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- नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में मंगलवार सुबह भारी बारिश के कारण शहर के मध्य भाग स्थित प्रगति मैदान और दक्षिणी भाग में धौला कुआं सहित कई इलाकों में जलभराव हो गया जिससे यातायात प्रभावित हुआ। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार सफदरजंग वेधशाला में पिछले 24 घंटे के दौरान 100 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। धौला कुआं, मथुरा रोड, मोती बाग, विकास मार्ग, रिंग रोड, रोहतक रोड, संगम विहार, किराड़ी और प्रगति मैदान के पास तथा कई अन्य स्थानों पर जलभराव के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।बारिश के कारण सड़कों पर पानी भरने से यातायात भी प्रभावित रहा। आईटीओ, मोती बाग मेट्रो स्टेशन के नीचे, धौला कुआं अंडरपास, प्रगति मैदान के पास, मथुरा रोड, विकास मार्ग, आईपी फ्लाईओवर के पास रिंग रोड, रोहतक रोड सहित कई स्थानों पर यातायात काफी धीमा रहा। दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में मंगलवार सुबह भारी बारिश के बाद जलभराव के कारण साकेत मेट्रो स्टेशन के प्रवेश और निकास द्वार बंद कर दिए गए। डीएमआरसी ने ट्वीट किया, ''ट्रेनें फिलहाल साकेत मेट्रो स्टेशन पर नहीं रुक रही हैं। जलभराव के कारण प्रवेश/निकास द्वार बंद कर दिए गए हैं। इसके अलावा पूरी येलो लाइन पर सेवाएं सामान्य हैं।'' येलो लाइन उत्तरी दिल्ली में समयपुर बादली को गुरुग्राम के हुडा सिटी सेंटर से जोड़ती है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारी ने बताया कि जलभराव की शिकायतों से प्राथमिकता से निपटा जा रहा है। पीडब्ल्यूडी के एक अधिकारी ने कहा, ''सुबह बारिश तेज थी, इसलिए शहर के कुछ इलाकों में पानी भर गया। हमारे अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और हम स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं।''दिल्ली यातायात पुलिस ने ट्वीट कर लोगों को जलजमाव और उन इलाकों की जानकारी दी जहां इसके कारण यातायात प्रभावित हुआ है। यातायात पुलिस ने कहा, '' जलजमाव के कारण कुतुब मीनार मेट्रो स्टेशन 100 फुटा कैरिजवे की ओर यातायात प्रभावित है। बदरपुर से महरौली की ओर आने वाले यातायात को प्रह्लादपुर पुल के पास जलजमाव के कारण मथुरा रोड की ओर मोड़ दिया गया है।'' यातायात पुलिस ने बताया कि ओखला मंडी के पास, तमिल संगम मार्ग से आरके पुरम की ओर और हयात रीजेंसी से सीएनजी पंप के पास आरके पुरम सेक्टर-12 तक यातायात प्रभावित है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि धौला कुआं के पास भी यातायात प्रभावित है। सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो में पालम इलाके में डीटीसी की एक लोफ्लोर बस में पानी घुसते दिख रहा है और यात्री बस में सीटों पर चढ़ते दिखे। मंगलवार की बारिश से न केवल सड़कें बल्कि रिहायशी और बाजार क्षेत्र भी जलमग्न हो गए । ऐसे स्थानों में डिफेंस कॉलोनी, साउथ एक्सटेंशन- दो, साकेत, वसंत कुंज, सोम विहार, संगम विहार, किराड़ी, लाजपत नगर सेंट्रल मार्केट, सदर बाजार, द्वारका सेक्टर-8, महारानी बाग शामिल हैं। डिफेंस कॉलोनी वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष रंजीत सिंह ने कहा कि न सिर्फ कॉलोनी की सड़कों पर पानी भर गया, बल्कि कई घरों में भी पानी घुस गया।
- शिमला। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में 25 जुलाई को कई बार भूस्खलन होने के चलते दो गांवों में फंसे 60 से अधिक पर्यटकों को मंगलवार शाम निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। राज्य आपदा प्रबंधन निदेशक सुदेश कुमार मोख्ता ने कहा कि पर्यटकों को सांगला-छितकुल मार्ग खोले जाने के बाद बाहर निकाल लिया गया। मोख्ता ने कहा कि लोक निर्माण विभाग और भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण की टीम द्वारा इसे खोलने की मंजूरी मिलने तक सड़क को फिर से बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि भूस्खलन के बाद सांगला-छितकुल मार्ग पर यातायात बंद किये जाने के कारण बस्पा घाटी के अंतिम गांवों छितकुल और रक्षक में साठ से 80 पर्यटक फंस गए थे। मोख्ता ने कहा कि सड़क से भारी पत्थरों को हटाने में जिला प्रशासन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सेब के बागों के मालिक सड़क के नीचे स्थित उनके बागों के पास पत्थर फेंके जाने पर आपत्ति जता रहे हैं। किन्नौर के बस्तेरी के पास रविवार को एक यात्रियों को लेकर जा रहे एक टेंपो पर भारी पत्थर गिरने से नौ पर्यटकों की मौत हो गई थी। सांगला-छितकुल मार्ग पर बस्तेरी के पास बारिश के कारण कई जगह भूस्खलन हुआ, जिसके परिणामस्वरूप एक पुल गिर गया और कुछ वाहनों को नुकसान पहुंचा।
- बेंगलुरु। कर्नाटक भाजपा विधायक दल ने मंगलवार को बसवराज बोम्मई को अपना नया नेता चुन लिया और वह निवर्तमान मुख्यमंत्री बी एस येदियुरपप्पा की जगह लेंगे। पार्टी सूत्रों के मुताबिक उत्तरी कर्नाटक से आने वाले लिंगायत नेता बोम्मई को कार्यवाहक मुख्यमंत्री येदियुरप्पा का भी समर्थन था। बसवराज बोम्मई पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत एस आर बोम्मई के पुत्र हैं। बोम्मई (61) येदियुरप्पा के नेतृत्व वाली सरकार में गृह, कानून, संसदीय एवं विधायी कार्य मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। सोमवार को येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। बैठक के बाद भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षक धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, “वरिष्ठ नेता बी एस येदियुरप्पा ने नए नेता के नाम का प्रस्ताव रखा और गोविंद करजोल, आर अशोक, के एस ईश्वरप्पा, बी श्रीरामुलु, एस टी सोमशेखर, पूर्णिमा श्रीनिवास ने इसका अनुमोदन किया तथा पार्टी के नवनिर्वाचित नेता व नए मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई होंगे।” घोषणा के तुरंत बाद बोम्मई ने येदियुरप्पा से आशीर्वाद मांगा और अन्य पार्टी नेताओं ने उन्हें बधाई दी। नया नेता चुनने के लिये विधायक दल की बैठक शहर के एक होटल में हुई और इस दौरान भाजपा संसदीय बोर्ड की तरफ से नियुक्त केंद्रीय पर्यवेक्षक के तौर पर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान व जी किशन रेड्डी भी मौजूद थे। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और कर्नाटक प्रभारी अरूण सिंह, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नलिन कुमार कतील और राष्ट्रीय महासचिव सी टी रवि समेत कई अन्य नेता भी इस दौरान मौजूद थे। अपनी “बेदाग और गैर-विवादास्पद” छवि के लिये चर्चित बोम्मई को येदियुरप्पा का करीबी माना जाता है।
- मुंबई। शिक्षा के क्षेत्र पर कोरोना वायरस महामारी के प्रभाव के बीच भारत समेत दुनिया के विभिन्न देशों में 63 फीसद शिक्षण संस्थान परीक्षाएं आयोजित करने के लिए दोहरी व्यवस्था अपनाने के पक्ष में हैं। मर्सेर मेट्टल की ‘ स्टेट ऑफ ऑनलाइन एक्जामिनेशंस रिपोर्ट, 2021' के अनुसार पिछले 15 महीनों में इस महामारी ने शिक्षा क्षेत्र पर असर डाला है और परीक्षाएं डिजिटल माहौल की ओर बढ़ी हैं, लेकिन सर्वेक्षण से गुजरे 63 फीसद शिक्षण संस्थानों ने कहा कि वे दोहरी व्यवस्था के अनुसार परीक्षाएं आयोजित करेंगे यानी परीक्षाएं ऑफलाइन एवं ऑनलाइन दोनों का सम्मिश्रण होंगी। इस सर्वेक्षण में 150 से अधिक शिक्षण संस्थानों के डीन, विभागाध्यक्षों, प्रोफेसरों एवं निर्णय प्रक्रिया से जुड़े अन्य प्रभावशाली व्यक्तियों समेत 650 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। रिपोर्ट के अनुसार, ये आंकड़े डिजिटल मूल्यांकन उपकरणों की व्यापक एवं त्वरित स्वीकार्यता को दर्शाते हैं और परीक्षा के लिए प्रौद्योगिकी को अपनाने के वास्ते शिक्षा क्षेत्र के तैयार रहने के तत्व को सामने लाते हैं। सर्वेक्षण के मुताबिक दस में छह ने ऑनलाइन परीक्षा में नकल को अपनी प्राथमिक चिंता बताया, जो दर्शाता है कि ईमानदारी एवं निष्पक्ष माहौल में परीक्षाएं कराना ही अकादमिक जगत के लिए अन्य बातों से पहले आता है। अध्ययन के अनुसार यह खुलासा सेवा प्रदाताओं के लिए सीधा संदेश है कि वे अपने मंचों की डिजिटल प्रारूप में नकल रोधी कुशलता बढ़ाएं। विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों के पास डिजिटल मंचों के संदर्भ में मांगों की फेहरिस्त है। दस में सात लोगों ने नकल मुक्त डिजिटल परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन परीक्षा सेवा प्रदाताओं से बेहतर प्रणाली की उम्मीद की। करीब 62 फीसद का कहना था कि बहुविकल्पीय प्रश्न में डायग्राम एवं अन्य बातों को शामिल किया जाए। मर्सेर मेट्टल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सिद्धार्थ गुप्ता ने कहा कि शिक्षा एवं परीक्षा पद्धतियां महामारी के 15 महीनों में बहुत बड़े बदलाव से गुजरी हैं।
- बीकानेर ।बीकानेर जिले के पांचू पुलिस थाना क्षेत्र में मंगलवार को एक युवक-युवती के शव पेड़ से लटके पाये गये। थानाधिकारी विकास बिश्नोई ने बताया कि सारुंडा गांव के पास रोही में दुपट्टे से एक युवक युवती के पेड़ से लटके होने की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों को राजकीय चिकित्सालय ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान पुखराज नायक व लीला नायक के रूप में की गई है। दोनों की उम्र लगभग 23 वर्ष है। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया कि दोनों के बीच प्रेमप्रसंग चल रहा था । दोनों सोमवार से घर से गायब थे। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिये गये। पुलिस ने इस मामले की प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
- नयी दिल्ली । घरेलू सोशल मीडिया मंच कू ने मंगलवार को अपनी प्रतिद्वंद्वी टि्वटर के ब्लू बैज की तर्ज पर पीला यानी येलो टिक (निशान) पेश किया है। सत्यापित प्रयोगकर्ताओं के लिए पेश इस पीले टिक को कू ने ‘एमिनेंस' का नाम दिया है। कू ने मंगलवार को कहा कि येलो टिक कला, खेल, कारोबार जगत या राजनीतिक क्षेत्र की प्रमुख हस्तियों की पहचान को बताता है। कू के प्रयोगकर्ताओं की संख्या करीब 60 लाख है।बयान में कहा गया है कि ‘एमिनेंस' कू की पारदर्शिता की विचारधारा के अनुरूप जानी-मानी हस्तियों को आगे बढ़ाता है। सोशल मीडिया मंच ने कहा कि एमिनेंस के लिए आवेदनों का आकलन आंतरिक शोध, तीसरे पक्ष के संसाधनों तथा भारतीय परिप्रेक्ष्य में किया जाता है। कू ने कहा कि यह सुनिश्चित किया गया है कि एमिनेंस का दुरुपयोग न हो और न ही यह इच्छा के अनूरूप किसी को प्रदान किया जाए। इस बारे में संपर्क करने पार कू के सह-संस्थापक मयंक बिदावतका ने कहा कि मंच पर करीब 2,500 खातों को पीला टिक प्रदान किया गया है।
- नयी दिल्ली । पृथ्वी विज्ञान मंत्री जितेंद्र सिंह ने मंगलवार को कहा कि अगले पांच वर्षों में, भारत में मानवयुक्त पनडुब्बी का एक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम होगा जिसके तहत तीन वैज्ञानिकों को समुद्र में 6,000 मीटर की गहराई तक ले जाया जा सकता है। यहां पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के 15वें स्थापना दिवस समारोह में सिंह ने कहा कि जून में मंत्रिमंडल द्वारा मंजूर किये गये ‘डीप ओशन मिशन' (गहरे समुद्र अभियान) सामाजिक रूप से लाभकारी गतिविधियों के लिए गहरे समुद्र के संसाधनों की खोज और उपयोग का और भी विस्तार करेगा। चार हजार करोड़ रुपये से अधिक के इस मिशन का उद्देश्य भारत को महासागर प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भर बनाना, इस क्षेत्र में अधिक रोजगार सृजित करना और इस क्षेत्र में काम करने वाले संस्थानों की क्षमता निर्माण को बढ़ाना है। सिंह ने कहा, ‘‘आने वाले पांच वर्षों में, हम तीन वैज्ञानिकों को समुद्र में 6,000 मीटर की गहराई तक ले जाने के लिए मानवयुक्त पनडुब्बी सहित बहुत महत्वाकांक्षी कार्यक्रम की योजना बना रहे हैं।'' इस परियोजना को पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा क्रियान्वित किया जाएगा। सिंह ने यह भी सुझाव दिया कि जब गगनयान - अंतरिक्ष में भारत का पहला मानवयुक्त मिशन - उड़ान भरे तो उस समय पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (एमओईएस) को इस मिशन को शुरू करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों मिशन एक साथ भारतीयों को अंतरिक्ष और गहरे समुद्र में ले जाएंगे। महत्वाकांक्षी ‘गगनयान मिशन' का लक्ष्य तीन भारतीयों को अंतरिक्ष में ले जाना है।
- कोच्चि। केरल के आतंकरोधी दस्ते (एटीएस) और एर्नाकुलम ग्रामीण पुलिस ने मंगलवार को एक संयुक्त अभियान में इलांजी गांव में नकली नोट छापने और उन्हें चलाने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि पांच लोगों को हिरासत में लिया गया। पुलिस के अनुसार इस गिरोह के सदस्य माने जा रहे दो और लोगों की तलाश को लेकर जांच जारी है। पुलिस ने बताया कि 500-500 रुपये के 1,510 नकली नोट जब्त किए गए, जिनकी कीमत 7.5 लाख रुपये से ज्यादा है। वहीं छापेमारी के दौरान नकली नोट बनाने में इस्तेमाल होने वाली मशीन, कागज और स्याही समेत अन्य सामग्रियां जब्त की गई। कूथाट्टूकुलम पुलिस सीमा क्षेत्र के इलांजी गाँव में एक मकान पर एटीएस और पुलिस ने छापेमारी की। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने संबंधित घर को किराये पर लिया था और यहां कथित तौर पर नकली नोट छापने का काम चल रहा था और इसे कथित तौर पर एक कार्यक्रम प्रबंधन कंपनी चलाने के लिए उन्होंने लिया था। पुलिस के अनुसार हिरासत में लिए गए आरोपी राज्य के अलग-अलग हिस्सों के निवासी हैं। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है।
- मुंबई। महाराष्ट्र के चिपलुन कस्बे में पिछले सप्ताह भारी बारिश के बीच एक राज्य परिवहन बस डिपो के प्रबंधक बेहद साहस दिखाते हुए डूबी बस के छत पर करीब नौ घंटे तक बैठे रहे ताकि दैनिक राजस्व की जमा की गई नौ लाख रुपये की राशि बारिश के पानी में बर्बाद न हो जाए। डिपो प्रबंधक रंजीत राजे-शिर्के के इस कदम की उनके सहकर्मी और अन्य लोग प्रशंसा कर रहे हैं।पिछले गुरुवार को कोंकण क्षेत्र के रत्नागिरी जिले के चिपलुन कस्बे में भारी बारिश से बाढ़ आ गई थी। महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) डिपो में जलस्तर बढ़ने लगा था और इसके परिसर में खड़ी बसें डूबने लगी थीं। ख़तरनाक मौसम के बीच साहस दिखाते हुए राजे-शिर्के डूबी हुई एक बस के छत पर चढ़ गए और नकदी को क्षति से बचाने के लिए करीब नौ घंटे तक वहां बैठे रहे। बाद में पुलिस ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। इस घटना को याद करते हुए राजे-शिर्के ने मंगलवार को बताया कि भारी बारिश के बाद कार्यालय में जलस्तर को बढ़ता देख डिपो के वॉचमैन ने उन्हें तड़के साढ़े तीन बजे कॉल किया। अधिकारी ने बताया, ‘‘ जब मैं वहां करीब तीन बजकर 45 मिनट पर पहुंचा तो कार्यालय में गर्दन भर पानी भर चुका था। मैंने फिर भी अंदर जाने का निर्णय लिया और वहां जमा दैनिक राजस्व की नौ लाख रुपये की राशि को निकाल लिया।'' वह डिपो से बाहर नहीं निकल सके क्योंकि चारों तरफ भयानक बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई थी। अधिकारी ने बताया, ‘‘नकदी को क्षति पहुंचाने से बचाने के लिए इसे मैंने प्लास्टिक के थैले में रख लिया। इसके बाद मैं और मेरे एक सहकर्मी करीब छह बजे डूबी हुई एक बस की छत पर चढ़ गए।'' उन्होंने बताया कि पांच अन्य कर्मी भी अन्य बसों की छतों पर चढ़े हुए थे। पानी के दबाव की वजह से बसें हिल रही थीं और गिरने का डर था, लेकिन वे सभी धैर्य के साथ बस पर बैठे रहे। प्रबंधक ने बताया, ‘‘ हम लोग भारी बारिश के बीच बस पर बैठे रहे और फिर अपराह्न तीन बजे पुलिस की एक टीम ने हमें वहां से निकाला।''
- नयी दिल्ली।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि आजादी की 75वीं वर्षगांठ के मौके पर मनाया जाने वाला ‘‘अमृत महोत्सव'' केवल एक सरकारी कार्यक्रम बनकर नहीं रहना चाहिए बल्कि इसे जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने के लिए ‘‘जन सहभागिता'' सुनिश्चित करनी होगी। सूत्रों के अनुसार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) संसदीय दल की बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने पार्टी सांसदों से अपील की कि वे प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में दो-दो कार्यकर्ताओं की टोली तैयार करें जो 75 गांवों का दौरा करे और वहां 75 दिन बिताए तथा जनता के बीच डिजिटल साक्षरता को लेकर जागरूकता अभियान चलाए। बैठक के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बताया कि बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘आजादी का अमृत महोत्सव केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं है। यह जन आंदोलन के रूप में होना चाहिए...जन भागीदारी के साथ हमें आगे बढ़ना है।'' मेघवाल के मुताबिक प्रधानमंत्री ने सांसदों से उनके संसदीय क्षेत्रों में जोर-शोर से आजादी का ‘‘अमृत महोत्सव'' मनाने को कहा और सुझाव दिया कि वे हर विधानसभा क्षेत्र में दो-दो कार्यकर्ताओं की टोली तैयार करें जो 75 गांवों का दौरा करे और वहां 75 दिन रूके। केंद्रीय मंत्री के अनुसार मोदी ने कहा, ‘‘यह टोली जनता के बीच जाकर डिजिटल साक्षरता के बारे जागरूकता फैलाए। यह बहुत महत्वपूर्ण है। सांसद इस कार्यक्रम का प्रतिनिधित्व करें।'' प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर सांसदों को उनके क्षेत्रों में स्थानीय खेलों की प्रतियोगिता कराने, स्वचछता संबंधी कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने सहित कार्यक्रमों के आयोजन का सुझाव दिया। मेघवाल के मुताबिक प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की आजादी के लिए कई लोगों ने अपनी कुर्बानी दी लेकिन ‘‘हमें जनता को समझाना है कि क्या हम देश के लिए जी सकते हैं। यही भावना लेकर जनता के बीच बढ़ना है''।
- नयी दिल्ली। कांग्रेस ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय एकता पुरस्कार के लिए प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व वाली ‘इंदिरा गांधी एकता पुरस्कार सलाहकार समिति' ने 32वें इंदिरा गांधी पुरस्कार के लिए प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। इस पुरस्कार की शुरुआत 1985 में की गई थी। यह पुरस्कार इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि 31 अक्तूबर को दिया जाता है। यह पुरस्कार राष्ट्रीय एकीकरण में योगदान देने के लिए किसी व्यक्ति या संस्था को दिया जाता है जिसमें प्रशस्ति-पत्र के अलावा दस लाख रूपये की नगद राशि भी प्रदान की जाती है। अब तक स्वामी रंगनाथनंदा, अरुणा आसफ अली, पी.एन. हक्सर, एम.एस. सुब्बालक्ष्मी, श्री राजीव गांधी (मरणोपरांत), सरदार बेअंत सिंह (मरणोपरांत) तथा नटवर ठक्कर (संयुक्त रूप से), डॉ॰ ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, शंकर दयाल शर्मा (मरणोपरांत), प्रो॰ सतीश धवन और कई अन्य हस्तियों को यह पुरस्कार प्रदान किया गया है।
- नयी दिल्ली। गुजरात में हड़प्पा काल के शहर धोलावीरा को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया है। संयुक्त राष्ट्र के संगठन ने मंगलवार को यह जानकारी दी। तेलंगाना के वारंगल में पालमपेट स्थित रामप्पा मंदिर के बाद इस महीने विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया भारत का यह दूसरा स्थल है। संयुक्त राष्ट्र शैक्षणिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) ने ट्वीट किया, ‘‘धोलावीरा : भारत में, हड़प्पाकालीन शहर को विश्व धरोहर सूची में अभी-अभी शामिल किया गया। बधाई हो!'' यूनेस्को की विश्व धरोहर समिति के 44 वें सत्र के दौरान धोलावीरा और रामप्पा मंदिर को इस सूची में शामिल किया गया। गुजरात में अब चार विश्व धरोहर स्थल हो गये हैं--धोलावीरा, पावागढ़ के निकट चंपानेर, पाटन में रानी की वाव और ऐतिहासिक शहर अहमदाबाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर कहा कि वह इस खबर से बहुत खुश हैं। उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि धोलावीरा एक महत्वपूर्ण शहरी केंद्र था और यह हमारे अतीत के साथ एक सर्वाधिक महत्वपूर्ण संपर्क है। मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘वहां अवश्य जाना चाहिए, विशेष रूप से इतिहास, संस्कृति और पुरातत्व में रूचि रखने वालों को।'' उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपने विद्यार्थी जीवन में पहली बार धोलावीरा गया था और उस स्थल को देख कर मंत्रमुग्ध रह गया। गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर मुझे धोलावीरा में धरोहर स्थल संरक्षण और पुन:स्थापन कार्य से जुड़े पहलुओं पर काम करने का अवसर मिला था। हमारी टीम ने वहां पर्यटन हितैषी बुनियादी ढांचा तैयार करने के लिए भी काम किया था।विश्व धरोहर समिति के इस सत्र की अध्यक्षता चीन में फुझोऊ से की जा रही है और यह ऑनलाइन किया जा रहा है। यह 16 जुलाई को शुरू हुआ था और 31 जुलाई को संपन्न होगा। मौजूदा सत्र में मौजूदा कार्यों और पिछले साल के लंबित रह गये मुद्दों पर काम किया जा रहा। पिछले साल कोविड-19 के कारण वार्षिक सत्र का आयोजन टाल दिया गया था। उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने भी धोलावीरा को विश्व धरोहर स्थल की सूची में शामिल किये जाने पर अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘यह जानकर खुशी हुई है कि हड़प्पा सभ्यता के प्रमुख स्थलों में शामिल धोलावीरा को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया है। यह गर्व की बात है कि अब इस सूची में हमारे 40 स्थल हैं।'' संस्कृति मंत्री जी किशन रेड्डी ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘मुझे भारतवासियों से यह साझा करते हुए अपार हर्ष हो रहा है कि अब धोलावीरा के रूप में यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची भारत का 40 वां स्थल शामिल हो गया है। '' उन्होंने कहा कि आज भारत के लिए, विशेष रूप से गुजरात के लिए गर्व का दिन है। मंत्री ने कहा, ‘‘2014 से विश्व धरोहर सूची में भारत के 10 नये स्थान शामिल किये गये हैं, जो हमारे ऐसे स्थलों का एक चौथाई हिस्सा है...।'' गुजरात के मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि इसके साथ ही अब यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में गुजरात के चार स्थल शामिल हो गये हैं, जिनमें पावागढ़ के निकट चंपानेर 2004 में, पाटन में रानी की वाव 2014 में और ऐतिहासिक शहर अहमदाबाद को 2017 में शामिल किया गया था। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने ट्वीट किया, ‘‘यह अपार गर्व का विषय है कि यूनेस्को ने कच्छ में स्थित हड़प्पा काल के शहर धोलावीरा को विश्व धरोहर स्थल का दर्जा दिया है...। '' संस्कृति मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि धोलावीरा, हड़प्पा सभ्यता (शुरुआती, परिपक्व और इसके बाद के हड़प्पा दौर) से संबंधित एक आद्य-ऐतिहासिक कांस्य युगीन शहरी बस्ती का उत्कृष्ट उदाहरण है। वहां ईसा पूर्व तीसरी और दूसरी सहस्राब्दि के दौरान एक बहु-सांस्कृतिक एवं वर्गीकृत समाज होने के अनेक प्रमाण या साक्ष्य मिलते हैं। बयान में कहा गया है कि हड़प्पा सभ्यता के प्रारंभिक हड़प्पा चरण के दौरान वहां 3,000 ईसा पूर्व के शुरुआती साक्ष्य मिले हैं। यह शहर लगभग 1,500 वर्षों तक खूब फला-फूला, जिससे वहां काफी लंबे समय तक लोगों के निरंतर निवास करने के संकेत मिलते हैं।
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मैनपुरी। उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में अवैध संबंधों के चलते एक आरोपी पति ने अपनी पत्नी की गला घोटकर हत्या कर दी। आरोपी पति महिला के शव को चादर मे बांधकर बाइक पर रखकर नहर में फेंकने जा रहा था। इसी समय शव बाइक से नीचे गिर गया। कुछ लोगों के आने की आहट सुनकर हत्यारा शव छोड़कर भाग गया। आरोपी और मृतक महिला 3 साल से पति-पत्नी के रूप में रह रहे थे। यह खुलासा पुलिस ने किया है। घटना के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेजा है।
सीओ अभय नारायण ने बताया कि घटना थाना एलाऊ इलाके के औंग गांव की है। यहां का रहने वाला आरोपी दीपू और फर्रुखाबाद की रहने वाली प्रियंका पिछले 3 साल से पति-पत्नी के रूप में रह रहे थे। बताया जा रहा है कि दोनों ने प्रेम विवाह किया था। प्रेम विवाह कुछ दिन सही चला, उसके बाद रोजाना घर में क्लेश होने लगा। आए दिन लोगों को घर में लड़ाई की आवाजें सुनाई देती थीं, जिसके चलते पत्नी अपने आरोपी पति को छोड़कर अपने घर चली गई।
सीओ अभय नारायण ने बताया कि बीती 23 जुलाई को थाना एलाऊ क्षेत्र के सलेमपुर पडीना गांव के निकट चादर में बंधी मिली लाश की खबर मिलते ही गांव मे सनसनी फैल गई। मृतका के शव की शिनाख्त कराई गई तो पता चला कि शव प्रियंका नाम की महिला का है जो पास के गांव की रहने वाली है। प्रियंका की लाश चादर मे बंधी पड़ी मिली थी। उसकी गाला घोंटकर मारा गया था। पुलिस ने घटना की जब गहराई से पड़ताल शुरू की तो प्रियंका मर्डर की परतें खुलती चली गईं।
सीओ अभय नारायण ने बताया कि दरअसल आरोपी दीपू गुप्ता को शक था कि प्रियंका का किसी दूसरे लड़के से अवैध संबंध है। इस बात को लेकर दोनों में अक्सर झगड़ा होता था। प्रियंका गुस्सा होकर आरोपी दीपू को छोड़कर चली भी गई थी लेकिन आरोपी दीपू उसे पुन: बुला लाया था। अवैध संबंधों के चलते आरोपी दीपू ने प्रियंका की उसकी साड़ी से गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद दीपू शव को चादर मे बांधकर बाइक पर रखकर नहर में डालने जा रहा था। उसी समय थाना एलाऊ के सलेमपुर पडीना गांव के निकट शव बाइक से नीचे गिर गया। कुछ लोगों के आने की आहट सुनकर दीपू डर के मारे वहां से भाग कर फरार हो गया।
सीओ अभय नारायण ने बताया कि सुबह चादर मे बंधे पड़े शव की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। शव की शिनाख्त करके पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच की, जिसमें मामले की परतें खुलती चली गईं। पत्नी की हत्या के आरोपी पति दीपू को गिरफ्तार करके जेल भेजा है। -
पलक्कड़ (केरल) । पलक्कड़ में एक सहकारी समिति बैंक से करीब तीन करोड़ रुपये मूल्य के सोने और नकदी की चोरी हुई है। पुलिस ने यह जानकारी दी। मारुथारोड कोऑपरेटिव रूरल क्रेडिट सोसाइटी बैंक के कर्मचारियों ने सोमवार सुबह करीब साढ़े सात किलो सोना और 18,000 रुपये नकद गायब पाया। पुलिस ने बताया कि लुटेरों ने बैंक में घुसने के लिए हाइड्रोलिक कटर का इस्तेमाल किया था और बैंक के स्ट्रॉन्ग रूम में घुस गए। लुटेरे अपने साथ बैंक में सीसीटीवी का हार्ड डिस्क भी अपने साथ ले गए। पुलिस ने बताया कि वह आस पास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रही है ताकि बदमाशों का कोई सुराग मिल सके। उन्होंने बताया कि बैंक शुक्रवार शाम को बंद हुआ था और सोमवार सुबह खुला। कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर समूचे राज्य में शनिवार और रविवार को पूर्ण लॉकडाउन था। -
नयी दिल्ली। सीबीआई ने उत्तर प्रदेश के अमेठी में नवोदय विद्यालय के 11वीं कक्षा के एक छात्र की तीन साल पहले हुई रहस्यमय हालात में मौत की जांच सोमवार को अपने हाथ में ले ली। यह जानकारी अधिकारियों ने दी। छात्र अभय प्रताप सिंह का शव रेल की पटरी के पास मिला था। केंद्रीय जांच एजेंसी ने 14 जनवरी, 2018 को सिंह के पिता अजय कुमार सिंह की शिकायत पर अमेठी पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी को फिर से दर्ज किया है। छात्र अमेठी के गौरीगंज स्थित नवोदय विद्यालय के छात्रावास में रहता था। अजय कुमार सिंह ने आरोप लगाया था कि कुछ अज्ञात उनके बेटे को स्कूल से ले गए थे और उसकी हत्या कर दी थी। अजय कुमार सिंह ने कहा था कि उन लोगों ने उसके शव को रेल पटरी के पास फेंक दिया। -
धार । मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने के आरोप में धार जिले में एक शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है। राज्य में स्कूल नहीं खुलने से नाराज होकर इस शिक्षक ने मुख्यमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किया था। यह घटना 20 जुलाई को धार जिला मुख्यालय से करीब 130 किलोमीटर दूर कुक्षी कस्बे में शिक्षकों की समीक्षा बैठक के दौरान हुई थी और इसका हाल ही में एक मिनट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। धार के जिलाधिकारी आलोक कुमार सिंह ने सोमवार को पत्रकारों को बताया कि रविवार को मामले की जानकारी मिलने के बाद शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा, ‘‘सभी शिक्षकों को मध्य प्रदेश सेवा आचरण नियमों का पालन करना चाहिए। उन्होंने बताया कि घटना के बारे में पता करने के बाद मैंने आदिवासी विभाग से आरोपी शिक्षक गोविंद सिंह अलावा को निलंबित करने को कहा। उसके खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की गई है।
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अहमदाबाद। गुजरात के कच्छ जिले में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के गश्ती दल ने सेना के छह जवानों को एक नाले में डूबने से बचा लिया। बीएसएफ के एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। बीएसएफ की ओर से जारी किए गए एक वक्तव्य के मुताबिक, यह हादसा रविवार को उस समय हुआ जब खराब मौसम और समुद्री परिस्थितियों के कारण भारत-पाकिस्तान सीमा के पास कोरी नाले में, नियमित प्रशिक्षण के दौरान सेना के जवानों की नाव पलट गई। बीएसएफ के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘ इस घटना की जानकारी मिलते ही बीएसएफ का आठ सदस्यीय गश्ती दल स्पीड बोट के जरिए तुरंत मौके पर पहुंचा और छह सैन्यकर्मियों को डूबने से बचा लिया गया। इसके बाद सेना के जवानों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गयी।'' बीएसएफ के गुजरात फ्रंटियर के महानिरीक्षक जी एस मलिक ने बीएसएफ के प्रयासों की सराहना की और बचाव अभियान में शामिल गश्ती दल के कमांडर निरीक्षक संदीप के लिए दो हजार रुपये और बचाव दल के शेष सात सदस्यों के लिए एक-एक हजार रुपये के नकद इनाम की घोषणा की।
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नयी दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय ने सोमवार को परास्नातक पाठ्यक्रम में 20 हजार सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया की शुरुआत कर दी और 15 मिनट के अंदर 4500 से अधिक अभ्यर्थियों ने इसके नामांकन वेबसाइट को देखा। यह जानकारी विश्वविद्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी। एमफिल और पीएचडी के लिए पंजीकरण प्रक्रिया की शुरुआत सोमवार को हुई।
पाठ्यक्रमों के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि 21 अगस्त है। नामांकन समिति के अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने कहा, ‘‘15 मिनट के अंदर नामांकन पोर्टल को 4500 से अधिक लोगों ने देखा। कुछ मिनट के अंदर 500 से अधिक सवाल पूछे गए।'' स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया भी शुरू हुई जिसके लिए दिल्ली विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (डीयूईटी) का आयोजन किया जाएगा। सभी परास्नातक पाठ्यक्रमों, चुनिंदा स्नातक पाठ्यक्रमों और एमफिल तथा पीएचडी के लिए डीयूईटी-2021 का आयोजन राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) आयोजित करेगी जिसके लिए जल्द ही तारीख की घोषणा की जाएगी। -
चेन्नई । तमिलनाडु सरकार कोरोना वायरस संक्रमण की संभावित तीसरी लहर को देखते हुये इसका सामना करने के लिये चिकित्सा पेशेवरों को प्रशिक्षित करने और सबसे अधिक संवेदनशील लोगों का टीकाकरण करने की योजना बना रही है। प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव डॉ जे राधाकृष्णन ने सोमवार को इसकी जानकारी दी। स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि स्थानीय संक्रमण की नजदीक से निगरानी की जा रही है और पूरा प्रयास किया जायेगा कि महामारी पर रोक लग सके । राधाकृष्णन ने बताया, ‘‘संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिये चिकित्सकों एवं नर्सों को प्रशिक्षित किया जायेगा और पूरे प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में सभी बाल विभागों के बुनियादी ढांचे को और बेहतर किया जा चुका है।'' महामारी की तीसरी लहर में बच्चों के अधिक प्रभावित होने की आशंका है ।उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि किसी भी तरह के नये संक्रमण को टाला जाये । पूरे प्रदेश में करीब 80 हजार बिस्तर बढाने का जिक्र करते हुये उन्होंने कहा, ‘‘हमें मानसिक रूप से इसका सामना करने के लिये तैयार रहना होगा । ऑक्सीजन आपूर्ति एवं बिस्तरों को बेहतर बनाने के लिये उचित कदम उठाये गये हैं । उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन सिलेंडर एवं सांद्रक पहले से तैयार है । उन्होंने कहा कि लेकिन जो परेशान करने वाले कारक हैं, वह कुछ लोगों का व्यवहार है ।उन्होने कहा कि महामारी की रोकथाम उसकी निगरानी एवं कार्यान्वयन के सरकार के बेहतर प्रयास के बाजवूद लोगों के बीच मौजूद, लापरवाही करने वाला एक शख्स संक्रमितों की संख्या में तेजी ला सकता है। उन्होने लोगों से कोविड के अनुरूप व्यवहार करने की अपील की । उन्होंने कहा कि कुछ लोग अब भी न तो मास्क पहन रहे हैं और न ही सामाजिक दूरी के नियमों का पालन कर रहे हैं जो चिंता का विषय है । उन्होंने चेताया कि इससे कोरोना वायरस की रोकथाम के सभी प्रयास प्रभावित होंगे । रविवर को प्रदेश में 1808 नये मामले सामने आये जिसके बाद संक्रमितों की संख्य 25,48,497 हो गयी है । प्रदेश में 23,364 मरीज उपचाराधीन हैं ।
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हैदराबाद। तेलंगाना के मुलुगु जिले में रामप्पा मंदिर के नाम से प्रसिद्ध ऐतिहासिक रुद्रेश्वर मंदिर को यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर कर दर्जा प्रदान किये जाने से विभिन्न वर्गों- राजनीतिक नेताओं, धरोहर कार्यकर्ताओं और आम लोगों को अपार खुशी मिली है। उनको उम्मीद है कि स्मारक को अब अंतरराष्ट्रीय ख्याति मिलेगी। राज्य की महिला एवं बाल कल्याण मंत्री सत्यवती राठौड़, विधायक डी अनसूया उर्फ सीताक्का, अन्य नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने मंदिर का दौरा किया और विश्व धरोहर का दर्जा मिलने पर हर्षोल्लास से सोमवार को पूजा की। मंदिर परिसर का दौरा करने वाली राठौड़ ने कहा कि वह मंदिर के विकास की सभी संभावनाओं की ओर मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव का ध्यान दिलाएंगी। उन्होंने कहा कि हैदराबाद से लगभग 200 किलोमीटर दूर इस मंदिर में यूनेस्को से मान्यता मिलने के बाद अद्भुत विकास होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार 800 साल पुराने काकतीय युग के मंदिर परिसर को और विकसित करेगी व मंदिर में आने वालों को सभी सुविधाएं मुहैया कराएगी। मुलुगु के जिला कलेक्टर एस कृष्णा आदित्य ने बताया कि यूनेस्को का दर्जा जिले और तेलंगाना की पहचान है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और मंदिर अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करेगा। कलेक्टर ने कहा कि मंदिर में सोमवार सुबह (यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर दर्जा प्रदान करने के एक दिन बाद) पर्यटकों के आगमन में अचानक वृद्धि देखी गई है। उन्होंने कहा कि मुख्य मंदिर का जीर्णोद्धार कर दिया गया है, लेकिन इसके अलावा अन्य संरचनाएं हैं जिन पर ध्यान देने की जरूरत है। जाहिर है, एएसआई अब अपने बुनियादी ढांचे (बहाली, पुनर्गठन) में सुधार पर ध्यान केंद्रित करेगा। कलेक्टर ने कहा कि हाल में मंदिर परिसर में बुनियादी ढांचे में सुधार किया गया है और राज्य सरकार मंदिर पर और धन खर्च करने को तैयार है। काकतीय धरोहर न्यास (केएचटी) के संस्थापक-न्यासी व पूर्व आईएएस अधिकारी बीवी पापा राव ने इस मामले को आगे बढ़ाया था और वह पेरिस में 2019 में यूनेस्को के अधिकारियों के साथ एक बैठक में भी शामिल हुए थे। राव ने कहा कि यह उनके लिए एक दशक की लंबी यात्रा थी जो संयुक्त राष्ट्र निकाय द्वारा रविवार को रामप्पा मंदिर को विश्व धरोहर स्थल घोषित किये जाने के साथ समाप्त हुई। उन्होंने याद किया कि (अविभाजित आंध्र प्रदेश) की तत्कालीन संस्कृति मंत्री जे गीता रेड्डी ने समन्वयक के रूप में केएचटी के साथ 2010 में एक समिति का गठन किया था। राव ने कहा (2014 में) तेलंगाना के गठन के साथ केएचटी के प्रयासों को गति मिली और ट्रस्ट ने 2016 में नामांकन अभियान शुरू किया। राव ने तेलंगाना सरकार के सलाहकार के रूप में कार्य किया है। उन्होंने कहा कि साल 2019 में जब मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव ने जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ इस मुद्दे पर बात की तो रामप्पा मंदिर के लिये भारत की ओर से यूनेस्को के लिये नामित किया सका। मंदिर को विश्व मंच पर पहचान मिलना तेलंगाना के निवासियों के लिए गर्व की बात है। वारंगल के निवासी डी के रेड्डी ने कहा, ''वारंगल के मूल निवासी के रूप में, मुझे गर्व महसूस हो रहा है।'' रामप्पा मंदिर वारंगल से लगभग 60 किमी दूर है।
मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव के अलावा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व सांसद ए रेवंत रेड्डी और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष तथा लोकसभा सदस्य बंदी संजय कुमार ने मंदिर की यूनेस्को से मान्यता मिलने की सराहना की। केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने रविवार को कहा कि यूनेस्को ने तेलंगाना के मुलुगु जिले के पालमपेट में ऐतिहासिक रुद्रेश्वर मंदिर को विश्व विरासत स्थल का दर्जा प्रदान किया है, जिसे रामप्पा मंदिर भी कहा जाता है। रुद्रेश्वर मंदिर का निर्माण 1213 ईस्वी में काकतीय साम्राज्य के शासनकाल के दौरान काकतीय राजा गणपति देव के एक सेनापति रेचारला रुद्र द्वारा किया गया था। मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। 40 साल तक मंदिर में काम करने वाले मूर्तिकार के नाम पर इसे रामप्पा मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। - भोपाल। कोविड-19 महामारी के चलते कई महीनों तक स्कूल बंद रहने के बाद मध्य प्रदेश में 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए सोमवार से स्कूल फिर से खोले गये लेकिन बहुत ही कम छात्र-छात्राएं विद्यालय में उपस्थित रहे। स्कूल खुलने के पहले दिन कोरोना वायरस संक्रमण के डर से बहुत कम छात्र ही स्कूल आये। हालांकि, मध्य प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से कोरोना वायरस के 15 से कम मामले आ रहे हैं। केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबद्ध कई निजी स्कूलों ने विभिन्न कारण बताते हुए स्कूल नहीं खोले, जबकि मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल के स्कूल खुले। मध्य प्रदेश में 47,000 से अधिक निजी स्कूल हैं। मध्य प्रदेश प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष अजीत सिंह ने बताया कि कुछ स्कूलों में एक भी छात्र नहीं आया। किसी स्कूल में एक छात्र आया, जबकि किसी में पांच से 10 विद्यार्थी ही आये। मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेश में 26 जुलाई से स्कूलों की 11वीं और 12वीं कक्षाओं को 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ फिर से खोलने के लिए शुक्रवार को मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की। इसके अलावा, कक्षा नौवीं एवं 10वीं के विद्यार्थियों के लिए स्कूलों में कक्षाएं पांच अगस्त से शुरु होंगी इसके साथ ही ऑनलाइन कक्षाएं भी जारी रहेंगी।
- नयी दिल्ली। कोविड-19 की स्थिति में सुधार के मद्देनजर सोमवार से दिल्ली मेट्रो ने पूर्ण क्षमता के साथ परिचालन शुरू कर दिया यानी अब सभी सीटों पर बैठकर लोग यात्रा कर सकते हैं, लेकिन खड़े होकर यात्रा करने पर अब भी पाबंदी है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने बताया कि लॉकडाउन के बाद सात जून को बहाल की गई मेट्रो ट्रेन सेवा 50 प्रतिशत क्षमता के साथ चल रही थी। इस बीच, डीएमआरसी ने सोमवार रात को एक बयान जारी कर बताया कि रात आठ बजे तक करीब 17.5 लाख लोग यात्री मेट्रो में सफर कर चुके थे। यात्रा या किसी मार्ग पर क्षमता की गणना यात्रियों द्वारा अपने गंतव्यों पर पहुंचने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले मार्गों के आधार पर की जाती है।डीएमआरसी ने कहा, ‘‘सोमवार को औसतन यात्रियों की संख्या, सात जून को सेवा 50 प्रतिशत क्षमता के साथ बहाल करने के बाद 25 जुलाई तक 16 लाख थी।'' बयान में कहा गया कि मेट्रो रेल में नौ उड़न दस्तों को कोविड-19 नियमों का अनुपालन कराने के लिए तैनात किया गया था और रात आठ बजे तक 432 यात्रियों को ट्रेनों से उतारा गया जबकि 159 यात्रियों पर जुर्माना लगाया गया। यात्रियों की संख्या बढ़ने के मद्देनजर 16 मेट्रो स्टेशन पर 16 अतिरिक्त द्वार भी खोल दिए गए हैं, ताकि यात्रियों की आवाजाही को सुलभ बनाया जा सके। डीएमआरसी ने कहा कि जिन स्टेशनों पर अतिरिक्त द्वार खोले गए हैं, उनमें जनकपुरी पश्चिम, करोल बाग, वैशाली, कश्मीरी गेट, केन्द्रीय सचिवालय और एमजी रोड शामिल हैं। दिल्ली में अप्रैल और मई महीने में कोरोना वायरस की दूसरी लहर के दौरान संक्रमण के मामलों और मौत की संख्या में वृद्धि देखी गई थी। हालांकि, पिछले कुछ हफ्तों में स्थिति में सुधार आया है, जिसके बाद सरकार चरणबद्ध तरीके से शहर को दोबारा खोल रही है। नवीनतम अनलॉक दिशानिर्देश के तहत दिल्ली मेट्रो का परिचालन सोमवार से शत प्रतिशत सीट क्षमता के साथ करने की घोषणा की गई है, लेकिन यात्रियों को खड़े होकर सफर करने की अनुमति नहीं दी गयी है। ट्विटर पर एक प्रयोक्ता द्वारा साझा किए गए वीडियो में दिखा कि कोच के भीतर कई यात्री खड़े होकर सफर कर रहे थे। इसके अलावा, राजीव चौक, केंद्रीय सचिवालय, कश्मीरी गेट जैसे स्टेशनों पर अब भी भीड़ लग रही है लेकिन डीएमआरसी के अधिकारियों ने कहा कि कोविड-19 के नियमों का पालन करते हुए भीड़ घटाने के प्रयास किए जा रहे हैं। डीएमआरसी ने एक बयान में कहा, ‘‘कुछ ट्वीट, फोटो और वीडियो में दिखा है कि लोग ट्रेन के भीतर खड़े होकर यात्रा कर रहे थे, लेकिन आज से संशोधित दिशा-निर्देशों के मुताबिक खड़े होकर यात्रा करने की अनुमति नहीं है।''डीएमआरसी ने लोगों से आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की अपील की है। डीएमआरसी के तहत 10 लाइन में 242 स्टेशन हैं और गुड़गांव में रैपिड मेट्रो सहित कुल 264 स्टेशन हैं।
- नयी दिल्ली। बायोकॉन की अनुषंगी बायोकॉन बायोलॉजिक्स को अमेरिका की एडाजियो थेरप्यूटिक्स से कोविड-19 के इलाज और बचाव के लिए भारत और चुनिंदा बाजारों में प्रतिरोधक उपचार (एंटीबॉडी थेरपी) के लिए लाइसेंस मिल गया है। बायोकॉन बायोलॉजिक्स ने सोमवार को यह जानकारी दी। कंपनी ने बयान में कहा, ‘‘एडाजियो थेरप्यूटिक्स ने उसे भारत और चुनिंदा उभरते बाजारों में एडीजी 20 पर आधारित प्रतिरोधक उपचार के विनिर्माण और वाणिज्यिकरण के लिए विशिष्ट लाइसेंस दिया है।'' बायोकॉन बायोलॉजिक्स ने कहा कि शुरुआती आंकड़ों से पता चलता है कि एडीजी 20 कोविड-19 से तेज और टिकाऊ संरक्षण प्रदान करता है।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि देश में अब तक दी गई कोविड-19 टीके की कुल खुराकों की संख्या 44 करोड़ को पार कर गई है। मंत्रालय ने कहा कि एक अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धि में, महाराष्ट्र सोमवार को एक करोड़ से अधिक लोगों को कोविड-19 टीका की दोनों खुराक देने वाला पहला राज्य बन गया। मंत्रालय ने कहा कि शाम सात बजे की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को टीके की 57,48,692 खुराक दी गई।मंत्रालय ने कहा कि 18-44 वर्ष आयु वर्ग में सोमवार को 7,20,900 टीके पहली खुराक के रूप में और 3,49,496 टीके दूसरी खुराक के रूप में लगाए गए। टीकाकरण अभियान के तीसरे चरण की शुरुआत के बाद से देश भर में 18-44 वर्ष आयु वर्ग के कुल 14,19,55,995 लोगों को उनकी पहली खुराक और 65,72,678 लोगों को दूसरी खुराक मिल चुकी है। गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश ने 18-44 वर्ष आयु वर्ग में कोविड-19 टीके की एक करोड़ से अधिक खुराक दी है। मंत्रालय ने कहा कि आंध्र प्रदेश, असम, छत्तीसगढ़, दिल्ली, हरियाणा, झारखंड, केरल, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा, पंजाब, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल ने 18-44 वर्ष आयु वर्ग के 10 लाख से अधिक लाभार्थियों को कोविड-19 टीके की पहली खुराक दी है।
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भुवनेश्वर। ओडिशा में तीन महीने से भी अधिक समय के बाद सोमवार को 10वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए स्कूल फिर से खुल गए। राज्य सरकार ने स्कूलों में सख्ती से कोविड-19 संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के कारण 10वीं और 12वीं कक्षा के लिए स्कूलों में आयोजित होने वाली कक्षाओं को स्थगित कर दिया गया था। एक अधिकारी ने बताया कि स्कूलों को फिर से खोलने से पहले कक्षाओं और अन्य स्थानों को सैनीटाइज किया गया। इसके अलावा यह सुनिश्चित किया गया कि शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को कोविड-19 रोधी टीके की दोनों खुराक दी गई हों। स्कूल हालांकि खुल गए हैं, लेकिन विद्यार्थियों के लिए कक्षाओं में आना अनिवार्य नहीं किया गया है। विद्यार्थी अपने अभिभावकों से अनुमति लेने के बाद ही स्कूल आ सकते हैं। सरकार ने उन विद्यार्थियों को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन कक्षाएं जारी रखने को कहा है, जो किसी कारणवश स्कूल नहीं आ सकते। राज्य के शिक्षा विभाग की ओर से जारी की गयी मानक संचालन प्रक्रिया का पालन करते हुए सुबह साढ़े 10 बजे से अपराह्न एक बजकर 30 मिनट तक स्कूलों में कक्षाएं आयोजित की जाएंगी। ओडिशा सरकार नौवीं और 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए स्कूलों को क्रमश: 16 अगस्त तथा 15 सितंबर से फिर से खोलने की योजना बना रही है।






















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