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- -जल उपयोगिता समिति की बैठक में लिया गया निर्णयबिलासपुर.। खूंटाघाट जलाशय के गेट 3 अगस्त को खोले जाएंगे। बाई तट मुख्य नहर से 100 क्यूसेक एवं दाई तट मुख्य नहर से 50 क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा। इससे खेती-किसानी के कामों में तेजी आएगी। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में आयोजित जिला जल उपयोगिता समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। इसके साथ ही सिंचाई जलाशयों में जल की उपलब्धता और चालू खरीफ में खाद-बीज एवं फसलों के ताजा हालात की समीक्षा की गई।बैठक में बताया गया कि जलाशयों में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध है। बैठक में जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री मधुचंद्रा ने बैठक में जिले की प्रमुख जलाशयों में जलभराव एवं प्रस्तावित सिंचाई क्षमता की जानकारी दी। बताया गया कि वृहद योजना खारंग जलाशय में 106.76 प्रतिशत एवं अरपा भैंसाझार में 20.06 प्रतिशत पानी का भराव है। मध्यम परियोजनाओं के अंतर्गत घोंघा जलाशय 101.89 प्रतिशत जल भरा हुआ है। इसी प्रकार लघु जलाशयों में खारंग संसाधन के 50 जलाशयों में 81.63 प्रतिशत, जल संसाधन संभाग कोटा की 36 जलाशयों में 91.33 प्रतिशत, जल संसाधन संभाग पेण्ड्रा अंतर्गत 17 जलाशयों में 83.87 प्रतिशत जल भराव है। इन सिंचाई जलाशयों में जिले में खरीफ मौसम में 1 लाख 25 हजार 181 हेक्टेयर रकबे में सिंचाई का लक्ष्य रखा गया है। कलेक्टर ने जल संरक्षण के लिए किसानों और ग्रामीणों को जागरूक करने कहा। उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए भी किसानों को जागरूक करने कहा। कलेक्टर ने कहा कि अभी जल भराव देखने बांध एवं जलाशयों के आसपास बड़ी संख्या में पर्यटक आ रहे है। उनकी सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किया जाए। बैठक में कलेक्टर ने खाद-बीज के भण्डारण तथा वितरण और फसलों के ताजा हालात की भी समीक्षा की। बैठक में सांसद प्रतिनिधि श्री राजकुमार सिंह, विधायक प्रतिनिधि श्री संतोष दुबे, अरपा भैंसाझार के कार्यपालन अभियंता श्री डी जायसवाल, कृषि विभाग के उप संचालक श्री पीडी हथेश्वर, सिंचाई विभाग के सभी एसडीओ एवं सब इंजीनियर मौजूद थे।
- - महाराष्ट्र मंडल में मनाई गई लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथिरायपुर। आपका लक्ष्य किसी जादू से पूरा नहीं होगा, बल्कि आपको ही अपना लक्ष्य प्राप्त करना पड़ेगा। लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक का यह वाक्य आज हम सभी के लिए प्रासंगिक है। जीवन में कुछ पाने के लिए आपको अपना लक्ष्य समय के साथ निर्धारित करना होगा और उसे प्राप्त करने के लिए मेहनत करनी होगी। तभी आप सफल होंगे। उक्ताशय के विचार महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने शुक्रवार की शाम को मंडल में आयोजित तिलक पुण्यतिथि के अवसर पर कही।पुण्यतिथि के मौके पर वरिष्ठ सभासद सुनील गनोदवाले, अनिल श्रीराम कालेले, अध्यक्ष काले, सचिव चेतन गोविंद दंडवते सहित अनेक सभासदों ने लोकामान्य बाल गंगाधर तिलक की तस्वीर पर गुलाल लगाकर माल्यार्पण किया। पुण्यतिथि के सादगी भरे आयोजन में काले ने कहा कि भारत के स्वतंत्रता सेनानियों में बाल गंगाधर तिलक का नाम बड़े ही सम्मान से लिया जाता है। लोकमान्य लोगों के बीच सच्चे जननायक के रुप में उभरे थे, जिसके चलते उन्हें ‘लोक मान्य’ की उपाधि दी गई थी। उन्होंने कानून की पढ़ाई के बाद अपनी सेवाएं एक शिक्षण संस्था के निर्माण में दी।सचिव चेतन गोविंद दंडवते ने कहा कि यह वही व्यक्ति थे, जिन्होंने ब्रिटिश राज में पहली बार पूर्ण स्वराज की मांग उठाई। उनका एक वाक्य ‘स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं उसे लेकर रहूंगा’ आज भी देश में ख्यात है। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान जनजागृति के लिए उन्होंने ही महाराष्ट्र से गणेश उत्सव और शिवाजी उत्सव की परंपरा शुरू की। इसके माध्यम से लोगों में देशप्रेम और अंग्रेजों के विरूद्ध संघर्ष करने का साहस भरा। इसके चलते उन्हें बर्मा की जेल में निरूद्ध भी रहना पड़ा। इस दौरान उन्हों गीता का अध्ययन कर गीता रहस्य नामक पुस्तक लिखी। उनके संपादन में मराठा दर्पण और केसरी नामक समाचार पत्र काफी लोकप्रिय हुए।मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन ने कहा कि लोकमान्य बाल गंगाधर शिक्षा के प्रबल समर्थक थे। उन्होंने 1884 में डेक्कन एजुकेशन सोसाइटी सहित कई शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना की, जिसका उद्देश्य भारत के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना, राष्ट्रीय गौरव और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना पैदा करना था। काफी हद तक वे अपने उद्देश्य में सफल भी हुए थे। इस अवसर पर सह सचिव सुकृत गनोदवाले, भवन प्रभारी निरंजन पंडित, अतुल गद्रे, सुरेखा गद्रे, युवा समिति के समन्वयक विनोद राखुंडे, सचेतक रविंद्र ठेंगड़ी सहित अनेक पदाधिकारी व सभासद उपस्थित रहे।
- बिलासपुर। विश्व बैंक समर्थित भारत सरकार की योजना रैम्प अंतर्गत प्रार्थना भवन खारंग जल संसाधन परिसर बिलासपुर में उद्योग एवं बैंकर्स कनेक्ट कार्यक्रम’’ का आयोजन जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र बिलासपुर के तत्वाधान में आयोजित किया गया।कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य एमएसएमई को हरित बनाने में सहायता करना ऋण तक पहुंच को सुगम बनाना बाजार तक पहुंच बनाना विलंबित भुगतान के मुद्दों का समाधान करना एवं इस संबंध में भागीदारों के साथ चर्चा परिचर्चा कर समाधान करना मुख्य उद्देश्य है। जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र बिलासपुर के मुख्य महाप्रबंधक श्री सी.आर.टेकाम के द्वारा प्रतिभागियों को कार्यक्रम की रूपरेखा से अवगत कराते हुए नवीन उद्यम स्थापना के संबंध में औद्योगिक नीति 2024-30 के अंतर्गत प्रावधान, अनुदान, रियायतें छूट एवं अन्य सुविधाओं के संबंध में जानकारी दी गई। इस अवसर पर रैम्प योजना एवं पीएमएफएमई योजनाओं का राज्य स्तर से आये श्री योगेश शर्मा एवं श्री भूषण के द्वारा विस्तृत रूप से जानकारी देते हुए बैंकर्स से यथासंभव सहयोग करने का आग्रह किया गया। कार्यशाला में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमी, पीएमएफएमई व पीएमईजीपी योजना के हितग्राही व जिले के प्रमुख बैंकों जैसे भारतीय स्टेट बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, केनरा बैक सहित अन्य बैंकों के अधिकारियों ने भाग लेकर उपस्थित उद्यमियों को विभिन्न वित्तीय योजनाओं, ऋण सुविधाओं के लाभों की जानकारी दी गई।कार्यक्रम का अध्यक्षता कर रहे क्षेत्रीय प्रबंधक भारतीय स्टेट बैंक शाखा के द्वारा अपने उद्बोधन में ऋण हेतु किये गये आवेदनों पर सकारात्मक विचार एवं सहयोग करने का आश्वासन दिया गया, प्रतिभागियों के द्वारा किये गये प्रश्नों के उत्तर से प्रतिभागी आश्वस्त हुए। इसी कड़ी में लीड बैंक अधिकारी श्री दिनेश उरांव के द्वारा विभिन्न बैंक शाखाओं में शासकीय योजनाओं के लंबित प्रकरणों पर स्वीकृति एवं वितरित करने में विभागीय अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर लक्ष्य पूर्ति करने में कटिबद्ध होना बताया गया। सफल उद्यमी के रूप में मेसर्स रानीसती उद्योग औ.क्षे. तिफरा के इकाई स्वामी श्री पुरूषोत्तम अग्रवाल के द्वारा अपने उद्बोधन में छोटे एवं कम लागत से उत्पादन प्रारंभ करके बड़े उद्योग तक पहुंचने में आने वाली चुनौतियों एवं उनके समाधान की जानकारी दी गयी।कार्यक्रम में लगभग 50 प्रतिभागी शामिल हुए एवं उनके जानकारी प्राप्त करने की उत्सुकता और उत्तर प्रतिउत्तर से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में विभागीय अधिकारी श्री एल.के.लाकरा महाप्रबंधक, श्री सी.डी. प्रसाद महाप्रबंधक, श्री संतोष धुर्वे महाप्रबंधक, श्री सत्येंद्र वर्मा प्रबंधक, श्री सुनील पाण्डेय प्रबंधक, श्री ए.श्रीधर राव प्रबंधक, श्रीमती रेवती झलरिया प्रबंधक, श्रीमती आरती झलरिया प्रबंधक, एवं अन्य कर्मचारियों के साथ जिले में नियुक्त डीआरपी उपस्थित रहे।
- - खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा सघन जांच 04 से 06 अगस्त तकदुर्ग. ।खाद्य एवं औषधि प्रशासन छ.ग शासन द्वारा सही भोजन बेहतर जीवन की परिकल्पना को सार्थक बनाने हेतु ’’बने खाबो बने रहिबो’’ सघन जांच एवं जागरूकता अभियान 04 से 06 अगस्त 2025 को दुर्ग जिला के साथ समस्त प्रदेश में चलाया जाएगा। बने खाबों बने रहिबो अभियान का उद्देश्य खाद्य प्रदायकर्ताओं को एफएसएसआई के दिशा निर्देशों से अवगत कराना तथा लोगों में स्वच्छ एवं स्वस्थ खान पान की आदतें विकसित करना है। साथ ही किचन की स्वच्छता एवं परिसर की साफ-सफाई के संबंध में जागरूक करना है।खाद्य सुरक्षा अधिकारी दुर्ग से मिली जानकारी अनुसार यह अभियान तीन दिवसीय होगा जिसमें व्यापक तौर पर पूरे राज्य में प्रत्येक जिले एवं प्रत्येक ब्लाक में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के द्वारा स्ट्रीट फुड वेडर्स एवं खाद्य बनाकर परोसने वाले संस्थानों, रेस्टोरेंट का सघन जांच किया जायेगा। साथ ही मौके पर उपभोक्ताओं का सुरक्षित खाद्य के बारे में जानकारी दी जाएगी। निरीक्षण के दौरान खाद्य रंग, अखाद्य रंग, खाद्य पदार्थ परोसने में अखबारी कागज का प्रयोग, खाद्य पदार्थों के पैकेजिंग मटेरियल, उपयोग किये जाने वाले पेयजल और खाद्य पदार्थ के निर्माण किए जाने वाले खाद्य तेल की गुणवत्ता की जांच की जाएगी।
- -पशुओं को मार्गों एवं सार्वजनिक स्थलों पर स्वतंत्र रूप से छोड़ने पर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत पशु मालिकों पर होगी कार्रवाईबालोद। जिले में सड़क दुर्घटना में कमी लाने, बेहतर आवागमन की व्यवस्था बनाने तथा पशुओं की जीवन सुरक्षा हेतु जिले के अनुविभागीय दण्डाधिकारियों ने अपने अनुविभाग स्तर पर आदेश जारी किया है। जिसके तहत पशु मालिकों द्वारा अपने पशुओं को बांधकर रखा जाएगा। पशुओं को मार्गों एवं सार्वजनिक स्थलों पर स्वतंत्र रूप से छोड़ने पर पशु क्रूरता अधिनियम 1960 के अध्याय 03 धारा 11(1) तथा अन्य सुसंगत प्रावधानों के अंतर्गत पशु मालिकों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। अनुविभागीय दण्डाधिकारियों द्वारा जारी आदेश के अनुसार आवागमन हेतु निर्धारित भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्यीय राजमार्ग एवं स्थानीय मार्गो में लगातार सड़क दुर्घटना घटित हो रहा है, जिसका एक प्रमुख कारण स्थानीय पशु मालिकों द्वारा लापरवाही व गैर जिम्मेदारीपूर्वक पशुओं को सड़क एवं सार्वजनिक स्थल पर स्वतंत्र रूप से छोड़ देना है। इन आवारा पशुओं के कारण न केवल आवागमन बाधित होता है अपितु जनहानि, पशुहानि एवं मालहानि जैसी गंभीर घटना घटित होता है। जिससे कानून एवं लोक शांति व्यवस्था की स्थिति निर्मित होती है। इन आवारा पशुओं के मार्गों में एकत्रित होने से अत्यावश्यक सेवा एवं आपातकालीन सेवा देने वाले वाहनों का आवागमन भी गंभीर रूप से प्रभावित होता है। यदि इन आवारा पशुओं के मालिकों द्वारा इन पशुओं को सडक अथवा सार्वजनिक स्थलों में न छोड़कर उचित प्रबंधन एवं रख रखाव किया जाता है तो होने वाली मानव जीवन की क्षति, पशु क्षति, संपत्ति की क्षति तथा कानून एवं शांति व्यवस्था की स्थिति निर्मित होने से बचा जा सकता है। उपरोक्तानुसार पशुओं पशुओं के मार्गों में एकत्रित होने से घटित गंभीर सड़क दुर्घटना का माननीय उच्च न्यायालय द्वारा भी डब्लूपी (पीआईएल) 58/2019 में संज्ञान लिया जाकर राज्य शासन से जवाब चाहा गया है। इस प्रकार सड़क पर एकत्रित आवारा पशु न केवल आमजन के आवागमन में बाधक या सड़क दुर्घटना का कारण है अपितु प्रशासनिक समस्या भी बन चुका है। जिसके लिए पूर्ण रूप से जिम्मेदार इन आवारा पशुओं के लापरवाह व गैर जिम्मेदार पशु मालिक है। पशु मालिकों का इस प्रकार गैर जिम्मेदाराना एवं लापरवाहीपूर्वक आचरण भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 291 के अंतर्गत तथा पशु क्रूरता अधिनियम 1960 के अध्याय 3 धारा 11 (1) के अंतर्गत दण्डनीय अपराध की श्रेणी में भी आता है।उपरोक्त वर्णित तथ्यों के प्रकाश में सभी तथ्यों पर विचार करने के उपरांत इस क्षेत्र में मानव, पशु जीवन, लोकहित, लोक सुरक्षा, कानून एवं लोक शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए मुझे यह समाधान हो गया है कि अनुविभाग डौण्डी के विभिन्न मार्गों एवं सार्वजनिक स्थानों में विभिन्न पशु मालिकों द्वारा अपने पालतू पशुओं को स्वतंत्र रूप से छोड़े जाने से रोका जाना आवश्यक हो गया है। इनके द्वारा छोड़े गये पशुओं से मार्ग अवरूद्ध न हो एवं जन सामान्य, पशुओं की सुरक्षा तथा सुविधा के साथ-साथ आपातकालीन एवं अत्यावश्यक सेवा के निर्बाध व शांतिपूर्ण ढंग से संचालन तथा कानून व्यस्था की दृष्टि से इस क्षेत्र को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत प्रतिबंधित किया जाना आवश्यक प्रतीत होता है। अनुविभागीय दण्डाधिकारियों ने जारी आदेश में कहा है कि उपरोक्त तथ्यों से संतुष्ट होते हुए आमजन पशुओं की जीवन सुरक्षा हेतु तथा जनहित में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 अंतर्गत यह आदेश पारित करता हूँ कि अनुविभाग अंतर्गत सभी पशु मालिक अपने पशुओं को बांधकर रखेंगे। इन पशुओं को मार्गों एवं सार्वजनिक स्थलों पर स्वतंत्र रूप से नहीं छोड़ेंगे ना एकत्रित होने देंगे अन्यथा भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 291 के अंतर्गत सजा एवं जुर्माना से दण्डित किया जावेगा साथ ही पशु क्रूरता अधिनियम 1960 के अध्याय 3 धारा 11(1) तथा अन्य सुसंगत प्रावधानों के अंतर्गत कठोर कार्यवाही की जाएगी।चूंकि इस आदेश को पारित करने के पूर्व व्यक्तिगत सुनवाई का तथा साक्ष्य प्राप्त करने का अवसर दिया जाना संभव नहीं है। अतः यह आदेश आज 31 जुलाई 2025 को एकपक्षीय पारित किया जा रहा है, जो आगामी दो माह तक के लिए प्रभावी रहेगा।
- बालोद,। कार्यालय परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना गुण्डरदेही द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र मचैद में आंगनबाड़ी सहायिका के रिक्त पद पर भर्ती के लिए 22 अगस्त तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास ने बताया कि इसके अंतर्गत गुण्डरदेही विकासखण्ड के आंगनबाड़ी केंद्र मचैद क्रमांक 1 में आंगनबाड़ी सहायिका के 01 पद पर भर्ती की जाएगी। उन्होंने बताया कि आवेदिका को 8वीं उत्तीर्ण तथा उक्त आंगनबाड़ी केन्द्र के ग्राम पंचायत का निवासी होना अनिवार्य है। आवेदिका 22 अगस्त 2025 को शाम 05 बजे तक एकीकृत बाल विकास परियोजना गुण्डरदेही में कार्यालयीन समय में स्वयं उपस्थित होकर या पंजीकृत डाक के माध्यम से अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। इस संबंध में विस्तृत जानकारी कार्यालय परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना गुण्डरदेही से प्राप्त की जा सकती है।
- -आवेदन करने की अंतिम तिथि 12 अगस्तबालोद,।राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा छत्तीसगढ़ रायपुर के निर्देशानुसार जिले के 13 पीएमश्री शालाओं में योगा प्रशिक्षक, खेल शिक्षक एवं प्रशिक्षकों की अंशकालीन सेवाएं हेतु आवेदन आमंत्रित की गई है। जिसके अंतर्गत आवेदन करने की अंतिम तिथि 12 अगस्त 2025 निर्धारित की गई है। जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा ने बताया कि पीएमश्री योजना अंतर्गत सत्र 2025-26 के लिए 13 पीएमश्री शालाओं में योगा प्रशिक्षक, खेल शिक्षक एवं प्रशिक्षकों की अंशकालीन सेवाएं ली जाएंगी। उन्होंने बताया कि आवेदक भर्ती की शर्तें एवं आवश्यक शैक्षणिक अर्हताएं जिले के वेबसाइट बालोद डाॅट जीओवी डाॅट इन पर अवलोकन कर सकते हैं।
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बालोद। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने जिले में संचालित एवं बंद खदानों में जानमाल की सुरक्षा हेतु आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराने एवं निर्देशों का कड़ाई से पालन कराने को कहा है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने इस संबंध में सभी राजस्व अनुविभागीय अधिकारी, खनि अधिकारी, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक एवं सभी जिला जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश जारी किया है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने जारी निर्देश में जिले में संचालित एवं बंद खदान क्षेत्र के चारों ओर सुरक्षा घेरा-फेंसिंग, बाउंड्री वॉल बनाने के निर्देश दिए है जिससे, कोई भी अनाधिकृत प्रवेश न कर सके। उन्होंने खदान क्षेत्र में खदान विवरण पट्टिका, सुरक्षा मापदण्डों का विवरण एवं चेतावनी दर्शाने वाली बोर्ड लगाने को कहा है। जिसमें खदान की गहराई आमजनों के प्रवेश निषेध, आम निस्तारी पर प्रतिबंध, आदि विवरण का उल्लेख हो। श्रीमती मिश्रा ने दुर्घटना संभावित क्षेत्रो में चेतावनी संकेत लगाना, ताकि लोगों को आगाह किया जा सके। उन्होंने खदानों की सुरक्षा एवं आमजनों, मवेशी आदि के प्रवेश पर प्रतिबंध हेतु निजी सुरक्षा कर्मी (चैकीदार) तैनात कराने के निर्देश दिए हैंै। उन्होंने खदान के चारों ओर मेड़ बनाकर, सघन वृक्षारोपण कराने के भी निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने ग्राम पंचायतों एवं ग्राम सभा की बैठकों में समस्त ग्राम वासियों को खदानों से होने वाले खतरों के संबंध में सुरक्षा के पुख्ता उपाय सुनिश्चित कराने को कहा है। उन्होंने खदान परिक्षेत्र के आसपास स्थित स्कूलों, आंगनबाड़ी केन्द्रों एवं अन्य शासकीय संस्थाओं को सुरक्षा उपाय एवं उक्त प्रतिबंधित क्षेत्रो में बच्चों को नही जाने के संबंध में जागरूकता चलाने को कहा है। श्रीमती मिश्रा ने कहा कि खदान की अवधि समाप्त होने पर सुरक्षा की जिम्मेदारी निजी भूमि के मामले में संबंधित पूर्व पट्टेदार, भूमिस्वामी तथा शासकीय भूमि के मामले में सबंधित ग्राम पंचायत की होगी। उन्होंने स्वीकृत खदानों में ब्लास्टिंग किए जाने के दौरान सुरक्षा मानकों का समुचित परिपालन सुनिश्चित कराने तथा बंद खदानों में माईंस क्लाजर प्लान का अनिवार्यतः पालन सुनिश्चित कराने को कहा है। - -कलेक्ट्रेट रायपुर में बढ़ रही है समाजसेवा की भागीदारीरायपुर. । रायपुर जिले में मानवता की सेवा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रेडक्रॉस सोसाइटी द्वारा सदस्यता अभियान ज़ोर पकड़ रहा है। कलेक्ट्रेट कार्यालय रायपुर में अधिकारी, कर्मचारी और आम नागरिक बढ़-चढ़कर सदस्यता ग्रहण कर रहे हैं।रेडक्रॉस की भूमिका प्राकृतिक आपदाओं — जैसे भूकंप, बाढ़ और सूखा — से पीड़ितों की सहायता, शिशु कल्याण, परिवार नियोजन, तथा नर्सिंग सेवाओं के प्रशिक्षण में अहम रही है। यह संस्था हर वर्ग और हर क्षेत्र में सेवा का विस्तार कर रही है।इस अभियान में शुक्रवार को राजधानी के प्रसिद्ध RJ नरेंद्र सिंह भी शामिल हुए और कलेक्टर डॉ गौरव सिंह, निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, सीईओ जिला पंचायत श्री कुमार बिश्वरंजन तथा अपर कलेक्टर सुश्री नम्रता जैन की उपस्थिति में रेडक्रॉस की सदस्यता ली।उन्होंने कहा,"समाज सेवा केवल एक दायित्व नहीं, बल्कि हर नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। रेडक्रॉस इसके लिए एक सशक्त मंच है, जिससे हर व्यक्ति जुड़ सकता है।"कैसे बनें रेडक्रॉस के सदस्य?रेडक्रॉस सदस्यता के लिए विभिन्न श्रेणियाँ निर्धारित हैं:संरक्षक सदस्य – ₹25,000उप-संरक्षक सदस्य – ₹12,000आजीवन सदस्य – ₹1,000वार्षिक सदस्य – ₹100रेडक्रॉस के माध्यम से कोई भी नागरिक धन, कपड़े, खाद्यान्न, बर्तन, दवाइयाँ, या रक्तदान के ज़रिये योगदान दे सकता है। साथ ही रक्तदान शिविरों के आयोजन में सहयोग कर संस्था की गतिविधियों को प्रोत्साहन दिया जा सकता है।
- बालोद। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने जिले में संचालित शासकीय एवं निजी स्कूलों तथा आंगनबाड़ी केन्द्रों के आस-पास स्थित तालाब, नाला एवं अन्य दुर्घटनाजन्य स्थानों में आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग, सहायक संचालक मत्स्य विभाग एवं सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश जारी किया है। जारी निर्देश में कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने तालाब, नाला या अधिक जल भराव वाले स्थान तथा मुख्य मार्ग से लगे हुए स्कूल एवं आंगनबाड़ियों में बाउंड्री वॉल कराने को कहा है। इसके साथ ही ऐसी संस्थाओं में बाउंड्री वॉल की अद्यतन स्थिति की जानकारी संकलित कर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संस्था प्रमुखों को बच्चों को तालाब और नालों के आस-पास स्थानों में नही जाने के लिए जागरूक करने तथा ग्राम स्तर पर भी मुनादी कर परिजनों को भी जागरूक करने का सतत् प्रयास कराने को कहा है। श्रीमती मिश्रा ने स्कूल एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों तक आने-जाने वाले रास्ते में कोई तालाब, नाला या अन्य जल स्त्रोत जिसमें दुर्घटना घटित होने की संभावना रहती हो, उसका ग्रामवार चिन्हांकन करते हुए जानकारी संकलित कर एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने को कहा हैंकलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने इन चिन्हांकित स्थलों पर नोंटिस बोर्ड या दीवाल लेखन के माध्यम से जन जागरूकता एवं प्रचार-प्रसार कराने को कहा है जिससे भविष्य में कोई दुर्घटना घटित न होने पाए। उन्होंने मनरेगा योजना अंतर्गत निर्मित नवीन तालाबों एवं तालाब गहरीकरण कार्यों के पूर्ण होने के उपरांत निस्तारी के उपयोग में लाने के लिए सूचना पटल, जल भराव की स्थिति में खतरे के निशान का चिन्हांकन एवं अन्य आवश्यक सुरक्षात्मक उपाय सुनिश्चित कराने को कहा है। ऐसे स्कूल एवं आंगनबाड़ी भवन जहाँ बारिश के कारण पानी भरने एवं आवागमन बाधित होने की स्थिति निर्मित होती हो इन स्थानों पर जल निकासी के कार्य त्वरित रूप से सुनिश्चित कराने एवं स्कूल, आंगनबाड़ी परिसर में साफ-सफाई एवं स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।
- - दुर्ग एवं बस्तर संभाग के 13 जिलों के 665 तीर्थयात्री करेंगे श्री रामलला के दर्शन- सीईओ जिला पंचायत ने तैयारियों के संबंध में ली बैठकराजनांदगांव । श्री रामलला दर्शन अयोध्या धाम योजना के अंतर्गत दुर्ग संभाग और बस्तर संभाग के 13 जिलों के 665 तीर्थ यात्रियों को पहली बार राजनांदगांव रेल्वे स्टेशन से 6 अगस्त 2025 को श्री रामलला दर्शन के लिए अयोध्या रवाना होंगे। सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह ने श्री रामलला दर्शन अयोध्या धाम योजना के क्रियान्वयन के संबंध में आज जिला पंचायत के सभाकक्ष में बैठक ली। सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह ने बताया कि 6 अगस्त 2025 को दोनों संभागों के 13 जिलों के तीर्थयात्रियों को तीर्थयात्री स्पेशल ट्रेन के माध्यम से श्री रामलला दर्शन के लिए अयोध्या ले जाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहली बार राजनांदगांव से दुर्ग संभाग और बस्तर संभाग के तीर्थयात्री जायेंगे। इसके लिए अच्छी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने तीर्थयात्रा के मद्देनजर संबंधित अधिकारियों को तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि बस्तर संभाग के तीर्थयात्रियों के रूकने के लिए अग्रसेन भवन पुराना बस स्टैण्ड के पास व्यवस्था की गई है। तीर्थयात्रियों के लिए सुरक्षा, भोजन, नाश्ता, पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई, बस, पार्किंग सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली। तीर्थयात्रियों के लिए अग्रसेन भवन में की अच्छी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बस्तर संभाग से आने वाले तीर्थयात्रियों को ठहराने एवं अन्य व्यवस्थाओंं के लिए पर्याप्त मात्रा में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर संयुक्त कलेक्टर श्रीमती शीतल बंसल, डिप्टी कलेक्टर श्री अमीय श्रीवास्तव, उप संचालक समाज कल्याण श्रीमती वैशाली मरड़वार, जिला शिक्षा अधिकारी श्री प्रवास सिंह बघेल, पर्यटन, रेल्वे, खाद्य, पुलिस सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
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राजनांदगांव । जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र राजनांदगांव में 6 अगस्त 2025 को सुबह 10.30 बजे से दोपहर 3 बजे तक प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया जाएगा। प्लेसमेंट कैम्प में इंजीनियर्स इंटरप्राईजेस रामाधीन मार्ग राजनांदगांव द्वारा फैक्ट्री सुपरवाईजर के 2 पद, लेथ मशीन टर्नर ऑपरेटर के 8 पद, स्लोटर मशीन ऑपरेटर के 2 पद, वेल्डर के 2 पद, हॉरिजेन्टल बोरिंग मशीन ऑपरेटर के 2 पद, हेल्पर के 5 पद, कम्प्यूटर ऑपरेटर के 2 पद, मैनेजर के 2 पद एवं शिव शक्ति एग्रीटेक प्राईवेट लिमिटेड तेलीबांधा रायपुर द्वारा सेल्स रिप्रेसेटेटिव के 40 पद, एग्रीकल्चर ऑफिसर के 5 पद तथा बत्रा पीयूसी एण्ड आरटीओ एडवाईजर ठाकुरटोला नियर टोल प्लाजा राजनांदगांव द्वारा मेकैनिक के 1 पद पर भर्ती की जाएगी। प्लेसमेंट कैम्प में शामिल होने वाले इच्छुक अभ्यर्थियों को अपने शैक्षणिक योग्यता के सम्पूर्ण प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, 2 पासपोर्ट साईज फोटो व रोजगार पंजीयन कार्ड लाना अनिवार्य है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र राजनांदगांव से प्राप्त की जा सकती है।
- - प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खोभा, सड़क चिरचारी एवं भेजराटोला में एएनएम पदस्थ करने के दिए निर्देश- ग्राम खोभा में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अंतर्गत आवास कॉलोनी में निर्माणाधीन आवासों का किया निरीक्षण- ग्राम जोब में स्कूली बच्चों से बातचीत कर शिक्षा की गुणवत्ता को परखा- कलेक्टर ने प्राचार्य को स्कूल में मरम्मत सहित अन्य कार्यों के लिए आवश्यक दिए निर्देश- ग्राम जोब में स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छाग्राही समूह द्वारा डोर टू डोर कचरा संग्रहण के लिए किये जा रहे कार्यों की प्रशंसा की- ग्राम पंडरापानी में किसानों से खाद-बीज की उपलब्धता के संबंध में भी ली जानकारी- ग्राम पंडरापानी में युक्तियुक्तकरण से शाला में शिक्षक की पदस्थापना होने से ग्रामवासियों में खुशीराजनांदगांव । कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने शुक्रवार को छुरिया विकासखंड के अंतिम छोर में स्थित दूरस्थ वनांचल ग्राम खोभा, जोब एवं पंडरापानी में जमीनी स्तर पर शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन एवं विकास कार्यों सघन निरीक्षण किया। कलेक्टर ने ग्राम खोभा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का जायजा लिया और स्वास्थ्य सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खोभा, सड़क चिरचारी एवं भेजराटोला में एएनएम पदस्थ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केन्द्रों में सभी आवश्यक दवाईयों की उपलब्धता सुनिश्चित होनी चाहिए। कलेक्टर ने ग्राम खोभा में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अंतर्गत आवासीय कॉलोनी में निर्माणाधीन आवासों का निरीक्षण किया और हितग्राहियों से आवास निर्माण के संबंध में चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना शासन की महती योजना है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में इस योजना के तहत निर्माणाधीन आवासों को समय पर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए। हितग्राहियों ने बताया कि उन्हें आवास योजना के तहत सभी किस्त मिल गई है तथा मनरेगा के तहत पारिश्रमिक भी प्राप्त हो गया है।कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने ग्राम जोब में हाईस्कूल का निरीक्षण किया और स्कूल के बच्चों से बातचीत कर शिक्षा की गुणवत्ता को परखा। उन्होंने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बच्चों से विद्यालय में मिलने वाली सुविधाओं एवं शिक्षकों की नियमित उपस्थिति के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान कलेक्टर ने प्राचार्य को स्कूल में मरम्मत सहित अन्य कार्यों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने ग्राम जोब में स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छाग्राही समूह द्वारा डोर टू डोर कचरा संग्रहण के लिए किये जा रहे कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने स्वच्छताग्राहियों को यूजर चार्ज संग्रहण करने के निर्देश दिए।कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने ग्राम पंडरापानी में जनसामान्य से रूबरू हुए और शासन की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन तथा उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं के संबंध में जानकारी ली। कलेक्टर ने किसानों से खाद-बीज की उपलब्धता के संबंध में भी जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि युक्तियुक्तकरण से शाला में शिक्षक की पदस्थापना होने से शिक्षकों की कमी दूर हो गई है। शिक्षा व्यवस्था दुरूस्त होने से ग्रामीण संतुष्ट है। कलेक्टर को ग्रामीणों ने आंगनबाड़ी केन्द्र एवं स्कूल के आवश्यक मरम्मत कार्य के संबंध में जानकारी दी। कलेक्टर ने अधिकारियों को आंगनबाड़ी केन्द्र एवं स्कूल में मरम्मत कार्य के लिए निर्देशित किया। कलेक्टर ने जनसामान्य से कहा कि सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। इस अवसर पर एसडीएम श्री श्रीकांत कोराम, सीईओ जनपद पंचायत श्री होरी लाल साहू, एसडीओ आरईएस श्री जीपी लारिया सहित सरपंच, अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।
- -दीक्षारंभ एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम में हुए शामिलरायपुर। , उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव आज लोरमी के राजीव गांधी शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में दीक्षारंभ एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने दीक्षारंभ कार्यक्रम में विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि हमें प्रकृति और समाज से जुड़कर समग्र विकास की दिशा में आगे बढ़ना होगा। उन्होंने अपने छात्र जीवन की स्मृतियाँ साझा करते हुए विद्यार्थियों को आत्मविश्वास, अनुशासन और निरंतर प्रयास का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि लक्ष्य निर्धारित करना महत्वपूर्ण है, लेकिन उससे भी अधिक आवश्यक है, सही दिशा तय करना। जीवन में सफलता का रास्ता मेहनत और ईमानदारी से होकर गुजरता है। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के जीवन संघर्ष और उपलब्धियों का उदाहरण देते हुए विद्यार्थियों को प्रेरित किया। महाविद्यालय के प्राचार्य श्री एम.के. धुर्वे ने उप मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए संस्थान की उपलब्धियों की जानकारी दी।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि वर्ष 1994 से संचालित यह कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय लोरमी की शैक्षणिक पहचान बन चुका है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि कभी भी डिप्रेशन, निराशा और हताशा को अपने जीवन में जगह न दें। ये आपके सबसे बड़े शत्रु हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जैसे नेता एक गरीब माँ के बेटे होकर भी विश्व मंच पर छाए हैं। यह उनकी मेहनत और लगन का परिणाम है। श्री साव ने महाविद्यालय की मांग पर 15 नग ग्रीन बोर्ड, परिसर में बाउण्ड्रीवाल, चेकर पत्थर, दो सेट सोलर हाइमास्ट लाइट और सांस्कृतिक मंच के निर्माण की घोषणा की।वृक्षारोपण कर दिया संदेश, सांस्कृतिक मंच निर्माण सहित की कई घोषणाएंउप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने महाविद्यालय परिसर में आम का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि हमारी भावी पीढ़ियों के प्रति एक जिम्मेदारी है। उन्होंने ग्लोबल वार्मिंग और जल संरक्षण के प्रति युवाओं को जागरूक करते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की। कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी प्राध्यापकगण, जनप्रतिनिधि और छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
- - बिल्हा को देश का सबसे स्वच्छ शहर बनाने वाले स्वच्छता दीदियों और सफाई कर्मियों को उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किया सम्मानित-कार्यक्रम में मौजूद लोगों को दिलाई स्वच्छता की शपथरायपुर.। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने बिल्हा नगर पंचायत को 20 हजार से कम आबादी वाले शहरों में देश का सबसे स्वच्छ शहर बनाने में अहम योगदान के लिए वहां की स्वच्छता दीदियों और सफाई कर्मियों को सम्मानित किया। उन्होंने बिल्हा के कन्या भवन में आयोजित सम्मान समारोह में 28 स्वच्छता दीदियों, 20 सफाई मित्रों और दस स्वच्छता कमांडोज को सम्मानित किया। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में बिल्हा ने 20 हजार से कम जनसंख्या वाले शहरों में देश के सबसे साफ-सुथरे शहर का पुरस्कार हासिल किया है। बिल्हा के विधायक श्री धरमलाल कौशिक और क्रेडा के अध्यक्ष श्री भूपेन्द्र सवन्नी भी सम्मान समारोह में शामिल हुए।उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने कार्यक्रम में स्वच्छता दीदियों से कहा कि आप लोगों के कारण छत्तीसगढ़ को देश में बड़ी प्रतिष्ठा मिली है। स्वच्छता में देश में प्रथम स्थान हासिल करना हम सबके लिए गौरव की बात है। अब हमें इसे बरकरार रखना होगा। बिल्हा के एक-एक व्यक्ति को स्वच्छता के लिए संकल्प लेना होगा। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों को स्वच्छता की शपथ दिलाई।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में स्वच्छता ने जन आंदोलन का रूप ले लिया है। स्वच्छता हमारे संस्कार और स्वभाव में है। हर व्यक्ति चाहता है कि हमारा घर साफ-सुथरा रहे। शहर भी हमारा घर है, इसे साफ रखना भी हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में छत्तीसगढ़ को स्वच्छता में उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। इसमें शामिल हमारे 169 शहरों में से 115 ने अपनी रैंकिंग सुधारी है। राज्य की इस उपलब्धि में स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों का अमूल्य योगदान है जिसके लिए वे अभिनंदन के पात्र हैं।श्री साव ने कहा कि बिल्हा के लोगों को सफाई के लिए संकल्पित होना होगा। यह हमारे लिए चुनौती है कि हम स्वच्छता में अपना मुकाम बरकरार रखे। जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बिल्हावासियों की सहभागिता से बिल्हा को स्वच्छ और सुंदर बनाने का काम आगे भी बनाए रखना संभव है। उन्होंने कहा कि बिल्हा के विकास के लिए राशि की कोई कमी नहीं होगी। कार्यों के प्रस्ताव मिलते ही अगले दिन राशि मंजूर कर दी जाएगी।विधायक श्री धरमलाल कौशिक ने अपने संबोधन में कहा कि इतिहास के पन्नों में बिल्हा का नाम दर्ज हुआ है। पूरे देश में बिल्हा को प्रथम स्थान मिला है। यह हमारे लिए गौरव का क्षण है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से स्वच्छता को अपनाने की लोगों से अपील की थी। उनके आह्वान पर आज देशभर में स्वच्छता एक आंदोलन बन चुका है। बच्चों में भी इसके प्रति जागरूकता देखी जा सकती है।क्रेडा के अध्यक्ष श्री भूपेन्द्र सवन्नी ने कहा कि स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों के सक्रिय योगदान से ही हमें यह उपलब्धि हासिल हुई है। स्वच्छता सेवा और समर्पण का काम है, जिसे हमारी स्वच्छता दीदियां और सफाई मित्र मनोयोग से कर रहे हैं। बिल्हा नगर पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती वंदना जेण्ड्रे ने कहा कि स्वच्छता दीदियों में काम करने का अद्भुत जज्बा है। उन्होंने अपने काम से पूरे भारत में बिल्हा का परचम लहराया है। नगर पंचायत के उपाध्यक्ष श्री सतीश शर्मा, सीएमओ श्री प्रवीण गहलोत और जनपद पंचायत के अध्यक्ष श्री राम कुमार कौशिक सहित स्वच्छता दीदियां, सफाई मित्र, कमांडोज और बड़ी संख्या में नगरवासी भी कार्यक्रम में मौजूद थे।बिल्हा की 28 स्वच्छता दीदियां घर-घर जाकर करती हैं कचरा संग्रहणनगर पंचायत बिल्हा की आबादी लगभग 15 हजार है। वहां 28 स्वच्छता दीदियाँ काम कर रही हैं। वे शहर के 15 वार्डों में घर-घर जाकर ई-रिक्शा के माध्यम से कचरा संग्रहण करती हैं और फिर कचरे को एसआरएलएम सेंटर में ले जाकर गीला और सूखा कचरा पृथक करती हैं। गीले कचरे से खाद बनाई जाती है और सूखे कचरे को बेचकर ये महिलाएँ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो रही हैं। बिल्हा में दस विशेष स्वच्छता कमांडोज भी नियुक्त किए गए हैं जो ट्रैक्टर और ऑटो टिपर से पूरे शहर में घूमकर कचरा सफाई और जन-जागरूकता का कार्य कर रहे हैं।
- - उप मुख्यमंत्री ने नगरीय प्रशासन विभाग के कार्यों की समीक्षा कीनागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने, निर्माण कार्यों में तेजी लाने, स्वच्छता एवं सौंदर्यीकरण के कार्यों को प्रभावी तरीके से धरातल पर उतारने के दिए निर्देशरायपुर। . उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने मंत्रालय में आयोजित मैराथन बैठक में विभागीय योजनाओं का सक्रियता से क्रियान्वयन कर नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने, निर्माण कार्यों की गति बढ़ाने तथा स्वच्छता एवं सौंदर्यीकरण के कार्यों को प्रभावी तरीके से धरातल पर उतारने के निर्देश दिए। उन्होंने बैठक में 25 से अधिक योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. और संचालक श्री आर. एक्का भी बैठक में शामिल हुए।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि शहरों को स्वच्छ, सुंदर और नागरिक सुविधाओं से परिपूर्ण बनाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। बीते डेढ़ वर्षों में नगरीय प्रशासन विभाग ने कई नवाचार किए हैं, जिससे शहरी सेवाओं में व्यापक सुधार आया है। विभागीय योजनाओं और सुविधाओं के क्रियान्वयन में और ज्यादा गति तथा पारदर्शिता के साथ परिणाममूलक कार्य करने की जरूरत है। उन्होंने योजनाओं को समयबद्ध और प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया, जिससे कि शहरों के विकास को नई दिशा दी जा सके।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) द्वारा संचालित ई-गवर्नेंस और मोर संगवारी योजना की समीक्षा करते हुए इनकी प्रक्रियाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने निदान-1100 योजना के विस्तार के साथ ही नए आरएफपी की प्रक्रिया को शीघ्र अंतिम रूप देने को कहा। उन्होंने अमृत मिशन के तहत बस्तर और सरायपाली के लिए तैयार किए गए डीपीआर का जल्दी परीक्षण कर प्राथमिकता से स्वीकृत करने को कहा।श्री साव ने स्थानीय निकायों के वर्गीकरण और सेट-अप में सुधार के लिए राज्य शासन को भेजे गए प्रस्तावों की समीक्षा की। उन्होंने इंजीनियरों की भर्ती की प्रक्रिया को शीघ्र प्रारंभ करने वित्त विभाग से अनुमति प्राप्त कर इसमें तेजी से कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने बैठक में सभी विभागीय कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने तथा नगरीय निकायों को दक्ष और जवाबदेह बनाने पर जोर दिया। उन्होंने 15वें वित्त आयोग के तहत प्रस्तावित योजनाओं पर कार्यवाही शीघ्र प्रारंभ करने को कहा।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने ईईएसएल के साथ हुए अनुबंध के अंतर्गत पारंपरिक लाइट्स को एलईडी में बदलने का कार्य समय-सीमा में पूर्ण हो सके, इसके लिए सभी नगरीय निकायों के आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को प्रतिदिन विद्युत संधारण कार्यों की निगरानी और समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने भिलाई क्लस्टर के लिए तैयार इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट परियोजना को जल्द अमल में लाने को कहा।नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की उप सचिव डॉ. रेणुका श्रीवास्तव और डॉ. ऋतु वर्मा, राज्य शहरी विकास अभिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शशांक पाण्डेय, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री दुष्यंत कुमार रायस्त, अपर संचालक श्री पुलक भट्टाचार्य और मुख्य अभियंता श्री राजेश शर्मा सहित नगरीय प्रशासन विभाग एवं सुडा के अधिकारी बैठक में मौजूद थे।
- -2 से 15 अगस्त तक तीन चरणों में होगा आयोजन-‘‘हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता: स्वतंत्रता का उत्सव, स्वच्छता के संग‘‘ थीम पर केंद्रित होगा कार्यक्रमरायपुर, / देशभर की तरह छत्तीसगढ़ में भी 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘‘हर घर तिरंगा‘‘ कार्यक्रम का आयोजन 02 से 15 अगस्त 2025 तक तीन चरणों में किया जाएगा। इस कार्यक्रम के अंतर्गत सभी भारतीय नागरिकों को अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि आमजन में देशभक्ति की भावना का विकास हो और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान में वृद्धि हो। ‘‘हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता: स्वतंत्रता का उत्सव, स्वच्छता के संग‘‘ थीम पर आधारित यह कार्यक्रम तीन चरणों में संपन्न होगा—प्रथम चरण: 02 से 08 अगस्त, द्वितीय चरण: 09 से 12 अगस्त, और तृतीय चरण: 13 से 15 अगस्त 2025 तक।अभियान के दौरान समस्त शासकीय भवनों एवं संस्थानों, आवासीय भवनों में तिरंगा फहराया जाएगा। भवनों को रोशनी से सजाया जाएगा, रंगोली बनाई जाएगी, और सेल्फी ज़ोन तैयार किए जाएंगे। कार्यक्रम की व्यापक सफलता सुनिश्चित करने हेतु पंपलेट, बैनर, स्टैंडीज़ आदि के माध्यम से स्थानीय भाषाओं में जोरदार प्रचार-प्रसार किया जाएगा।यह अभियान नागरिक एकता और सामूहिक उत्सव की भावना पर आधारित है, जिसमें स्वतंत्रता के साथ-साथ स्वच्छता और जल संरक्षण के संकल्प को भी समाहित किया गया है।प्रथम चरण (02 से 08 अगस्त) के अंतर्गत विद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों को तिरंगा आर्ट से सजाया जाएगा। इस दौरान रंगोली प्रतियोगिताएं, तिरंगे के स्थानीय इतिहास पर प्रश्नोत्तरी, तिरंगा राखी निर्माण हेतु कार्यशालाएं एवं प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर तीन रंगों के धागों से तिरंगे की बुनाई का प्रदर्शन भी होगा। विद्यालयों में तिरंगे के मूल्यों और उसकी भावना से प्रेरित पत्र लेखन प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।द्वितीय चरण (09 से 12 अगस्त) के दौरान सार्वजनिक स्थलों पर जनसहभागिता से तिरंगा मेला और तिरंगा कंसर्ट का आयोजन किया जाएगा, जिसमें जनप्रतिनिधियों सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिभाशाली व्यक्तियों और खिलाड़ियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। तिरंगा कंसर्ट में देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त तिरंगा रैली, बाइक और साइकिल रैली का आयोजन भी किया जाएगा।तृतीय चरण (13 से 15 अगस्त) में शासकीय भवनों, शैक्षणिक संस्थानों, होटलों, कार्यालयों, बांधों एवं पुलों पर तिरंगा फहराया जाएगा तथा रोशनी की जाएगी। इसी अवधि में स्वच्छता और जल संरक्षण से संबंधित विविध गतिविधियां भी संपन्न की जाएंगी।‘‘हर घर तिरंगा‘‘ कार्यक्रम में जिले के अंतर्गत सार्वजनिक उपक्रमों, स्व-सहायता समूहों, सामाजिक संगठनों आदि के समस्त कर्मचारियों एवं उनके परिवारों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। कार्पोरेट एवं निजी संगठनों को भी सीएसआर संसाधनों सहित इस अभियान में भाग लेने और सहयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।संस्कृति विभाग द्वारा इस संबंध में सभी जिला कलेक्टरों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इन दिशा-निर्देशों के अनुसार राज्य सरकार की वेबसाइटों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का उपयोग करते हुए आमजन को ‘‘हर घर तिरंगा‘‘ कार्यक्रम में सक्रिय रूप से सहभागी बनने हेतु प्रेरित किया जाएगा। साथ ही ‘‘हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता: स्वतंत्रता का उत्सव, स्वच्छता के संग‘‘ विषयक सभी गतिविधियों को वेबसाइट www.harghartiranga.com से लिंक कर व्यापक रूप से प्रचारित किया जाएगा।इस कार्यक्रम में ग्राम पंचायतों के सरपंचों, नगरीय निकायों के पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। स्थानीय स्व-सहायता समूहों को तिरंगे के निर्माण के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा तथा ग्राम पंचायतों में तिरंगे की बिक्री एवं वितरण के लिए केंद्र स्थापित किए जाएंगे। राज्य के सभी जिलों में डाकघर और उचित मूल्य की दुकानें तिरंगे के वितरण-बिक्री केंद्र के रूप में कार्य करेंगी। आमजन की अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु टोल नाकों, चेक पोस्टों आदि पर पंपलेट्स और स्टीकर्स का वितरण किया जाएगा।
- रायपुर,। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशन में जिला प्रशासन रायपुर द्वारा चलाया जा रहा प्रोजेक्ट 'दधीचि' अब समाज में मानव सेवा का प्रतीक बन रहा है। इस अनूठी पहल ने अंगदान को लेकर लोगों, विशेषकर युवाओं में नई जागरूकता पैदा की है।अब तक जिले में 16 लोगों ने अंगदान कर इस अभियान को समर्थन दिया है। इसका उद्देश्य शासकीय अधिकारियों, कर्मचारियों एवं आम नागरिकों को अंगदान के लिए प्रेरित करना है।इस कड़ी में आज राजधानी के जाने-माने रेडियो जॉकी श्री नरेंद्र सिंह ने एक प्रेरणादायक कदम उठाते हुए अपना संपूर्ण देहदान करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने उन्हें सम्मानित करते हुए प्रमाण पत्र प्रदान किया।श्री नरेंद्र सिंह, जो पेशे से RJ होने के साथ-साथ एक लेखक और अभिनेता भी हैं, ने कहा, "अंगदान महादान है। मेरे अंगों से यदि किसी को जीवन मिल सकता है, तो इससे बड़ी सेवा और क्या हो सकती है।"उन्होंने यह भी बताया कि इस निर्णय में उनके माता-पिता ने उनका पूरा समर्थन किया। साथ ही, उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को 'प्रोजेक्ट दधीचि' के माध्यम से जनजागरण के लिए धन्यवाद भी दिया।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आमजनों से अपील की कि वे आगे आकर अंग एवं देहदान के इस महान कार्य में भागीदार बनें।इस अवसर पर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, सीईओ जिला पंचायत श्री कुमार बिश्वरंजन, अपर कलेक्टर सुश्री नम्रता जैन एवं प्रोजेक्ट दधीचि प्रभारी श्री प्रभात सक्सेना उपस्थित रहे
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रायपुर/ पूर्व वर्षों कि भांति छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद द्वारा संचालित शिक्षा का मन्दिर, स्पीच थेरेपी सेन्टर , बालगृह बालिका एवं बालक माना कैम्प रायपुर के समस्त स्टाफ , बच्चे एवं बच्चों के पालकों हेतु सावन उत्सव का आयोजन 2 अगस्त शनिवार को दोपहर 2 बजे परिषद कार्यालय सप्रे शाला परिसर में किया जा रहा है । कार्यक्रम में मुख्यअतिथि माननीय बृजमोहन अग्रवाल जी सांसद रायपुर , विशिष्ट अतिथि माननीय सुनील सोनी जी , विधायक दक्षिण , माननीय सुश्री वर्णिका शर्मा जी अध्यक्ष बाल संरक्षण आयोग
माननीय डॉ अनामिका सिंह जी MIC सदस्य नगर निगम रायपुर , माननीय सुश्री शैल ठाकुर जी जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास विभाग रायपुर सादर आमंत्रित हैं। - -कलेक्टर ने सड़क दुर्घटना में जनहानि को कम करने व जीवन सुरक्षा हेतु जारी किया आदेशबालोद। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने जिले में हेलमेट नही पहनने के कारण निरंतर हो रहे सड़क दुर्घटना में जनहानि को कम किए जाने व जीवन सुरक्षा हेतु जनहित में आदेश जारी किया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती मिश्रा द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिला बालोद अतर्गत आवागमन हेतु निर्धारित भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्यीय राजमार्ग एवं स्थानीय मार्गों में लगातार सड़क दुर्घटना घटित हो रहा है जिसका एक प्रमुख कारण दो पहिया वाहन चालकों द्वारा हेलमेट नहीं लगाया जाना है। हेलमेट के उपयोग नहीं करने के कारण जिला में लगातार सड़क दुर्घटना में जनहानि, पशुहानि जैसे गंभीर घटना घटित हो रहा है। दोपहिया वाहन चालकों के द्वारा हेलमेट प्रयोग नहीं करने के कारण सड़क दुर्घटना में लोगों की मृत्यु की आशंका बढ़ जाती है और इसके परिणाम स्वरूप जिला में जगह-जगह पर कानून व्यवस्था एवं लोकशांति व्यवस्था की स्थिति निर्मित होती रहती है। यदि दोपहिया वाहन चालको द्वारा अनिवार्य तौर पर हेलमेट का प्रयोग किया जाये तो निश्चित तौर पर सड़क दुर्घटना में होने वाली जनहानि को बचाया जा सकता है।जिले में दोपहिया वाहन चालको के हेलमेट लगाये जाने एवं सड़क दुर्घटना में जनहानि को कम किये जाने का प्रयास जिला प्रशासन, पुलिस विभाग एवं परिवहन विभाग के द्वारा संयुक्त कार्यवाही कर किया जा रहा है। साथ ही स्थानीय निकायों व गणमान्य लोगों व संस्था के साथ मिलकर सड़क दुर्घटना में कमी लाये जाने हेतु व दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने व इसकी आवश्यकता हेतु जनजागरूकता का कार्यक्रम भी किया जा रहा है। यथेष्ट प्रयासों के बावजूद सड़क दुर्घटना में जनहानि में कमी नहीं आ रही है। अतएव यह आवश्यक हो गया है कि सड़क दुर्घटना में कमी लाने एवं जनहानि की रोकथाम हेतु दोपहिया वाहन चालकों को बिना हेलमेट के पेट्रोल अथवा अन्य उपयोगी ईंधन प्रदाय न किया जाए। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती मिश्रा ने उपर्युक्त तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुये व हेलमेट नहीं पहनने के कारण निरंतर हो रहे सड़क दुर्घटना में जनहानि को कम किये जाने व जीवन सुरक्षा हेतु जनहित में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 अंतर्गत यह आदेश पारित करती हूँ कि बिना सुरक्षात्मक उपाय के वाहन चलाने जैसे बिना हेलमेट के दोपहियों वाहन चलाने वाले वाहन चालकों को किसी भी पेट्रोल पंप संचालकों द्वारा पेट्रोल या अन्य उपयोगी ईंधन प्रदान नहीं करेंगें (आकस्मिक सेवा मेडिकल इमरजेंसी को छोडकर)। यदि ऐसे करते पाये जाते है तो पेट्रोप पंप संचालकों के विरुद्ध भारतीय न्याय सहिता के तहत विधि अनुसार दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा।
- रायपुर, ।छत्तीसगढ़ को रेल सेवाओं के क्षेत्र में एक और बड़ी सौगात मिलने जा रही है। भारत सरकार के रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर सूचित किया है कि रायपुर-जबलपुर नई एक्सप्रेस ट्रेन को 3 अगस्त 2025 को हरी झंडी दिखाई जाएगी।रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी कि भारत सरकार छत्तीसगढ़ में रेलवे सेवाओं और आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वर्तमान में राज्य में ₹44,657 करोड़ की लागत से विभिन्न रेलवे परियोजनाएं प्रगति पर हैं। वर्ष 2025 के बजट में छत्तीसगढ़ को रिकॉर्ड ₹6,925 करोड़ की स्वीकृति दी गई है।छत्तीसगढ़ के 32 रेलवे स्टेशनों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से युक्त किया जा रहा है, जिनमें से 5 स्टेशनों का हाल ही में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकार्पण किया गया। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में दो वंदे भारत ट्रेनों का संचालन भी पहले से जारी है, जो ‘मेक इन इंडिया’ पहल का उदाहरण हैं। रायपुर-जबलपुर एक्सप्रेस ट्रेन न केवल छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के बीच आवागमन को आसान बनाएगी, बल्कि इससे व्यापार, पर्यटन और सामाजिक संपर्क को भी नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में रेल नेटवर्क का विस्तार तेजी से हो रहा है, जिससे जनता को सुविधाजनक और आधुनिक रेल सेवाओं का लाभ मिल रहा है।
- -जिला प्रशासन का पर्यावरण संरक्षण की ओर कदम: घिवरा संकुल के 11 स्कूलों में पौधे रोपे गएरायपुर /रायपुर जिले के तिल्दा विकासखंड अंतर्गत घिवरा संकुल में आज दिनांक 1 अगस्त 2025 को राज्य शासन की पर्यावरण संरक्षण संबंधी दो महत्वाकांक्षी योजनाओं – "एक पेड़ माँ के नाम 2.0" एवं "हरियर पाठशाला" – के तहत वृहद स्तर पर पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार स्कूलों में हरियाली तथा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने संकुल स्तरीय आयोजन के अंतर्गत शासकीय प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक तथा हाई स्कूलों सहित कुल 11 विद्यालयों में लगभग 500 पौधों का सामूहिक रोपण किया गया।इस आयोजन को जनभागीदारी के पर्व के रूप में रूपांतरित करते हुए छात्रों के अभिभावकों, ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया। कार्यक्रम के दौरान सभी ने पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए पूरे उत्साह और प्रतिबद्धता के साथ पौधारोपण किया।शासकीय हाई स्कूल घिवरा परिसर में ही 400 से अधिक पौधों का रोपण किया गया, जिनमें छायादार व फलदार पौधे प्रमुख रूप से शामिल थे। पौधों की देखभाल एवं संरक्षण हेतु विद्यालयों की शाला प्रबंधन एवं विकास समितियों (SMDC), ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों और छात्रों ने सामूहिक संकल्प लिया।सभी उपस्थित नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, शाला प्रबंधन समितियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों ने पर्यावरण सुरक्षा में सहभागी बनते हुए पौधों को वृक्ष के रूप में विकसित करने का संकल्प लिया। संकुल प्रभारी प्राचार्य दीपक गुप्ता एवं संकुल समन्वयक कैलाश बघेल ने संकुल स्तरीय इस वृक्षारोपण अभियान की सफलता में सहयोग देने वाले सभी प्रतिनिधियों, शाला समितियों, संस्था प्रमुखों, शिक्षकों एवं छात्रों के प्रति आभार व्यक्त किया।कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के नेतृत्व में जिले में हरियर पाठशाला के तहत पौधरोपण किया जा रहा है। यह आयोजन ने न केवल विद्यालय परिसरों को हरियाली से समृद्ध किया, बल्कि छात्रों एवं अभिभावकों में पर्यावरणीय चेतना को भी जाग्रत किया। "एक पेड़ लगाना है, धरती को स्वर्ग बनाना है" के प्रेरक संदेश के साथ यह कार्यक्रम तिल्दा विकासखंड के लिए एक अनुकरणीय पहल बन गया।
- -कलेक्टर ने सफलता के लिए जारी किए दिशानिर्देशबिलासपुर / भारत सरकार के संस्कृति विभाग के निर्देशानुसार भारतीय ध्वज तिरंगा राष्ट्र का प्रतीक है। इस 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर "हर घर तिरंगा" कार्यक्रम का आयोजन दिनांक 02 से 15 अगस्त, 2025 तक तीन चरणों में किया जाना है। प्रथम चरण 02 से 08 अगस्त, द्वितीय चरण 09 से 12 अगस्त, तृतीय चरण 13 से 15 अगस्त 2025 तक आयोजित किया जाएगा। यह अभियान "हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता स्वतंत्रता का उत्सव, स्वच्छता के संग" थीम पर आधारित होगा। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने इस राष्ट्रीय अभियान की सफलता के लिए विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए हैं।कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि अभियान के दौरान सभी भारतीय नागरिकों को राष्ट्रीय ध्वज अपने घर पर फहराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है ताकि आमजन में देश भक्ति की भावना विकसित हो तथा राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान में वृद्धि हो। उन्होंने संस्कृति विभाग के निर्देशानुसार निम्नानुसार गतिविधियों संचालित करने हेतु दिशा-निर्देश जारी किया है। उन्होंने सार्वजनिक उपक्रमों, स्व-सहायता समूहों, सामाजिक संगठनों आदि के समस्त कर्मचारियों एवं उनके परिवार की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। कार्पोरेट और निजी संगठनों को भी सीएसआर (CSR) संसाधनों सहित भाग लेने और योगदान करने के लिए प्रोत्साहित करना है। राज्य सरकार की वेबसाइटों और सोशल मीडिया का उपयोग कर जागरूकता का निर्माण किया जाएकलेक्टर ने कहा कि "हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता स्वतंत्रता का उत्सव, स्वच्छता के संग" आयोजित कार्यक्रम को वेबसाइट (www.harghartiranga.com) के माध्यम से लिंक करें। शासन स्तर पर मॉनिटरिंग कर ग्राम सरपंचों एवं नगरीय निकाय के अन्य सदस्य एवं पदाधिकारियों की सहभागिता सुनिश्चित कर तिरंगा कोड को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त तिरंगा की मांग अनुसार व्यवस्था सुनिश्चित करें ।शासकीय स्तर पर प्रत्येक गाँव में तिरंगा वितरण और बिक्री केन्द्र स्थापित करें। स्थानीय स्व-सहायता समूहों को तिरंगा के निर्माण के लिए प्रोत्साहित करें। ग्राम पंचायतों द्वारा बड़े पैमाने पर समूह में खरीदी को प्रोत्साहित करें। कलेक्टर ने तिरंगा के वितरक , बिक्री केन्द्र के रूप में पोस्ट आफिस , उचित मूल्य की दुकान का विशाल नेटवर्क स्थापित करें। टोल नाका, चेक पोस्ट आदि में पैम्पलेट स्टीकर वितरण सुनिश्चित किया जाए।भारत सरकार द्वारा चरणबद्ध किए गए गतिविधियों जैसे समस्त शासकीय भवनों एवं संस्थानों आवासीय भवनों में तिरंगा लाईटिंग, रंगोली, सेल्फी जोन एवं तिरंगा फहराना एवं पैम्पलेट, बैनर, स्टैण्डिज आदि के माध्यम से "हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता स्वतंत्रता का उत्सव, स्वच्छता के संग" कार्यक्रम को सफल बनाने स्थानीय भाषाओं में प्रमुखता से प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। कलेक्टर ने स्वतंत्रता सप्ताह के दौरान "हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता : स्वतंत्रता का उत्सव, स्वच्छता के संग" कार्यक्रम के सफल कियान्वयन हेतु उपरोक्त समस्त दिशा-निर्देश का कड़ाई से पालन कराया जाना सुनिश्चित करने को कहा है ।
- नई दिल्ली, /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल से सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान राज्य की महत्वपूर्ण जल परियोजनाओं, विशेषकर बस्तर क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित बोधघाट बहुद्देशीय परियोजना पर विस्तार से चर्चा हुई।मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्रीय मंत्री श्री सी आर पाटिल को अवगत कराया कि बोधघाट परियोजना बस्तर की सिंचाई, पेयजल आपूर्ति और ऊर्जा उत्पादन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर क्षेत्र दशकों से विकास की मुख्यधारा से पीछे रहा है। वर्तमान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि इस क्षेत्र को नक्सल हिंसा से मुक्त कर आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाया जाए। उन्होंने बताया कि बस्तर के लिए प्रस्तावित बोधघाट बहुद्देशीय परियोजना से लगभग 8 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई और 125 मेगावाट विद्युत उत्पादन सुनिश्चित किया जा सकेगा।बैठक के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी बताया कि बस्तर क्षेत्र में अब नक्सल प्रभाव में उल्लेखनीय कमी आई है और विकास कार्यों के लिए अनुकूल वातावरण बन रहा है। ऐसे में बोधघाट जैसी परियोजनाएं इस क्षेत्र को आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से इस परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना के रूप में निर्माण संबंधी आवश्यक पहल करने के विषय में विस्तार से चर्चा की।केंद्रीय जलशक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल ने राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए परियोजना से संबंधित प्रस्तावों का शीघ्र तकनीकी परीक्षण कराने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने आशा व्यक्त की कि केंद्र सरकार के सहयोग से बोधघाट परियोजना शीघ्र साकार रूप लेगी और यह बस्तर की आर्थिक उन्नति और सामाजिक बदलाव का प्रमुख आधार बनेगी।
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यूपीएससी द्वारा जारी दिशा निर्देश का अनिवार्यतः पालन करे : डॉ सिंह, कलेक्टर
रायपुर/ संघ लोक सेवा आयोग द्वारा जिले में आयोजित सेन्ट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स में सहायक कमांडेंट भर्ती परीक्षा को लेकर कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने केंद्राध्यक्ष, परिवहन अधिकारी (आब्जर्वर)की रेडक्रास सभागार में बैठक ली। उन्होंने केंद्रों में सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।जिले में यूपीएससी की सीएपीएफ भर्ती परीक्षा 03 अगस्त 2025, रविवार को दो पाली सुबह 10 बजे से 12 बजे तक तथा 2 बजे से 5 बजे तक 05 परीक्षा केंद्रों में आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा में लगभग 1600 अभ्यर्थी शामिल होंगे..*अभ्यार्थियों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश :-* परीक्षार्थी, परीक्षा प्रारंभ होने के कम से कम 2 घंटा पूर्व परीक्षा केन्द्र में पहुंचे ताकि उनका फ्रिस्किंग (Frisking) एवं सत्यापन किया जा सके। परीक्षा प्रारंभ होने के 30 मिनट पूर्व परीक्षा केन्द्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जायेगा। चूंकि यह परीक्षा प्रथम पाली में प्रातः 10.00 बजे से प्रारंभ हो रहा है अतः मुख्य द्वार प्रातः 9.30 बजे बंद कर दिया जाएगा। द्वितीय पाली में मुख्य द्वार 1.30 बजे बंद हो जायेगा.. परीक्षा कक्ष में किसी प्रकार का संचार उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक घडी, आदि ले जाना पूर्णतः वर्जित है।इस बैठक में अपर कलेक्टर नम्रता जैन , परीक्षा के नोडल अधिकारी एवं अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान सिंह राठौर, श्री नवीन कुमार ठाकुर, सहायक नोडल अधिकारी एवं जिला रोजगार अधिकारी श्री केदार पटेल, यूपीएससी के आब्जर्वर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे |




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