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- -बनेगा भव्य कन्वेंशन सेंटर : ऑडिटोरियम, आर्ट गैलरी, प्रदर्शनी हॉल, मीटिंग रूम, प्रशासनिक भवन, फूड कोर्ट की रहेगी सुविधारायपुर।, नवा रायपुर में शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय फेस-2 निर्माण के लिए जल्द ही कार्य प्रक्रिया शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही कन्वेंशन सेंटर का भी निर्माण किया जाएगा। आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान स्थित सभाकक्ष में आर्किटेक्ट, इंजीनियर्स, आर्टिस्ट एवं विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के 25 वर्ष पूर्ण होने पर रजत जयंती वर्ष एक नवंबर को राज्योत्सव के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कर कमलों से जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का शुभारंभ हुआ था। इसके पहले जनजातीय जीवन शैली एवं परम्पराओं पर आधारित संग्रहालय का उद्घाटन मई 2025 में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया था। इन संग्रहालयों की तेजी से बढ़ती लोकप्रियता के बाद अब शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय फेस-2 का कार्य शीघ्र ही प्रारंभ किया जाएगा।प्रमुख सचिव श्री बोरा ने बैठक में कहा कि संग्रहालय में कैफेटेरिया, गढ़ कलेवा एवं अन्य दुकानें भी खोली जानी हैं इस संबंध में अंतिम रूपरेखा पर चर्चा की गई। उन्होंने संग्रहालय फेस-2 के अंतर्गत ही आकर्षक बागवानी, परिसर के भीतर स्थित नंद सागर का सौंदर्यीकरण, फॉउंटेन एवं पार्किंग की बेहतर व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की।बैठक में आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर में नवनिर्मित छात्रावास के पास ही निर्माणाधीन कन्वेंशन सेंटर की रूपरेखा पर भी चर्चा की। इसके डिजाइन एवं लेआउट पर विस्तृत चर्चा कर आवश्यक संशोधन करने के निर्देश दिए। इस कन्वेंशन सेंटर में एक ऑडिटोरियम, आर्ट गैलरी, प्रदर्शनी हॉल, मीटिंग रूम, प्रशासनिक भवन, फूड कोर्ट आदि की व्यवस्था रहेगी।बैठक में संचालक, टीआरटीआई श्रीमती हिना अनिमेष नेताम, उपसचिव श्री बी.के.राजपूत, अपर संचालक श्री संजय गौड़, श्री जितेन्द्र गुप्ता, श्री आर.एस.भोई, उपायुक्त श्री विश्वनाथ रेडडी, कार्यपालन यंत्री श्री त्रिदीप चक्रवर्ती, उपयंत्री श्री गुप्ता एवं श्री यशवंत राव सहित आर्किटेक्ट, इंजीनियर्स, आर्टिस्ट एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
- -लोकभवन में मनाया गया 6 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों का स्थापना दिवसरायपुर । राज्यपाल श्री रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में आज राजभवन में 6 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों का स्थापना दिवस मनाया गया। इस अवसर पर श्री डेका ने कहा कि सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की पहचान भले ही अलग-अलग हो लेकिन इन सब की आत्मा एक भारत में है।केन्द्र सरकार के “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” कार्यक्रम के तहत विविधता में एकता की भावना को बढ़ावा देने के लिए सभी राज्य एक दूसरे का स्थापना दिवस मनाते है। इसी कड़ी में आज लोकभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम में आंध्रप्रदेश, चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब, झारखंड और नागालैण्ड राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों का स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।इस अवसर पर श्री डेका ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य विभिन्न राज्यों की भाषा, संस्कृति, परंपराओं और प्रथाओं के ज्ञान का आदान-प्रदान करना है जो आपसी समझ और सद्भाव को बढ़ावा देगा, जिससे भारत की एकता और अखंडता मजबूत होगी। इस परिप्रेक्ष्य में आज का कार्यक्रम एक गौरवपूर्ण क्षण है।उन्होंने कहा कि हर राज्य का स्थापना दिवस, उस राज्य के इतिहास में एक महत्वपूर्ण दिन होता है। राज्य की समृद्धि और विकास का गवाह यह दिन हमें अपने राज्य की स्थापना के मूल उद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा करने और लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने का रास्ता दिखाता है। इन राज्यों का स्थापना दिवस, केवल उनके विकास की यात्रा का उत्सव नहीं है बल्कि भारत की विविधता और एकता का प्रतीक है।उन्होंने विभिन्न राज्यों की विशेषताओं को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि देश के विकास में आंध्रप्रदेश का शानदार योगदान है। यह राज्य मछली के लिए प्रसिद्ध है। यह तिरूपति बालाजी की देव भूमि है। इसी तरह पंजाब वीरों की भूमि है। गुरूतेग बहादुर के बलिदान को सब जानते है। भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व समुदाय में पंजाबियों का बहुत योगदान है। हरियाणा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह राज्य प्राचीन परंपरा का मूलभूत केंद्र है। यह वही भूमि जहां से महाभारत का संदेश पूरी मानवता तक पहुंचा। झारखण्ड राज्य खनिज का हब है। चंडीगढ़ बहुत सुंदर और नियोजित प्रदेश है। नागालैण्ड बहुत खूबसुरत राज्य है। यहां की जनजातीय संस्कृति अत्यंत समृद्ध है। इस राज्य के लोगों की बहादुरी की कहानियां दुसरों को प्रेरित करती हैं।श्री डेका ने कहा कि एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम हमारे बीच संवाद, सहयोग और सद्भाव को और मजबूत करता है।समारोह में विभिन्न राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों ने अपने राज्यों की विशेषताओं, परंपरा, संस्कृति पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न राज्यों की संस्कृति एवं लोक परंपरा आधारित संस्कृति कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुति दी। विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों को राज्यपाल ने राजकीय गमछा और स्मृति चिन्ह भेंट किया। उन्होंने भी राज्यपाल को अपने राज्य की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना सहित अन्य अधिकारी, वनवासी आश्रम की छात्राएं, महिलाएं एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
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-शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने में मीडिया की अहम भूमिका
-मुख्यमंत्री श्री साय प्रेस क्लब रायपुर के पदभार ग्रहण समारोह में हुए शामिल, नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को दी बधाईरायपुर,। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज शाम रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ-ग्रहण समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्री मोहन तिवारी सहित समस्त कार्यकारिणी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रायपुर प्रेस क्लब का इतिहास अत्यंत समृद्ध रहा है। यह देश के पुराने एवं प्रतिष्ठित प्रेस क्लबों में से एक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नवनिर्वाचित पदाधिकारी प्रेस क्लब की गरिमा और प्रतिष्ठा को और ऊँचाइयों तक ले जाएंगे।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रेस लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और पत्रकार लोकतंत्र के सच्चे सेनानी हैं। पत्रकार समाज के प्रति सजग रहते हुए साहस के साथ गरीबों, वंचितों और आमजन की आवाज को बुलंद करते हैं। साथ ही शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों को जन-जन तक पहुँचाने में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केंद्र की डबल इंजन सरकार ने सुदृढ़ रणनीति के साथ नक्सलवाद के विरुद्ध लगातार निर्णायक सफलता हासिल की है। बीते दो वर्षों में हमारे सुरक्षा बलों के अदम्य साहस और पराक्रम के कारण नक्सलवाद आज समाप्ति की ओर है। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह का संकल्प है कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद का पूर्णतः खात्मा किया जाएगा, जो निश्चित रूप से शीघ्र साकार होगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि कई बार पत्रकार कठिन एवं चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कार्य करते हैं। हमारी बहन-बेटियाँ भी पत्रकारिता के क्षेत्र में पूरी जिम्मेदारी और साहस के साथ अपनी भूमिका निभा रही हैं, जो समाज के लिए गर्व का विषय है।उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार सदैव चौथे स्तंभ की स्वतंत्रता और अधिकारों की पक्षधर रही है। गत वर्ष के बजट में पत्रकारों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। पत्रकारों के विभिन्न समूहों को अध्ययन एवं भ्रमण के लिए देश के अलग-अलग स्थानों पर भेजा गया, जिसमें महिला पत्रकार भी शामिल रहीं। उन्होंने कहा कि पत्रकारों द्वारा लौटकर साझा किए गए अनुभव अत्यंत सकारात्मक और प्रेरणादायक रहे।मुख्यमंत्री श्री साय ने फेक न्यूज़ के बढ़ते चलन पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह एक गंभीर विषय है, जिस पर विचार और समाधान की आवश्यकता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस दिशा में पत्रकार समुदाय द्वारा सकारात्मक पहल की जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि पत्रकारों के साथ राज्य सरकार पूरी मजबूती से खड़ी है तथा प्रेस क्लब अध्यक्ष द्वारा रखी गई मांगों पर सरकार सकारात्मक रूप से विचार करेगी।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि पत्रकार समाज के अभिन्न अंग हैं। पत्रकारों द्वारा उठाए गए विषय सदैव समाजहित से जुड़े होते हैं और उनसे शासन-प्रशासन को समाज की वास्तविक जरूरतों को समझने में सहायता मिलती है। उन्होंने कहा कि सरकार हर विषय पर पत्रकारों के साथ है और रायपुर प्रेस क्लब के सुदृढ़ विकास के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने भी सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार श्री हिमांशु द्विवेदी एवं प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्री मोहन तिवारी ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।कार्यक्रम के दौरान श्री बसंत वीर उपाध्याय की पुस्तक “आईएएस की तैयारी और श्रीरामचरितमानस” का विमोचन भी किया गया।इस मौके पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, श्री मोतीलाल साहू, रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री कृष्णा दास सहित श्री प्रशांत शर्मा, श्री मोहित साहू, श्री संदीप पौराणिक, श्री अंशुमान शर्मा तथा रायपुर के अनेक वरिष्ठ पत्रकार बड़ी संख्या में उपस्थित थे। - -भखारा, लवन, सकरी और राजकिशोर नगर में उप पंजीयक कार्यालयों को मिली प्रशासकीय स्वीकृतिरायपुर।, प्रदेश में आम नागरिकों को रजिस्ट्री एवं पंजीयन से जुड़ी सेवाएं सहज, सुलभ और समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। रजिस्ट्रीकरण अधिनियम–1908 के प्रावधानों के तहत भखारा (जिला धमतरी), लवन (तहसील मुख्यालय, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा), सकरी एवं राजकिशोर नगर (बिलासपुर) में चार नवीन उप पंजीयक कार्यालय खोलने के लिए प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।प्राप्त जानकारी के अनुसार धमतरी जिला के भखारा में नवीन उप पंजीयक कार्यालय खोलने हेतु प्रशासकीय स्वीकृत दी गई है। इसी प्रकार जिला पंजीयक बलौदाबाजार-भाटापारा के अंतर्गत तहसील मुख्यालय लवन और बिलासपुर जिले के राजकिशोर नगर एवं सकरी में उप पंजीयक कार्यालय खोलने प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान किया गया है।इन नए उप पंजीयक कार्यालयों के खुलने से संबंधित क्षेत्रों के नागरिकों को रजिस्ट्री कार्य के लिए दूरस्थ जिला मुख्यालयों तक नहीं जाना पड़ेगा। इससे समय और धन की बचत होगी, भीड़ कम होगी तथा पंजीयन प्रक्रिया अधिक सुगम और पारदर्शी बनेगी। साथ ही स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और प्रशासनिक कार्यों में गति आने की भी संभावना है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि शासन की सेवाएं आम नागरिकों तक उनके निकटतम स्तर पर उपलब्ध हों। नए उप पंजीयक कार्यालयों की स्वीकृति से लोगों को पंजीयन संबंधी कार्यों में बड़ी राहत मिलेगी। यह निर्णय सुशासन की दिशा में एक और सशक्त कदम है, जिससे नागरिकों का समय बचेगा और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी।वित्त एवं वाणिज्य कर पंजीयन मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि राज्य हमारी सरकार नागरिक सुविधाओं के विस्तार को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।चार नए उप पंजीयक कार्यालयों की स्वीकृति इसी सोच का परिणाम है। नए उप पंजीयक कार्यालय खुलने से पंजीयन व्यवस्था मजबूत होगी और लोगों को उनके क्षेत्र में ही गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल सकेंगी, जिससे प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और त्वरित होगी। उन्होंने बताया कि पंजीयन विभाग द्वारा 10 नए क्रांतिकारी सुधार लागू किए गए हैं, जिनका लाभ इन क्षेत्रों के नागरिकों को भी मिलेगा। इनमें ऑटो डीड जनरेशन, आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन, घर बैठे रजिस्ट्री, स्वतः नामांतरण, ऑनलाइन भारमुक्त प्रमाणपत्र, एकीकृत कैशलेस भुगतान, व्हाट्सएप आधारित सेवाएं, डिजीलॉकर एकीकरण, डिजी-डॉक सेवा तथा खसरा नंबर के माध्यम से ऑनलाइन सर्च एवं रजिस्ट्री डाउनलोड की सुविधा शामिल है।राज्य सरकार के इस निर्णय को जनहित में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे पंजीयन व्यवस्था अधिक विकेंद्रीकृत और प्रभावी बन सकेगी।
- -पंचम कॉलोनी परियोजना के प्रमोटरों पर 10 लाख रुपये का जुर्मानारायपुर ।छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण ने रियल एस्टेट (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 के गंभीर उल्लंघन के एक महत्वपूर्ण मामले में सख्त रुख अपनाते हुए 10 लाख रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया है। यह दंड अधिनियम की धारा 3 के उल्लंघन पर धारा 59 के अंतर्गत लगाया गया है।यह आदेश छत्तीसगढ़ रेरा बनाम पंचम कॉलोनी प्रकरण में पारित किया गया है। प्रकरण में ग्राम पेंड्रा, जिला जीपीएम स्थित पंचम कॉलोनी परियोजना के प्रवर्तक श्री पंचम केशरी, श्री मनीष केशरी, श्रीमती रजनी केशरी एवं श्री निधिश केशरी द्वारा जानबूझकर भ्रामक जानकारी प्रस्तुत कर RERA अधिनियम से छूट प्राप्त करने का प्रयास किया गया।जांच में यह तथ्य सामने आया कि संबंधित परियोजना वास्तविक रूप से आवासीय (हाउसिंग) श्रेणी की थी, किंतु प्रवर्तकों द्वारा इसे गलत रूप से प्लॉटेड परियोजना के रूप में प्रस्तुत किया गया। पूर्व में दर्ज प्रकरण में प्रमोटरों द्वारा वर्ष 2016 का सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी पूर्णता प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर परियोजना को रेरा पंजीकरण से छूट दिलवाई गई थी।हालांकि, आबंटिती द्वारा प्राधिकरण में प्रस्तुत शिकायत के आधार पर दर्ज प्रकरण की सुनवाई के दौरान यह प्रमाणित हुआ कि उसी विकास क्षेत्र में प्रवर्तकों ने सक्षम प्राधिकारी से विधिवत भवन अनुज्ञा प्राप्त कर आवासीय इकाइयों का निर्माण कराया तथा उनका विक्रय भी किया गया। इस प्रकार, प्रवर्तकों द्वारा प्राधिकरण को गुमराह कर गलत कथन प्रस्तुत करते हुए अनुचित लाभ प्राप्त किया गया।सीजी रेरा ने अपने आदेश में स्पष्ट रूप से कहा है कि गलत जानकारी देकर अधिनियम से छूट प्राप्त करना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह उपभोक्ताओं के विश्वास के साथ किया गया गंभीर छल भी है।प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया है कि रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता, सत्य जानकारी का प्रकटीकरण और कानून का पालन अनिवार्य है। अधिनियम से बचने के किसी भी प्रयास पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी, ताकि घर खरीदारों के अधिकारों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
- रायपुर ।छत्तीसगढ़ शासन के समाज कल्याण विभाग द्वारा समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े जरूरतमंद व्यक्ति तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से निरंतर प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। सुरक्षा, सम्मान एवं आत्मनिर्भरता की भावना के साथ संचालित योजनाओं से वृद्धजनों, दिव्यांगजनों, विधवाओं, निराश्रितों एवं वरिष्ठ नागरिकों के जीवन में उल्लेखनीय सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है।सूरजपुर जिले में सामाजिक सहायता पेंशन योजना के अंतर्गत 70,014 हितग्राहियों को नियमित रूप से पेंशन का प्रत्यक्ष लाभ प्रदान किया जा रहा है। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण प्रणाली के माध्यम से पेंशन वितरण में पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित हुई है।दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण की दिशा में ठोस कदम उठाते हुए जिले में अब तक 5,230 विशिष्ट दिव्यांग पहचान पत्र जारी किए जा चुके हैं। इसके साथ ही 546 दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरित किए गए हैं, जिससे उनकी दैनिक गतिविधियों में आत्मनिर्भरता बढ़ी है। विशेष विद्यालयों एवं पुनर्वास केंद्रों के विस्तार से शिक्षा एवं पुनर्वास की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।जिले में वरिष्ठ नागरिकों के लिए मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। वहीं सियान हेल्पलाइन केंद्र के माध्यम से बुजुर्गों की समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है। वृद्धाश्रम एवं नशामुक्ति देखभाल गृहों के माध्यम से निराश्रित एवं उपेक्षित व्यक्तियों को आश्रय, पहचान और पुनर्वास की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
- -मुख्यमंत्री ने 10 रूपए की टिकट कटाकर मयाली नेचर कैंप में लिया एडवेंचर स्पोर्ट्स का आनंदरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज अलग अंदाज़ में नजर आए और उन्होंने 10 रूपए का टिकट कटाकर जिले के लोकप्रिय पर्यटन स्थल मयाली नेचर कैंप में साहसिक खेल गतिविधियों का आनंद लिया और कई नए एडवेंचर स्पोर्ट्स की औपचारिक शुरुआत भी की। मुख्यमंत्री ने प्रवेश शुल्क अदा कर नेचर कैंप में प्रवेश करते हुए आम नागरिकों को नियमों के पालन और समानता का एक सशक्त संदेश दिया।इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, विधायक श्रीमती गोमती साय, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी एवं खेल प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस दौरान नेचर कैंप में विकसित अधोसंरचनाओं, सुरक्षा व्यवस्था, पर्यटकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं तथा स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के पहल की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रकृति-आधारित पर्यटन एवं साहसिक गतिविधियां न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देती हैं, बल्कि स्थानीय समुदाय के लिए रोजगार और आय के नए अवसर भी सृजित करती हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने मयाली नेचर कैंप में संचालित स्पोर्ट्स मोटर बाइक (एटीवी) को स्वयं चलाकर साहसिक पर्यटन का आनंद लिया। इसके साथ ही उन्होंने बंदूक से सटीक निशाना साधते हुए बैलून शूटिंग का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने आर्चरी शूटिंग में तीर चलाकर निशाना साधा और इस खेल की भी शुरुआत की। साथ ही उन्होंने माउंटेन साइक्लिंग का शुभारंभ करते हुए स्वयं साइकिल चलाकर स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया। नेचर कैंप में वॉल क्लाइंबिंग बोर्ड का उद्घाटन भी मुख्यमंत्री के द्वारा किया गया।इस दौरान वॉल क्लाइंबर तेज सिंह एवं तेजल भगत ने मुख्यमंत्री के समक्ष वॉल क्लाइंबिंग कर अपने कौशल का प्रदर्शन किया, जिसकी मुख्यमंत्री ने सराहना की। मुख्यमंत्री श्री साय बॉक्स क्रिकेट में भी हाथ आजमाते हुए नजर आए और स्टेट ड्राइव व ऑफ साइड पर आकर्षक शॉट लगाए। मुख्यमंत्री ने मयाली नेचर कैंप स्थित कैक्टस गार्डन का अवलोकन किया, जहां विभिन्न प्रजातियों के कैक्टस लगाए गए हैं वनमंडलाधिकारी श्री शशि कुमार ने कैक्टस के औषधीय महत्व की जानकारी दी।
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रायपुर - आज रायपुर नगर पालिक निगम जोन 5 स्वास्थ्य विभाग को स्वच्छता से सम्बंधित प्राप्त जनशिकायत को तत्काल संज्ञान में लेते हुए नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप द्वारा दिए गए आदेशानुसार और नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तृप्ति पाणीग्रही और जोन 5 जोन कमिश्नर श्री खीरसागर नायक के निर्देशानुसार नगर निगम जोन 5 स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री संदीप वर्मा के मार्गनिर्देशन में जोन 5 क्षेत्र अंतर्गत पण्डित दीनदयाल उपाध्याय नगर वार्ड क्षेत्र में डीडी नगर सेक्टर - 1 क्षेत्र में नालियों और मार्गो की सफाई करवाकर कचरा एकत्रित करवाकर जनहित में जनस्वास्थ्य सुरक्षा बाबत स्वच्छता कायम की और प्राप्त जनशिकायत का त्वरित निदान किया.
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-वाटर हीरो नीरज वानखेड़े ने ग्रामीणों को दिया जल बचाने का दिया संदेश
-कलेक्टर संजय अग्रवाल ने दिलाई जल संरक्षण की शपथ
बिलासपुर/जिले में जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान के अंतर्गत बिल्हा विकासखंड के ग्राम परसदा में भू-संरक्षण एवं जल संरक्षण पर आधारित जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने ग्रामीणों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई। जल संरक्षण के लिए देश में उत्कृष्ट कार्य करने वाले समाज सेवी श्री नीरज वानखेड़े ने ग्रामीणों को जल संरक्षण के महत्व और भू जल को सहेजने के वैज्ञानिक तरीकों की जानकारी दी। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल और बिल्हा के जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री राम कुमार कौशिक सहित जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि जल जीवन के लिए अनमोल है लेकिन हमारे लगातार दोहन से भू जल स्तर में गिरावट आई है जिससे भावी पीढ़ी को जल संकट का सामना करना पड़ेगा, हमारी ये जिम्मेदारी है कि हम वर्षा जल का संरक्षण कर पानी को सहेजें और इस विकट समस्या से अपने गांव को बचाएं। उन्होंने वैकल्पिक खेती पर जोर देते हुए फसल विविधिकरण का संदेश दिया जिससे पानी की बचत हो। उन्होंने कहा कि हमें विभिन्न उपायों के माध्यम से जल संरक्षण के लिए काम करना है। उन्होंने ग्रामीणों से जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान तभी सफल होगा जब प्रत्येक नागरिक इसमें अपनी जिम्मेदारी समझे और पानी बचाने में अपनी भूमिका निभाएं।
जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल ने कार्यक्रम में आजीविका डबरी निर्माण के विषय में जानकारी दी और बताया कि डबरी निर्माण पर शासन द्वारा 3 लाख की सहायता राशि दी जाती है। इससे मछली, बत्तख पालन जैसी आजीविका गतिविधियांे के साथ ही पानी का उपयोग सिंचाई व निस्तारी के लिए किया जा सकता है। जनपद अध्यक्ष श्री रामकुमार कौशिक ने विशेष रूप से जीरामजी के विषय में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जीराम के माध्यम से ग्रामीण स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शिता और सामुदायिक सहभागिता को मजबूत किया जा रहा है। इससे गांव आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।
जल संरक्षण क्षेत्र में काम करने वाले वाटर हीरो के नाम से मशहूर जल संरक्षण कार्यकर्ता श्री नीरज वानखेड़े ने जागरूकता कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को जल संरक्षण के महत्व, गिरते भू-जल स्तर और इसके दुष्परिणामों की जानकारी दी। उनके द्वारा वर्षा जल संचयन, जल-स्रोतों के संरक्षण, खेत तालाब निर्माण, मिट्टी कटाव रोकने तथा जल के विवेकपूर्ण उपयोग जैसे विषयों पर विस्तार से बताया गया। यहां मॉडल के जरिए यह बताया कि किस तरह गांवों में भू जल संवर्धन से हरियाली लाई जा सकती है। कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई तथा भविष्य में जल बचाने और भू-संरक्षण गतिविधियों को अपनाने का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर जनपद पंचायत उपाध्यक्ष श्री विक्रम सिंह, जनपद पंचायत बिल्हा के सीईओ श्री कुमार सिंह, परसदा के सरपंच जितेन्द्र निर्णेजा सहित बड़ी संख्या में जनपद के अधिकारी-कर्मचारी और ग्रामीण और समूह की दीदियां उपस्थित थीं।
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बिलासपुर /कुमार साहब स्व. श्री दिलीप सिंह जूदेव शासकीय सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल कोनी में स्पाइन फाउंडेशन इंडिया के तत्वावधान में स्पाइन रोगों से पीड़ित आर्थिक रूप से कमजोर एवं ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों के लिए विशेष निःशुल्क उपचार एवं स्पाइन सर्जरी शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर दिनांक 03, 04 एवं 05 अप्रैल 2026 को आयोजित होगा।
शिविर में स्पाइन फाउंडेशन इंडिया के विश्वप्रसिद्ध स्पाइन सर्जन डॉ. शेखर भोजराज के मार्गदर्शन में चयनित मरीजों की निःशुल्क शल्यक्रिया की जाएगी। उपचार एवं शल्यक्रिया कार्य में छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) बिलासपुर के अस्थि रोग (ऑर्थाेपेडिक) विभाग की सक्रिय भागीदारी रहेगी। सिम्स बिलासपुर के अस्थिरोग विभाग में प्रति बुधवार एवं शनिवार को सवेरे 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक स्पाइन क्लिनिक का संचालन किया जाएगा।, जहां मरीजों की स्क्रीनिंग, जांच एवं आवश्यक मार्गदर्शन किया जाएगा। जांच उपरांत निचले अंगों में फैलने वाला कमर दर्द, मल एवं मूत्र पर नियंत्रण न रहना, झुनझुनी व सुन्नता, पैरों में कमजोरी, गर्दन का दर्द, रीढ़ की असामान्य वक्रता (स्कोलियोसिस/काइफो-स्कोलियोसिस) सहित अन्य लक्षणों से पीड़ित मरीजों को स्पाइन सर्जरी हेतु रिफर किया जाएगा। इस संबंध में अधिक जानकारी हेतु नोडल अधिकारी डॉ. रवि महोबिया, अस्थि रोग विशेषज्ञ को अधिकृत किया गया है, जिनसे संपर्क कर आवश्यक जानकारी प्राप्त की जा सकती है। यह स्पाइन सर्जरी शिविर सामाजिक सरोकार एवं जनहितकारी उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है, जो आर्थिक रूप से कमजोर एवं ग्रामीण अंचलों के स्पाइन रोग से पीड़ित मरीजों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। - महासमुंद / पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान अंतर्गत जिला प्रकोष्ठ एवं विकासखण्ड के लिए बैकलॉग रिक्त पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए है। जिसमें क्षेत्रीय समन्वय एवं लेखा सह एम.आई.एस. सहायक (संविदा) के दो-दो पद शामिल है। संविदा नियुक्ति छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (संविदा नियुक्ति) नियम 2012 के तहत किया जा रहा है। इच्छुक अभ्यर्थी 20 फरवरी 2026 तक मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत के पते पर केवल रजिस्टर्ड डाक/स्पीड पोस्ट के माध्यम से निर्धारित प्रारूप में आवेदन कर सकते हैं। इस संबंध में विस्तृत जानकारी, आवेदन पत्र का प्रारूप एवं दिशा निर्देश जिले के वेबसाईट https://mahasmund.gov.in तथा जिला पंचायत के सूचना पटल पर अवलोकन किया जा सकता है।
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- परीक्षा में शामिल होने के लिए 7 फरवरी तक ऑनलाईन आवेदन आमंत्रित
राजनांदगांव । एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा 6वीं में प्रवेश के लिए रविवार 1 मार्च 2026 को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। परीक्षा में शामिल होने के लिए 7 फरवरी 2026 तक वेबसाईट www.joinindianarmy.nic.in पर ऑनलाईन आवेदन प्रस्तुत कर सकते है। - - विशेष गहन पुनरीक्षण अंतर्गत नहीं छूटना चाहिए किसी भी पात्र व्यक्ति का नाम : संभागायुक्त श्री सत्यनारायण राठौर- संवैधानिक प्रक्रिया का पालन करते हुए की जाएगी आवेदनों की सुनवाई एवं निराकरण : कलेक्टर- दावा आपत्ति एवं सुनवाई के लिए जिले में प्रतिदिन लगभग 700 प्रकरणों की सुनवाई की जा रही- 14 फरवरी 2026 तक सुनवाई का दिया जाएगा मौका- मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 21 फरवरी 2026 को- लॉजिकल एरर एवं नो मैपिंग वाले लगभग 78 प्रतिशत आवेदनों का किया गया निराकरणराजनांदगांव । संभागायुक्त एवं रोल आब्जर्वर दुर्ग संभाग श्री सत्यनारायण राठौर की उपस्थिति में मंगलवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में विशेष गहन पुनरीक्षण अर्हता तिथि 1 जनवरी 2026 के संबंध में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। इस दौरान कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री जितेन्द्र यादव उपस्थित रहे। आयुक्त एवं रोल आब्जर्वर दुर्ग संभाग श्री सत्यनारायण राठौर ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण अंतर्गत किसी भी पात्र व्यक्ति का नाम नहीं छूटना चाहिए। इसके लिए नियमानुसार सुनवाई एवं सत्यापन का कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि 23 दिसम्बर 2025 से 14 फरवरी 2026 तक सुनवाई और सत्यापन (नोटिस चरण) के लिए तिथि निर्धारित है। उन्होंने कहा कि निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए आवेदनों का निराकरण किया जाएगा। दावा आपत्ति का अधिकार प्रत्येक व्यक्ति को प्राप्त है। सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) आवेदन की सत्यता की जांच करेंगे, उसके पश्चात ही निर्णय लिए जाएंगे। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 21 फरवरी 2026 को किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिना सूचना के किसी भी मतदाता का नाम नहीं कटेगा। इसके लिए अपील करने का प्रावधान भी किया गया है।कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री जितेन्द्र यादव ने कहा कि 23 दिसम्बर 2025 तक मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन किया गया एवं प्रथम चरण का कार्य पूर्ण हुआ है। द्वितीय चरण में ऐसे नागरिक जिनका नाम सूची में छूट गया है, सुनवाई के बाद वे अपना नाम जुड़वा सकेंगे। भारत निर्वाचन आयोग एवं सर्वोच्च न्यायालय द्वारा लॉजिकल एरर की श्रेणी में ऐसे आवेदनों का निराकरण करने के लिए निर्देशित किया गया है। ऐसे प्रकरणों में बीएलओ को आवेदन दे सकते है एवं जिसकी सुनवाई एईआरओ द्वारा की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिले में मतदाता सूची के प्रारंभिक प्रकाशन में चार विधानसभा अंतर्गत 74-डोंरगगढ़, 75-राजनांदगांव, 76-डोंगरगांव एवं 77-खुज्जी के 1075 मतदान केन्द्रों में 7 लाख 80 हजार 205 मतदाता है। ऐसे नागरिक जिनका वर्ष 2003 में नाम मैपिंग में नहीं थे, वे भी दस्तावेज देकर मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वा सकते है। लॉजिकल एरर होने पर अपने दस्तावेज बीएलओ के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं एवं सत्यापन उपरांत इसका निराकरण हो सकता है। उन्होंने बताया कि दावा आपत्ति एवं सुनवाई के लिए जिले में प्रतिदिन लगभग 700 प्रकरणों की सुनवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 21 फरवरी 2026 को किया जाएगा। निर्धारित नियमों एवं प्रक्रिया के अनुरूप आवेदनों की सुनवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि दावा आपत्ति का अधिकार प्रत्येक नागरिक को है तथा एईआरओ सत्यापन एवं जांच करेंगे। उन्होंने कहा कि 14 फरवरी 2026 तक सुनवाई का मौका दिया जाएगा। संवैधानिक प्रक्रिया का पालन करते हुए सुनवाई एवं निराकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे नागरिक जो विवाह कर जिले में आए है या अन्य स्थानों पर चले गए है। उन्हें भी मतदाता सूची में अपना नाम अपडेट कराना चाहिए। फॉर्म 6 अंतर्गत नये मतदाता के लिए आवेदन फॉर्म, 6-ए अंतर्गत विदेश में रहने वाले मतदाता द्वारा निर्वाचक नामावली में नाम जोडऩे के लिए आवेदन, फॉर्म 7 अंतर्गत मौजूदा निर्वाचक नामावली में नाम हटाने के प्रस्ताव पर आपत्ति के लिए वोटर एप्लीकेशन फॉर्म एवं फॉर्म 8 अंतर्गत निवास बदलने, मौजूदा निर्वाचक नामावली में एण्ट्री में सुधार, ईपीआईसी बदलने, पीडब्ल्यूडी मार्क करने के लिए वोटर एप्लीकेशन फॉर्म भरना होगा। उन्होंने प्रथम चरण में विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान सहयोग देने के लिए सभी राजनीतिक दलों को धन्यवाद दिया।उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री प्रकाश टंडन ने बताया कि नागरिक अपना नाम वोटर लिस्ट में देखने के लिए बूथ लेवल ऑफिसर के पास उपलब्ध ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से देख सकते है। इसके साथ ही ईसीआई मोबाईल एप तथा voters.eci.gov.in के माध्य से देेख सकते है। उन्होंने बताया कि लॉजिकल एरर एवं नो मैपिंग वाले लगभग 78 प्रतिशत आवेदनों का निराकरण कर लिया गया है एवं 22 प्रतिशत आवेदनों की सुनवाई शेष है। इस अवसर पर विधायक खुज्जी श्री भोलाराम साहू, भारतीय जनता पार्टी से श्री कोमल सिंह राजपूत, श्री मूलचंद लोधी, श्री दादुराम सोनकर, श्री रघुवीर सिंह वाधवा, श्री अरूण शुक्ला तथा इण्डियन नेशनल कांग्रेस से श्री विपिन यादव, श्री कमलजीत पिन्टू, श्री रूपेश दुबे एवं अन्य राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।उल्लेखनीय है कि विशेष गहन पुनरीक्षण अंतर्गत 4 नवम्बर से 18 दिसम्बर 2025 तक गणना पत्रक वितरण एवं वापसी की गई। मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन 23 दिसम्बर 2025 को किया गया। दावा और आपत्ति की अवधि 23 दिसम्बर 2025 से 22 जनवरी 2026 तक थी। सुनवाई और सत्यापन (नोटिस चरण) का कार्य 23 दिसम्बर 2025 से 14 फरवरी 2026 तक किया जाएगा। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 21 फरवरी 2026 को किया जाएगा। प्रारंभिक प्रकाशन में चार विधानसभा अंतर्गत 74-डोंरगगढ़, 75-राजनांदगांव, 76-डोंगरगांव एवं 77-खुज्जी के 1075 मतदान केन्द्रों में 7 लाख 80 हजार 205 मतदाता है। जिसमें 3 लाख 90 हजार 728 पुरूष, 3 लाख 89 हजार 472 महिला एवं 5 अन्य मतदाता है।
- - कक्षा 10वीं एवं 12वीं के परीक्षा परिणामों के दृष्टिगत बच्चों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान देते हुए करें कार्य- बच्चों के आधार अपडेशन कार्य में गति लाने के दिए निर्देश- सभी विभागों में डेस्क चेंज कर कर्मचारियों के कार्यों में करें परिवर्तन- सभी अधिकारी-कर्मचारी समय पर कार्यालय में रहें उपस्थित- जनमानस की समस्याओं का संवेदनशीलतापूर्वक करें शीघ्र निराकरण- पेंशन प्रकरणों का प्राथमिकता से करें निराकरण- सभी विभाग ई- ऑफिस का अधिक से अधिक करें प्रयोग- प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के क्रियान्वयन में प्रगति लाने कहा- कलेक्टर ने साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक लीराजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने मंगलवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक ली। कलेक्टर ने कहा कि जिले में कक्षा 10वीं एवं 12वीं के परीक्षा परिणामों के दृष्टिगत बच्चों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान देते हुए कार्य करें। पढ़ाई की गुणवत्ता के लिए अतिरिक्त कक्षाएं देते हुए बच्चों की पढ़ाई की मानिटरिंग करें। बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए ईमानदारी एवं प्रतिबद्धतापूर्वक कार्य करें। उन्होंने बच्चों के आधार अपडेशन कार्य में गति लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि हाई रिस्क वाली गर्भवती महिलाओं को सुविधाएं प्रदान करें एवं उनके स्वास्थ्य पर ध्यान देते हुए उपचार एवं दवाईयां समय पर उपलब्ध कराएं। अटल मानिटरिेंग पोर्टल के अंतर्गत सभी विभाग विभिन्न मापदण्डों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करें। उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान कार्ड, महतारी वंदन योजना सहित विभिन्न योजनाओं की मानकों के तहत समीक्षा की। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों-कर्मचारियों से कहा कि समय पर कार्यालय में उपस्थित रहें। बायोमैट्रिक उपस्थिति के लिए समय पर कार्यालय पर पहुंचकर अपनी उपस्थिति दें। उन्होंने मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन, पीजीएन, पीजी पोर्टल एवं टीएल के लंबित प्रकरणों की गहन समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी विभाग जनमानस की समस्याओं का संवेदनशीलतापूर्वक शीघ्र निराकरण करें।कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने कहा कि उन्होंने कहा कि ऐसे अधिकारी एवं कर्मचारी जो सेवानिवृत हो गए हैं। उनके पेंशन प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण करें। सभी विभाग ई- ऑफिस का अधिक से अधिक उपयोग करें। डिजिटल कार्य प्रणाली से कार्य करने पर कार्यों में गति आएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों से कहा कि सभी विभागों में कर्मचारियों के कार्यों में परिवर्तन करें एवं ट्रांसफर करें। डेस्क चेंज होने पर कार्यों में ईमानदारी एवं परिवर्तन आएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि शासन की महती योजना है। इस योजना अंतर्गत अधिक से अधिक किसानों को लाभान्वित कराएं। उन्होंने एग्रीस्टेक पोर्टल अंतर्गत अधिक से अधिक किसानों का पंजीयन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्युत विभाग में यूटीलिटी शिफ्टिंग एवं लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह ने कहा कि पो_ लईका अंतर्गत निरंतर पालक चौपाल का आयोजन करते रहे तथा वजन त्यौहार के माध्यम से बच्चों के सुपोषण की मानिटरिंंग करें। पीएम श्री स्कूलों में अधोसंरचना, परीक्षा परिणामों की समीक्षा तथा स्वीकृत कार्यों को पूर्ण कराने के लिए कहा। इस अवसर पर वन मंडलाधिकारी श्री आयुष जैन, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा, एसडीएम श्री गौतम पाटिल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान अन्य एसडीएम एवं तहसीलदार वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।
- रायपुर,। भारतीय थल सेना द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के अविवाहित पात्र अभ्यर्थियों से अग्निवीर सैनिक के विभिन्न पदों पर भर्ती हेतु ऑनलाइन पंजीयन एवं आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक एवं योग्य उम्मीदवार 1 अप्रैल 2026 तक थल सेना की आधिकारिक वेबसाइटwww.joinindianarmy.nic.inके माध्यम से ऑनलाइन पंजीयन कर आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।अग्निवीर भर्ती के अंतर्गत जनरल ड्यूटी, तकनीकी, ऑफिस असिस्टेंट, ट्रेडमैन, महिला सैन्य पुलिस एवं नियमित कैडर भर्ती के साथ-साथ धर्म गुरु, नर्सिंग सहयोगी तथा हवलदार एसएसी के पदों पर भर्ती की जाएगी। भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत ऑनलाइन लिखित परीक्षा का आयोजन 22 अप्रैल 2026 के बाद संभावित है।भर्ती हेतु उम्मीदवार की आयु साढ़े 17 वर्ष से 21 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। शैक्षणिक योग्यता के रूप में किसी भी मान्यता प्राप्त केंद्रीय अथवा राज्य शिक्षा बोर्ड एवं संस्था से कक्षा 8वीं, 10वीं या 12वीं उत्तीर्ण, आईटीआई अथवा इंजीनियरिंग डिप्लोमा उत्तीर्ण होना आवश्यक है। उम्मीदवारों की ऊंचाई, वजन एवं सीने से संबंधित मानक विभिन्न पदों के अनुसार निर्धारित हैं। अग्निवीर ऑफिस असिस्टेंट पद के लिए ऑनलाइन परीक्षा के दौरान टाइपिंग टेस्ट भी आयोजित किया जाएगा।चयन प्रक्रिया में कंप्यूटर आधारित ऑनलाइन लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षा एवं चिकित्सा परीक्षण शामिल हैं। भर्ती से संबंधित विस्तृत जानकारी थल सेना की वेबसाइट, सेना भर्ती कार्यालय रायपुर के दूरभाष क्रमांक 0771-2965212, 2965213 तथा जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र राजनांदगांव के दूरभाष क्रमांक 07744-299523 से प्राप्त की जा सकती है।
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रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव से उनके राजधानी रायपुर स्थित निवास में मंगलवार को छत्तीसगढ़ रियल स्टेट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष महेंद्र आहूजा के साथ दीपक रहेजा, हेमंत सेवलानी, विजय पिंजानी, सतीश चेनानी, विलास सुथार आदि ने भेंट की। इस दौरान भाजपा प्रदेश मंत्री अमित साहू उपस्थित रहे।
- -बस्तर की माटी की खुशबू और समृद्ध जनजातीय संस्कृति विश्व पटल पर अपनी छाप छोड़ने को तैयार-इस वर्ष 54 हजार से अधिक प्रतिभागियों के पंजीयन ने रचा नया इतिहासरायपुर / बस्तर पण्डुम छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र का एक प्रमुख सांस्कृतिक, सामुदायिक और प्राकृतिक उत्सव है, जो जनजातीय परंपराओं, लोक कलाओं और जीवन शैली को संरक्षित व प्रदर्शित करता है। जिसमें पारंपरिक नृत्य, संगीत (मांदर-बांसुरी), वेशभूषा, लोक शिल्प (काष्ठ/बांस/धातु) और पारंपरिक खान-पान का प्रदर्शन किया जाएगा। यह उत्सव बस्तर की आत्म-अस्मिता का प्रतीक है, जो स्थानीय कलाकारों को मंच देने के साथ-साथ युवाओं को उनकी जड़ों से जोड़ता है। विभिन्न अंचलों से आए प्रतिभागी बस्तर की 12 पारंपरिक सांस्कृतिक विधाओं का प्रदर्शन करेंगें।इस वर्ष 54 हजार से अधिक प्रतिभागियों का पंजीयनइस वर्ष के आयोजन ने लोकप्रियता के पुराने सभी पैमाने ध्वस्त कर दिए हैं और यह केवल एक प्रतियोगिता न रहकर अब लोक संस्कृति के एक विशाल उत्सव का रूप ले चुका है। आँकड़ों पर नजर डालें तो यह आयोजन इस बार एक ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। वर्ष 2025 में जहाँ विकासखंड स्तर पर आयोजित प्रतियोगिताओं में 15,596 प्रतिभागियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी, वहीं इस वर्ष यह आँकड़ा तीन गुना से भी अधिक बढ़कर 54,745 तक पहुँच गया है। बस्तर के लोग अपनी जड़ों, परंपराओं और लोक कलाओं को सहेजने के लिए कितने जागरूक और उत्साहित हैं। विशेष रूप से दन्तेवाड़ा जिले ने 24,267 पंजीयन के साथ पूरे संभाग में सर्वाधिक भागीदारी का रिकॉर्ड बनाया है, जिसके बाद कांकेर, बीजापुर और सुकमा जैसे जिलों ने भी हजारों की संख्या में अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई है।समृद्ध जनजातीय संस्कृति विश्व पटल पर अपनी छाप छोड़ने तैयारबस्तर की माटी की खुशबू और यहाँ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति एक बार फिर विश्व पटल पर अपनी छाप छोड़ने को तैयार है। संभाग स्तरीय बस्तर पण्डुम 07 से 09 फरवरी 2026 तक आयोजित होने वाी है, जिसके लिए अंचल के निवासियों में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है। इस भारी उत्साह के बीच, अब सभी की निगाहें 07 से 09 फरवरी के बीच होने वाली संभाग स्तरीय प्रतियोगिताओं पर टिकी हैं। जिला स्तर की कड़ी प्रतिस्पर्धा से जीत कर आए 84 दल और उनके 705 चयनित कलाकार इस दौरान अपनी कला की जादू बिखरेंगे। इन तीन दिनों में मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेगा जनजातीय नृत्य की थाप, पारंपरिक गीतों की गूंज और नाटकों का मंचन ।65 कलाकार पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन छेड़ेंगेप्रतियोगिता में कुल 12 अलग-अलग विधाओं का प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें सर्वाधिक 192 कलाकार जनजातीय नृत्य में और 134 कलाकार जनजातीय नाटक में अपना हुनर दिखाएंगे। यह मंच केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं होगा, बल्कि यह बस्तर के ज्ञान, कला और स्वाद का एक अनुपम संगम होगा। जहाँ एक ओर 65 कलाकार पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन छेड़ेंगे, वहीं दूसरी ओर 56 प्रतिभागी लजीज जनजातीय व्यंजनों की खुशबू बिखेरेंगेे। इसके अतिरिक्त बस्तर की दुर्लभ वन औषधियों, चित्रकला, शिल्प कला, आभूषण और आंचलिक साहित्य का प्रदर्शन भी किया जाएगा, जो नई पीढ़ी को अपनी विरासत से रूबरू कराएगा।संभाग स्तर पर 340 महिलाएं अपनी कौशल का करेंगी प्रदर्शनइस आयोजन की एक और सबसे खूबसूरत तस्वीर मातृशक्ति की बढ़ती भागीदारी है। संभाग स्तर पर पहुँचने वाली 705 प्रतिभागियों में महिला और पुरुष कलाकारों की संख्या में गजब का संतुलन देखने को मिल रहा है, जिसमें 340 महिलाएं और 365 पुरुष शामिल हैं। यह भागीदारी बताती है कि बस्तर की संस्कृति को आगे ले जाने और उसे संरक्षित करने में यहाँ की महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। कुल मिलाकर बस्तर पण्डुम 2026 अपनी भव्यता और जन-भागीदारी के साथ एक अविस्मरणीय आयोजन की ओर अग्रसर है।
- -द्वेषपूर्ण मामलों की समीक्षा कर, विधि सम्मत प्रक्रिया से लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा आवश्यक - उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा-राजनीतिक, गैर राजनीतिक, सामाजिक और कर्मचारी आंदोलनों से जुड़े प्रकरणों की वापसी पर मंत्रिमंडल उपसमिति की बैठक सम्पन्न-मंत्रिपरिषद की स्वीकृति हेतु प्रकरणों को अनुशंसित करने लिया निर्णयरायपुर। मंत्रालय मे मंगलवार को पूर्व शासनकाल के दौरान राजनीतिक संगठन, गैर राजनीतिक संगठन, सामाजिक संगठन और कर्मचारी संगठनों के आंदोलनों से जुड़े दुर्भावनापूर्ण मानसिकता से दर्ज प्रकरणों की वापसी के संबंध में गठित मंत्रिमंडल उपसमिति की बैठक उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।बैठक में उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े सहित सदस्य अपर मुख्य सचिव गृह श्री मनोज पिंगवा, विधि सचिव सुषमा सावंत, पुलिस महानिरीक्षक सीआईडी श्री ध्रुव गुप्ता तथा अतिरिक्त निदेशक अभियोजन श्री के. एस. गावस्कर उपस्थित रहे।बैठक के दौरान राजनीतिक आंदोलनों सहित गैर राजनीतिक संगठन, सामाजिक संगठन और कर्मचारी संगठनों के आंदोलनों के समय दर्ज राजज्ञा उल्लंघन, लोक सेवक के कार्य में बाधा एवं अन्य गंभीर धाराओं से संबंधित प्रकरणों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। उपसमिति द्वारा विभिन्न मामलों को मंत्रिपरिषद के विचारार्थ एवं स्वीकृति हेतु अनुशंसित करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही मंत्रिमंडल उपसमिति ने पूर्व में प्रकरण वापसी के लिए अनुशंसित मामलों की सतत निगरानी एवं शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश अपर मुख्य सचिव गृह श्री मनोज पिंगवा को दिए।बैठक के पश्चात उपसमिति के अध्यक्ष उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राजनीति में लोकतांत्रिक विरोध का सदैव सम्मान होना चाहिए। राजनीति मतभेद का विषय है, मनभेद का नहीं। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार द्वारा राजनीतिक दुर्भावना के चलते अनेक मामलों में राजनीतिक कार्यकर्ताओं, गैर राजनीतिक संगठन, सामाजिक संगठन और कर्मचारी संगठन पर प्रकरण दर्ज किए गए थे। राजनीतिक कार्यकर्ताओ के साथ गैर राजनीतिक संगठन, सामाजिक संगठन और कर्मचारी संगठन द्वारा आयोजित आंदोलनों को भी इस प्रक्रिया के शामिल किया जा रहा है, जिनमें आंदोलनरत लोगों के विरुद्ध द्वेषपूर्ण रूप से मुकदमे भी दर्ज हुए थे, उन सभी को वापस लिया जाएगा। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में वर्तमान सरकार ने ऐसे द्वेषपूर्ण मामलों की गंभीरता से समीक्षा कर, विधि सम्मत प्रक्रिया के तहत यथासंभव निर्णय लेने का संकल्प लिया है, ताकि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा हो सके और अनावश्यक मुकदमों से जनता को राहत मिल सके।
- रायपुर, /छत्तीसगढ़ में 20 नवंबर 2025 से लागू की गई नवीन गाइडलाइन दरों के अंतर्गत आवश्यकतानुसार पुनरीक्षण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। राज्य शासन द्वारा पूर्व में जिला मूल्यांकन समितियों को यह निर्देश जारी किए गए थे कि यदि स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप गाइडलाइन दरों में संशोधन की आवश्यकता हो, तो उसके प्रस्ताव केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड को भेजे जा सकते हैं।शासन के इन निर्देशों के अनुपालन में धमतरी, बलौदाबाजार और गरियाबंद जिलों की जिला मूल्यांकन समितियों से संशोधन संबंधी प्रस्ताव प्राप्त हुए। इन प्रस्तावों पर विचार करने के लिए महानिरीक्षक पंजीयन की अध्यक्षता में केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक आयोजित की गई, जिसमें तीनों जिलों से प्राप्त प्रस्तावित गाइडलाइन दरों का गहन परीक्षण किया गया। बैठक में समग्र रूप से विचार-विमर्श के बाद धमतरी, बलौदाबाजार और गरियाबंद जिलों की जिला मूल्यांकन समितियों द्वारा भेजे गए गाइडलाइन दर संशोधन प्रस्तावों को अनुमोदन प्रदान किया गया।केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड द्वारा अनुमोदित संशोधित गाइडलाइन दरें धमतरी, बलौदाबाजार और गरियाबंद जिलों में 4 फरवरी 2026 से प्रभावशील होंगी। आम नागरिकों, संपत्ति क्रेता-विक्रेता तथा अन्य संबंधित हितधारकों को इन नवीन दरों की जानकारी संबंधित जिला पंजीयन कार्यालयों एवं विभाग की आधिकारिक वेबसाइट में उपलब्ध है।
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-विश्व आर्द्रभूमि दिवस पर जल-स्रोत संरक्षण का संदेश
रायपुर । विश्व आर्द्रभूमि दिवस के अवसर पर बीते दिनों मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री निवास में ‘वुमेन फॉर वेटलैण्ड्स ’ अभियान के पोस्टर का अनावरण किया,इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश में आर्द्रभूमि एवं प्राकृतिक जल-स्रोतों के संरक्षण हेतु चलाए जा रहे इस अभियान की सराहना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जल ही जीवन है और आर्द्रभूमियां मानव सभ्यता की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की मातृशक्ति को इस पवित्र अभियान से जोड़ना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रेरणादायी कदम है।मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी कहा कि “नदियां, तालाब, कुएं, पोखर और आर्द्रभूमियां केवल जल-स्रोत नहीं, बल्कि जीवनदायिनी प्रकृति की पहचान हैं। इन्हें बचाना हम सभी का सामूहिक दायित्व है।”‘वूमेन फॉर वैटलैंड्स ’ अभियान की संस्थापक एवं महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष प्रज्ञा निर्वाणी द्वारा प्रदेशभर में आर्द्रभूमि संरक्षण हेतु निरंतर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, इस अभियान के अंतर्गत तालाब, नहर, कुएं, नदियों एवं प्राकृतिक जल-स्रोतों के संरक्षण के लिए महिलाओं को संगठित किया जा रहा है। प्रज्ञा निर्वाणी ने मुख्यमंत्री को नवागढ़ स्थित गिधवा-परसदा-नगधा पक्षी विहार क्षेत्र को रामसर साइट घोषित करने हेतु ज्ञापन भी सौंपा,मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “महिलाएं प्रकृति की प्रथम संरक्षक हैं,यदि मातृशक्ति आगे आएगी तो जल-स्रोतों का संरक्षण जन-आंदोलन बन जाएगा।” पोस्टर अनावरण कार्यक्रम के दौरान प्रसन्ना अवस्थी, प्राची शर्मा, प्रणीता शर्मा, आरविका अवस्थी सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। - -भारत सरकार पर्यटन मंत्रालय द्वारा मयाली-बागीचा विकास परियोजना को स्वदेश दर्शन योजना 2.0 में किया गया है शामिल-पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, स्थानीय युवाओं का कौशल विकास और रोजगार के नए अवसरों का होगा सृजन-मधेश्वर पहाड़ के धार्मिक और नैसर्गिक सुंदरता को मिलेगी विशेष पहचानरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज दो दिवसीय प्रवास पर जशपुर जिले के लिए रवाना हुए। अपने प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री 5 फरवरी को जशपुर जिले के मयाली में बहुप्रतीक्षित मयाली-बगीचा पर्यटन विकास परियोजना का भूमिपूजन करेंगे। यह परियोजना क्षेत्र में पर्यटन को नई दिशा देने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर सृजित करेगी।उल्लेखनीय है कि मयाली- बगीचा विकास परियोजना के लिए भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के अंतर्गत सीबीडीडी उप-योजना के तहत लगभग 10 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इस परियोजना को मधेश्वर पहाड़ की प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए मयाली डेम के समीप विकसित किया जाएगा।छत्तीसगढ़ राज्य में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं और जशपुर जिला अपनी नैसर्गिक सुंदरता के लिए विशेष रूप से जाना जाता है। यहाँ की नदियाँ, झरने, पहाड़, घाटियाँ, घने जंगल तथा समृद्ध आदिवासी और ग्रामीण संस्कृति पर्यटकों को निरंतर आकर्षित करती रही है। इन्हीं संभावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए जशपुर क्षेत्र में पर्यटन विकास के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। परियोजना के अंतर्गत पर्यटक रिसॉर्ट एवं स्किल डेवलपमेंट सेंटर का विकास किया जाएगा। इसके साथ ही मधेश्वर पहाड़ के नीचे स्थित गुफा मंदिर एवं कैलाश गुफा (बगीचा) क्षेत्र में भी पर्यटन विकास से जुड़े कार्य किए जाएंगे, जिससे धार्मिक एवं प्राकृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।राज्य सरकार द्वारा पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए होम-स्टे विकसित किये जाने का भी प्रस्ताव है, जिससे स्थानीय नागरिकों को अतिरिक्त आय के अवसर प्राप्त होंगे। मयाली बगीचा परियोजना के क्रियान्वयन से जशपुर क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी, स्थानीय युवाओं को कौशल विकास का लाभ मिलेगा और क्षेत्र में नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा किए जाने वाले भूमिपूजन के साथ ही जशपुर जिले के पर्यटन विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
- -मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ खनिज विकास निधि सलाहकार समिति की 21वीं बैठक में हुए शामिलरायपुर,। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ खनिज विकास निधि सलाहकार समिति की 21वीं बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है। प्रदेश में रेयर अर्थ मिनरल्स सहित कई अनेक खनिजों के प्रचुर भंडार उपलब्ध हैं। राज्य में चल रही सभी खनन परियोजनाओं का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध रूप क्रियान्वयन किया जाए।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खनिजों के अवैध परिवहन एवं उत्खनन पर विशेष टॉस्क फोर्स के माध्यम से की जा रही निगरानी को और प्रभावी बनाने के लिए आईटी एवं ड्रोन जैसे आधुनिक तकनीकों का भी उपयोग किया जाये। तकनीक के द्वारा अवैध गतिविधियों पर बेहतर एवं सतत निगरानी की जा सकेगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने पीएमकेकेकेवाई के अंतर्गत खनिज 2.0 पोर्टल के माध्यम से व्यय एवं कार्यो के प्रगति की निगरानी के विषय में जानकारी ली। उन्होंने कार्यो के गुणवत्ता एवं परियोजनाओं के समय पर क्रियान्वयन के लिए जिला खनिज न्यास अधिनियम के अंतर्गत राज्य स्तरीय केन्द्रीय कार्यक्रम प्रबंधन ईकाई की स्थापना के माध्यम से डीएमएफ कार्यों की बेहतर निगरानी और प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिये।बैठक में परिवहन नेटवर्क (रेलमार्ग) के अंतर्गत चिरमिरी-नागपुर रेल्वे लाईन हेतु कुल 328 करोड़ एवं छत्तीसगढ़ रेल्वे कॉरीडोर निर्माण हेतु, 1-ईस्ट कॉरीडोर एवं 3-ईस्ट वेस्ट कॉरीडोर के लिए राशि रूपये 60.10 करोड़ एवं क्वासी इक्विटी के रूप में 24.10 करोड़ का समिति द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया ।बैठक में खनिज विकास निगम लिमिटेड (सीएमडीसी) को एनएमडीसी-सीएमडीसी कंपनी लिमिटेड (एनसीएल) संयुक्त उपक्रम में सीएमडीसी की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी के रूप में विभिन्न परियोजनाओं के विकास हेतु 112.70 करोड़ एवं सीएमडीसी को विभागीय कार्य हेतु अतिरिक्त राशि रूपये 10 करोड़ का समिति द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया ।बैठक में संचालनालय, भौमिकी तथा खनिकर्म के अंतर्गत खनिज ब्लॉकों की नीलामी, खनिज ऑनलाईन 2.0 के भुगतान, भौमिकी के अंतर्गत सर्वेक्षण, पूर्वेक्षण एवं विभिन्न परियोजनाओं के भुगतान एवं बाह्य स्त्रोतों से विभिन्न तकनीकी कार्यों के संपादन, मुख्य एवं गौण खनिजों के अवैध परिवहन निगरानी हेतु आईटी एवं ड्रोन तकनीक से नियंत्रण, जिला खनिज न्यास अधिनियम के अंतर्गत डीएमएफ से संबंधित कार्यों की निगरानी हेतु केन्द्रीय कार्यक्रम प्रबंधन ईकाई (सीपीएमयू) सहित विभागीय कार्य हेतु 138.17 करोड़ का समिति द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया ।बैठक में छत्तीसगढ़ खनिज विकास निधि सलाहकार समिति की 20वीं बैठक में संपन्न कार्यों के क्रियान्वयन के विषय में जानकारी दी गई।बैठक में वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी, मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव सह सचिव वित्त श्री मुकेश बंसल, मुख्यमंत्री के सचिव सह सचिव खनिज साधन विभाग श्री पी दयानंद, संचालक खनिज श्री रजत बंसल सहित अधिकारीगण मौजूद रहे।
- -वनधन विकास केंद्र केड़ना की प्रेरक पहलरायपुर। ग्रामीण अंचलों में आजीविका के सीमित साधनों के बीच जब स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक दृष्टिकोण से जोड़ा जाता है, तब सफलता की नई इबारत लिखी जाती है। ऐसी ही एक प्रेरक कहानी है धर्मजयगढ़ वनमंडल अंतर्गत वनधन विकास केंद्र केड़ना की, जहाँ सबई घास से रस्सी निर्माण ने ग्रामीण महिलाओं के जीवन में आर्थिक और सामाजिक बदलाव लाया है।वन विभाग की अधिकारियों ने आज यहाँ बताया कि सबई घास रायगढ़ जिले के वन क्षेत्रोंकृजमझोर, केड़ना, सोलमुड़ा, सोरझुड़ा, अन्नोला एवं पेलमाकृमें प्राकृतिक रूप से प्रचुर मात्रा में पाई जाती है। पारंपरिक रूप से ग्रामीण महिलाएं इससे हाथ से रस्सी बनाकर घरेलू उपयोग या स्थानीय बाजारों में सीमित स्तर पर बिक्री करती थीं। हालांकि, बाजार तक सीधी पहुंच और उचित मूल्य न मिलने के कारण यह कार्य बड़े पैमाने पर आय का साधन नहीं बन पा रहा था।इसी कड़ी में राज्य सरकार की वनधन योजना के अंतर्गत वनधन विकास केंद्र केड़ना की स्थापना कर महिलाओं को स्व-सहायता समूहों के माध्यम से संगठित किया गया। उन्हें सबई घास से रस्सी निर्माण के लिए हाथों एवं विद्युत चालित मशीनें उपलब्ध कराई गईं। स्तर ही व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया गया। इससे महिलाओं की उत्पादन क्षमता बढ़ी और गुणवत्ता में भी सुधार हुआ।दरअसल सबई घास से निर्मित रस्सी का उपयोग बांस के बंडलों को बांधने में किया जाता है, जिसकी मांग वन विभाग एवं पेपर उद्योग में लगातार बनी रहती है। वन विभाग द्वारा सबई रस्सी को 45 रुपये प्रति किलो की दर से क्रय किया जाता है, जिससे महिलाओं को मजदूरी के रूप में नियमित आय प्राप्त हो रही है। वहीं तैयार रस्सी को विभिन्न वनमंडलों में 75 रुपये प्रति किलो की दर से विक्रय कर वनधन केंद्र को भी लाभ मिल रहा है।अधिकारियों ने बताया कि पिछले वर्षों में वनधन केंद्र केड़ना से जुड़ी महिलाओं ने 30 से 40 क्विंटल रस्सी का निर्माण कर 1.5 से 2 लाख रुपये तक की आय अर्जित की।वर्ष 2025-26 में 150 क्विंटल रस्सी निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिससे लगभग 7 से 8 लाख रुपये की आय ग्रामीण महिलाओं को होने की संभावना है। मार्च 2026 तक कुल 11.25 लाख रुपये मूल्य की रस्सी निर्माण कर 7.50 लाख रुपये मजदूरी के रूप में ग्रामीणों को प्राप्त होने का अनुमान है।यह परियोजना पूरी तरह ईको-फ्रेंडली है। सबई घास का विनाश रहित दोहन किया जाता है, जिससे वन संरक्षण और पर्यावरण संतुलन बना रहता है। भविष्य में भू-क्षरण प्रभावित क्षेत्रों में सबई घास रोपण की योजना भी प्रस्तावित है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ रोजगार के अवसर और बढ़ेंगे।वनधन विकास केंद्र केड़ना की यह पहल इस बात का सशक्त उदाहरण है कि यदि स्थानीय संसाधनों का वैज्ञानिक और संगठित उपयोग किया जाए, तो ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकती हैं। सबई घास से रस्सी निर्माण ने न केवल रोजगार सृजन किया है, बल्कि महिलाओं में आत्मविश्वास, आर्थिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन की नई उम्मीद भी जगाई है।
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*यह मेरे अकेले की नहीं पूरे भारतवासियों की अंतरिक्ष यात्रा थी, हर बच्चें का अंतरिक्ष यात्रा का सपना होगा पूरा : ग्रुप कैप्टन शुभांशु*
*मुख्यमंत्री ने अंतरिक्ष संगवारी कार्यक्रम के तहत प्रदेश के पहले अंतरिक्ष केंद्र का किया शुभारंभ**मुख्यमंत्री ने की बड़ी घोषणा, प्रदेश में अंतरिक्ष संगवारी पहल को मिलेगा विस्तार**प्रदेश के सभी जिलों में खुलेंगे अंतरिक्ष संगवारी केंद्र*रायपुर /अंतरिक्ष केंद्र युवा सपनों को पूरा करने की प्रयोगशाला बनेगी। यह केंद्र प्रदेश के वैज्ञानिक भविष्य की मजबूत नींव है और पूरे प्रदेश में अंतरिक्ष केंद्रों का विस्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर के राखी में जिला प्रशासन द्वारा संचालित प्रोजेक्ट अंतरिक्ष के तहत आयोजित अंतरिक्ष संगवारी कार्यक्रम में ग्रुप कैप्टन और अंतरिक्ष यात्री श्री शुभांशु शुक्ला के साथ छत्तीसगढ़ के पहले अंतरिक्ष केंद्र का विधिवत शुभारंभ कर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि पूरे प्रदेश में अंतरिक्ष संगवारी पहल को विस्तार देते हुए सभी जिलों में अंतरिक्ष केंद्र खोले जाएंगे। मुख्यमंत्री ने भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन एवं अंतरिक्ष यात्री डॉ. शुभांशु शुक्ला का छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि डॉ. शुभांशु शुक्ला जैसे व्यक्तित्व युवाओं के लिए प्रेरणा के जीवंत प्रतीक हैं, जिनकी अंतरिक्ष यात्रा ने देश को गौरवान्वित किया है। मुख्यमंत्री ने बच्चों से भावपूर्ण संवाद करते हुए कहा कि आज से उनके सपनों को पंख मिल रहे हैं और उनका आकाश और भी बड़ा हो गया है। यह अंतरिक्ष केंद्र केवल एक भवन नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों की प्रयोगशाला है, जहां वे विज्ञान को किताबों से बाहर निकालकर प्रयोग और अनुसंधान के माध्यम से समझ सकेंगे।श्री साय ने जशपुर जिले के बच्चों द्वारा रॉकेट निर्माण की उपलब्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि यह उदाहरण बताता है कि छत्तीसगढ़ की मिट्टी में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उचित अवसर की होती है, जिसे यह केंद्र उपलब्ध कराएगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान अब केवल जिज्ञासा का विषय नहीं, बल्कि रोजगार और करियर का बड़ा क्षेत्र बन चुका है। इसरो की वैश्विक विश्वसनीयता के कारण भारत आज अंतरिक्ष की दुनिया में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। आने वाले समय में यह केंद्र बच्चों को सैटेलाइट निर्माण, ट्रैकिंग, मौसम पूर्वानुमान, क्लाउड मैपिंग जैसे आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में प्रत्यक्ष प्रशिक्षण देगा। उन्होंने कहा कि इस अंतरिक्ष केंद्र से किसानों को सटीक मौसम और फसल संबंधी जानकारी मिलेगी, जिससे कृषि को सीधा लाभ होगा। साथ ही, तकनीक आधारित रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और युवाओं का महानगरों की ओर पलायन रुकेगा। मुख्यमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र में सैटेलाइट तकनीक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और भविष्य में इस क्षेत्र में स्पेस साइंस का महत्व और बढ़ेगा।ग्रुप कैप्टन श्री शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष यात्रा से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब रॉकेट लॉन्च होता है, तो उसमें अत्यधिक ऊर्जा लगती है और कुछ ही समय में शून्य से लगभग 30 हजार किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंतरिक्ष तक पहुंचा जाता है। उन्होंने छत्तीसगढ़ को ऊर्जावान प्रदेश बताते हुए कहा कि यहां के बच्चों में अपार क्षमता और जिज्ञासा है। उन्होंने मुख्यमंत्री का विशेष रूप से धन्यवाद करते हुए कहा कि प्रदेश में अंतरिक्ष केंद्र का शुभारंभ बच्चों को स्पेस साइंस से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा और दूरदर्शी कदम है। उन्होंने कहा कि क्लीन स्टेशन के उद्घाटन के दौरान मैंने देखा कि मुख्यमंत्री स्टेशन में प्रवेश से पहले स्वयं विशेष ड्रेस व कैप को पहन रहे थे। मुझे यह देखकर बड़ी खुशी हुई कि राज्य का मुखिया जब स्वयं ऐसी रुचि दिखाता है, तो यह बच्चों और युवाओं के भविष्य को लेकर उनकी स्पष्ट और भविष्योन्मुखी सोच को दर्शाता है।ग्रुप कैप्टन शुक्ला ने 5 सितंबर 2025 को प्रदेश के विद्यार्थियों से हुए ऑनलाइन संवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौरान छत्तीसगढ़ के एक बच्चे ने उनसे पूछा था कि आपने सब कुछ बताया, लेकिन यह बताइए कि प्रधानमंत्री द्वारा दिया गया होमवर्क आपने पूरा किया या नहीं। उन्होंने कहा कि यह प्रश्न बच्चों की तीक्ष्ण बुद्धि और बारीक नजर को दर्शाता है।अपने अंतरिक्ष मिशन के अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि जब आप रॉकेट पर बैठते हैं, तो आपको लगता है कि आप पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन जैसे ही रॉकेट इग्नाइट होता है, वह क्षण इतना शक्तिशाली होता है कि सारी तैयारी एक पल के लिए भूल जाते हैं। उन्होंने इसकी तुलना परीक्षा से करते हुए कहा कि जैसे पढ़ाई पूरी होने के बाद भी परीक्षा कक्ष में प्रश्नपत्र सामने आते ही कुछ क्षणों के लिए सब कुछ खाली लगने लगता है, ठीक वैसी ही अनुभूति अंतरिक्ष यात्रा के समय होती है। ऐसे समय में संयम रखना और अपनी मेहनत पर भरोसा करना सबसे जरूरी होता है, क्योंकि मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती। ग्रुप कैप्टन शुक्ला ने कहा कि 41 वर्षों के बाद भारत ने दोबारा अंतरिक्ष में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की और यह यात्रा केवल उनकी नहीं, बल्कि पूरे भारत की यात्रा थी। उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष में 20 दिनों के प्रवास के दौरान उन्होंने पृथ्वी की 320 बार परिक्रमा की और लगभग 1.4 करोड़ किलोमीटर की दूरी तय की। अंत में उन्होंने अपने सपनों को पूरा करने के लिए लगातार परिश्रम करने की प्रेरणा दी।कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री श्री साय ने डॉ. शुभांशु शुक्ला के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बच्चों से आह्वान किया कि वे बड़े सपने देखें, विज्ञान से दोस्ती करें और छत्तीसगढ़ का नाम देश-दुनिया में रोशन करें।कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि अंतरिक्ष यात्री डॉ. शुभांशु शुक्ला को अपने बीच पाकर सभी स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष यात्रा समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने देश के युवाओं को नई दिशा दी है और अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया है।वन एवं संसदीय कार्य मंत्री व जिला के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि यह पहल सरकार की दूरदर्शी सोच का परिचायक है, जो आने वाली पीढ़ी को भविष्य की ओर अग्रसर होने की प्रेरणा देती है। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी के भीतर असीम क्षमता और शक्ति है, जो आपके सपनों को साकार करेगी। अंतरिक्ष विज्ञान जैसे जटिल विषय को सरल और सहज तरीके से समझाने के लिए किए जा रहे प्रयास अत्यंत प्रशंसनीय हैं। मंत्री श्री कश्यप ने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को मजबूत करने के साथ-साथ वैज्ञानिक सोच को भी प्रोत्साहित करते हैं। श्री शुक्ला को डीपीएस, सैनिक स्कूल राजनांदगांव के बच्चों ने पोर्टरेट भेंट किया ।कार्यक्रम में विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री अनुज शर्मा, विधायक श्री इंद्र कुमार साहू,जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री संदीप यदु, भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, निगम आयुक्त श्री विश्वदीप सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक स्कूली बच्चें मौजूद रहे। -
रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रदेश में किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए धान खरीदी की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण राहत प्रदान की गई है। इसके अंतर्गत तीन श्रेणियों के किसानों को धान विक्रय हेतु अतिरिक्त दो दिवस – 05 एवं 06 फरवरी 2026 तक खरीदी की अनुमति प्रदान की गई है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार तीन प्रकार के किसान इस अतिरिक्त अवधि में धान विक्रय कर सकेंगे— ऐसे किसान, जिनके द्वारा 10 जनवरी 2026 के पश्चात टोकन हेतु आवेदन किया गया, किंतु सत्यापन नहीं हो पाया है। ऐसे किसान, जिनके द्वारा 10 जनवरी 2026 के पश्चात आवेदन किया गया तथा सत्यापन उपरांत उनके पास धान पाया गया है। ऐसे किसान, जिन्हें दिनांक 28 जनवरी 2026, 29 जनवरी 2026 एवं 30 जनवरी 2026 को टोकन प्राप्त हुआ था, परंतु किसी कारणवश वे निर्धारित तिथि पर धान विक्रय नहीं कर पाए थे।किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए बारदाना एवं हमालों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं।राज्य सरकार का यह निर्णय किसानों के प्रति संवेदनशीलता और उनकी उपज के सुरक्षित एवं सुचारु विक्रय के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।





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