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- *बाल प्रतिभाओं ने बिखेरी रचनात्मकता और आत्मविश्वास की चमक*बिलासपुर,/छत्तीसगढ़ भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय कब-बुलबुल उत्सव एवं हीरक पंख जाँच शिविर का भव्य समापन समारोह साइंस कॉलेज मैदान, सरकंडा, बिलासपुर में बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला के मुख्य आतिथ्य में, डॉ. सोमनाथ यादव राज्य मुख्य आयुक्त की अध्यक्षता में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। यह तीन दिवसीय शिविर 2 अगस्त से प्रारंभ हुआ था, जिसमें राज्य के 15 जिलों से चयनित लगभग 400 कब-बुलबुल एवं 41 अधिकारी सहभागिता कर रहे थे।शिविर में बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए विविध रचनात्मक एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता, जंगल नृत्य, ड्राइंग एवं पेंटिंग जैसी गतिविधियाँ प्रतिभागियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहीं। इन कार्यक्रमों में बच्चों ने अपनी कल्पनाशक्ति, प्रस्तुति शैली और सांस्कृतिक समझ का अद्भुत परिचय दिया।समापन समारोह के तृतीय दिवस की विशेष पहचान बनीकृहर जिले के कब-बुलबुल द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, जिनमें देशभक्ति, जन-जागरूकता, लोक संस्कृति और राष्ट्रीय एकता की सुंदर झलक देखने को मिली। मंच पर बच्चों ने गीत, नृत्य, अभिनय और रंगारंग कार्यक्रमों से दर्शकों का मन मोह लिया। तालियों की गूंज और मुस्कुराते चेहरों ने यह सिद्ध कर दिया कि यह आयोजन न केवल अनुशासन और प्रशिक्षण का केंद्र था, बल्कि रचनात्मकता और आत्मविश्वास के उन्नयन का माध्यम भी बना।समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि कब और बुलबुल स्काउटिंग के वो नन्हे बीज हैं, जिन्हें हम सेवा, अनुशासन और नेतृत्व के मूल्यों से सींचते हैं। यही बच्चे आने वाले समय में समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। ऐसे शिविरों से उनमें जिम्मेदारी, आत्मबल और समाज के प्रति संवेदनशीलता का विकास होता है। श्री सुशांत ने इस सफल आयोजन के लिए भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के सभी पदाधिकारियों को बधाई दी।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. सोमनाथ यादव राज्य मुख्य आयुक्त ने कहा कि यह आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक सशक्त प्रयास है। अनुशासन, सहभागिता और नेतृत्व जैसी क्षमताओं को जिस प्रकार इन बाल प्रतिभाओं ने मंच पर दर्शाया है, वह अत्यंत प्रेरणादायक है। हर जिले से आई टीमों ने जो परिश्रम, समर्पण और उत्साह दिखाया, वह वंदनीय है। यह शिविर निश्चित रूप से आने वाली पीढ़ी के लिए एक नई ऊर्जा और प्रेरणा बनकर सामने आया है। इस अवसर पर कोरबा जिला के मुख्य आयुक्त श्री सादिक शेख भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।कार्यक्रम का संचालन श्री शैलेन्द्र मिश्रा शिविर संचालन द्वारा किया गया तथा राज्य संगठन आयुक्त श्री विजय कुमार यादव ने सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए शिविर को सफल बनाने वाले प्रत्येक सहयोगी को धन्यवाद ज्ञापित किया। राज्य स्तरीय कब-बुलबुल उत्सव का यह समापन समारोह बच्चों के कौशल, सृजनात्मकता, आत्मविश्वास और अनुशासन का एक प्रेरणादायी संगम बनकर सामने आया। आयोजन के प्रत्येक क्षण ने यह सिद्ध किया कि यदि बच्चों को सही मार्गदर्शन और मंच मिले, तो वे समाज और राष्ट्र की दिशा बदलने की क्षमता रखते हैं।
- बिलासपुर/छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री नेहरू राम निषाद और उपाध्यक्ष श्रीमती चंद्रकांति वर्मा की अध्यक्षता में 7 अगस्त को आयोजित की जाने वाली समीक्षा बैठक को अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दिया गया है।
- बिलासपुर/ बिलासपुर संभागायुक्त श्री सुनील जैन की अध्यक्षता में संभाग स्तरीय जल उपयोगिता समिति की बैठक 6 अगस्त को दोपहर 12 बजे से होगी। यह बैठक संभागीय आयुक्त कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित की गई है। जिसमें क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, संभाग के सभी कलेक्टर्स एवं अधिकारीगण वर्चुअली उपस्थित रहेंगे। बैठक में जलाशयों में जल भराव, वर्ष 2024-25 में रबी सिंचाई की उपलब्धि तथा वर्ष 2025-26 हेतु खरीफ सिंचाई का लक्ष्य, खाद, बीज एवं कीटनाशक की उपलब्धता पर चर्चा होगी।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के वार्ड क्रं. 29 वृन्दा नगर में शासकीय विद्यालय के पीछे रोड निर्माण में आ रहे अवैध निर्माण को हटाया गया। जोन 02 के सहायक राजस्व अधिकारी शरद दुबे ने बताया कि वृन्दा नगर के मोहल्ले में रोड निर्माण किया जा रहा है। जहां स्थानीय नागरिको ने अपने घरों के सामने कबाड़ का सामान रखने अस्थायी निर्माण कर अवैध कब्जा किया गया है। आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय के संज्ञान में लाकर उनके निर्देशानुसार मोहल्ले वासियों के अवैध कब्जाधारियों से सहमति प्राप्त किया गया। ततपश्चात जोन राजस्व विभाग का अमला जे.सी.बी के माध्यम से अवैध निर्माण को ध्वस्त कर हटाने की कार्यवाही की गई। कार्यवाही के दौरान निगम कर्मचारी उपस्थित रहे।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के वार्ड क्रं. 30 प्रगति नगर अंतर्गत शांति पारा टाट पट्टी मोहल्ला एवं वार्ड क्रं. 36 श्याम नगर अंतर्गत टाटा लाईन क्षेत्र में जलजनित मौसमी बिमारियों के रोकथाम हेतु निगम का विशेष दस्ता एवं जिला स्वास्थ्य विभाग की काम्बेक्ट की संयुक्त टीम द्वारा 86 घरों में जाकर 346 सदस्यों से संपर्क कर स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक पूछताछ की गई, पीलिया से प्रभावित नए केश निरंक है। कुल 73 घरों में 1000 क्लोरिन टेबलेट जल शुद्विकरण हेतु वितरण किया गया। साथ ही सभी सदस्यों में जन जागरूकता लाने के उददेश्य से पानी उबालकर ठंडा कर सेवन करने एवं बाजार के बासी खादय पदार्थ का सेवन नहीं करने की स्वास्थ्य शिक्षा दी गई एवं पाम्पलेट वितरण किया गया।वार्डो में मच्छर लार्वा नियंत्रण हेतु एक्यूगार्ड एवं वयस्क मच्छरो के रोकथाम हेतु मैलाथियान दवा का छिड़काव किया गया। कुल 275 कुलर, टंकी, कन्टेनर की जांच की गई, जिसमें 48 कुलरो में पुराना पानी भरा पाया गया, जिसे खाली कराया गया। मच्छर लार्वा नियंत्रण हेतु 73 कुलर में एक्यूगार्ड एवं व्यस्क मच्छरो के नियंत्रण हेतु 82 कुलर में मैलाथियान का छिड़काव किया गया। मोहल्ले में स्थित पक्की, कच्ची नालियों के जमा पानी में एक्यूगार्ड एवं मैलाथियान दवाई का छिड़काव कराया गया। इस दौरान वरिष्ठ स्वच्छता निरीक्षक के. के. सिंह, सुपरवाइजर सुदामा परगनिया, राजेश डहरे, जिला स्वास्थ्य विभाग से सीपीएम संजीव दुबे, बीईटीओ हितेन्द्र कोसरे, सेक्टर सुपरवाइजर विजय सेजुले, एएनएम राधिका भरद्ववाज क्षेत्र के मितानीनो के साथ उपस्थित रहे।
- दुर्ग. छत्तीसगढ़ शासन, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के अंतर्गत संचालक, रोजगार एवं प्रशिक्षण छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार ’’राज्य स्तरीय रोजगार मेला’’ का आयोजन माह सितम्बर 2025 के प्रथम सप्ताह में रायपुर में होना प्रस्तावित है, जिसके लिए निजी क्षेत्र के तकनीकी एवं गैर तकनीकी क्षेत्र में उपलब्ध विभिन्न सेक्टर जैसे आईटी, कम्प्यूटर, हॉस्पिटल, हॉस्पिटालिटि, फार्मेसी, सेल्स एवं मार्केटिंग, बैंकिंग, फाईनेंस एवं एकाउन्टिंग, इंश्योरेंस, सर्विस सेक्टर आदि के लगभग 10000 रिक्त पदों की अधिसूचना प्राप्त हुई है, जिन पर इस रोजगार मेला में भर्ती की कार्यवाही की जाएगी। इस मेले में लगभग सभी प्रकार के शैक्षणिक योग्यताधारी आवेदक जैसे- 8वीं, 10वीं, 12वीं, स्नातक, स्नातकोत्तर, आईटीआई, डिप्लोमा, इंजीनियरिंग के लिए अच्छे वेतनमान पर रिक्त पद हैं जिनके लिए ये आवेदक सम्मिलित हो सकते है।जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र दुर्ग उप संचालक से मिली जानकारी अनुसार इस रोजगार मेले में नियोजक एवं आवेदक हेतु आवेदन की संपूर्ण प्रक्रिया ऑनलाईन ई-रोजगार पोर्टल के माध्यम से की जानी है, जिसके लिए नियोजक/आवेदक से अपील की जाती है कि वे छत्तीसगढ़ रोजगार विभाग की वेबसाईट www.erojgar.cg.gov.in पर जाकर मेले से पूर्व रोजगार मेला हेतु अपना पंजीयन अनिवार्य रूप से कर लेंवे। मेला स्थल पर केवल और केवल पंजीकृत आवेदकों को ही रोजगार के अवसर प्रदान किये जाएंगे। पोर्टल में पंजीयन संबंधी विस्तृत जानकारी के लिए जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र दुर्ग से संपर्क कर जानकारी प्राप्त कर सकतें है।
- दुर्ग/ जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार डिप्टी कलेक्टर श्री उत्तम ध्रुव ने जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचेे जनसामान्य लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने जनदर्शन में पहुंचे सभी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समुचित समाधान एवं निराकरण करने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही कर आवश्यक पहल करने को कहा। जनदर्शन में अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन कराने, आर्थिक सहायता राशि दिलाने सहित विभिन्न मांगों एवं समस्याओं से संबंधित आज 105 आवेदन प्राप्त हुए।जनदर्शन कार्यक्रम में ग्राम सभा नंदकठी एवं ग्रामवासियों ने बताया कि गांव की शासकीय चारागाह भूमि पर कुछ किसानों द्वारा धान और सब्जी की फसल बोई जा रही है, जिससे मवेशियों के लिए चारे की समस्या उत्पन्न हो गई है। चरवाहों ने पशुओं को चराने से इनकार कर दिया है, जिसके चलते मवेशी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ग्राम सभा में इस संबंध में बात रखी गई, जिसके उपरांत कुछ किसानों ने कब्जा हटाया, लेकिन अभी भी कुछ लोगों द्वारा अतिक्रमण जारी है। ग्रामवासियों ने अतिक्रमण हटाकर चारागाह भूमि को मुक्त कराने की मांग की है। इस पर डिप्टी कलेक्टर ने तहसीलदार दुर्ग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।दुर्ग निवासी ने जिला चिकित्सालय में चर्म रोग विशेषज्ञ डॉक्टर की नियुक्ति करने व कैथ लैब की व्यवस्था के लिए आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि जिला चिकित्सालय में चर्म रोग विशेषज्ञ डॉक्टर की नियुक्ति नही होने से एवं कैथ लैब के अभाव में मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। त्वचा संबंधी रोगों से पीड़ित लोगों को निजी क्लीनिकों में जाना पड़ रहा है, जिससे आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। इस पर डिप्टी कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।इसी तरह ग्राम गोंडपेंड्री के किसानों एवं ग्रामवासियों ने जल निकासी रास्ता बंद किए जाने की शिकायत की। ग्राम गोंडपेंड्री (तहसील पाटन) के किसानों ने बताया कि खदान मालिक द्वारा जल निकासी का रास्ता बंद कर दिए जाने के कारण लगभग 70 एकड़ कृषि भूमि पर फसले बर्बाद होने की स्थिति में हैं। जल निकासी रास्ता बंद करने से गांव की बस्ती में पानी भरने से मौसमी बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है। इस संबंध में डिप्टी कलेक्टर ने एसडीएम और तहसील पाटन को निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने को कहा। इस दौरान नगर निगम दुर्ग, रिसाली, भिलाई, खाद्य विभाग, समाज कल्याण विभाग के अधिकारी भी उपस्थित थे।
- - मैराथन संगीतमय प्रतियोगिता में उप विजेता रही झंकार बिट्स, तीसरे स्थान पर मैत्री ग्रुप को करना पडा संतोषरायपुर। महाराष्ट्र मंडल की ओर से आयोजित सर्व समाज नगर स्तरीय अंताक्षरी प्रतियोगिता में महा फाइनल मुकाबले में स्वरांजलि गुप ने शानदार खिताबी जीत दर्ज की गई। मुख्य अतिथि नि:शक्तजन वित्त व विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कावड़िया ने बतौर विजेता स्वरांजलि ग्रुप को विनर कप, चार हजार रुपये नकद, स्मृति चिन्ह और प्रमाण पत्र प्रदान किया।स्वरांजलि ने कड़ी टक्कर में झंकार बिट्स को 200 अंकों से हराकर चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। उपविजेता के रूप में झंकार बिट्स को तीन हजार रुपये नकद, रनरअप कप, स्मृति चिन्ह के साथ सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र सौंपे गए। मैत्री ग्रुप तीसरे स्थान पर रही। उन्हें दो हजार रुपये नकद के साथ कप, स्मृति चिन्ह और प्रमाण पत्र विशेष अतिथि सीए विकास जैन और वरिष्ठ सभासद शशि वरवंडकर ने मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले व सचिव चेतन दंडवते के साथ दिया।नगर स्तरीय अंताक्षरी स्पर्धा की संयोजिका मंडल उपाध्यक्ष गीता दलाल के अनुसार सुबह 09:00 बजे मंडल के वरिष्ठ सभासद विजय निमोणकर के दीप प्रज्जवलन से शुरू हुई स्पर्धा में पांच राउंड में छह विजेता स्वरांजलि, झंकार बिट्स, शिवरंजनी, सप्तसुर, तितली ग्रुप और मैत्री ग्रुप फाइनलिस्ट के तौर अंतिम महा मुकाबले के लिए पहुंचीं। चौथा राउंड टाई होने के कारण दो टीमों को फाइनल में स्थान दिया गया।पहला राउंड झंकार बिट्स, सुरमयी श्रृंखला, रास ग्रुप, तराना ग्रुप, राग राइडर्स और दिव्यांग बालिका ग्रुप के बीच खेला गया। जिसमें 650 अंकों के साथ झंकार बिट्स विजेता रहीं। दूसरा राउंड शिवरंजनी, अरपा पैरी, सुर संतृप्ति, हमसे है जमाना, सावन आया है और सरगम ग्रुप के बीच खेला गया। इसमें 900 अंकों के साथ शिवरंजनी ग्रुप विजेता रही। तीसरा राउंड आरोही ग्रुप, श्रावणी ग्रुप, स्वरांजलि, अवंतिका और स्वर सजनी के बीच खेला गया। इसमें 850 अंकों के साथ स्वरांजलि ग्रुप विजेता बनीं।प्रतियोगिता में सर्वाधिक रोमांचक चौथे राउंड रहा। इसमें गीत मंजिरी, गुंजन, तितली, निमया (सेवा जतन) फाउंडेशन, सप्तसुर और स्वरागिनी ग्रुप के बीच खेला गया। जिसमें सप्तसुर और तितली ग्रुप के बीच स्पर्धा 1500- 1500 अंकों के साथ टाई रही। अत: दोनों ही टीमों को फाइनल में स्थान दिया गया। स्पर्धा का पांचवें व अंतिम राउंड में मैत्री ग्रुप ने 1050 अंक हासिल कर जीत दर्ज की।*लगातार 12 घंटे चली स्पर्धा:-* अंताक्षरी प्रतियोगिता सुबह नौ बजे शुरू हुई थी। बगैर रूके मनोरंजक गीत - संगीतमय स्पर्धा लगातार 12 घंटों तक चलने के बाद रात नौ बजे पुरस्कार वितरण के साथ समाप्त हुई।*दिन चढ़ने के साथ बढ़े दर्शकः-* प्रतियोगिता में शामिल होने वाली प्रतिभागी टीम के साथ महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह की दर्शक दीर्घा संगीत प्रेमियों से खचाखच भर गई। ज्यादातर दर्शक अंतिम समय तक दिल थामकर बैठे रहे और पूरे कार्यक्रम का उन्होंने भरपूर आनंद लिया।
- - मसल्स हार्ड होने के कारण चलने फिरने में भारी तकलीफ होती है मासूम चेष्टा को, अब तक की फिजियोथैरेपी में 30 फीसदी तक तक राहतरायपुर। खैरागढ़ की सात वर्षीय चलने फिरने में भारी परेशानी का सामना कर रही मासूम ने सपने में भी नहीं सोचा था कि सोमवार दोपहर में महाराष्ट्र मंडल के फिजियोथैरेपी सेंटर में उसका जन्मदिन धूमधाम से मनाया जाएगा। काफी देर तक तो नन्ही बिटिया खुशी के आंसू भी रोक नहीं पा रही थी। आकस्मिक आत्मीय जन्मदिन ने बच्ची में खूब सारी खुशियों के साथ आत्मविश्वास का भी संचार किया।फिजियोथैरेपी सेंटर में अपना इलाज करवा रही सात वर्षीय मासूम बच्ची का जन्मदिन महाराष्ट्र मंडल के स्टाफ ने मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन के साथ धूमधाम से मनाया।फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. संगीता कश्यप ने बताया कि खैरागढ़ जिले के छन्नू लाल साहू और रानी साहू की सात साल की बेटी चेष्ठा के मसल्स हार्ड हैं। इसके कारण उसे चलने, हाथों को मोड़ने और बोलने में थोड़ी तकलीफ होती है। चेष्ठा का यहां लगभग एक महीने से इलाज चल रहा है। उसके परिजनों का मानना है कि यहां आने से उसे लगभग 30 फीसद राहत है।डा. संगीता ने बताया कि जैसे ही हमें पता चला कि आज चेष्ठा का जन्मदिन है, तो हमने मंडल के मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन की अगुवाई में चेष्ठा का जन्मदिन केक काटकर मनाया।बच्ची ने महाराष्ट्र मंडल के वेब पोर्टल प्रभारी कुणाल दत्त मिश्रा, मेस प्रभाती मंजरी भगाड़े, श्रद्धा जोशी, मनीष देसाई, हुल्लास देवांगन सहित महाराष्ट्र मंडल स्टाफ के साथ अपना जन्मदिन मनाया। उसे विभिन्न प्रकार की टाॅफी समेत मनपसंद बिस्किट्स का एक गिफ्ट पैक भी दिया गया। बच्ची ने पूरे उत्साह के साथ सभी गिफ्ट लिए और अपनी छोटी सी साइकिल की डिग्गी में उसे बड़े प्यार से रखा। बच्ची को खुशियों के पल उपलब्ध कराने के लिए बच्चों की मां ने सभी उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया।
- दुर्ग. समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत पीएमश्री योजना के तहत दुर्ग जिले के विभिन्न शासकीय विद्यालयों में अंशकालिक योग एवं खेल शिक्षक/कोच की सेवाएं ली जाएंगी। इसके लिए योग्य प्रशिक्षकों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह नियुक्ति 11 विद्यालयों शासकीय पीएमश्री प्राथमिक शाला जरवाय, रुआबांधा, पथरिया, बानबरद, गभरा, तथा स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल जामुल, कुम्हारी, अहिवारा, बोरी, नगपुरा और बालाजी नगर खुर्सीपार में की जाएगी। योग्य प्रशिक्षकों को 10 हजार रूपए प्रतिमाह मानदेय प्रदाय किया जाएगा। इच्छुक आवेदक को स्नातक शारीरिक शिक्षा डिग्री एवं योग शिक्षा संबंधित क्षेत्र में स्नातक की डिग्री एवं संबधित क्षेत्र में कार्य का अनुभव होना चाहिए। इच्छुक उम्मीदवार 12 अगस्त 2025 तक अपना आवेदन जिला परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा, दुर्ग में स्वयं या पंजीकृत डाक से कार्यालयीन समय में जमा कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए जिला परियोजना कार्यालय के सूचना पटल पर कार्यालयीन समय में संपर्क किया जा सकता है।
- जोन कमिश्नर ने पशु पालको को पशुओं के गले में पट्टा लगाने कहा ताकि पता लगे कि सड़क पर मिल रहे पशु गौशाला के है अथवा आवाराजोन स्वास्थ्य अधिकारी ने पशुपालक द्वारा बार-बार समझाईश के बाद भी मार्ग में पशु छोड़ने पर कार्यवाही हेतु थाने में शिकायत दर्ज कीरायपुर/ नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर नगर निगम जोन 1 कार्यालय में जोन 1 कमिश्नर डॉ दिव्या चंद्रवशी ने जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री खेमलाल देवांगन की उपस्थिति में जोन 1 के सभी 7 वार्डों के सभी पशुपालको की बैठक लेकर उन्हें आवारा पशुओं के कारण सड़को पर हो रही सड़क दुर्घटनाओं को गभीरता से लेते हुए माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिये गये आदेश के पालन में राज्य शासन और जिला प्रशासन द्वारा दिये गये निर्देश पर प्रतिदिन की जा रही कार्यवाही से अवगत कराया। जोन 1 कमिश्नर ने सभी पशु पालको को अपने पशुओ को अपनी गौशालाओं में बांधकर रखने एवं सड़क पर खुले में किसी भी हालत में नहीं छोड़ने की कड़ी हिदायत दी। अन्यथा की स्थिति में विधि अनुरूप कार्यवाही करने की चेतावनी सभी पशुपालको को दी गई है।जोन 1 कमिश्नर ने पशु पालको को नाली में गोबर नहीं बहाए जाने की हिदायत दी है। अन्यथा की स्थिति में नियमानुसार कार्यवाही कर ई जुर्माना करने की चेतावनी दी है। जोन 1 कमिश्नर ने पशु पालको को अपने पशुओ के गले में पट्टा लगाने के निर्देश दिये है ताकि यह जानकारी मिल सके कि सड़क पर जाने वाले पशु गौशाला के है अथवा आवारा है ।आज नगर निगम जोन 1 जोन कमिश्नर के निर्देश पर जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री खेमलाल देवांगन ने जोन 1 के तहत खमतराई पुलिस थाना प्रभारी के पास जोन 1 क्षेत्र के तहत पशुपालक मनोज यदु द्वारा बार-बार जोन 1 स्वास्थ्य विभाग द्वारा समझाईश देने के बाद भी अपनी गौशाला के पशुओं को मार्ग में छोटे जाने पर उनके विरूद्ध नियमानुसार प्रकिया के तहत विधि अनुरूप कार्यवाही करने जोन 1 स्वास्थ्य विभाग की ओर से शिकायत दर्ज की है।नगर निगम रायपुर द्वारा राज्य शासन एवं जिला प्रशासन द्वारा माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के पालन में दिये गये निर्देश पर रायपुर नगर निगम क्षेत्र में विभिन्न मुख्य सडक मार्गों में काउकेचर की सहायता से सभी 10 जोनो के वार्डो के प्रमुख स्थानो पर लगातार अभियान चलाकर सडक से पशुओ को घरपकड़ कर गौठान कांजी हाउस भेजा जा रहा है एवं लगातार आयुक्त के निर्देश पर सभी जोन कमिश्नरो द्वारा जोन स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ मिलकर इस कार्य की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। निगम मुख्यालय में अपर आयुक्त स्वास्थ्य श्री विनोद पाण्डेय एवं नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉ प्रीति सिंह प्रतिदिन निरंतर इसकी मॉनिटरिंग कर रहे है।
- खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम का उल्लंघन किए जाने पर की जा रही कार्रवाईबालोद। जिले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा ’बने खाबो, बने रहिबो’ अभियान चलाया जा रहा है। जिसके अंतर्गत स्ट्रीट फूड वेन्डर्स, खाद्य परोसने वाले संस्थानों, रेस्टोरेंट, ढाबों, होटलों का निरीक्षण किया गया। इसके साथ ही खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम का उल्लंघन किए जाने पर कार्रवाई भी की जा रही है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने दुकानदारों एवं आम लोगों को खाद्य सामग्रियों में अखबारी कागज एवं बासी खाद्य पदार्थ का उपयोग, पीने के पानी की जाँच, खाद्य सामग्रियों का रख-रखाव, खाद्य पदार्थ की अस्वच्छ हैडलिंग आदि इसके दुष्प्रभाव की जानकारी दी गई। इस दौरान 12 खाद्य पदार्थों का नमूना जांच के लिए भी लिया गया है।
- -कलेक्टर ने कर्मचारियों को कॉल कर जन्मदिन की बधाई दीरायपुर / हैप्पी बर्थडे आपको जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं मैं कलेक्टर बोल रहा हूं, आप स्वस्थ्य रहे, निरंतर प्रगति करे तथा आपका जीवन खुशियों से भरपूर हो।" जन्मदिन की पूर्व संध्या पर कलेक्टर का कॉल आया तब कर्मचारी प्रफुल्लित हो उठे और कलेक्टर डॉ गौरव सिंह को थैंक्यू कहा। कलेक्टर ने कर्मचारियों को अपना जन्मदिन नजदीकी आंगनबाड़ी या स्कूली बच्चों के साथ मानाने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना तथा न्योता भोज के तहत जिला प्रसाशन की अभिनव पहल "प्रोजेक्ट आओ बांटे खुशियां" की शुरुआत की जिसके तहत जिला रायपुर में विभिन विभाग में कार्यरत शासकीय अधिकरियों एवं कर्मचारियों को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी जा रही है एवं जन्मदिन आंगनबाड़ी या स्कूल में मनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।इसी के तहत आज कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने प्रोजेक्ट की शुरुआत की तथा 6 कर्मचारियों से फोन में बात कर जन्मदिन की शुभकामनाएं दी। साथ ही जिला प्रशासन की तरफ से 20 कर्मचारियों को एसएमएस के माध्यम से जन्मदिन की बधाई दी गई एवं नजदीकी आंगनबाड़ी अथवा स्कूल की जानकारी दी गई।इसी कड़ी में आज श्री दीपक कुमार ध्रुवंशी ने कहा कि अभी शाम 4.56 बजे आदरणीय डॉ. गौरव सिंह जी कलेक्टर रायपुर द्वारा स्वयं मोबाइल के माध्यम से जन्मदिन की शुभकामनाएं दिया गया निश्चित तौर पर यह मेरे लिए अभूतपूर्व पल । रायपुर जिले का यह सौंधी महक आज एक साथ संपूर्ण छत्तीसगढ़ में फैलने लगा है।
- -15 लाख बीपीएल परिवारों को मिलती रहेगी मुफ्त बिजली की सुविधा, सौर ऊर्जा से आत्मनिर्भरता की दिशा में ठोस कदमरायपुर, /छत्तीसगढ़ सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने वाली हॉफ बिजली बिल योजना के अंतर्गत दी जाने वाली 400 यूनिट की मासिक छूट की सीमा में युक्तियुक्त संशोधन करते हुए अब 100 यूनिट तक की मासिक खपत पर 50 प्रतिशत की रियायत देने का निर्णय लिया है।वर्तमान में राज्य में लगभग 45 लाख घरेलू उपभोक्ता परिवार हैं, जिनमें से 31 लाख परिवारों की मासिक खपत 100 यूनिट से कम है। यह लगभग 70 प्रतिशत उपभोक्ताओं का प्रतिनिधित्व करता है। अतः इस संशोधन के बावजूद, इन 31 लाख जरूरतमंद सामान्य एवं कमजोर वर्ग के उपभोक्ताओं को योजना का लाभ पूर्ववत मिलता रहेगा। इन 31 लाख परिवारों में 15 लाख बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) परिवार भी शामिल हैं, जिन्हें पूर्ववत 30 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलती रहेगी। इसके साथ ही वे हॉफ बिजली बिल योजना के तहत अन्य सभी लाभों से भी यथावत लाभान्वित रहेंगे।राज्य सरकार प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को भी तेज़ी से लागू कर रही है, जिसके अंतर्गत उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित करने पर केंद्र और राज्य सरकारों से अधिकतम ₹1,08,000/- तक की सब्सिडी दी जा रही है।इस योजना के तहत 1 किलोवॉट क्षमता के सोलर प्लांट से प्रतिमाह औसतन 120 यूनिट बिजली उत्पादन होता है, जिस पर ₹30,000 केंद्र से व ₹15,000 राज्य से, कुल ₹45,000 की वित्तीय सहायता दी जाती है। उपभोक्ता को लगभग ₹15,000 स्वयं वहन करने होते हैं।इसी प्रकार 2 किलोवॉट प्लांट के लिए प्रतिमाह औसतन 240 यूनिट उत्पादन संभव है, जिस पर ₹90,000 तक कुल सब्सिडी (₹60,000 केंद्र + ₹30,000 राज्य) मिलती है। उपभोक्ता को केवल ₹30,000 खर्च करना होता है।3 किलोवॉट क्षमता के प्लांट से प्रतिमाह औसतन 360 यूनिट उत्पादन संभव है, और इसमें ₹78,000 केंद्र + ₹30,000 राज्य यानी कुल ₹1,08,000 की सहायता मिलती है। उपभोक्ता को ₹72,000 वहन करना पड़ता है, जो ऋण पर भी उपलब्ध है।उल्लेखनीय है कि 2 किलोवॉट या अधिक क्षमता वाले प्लांट लगाने वाले उपभोक्ता प्रतिमाह 200 यूनिट से अधिक बिजली का उत्पादन 25 साल तक कर सकते हैं, जो हॉफ बिजली योजना से मिलने वाली अधिकतम छूट (400 यूनिट पर 200 यूनिट रियायत) से भी ज्यादा है। ऐसे उपभोक्ता अपने घर में सौर ऊर्जा से उत्पन्न विद्युत का उपयोग कर न सिर्फ बिजली खर्च से मुक्ति पा सकते हैं, बल्कि अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में प्रवाहित कर आय भी अर्जित कर सकते हैं।प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली, स्थायी बचत और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर प्रेरित करेगी। साथ ही, पर्यावरण के प्रति उत्तरदायित्व निभाने की दिशा में भी यह एक बड़ा कदम साबित होगा। इससे छत्तीसगढ़ के उपभोक्ता हॉफ बिजली बिल से मुफ्त बिजली बिल योजना की ओर स्वाभाविक रूप से अग्रसर होंगे। उपभोक्ता किसी भी योजना पर निर्भर न रहते हुए स्वयं अपनी छत पर ऊर्जा उत्पादन कर “उर्जादाता” बनेंगे। यह रणनीतिक पहल राज्य को स्वच्छ ऊर्जा, आर्थिक बचत और ऊर्जा स्वतंत्रता की दिशा में आगे बढ़ाएगी।
- -सुशासन तिहार के नाम पर अनियमिता पर संकाय सदस्य की सेवा समाप्त-64 ग्राम पंचायतों में डिजिटल सिग्नेचर के दुरूपयोग से किए गए थे 16 लाख रूपए से अधिक के भुगतानरायपुर ।जिला पंचायत मुंगेली अंतर्गत विभिन्न ग्राम पंचायतों में सुशासन तिहार के नाम पर डिजिटल सिग्नेचर के माध्यम से अनियमित भुगतान किए जाने के गंभीर मामले में कार्रवाई करते हुए जिला प्रशासन ने संकाय सदस्य श्री अनिल अमादिया की सेवा समाप्त कर दी है। कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार जिला पंचायत सीईओ श्री प्रभाकर पाण्डेय ने शासन के निर्देशों और जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की है।प्राप्त जानकारी के अनुसार मुगेली जिले के जनपद पंचायत पथरिया अंतर्गत 64 ग्राम पंचायतों में ‘‘सुशासन तिहार’’ के नाम पर 16 लाख 09 हजार 700 रूपए की राशि का अनियमित भुगतान किया गया था, जो वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है। इस मामले की प्रारंभिक जांच में अनियमितता की पुष्टि हुई थी, जिसके पश्चात विस्तृत जांच करवाई गई। जांच में पाया गया कि पंचायत प्रस्ताव के बिना सहमति के 64 ग्राम पंचायतों में उक्त राशि का अनियमित भुगतान किया गया, जो कि घोर लापरवाही एवं वित्तीय अनियमितता तथा अपराध की श्रेणी में आता है। संकाय सदस्य श्री अमादिया द्वारा ई-ग्राम स्वराज पोर्टल में ग्राम पंचायतों के ई-मेल के स्थान पर जनपद पंचायत का ई-मेल डाला गया, ताकि भुगतान जनपद पंचायत के ई-मेल आइडी में ओटीपी के माध्यम से किया जा सके।जांच में डिजीटल सिग्नेचर का दुरूपयोग करते हुए अनियमित भुगतान किया जाना पाया गया। इस संबंध में श्री अनिल अमादिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। नोटिस का जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (संविदा नियुक्ति) नियम 2012 के अंतर्गत संकाय सदस्य पद से उनकी सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है।
- -विकास कार्यों के लिए गौरेला और पेण्ड्रा नगर पालिका को 3-3 करोड़ तथा मरवाही नगर पंचायत को 2 करोड़ देने की घोषणा की-प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के एक-एक वादे को पूरा कर रही छत्तीसगढ़ सरकार : श्री अरुण सावरायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने आज गौरेला और पेण्ड्रा नगर पालिकाओं में कुल 4 करोड़ 9 लाख 50 हजार रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें गौरेला में 1 करोड़ 72 लाख 86 हजार और पेण्ड्रा में 2 करोड़ 36 लाख 64 हजार रुपए लागत के विकास और निर्माण कार्य शामिल हैं। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने गौरेला नगर पालिका कार्यालय व बस स्टैंड तथा पेण्ड्रा असेम्बली हॉल मल्टीपरपज स्कूल में आयोजित लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम को ऐतिहासिक एवं गरिमामय बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के एक-एक वादे को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार पूरा कर रही है। विधायक श्री प्रणव कुमार मरपची और श्री अटल श्रीवास्तव भी इन कार्यक्रमों में शामिल हुए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम में कहा कि राज्य के नगरीय निकायों का तेजी से विकास हो रहा है। जनआकांक्षाओं को देखते हुए गौरेला और पेण्ड्रा को नगर पालिका तथा मरवाही को नगर पंचायत बनाया गया है। उन्होंने कहा कि नगरों को स्वच्छ, सुंदर एवं सुविधापूर्ण बनाने के लिए शहर विकास योजना (City Development Plan) बनाकर कार्य कर रहे हैं। इसके लिए बिना किसी भेदभाव के सभी निकायों को पर्याप्त राशि दी जा रही है। उन्होंने गौरेला एवं पेण्ड्रा नगर पालिकाओं में विकास कार्यों के लिए 3-3 करोड़ रुपए तथा मरवाही नगर पंचायत के लिए 2 करोड़ रुपए देने की घोषणा की।श्री साव ने बताया कि गौरेला में स्टेडियम और स्वीमिंग पूल के लिए प्रस्ताव खेल विभाग को भेजा गया है। पेण्ड्रा में नालंदा परिसर के लिए 4 करोड़ 41 लाख रूपए मंजूर किए गए हैं, जिसके निर्माण के लिए निविदा भी आमंत्रित की जा चुकी है। इसके निर्माण से जिले के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण ज्ञानार्जन मिलेगा। श्री साव ने प्रधानमंत्री आवास योजना के ऐसे हितग्राहियों जिनके आवास पूर्ण हो चुके हैं, उन्हें पूर्णता प्रमाण पत्र प्रदान किया।विधायक श्री प्रणव कुमार मरपची और श्री अटल श्रीवास्तव ने भी लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित किया। कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी ने लोकार्पण एवं विकास कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। गौरेला नगर पालिका के अध्यक्ष श्री मुकेश दुबे, पेण्ड्रा नगर पालिका के अध्यक्ष श्री राकेश जालान और मरवाही नगर पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती मधु बाबा गुप्ता ने भी सभा को संबोधित किया और अपने-अपने निकायों में अधोसंरचना, मूलभूत कार्यों, सौंदर्यीकरण सहित विकास कार्यों की जरूरत के बारे में उप मुख्यमंत्री श्री साव को अवगत कराया। गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिला पंचायत की अध्यक्ष सुश्री समीरा पैकरा, उपाध्यक्ष राजा उपेंद्र बहादुर सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री एस.आर. भगत और वनमण्डलाधिकारी श्रीमती ग्रीष्मी चांद सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं नगरवासी भी कार्यक्रम में मौजूद थे।
- -सभी अधिकारी-कर्मचारियों को पूरी निष्ठा, ईमानदारी एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए बालोद जिले को उत्कृष्ट, अग्रणी एवं आदर्श जिला बनाने में सहभागिता सुनिश्चित करने को कहारायपुर। उपमुख्यमंत्री एवं बालोद जिले के प्रभारी मंत्री श्री विजय शर्मा ने आज सयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर जिले में शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए निर्धारित समयावधि में शासकीय योजनाओं का समुचित क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। श्री शर्मा ने जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ कार्य करते हुए बालोद जिले को प्रत्येक दृष्टि से उत्कृष्ट, अग्रणी एवं आदर्श जिला बनाने में अपनी अमूल्य सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा। श्री शर्मा ने कहा कि प्रत्येक शासकीय सेवक को शासकीय सेवा में चयनित होने के पश्चात् जनसेवा करने का भी पुनीत अवसर प्राप्त होता है। इसलिए हम सभी शासन-प्रशासन से जुड़े लोगों को कड़ी मेहनत एवं लगन से आम जनता के हित में निरंतर कार्य करने का प्रयास करना चाहिए। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने गन्ना की खेती एवं उसके उपयोग को किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार तथा उनके जीवन स्तर में बदलाव का प्रमुख माध्यम बताते हुए इस बार गन्ने फसल की बुवाई को वृद्धि कर तीन हजार हेक्टेयर तक अनिवार्य रूप से इसके लिए शक्कर कारखाना करकाभाट के प्रबंध निदेशक एवं कृषि विभाग के उपसंचालक को जरूरी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। श्री शर्मा ने इसके लिए क्षेत्र के किसानों से बातचीत कर गन्ना उत्पादन के लिए पे्ररित करने के भी निर्देश दिए। बैठकमें श्री शर्मा ने महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा करते हुए जिले में कुपोषण दूर करने हेतु किए जा रहे उपायों के संबंध में जानकारी ली। श्री शर्मा ने कुपोषित बच्चों को गोद लेकर कुपोषित बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने के लिए इन बच्चो के लिए पौष्टिक भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु गोद लेने वाले व्यक्तियों से सहयोग राशि एकत्र करने का भी सुझाव दिया। इस कार्य में उन्होंने अधिकारी-कर्मचारियों के अलावा जनप्रतिनिधियों, समाज सेवियों एवं अन्य लोगों से मदद लेने के भी निर्देश दिए। बैठक में श्री शर्मा ने जिले में जुआ, सट्टा पर रोक लगाने तथा शराब, गांजा एवं अन्य मादक पदार्थों के अवैध बिक्री की रोकथाम हेतु की जा रही उपायों की भी समीक्षा की। उन्होंने पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल को इसके लिए पुख्ता उपाय सुनिश्चित करने तथा मादक पदार्थों के अवैध बिक्री पर रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु दवा विक्रताओं एवं कुरियर संचालकों के साथ बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। इनके द्वारा मादक पदार्थों की बिक्री करते पाए जाने पर उनके विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने नशापान के अलावा मादक पदार्थों के अवैध बिक्री पर रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु नियमित रूप से जनजागरूकता अभियान चलाने को कहा। बैठक में श्री शर्मा ने कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के कुशल नेतृत्व में जिले में शासकीय योजनाओं के सफल क्रियान्वयन हेतु किए जा रहे बेहतर कार्यों की भी भूरी-भूरी सराहना की।बैठक में सभी विभाग प्रमुखों के द्वारा पावर प्वाईंट प्र्रेंजेेटेशन के माध्यम से अपने-अपने विभागों के कार्यों की प्रगति एवं योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति के संबंध में बारी-बारी से जानकारी दी गई। श्री शर्मा ने जिले में राजस्व प्रकरणों की निराकरण की स्थिति की समीक्षा करते हुए समय-सीमा में राजस्व प्रकरणों की निराकरण हेतु जरूरी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी लंबित राजस्व प्रकरणों को समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने हेतु कार्ययोजना बनाकर इस कार्य को विशेष प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश भी दिए। श्री शर्मा ने जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र के कार्यों की समीक्षा करते हुए सेना भर्ती एवं अग्निवीर भर्ती परीक्षा में शामिल होेने वाले युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु की गई व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को जरूरी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा करते हुए इस योजना के अंतर्गत अपूर्ण कार्यों को शीघ्र पूरा कराने तथा जल जीवन मिशन के कार्य को करते वक्त क्षतिग्रस्त हुए सीसी रोड आदि का शीघ्र मरम्मत कराने के निर्देश दिए। बैठक में श्री शर्मा ने शिक्षा, क्रेडा, जल संसाधन, परिवहन, आदिवासी विकास, खाद्य, वन आदि अन्य सभी विभागों के कार्यों की बारी-बारी से समीक्षा की। उन्होंने सभी विभाग प्रमुखों को निर्धारित समयावधि में गुणवत्तायुक्त ढंग से शासकीय योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। जिससे कि आम जनता को इसका समुचित लाभ मिल सके। बैठक में अधिकारियों के द्वारा पिछले बैठक में प्रभारी मंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों पर की गई कार्रवाई के संबंध में जानकारी दी गई।
- -उप मुख्यमंत्री ने रतनपुर-पेंड्रा राष्ट्रीय राजमार्ग के कार्यों का किया औचक निरीक्षण-अधिकारियों को दिए निर्देश - समय-सीमा में पूर्ण करें सड़क का निर्माण, राहगीरों को न हो कोई परेशानीरायपुर । उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने आज गौरेला जाते समय निर्माणाधीन रतनपुर से पेंड्रा राष्ट्रीय राजमार्ग के कार्यों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को सड़क के निर्माण में गुणवत्ता में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क का काम हर हाल में समय-सीमा में पूर्ण करने को कहा, ताकि राहगीरों को कोई परेशानी न हो।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने औचक निरीक्षण के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण कार्यों में देरी पर नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यदि किसी प्रकार की परेशानी है, तो समय पर वरिष्ठ अधिकारियों और शासन को अवगत कराएं। सड़क निर्माण की प्रगति में किसी तरह की बाधा नहीं आनी चाहिए।श्री साव ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता को भी परखा और गुणवत्ता में किसी प्रकार की लापरवाही न हो, इसका अधिकारियों को विशेष ध्यान रखने को कहा। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता में किसी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रत्येक चरण में कार्यों की गंभीरता से मॉनिटरिंग करें, ताकि लोगों को आवागमन के लिए टिकाऊ और सुरक्षित सड़क मिले। श्री साव ने निर्माणाधीन सड़क में जरूरत के मुताबिक संकेतक बोर्ड लगाने के साथ ही पुल निर्माण का भी काम निर्धारित समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।
- -गाँवों से आरंभ हो रही है हरित अर्थव्यवस्था की क्रांति : रायपुर स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान में सम्पन्न हुआ पाँचवाँ भारत ग्रामीण संवाद-वन विभाग और ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया संस्था के बीच हरित बदलाव हेतु हुआ सहमति पत्र हस्ताक्षरितरायपुर / छत्तीसगढ़ में हरित विकास को जनभागीदारी के माध्यम से साकार करने की दिशा में एक उल्लेखनीय पहल करते हुए आज भारतीय प्रबंधन संस्थान, रायपुर तथा ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया संस्था के संयुक्त तत्वावधान में पाँचवाँ भारत ग्रामीण संवाद – 2025 सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। “गाँवों के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की हरित आर्थिक बदलाव की यात्रा” विषय पर आयोजित इस संवाद में प्रदेश को हरित दिशा में अग्रसर करने की रणनीतियों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने वर्चुअल माध्यम से जुड़ते हुए अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में हरित विकास की जो आधारशिला रखी गई है, वह न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक दूरगामी प्रयास भी है। उन्होंने कहा कि यदि गाँवों को केंद्र में रखकर परंपरागत ज्ञान और संसाधनों का सतत उपयोग किया जाए, तो हम पर्यावरण की रक्षा के साथ-साथ ग्रामीण जीवन को समृद्ध और सशक्त बना सकते हैं। जैविक खेती, सौर ऊर्जा तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन जैसे प्रयासों से छत्तीसगढ़ को हरित राज्य के रूप में विकसित किया जा सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार इस दिशा में पूर्णतः प्रतिबद्ध है।कार्यक्रम के दौरान वन विभाग और ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया संस्था के बीच हरित बदलाव के सहयोग हेतु एक सहमति पत्र (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर प्रबंधन संस्थान, रायपुर द्वारा प्रदेश के हरित विकास हेतु पाँच प्रमुख स्तंभ प्रस्तुत किए गए, जिनमें परंपरागत खेती और वन संसाधनों का संरक्षण, हरित रोजगार एवं पर्यावरणीय पर्यटन, स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा, सौर ऊर्जा आधारित ग्राम-विद्युत प्रबंधन में जनभागीदारी, नीति एवं संस्थागत ढाँचे का निर्माण शामिल है।कार्यक्रम में पंचायत प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, महिलाओं, उद्यमियों और विषय विशेषज्ञों ने भागीदारी की। जल संरक्षण, शिक्षा की गुणवत्ता, पारंपरिक बीजों की उपलब्धता, वनों की कटाई, कचरा प्रबंधन और रासायनिक खेती पर निर्भरता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार साझा किए गए।वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक वन-समृद्ध राज्य है और यहाँ की प्राकृतिक सम्पदा एवं जनभागीदारी मिलकर हरित विकास का एक आदर्श मॉडल स्थापित कर सकती है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह ने कहा कि ग्राम पंचायतें इस हरित बदलाव की धुरी बनेंगी और इस परिवर्तन में महिलाओं को नेतृत्व की भूमिका दी जाएगी। पंचायत विभाग के सचिव श्री भीम सिंह ने जानकारी दी कि अब पंचायतों का मूल्यांकन जल संरक्षण, स्वच्छता और हरित मानकों के आधार पर किया जाएगा। सुशासन अभिसरण विभाग के सचिव श्री राहुल भगत ने कहा कि यह समय की माँग है कि हरित अर्थव्यवस्था को केवल शासन की योजना मानने के बजाय समुदाय को उसका सहभागी और मुख्य कर्ता बनाया जाए।कार्यक्रम में उपस्थित विशेषज्ञों ने यह भी सुझाव दिया कि गाँवों में परंपरागत उद्योगों का पुनरुद्धार, जल संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग, घरेलू उद्योगों को पुनर्जीवित करना, हस्तशिल्प को बढ़ावा देना जैसे उपाय हरित विकास को और अधिक गति और मजबूती प्रदान कर सकते हैं।
- -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अपील – बारिश के मौसम में गहरे जल स्रोतों से सतर्क रहें आमजनरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी क्षेत्र एवं जगदलपुर के हजारीगुड़ा गांव में नहाते समय गहरे पानी में डूबकर पाँच मासूम बच्चों की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने इस हृदयविदारक घटना को अत्यंत पीड़ादायक बताते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति और शोक संतप्त परिजनों को इस दुःखद घड़ी को सहन करने की शक्ति प्रदान करने हेतु ईश्वर से प्रार्थना की है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ है। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि पीड़ित परिवारों को शासन के नियमानुसार चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि तत्काल प्रदान की जाए।मुख्यमंत्री श्री साय ने बरसात के मौसम में नदी-नालों और गहरे जल स्रोतों में बढ़ते जल स्तर और तेज प्रवाह को देखते हुए आम नागरिकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि विशेषकर बच्चों को ऐसे खतरनाक स्थलों के पास जाने से रोका जाए, ताकि इस प्रकार की दुःखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।मुख्यमंत्री ने सामाजिक जागरूकता बढ़ाने, जलभराव वाले स्थानों की पहचान कर चिन्हांकन करने तथा जोखिम वाले इलाकों में चेतावनी बोर्ड लगाने जैसे सतर्कता उपायों को प्राथमिकता के साथ लागू किए जाने के निर्देश दिए हैं।
- -बस्तर संभाग के 130 स्वास्थ्य संस्थानों को मिला राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन-नियद नेल्ला नार योजना से 6,816 हितग्राहियों को 8.22 करोड़ की स्वास्थ्य सहायता-33 विशेषज्ञ डॉक्टरों सहित 450 से अधिक चिकित्सा स्टाफ की हुई नियुक्ति, 291 पदों पर भर्ती जारी-मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन और स्वास्थ्य योजनाओं की से नक्सल प्रभावित अंचलों तक पहुंची चिकित्सा सेवाएं-स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल 5 से 7 अगस्त तक करेंगे बस्तर संभाग का दौरा कर स्वास्थ्य सुविधाओं का लेंगे जायजारायपुर / 1 जनवरी 2024 से 16 जून 2025 तक केवल बस्तर संभाग में ही कुल 130 स्वास्थ्य संस्थाओं को NQAS के अंतर्गत गुणवत्ता प्रमाणन प्राप्त हुआ है, जिनमें 1 जिला अस्पताल, 16 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 113 उप-स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, 65 अन्य संस्थाओं का प्रमाणीकरण कार्य प्रक्रियाधीन है। खास बात यह है कि नक्सल प्रभावित जिलों—कांकेर, बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा—के 14 संस्थानों को भी गुणवत्ता प्रमाणपत्र प्रदान किया गया है, जो चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।बस्तर संभाग में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक व्यापक बनाने के उद्देश्य से नियद नेल्लानार योजना अंतर्गत आयुष्मान कार्ड के कवरेज को भी गति दी जा रही है। योजना के अंतर्गत बस्तर संभाग में मात्र एक वर्ष में ही 36,231 आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। अब तक 52.6 प्रतिशत कवरेज हो चुका है, और 6,816 हितग्राहियों को 8 करोड़ 22 लाख रुपये की चिकित्सा सहायता का लाभ मिल चुका है।इस सुगठित व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए सरकार ने पिछले डेढ़ वर्षों में बस्तर संभाग में 33 मेडिकल स्पेशलिस्ट, 117 मेडिकल ऑफिसर और 1 डेंटल सर्जन की नियुक्ति की है। इसके अतिरिक्त राज्य स्तर से 75 और जिला स्तर से 307 स्टाफ व प्रबंधकीय पदों पर भर्ती पूरी की गई है, जबकि 291 पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रगति पर है। यह नियुक्तियाँ न केवल सेवाओं की पहुंच को सशक्त बना रही हैं, बल्कि गुणवत्ता और दक्षता में भी उल्लेखनीय बढ़ोत्तरी कर रही हैं।छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय और सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित सुशासन और जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से अब बस्तर जैसे दुर्गम और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सुविधाएं लोगों की पहुंच में हैं। सरकार की जन-केंद्रित सोच, ठोस रणनीति और ज़मीनी स्तर पर समर्पित क्रियान्वयन से स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच अब वहां तक संभव हो रही है, जिसे नक्सल प्रभावित क्षेत्र में एक समय असंभव माना जाता था।मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर में स्वास्थ्य सेवाओं के निरंतर विस्तार और गुणवत्ता में सुधार पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा है कि मितानिनों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और विभागीय कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी और प्रतिबद्धता के कारण ही आज यह परिवर्तन संभव हुआ है। बस्तर के लिए हमारी सरकार का विशेष फोकस है और हम इसे निरंतर मजबूत करते रहेंगे।स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जानकारी दी कि सरकार का लक्ष्य पूरे छत्तीसगढ़ में समान रूप से गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। बस्तर में चलाए जा रहे मलेरिया मुक्त अभियान के तहत घर-घर जाकर जांच, त्वरित उपचार और जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से मलेरिया के प्रसार को प्रभावी रूप से नियंत्रित किया गया है। राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) के अंतर्गत पूरे राज्य में, विशेषकर बस्तर क्षेत्र में, स्वास्थ्य संस्थानों ने अनुकरणीय उपलब्धियाँ दर्ज की हैं।राज्य सरकार की यह स्पष्ट प्राथमिकता रही है कि नक्सल प्रभावित इलाकों—कांकेर, बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा जैसे जिलों—में स्वास्थ्य सेवाओं का जमीनी विस्तार हो। आज इन अंचलों में भी लोग गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं से लाभान्वित हो रहे हैं। यह परिवर्तन श्री विष्णु देव साय के सुशासन और स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर उनके विशेष फोकस का प्रमाण है।इन उपलब्धियों की गहराई से समीक्षा और ज़मीनी प्रगति के प्रत्यक्ष अवलोकन हेतु स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल 5 अगस्त से 7 अगस्त 2025 तक तीन दिवसीय बस्तर दौरे पर रहेंगे। उनके साथ स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं तकनीकी दल भी रहेगा। इस दौरान वे बस्तर संभाग के प्रमुख जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों का निरीक्षण करेंगे, स्वशासी समिति की बैठकें लेंगे, मलेरिया मुक्त अभियान की समीक्षा करेंगे तथा बीजापुर और सुकमा जैसे दूरस्थ जिलों के अंतिम छोर पर बसे गांवों में जाकर भी स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी स्थिति का मूल्यांकन करेंगे।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में हो रहा यह परिवर्तन सिद्ध करता है कि जब सरकार की नीयत स्पष्ट हो, योजना व्यावहारिक हो और सिस्टम में प्रतिबद्धता हो—तो किसी भी दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्र की तस्वीर बदली जा सकती है। बस्तर अब पिछड़ेपन और असुविधा की छवि से निकलकर विकास और सशक्तिकरण की पहचान बन रहा है। स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषय में जो क्रांतिकारी बदलाव बस्तर में हो रहा है, वह पूरे देश के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण है।
- -प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनहितैषी निर्णय से लाखों लोगों को मिलेगा राहत - मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने केंद्र सरकार द्वारा 37 आवश्यक औषधियों के मूल्य में 10 से 15 प्रतिशत तक की कमी किए जाने के निर्णय का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वस्थ भारत ही विकसित भारत की आधारशिला है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का यह निर्णय उनके दूरदर्शी और जनकल्याणकारी नेतृत्व की सशक्त अभिव्यक्ति है। यह निर्णय हृदय रोग, मधुमेह, संक्रमण, बुखार और दर्द जैसी आम लेकिन गंभीर बीमारियों से जूझ रहे नागरिकों को बड़ी राहत देगा।उन्होंने कहा कि इस मूल्य कटौती से पैरासिटामोल, एटोरवास्टेटिन, एमोक्सिसिलिन जैसी जीवनरक्षक दवाएं अब और अधिक सुलभ और सस्ती हो सकेंगी। छत्तीसगढ़ जैसे आदिवासी और ग्रामीण बहुल राज्य में यह निर्णय गरीबों, श्रमिकों, किसानों, महिलाओं और वृद्धजनों के स्वास्थ्य हेतु अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी उल्लेख किया कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रधानमंत्री जन औषधि योजना के केंद्रों के विस्तार, आयुष्मान भारत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और प्राथमिक से लेकर उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं की सहज उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केंद्र सरकार का निर्णय केवल औषधियों की कीमत घटाने का नहीं, बल्कि आमजन के जीवन स्तर को सशक्त बनाने का भी कदम है।
- -15 लाख बीपीएल परिवारों को पूर्ववत् योजना का मिलेगा लाभरायपुर / राज्य सरकार द्वारा हॉफ बिजली बिल योजना के अंतर्गत दी जाने वाली छूट की सीमा में युक्तियुक्त संशोधन किया गया है। अब प्रतिमाह दी जाने वाली 400 यूनिट की छूट के स्थान पर 100 यूनिट तक की मासिक खपत पर 50 प्रतिशत रियायत दी जाएगी। वर्तमान में राज्य के 45 लाख घरेलू उपभोक्ताओं में से लगभग 31 लाख परिवार (करीब 70%) ऐसे हैं जिनकी खपत 100 यूनिट प्रतिमाह से अधिक नहीं है। अतएव हॉफ बिजली बिल की छूट सीमा के इस पुनरीक्षण के बावजूद इन 31 लाख जरूरतमंद सामान्य एवं कमजोर वर्ग के उपभोक्ता परिवारों को योजना का लाभ पहले की ही तरह मिलता रहेगा। प्रदेश के लगभग 70 प्रतिशत घरेलू उपभोक्ता परिवार हॉफ बिजली योजना से पूर्ववत् लाभान्वित होते रहेंगे। इन 31 लाख परिवारों में 15 लाख बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) परिवार भी शामिल हैं, जिन्हें पूर्ववत् हॉफ बिजली बिल योजना का लाभ मिलता रहेगा। इन परिवारों को 30 यूनिट तक की मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत पहले की तरह प्राप्त होती रहेगी, साथ ही वे हॉफ बिजली बिल योजना के अन्य सभी लाभों से भी यथावत् लाभान्वित रहेंगे। राज्य सरकार गरीब परिवारों को बिजली खर्च में राहत देने के लिए प्रतिबद्ध है।राज्य सरकार प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को गति दे रही है, जिसके अंतर्गत 3 किलोवॉट या उससे अधिक क्षमता के रूफटॉप सोलर प्लांट की स्थापना पर केंद्र सरकार से ₹78,000/- तथा राज्य सरकार से ₹30,000/- की कुल ₹1,08,000/- तक की सब्सिडी दी जा रही है। 2 किलोवॉट क्षमता के सोलर प्लांट पर 75% (₹90,000/-) का अनुदान उपलब्ध है, जिससे उपभोक्ता प्रतिमाह 200 यूनिट से अधिक बिजली का उत्पादन कर सकते हैं। यह उत्पादन वर्तमान में हॉफ बिजली बिल योजना से मिलने वाली अधिकतम छूट (400 यूनिट पर 200 यूनिट की छूट) से भी अधिक है।400 यूनिट तक औसत खपत करने वाले उपभोक्ताओं का बिजली बिल आमतौर पर ₹1000/- से अधिक होता है, जो सोलर प्लांट की स्थापना के बाद लगभग शून्य हो जाएगा। इस प्रकार के उपभोक्ता हॉफ बिजली बिल योजना से “मुफ्त बिजली बिल” योजना की ओर अग्रसर होंगे, और दीर्घकालिक बचत प्राप्त करेंगे।उपभोक्ता स्वयं की छत पर उत्पादित बिजली के अतिरिक्त शेष बिजली को ग्रिड में प्रवाहित कर प्राप्त कर सकेंगे अतिरिक्त आयरूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित करने वाले उपभोक्ता अपनी छत पर उत्पादित बिजली का उपयोग करने के साथ-साथ शेष बिजली को ग्रिड में प्रवाहित कर अतिरिक्त आय भी अर्जित कर सकेंगे।प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के अंतर्गत 25 प्रतिशत शेष लागत उपभोक्ता स्वयं वहन कर सकते हैं, या फिर बैंक से न्यूनतम ब्याज दर पर ऋण प्राप्त कर सकते हैं। इस ऋण की मासिक किस्त लगभग ₹800/- होगी, जो कि वर्तमान में 400 यूनिट पर देय औसत बिजली बिल ₹1000/- से भी कम है।इस प्रकार, उपभोक्ता अपने मासिक बिजली बिल को कम करते हुए भविष्य में आत्मनिर्भर ऊर्जा उत्पादक बन सकते हैं। यह कदम न केवल आर्थिक रूप से लाभकारी है, बल्कि पर्यावरणीय दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है।राज्य सरकार का यह निर्णय गरीब और मध्यमवर्गीय उपभोक्ताओं को राहत देने, तथा उन्हें ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर प्रेरित करने का एक सशक्त और दूरदर्शी प्रयास है। यह योजना राज्य को स्वच्छ ऊर्जा, आत्मनिर्भरता और आर्थिक बचत के पथ पर अग्रसर करेगी।
- -भगवान मधेश्वर की पावन धरा के विकास हेतु मिलेंगे 10 करोड़ रुपये, तीर्थ पर्यटन को मिलेगा नया आयाम-श्रीरामलला दर्शन योजना और तीर्थदर्शन योजना से श्रद्धालुओं को मिल रहा आध्यात्मिक लाभरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पवित्र श्रावण मास के चौथे सोमवार के शुभ अवसर पर रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से जशपुर जिले के कुनकुरी विकासखंड अंतर्गत मयाली में विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग मधेश्वर पहाड़ के समीप आयोजित दिव्य शिव महापुराण कथा के समापन समारोह को ऑनलाइन माध्यम से संबोधित किया।श्रावण मास की इस सात दिवसीय दिव्य कथा श्रृंखला का आयोजन 28 जुलाई से 4 अगस्त 2025 तक महामधेश्वर धाम समिति द्वारा किया गया, जिसमें अयोध्या के प्रसिद्ध कथावाचक पूज्य श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज ने शिव महापुराण की अमृतमयी वाणी से हजारों श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध किया। मुख्यमंत्री ने व्यासपीठ से जुड़े सभी संतजनों को प्रणाम करते हुए समिति को भव्य आयोजन के लिए बधाई एवं आभार प्रकट किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिव और शक्ति छत्तीसगढ़ के कण-कण में समाए हैं और प्रदेश को आध्यात्मिक ऊर्जा इन्हीं देवस्थलों से प्राप्त होती है। उन्होंने बताया कि मधेश्वर महादेव धाम के विकास के लिए केंद्र सरकार से ₹10 करोड़ की राशि प्राप्त हुई है, तथा राज्य सरकार तीव्र गति से अधोसंरचना विकास और श्रद्धालु सुविधाओं के लिए कार्य कर रही है।मुख्यमंत्री ने प्रदेश में विराजित भगवान शिव के प्रमुख स्थलों का उल्लेख करते हुए कहा कि मयाली में मधेश्वर पहाड़, कवर्धा में बाबा भोरमदेव, राजिम में कुलेश्वर महादेव, गरियाबंद में भूतेश्वर महादेव और जांजगीर-चांपा के खरौद में लक्ष्मणेश्वर महादेव के रूप में भगवान शिव विभिन्न रूपों में श्रद्धालुओं को दर्शन दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सम्पूर्ण प्रदेश शिवमय है।श्री साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ में पाँच प्रमुख शक्तिपीठों के विकास के लिए शक्ति कॉरिडोर योजना प्रारंभ की गई है। इसमें डोंगरगढ़ की बमलेश्वरी देवी, रतनपुर की महामाया देवी, चंद्रपुर की चंद्रहासिनी माता, दंतेवाड़ा की दंतेश्वरी देवी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में तीर्थ पर्यटन को नई दिशा दी जा रही है।मुख्यमंत्री ने श्री रामलला दर्शन योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि अब तक 22 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या धाम में प्रभु श्रीराम के दर्शन का लाभ प्राप्त कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह योजना श्रद्धालुओं को प्रभु श्रीराम के प्रति श्रद्धा से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनी है।इसी क्रम में पुनः प्रारंभ की गई मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना के अंतर्गत राज्य के वृद्ध श्रद्धालुओं को देश के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन कराए जा रहे हैं, जिससे उन्हें जीवन मं आध्यात्मिक संतोष और आस्था का अनुभव हो रहा है।समापन अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए प्रार्थना की कि बाबा भोलेनाथ की कृपा सदैव सभी श्रद्धालुओं पर बनी रहे। उन्होंने महामधेश्वर धाम समिति को आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दी और कहा कि प्रदेश सरकार श्रद्धा, संस्कृति और विकास के समन्वय से छत्तीसगढ़ को नया धार्मिक एवं पर्यटन गंतव्य बनाएगी।
- घरों का कचरा सफाई वाहन में देने दो हिदायत, इधर - उधर कचरा डालने और सफाई वाहन में नहीं देने पर 3 व्यक्तियों पर किया 700 रूपये ई जुर्माना0*रायपुर/ स्वच्छ भारत मिशन अभियान अंतर्गत महापौर श्रीमती मीनल चौबे स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर, आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र के सभी 10 जोनो के 70 वार्डो में सफाई मित्रों, स्वच्छता दीदियों एवं जोन स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों द्वारा रामकी कम्पनी के कर्मचारियों के साथ मिलकर प्रतिदिन नागरिको के मध्य सफाई अभियान विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर चलाते हुए नागरिकों को सफाई के प्रति जागरूक बनाया जा रहा है।स्वच्छता जागरूकता अभियान के अंतर्गत आज नगर निगम जोन 3 के तहत गुरू गोविंद सिंह वार्ड क्रमांक 29 में मयूर क्लब, ठाकुरबाड़ा बस्ती क्षेत्र में स्वच्छता दीदियो, सफाई मित्रों, जोन 3 स्वास्थ्य विभाग और रामकी कंपनी कर्मचारियों ने विभिन्न सार्वजनिक स्थलो की सफाई करवाकर कचरा उठवाकर स्वच्छता कायम की। वहीं घर -घर जाकर स्वच्छ भारत मिशन अभियान के अंतर्गत नागरिको को स्वच्छता के प्रति जागरूक बनाने अभियान चलाया और सभी नागरिकों को प्रतिदिन घरों का कचरा सफाई वाहन में देने की हिदायत दी, अन्यथा की स्थिति में ई जुर्माना करने की चेतावनी दी गयी, स्वच्छता दीदियों द्वारा सफाई वाहन में कचरा नहीं देकर इधर- उधर कचरा डालकर गन्दगी फैलाये जाने की जनशिकायत सही पाकर सम्बंधित 3 व्यक्तियों पर भविष्य के लिए उन्हें कड़ी चेतावनी देते हुए 700 रूपये ई जुर्माना वसूला। स्वच्छता दीदियों, सफाई मित्रो सहित निगम जोन 3 के स्वास्थ्य विभाग कर्मचारियों द्वारा नागरिको को स्वच्छ वार्ड और बस्ती क्षेत्र का सकारात्मक संदेश दिया गया।













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