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- नई दिल्ली। रेलवे 30 हजार करोड़ रुपए की निजी यात्री गाडिय़ों के लिए जारी बोली प्रक्रिया का पुनर्मूल्यांकन कर रहा है। रेलवे ने पिछले वर्ष 12 क्लस्टरों में इस प्रकार की ट्रेनों के संचालन के लिए निविदाएं आमंत्रित की थी,लेकिन निजी क्षेत्र की किसी भी कंपनी ने इसमें दिलचस्पी नहीं दिखाई जिसके बाद रेलवे यह कदम उठा रहा है।वरिष्ठ अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष जुलाई में रेल मंत्रालय ने देश भर में 12 क्लस्टरों में यात्री ट्रेन संचालन में निजी भागीदारी के लिए बोलियां शुरू की थीं। योजना में 109 मूल-गंतव्य जोड़े शामिल थे। विजेता बोलीदाताओं को राजस्व आधार मॉडल पर 35 वर्ष की रियायत अवधि प्रदान की जानी थी। पिछले साल 'रिक्वेस्ट फॉर क्वालिफिकेशन' (आरएफक्यू) के दौरान, निजी क्षेत्र की 16 कंपनियों ने परियोजना में रुचि दिखाई थी। जीएमआर हाईवे लिमिटेड, इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईआरसीटीसी), आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर डेव्लपर्स लिमिटेड, क्यूब हाईवे और इंफ्रास्ट्रक्चर 3 पीटीई लिमिटेड, और सीएएफ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड दिलचस्पी दिखाने वाली कुछ प्रमुख कंपनियां थी।
- अमृतसर। पंजाब के अमृतसर में एक जन्मदिन पार्टी में झगड़े के बाद एक व्यक्ति ने दो लोगों की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी। घटना यहां मजीठा रोड स्थित एक रेस्तरां में हुई।अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त संदीप मलिक ने बताया कि जन्मदिन पार्टी तरुणप्रीत सिंह नामक व्यक्ति ने आयोजित की थी जिसने लगभग अपने 30 मित्रों को आमंत्रित किया था। इस दौरान एक-दूसरे को केक लगाने को लेकर वहां झगड़ा हो गया। उन्होंने बताया कि इस दौरान एक आरोपी ने गोलीबारी कर दी जिससे मणि सुनियारा और विक्रम सिंह नामक दो व्यक्ति मारे गए। अधिकारी ने बताया कि पार्टी में शामिल हुए 30 लोगों में से पांच लोगों को पकड़ा गया है जिनसे पूछताछ की जा रही है और दो कार भी जब्त की गई है।
- नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि देश में अब तक कोविड-रोधी टीके की 56.57 करोड़ से अधिक खुराक दी गईं हैं। मंत्रालय की रात सात बजे की अंतरिम रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार को टीके की 48 लाख 81 हजार 588 खुराक दी गईं।मंत्रालय ने कहा कि बुधवार को 18-44 आयुवर्ग में 25 लाख 93 हजार 571 लोगों को पहली खुराक जबकि 5 लाख 77, हजार की शुरुआत के बाद से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 18-44 वर्ष आयु वर्ग के कुल 20 करोड़ 80 लाख 43 हजार 61 व्यक्तियों को टीके की पहली खुराक जबकि 1 करोड़ 72 लाख 81 हजार 211 लोगों को दूसरी खुराक दी गई है।
- लोहरदगा। झारखंड के लोहरदगा जिले के बगड़ू थाना क्षेत्र अंतर्गत बेठहठ गिरजा टोली गांव में 35 वर्षीय एक व्यक्ति की धारदार हथियार से अपराधियों ने हत्या कर दी।पुलिस ने बताया कि मृतक राजेश के परिजन ने उन्हें सूचित किया की रात को राजेश ने नशे में अपनी पत्नी सरिता उरांव और बहन से लड़ाई की, जिससे परेशान होकर पत्नी और बहन बच्चों को लेकर रात में ही घर से निकल गए और गांव में ही एक अन्य घर में रातभर रहे। उन्होंने बताया कि पत्नी और बहन जब बुधवार सुबह अपने घर आए तो उन्होंने उरांव को बिस्तर पर खून से लथपथ पड़े पाया। घटना की सूचना पाकर बगड़ू थाना प्रभारी राजन कुमार अन्य पुलिसकर्मियों के साथ वहां पहुंचे और उन्होंने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
- फिरोजाबाद। जिले में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे पर बुधवार सुबह असम से दिल्ली जा रही एक मिनी बस डिवाइडर से टकराकर पलट गई। पुलिस के बुधवार को बताया कि हादसे में दो लोगों की मौत हो गई जबकि 24 अन्य घायल हो गए। पुलिस के मुताबिक इस दुर्घटना में बस चालक एवं एक महिला यात्री की मौत हो गई जबकि 24 अन्य लोग घायल हो गए जिनमें से 12 यात्रियों को पीजीआई सैफई में भर्ती कराया गया है। शेष घायलों को मामूली उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई । दुर्घटना के बारे में पुलिस अधीक्षक अखिलेश नारायण ने बताया, “असम से मजदूरों को लेकर एक मिनी बस दिल्ली जा रही थी जिसमें 35 मजदूर सवार थे। यह लोग दिल्ली किसी सफाई कंपनी में बतौर सफाई कर्मचारी काम करने जा रहे थे। बस जनपद फिरोजाबाद के क्षेत्र थाना नसीरपुर के पास पहुंची तभी बस चालक को झपकी आ गई जिससे बस पर उसका नियंत्रण नहीं रहा और वह डिवाइडर से टकराकर पलट गई। इस हादसे में बस में सवार एक अज्ञात महिला यात्री की मौत हो गई जबकि बस चालक मोहम्मद रियाज पत्र मकबूल निवासी भागलपुर बिहार की भी मौत हो गई।” उन्होंने बताया कि घायलों को सैफई पीजीआई हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया परिजनों को सूचना भेज दी गई है।
- शहडोल । मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में बारिश और आंधी के दौरान बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में एक नाबालिग सहित दो लोगों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए। पुलिस ने बुधवार को बताया कि यह घटना मंगलवार को शहडोल जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र में आने वाले गांवों में हुई। जैतपुर थाना प्रभारी सुदीप सोनी ने बताया कि एक घटना मंगलवार दोपहर को बोड़ा टोला गांव में हुई। यहां आकाशीय बिजली की चपेट में आने से 15 वर्षीय बालक की उस समय मौत हो गई जब वह अपनी मां को खेत में खाना देने जा रहा था। उन्होंने बताया कि एक अन्य घटना में मंगलवार शाम को बिजली गिरने से भूसा गांव में 22 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि छह अन्य लोग घायल हो गए। उन्होंने बताया कि सभी घायलों को जैतपुर के स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।
- नयी दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे पी नड्डा ने बुधवार को पार्टी की बिहार इकाई के संगठन महामंत्री नागेंद्र को बिहार के साथ ही झारखंड का क्षेत्रीय संगठन महामंत्री नियुक्त किया है। उनका केंद्र अब रांची होगा। भाजपा महासचिव अरुण सिंह की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई।नागेंद्र का केंद्र पहले पटना था लेकिन अब वह बिहार के साथ ही झारखंड में भी भाजपा संगठन का कामकाज देखेंगे। इसके अलावा भाजपा ने गुजरात के संगठन महामंत्री भीखु भाई दलसानिया को बिहार प्रदेश का संगठन महामंत्री नियुक्त किया है। सिंह ने कहा कि दोनों नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी।भाजपा में संगठन महामंत्री का पद बेहद महत्वपूर्ण होता है। आम तौर पर यह पद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के किसी कार्यकर्ता को दिया जाता है। वह संघ और भाजपा के बीच कड़ी के रूप में काम करता है। वर्तमान में भाजपा में राष्ट्रीय स्तर पर यह जिम्मा बी एल संतोष के पास है।
- नयी दिल्ली। कांग्रेस ने पूर्व सांसद अजय कुमार को सिक्किम, त्रिपुरा और नगालैंड के लिए पार्टी का प्रभारी नियुक्त किया है। पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से बुधवार को जारी बयान के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अजय कुमार को पूर्वोत्तर के इन तीनों राज्यों के लिए कांग्रेस का प्रभारी नियुक्त किया। इससे पहले कुलजीत नागरा इन तीनों राज्यों में कांग्रेस के प्रभारी थे। पिछले दिनों उन्हें पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया। अजय कुमार झारखंड के जमशेदपुर से लोकसभा सदस्य रह चुके हैं। वह सितंबर, 2019 में आम आदमी पार्टी में शामिल हो गये थे, हालांकि पिछले साल वह फिर से कांग्रेस में लौट आये।
- कोलकाता ।उत्तम कुमार सरकार भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) कलकत्ता के नये निदेशक होंगे । इस पद के लिये बुधवार को उनके नाम की घोषणा की गयी। आईआईएमसी कलकत्ता ने बयान जारी कर कहा कि उनकी नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगा ।बयान के अनुसार सरकार का चयन कई महीनों तक चली एक कठोर खोज प्रक्रिया के माध्यम से भारत और विदेशों से बड़ी संख्या में उच्च कुशल और योग्य उम्मीदवारों में से किया गया था। आईआईएम कलकत्ता के बोर्ड आफ गवर्नर्स के अध्यक्ष श्रीकृष्ण कुलकर्णी ने कहा कि प्रोफेसर सरकार आईआईएम-कलकत्ता को अपनी वैश्विक आकांक्षाओं को प्राप्त करने में मदद करने के लिए ‘क्या करने की आवश्यकता है और इसे कैसे किया जाना चाहिए' के बारे में पूरी तरह से जानते हैं। सरकार प्रबंध सूचना प्रणाली समूह के प्राध्यापक हैं और उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर से कंप्यूटर साइंस में बीटेक, एमटेक तथा पीएचडी किया है।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक और तकनीकी सहयोग एवं आपसी हित के क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और स्विट्जरलैंड के फाउंडेशन फॉर इनोवेटिव न्यू डायग्नोस्टिक्स (एफआईएनडी) के बीच समझौता ज्ञापन को बुधवार को मंजूरी दे दी । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस समझौता ज्ञापन के बारे में जानकारी दी गयी । सरकारी बयान के अनुसार, ‘‘ इस समझौता ज्ञापन पर फरवरी 2021 में हस्ताक्षर किए गए थे।''इसमें कहा गया है कि यह समझौता ज्ञापन अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक और तकनीकी सहयोग के ढांचे के भीतर भारत और स्विट्जरलैंड के बीच आपसी हित के क्षेत्रों में संबंधों को और मजबूत बनायेगा। बयान के अनुसार, आईसीएमआर 1,00,000 डॉलर तक का फंड उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है जबकि एफआईएनडी प्रस्ताव के लिए अनुरोध (आरएफपी) के माध्यम से 4,00,000 डॉलर का कोष चिन्हित स्थानीय भागीदारों और शोधकर्ताओं को उपलब्ध कराएगा।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बुधवार को कहा कि लद्दाख क्षेत्र के लिए एक अलग सिविल सेवा परीक्षा केंद्र लेह में स्थापित किया जाएगा। एक आधिकारिक बयान के अनुसार यह घोषणा लद्दाख के उपराज्यपाल आर के माथुर द्वारा लद्दाख के संदर्भ में आईएएस अधिकारियों की नियुक्ति और अन्य सेवा से संबंधित मामलों पर चर्चा के लिए केंद्रीय मंत्री से नॉर्थ ब्लॉक में कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) मुख्यालय में मुलाकात के तुरंत बाद आयी। इसमें कहा गया है कि संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) का लेह में एक परीक्षा केंद्र होगा, जो इस साल 10 अक्टूबर को होने वाली सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा के लिए पहली बार संचालित होगा। बयान में कहा गया है कि यह लद्दाख क्षेत्र के युवाओं की लंबे समय से लंबित मांग को पूरा करेगा, जिनकी यह शिकायत थी कि उन्हें हवाई किराये की वहन क्षमता और अनिश्चित मौसम की स्थिति के चलते देश के अन्य हिस्सों में परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में मुश्किल होती है। डीओपीटी मंत्री ने याद किया कि करीब पांच साल पहले विभाग द्वारा सिविल सेवा परीक्षा केंद्र की मांग को हाथ में लिया गया था लेकिन इसे आगे नहीं बढ़ाया जा सका था। बयान में कहा गया है कि हालांकि अब जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हस्तक्षेप से लद्दाख को एक अलग केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा मिल गया है, आईएएस या सिविल सेवा के अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए एक विशेष और आत्मनिर्भर सुविधा खोलने की उपयुक्तता पर विचार किया गया जिसने अतीत में भारत को कुछ बेहतरीन आईएएस अधिकारी दिये हैं। एक अन्य बड़े फैसले में सिंह ने कहा कि डीओपीटी से संबद्ध कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के समूह 'बी' और 'सी' पदों पर चयन के लिए कंप्यूटर आधारित परीक्षा आयोजित कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से सरकारी विभागों में समूह-'बी' और समूह-'सी' पदों के लिए योग्यता के आधार पर स्वतंत्र और निष्पक्ष चयन सुगम होगा। बयान में कहा गया है कि यूपीएससी परीक्षाओं के आयोजन के लिए लेह में परीक्षा का एक नया केंद्र खोला जाएगा, जबकि लैमडोन ऑनलाइन असेसमेंट इंस्टीट्यूट लेह एसएससी परीक्षाओं की सुविधा प्रदान कर रहा है। उपराज्यपाल माथुर ने लद्दाख पर विशेष ध्यान देने और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन द्वारा रखे गए हर अनुरोध पर डीओपीटी की त्वरित प्रतिक्रिया के लिए अपना आभार व्यक्त किया। उन्होंने मंत्री से केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में उपयुक्त आईएएस अधिकारियों की तैनाती में मदद करने का भी अनुरोध किया, खासकर इसलिए कि इस क्षेत्र में हाल ही में केंद्र प्रायोजित कई महत्वाकांक्षी परियोजनाएं शुरू की गई हैं। उपराज्यपाल ने कार्बन मुक्त लद्दाख की पहल के लिए प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद दिया।
- नयी दिल्ली। सरकार ने खाद्य तेलों के आयात पर देश की निर्भरता को कम करने और अगले पांच वर्षो में पामतेल की घरेलू पैदावार को प्रोत्साहित करने के लिये बुधवार को 11,040 करोड़ रुपये के राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन- आयल पॉम को मंजूरी दे दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर 15 अगस्त को लाल किले से देश को संबोधित करते हुये इस नई केन्द्रीय योजना की घोषणा की थी जिसे आज केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने अपनी मंजूरी दे दी। केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने यहां संवाददाताओं को जानकारी देते हुए कहा कि मंत्रिमंडल ने पूर्वोत्तर क्षेत्र और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन- आयल पॉम (एनएमईओ-ओपी) को मंजूरी दी है जिसपर वित्तीय परिव्यय 11,040 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। कुल परिव्यय में से 8,844 करोड़ रुपये केंद्र सरकार का हिस्सा होगा जबकि 2,196 करोड़ रुपये, राज्यों का हिस्सा होगा। एक सरकारी बयान में कहा गया है कि इसमें ‘लाभप्रदता अंतर का वित्तपोषण' भी शामिल है। नई योजना वर्तमान राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन- तेल पाम कार्यक्रम को खुद में समाहित कर लेगी।कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि नई योजना का लक्ष्य वर्ष 2025-26 तक 6.5 लाख हेक्टेयर के अतिरिक्त क्षेत्र को पाम तेल खेती के दायरे में लाना है और इस तरह 10 लाख हेक्टेयर के लक्ष्य तक पहुंचना है। इसके साथ, कच्चे पाम तेल (सीपीओ) का घरेलू उत्पादन वर्ष 2025-26 तक 11.20 लाख टन और वर्ष 2029-30 तक 28 लाख टन तक जाने की उम्मीद है। यह कहते हुए कि नई योजना किसानों के सामने आने वाली कई चुनौतियों का समाधान करती है, मंत्री ने कहा कि तेल पाम की खेती पिछले कुछ वर्षों से हो रही है और वर्तमान में 12 राज्यों में की जा रही है। मंत्री ने कहा, ‘‘चूंकि पामतेल की खेती में उपज और मुनाफा देने में कम से कम 5-7 साल लगते हैं इसलिए छोटे किसानों के लिए इतना लंबा इंतजार करना संभव नहीं था। किसान भले ही खेती में सफल रहे, लेकिन कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण वे वापस लाभ पाने के बारे में अनिश्चित थे।'' उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में, केवल 3.70 लाख हेक्टेयर तेल पाम खेती के तहत आता है। उन्होंने कहा कि हालांकि पूर्वोत्तर क्षेत्र में पाम तेल की खेती की गुंजाइश है, लेकिन प्रसंस्करण उद्योग और निवेश के अभाव में ऐसा नहीं हो रहा था। तोमर ने कहा कि इसे ध्यान में रखते हुए, सरकार ने पाम तेल की खेती को और बढ़ावा देने के लिए एनएमईओ-ओपी के तहत सहायता देने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि सरकार पहली बार ताजा फल के गुच्छों का उत्पादन करने वाले पाम ऑयल उत्पादकों को मूल्य आश्वासन देगी। उन्होंने कहा कि इसे पॉम खेती को वहनीय और 'लाभप्रद मूल्य' के रूप में जाना जाएगा। उन्होंने कहा, 'लाभप्रद मूल्य', सीपीओ के पिछले पांच वर्षों का वार्षिक औसत मूल्य होगा, जिसे थोक मूल्य सूचकांक के साथ समायोजित करके 14.3 प्रतिशत से गुणा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह तेल पाम वर्ष (नवंबर से अक्टूबर) के लिए वार्षिक रूप से तय किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘यह आश्वासन भारतीय पाम तेल किसानों को खेती का रकबा बढ़ाने और इस तरह पाम तेल का अधिक उत्पादन करने के लिए विश्वास पैदा करेगा।'' एक सरकारी बयान में यह भी कहा गया है कि एक कीमत फॉर्मूला भी तय किया जायेगा जो कच्चा पॉम तेल (सीपीओ) का 14.3 प्रतिशत होगा और मासिक आधार पर तय किया जायेगा। लाभप्रदता अंतर वित्तपोषण, लाभप्रदता मूल्य फार्मूला कीमत होगी और अगर जरूरत पड़ी तो इसका भुगतान सीधे किसानों के खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के रूप में किया जाएगा। पूर्वोत्तर और अंडमान को प्रोत्साहन देने के लिए, सरकार ने कहा कि वह सीपीओ मूल्य का दो प्रतिशत अतिरिक्त रूप से वहन करेगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसानों को शेष भारत के बराबर भुगतान किया जाए। तोमर ने कहा कि योजना का दूसरा प्रमुख ध्यान केन्द्र लागत सहायता में पर्याप्त वृद्धि करना है। पामतेल उत्पादकों को रोपण सामग्री के लिए दी जाने वाली सहायता को 12,000 रुपये प्रति हेक्टेयर से बढ़ाकर 29,000 रुपये प्रति हेक्टेयर कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा, रखरखाव और अंतर-फसलीय हस्तक्षेप के लिए पर्याप्त वृद्धि की गई है। तोमर ने कहा, 'पुराने बागों के जीर्णोद्धार के लिए पुराने बागों को फिर से लगाने के लिए 250 रुपये प्रति पौधा की दर से विशेष सहायता दी जा रही है। देश में रोपण सामग्री की कमी की समस्या को दूर करने के लिए शेष भारत में 15 हेक्टेयर के लिए 80 लाख रुपये तथा पूर्वोत्तर एवं अंडमान के क्षेत्रों में 15 हेक्टेयर के लिए 100 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी। यह पूछे जाने पर कि सरकार तिलहन के बजाय पाम ऑयल को क्यों बढ़ावा दे रही है, मंत्री ने कहा कि सूरजमुखी जैसे तिलहन के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अन्य तिलहन फसलों की तुलना में पामतेल प्रति हेक्टेयर 10 से 46 गुना अधिक तेल का उत्पादन करता है और प्रति हेक्टेयर लगभग चार टन तेल की उपज होती है। इस प्रकार, इसमें खेती की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि आईसीएआर के अध्ययन में कहा गया है कि देश में 28 लाख हेक्टेयर में पामतेल की खेती की जा सकती है, जिसमें से नौ लाख हेक्टेयर से अधिक का क्षेत्र, पूर्वोत्तर क्षेत्र में है। तोमर ने कहा, ‘‘हम घरेलू मांग को पूरा करने के लिए खाद्य तेलों का आयात कर रहे हैं। अधिकतम कच्चा पॉम तेल आयात किया जाता है। फिलहाल, कुल खाद्य तेल आयात में इसकी हिस्सेदारी 56 प्रतिशत है।'' नई योजना का उद्देश्य आयात पर निर्भरता को कम करना है।
- लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने बुधवार को आगामी 23 अगस्त से छठी से आठवीं कक्षाओं तक के और एक सितंबर से पहली से पांच कक्षाओं तक के स्कूलों को विद्यार्थियों के लिए खोलने के आदेश जारी किये। राज्य में कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए नौंवीं से 12 वीं कक्षाओं तक के स्कूलों को 16 अगस्त से खोले जाने के आदेश पहले ही जारी किए जा चुके हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आगामी 23 अगस्त से छठी से आठवीं कक्षाओं तक के और एक सितंबर से पहली से पांच कक्षाओं तक के स्कूलों को विद्यार्थियों के लिए खोलने के आदेश जारी कर दिये गये हैं। इस हफ्ते के शुरू में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से आगामी 23 अगस्त से छठी से आठवीं कक्षाओं तक के और एक सितंबर से पहली से पांच कक्षाओं तक के स्कूलों को छात्र-छात्राओं के लिए खोलने पर विचार करने को कहा था।
- संबलपुर (ओडिशा)। ओडिशा के संबलपुर में शोधकर्ताओं के एक दल ने दीवार की संरचनाएं पाई हैं जिन्हें ईंटों के इस्तेमाल से पूर्व गुप्तकाल में बनवाया गया था। संबलपुर विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग द्वारा कराये गए अध्ययन में गुप्तकाल या उससे पहले के दौरान शहर में सभ्यता के संकेत मिले हैं।विश्वविद्यालय की ओर से जारी एक बयान में यह जानकारी दी गई। वक्तव्य में कहा गया कि भारतीय कला एवं सांस्कृतिक धरोहर न्यास (इंटैक) के सदस्यों द्वारा पहली बार इन ईंटों को देखा गया था जिसके बाद उन्होंने शोधकर्ताओं को इसकी सूचना दी। इसके बाद दल ने 15 अगस्त को पुरातात्विक स्थल का दौरा किया। इंटैक के सदस्य दीपक पांडा ने कहा कि माना जाता है कि बलराम देव नामक एक चौहान शासक ने संबलपुर क्षेत्र पर आधिपत्य किया और 1570 ईस्वी में अपना सार्वभौम राज्य स्थापित किया। पांडा ने कहा कि ईंटों के मिलने से संकेत मिलता है कि चौहान के शासन से बहुत पहले से संबलपुर में शहरीकरण हुआ होगा।
- नयी दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर को उनकी पत्नी सुनंदा पुष्कर की यहां एक होटल में हुई मौत के मामले में बुधवार को आरोपमुक्त कर दिया। विशेष न्यायाधीश गीतांजलि गोयल ने ऑनलाइन माध्यम से सुनवाई करते हुए आदेश पारित किया। थरूर ने न्यायाधीश का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बीते साढ़े सात साल ‘प्रताड़ना’ में बीते और यह फैसला ‘बड़ी राहत’ लेकर आया है।पुलिस ने अदालत से भारतीय दंड संहिता की धारा 306 (खुदकुशी के लिए उकसाने) समेत विभन्न इल्ज़ामों में आरोप तय करने का आग्रह किया जबकि थरूर की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील विकास पहवा ने अदालत से कहा कि एसआईटी द्वारा की गई जांच राजनीतिक नेता को उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों से मुक्त करती है। सुनंदापुष्कर 17 जनवरी 2014 की रात शहर के लग्जरी होटल के एक कमरे में मृत मिली थीं। दंपति होटल में ठहरे हुए थे क्योंकि उस समय थरूर के आधिकारिक बंगले का नवीनीकरण किया जा रहा था। थरूर पर दिल्ली पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 498ए (महिला के पति या पति के रिश्तेदार द्वारा उसपर क्रूरता करना) और धारा 306 के तहत आरोप लगाया गया था, लेकिन इस मामले में कोई गिरफ्तार नहीं की गई थी। उन्हें पांच जुलाई 2018 को जमानत दे दी गई थी।
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फिरोजाबाद। फिरोजाबाद में बुधवार सुबह आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर मजदूरों को लेकर असम से दिल्ली जा रही एक मिनी बस पोल से टकराकर पलट गई। हादसे में चालक समेत दो लोगों की मौत हुई है, 24 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। घायल मजदूरों को जिला संयुक्त चिकित्सालय भेजा गया है। गंभीर हालत देखते हुए 12 मजदूरों को सैफई पीजीआई में भी भर्ती कराया गया है। मरने वालों में एक महिला भी है। उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी है।
हादसा बुधवार सुबह हुआ। मिनी बस असम से मजूदरों को लेकर दिल्ली ला रही थी। इसमें करीब 35 मजदूर सवार थे। यह सभी जोरदंगा तहसील मंकचर जिला डुबरी, असम के रहने वाले हैं। यह सभी दिल्ली में किसी कंपनी में सफाई कर्मचारी के तौर पर काम करने जा रहे थे। मिनी बस को मोहम्मद रियाज पुत्र मकबूल निवासी कुंजवरना थाना सिरपेथी भागलपुर बिहार चला रहा था।
मंगलवार रात तीन बजे आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे के नसीरपुर के 56 किलोमीटर माइलस्टोर पर चालक को नींद आ जाने से मिनी बस अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराकर पलट गई। हादसा होते ही बस में चीख पुकार मच गई। सूचना पर पहुंची थाना नसीरपुर पुलिस व यूपीडा के कर्मचारियों ने मिनी बस में फंसे मजदूरों को बाहर निकाला, जिसमें चालक व एक 35 वर्षीय अज्ञात महिला की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, 24 से ज्यादा घायल मजदूरों को जिला संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया है। वहीं, 12 घायलों को सैफई पीजीआई में भर्ती कराया गया है। सभी घायल मजदूर एक ही गांव के हैं।
यह हुए घायल
नुशरल पत्नी मुईनुद्दीन, जैद शेख, शेरा इस्लाम पुत्र नूर इस्लाम, शुक्रअली पुत्र नूर आलम, रूपसीना पत्नी नूर आब्दीन, सोहा अलीम पत्नी रोज़े खा, गुलेजा खान पत्नी अख्तर खान, अकीनूर महोम्मद, शुकुर अली पुत्र मोहम्मद जमाल, सैफुल पुत्र अब्दुल, ओसामा पुत्र सैफुल, इंजमाम हक पुत्र अब्दुल, सायमा खातून पत्नी इस्लाम, महोम्मद प्यारे पुत्र महोम्मद इस्लाम, साजिश पुत्र इस्लाम, जीशान पुत्र इस्लाम, शाकिब पुत्र इस्लाम, शाहा आलाम पुत्र शाकिब -
कोरबा। कोरबा में मंगलवार देर शाम आकाशीय बिजली गिरने से तीन अलग-अलग घटनाओं में चाचा-भतीजा की मौत हो गई। वहीं, महिला और 8 साल का बच्चा झुलस गए हैं। मरने वालों में 14 साल का बच्चा भी शामिल है। वह अपने चाचा के साथ मछली पकडऩे के लिए गया था। महिला और बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर है। हादसे बांगो, बांकीमोंगरा और सिटी कोतवाली क्षेत्र में हुए हैं।
बांकीमोंगरा क्षेत्र के भद्रापारा निवासी रामसिंह धनवार (26) अपने 14 साल के भतीजे घुड़देवा निवासी बैसाखू के साथ छत घाट पर शाम करीब 6 बजे मछली पकडऩे गया था। दोनों घर लौटने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने लगी। इससे पहले कि दोनों वहां से लौटते आकाशीय बिजली उनके ऊपर गिरी। सूचना मिलने पर पुलिस उन्हें स्श्वष्टरु के अस्पताल लेकर पहुंची, लेकिन वहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। -
लुधियाना। टिब्बा रोड के इलाके में स्थित राजा एनक्लेव में 14 व 15 अगस्त की रात को 40 वर्षीय व्यक्ति की हत्या कर दी गई। सूचना मिलते ही एसीपी दविंदर चौधरी व पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस को मौके पर से खून से लथपथ लोहे की राड मिली, जिसे कब्जे में लेकर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। हत्याकांड की जानकारी देते ज्वाइंट कमिश्नर डा. सचिन गुप्ता ने बताया कि प्राथमिक जांच में सामने आया कि मामी के साथ अवैध संबंधों के चलते आरोपी मामा ने ही उसकी हत्या की है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
ज्वाइंट कमिश्नर ने बताया कि जांच में सामने आया कि मृतक व्यक्ति के उसकी मामी के साथ पिछले कुछ समय से अवैध संबंध चल रहे थे। इसकी भनक उसके आरोपी मामा को लग गई थी। इसी कारण मामा ने रविवार सुबह उसे उसके कमरे में जाकर लोहे की राड से हमला कर मार डाला। मृतक व्यक्ति की पहचान टिब्बा रोड स्थित जगीरपुर इलाके के निवासी सपन के रूप में हुई। सपन मूल रूप से बिहार का रहने वाला था। वह पिछले काफी समय से लुधियाना में प्रिंटिंग का काम करने वाले अपने मामा आरोपी सरवन के घर पर रह रहा था। वह ईंटों की सप्लाई का काम करता था।
ज्वाइंट कमिश्नर ने बताया कि सपन के साथी सिधु कुमार ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि रविवार की सुबह ईंटों की सप्लाई देने के लिए उसने कई बार सपन को फोन किया। काफी समय तक सपन द्वारा फोन न उठाने के बाद वह उसके घर पर पहुंचा। कमरे में जाकर देखा तो सपन का शव लहूलुहान अवस्था में पड़ा हुआ था। तभी उन्होंने तुरंत मामले की सूचना थाना टिब्बा की पुलिस को दी। पुलिस ने मामा आरोपी सरवन कुमार के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि आरोपी सरवन कुमार के खिलाफ पहले भी थाना मोती नगर में नशा तस्करी का मामला दर्ज है। वह चार महीने पहले ही जेल से जमानत पर रिहा होकर आया था।
ज्वाइंट कमिश्नर डा. सचिन गुप्ता ने बताया कि आरोपी मामा ने शुरुआती जांच में पुलिस को बताया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने चोरी की नियत से फैक्ट्री में दाखिल होकर उसके भांजे की हत्या कर दी है। इसके उपरांत पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। बाद में शक होने पर पुलिस द्वारा सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी मामा ने जुर्म कबूल कर लिया। सोमवार को सिविल अस्पताल में सपन के शव का पोस्टमार्टम डाक्टरों के बोर्ड ने किया। बोर्ड में शामिल डाक्टर ने बताया कि मृतक के सिर व चेहरे पर कुल सात वार किए गए थे। सिर पर गहरी चोट लगने से सपन की मौत हो गई। -
मधुबनी। पति के अवैध संबंध का विरोध करने का खामियाजा पत्नी को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा। घटना सकरी थाना क्षेत्र के बिरसायर की है। यहां विवाहिता बेबी ने अपने पति व ससुराल वालों की प्रताडऩा से तंग आकर गले में फंदा लगा अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली है।
मामले का खुलासा करते सकरी थानाध्यक्ष उमेश कुमार पासवान ने बताया कि इस संबंध में दरभंगा जिला के बिशनपुर थाना अंतर्गत पंचोभ के वार्ड चार निवासी मृतका के पिता अनंत के बयान पर सकरी थाना में तीन नामजद आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। प्राथमिकी में बताया गया है कि करीब 11 वर्ष पूर्व उन्होंने अपनी बेटी बेबी की शादी सकरी थाना क्षेत्र के बिरसायर निवासी अखिलेश से करवाई थी। सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा था। शादी के बाद एक लड़का भी हुआ जो अब नौ साल का है। मृतका का पति आरोपी अखिलेश इंदौर में प्राइवेट नौकरी करता है। उन्हीं के साथ वहां उसका बड़ा भाई आरोपी देवेंद्र व उनकी पत्नी आरोपी नम्रता भी रहती है। कुछ माह पूर्व मृतका अपने बच्चे के साथ पति के पास गई थी। तब पता चला कि मृतका के पति का उसकी भाभी के साथ अवैध संबंध है। जिस कारण वह अपनी सारी कमाई उसी के ऊपर खर्च करता था।
सकरी थानाध्यक्ष उमेश कुमार पासवान ने बताया कि मृतका ने इसका विरोध किया तो उसके आरोपी पति, आरोपी जेठ व आरोपी जेठानी उसे वहां प्रताडि़त करते हुए मारने-पीटने लगे। पुलिस ने बताया कि प्रताडऩा से तंग आकर महिला ने सोमवार की शाम गले में फांसी लगा आत्महत्या कर अपनी जीवन लीला ही समाप्त कर ली।
थानाध्यक्ष उमेश कुमार पासवान ने यह भी बताया कि घटना की सूचना जैसे ही मृतका के मायके वालों को मिली, वे लोग बिरसायर पहुंचे और सकरी थाना को सूचित किया। तब तक मृतका के ससुराल वाले शव को छोड़ फरार हो चुके थे। घटनास्थल पर पहुंच पुलिस ने शव को कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम करा स्वजनों को सौंप दिया।
सकरी थानाध्यक्ष उमेश कुमार पासवान ने बताया कि मृतका के पिता के बयान पर उसके आरोपी पति, आरोपी जेठ व आरोपी जेठानी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करते हुए गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी में जुट गई। इधर, घटना के बाद से गांव में सन्नाटा फैला है।-file photo
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अररिया। महलगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत चल्हनिया पंचायत कासिम टोला में आरोपी शमा परवीन ने गांव के ही अपने प्रेमी आरोपी ओबेदुल्ला के साथ मिलकर अपने पति नौशाद आलम की एक जुलाई की शाम हत्या कर दी थी। एसडीपीओ पुष्कर कुमार ने यह जानकारी देते हुए बताया कि मृतक नौशाद आलम की मां साबरा खातून ने महलगांव थाना में बहू और उसके प्रेमी ओबेदुल्ला सहित आधा दर्जन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। महलगांव थानाध्यक्ष गुलाम शाहबाज आलम व पुलिस अधिकारियों ने सूचना के आधार पर शनिवार को छापामारी कर आरोपी पत्नी शमा परवीन उसके प्रेमी आरोपी ओबेदुल्ला को गिरफ्तार कर लिया।
एसडीपीओ पुष्कर कुमार ने रविवार को प्रेस कांफ्रेंस में मीडिया को बताया कि आरोपी ओबेदुल्ला का मृतक नौशाद की पत्नी आरोपी शमा परवीन के साथ अवैध संबंध था। इस कारण नौशाद को रास्ते से हटाने के लिए आरोपी पत्नी और उसके आरोपी प्रेमी ने साजिश रची। फिर एक जुलाई की रात नशे की दवा खिलाकर आरोपी पत्नी ने पहले नौशाद को सुला दी। फिर काल कर आरोपी ओबेदुल्ला को बुलाकर नौशाद की बेरहमी से हत्या कर दी। एसडीपीओ ने बताया कि आनन-फानन में स्थानीय मुखिया सहित अन्य पंचों ने मिलकर नौशाद के शव को स्थानीय कब्रिस्तान में दफना दिया। नौशाद के बच्चों को 55 डिसमिल जमीन देने का फैसला पंचायत में पारित हुआ जिसे आरोपियों ने नहीं दिया। इस कारण मृतक की मां साबरा खातून ने महलगांव थाना में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई थी।
एसपी के निर्देश पर हत्या के 5 दिन बाद कब्रिस्तान से शव को निकालकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। हत्या के बाद से आरोपी शमा परवीन, आरोपी ओबेदुल्ला, आरोपी साकिब, आरोपी संजीदा सहित अन्य आरोपी फरार थे। थानाध्यक्ष गुलाम शाहबाज आलम ने काफी जद्दोजहद के बाद मुख्य आरोपी शमा परवीन और आरोपीओबैदुल्लाह को गिरफ्तार करने में सफल रहे। आवश्यक पूछताछ के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वहीं एसडीपीओ ने बताया कि हत्या जैसे संगीन मामलों में पंचायत कर रफा-दफा करने वालों के खिलाफ भी पुलिस जांच जारी है। - पणजी। गोवा के उद्योग संगठनों ने मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत से राज्य के लिए अक्टूबर से अंतरराष्ट्रीय चार्टर्ड उड़ानों की अनुमति देने का आग्रह किया है। गोवा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (जीसीसीआई) और टैवल एंड टूरिज्म एसोसिएशन ऑफ गोवा (टीटीएजी) ने कहा है कि इस कदम से महामारी की वजह से दबाव झेल रहे राज्य के पर्यटन उद्योग को काफी राहत मिलेगी। उद्योग निकायों ने मुख्यमंत्री से कहा कि रूस, यूक्रेन और कजाखस्तान जैसे देशों से गोवा में अक्टूबर से चार्टर्ड उड़ानों को उतरने की इजाजत दी जानी चाहिए। उस समय ही राज्य में पर्यटन का सीजन शुरू होता है। घरेलू पर्यटक राज्य में कोविड-19 की नेगेटिव रिपोर्ट या पूर्ण टीकाकरण प्रमाणपत्र दिखाकर आ सकते हैं। लेकिन महामारी शुरू होने के बाद से अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को राज्य में आने की अनुमति नहीं है। संगठनों ने मांग की है कि राज्य में अक्ट्रबर से अंतरराष्ट्रीय पर्यटन चार्टर विमानों की अनुमति दी जानी चाहिये ताकि विदेशी परिचालकों को इसके लिये तेयारी करने का समय उपलब्ध हो और पर्यटन के मौसम का भी नुकसान नहीं हो।
- नयी दिल्ली। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने जुलाई से सितंबर के बीच 62 करोड़ कोविड-19 जांच किट के निर्यात का मंगलवार को अनुमान जताया है। आईसीएमआर ने ट्वीट किया, ''आईसीएमआर/डीएचआर (स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग) देश में कोविड-19 जांच किट की मांग पूरी होने के बाद निर्माताओं द्वारा इसका निर्यात किये जाने का समर्थन करते हैं। सितंबर 2021 तक 62 करोड़ आरटी-पीसीआर, वायरल ट्रांसपोर्ट मीडिया (वीटीएम), आरएनए और रेपिड एंटिजेन जांच किटों के निर्यात का अनुमान है।'' आईसीएमआर ने कहा कि कोविड-19 जांच किट की उत्पादन क्षमता में काफी वृद्धि हुई है, जिससे भारत आत्मनिर्भर बना है।
- नयी दिल्ली। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने पेटेंट के लिए आवेदन करने वाले सभी मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों के लिए शुल्क में 80 प्रतिशत कटौती की घोषणा की है। चाहे ये संस्थान देश में हों या विदेश में, उन्हें इस छूट का लाभ मिलेगा। गोयल ने मंगलवार को कहा कि पूर्व में 80 प्रतिशत शुल्क कटौती उन सभी मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों को मिलती थी, जो सरकार के स्वामित्व में है। गोयल ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि यह काफी अनुचित है। ऐसे में नवोन्मेषण सिर्फ सरकारी संस्थानों से ही आता।'' भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के बौद्धिक संपदा पर एक वेबिनार को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा, ‘‘अब 80 प्रतिशत की शुल्क कटौती सभी मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों को मिलेगी। चाहे वे सरकारी संस्थान हों, सरकार से मदद प्राप्त करने वाले संस्थान हों या निजी संस्थान। ये संस्थान चाहे देश में हो या विदेश में, उन्हें यह रियायत मिलेगी।'' उन्होंने कहा कि सभी मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों, विश्वविद्यालयों, स्कूलों और कॉलेजों को 80 प्रतिशत शुल्क कटौती का लाभ मिलेगा। इसका मतलब है कि किसी संस्थान के लिए प्रकाशन या नवीकरण का शुल्क 4,24,500 रुपये से घटकर 85,000 रुपये रह जाएगा। गोयल ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि यह विश्वविद्यालयों के लिये बड़ा प्रोत्साहन होगा और मुझे उम्मीद है कि कई नये विश्वविद्यालय और शिक्षण संस्थान इसमें भाग लेंगे।
- नयी दिल्ली। केन्द्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री जितेन्द्र सिंह ने मंगलवार को जम्मू में कहा कि स्वरोजगार देने वाले कई स्टार्ट अप क्षेत्र सरकारी नौकरी से भी ज्यादा लाभदायक और आकर्षक हैं जरूरत केवल अपनी सोच बदलने की है। एक वक्तव्य में यह जानकरी दी गई है। उन्होंने कहा कि कई युवा मामूली वेतन पर छोटी- मोटी सरकारी नौकरी को प्राथमिकता देते हैं जबकि स्वरोजगार के साथ स्टार्ट अप की पहल करने से शुरुआत से ही इसकी तुलना में कई गुणा प्राप्ति हो सकती है। सिंह वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) के तहत इंडियन इंस्टीट्यूट आफ इंटीग्रेटिव मेडिसिन (आईआईआईएम) में एक दिन के जागरुकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन करने के बाद कृषि स्टार्ट-अप, युवा उद्यमियों और किसानों को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन अरोमा मिशन फेज-दो तहत किया गया।बयान के मुताबिक सिंह को एक युवा उद्यमी ने बताया कि खेती में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर वह शुरुआत से ही तीन लाख रुपये सालाना कमाने लगा है। यह कमाई वह मात्र एक हेक्टेयर की जमीन से कर रहा है। वहीं दो बी टेक इंजीनियरों ने कहा कि इसी प्रकार के एक स्टार्ट अप पहल से उनकी पांच माह के अल्प समय में ही उनकी कमाई दोगुनी हो गई। मंत्री ने इस पर कहा कि यह एक प्रकार से उन भ्रमित युवाओं के लिये एक संदेश है जो कि दिहाड़ी नौकरी के लिये मशक्कत करते रहते हैं जिससे कि उन्हें 6,000 रुपये महीना से अधिक नहीं मिल पाता है जबकि स्टार्ट अप शुरू करने वाले युवा न केवल अपने लिये बल्कि औरों के लिये भी अच्छी कमाई कर रहे हैं।
- नई दिल्ली। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि राष्ट्रीय वाहन कबाड़ (स्क्रैप) नीति से आर्थिक वृद्धि को प्रोत्साहन मिलेगा और देश में रोजगार बढ़ेगा। गडकरी ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि वाहन कबाड़ नीति केंद्र और राज्यों दोनों के लिए फायदे वाली है। इससे उन्हें 40 हजार करोड़ रुपये तक का माल एवं सेवा कर (जीएसटी) मिलेगा। गडकरी ने इस बात का उल्लेख किया कि वाहन क्षेत्र 75 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध कराता है। उन्होंने कहा कि भविष्य में बिजलीचालित यानी इलेक्ट्रिक वाहन पेट्रोल और डीजल वाहनों से सस्ते होंगे। उन्होंने कहा कि वह अगले महीने इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर का शुभारंभ करेंगे।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले सप्ताह राष्ट्रीय वाहन कबाड़ नीति पेश की थी। इस नीति के तहत अपना पुराना वाहन कबाड़ में बदलने के लिए देने वाले लोगों को सरकार की ओर से प्रमाणपत्र दिया जाएगा। जिन लोगों के पास यह प्रमाणपत्र होगा, उनसे नए वाहन की खरीद पर पंजीकरण शुल्क नहीं लिया जाएगा। ऐसे वाहन मालिकों को पथकर पर भी कुछ छूट मिलेगी। गडकरी ने कहा कि इस नीति के तहत आवश्यक समर्थन वाले ढांचे के निर्माण पर ध्यान दिया जाएगा। यह ऑटोमेटेड परीक्षण केंद्रों (एटीएस) तथा पंजीकृत वाहन कबाड़ प्रतिष्ठानों (आरवीएसएफ) के रूप में होगा। मंत्री ने कहा कि एटीएस से रूपरेखा के तहत वाहनों का मैनुअल परीक्षण कम होगा। उन्होंने कहा, पहले चरण में 75 स्टेशन लगाए जाएंगे। बाद में इनकी संख्या बढ़ाकर 450 से 500 की जाएगी।'' अभी 26 एटीएस को मंजूरी मिली है। इनमें से सात पहले से काम कर रहे हैं। गडकरी ने कहा कि आरवीएसएफ से यह सुनिश्चित होगा कि वाहनों को पर्यावरण अनुकूल वातावरण में सुरक्षित तरीके से कबाड़ में बदला जाए। उन्होंने कहा कि अगले चार से पांच साल में देश में 50 से 70 आरवीएसएफ की जरूरत होगी।





















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