनुरूप निर्माण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सड़कों और भवनों के निर्माण के प्रत्येक चरण में गुणवत्ता की जांच करने को कहा, ताकि मजबूत और टिकाऊ निर्माण हो सके।
लोक निर्माण विभाग के सचिव ने ऐसे नए कार्यों जिनकी निविदा हो चुकी है, उन्हें अक्टूबर तक शुरू करने को कहा। उन्होंने काम शुरू होने के बाद उसकी गति और गुणवत्ता दोनों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़कों और पुलों के रखरखाव पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सड़कें साफ-सुथरी, सुंदर और व्यवस्थित दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने बरसात में क्षतिग्रस्त हुई सड़कों और पुलों की तत्काल मरम्मत करने को कहा, ताकि लोगों की आवाजाही बाधित न हो।
श्री बंसल ने कार्यपालन अभियंताओं और अनुविभागीय अधिकारियों को एसडीएम से मिलकर विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए अधिग्रहित भूमि के नामांतरण की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने भू-अर्जन के नए और पुराने प्रकरणों के नामांतरण की कार्यवाही एक माह में पूर्ण करने को कहा। उन्होंने जमा पद के पूर्ण कार्यों को तत्काल संबंधित विभागों को हैंडओवर करने को कहा।
विभागीय सचिव ने बैठक में विश्रामगृहों और सर्किट-हाउसों के संचालन एवं रखरखाव की भी जानकारी ली। उन्होंने विभाग के भवनों में बेहतर साफ-सफाई और रखरखाव सुनिश्चित करने के साथ ही पूरे परिसर को व्यवस्थित रखने को कहा। लोक निर्माण विभाग की उप सचिव सुश्री अंशिका पाण्डेय, छत्तीसगढ़ सड़क एवं अधोसंरचना विकास निगम के अतिरिक्त प्रबंध संचालक श्री शशांक पाण्डेय, बिलासपुर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री आर.के. रात्रे और श्री जी.एस. मंडावी तथा अधीक्षण अभियंता श्री के.पी. संत सहित बिलासपुर परिक्षेत्र के सभी 9 संभागों के कार्यपालन अभियंता एवं अनुविभागीय अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे। -
समूह की अन्य दीदियों को भी मिला आत्मनिर्भरता का सहारा
बिलासपुर/बिल्हा ब्लॉक के ग्राम बसहा की रहने वाली श्रीमती सविता कश्यप आज बिहान योजना से जुड़कर अपनी मेहनत और लगन से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। वे ’’राधे-राधे महिला स्व सहायता समूह’’ की सक्रिय सदस्य हैं। बिहान योजना से जुड़ने के बाद उनके जीवन में आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर पैदा हुए और उन्होंने अपने हुनर को आजीविका का साधन बनाकर परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया।
स्व सहायता समूह से जुड़ने के बाद श्रीमती सविता कश्यप को ’’आरएफ एवं सीआईएफ ऋण’’ की सुविधा प्राप्त हुई। इस आर्थिक सहायता का उपयोग उन्होंने अपनी आजीविका गतिविधियों को शुरू करने और आगे बढ़ाने में किया। समूह के माध्यम से वे अब ’’आचार, पापड़, बड़ी और बिजौरी’’ जैसे विभिन्न खाद्य उत्पाद तैयार कर रही हैं। इन उत्पादों को स्थानीय बाजार एवं आसपास के क्षेत्रों में विक्रय कर उन्हें अच्छी आमदनी प्राप्त हो रही है। पहले जहां घरेलू कार्यों तक ही उनकी गतिविधियां सीमित थीं, वहीं अब वे अपने हुनर को व्यवसाय का रूप देकर आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं। अपने उत्पादों की गुणवत्ता और मेहनत के कारण उन्हें ग्राहकों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। इससे उनकी आय में वृद्धि हुई है और परिवार की जरूरतों को पूरा करने में उन्हें आर्थिक सहयोग मिल रहा है।
श्रीमती सविता कश्यप बताती हैं कि स्व सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें न केवल आर्थिक सहयोग मिला, बल्कि अपने पैरों पर खड़े होने का आत्मविश्वास भी बढ़ा है। समूह की बैठकों और सामूहिक गतिविधियों के माध्यम से उन्हें नई जानकारी एवं अनुभव प्राप्त होते हैं। समूह की अन्य दीदियों के साथ मिलकर काम करने से उन्हें उत्पादन, विक्रय और आजीविका गतिविधियों को बेहतर तरीके से संचालित करने का अवसर मिल रहा है। बिहान योजना ने ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार और आय के अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। श्रीमती सविता कश्यप की यह कहानी बताती है कि यदि महिलाओं को सही मार्गदर्शन, समूह का सहयोग और आवश्यक आर्थिक सहायता मिले, तो वे अपनी मेहनत और हुनर के बल पर न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधार सकती हैं, बल्कि गांव में महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की नई मिसाल भी कायम कर सकती हैं। -
यातायात प्रबंधन सुदृढ़ करने के निर्देश
कोटपा अधिनियम और नशा मुक्ति के तहत अभियान चलाने पर भी दिया गया जोर
रायपुर। कलेक्टरेट परिसर स्थित कलेक्टर सभाकक्ष में पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति एवं NCORD की बैठक आयोजित की गई। बैठक में शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र में यातायात प्रबंधन और सड़क सुरक्षा को और सुदृढ़ बनाने हेतु विस्तृत चर्चा कर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए।
बैठक में बताया गया कि शहर में विभिन्न स्थानों पर सड़क संरचना, रोड डिवाइडर, नाली-ड्रेनेज सिस्टम, विद्युत पोल, स्ट्रीट फर्नीचर एवं अन्य तकनीकी खामियों के कारण यातायात प्रवाह बाधित होकर जाम एवं दुर्घटना की स्थिति निर्मित होती है।
पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कहा कि पुलिस प्रशासन एवं जिला प्रशासन को समन्वय बनाकर कार्य करना होगा। जिले में यातायात व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने हेतु एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। साथ ही स्कूल एवं कॉलेजों के पास कोटपा अधिनियम के तहत गुटखा-तंबाकू बेचने वाली दुकानों को सील करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि इन निर्णयों से जिले में सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सकेगा। उन्होंने समाज कल्याण विभाग को निर्देशित किया कि सामाजिक संगठनों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर नशा मुक्ति के खिलाफ विभिन्न बस्तियों में जागरूकता अभियान चलाया जाए और टीम प्रहरी के माध्यम से बाजारों में लगने वाले अवैध अतिक्रमण को हटाया जाए।
बैठक के प्रमुख एजेंडा --
संकेतक बोर्ड एवं डिवाइडर : वीआईपी रोड पर नो पार्किंग, धीरे चलें, गतिसीमा, रॉन्ग साइड न चलें, सावधान क्रॉसिंग जैसे संकेतक बोर्ड लगाए जाएंगे। श्रीराम मंदिर तिराहा से मंदिर तक बने अस्थायी डिवाइडर को स्थायी रूप दिया जाएगा। तेलीबांधा चौक से किंग्सवे होटल रोड तक डिवाइडर एवं तेलगानी नाका क्षेत्र में स्थित गैरेज के विस्थापन पर चर्चा की गई। 2. सर्विस रोड एवं निर्माण : सर्विस रोड का चौड़ीकरण, नए सर्विस रोड निर्माण एवं अन्य निर्माण कार्यों पर चर्चा की गई। 3. सात चौराहों पर सिग्नल : यातायात सुगमता के लिए निम्न 7 चौराहों पर सिग्नल लगाने की आवश्यकता बताई गई: द्रोणाचार्य स्कूल चौक - केनाल लिंकिंग रोड, राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र - कमल होटल के पास चौक - पुराना धमतरी रोड, बोरियाकला तिराहा के पास - अनुपम गार्डन चौक - जी.ई. रोड, धुप्पड़ पेट्रोल पंप के पास - एम्स गेट नंबर 4 के सामने चौक - जी.ई. रोड - मंडी गेट तिराहा - पंडरी कपड़ा मार्केट के आगे - पंडरी थाना के सामने दुबे कॉलोनी तिराहा - व्यास तालाब तिराहा - रायपुर-बिलासपुर मार्ग, खमतराई थाना क्षेत्र शामिल है।
बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा, रायपुर ग्रामीण एसपी श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा, डीसीपी ट्रैफिक एवं प्रोटोकॉल डॉ. अर्चना झा, एसीपी ट्रैफिक श्री सतीश ठाकुर, सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। -
व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ ग्राम स्तर पर आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश
रायपुर। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में लंबित आवेदनों के निराकरण की स्थिति की समीक्षा के लिए आज संभागीय आयुक्त कार्यालय, रायपुर के सभागार में संभागायुक्त श्री श्याम धावड़े की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में रायपुर संभाग के रायपुर, महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद एवं बलौदाबाजार जिलों के संबंधित अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
संभागायुक्त श्री धावड़े ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के लंबित आवेदनों का निराकरण केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि प्रत्येक आवेदन पर संवेदनशीलतापूर्वक विचार करते हुए तथ्यात्मक, गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय-सीमा में निराकरण नहीं होने तथा L1 स्तर पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिए जाने के कारण प्रकरणों के L2 एवं L3 स्तर तक एस्केलेट होने की स्थिति को गंभीरता से लिया जाए। ऐसे प्रकरणों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए संबंधित अधिकारी समयबद्ध एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करें।
संभागायुक्त ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाने के लिए ग्राम स्तर तक व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामों में सहज एवं दृष्टिगोचर स्थानों पर वॉल पेंटिंग, सूचना पट्ट एवं अन्य प्रचार माध्यमों के जरिए हेल्पलाइन की जानकारी प्रदर्शित की जाए, ताकि आमजन को शिकायत एवं समस्या दर्ज कराने की प्रक्रिया की जानकारी आसानी से मिल सके।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले के जनसंपर्क अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से प्राप्त सफलता की कहानियों, सकारात्मक समाचारों एवं Positive News/Impact Analysis का नियमित प्रकाशन एवं प्रसारण कराने के निर्देश दिए गए। हेल्पलाइन के माध्यम से आमजन की समस्याओं के निराकरण तथा शासन की उत्तरदायित्वपूर्ण कार्यप्रणाली से उत्पन्न सकारात्मक परिणामों को जनसामान्य तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।
जिला स्तर पर आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर, जनचौपाल, जनदर्शन एवं अन्य जनसंपर्क कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा नागरिकों को इसका उपयोग करने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए गए।
संभागायुक्त ने ग्राम स्तर पर सहायता केंद्र/कियोस्क आदि की व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए, ताकि अशिक्षित अथवा ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया से अनभिज्ञ नागरिकों को शिकायत दर्ज कराने में सहायता मिल सके। इसके लिए अटल डिजिटल सेवा केंद्र, CSC एवं अन्य डिजिटल सेवा केंद्रों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने को कहा गया।
साथ ही, ग्राम सचिवों के माध्यम से प्रत्येक ग्राम में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की आवेदन प्रक्रिया, उपलब्ध सुविधाओं एवं शिकायत दर्ज कराने के संबंध में आमजन को आवश्यक जानकारी देने के निर्देश दिए गए।
आगामी ग्राम सभाओं में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन को स्थायी एजेंडा के रूप में शामिल करने के निर्देश दिए गए। ग्रामवासियों को हेल्पलाइन की उपयोगिता, आवेदन प्रक्रिया तथा शिकायतों के निराकरण की व्यवस्था के संबंध में जानकारी प्रदान करने को कहा गया।
जिले के नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि प्रत्येक सप्ताह आयोजित होने वाली समय-सीमा बैठक में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों से सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को अनिवार्य रूप से अवगत कराया जाए। साथ ही, निर्देशों के पालन एवं लंबित प्रकरणों के निराकरण की नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाए।
संभागायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के लंबित आवेदनों के त्वरित, गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निराकरण के साथ-साथ इसके व्यापक प्रचार-प्रसार को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें। -
एसडीएम आरंग श्रीमती अभिलाषा पैकरा ने आंगनबाड़ी में बच्चों संग मनाया अपना जन्मदिन
रायपुर/ “प्रोजेक्ट आओ, बाँटें खुशियाँ” के तहत रायपुर जिले में जन्मदिन को खुशियों की सौगात बनाने की अनोखी पहल जारी है। इसी क्रम में एसडीएम आरंग श्रीमती अभिलाषा पैकरा ने आज अपने जन्मदिन को एक यादगार दिवस में बदल दिया।
श्रीमती पैकरा ने अपना जन्मदिन आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 4 ग्राम परसदा, सेक्टर मंदिर हसौद में बच्चों के बीच न्योता भोज का आयोजन कर मनाया। उन्होंने बच्चों के साथ केक काटा तथा पौष्टिक भोजन भी परोसा। इसके साथ ही उन्होंने बच्चों को कलर पेंसिल और चॉकलेट्स उपहारस्वरूप दिए, जिससे बच्चों के चेहरों पर मुस्कान खिल उठी।
बच्चों की मुस्कुराहटें, उनकी चहकती आंखें और खिलखिलाहटों से भरा यह पल न केवल स्नेह और अपनत्व का प्रतीक था, बल्कि यह संदेश भी था कि खुशियाँ तब और बढ़ती हैं, जब उन्हें बांटा जाता है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में यह अभिनव पहल कर्मचारियों को यह प्रेरणा देती है कि वे अपनी व्यक्तिगत खुशियाँ समाज के सबसे प्यारे और कोमल वर्ग बच्चों के साथ साझा करें। -
छात्रावास-आश्रम पोर्टल में पारदर्शिता हेतु पहल
दुर्ग/ छत्तीसगढ़ राज्य में आदिम जाति विकास, अनुसूचित जाति विकास, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग द्वारा संचालित आश्रम-छात्रावासों की व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। कार्यालय आयुक्त, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास नवा रायपुर द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार, छात्रावास-आश्रम प्रबंधन प्रणाली पोर्टल (https://hmstribal.cg.nic.in) पर प्रवेशित समस्त छात्र-छात्राओं की जानकारी अब पोर्टल के होम पेज पर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जाएगी। नागरिक एवं अभिभावक पोर्टल के लिंक https://hmstribal.cg.nic.in पर जाकर "विद्यार्थी उपस्थिति रिपोर्ट" मेनू के माध्यम से प्रवेशित विद्यार्थियों का ब्योरा देख सकते हैं। इस व्यवस्था के तहत शासकीय, अशासकीय, अनुदान प्राप्त एवं विशिष्ट संस्थाओं में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की जानकारी के साथ-साथ उनकी प्रतिमाह की उपस्थिति रिपोर्ट भी अगले माह की 10 तारीख तक पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपडेट की जाएगी। इसके अतिरिक्त, शासन की महत्वाकांक्षी 'मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति तथा जनजाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना' (पूर्व में जवाहर उत्कर्ष योजना) के अंतर्गत लाभान्वित हो रहे विद्यार्थियों की जानकारी भी इसी पोर्टल के "नया क्या है" टैब पर उपलब्ध करा दी गई है। -
- उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किया शौर्य वाटिका का भूमिपूजन, करीब 79 लाख के विकास कार्यों का किया लोकार्पण
दुर्ग/ जिले के वीर बलिदानियों की पावन स्मृति को संजोने और उनकी शौर्यगाथा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से पाटन विकासखंड के ग्राम सोनपुर में शौर्य वाटिका का भूमिपूजन किया गया। उपमुख्यमंत्री एवं गृह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा के मुख्य आतिथ्य में आयोजित कार्यक्रम में जिले के 37 शहीद परिवारों का सम्मान किया गया। इस अवसर पर लगभग एक एकड़ क्षेत्र में विकसित की जा रही शौर्य वाटिका में शहीदों के नाम पर उनके परिजनों द्वारा स्मृति वृक्ष लगाए गए। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने पीपल का पौधा रोपित कर शौर्य वाटिका में पौधरोपण की शुरुआत की।
करीब 79 लाख के विकास कार्यों का लोकार्पण
कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने लगभग 78.96 लाख रुपए की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इनमें तालाब गहरीकरण, खेल मैदान, पहुंच मार्ग निर्माण, शौचालय, चबूतरा निर्माण, वृक्षारोपण एवं शेड निर्माण सहित विभिन्न कार्य शामिल हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना के अंतर्गत 37.95 लाख रुपए की लागत से सीसी रोड निर्माण, आहता निर्माण एवं शेड निर्माण कार्यों का भी लोकार्पण किया गया।
उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में छत्तीसगढ़ के जवानों और बस्तर के लोगों ने बड़ी कीमते चुकाई है। उन्होंने शहीद जवानों और उनके परिवारों को नमन करते हुए कहा कि आज बस्तर में शांति स्थापित होने के बाद विकास की नई संभावनाएं खुली हैं। जिन क्षेत्रों में कभी नक्सल हिंसा के कारण स्कूल, अस्पताल, आंगनबाड़ी, बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं पहुंच पाती थीं, वहां अब विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि बस्तर में नक्सलवाद के खात्मे में शहीद जवानों की बहादुरी और बलिदान की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। आज नक्सल क्षेत्रों में तिरंगा यात्रा निकाली जा रही है, जहां कभी जाना मुश्किल था, अब वहां शांति और बदलाव का माहौल है।
उपमुख्यमंत्री ने सोनपुर गांव के विकास की सराहना करते हुए कहा कि यहां शहीदों की स्मृति में शौर्य वाटिका का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिले के शहीद परिवारों और शहीदों के नाम पर यहां पौधरोपण किया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके त्याग और शौर्य को याद रख सकें।
उन्होंने कहा कि सोनपुर गांव में योजना के अनुसार विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में सरकार हरसंभव सहयोग करेगी। उपमुख्यमंत्री ने गांव में निर्मित विभिन्न विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि मनरेगा सहित वीवीजी राम जी के माध्यम से रोजगार के साथ-साथ कौशल विकास और अधोसंरचना निर्माण को गति दी जा रही है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से योजनाबद्ध तरीके से गांव के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। इस अवसर पर सांसद श्री विजय बघेल ने भी शहीदों को नमन करते हुए उनके परिवारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
इस अवसर पर श्री सांसद विजय बघेल, साजा विधायक श्री ईश्वर साहू, सरपंच श्री संत कुमार कुंभकार, सेवानिवृत शिक्षक रामू राम चक्रधर, जनपद पंचायत अध्यक्ष कीर्ति नायक, श्री सुरेन्द कोशिक सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं नागरिक गण उपस्थित थे। -
-कलेक्टर श्री सिंह के निर्देश पर आबकारी विभाग ने बानबरद में अवैध देशी मदिरा की जब्त
दुर्ग/ विगत दिवस कलेक्टर जनदर्शन में प्राप्त अवैध शराब बिक्री की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री सिंह द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों के परिपालन में तथा प्रभारी सहायक आयुक्त आबकारी श्री क्रिस्टोफर खलखो के मार्गदर्शन में आबकारी विभाग जिला-दुर्ग की संयुक्त टीम ने त्वरित दबिश देकर बानबरद (अहिवारा) में छापेमारी की। कार्रवाही के दौरान आरोपी जगतू धीवर (निवासी बानबरद) के कब्जे से 22 नग पाव देशी मदिरा मसाला (कुल 3.960 बल्क लीटर, बाजार मूल्य 2200 रुपये) जब्त की गई। छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)(ख) का उल्लंघन पाए जाने पर आबकारी वृत्त धमधा में आरोपी के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया है। इस जांच टीम में सहायक जिला आबकारी अधिकारी श्री पंकज कुजूर तथा आबकारी उप निरीक्षक श्री हरीश पटेल, श्री अरविंद साहू एवं श्रीमती कीर्ति ठाकुर शामिल थे। -
रायपुर। छत्तीसगढ़ के जनसंपर्क विभाग में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया गया है। विभाग ने 22 अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादले का आदेश जारी किया है। इस सूची में संयुक्त संचालक से लेकर सहायक ग्रेड-3 तक के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं। जिनमे एक संयुक्त संचालक, 4 उप संचालक, 5 सहायक संचालक, 7 सहायक सूचना अधिकारी के अलावा एक सहायक ग्रेड-1, 2 सहायक ग्रेड-2 और 2 सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी के नाम शामिल हैं l

- -हर-घर जल के लिए कलेक्टर व्यक्तिगत रूचि लें : मुख्य सचिव-पूर्ण योजनाओं को करायें भौतिक सत्यापनरायपुर /मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये प्रदेश में जल-जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा के लिए कलेक्टर कॉन्फ्रेंस आयोजित की। मुख्य सचिव ने जिलों के कलेक्टरों से उनके जिले के जल-जीवन मिशन के कार्यों की जानकारी ली। मुख्य सचिव ने कलेक्टरों से कहा कि वे जल-जीवन मिशन के तहत हर घर जल पहुचांने के लिए व्यक्तिगत रूचि लेकर काम करें। लोगों के घरों में नलों से पानी मिल इसके लिए चलायी जा रही स्कीमों को तहत पूर्ण करायें। पूर्ण हो चुकी योजनाओं का भौतिक सत्यापन करायें और पंचायतों को हस्तांतरित योजनाओं के लंबित भुगतान शीघ्र करायें। मुख्य सचिव ने साफ कहा है जल जीवन मिशन के कार्यों में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में सोलर आधारित योजनाओं एवं क्रेडा संबंधित नल-जल योजनाओं के कार्यों के संबंध में विचार विमर्श किया गया एवं आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। कॉन्फ्रेंस के दौरान पूर्ण एवं हस्तांतरित योजनाओं के भुगतान की कार्यवाही शीघ्रता से करने के निर्देश दिए गए है। कलेक्टरों को स्त्रोत समस्यामूलक योजनाओं के कार्यों को स्थानीय निधि से पूर्ण कराने कहा गया है।मुख्य सचिव ने कलेक्टरों को निर्देश दिए कि जहां सब इंजीनियरों की कमी है वहां पर दूसरे विभागों के इंजीनियरों से जल-जीवन मिशन के कार्यों को कराने के लिए कार्यवाही करें। कॉन्फ्रेंस में जिला जल एवं स्वच्छता समिति की नियमित मासिक बैठक हो यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बैठक की कार्यवाही का समय पर विभागीय पोर्टल पर अपलोड की जाए तथा जल जीवन मिशन की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी कलेक्टर स्पष्ट आकलन, बेहतर योजना और प्रभावी समन्वय के साथ मिशन मोड में कार्य करें, ताकि राज्य के प्रत्येक परिवार को समयबद्ध रूप से हर घर नल से जल उपलब्ध कराया जा सके।बैठक में 55 एलपीसीडी 7 दिवसों से कम जल प्रदाय की जा रही स्कीमों की जानकारी अधिकारियों से ली गई। बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री अब्दुल कैसर हक सहित लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं जल जीवन मिशन के अधिकारी मौजूद थे। वीडियो कॉन्फ्रेंस से सभी जिलों के कलेक्टर एवं जिला स्तरीय विभागीय अधिकारी शामिल हुए।
- रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली के द्वारका स्थित छत्तीसगढ़ निवास में जगदलपुर विधायक श्री किरण सिंह देव से मुलाकात की। उपचार के बाद स्वास्थ्य लाभ ले रहे श्री किरण सिंह देव से मुख्यमंत्री श्री साय ने आत्मीयता से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके शीघ्र स्वस्थ होने और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
- -नगरीय निकायों के प्रगतिरत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश, धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी-नालंदा परिसरों के कार्य समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश-बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत तथा टेंडर हो चुके कार्यों को मिशन मोड में पूरा करने कहा-लोगों की समस्याओं के संवेदनशीलता से निराकरण और समन्वय से कार्य करने के लिए अधिकारियों को दिए निर्देशरायपुर । उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने जांजगीर जिला मुख्यालय में अपने चारों विभागों के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने जांजगीर-चांपा और सक्ती जिले के अधिकारियों की संयुक्त बैठक लेकर दोनों जिलों में लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा खेलकूद एवं युवा कल्याण विभाग के कार्यों की समीक्षा की।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने दोनों जिलों में संचालित विभागीय योजनाओं, विकास एवं निर्माण कार्यों की विस्तार से समीक्षा करते हुए शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्यों में तेजी लाने तथा योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वीकृत विकास कार्यों में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए और लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के साथ निराकरण सुनिश्चित होना चाहिए। बैठक में अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की प्रगति, योजनाओं के क्रियान्वयन तथा निर्माण कार्यों की स्थिति की जानकारी दी।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने नगरीय निकायों में विकास एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि जिन कार्यों की स्वीकृति एवं आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण हो चुकी हैं, उन्हें तत्काल प्रारंभ कर निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करें। उन्होंने कार्य प्रारंभ करने में देरी तथा कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए प्राथमिकता वाले कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने जांजगीर एवं सक्ती में निर्माणाधीन नालंदा परिसरों के कार्यों की समीक्षा करते हुए इन्हें निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नालंदा परिसर युवाओं एवं विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण परियोजना है, इसलिए इसके निर्माण में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।श्री साव ने 15वें वित्त आयोग एवं स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों में तेजी लाने तथा जल आवर्धन योजना के कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के तहत स्रोत पर कचरा पृथक्करण एवं संग्रहण को प्रभावी बनाने, एनर्जी बिल ऑडिट कराने तथा रेन वाटर हार्वेस्टिंग को प्रोत्साहित करने को कहा।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने नगरीय क्षेत्रों में पीएम स्वनिधि एवं पीएम आवास योजना सहित शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ समय पर दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हितग्राही मूलक योजनाओं में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए तथा पात्र हितग्राहियों के लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के साथ निराकरण किया जाए।लोक निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान उप मुख्यमंत्री श्री साव ने टेंडर प्रक्रिया पूर्ण हो चुके कार्यों को शीघ्र प्रारंभ कराने एवं प्रगतिरत कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करने के निर्देश दिए। बारिश के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों एवं सड़कों पर बने गड्ढों की प्राथमिकता के आधार पर तत्काल मरम्मत करने के निर्देश देते हुए कहा कि सड़कों की स्थिति बेहतर होने से नागरिकों को सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी और दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होगी।लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा करते हुए श्री साव ने जल जीवन मिशन के तहत पूर्ण एवं हैंडओवर की जा चुकी योजनाओं के सुचारू संचालन एवं नियमित रखरखाव पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है। उन्होंने पेयजल योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव से जुड़ी समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए पंचायत एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पेयजल आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।खेलकूद एवं युवा कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान उप मुख्यमंत्री श्री साव ने शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में खेल गतिविधियों को व्यापक रूप से बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गांवों में खेल गतिविधियों के आयोजन से बच्चों एवं युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने के बेहतर अवसर मिलेंगे। खेलों से बच्चों एवं युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास एवं सकारात्मक सोच विकसित होती है। उन्होंने खेल प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष योजना के माध्यम से आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने तथा खिलाड़ियों को आवश्यक प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान करने के निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने अधिकारियों को आपसी समन्वय एवं सहयोग की भावना के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने कार्यालय में आने वाले प्रत्येक नागरिक के साथ विनम्रता, संवेदनशीलता एवं सम्मानपूर्वक व्यवहार करने के निर्देश देते हुए कहा कि आम नागरिक अपनी समस्याओं एवं कार्यों के निराकरण की उम्मीद लेकर कार्यालय आते हैं। उनके प्रति सकारात्मक एवं सहयोगात्मक रवैया रखें, ताकि उन्हें समय पर गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल सकें और कार्यालयीन कार्यों के लिए बेहतर वातावरण निर्मित हो।जांजगीर-चांपा के कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे, सक्ती के कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो और जिला पंचायत के सीईओ श्री विनय कुमार पोयाम सहित लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास, खेलकूद एवं युवा कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा जिला स्तरीय अधिकारी बैठक में शामिल हुए।




























