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- ढाका। बांग्लादेश ने गुरूवार को ट्वेंटी20 विश्व कप के लिये टीम का चयन किया जिसमें उसने उन सभी खिलाड़ियों को शामिल किया जिन्होंने आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड पर पहली बार श्रृंखला में जीत हासिल की है। इसमें सिर्फ एक बड़ा खिलाड़ी शामिल नहीं है, वो सलामी बल्लेबाज तमिम इकबाल है जिन्होंने खुद को चयन से बाहर कर दिया था क्योंकि वह मार्च 2020 के बाद से टी20 मैच नहीं खेले थे। उन्होंने कहा था कि मौजूदा सलामी बल्लेबाज लिटन दास, सौम्य सरकार और मोहम्मद नईम को उन पर तरजीह दी जानी चाहिए क्योंकि वे नियमित रूप से खेल रहे हैं और चयनकर्ता भी इस बात पर सहमत थे। मुख्य चयनकर्ता मिन्हाजुल अबेदिन ने कहा, ‘‘तमिम सभी तीनों प्रारूप में हमारे सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक हैं। उनकी जगह जिन खिलाड़ियों को लिया गया है, उनमें विश्व कप में खेलने की काबिलियत है। हमें उन पर भरोसा है। '' बांग्लादेश ने आस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू श्रृंखला में 4-1 से जीत दर्ज की थी। वहीं वह अब न्यूजीलैंड के खिलाफ चल रही पांच मैचों की श्रृंखला में 3-1 से बढ़त बनाये है जिसका अंतिम मैच शुक्रवार को खेला जायेगा। अबेदिन ने कहा कि इन जीत ने बांग्लादेश की टीम को अच्छा करने का भरोसा दिया है और चयनकर्ता इसकी अनदेखी नहीं कर सके। टीम इस प्रकार है : महमूदुल्लाह रियाद (कप्तान), नईम शेख, सौम्य सरकार, लिटन दास, शाकिब अल हसन, मुश्फिकर रहीम, अफीफ हुसैन, नुरूल हसन सोहान, शाक मेहदी हसन, नसूम अहमद, मुस्तफिजुर रहमान, शरीफुल इस्लाम, तास्किन अहमद, मोहम्मद सैफुद्दीन और शमिम पटवारी।
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नयी दिल्ली। भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने बुधवार को पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को टी20 विश्व कप के लिये चुनी गयी भारत की 15 सदस्यीय टीम का मार्गदर्शक (मेंटोर) नियुक्त करके सभी को हैरान कर दिया। धोनी (40 वर्ष) ने पिछले साल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। वह भारत के लिये अंतिम मैच 2019 विश्व कप सेमीफाइनल में खेले थे जिसमें टीम न्यूजीलैंड से हार गयी थी। बीसीसीआई सचिव जय शाह ने संयुक्त अरब अमीरात और ओमान में 17 अक्टूबर से शुरू होने वाले टी20 विश्व कप के लिये टीम की घोषणा करने के लिये प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘‘पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी टी20 विश्व कप के लिये टीम के मेंटोर (मार्गदर्शक) होंगे। '' उन्होंने कहा, ‘‘मैंने उनसे दुबई में बात की थी। उन्होंने केवल विश्व कप टी20 के लिये मेंटोर बनने पर सहमति दी थी और मैंने अपने सभी साथियों से इस संबंध में चर्चा की और सभी इस पर सहमत हैं। मैंने कप्तान (विराट कोहली) और उप कप्तान (रोहित शर्मा) से बात की और सभी सहमत हैं। '' माना जा रहा है कि उन्हें सीमित ओवरों के क्रिकेट के लिये कारगर रणनीति तैयार करने के उनके अनुभव को देखते हुए इस भूमिका के लिये चुना गया है। वह जानते हैं कि आईसीसी (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद) के महत्वपूर्ण टूर्नामेंट में जीत दर्ज करने के लिये किस तरह से योजना बनायी जा सकती है जबकि कोहली अभी तक आईसीसी टूर्नामेंट में टीम को कोई भी ट्राफी नहीं दिला सके हैं। भारतीय क्रिकेट के इतिहास में सबसे सफल कप्तानों में शुमार विकेटकीपर बल्लेबाज धोनी की अगुवाई में भारत ने दो विश्व कप खिताब - दक्षिण अफ्रीका में 2007 टी20 विश्व कप और भारत में 2011 वनडे विश्व कप - जीते हैं। धोनी इस समय अपनी इंडियन प्रीमियर लीग टीम चेन्नई सुपर किंग्स के साथ हैं और संयुक्त अरब अमीरात में 19 सितंबर से बहाल होने वाली टी20 लीग की तैयारियों में जुटे हैं। पिछले साल 15 अगस्त को इंस्टाग्राम पोस्ट पर धोनी के संन्यास की घोषणा ने विश्व क्रिकेट को हैरान कर दिया था और इसके बाद से उन्होंने एक बार भी इसके बारे में बात नहीं की है। धोनी ने भारत के लिये 90 टेस्ट, 350 वनडे और 98 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में क्रमश: 4876, 10773 और 1617 रन बनाये हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद उन्होंने खुद को अपनी निजी प्रतिबद्धताओं तक सीमित रखा है। उनका पूरा ध्यान अपनी आईपीएल की प्रतिबद्धताओं और रांची में अपने घर में आर्गेनिक खेती पर लगा हुआ है।
- नयी दिल्ली। भारत ने चार साल बाद सीमित ओवरों की टीम में वापसी करने वाले अनुभवी रविचंद्रन अश्विन की अगुवाई में टी20 विश्व कप के लिये बुधवार को चुनी गयी 15 सदस्यीय टीम में पांच स्पिनरों को रखा है जिनमें वरुण चक्रवर्ती और अक्षर पटेल भी शामिल हैं। इशान किशन और सूर्यकुमार यादव को भी टीम में लिया गया है। मुंबई के इस 30 वर्षीय बल्लेबाज सूर्यकुमार ने ‘पावर हिटिंग' से अपनी अलग जगह बनायी है जबकि किशन दूसरे विकेटकीपर और तीसरे सलामी बल्लेबाज की भी भूमिका निभाएंगे। ऋषभ पंत टीम के मुख्य विकेटकीपर होंगे। तेईस वर्षीय किशन और 30 वर्षीय चक्रवर्ती को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में उनके शानदार प्रदर्शन का इनाम मिला है। इन दोनों को जब भी भारतीय टीम में शामिल किया तब उन्होंने प्रभावित किया। चौतीस वर्षीय अश्विन ने सीमित ओवरों का अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच नौ जुलाई 2017 को खेला था। यह टी20 अंतरराष्ट्रीय ही था जो उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ किंग्सटन में खेला था। अश्विन ने हालांकि आईपीएल में अपना अच्छा प्रदर्शन जारी रखा था जबकि टेस्ट क्रिकेट में वह भारत के स्पिन आक्रमण की अगुवाई करते रहे। यूएई की पिचें स्पिनरों को मदद मिलती रही है और ऐसे में टीम में पांच विशेषज्ञ स्पिनर चुने गये हैं। टी20 विश्व कप 17 अक्टूबर से 14 नवंबर के बीच यूएई और ओमान में खेला जाएगा। पिछले कुछ वर्षों से सीमित ओवरों के मैचों में मुख्य स्पिनर की भूमिका निभाने वाले लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल को हालांकि टीम में जगह नहीं मिली है। शीर्ष क्रम के बल्लेबाज शिखर धवन और पृथ्वी सॉव को टीम से बाहर कर दिया गया है। धवन की अगुवाई में टीम ने हाल में श्रीलंका का दौरा किया था। चहल पर राहुल चाहर को वरीयता दी गयी है। धवन पर केएल राहुल को वरीयता दी गयी है जो रोहित शर्मा के साथ पारी की शुरुआत करेंगे। किशन तीसरे सलामी बल्लेबाज की भूमिका भी निभाएंगे। चयनसमिति के अध्यक्ष चेतन शर्मा ने टीम के बारे में कहा, ‘‘अश्विन हमारे लिये महत्वपूर्ण खिलाड़ी हैं। उन्होंने आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन किया है और हमें अनुभवी खिलाड़ियों की आवश्यकता है। वाशिंगटन सुंदर के चोटिल होने के कारण हमें एक ऑफ स्पिनर की जरूरत है।'' उन्होंने कहा, ‘‘अश्विन टीम में एकमात्र ऑफ स्पिनर हैं। वरुण रहस्यमयी स्पिनर हैं जो बल्लेबाजों को चौंका सकते हैं।'' शर्मा ने इसके साथ ही कहा कि आलराउंडर हार्दिक पंड्या पूरी तरह से फिट हैं और अपने कोटे के सभी ओवर करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘हमने चहल पर राहुल चाहर को प्राथमिकता दी है क्योंकि हम किसी ऐसे स्पिनर को चाहते थे जो तेज गेंद भी कर सके और पिच से तेजी से हासिल कर सके।'' अक्षर को रविंद्र जडेजा के बैकअप आलराउंडर के रूप में चुना गया है।विराट कोहली की अगुवाई वाली टीम के तेज गेंदबाजी विभाग में जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी और भुवनेश्वर कुमार को रखा गया है जबकि पंड्या टीम में शामिल चौथे तेज गेंदबाज हैं। चोट के कारण पिछले कुछ महीनों से टीम से बाहर चल रहे श्रेयस अय्यर को आलराउंडर शार्दुल ठाकुर और तेज गेंदबाज दीपक चाहर के साथ स्टैंडबाइ रखा गया है। ठाकुर ने इंग्लैंड दौर में अपने अच्छे प्रदर्शन से चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी तरफ खींचा था। भारत टी20 विश्व कप में अपना मैच 24 अक्टूबर को चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ खेलेगा।टी20 विश्व कप के लिये भारतीय टीम:- विराट कोहली (कप्तान), रोहित शर्मा (उप कप्तान), केएल राहुल, सूर्यकुमार यादव, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), हार्दिक पंड्या, रविंद्र जडेजा, राहुल चाहर, रविचंद्रन अश्विन, अक्षर पटेल, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह, भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद शमी। स्टैंडबाइ : श्रेयस अय्यर, शार्दुल ठाकुर और दीपक चाहर।
- भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार ने बुधवार को कहा कि वह तोक्यो पैरालंपिक में बैडमिंटन में स्वर्ण पदक जीतने वाले प्रमोद भगत को छह करोड़ रुपये का नकद पुरस्कार देगी। भगत, ओडिशा के बरगढ़ जिले के रहने वाले हैं और उन्होंने बैडमिंटन में पुरुषों की एकल एसएल-3 श्रेणी की प्रतियोगिता में ब्रिटेन के डेनियल बेथल को हराकर स्वर्ण पदक जीता था। एक आधिकारिक बयान में कहा गया, ''मुख्यमंत्री नवीन पटनायक भुवनेश्वर पहुंचने के बाद भगत को चेक प्रदान करेंगे। वह समूह-ए स्तर की सरकारी नौकरी के भी योग्य होंगे।'' इससे पहले ओडिशा सरकार ने भारतीय पुरुष हॉकी टीम के सदस्य और ओडिशा के खिलाड़ी बीरेंद्र लाकरा और अमित रोहिदास के यहां पहुंचने पर ढाई-ढाई करोड़ रुपये प्रदान किये थे। हॉकी टीम ने कांस्य पदक जीता था।
- दुबई। भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ओवल में इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टेस्ट में अपने मैच जीतने वाले स्पैल के बाद एक पायदान के फायदे से गेंदबाजों की आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में नौंवे स्थान पर पहुंच गये। बुमराह ने अपने रिवर्स स्विंग के शानदार स्पैल से ओली पोप और जॉनी बेयरस्टो को बोल्ड कर मैच भारत के पक्ष में कर दिया था जिससे टीम को पांच मैचों की श्रृंखला में 2-1 से बढ़त बनाने में मदद मिली। श्रृंखला का अंतिम मैच शुक्रवार से मैनचेस्टर में शुरू होगा। बल्लेबाजों में शार्दुल ठाकुर दो अर्धशतकों की सहायता से 59 पायदान की छलांग से 79वें स्थान पर पहुंच गये। ठाकुर मैच में चार विकेट की बदौलत गेंदबाजों की सूची में भी सात पायदान के फायदे से 49वें स्थान पर पहुंचने में सफल रहे। आस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज पैट कमिंस गेंदबाजों की रैंकिंग में शीर्ष पर हैं। भारतीय स्पिनर आर अश्विन दूसरे स्थान पर कायम है जबकि वह इंग्लैंड के खिलाफ अभी तक चारों टेस्ट मैचों का हिस्सा नहीं बने हैं। बल्लेबाजों की रैंकिंग के शीर्ष 10 में कोई बदलाव नहीं हुआ है जिसमें इंग्लैंड के कप्तान जो रूट पहले स्थान पर बरकरार हैं। रोहित शर्मा और विराट कोहली क्रमश: पांचवें और छठे स्थान पर हैं। सलामी बल्लेबाज रोहित ने दूसरी पारी में 127 रन की मैच विजयी पारी खेली थी जिससे अब उनके और कोहली के बीच रेटिंग अंक का अंतर सात से बढ़कर 30 हो गया है। अश्विन आल राउंडर सूची में एक पायदान के नुकसान से पांचवें स्थान पर खिसक गये हैं जबकि रविंद्र जडेजा तीसरे स्थान पर बरकरार हैं। वेस्टइंडीज के जेसन होल्डर आल राउंडर सूची में शीर्ष पर हैं।
- दुबई । स्टार भारतीय गोल्फर जीव मिल्खा सिंह खेल में उनकी शानदार उपलब्धियों के लिए 10 साल का प्रतिष्ठित दुबई गोल्डन वीजा हासिल करने वाले दुनिया के पहले पेशेवर गोल्फर बने। जीव का दुबई से पुराना रिश्ता है। उन्होंने यहां कई टूर्नामेंटों में हिस्सा लिया और उनके शहर में कई मित्र हैं। जीव ने विज्ञप्ति में कहा, ‘‘मैं सम्मानित महसूस कर रहा हूं कि दुबई सरकार ने गोल्डन वीजा के लिए मेरे नाम पर विचार किया और मैं यहां और अधिक विशेष स्मृतियां बनाने के लिए उत्सुक हूं।'' यूरोपीय टूर पर चार, जापान गोल्फ टूर पर चार और एशियाई टूर पर छह खिताब जीतने वाले 49 साल के जीव को एलीट पेशेवर खिलाड़ी होने के लिए 10 साल का ‘गोल्ड कार्ड' दिया गया है। जीव ने कहा, ‘‘यह बहुत बड़ा सम्मान है। मुझे लगता है कि मैं पहली बार 1993 में दुबई आया था और मैंने यहां बिताए हर पल का लुत्फ उठाया।'' यूएई सरकार ने 2019 में गोल्डन वीजा शुरू किया था जिसके लिए निवेशक (न्यूनतम एक करोड़ संयुक्त अरब अमीरात दरहम) और उद्योगपति के अलावा पेशेवर और विज्ञान और खेल जैसे क्षेत्रों के विशेषज्ञ आवेदन कर सकते हैं। इससे पहले जिन खिलाड़ियों को दुबई ने गोल्डन वीजा दिया है उनमें फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो, पॉल पोग्बा, रोबर्टो कार्लोस, लुइस फिगो और रोमेलु लोकाकू, टेनिस सुपर स्टार नोवाक जोकोविच, भारतीय टेनिस स्टार सानिया मिर्जा और उनके पति पाकिस्तानी क्रिकेटर शोएब मलिक शामिल हैं। बॉलीवुड स्टार शाहरूख खान और संजय दत्त को भी यह वीजा मिला है।
- कोलंबो। श्रीलंका ने मंगलवार को यहां तीसरे और अंतिम मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका को 125 रन से हराकर 19 महीने में पहली एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट श्रृंखला जीती। कम स्कोर वाले इस मैच में गेंदबाजों का दबदबा रहा और 80 ओवर में 19 विकेट गिरे। इसमें से 16 विकेट स्पिनरों ने चटकाए जो पुरुष एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में स्पिनरों द्वारा हासिल दूसरे सबसे अधिक विकेट हैं। श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए नौ विकेट पर 203 रन बनाए लेकिन फिर दक्षिण अफ्रीका को 30 ओवर में 125 रन पर ढेर करके 78 रन से जीत दर्ज की। श्रीलंका की ओर से पदार्पण कर रहे आफ स्पिनर महेश थीकसाना ने अपनी पहली ही गेंद पर विकेट चटकाया और कुल 37 रन देकर चार विकेट हासिल किए। लेग स्पिनर वानिंदु हसारंगा ने 38 रन देकर दो जबकि दुष्मंता चमीरा ने 16 रन देकर दो विकेट हासिल किए। चमीरा ने 29 रन भी बनाए और उन्हें मैन आफ द मैच चुना गया। श्रीलंका की ओर से बल्लेबाजी में चरिथ असालंका ने सर्वाधिक 47 रन बनाए। वह लगातार तीसरे अर्धशतक से चूक गए। दक्षिण अफ्रीका ने स्पिनरों ने रिकॉर्ड 40 ओवर फेंके जो पिछले रिकॉर्ड से सात अधिक हैं। कार्यवाहक कप्तान केशव महाराज ने 38 रन देकर तीन विकेट चटकाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरे दक्षिण अफ्रीका की शुरुआत बेहद खराब रही और उसने 19 रन तक ही तीन विकेट गंवा दिए थे।
- दुबई । भारत की युवा स्टार बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने मंगलवार को जारी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की नवीनतम रैंकिंग में महिला टी20 बल्लेबाजों में अपना शीर्ष स्थान बरकरार रखा है जबकि न्यूजीलैंड की सोफी डिवाइन आलराउंडरों की सूची में संयुक्त रूप से शीर्ष पर पहुंच गई हैं। शेफाली 759 रैंकिंग अंक के साथ शीर्ष पर हैं। आस्ट्रेलिया की बेथ मूनी (744) दूसरे जबकि भारतीय टी20 टीम की उप कप्तान स्मृति मंधाना (716) तीसरे स्थान पर हैं। आस्ट्रेलिया की मेग लेनिंग 709 अंक के साथ चौथे जबकि सोफी एक स्थान के फायदे से 689 अंक के साथ पांचवें स्थान पर हैं। सोफी ने होव में इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय में 50 रन बनाने के अलावा 26 रन देकर दो विकेट भी चटकाए। इस प्रदर्शन की बदौलत वह आलराउंडरों की सूची में भी एक स्थान के फायदे से इंग्लैंड की नताली स्किवर के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष पर पहुंच गई हैं। आलराउंडरों की सूची में भारत की दीप्ति शर्मा, आस्ट्रेलिया की एलिस पैरी और वेस्टइंडीज की हेली मैथ्यूज को भी एक-एक स्थान का फायदा हुआ है और ये क्रमश: चौथे, पांचवें और छठे स्थान पर हैं। वेस्टइंडीज की स्टेफनी टेलर तीन स्थान के नुकसान से सातवें स्थान पर खिसक गई हैं। बल्लेबाजी रैंकिंग में दक्षिण अफ्रीका की लिजेल ली तीन स्थान के फायदे से आठवें स्थान पर पहुंच गई है।गेंदबाजी रैंकिंग में आस्ट्रेलिया की मेगान शुट दो स्थान चढ़कर दूसरे स्थान पर हैं। आस्ट्रेलिया की ही जेस योनासेन भी एक स्थान के फायदे के साथ चौथे स्थान पर पहुंच गई हैं। भारत की दीप्ति शर्मा भी छठे स्थान पर पहुंच गई हैं जबकि पूनम यादव आठवें स्थान पर बरकरार हैं।दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला में संयुक्त रूप से सर्वाधिक विकेट चटकाने वाली हेली मैथ्यूज सात स्थान की छलांग के साथ गेंदबाजों की रैंकिंग में शीर्ष 15 में पहुंच गई हैं।
- लंदन। उमेश यादव और जसप्रीत बुमराह की अगुआई में गेंदबाजों के उम्दा प्रदर्शन से भारत ने चौथे क्रिकेट टेस्ट के पांचवें और अंतिम दिन सोमवार को यहां इंग्लैंड को 157 रन से हराकर पांच मैचों की श्रृंखला में 2-1 की अजेय बढ़त बनाई। उमेश यादव (60 रन पर तीन विकेट), बुमराह (27 रन पर दो विकेट), शार्दुल ठाकुर (22 रन पर दो विकेट) और रविंद्र जडेजा (50 रन पर दो विकेट) की धारदार गेंदबाजी के सामने इंग्लैंड की टीम ‘द ओवल' पर 368 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 92.2 ओवर में 210 रन पर ढेर हो गई। इंग्लैंड को सलामी बल्लेबाजों हसीब हमीद (62) और रोरी बर्न्स (50) ने पहले विकेट के लिए 100 रन जोड़कर अच्छी शुरुआत दिलाई लेकिन इस जोड़ी के टूटने के बाद भारतीय गेंदबाजों का दबदबा देखने को मिला। इन दोनों के अलावा बेहतरीन फॉर्म में चल रहे कप्तान जो रूट (36) ही 20 रन के आंकड़े को पार कर पाए। भारत ने इस तरह पहली पारी में 191 रन पर सिमटने के बाद जोरदार वापसी की। इंग्लैंड ने पहली पारी में 290 रन बनाकर 99 रन की बढ़त हासिल की थी। भारत ने इसके बाद दूसरी पारी में 466 रन का स्कोर खड़ा किया था। नॉटिंघम में पहला टेस्ट ड्रॉ रहने के बाद भारत ने लार्ड्स में दूसरा टेस्ट जीता था जबकि इंग्लैंड ने हैडिंग्ले में तीसरा टेस्ट जीतकर श्रृंखला में बराबरी हासिल की थी। पांचवां और अंतिम टेस्ट मैनचेस्टर में 10 सितंबर से खेला जाएगा। इंग्लैंड ने सुबह के सत्र में 27 ओवर में दो विकेट गंवाकर 54 रन बनाए जबकि दूसरे सत्र में 25.1 ओवर में 62 रन पर छह विकेट चटकाकर भारत ने जीत लगभग सुनिश्चित की। जडेजा ने दूसरे सत्र में भारत को शानदार शुरुआत दिलाई जब उन्होंने सत्र के तीसरे ओवर में ही हमीद को बोल्ड कर दिया। हमीद ने लेग स्टंप पर पिच हुई गेंद को खेलने का अधिक प्रयास नहीं किया जिसने टर्न लेते हुए उनका आफ स्टंप उखाड़ दिया। हमीद ने 193 गेंद की अपनी पारी में छह चौके जड़े। बुमराह इसके बाद तेजी से अंदर आती गेंद पर ओली पोप (02) को बोल्ड करके टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज 100 विकेट पूरे करने वाले भारतीय तेज गेंदबाज बने। बुमराह ने अपने 24वें टेस्ट में यह उपलब्धि हासिल करते हुए पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव को पीछे छोड़ा जिन्होंने 25 टेस्ट में यह आंकड़ा छुआ था। बुमराह ने अपने अगले ओवर में जॉनी बेयारस्टो (00) भी यॉर्कर पर बोल्ड किया।अगले ओवर में जडेजा ने मोईन अली (00) को स्थानापन्न खिलाड़ी सूर्यकुमार यादव के हाथों शॉर्ट लेग पर कैच कराके इंग्लैंड का स्कोर दो विकेट पर 141 रन से छह विकेट पर 147 रन किया। रूट और क्रिस वोक्स ने इसके बाद 12 से अधिक ओवर तक भारतीय गेंदबाजों को सफलता हासिल नहीं करने दी। कोहली ने 80 ओवर के बाद नई गेंद नहीं लेने का फैसला किया और पुरानी गेंद ठाकुर को थमा दी। स्पैल में वापसी कर रहे ठाकुर की पहली गेंद को ही रूट विकेट पर खेल गए। रूट ने 78 गेंद में तीन चौकों की मदद से 36 रन बनाए। अजिंक्य रहाणे ने बुमराह की गेंद पर क्रेग ओवरटन का कैच टपकाया लेकिन उमेश ने चाय से पहले अंतिम ओवर के लिए स्पैल में वापसी करते हुए पहली ही गेंद पर वोक्स (18) को शॉर्ट मिडविकेट पर लोकेश राहुल के हाथों कैच करा दिया। अंतिम सत्र में उमेश ने क्रेग ओवरटन (10) को बोल्ड किया। उमेश की गेंद ओवरटन की कोहनी से टकराकर विकेटों में समा गई। उमेश ने इसके बाद जेम्स एंडरसन (02) को पंत के हाथों कैच कराके भारत की जीत सुनिश्चित की। इंग्लैंड ने दिन की शुरुआत बिना विकेट खोए 77 रन से की। उमेश और बुमराह की तेज गेंदबाजी जोड़ी ने भारत के आक्रमण की शुरुआत की। हमीद और बर्न्स ने पहले आधे घंटे में भारतीय गेंदबाजों को सफलता से महरूम रखा। दोनों बल्लेबाजों ने सतर्क होकर बल्लेबाजी की लेकिन खराब गेंद को सबक भी सिखाया। बर्न्स ने उमेश पर दो चौके जड़े। कप्तान विराट कोहली ने इसके बाद गेंद शार्दुल ठाकुर को थमाई और बर्न्स ने उन पर चौका और फिर दो रन के साथ 124 गेंद में अर्धशतक पूरा किया और साथ ही टीम का स्कोर 100 रन तक पहुंचाया। बर्न्स हालांकि ठाकुर की अगली गेंद पर विकेटकीपर ऋषभ पंत को कैच देकर पवेलियन लौट गए। उन्होंने 125 गेंद में पांच चौकों की मदद से 50 रन बनाए। हमीद ने भी रविंद्र जडेजा की गेंद पर तीन रन के साथ 123 गेंद में अर्धशतक पूरा किया।
- इंदौर। तोक्यो में संपन्न ओलम्पिक और पैरालम्पिक खेलों में शानदार प्रदर्शन के लिए भारत के नौजवान खिलाड़ियों की पीठ थपथपाते हुए केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोमवार को भरोसा जताया कि खेलों के क्षेत्र में आने वाले बरसों में भी भारतीय परचम फहराएगा। सिंधिया ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह भारत के लिए बड़े गर्व की बात है कि ओलम्पिक और पैरालम्पिक खेलों में देश के नौजवान खिलाड़ी अपने शानदार प्रदर्शन के बूते विश्व मंच पर तिरंगा फहराने में सफल रहे हैं।'' उन्होंने कहा कि उन्हें भरोसा है कि खेलों के क्षेत्र में न केवल वर्तमान दशक, बल्कि आगामी दशक भी भारत का होगा। मीडिया के साथ संक्षिप्त बातचीत से पहले, सिंधिया ने मध्यप्रदेश क्रिकेट संघ (एमपीसीए) के स्थानीय होलकर स्टेडियम में आयोजित शोक सभा में हिस्सा लिया और एमपीसीए के पिछले दो साल के दौरान दिवंगत आठ सदस्यों को श्रद्धांजलि दी। इन लोगों में भारत में क्रिकेट की शुरुआती महिला कमेंटेटर चंद्रा नायडू शामिल हैं जिन्होंने लम्बी बीमारी के बाद 88 वर्ष की उम्र में इंदौर में चार अप्रैल को आखिरी सांस ली थी। वह देश के पहले टेस्ट कप्तान सीके नायडू की बेटी थीं।
- कोलकाता। इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) की टीम जमशेदपुर एफसी ने सोमवार को यहां मोहन बागान मैदान पर खेले गये डूरंड कप फुटबॉल टूर्नामेंट में आई-लीग टीम सुदेवा एफसी के खिलाफ 1-0 की जीत के साथ अपने अभियान को शुरू किया। जमशेदपुर के लिए उनके अकादमी से निकले लालरौतमाविया ने 34वें मिनट में गोल किया।एफसी बायर्न म्यूनिख अंडर-19 विश्व टीम के खिलाड़ी शुभो पॉल के पास सुदेवा को बराबरी दिलाने का मौका था लेकिन 61वें मिनट में उनके प्रयास पर जमशेदपुर के गोलकीपर विशाल यादव ने शानदार बचाव किया। यादव को क्लीन-शीट (टीम को गोल रहित रखने) और पेनल्टी का शानदार बचाव के लिए मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया। एक अन्य मुकाबले में दूसरे डिवीजन की टीम बेंगलुरु यूनाइटेड ने डूरंड कप के अपने पहले मुकाबले में सीआरपीएफ (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) की टीम को 1-0 से हराया। मैच का इकलौता गोल पेड्रो मैनजी ने दूसरे हाफ में किया।
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कोलकाता। मोहम्मडन स्पोर्टिंग क्लब ने रविवार को यहां भारतीय वायु सेना की रेजिमेंटल टीम को 4-1 से हराकर अपने डूरंड कप अभियान की शानदार शुरुआत की। यहां के साल्ट लेक स्टेडियम में मोहम्मडन स्पोर्टिंग के लिए मिलन सिंह (19वें मिनट) और अरिजीत सिंह (31वें मिनट) ने जबकि अजहरुद्दीन मलिक ने मध्यांतर से ठीक पहले तीसरा गोल किया। सौरव साधु खान ने 47वें मिनट में गोलकर भारतीय वायु सेना का खाता खोला लेकिन मैच के 77वें मिनट में मार्कस जोसेफ ने एक और गोल कर मोहम्मडन स्पोर्टिंग की बढ़त 4-1 कर दी। इससे पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने टूर्नामेंट के 130वें सत्र का उद्घाटन किया। मोहम्मडन स्पोर्टिंग 1940 में डूरंड कप जीतने वाला पहला सिविलियन क्लब बना था।
- न्यूयार्क। सर्बियाई स्टार नोवाक जोकोविच ने शनिवार को यहां अमेरिकी ओपन के तीसरे दौर में केई निशिकोरी को हराकर अगले दौर में प्रवेश किया तो वही महिलाओं में शीर्ष वरीय एश बाटी स्थानीय खिलाड़ी शेल्बी रोजर्स से हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गयी। जोकोविच ने फ्लशिंग मिडोज पर लगातार 14वीं बार खेलते हुए निशिकोरी से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए 6-7 (4), 6-3, 6-3, 6-2 से जीत दर्ज कर करियर ग्रैंड स्लैम के अपने सपने को पूरा करने की ओर मजबूत कदम बढ़ाया। महिलाओं में विश्व रैंकिंग में 43वें स्थान पर काबिज अमेरिका की रोजर्स ने बार्टी को 6-2, 1-6, 7-5 से हराकर उलटफेर किया। जोकोविच वह अमेरिका के 20 साल के वाइल्ड कार्ड से प्रवेश करने वाले जेनसन ब्रूक्सबी और 21वें वरीय अस्लान कारात्सेव के बीच होने वाले मुकाबले के विजेता से भिड़ेंगे। मैच के दौरान वह अपने हाव भाव को व्यक्त करने में झिझके नहीं। वह इस दौरान अपनी छाती थपथपाते हुए और मुट्ठी को ऊपर उठाते हुए दिखे। विश्व रैंकिंग में पहले स्थान पर काबिज इस खिलाड़ी ने कहा, ‘‘मैं कोर्ट पर इस तरह के भावुक क्षणों को दिखाने की योजना नहीं बनाता। भावनायें बस दिख जाती हैं। '' चौंतीस वर्षीय इस खिलाड़ी ने कहा, ‘‘जब आप कड़े मुकाबले में हो और जब आपको लगे कि यह क्षण बहुत महत्वपूर्ण है तो आप इन्हें बाहर निकालना चाहते हो और आप ऐसा कर देते हो। '' इस साल ग्रैंड स्लैम मुकाबलों में जोकोविच की यह 24वीं जीत है। इस साल फरवरी में आस्ट्रेलियाई ओपन, जून में फ्रेंच ओपन और जुलाई में विम्बलडन खिताब जीतने वाले जोकोविच शानदार फार्म में हैं। जोकोविच 1969 के बाद कैलेंडर ग्रैंड स्लैम पूरा करने वाला पहला पुरुष खिलाड़ी बनने की ओर बढ़ रहे हैं। रॉड लीवर ने 1969 में सत्र के सभी चारों ग्रैंड स्लैम जीते थे और स्टेफी ग्राफ 1988 में ऐसा करने वाली महिला खिलाड़ी थीं। कैलेंडर ग्रैंड स्लैम के सपने को पूरा करने के लिये उन्हें अगले हफ्ते चार और मैच जीतने होंगे।सर्बिया का यह खिलाड़ी अगर यहां खिताब जीत लेता है तो यह उनका रिकॉर्ड 21वां पुरुष एकल ग्रैंड स्लैम खिताब होगा। वह अभी 20 ग्रैंड स्लैम खिताब के साथ रोजर फेडरर और राफेल नडाल की बराबरी पर हैं। शनिवार को अगले दौर में पहुंचने वाले खिलाड़ियों में विम्बलडन के उप विजेता माटियो बेरेटिनी और जानिक सिनर शामिल हैं, दोनों इटली के हैं। इस तरह टूर्नामेंट के 140 साल के इतिहास में पहली बार इटली के खिलाड़ी अमेरिकी ओपन के चौथे दौर तक पहुंचे हैं। महिलाओं में बार्टी को उलटफेर का शिकार होना पड़ा जबकि ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाली बेलिंडा बेनसिच, 2019 अमेरिकी ओपन चैम्पियन बियांका आंद्रिस्कू, 2020 फ्रेंच ओपन चैम्पियन इगा स्वियातेक, दो बार मेजर फाइनल में पहुंच चुकी कैरोलिना प्लिस्कोवा और 18 वर्षीय ब्रिटेन की एम्मा राडाकानू भी अपने मुकाबले जीतकर चौथे दौर में पहुंची। विश्व रैंकिंग में पहले स्थान पर काबिज ऑस्ट्रेलिया की बार्टी को हराकर शेल्बी अपनी करियर की सबसे बड़ी जीत दर्ज की। दोनों खिलाड़ियों के बीच यह पांचवां मुकाबला था जिसमें इस अमेरिकी खिलाड़ी ने पहली बार जीत दर्ज की। रोजर्स अगले दौर में गैरवरीय राडाकानू से भिड़ेंगी। राडाकानू ने सारा सोर्रिबेस टोरमो को 6-0, 6-1 से हराया। आंद्रिस्कू ने ग्रीट मिन्नेन पर 6-1, 6-2 से जीत दर्ज कर अमेरिकी ओपन में अपनी जीत-हार का रिकार्ड 10-0 कर लिया। कनाडा की 2019 की यह चैम्पियन पिछले साल चोट के कारण टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले सकी थी।
- नई दिल्ली। अवनि लेखरा को 2012 में एक कार दुर्घटना में घायल होने के कारण व्हील चेयर का सहारा लेना पड़ा ,लेकिन पैरालंपिक खेलों में निशानेबाजी में स्वर्ण सहित दो पदक जीतकर उन्होंने यह साबित कर दिया कि बुलंद हौसले और कभी हार न मानने के जज्बे से कोई भी सफलता हासिल की जा सकती है।अवनि ने तोक्यो पैरालंपिक में 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एचएस1 वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने के बाद 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन एसएच1 स्पर्धा का कांस्य पदक हासिल कर इतिहास रच दिया। वह दो पैरालंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गयीं। वह भारत की उन चुनिंदा खिलाडिय़ों में शामिल हो गयी है जिन्होंने एक से अधिक पैरालंपिक (या ओलंपिक) पदक जीते हैं। कार दुर्घटना में अवनि की रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट लगी थी जिसके बाद उनकी कमर का निचला हिस्सा लकवाग्रस्त हो गया था। अवनि के पिता प्रवीण लेखरा 2015 में जब पहली बार उन्हें जयपुर के जगतपुरा खेल परिसर में निशानेबाजी में हाथ आजमाने के लिए ले गए तो उनका मकसद दुर्घटना के दिव्यांग हुई बेटी की जिंदगी से मायूसी और अवसाद कम करके उसका दिल बहलाना था । अवनि ने भी पिता के जोर देने पर निशानेबाजी करना शुरू किया और मायूसी कम करने के लिये की गयी पहल का परिणाम तोक्यो पैरालंपिक में ऐतिहासिक स्वर्ण और कांस्य पदक के रूप में सामने आया।वह शुरुआत में 'फुल-टाइम' निशानेबाज नहीं बनना चाहती थीं लेकिन अभिनव बिंद्रा (भारत के पहले ओलंपिक व्यक्तिगत स्वर्ण पदक विजेता निशानेबाज) की आत्मकथा 'ए शॉट एट ग्लोरी' पढऩे के बाद वह इतनी प्रेरित हुईं कि उन्होंने अपने पहले ही पैरालंपिक में इतिहास रच दिया। उन्होंने दूसरा पदक जीतने के बाद ने कहा, ''जब मैंने अभिनव बिंद्रा सर की आत्मकथा पढ़ी थी तो मुझे इससे प्रेरणा मिली थी क्योंकि उन्होंने अपना शत प्रतिशत देकर भारत के लिये पहला व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीता था। '' उन्होंने कहा, ''मैं हमेशा उनकी (बिंद्रा की) तरह बनना चाहती थी और हमेशा अपने देश का नाम रोशन करना चाहती थी। '' लेखरा ने कहा, ''मैं खुश हूं कि मैं देश के लिये एक और पदक जीत सकी और मैं अभी तक इस पर विश्वास नहीं कर पा रही। ''कोविड-19 महामारी से उनकी तोक्यो पैरालंपिक की तैयारियों पर असर पड़ा जिसमें उनके लिये जरूरी फिजियोथेरेपी दिनचर्या सबसे ज्यादा प्रभावित हुई लेकिन उन्होंने इन रुकावटों से अपने जज्बे को प्रभावित नहीं होने दिया और पैरालंपिक में तिरंगा ऊंचा फहराने के साथ भारतीय राष्ट्र गान की धुनों को बजाने का मौका बनाकर सब का दिल जीत लिया।
- न्यूयॉर्क ।अनुभवी भारतीय टेनिस खिलाड़ी रोहन बोपन्ना और उनके क्रोएशियाई जोड़ीदार इवान डोडिग ने यहां अमेरिकी (यूएस) ओपन में मोनाको के ह्यूगो नेस और फ्रांस के आर्थर रिंडरनेच की जोड़ी को हराकर पुरुष युगल प्री-क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। भारत-क्रोएशिया के खिलाड़ियों की 14वीं वरीयता प्राप्त जोड़ी ने शनिवार रात एक घंटे 56 मिनट तक चले मुकाबले में अपने गैरवरीय प्रतिद्वंद्वियों पर 6-3, 4-6, 6-4 से जीत दर्ज की। बोपन्ना और डोडिग अपने सभी तीन ब्रेक प्वाइंट को भुनाने मे सफल रहे। उन्होंने इसके साथ ही विरोधी खिलाड़ियों के पांच ब्रेक प्वाइंट में से तीन का बचाव किया। अंतिम 16 मुकाबले में इस जोड़ी का सामना चौथी वरीयता प्राप्त अमेरिका के राजीव राम और ब्रिटेन की जो सैलिसबरी की जोड़ी से होगा। यह जोड़ी इस साल आस्ट्रेलियाई ओपन में उपविजेता रही थी। बोपन्ना टूर्नामेंट में बने रहने वाले एकमात्र भारतीय खिलाड़ी हैं । सानिया मिर्जा और अंकिता रैना अपने-अपने पहले दौर के मैच हारने के बाद महिला युगल से बाहर हो गयी थीं। सानिया मिश्रित युगल में भी पहले दौर की बाधा को पार करने में विफल रही।
- तोक्यो। कृष्णा नागर ने यहां बैडमिंटन में दूसरा स्वर्ण पदक दिलाया जबकि उनसे पहले सुहास यथिराज ने रजत पदक हासिल किया जिससे भारतीय दल के लिये तोक्यो पैरालंपिक में दिन ‘सुपर संडे' साबित हुआ। भारत ने इस तरह पांच स्वर्ण, आठ रजत और छह कांस्य से कुल 19 पदक जीतकर पैरालंपिक में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया जिससे देश पदक तालिका में 24वें स्थान पर रहा। इसमें से निशानेबाजी और बैडमिंटन में दो दो स्वर्ण जबकि एथलेटिक्स में एक स्वर्ण पदक शामिल रहा। भारत ने पिछले रियो चरण में केवल चार पदक जीते थे। भारत ने 1972 में पहली बार पैरालंपिक में हिस्सा लिया था, उसके बाद से पिछले चरण तक भारत की झोली में कुल मिलाकर 12 ही पदक थे। बैडमिंटन खिलाड़ियों ने चार पदक (दो स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य) जीते।तोक्यो पहुंचे 54 पैरा खिलाड़ियों में से 17 ने पदक जीते। खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी उनके प्रदर्शन पर कहा, ‘‘भारतीय पैरा खिलाड़ियों का अभूतपूर्व उदय। एक नये युग की शुरूआत हुई है। '' दूसरे वरीय नागर ने हांगकांग के चू मैन काई को पुरूषों की एकल एसएच6 क्लास के तीन गेम तक चले रोमांचक फाइनल में 21-17 16-21 21-17 शिकस्त दी। जयपुर के 22 साल के नागर बैडमिंटन में स्वर्ण पदक जीतने की सूची में हमवतन प्रमोद भगत के साथ शामिल हो गये जिन्होंने शनिवार को एसएल3 क्लास में बैडमिंटन का पहला स्वर्ण पदक जीता था। सुहास पुरूष एकल एसएल4 क्लास बैडमिंटन स्पर्धा के फाइनल में शीर्ष वरीय फ्रांस के लुकास माजूर से करीबी मुकाबले में हार गये जिससे उन्होंने ऐतिहासिक रजत पदक से अपना अभियान समाप्त किया। गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) के जिलाधिकारी सुहास पैरालंपिक में पदक जीतने वाले पहले आईएएस अधिकारी भी बन गये हैं। गैर वरीय सुहास के एक टखने में विकार है। उन्हें दो बार के विश्व चैम्पियन माजूर से 62 मिनट तक चले फाइनल में 21-15 17-21 15-21 से पराजय का सामना करना पड़ा। भगत और पलक कोहली की मिश्रित युगल जोड़ी को हालांकि कांस्य पदक के प्लेऑफ में जापान के दाइसुके फुजीहारा और अकिको सुगिनो की जोड़ी से 37 मिनट में 21-23 19-21 से हार का सामना करना पड़ा। नागर को छोटे कद का विकार है, वह अपने चचेरे भाई के प्रोत्साहन के बाद बैडमिंटन खेलने लगे। उन्होंने हालांकि चार साल पहले ही खेल को गंभीरता से खेलना शुरू किया और पैरा एशियाई खेलों में कांस्य जीता। उन्होंने 2019 विश्व चैम्पियनशिप में एकल और युगल में क्रमश: कांस्य और रजत पदक जीते। दुनिया के दूसरे नंबर के खिलाड़ी ने ब्राजील में भी रजत पदक जीता था। पिछले साल पेरू में उन्होंने एकल और युगल में दो स्वर्ण पदक हासिल किये थे। उन्होंने इस साल अप्रैल में दुबई पैरा बैडमिंटन चैम्पियनशिप में दो स्वर्ण पदक अपनी झोली में डाले। एसएल4 क्लास में वो बैडमिंटन खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं जिनके पैर में विकार हो और वे खड़े होकर खेलते हैं। एसएल4 के कांस्य पदक के प्लेऑफ में दूसरे वरीय तरुण ढिल्लों को इंडोनेशिया के फ्रेडी सेतियावान से 32 मिनट तक चले मुकाबले में 17-21 11-21 से हार का सामना करना पड़ा। कर्नाटक के सुहास के कोर्ट के भीतर और बाहर कई उपलब्धियां हासिल कर चुके हैं और साथ ही कम्प्यूटर इंजीनियर है और प्रशासनिक अधिकारी भी। वह 2020 से नोएडा के जिलाधिकारी हैं और कोरोना महामारी के खिलाफ जंग में मोर्चे से अगुवाई कर चुके हैं । उन्होंने 2017 में बीडब्ल्यूएफ तुर्की पैरा बैडमिंटन चैम्पियनशिप में पुरुष एकल और युगल स्वर्ण जीता । इसके अलावा 2016 एशिया चैम्पियनशिप में स्वर्ण और 2018 पैरा एशियाई खेलों में कांस्य पदक हासिल किया । वहीं कोई भी भारतीय निशानेबाज मिश्रित 50 मीटर राइफल प्रोन एसएच1 स्पर्धा के फाइनल्स के लिये क्वालीफाई नहीं कर सका जबकि स्टार अवनि लेखरा क्वालीफिकेशन में 28वें स्थान पर रहीं। इससे भारत का निशानेबाजी में ऐतिहासिक अभियान भी समाप्त हो गया जिसमें देश के नाम पांच (दो स्वर्ण, एक रजत और दो कांस्य) पदक रहे। सिद्धार्थ बाबू क्वालीफाई करने के करीब पहुंचे लेकिन वह मामूली 0.2 के अंतर से पिछड़ गये जिससे वह क्वालीफिकेशन दौर में नौंवे स्थान पर रहे। वहीं 10 मीटर राइफल में स्वर्ण और 50 मीटर राइफल थ्री पॉजिशंस में कांस्य पदक जीतकर स्टार बनीं अवनि लेखरा ने 612 अंक का स्कोर बनाया जिससे वह 28वें स्थान पर रहीं। इस 19 साल की निशानेबाज लेखरा ने अपने पदार्पण में खेलों में शानदार प्रदर्शन किया जो निशानेबाजी का पदक और खेलों का स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनी। तीसरे भारतीय निशानेबाज दीपक 602.2 के स्कोर से 46वें स्थान पर रहे।एसएच1 राइफल स्पर्धा में वही एथलीट हिस्सा लेते हैं जिनके पैरों में विकार हो। लेखरा के अलावा 19 साल के मनीष नरवाल ने पुरूषों की 50 मीटर पिसटल एसएच1 स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता है। सिंघराज अडाना ने भी प्रतिस्पर्धा में दो पदक जीते हैं, उन्होंने 50 मीटर पिस्टल एसएच1 स्पर्धा का रजत और 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच1 स्पर्धा का कांस्य पदक जीता। एथलेटिक्स में पैरालंपिक के छठे दिन भारत को भाला फेंक एथलीट सुमित अंतिल ने पुरूषों के एफ64 वर्ग में पांच बार अपना ही रिकार्ड तोड़ते हुए 68.55 मीटर की दूरी से विश्व रिकार्ड से स्वर्ण पदक दिलाया था। ट्रैक एवं फील्ड में देश ने सबसे ज्यादा आठ पदक (एक स्वर्ण, पांच रजत और दो कांस्य) हासिल किये। प्रवीण कुमार ने ऊंची कूद में एशियाई रिकार्ड से रजत पदक हासिल कर देश के सबसे युवा पदकधारी भी बने। अनुभवी देवेंद्र झाझरिया (भाला फेंक) स्वर्ण की हैट्रिक करने से भले ही चूक गये हों, लेकिन इस चरण का रजत पदक उनके लिये सबसे ज्यादा अहमियत रखता है। एक और अनुभवी मरियप्पन थांगवेलु (ऊंची कूद) ने भी रजत पदक जीता। सुंदर सिंह गुर्जर भी झाझरिया के बाद तीसरे स्थान पर रहे। टेबल टेनिस में भाविनाबेन पटेल ने क्लास 4 में रजत पदक दिलाया जिससे देश के पदकों का खाता खुला था। तीरंदाजी में एकमात्र पदक हरविंदर सिंह ने कांस्य पदक के रूप में जीता।=
- नयी दिल्ली। भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल और बी साई प्रणीत डेनमार्क में नौ से 17 अक्टूबर के बीच होने वाले थॉमस और उबर कप में भारत की महिला और पुरुष टीमों की अगुवाई करेंगे। भारतीय बैडमिंटन संघ (बाइ) ने रविवार को सुदीरमन कप के लिये भी 12 सदस्यीय भारतीय टीम घोषित की।थॉमस और उबर कप के लिये साइना के साथ एकल में मालविका बंसौड़, अदिति भट्ट और तनसीम मीर को शामिल किया है। महिलाओं की 10 सदस्यीय टीम में तीन युगल जोड़ियां हैं जिनमें तनिषा क्रैस्टो और रुतुपर्णा पांडा भी शामिल हैं। पुरुषों की 10 सदस्यीय टीम में चार एकल खिलाड़ी और तीन युगल जोड़ियां हैं। एकल में प्रणीत के अलावा किदाम्बी श्रीकांत और ट्रायल्स में शीर्ष पर रहे दो खिलाड़ी किरण जार्ज और समीर वर्मा शामिल हैं। युगल में चिराग शेट्टी और सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी के अलावा ट्रायल्स में शीर्ष पर रही दो अन्य जोड़ियों को चुना गया है। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पी वी सिंधू को टीम में शामिल नहीं किया गया है क्योंकि वह ओलंपिक के बाद कुछ समय के लिये विश्राम लेना चाहती हैं। थॉमस कप में भारतीय टीम को ग्रुप सी में मौजूदा चैंपियन चीन के साथ रखा गया है। ग्रुप की दो अन्य टीमें नीदरलैंड और ताहिती हैं। महिला टीम को उबर कप के लिये थाईलैंड, स्पेन और स्कॉटलैंड के साथ ग्रुप बी में रखा गया है। सुदीरमन कप के लिये 12 सदस्यीय टीम में श्रीकांत, प्रणीत के अलावा युगल में सात्विक और चिराग के साथ ध्रुव कपिला और एमआर अर्जुन की जोड़ी को भी शामिल किया गया है। महिलाओं में तनिषा और रुतुपर्णा के साथ अश्विनी पोनप्पा और एन सिक्की रेड्डी की जोड़ी को टीम में लिया गया है। एकल में बंसौड़ और भट्ट को टीम में जगह मिली है।
- तोक्यो। 24 अगस्त से शुरू हुए पैरालिम्पिक खेल रविवार जापान की राजधानी तोक्यो के ओलंपिक स्टेडियम में रंगारंग कार्यक्रम के साथ सम्पन्न हो गए।पेरिस में होने वाले अगले पैरालिंपिक में नया इतिहास रचने की उम्मीदों के साथ खिलाडिय़ों ने तोक्यो पैरालंपिक को अलविदा कहा। समापन समारोह का आयोजन कोविड प्रोटोकॉल के साथ सादगी से किया गया। समारोह की शुरुआत खेलों की झलकियों के साथ हुई और फिर संगीत और नृत्य की प्रस्तुति हुई। समापन समारोह में संदेश दिया गया कि तोक्यो एक ऐसा शहर है, जहां मतभेद चमकते हैं। समारोह में सबसे पहले कोविड महामारी के दौरान स्वास्थ्य सेवा से जुड़े स्वास्थ्य कर्मियों को सम्मान देने के लिए तैराकी के खिलाडिय़ों और नर्सों ने जापान के ध्वज के साथ स्ट़ेडियम में प्रवेश किया। इस दौरान स्टेडियम वायलन की मधुर ध्वनि से गूंज उठा। साथ ही दृष्टिबाधित बैंड वादकों ने मधुर धुन छेड़ी और पूरा स्टेडियम पूरा स्टेडियम संगीतमय हो गया। समारोह में भारत की ओर से 11 खिलाडिय़ों ने हिस्सा लिया। इन खेलों में 163 देशों के लगभग 4500 खिलाड़ी ने 22 खेलों की 540 स्पर्धाओं में अपनी चुनौती पेश की। बैडमिंटन को पहली बार पैरालिंपिक में शामिल किया गया था। भारत के 7 खिलाडिय़ों ने अलग-अलग वर्गों में भाग लिया और चार पदक अपने नाम किए। प्रमोद भगत और कृष्णा नागर ने स्वर्ण जबकि सुहास यथिराज ने रजत और मनोज सरकार ने कांस्य पदक जीता। इन खेलों में भारत ने पांच स्वर्ण, आठ रजत और छह कांस्य पदक सहित कुल 19 पदक जीते हैं।---
- तोक्यो। मौजूदा विश्व चैम्पियन प्रमोद भगत ने शनिवार को यहां पुरूष एकल एसएल3 वर्ग में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीता जबकि मनोज सरकार ने कांस्य पदक अपने नाम किया जिससे भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर तोक्यो पैरालंपिक खेलों में देश को पदक दिलाना जारी रखा। दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी भगत ने फाइनल में ब्रिटेन के डेनियल बेथेल को हराया जबकि सरकार ने तीसरे स्थान के प्लेऑफ में जापान के दाइसुके फुजीहारा को मात दी। दोनों ही खिलाड़ियों ने सीधे गेम में जीत दर्ज की। एसएल3 वर्ग में उन खिलाड़ियों को हिस्सा लेने की अनुमति होती है जिनके पैर में विकार हो।बैडमिंटन इस साल पैरालंपिक खेलों में पदार्पण कर रहा है। दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी भगत इस तरह खेल में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय बन गये। शीर्ष वरीय भारतीय और एशियाई चैम्पियन भगत ने योयोगी नेशनल स्टेडियम में 45 मिनट तक चले रोमांचक फाइनल में दूसरे वरीय बेथेल को 21-14 21-17 से मात दी। तोक्यो खेलों में भारत को चौथा स्वर्ण पदक दिलाने के बाद भगत ने कहा, ‘‘यह मेरे लिये बहुत विशेष है, मेरा सपना सच हो गया। बेथेल ने बहुत कोशिश की लेकिन मैं संयमित रहा और अपना बेहतर खेल दिखाया। '' उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस पदक को अपने माता-पिता और हर उस व्यक्ति को समर्पित करना चाहूंगा जिसने मेरा समर्थन किया। मैं खुश हूं कि मैं भारत को गौरवान्वित कर सका। '' भगत ने अपने प्रतिद्वद्वी के बारे में कहा, ‘‘मैं दो साल पहले जापान में इन्हीं प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ खेला था और हार गया था। वो मेरे लिये सीखने का मौका था। आज मैं उसी स्टेडियम में हूं और वही माहौल है लेकिन मैंने जीतने की रणनीति निकाली। '' भुवनेश्वर का 33 साल का यह खिलाड़ी अभी मिश्रित युगल एसएल3-एसयू5 वर्ग में कांस्य पदक की दौड़ में बना हुआ है। भगत और उनकी जोड़ीदार पलक कोहली रविवार को कांस्य पदक के प्लेऑफ में जापान के दाईसुके फुजीहारा और अकिको सुगिनो की जोड़ी से भिड़ेंगे। एसएल3-एसयू5 वर्ग में भगत और पलक की जोड़ी को सेमीफाइनल में इंडोनेशिया की हैरी सुसांतो एवं लीएनी रात्रि आकतिला से 3 - 21, 15 - 21 से हार का सामना करा पड़ा। चार वर्ष की उम्र में पोलियो के कारण उनका बायां पैर विकृत हो गया था । उन्होंने विश्व चैम्पियनशिप में चार स्वर्ण समेत 45 अंतरराष्ट्रीय पदक जीते हैं । बीडब्ल्यूएफ विश्व चैम्पियनशिप में पिछले आठ साल में उन्होंने दो स्वर्ण और एक रजत जीते । 2018 पैरा एशियाई खेलों में उन्होंने एक स्वर्ण और एक कांस्य जीता । वर्ष 2019 में उन्हें अर्जुन पुरस्कार और बीजू पटनायक पुरस्कार से नवाजा गया।वहीं 31 वर्षीय सरकार जब एक साल के थे तो पोलियो से ग्रस्त हो गये थे। उन्होंने फुजीहारा के खिलाफ शानदार जज्बा दिखाते हुए 22-20 21-13 से जीत हासिल की। पुरूष एकल की एसएल3 वर्ग के सेमीफाइनल में वह ब्रिटेन के बेथेल से 8-21 10-21 से हार गये थे।लेकिन उन्होंने हार के बाद वापसी करते हुए कांसा अपने नाम किया।सरकार ने पांच साल की उम्र में बैडमिंटन खेलना शुरू किया था लेकिन अपने बड़े भाईयों के खिलाफ जीत के बाद ही वह इस खेल के प्रति जुनूनी हुए जिसके बाद उन्होंने गंभीरता से खेलना शुरू किया। वह सक्षम खिलाड़ियों के खिलाफ अंतर स्कूल प्रतिस्पर्धा में खेले जिसके बाद उन्होंने 2011 में पैरा बैडमिंटन में खेलना शुरू किया। उन्होंने बीजिंग में 2016 एशियाई चैम्पियनशिप के एसएल3 एकल में स्वर्ण पदक जीता था। 2018 में उन्हें अर्जुन पुरस्कार मिला। स्वर्ण पदक के मैच में भगत ने शुरू में बढ़त गंवा दी थी लेकिन जल्द ही वापसी करते हुए वह 8-6 से आगे हो गये। बेथेल अपने प्रतिद्वंद्वी की गलतियों का इंतजार कर रहे थे लेकिन ब्रेक तक भारतीय खिलाड़ी 11-8 से आगे था। फिर भगत ने 15-9 की बढ़त बना ली, हालांकि कुछ अंक भी गंवाये लेकिन छह गेम प्वाइंट जीत लिये। भगत ने आक्रामक रिटर्न से पहला गेम जीत लिया। दूसरे गेम में बेथेल ने 11-4 की बढ़त बना ली थी लेकिन भगत ने शानदार वापसी कर अगले सात में से छह अंक जुटाकर बेथेल की बढ़त कम की। वह 10-12 से पीछे थे लेकिन जल्द ही उन्होंने पासा पलट दिया और 16-15 से आगे हो लिये। विपक्षी खिलाड़ी की गलती से भगत की बढ़त 18-16 की हो गयी और लगातार आक्रामक स्मैश से उन्होंने तीन मैच प्वाइंट जुटाये। बेथेल की एक और गलती के साथ ही भगत ने रैकेट गिराकर अपने कोच गौरव खन्ना को गले लगाया और स्वर्ण का जश्न मनाया। भारत को अभी और पदक मिलने है जिसमें सुहास यथिराज एसएल4 और कृष्णा नागर एसएच6 क्लास के पुरूष एकल फाइनल में पहुंच चुके हैं। तरूण ढिल्लों को सेमीफाइनल में पराजय का सामना करना पड़ा जिससे वह कांस्य पदक की दौड़ में शामिल हैं।एसएल4 क्लास में सुहास ने इंडोनेशिया के फ्रेडी सेतियावान को 31 मिनट में 21 . 9, 21 . 15 से हराया । अब उनका सामना शीर्ष वरीयता प्राप्त फ्रांस के लुकास माजूर से होगा । कर्नाटक के 38 वर्ष के सुहास के टखनों में विकार है । कोर्ट के भीतर और बाहर कई उपलब्धियां हासिल कर चुके सुहास कम्प्यूटर इंजीनियर है और प्रशासनिक अधिकारी भी । वह 2020 से नोएडा के जिला मजिस्ट्रेट हैं और कोरोना महामारी के खिलाफ जंग में मोर्चे से अगुवाई कर चुके हैं । उन्होंने 2017 में बीडब्ल्यूएफ तुर्की पैरा बैडमिंटन चैम्पियनशिप में पुरूष एकल और युगल स्वर्ण जीता । इसके अलावा 2016 एशिया चैम्पियनशिप में स्वर्ण और 2018 पैरा एशियाई खेलों में कांस्य पदक हासिल किया । दूसरी वरीयता प्राप्त नागर ने ब्रिटेन की क्रिस्टीन कूम्ब्स को एसएच6 क्लास सेमीफाइनल में 21 . 10, 21 . 11 से हराया । अब उनका सामना हांगकांग की चु मान केइ से होगा । बाईस वर्ष के नागर ने चार साल पहले ही खेलना शुरू किया । उन्होंने पैरा एशियाई खेलों में रजत और विश्व चैम्पियनशिप 2019 में एकल में कांस्य और युगल में रजत पदक जीता था । दूसरे एसएल4 सेमीफाइनल में माजूर ने दूसरी वरीयता प्राप्त भारतीय खिलाड़ी ढिल्लों को करीबी मुकाबले में 21 . 16, 16 . 21, 21 . 18 से हराया । हिसार के 27 वर्ष के ढिल्लों का सामना कांस्य पदक के लिये सेतियावान से होगा ।
- फ्लमसरबर्ग। भारतीय गोल्फर अमनदीप द्राल ने आखिरी के छह होल में तीन बर्डी लगाकर एक अंडर 71 का कार्ड खेला जिससे वह फ्लमसरबर्ग लेडीज ओपन में संयुक्त रूप से चौथे स्थान पर रही। ‘लेडीज़ यूरोपियन टूर एक्सेस सीरीज (एलईटीएएस)' के तहत खेली गयी प्रतियोगिता में उन्होंने शुरुआती दो दौर में 70 और 69 का कार्ड खेला था जिससे उनका कुल स्कोर छह अंडर 210 का रहा। प्रतियोगिता में भाग ले रही अन्य भारतीयों में वाणी कपूर ने तीसरे और आखिरी दौर में पार 72 का कार्ड खेला और वह दो अंडर 214 के स्कोर के साथ संयुक्त रूप से 16वें स्थान पर रही। एलईटीएएस में पहली बार खेल रही दुर्गा निट्टूर (72) सात ओवर 223 के स्कोर के साथ संयुक्त 54वें जबकि अश्मिता सतीश (77) संयुक्त 58वें स्थान पर रही।
- मांट्रियल। मैक्सिको की महिला मुक्केबाज जीनत जकारियास जापाटा की यहां प्रतियोगिता के दौरान चोटिल होने के पांच दिन बाद मौत हो गई। मुक्केबाजी प्रतियोगिता का आयोजन करने वाली कंपनी ग्रुप यवोन मिशेल ने गुरुवार को कहा कि 18 वर्षीय जापाटा की शनिवार रात आईजीए स्टेडियम में मैरी-पियर होले के साथ एक मुकाबले में लगी चोटों से मृत्यु हो गई।जापाटा को मुकाबले के दौरान कई बार तेज मुक्कों का सामना करना पड़ा, इसके बाद विरोधी खिलाड़ी के अपरकट पंच से उनका माउथगार्ड बाहर निकल गया और फिर चौथे दौर की घंटी बजने के बाद वह अपने कॉर्नर पर नहीं आ सकी। इसके बाद उन्हें रिंग में लिटाया गया और चिकित्सयीय टीम ने उन्हें स्ट्रेचर पर निकालकर एम्बुलेंस में अस्पताल पहुंचाया। प्रतियोगिता संचालन करने वाली कंपनी के अध्यक्ष यवोन मिशेल ने रविवार को बताया था कि जापाटा होश में नहीं है और उसके शरीर और मस्तिष्क को आराम देने के लिए चिकित्सकीय रूप से कोमा में रखा गया है।
- तोक्यो। भारत के प्रवीण कुमार ने शुक्रवार को यहां तोक्यो पैरालंपिक में पुरूषों की ऊंची कूद टी 64 स्पर्धा का रजत पदक जीता जिससे देश ने इन खेलों में 11 पदक अपने नाम कर लिये हैं। अठारह वर्षीय कुमार ने पैरालंपिक में पदार्पण करते हुए 2.07 मीटर की कूद से एशियाई रिकार्ड के साथ दूसरा स्थान हासिल किया।वह ब्रिटेन के जोनाथन ब्रूम एडवड्र्स के पीछे रहे जिन्होंने 2.10 मीटर की कूद से सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। कुमार ने अपने शानदार प्रदर्शन के बाद कहा, मैं बयां नहीं कर सकता कि मैं कैसा महसूस कर रहा हूं। यह कूद शानदार थी। यह मेरे पहले पैरालंपिक खेल हैं और आगे क्या होता देखते हैं। यह कुमार का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी है और 2019 में खेल में आने के बाद पहला बड़ा पदक भी है। नोएडा के निवासी कुमार यहां भारतीय दल के सबसे युवा पदक विजेता भी बन गये हैं। उन्होंने कहा, जब मैंने दो मीटर की कूद लगायी तो मेरा आत्मविश्वास काफी बढ़ गया क्योंकि इससे पहले यह थोड़ी कम थी। लेकिन इसके बाद मैंने दो मीटर से ऊपर की कूद लगायी।
- तोक्यो। निशानेबाज अवनि लेखरा ने शुक्रवार को यहां तोक्यो खेलों की 50 मीटर राइफल थ्री पॉजिशन एसएच1 स्पर्धा का कांस्य पदक हासिल किया जिससे वह दो पैरालंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गयीं। खेलों में पदार्पण करने वाली लेखरा इससे पहले 10 मीटर एयर राइफल स्टैडिंग एसएच1 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनी थीं। यह भारत का निशानेबाजी में भी पहला ही पदक था।उन्नीस साल की लेखरा ने 50 मीटर राइफल थ्री पॉजिशन एसएच1 स्पर्धा में 1176 के स्कोर से दूसरे स्थान पर रहकर फाइनल के लिये क्वालीफाई किया था जिसमें 51 इनर 10 (10 अंक के 51 निशाने) शामिल थे। फाइनल काफी कड़ा मुकाबला रहा जिसमें लेखरा ने कुल 445.9 अंक का स्कोर बनाया और वह यूक्रेन की इरिना श्चेटनिक से आगे रहकर पदक हासिल करने में सफल रहीं। वहीं यूक्रेन की निशानेबाज एलिमिनेशन में खराब शॉट से पदक से चूक गयीं। उन्होंने कहा, यह मुश्किल फाइनल था लेकिन मैं खुश हूं कि कांस्य पदक जीत सकी। मैं इससे भी बेहतर कर सकती थी। फाइनल का आप पर ऐसा ही असर होता है। उन्होंने कहा, अपने पहले पैरालंपिक खेलों में दो पदक जीतने का अनुभव शानदार है। ये दोनों मेरी पसंदीदा स्पर्धायें हैं। मैं इन दोनों के लिये काफी महीनों से कड़ी मेहनत कर रही थी। मैंने अंतिम शॉट में अपना शत प्रतिशत दिया।अवनि ने अपने स्वर्ण पदक के जश्न का जिक्र करते हुए कहा, ऐसी बहुत सारी चीजें हैं जिस पर मुझे काम करना है और मैं निश्चित रूप से अगली बार इससे भी बेहतर करूंगी। काफी ध्यान भटकाने वाली चीजें रहीं लेकिन मैंने अपना शत प्रतिशत दिया।जयपुर की इस निशानेबाज के 2012 में हुई कार दुर्घटना में रीढ़ की हड्डी में चोट लग गयी थी, उन्होंने 10 मीटर एयर राइफल स्टैडिंग एसएच1 स्पर्धा में 249.6 के विश्व रिकार्ड की बराबरी कर पैरालंपिक का नया रिकॉर्ड बनाया था। उनसे पहले जोगिंदर सिंह सोढ़ी खेलों के एक ही चरण में कई पदक जीतने वाले पहले भारतीय थे। उन्होंने 1984 पैरालंपिक में एक रजत और दो कांस्य पदक जीते थे। उनका रजत पदक गोला फेंक में जबकि दो कांस्य पदक चक्का फेंक और भाला फेंक में मिले थे। भाला फेंक एथलीट देवेंद्र झाझरिया ने भी पैरालंपिक में तीन पदक (दो स्वर्ण और एक रजत) जीते हैं लेकिन उनके सभी पदक खेलों के विभिन्न चरण में मिले हैं। शुक्रवार की स्पर्धा का स्वर्ण पदक चीन की झांग कुईपिंग ने 457.9 अंक से खेलों के नये रिकार्ड के साथ हासिल किया जबकि जर्मनी की नताशा हिल्ट्रोप ने 457.1 अंक से रजत पदक हासिल किया।एचएच1 राइफल स्पर्धा में खिलाडिय़ों के पैरों में विकार होता है जिसमें उनका पैर काटना पड़ा हो या फिर नीचे के अंग में पक्षाघात हो गया। कुछ खिलाड़ी बैठकर जबकि कुछ खड़े होकर हिस्सा लेते हैं। लेखरा अब मिश्रित 50 मीटर राइफल प्रोन एसएच1 स्पर्धा में दीपक और सिद्धार्थ बाबू के साथ हिस्सा लेती हुई नजर आयेंगी। पुरूषों की 50 मीटर राइफल थ्री पी स्पर्धा में दीपक फाइनल के लिये क्वालीफाई करने में असफल रहे। वह 1114 के स्कोर से 18वें स्थान पर रहे। लेखरा के कांस्य से भारत के पदकों की संख्या 12 हो गयी है। देश ने अभी तक दो स्वर्ण, छह रजत और चार कांस्य पदक जीते हैं जो अभूतपूर्व और उल्लेखनीय प्रदर्शन है क्योंकि इससे पहले भारत ने पिछले सभी खेलों में मिलाकर 12 पदक जीते थे।
- जेंडवूर्ट (नीदरलैंड)। फिनलैंड के फार्मूला वन ड्राइवर किमी राइकोनेन मौजूदा एफवन सत्र के बाद संन्यास लेंगे। इसके साथ ही ‘आइसमैन' के नाम से मशहूर राइकोनेन के दो दशक लंबे करियर का अंत होगा। वह 2007 में विश्व चैंपियन बने थे। राइकोनेन का अल्फा रोमियो टीम के साथ अनुबंध इस साल खत्म हो रहा है। उन्होंने बुधवार को इंस्टाग्राम पर संन्यास लेने की जानकारी दी। राइकोनेन ने लिखा, ‘‘बस हो गया। यह फार्मूला वन में मेरा आखिरी सत्र होगा। मैंने पिछली सर्दियों में यह फैसला किया था। यह आसान फैसला नहीं था लेकिन इस सत्र के बाद नई चीजों का समय होगा।'
- तोक्यो। भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों सुहास यथिराज, तरूण ढिल्लों और कृष्ण नागर ने गुरुवार को यहां तोक्यो पैरालंपिक की बैडमिंटन स्पर्धा के पुरुष एकल में अपने अभियान की शुरुआत जीत के साथ की। सुहास और तरूण ने एसएल4 वर्ग में क्रमश: जर्मनी के येन निकलास पोट और थाईलैंड के सिरीपोंग तेमारोम के खिलाफ आसान जीत दर्ज की जबकि दूसरे वरीय नागर ने एसएच6 वर्ग में मलेशिया के तारेशॉ दिदिन को हराया। युवा पलक कोहली ने ग्रुप ए में महिला एकल के अपने दूसरे मैच में तुर्की की जेहरा बगलार को शिकस्त दी।पुरुष एकल के ग्रुप ए के एकतरफा मुकाबले में 38 साल के सुहास ने सिर्फ 19 मिनट में पोट को 21-9 21-3 से हराया। ग्रुप बी में 27 साल के तरूण को भी अधिक पसीना नहीं बहाना पड़ा और वह तेमारोम को सिर्फ 23 मिनट में 21-7 21-13 से हराने में सफल रहे। नागर ने ग्रुप बी में कड़े मुकाबले में दिदिन को 33 मिनट में 22-20 21-10 से हराया।अगले मुकाबले में सुहास का सामना शुक्रवार को इंडोनेशिया के हैरी सुसांतो और फिर फ्रांस के शीर्ष वरीय लुकास माजुर से होगा जबकि तरूण को कोरिया के शिन क्युंग ह्वान और इंडोनेशिया के फ्रेडी सेतियावान से भिड़ना है। बाइस साल के नागर शुक्रवार को ब्राजील के विटोर गोंजालवेज तवारेज से भिड़ेंगे।सुहास के एक टखने में समस्या है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले के जिला मजिस्ट्रेट के रूप में कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में अहम भूमिका निभाई है। दूसरी तरफ तरूण को आठ साल की उम्र में फुटबॉल खेलते हुए घुटने में गंभीर चोट लगी थी जिससे उनके घुटने की मूवमेंट प्रभावित हुई। वह अभी दुनिया के दूसरे नंबर के खिलाड़ी और दो बार के पूर्व विश्व चैंपियन हैं। नागर की लंबाई सामान्य से कम है और वह एसएच6 वर्ग में दुनिया के दूसरे नंबर के खिलाड़ी हैं।महिला एकल एसयू5 वर्ग में पलक ने जेहरा को 27 मिनट में 21-12 21-18 से हराया। भारतीय खिलाड़ी को अपने पहले मुकाबले में जापान की अयाको सुजूकी के खिलाफ शिकस्त झेलनी पड़ी थी। इससे पहले सुबह के सत्र में 19 साल की पलक और पारूल परमार की जोड़ी को एसएल3-एसयू5 वर्ग के ग्रुप बी के महिला युगल मुकाबले में चेंग हेफांग और मा हुईहुई की चीन की दूसरी वरीय जोड़ी के खिलाफ 7-21 5-21 से हार का सामना करना पड़ा। भारतीय जोड़ी का सामना शुक्रवार को लेनेग मोरिन और फॉस्टीन नोएल की फ्रांस की जोड़ी से होगा।एसएल3 वर्ग में चुनौती पेश करने वाली 48 साल की पारूल महिला एकल के ग्रुप डी में चीन की चेंग हेफांग को कोई चुनौती नहीं दे पाई और 18 मिनट में 8-21 2-21 से हार गई। उन्हें आज ही जर्मनी की कैटरिन सीबर्ट का सामना करना है। सुहास ने कहा कि वह शुक्रवार को शीर्ष वरीय और खिताब के प्रबल दावेदार माजुर के खिलाफ मुकाबले को लेकर उत्साहित हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम दोनों इस मुकाबले को लेकर उत्साहित हैं। पैरालंपिक से पहले टूर्नामेंटों के हमारे बीच कड़ी टक्कर रही थी और मैंने उसके खिलाफ कुछ मुकाबले गंवाए और कुछ में जीत दर्ज की। यह अच्छी चुनौती होगी।'' सुहास ने कहा, ‘‘उसकी लंबाई के कारण कुछ शॉट ऐसे होते हैं जिसके आप आदी नहीं हैं लेकिन मैंने विशेष तौर पर इसकी ट्रेनिंग की है। मुझे यकीन है कि उसने भी मुझे ध्यान में रखते हुए ट्रेनिंग की होगी।'' उन्होंने कहा, ‘‘मेरे कोच कुर्सी पर बैठ जाते थे। मुझे मूवमेंट करनी होती थी। मेरे कोच पहले एक जगह और फिर दूरी जगह शटल फेंकते थे। वास्तविक मैच अलग होता है लेकिन आप उपलब्ध चीजों के साथ ही सर्वश्रेष्ठ तैयारी कर सकते हो।






















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