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- 0- आठ वर्षों से भरतनाट्यम सीख रहीं प्रांजल को महाराष्ट्र मंडल से मिल रहीं बधाइयांरायपुर। रंगमंदिर में हुए 18वें नटवर गोपीकृष्ण नेशनल अवार्ड्स समारोह में प्रांजल बक्षी ने भरतनाट्यम में शानदार प्रस्तुति दी। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में दो राउंड के बेहतरीन प्रदर्शन पर प्रांजल बक्षी को नटवर गोपीकृष्ण अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। बताते चलें कि प्रांजल बक्षी महाराष्ट्र मंडल के आजीवन सभासद प्रशांत और प्रिया बक्षी की बेटी हैं और डा. जी. रतीश बाबू से भरतनाट्यम सीख रहीं हैं। प्रांजल को उनकी इस उपलब्धि पर महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले सहित पूरी कार्यकारिणी ने बधाई व शुभकामनाएं दी।प्रिया बक्षी ने बताया कि प्रांजल विगत आठ वर्षों से भरतनाट्यम का प्रशिक्षण ले रही हैं। नटवर गोपीकृष्ण अवॉर्ड जीवन में एक बार ही दिया जाता है। शास्त्रीय नृत्य कथक, भरतनाट्यम, कुचीपुडी, मोहिनीअट्टम जैसी विधाओं में सर्वश्रेष्ठ नर्तक को दिया जाता है। दो से 12 अक्टूबर तक 11 दिवसीय यह उत्सव देशभर के संगीत और नृत्य कलाकारों के लिए अनुभव हासिल करने के लिए उपयोगी मंच साबित हुआ। इन 11 दिनों में तीन हजार से अधिक शौकिया कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।प्रांजल ने बताया कि स्पर्धा दो राउंड में हुई। पहला राउंड आठ अक्टूबर को हुआ। इसमें पांच मिनट डांस के बाद थ्योरी प्रश्न पूछे गए। इसी में प्रांजल विजेता रहीं। इसके बाद उन्हें दूसरे राउंड के लिए सलेक्ट किया गया। दूसरे राउंड में उनके साथ 30 प्रतिभागियों ने अपने-अपने नृत्य से अपनी प्रतिभा सिद्ध की। दूसरे राउंड में भी डांस के बाद सवाल- जवाब का दौर चला। सही उत्तर देने के बाद प्रांजल को यह अवार्ड मिला।प्रांजल बक्षी के अनुसार निर्णायकों ने उन्हें त्रिकाल जति का ताल, नृत्य के रस और भाव के बारे में सवाल पूछा था। इस सवाल का उन्होंने उत्साह के साथ सटीक उत्तर दिया। वहीं उनसे जीवात्म और परमात्मा का नृत्य से संबंध, श्रृंगार रस के प्रकार और नायिकाओं के बारे में भी सवाल पूछे गए, जिसका उन्होंने बेझिझक जवाब देकर उन्हें प्रभावित किया।
- 0- नरक चतुर्दशी पर सुगम एवं भक्तिमय संगीत का लुत्फ लेंगे श्रद्धालु सभासदरायपुर। महाराष्ट्र मंडल में सुगम व भक्तिमय संगीत का कार्यक्रम दिवाली पहाट रविवार, 19 अक्टूबर को सुबह छह बजे आयोजित किया गया है। हमेशा की तरह इस बार भी इसमें नए गायकों को अवसर दिया गया है।सांस्कृतिक समिति के समन्वयक प्रेम उपवंशी ने बताया कि पहली बार दिवाली पहाट का नामकरण ‘स्वरदीप’ किया गया है। महाराष्ट्र मंडल के वरिष्ठ सभासद चंद्रशेखर सुरावधनीवार ‘स्वरदीप’ के सूत्रधार हैं और वे इस संगीतमय कार्यक्रम को अपनी मां मनोरमा रघुनाथ सुरावधनीवार की स्मृति में आयोजित कर रहे हैं। संत ज्ञानेश्वर स्कूल के प्रभारी व कार्यक्रम के समन्वयक परितोष डोनगांवकर के अनुसार नचिकेत हरकरे, अंकिता फाटक हरकरे, कल्याणी देसाई और दीक्षा वराडपाण्डे रविवार को सुबह छह बजे सुगम और भक्तिमय गानों पर सुमधुर आवाज का जादू बिखेरेंगे। इसमें उनका हारमोनियम पर चंद्रशेखर सुरावधनीवार अन्य वाद्य यंत्रों पर सत्या मुद्लियार, अशोक कुर्म देंगे। कार्यक्रम का संचालन प्रिया बक्षी करेंगी।वरिष्ठ सभासद अनिल श्रीराम कालेले ने जानकारी दी कि दिवाली 'पहाट' का महत्व धार्मिक और प्रतीकात्मक है, जो 'अंधकार पर प्रकाश की विजय' का प्रतीक है। यह सुबह के समय का एक विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम है, जो दिवाली के दौरान नर्क चतुर्दशी पर आयोजित किया जाता है। मान्यता है कि नर्क चतुर्दशी पर अलसुबह लोग उठते हैं, उबटन लगाकर सूर्योदय से पहले स्नान- ध्यान करते हैं और उसके बाद दिवाली पहाट के माध्यम से एक साथ मिलकर भक्तिमय गीतों- भजनों पर सुगम संगीत का लुत्फ उठाते हैं। यह कार्यक्रम कहीं न कहीं आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व से भी जुड़ा हुआ होता है।
- *अब 17 अक्टूबर शाम पांच बजे तक भरे जा सकेंगे आवेदन*रायपुर/ राज्य के नर्सिंग महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए ऑनलाईन आवनेदन करने की तिथि तीन दिन बढ़ा दी गई है। विद्यार्थी अब 17 अक्टूबर शाम पांच बजे तक नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए ऑनलाईन आवेदन भर सकेंगे। नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए काउंसलिंग समिति के अध्यक्ष ने इस बारे में सूचना भी जारी कर दी है। इस वर्ष 2025 में काउंसलिंग के जरिए बी.एस.सी. नर्सिंग, एम.एस.सी. नर्सिंग, पोस्ट बेसिक बी.एस.सी. नर्सिंग, और पोस्ट बेसिक डिप्लोमा इन साईकियाट्रिक नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिया जाएगा। पहले इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए ऑनलाईन आवेदन करने की अंतिम तिथि 14 अक्टूबर थी जिसे बढ़ाकर 17 अक्टूबर कर दिया गया है। काउंसलिंग, आवंटन और प्रवेश संबंधी सभी जानकारियां चिकित्सा शिक्षा संचालनालय की वेबसाईट www.cgdme.in पर भी उपलब्ध कराई गई है।चिकित्सा शिक्षा संचालनालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार ऑनलाईन आवेदन के लिए अनारक्षित और अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों को 1 हजार रूपए और अनुसूचित जाति-जनजाति के उम्मीदवारों को 500 रूपए शुल्क जमा करना होगा। ऑनलाईन आवेदन में किसी तरह की गलती हो जाने पर त्रुति सुधार के लिए 1 हजार रूपए शुल्क निर्धारित किया गया है। त्रुटि सुधार के समय पहले दिए गए ई-मेल एवं मोबाईल नंबर में कोई परिवर्तन नहीं हो सकेगा। ऑनलाईन आवेदन के समय ही अभ्यर्थियों को संस्था का चयन करना होगा। इसके लिए अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा। ऑनलाईन आवेदन की अंतिम तिथि तक अभ्यर्थियों को सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध रखने होंगे। अपूर्ण आवेदन या पंजीयन फीस के बैंक गेटवे से जमा नहीं होने पर अभ्यर्थी अपात्र घोषित किये जा सकेंगे। अतः अभ्यर्थियों को ऑनलाईन आवेदन की अंतिम तिथि से 17 अक्टूबर से 24 घंटे पहले आवेदन भरने की कार्यवाही पूरी कर लेनी चाहिए।पहली काउंसलिंग में आवंटित अभ्यर्थियों को संवीक्षा कराना एवं प्रात्र होना जरूरी होगा। शासकीय नर्सिंग महाविद्यालय में प्रवेश लेना अनिवार्य किया गया है। शासकीय नर्सिंग कॉलेज में प्रवेश नहीं लेेने पर अभ्यर्थी अपात्र घोषित किये जा सकेंगे। ऑनलाईन आवेदन के बाद आगे की कार्यवाही के लिए काउंसलिंग शेड्यूल का अवलोकन विभागीय वेबसाईट पर किया जा सकता है।
- रायपुर,। छत्तीसगढ़ में अब तक 1213.8 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बीजापुर जिले में सर्वाधिक 1659.7 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 554.0 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 1159.6 मि.मी., बलौदाबाजार में 1004.8 मि.मी., गरियाबंद में 1234.9 मि.मी, महासमुंद में 1065.1 मि.मी. और धमतरी में 1149.6 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 1205.1 मि.मी., मुंगेली में 1183.0 मि.मी., रायगढ़ में 1396.7 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 1116.1 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1413.5 मि.मी., सक्ती में 1274.2 मि.मी., कोरबा में 1179.3 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 1112.9 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 948.2 मि.मी., कबीरधाम में 892.0 मि.मी., राजनांदगांव में 1012.5 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1462.0 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 919.1 मि.मी. और बालोद में 1317.0 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 799.0 मि.मी., सूरजपुर में 1183.2 मि.मी., बलरामपुर में 1580.4 मि.मी., जशपुर में 1105.4 मि.मी., कोरिया में 1253.4 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1138.6 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1640.6 मि.मी., कोंडागांव जिले में 1213.5 मि.मी., कांकेर में 1421.8 मि.मी., नारायणपुर में 1474.4 मि.मी., दंतेवाड़ा जिले में 1652.3 मि.मी., और सुकमा जिले में 1332.5 मि.मी. की औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।
- रायपुर। वित्तीय सेवा विभाग, भारत सरकार द्वारा प्रारंभ “आपकी पूँजी, आपका अधिकार” जन-जागरण अभियान के तहत रायपुर जिले में 01 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2025 तक जमाकर्ता शिक्षा एवं जागरूकता कोष (DEA Fund) विषय पर जिला स्तरीय जागरूकता एवं सहायता शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के निर्देशानुसार ये शिविर जिलाधिकारी के मार्गदर्शन में अग्रणी जिला कार्यालय द्वारा आयोजित किए जा रहे हैं। इसमें सभी बैंक, बीमा कंपनियां, पेंशन संस्थान, SEBI एवं IEPF की सक्रिय भागीदारी रहेगी।इस श्रृंखला के प्रथम चरण में 16 अक्टूबर 2025 को रायपुर कलेक्टरेट कार्यालय में जिला कलेक्टर एवं अग्रणी जिला प्रबंधक के मार्गदर्शन में विशेष शिविर आयोजित किया जाएगा।इन शिविरों में नागरिकों को अनक्लेम्ड (Unclaimed) जमा राशि, बीमा दावे, डिविडेंड, शेयर, म्यूचुअल फंड एवं पेंशन से संबंधित राशि प्राप्त करने के लिए डिजिटल हेल्पडेस्क एवं सहायता काउंटर की सुविधा दी जाएगी। लाभार्थियों को केवाईसी (KYC) अपडेट, दावा प्रपत्र भरने तथा दस्तावेजों के सत्यापन में भी सहयोग प्रदान किया जाएगा।छत्तीसगढ़ राज्य के सभी नागरिकों से अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इन शिविरों में शामिल होकर इस जनकल्याणकारी पहल का लाभ उठाएं।
- *संभागायुक्त महादेव कावरे के निर्देश पर की गई कार्रवाई*रायपुर/ संभागायुक्त श्री महादेव कावरे के निर्देश पर मादक पदार्थों की अवैध तस्करी में लिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर पुनीत खरे निवासी ग्राम छपोरा वार्ड नंबर 11, थाना विधानसभा, जिला रायपुर (छ.ग.) के विरुद्ध (एनडीपीएस) एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।थाना प्रभारी विधानसभा, श्री शिवेन्द्र राजपूत द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन में बताया गया कि आरोपी पुनीत खरे के विरुद्ध थाना विधानसभा में एनडीपीएस एक्ट के तहत तीन प्रकरण पंजीबद्ध हैं। आरोपी आदतन आपराधिक प्रवृत्ति का है तथा अवैध गांजा बिक्री के व्यवसाय में संलिप्त है। उसके आपराधिक कृत्यों से आसपास के लोगों में आक्रोश व्याप्त है, साथ ही नशे के अवैध कारोबार से जनता के स्वास्थ्य एवं राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। प्रकरण की सुनवाई के दौरान अनावेदक को जवाब प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया। तथ्यों, साक्ष्यों एवं प्रस्तुत शपथ कथनों पर विचारोपरांत यह पाया गया कि आरोपी के विरुद्ध पिट एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत कार्रवाई किया जाना आवश्यक है। उक्त तथ्यों के आधार पर स्वापक औषधि एवं मनःप्रभावी पदार्थ (अवैध व्यापार निवारण) अधिनियम 1988 की धारा 11 के अंतर्गत संभागायुक्त श्री कावरे ने पुनीत खरे को तीन माह के लिए केंद्रीय जेल भेजने का आदेश दिया।संभागायुक्त श्री महादेव कावरे के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई से अवैध मादक पदार्थों के कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त प्रशासनिक रुख का स्पष्ट संदेश गया है। प्रशासन द्वारा ऐसे तत्वों पर आगे भी इसी प्रकार कठोर कदम उठाए जाएंगे।
- *रास्वसं के शताब्दी वर्ष पर बागबाहरा में स्वयंसेवकों का प्रभावी पथ संचलन, शस्त्र-पूजन भी हुआ*बागबाहरा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने पर शताब्दी वर्ष समारोह की श्रृंखला में बागबाहरा मंडल में श्रीविजयादशमी उत्सव और पथ संचलन का आयोजन किया गया। यह उत्सव रास्वसं की एक सदी की राष्ट्र-साधना और भविष्य के 'पंच परिवर्तन' के संकल्प को समर्पित रहा।कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती शिशु मंदिर से स्वयंसेवकों के पथ संचलन से हुई। घोष दल की लयबद्ध ताल पर स्वयंसेवकों की कदमताल संगठन के उच्च अनुशासन और एकता का प्रतीक था। पथ संचलन जब बागबाहरा नगर के विभिन्न मोहल्लों व मार्गों से गुजरा तो एक अभूतपूर्व दृश्य दिखा। मातृशक्ति और नगर के नागरिकों ने जगह-जगह छतों से, सड़कों व गलियों में संचलन पर पुष्प वर्षा कर स्वयंसेवकों का आत्मीय स्वागत किया। यह सम्मान संघ के राष्ट्र निर्माण के कार्यों के प्रति समाज की गहरी आस्था और स्वीकृति का स्पष्ट प्रमाण था।पथ संचलन के पश्चात सरस्वती शिशु मंदिर में प्रकट बौद्धिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ शस्त्र पूजा और भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर नैकूराम ठाकुर (सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी) मुख्य अतिथि और सह प्रांत कार्यवाह गोपालराम यादव मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्य वक्ता श्री यादव ने कहा कि आद्य सरसंघचालक डॉ. हेडगेवार ने विजयादशमी 1925 को नागपुर के मोहितेबाड़ा में संघ की स्थापना की थी। उन्होंने संघ के संघर्षों का वर्णन करते हुए कहा कि संघ के मार्ग में अनेक विपत्तियां आई और सरकारी बाधाएँ भी डाली गईं, लेकिन इन चुनौतियों के बाद भी संघ कार्य अनवरत जारी है। श्री यादव ने स्वयंसेवकों को प्रेरित करते हुए कहा कि भारत भूमि में शौर्य और साहस की कोई कमी नहीं है, यह शैशवावस्था से ही क्रांतिकारियों, महापुरुषों और देशभक्तों की भूमि रही है।सह प्रांत कार्यवाह श्री यादव ने कहा कि संघ अपना कार्य करता है, कार्य का प्रचार प्रसार नहीं करता। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा व्यक्ति निर्माण का कारखाना हैं, जिससे निर्मित व्यक्ति आज समाज जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में परिष्करण का कार्य कर रहे हैं। श्री यादव ने कहा कि भारत में रहने वाला 99.999 प्रतिशत हिंदू हैं, चाहे वह किसी भी मत को मानने वाले हों। आज हिंदू समाज के कुछ अंगों को तोड़ने का प्रयास जारी है, उनसे सावधान रहने की आवश्यकता है। संघ किसी के विरोध में कार्य नहीं करता है। संघ भारत के हित, हिंदू हित में कार्यरत है। संघ के कार्यकर्ता अपनी चमड़ी, अपनी दमड़ी लगाकर संघ का कार्य नि:स्वार्थ भाव से करते हैं। श्री यादव ने कहा कि हिंदू समाज को संगठित होना होगा, क्योंकि संगठन में शक्ति है। दुर्बलों की बात कोई मानता नहीं है और सबलों की बात कोई टालता नहीं हैं। श्री यादव ने अपने सम्बोधन में शताब्दी वर्ष के सबसे महत्वपूर्ण संकल्प 'पंच परिवर्तन' का प्रण भी दुहराया।इससे पूर्व मुख्य अतिथि श्री ठाकुर ने संघ की नि:स्वार्थ सेवा भावना की सराहना करते हुए कहा कि संघ 1925 से प्रारंभ होकर आज तक एक विशाल वट वृक्ष बनकर भारत को सेवा रूपी छाया प्रदान कर रहा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ दुनिया का एकमात्र सर्वव्यापी संगठन है, जो देश, धर्म, और दुनिया के प्रति गहरी श्रद्धा रखता है। बागबाहरा का यह सफल आयोजन शताब्दी वर्ष की यात्रा में ऊर्जा और दृढ़ता का संचार करता है, जिसका मुख्य लक्ष्य सामाजिक समरसता, पंच परिवर्तन और राष्ट्र सेवा के प्रति संगठन को समर्पित करना है।
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-शिक्षा, रोजगार, सामुदायिक भवन आवश्यकता व आरक्षण जैसे मुद्दों पर हुई चर्चा
सूरजपुर। छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष श्री आर.एस. विश्वकर्मा ने मंगलवार को विभिन्न पिछड़ा वर्ग के समाजों के प्रमुखों से मुलाकात कर समाज की समस्याओं, कल्याणकारी योजनाओं और विकास के उपायों पर विस्तृत चर्चा की। इस अवसर पर आयोग के सदस्यगण भी उपस्थित रहे।अध्यक्ष श्री विश्वकर्मा ने समाज प्रतिनिधियों से सामुदायिक भवन, बच्चों की शिक्षा के स्तर एवं समाज द्वारा विद्यार्थियों के कल्याण की दिशा में किए जा रहे उपायों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि अन्य समाजों द्वारा किए जा रहे अच्छे पहल से सीख लेकर पिछड़ा वर्ग को भी अपने आर्थिक और सामाजिक उन्नयन की दिशा में कार्य करना चाहिए।उन्होंने कहा कि पिछड़ा वर्ग को विकसित समाज बनाने के लिए सभी को मिलजुलकर, समग्र दृष्टिकोण से कार्य करना होगा। इसके लिए सामूहिक योजना बनाकर यह तय किया जाए कि किन-किन क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग के लोगों के कल्याण के लिए योजनाएं चलाई जा सकती हैं।अध्यक्ष ने कहा — “हमें अपनी मानसिकता में परिवर्तन लाना होगा। राज्य के बाहर के लोग यहां आकर व्यवसाय कर रहे हैं, जबकि हमारे समाज के लोग संसाधनों के बावजूद पिछड़े हैं। हमें अपने संसाधनों का उपयोग कर आत्मनिर्भर बनना होगा।” उन्होंने कृषि, पशुपालन, उद्यमिता एवं कौशल विकास से जुड़ी योजनाओं — जैसे पीएम विश्वकर्मा योजना — के बारे में समाज के लोगों को अधिक से अधिक जानकारी देने के निर्देश दिए।बैठक में विभिन्न समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि निचले तबके के लोगों तक योजनाओं की जानकारी ठीक से नहीं पहुंच पाती, जिससे वे जागरूक नहीं हो पाते। इस पर अध्यक्ष ने कहा कि सोशल मीडिया और इंटरनेट के माध्यम से योजनाओं की जानकारी वर्ग के लोगों को ली जानी चाहिए। उन्होंने विभिन्न समाज संगठनों के लिए वर्कशॉप और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश भी जिले के अधिकारियों को दिए, ताकि युवाओं और हितग्राहियों को योजनाओं की जानकारी दी जा सके।इस दौरान बैठक में विभिन्न समाज प्रमुखों ने भी अपनी मांगें रखीं। कुशवाहा समाज के प्रतिनिधि सुनिल कुमार कुशवाहा ने समाज के युवाओं के उन्नयन की आवश्यकता पर बल देते हुए जिला स्तरीय सामुदायिक भवन की मांग की। सर्व यादव समाज के प्रतिनिधियों ने ओबीसी आरक्षण को लेकर अपनी बात रखी और गौधाम योजना में यादव समाज को प्राथमिकता देने की मांग की। नाई (सेन) समाज के प्रतिनिधि नरेंद्र ठाकुर एवं बसंत लाल ठाकुर ने कौशल विकास हेतु वर्कशॉप और प्रशिक्षण केंद्र खोलने की मांग की। कुम्हार समाज के प्रतिनिधि दिनेश कुमार प्रजापति ने भी समाज की समस्याएं रखते हुए योजनाओं से अधिक लाभ दिलाने का आग्रह किया। कई समाज प्रतिनिधियों ने पीएससी और व्यापम परीक्षा केंद्र जिले में स्थापित करने की मांग की, ताकि विद्यार्थियों को परीक्षा देने में सुविधा हो।समाज प्रमुखों द्वारा छात्रावास की स्थापना और पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए अधिक छात्रवृत्ति उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई। अध्यक्ष श्री विश्वकर्मा ने सभी समाजों की बातों को गंभीरता से सुना और कहा कि आयोग स्तर पर इन मांगों को शासन तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि “पिछड़ा वर्ग का उत्थान तभी संभव है जब समाज के लोग एकजुट होकर अपने विकास की दिशा स्वयं तय करें।” - -पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष ने की विभिन्न विभागीय योजनाओं की समीक्षासूरजपुर । छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष श्री आर.एस. विश्वकर्मा तथा सदस्यगण श्री यशवंत सिंह वर्मा, श्री बलदाऊ राम साहू, श्री हरिशंकर यादव एवं श्री कृष्णा गुप्ता के द्वारा मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिले के विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।बैठक में आयोग के अध्यक्ष ने छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग की कार्यप्रणाली की जानकारी दी और विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के हितों से संबंधित विषयों की समीक्षा की।बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ावर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण, अक्षय ऊर्जा अभिकरण, मनरेगा, पशु चिकित्सा सेवाएं, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, उद्यानिकी, मत्स्य, आदिवासी विकास, कौशल विकास, खाद्य, उद्योग व्यापार केंद्र सहित कई विभागों की योजनाओं और इनसे पिछड़ावर्ग के लाभान्वित हो रहे हितग्राहियों की जानकारी ली।अध्यक्ष श्री विश्वकर्मा ने कहा कि सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि पिछड़ा वर्ग के अधिक से अधिक लोग शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए गांव-गांव भ्रमण करें, जनता से संवाद स्थापित करें तथा समस्याओं का त्वरित निराकरण करें। अध्यक्ष श्री विश्वकर्मा ने जिले में ओबीसी विद्यार्थियों के लिए के छात्रावास निर्माण हेतु प्रस्ताव भेजेने के निर्देश दिए।जिला शिक्षा अधिकारी ने साइकिल वितरण, बीमा योजना एवं छात्रवृत्ति सहित अन्य योजनाओं के अंतर्गत पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को मिले लाभ की जानकारी दी। इस दौरान अध्यक्ष श्री विश्वकर्मा ने स्कॉलरशिप योजना को सभी पात्र विद्यार्थियों को समान रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।अध्यक्ष श्री विश्वकर्मा द्वारा कृषि, महिला एवं बाल विकास, पशुपालन तथा उद्यानिकी विभागों द्वारा पिछड़ा वर्ग के हितग्राहियों को लाभान्वित किए जाने की जानकारी ली गई एवं आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। साथ ही पीएम विश्वकर्मा योजना के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने पर बल दिया गया।अध्यक्ष श्री विश्वकर्मा ने कहा कि पिछड़ा वर्ग के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और बौद्धिक स्तर के उन्नयन के लिए ठोस प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने जाति प्रमाणपत्र निर्माण के दौरान नॉन क्रीमी और क्रीमी लेयर के प्रावधानों का पालन करने पर जोर दिया।उन्होंने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि पिछड़ा वर्ग के लोग कुछ चिन्हित व्यवसायों में सहकारी समितियां बनाकर सामूहिक रूप से कार्य करें, जिससे समाज के समग्र विकास एवं आर्थिक सशक्तिकरण को बल मिलेगा। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे तकनीकी ज्ञान बढ़ाएं और सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बनें।इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री विजेंद्र सिंह पाटले, अपर कलेक्टर श्री जगन्नाथ वर्मा, संयुक्त कलेक्टर श्री पुष्पेंद्र शर्मा, डिप्टी कलेक्टर श्री अग्रवाल सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
- - पढ़ाई और खेल दोनों में अव्वल पूनम सिंह, राष्ट्रीय फुटबॉल टीम में चयनितरायपुर । कक्षा 11 वीं की छात्रा पूनम सिंह आर्माे, पिता उत्तम सिंह आर्माे, ने अपनी प्रतिभा से क्षेत्र का नाम रोशन किया है। पूनम का चयन नेशनल फुटबॉल प्रतियोगिता के लिए हुआ है, जो पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। पूनम सिंह आर्माे सूरजपुर जिले के सेजस हिंदी माध्यम विद्यालय उमेश्वरपुर (ब्लॉक प्रेमनगर) की छात्रा है।पढ़ाई के साथ-साथ पूनम खेल के क्षेत्र में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने गत वर्ष कक्षा 10 वीं में 83 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय और परिवार को गौरवान्वित किया था। अब नेशनल फुटबॉल प्रतियोगिता में चयनित होकर उन्होंने दोहरा गौरव अर्जित किया है। उनकी इस उपलब्धि पर जनपद पंचायत सदस्य ने पूनम को फुटबॉल किट प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।पूनम के चयन से विद्यालय सहित तारकेश्वरपुर और उमेश्वरपुर गाँवों में हर्ष और उत्साह का माहौल है। विद्यालय परिवार एवं क्षेत्रवासी पूनम की इस उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहे हैं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना कर रहे हैं। इस अवसर पर पूनम के कोच पीटीआई श्री रावेंद्र वर्मा, श्री अमलेश्वर पैकरा, श्री सुभाष साहू, रुनीया देवी, पुष्पा सिंह, संदीप दास एवं उनके परिवारजन उपस्थित रहे।
- - युवाओं को स्वस्थ जीवन की दिशा में सशक्त बनाने की पहलरायपुर। भारत सरकार द्वारा ‘तंबाकू मुक्त युवा अभियान 3.0 (Tobacco Free Youth Campaign – TFYC 3.0) का शुभारंभ 9 अक्टूबर 2025 को किया गया है। इस अभियान का उद्देश्य बच्चों और युवाओं को तंबाकू एवं नशे की लत से दूर रखना, उन्हें स्वस्थ जीवन की ओर प्रेरित करना तथा जो तंबाकू सेवन छोड़ना चाहते हैं, उन्हें सहयोग प्रदान करना है। अभियान के तहत स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में ‘तंबाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थान (TOFEI) बनाने दिशा निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया गया है।’तंबाकू और नशा मुक्त अभियान चलाने निर्देश’छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा एवं लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा राज्य के सभी जिलों में ‘तंबाकू और नशा मुक्त स्कूल-कॉलेज अभियान’ चलाने के निर्देश जारी किए गए हैं। इस संबंध में भारत सरकार के स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय से प्राप्त संयुक्त पत्र के संदर्भ में सभी जिलों के कलेक्टरों को पत्र भेजा गया है।तम्बाकू के दुष्परिणाम से युवाओं को जागरूक कराना’भारत में युवाओं में तंबाकू सेवन की बढ़ती प्रवृत्ति एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता का विषय बनी हुई है। पारंपरिक तंबाकू उत्पाद जैसे बीड़ी, सिगरेट, गुटखा, पानमसाला के साथ-साथ ई-सिगरेट और निकोटीन पाउच जैसे नए स्वरूप युवाओं में तेजी से फैल रहे हैं। तंबाकू शरीर के लगभग सभी अंगों को प्रभावित करता है और सिर, गर्दन, ग्रासनली, फेफड़े एवं मुख कैंसर के अधिकांश मामलों का प्रमुख कारण है। वैश्विक युवा तंबाकू सर्वेक्षण 2019 के अनुसार, भारत में 13 से 15 वर्ष की आयु के 8.4 प्रतिशत स्कूली बच्चे तंबाकू उत्पादों का सेवन करते हैं, जो अत्यंत चिंताजनक स्थिति है।’शैक्षणिक संस्थानों के 100 मीटर की परिधि पर तंबाकू बिक्री पूर्णतः प्रतिबंध’अभियान के अंतर्गत प्रत्येक जिले को यह सुनिश्चित करना है कि उनके अधिकार क्षेत्र के सभी शिक्षण संस्थान तंबाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थान के मानकों को अपनाएं। इसके लिए स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता अभियान, छात्र परामर्श सत्र, एनएसएस/एनसीसी स्वयंसेवकों के प्रशिक्षण तथा तंबाकू के दुष्प्रभावों पर प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। साथ ही, शैक्षणिक परिसरों के चारों ओर 100 गज की परिधि निर्धारित कर तंबाकू बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया जाएगा।जागरूकता के लिए संचार के माध्यमों का उपयोग’राज्य शासन ने स्थानीय प्रशासन, कानून प्रवर्तन एजेंसियों, स्वास्थ्य विभाग और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी से इस अभियान को व्यापक रूप देने का निर्णय लिया है। साथ ही शैक्षणिक चौनलों, रेडियो और टीवी माध्यमों पर भी युवाओं को तंबाकू सेवन के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के लिए प्रचार-प्रसार किया जाएगा।’युवा पीढ़ी को नशामुक्त कर उज्जवल भविष्य की दिशा देना’अभियान का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ के सभी स्कूल, कॉलेज और प्रशिक्षण संस्थान न केवल तंबाकू एवं नशा मुक्त बने, बल्कि एक सकारात्मक, सुरक्षित और स्वस्थ शैक्षणिक वातावरण स्थापित करें, जिससे राज्य की युवा पीढ़ी को नशे से मुक्त एक उज्जवल भविष्य की दिशा मिले।
- -प्रदेश प्रवक्ता ठोकने का कटाक्ष : कांग्रेस में संगठन नाम की कोई भावना अंधेरे कमरे में उस काली बिल्ली को ढूँढ़ना जैसा है, जो बिल्ली उस कमरे में है ही नहींरायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता नलिनीश ठोकने ने कांग्रेस के संगठन सृजन कार्यक्रम के दौरान भी लगातार सामने आ रही कांग्रेस की अंदरूनी कलह से यह साफ हो चला है कि जिस कांग्रेस में नेताओं की कुलजमा सियासी वजूद एक परिवार की परिक्रमा और चरण-वंदना से तय हो रहा है, जिस कांग्रेस में कार्यकर्ताओं को स्लीपर सेल, सत्ता-सुख भोगी और चमचा कहकर अपमानित किए का ट्रेण्ड चल पड़ा है, वहाँ संगठन नाम की कोई भावना अंधेरे कमरे में उस काली बिल्ली को ढूँढ़ना जैसा है, जो बिल्ली उस कमरे में है ही नहीं।भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री ठोकने ने कहा कि कांग्रेस के हालात बता रहे हैं कि कांग्रेस में इन दिनों 'संगठन सृजन' नहीं, बल्कि 'संगठन सीजन (यानी मौसम)' चल रहा है। कांग्रेस में संगठन के नाम पर मौसम-मौसम का खेल खेला जाता है। कांग्रेस में संगठन सीजन में नेता रोज रंग बदलकर रंग बदलने वाले मौसम को भी मात दे रहे हैं! कांग्रेस के बड़े और अनुभवी नेताओं के आचार-विचार से कांग्रेस के संगठनात्मक ढाँचे की सहज कल्पना की जा सकती है। प्रदेश प्रवक्ता श्री ठोकने ने कहा कि 140 साल पुरानी हो चली कांग्रेस को अब फिर संगठन सृजन के लिए विवश होना पड़ रहा है, बरसों सत्ता में रहे एक राजनीतिक दल को तौर पर कांग्रेस के लिए इससे अधिक शर्मनाक कुछ और नहीं हो सकता। यह स्थिति छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश में है और इसीलिए कांग्रेस अब देश के कुछ राज्यों तक ही सिमटकर रह गई है। इससे कार्यकर्ता हताश और निराश हैं और अब वे कांग्रेस पार्टी का साथ नहीं दे रहे हैं।भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री ठोकने ने कहा कि आज हालत यह है कि किसी एक का नेतृत्व कांग्रेस को स्वीकार नहीं है। लगातार दौरे पर दौरे करके भी कांग्रेस प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट भी एक तो अपने ही सामने बैठकों में नेताओं और कार्यकर्ताओं के आपसी संघर्ष को देखने के लिए विवश हैं; दूसरे, प्रदेश कांग्रेस की कार्यकारिणी तक की घोषणा दो साल से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी नहीं करा पाए हैं। प्रदेश प्रवक्ता श्री ठोकने ने कहा कि कांग्रेस में वर्षों से चली आ रही आपसी खींचतान थमने का नाम ही नहीं ले रही है। कांग्रेस नेताओं के आपसी झगड़े रोज जनता के सामने खुलकर आ रहे हैं। अब कांग्रेस के संगठन सृजन में भी इनकी फूट दिखाई दे रही है। ऐसी सिर फुटौव्वल और अंतर्कलह कांग्रेस में छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहले कभी नहीं देखी गई और इसी के चलते छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का पतन हो चुका है।
- -15 अक्टूबर को स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल सहयोग केंद्र पहुँचेंगेरायपुर। भारतीय जनता पार्टी के कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित प्रदेश कार्यालय में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने मंगलवार को कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर उनकी समस्याएँ सुनीं एवं उनके समाधान हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।मंगलवार को सहयोग केंद्र में 300 से अधिक कार्यकर्ता व आमजन पहुंचे एवं उप मुख्यमंत्री अरुण साव से मुलाकात कर आवेदन दिए। बाद में उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि कार्यकर्ताओं की ओर से प्राप्त आवेदनों पर सार्थक पहल करके सभी समस्याओं का तेजी से निराकरण किया जाएगा। प्रदेश की भाजपा सरकार सबके विकास के लिए कार्य कर रही है। इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन, सहयोग केंद्र प्रभारी सच्चिदानंद उपासने, सुनील पिल्लई सहित पदाधिकारीगण व कार्यकर्तागण उपस्थित रहे।कल बुधवार 15 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे से प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल सहयोग केंद्र में उपस्थित रहकर कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर प्राप्त आवेदनों पर कार्रवाई कर उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण करेंगे।
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- कलेक्टर एवं एसपी ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा
राजनांदगांव । विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह 15 अक्टूबर को स्टेट स्कूल मैदान में आयोजित संगीत संध्या कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसी कड़ी में कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव एवं पुलिस अधीक्षक श्री मोहित गर्ग ने कार्यक्रम की तैयारी एवं व्यवस्थाओं जायजा लिया। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने पर्याप्त मात्रा में पार्किंग एवं बैठक व्यवस्था रखने के निर्देश दिए। इसके साथ ही वीवीआईपी एन्ट्री एवं अन्य नागरिकों की एन्ट्री के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने फायर बिग्रेड, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक तैयारी की जानकारी ली। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा, अतिरिक्ति पुलिस अधीक्षक श्री राहुल शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा, एसडीएम श्री गौतम पाटिल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। -
- कलेक्टर ने प्रयास आवासीय विद्यालय का किया निरीक्षण
राजनांदगांव । विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह 16 अक्टूबर को प्रयास आवासीय विद्यालय के विद्यार्थियों से मुलाकात करेंगे। इसी कड़ी में कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने आज प्रयास आवासीय विद्यालय में व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने इसके साथ ही बालिका छात्रावास और बालक छात्रावास का भी निरीक्षण किया। कलेक्टर श्री यादव ने प्रयास आवासीय विद्यालय में पर्याप्त प्रकाश और माईक की व्यवस्था करने कहा। उन्होंने बालिका छात्रावास में सभी कार्यों के लिए महिला स्टॉफ की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने बालिका छात्रावास में 24 घंटे महिला सहायक अधीक्षिका की ड्यूटी लगाने कहा। परिसर में पर्याप्त मात्रा में सीसीटीवी कैमरे, लाईट लगाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने बालिका छात्रावास में किचन और वाशिंग एरिया में बाउंड्रीवाल के लिए तत्काल प्राक्कलन तैयार करने नगर निगम आयुक्त को निर्देश दिए। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास सुश्री दीक्षा गुप्ता उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि प्रयास आवासीय विद्यालय में कक्षा 9वीं के 113 बच्चों का प्रवेश पूर्ण कर लिया गया है। आवासीय विद्यालय में बालक-बालिकाओं के लिए पृथक-पृथक हॉस्टल एवं मेस की सुविधा है। दोनों हॉस्टल के लिए अधीक्षक नियुक्त कर दिए गए हैं। बच्चों की सुरक्षा हेतु चार सुरक्षा गार्ड की ड्यूटी लगाई गई है तथा पूरा कैम्पस सीसीटीवी की निगरानी में है। 12 क्लास रूम फेकल्टीस का चयन भी रूचि की अभिव्यक्ति के माध्यम से डेमो के पश्चात किया गया है। क्लास रूम में बच्चों को स्मार्ट बोर्ड के माध्यम से अध्ययन कराया जाएगा। साथ ही नीट-जेईई सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी करायी जाएगी। बच्चों के बौद्धिक विकास के लिए पुस्तकालय एवं कम्प्यूटर कक्ष की भी व्यवस्था की गई है। -
टी सहदेव
भिलाई नगर। स्वर सम्राट एवं अभिनेता किशोर कुमार की 39 वीं पुण्यतिथि पर सेक्टर 05 स्थित ज्ञानगंगा ऑडिटोरियम में 'किशोर स्मृति संध्या' आयोजित की गई। रागमंजरी म्यूजिकल ग्रुप के कलाकारों ने पार्श्व गायक को श्रद्धांजलि के तौर पर उनके गाए रूमानी, चुलबुले, खुशी, जुदाई, दर्द जैसे उतार-चढ़ाव वाले विविध रंगों से सजे सदाबहार नगमे पेश कर श्रोताओं को सुरमयी एहसास कराया। गायक-गायिकाओं ने कार्यक्रम में ऐसा समां बांधा कि श्रोतागण कार्यक्रम के समापन तक अपनी सीटों पर जमे रहे।नगर निगम भिलाई के पार्षद एकांश बंछोर के विशेष सहयोग से आयोजित इस गीत-संगीत कार्यक्रम में तपन नाथ, देबाशीष बिस्वास, शेखर गोखले, शिमु घोष, शर्मिला दत्त, जाह्नवी दत्ता, जीवनंदन वर्मा, प्रमोद ताम्रकार, पॉली घोष, जगदीश बामनिया, अजय कौशल और अखिलेश वर्मा ने सुरीली आवाज में गाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं किशोर दा के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। श्रोताओं से भरे ऑडिटोरियम में जब एक के बाद एक कलाकारों ने किशोर दा के अमर गीत प्रस्तुत किए, तो माहौल भावनाओं और यादों से सराबोर हो उठा।कार्यक्रम की एंकरिंग अखिलेश वर्मा ने की। जबकि साउंड संचालन की जिम्मेदारी संदीप सुर मिलन ने निभाई। इस अवसर पर एकांश बंछोर के प्रतिनिधि तोषु वर्मा जी ने कहा कि किशोर दा के गीतों में जीवन के हर रंग झलकते हैं और रागमंजरी ग्रुप का यह प्रयास भावनाओं को फिर से जीवंत कर गया। अंत में तपन नाथ ने सभी अतिथियों, कलाकारों और श्रोताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संगीत आत्मा की भाषा है, और किशोर दा की स्मृति में यह संध्या हमारे हृदय में सदैव गूंजती रहेगी। - -प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी राज्योत्सव के अवसर पर करेंगे उद्घाटन-मुख्य सचिव श्री विकास शील ने निर्माण स्थल पर पहुंचकर ली तैयारियों की समीक्षा-ओरिएंटेशन रूम की डाक्यूड्रामा हल्बी-गोंडी सहित अन्य जनजातीय बोलियों में तैयार करने के निर्देशरायपुर। अंग्रेजी हुकूमत के काल में छत्तीसगढ़ के आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के शौर्य और बलिदान की स्मृति में नवा रायपुर, अटल नगर में निर्मित किए जा रहे भव्य संग्रहालय-सह-स्मारक को अंतिम रूप दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी राज्योत्सव के अवसर पर इस संग्रहालय का उद्घाटन करेंगे। मुख्य सचिव श्री विकास शील ने आज निर्माण स्थल पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर बनाया जा रहा यह संग्रहालय देश का पहला पूर्णतः डिजिटल संग्रहालय होगा। इसमें स्वतंत्रता आंदोलन के समय छत्तीसगढ़ में हुए 14 प्रमुख आदिवासी विद्रोहों के साथ-साथ जंगल सत्याग्रह और झंडा सत्याग्रह पर अलग-अलग गैलरियाँ बनाई जा रही हैं। संग्रहालय में आगंतुकों को इन जनजातीय आंदोलनों की जीवंत झलकें देखने और सुनने को मिलेंगी।निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव श्री शील ने कहा कि संग्रहालय में प्रदर्शित की जाने वाली सभी वस्तुओं और सामग्री को उनके मूल स्वरूप में ही प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि ओरिएंटेशन रूम में प्रदर्शित की जाने वाली डाक्यूड्रामा हल्बी-गोंडी या अन्य जनजातीय बोलियों में तैयार की जाए, ताकि यह स्थानीय संस्कृति से जुड़ाव का सशक्त माध्यम बन सके। उन्होंने प्रधानमंत्री जी के कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए सभी गैलरियों का भ्रमण किया और आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने संग्रहालय में प्रदर्शित किए जाने वाले आदिवासी विद्रोहों का संक्षिप्त परिचय देते हुए पूरे रूट चार्ट के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने आज ही संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर लोकार्पण की तैयारियों की समीक्षा की। श्री बोरा ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण अवसर है कि देश का पहला पूर्णतः डिजिटल आदिवासी संग्रहालय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के कर-कमलों से लोकार्पित होने जा रहा है। उन्होंने सभी विभागों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का आग्रह किया।प्रमुख सचिव श्री बोरा ने प्रधानमंत्री जी के लोकार्पण रूट-प्लान के अनुसार अनिवार्य सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने, संग्रहालय तक आने वाले पूरे मार्ग पर स्ट्रीट लाइट, रंग-रोगन एवं सौंदर्यीकरण के कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संग्रहालय क्षेत्र में चौबीसों घंटे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा गार्डनिंग और वृक्षारोपण की आवश्यक तैयारियाँ भी समय पर पूरी हों।उल्लेखनीय है कि शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय देश का पहला पूर्णतः डिजिटल संग्रहालय होगा। इसमें स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान छत्तीसगढ़ में हुए प्रमुख आदिवासी विद्रोहों—हल्बा विद्रोह, सरगुजा विद्रोह, भोपालपट्टनम विद्रोह, परलकोट विद्रोह, तारापुर विद्रोह, लिंगागिरी विद्रोह, कोई विद्रोह, मेरिया विद्रोह, मुरिया विद्रोह, रानी चौरिस विद्रोह, भूमकाल विद्रोह, सोनाखान विद्रोह, तथा झंडा सत्याग्रह और जंगल सत्याग्रह—के वीर नायकों के संघर्ष और शौर्य को 14 गैलरियों में जीवंत रूप से प्रदर्शित किया जा रहा है।बैठक में संभागायुक्त श्री महादेव कावरे, आयुक्त आदिम जाति विकास विभाग डॉ. सारांश मित्तर, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के आयुक्त श्री अवनीश शरण, कलेक्टर श्री गौरव सिंह, नगर निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वजीत, संचालक टीआरटीआई श्रीमती हिना अनिमेष नेताम, संचालक अंत्यावसायी विकास निगम डॉ. जगदीश कुमार सोनकर, अतिरिक्त कलेक्टर श्रीमती नम्रता जैन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेंद सिंह, डीआईजी छत्तीसगढ़ अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं श्री सुरेश ठाकुर, एनआरडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल के मुख्य अभियंता, तथा लोक निर्माण विभाग रायपुर के मुख्य और कार्यपालन अभियंता सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
- - वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठकरायपुर ।नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण में आज वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी की अध्यक्षता में निवेश, अधोसंरचना विकास और जनसुविधाओं से संबंधित कार्यों की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित हुई।बैठक में मंत्री श्री चौधरी ने अधिकारियों से शहर के योजनाबद्ध और तीव्र विकास पर विस्तृत चर्चा करते हुए कहा कि नवा रायपुर का संतुलित, आधुनिक और सर्वसुविधायुक्त विकास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि चल रही परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए, ताकि नागरिकों को बेहतर शहरी सुविधाएँ उपलब्ध हो सकें। उन्होंने बताया कि विकास कार्यों में गति लाने के लिए इस वर्ष राज्य शासन के बजट अंतर्गत पूंजीगत व्यय का लक्ष्य 1000 करोड़ रुपए रखा गया है। सभी इस लक्ष्य को गुणवत्तापूर्वक पूरा करने के लिए समर्पण भाव से कार्य करें।मंत्री श्री चौधरी ने यह भी निर्देश दिए कि शासकीय एवं निजी संस्थानों तथा बिल्डर्स को आवंटित भूमि पर हो रहे निर्माण कार्यों को समन्वयपूर्वक और शीघ्र गति से पूरा किया जाए, ताकि नवा रायपुर के इंफ्रास्ट्रक्चर को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके। बैठक में निवेश को प्रोत्साहन देने, पर्यावरण संरक्षण, अधोसंरचना विकास और शहरी जनसुविधाओं के उन्नयन से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर प्राधिकरण के चेयरमैन श्री अंकित आनंद, मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री चंदन कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
- -उप मुख्यमंत्री ने बस्तर ओलंपिक की तैयारियों की समीक्षा की-खेल मैदानों की उपलब्धता, उनकी मैपिंग, भोजन, यातायात, आवास, प्राथमिक चिकित्सा, निर्णायकों एवं रेफरियों की व्यवस्था के लिए अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करने के दिए निर्देश-अब तक 2.72 लाख खिलाड़ियों का पंजीयन, 20 अक्टूबर तक करा सकते हैं पंजीयनरायपुर ।बस्तर ओलंपिक-2025 की तैयारियाँ अब अंतिम चरण में हैं। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने आज वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों तथा बस्तर संभाग के सभी जिला खेल अधिकारियों की बैठक लेकर इसकी तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में आयोजित बैठक में बस्तर ओलंपिक के व्यापक और सुव्यवस्थित आयोजन के लिए विकासखंड स्तरीय आयोजनों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने खेल मैदानों की उपलब्धता, उनकी मैपिंग, भोजन, यातायात, आवास, प्राथमिक चिकित्सा, निर्णायकों एवं रेफरियों की व्यवस्था के लिए अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करने को कहा। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार और संचालक श्रीमती तनूजा सलाम भी समीक्षा बैठक में उपस्थित थीं। बस्तर संभाग के सभी जिला खेल अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में बस्तर ओलंपिक की पंजीयन प्रक्रिया एवं व्यापक प्रचार-प्रसार की समीक्षा की। उन्होंने ग्राम स्तर से लेकर जिला स्तर तक प्रचार-प्रसार की योजनाओंकृजैसे दीवार लेखन, मशाल यात्रा, पोस्टर, बैनर, पैंपलेट वितरण, हाट-बाज़ारों में प्रचार इत्यादि की जानकारी ली। उन्होंने इसे और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बस्तर ओलंपिक के लिए अब तक 2 लाख 72 हजार से अधिक प्रतिभागियों का पंजीयन हो चुका है। 20 अक्टूबर तक पंजीयन कराया जा सकता है। इस पर श्री साव ने प्रत्येक विकासखण्ड में पंजीयन की स्थिति की समीक्षा कर जिन क्षेत्रों में पंजीयन कम हैं, वहां विशेष अभियान चलाकर ज्यादा से ज्यादा पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने महिलाओं की तुलना में पुरुष प्रतिभागियों के कम पंजीयन को देखते हुए जिला खेल अधिकारियों को पुरुषों की भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा।श्री साव ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि बस्तर ओलंपिक अब केवल क्षेत्रीय आयोजन नहीं रह गया है, बल्कि इसकी ख्याति पूरे देश में फैल चुकी है। अतः इसे राष्ट्रीय महत्व का आयोजन मानते हुए विकासखंड से लेकर संभाग स्तर तक उच्च गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ आयोजित किया जाए। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर के निर्णायकों की भागीदारी सुनिश्चित करने तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को प्रेरणा स्रोत के रूप में आमंत्रित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने 25 अक्टूबर से प्रारंभ होकर 5 नवंबर तक होने वाले विकासखंड स्तरीय आयोजनों के लिए सभी जिलों को समय पूर्व संपूर्ण तैयारी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री ने फुटबॉल, हॉकी, वॉलीबॉल जैसे खेलों में पंजीयन बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने तथा खेल विभाग से प्राप्त बजट के अतिरिक्त जिला कलेक्टरों के सहयोग से सीएसआर निधि से वित्तीय आवश्यकताओं की पूर्ति करने को कहा। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की उप संचालक श्रीमती रश्मि ठाकुर तथा खेल अधिकारी श्री गिरीश शुक्ला भी बैठक में मौजूद थे।
- -राष्ट्रीय एकता दिवस पर एकता नगर (गुजरात) में दिखेगा बस्तर का बदलता स्वरूप-प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री श्री अमित शाह देखेंगे छत्तीसगढ़ की झांकी — बस्तर की विकास यात्रा पर केंद्रित थीमरायपुर / राष्ट्रीय एकता दिवस (31 अक्टूबर) के अवसर पर गुजरात के एकता नगर (स्टैच्यू ऑफ यूनिटी) में आयोजित होने वाली एकता परेड-2025 में छत्तीसगढ़ राज्य की झांकी का चयन किया गया है। यह जानकारी भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा जारी सूची में दी गई है, जिसमें छत्तीसगढ़ के साथ जम्मू-कश्मीर, गुजरात, महाराष्ट्र, मणिपुर, उत्तराखंड, पुडुचेरी, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, एनडीआरएफ और एनएसजी की झांकियाँ भी शामिल हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए छत्तीसगढ़ राज्य के जनसम्पर्क विभाग की पूरी टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह चयन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता, लोक परंपरा और एकता के भाव की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान है। एकता परेड में प्रस्तुत होने वाली यह झांकी हमारे राज्य की ‘एकता में विविधता’ की अद्भुत परंपरा को सजीव रूप में प्रदर्शित करेगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की झांकी इस वर्ष बस्तर की बदलती पहचान और विकास यात्रा पर केंद्रित होगी। राज्य शासन के जनसम्पर्क विभाग द्वारा तैयार की जा रही यह झांकी बस्तर की जनजातीय अस्मिता, पारंपरिक लोकनृत्य, वेशभूषा, ढोकरा धातु कला, आदिवासी चित्रकला और आधुनिक विकास के समन्वय को प्रदर्शित करेगी। झांकी का मुख्य संदेश होगा कि बस्तर अब बदलाव की राह पर है — संघर्ष से विकास की ओर, भय से विश्वास की ओर। इसमें दर्शाया जाएगा कि जिस भूमि ने कभी संघर्ष और असमानता के दौर देखे, आज वही क्षेत्र शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और बुनियादी ढांचे के माध्यम से शांति और समृद्धि की नई पहचान गढ़ रहा है।राज्य सरकार की पुनर्वास एवं विकासोन्मुख नीतियों ने नक्सल प्रभावित इलाकों में स्थायी परिवर्तन की दिशा में नई ऊर्जा का संचार किया है। यह झांकी न केवल बस्तर की सांस्कृतिक आत्मा को प्रदर्शित करेगी, बल्कि छत्तीसगढ़ के समग्र विकास, एकता और लोकगौरव की झलक भी पेश करेगी।राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर आयोजित इस भव्य परेड में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह स्वयं उपस्थित रहेंगे और चयनित राज्यों की झांकियों का अवलोकन करेंगे। इस आयोजन का उद्देश्य भारत की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक विविधता को एक मंच पर लाना है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की झांकी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के संकल्प को सशक्त करेगी और देश के सामने राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, विकास यात्रा और सामाजिक एकता का उज्ज्वल उदाहरण प्रस्तुत करेगी।
- -बस्तर और सरगुजा संभाग में सफल क्रियान्वयनरायपुर। राज्य शासन द्वारा ग्रामीण अंचलों में लोगों को सस्ती और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने के लिए ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना’ लागू की गई है। योजना का प्रथम चरण बस्तर और सरगुजा संभाग के जिलों में शुरू किया गया है। अब तक 34 चयनित मार्गों में से 33 बसों का संचालन प्रारंभ हो चुका है, जिससे कुल 250 नए गाँवों को पहली बार बस सुविधा मिली है।परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य ऐसे ग्रामों को जनपद मुख्यालय, तहसील, नगरीय क्षेत्र और जिला मुख्यालय से जोड़ना है, जहाँ पहले बस सुविधा नहीं थी। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा, रोजगार के अवसर और आपसी संपर्क में बढ़ोतरी मिली है, जिससे ग्राम विकास को नई दिशा मिल रही है।परिवहन सचिव श्री एस. प्रकाश ने बताया कि राज्य शासन द्वारा बस संचालकों को प्रोत्साहन के रूप में प्रथम वर्ष में 26 रूपए, द्वितीय वर्ष में 24 रूपए तथा तृतीय वर्ष में 22 प्रति किलोमीटर की वित्तीय सहायता दी जा रही है। इसके साथ ही बस संचालकों को मासिक कर से 3 वर्ष तक की पूर्ण छूट दी जाएगी। उन्होंने बताया कि बस मार्गों का चयन जिला स्तरीय समिति की अनुशंसा पर राज्य स्तरीय समिति द्वारा किया जाता है। चयनित मार्गों पर निविदा प्रक्रिया के माध्यम से सबसे कम वित्तीय दर देने वाले आवेदक को बस संचालन की अनुमति दी जाती है, जिसके बाद परमिट जारी किया जाता है।इस योजना के तहत सुकमा जिले में छह, नारायणपुर में 4, जगदलपुर में 1, कोंडागांव में 3, कांकेर में 5, दंतेवाड़ा में 1, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 2, सूरजपुर में 2, कोरिया में 3, जशपुर में 4 और बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में 2 बस का संचालन किया जा रहा है। साथ ही, 9 नए मार्गों पर बस संचालन के लिए परमिट जारी करने की प्रक्रिया जारी है।उल्लेखनीय है कि विगत 5 अक्टूबर को केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जगदलपुर में इस योजना की शुरुआत करते हुए बसों को हरी झंडी दिखाई। पहले चरण में यह योजना आदिवासी बहुल बस्तर और सरगुजा संभागों के गांवों को कवर करेगी और 34 बसों के जरिए 34 मार्गों पर सेवाएं शुरू की जाएंगी जो 11 जिलों के 250 गांवों को जोड़ेंगी।
- -उच्च स्तरीय बैठक में सचिवों से विभागीय कार्यों की समीक्षारायपुर / मुख्य सचिव श्री विकास शील ने कहा कि कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा दिए गए निर्देशों पर त्वरित और प्रभावी अमल सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी विभागीय सचिवों को सड़क, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य सहित अन्य प्राथमिक क्षेत्रों के लिए ठोस एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव आज मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में विभिन्न विभागों के भारसाधक सचिवों के साथ योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे।बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना में शामिल विभागों के एक्शन प्लान्स की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन कार्यों का शिलान्यास किया जा चुका है, उन्हें निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण कर लोकार्पण सुनिश्चित किया जाए।बैठक में वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार ने प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना तथा जेम पोर्टल के माध्यम से शासकीय विभागों में की जा रही खरीदी की प्रक्रिया पर प्रस्तुतीकरण दिया। इसी प्रकार, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. रवि मित्तल ने जनसम्पर्क विभाग द्वारा शासन की योजनाओं के प्रचार-प्रसार से संबंधित गतिविधियों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह एवं जेल श्री मनोज कुमार पिंगुआ, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, आदिम जाति तथा अनुसूचित जनजाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सहित सभी विभागों के सचिव उपस्थित थे।
- -कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में दिए निर्देशों के परिपालन में बनाई गई समिति-कलेक्टर ने दिए निर्देशरायपुर । कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने जिले में जेम पोर्टल से खरीदी करने के लिए प्रक्रियाओं का पालन करने के निर्देश दिए हैं। इसके निरीक्षण के लिए जिला स्तरीय समिति बनाई जाएगी, जो सभी विभागों द्वारा जेम पोर्टल से की जाने वाली खरीदी का निरीक्षण करेगी। यह समिति प्रक्रियाओं के उचित ढंग से पालन और खरीदे जाने वाले सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करेगी। यह समिति अपर कलेक्टर श्री मनीष मिश्रा के अध्यक्षता में बनाई जाएगी। कलेक्टर डॉ सिंह ने यह निर्देश मुख्यमंत्री द्वारा लिए गए कलेक्टर कॉन्फ्रेंस के परिपालन में दिया है। इस समिति में अपर कलेक्टर श्री मनीष मिश्रा के अलावा अन्य सदस्यों के रूप में आयुक्त नगर निगम बीरगांव, महाप्रबंधक उद्योग विभाग, जिला कोषालय अधिकारी और जिला सांख्यिकी अधिकारी होंगे।
- -राजनांदगांव की ओर प्रस्थान से पहले रायपुर में डॉ. रमन सिंह जनता से होंगे रूबरूरायपुर।: छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष और राजनांदगांव विधायक डॉ. रमन सिंह अपने जन्मदिवस के अवसर पर 15 अक्टूबर 2025 को जनता से मुलाकात करेंगे। वे सुबह 10:00 बजे से 11:30 बजे तक रायपुर के शंकर नगर स्थित निवास स्थान (स्पीकर हाउस) में उपस्थित रहकर जनता, शुभचिंतकों और समर्थकों से संवाद करेंगे। इसके उपरांत, दोपहर 12:00 बजे वे राजनांदगांव के लिए प्रस्थान करेंगे, जहाँ वहाँ आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेकर जनता के साथ जन्मदिवस जन्मदिवस मनाएंगे।
- दुर्ग / प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ने दुर्ग जिले के ग्रामीण परिवारों के जीवन में नई उम्मीद और सम्मान का उजाला फैलाया है। इसी योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत परसाही के निवासी श्री लतेलू सोनवानी, पिता श्री सुकलाल की कहानी एक प्रेरणादायक सफलता की मिसाल बनी है।हितग्राही लतेलू सोनवानी, जो कबाड़ी का काम करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे, एक सम्मानजनक घर की आशा रखते थे। आज प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के माध्यम से उनका यह सपना साकार हुआ है। पहले वे कच्चे मकान में रहते थे जो हर बरसात में टपकता था। परिवार की सुरक्षा और बच्चों की पढ़ाई के लिए वे निरंतर चिंतित रहते थे। लेकिन योजना के अंतर्गत उन्हें 1.20 लाख की अनुदान राशि और 23,790 रूपए मनरेगा मजदूरी राशि स्वीकृत हुई। कुल 1.43 लाख की सहायता से उन्होंने एक सुंदर और मजबूत पक्का मकान बनवाया। अब उनके घर में शौचालय, बिजली और पानी की सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। उनका परिवार सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रहा है। लतेलू सोनवानी ने भावुक होकर कहा “मेरे लिए यह आवास किसी वरदान से कम नहीं है। अब मेरे नाती-पोते भी पक्के मकान में रहने का सुख पाएंगे, यह सोचकर ही मुझे बहुत खुशी होती है। पहले जहां कच्ची मिट्टी की दीवारों और टीन की छत वाला घर हुआ करता था, आज वहां पक्की ईंटों की दीवारें, सुंदर फर्श और मजबूत छत वाला मकान तैयार है। अब न कीड़े-मकोड़ों का डर है, न बारिश की सीलन या टपकती छत की चिंता।”इस वर्ष की दिवाली पर श्री लतेलू सोनवानी अपने नए पक्के घर का शुभ उद्घाटन करेंगे। उनके लिए यह दिवाली विशेष होगी, क्योंकि इस बार वे अपने स्वयं के घर में दीप जलाकर नई रोशनी का स्वागत करेंगे।























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