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अरमुरकसा में रोपा आम का पौधा, उचित देखभाल के दिए निर्देश
शासकीय अस्पताल दल्लीराजहरा में व्यवस्था सुधारने हेतु की चर्चाउचित मूल्य की दुकान में व्यवस्था का लिया जायजाविकास कार्यों हेतु विभिन्न स्थानों का किया निरीक्षणबालोद/ कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आज डौण्डी विकासखण्ड एवं नगर पालिका दल्लीराजहरा का सक्रिय दौरा कर विभिन्न विकास कार्यों एवं जनहित में व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने विभिन्न स्थानों का आकस्मिक निरीक्षण कर जायजा लिया। उन्होंने इस दौरे में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य, और यातायात सुगमता जैसे क्षेत्रों में सकारात्मक कदम उठाए। इस अवसर पर नगर पालिका परिषद दल्लीराजहरा के अध्यक्ष श्री तोरण साहू, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, एसडीएम श्री सुरेश साहू, जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और स्थानीय नागरिक भी शामिल रहे। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने आज प्रातः सर्वप्रथम डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम अरमुरकसा पहुँचकर स्थानीय ग्रामीणों और अधिकारियों के साथ मिलकर फलदार पौधों का रोपण किया। जिसमें आम, नीबू, चीकू के लगभग 300 पौधे रोपे गए। यह पहल पर्यावरण संरक्षण और हरित छत्तीसगढ़ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ग्रामीणों ने इस अभियान में उत्साहपूर्वक भाग लिया और क्षेत्र को हरा-भरा बनाने का संकल्प लिया।कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने नगर पालिका दल्लीराजहरा के जैन चैक में ’स्वच्छ छत्तीसगढ़-स्वस्थ छत्तीसगढ़’ अभियान के तहत स्वच्छता श्रमदान में शामिल हुई। उन्होंने वहाँ नगर पालिका अध्यक्ष श्री तोरन साहू, अपर कलेक्टर श्री चन्द्रकांत कौशिक, एसडीएम श्री सुरेश सहित वार्ड पार्षदों और बड़ी संख्या में नागरिकों के साथ एकजुट होकर श्रमदान किया। इस पहल ने न केवल शहर की साफ-सफाई को बढ़ावा दिया, बल्कि शहर में स्वच्छता के प्रति जागरूकता भी फैलाई। शिक्षा के क्षेत्र में प्रगति के लिए कलेक्टर ने दल्लीराजहरा के बीएसपी स्कूल क्रमांक 01 और गुरूनानक स्कूल भवन का निरीक्षण किया। उन्होंने वहाँ कक्षों का जायजा लिया और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को केन्द्रीय विद्यालय के संचालन के लिए भवन में आवश्यक सुधारों के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त उन्होंने गोटूलमुण्डा के समीप केन्द्रीय विद्यालय के लिए चिन्हांकित स्थल का भी निरीक्षण किया और राजस्व विभाग को आवश्यक कार्यवाही के लिए निर्देशित किया।कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने दल्लीराजहरा के कोण्डे पावर हाउस स्थित शासकीय अस्पताल का आकस्मिक दौरा कर वहाँ उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने मरीजों को दी जा रही सेवाओं की जानकारी ली तथा अस्पताल में बेहतर व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने वहाँ शासकीय उचित मूल्य की दुकान का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहाँ राशन वितरण की स्थिति और स्टॉक की जानकारी ली। उन्होंने वहाँ राशन लेने पहुँचे लोगों से बातचीत कर राशन की उपलब्धता और वितरण प्रक्रिया की जानकारी ली। लोगों ने बताया कि उन्हें प्रतिमाह समय पर राशन मिल रहा है। कलेक्टर ने गोटूलमुण्डा पहुँचकर जमही से गोटूलमुण्डा तक प्रस्तावित दल्लीराजहरा बायपास रोड के निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया। यातायात को सुगम बनाने और मालवाहक वाहनों के आवागमन को आसान करने के लिए उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से अब तक की प्रगति की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। यह बायपास रोड क्षेत्र में यातायात की भीड़भाड़ को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के इस दौरे ने दल्लीराजहरा और आसपास के क्षेत्रों में विकास, स्वच्छता, और जनकल्याण के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाया है। पर्यावरण संरक्षण से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य, और यातायात सुधार तक, ये प्रयास क्षेत्र के समग्र विकास में योगदान देंगे। स्थानीय नागरिकों ने इन पहलों की सराहना की और प्रशासन के साथ मिलकर क्षेत्र को और बेहतर बनाने का संकल्प व्यक्त किया। -
*इंजेक्शन वेल तकनीक से भूजल स्तर बढ़ाने की पहल*
बिलासपुर/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिले में जल संरक्षण एव जल संचय के वृहद प्रयास किये जा रहे है। जिला प्रशासन द्वारा मोर गांव मोर पानी महाअभियान के तहत इस दिशा में कार्ययोजना बनाकर व्यापक कार्य किये जा रहे है। सुशाासन तिहार में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आगमन कोटा ब्लॉक के ग्राम आमागोहन में हुआ था। ग्राम आमागोहन से ही भूजल स्तर बढ़ाने का प्रयास कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल के मार्गदर्शन में जिले में शुरू किया गया।मोर गांव मोर पानी महाअभियान के तहत जिले में भूजल रिचार्ज की आधुनिक तकनीक इंजेक्शन वेल को तेजी से अपनाया जा रहा है। यह तकनीक गांव को जल संकट से निजात दिलाने और भविष्य के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।*क्या है इंजेक्शन वेल तकनीक -*इंजेक्शन वेल एक ऐसी प्रणाली है, जिसमें वर्षा जल को सीधे जमीन के भीतर स्थित जल स्तर तक पहुंचाया जाता है। यह प्रक्रिया पानी के भंडारण से अधिक प्रभावी होती है। क्योंकि यह भूजल को सीधे रिचार्ज करती है। जिससे हैंडपंप, कुएं और तालाब पुनः जलयुक्त हो जाते है। ग्राम अमागोहन, सोनपुरी में इंजेक्शन वेल तकनीक का उपयोग कर वर्तमान में सूखे तालाबों, पार्काेलेशन टैंक, डबरियों में इंजेक्शन वेल का कार्य किया जा रहा है। इस कार्य से सतही जल एवं वर्षा जल को तालाब में जमा कर उसे फिल्टर करते हुए साफ पानी से भूजल स्तर को रिचार्ज किया जा रहा है।*जनभागीदारी से मिल रही सफलता -*जिला प्रशासन द्वारा मोर गांव मोर पानी अभियान को जन आंदोलन के रूप में अपनाया गया है। जिले में इसके लिए जनजागरुकता का कार्य मनरेगा और एनआरएलएम के दल कर रहे हैं। जिससे भू जल के कम से कम उपयोग और भूजल स्तर को बढ़ाने के प्रयास में जनभागीदारी पर जोर दिया जा रहा है फलस्वरूप अब तक विगत 1 माह में ही 54 बोरी बंधान के कार्य नालों में कर लिए गए है। तेज बहाव को कम करते हुए आसपास के भूजल स्तर को बढ़ाया जा सके। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में गर्मी के दिनों में अधिक जल की आवश्यकता वाली फसलों जैसे धान की बुवाई के स्थान पर कम भूजल उपयोग वाले फसलों के विषय में जानकारी दी रही है।जिले में निष्क्रिय बोरवेल को फिर से चालू करने के लिए 159 स्थानों का चिन्हांकन कर सैंड फिल्टर तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इस अभियान को मोर गांव मोर पानी महाअभियान से जोड़कर क्रियान्वित किया जा रहा है इसके लिए जून माह के पहले सप्ताह में भी अलग अलग क्लस्टर में लगभग 6000 प्रतिभागियों की एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया जिसमें गांव के सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक और स्व सहायता समूह की दीदियों ने भाग लिया। प्रशासन के इस अनूठे प्रयास से पानीं बचाने लिए लोगों में जागरूकता आ रही है जिससे भविष्य सुरक्षित हो रहा है। -
बिलासपुर/राज्य में रैम्प (RAMP) योजना अंतर्गत वैकल्पिक वित्तपोषण को बढ़ावा देने के लिए 17 जून को सवेरे 10.30 बजे से दोपहर 2 बजे एक दिवसीय कार्यशाला हाईटेक बस स्टैण्ड के समीप स्थित होटल मोटेल बिलासपुर सिटी के किंग हॉल में होगी। कार्यशाला का आयोजन नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के सहयोग से हो रहा है। जिसमें एसएमई एक्सचेंज में लिस्टिंग की प्रक्रिया समझाई जाएगी एवं इससे जुड़ी जानकारियां भी दी जाएंगी। उक्त कार्यशाला में उद्योग संघों एवं सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों के प्रतिनिधि, सी.ए. तथा संबंधित विषय विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया है।
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शासकीय कार्यों में पारदर्शिता, दक्षता और डिजिटल सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए उल्लेखनीय कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री श्री साय की पहल पर राज्य के वित्त विभाग एवं पेंशन संचालनालय द्वारा डिजीलॉकर प्लेटफॉर्म के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक पेंशन भुगतान आदेश (ePPO) और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की डिजिटल उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। यह पहल राज्य सरकार के डिजिटलीकरण संकल्प की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है।राज्य के लगभग 3.61 लाख सरकारी कर्मचारी और 1.50 लाख पेंशनभोगी अब डिजीलॉकर के माध्यम से अपने जीपीएफ स्टेटमेंट, अंतिम भुगतान आदेश, पेंशन प्रमाण पत्र और पेंशन भुगतान आदेश जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों को कहीं से भी, कभी भी, सुरक्षित एवं प्रमाणिक रूप में प्राप्त कर सकते हैं। इस सुविधा से दस्तावेजों की फिजिकल प्रतियों पर निर्भरता समाप्त हो जाएगी और कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने से भी राहत मिलेगी, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अभिनव पहल के सफल क्रियान्वयन के लिए पेंशन संचालनालय की तकनीकी दक्षता, दस्तावेजों के डिजिटलीकरण में की गई मेहनत तथा डिजीलॉकर प्लेटफ़ॉर्म के साथ किए गए समन्वय की सराहना की । यह कदम न केवल प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सक्षम बना रहा है, बल्कि नागरिकों में विश्वास और संतोष भी बढ़ा रहा है।यह पहल भारत सरकार के डिजिटल इंडिया मिशन की भावना के अनुरूप छत्तीसगढ़ की ओर से एक उदाहरण बनकर उभरी है। मुख्यमंत्री श्री साय की इस पहल से पेंशनरों, कर्मचारियों और प्रशासन—तीनों को सीधा लाभ मिल रहा है।
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*समेकित प्रयासों से कुपोषण उन्मूलन और महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता देने के निर्देश*
बिलासपुर/संभागायुक्त श्री सुनील जैन ने आज बिलासपुर संभाग के महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर योजनाओं में प्रगति की गहन समीक्षा की। उन्होंने समेकित प्रयासों से कुपोषण उन्मूलन और महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। संभागायुक्त ने कहा कि योजनाओं की प्रभावशीलता तभी मानी जाएगी जब उसका वास्तविक लाभ बच्चों, महिलाओं और जरूरतमंदो तक पहुंचे। महिला एवं बाल विकास विभाग विकास सीधे समाज के सबसे संवेदनशील वर्गों के साथ जुड़ा हुआ है इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संभागायुक्त कार्यालय मेें आयोजित बैठक में डिप्टी कमिश्नर श्रीमती स्मृति तिवारी, बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, जांजगीर-चांपा, मुंगेली, सक्ती, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही और सारंगढ़-बिलाईगढ़ के जिला कार्यक्रम अधिकारियों ने भाग लिया।संभागायुक्त ने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल योजनाओं का संचालन नहीं, बल्कि प्रभावी क्रियान्वयन और परिणामों की निगरानी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुपोषण को जड़ से समाप्त करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। संभागायुक्त ने गंभीर, मध्यम कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें पोषण पुनर्वास केन्द्र (एनआरसी) भेजकर उन्हें सुपोषण की श्रेणी में लाने के निर्देश दिए। उन्होंने सारंगढ़-बिलाईगढ़ और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में अतिरिक्त एनआरसी शुरू करने के निर्देश दिए। वर्तमान में यहां एक-एक एनआरसी संचालित है। जांजगीर-चांपा में 6, रायगढ़ में 5, सक्ती में 2, कोरबा में 5, बिलासपुर में 4 एवं मुंगेली में 3 एनआरसी का संचालन किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी महत्वपूर्ण केन्द्र है इसका सही संचालन हो। आंगनबाड़ी साफ सुथरे रहें, बच्चों के पर्सनल हाईजीन पर ध्यान दे। बच्चों, गर्भवती और धात्री माताओं को आंगनबाड़ी केन्द्रों में गरम पका भोजन, रेडी-टू-ईट की गुणवत्ता एवं समयबद्ध आपूर्ति पर विशेष जोर दिया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की उपस्थिति, बच्चों की प्री-स्कूल शिक्षा, वजन और ऊंचाई की माप लेने जैसे निर्देश दिए। पोषण ट्रैकर एप का उपयोग शत प्रतिशत सुनिश्चित करने कहा। आंगनबाड़ी केन्द्रों में स्थानीय जनभागीदारी से कुछ रोचक कार्यक्रम जैसे बच्चों का बर्थडे मनाना जैसी गतिविधियां आयोजित की जाए। उन्होंने रिक्त पदों पर अभियान चलाकर भरती करने के निर्देश दिए। निर्माण कार्यो को प्राथमिकता से पूरा करने कहा।उन्होंने सभी अधिकारियों को जमीनी स्तर पर नियमित निरीक्षण करने, हितग्राहियों से प्रत्यक्ष संवाद करने और समस्याओं का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए। संभागायुक्त ने महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री मातृवंदन योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, नोनी सुरक्षा योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, छत्तीसगढ़ महिला कोष योजना, सक्षम योजना, वजन तिहार सहित अन्य योजनाओं की विस्तृत समीक्षा कर जरूरी निर्देश दिए। -
भिलाईनगर। राज्य शासन के निर्देशानुसार नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्रांतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के लाभार्थी आधारित निर्माण (बी.एल.सी.) घटक अंतर्गत मकान आबंटन किया गया है। उसका रैपिड असेंसमेंट सर्वे से प्राप्त दस्तावेज के आधार पर शासन के निर्देशानुसार तृतीय फेस में निकाय की संयुक्त समिति द्वारा परीक्षण उपरांत संशोधित 127 पात्र आवेदनों की सूची दावा आपत्ति हेतु आमंत्रित किया जा रहा है। जिस किसी व्यक्ति, संस्था अथवा समूह को किसी प्रकार की आपत्ति अथवा दावा हो तो दिनांक 16.06.2025 से 23.06.2025 तक की अवधि में प्रधानमंत्री आवास योजना कार्यालय जोन क्रं. 03 प्रथम तल में लिखित रूप से दावा आपत्ति कर सकते है। दिनांक 23.06.2025 पश्चात किसी भी प्रकार की दावा आपत्ति अमान्य होगा। रैपिड असेंसमेंट सर्वे में तृतीय फेस में 127 पात्र आवेदकों की सूची को नगर निगम भिलाई के मुख्य कार्यालय एवं सभी 5 जोन कार्यालयों के सूचना पटल एवं वार्डो के मुख्य स्थलों पर चस्पा किया गया है। नागरिक अपनी सुविधा अनुसार जाकर दावा आपत्ति कर सकते है।
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भिलाईनगर। आज आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय, एम.आई.सी. सदस्य लक्ष्मीपति राजू, जोन आयुक्त कुलदीप कुमार गुप्ता के साथ नगर निगम भिलाई के जोन क्रं. 05 क्षेत्र के उद्यानों एवं वाटर एटीएम का निरीक्षण किए। वार्ड क्रं. 67 सेक्टर 07 स्थित सड़क 8-9 उद्यान में स्थापित फाउंटेन संधारण एवं अन्य मरम्मत कार्य के लिए उप अभियंता को निर्देशित किए। शिव धाम तालाब उद्यान की साफ-सफाई व्यवस्था को बनाये रखते हुए बारिश से पूर्व अवांछित खरपतवार एवं डालियों की कटाई-छटाई कराने हेतु उद्यान अधिकारी तिलेश्वर साहू को निर्देशित किये।
ओवरब्रिज के बगल में लगे उद्यान में भी फौव्वारा स्थापित है, जो वर्तमान में बंद है। उपस्थित जोन आयुक्त और उप अभियंता कोसंधारण कर शीध्र चालू कराने निर्देशित किए, जिससे रोड साइड स्थित उद्यानों की सुंदरता और आकर्षकता बरक़रार रहे।निरीक्षण के दौरान कार्यपालन अभियंता अनिल सिंह, जोन स्वास्थ्य अधिकारी सैमुएल, जोन सहायक राजस्व अधिकारी अनिल मेश्राम, सहायक उद्यान अधिकारी संजय शर्मा, सहायक अभियंता दीपक देवांगन, उप अभियंता श्वेता माहेश्वर, आदि उपस्थित रहे। - -छुझ्या तालाब टिकरापारा में तत्काल पुलिया निर्माण प्रारंभ करने, चिंगरी नाला, पीहर नाला की सफाई करवाने, नाले में जाली लगाकर कचरे को रोकने, एसटीपी के व्यवस्थित संचालन, इंदिरा स्मृति वन को पीपीपी मोड पर विकसित करने देने चर्चा, मानसून में वृहद वृक्षारोपण की योजना सहित अनेक निर्देश दियेरायपुर - आज नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे एवं आयुक्त श्री विश्वदीप ने नगर निगम जोन 8 क्षेत्र में खारून नदी पीहर नाला के बाजू में चिंगरी नाला क्षेत्र, नदी के किनारे जोन 6 वार्ड 63 में छुइया तालाब, शीतला मंदिर के पास टिकरापारा मोहल्ला, जोन 9 वार्ड 33 में केपिटल पैलेस के पीछे, अवंति विहार सेक्टर 1 कविता नगर नाला, जोन 9 कार्यालय एवं दलदल सिवनी स्थित इंदिरा स्मृति वन क्षेत्र का निरीक्षण एमआईसी सदस्य श्री भोला राम साहू, श्री खेम कुमार सेन, जोन अध्यक्ष श्री गोपेश साहू, श्री बद्री प्रसाद गुप्ता, पार्षद महेन्द्र औसर, देवदत्त द्विवेदी, प्रमोद साहू, जोन कमिश्नरों, कार्यपालन अभियंताओ, जोन स्वास्थ्य अधिकारियों की उपस्थिति में किया एवं राजधानी शहर में बारिश पूर्व नालो की सफाई व्यवस्था का प्रत्यक्ष अवलोकन किया और आवश्यक निर्देश जोन कमिश्नरो को वार्ड पार्षदो एवं आमजनों से स्थल पर चर्चा कर दिये।महापौर श्रीमती मीनल चौबे एवं आयुक्त श्री विश्वदीप ने जोन 8 क्षेत्र में महादेव घाट खारून नदी के किनारे पीहर नाला, चिंगरी नाला क्षेत्र में बारिश पूर्व सफाई का निरीक्षण कर मानसून की पहली बारिश आने के पूर्व सुव्यवस्थित तरीके से सफाई करवाने नदी के किनारे अभियान चलाकर प्लास्टिक कचरा हटाने, नाले में जाली लगाकर कचरे को रोकने का कार्य करने एवं एसटीपी का सुव्यवस्थित संचालन करने के संबंध में आवश्यक निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये।महापौर एवं आयुक्त ने नगर निगम जोन 6 के वार्ड 63 के तहत टिकरापारा शीतला मंदिर छुझ्या तालाब नाला की सफाई व्यवस्था का बारिश पूर्व निरीक्षण किया। जोन 6 अध्यक्ष एवं वार्ड पार्षद सहित आमजनों से चर्चा की एवं सफाई को लेकर आवश्यक निर्देश अधिकारियों को दिये। महापौर और आयुक्त ने गंदे पानी का सुगम निकास करने स्वीकृति अनुसार नई पुलिया का कार्य तत्काल प्रारंभ करने के निर्देश जोन कमिश्नर एवं कार्यपालन अभियंता को दिये।महापौर श्रीमती मीनल चौबे, आयुक्त श्री विश्वदीप ने जोन 3 क्षेत्र में वार्ड 33 के तहत अवंति विहार कालोनी सेक्टर 1 केपिटल पैलेस के पीछे के नाले की बारिश पूर्व सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया। नागरिको ने चर्चा के दौरान नाले में तेज बारिश में जलभराव की समस्या की जानकारी दी तो महापौर और आयुक्त ने जोन 3 कमिश्नर एवं जोन स्वास्थ्य अधिकारी को नाले की छोटी पोकलेन मशीन तत्काल लगाकर तले तक लद्दी निकालकर मानसून की बारिश आने के पूर्व मुहाना खोलकर व्यवस्थित सफाई करवाने के निर्देश दिये ताकि जल भराव की समस्या बारिश में ना आने पाये।महापौर और आयुक्त ने जोन 9 कार्यालय पहुंचकर जोन अध्यक्ष एमआईसी सदस्य, पार्षद से बारिश पूर्व सफाई व्यवस्था को लेकर चर्चा की एवं जोन कमिश्नर एवं अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये। महापौर एवं आयुक्त ने जोन 9 के क्षेत्र अंतर्गत दलदल सिवनी में इंदिरा स्मृति वन क्षेत्र का निरीक्षण पार्षदो और अधिकारियों सहित किया और नगर निगम रायपुर को इसका आधिपत्य मिलने के बाद अब इसका सुव्यवस्थित विकास व सौंदर्गीकरण करने योजना बनाकर इसे पीपीपी मोड के आधार पर विकसित करने चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिये। महापौर श्रीमती मीनल चौबे और आयुक्त श्री विश्वदीप ने मानसून में इंदिरा स्मृति वन क्षेत्र में योजना बनाकर वृहद वृक्षारोपण अभियान समाज हित में पर्यावरण संरक्षण हेतु प्राथमिकता से करने के निर्देश दिये।
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-नगर पालिक निगम रायपुर, सीबीडीए और बीपीसीएल के मध्य हुआ एमओयू
रायपुर /छत्तीसगढ़ को शुद्ध हरित राज्य की दिशा में ले जाने के उद्देश्य से आज एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया। राज्य सरकार की सतत योजना के अंतर्गत कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह, मुख्य कार्यपालन अधिकारी सीबीडीए श्री सुमित सरकार, हेड बायोफ्यूल्स बीपीसीएल मुम्बई श्री अनिल कुमार पी., नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप की उपस्थिति में नगर पालिक निगम रायपुर, छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण (सीबीडीए) और भारत पेट्रोलियम कॉर्पाेरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के बीच त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के अंतर्गत रायपुर के रावाभाठा क्षेत्र में प्रतिदिन 100 से 150 टन मिश्रित ठोस अपशिष्ट एमएसडब्ल्यू से कंप्रेस्ड बायोगैस सीबीजी उत्पादन हेतु संयंत्र की स्थापना की जाएगी।इस परियोजना की आधारशिला पहले ही 13 मार्च 2024 को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव की उपस्थिति में हुए एमओयू के माध्यम से रखी जा चुकी थी। अब इसके ठोस क्रियान्वयन की दिशा में कदम बढ़ाते हुए यह समझौता किया गया है। बीपीसीएल इस संयंत्र के निर्माण हेतु 100 करोड़ रुपये का निवेश करेगा। संयंत्र के निर्माण और संचालन के दौरान प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 30 हजार मानव दिवस का स्थायी रोजगार उपलब्ध होगा। इसके अतिरिक्त, निर्माण चरण में भी स्थानीय लोगों को बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर मिलेंगे।इस संयंत्र में उत्पादित सीबीजी गैस का उपयोग नगर बसों और अन्य वाणिज्यिक माध्यमों में किया जाएगा, जिससे राज्य को हर वर्ष लगभग 1 करोड़ रुपये का जीएसटी प्राप्त होगा। संयंत्र से सह-उत्पाद के रूप में प्राप्त जैविक खाद से राज्य में जैविक खेती को भी बढ़ावा मिलेगा। इस परियोजना से ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में कमी आएगी, जिससे पर्यावरण अधिक स्वच्छ होगा। सीबीजी के उपयोग से छत्तीसगढ़ को नेट ज़ीरो एमिशन की दिशा में भी मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम में बीपीसीएल और सीबीडीए के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। -
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने अहमदाबाद विमान हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे शब्दातीत और हृदयविदारक घटना बताया और हादसे में मृत लोगों को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि दी है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने अपने शोक संदेश में मृतकों के परिजनों को यह गहन दुःख सहने का धैर्य व सम्बल प्रदान करने की परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना की। श्री देव ने हादसे के बाद प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए केंद्र व गुजरात सरकार के प्रयासों की चर्चा करते हुए कहा कि केंद्र व गुजरात सरकार के साथ-साथ छतीसगढ़ और पूरा देश शोक संतप्त परिवारों साथ खड़ा है। श्री देव ने हादसे में जख्मी लोगों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। - -सिर्फ आधारकार्ड की होगी जरूरत-छत्तीसगढ़ के जिला अस्पतालों और सीएचसी में मिलगी सेवारायपुर / प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम के तहत निःशुल्क डायलिसिस सेवा दी जा रही है। जिसका नाम जीवनधारा है। इस योजना का उद्देश्य सभी जिलों में निःशुल्क डायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराना है। इसकी सेवा एस्काग संजीवनी प्राईवेट लिमिटेड द्वारा दिया जा जाएगा। यह सेवा निःशुल्क है जिसके लिए मात्र आधारकार्ड की आवश्यकता होगी। इस योजना के राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी डॉ. कमलेश जैन हैं।इस योजना के तहत जिला अस्पताल रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, अंबिकापुर, सूरजपुर, कोरिया, महासमुंद, दुर्ग, कांकेर, राजनांदगांव, जगदलपुर, जांजगीर-चांपा, गरियाबंद, रायगढ़, धमतरी, देवभोग, बालोद, कबीरधाम, मुंगेली, बलौदाबाजार, बीजापुर, बलरामपुर, कोण्डागांव, नारायणपुर, बेमेतरा, सुकमा, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, सारंगढ़, खैरागढ़, मानपुर सीएससी सहित सभी जिलों के अस्पतालों में यह सेवा संचालित की जा रही है। 25 अप्रैल 2022 से अभी तक जिला अस्पताल में डायलिसिस मशीन और डायलिसिस प्रक्रिया शुरू हैं, जिससे अभी तक 19 हजार 692 सेशन हो चुकें हैं। अधिक जानकारी के लिए मोबाईल नं 75068-18793 और टोल फ्री नंबर 18001022294 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
- दंतेवाड़ा । जिला के कुआकोंडा विकासखंड के ग्राम बेदीपारा की एक किशोर बालिका ने एक प्रशिक्षण में भाग लेने के बाद अपने घर में पढ़ाई का कोना बना डाला। हुआ यह कि बीते गुरुवार को मितानिन दीदियों, ग्रामीण महिलाओं, अभिभावकों और किशोरों के बीच एक कार्यशाला हुई। इस कार्यशाला में जिला प्रशासन, यूनिसेफ और सर्वहितम के सहयोग से चलित रूप नहीं गुण को देखो, आज क्या सीखा तथा पढ़ाई का कोना कार्यक्रम के बारे में विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया।इसमें उपस्थित सुश्री पूर्णिमा नागवंशी पिता श्री आसाराम नागवंशी ने इसके महत्त्व को गंभीरता से सूना। उसने घर पहुँचते ही एक योजना बनायीं और घर में अपनी माँ की पुरानी साड़ी का घेरा बनाकर घर मे पढ़ाई का कोना बना दिया। इसमें उसने पुस्तकें व्यवस्थित की। दीवार पर रूटीन चिपकाया। अब उसने इसी जगह पर पढाई करना प्रारम्भ कर दिया है। इस कोना के प्रभाव पर पूछने पर उसने बताया कि पहले की अपेक्षा हमारी पढ़ने में दिलचस्पी बढ़ रही है। मेरे माता - पता भी मुझे इसमें सहयोग करने लगे हैं। गाँव के युवाओं के प्रति अपने दायित्व पर उसने बताया कि अब मैं अपने गाँव के किशोर बालक-बालिकाओं को पढाई का कोना के महत्त्व के बारे में बताउंगी और उसके निर्माण करने के लिए प्रेरित करुँगी। उक्त जानकारी जिला समन्वयक राजेश बघेल ने देते हुए बताया कि दंतेवाड़ा जिला के चयनित 100 गांव में किशोरों के समग्र विकास हेतु रूप नहीं गुण को देखो, आज क्या सीखा तथा पढ़ाई का कोना कार्यक्रम कार्यान्वित हो रही है।
- बेमेतरा ।कलेक्ट्रेट के दृष्टि सभाकक्ष में आज नारको को-ऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD), सड़क सुरक्षा, नशा मुक्त भारत अभियान, पशु क्रूरता निवारण तथा नवीन कानूनों के क्रियान्वयन को लेकर एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रामकृष्ण साहू ने की ।*बैठक में पिछले माह मई में हुई बैठक के बिंदुओं और सुझावों की प्रगति की समीक्षा की गई तथा आगामी रणनीतियों पर चर्चा हुई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने नशीले पदार्थों के बढ़ते प्रचलन पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि युवाओं का भविष्य नशे की गिरफ्त में जा रहा है, जिसे रोकने के लिए पुलिस व प्रशासन द्वारा ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।*उन्होंने कहा कि जिले में नशीले पदार्थों के खिलाफ एक संगठित व समर्पित प्रयास की आवश्यकता है। अब तक नशे के कारोबार से जुड़े कुछ व्यक्तियों पर कार्रवाई की गई है तथा मादक पदार्थ भी जब्त किए गए हैं।*बैठक में अपर कलेक्टर अनिल बाजपेयी, पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा, समाज कल्याण, आबकारी विभाग सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।श्री साहू ने स्कूलों व कॉलेजों में नशा विरोधी जागरूकता अभियान चलाने पर बल दिया। समाज कल्याण विभाग को प्रचार-प्रसार के माध्यम से समाज में जागरूकता फैलाने के लिए विशेष कार्यक्रम बनाने के निर्देश दिए गए।**नवीन कानूनों के क्रियान्वयन पर भी विस्तार से चर्चा हुई। आबकारी विभाग और नगरपालिका अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सड़क किनारे अव्यवस्थित रूप से खड़े ठेले-गुमटियों को व्यवस्थित करें और उल्लंघन की स्थिति में आवश्यक कार्रवाई करें। सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन करने वालों के विरुद्ध भी सख्ती से कार्रवाई करने कहा ।*सड़क सुरक्षा के संदर्भ में जिला परिवहन अधिकारी श्री अरविंद भगत ने बताया कि जिले में राष्ट्रीय राजमार्गों और बेरला क्षेत्र में दुर्घटनाओं की संख्या अधिक है। इन क्षेत्रों में ब्लैक स्पॉट चिन्हांकित कर आवश्यक सुरक्षा उपाय, जैसे स्पीड ब्रेकर, संकेतक बोर्ड आदि लगाए गए हैं। कलेक्ट्रेट के सामने सड़क सुरक्षा को लेकर स्पीड लिमिट बोर्ड, डिवाइडर तथा मस्ट लाइट की व्यवस्था हेतु राष्ट्रीय राजमार्ग को पत्राचार करने की बात कही गई।*पशु क्रूरता पर चर्चा के दौरान यह मुद्दा सामने आया कि कुछ लोग पशुओं को एकत्र कर बध हेतु अन्य स्थानों पर बेचते हैं। इस पर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि गश्त के दौरान ऐसी गतिविधियों पर कार्रवाई की गई है, और यदि समय पर जानकारी मिलती है तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
- मरवाही ।विश्व रक्तदान दिवस के अवसर पर 14 जून को भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी, जिला गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही द्वारा एक दिवसीय रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर जिला चिकित्सालय, गौरेला पेण्ड्रा मरवाही में प्रातः 10 बजे से शाम 4 बजे तक किया जाएगा। शिविर का उद्देश्य लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूक करना तथा आवश्यकता पड़ने पर ज़रूरतमंदों को समय पर रक्त उपलब्ध कराना है। रेडक्रॉस सोसाइटी द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस शिविर में पहुँचकर रक्तदान करें और मानवता की इस सेवा में भागीदार बनें।
- कवर्धा। जिले के ऐसे इच्छुक अभ्यर्थी जो, निजी क्षेत्रों में रोजगार करना चाहते है, उन्हें अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र, कबीरधाम कार्यालय परिसर में 17 व 18 जून 2025 को प्रातः 11 बजे से दोपहर 03 बजे तक प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें 17 जून 2025 को सेफ इंटेलीजेन्ट सिक्यूरिटी सर्विस, आर्या नगर, कोहका, नेवरा सिरसा रोड, भिलाई द्वारा पद सिक्यूरिटी गार्ड (पुरूष) के 300 पद तथा 18 जून 2025 को ग्रीन एग्रीटेक साल्यूषन, अभिलाषा परिसर, बिलासपुर द्वारा पद फिल्ड आफिसर (पुरूष) के 25 पद पर भर्ती किया जाना है। यह प्लेसमेंट कैम्प पूर्णतः निःशुल्क है। यह नियुक्ति केवल निजी क्षेत्र के संस्थाओं में कार्य के लिए किया जाता है। चयन संबंधी कार्यवाही नियोजक द्वारा ही किया जाना है, अतः पद, संस्था, कार्य, वेतन व अन्य विस्तृत जानकारी कैम्प में उपस्थित नियोजक या प्रतिनिधि से संपर्क कर प्राप्त की जा सकती है। प्लेसमेंट कैम्प में सम्मिलित होने के लिए इच्छुक अभ्यर्थी को अपने रोजगार पहचान पत्र, समस्त शैक्षणिक प्रमाण पत्र, स्थायी जाति व निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, 1 पासपोर्ट साईज फोटो, ड्राईविंग लायसेंस व अन्य प्रमाण पत्रों (जो पद हेतु आवश्यक हो) की मूलप्रति एवं छायाप्रतियों के साथ नियत समय में जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र, जिला न्यायालय रोड, कवर्धा, जिला कबीरधाम में उपस्थित हो सकते है। इस हेतु किसी भी प्रकार का मार्ग व्यय देय नहीं होगा।
- -कलेक्टर ने शिक्षा विभाग के अधिकारी और प्राचार्यों की ली बैठकधमतरी।कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने कहा कि बोर्ड परीक्षा परिणाम आशानुरूप नहीं आने पर अब शिक्षकों और प्राचार्यों पर जिम्मेदारी तय होगी। जिन स्कूलों के परिणाम कम आये है, उन स्कूलों के प्राचार्य इसके कारणों पर विचार करें और उनमें सुधार करें। कलेक्टर श्री मिश्रा ने आज शिक्षा विभाग के अधिकारियों और प्राचार्यों की समीक्षा बैठक ली। स्थानीय डॉ. शोभाराम देवांगन हायर सेकेण्डरी स्कूल में आयोजित इस बैठक में कलेक्टर ने कहा कि धमतरी जिले में अच्छे शिक्षक, बच्चे और जागरूक पालकगण हैं, जो बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान रखते है। उसके बाद भी जिले के 13 ऐसे स्कूल है, जिनमें 50 प्रतिशत से भी कम परिणाम आये है, जो सोचनीय है।कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों में सुधार की आवश्यकता है, जो इस वर्ष आप सभी की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षा के विद्यार्थियों के परिणाम सुधारने हेतु मासिक, तिमाही और छमाही परीक्षा आयोजित कर अच्छी तैयारी करायें। आने वाले दिनों में इसी पर समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि आप सभी कक्षा के कमजोर बच्चों को अलग क्लास लेकर उनके स्तर में सुधार करें और मेधावी विद्यार्थियों को मेरिट में आने के अनुरूप तैयारी करायें। उन्होंने सभी प्राचार्यों से कहा कि स्वप्रेरणा और इच्छाशक्ति से कार्य करें तो स्कूल का परिणाम अच्छा लाया जा सकता है। कलेक्टर ने कहा कि अन्य जिलों की अपेक्षा धमतरी जिले में ज्यादा बेहतर सुविधायें उपलब्ध है। इसका समुचित उपयोग करते हुए बच्चों की पढ़ाई पर फोकस करें। उन्होंने 16 जून को जिले के सभी स्कूलों में शाला प्रवेशोत्सव की सभी तैयारियां पूरी करने के भी निर्देश दिए। कलेक्टर ने इस दिन बच्चों को पाठ्यपुस्तक, गणवेश और बालिकाओं को सायकल वितरित करने को भी कहा।कलेक्टर श्री मिश्रा ने प्राचार्यों से कहा कि पीएमश्री स्कूलों की तर्ज पर अब हायर सेकेण्डरी स्कूलों में भी एक प्रतिस्पर्धा आयोजित की जायेगीं। इसमें सफाई, प्लांटेशन, कबाड़ से जुगाड़, शौचालयों की स्थिति, क्लास रूम की स्थिति पर मूल्यांकन किया जाएगा। इनमें प्रथम स्थान के स्कूल को 5 लाख, द्वितीय को 3 लाख और तृतीय को 2 लाख रूपये का पुरस्कार दिया जाएगा। इसके साथ ही अन्य 10 बेहतर शालाओं को भी एक-एक लाख रूपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी। उन्होंने जिले में शिक्षकों व संस्थाओं द्वारा किये जा रहे अच्छे कार्यों की सराहना भी की।बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्रीमती रोमा श्रीवास्तव ने कहा कि परीक्षा परिणामों को बेहतर बनाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम करना जरूरी है। इसके साथ ही बच्चो को पढ़ाई से जोड़ने हेतु कुछ रोचक एक्टिविटीज का भी सहारा लिया जाना चाहिए। सीईओ ने कहा कि स्कूलों मे बिजली, पानी, शौचालय, भवन मरम्मत आदि के कार्यों को बारिश के पूर्व लें, ताकि किसी प्रकार की परेशानी न हो। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी श्री टीआर जगदल्ले ने शाला प्रवेशोत्सव संबंधी जानकारी व आगामी दिनों में परीक्षा परिणामों को बेहतर करने के संबंध में तैयार कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी दी।
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- - कचरे से कमाई की राह: रायपुर में बनेगा आधुनिक बायोगैस संयंत्र-हरित ऊर्जा में आत्मनिर्भरता की ओर छत्तीसगढ़ का कदम-कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट के लिए त्रिपक्षीय समझौतारायपुर । छत्तीसगढ़ सरकार ने सतत् और पर्यावरण हितैषी नीति को गति देते हुए एक महत्वपूर्ण पहल की है। इस दिशा में आज रायपुर नगर पालिक निगम, छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण (सीबीडीए) एवं भारत पेट्रोलियम कॉर्पाेरेशन लिमिटेड (BPCL) के मध्य त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। यह एग्रीमेंट सतत योजना (SATAT & Sustainable Alternative Towards Affordable Transportation) के तहत नगरीय ठोस अपशिष्ट से कम्प्रेस्ड बायोगैस उत्पादन हेतु किया गया है।यह एग्रीमेंट छत्तीसगढ़ राज्य में सतत ऊर्जा उत्पादन एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार स्वच्छ ऊर्जा, स्वच्छ पर्यावरण और सतत विकास को प्राथमिकता दे रही है। सतत् योजना के तहत कम्प्रेस्ड बायोगैस संयंत्र की स्थापना न केवल अपशिष्ट प्रबंधन में सहायक होगी, बल्कि रोजगार और हरित अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देगी।ग्राम रांवाभाटा, रायपुर में प्रस्तावित संयंत्र 100.150 टन प्रतिदिन डैॅ संसाधित कर बायोगैस का उत्पादन करेगा। इसमें शत-प्रतिशत निवेश भारत पेट्रोलियम कॉर्पाेरेशन लिमिटेड द्वारा किया जाएगा, जिसकी लागत लगभग 100 करोड़ रुपए की होगी। संयंत्र के माध्यम से रायपुर सहित आसपास के नगरीय निकायों से लगभग 150 टन प्रतिदिन ठोस अपशिष्ट का उपयोग किया जाएगा।इस संयंत्र से जुड़ी प्रमुख विशेषताएंरोजगार सृजन - संयंत्र के संचालन से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 30 हजार मानव दिवस प्रति वर्ष रोजगार सृजित होंगे। पर्यावरणीय लाभ संयंत्र के संचालन से ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में कमी आएगी तथा राज्य छमर्ज मतव म्उपेेपवद लक्ष्य की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ेगा। आय और राजस्व पूर्ण क्षमता पर कार्यरत संयंत्र से राज्य को प्रतिवर्ष लगभग 1 करोड़ रुपए का जीएसटी प्राप्त होगा। जैविक खेती को बढ़ावा संयंत्र से सह-उत्पाद के रूप में प्राप्त जैविक खाद का उपयोग जैविक कृषि को प्रोत्साहन देगा। इससे पूर्व 2024 में भिलाई नगर पालिक निगम के साथ त्रिपक्षीय समझौता हो चुका है और 2025 में अंबिकापुर, रायगढ़, कोरबा, राजनांदगांव धमतरी एवं बिलासपुर में कम्प्रेस्ड बायोगैस संयंत्र हेतु एमओयू निष्पादित किया गया है।आज हुए एग्रीमेंट हस्ताक्षर कार्यक्रम में रायपुर कलेक्टर श्री गौरव कुमार, सीबीडीए के सीईओ श्री सुमित सरकार, बीपीसीएल बायोफ्यूल्स प्रमुख श्री अनिल कुमार पी, नगर निगम रायपुर कमिश्नर श्री विश्वदीप समेत भारत पेट्रोलियम कॉर्पाेरेशन लिमिटेड और सीबीडीए के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
- -ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों को मिलेगा गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, शैक्षणिक स्तर में आएगा सुधाररायपुर । छत्तीसगढ़ शासन की युक्तियुक्तकरण नीति ने कबीरधाम जिले के विद्यार्थियों के भविष्य को एक नई दिशा दी है। इस नीति के तहत अब स्कूलों में विषय-विशेषज्ञ शिक्षकों की तैनाती सुनिश्चित की जा रही है, जिससे छात्रों को उनकी कक्षा और विषय के अनुसार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में गणित, विज्ञान, रसायन और वाणिज्य जैसे प्रमुख विषयों के लिए योग्य शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। यह पहल न केवल शिक्षण व्यवस्था को संतुलित कर रही है, बल्कि ग्रामीण व दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी शिक्षा के समान अवसर प्रदान कर रही है। महत्वपूर्ण विषयों में शिक्षकों की तैनाती से छात्रों की पढ़ाई में आ रही बाधाएँ अब दूर होगी।शासन की मंशा है कि शहरी ही नहीं, बल्कि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी उनकी रुचि और आवश्यकता के अनुसार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो। इसी उद्देश्य को केंद्र में रखते हुए कबीरधाम जिले के 12 शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में वाणिज्य विषय के लिए विषय-विशेषज्ञ शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खैरबनाकला, रेंगखार कला, रामपुर, गेंदपुर, सिलहाटी, सूरजपुरा वन, नवघटा, कुकदूर, खैरझिटी पुराना, पलानसरी, पंडरिया और सिंघारी के स्कूल में वाणिज्य विषय के लिए विषय-विशेषज्ञ शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। इन विद्यालयों में अब बच्चों को न केवल बेहतर शिक्षण सुविधा मिलेगी, बल्कि उन्हें विषय की गहरी समझ और मार्गदर्शन भी प्राप्त होगा।स्कूलों में विशेषज्ञ शिक्षकों की नियुक्ति से छात्रों की शैक्षणिक गुणवत्ता और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। पहले जहां कई विद्यालयों में एकल शिक्षक के कारण विषय विशेष की शिक्षा बाधित हो रही थी, अब युक्तियुक्तकरण के तहत हर विषय के लिए योग्य शिक्षक उपलब्ध कराए जा रहे हैं शासन की यह नीति केवल शिक्षकों के युक्तिकरण की योजना भर नहीं है, बल्कि यह एक दूरदर्शी और क्रांतिकारी प्रयास है, जो शिक्षा के क्षेत्र में संतुलन, पारदर्शिता और प्रभावशीलता लाने का कार्य कर रही है। इससे शिक्षा व्यवस्था न केवल सुदृढ़ होगी, बल्कि परिणाममुखी भी बनेगी, जिसका प्रत्यक्ष लाभ छात्रों को मिलेगा। इस नीति का सबसे बड़ा लाभ ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों को मिलेगा, जो अब तक संसाधनों की कमी और शिक्षकों की अनुपलब्धता के कारण पिछड़ रहे थे। विशेषज्ञ शिक्षकों की तैनाती से अब यह विद्यार्थी भी प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं में न केवल भाग ले सकेंगे, बल्कि सफलता भी अर्जित करेंगे।
- -उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई का प्रावधानमहासमुंद / राज्य शासन द्वारा मछलियों की वंश वृद्धि एवं प्रजनन काल को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2025-26 में भी विगत वर्षों की भांति मत्स्याखेट पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया है। यह प्रतिबंध आगामी 16 जून 2025 से 15 अगस्त 2025 तक लागू रहेगा।इस अवधि में जिले के सभी तालाबों एवं जल स्त्रोतों (जो नदी-नालों से जुड़े हुए हैं) में मत्स्याखेट (मछली पकड़ने) की गतिविधियाँ पूर्णतः प्रतिबंधित रहेंगी। केवल ऐसे छोटे तालाब अथवा जल स्त्रोत, जिनका संबंध किसी भी नदी या नाले से नहीं है, एवं जलाशयों में किये जा रहे केज कल्चर को इस प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है। यदि कोई व्यक्ति इस आदेश का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो छत्तीसगढ़ मत्स्य क्षेत्र (संशोधित) अधिनियम के नियम-3 (5) के अंतर्गत उस पर एक वर्ष तक का कारावास, 10,000 रुपए तक का जुर्माना अथवा दोनों एक साथ दंड के रूप में दिए जा सकते हैं।मत्स्य विभाग द्वारा सभी मत्स्य पालकों, ठेकेदारों एवं मछुआ समुदाय को निर्देशित किया गया है कि वे उक्त अवधि में मछली पकड़ने से परहेज करें, जिससे प्राकृतिक रूप से मछलियों की संख्या में वृद्धि हो सके एवं जल स्रोतों में जैव विविधता बनी रहे।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा दिनांक 30 अप्रैल 2025 को जारी आदेश क्रमांक एफ 2-19/2024/20-तीन के तहत सेवा से समाप्त किए गए बी.एड. अर्हताधारी सहायक शिक्षकों को सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के पद पर समायोजित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।इस निर्णय के तहत समायोजन की प्रक्रिया ओपन काउंसिलिंग के माध्यम से की जाएगी, जो दिनांक 17 जून 2025 से 26 जून 2025 तक प्रतिदिन शासकीय शिक्षा महाविद्यालय परिसर, शंकर नगर, रायपुर में आयोजित की जाएगी।कुल 2621 अभ्यर्थियों को काउंसिलिंग में सम्मिलित किया गया है। इन अभ्यर्थियों के समायोजन हेतु राज्य के 29 जिलों के स्कूलों में 2621 रिक्त पद निर्धारित किए गए हैं। काउंसिलिंग प्रक्रिया को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए इसे दो पालियों में आयोजित किया जाएगा। प्रथम पाली में 150 एवं द्वितीय पाली में 150 अर्थात प्रतिदिन कुल 300 अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग होगी।काउंसिलिंग में सम्मिलित होने वाले सभी अभ्यर्थियों की सूची स्कूल शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइटhttps://eduportal.cg.nic.in/पर उपलब्ध है। उप संचालक लोक शिक्षण संचालनालय ने अभ्यर्थियों से आग्रह किया है कि वे निर्धारित समय पर आवश्यक दस्तावेजों सहित काउंसिलिंग स्थल पर उपस्थित रहें।
- -20 जून तक कर सकते है दावा-आपत्तिरायपुर । शासकीय शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय, शंकर नगर, रायपुर द्वारा बी.एड. (विभागीय) सत्र 2025-27 हेतु अनंतिम चयन सूची एवं अनंतिम प्रतीक्षा सूची जारी कर दी गई है। यह सूची महाविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइटhttp://cteraipur.org/एवं राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् की वेबसाइटhttps://scert.cg.gov.in/पर उपलब्ध है।अभ्यर्थी दिनांक 12 जून 2025 से 20 जून 2025 तक चयन सूची व प्रतीक्षा सूची के संबंध में दावा-आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं। निर्धारित समय सीमा के बाद प्राप्त होने वाले किसी भी प्रकार के दावे-आपत्तियों पर विचार नहीं किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी स्वयं अभ्यर्थी की होगी। दावा-आपत्ति प्रस्तुत करने के लिए अभ्यर्थियों को आवश्यक दस्तावेजों के साथ शासकीय शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय, शंकर नगर, रायपुर के कक्ष क्रमांक 07 में प्रवेश प्रभारी के समक्ष कार्यालयीन समय में अपना अभ्यावेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।
- -राज्यपाल दरभंगा में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में हुए शामिलरायपुर /राज्यपाल श्री रमेन डेका गत दिवस बिहार राज्य के दरभंगा में राष्ट्रीय सनातनी सेवा संघ द्वारा ‘‘सीमा सुरक्षा हम सब की जिम्मेदारी‘‘ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत एक विशाल और विविधतापूर्ण देश है, जिसकी सीमाएँ हिमालय की ऊँचाइयों से लेकर हिंद महासागर की गहराइयों तक फैली हुई हैं। सीमा की सुरक्षा केवल सैनिकों और सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।राज्यपाल श्री डेका ने अपने उद्बोधन में कहा कि सीमा की रक्षा राष्ट्रीय एकता, अखंडता और संप्रभुता को बनाए रखने का आधार है। सीमा की सुरक्षा, देश की आंतरिक और बाह्य स्थिरता के लिए आवश्यक है। यह न केवल बाहरी खतरों जैसे आतंकवाद, घुसपैठ और तस्करी से रक्षा करती है, बल्कि देश की आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान को भी संरक्षित करती है। भारत की सीमाएँ, पाकिस्तान, चीन, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान और म्यांमार जैसे पड़ोसी देशों के साथ साझा की जाती हैं, और प्रत्येक सीमा की अपनी अनूठी चुनौतियाँ हैं।श्री डेका ने कहा कि हमारे सैनिक, प्राणों की बाजी लगाकर सीमा की सुरक्षा करते हैं लेकिन उनकी यह जिम्मेदारी तब और प्रभावी होती है, जब समाज और नागरिक उनका साथ देते हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोग संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख सकते हैं और स्थानीय प्रशासन या सुरक्षा बलों को सूचित कर सकते हैं। असामान्य गतिविधियों, जैसे तस्करी या घुसपैठ, की जानकारी देना, देश की सुरक्षा को मजबूत करता है। आज के युग में सीमा सुरक्षा में तकनीक का उपयोग बढ़ रहा है। ड्रोन, सैटेलाइट निगरानी, और स्मार्ट फेंसिंग जैसे उपकरण सीमा पर निगरानी को और प्रभावी बना रहे हैं। श्री डेका ने कहा कि नागरिक के रूप में, हम तकनीकी नवाचारों को समर्थन दे सकते हैं और सरकार के डिजिटल सुरक्षा प्रयासों में सहयोग कर सकते हैं।
- -किसानों को दी गई आधुनिक कृषि तकनीक, जैविक उपायों एवं विभागीय योजनाओं की जानकारीमहासमुंद / विकासखंड महासमुंद के ग्राम बम्हनी एवं बेमचा में "विकसित कृषि संकल्प अभियान" के अंतर्गत कृषि संकल्प यात्रा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर किसानों को कृषि से संबंधित नवीनतम तकनीकों, वैज्ञानिक विधियों तथा विभिन्न विभागीय योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई।ग्राम बम्हनी में आयोजित कार्यक्रम में उपसंचालक कृषि श्री एफ आर कश्यप, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री मनी राम ऊईके, कृषि विस्तार अधिकारी श्री मनोज पटेल, कृषि विज्ञान केंद्र महासमुंद से डॉ. रवीश केशरी, डॉ. एस. के. प्रधान, डॉ. पी. के. केसरिया, पशुपालन विभाग से श्री एल. आर. साहू, मत्स्य विभाग से श्री रेवती रमण, उद्यानिकी विभाग से श्री मति अलका सोनी एवं श्री मति उषा मरावी, उपस्थित रहे।इसके अलावा समिति अध्यक्ष श्री नामदेव साहू (बरोंडा बाजार), सरपंच बम्हनी श्रीमती रूपा ध्रुव, सरपंच चिंगरोद श्री छेरकू जी, सहकारी समिति प्रबंधक श्री हेमलाल साहू सहित कई जनप्रतिनिधि एवं किसान बड़ी संख्या में उपस्थित थे।कार्यक्रम में किसानों को मशरूम उत्पादन, लाइट ट्रैप एवं फेरोमोन ट्रैप, जैविक कीट नियंत्रण, खेती की वैज्ञानिक विधियाँ, पशुपालन, उद्यानिकी, मत्स्य एवं कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही कृषि विभाग ने मौके पर ही किसानों की समस्याएं सुनीं और उनके त्वरित निराकरण की दिशा में कदम उठाए।ग्राम बेमचा में कृषि संकल्प यात्राग्राम बेमचा में आयोजित कृषि संकल्प यात्रा में जनपद सदस्य श्रीमती सुधा योगेश्वर चंद्राकर ने किसानों को संबोधित करते हुए हॉर्टिकल्चर फसलों को बढ़ावा देने, एफपीओ के गठन, तथा तकनीकी खेती को प्रोत्साहन देने की बात कही।कार्यक्रम में सरपंच श्री देवेंद्र चंद्राकर, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि श्री राहुल चंद्राकर, सहकारी समिति अध्यक्ष श्री रामदयाल यादव, लोहारडीह के उपसरपंच श्री चेनेश कांत डहरिया, समिति प्रबंधक श्री फत्ते लाल निर्मलकर सहित अनेक ग्रामीण जनप्रतिनिधियों ने अपनी भागीदारी दी।कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को आत्मनिर्भर एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण से कृषि करने के लिए प्रेरित करना रहा, ताकि वे आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर खेती को अधिक लाभकारी बना सकें। विकसित कृषि संकल्प अभियान के माध्यम से ग्राम स्तर पर पहुंचकर कृषि वैज्ञानिकों एवं विभागीय अधिकारियों ने सीधे किसानों से संवाद कर उन्हें नवीन तकनीकों, योजनाओं एवं साधनों से परिचित कराया, जिससे उन्हें खेती में लागत कम और उत्पादन अधिक करने में सहायता मिलेगी।
- महासमुंद / जिले में जैविक खेती को प्रोत्साहन देने एवं किसानों को नवीनतम जैविक तकनीकों की जानकारी देने हेतु जिला स्तरीय किसान जैविक कृषि मेला सह कृषक-वैज्ञानिक परिचर्चा का आयोजन 14 जून, शनिवार को बागबाहरा विकासखण्ड के ग्राम बोडराबांधा स्थित माध्यमिक शाला स्कूल मैदान में किया जा रहा है। इस आयोजन में लोकसभा महासमुंद की सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होंगी। कार्यक्रम में जिले के किसान, जनप्रतिनिधिगण, कृषि वैज्ञानिक, कृषि विभाग के अधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं जैविक खेती से जुड़े विशेषज्ञ बड़ी संख्या में भाग लेंगे। उप संचालक कृषि श्री एफ.आर. कश्यप ने जिले के सभी किसानों, कृषक समूहों एवं आमजन से अनुरोध किया है कि वे इस मेले में अधिकाधिक संख्या में शामिल होकर अपनी सक्रिय सहभागिता दें एवं आयोजन को सफल बनाएं।
- रायपुर। सर्जन– एक ऐसा नाम जो न केवल चिकित्सा विज्ञान की तकनीकी बारीकियों को जानता है, बल्कि हर टांके में नई आशा, हर ऑपरेशन में एक जीवन, और हर निर्णय में संवेदना का स्पर्श भी रखता है। ऐसे ही समर्पित सर्जनों के योगदान को सम्मानित करने हेतु, जनरल सर्जरी विभाग, डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर द्वारा अंतरराष्ट्रीय सर्जन सप्ताह के अवसर पर जनजागरूकता कार्यक्रम तथा पोस्टर प्रस्तुति प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया।इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य सर्जनों की समाज में भूमिका को रेखांकित करना, उनकी सेवा भावना को जनसामान्य तक पहुँचाना तथा सर्जिकल स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति आम जनता में जागरूकता फैलाना रहा। कार्यक्रम के अंतर्गत युवा चिकित्सकों द्वारा सर्जरी, कैंसर से बचाव, पोस्ट-ऑपरेटिव केयर और जनजागरूकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर रचनात्मक पोस्टर प्रदर्शनी प्रस्तुत की गई, जिससे चिकित्सा के विभिन्न पहलुओं को सरल और प्रभावी रूप में जनमानस तक पहुँचाया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रोफेसर डॉ. मंजू सिंह (विभागाध्यक्ष, जनरल सर्जरी विभाग) ने की। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा "कैंसर से बचाव उसका सर्वोत्तम इलाज है। शीघ्र निदान और समय पर उपचार अनेक जटिलताओं को रोक सकता है। सर्जरी केवल उपचार नहीं, बल्कि एक नई जीवन दिशा देने का कार्य है।"डॉ. मंजू सिंह ने वर्तमान में सर्जरी की शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों का मार्गदर्शन करते हुए उन्हें समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने और एक कुशल, संवेदनशील सर्जन बनने हेतु प्रेरित किया।वरिष्ठ सर्जन डॉ. अमित अग्रवाल ने अम्बेडकर अस्पताल में किए जा रहे निःशुल्क एवं जटिल ऑपरेशनों की जानकारी साझा करते हुए आमजन को बेहतर इलाज के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि चिकित्सा महाविद्यालय से संबध्द अम्बेडकर अस्पताल एक ऐसा संस्थान है, जहाँ तकनीक, विशेषज्ञता और सेवा भावना एक साथ कार्य करती है।"कार्यक्रम में डॉ. सरिता दास, डॉ. राजेंद्र रात्रे एवं डॉ. वीरेंद्र प्रताप भी उपस्थित रहे। सभी विशेषज्ञों ने निःशुल्क लैप्रोस्कोपिक सर्जरी, लेज़र सर्जरी और जटिल कैंसर सर्जरी की सुविधाओं के विषय में बताया और उनके प्रति जागरूकता फैलाने का संदेश दिया। "हर सफल सर्जरी के पीछे छिपी होती है एक सर्जन की तपस्या, अनुभव, और मानवीय करुणा।" यही संदेश कार्यक्रम के माध्यम से जन-जन तक पहुँचाया गया।डॉ. रेशम सिंह, सर्जरी रेजिडेंट एवं अध्यक्ष, जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन छत्तीसगढ़ ने कहा कि "अम्बेडकर अस्पताल में गरीब से गरीब तबके के लोगों के लिए जटिल से जटिल ऑपरेशन निःशुल्क किए जा रहे हैं और हजारों लोग इसका लाभ उठा रहे हैं। आम जनमानस को यह जानना चाहिए कि इस अस्पताल में गंभीर से गंभीर बीमारियों का भी सफल इलाज संभव है। अतः सभी जरूरतमंद मरीजों को यहां इलाज कराने के लिए आगे आना चाहिए।"



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