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कलेक्टर ने आम नागरिकों से स्कूली बच्चों के लिए किया न्योता भोज का आग्रह
रायपुर ज़िले में अब तक कुल दस स्कूलों में हुआ न्योता भोज
रायपुर। जिला प्रशासन द्वारा न्योता भोज के आयोजन के लिए सम्पर्क नंबर जारी किए है। इस नंबर पर सम्पर्क कर आम नागरिक अपने जीवन के विशेष अवसर पर स्कूली बच्चों को न्योता भोज दे सकते है। इस सम्बन्ध में कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने आग्रह किया है कि आम नागरिक व कर्मचारी अपने जीवन के विशेष अवसरों जन्म दिवस, वैवाहिक वर्षगांठ या अन्य कोई अवसर पर स्कूली बच्चों को न्योता भोज दे, इससे बच्चों को अतिरिक्त पोषण आहार मिलेगा और इससे अपनत्व की भावना विकसित होगी। कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी, रायपुर ने सम्पर्क नंबर जारी कर दिए है। आम जन जिला नोडल अधिकारी श्री एम. मिंज मो. 9669579114, विकासखंड स्तरीय नोडल अधिकारी श्री नरेंद्र कुमार साहू मो. 9770993997, वि.ख. आरंग नोडल अधिकारी श्री एन.पी. कुर्रे, मो. न. 9826166158, वि.ख. अभनपुर नोडल अधिकारी श्री अजय वर्मा मो. न. 9926147484, वि.ख. धरसींवा नोडल अधिकारी श्री संजयपुरी गोस्वामी मो. न. 9424203077, वि.ख. तिल्दा नोडल अधिकारी श्री लिकेश्वर जाहिरे मो. न. 9770747291 में सम्पर्क कर न्योता भोज दे सकते है। इनसे प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना अंतर्गत ’’न्योता भोजन’’ इच्छुक दान दाता जो अपने जन्म दिवस, वैवाहिक वर्षगांठ, संस्था के स्थापना दिवस या जो दिवस आपके महत्वपूर्ण हो ’’न्योता भोजन’’ हेतु संपर्क कर सकते हैं।
जिले के 10 स्कूलों में न्योता भोज का आयोजन
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिले में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना के तहत न्योता भोज का आयोजन शुरू किया गया हैं। इस संबंध में 17 फरवरी को रायपुर जिला कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने अपने जन्मदिन के अवसर पर न्योता भोज की शुरुआत की। उनके आग्रह पर अब तक 10 स्कूलों में न्योता भोज का कार्यक्रम आयोजन किया जा चुका है। जिसके विवरण इस प्रकार है- धरसींवा विकासखंड के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला, शासकीय नवीन प्राथमिक शाला और शासकीय प्राथमिक शाला धरमपुरा में कलेक्टर डॉ गौरव सिंह। शासकीय प्राथमिक शाला पथरी में सरपंच ग्राम पंचायत पथरी की श्रीमती प्रीति भरत सोनी। शासकीय प्राथमिक शाला चंगोराभाठा में श्री बृजराज सिंह। शासकीय प्राथमिक शाला टेमरी में विधायक श्री मोतीलाल साहू। शासकीय प्राथमिक शाला हसदा नंबर-2 में श्री राजकुमार रात्रे, शासकीय नवीन प्राथमिक शाला माठ तिल्दा में जनपद सदस्य श्री सुरेन्द्र वर्मा। शासकीय प्राथमिक शाला निनवा तिल्दा में प्राचार्य श्री बिसहत साहू ने शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला निनवा तिल्दा में न्योता भोज का आयोजन किया गया। -
अतिक्रमण से जुड़ी शिकायतों का निराकरण जल्द करें: कलेक्टर डॉ गौरव सिंह*
कार्यक्षेत्र में व्यव्धान उत्पन्न करने वाले असामाजिक तत्वों पर पुलिस करेगी तत्काल कार्रवाई: एसपी श्री संतोष सिंह*
रायपुर /कलेक्टर रेडक्रास सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने ज़िले के समस्त विभागों के अधिकारियों को लंबित कार्यों के यथासंभव निराकरण करने निर्देशित किया। उन्होंने ज़िले के नगर निगम तथा अन्य नगरीय निकायों में अतिक्रमण से संबंधित प्राप्त शिकायतों को पुलिस, राजस्व और नगर निगम से समन्वय स्थापित कर तत्काल निराकरण करने निर्देश दिया। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के पूर्व पुलिस को अवश्य सूचना प्रदान करे। साथ ही माघ पुन्नी पर होने वाले राजिम मेले में स्टॉल लगाने की तैयारियों पर जानकारी ली एवं समस्त विभागों का व्यवस्थित स्टाल लगाने कहा। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से कहा कि विभागीय स्टॉल के साथ स्वास्थ्य परीक्षण की भी व्यवस्था की जाए।
एसपी श्री संतोष सिंह ने कहा कि जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और अन्य विभाग समन्वय बनाकर कार्य करेंगे। यदि किसी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी को शासकीय कार्य के दौरान लॉ एंड आर्डर से जुड़ी समस्या आए तो पुलिस अधिकारियों को तुरंत सूचना प्रदान करें उन्हें तत्काल सहायता दी जाएगी। कार्यक्षेत्र में व्यव्धान उत्पन्न करने वाले असामाजिक तत्वों पर पुलिस करेगी तत्काल कार्रवाई करेगी।
कलेक्टर ने कहा कि ज़िले में कार्यरत सभी विभाग आपस में समन्वय स्थापित कर कार्य करें। साथ ही कहा कि श्रम विभाग को स्वास्थ्य विभाग एवं महिला बाल विकास विभाग से समन्वय करते हुये अधिक से अधिक श्रमिकों का पंजीयन करने एवं उन्हें महतारी जतन योजना एवं छात्रवृत्ति सहायता योजना सहित अन्य योजनाओं का लाभ दी जाए। उल्लेखनीय है कि महतारी जतन योजना अंतर्गत पंजीकृत महिला श्रमिक को प्रथम दो प्रसव पर बच्चे के जन्म के तीसरे महीने तक आवेदन करने पर एक मुफ्त 20 हज़ार रूपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है।
बैठक में कलेक्टर ने धान ख़रीदी केंद्रों से उठाव कार्य को तेज़ी से पूर्ण करने निर्देश दिया। अधिकारियों ने बताया कि ज़िले में 100 प्रतिशत डीओ जारी कर दिया गया है और 92 प्रतिशत उठाव कार्य भी पूर्ण कर लिया गया है। उन्होंने महतारी वंदन योजना अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का एंट्री जल्द करने निर्देश दिया। महिला एवं बाल विकास अधिकारी ने बैठक में जानकारी देते हुए बताया कि अब तक ज़िले में कुल 5 लाख 28 हज़ार 527 आवेदन प्राप्त हुए हैं। जिनमे से लगभग पाँच लाख से अधिक आवेदनों की एंट्री कर ली गई है और शेष आवेदनों की भी यथशीघ्र एंट्री कर ली जायेगी। बैठक में जिला पंचायत सीईओ और अधिकारीगण भी उपस्थित रहे। -
रायपुर। मैट्स विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. रेशमा अंसारी के गज़ल संग्रह 'इल्तिजा है मेरी' का विमोचन प्रसिद्ध महिला साहित्यकार अलका सरावगी, कलकत्ता, मनीषा कुलश्रेष्ठ जयपुर, प्रसिद्ध गजलकार और समालोचक प्रेम भारद्वाज, ज्ञानभिक्षु, दिल्ली, डॉ. सुधीर शर्मा रायपुर, डॉ. कमलेश गोगिया, कुलाधिपति गजराज पगारिया, कुलपति प्रो. के. पी. यादव ने किया। इस संग्रह में विभिन्न समसामयिक विषयों से संबंधित 90 गज़लें सूफियाना अंदाज में संकलित हैं, जो हिन्दी तथा उर्दू मिश्रित नई शैली में लिखी गई हैं। इस संग्रह में अनेक कविताएं प्रेम और अनुभूति का संसार रचती हैं। इस संग्रह में मौसम, प्यार, बारिश, देश, परिवार, प्रकृति, पिता, किताबें, ज्ञान-विज्ञान और चंद्रयान की सफलता का सुख भी है। आशा और विश्वास के सहारे सुमिरन है।
- - जनसहभागिता से बच्चों को दिया गया पौष्टिक एवं स्वादिष्ट भोजन- खुशी के माहौल में बच्चों ने स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ उठाया- प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत न्योता भोजन अंतर्गत समुदाय एवं संगठन भी अतिरिक्त पूरक पोषण के रूप में भोजन देने में करें योगदानराजनांदगांव । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के जन्मदिवस के अवसर पर जिले में आज न्योता भोजन कार्यक्रम का आयोजन सभी आश्रम एवं छात्रावास में किया गया। प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना अन्तर्गत न्योता भोजन कार्यक्रम जनसहभागिता से आयोजित किया गया। बच्चों को पौष्टिक एवं स्वादिष्ट भोजन दिया गया। बच्चों को खीर, पूड़ी, पुलाव, गुलगुला भजिया, सलाद एवं अन्य स्वादिष्ट व्यंजन परोसे गए। खुशी के माहौल में बच्चों ने स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ उठाया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के जन्मदिन को न्योता भोजन के रूप में उत्साह एवं खुशी के साथ मनाया गया।उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना अन्तर्गत शालेय अवधि में बच्चों को गर्म भोजन उपलब्ध कराया जाता है। यह योजना भारत सरकार के साथ राज्य शासन की भी अति महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है। प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना की गाईडलाईन में सामुदायिक आधार पर तिथि भोजन का प्रावधान किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य में इसे न्योता भोजन के नाम से लागू किया गया है। न्योता भोजन की अवधारणा एक सामुदायिक भागीदारी पर आधारित है। यह विभिन्न त्यौहारों या अवसरों जैसे वर्षगांठ, जन्मदिन, विवाह और राष्ट्रीय पर्व आदि पर बड़ी संख्या में लोगों को भोजन प्रदान करने की भारतीय परम्परा पर आधारित है। समुदाय के सदस्य ऐसे अवसरों एवं त्यौहारों पर अतिरिक्त खाद्य पदार्थ या पूर्ण भोजन के रूप में बच्चों को पौष्टिक और स्वादिष्ट भोजन प्रदान कर सकते हैं। न्योता भोजन पूरी तरह स्वैच्छिक है और समुदाय के लोग अथवा कोई भी सामाजिक संगठन या तो पूर्ण भोजन का योगदान कर सकते हैं या अतिरिक्त पूरक पोषण के रूप में मिठाई, नमकीन, फल या अंकुरित अनाज आदि के रूप में खाद्य सामग्री का योगदान कर सकते हैं। न्योता भोजन शाला में दिये जाने वाले भोजन का विकल्प नहीं है, बल्कि यह केवल शाला में प्रदान किये जाने वाले भोजन का पूरक है। न्योता भोजन समुदाय के बीच अपनेपन की भावना विकसित करने में मदद करेगा। यह प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना अन्तर्गत प्रदान किये जाने वाले भोजन के पोषक मूल्य में वृद्धि करने में मदद करेगा। यह शाला और स्थानीय समुदाय के मध्य आपसी तालमेल के विकास में सहायक होगा। सभी समुदाय, वर्ग के बच्चों में समानता की भावना पैदा करने में मदद करना। पूरक पोषण के माध्यम से न्योता भोजन बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को और मजबूत करने में मदद करेगा।
- -महतारी वंदन योजना के लिए 3000 करोड़ रूपए का प्रावधान-कामकाजी महिलाओं के बच्चों की देखभाल और पोषण के लिए 1500 स्थानों में पालना केन्द्रों के लिए 20 करोड़ रूपए का प्रावधान-कुपोषण दूर करने पौष्टिक आहार हेतु 700 करोड़ रूपए का प्रावधान-एक हजार कन्या शालाओं तथा महाविद्यालयों में सेनेटरी नेपकिन वेंडिंग मशीन के लिए 13 करोड़ रूपए स्वीकृत-शहरी क्षेत्रों में 100 आंगनबाड़ियों के लिए 12 करोड़ रूपए का प्रावधान-प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना हेतु 116 करोड़ 56 लाख रूपए का प्रावधान-निःशक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना के लिए 4 करोड़ रूपए का प्रावधानरायपुर / महिला एवं बाल विकास एवं समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के विभागों के लिए वर्ष 2024-25 के लिए 3009 करोड़ 28 लाख 14 हज़ार रुपए की अनुदान मांगे छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज पारित की गई। इनमें समाज कल्याण विभाग से संबंधित व्यय के लिए मांग संख्या 34 के तहत 121 करोड़ 76 लाख 27 हज़ार रुपए और महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए मांग संख्या 55 के तहत 2887 करोड़ 51 लाख 87 हजार रूपए की अनुदान मांगे शामिल हैं।महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 हेतु कुल राशि 5682 करोड़ 85 लाख 83 हजार रूपए की अनुदान मांगें छत्तीसगढ़ राज्य की महतारियों को समर्पित करते हुए कहा कि यह बजट प्रदेश की नारी शक्ति, किशोरी बेटियों और नौनिहालांे के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने यह संकल्प लिया है कि प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से संबल बनाएगी तथा उनका सशक्तिकरण करेगी। यह वादा हमने निभाया और लगभग सभी पात्र महिलाओं को 1000 रूपये प्रतिमाह उनके खाते में अंतरित करने का निर्णय लिया है। आगामी माह में राशि का अंतरण भी प्रारंभ कर देंगे। महतारी वंदन योजना में लगभग 8000 करोड़ रूपये का व्यय संभावित है। इसके लिए वर्ष 24-25 में प्रथम चरण में 3000 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। इससे महिलाओं के सामाजिक आर्थिक सशक्तिकरण मंे सहायता मिलेगी।श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि कामकाजी महिलाओं के बच्चों की देखभाल हेतु 1500 स्थानांे पर पालना केन्द्रों हेतु बजट में 20 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि बच्चों का स्वास्थ्य एवं पोषण हमारी सरकार की प्राथमिकता में है। बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण के लिए बजट में 82.80 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। कुपोषण दूर करने पोषण आहार हेतु बजट में 700 करोड़ का प्रावधान किया गया है। बजट में 1000 कन्या शालाओं, महाविद्यालयों में सेनेटरी नेपकिन वेडिंग मशीन हेतु 13 करोड़ का प्रावधान है। ग्रामीण क्षेत्रों में आंगनबाड़ी भवनों के लिए 24 करोड़ रूपए और शहरी क्षेत्रों में 100 आंगनबाडी हेतु 12 करोड़ रूपये का प्रावधान और आंगनबाड़ी को नर्सरी स्कूलों की तरह विकसित करने के लिए 29 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया गया है। मिशन शक्ति हेतु 10 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। छत्तीसगढ़ महिला कोष से स्व-सहायता समूहों तथा महिलाओं को ऋण योजना का लाभ दिलाने हेतु 25 करोड़ 20 लाख का प्रावधान।श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि वर्ष 2024-25 में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना हेतु 7600 कन्याओं के विवाह का लक्ष्य रखते हुए 38 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना हेतु 116 करोड़ 56 लाख रूपये और मिशन वात्सल्य के लिए 94 करोड़ 80 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है। साथ ही महिला सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए 5 करोड़ 27 लाख रूपए का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि महिला हेल्पलाइन नम्बर (181), चाइल्ड हेल्पलाइन नम्बर (1098) के एकीकरण टोल फ्री नम्बर 112 हेतु 75 करोड़ 71 लाख रूपये का प्रावधान किया गया है।उन्होंने कहा कि इस वर्ष योजनाओं और सेवाओं में उन्नत तकनीक अपनाने के लिए विभाग को डिजिटलाईजेशन करने के लिए बजट में 5 करोड़ 75 लाख रूपये का बजट प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि गत सरकार द्वारा संचालित 25 योजनाओं का युक्तियुक्तकरण किया गया है और इन योजनाओं को 10 अम्ब्रेला योजना के रूप में संचालित करने का निर्णय लिया है। छत्तीसगढ़ महिला कोष द्वारा महिला स्व-सहायता समूहों को ऋण योजना के लिए 25 करोड़ 20 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है।समाज कल्याण विभागमंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और उभयलिंगी व्यक्तियों के साथ ही अन्य व्यक्तियों के लिए विभागीय योजनाओं से संबंधित किसी भी समस्या के त्वरित निराकरण के लिए हेल्पलाइन नंबर 155326 या टोल फ्री नंबर 1800-233-8989 संचालित है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 में एक करोड़ 30 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है। नशापान की प्रवृत्ति पर प्रभावी नियंत्रण के लिए राज्य के सभी विकासखण्डों के ग्राम पंचायतों में 2951 भारतमाता वाहिनी का गठन किया गया है। इसके लिए बजट में 10 करोड़ रूपए का प्रावधान है।श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि दिव्यांग व्यक्तियों को पीआरआरसी सेंटर के माध्यम से अत्याधुनिक कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण प्रदाय करने के लिए एक करोड़ 59 लाख 72 हजार रूपए का प्रावधान है। दिव्यांग व्यक्तियों के सामाजिक पुनर्वास के लिए निःशक्त जन विवाह प्रोत्साहन योजना के लिए 4 करोड़ रूप्ए का प्रावधान किया गया है। योजना के तहत दिव्यांग दम्पति को एकमुश्त एक लाख रूपए की सहायता दी जाती है। दिव्यांग व्यक्तियों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए संबल योजना के तहत एक करोड़ 91 लाख रूपए और वृ़द्धाश्रमों के संचालन के लिए 4 करोड़ 15 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है।
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रायपुर।छत्तीसगढ़ विधानसभा में राजिम माघी पुन्नी मेला संशोधन विधेयक पारित हो गया है। छत्तीसगढ़ विधानसभा में तीन विधेयक पेश किया गया। तीन में से एक विधेयक पारित हुआ। इसके बाद राजिम माघी पुन्नी मेला अब राजिम कुंभ के नाम से जाना जाएगा। विधानसभा बजट सत्र के 12वें दिन बुधवार को तीन संशोधन विधेयक पेश किये गए। इनमें छत्तीसगढ़ सिविल न्यायालय संशोधन, माल एवं सेवा कर संशोधन और राजिम माघी पुन्नी मेला संशोधन विधेयक शामिल हैं।धर्मस्व और संस्कृति मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह से पुन्नी मेला विधेयक पर आज ही चर्चा कराने का आग्रह किया। जिसकी अनुमति अध्यक्ष ने दी। चर्चा के बाद यह विधेयक पारित कर दिया गया। अब माघी मेला नहीं राजिम कुंभ कहलाएगा।
विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि -छत्तीसगढ़ विधानसभा में राजिम माघी पुन्नी मेला संशोधन विधेयक पारित हुआ है। इसके लिए विधानसभा अध्यक्ष सहित सदन के सभी सम्मानित सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त करता हूं। अब त्रिवेणी संगम में राजिम कुंभ पुराने वैभव और गरिमा के साथ प्रारंभ होगा।दुनियां भर में छत्तीसगढ़ की एक धार्मिक पहचान बनाने वाला यह भव्य आयोजन आगामी 24 फरवरी से आयोजित है जिसमे देश भर के साधु, संत, महात्मा पधार रहे है। कांग्रेस पार्टी ने पूर्वाग्रह से कार्य करते हुए 13 वर्षों से निरंतर चले आ रहे राजिम कुंभ का नाम बदला था। आज छत्तीसगढ़ विधानसभा ने पुनः राजिम कुंभ कल्प नामकरण के साथ त्रिवेणी संगम में आयोजित होने वाले भव्य और दिव्य कुंभ पर अपनी आस्था प्रगट कर दी है। अपनी प्रतिशोध की आग में सनातन धर्म को झोंकने का कुत्सित प्रयास करने वाले कांग्रेस के लिए बस यही कहूंगा! जाको प्रभु दारुण दुख देही, ताकी मति पहले हर लेही।
- -संसदीय प्रक्रिया युवा समझेगा तभी तो देश का लोकतंत्र मज़बूत बनेगा-सुनील सोनीरायपुर। नेहरू युवा केंद्र रायपुर, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आज आस पड़ोस युवा संसद कार्यक्रम का आयोजन दुर्गा कॉलेज रायपुर में कराया।इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में रायपुर के संसाद रहे। उन्होंने कहा कि आज इस युवा सांसद को देख कर बहुत प्रसन्नता हुई है की देश का युवा सही राह पर चल रहा है।युवा संसद में युवा नेता ने पक्ष विपक्ष की तरह नई शिक्षा नीति, महिला आरक्षण, गरीब कल्याण योजना पर चर्चा की।विपक्ष के युवा सांसदों ने युवा प्रधानमंत्री व मंत्रिमंडल के युवा नेताओं पर कठिन सवाल दागे जिनका मंत्रिमंडल ने बेजोड़ जवाब दिया।अर्पित तिवारी ज़िला अधिकारी नेहरू युवा केंद्र ने बताया कि आस पड़ोस एक मंच है युवाओं के लिए जिससे वह अपनी प्रतिभा दिखा सकें व विचारों को मंच मिल सके।डॉ प्रतिभा साहूकार मुखर्जी, प्राचार्य, दुर्गा कॉलेज ने बताया की ऐसे कार्यक्रमों से युवाओं द्वारा संसदीय प्रक्रिया को बेहतर ढंग से समझने का मौक़ा मिलेगा जिससे व देश की नीतियों को सशक्त करने में अपना योगदान दें सके।सुनीता चांसोरिया, सहायक प्राध्यापक, दुर्गा कॉलेज व कार्यक्रम अधिकारी, ऐनएसएसने बताया कि छत्तीसगढ़ के युवा निरंतर ऐसे कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर कर हिस्सा लेते व देश दुनिया में अपनी राष्ट्रीय भूमि का गौरव और बढ़ा देते हैं।इसके अतिरिक्त शशांक शर्मा, छग राज्य ग्रंथ अकैडमी के पूर्व संचालक जी ने युवकों को वोकल फ़ोर लोकल विषय पर जानकारी देते हुए कहा कि देश की तरक़्क़ी आत्म निर्भरता व स्वदेशी व्यवसाय से ही मुमकिन है इसलिए हमें स्वदेशी उत्पादों व व्यवसाय को बढ़ावा देना चाहिए।डॉ श्वेता छाब्ड़ा, नूट्रिशनिस्ट, ने मिलेट्स के उपयोग और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने के लिए युवाओं को प्रेरित किया। प्रियंका कौशल, वरिष्ट पत्रकार ने नारी सशक्तिकरण पर अपने विचार रखें। मंच का सफल संचालन देवाशिश पटेल ने किया। साथ वासु पटेल, आशुतोष, नेहरू युवा केंद्र के स्वयंसेवक व अन्य स्वयंसेवक उपस्थिति थे।
- राजनांदगांव। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के मोहगांव के जंगलपुर घाट में चार दिन पहले ग्राम पटेल ओम प्रकाश मेरावी की जली हुई लाश के मामले को पुलिस ने सुलझा लिया है। इस मामले में चार लोगों की गिरफ्तारी हुई है।पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मृतक ओम प्रकाश मेरावी ने गांव के कोमल जंघेल एवं गणेश वर्मा को तंत्र मंत्र विधि से मारने कवर्धा पोड़ी के बैगाओं आरोपियों हरबोलवा पंडित, प्रभू गिरी गोस्वामी एवं ग्रेटर उर्फ विष्णु गिरी गोस्वामी, रिद्धु साहू, शिवप्रसाद मेरावी से संपर्क किया। मृतक और चारों आरोपी बैगा जंगलपुर घाट के गरगरा जंगल में दोनों ग्रामीणों के नाम लिखकर फोटो के साथ तांत्रिक क्रिया कर रहे थे। इसी बीच बैगाओं के ग्रुप के एक व्यक्ति ने पुलिस के आने की सूचना दे दी। जिसके बाद सभी भाग निकले। इसके बाद तीनों आरोपी बैगा ग्राम पटेल ओम प्रकाश मेरावी ने ओम प्रकाश मेरावी के लिखे पत्र को वायरल करने की धमकी देकर उससे 40 हजार रुपये की मांग की। पैसा नहीं देने पर तंत्र मंत्र से मारने की धमकी दी। वहीं ब्लैकमेल करने लगे। जिसके बाद ग्राम पटेल ने सदमे में आकर अपने खेत में बनी झोपड़ी में जाकर आत्मदाह कर लिया। मामले में पुलिस ने चारों तथाकथित बैगाओं को जेल भेज दिया है।मृतक की दोनों ग्रामीणों के साथ पुरानी रंजिश थी। इधर, ग्रामीणों के रिपोर्ट पर पुलिस ने तंत्रमंत्र करने वाले आरोपी बैगाओं के खिलाफ अलग-अलग मामलों में अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। मोहगांव थाना प्रभारी धर्मेंद्र वैष्णव ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए लगातार विवेचना की जा रही थी। चारों आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। (सांकेतिक फोटो)
- कांकेर। कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा प्राथमिक शाला पीव्ही 20 के शिक्षक सुनील करभाल को कार्य में लापरवाही बरतने पर निलंबन आदेश जारी किया गया है। कोयलीबेड़ा विकासखण्ड अंतर्गत प्राथमिक शाला पी.व्ही. 20 के सहायक शिक्षक श्री सुनील करभाल का नशे की हालत में शाला आने का वीडियो वायरल हुआ था, जिस पर कलेक्टर द्वारा त्वरित संज्ञान लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को उन पर कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया था। जिला शिक्षा कार्यालय द्वारा जारी आदेश में उल्लेख किया गया है कि सहायक शिक्षक श्री सुनील करभाल को उनके उक्त कृत्य के लिए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 23 के विपरीत होने के साथ ही कार्य के प्रति लापरवाही बरतने के फलस्वरूप छत्तीसगढ़ सिविल सेवा वर्गीकरण नियम 1966 के नियम 9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय खण्ड शिक्षा अधिकारी अंतागढ़ नियत किया गया है।
- -कानून व्यवस्था, आपराधिक गतिविधियों पर रोक और एन्टी नक्सल अभियानों पर हुई चर्चा-रायपुर संभागायुक्त डॉ अलंग और आईजी श्री मिश्रा हुए शामिलरायपुर /आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर प्रदेश में प्रशासनिक तैयारियां शुरू हो गई है। आज संभागायुक्त डॉ. संजय अलंग और रायपुर के पुलिस महानिरीक्षक श्री अमरेश मिश्रा की मौजूदगी में वीडियो कॉफ्रेसिंग के माध्यम से सीमावर्ती राज्य उड़ीसा के अधिकारियों के साथ अंतर्राज्यीय समन्वय बैठक हुई। इस बैठक में लोकसभा चुनाव के दौरान कानून व्यवस्था, आपराधिक गतिविधियों को रोकने और माओवाद प्रभावित क्षेत्र में संयुक्त अभियानों पर चर्चा की गई। बैठक में रायपुर संभाग के महासमंुद, गरियाबंद और धमतरी जिलों तथा उडी़सा राज्य के कोरापुट, कालाहाण्डी, बलांगीर, मलकानगीरी, नवरंगपुर, बरगड़, नुआपाड़ा जिलों के कलेक्टर तथा पुलिस अधीक्षकों सहित संबलपुर रंेज के आईजी और संभागायुक्त भी शामिल हुए।बैठक में अधिकारियों ने आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए अंतर्राज्यीय सीमावर्ती क्षेत्रों में माओवादी गतिविधियों के खिलाफ संयुक्त ऑपरेशन चलाने और सप्लाई नेटवर्क को रोकने के लिए प्रभावी कार्य करने पर जोर दिया। रायपुर संभागायुक्त डॉ. अलंग ने बेहतर आपसी ताल-मेल के साथ आगामी लोकसभा चुनाव संपन्न कराने के लिए अनुविभागीय अधिकारी स्तर, पुलिस थाना स्तर, जिला स्तर पर भी समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने सूचनाओं के तेजी से आदान-प्रदान पर बल देते हुए वॉट्सएप्प ग्रुप बनाने की बात कही। बैठक में चुनाव के दौरान अंतर्राज्यीय सीमाओं पर स्थाई एवं अस्थाई-मोबाईल चेकपोस्ट लगाने, मादक पदार्थों के अवैध परिवहन की रोकथाम के लिए भी प्रभावी समन्वय करने पर चर्चा हुई। इस बैठक में चुनाव के दौरान अवैध रूप से शराब, नगदी, हथियार, सोना और चांदी के साथ-साथ अन्य सामग्रियों के परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए भी रणनीति तय की गई।बैठक में संभागायुक्त डॉ. अलंग ने अभी से ही मादक पदार्थों शराब, गांजा आदि के अवैध भण्डारण के साथ-साथ नगदी, साड़ी, बर्तन जैसी सामग्रियों के बड़ी मात्रा में भण्डारण पर नजर रखने पर भी ध्यान आकृष्ट किया। उन्होंने सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान पर जोर दिया ताकि चुनाव के दौरान होने वाली घटनाओं पर समय से त्वरित कार्रवाई की जा सके।बैठक में रायपुर रेंज के आईजी श्री अमरेश मिश्रा ने बताया कि अन्तर्राज्यीय आपराधियों के रूप में उड़ीसा राज्य के लगभग तीन सौ वारंटी लोगों की सूची सीमावर्ती जिलों को जल्द ही सौंपी जाएगी, ताकि उनके जिलों में भी पुलिस द्वारा निगरानी की सके। उन्होंने चुनाव के दौरान विशिष्ट एवं अतिविशिष्ट जनप्रतिनिधियों और लोगों के आवागमन को देखते हुए सुरक्षा की दृष्टि से अलग व्यवस्थाएं करने पर भी जोर दिया। श्री मिश्रा ने माओवादी गतिविधियों की रोकथाम के लिए संयुक्त अभियान चलाने की जरूरत बताई।
- रायपुर। आयुष में प्रयोग की जाने वाली औषधियों पर फार्मेकोविजिलेंस संबंधी जागरूकता के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की गई। इसमें फार्मेकोविजिलेंस को सुरक्षित और सटीक दवाइयों के उपयोग को बढ़ावा देने और ड्रग मॉलीक्यूल के डेटा को तैयार करने में महत्वपूर्ण बताया गया।कार्यपालक निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल ने आयुष को साक्ष्य आधारित चिकित्सा प्रणाली बनाने पर जोर दिया। उनका कहना था कि आयुष को वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय बनाए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने आयुष में फार्मेकोविजिलेंस को बढ़ावा देने और एडीआर रिपोर्टिंग पर बल दिया।मुख्य वक्ता डॉ. रचना पालीवाल, सहायक ड्रग कंट्रोलर, सीडीएससीओ, दिल्ली ने मैजिक रेमिडिज एक्ट और इसे लागू करने में फार्मेकोविजिलेंस की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उनका कहना था कि आयुष प्रणाली के बढ़ते अनुप्रयोग से फार्मेकोविजिलेंस की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो रही है। ऐसे में नियमित रूप से आयुष दवाइयों की रिपोर्टिंग की जरूरत है।आयोजन सचिव डॉ. आशुतोष त्रिपाठी ने भारत में फार्मेकोविजिलेंस की पृष्ठभूमि और आवश्यकता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि फार्मेकोविजिलेंस के माध्यम से दवाइयों की मात्रा और शरीर पर पड़ने वाले प्रभावों का अध्ययन किया जाता है। इस अवसर पर विशेषज्ञों ने गर्भावस्था और स्तनपान की अवस्था में प्रतिबंधित दवाइयों के उपयोग को रोकने के उपायों पर भी चर्चा की।कार्यक्रम में आयुष विभाग के डॉ. सुनील राय, डॉ. अखिलनाथ परिदा, डॉ. लक्ष्मण कुमार और डॉ. विक्रम पई ने भी भाग लिया।
- घरों में सोलर संयंत्र स्थापित करने मिलेगा अनुदानकांकेर। केन्द्र सरकार द्वारा देश के नागरिकों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना शुरू की गई है। केन्द्र सरकार ने देशभर के 1 करोड़ घरों को योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ के 1 लाख घरों को योजना से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। योजनांतर्गत घरों की छत पर ऑनग्रिड सोलर रूफटॉप संयंत्र की स्थापना की जाएगी। इसके लिए हितग्राहियों को 02 किलोवॉट तक के सोलर संयंत्र पर प्रतिकिलो वॉट 30 हजार रूपए प्रतिकिलो वॉट, 02 किलोवॉट तक और 03 किलोवॉट के लिए 18 हजार, इस तरह 03 किलोवॉट तक के संयंत्र के लिए अधिकतम 78 हजार रूपये की केन्द्रीय अनुदान प्रदान की जाएगी। उक्त योजनांतर्गत सस्ते ब्याज पर लोन भी उपलब्ध होगा। इस योजना का लाभ लेने हेतु पीएम सूर्य घर योजना की वेबसाईट चउेनतलंहींतण्हवअण्पद पर लॉगिन कर आवेदन किया जा सकता है।
- रायपुर // मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज अपने जन्मदिन के अवसर पर राजधानी रायपुर के आकाशवाणी चौक स्थित मां काली मंदिर में पूजा-अर्चना कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
- -माना विमानतल पर मुख्यमंत्री से अचानक हुई मुलाकात से बच्चों का दिन बना यादगार-मुख्यमंत्री को बच्चों ने जन्मदिन की शुभकामनाएं दीरायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज जशपुर प्रवास से वापस राजधानी रायपुर लौटने के दौरान माना विमानतल पहुंचे। इसी दौरान बालोद जिले से शैक्षणिक भ्रमण पर आए सुरेगांव स्वामी आत्मानंद स्कूल के बच्चों ने मुख्यमंत्री को देख उन्हें आवाज लगाई और अपने पास बुलाया। बच्चों को यकीन न था कि मुख्यमंत्री उनके पास आएंगे, लेकिन मुख्यमंत्री न केवल बच्चों के पास पहुंचे बल्कि उनके साथ बातें की, शैक्षणिक भ्रमण के अनुभव पूछें और फोटो भी खिंचवायी। मुख्यमंत्री का यह स्वभाव बच्चों को भा गया। स्कूली बच्चों ने खुशी-खुशी मुख्यमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्चों के स्नेह भरी शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद और आशीष दिया।बालोद जिले से शैक्षणिक भ्रमण पर आएं बच्चों ने कभी नहीं सोचा था कि मुख्यमंत्री से उनकी मुलाकात हो पाएगी। यह पूरा वाकया बच्चों के जीवन के लिए यादगार लम्हा बन गया। बच्चें जब शैक्षणिक भ्रमण की सुंदर स्मृतियों को लेकर लौटेगें तो मुख्यमंत्री का सरल व्यवहार और अचानक हुई यह सुखद मुलाकात उन्हें हमेशा याद रहेगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्चों को बांटे छात्रवृत्ति के चेकमुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जशपुर से लौटने के दौरान माना विमानतल पहुंचे, जहां उन्होंने पंद्रह बच्चों को स्कूल फीस के लिए चेक के माध्यम से छात्रवृत्ति का वितरण किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों के साथ केक काट कर अपना जन्मदिन भी मनाया।
- रायपुर / श्रीरामलला दर्शन योजना के क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार के पर्यटन विभाग ने कलेक्टरों को विस्तृत दिशा निर्देश जारी कर दिये हैं। यात्रा के लिए हितग्राहियों के चुनाव एवं अन्य कार्य संपादन के लिए कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा। ग्राम पंचायत और नगरीय निकाय योजना के लिए इच्छुक आवेदकों की सूची कलेक्टर की ओर प्रेषित करेंगे। आवेदन करने के लिए एक निर्धारित प्रारूप दिया गया है जिसमें फोटो के साथ ही निवास के साक्ष्य के लिए एक दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा।श्री रामलला दर्शन योजना अंतर्गत 65 वर्ष से अधिक आयु के ऐसे व्यक्ति, जिसने कि अकेले यात्रा करने हेतु आवेदन किया है, को अपने साथ एक सहायक को यात्रा पर ले जाने की पात्रता होगी। व्यक्तियों के समूह द्वारा आवेदन करने पर उक्त समूह के साथ, 3 से 5 व्यक्तियों के समूह को एक सहायक ले जाने की पात्रता होगी, बशर्ते कि इस समूह का प्रत्येक व्यक्ति 65 वर्ष से अधिक आयु का हो। बड़े समूह में प्रति 05 यात्रियों पर 01 के मान से सहायक मान्य किये जाएंगे। पति-पत्नी के साथ-साथ यात्रा करने पर सहायक को साथ ले जाने की सुविधा नहीं रहेगी बशर्ते उनमें से किसी एक की उम्र 65 वर्ष से कम हो।यदि आवेदक पति-पत्नी में से किसी का नाम चुना जाता है तो उसका जीवन साथी भी यात्रा पर साथ जा सकेगा। आवेदन करते समय ही आवेदक को यह बताना होगा कि उसका जीवन साथी भी उसके साथ यात्रा करने का इच्छुक है, ऐसी स्थिति में उक्त जीवन साथी का आवेदन भी आवेदक के आवेदन के साथ ही संलग्न करना होगा। यदि सहायक को यात्रा पर साथ ले जाने की पात्रता है तो उस सहायक का आवेदन भी आवेदक के साथ ही जमा किया जायेगा।यदि व्यक्तियों के समूह एक साथ आवेदन करते हैं तो संपूर्ण समूह को एक आवेदन मानते हुए लॉटरी में सम्मिलित किया जाएगा। उक्त समूह अधिक से अधिक 10 आवेदकों का हो सकेगा। समूह का एक आवेदक समूह का मुखिया कहलायेगा। अन्य सभी आवेदकों के आवेदन उसके आवेदन के साथ संलग्न कर जमा किये जाएंगे। यदि उक्त समूह में सम्मिलित व्यक्तियों को सहायक ले जाने की पात्रता है तो प्रस्तावित सहायकों के आवेदन भी इसी आवेदन के साथ संलग्न किए जाएंगे। समूह में सम्मिलित समस्त व्यक्तियों की, जिसमें सहायक भी सम्मिलित होंगे, संख्या 10 से अधिक नहीं होगी। सहायक को यात्रा पर ले जाने की दशा में उसे भी उसी प्रकार की सुविधा प्राप्त होगी जो कि यात्री को मिलेंगी। यात्रियों की सुविधा के लिए निर्धारित प्रपत्र अनुसार ऑन लाईन आवेदन की प्रक्रिया भी तैयार की जा रही है। जिससे प्रत्येक जिले में चयनित यात्रियों, प्रतिक्षा सूची का डाटा बेस तैयार हो सके।यात्रियों के चयन की प्रक्रिया भी निर्धारित की गई है। यात्रा करने के इच्छुक आवेदनकर्ताओं में से प्रथम चरण में 55 वर्ष के अथवा उससे अधिक उम्र के व्यक्तियों को प्राथमिकता से चयन किया जाएगा। शेष आवेदकों को क्रमवार आने वाले समय में यात्रा कराई जाएगी। योजना के लिए हितग्राही की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष व अधिकतम उम्र 75 वर्ष रहेगी। इस योजना के 25 प्रतिशत हितग्राही शहरी क्षेत्र के होंगे एवं 75 प्रतिशत हितग्राही ग्रामीण क्षेत्र के होंगे। प्रत्येक स्थान की यात्रा हेतु प्राप्त आवेदनों में से उपलब्ध कोटे के अनुसार यात्रियों का चयन किया जाएगा। यदि निर्धारित कोटे से अधिक संख्या में आवेदन प्राप्त होते हैं, तो लाटरी द्वारा यात्रियों का चयन किया जाएगा। कोटे के 25 प्रतिशत अतिरिक्त व्यक्तियों की प्रतीक्षा सूची भी बनायी जाएगी। चयनित यात्री के यात्रा पर न जाने की स्थिति में प्रतीक्षा सूची में सम्मिलित व्यक्ति को यात्रा पर भेजा जा सकेगा।लॉटरी निकालते समय आवेदक के आवेदन के साथ उसकी पत्नी अथवा पति (यदि उनके द्वारा भी यात्रा के लिये आवेदन किया गया हो) एवं सहायक (यदि सहायक की पात्रता हो तो और सहायक ने भी यात्रा पर जाने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया हो) को एक मानते हुये लॉटरी निकाली जाएगी एवं लॉटरी में चयन होने पर यात्रा के लिये उपलब्ध बर्थ, सीटों में से उतनी संख्या कम कर दी जाएगी। समूह में आवेदन किये जाने की स्थिति में, पूरे समूह के सदस्यों एवं उनके सहायकों (यदि सहायक की पात्रता है और सहायक ने भी यात्रा हेतु आवेदन प्रस्तुत कर दिया हो) का एक आवेदन मानते हुए लॉटरी में सम्मिलित किया जायेगा। समूह में लॉटरी में चयन होने की स्थिति में समूह में सम्मिलित आवेदकों की संख्या अनुसार चयन मानते हुए उतनी संख्या तक बर्थ, सीटें, उपलब्ध बर्थ, सीटों की संख्या से कम कर दी जाएगी।चयनित यात्रियों एवं प्रतीक्षा सूची को कलेक्टर कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर संबंधित ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकाय के माध्यम से एवं अन्य ऐसे माध्यम से, जो कि उचित समझे प्रसारित किया जाएगा। केवल वह व्यक्ति ही जिसका चयन किया गया है, यात्रा पर जा सकेगा, वह अपने साथ अन्य किसी अनाधिकृत व्यक्ति को नहीं ले जा सकेगा। एवं चयन उपरांत वह व्यक्ति यात्रा पर न जाने की स्थिति में अपने स्थान पर अन्य किसी दूसरे व्यक्ति को नहीं भेज सकेगा। कलेक्टर द्वारा चयनित यात्रियों की सूची, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड को भेजी जाएगी। टूरिज्म बोर्ड द्वारा सूची आई.आर.सी.टी.सी. अथवा चयनित अन्य एजेंसी को प्रेषित की जाएगी।प्रत्येक जिले के जिला प्रशासन द्वारा, उनके जिले के चयनित यात्रियों को उनके निवास स्थान से ब्लॉक स्तर या तहसील स्तर में निर्धारित स्थान, एवं उनके जिले में निर्धारित रेल्वे स्टेशन/बस स्टॉपेज तक, ट्रेन, बस के निर्गमन की निर्धारित तिथि व समय के 1 घंटे पूर्व समुचित वाहन से निःशुल्क लाया जाना सुनिश्चित किया जावेगा तथा वापसी में यात्रा समाप्ति उपरांत जिले हेतु निर्धारित रेल्वे स्टेशन, बस स्टॉपेज से यात्रियों को तहसील, ब्लॉक स्तर के पूर्व निर्धारित स्थल पर छोड़ने की सम्पूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।यात्रा पर रवाना होने के पूर्व प्रत्येक हितग्राहियों का मेडिकल टेस्ट किया जायेगा। अनफिट पाये गये यात्रियों के स्थान पर वेटिंग में शामिल व्यक्तियों को भेजा जा सकेगा। यात्रियों को अपनी जरूरत के संबंधित दवाएं, गर्म कपड़े आदि रखने होंगे और सामान की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी यात्री की ही होगी। यात्रियों को अपने संपर्क अधिकारी के निर्देशों का पालन करना होगा। उन्हें यह भी सलाह दी गई है कि यथासंभव महंगे सामान जैसे आभूषण आदि न रखें। file photo
- रायपुर,। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री एवं जांजगीर जिले के प्रभारी मंत्री श्री ओपी चौधरी ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत जांजगीर जिले की महिलाओं को नवीन राशनकार्ड का वितरण किया। जिले के पात्र हितग्राहियों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत अंत्योदय, प्राथमिकता, निराश्रित एवं निशक्तजन राशनकार्ड के द्वारा राशन का वितरण किया जा रहा है। बुधवार को प्रभारी मंत्री श्री ओपी चौधरी के द्वारा जांजगीर जिले में श्रीमती सविता सारथी, श्रीमती सावित्री देवी सोनी, श्रीमती सीमा सारथी, श्रीमती मीना तिवारी तथा श्रीमती कंतराबाई को नवीन राशन कार्ड का वितरण किया गया।उल्लेखनीय है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत प्रचलित राशनकार्डो का नवीनीकरण किया जा रहा है। जिसकी अंतिम तारीख 25 फरवरी 2024 है। इसमें कम से कम एक सदस्य का ई-केवायसी पूर्ण हो। अत्यधिक वृद्ध तथा शारीरिक रूप से निशक्त ऐसे हितग्राही जिनके लिए नामिनी नियुक्त हैं, उन्हें इस प्रावधान से छूट होगा। छत्तीसगढ़ के सभी जिलों के ऐसे नागरिक पलायन या अन्य किसी कारणवश राज्य से बाहर हैं, उनको राशनकार्ड नवीनीकरण कार्य के लिए घबराने की जरूरत नहीं है। राशन कार्डधारियों की सुविधाओं को दृष्टिगत रखते हुए राशन कार्ड का नवीनीकरण खाद्य विभाग द्वारा तैयार एप्प से हितग्राही स्वयं अपने मोबाइल में अथवा उचित मूल्य दुकानों में संधारित टैबलेट अथवा दुकान संचालक के पंजीकृत एंड्रॉयड मोबाइल में डाउनलोड कर आवेदन कर सकता है। आवेदक स्वयं राशन कार्ड नवीनीकरण कर सकता है। इस अवसर पर जांजगीर के स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ ही जिला प्रशासन के अधिकारी एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली के हितग्राही उपस्थित थे।
- रायपुर। राज्य सरकार द्वारा अब तक किसानों से 144.92 लाख मीट्रिक टन धान की समर्थन मूल्य पर रिकार्ड खरीदी की जा चुकी है। कस्टम मिलिंग के लिए निरंतर धान का उठाव जारी है। मार्कफेड के महाप्रबंधक से प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक 121 लाख 76 हजार 210 मीट्रिक टन धान के उठाव के लिए डीओ जारी किया गया है, जिसके विरूद्ध मिलर्स द्वारा 112 लाख 82 हजार 485 मीट्रिक टन धान का उठाव किया जा चुका है।
- -प्रथम चरण के अंतिम दिन 20 फरवरी को 1 लाख 78 हजार से अधिक महिलाओं ने किया आवेदनरायपुर। महतारी वंदन योजना के तहत आवेदन भरने के लिए प्रथम चरण के अंतिम दिन भी महिलाओं में खासा उत्साह दिखाई दिया। सभी जिले में पंचायत और आंगनबाड़ी स्तर पर लगाए गए शिविरों में महिलाओं ने काफी बड़ी संख्या में आवेदन किया। योजना का लाभ लेने के लिए प्रदेश में अब तक 72 लाख 74 हजार से अधिक महिलाओं के आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। प्रथम चरण में आवेदन करने के अंतिम दिन 20 फरवरी को प्रदेश में 1 लाख 78 हजार 514 महिलाओं ने आवेदन किया।उल्लेखनीय है कि महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू की गई महतारी वंदन योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा प्रतिवर्ष महिलाओं को 12 हजार रूपए दिये जाएंगे। प्रतिमाह मिलने वाले एक हजार रूपए से महिलाएं अपनी छोटी-मोटी जरूरतों को पूरा करने के साथ पारिवारिक जरूरतों को पूरा करने में मदद कर सकेंगी।जिलेवार प्राप्त आवेदन- महतारी वंदन योजना के अंतर्गत अब तक रायगढ़ जिले में 03 लाख 13 हजार 379, जांजगीर-चांपा में 02 लाख 88 हजार 939, बलरामपुर में 02 लाख 11 हजार 985 महिलाओं ने आवेदन की है। इसी प्रकार बलौदाबाजार में 03 लाख 49 हजार 681, कोण्डागांव 01 लाख 36 हजार 680, कवर्धा 02 लाख 54 हजार 876, सूरजपुर में 02 लाख 14 हजार 567, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 95 हजार 89, गरियाबंद में 01 लाख 94 हजार 662, बेमेतरा में 02 लाख 63 हजार 711, सारंगढ़-बिलाईगढ़ से 01 लाख 89 हजार 163, रायपुर से 05 लाख 63 हजार 413, राजनांदगांव से 02 लाख 58 हजार 198, सक्ती से 02 लाख 11 हजार 282 महिलाओं ने महतारी वंदन योजना के तहत् आवेदन किया है। खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई से 1लाख 14 हजार 713, मुंगेली से 02 लाख 52 हजार 46, बालोद से 02 लाख 57 हजार 68, दंतेवाड़ा से 56 हजार 636, धमतरी से 2 लाख 73 हजार 19, जशपुर से 02 लाख 29 हजार 631, कोरबा से 03 लाख 8 हजार 363, कांकेर से 02 लाख 47 हजार 109, बस्तर से 01 लाख 90 हजार 357, दुर्ग में 04 लाख 21 हजार 701, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर से 01 लाख 05 हजार 844, बिलासपुर से 04 लाख 12 हजार 716, सरगुजा से 02 लाख 39 हजार 129, कोरिया से 61 हजार 907, सुकमा से 52 हजार 324, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही से 95 हजार 982, महासमुंद से 03 लाख 46 हजार 953, नारायणपुर से 27 हजार 503 और बीजापुर जिले से 35 हजार 465 महिलाओं से आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। file photo
- -प्रदेश की नई औद्योगिक नीति 2024-29 बनेगी-कृषि उत्पादों, वनोपजों, खनिज सम्पदा एवं रोजगारमूलक उद्योगों की स्थापना पर होगा जोर-नये औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना के लिए 60 करोड़-कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों हेतु पृथक औद्योगिक पार्क के लिए नये बजट में 50 करोड़ का प्रावधान-कोरबा में बनेगा एल्यूमिनियम पार्क, इन्वेस्ट इंडिया की तर्ज पर आयोजित होगा इन्वेस्ट छत्तीसगढ़ सम्मेलन-प्रवासी श्रमिकों की सहायता के लिए पांच राज्यों में बनाए जाएंगे ‘‘मोर चिन्हारी भवन‘‘-शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना का होगा विस्तार, 9 जिलों में 24 नये केन्द्र खुलेंगे-कर्मचारी राज्य बीमा निगम द्वारा बिलासपुर में स्थापित किया जाएगा 100 बिस्तरों का अस्पताल-श्रमिक परिवारों के बच्चों को उत्कृष्ट निजी स्कूलों में पढ़ाने तथा स्वरोजगार हेतु श्रमिकों द्वारा लिए गए ऋण के ब्याज पर अनुदान की योजना जल्द होगी शुरूरायपुर ।वाणिज्य एवं उद्योग तथा श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन के विभागों से संबंधित 773 करोड़ 28 लाख 42 हजार रूपए की अनुदान मांगें आज छत्तीसगढ़ विधानसभा में चर्चा के बाद पारित कर दी गई। इनमें वाणिज्य एवं उद्योग विभाग से संबंधित व्यय के लिए 530 करोड़ 29 लाख 69 हजार रूपए तथा श्रम विभाग के लिए 242 करोड़ 98 लाख 73 हजार रूपए की राशि शामिल है।वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने अनुदान मांगों पर हुई चर्चा पर जवाब देते हुए कहा कि प्रदेश की वर्तमान औद्योगिक नीति 31 अक्टूबर 2024 तक प्रचलन में है। राज्य की आवश्यकता के अनुरूप इसकी समीक्षा कर नई औद्योगिक नीति 2024-2029 जारी की जाएगी। नई नीति में राज्य में उपलब्ध कृषि उत्पादों, वनोपजों, खनिज सम्पदा एवं रोजगारमूलक उद्योगों की स्थापना को दृष्टिगत रखते हुए नये उद्योगों को प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति के लिए सभी हितधारकों के साथ बात करके तथा अन्य राज्यों की नीतियों का अध्ययन कर एक श्रेष्ठ नीति बनाएंगे, ताकि औद्योगिक विकास में तेजी आए और प्रदेश में रोजगार के नये अवसर सृजित हो सके।उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री देवांगन ने सदन में बताया कि नये औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना के लिए 60 करोड़ रूपए, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को प्रोत्साहित करने पृथक औद्योगिक पार्क की स्थापना के लिए 50 करोड़ रूपए, लागत पूंजी अनुदान के लिए 200 करोड़ रूपए एवं ब्याज अनुदान के लिए 50 करोड़ रूपए का प्रावधान नए बजट में किया गया है। उन्होंने बताया कि युवाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए छत्तीसगढ़ उद्यम क्रांति योजना प्रारंभ की जाएगी। साथ ही प्रदेश में अत्याधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर से युक्त कोरबा-बिलासपुर इंडस्ट्रियल कोरिडोर के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग के निकट के क्षेत्रों में शासकीय भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। इसके लिए प्रारंभिक कार्ययोजना तैयार करने के लिए 5 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।श्री देवांगन ने सदन में अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि कोरबा जिले में एल्यूमिनियम पार्क की बहुप्रतीक्षित मांग को पूरा करने के लिए आगामी बजट में आरंभिक तौर पर 5 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। वन संसाधनों से परिपूर्ण बस्तर और सरगुजा संभाग में लघु वनोपज आधारित प्रसंस्करण उद्योगों की स्थापना एवं छत्तीसगढ़ खाद्य प्रसंस्करण मिशन योजना के अंतर्गत खाद्य प्रसंस्करण सहायता अनुदान के लिए 13 करोड़ रूपए की राशि प्रावधानित है। उन्होंने बताया कि युवाओं में स्टार्ट-अप, इनोवेशन एवं रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर मंे सेंट्रल इन्स्टूमेंटेशन फैसिलिटी का उन्नयन किया जाएगा। इसके लिए 2 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने सदन में कहा कि राज्य में औद्योगिक अधोसंरचना के विकास हेतु सड़क, पानी, बिजली इत्यादि के संधारण एवं नवीन परियोजनाओं के साथ ही नवा रायपुर में आईटी आधारित ‘‘प्लग एवं प्ले‘‘ मॉडल का विकास किया जाएगा। इसके लिए अधोसंरचना विकास उन्नयन कार्य अंतर्गत 35 करोड़ रूपए प्रावधानित है। उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए इन्वेस्ट इंडिया की तर्ज पर इन्वेस्ट छत्तीसगढ़ सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इसके आयोजन के लिए प्रारंभिक तौर पर 5 करोड़ रूपए की राशि का प्रावधान किया गया है। छत्तीसगढ़ स्टार्ट-अप हब और नॉलेज प्रोसेस आउटसोर्सिंग इकाईयां स्थापित करने एवं राज्य में एक समृद्ध नवाचार पारिस्थितिक तंत्र तैयार करने के लिए छत्तीसगढ़ स्टार्ट-अप समिट का भी आयोजन किया जाएगा।श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने श्रम विभाग से जुड़ी अनुदान मांगों पर चर्चा के जवाब में बताया कि छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मण्डल के तहत अधिसूचित 56 प्रवर्ग के 17 लाख 54 हजार पंजीकृत असंगठित श्रमिकों के लिए विभिन्न योजनाओं हेतु आगामी बजट में 123 करोड़ 98 लाख रूपए से अधिक की राशि का प्रावधान किया गया है। अटल श्रम सशक्तिकरण योजना के अंतर्गत असंगठित श्रमिकों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ एक स्थान में प्राप्त हो सके, इसके लिए शासन द्वारा श्रमेव जयते वेबपोर्टल बनाया जा रहा है। इसके लिए बजट में 2 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया है। छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों के लिए वर्ष 2024-25 के बजट में 505 करोड़ रूपए से अधिक की राशि का व्यय प्रस्तावित है। औद्योगिक क्षेत्र के संगठित श्रमिकों के लिए छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मण्डल द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के लिए 6 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।श्री देवांगन ने सदन में बताया कि आगामी वित्तीय वर्ष में श्रमिकों के लिए संचालित शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना का विस्तार किया जाएगा। इस योजना के तहत श्रमिकों को मात्र 5 रूपए में गरम भोजन, दाल, चावल, सब्जी, अचार प्रदान किया जाता है। वर्तमान में इस योजना के तहत सात जिलों रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बिलासपुर, रायगढ़, महासमुन्द और सूरजपुर में 21 केन्द्र संचालित हो रहे हैं। इन केन्द्रों के माध्यम से प्रतिदिन करीब 3200 श्रमिकों को गरम भोजन मिल रहा है। अगले वित्तीय वर्ष में इस योजना के अंतर्गत 9 जिलों में 24 नये केन्द्र खोले जाएंगे। उन्होंने बताया कि नये बजट में श्रम कानूनों के क्रियान्वयन के लिए 32 करोड़ रूपए और औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के लिए 6 करोड़ रूपए से अधिक का प्रावधान किया गया है। साथ ही कर्मचारी राज्य बीमा सेवाओं के अंतर्गत श्रमिकों के लिए 61 करोड़ रूपए प्रावधानित है।श्री देवांगन ने बताया कि कर्मचारी राज्य बीमा सेवाओं के अंतर्गत प्रदेश के 10 जिलों में 42 औषधालय संचालित है। श्रमिक बाहुल्य क्षेत्रों तिल्दा, उरला, लारा और खरसिया में नये औषधालय खोलने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। उन्होंने बताया कि पंजीकृत श्रमिकों को अंतः रोगी तथा विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कर्मचारी राज्य बीमा निगम द्वारा रायपुर और कोरबा में 100-100 बिस्तरों का चिकित्सालय बनाया गया है। भिलाई और रायगढ़ में 100-100 बिस्तरों के चिकित्सालय का काम प्रगति पर है। कर्मचारी राज्य बीमा निगम द्वारा बिलासपुर में भी 100 बिस्तरों के अस्पताल के निर्माण की मंजूरी दी गई है।श्रम मंत्री श्री देवांगन ने सदन में बताया कि दूसरे राज्यों मंे प्रवास करने वाले छत्तीसगढ़ के श्रमिकों के सहयोग एवं मार्गदर्शन के लिए वहां ‘‘मोर चिन्हारी भवन‘‘ की स्थापना की जाएगी। इसके पहले चरण में पांच राज्यों उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, गुजरात और महाराष्ट्र में जहां राज्य के श्रमिक अधिक संख्या में प्रवास करते हैं, मोर चिन्हारी भवन बनाए जाएंगे। इसके माध्यम से प्रवासी श्रमिकों को समय-समय पर सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। उन्होंने सदन में बताया कि पंजीकृत श्रमिक परिवारों के बच्चों को उत्कृष्ट निजी शालाओं में निःशुल्क पढ़ाने के लिए शीघ्र नई योजना प्रारंभ की जाएगी। उन्होंने बताया कि पंजीकृत श्रमिकों के द्वारा आर्थिक गतिविधि के लिए बैंक से लिए गए ऋण पर लगने वाले ब्याज में अनुदान देने की भी योजना जल्दी शुरू की जाएगी। इससे श्रमिक आत्मनिर्भर बन सकेंगे और वे स्वयं मालिक बनने की दिशा में अग्रसर हो सकेंगे।
- -दीनदयाल उपाध्याय कृषि मजदूर कल्याण योजना के लिए 500 करोड़ रूपए का प्रावधान-सकर्रा और चकरभाठा को उप तहसील बनाने की घोषणा-नगरीय क्षेत्रों के ग्रामों में चांदा-मुनारा की पुर्नस्थापना के लिए 16 करोड़ रूपए-ओलंपिक और पारंपरिक खेलों के लिए 20 करोड़ रूपए का प्रावधान-युवा महोत्सव के लिए 4 करोड़, खेल पुरस्कारों के लिए 5 करोड़, खेल संघों एवं संस्थाओं को अनुदान के लिए 2 करोड़ रूपए का प्रावधानरायपुर । राजस्व एवं आपदा प्रबंधन तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री टंक राम वर्मा के विभागों के लिए 3608 करोड़ 47 लाख 81 हज़ार रुपए की अनुदान मांगे छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज सर्वसम्मति से पारित की गई। इनमें भू-राजस्व तथा जिला प्रशासन के लिए 2072 करोड़ 16 लाख 69 हजार रुपए, राजस्व विभाग से संबंधित व्यय के लिए 30 करोड़ 23 लाख 22 हज़ार रुपए, प्राकृतिक आपदाओं एवं सूखाग्रस्त क्षेत्रों में राहत पर व्यय के लिए 1433 करोड़ 38 लाख 73 हज़ार रुपए और खेल एवं युवा कल्याण विभाग के लिए 72 करोड़ 69 लाख 17 हज़ार रुपए शामिल है। अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों की मांगों से विभागीय मंत्री को अवगत कराया और सुझाव भी दिए। अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने मुंगेली जिले के चकरभाठा और बिलासपुर जिले के तखतपुर विकासखंड के सकर्रा में उप तहसील कार्यालय खोलने की घोषणा की।भू-राजस्व तथा जिला प्रशासनराजस्व मंत्री श्री वर्मा ने भू-राजस्व तथा जिला प्रशासन की अनुदान मांगों पर चर्चा के जवाब में कहा कि राजस्व विभाग भूमि संबंधी अभिलेखों का संधारण करता है, वहीं शासन की सभी योजनाओं का क्रियान्वयन एवं उसे आम जनता तक पहुंचाने का काम राजस्व विभाग के माध्यम से किया जाता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार आम जनता की आवश्यकता को देखते हुए उन्हें अधिक से अधिक सुविधाएं पहुंचाने विभागीय नियमों व प्रक्रियों में लगातार सुधार एवं उन्नयन करते हुए नवीन तकनीक का उपयोग कर रही है। इसके लिए बजट में अनेक प्रावधान किए गए हैं।श्री वर्मा ने सदन में कहा कि ऑनलाइन नागरिक सुविधाओं के लिए अभिलेखों के दुरुस्तीकरण, हस्ताक्षरयुक्त खसरा एवं बी-1 डिजिटल कापी, ई-कोर्ट में विचाराधीन प्रकरणों के लिए विशेष प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि हमारी सरकार गरीबों और मजदूरों के कल्याण के लिए संकल्पबद्ध है। हमारी सरकार ने दीनदयाल उपाध्याय कृषि कल्याण के लिए 500 करोड़ रूपए का प्रावधान किया है। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना के तहत पंजीकृत किसानों को 10 हजार रूपए वार्षिक दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पटवारी नक्शों के जियोरिफ्रेसिंग कार्य के लिए 25 करोड़ का प्रावधान किया गया है। भूमि व्यपवर्तन की प्रक्रिया के सरलीकरण के लिए 2 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। नगरीय क्षेत्रों के ग्रामों में चांदा-मुनारा के लिए 16 करोड़ रूपए, प्रदेश के सभी तहसील कार्यालयों में कम्प्यूटर, प्रिंटर आदि के लिए 115 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया गया है। नवगठित अनुविभागों एवं तहसीलों के कार्यालय भवन हेतु 10 करोड़ का प्रावधान किया गया है। राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने राहत एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के जवाब में कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय की नेतृत्व वाली हमारी सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित पीड़ितों के हितों की भी चिंता की है। वर्ष 2024-25 के बजट में राज्य आपदा मोचननिधि के लिए 533 करोड़ 60 लाख रुपए तथा राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि के लिए 50 करोड़ रुपए, राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि के लिए 133 करोड़ 40 लाख रूपए, निर्देशन व प्रशासन के लिए 3.26 करोड़ रूपए तथा आपदाओं का विश्लेषण एवं योजना तैयार करने के लिए 58 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है।खेल एवं युवा कल्याण विभागखेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री वर्मा ने विभागीय अनुदान मांगों की चर्चा के उत्तर में कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में हमारी सरकार युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में ओलंपिक खेलों को प्रोत्साहन और पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़िया क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना शुरू की जाएगी। इसके लिए 20 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। कला, साहित्य, खेल एवं समाज सेवा के क्षेत्र में युवाओं के योगदान को प्रोत्साहित करने के लिए युवा रत्न सम्मान योजना हेतु एक करोड़ 50 लाख रूपए, छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की आवासीय खेल अकादमी प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए 10 करोड़ 65 लाख से अधिक की राशि प्रावधानित है। राज्य युवा महोत्सव के लिए 4 करोड़ रूपए, ग्रामीण खेलकूद प्रतियोगिता के लिए एक करोड़ 40 लाख रूपए, महिला खेलकूद प्रतियोगिता के लिए एक करोड़ रूपए, खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए एक करोड़ रूपए, छत्तीसगढ़ खेल विकास प्राधिकरण के लिए एक करोड़ रूपए, युवा कल्याण गतिविधियों के लिए 3 करोड़ रूपए, खिलाड़ियों को प्रोत्साहन के लिए 2 करोड़ 85 लाख रूपए, राज्य स्तरीय खेल पुरस्कारों के लिए 5 करोड़ रूपए, खेल संघों एवं संस्थाओं को अनुदान के लिए 2 करोड़ रूपए का प्रावधान इस बजट में किया गया है।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और आजाद भारत के पहले शिक्षा मंत्री स्वर्गीय मौलाना अबुल कलाम आजाद की 22 फरवरी को पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया है। उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा है कि मौलाना अबुल कलाम जी ने आजादी की लड़ाई के साथ भारत की शिक्षा व्यवस्था की मजबूत नींव तैयार करने में अहम भूमिका निभाई। भारत के विकास में मौलाना आजाद के योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।
- -अपने जन्मदिन पर माता जी से लिया मुख्यमंत्री ने आशीर्वाद, पत्नी ने उतारी आरती-मुख्यमंत्री श्री साय ने की अपने गुरु की पूजा-जन्मदिन की बधाई देने ग्रामीणों और शुभचिंतको की उमड़ी भीड़रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने जन्मदिन के अवसर पर गृह ग्राम बगिया में आयोजित आशीर्वाद समारोह में कहा कि आज सभी का आशीर्वाद, प्यार, स्नेह पाकर खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूँ। आपसे मिले स्नेह के इस ऋण को चुकाने के लिए मेरे पास शब्द भी नहीं है। आपका आशीर्वाद हमेशा मिलता रहेगा, यही कामना है। उन्हांेने कहा कि आप सभी मेरी ताकत हैं और यही ताकत राज्य में मोदी की गारंटी को पूरा करेगी। राज्य को विकास की राह पर ले जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी सहित विशिष्टजनों का आशीर्वाद और शुभकामनाएं पाकर अभिभूत हूं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि जन्मदिन के अवसर पर हमेशा अपने पैतृक निवास में परिवार और मित्रों के बीच रहकर अनुष्ठान में शामिल होने की परंपरा निभाता आया हूं, जो आज भी कायम रही। आज मुझे दूरदराज के जिलों से भी जन्मदिन की बधाई देने लोग आए थे। उन सभी का अभिनन्दन है। उन्होंने अपने जन्मदिन के इस खास मौके पर ग्राम बगिया स्थित निवास में अपनी माता श्रीमती जसमनी साय से आशीर्वाद लिया। उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय ने उनका आरती की थाल से स्वागत किया, मिठाई खिलाई और उनके दीर्घायु होने की कामना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर अपने निवास में अपने गुरु श्री धनपति पंडा की सपरिवार पूजा भी की।बगिया के लाल के जन्मदिन पर के मौके पर उन्हें अपने बीच पाकर गांव के लोग खुशी से झूम उठे। आस-पास के गांवों से बड़ी संख्या में आए लोगों जिसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे, बारी-बारी से फूल देकर मुख्यमंत्री को जन्मदिन की बधाई दी। कई लोगो ने उनका अभिनन्दन कर उनके साथ सेल्फी भी ली।
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*जशपुर के बगिया के बालक आश्रम शाला में बच्चों के साथ केक काटकर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मनाया जन्मदिन, बच्चों को बांटें उपहार*
*बच्चों की मासूम मनुहार पर मुख्यमंत्री ने कहा- आपसे मिलने आता रहूंगा*
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय अपने मन में बच्चों के प्रति कितना स्नेह रखते हैं। यह उनके जन्मदिन के अवसर पर बगिया के आश्रम शाला में आयोजित न्योता भोज के दौरान छोटे-छोटे प्रसंगों में सामने आया। मुख्यमंत्री और बच्चों को जब भोजन परोसा गया तो मुख्यमंत्री ने अपनी थाली की मिठाई अपने बगल में बैठे बच्चों अनुज और सुमीत को दे दी। खाने के दौरान मुख्यमंत्री उनसे ढेर सारी बातें करते रहे। बच्चों को मुख्यमंत्री घर के मुखिया की तरह लगे। बच्चों को मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी को खूब मन लगाकर पढ़ना है। ऊंचे मुकाम पर आपको पहुंचना है। नन्हे बच्चे भी मुख्यमंत्री श्री साय को अपने बीच पाकर काफी उत्साहित रहे और मुख्यमंत्री से कहा कि "सीएम सर हमसे मिलने और आइएगा।" मुख्यमंत्री श्री साय बच्चों की इस मासूम मनुहार पर मुस्कुराए और कहा बगिया तो मेरा घर है तो आप लोगों से मिलने तो आता ही रहूंगा।
बगिया के बालक आश्रम के नन्हें बच्चों का दिन आज बेहद खास रहा क्योंकि उनके बीच प्रदेश के मुख्यमंत्री पहुंचे थे, वो भी अपना जन्मदिन मनाने। बच्चों ने मुख्यमंत्री श्री साय को कविता के माध्यम से जन्मदिन की बधाई दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्चों के साथ केक काटकर जन्मदिन मनाया। उन्होंने बच्चों को केक खिलाया और उन्हें क्रिकेट किट, बैडमिंटन, वॉलीबाल जैसी खेल सामग्री उपहार में दिए। इस मौके पर पद्मश्री श्री जागेश्वर यादव भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने एक परंपरा की शुरुआत की है जिसमें प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना को सामुदायिक सहयोग से और अधिक पोषक बनाने की पहल की गई है। इसी के तहत आज अपने जन्मदिन मनाने बगिया बालक आश्रम शाला के बच्चों के बीच पहुंचा हूँ और न्योता भोज में आपके साथ बैठकर भोजन का आनंद लिया। उन्होंने दूसरों से भी अपील करते हुए कहा कि किसी जन्मदिन, वर्षगांठ जैसे खास मौकों पर अपने पास के स्कूल, आश्रम, छात्रावास में जाकर बच्चों के साथ न्योता भोज में जरूर शामिल हों। इससे समुदाय में अपनेपन की भावना का विकास, भोजन के पोषक मूल्य में वृद्धि और सभी समुदाय वर्ग के बच्चों के बीच समानता की भावना विकसित करने के लक्ष्य की पूर्ति होगी। इस दौरान आईजी श्री अंकित गर्ग, सीसीएफ श्री नवीद सजाउद्दीन, कलेक्टर डॉ रवि मित्तल, एसपी श्री शशि मोहन सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि व वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। -
*हर साल अपने जन्मदिन पर मुख्यमंत्री करते हैं गुरु की पूजा*
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जन्मदिन के अवसर पर ग्राम बगिया निवास में आज अपनी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय एवं परिजनों के साथ अपने गुरु धनपति पंडा की विशेष पूजा की। मुख्यमंत्री हर साल अपने जन्मदिन पर गुरु की पूजा करते हैं। -
*कृमिपालन और कोसा उत्पादन से समूह की महिलाएं बनी स्वावलंबी
रायपुर/ स्व सहायता समूह की महिलाएं स्वावलंबन की डगर पर आगे बढ़ रही है। रेशम विभाग के कोसा कृमिपालन से जुड़कर आत्मनिर्भर भी बन गई है। जांजगीर चांपा जिले के विकास खंड पामगढ़ के ग्राम खोरसी की महिलाएं अमरीका साहू, संतोषी साहू, निशा साहू, छटबाई साहू, दुलेशवरी साहू, चंद्रीका साहू ने अर्जुन के पेड़ों पर रेशम से कृमिपालन से कोसाफल उत्पादन का काम शुरू किया है। महिलाओं ने बताया कि पहले अपने खेतों में खरीफ की फसल लेने के बाद सालभर मजदूरी की तलाश में रहते थे। आज महिलाओं की आंखों में सफलता की खुशी साफ नजर आ रही है। महिलाओं ने मुख्यमंत्री को दिया धन्यवाद।समूह की महिलाओं ने बताया कि रेशम विभाग के मार्गदर्शन में कोसा कृमिपालन स्वावलंबन समूह खोरसी से सभी महिलाओं ने जुड़कर कृमिपालन और कोसाफल का उत्पादन, संग्रहण का कार्य शुरू किया। महिलाओं ने 3 सालों में लगभग 3 लाख रुपए की अतिरिक्त आमदनी अर्जित कर ली है। विभागीय योजना एवं मनरेगा अंतर्गत 6 लाख 66 हजार की लागत से 10 हेक्टेयर में 41 हजार साजा और अर्जुन के पौधे रोपे गए हैं। वर्तमान में पौधे लगभग 6 से 8 फीट के हरे भरे पेड़ बन चुके हैं। महिलाएं प्रतिवर्ष 1 लाख रूपये तक की आमदनी अर्जित कर रही है। रेशम विभाग द्वारा महिलाओं से कृमिपालन और कोसाफल उत्पादन का कार्य करवाया जा रहा है। विभाग द्वारा प्रशिक्षण भी दिलाया गया है। महिलाएं पूरी तरह से इस काम में दक्ष हो गई है।








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