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प्राचार्य, व्याख्यता, प्रधानपाठक, शिक्षक सहित विभिन्न गैर शिक्षकीय पदों पर प्रतिनियुक्ति एवं संविदा माध्यम से की जाएगी रिक्त पदों की पूर्ति
बालोद/उत्कृष्ट विद्यालय प्रबंधन समिति जिला बालोद द्वारा जिले में संचालित स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय आमापारा बालोद, डौण्डी, डौण्डीलोहारा, अर्जुंदा, गुरूर, नयाबाजार दल्लीराजहरा, देवरीबंगला, गुण्डरदेही, निपानी, कन्नेवाड़ा, अरमरीकला, मोंहदीपाट, सिकोसा, सुरेगांव, रानाखुज्जी, मंगचुवा, कुसुमकसा, आमडुला एवं घोटिया में प्राचार्य के रिक्त कुल 15 पद, व्याख्याता के 46 पद शिक्षक के 53 पद, प्रधान प्राठक प्राथमिक शाला के 01 पद, प्रधान प्राठक माध्यमिक शाला के 01 पद, सहायक शिक्षक के 53 पद, प्रयोगशाला सहायक के 06 पद, व्यायाम शिक्षक के 03 पद, ग्रंथपाल के 01 पद, सहायक ग्रेड-02 के 3 पद, सहायक ग्रेड-03 के 2 पद, भृत्य के 07 पद एवं चैकीदार के 01 पद पर प्रतिनियुक्ति अथवा संविदा आधार पर कुल 192 रिक्त पदों की पूर्ति हेतु योग्यताधारी आवेदकों से 18 जुलाई 2025 से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी एवं उत्कृष्ट विद्यालय प्रबंधन समिति के सचिव श्री पीसी मरकले ने बताया कि इस पद के लिए पात्र एवं योग्यताधारी आवेदक बालोद जिले के वेबसाइट https://balod.gov.in/ में दर्शित ऑनलाईन गूगल फार्म के माध्यम से 28 जुलाई 2025 को रात्रि 11.59 बजे तक अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकते है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी बालोद जिले की वेबसाईट https://balod.gov.in/ में तथा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय बालोद के सूचना पटल पर अवलोकन की जा सकती है। - दंतेवाड़ा । दंतेवाड़ा प्रवास के दौरान बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप द्वारा दंतेवाड़ा रेडियो स्टेशन में संचालित आरजे प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे युवाओं से मुलाकात कर संवाद किया गया। इस मौके पर सांसद श्री कश्यप ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं से उनके अनुभव साझा किए, उनके सवालों का जवाब दिया और रेडियो, जनसंचार तथा संवाद कला से जुड़े विभिन्न विषयों पर युवाओं को मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि, “बस्तर के युवाओं में रचनात्मकता, जिज्ञासा और अभिव्यक्ति की अद्भुत क्षमता हैं और ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम उन्हें नए अवसरों की ओर ले जाते हैं।”प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने रेडियो जॉकी आरजे बनने से जुड़ी तकनीकी जानकारी, प्रस्तुति कौशल, स्क्रिप्ट लेखन और साक्षात्कार विधा जैसे विषयों में सक्रिय भागीदारी दिखाई। इसी क्रम में प्रशिक्षुओं द्वारा सांसद श्री महेश कश्यप का एक रोचक सजीव साक्षात्कार भी लिया गया, जो सवाल-जवाब, और सीख से भरपूर रहा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बस्तर के युवाओं को रेडियो और जनसंचार के क्षेत्र में न केवल प्रशिक्षण देना है, बल्कि उन्हें रोजगार, आत्मविश्वास और सामाजिक नेतृत्व की दिशा में प्रेरित करना भी है। इस अवसर पर रेडियो स्टेशन की टीम, प्रशिक्षकगण और बड़ी संख्या में युवा प्रतिभागी उपस्थित थे। कार्यक्रम के समापन पर सांसद ने सभी प्रशिक्षुओं को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और रेडियो के माध्यम से सकारात्मक समाज निर्माण में भागीदार बनने का आह्वान किया।
- दंतेवाड़ा । भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली एवं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ रायपुर के निर्देशानुसार स्वीप कार्यक्रम के अंतर्गत युवाओं को मतदान के प्रति जागरूक करने एवं मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने हेतु जिले के समस्त विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसी क्रम में आज संयुक्त जिला कार्यालय दंतेवाड़ा के भू-तल स्थित शंकनी सभाकक्ष में उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री मूलचंद चोपड़ा की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा शिविरों के सफल संचालन हेतु सभी शैक्षणिक संस्थानों में स्वीप नोडल अधिकारी एवं कैंपस एंबेसडर की नियुक्ति, शिविरों की तिथि निर्धारित कर उसे निर्वाचन कार्यालय को सूचित करने तथा 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के छात्र-छात्राओं का नाम मतदाता सूची में सम्मिलित करने के निर्देश दिए गए।इसके साथ ही विद्यार्थियों को मतदान के महत्व की जानकारी देने, मानव श्रृंखला बनाकर जागरूकता अभियान चलाने एवं शिविरों के दौरान वाद-विवाद, निबंध, रंगोली, चित्रकला, नाटक, नुक्कड़ नाटक जैसे रचनात्मक कार्यक्रमों के आयोजन की बात कही गई। उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि 01 जनवरी, 01 अप्रैल, 01 जुलाई एवं 01 अक्टूबर को 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले सभी पात्र युवाओं के नाम मतदाता सूची में जोड़े जा सकते हैं। आयोजित शिविरों में संबंधित सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं बीएलओ की उपस्थिति अनिवार्य रहेगी। बैठक में महाविद्यालयों एवं प्रशिक्षण संस्थानों के स्वीप नोडल अधिकारी प्रतिनिधि तथा जिला निर्वाचन कार्यालय के कर्मचारी उपस्थित रहे।
- रायपुर / विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने कहा है कि आज का दिन हमारी छत्तीसगढ़ विधानसभा के लिए संसदीय परंपरा को ठेस पहुंचाने वाला रहा है। एक तरफ हम रजत जयंती वर्ष में अपने संसदीय गौरव और गरिमामयी इतिहास की बात कर रहे हैं तो दूसरी तरफ विपक्ष के विधायकों द्वारा वेल में प्रवेश उपरांत स्वतः निलंबन के बाद भी सदन से बाहर जाने की जगह नारेबाजी करते हुए विधानसभा की परंपराओं को तार-तार कर नियमावली की धज्जियां उड़ाने का काम किया है। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि प्रतिपक्ष के इस व्यवहार के बाद मुझे अत्यंत खेद के साथ प्रश्नकाल की प्रक्रिया को स्थगित करना पड़ा, वो प्रश्नकाल जो कि छत्तीसगढ़ की जनता के विषयों से सीधा जुड़ा होता है। उसे बाधित करना प्रतिपक्ष द्वारा एक अत्यंत दुःखद आचरण है।
- -मुख्यमंत्री ने बीजापुर के युवा ग्रेजुएट पंच का बढ़ाया हौसला-बीजापुर जिले के युवाओं से मुख्यमंत्री ने की आत्मीय मुलाकातरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज यहां छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में स्वामी विवेकानंद युवा प्रोत्साहन योजना के तहत राजधानी रायपुर के भ्रमण पर आए बीजापुर जिले युवाओं से मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय इन युवाओं से बहुत आत्मीयता से मिले और उनसे राजधानी रायपुर भ्रमण के अनुभवों को जाना। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर का हर गांव आपका अच्छा गांव बनेगा। बस्तर के विकास को अब कोई नहीं रोक सकता। बस्तर का युवा आज आत्मविश्वास से भरा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने बीजापुर जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों से आये युवाओं से उनका हाल-चाल जाना और आत्मीय चर्चा की। मुख्यमंत्री ने युवाओं से पूछा कि वे विगत डेढ़ वर्षों में क्या परिवर्तन महसूस कर रहे हैं ? युवाओं ने बताया कि बहुत परिवर्तन है। अब हमारे क्षेत्र में सड़कें बन रही हैं, बिजली की व्यवस्था हुई है और आंगनबाड़ी केंद्र भी खुल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर का विकास हमारी सरकार की प्राथमिकता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने युवाओं से उनकी पढ़ाई-लिखाई और गतिविधियों के विषय में जानकारी ली। बीजापुर के एक युवा ने मुख्यमंत्री श्री साय को बताया कि वह जूलॉजी विषय से बीएससी कर चुका है और वर्तमान में वह अपने गांव का पंच है। उसका एक साथी भी पंच निर्वाचित हुआ है। मुख्यमंत्री ने इन युवाओं के जज्बे की सराहना की और उनका हौसला बढ़ाया।इस दौरान उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने बच्चों से पूछा- कितने बच्चे इंस्टाग्राम चलाते हैं ? जब इस प्रश्न पर कई बच्चों ने हाथ उठाया तो मुख्यमंत्री ने आश्चर्यमिश्रित मुस्कान के साथ कहा- अब बस्तर के हमारे बच्चे भी समय के साथ हाईटेक हो रहे हैं। ये सुनकर ठहाके गूंज उठे। मुख्यमंत्री ने इस बात पर खुशी जाहिर की कि युवा अपडेट हैं और तकनीक को समझ रहे हैं। युवाओं ने बताया कि उनके गांव में अब मोबाइल टावर भी लग रहे हैं।युवाओं ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे कल राजधानी रायपुर आये हैं। उन्होंने मुक्तांगन, जंगल सफारी सहित अन्य जगहें देखी हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने युवाओं से कहा कि वे राजधानी रायपुर के भ्रमण के अनुभव का पूरा लाभ उठाएं।उल्लेखनीय है कि स्वामी विवेकानंद युवा प्रोत्साहन योजना के तहत बीजापुर जिले के नियद नेल्लानार ग्राम पंचायतों के 100 युवा राजधानी रायपुर के भ्रमण पर आये हैं। जिसके अंतर्गत आज ये युवा छत्तीसगढ़ विधानसभा पहुंचे। इस अवसर पर वनमंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक श्री किरण देव, श्री संपत अग्रवाल, श्री ईश्वर साहू सहित गणमान्यजन उपस्थित थे।
- -60% प्री–बुकिंग मिलने पर ही होगी निर्माण प्रक्रिया शुरू — गृह निर्माण मंडल अब हुआ पूर्णत: ऋणमुक्तरायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी ने राज्य शासन द्वारा संचालित वन टाइम सेटलमेंट योजना (OTS-2) की अभूतपूर्व सफलता की जानकारी दी। मंत्री श्री चौधरी ने बताया कि OTS-2 योजना की शुरुआत 1 मार्च 2025 से की गई थी। इस योजना का उद्देश्य छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा पूर्व में निर्मित रिक्त संपत्तियों को विशेष छूट के साथ आम नागरिकों को सुलभ कराना है। योजना में रिक्तता की अवधि के आधार पर संपत्तियों पर चरणबद्ध छूट दी गई है। उन्होंने विस्तार से बताया कि 5 से 10 वर्ष पुरानी ऐसी संपत्तियाँ जिनमें कम से कम 20% भाग रिक्त है, उन पर 20% की छूट दी जा रही है, जबकि 20% से अधिक रिक्तता होने की स्थिति में 30% तक की छूट निर्धारित की गई है। वहीं 10 वर्ष से अधिक पुरानी रिक्त संपत्तियों पर भी 30% छूट का प्रावधान है। वित्त मंत्री ने बताया कि वे संपत्तियाँ जो अब पहली बार योजना में सम्मिलित की गई हैं और जिनके निर्माण को 5 वर्ष पूरे हो चुके हैं, उन्हें 10% छूट के साथ ऑफर में शामिल किया गया है। ये सभी छूट संपत्तियों के बेस प्राइस पर लागू होती हैं। इसके पश्चात ऑफर आमंत्रित किए जाते हैं, जिनमें नागरिक प्रतिस्पर्धा के माध्यम से भाग लेते हैं, और सबसे उच्चतम मूल्य वाले को संपत्ति आवंटित की जाती है। उन्होंने कहा कि इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और लोगों में बढ़ते विश्वास के परिणामस्वरूप 15 जून 2025 तक कुल 920 संपत्तियों का सफलतापूर्वक विक्रय किया गया है, जिससे मंडल को 139.47 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति हुई है। यह उपलब्धि योजना की लोकप्रियता को दर्शाती है और गृह निर्माण मंडल के लिए मील का पत्थर है।गृह निर्माण मंडल हुआ पूर्णत: ऋणमुक्तवित्त मंत्री श्री चौधरी ने यह भी बताया कि गृह निर्माण मंडल पर पूर्व में बैंकों का लगभग 800 करोड़ रुपये का ऋण बकाया था। राज्य सरकार ने इस ऋण को अपने बजट प्रावधानों से पूरी तरह चुका दिया है, जिससे मंडल आज पूर्णत: ऋण मुक्त हो चुका है। यह मंडल की एक बड़ी उपलब्धि है, जिसने इसे भविष्य की योजनाओं के लिए और अधिक सशक्त बना दिया है।60% प्री-बुकिंग के बाद ही आरंभ होंगे निर्माण कार्यआवास मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि अब से गृह निर्माण मंडल द्वारा कोई भी नई आवासीय योजना तब तक प्रारंभ नहीं की जाएगी, जब तक उसकी प्री-बुकिंग कम से कम 60% तक न हो जाए। यह रणनीतिक कदम योजनाओं की सफलता सुनिश्चित करने और अनावश्यक निर्माण कार्य से बचने हेतु उठाया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब गृह निर्माण मंडल पारंपरिक सीमाओं से आगे बढ़ते हुए कॉरपोरेट मॉडल को अपनाकर काम कर रहा है, जिसके अंतर्गत न केवल किफायती आवासीय इकाइयाँ बल्कि विभिन्न श्रेणियों के मकान और व्यावसायिक परिसंपत्तियाँ भी विकसित की जा रही हैं। यह नवाचार शहरी विकास और आत्मनिर्भर आवास नीति के अनुरूप है।जनहित को प्राथमिकतामंत्री श्री चौधरी ने अपने वक्तव्य में कहा कि गृह निर्माण मंडल का मूल उद्देश्य प्रदेशवासियों को सुलभ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराना है। मंडल द्वारा संचालित योजनाएं विशेष रूप से आमजन, निम्न और मध्यम वर्गीय परिवारों को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही हैं, ताकि हर नागरिक को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर मिल सके।
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रायपुर |: आबकारी आयुक्त सह प्रबंध संचालक (CSMCL) श्री श्याम धावडे, कलेक्टर रायपुर श्री गौरव सिंह के निर्देश एवं प्रभारी उपायुक्त आबकारी श्री राजेश शर्मा के मार्गदर्शन में आबकारी विभाग जिला रायपुर द्वारा दिनांक 16/07/2025 को रायपुर रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म नंबर 01 में आरोपी हरिओम मिश्रा S/O आनंद मिश्रा उम्र 25 वर्ष, साकिन ग्राम सुगाव , थाना सुगौली, जिला मोतिहारी (बिहार) के आधिपत्य के 02 बैग से 15 पैकेट में रखा 15.370 किलो ग्राम अवैध मादक पदार्थ गांजा कीमती ₹ 384250/- जब्त कर आरोपी के विरुद्ध NDPS Act 1985 की धारा 20(b) के तहत सहायक जिला आबकारी अधिकारी वृत्त गंज वैभव मित्तल द्वारा प्रकरण पंजीबद्ध कर मामला विवेचना में लिया गया है | उक्त कार्यवाही में सहायक जिला आबकारी अधिकारी टेक बहादुर कुर्रे , आबकारी उपनिरीक्षक प्रकाश देशमुख, आर पी एफ निरीक्षक निशा भोईर,आरक्षकगण चंदेलाल गायकवाड़, पूजा शर्मा, वेद कतलाम की महत्वपूर्ण भूमिका रही |
- रायपुर। कृषि विज्ञान केन्द्र, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में 5 दिवसीय उन्न्त मत्स्य बीज उत्पादन के विषय पर प्रशिक्षण संपन्न हुआ। राष्ट्रीय मत्स्य कृषक दिवस के अवसर पर इस कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. एस. एस. टुटेजा, निदेशक विस्तार सेवायें, इं.गां.कृ.वि. रायपुर के द्वारा किया गया एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रोफेसर एम.एस.चारी एवं डॉ. गौतम राय, कृषि विज्ञान केन्द्र, रायपुर के प्रमुख उपस्थित थे। इस प्रशिक्षण में छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न जिलों के साथ साथ बंगाल, अ्रांध्रप्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, उडीसा से भी मत्स्य कृषक इस प्रशिक्षण में सम्मिलित हुए। इसके अलावा नेपाल से श्री रेवती सिंह भी सम्मिलित हुए। बरसात के प्रारंभ होते ही मत्स्य प्रजनन का कार्य प्रारंभ होता है जो विश्वविद्यालय के एकीकृत मत्स्य उत्पादन प्रक्षेत्र में कृत्रित प्रजनन इकाई में उपलब्ध सर्कुलर हैचरी में कार्य संपादित होता है। मत्स्य कृषकों में उन्न्त मत्स्य बीज उत्पादन प्रशिक्षण लेने हेतु विषेश मांग रहती है।इस दौरान भारतीय मेजर क्रॉप एवं भारतीय कैट फिश मछलियों का ब्रीडिंग एवं उन्नत बीज उत्पादन विषय पर प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण के माध्यम से प्रशिक्षनार्थी ब्रुड स्टाक मैनेजमेण्ट, कृत्रिम प्रजनन, नर्सरी प्रबंधन आदि के बारे में सैद्धातिक एवं व्यवहारिक रूप से सिखाया गया, इस प्रशिक्षण में हैचरी प्रबंधन के बारे में विशेष रूप से जोर दिया गया।कार्यक्रम के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. आरती गुहे, अधिष्ठाता, कृषि महाविद्यालय, रायपुर एवं डॉ. गौतम रॉय, प्रमुख, कृषि विज्ञान केन्द्र, रायपुर उपस्थित थे। डॉ. गौतम रॉय ने अपने उद्बोधन में 5 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी एवं इस इकाई को विश्वविद्यालय अंतर्गत उत्कृष्ट केन्द्र (ब्मदजमत वि म्गबमससमदबम) के रूप में पहचान बनाने हेतु बधाई दी। मुख्य अतिथि डॉ.गुहे ने अपने उदबोधन में कहा कि समन्वित कृषि में मछली पालन का बहुत बड़ा योगदान है तथा आय का एक उत्तम स्त्रोत है। उन्होने यह भी कहा कि कृषि विज्ञान केन्द्र, रायपुर मछली पालन क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है और विश्वविद्यालय के नाम को एक नई पहचान की ओर ले जा रहे है।इस प्रशिक्षण में सम्मिलित हुए प्रशिक्षणार्थियों ने इस 5 दिवसीय उन्न्त मत्स्य बीज उत्पादन में जो प्रशिक्षण से सीखे उनके अनुभव सभी के साथ साझा किये और मत्स्य बीज उत्पादन को व्यवसाय के रूप में अपना कर अर्थिक स्वावलम्बी बनने का इच्छा जताई। अंत में सभी प्रशिक्षणार्थियों को सहभागिता प्रमाण पत्र मुख्य अतिथि के द्वारा प्रदाय किये गये एवं डॉ. सौगत सासमल (प्रशिक्षण प्रभारी) ने धन्यवाद ज्ञापन देते हुए इस प्रशिक्षण का समापन किया।
- बिलासपुर छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत स्व सहायता समूह के बैंक क्रेडिट लिंकेज की प्रगति में गति लाने बैंकर्स के लिए प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन जिला पंचायत द्वारा किया गया।एनआरएलएम कांसेप्ट ऑनलाइन एप्लीकेशन एवं आरबीआई मास्टर सर्कुलर पर समझ बनाने हेतु कार्यशाला का आयोजन ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली से नियुक्त श्री गगन बिहारी भुयांन नेशनल रिसोर्स पर्सन द्वारा बिलासपुर में जिला पंचायत के राजीव गांधी सभा कक्ष में प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया । श्री गगन बिहारी भुग्यां द्वारा अत्यंत सरल भाषा में सभी विषयों पर प्रशिक्षण दिया । मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संदीप अग्रवाल द्वारा बैंकों को ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के उत्थान में सहभागिता कर देश के विकास में भागीदार बनने प्रेरित किया । उन्होंने कहा कि बैंकों के सहयोग से 24000 एनआरएलएम की दीदियां लखपति बन चुकी है, इस वर्ष यह लक्ष्य 40000 से ज्यादा रखा गया है । इस कार्यशाला में पिछले वर्ष में लक्ष्य प्राप्ति करने वाली एवं अच्छे व्यवहार हेतु कुछ बैंकों के शाखा प्रबंधकों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया । कार्यक्रम का संचालन श्री रामेंद्र सिंह गुर्जर द्वारा किया गया । कार्यक्रम में एसबीआई अग्रणी जिला प्रबंधक श्री दिनेश उराव , एनआरएलएम की राज्य प्रतिनिधि नियति ध्रुव, एसबीआई एफएलसी श्री एस एम देशकर , लगभग 50 बैंक शाखा प्रबंधक एवं एफएलसीआरपी उपस्थित थे ।
- - रायपुर जिले में 18 केंद्रों पर आयोजित होगी परीक्षा, प्रातः 9.45 को मुख्य द्वार होगा बंदरायपुर, । छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) रायपुर द्वारा आयोजित जल संसाधन विभाग के अंतर्गत उप अभियंता सिविल तथा उप अभियंता विद्युत/यांत्रिकी परीक्षा का आयोजन 20 जुलाई 2025 रविवार को किया जाएगा। यह परीक्षा सुबह पाली में प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक संपन्न होगी। जिले में परीक्षा के लिए कुल 18 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं।कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने परीक्षा की समुचित तैयारी सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, परीक्षा संचालन और अभ्यर्थियों की सुविधा हेतु मूलभूत आवश्यकताओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा है। परीक्षा की सुचारु और पारदर्शी तरीके से सम्पन्नता के लिए अपर कलेक्टर श्री नवीन कुमार ठाकुर को नोडल एवं रोजगार अधिकारी विशेष रोजगार कार्यालय श्री केदारनाथ पटेल को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। व्यापम द्वारा परीक्षा केंद्रों पर कड़े दिशा-निर्देश लागू किए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता से बचा जा सके।व्यापम द्वारा परीक्षा केन्द्र में अभ्यर्थियों के लिए आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए है- परीक्षार्थी, परीक्षा प्रारंभ होने के कम से कम 2 घंटा पूर्व परीक्षा केन्द्र में पहुंचे ताकि उनका फ्रिस्किंग (Frisking) एवं पहचान पत्र का सत्यापन किया जा सके। प्रातः 9.45 को मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा, समय का विशेष ध्यान रखे। अभ्यर्थी हल्के रंग के आधी बांह वाले कपडे पहनकर परीक्षा देने आये, फुटवियर के रूप में चप्पल पहनें, कान में किसी भी प्रकार का आभूषण वर्जित है, परीक्षा प्रारंभ होने के पहले आधा घंटा में एवं परीक्षा समाप्ति के आखिरी आधा घंटा मेंहै परीक्षा कक्ष से बाहर जाना वर्जित है, परीक्षा कक्ष में किसी प्रकार का संचार उपकरण, इलेक्ट्रानिक उपकरण, इलेक्ट्रानिक घडी, पर्स, पाऊच, स्कार्फ, बेल्ट, टोपी आदि ले जाना पूर्णतः वर्जित है, प्रवेश पत्र के सभी पेज का प्रिंट आउट ले और पेज के केवल एक तरफ प्रिंट करें, क्योंकि प्रत्येक परीक्षा हेतु व्यापम की प्रति परीक्षा केंद्र में जमा हो जाएगी, परीक्षार्थी को परीक्षा हेतु प्रवेश पत्र के साथ पहचान पत्र के रूप में मतदाता पहचान पत्र/ड्राइविंग लाइसेंस /पेन कार्ड / आधार कार्ड जिसमें अभ्यर्थी का फोटो हो, का एक मूल पहचान पत्र परीक्षा दिवस में परीक्षा केंद्र में लाना अनिवार्य होगा। मूल पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं करने पर परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जायेगा जिसके लिए अभ्यर्थी स्वयं जिम्मेदार होंगे। यदि इंटरनेट से प्राप्त प्रवेश पत्र पर फोटो नहीं आता है, तो अभ्यर्थी अपने साथ दो रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो ले कर परीक्षा केंद्र में जावे।परीक्षार्थी परीक्षा कक्षा में केवल काले या नीले बाल पॉइंट पेन को ही उत्तर अंकित करने हेतु उपयोग में लाये। किसी भी प्रकार के संचार उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक घड़ी या अन्य सामग्री लेकर जाना पूर्णतः वर्जित है। परीक्षा कक्ष में पर्स, पाउच, स्कार्फ बेल्ट, टोपी जैसे अन्य सामान पूर्णतः वर्जित है। धार्मिक या सांस्कृतिक पोशाक वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा केन्द्र पर सामान्य समय से पहले रिपोर्ट करना होगा। उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा जांच से गुजरना पड़ेगा। निर्देशों का पालन ना करने पर अभ्यर्थी को परीक्षा देने से वंचित किया जायेगा। परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग करने पर कठोर कार्यवाही की जाएगी तथा अभ्यर्थिता समाप्त की जावेगी।जिले में 18 परीक्षा केन्द्र निर्धारित किया गया है। इसमें जे आर दानी शासकीय कन्या उ. मा. शाला काली बाडी़, सरस्वती नगर निगम उ. मा. शाला बिजली ऑफिस के बाजू रायपुर, दावड़ा इंटरनेशनल स्कूल रामकृष्ण हॉस्पिटल के पास पचपेडी नाका रायपुर, दावड़ा इंटरनेशनल स्कूल एन एच 30 सीआईटी कैम्पस भेलवाडीह अभनपुर के पास नया रायपुर (छग), पंडित आर डी तिवारी शासकीय अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय आमापारा चौक जी ई रोड रायपुर, प्रो ले एन पाण्डेय शासकीय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नलघर चौक रायपुर, नूतन उच्चतर माध्यमिक शाला आर डी ए कालोनी टिकरापारा रायपुर, माया राम सुरजन शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला चौबे कालोनी रायपुर, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अमलीडीह रायपुर वार्ड क्र. 562 डॉ राजेन्द्र प्रसाद पोस्ट रविग्राम रायपुर, श्रीशंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल मैनेजमेंट एण्ड टेक्नोलॉजी पोस्ट सेजबहार मुजगहन जिला रायपुर (छग), सी आई टी कालेज एन एच 30 भेलवाडी कैम्पस अभनपुर के पास नया रायपुर (छग), सालेम इंग्लिश स्कूल मोती बाग के सामने रायपुर, स्व श्री राम शर्मा (मिन्टू) शा उ मा विद्यालय डूमरतराई रायपुर 492015, स्वामी आत्मानंद शासकीय (उत्कृष्ट) शाला ओवर ब्रिज के पास मोवा रायपुर, काशी शर्मा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भनपुरी बाजार चौक रायपुर, रायपुर कान्वेंट उच्च मा विद्यालय जनता कालोनी बालाजी मंदिर के पास गुढियारी रायपुर, पंडित गिरजा शंकर मिश्र शर्मा शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला महादेवद्याट रोड रायपुरा रायपुर सरोना मार्ग बासटाल खल्लारी चौक रायपुर, लक्ष्मीनारायण कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला गुरूकुल परिसर कालीबाडी रोड रायपुर परीक्षा केंद्र शामिल है।
- - रायपुर से कुरूद रेलवे लाइन में आ रही बाधा दूर- रेलवे- एनटीपीसी की परियोजनाओं को मिलेगी गतिरायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी ने प्रदेश के विकास के लिए जरूरी चार बड़े और बहुप्रतीक्षित कार्यों को पूरा करने में सफलता हासिल की है। ये चारों कार्य काफी चुनौतीपूर्ण थे और इनके पूरा होने से प्रदेश में रेलवे और एनटीपीसी के लिए भी आधारभूत संरचना विकसित करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इन कार्यों में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इनमें से दो कार्य ट्रांसमिशन कंपनी ने अपने इंजीनियरों और अनुभवी कर्मियों की कुशलता से स्वयं पूरा किया, इसे ठेके पर नहीं कराया गया।इस उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और ट्रांसमिशन कंपनी के अध्यक्ष श्री सुबोध सिंह ने पूरी टीम को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला ने बताया कि आज चार महत्वपूर्ण कार्यों को पूरा किया गया, जिसमें कुरूद के 400 केवी सबस्टेशन से राजिम के लिए 220 केवी की लाइन और राजिम के 220 केवी सब-स्टेशन की क्षमता 320 एमवीए करना शामिल है। इसके साथ ही राजधानी रायपुर से कुरूद तक नई ब्राडगेज रेलवे लाइन में आ रही रूकावट को दूर करने दो नए टॉवर खड़े करने का कार्य पूरा किया गया। इसी तरह एनटीपीसी के कोयला खदान के लिए जा रही 132 केवी लाइन का ढाई साल से अटका कार्य आज पूरा कर लिया गया।उन्होंने बताया कि ये चारों कार्य प्रदेश की अधोसंरचना विकास के लिए आवश्यक थे। विभिन्न कारणों से ये काम पूरे नहीं हो पा रहे थे। सबसे अच्छी बात यह रही कि इनमें से दो कार्यों को कंपनी ने टर्न-की कांट्रेक्ट के बजाय लेबर कांट्रेक्ट से पूरा किया, जिसमें कंपनी के भिलाई स्थित वर्कशॉप में टॉवर का निर्माण किया गया और उसे सफलतापूर्वक स्थापित किया गया। इसमें केवल ट्रांसफार्मर, ब्रेकर और अन्य उपकरण क्रय किये गए। इससे कंपनी की लागत 25 प्रतिशत तक घट गई।साथ ही राजधानी से कुरूद तक रेलवे ट्रैक के ऊपर से गुजर रही 132 केवी लाइन की ऊंचाई 12.5 मीटर से कम थी, जिससे रेलवे ट्रैक का काम अटक गया था। एक महीने से भी कम समय में विभाग के अधिकारियों ने अपने संसाधन से दो नए टॉवर स्थापित करके इसकी ऊंचाई 15 मीटर से अधिक कर दी गई है। इस कार्य के पूरा होने से रेलवे के कार्य में गति आएगी, जिसे दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य है।प्रबंध निदेशक श्री शुक्ला ने आज कुरूद में 400/220 केवी सबस्टेशन में राजिम के लिए बहुप्रतीक्षित 220 केवी सेकंड सर्किट को ऊर्जीकृत किया। इस लाइन के चालू होने से राजिम के लिए स्थापित विद्युत तंत्र सुदृढ़ हुआ है, जिसका सीधा लाभ इस क्षेत्र के लगभग पचास हजार से अधिक विद्युत उपभोक्ताओं को होगा। इस कार्यक्रम में राजिम में 220 केवी 160 एमवीए की दूसरी इकाई का भी ऊर्जीकरण सम्मिलित है जो महासमुंद, गरियाबंद, कुरूद, धमतरी एवं आसपास का क्षेत्र के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इस कार्यक्रम में कार्यपालक निदेशकगण सर्वश्री संजय पटेल, केएस मनोठिया, श्रीमती ज्योति नन्नौरे, श्री एमएस चौहान, वीके दीक्षित, मुख्य अभियंता अब्राहम वर्गीस उपस्थित थे।अधिकारियों ने बताया कि एनटीपीसी को कोयला परिवहन के लिए बिलासपुर से कोंडातराई जुड़डा तक 132 केवी की स्वतंत्र लाइन की आवश्यकता था, इसमें लगभग 39 करोड़ रुपए की लागत से 24.5 किलोमीटर लाइन तैयार हो चुकी थी, परन्तु केवल आधा किलोमीटर का हिस्सा ग्रामीणों की आपत्ति के कारण ढाई साल से अटका हुआ था। जब काम चलता था तब ग्रामीण विरोध करने पहुंच जाते थे। माननीय हाईकोर्ट के आदेश के बाद इस बचे हुए हिस्से का कार्य पूरा करने का मार्गप्रशस्त हुआ और पर्याप्त पुलिस बल की उपस्थिति में आज इसे पूरा किया गया।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पाॅवर कंपनी के डंगनिया औषधालय द्वारा विद्युत कर्मियों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर मे तीनों कंपनी जनरेशन , ट्रांसमिशन एवं डिस्ट्रीब्यूशन के कर्मियों ने विशेषज्ञों से परामर्श एवं चिकित्सा के संबंध मे जानकारी प्राप्त की। लगभग 50 कर्मियों ने इस शिविर से लाभ उठाया।यह शिविर कार्डियो,नेफ्रो, आॅर्थो एवं गैस्ट्रो के विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।डगनिया औषधालय के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ एच ़एल पंचारी ने बताया कि शिविर का उद्देश्य कर्मियों को गंभीर बीमारियों के लक्षण, विशेषज्ञों के परामर्श एवं चिकित्सा संबंधी संपूर्ण जानकारी देने के लिए आयोजित किया गया। समय समय पर स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न शिविरों का आयोजन करके हम कर्मियों को सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं देते हैं। कोई भी बीमारी का पता लगाने के लिए पहला कदम रोगी का परीक्षण और परामर्श ही होता है।श्री पंचारी ने जानकारी दी कि श्री मेडिशाइन अस्पताल के संयुक्त तत्वावधान मे शिविर संपन्न हुआ। अस्पताल प्रबंधन से आये डाॅ सुशील शर्मा (आॅर्थोपेडिक एंड जाॅइंट रिपेलेसमेंट सर्जन), डाॅ तुषार बहादुरे (नेफ्रोलाजिस्ट),डाॅ संजय अग्रवाल (गैस्ट्रोएंटेरोलाजिस्ट),डाॅ जोगेश विसंदासानी( कार्डियोलाॅजिस्ट) ने अपनी सेवायंे दी। इस अवसर पर वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डाॅ इंदू साहू एवं चिकित्सा अधिकारी डाॅ श्वेता जैन उपस्थित थी।
- - अधिकारी-कर्मचारी अपने आवास और आसपास लगाने ले जा रहे पौधे- प्रदेशभर के तीन हजार बिजली दफ्तर, उपकेंद्र और उत्पादन संयंत्रों में लगाए जा रहे पौधेरायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज़ के 50 हजार वृक्षारोपण के लक्ष्य को तेजी से पूरा किया जा रहा है। उत्पादन कंपनी के संयंत्रों, पारेषण कंपनी के सभी उपकेंद्रों और वितरण कंपनी के दफ्तरों में पौध रोपण का कार्य प्रारंभ हो चुका है। इसकी मॉनिटरिंग मुख्यालय स्तर पर की जा रही है। साथ ही मुख्यालय दफ्तर में अधिकारी-कर्मचारियों के साथ उपभोक्ता और आमजन भी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज ने प्रदेशभर में फैले बिजली दफ्तरों में 50 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। इसका शुभारंभ डिस्ट्रीब्यूशन एवं जनरेशन कंपनी के अध्यक्ष डॉ. रोहित यादव ने किया। जिसके बाद तीनों कंपनी ने कंट्रोल रूम बनाकर इसकी सतत् मॉनिटरिंग के लिए सेल बनाया है। अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री विनोद कुमार अग्रवाल ने बताया कि पॉवर कंपनी ने पूरे प्रदेश में फैले तीन हजार से अधिक बिजली दफ्तर, विद्युत उपकेंद्र और विद्युत उत्पादन संयंत्रों की रिक्त भूमि में छायादार और फलदार पौधे लगाने का संकल्प लिया है। अगले 10 अगस्त तक इस लक्ष्य को पूरा कर लिया जाएगा। इसके तहत सभी क्षेत्रीय कार्यालयों में नोडल अधिकारी तैनात किये गए हैं, जो हर बिजली दफ्तर, उपकेंद्र और संयंत्र में पौधरोपण की मानिटिरिंग कर रहे हैं। इसके अलावा अधिकारी-कर्मचारियों को पौधरोपण के लिए प्रेरित करने पॉवर कंपनी के डंगनिया मुख्यालय में भी पौधे वितरित करने की व्यवस्था की गई है, जिसमें बिजली बिल जमा करने एटीपी सेंटर पहुंचे उपभोक्ता भी पौधे ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि अधिकारी-कर्मचारी पौधे लगाकर मोर बिजली कंपनी एप में अपनी फोटो अपलोड कर रहे हैं, अभी तक 300 से अधिक फोटो अपलोड हो चुके हैं। इनमें से चुने हुए अधिकारी-कर्मचारियों को पुरस्कृत किया जाएगा।
- -परीक्षार्थियों के लिए व्यापम द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्यमहासमुंद / छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल रायपुर द्वारा आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा का आयोजन रविवार 27 जुलाई 2025 को किया जाएगा। यह परीक्षा जिला मुख्यालय के 25 परीक्षा केंद्रों में संपन्न होगी। परीक्षा के सफल संचालन और सुचारु व्यवस्था के लिए व्यापम द्वारा परीक्षार्थियों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जिनका पालन करना अनिवार्य है। इन निर्देशों का उद्देश्य परीक्षा में पारदर्शिता एवं अनुशासन बनाए रखना है। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने व्यापम द्वारा आयोजित परीक्षाओं में सभी निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।व्यापम द्वारा सख्त निर्देशानुसार परीक्षार्थियों को परीक्षा प्रारंभ होने से कम से कम 2 घंटे पूर्व परीक्षा केंद्र पर अनिवार्य रूप से पहुंचना है। ताकि फ्रिस्किंग (शारीरिक जांच) और पहचान पत्र सत्यापन की प्रक्रिया समय पर पूर्ण की जा सके। परीक्षा प्रारंभ होने के 30 मिनट पूर्व परीक्षा केंद्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा। परीक्षार्थी हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े पहनकर आएं। फुटवियर के रूप में केवल चप्पल पहनना अनिवार्य है। कान में किसी भी प्रकार का आभूषण पहनना वर्जित है। मोबाइल फोन, स्मार्ट घड़ी, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, पर्स, पाउच, बेल्ट, टोपी, स्कार्फ आदि लाना पूर्णतः वर्जित है। परीक्षा कक्ष में केवल नीले या काले बाल पॉइंट पेन से उत्तर लेखन की अनुमति होगी।परीक्षार्थी को व्यापम की वेबसाइट से डाउनलोड किया गया प्रवेश पत्र और ’फोटो युक्त मूल पहचान पत्र जैसे- आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड साथ लाना अनिवार्य है। फोटो रहित प्रवेश पत्र होने पर दो रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो साथ लाना होगा। प्रवेश पत्र के सभी पेज का एक तरफा प्रिंट निकालें, क्योंकि परीक्षा केंद्र में व्यापम की प्रति जमा करनी होगी। परीक्षा प्रारंभ और समाप्ति के 30 मिनट के भीतर परीक्षा कक्ष से बाहर जाना वर्जित है। परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार के अनुचित साधनों का प्रयोग करने पर परीक्षार्थी की अभ्यर्थिता रद्द कर दी जाएगी और कठोर कार्रवाई की जाएगी। निर्देशों का उल्लंघन करने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा से वंचित किया जा सकता है। व्यापम ने परीक्षार्थियों से अनुरोध किया है कि वे जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतः पालन करें एवं परीक्षा में समय पर उपस्थित होकर शांतिपूर्ण वातावरण में परीक्षा संपन्न कराएं।
- -महासमुंद बम्हनी में मोबाइल कैम्प शिविर 18 जुलाई कोमहासमुंद / शासन के निर्देशानुसार जिले में मोबाईल कैम्प शिविर का आयोजन कर संगठित, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का पंजीयन, नवीनीकरण एवं योजनाओं का आवेदन प्राप्त कर उनका निराकरण किया जाना है।श्रम पदाधिकारी ने बताया कि इस हेतु जिले के सभी विकासखण्डों में कुल 27 स्थलों पर 18 जुलाई से 29 अगस्त 2025 तक शिविर का आयोजन किया जाएगा। जिसमें महासमुंद विकासखण्ड अंतर्गत 18 जुलाई को ग्राम बम्हनी में, 28 को चिंगरौद, 04 अगस्त को ग्राम भलेसर, 12 अगस्त को ग्राम मोंगरा एवं 20 अगस्त को ग्राम मोरधा में शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसी प्रकार बागबाहरा विकासखण्ड अंतर्गत 21 जुलाई को ग्राम दारगांव, 29 जुलाई को पचेड़ा, 05 अगस्त को मामाभांचा, 13 अगस्त को डोंगरपाली, 21 अगस्त को ओंकारबंद एवं 29 अगस्त को ग्राम खल्लारी में, पिथौरा विकासखण्ड अंतर्गत 22 जुलाई को ग्राम अरंड, 30 जुलाई को मोहदा, 06 अगस्त को परसापाली, 14 अगस्त को भोकलूडीह, 22 अगस्त को राजासेवैया एवं 28 अगस्त को ग्राम बरतुंगा, बसना विकासखण्ड अंतर्गत 23 जुलाई को ग्राम बंसुला, 31 जुलाई को अरेकेल, 07 अगस्त को बड़ेढाबा, 18 अगस्त को दूधीपाली एवं 25 अगस्त को ग्राम छांदनपुर में तथा सरायपाली विकासखण्ड अंतर्गत 25 जुलाई को ग्राम बोडेसरा, 01 अगस्त को कुटेला, 11 अगस्त को सेमलिया, 19 अगस्त को बाराडोली एवं 27 अगस्त को ग्राम भोथलडीह में मोबाईल कैम्प का आयोजन होगा।
- -अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं का लिया जायजा-मरीजों के बेहतर इलाज और स्कूलों, अस्पतालों में नशे के विरुद्ध जागरूकता कार्यक्रम करने के निर्देशबिलासपुर /कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने आज सेंदरी स्थित राज्य मानसिक चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल में भर्ती रोगियों से चर्चा कर अस्पताल एवं अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। अस्पताल की ओपीडी में पूरे प्रदेश भर से प्रतिदिन 100 से ज्यादा मरीज इलाज एवं परामर्श के लिए आते हैं। कलेक्टर ने चिकित्सालय के महिला वार्ड, पुरूष वार्ड एवं पुनर्वास वार्ड का अवलोकन कर मानसिक रोगियों के बारे में जानकारी लेते हुए उनके लिए उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कलेक्टर ने पंजीयन कक्ष, दवा वितरण को भी देखा। सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल और सहायक कलेक्टर श्री अरविंथ कुमारन डी भी साथ में मौजूद थे।कलेक्टर ने चिकित्सकों से मरीज़ों को बेहतर इलाज के साथ सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने दवाई काउंटर में जाकर दवाईयों की उपलब्धता की जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने रसोईघर का अवलोकन करते हुए मरीजों को दी जाने वाली भोजन की जानकारी ली। उन्होंने वार्डों में इलाज करा रहे मरीजों एवं परिजनों से भी मुलाकात कर हालचाल जाना। कलेक्टर ने अस्पताल के बजट एवं दवाइयों की उपलब्धता के बारे में पूछताछ की। बताया गया कि अस्पताल में फिलहाल सभी तरह की जरूरी दवाइयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। उन्होंने सभी लोगों को समय पर अस्पताल आने के निर्देश दिए। साइकैट्रिस्ट से भी मुलाकात की। कलेक्टर ने स्कूलों और अस्पतालों में नशे के विरुद्ध लोगों को जागरूक करने कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ इस दिशा में मिलकर काम करने कहा। अधिकारी -कर्मचारियों से उनकी आवश्यकताओं की जानकारी ली। सभी ने कहा कि अस्पताल परिसर में एक कैंटीन की आवश्यकता है। पीडब्ल्यूडी को इसके लिए एस्टीमेट बनाने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को अस्पताल में आवश्यकतानुसार मरम्मत कार्य करवाने कहा। इस दौरान मानसिक चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ. जे. पी. आर्य सहित चिकित्सक एवं अन्य स्टाफ उपस्थित थे।
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बिलासपुर, /राखी मेल्स के लिए बिलासपुर जिले सहित कोरबा, मुंगेली एवं जांजगीर जिलों में भी विशेष पीली पत्र पेटियां लगाई जा रही है। जिले में प्रधान डाकघर बिलासपुर के सामने, सीपत चौक सरकंडा, एसईसीएल, बिलासपुर उप डाकघर, बिलासपुर आरएस, उप डाकघर में पीली पत्र पेटियां स्थापित की जा रही है। इसी तरह कोरबा प्रधान डाकघर, जांजगीर प्रधान डाकघर एवं मुंगेली उप डाकघर के समक्ष पीली पत्र पेटियों की स्थापना की जा रही है। इन पीली पत्र पेटियों का उपयोग राखी मेल्स के लिए किया जाएगा। इन पत्र पेटियों से प्राप्त डाक का निपटान तत्काल एवं सुरूक्षित रूप से किया जाएगा। आम उपभोक्ताओं से अनुरोध किया गया है कि वे अपने राखी पत्रों को निर्धारित पीली पत्र पेटियों में ही डाले। यदि राखी पत्र अधिक मात्रा में हो तो इन्हें डाकघरों की काउन्टरों में भी प्रस्तुत किया जा सकता है। राखी मेल स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजने की सुविधा डाकघरों के काउन्टर में उपलब्ध है।
- -131 ग्राम पंचायतों में 10.86 करोड़ रुपये का लेन-देन-ग्राम पंचायतों में डिजिटल सेवाओं का हो रहा विस्तारबिलासपुर /जिले के ग्रामीणों के लिए अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र वरदान साबित हो रहा है। ग्राम पंचायतों में डिजिटल सेवाओं का विस्तार हुआ है। ग्रामीणों को अब एक ही जगह में सारी सुविधाएं मिल पा रही है।जिले के 152 ग्राम पंचायतो को चयनित किया गया गया है, जिसमे से 131 ग्राम पंचायतो का एमओयू पूर्ण हो गया है शेष पंचायतो का एमओयू प्रगति पर है। एमओयू हुए ग्राम पंचायतो के द्वारा कुल 36 हजार 269 ट्रांजेक्शन हुआ है जिसकी कुल राशि 10 करोड़ 86 लाख 39 हजार 535 रूपये है। पंचायतों में वित्तीय सुविधा को बढ़ावा देने के लिए अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र एक मील का पत्थर साबित हो रहा है। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में आम नागरिकों को विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक सेवाओं की डिलीवरी के लिए एक्सेस पॉइंट के रूप में कार्य करने हेतु एवं वंचित क्षेत्रों में आवश्यक सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल पंचायत सुविधा केंद्र एक ग्राम पंचायत-एक सीएससी-वीएलई योजना की रूपरेखा तैयार की गयी है। इसका उद्देश्य सरकारी सेवाओं, वित्तीय समावेशन, बैंकिंग (नकद वितरण, निकासी, आदि), शैक्षणिक सेवाओं, ई-डिस्ट्रिक्ट (जाति, आय, निवास आदि) सेवाओं को लोगों के घर-द्वार तक पहुंच उपलब्ध कराना है। पंचायतों में ई-गवर्नेंस गतिविधियों को सुगम बनाना पीएम किसान, आयुष्मान कार्ड, ईपीआईसी कार्ड, ई-श्रम कार्ड पंजीकरण, महतारी वंदन और अन्य डिजिटल सेवाएं प्रदान करना है।
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-सरकार की मदद से खेती में खुशहाली, किसानों का कहना-अब खेती मुनाफे का सौदा
बिलासपुर /खरीफ सीजन में इन दिनों खेती किसानी ने जोर पकड़ लिया है। रोपा और बियासी का काम तेजी से जारी है। ऐसे में शासन द्वारा समय पर खाद बीज की उपलब्धता से किसानों का उत्साह दोगुना हो गया है। बिल्हा ब्लॉक के बैमा-नगोई के किसानों के चेहरे भी खिल उठे है। उन्हे न तो लंबी कतारों में लगना पड़ रहा है और न ही मंहगे दामों पर बाजारों से बीज या खाद खरीदने की मजबूरी है।बैमा सहकारी समिति में खाद लेने आए किसान श्री प्रदीप कुमार शास्त्री भी इस बार अच्छी फसल को लेकर आश्वस्त है। सरकारी मदद ने उनके उत्साह को और बढ़ा दिया है। श्री शास्त्री ने बताया कि वे 6 एकड़ में खेती किसानी करते है। समिति से खाद-बीज आसानी से मिल गया। बिना किसी लंबी कतार के उन्हें यूरिया, डीएपी, नैनो डीएपी मिला है। समय पर खाद बीज की उपलब्धता से उन्हें बड़ी मदद मिली है। यह खाद रियायती दर पर होने के साथ ही गुणवत्ता में भी बेहतर है। उन्हें पूरी उम्मीद है कि इस बार बेहतर पैदावर होगी। कुछ इसी प्रकार की खुशी जाहिर करते हुए किसान श्री कालिका प्रसाद पाण्डेय ने बताया कि वे 4 एकड़ में खेती किसानी करते है। इस बार बारिश भी अच्छी हुई है और सरकार द्वारा समय पर खाद बीज उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने बताया कि परिस्थितियां अनुकूल होने के कारण वे जोर-शोर से खेती किसानी में जुट गए है। इसी गांव के श्री राजेन्द्र प्रसाद गुरूदीवान ने बताया कि समिति से खाद बीज लेने में किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं हो रही है। समिति द्वारा किसानों के लिए एक वाट्सअप ग्रुप बनाया गया है जिसमें सारी जानकारी मिल जाती है और वे समिति आकर खाद बीज ले लेते है। किसानों ने बताया कि उन्हें पीएम किसान सम्मान निधि, कृषक उन्नति योजना का भी लाभ मिल रहा है। किसानों ने कहा कि सरकारी मदद से खेती किसानी अब मुनाफे का सौदा बन गया है। - -दो घण्टा पहले पहुंचना होगा परीक्षा केंद्र-गहन छानबीन के बाद मिलेगा प्रवेशबिलासपुर /छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) द्वारा आयोजित परीक्षा केन्द्रों में आवश्यक व्यवस्था एवं परीक्षार्थियों के लिए नए सिरे से दिशा निर्देश जारी किए हैं। ये निर्देश आगामी 20 जुलाई से आयोजित होने वाली व्यापम की सभी परीक्षाओं पर लागू होगा। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने व्यापम द्वारा जारी निर्देशों का जिले में कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और सभी केंद्र अध्यक्ष और प्राचार्यों को इस आशय का पत्र जारी किया है।व्यापम द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार परीक्षा दिवस को परीक्षा केन्द्र में प्रवेश के पूर्व अभ्यार्थियों के हैण्डहेल्ड मेटल डिटेक्टर से तथा मैनुअल पैट डाउन(हाथों से तलाशी) फ्रिसकिंग किया जावें। प्रत्येक परीक्षा केन्द्र में एक पुरुष एवं एक महिला पुलिस कर्मी से यह फ्रिसकिंग का कार्य किया जावे। वे पुलिस कर्मी परीक्षा प्रारंभ होने के पूर्व ढाई घंटा पूर्व अनिवार्य रूप से परीक्षा केन्द्र में अपनी उपस्थिति देवें। महिला अभ्यार्थियों की फ्रिसकिंग का कार्य महिला पुलिस कर्मी से ही कराया जावे। परीक्षा प्रारंभ होने के बाद इन दोनों पुलिस कर्मी में से एक-एक पुलिस कर्मी बारी-बारी से परीक्षा केन्द्र के परिसर एवं परीक्षा केन्द्र के बाहर का निरीक्षण करते रहें ताकि कोई संदिग्ध गतिविधि न हो सके।व्यापम द्वारा परीक्षार्थीयों के लिए इस प्रकार निर्देश जारी किया गया है। परीक्षार्थी परीक्षा प्रारंभ होने के कम से कम 2 घंटा पूर्व परीक्षा केन्द्र में पहुंचे ताकि उनका फ्रिसकिंग एवं सत्यापन किया जा सके। परीक्षार्थी परीक्षा प्रारंभ होने के 15 मिनट पूर्व परीक्षा केन्द्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जावे। उदाहरण के लिए यदि कोई परीक्षा 10 बजे से प्रारंभ हो रहा है तो मुख्य द्वार प्रातः 09.45 बजे बंद कर दिया जावे। हल्के रंग के आधी बाही वाले कपडे पहनकर परीक्षा देने आये। निर्देश में कहा गया है कि फुटवियर के रूप में चप्पल पहने। कान में किसी भी प्रकार का आभूषण धारण करना वर्जित है। परीक्षार्थी परीक्षा प्रारंभ होने के पहले आधा घंटा में एवं परीक्षा समाप्ति के आखिरी आधा घंटा में परीक्षा केन्द्र से बाहर जाना वर्जित है। परीक्षा कक्ष में किसी प्रकार का संचार उपकरण, इलेक्ट्रिानिक उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक घडी, पर्स, पाऊच, स्कार्फ, बेल्ट, टोपी आदि ले जाना पूर्णतः वर्जित है। उपरोक्त निर्देशों का पूर्णतः पालन किया जाना है।
- -स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 का परिणाम जारी, 3 लाख से 10 लाख तक की जनसंख्या में बिलासपुर का पूरे देश में 2 रैंक-नई दिल्ली में बिलासपुर को मिला प्रेसिडेंसियल अवार्ड,राष्ट्रपति के हाथों उप मुख्यमंत्री,महापौर और निगम कमिश्नर ने ग्रहण किया पुरस्कार-देश के 4589 शहर सर्वेक्षण में थे शामिल, टॉप 3 में हमर बिलासपुर-संसाधनों में इजाफा,सख्ती,जागरूकता और दृढ़ निश्चय ने किया कमाल-बेहतर योजना एवं रणनीति के साथ अभियान का हुआ असर-नए क्षेत्रों में मैकेनाइज्ड और मैन्युअल सफाई का दिखा असरबिलासपुर /बिलासपुर ने इतिहास रच दिया है, बिलासपुर समेत पूरे छत्तीसगढ़ के लिए आज एक ऐतिहासिक दिन है,न्यायधानी बिलासपुर पूरे देश में दूसरा सबसे स्वच्छ शहर घोषित हुआ है। यह बिलासपुर में रहने वाले एवं उससे जुड़े लोगों के लिए गर्व का दिन है। नई दिल्ली में आयोजित स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 के परिणामों की घोषणा और पुरस्कार वितरण समारोह में सर्वेक्षण 2024 के परिणामों की घोषणा की गई। जिसमें बिलासपुर शहर ने टॉप 3 में स्थान बनाते हुए 3 लाख से 10 लाख तक की जनसंख्या वाले शहरों में दूसरा सबसे स्वच्छ शहर होने का तमगा हासिल किया है। इससे पहले स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 में बिलासपुर को 28 वां रैंक मिला था। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने दूसरा स्थान हासिल करने पर बिलासपुर को सम्मानित किया है,राष्ट्रपति के हाथों उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव,नगर निगम महापौर श्रीमती पूजा विधानी एवं निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार ने पुरस्कार ग्रहण किया है। देश के 4589 शहर सर्वेक्षण में शामिल हुए थे। 3 लाख से 10 लाख तक के जनसंख्या वाले शहरों में प्रथम स्थान पर महाराष्ट्र के मीरा भयंदर और तीसरे स्थान जमशेदपुर को मिला है। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति के अलावा केंद्रीय आवासन एवं शहरी मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर एवं केंद्रीय शहरी राज्य मंत्री श्री तोखन साहू उपस्थित रहे।स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 के तहत इस साल केंद्रीय आवासन एवं शहरी विकास मंत्रालय द्वारा गठित टीम ने चार चरणों में बिलासपुर का दौरा कर सर्वेक्षण किया था। अप्रैल 2024 से अप्रैल 2025 तक सर्वेक्षण की पूरी प्रक्रिया की गई। सबसे पहले केंद्रीय टीम ने शहर की ग्राउंड रिपोर्टिंग की थी,उसके बाद नागरिकों के फीडबैक,फिर अप्रैल 2025 में स्वच्छता लीग और वाटर प्लस तथा मई माह में गार्बेज फ्री सिटी के लिए सर्वे किया गया था। केंद्रीय मंत्रालय द्वारा सर्वेक्षण की घोषणा के साथ ही निगम कमिश्नर अमित कुमार ने एक अलग टीम गठित कर सर्वेक्षण की तैयारियों में लगा दिया था,जिनके द्वारा साल भर स्वच्छता एवं उससे जुड़े हुए विशेष अभियान चलाए गए। इससे पहले बिलासपुर को गार्बेज फ्री सिटी में 5 स्टार का दर्जा और ओडीएफ का तमगा पहले ही हासिल है।ऐसे बदली तस्वीर और बिलासपुर ने लहराया परचमस्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में बिलासपुर ने अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पूरे देश में शीर्ष तीन में अपनी जगह बनाई है पर यह उपलब्धि ऐसे ही हासिल नहीं हुआ है। इस सफलता के पीछे मजबूत इच्छाशक्ति,लगन,योजनाबद्ध तरीके से किए गए प्रयास के साथ ही सशक्त जनभागीदारी और मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण है। तो आइए जानते है कैसे बिलासपुर ने 28 वें रैंक से छलांग लगाते हुए कैसे बड़े शहरों को पछाड़कर बना स्वच्छता का सिरमौरसबसे पहले नगर निगम प्रशासन ने आधारभूत व्यवस्था में कमी एवं संसाधनों की आवश्यकता को चिन्हित किया जिसकी वजह से कहीं ना कहीं कुछ कमी रह जाती थी और बिलासपुर रेस में पिछड़ जाता था। इनमें सबसे पहले -’डोर टू डोर कचरा कलेक्शन - सर्वप्रथम बिलासपुर नगरीय निकाय क्षेत्र में डोर टू डोर कचरा कलेक्शन का कार्य शत प्रतिशत हो,यह सुनिश्चित किया गया। पुराने क्षेत्र के सभी घरों से निगम द्वारा अनुबंधित रामकी कंपनी द्वारा कचरे का कलेक्शन और उसका निष्पादन किया जाता है जिनमें वर्तमान परिदृश्य के 45 वार्ड है, निगम में जुड़े नए क्षेत्रों जिनमें 25 वार्ड शामिल है वहां मिशन क्लीन सिटी के तहत एसआरएलएम सेंटर के जरिए स्वच्छता दीदियां घरों से कचरा इकट्ठा करती है और एसआरएलएम सेंटर में उसे पृथक कर उसका निष्पादन करती है। पर नए क्षेत्रों में व्यवस्थित कचरे का कलेक्शन व्यवस्थित नहीं हो पा रहा था इसके लिए संसाधन के रूप में सबसे पहले कलेक्शन गाड़ी की आवश्यकता थी,जिसे 15 वें वित्त आयोग की राशि से 36 नई छोटी गाड़ी(ज्प्च्च्म्त्) खरीदी गई जिसके ज़रिए नए क्षेत्र जिसमें अधिकतर ग्रामीण क्षेत्र थे वहां प्रत्येक घरों से कचरा एकत्रित किया जाने लगा। नए वाहनों की खरीदी के बाद पूरे शहर के लिए वाहनों की संख्या अब 162 हो गई है जो 2023-24 में 124 थी। इस प्रकार वाहनों की संख्या बढ़ने से निश्चित तौर पर बदलाव नज़र आया और कचरा कलेक्शन अधिक एवं व्यवस्थित तरीके से हुआ खासतौर पर नए जुड़े क्षेत्रों से।वर्तमान में बिलासपुर नगर पालिक निगम क्षेत्रांतर्गत 70 वार्डों में कुल 1,79,180 घरों से 700 कर्मचारियों जिनमें 349 स्वच्छता दीदी शामिल है उन सभी के द्वारा 162 वाहनों के ज़रिए रोजाना 260 टन कचरे का कलेक्शन किया जाता है और उसे कछार स्थित आरडीएफ प्लांट एवं एसआरएलएम सेंटर पहुंचाया जाता है।’मैकेनाइज्ड और मैन्युअल स्विपिंग- बिलासपुर नगर निगम सीमा के पुराने क्षेत्रों में पिछले छःसाल से मुख्य मार्गों,चौक चौराहे और मोहल्ले की सड़कें मशीनीकृत और मैन्युअल सफाई से साफ-सूथरी और चमकती हुई दिखाई देती थी। लेकिन नए जुड़े क्षेत्रों में अपेक्षाकृत सफाई वैसी नहीं हो पा रही थी जैसे पुराने क्षेत्रों में व्यवस्था थी। जनप्रतिनिधियों और नगर निगम के उच्च अधिकारियों के प्रयास से नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा नए क्षेत्रों की भी सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए स्वीकृति प्रदान की गई जिसका असर हुआ की पूरे शहर में मैकेनाइज्ड और मैन्युअल स्विपिंग शुरू हुआ और सभी मुख्य मार्ग और सड़कें कचरे एवं गंदगी से मुक्त हुआ। पहले सिर्फ 27 किमी की सफाई प्रतिदिन इस व्यवस्था के तहत की जाती थी,जिसमें 1330 सफाई कर्मी शामिल थे और 475 बीट निर्धारित थी। नए क्षेत्रों में इस व्यवस्था के शुरू होने से पूरे शहर में अब कुल 49.34 किमी की सफाई प्रतिदिन मैकेनाइज्ड और मैन्युअल तरीके से की जाती है जिसमें सफाई कर्मियों की संख्या बढ़कर अब 2063 हो गया है और बीट 750।’सी एंड डी प्लांट-स्वच्छता में उत्कृष्टता लाने किए गए विश्लेषण के आधार पर निगम क्षेत्र में सी एंड डी प्लांट की भी कमी महसूस की गई जहां सी एंड डी वेस्ट का निपटान कर उपयोग वस्तुए बना सकें। इस पर त्वरित अमल करते हुए तिफरा में सी एंड डी प्लांट की स्थापना की गई जहां सी एंड डी वेस्ट से गमले,पेवर ब्लॉक एवं ईंटो का निर्माण शुरू हुआ और शहर मटेरियल वेस्ट और मलबा मुक्त होने की दिशा में अग्रसर हुआ।’जागरूकता अभियान- बिलासपुर को स्वच्छ बनाने एवं सर्वेक्षण में शीर्ष स्थान पर पहुंचाने में शहर के नागरिकों एवं मीडिया तथा सोशल मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही है,जिनकी सक्रियता एवं भागीदारी से आज बिलासपुर स्वच्छता की नई पहचान बना है। स्वच्छता के प्रति जागरूक करने एवं आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए नगर पालिक निगम बिलासपुर ने साल भर विशेष अभियान चलाया। जिसमें स्कूल-कॉलेज सार्वजनिक स्थान,मार्केट एवं अन्य स्थानों में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया। अलग-अलग जगहों पर जीरो वेस्ट कार्यक्रम की शुरूआत की। शहर के सामाजिक एवं गैर शासकीय संगठनों को अपने इस अभियान में शामिल किया। इसके अलावा बिलासपुर निगम ने स्वच्छता का अपना शुभंकर ष्बिल्लू बिलासपुरियाष् को लांच किया,जिसने शहर भर में भ्रमण कर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया।स्वच्छता पेट्रोल-इसी अभियान के तहत नगर पालिक निगम बिलासपुर ने अभिनव पहल करते हुए एक स्वच्छता पेट्रोल टीम का गठन किया,जो मोबाइल वैन के ज़रिए शहर में भ्रमण कर कचरा फैलाने वालों को समझाइश देती और अर्थदंड के ज़रिए सचेत करने का काम किया। स्वच्छता पेट्रोल समेत अन्य टीम द्वारा इस साल गंदगी करने पर 1458100 रूपये का अर्थदंड लगाया गया,जो पिछले साल से 78 प्रतिशत अधिक है, 2023-24 में 322500 अर्थदंड लगाया गया था। इस प्रयास का असर हुआ की लोगों द्वारा सार्वजनिक स्थान एवं सड़कों पर कचरा फैलाने एवं गंदगी करने में कमी आई। इन सभी अभियानों के तहत सोशल मीडिया के माध्यम से भी प्रचार-प्रसार किया गया जिसमें सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर की सक्रिय सहभागिता रही। इसके अलावा मीडिया ने भी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए स्वच्छता के महत्व एवं नागरिकों की भूमिका तथा नगर निगम के प्रयासों को आमजनमानस तक पहुंचाया जिससे नगर निगम की राह आसान हुई।शौचालयों का जीर्णाेद्धार-शहर के सभी 79 सार्वजनिक एवं सामुदायिक शौचालयों का जीर्णाेद्धार कराया गया एवं सभी शौचालयों में फीडबैक मशीन लगाया गया ताकि नागरिकों के सुझाव,शिकायत एवं संतुष्टि की जानकारी मिल सकेंवेस्ट टू वंडर-शहर में 11 वेस्ट टू वंडर स्थान बनाए गए, जहां अनुपयोगी सामान एवं कचरों को रिसाईकल कर सजावट और आकर्षक सामान तैयार किए गए।यूज़र चार्ज-कचरा कलेक्शन एवं अन्य स्वच्छता सेवा के बदले लिए जाने वाले यूज़र चार्ज में भी इस साल काफी बढ़ोत्तरी हुई, यह इस बात का प्रमाण है की नगर निगम द्वारा दी जानी वाली सेवाओं एवं सुविधाओं के प्रति नागरिकों में संतोष है और उन्होंने बढ़-चढ़कर यूज़र चार्ज का भुगतान किया है। 2022-23 में जहां यूज़र चार्ज 88436000,2023-24 में 91309000 था तो 2024-25 में 37.05 प्रतिशत वृद्धि करते हुए यूज़र चार्ज 145057000 रूपये प्राप्त हुआ।वाटर वेस्ट-शहर के नाला-नालियों से निकलने वाले पानी का शोधन कर फिर से उपयोगी बनाने के लिए पहले सिर्फ दो ही एसटीपी चिल्हाटी एवं दोमुहानी में थे,जिसकी संख्या बढ़कर अब चार हो चुकी है। कोनी एवं ज्वाली नाला एसटीपी भी शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा शहर के तालाबों और अरपा नदी के पुनरुत्थान के लिए विशेष अभियान चलाए गए।अवैध होर्डिंग्स-शहर के चौक-चौराहे,डिवाइडर और सड़क को अवैध रूप से होर्डिंग्स बैनर के ज़रिए अतिक्रमण करने एवं इसके जरिए गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ नगर निगम ने सख्ती से कार्रवाई की। जिसके लिए बकायदा नगर निगम की एमआईसी द्वारा प्रति बैनर 5000 रूपये के अर्थदंड का प्रस्ताव पारित किया गया,अर्थदंड वसूलने एवं सख्ती से कार्रवाई का असर हुआ की वैध होर्डिंग्स-विज्ञापन की संख्या बढ़ी और राजस्व में वृद्धि हुआ साथ ही अब शहर की सार्वजनिक संपत्तियां सुरक्षित है तो चौक चौराहे सुंदर एवं स्वच्छ।इसके अलावा नगर निगम द्वारा सीवर लाइन की व्यवस्थित सफाई के लिए 2 सीवर सक्शन मशीन और 1 विशेष सीवर वाहन की खरीदी की गई। पहले सैनेटरी पैड एवं डायपर जैसे वेस्ट के निष्पादन के लिए एसआरएलएम सेंटर क्षेत्रों में इंसीनेटर मशीन की कमी थी जिसे दूर करते हुए 5 इंसीनेटर मशीनों की स्थापना की गई। शहर के जीवीपी प्वाइंट को चिन्हित कर उन स्थानों की तस्वीर बदली गई।बिलासपुर, स्वच्छता एवं शहरी विकास का रोल मॉडल बनेगा-तोखन साहूकेंद्रीय शहरी राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा की स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में हमारे शहर का 2 रैंक आना यह दिखलाता है की शासन प्रशासन के साथ ही आम जनता अस्वच्छता को जड़ से मिटाने के लिए प्रतिबद्ध है। सभी शहरवासियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई, आने वाले समय में बिलासपुर स्वच्छता एवं शहरी विकास का एक नया रोल माइल बनेगा।स्वच्छता मा बिलसपुरिया मन चमक गिस- अरूण सावउप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने कहा की यह उपलब्धि हमारी स्वच्छता दीदियों, सफाई मित्रों एवं बिलासपुर नगर निगम टीम, जनप्रतिनिधियों, हमारे बिलासपुरिया साथियों के सहयोग व संकल्प का परिणाम है। हम सब मिलकर स्वच्छ बिलासपुर, सुंदर बिलासपुर के संकल्प को और मजबूती से आगे बढ़ाते रहेंगे।सामूहिक प्रयास का नतीजा-अमर अग्रवालबिलासपुर विधायक श्री अमर अग्रवाल ने इस उपलब्धि पर शहरवासियों को बधाई देते हुए कहा की प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान में बिलासपुर अपनी सहभागिता देते हुए आज इस मुकाम पर पहुंचा है,यह उपलब्धि पूरे शहर की है,यह सबके सामूहिक प्रयास का नतीजा है की बिलासपुर पूरे देश में दूसरे स्थान पर है,इसे बरकरार रखना अब हम सबकी जिम्मेदारी है।सब मिलकर नंबर 1 बनाएंगे-सुशांत शुक्लाबेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला शहरवासियों को बधाई देते हुए कहा की स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में हमर बिलासपुर का दूसरे स्थान पर चयन होना हम सबके लिए हर्षित एवं गर्व की बात है आने वाले समय में बिलासपुर पहले स्थान पर इसके लिए हम सब मिलकर प्रयास करेंगे।शहरवासियों को बधाई-महापौरस्वच्छता में बेहतर प्रदर्शन करने पर महापौर श्रीमती पूजा विधानी ने शहरवासियों और निगम कर्मियों को बधाई देते हुए कहा की यह उपलब्धि सामूहिक प्रयास का नतीजा है,आमजन के सहयोग के बगैर संभव नहीं था। इस उपलब्धि से हमें भविष्य में और भी बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी।सभी को बधाई-कलेक्टरकलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने कहा की स्वच्छता के क्षेत्र में पूरे देश में दूसरे स्थान पर आना पूरे बिलासपुर के लिए गर्व का क्षण है, इस उपलब्धि के लिए नगर निगम की टीम और नागरिकों को बधाई। इस उपलब्धि को बरकरार रखते हुए और अच्छा प्रदर्शन करने के लिए सामूहिक प्रयास किया जाएगा।टीम वर्क का नतीजा-कमिश्नरननि आयुक्त श्री अमित कुमार ने निगम की टीम को बधाई देते हुए कहा की ष्यह उपलब्धि बेहतर टीम वर्क और जनता के सहयोग का परिणाम है, भविष्य में हम और भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करें, इसके लिए प्रयास जारी रखेंगे।
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राजनांदगांव । जिले के सभी शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में सत्र अगस्त 2025 से प्रारंभ होने वाले विभिन्न व्यवसायों के रिक्त सीटों पर प्रवेश हेतु तृतीय चरण में ऑनलाईन आवेदन आमंत्रित किए गए है। इच्छुक आवेदक 23 जुलाई 2025 तक विभागीय वेबसाईट https://cgiti.admissions.nic.
in पर ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन करा सकते है। - राजनांदगांव । कृषि विज्ञान केन्द्र राजनांदगांव द्वारा जिले के कृषकों को खरीफ में अधिक उत्पादन लाभ प्राप्त करने के लिए उन्नतशील जातियों के बीज जैसे-धान (इन्द्रावती धान, एमटीयू-1153, विक्रम टीसीआर, छत्तीसगढ़ धान-1919), सोयाबीन (आरएससी-10-46, आरएससी-11-15, आरएससी-11-07) की बुआई करने की सलाह दी है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में हल्की से मध्यम वर्षा होने की सम्भावना है। किसान बुआई का कार्य पूर्ण कर ले एवं नर्सरी से अतिरिक्त जल निकास की व्यवस्था कर ले तथा मौसम साफ रहने पर ही खरपतवार नियंत्रण कार्य करें। धान में थरहा डालने से पूर्व यदि शीथरॉट की समस्या हो तो बीजों को 17 प्रतिशत नमक (1.7 किलोग्राम नमक प्रति 10 लीटर पानी में) के घोल से उपचारित करें। प्रमाणित या आधार श्रेणी के बीजों को एजोस्पारिलम तथा पीएसबी कल्चर 5.10 ग्राम की दर से उपचारित कर बुआई करें। नत्रजन का छिड़काव कुल अनुशंसित मात्रा की आधी मात्रा (60 किलोग्राम) रोपा के 8-10 दिनों बाद यूरिया के रूप में छिड़काव करें। छिड़काव के बाद खेतों में पानी लगभग 24 घंटे तक रोक कर रखें।जिन किसानों ने धान फसल की बुआई कर ली है, वे संकरी तथा चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार नियंत्रण हेतु धान बुआई के 20-25 दिनों के भीतर आवश्यकतानुसार खरपतवारनाशी जैसे-बिसपायरीबेक सोडियम (नोमिनिगोल्ड, एडोर, बिस्फोर्स एवं अन्य उत्पाद) 250 ग्राम का छिड़काव करें। सोयाबीन फसल लगाने वाले किसानों को मौसम पूर्वानुमान के अनुसार जल्द से जल्द सोयाबीन फसल की सीधी एवं कतार बोनी या चौड़ी क्यारी फरो विधि से बुआई करने की विशेष सलाह दी गई है। संकरी तथा चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार नियंत्रण हेतु बुआई के 18-20 दिनों तक आवश्यकतानुसार खरपतवारनाशी जैसे-इमेजाथाईपर 10 प्रतिशत एसएल का 750 मिली का छिड़काव करें।
- राजनांदगांव । जिले के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों में प्रत्येक गुरूवार को पोट्ठ लईका चौपाल का आयोजन किया जाता है। जिसके तहत राजनांदगांव विकासखंड के आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक 4 सोमनी में आयोजित पोट्ठ लईका चौपाल में शामिल होने यूनिसेफ इंडिया के अधिकारी दिल्ली से पहुंचे। चौपाल में थीम अनुसार जन्म के 1000 सुनहरे दिवस, डायरिया प्रबंधन, तिरंगा भोजन एवं ओआरएस के उपयोग तथा जीवन रक्षक घोल के महत्व के संबंध में चर्चा की गई। इसके साथ ही चौपाल में गर्भवती माताओं की गोदभराई एवं बच्चों का अन्नप्राशन किया गया। यूनिसेफ इंडिया के अधिकारियों ने पोट्ठ लईका चौपाल के आयोजन की प्रसंशा की और जिले इसके सफल क्रियान्वयन के लिए शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर ग्राम सरपंच, मितानीन, जिला पोषण समन्वयक, विकासखंड पोषण समन्वयक, बिहान की दीदीयां, महिला एवं बाल विकास विभाग के कर्मचारी सहित ग्रामीण उपस्थित थे।
- राजनांदगांव । मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह की उपस्थिति में जिला पंचायत सभाकक्ष में प्रोजेक्ट जूनियर-जी के संबंध में प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह ने कहा कि बच्चों के परीक्षा परिणाम में सुधार करने के साथ-साथ उन्हें सही दिशा एवं कैरियर मार्गदर्शन और बच्चों के ड्राप आउट को रोकने के लिए प्रोजेक्ट जूनियर-जी को जिले में संचालित किया जा रहा है। इसके तहत बच्चों की परीक्षाओं में अच्छे परिणाम और पढ़ाई के प्रति जागरूकता लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों का सही मार्गदर्शन करना है जिससे वे गलत दिशा में न जाए। इसके लिए कॉलेज के अच्छे बच्चों को इसमें जोड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि कॉलेज के बच्चों को लीडरशीप करने का अच्छा मौका मिल रहा है। कॉलेज के अच्छे बच्चे जो बड़े भाई और बड़ी बहन की तरह छोटे बच्चों को अपने अच्छे अनुभव के साझा कर सकते हैं। उनके द्वारा भविष्य, पढ़ाई, कैरियर मार्गदर्शन और मनोबल को बढ़ाने में मदद कर सकते है। पीपीआईए फेलो श्री अमित परिहार द्वारा प्रोजेक्ट जूनियर-जी के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। इस अवसर पर जिला परियोजना अधिकारी साक्षरता श्रीमती रश्मि सिंह, महाविद्यालयों के प्राध्यापक, स्कूली प्राचार्य उपस्थित थे।



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