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- नयी दिल्ली। भारत, रूस, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के वैज्ञानिक कोविड-19 के खिलाफ दवा विकसित करने के लिए साथ मिलकर शोध करेंगे । सोमवार को एक आधिकारिक बयान के कहा गया कि कोविड-19 के खिलाफ प्रभावी दवा की तलाश के इस संयुक्त प्रयास में जैवसूचना विभाग, कार्बनिक रसायन, चिकित्सा रसायन, औषधि परीक्षण, परजीवी विज्ञान से जुड़े विशेषज्ञों का जुड़ना अतिमहत्वपूर्ण रहेगा। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने एक बयान में कहा कि विभिन्न क्षेत्रों के वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों के प्रयासों, ज्ञान और अनुभव के सम्मिश्रण से ब्रिक्स देशों में स्वास्थ्य प्रणाली और स्वास्थ्य देखभाल दोनों सर्वश्रेष्ठ स्तर पर पहुंच सकेंगे । इसमें कहा गया, “भारत, रूस, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के वैज्ञानिक सार्स-सीओवी-2 के आरएनए की प्रतिकृतियों को उत्प्रेरित करने वाले एंजाइम, मुख्य प्रोटीएज (प्रोटीन के विखंडन को प्रेरित करने वाला एंजाइम) और आरएनए प्रतिकृतियों के खिलाफ सीसा धातु के यौगिकों के पुनर्निमाण, उनके सत्यापन और संश्लेषण के लिए एक साथ मिलकर काम करेंगे।” बयान के मुताबिक, ऐसा करने से मेजबान कोशिकाओं में संक्रमण के दौरान वायरस की परिपक्वता और प्रसार दोनों को बाधित किया जा सकता है और इससे बेहतर उत्पादन विधियों के साथ नई कोविड -19 दवाओं के उत्पादन में मदद मिल सकती है।
- द्रास/नयी दिल्ली। कारगिल विजय दिवस की 22वीं वर्षगांठ पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित पूरे देश ने युद्ध के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। राष्ट्रपति ने कहा कि 1999 के युद्ध में शहीदों ने अदम्य साहस, वीरता और असाधारण बलिदान का परिचय दिया, वहीं प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी बहादुरी हमारे लिए प्रतिदिन प्रेरणादायक है। जम्मू कश्मीर के बारामूला जिले में डैगर युद्ध स्मारक पहुंचे कोविंद ने कहा कि यह स्मारक देश की रक्षा और सुरक्षा के लिए प्राण न्योछावर करने वाले सैनिकों के प्रति असीम सम्मान का प्रतीक है। कोविंद का कारगिल विजय दिवस की 22वीं वर्षगांठ पर शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए सोमवार को लद्दाख के द्रास में युद्ध स्मारक जाने का कार्यक्रम था लेकिन खराब मौसम के चलते उनका यह दौरा रद्द कर दिया गया। उन्होंने बारामूला में कारगिल विजय दिवस के मौके पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। राष्ट्रपति ने डैगर युद्ध स्मारक में आगंतुक पुस्तिका में अपने संदेश में कहा,‘‘ देश 19वीं इन्फैन्ट्री डिवीजन के सैनिकों और अधिकारियों को सलाम करता है, जो हमारे अग्रिम मोर्चे के सैनिकों के तौर पर विपरीत मौसमी स्थितियों में हमारी सीमाओं की रक्षा करते हैं। उन्होंने अदम्य साहस, वीरता और बलिदान का परिचय दिया।'' उन्होंने लिखा,‘‘ डैगर युद्ध स्मारक देश की रक्षा और सुरक्षा के लिए प्राण न्योछावर करने वाले सैनिकों के प्रति असीम सम्मान का प्रतीक है। मुझे विश्वास है कि यह स्मारक भारत के लोगों को भारतीय सेना के उच्च मूल्यों के बारे में शिक्षा देगा और उन्हें प्रेरणा देगा। जय हिंद!'' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोमवार को कारगिल विजय दिवस की 22वीं वर्षगांठ पर पाकिस्तान के साथ हुए इस युद्ध के शहीदों को याद किया और कहा कि उनकी बहादुरी हर दिन देशवासियों को प्रेरित करती है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘हम उनके बलिदान को याद करते हैं। हम उनकी बहादुरी को याद करते हैं। आज कारगिल विजय दिवस के अवसर पर हम उन सभी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, जिन्होंने देश की रक्षा करते हुए कारगिल में अपने आप को न्योछावर कर दिया। उनकी बहादुरी हमें हर दिन प्रेरणा देती है।'' कारगिल विजय दिवस 1999 के कारगिल युद्ध में 'ऑपरेशन विजय' के तहत भारत की पाकिस्तान पर ऐतिहासिक जीत के उपलक्ष में मनाया जाता है। उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने सोमवार को कारगिल विजय दिवस पर 1999 में हुए युद्ध के शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘आज कारगिल विजय दिवस पर उस विजय अभियान में वीरगति प्राप्त करने वाले अमर शहीद सैनिकों के प्रति कृतज्ञ श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। विजय अभियान में भाग लेने वाले वीर सैनिकों और उनके परिवारों के अदम्य शौर्य और धैर्य को देश के इतिहास में सदैव गर्व से याद किया जाएगा।'' इस बीच, विभिन्न दलों के नेताओं, केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों, राज्यपालों आदि ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर देश के कई हिस्सों में समारोह आयोजित किए गए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कारगिल युद्ध में अपने प्राणों की आहुति देने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि दी और कहा कि वीर जवानों के अदम्य साहस, वीरता और बलिदान के दम पर दुर्गम पहाड़ियों पर फिर से तिरंगा फहराया गया। शाह ने ट्वीट किया, ''कारगिल विजय दिवस पर इस युद्ध के सभी वीर सेनानियों का स्मरण करता हूं। आपके अदम्य साहस, वीरता और बलिदान से ही कारगिल की दुर्गम पहाड़ियों पर तिरंगा पुनः गर्व से लहराया।'' रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नयी दिल्ली में राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए ट्वीट किया, '' हमारे तिरंगे की गरिमा के लिए अपनी जान देने वाले प्रत्येक सेनानी को दिल से श्रद्धांजलि। देश की सुरक्षा के लिए आपके व आपके परिवारों के इस सर्वोच्च बलिदान को हम हमेशा याद करेंगे। जय हिंद।'' पाकिस्तान के खिलाफ 1999 में कारगिल युद्ध में अपना जीवन बलिदान करने वाले सैनिकों को सेना ने लद्दाख के द्रास सेक्टर में स्थित युद्ध स्मारक पर जाकर सोमवार को श्रद्धांजलि दी। श्रीनगर के जन संपर्क अधिकारी (रक्षा) कर्नल एमरॉन मुसावी ने बताया कि द्रास स्थित युद्ध स्मारक पर कारगिल विजय दिवस की 22 वीं वर्षगांठ पर एक समारोह का आयोजन किया गया था। लद्दाख के उप राज्यपाल आर के माथुर ने इस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि हिस्सा लिया। उन्होंने स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित किये और शहीदों को श्रद्धांजलि दी। रक्षा प्रवक्ता मुसावी ने बताया कि इस साल यह संयोग है कि कारगिल विजय दिवस के मौके पर ‘स्वर्णिम विजय वर्ष विजय ज्वाला' कारगिल युद्ध स्मारक पहुंच रहा है। विजय ज्वाला की यात्रा 1971 में पाकिस्तान के साथ हुये युद्ध में भारत की जीत के 50 साल पूरा होने की याद दिलाती है।
- नयी दिल्ली। दिल्ली के चिड़ियाघर को तीन महीने बाद आगंतुकों के लिए एक अगस्त से फिर से खोल दिया जाएगा। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के दौरान 15 अप्रैल को चिड़ियाघर को बंद कर दिया गया था। इससे पहले कोविड-19 महामारी की पहली लहर और बर्ड फ्लू के कारण चिड़ियाघर एक वर्ष से भी अधिक समय तक बंद रहा था। इस वर्ष एक अप्रैल को चिड़ियाघर को आगंतुकों के लिए दोबारा खोला गया था, लेकिन कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के कारण उसे दोबारा बंद कर दिया गया था। चिड़ियाघर के निदेशक रमेश पांडे ने कहा, ‘‘हम एक अगस्त से राष्ट्रीय प्राणी उद्यान (दिल्ली चिड़ियाघर) को दोबारा खोलने की योजना बना रहे हैं। इसके लिए हम पूरी तैयारी कर रहे हैं। यह आगंतुकों के लिए दो चरणों में खोला जाएगा। इसकी ऑनलाइन बुकिंग 31 जुलाई से शुरू हो जाएगी।'' आगंतुक या तो चिड़ियाघर की वेबसाइट पर अथवा क्यूआर कोड का उपयोग करके प्रवेश द्वार पर ऑनलाइन टिकट खरीद सकते हैं। चिड़ियाघर को दो पालियों में आगंतुकों के लिए खोला जाएगा। पहली पाली सुबह आठ बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी दोपहर एक बजे से शाम पांच बजे तक होगी। चिड़ियाघर प्रशासन ने कर्मचारियों के लिए साइकिलों की भी व्यवस्था की है और उन्हें परिसर के भीतर मोटरसाइकिल अथवा कारों का इस्तेमाल नहीं करने को कहा है। पांडे ने कहा कि चिड़ियाघर में 2020-21 के दौरान केवल 124 जानवरों की मौत दर्ज की गई, जोकि पिछले तीन वर्षों में सबसे कम है। इस दौरान यह आम जनता के लिए बंद रहा था। इस समय चिड़ियाघर में 94 प्रजातियां और 1,162 जानवर हैं।
- नयी दिल्ली। कोविड-19 से संक्रमित माताओं को अपने बच्चों को स्तनपान कराना जारी रखना चाहिए लेकिन शेष समय में नवजात को छह फुट की दूरी पर रखना चाहिए। यह बात एक वरिष्ठ चिकित्सक ने कही है। लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, नयी दिल्ली में स्त्री रोग विभाग की प्रमुख डॉ. मंजू पुरी ने कहा कि मां से भ्रूण को कोविड-19 का संक्रमण होने के बारे में फिलहाल कोई साक्ष्य नहीं है लेकिन गर्भवती महिलाओं को संक्रमण को रोकने के लिए हरसंभव एहतियात बरतनी चाहिए। टीका लेने में हिचकिचाहट के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि कोविड-19 टीकों का प्रजनन अंगों या प्रजनन क्षमता पर कोई असर नहीं पड़ता है। पुरी गर्भावस्था के दौरान कोविड-19 का टीका लगवाने के हाल के निर्णय और कोरोना वायरस से संक्रमित माताओं को अपने नवजात को बचाने के लिए क्या एहतियात बरतनी चाहिए, इस विषय पर बात कर रही थीं। स्वास्थ्य मंत्रालय के बयान में पुरी के हवाले से बताया गया, ‘‘माताओं को नवजात को स्तनपान कराते रहना चाहिए लेकिन शेष समय में बच्चे को छह फुट दूर रखने की सलाह दी जाती है।'' अगर उसकी देखभाल करने वाला जांच में निगेटिव आता है तो वह भी नवजात की देखभाल कर सकता है।
- भोपाल। भारत मौसम विज्ञान विज्ञान (आईएमडी) ने सोमवार को लगातार चौथे दिन ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए मध्यप्रदेश के 13 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जतायी। आईएमडी द्वारा जारी किया गया मौसम का यह अलर्ट मंगलवार सुबह तक के लिए है। मध्यप्रदेश के अधिकांश हिस्सों में पिछले चार दिनों से बारिश हो रही है। आईएमडी के भोपाल केन्द्र के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी पीके साहा ने कहा कि ऑरेंज अलर्ट ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोक नगर, दतिया, श्योपुर, मुरैना, भिंड, राजगढ़, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर और टीकमगढ़ जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने के लिए जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार के बाद से मध्यप्रदेश में यह लगातार जारी किया गया यह चौथा ऑरेंज अलर्ट है। उनका अनुमान है कि मंगलवार को बारिश कम हो सकती है क्योंकि उत्तर-पश्चिम मध्यप्रदेश पर कम दबाव का क्षेत्र कमजोर हो गया है। साहा ने कहा कि हालांकि उत्तर-पश्चिम मध्यप्रदेश पर चक्रवाती परिसंचरण अभी भी जारी है क्योंकि पूर्व-पश्चिम ट्रफ रेखा 25 डिग्री उत्तरी अक्षांश के साथ चल रहा है।उन्होंने कहा कि बारिश की गतिविधि मध्यप्रदेश के उत्तर पश्चिम हिस्से तक सीमित हो सकती है जिसमें ग्वालियर संभाग शामिल है। अधिकारी ने कहा कि जुलाई के अंत तक एक और अच्छी बारिश होने की उम्मीद है क्योंकि 28 जुलाई को बंगाल की उत्तरी खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। उन्होंने कहा कि पिछले 24 घंटो में मध्यप्रदेश के लगभग सभी हिस्सों में बारिश हुई। रतलाम जिले के जावरा में सुबह साढ़े आठ बजे तक समाप्त हुए 24 घंटों की अवधि में पश्चिम मध्यप्रदेश में सबसे अधिक 260 मिमी बारिश हुई जबकि पूर्वी मध्यप्रदेश के छतरपुर शहर में सबसे अधिक 42.4 मिमी बारिश हुई। मौसम विभाग द्वारा जारी हरे से लाल रंग में अलर्ट के अपने अपने मायने होते हैं। ग्रीन अलर्ट का मतलब बिना कोई चेतावनी है तथा येलो अलर्ट अधिकारियों को स्थिति पर निगाह रखने तथा ओरेंज अलर्ट भारी से बहुत भारी बारिश और रेड अलर्ट बेहद भारी बारिश की चेतावनी देता है।
- करीमगंज। असम के करीमगंज जिले में दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने की टक्कर में तीन लोगों की मौत हो गयी। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक सिलचर-करीगगंज राष्ट्रीय राजमार्ग पर रविवार की रात तेज रफ्तार से आ रहीं दो मोटरसाइकिलें अनियंत्रित हो गयीं और उनमें आमने-सामने टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में विशाल नाथ (25) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल 24 वर्षीय दीपंजन घोष को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। दुर्घटना में तीसरे पीड़ित व्यक्ति बिप्रोजीत घोष (24) को पहले करीमगंज सिविल अस्पताल ले जाया गया और फिर वहां से सिलचर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर किया गया। सिलचर में उसे मृत घोषित कर दिया गया। बड़ापुर थाने के प्रभारी अधिकारी दीपक कुमार सैकिया ने बताया कि दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों का एक समूह दुर्घटनास्थल पर जमा हो गया और जब पुलिस मौके पर पहुंची तो उन्होंने सुरक्षाकर्मियों पर हमला कर दिया। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। पुलिस की कार्रवाई में बाधा पहुंचाने के आरोप में छह लोगों को हिरासत में लिया गया है।
- नयी दिल्ली। सरकार ने सोमवार को लोकसभा में कहा कि शिक्षा मंत्रालय भारतीय उच्च शिक्षा आयोग (एचईसीआई) की स्थापना के लिए एक विधेयक का मसौदा तैयार करने की प्रक्रिया में है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा, शिक्षा मंत्रालय ने मंत्रिमंडल की मंजूरी प्राप्त करने के बाद 29 जुलाई, 2020 को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की घोषणा की थी। एनईपी में एक प्रमुख संस्था के रूप में भारतीय उच्च शिक्षा आयोग के गठन का प्रावधान है जिसमें नियमन, मान्यता प्रदान करने, वित्तपोषण और अकादमिक मानदंड बनाने के अलग-अलग कार्यों के लिए चार स्वतंत्र निकाय होंगे।'' उन्होंने कहा, ‘‘इसी अनुरूप मंत्रालय भारतीय उच्च शिक्षा आयोग स्थापना करने के लिए विधेयक का मसौदा बनाने की प्रक्रिया में है।
- ऋषिकेश। राजाजी टाइगर रिजर्व की गोहरी रेंज में एक गुस्सैल हाथी ने एक युवक को पटक—पटक कर मौत के घाट उतार दिया ।लक्ष्मण झूला के प्रभारी निरीक्षक प्रमोद उनियाल ने बताया कि हादसा गोहरी रेंज से गुजरने वाली ऋषिकेश-नीलकंठ सड़क पर रविवार देर रात हुआ । मनीष डोबरियाल (28) फूलचट्टी में पटना वाटर फॉल के पास मोटरसाइकिल से अपने एक साथी के साथ गुजरते समय वहाँ खड़े जंगली हाथी की चपेट में आ गया। हाथी ने उसे पटक— पटक कर मार दिया जबकि उसके साथी शुभम डोभाल ने भागकर किसी तरह अपनी जान बचाई और पुलिस को घटना की सूचना दी।उनियाल ने बताया कि वारदात के बाद भी गुस्सैल हाथी घटनास्थल के नजदीक ही बना रहा। सुबह उसके जाने के बाद मृतक के शव को उठाया जा सका। मूल रूप से पौड़ी जिले के सतपुली क्षेत्र में कुल्हार गांव का रहने वाला मृतक वर्तमान में ऋषिकेश के गीता नगर क्षेत्र में रहता था और नीलकण्ठ मार्ग स्थित गरूड़ चट्टी के एक रिजॉर्ट में नौकरी करता था। सावन के महीने में नीलकंठ मंदिर आने—जाने वाले श्रद्धालुओं पर हाथियों के हमले की घटनाएं होने का अंदेशा बढ़ गया है। चार महीने पहले मार्च में भी सुबह रत्तापानी क्षेत्र में एक गुस्सैल हाथी ने एक व्यक्ति को गाड़ी से खींचकर कर अपने पांव तले कुचल दिया था।
- बेंगलुरु। बी. एस. येदियुरप्पा ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से अपना इस्तीफा सोमवार को राज्यपाल थावरचंद गहलोत को सौंप दिया। येदियुरप्पा ने राजभवन में श्री गहलोत को इस्तीफा सौंपा। उन्होंने बताया कि उनका त्याग पत्र स्वीकार कर लिया गया है।इससे कुछ ही घंटों पहले, भारतीय जनता पार्टी के नेता बी. एस. येदियुरप्पा ने कहा था कि वह मध्याह्न भोजन के बाद राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप देंगे। येदियुरप्पा ने भावुक होते हुए एवं रुंधे गले से कहा था, मेरी बात को अन्यथा मत लीजिएगा, आपकी अनुमति से... मैंने फैसला किया है कि मैं मध्याह्न भोजन के बाद राजभवन जाऊंगा और मुख्यमंत्री पद से अपना इस्तीफा राज्यपाल को दूंगा। उन्होंने कहा था, मैं दु:खी होकर नहीं, बल्कि खुशी से ऐसा कर रहा हूं।येदियुरप्पा ने 75 साल से अधिक आयु होने के बावजूद उन्हें दो साल मुख्यमंत्री के रूप में सेवा करने का अवसर देने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा का धन्यवाद किया। भाजपा में 75 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को निर्वाचित कार्यालयों से बाहर रखने का अलिखित नियम है।मुख्यमंत्री ने कहा कि वह केंद्रीय नेताओं की उम्मीदों के मुताबिक पार्टी को मजबूत करने के लिए काम करेंगे। येदियुरप्पा ने अपनी सरकार के दो साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम में यह बात कही। येदियुरप्पा ने भाषण के दौरान कहा कि उन्होंने दो साल कठिन परिस्थितियों में राज्य सरकार का नेतृत्व किया। उन्होंने कहा कि उन्हें शुरुआती दिनों में मंत्रिमंडल के बिना प्रशासन चलाना पड़ा और इसके बाद राज्य को विनाशकारी बाढ़ और कोरोना वायरस समेत कई समस्याएं झेलनी पड़ीं।
- महोबा (उप्र)। महोबा जिले के अजनर कस्बे में घरेलू विवाद के चलते एक व्यक्ति ने कथित तौर पर अपनी पत्नी की हत्या कर दी।कुलपहाड़ क्षेत्र के कार्यवाहक पुलिस उपाधीक्षक (सीओ) उमेश कुमार ने सोमवार को बताया कि घटना अजनर कस्बे में रविवार को हुई, जब नशे के आदी आरोपी गयाप्रसाद कुशवाहा ने घरेलू विवाद के चलते अपनी पत्नी प्यारी (45) के गले पर कुल्हाड़ी से वार कर दिया, जिससे घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गयी।उन्होंने बताया कि आरोपी गयाप्रसाद फरार है। बेटे की तहरीर पर उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।----
- इंदौर । मध्यप्रदेश के इंदौर में खासकर झुग्गी बस्तियों में कम उम्र की लड़कियों को यौन अपराधियों से बचाने और महिलाओं के खिलाफ अन्य वारदातों की रोकथाम के लिए इंदौर पुलिस ने सामुदायिक पुलिसिंग का नया प्रयोग शुरू किया है और इसके तहत शहर में महिला स्वयंसेवियों का 40 सदस्यीय दस्ता तैयार किया गया है जो "स्पेशल 40" के नाम से मशहूर हो रहा है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत चौबे ने बताया, "खासकर झुग्गी बस्तियों में कम उम्र की लड़कियां नशेड़ियों और अपराधियों के निशाने पर रहती हैं। हम महिला स्वयंसेवियों के दस्ते की मदद से उन्हें यौन अपराधों का शिकार होने से बचाना चाहते हैं।" उन्होंने बताया, "स्पेशल 40" दस्ते में 20 से 50 साल की महिला स्वयंसेवकों को शामिल किया गया है और उन्हें शारीरिक प्रशिक्षण के साथ ही स्त्रियों के खिलाफ होने वाले अपराधों से जुड़़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी जा रही है।'' चौबे ने बताया कि यह दस्ता इन अपराधों की रोकथाम में पुलिस की मददगार इकाई के रूप में खुफिया सूचनाएं जुटाएगा और जरूरत पड़ने पर पर्व-त्योहारों के आयोजनों, मेलों व अन्य जमावड़ों में इसकी तैनाती की भी जा सकेगी। उन्होंने बताया, "हमने स्पेशल 40 दस्ते की सदस्यों को विशेष वर्दी और वॉकी-टॉकी भी दिया है।"अधिकारी ने बताया कि यह दस्ता झुग्गी बस्तियों में जाकर कम उम्र की लड़कियों को "अच्छे स्पर्श, बुरे स्पर्श" की जानकारी देगा और उन्हें सिखाएगा कि यौन हमले के वक्त उन्हें किस तरह अपना बचाव करना चाहिए। उन्होंने बताया, "हाल के दिनों में शहर में नाबालिग लड़कियों के घर से भागकर असामाजिक तत्वों के चंगुल में फंसने की घटनायें सामने आई हैं और जरूरत पड़ने पर स्पेशल 40 दस्ता कम उम्र की लड़कियों को परामर्श भी देगा ताकि ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
- बागपत (उप्र)। उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बड़ौत कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में छह साल की बच्ची की कथित रूप से गला घोंट कर हत्या कर दी गई । परिजनों ने बच्ची के साथ दुष्कर्म की आशंका जताई है। पुलिस ने रविवार को इसकी जानकारी दी ।घटना की सूचना पर बागपत के पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक एवं क्षेत्राधिकारी समेत श्वान दस्ते की टीम भी मौके पर पहुंची । पुलिस ने बालिका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस के अनुसार बड़ौत कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में छह साल की बच्ची का शव खाली पड़े घर में मिला, जहां पर निर्माण कार्य चल रहा था । उन्होंने बताया कि परिजनों ने घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी। उन्होंने बताया कि इस घटना को लेकर परिजनों व ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। बागपत के पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह ने पत्रकारों को बताया कि परिजनों द्वारा बालिका के साथ शारीरिक शोषण की आशंका जताई गई है। सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सही जानकारी मिलेगी। उन्होंने कहा कि घटनास्थल से जांच के लिए नमूने लिए गए है। बालिका के माथे पर चोट के निशान थे और उसके कपड़ों पर खून लगा हुआ था। अधिकारी ने बताया कि सूचना देने वाले युवक को भी पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
- नई दिल्ली। देश के 66 प्रतिशत स्कूलों, 60 प्रतिशत आंगनबाड़ी केंद्रों और 69 प्रतिशत ग्राम पंचायतों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक नल से पानी की आपूर्ति हेतु कनेक्शन पहुंचाए जा चुके हैं। यह दावा जल शक्ति मंत्रालय ने रविवार को किया।मंत्रालय ने बताया कि आंध्र प्रदेश, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, केरल, पंजाब, सिक्किम, तमिलनाडु, और अंडमान-निकोबार के सभी स्कूलों, आश्रम शालाओं और आंगनबाड़ी केंद्रों तक स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। उल्लेखनीय है कि पिछले साल दो अक्टूबर को स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक नल से पानी पहुंचाने के लिए 100 दिन के अभियान की शुरुआत की गई थी। यह अभियान जल जीवन मिशन का हिस्सा था, जिसका लक्ष्य वर्ष 2024 तक सभी ग्रामीण परिवारों तक नल से जल की आपूर्ति करना है। मंत्रालय ने बताया, ''इस अभियान की शुरुआत करने के बाद से गांवों के 6.85 लाख स्कूलों (66 प्रतिशत), 6.80 लाख आंगनवाड़ी केंद्रों (60 प्रतिशत) और 2.36 लाख ग्राम पंचायतों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (69 प्रतिशत) तक नल से जलापूर्ति की व्यवस्था की गई है।'' जल शक्ति मंत्रालय द्वारा शुरू 100 दिवसीय अभियान की अवधि कुछ राज्यों द्वारा और समय मांगे जाने तक 31 मार्च तक बढ़ा दी गई।
- इंदौर। कोविड-19 के प्रकोप के चलते दो बार टल चुकी मध्य प्रदेश राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2020 महामारी की दूसरी लहर के कमजोर पडऩे पर रविवार को आयोजित हुई। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) के एक अधिकारी ने बताया कि राज्य की इस प्रमुख भर्ती परीक्षा में बैठने वाले हजारों उम्मीदवारों में से केवल एक परीक्षार्थी ने पर्यवेक्षकों को उसके कोरोना वायरस संक्रमित होने की जानकारी दी।एमपीपीएससी के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (ओएसडी) रवींद्र पंचभाई ने बताया, "हमें अब तक मिली सूचना के मुताबिक केवल कटनी में एक उम्मीदवार ने पर्यवेक्षकों को अपने कोरोना वायरस संक्रमित होने की जानकारी दी। इस उम्मीदवार को विशेष केंद्र में बैठाकर परीक्षा ली गई।" पंचभाई ने बताया कि इन दिनों राज्य में महामारी की दूसरी लहर का प्रकोप घटने के कारण हालांकि संक्रमितों की तादाद बेहद कम रह गई है। लेकिन एमपीपीएससी ने एहतियात के तौर पर राज्य के 52 जिला मुख्यालयों में 64 विशेष केंद्र भी बनाए थे जहां संक्रमित उम्मीदवार अलग बैठकर परीक्षा दे सकते थे।उन्होंने बताया कि राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा के लिए कुल 1,011 केंद्र बनाए गए थे जिनमें संक्रमित उम्मीदवारों के लिए बनाए गए 64 विशेष केंद्र शामिल हैं। पंचभाई ने बताया कि मध्य प्रदेश राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2020 में शामिल होने के लिए 3.44 लाख उम्मीदवारों ने आवेदन किया था।
- दीमापुर। नगालैंड के पूर्व मंत्री टी किकॉन का रविवार को वोखा जिले के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह कुछ वक्त से बीमार थे। वह 88 वर्ष के थे। किकॉन के परिवार में पत्नी और सात बच्चे तथा कई पोते-पोतियां हैं। किकॉन दिसंबर 1963 में नगालैंड के निर्माण से पहले विधानसभा के तौर पर कार्य करने के लिए फरवरी 1961 में गठित अंतरिम निकाय के सदस्य थे। किकॉन पहली बार 1964 में एनएनओ के टिकट पर वोखा जिले की भंडारी सीट से नगालैंड विधानसभा के लिए चुने गए थे। छह बार के विधायक, दो बार होकिशे सेमा और जेबी जसोकी के नेतृत्व वाली सरकारों में कैबिनेट मंत्री रहे। नगालैंड के राज्यपाल आर एन रवि और मुख्यमंत्री नेफियू रियो ने पूर्व विधायक के निधन पर शोक व्यक्त किया। रवि ने अपने संदेश में कहा, "नगालैंड के संस्थापकों में से एक टी किकॉन के निधन से मुझे गहरा दुख पहुंचा है।" रियो ने कहा कि पूर्व मंत्री की प्रतिष्ठा ईमानदार नेता के तौर थी। उन्होंने कहा, " नगा समाज और लोथा समुदाय ने पितातुल्य शख्स और धरती पुत्र को खो दिया है। उनके निधन से बड़ा शून्य बना है जिसे भरना मुश्किल होगा।"
- वायनाड । केरल के पशु चिकित्सक जॉन अब्राहम ने सात साल से ज्यादा लंबे इंतजार के बाद आखिरकार मुर्गे के अपशिष्ट से बायोडीजल बनाने का पेटेंट हासिल कर लिया। यह ईंधन एक लीटर में 38 किलोमीटर से ज्यादा का औसत देता है और इसकी कीमत डीजल की मौजूदा कीमत का करीब 40 प्रतिशत है और इससे प्रदूषण भी कम होता है। केरल वेटेरिनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी के तहत आने वाले वेटेरिनरी कॉलेज में एसोसियेट प्रोफेसर अब्राहम ने कहा कि उन्हें साढ़े सात साल के लंबे इंतजार के बाद सात जुलाई, 2021 को भारतीय पेटेंट कार्यालय ने पेटेंट दे दिया। अब्राहम ने काटे गए मुर्गों के अपशिष्ट से निकलने वाले तेल से बायो डीजल का अविष्कार किया है। उन्होंने कहा कि 2009-12 के दौरान उन्होंने यह अविष्कार किया। उन्होंने दिवंगत प्रोफेसर रमेश श्रवणकुमार के मार्गदर्शन में अपना शोध पूरा किया। शोध के बाद अब्राहम ने वायनाड के कलपेट्टा के पास स्थित पोकोडे वेटेरिनरी कॉलेज में 2014 में 18 लाख रुपए की लागत के साथ एक प्रयोगात्मक संयंत्र स्थापित किया। इसके लिए उन्हें भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद से वित्तपोषण मिला है। इसके बाद भारत पेट्रोलियम की कोच्चि स्थित रिफाइनरी ने अप्रैल 2015 में अब्राहम के बायो डीजल को गुणवत्ता प्रमाणपत्र दिया और तब से कॉलेज में एक वाहन इसी ईंधन से चल रहा है। यह पूछे जाने पर कि ईंधन के लिए वह मुर्गे के अपशिष्ट का ही इस्तेमाल क्यों करते हैं, अब्राहम ने कहा कि पक्षियों एवं सूअरों के पेट में काफी वसा संतृप्ति होती है और इस वजह से सामान्य तापमान पर उससे तेल निकालना आसान होता है। अब्राहम और उनके छात्र अब सूअर के अपशिष्ट से बायो डीजल बनाने की परियोजना पर काम कर रहे हैं। उन्होंने साथ ही बताया कि कसाई घरों से मिलने वाले मुर्गे के 100 किलोग्राम अपशिष्ट से एक लीटर बायो डीजल का उत्पादन किया जा सकता है।
- कपूरथला। कपूरथला की रेल कोच फैक्टरी (आरसीएफ) ने ऐसे पांच डिब्बे तैयार किए हैं जो स्वत: ही धुएं का पता लगा लेंगे। साथ ही इन डिब्बों का निर्माण अग्निरोधी सामग्री और छत पर लगने वाले वातानुकूलन पैकेज इकाइयों का इस्तेमाल करके किया गया है। आरसीएफ के महाप्रबंधक रवीन्द्र गुप्ता ने शनिवार को बताया कि इनके कामकाज को देखने के बाद अन्य डिब्बों में इस तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने एक बयान में कहा कि उन्नत सामग्रियों का इस्तेमाल इलेक्ट्रिक फिटिंग तथा अन्य तकनीकी कामों में किया गया है। बयान में कहा गया है कि अग्निरोधक सामग्री का इस्तेमाल डिब्बों की सीटों आदि में किया गया है, वहीं यात्रियों की सुरक्षा के लिए रेल के डिब्बों में अग्निशमक (फायर एक्सटिंविशर) लगाए जा रहे हैं। गौरतलब है कि आरसीएफ भारतीय रेलवे की पहली यूनिट है जिसने 1992 में छत पर लगने वाले वातानुकूलन इकाइयों का निर्माण किया था। ये इकाइयां वातानुकूलित डिब्बों के अंदर तापमान और आर्द्रता को आवश्यकता के अनुसार बनाए रखती हैं।
- नयी दिल्ली।तेलंगाना के वारंगल के पालमपेट में स्थित रामप्पा मंदिर को यूनेस्को के विश्व धरोहर स्थल के तौर पर मान्यता दी है। यह जानकारी संस्कृति मंत्रालय ने रविवार को दी। केंद्रीय संस्कृति मंत्री जी किशन रेड्डी ने ट्वीट किया, “मुझे यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि यूनेस्को ने तेलंगाना के वारंगल के पालमपेट में स्थित रामप्पा मंदिर को विश्व धरोहर स्थल के तौर पर मान्यता दी है।” उन्होंने कहा, “राष्ट्र, खासकर, तेलंगाना के लोगों की ओर से, मैं माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उनके मार्गदर्शन और समर्थन के लिए आभार व्यक्त करता हूं।” रामप्पा मंदिर का निर्माण 13वीं शताब्दी में किया गया था और इसका नाम इसके शिल्पकार रामप्पा के नाम पर रखा गया है। सरकार ने 2019 के लिए यूनेस्को को इसे विश्व धरोहर स्थल के तौर पर मान्यता देने का प्रस्ताव दिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, “उत्कृष्ट! सभी को बधाई, खासकर तेलंगाना की जनता को। प्रतिष्ठित रामप्पा मंदिर महान काकतिया वंश के उत्कृष्ट शिल्प कौशल को प्रदर्शित करता है। मैं आप सभी से इस शानदार मंदिर के परिसर में जाने और इसकी भव्यता का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करने का आग्रह करता हूं।”
- फिरोजाबाद ।उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के नगला सिंघी थाना इलाके में रविवार सुबह हाईटेंशन तार से एक पाइप के टकरा जाने की वजह से तीन युवकों की मौत हो गई जबकि आधा दर्जन लोग घायल हो गये । पुलिस ने यह जानकारी दी। घायलों को उपचार के लिए आगरा के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटनास्थल का दौरा करने के बाद पुलिस अधीक्षक (नगर) मुकेश मिश्रा ने पत्रकारों को बताया कि थाना नगला सिंघी के गांव बांस झरना में पानी के लिए बोरिंग हो रही थी, इसी दौरान आज स्थानीय लोग विद्युत फीडर से बिना स्विच डाउन कराए पाइप खड़ा कर रहे थे, तभी ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन से पाइप टकरा गया जिससे उसे पकड़े हुए सभी 9 लोग करंट लगने से घायल हो गये। उन्होंने बताया कि घायलों को अस्पताल भेजा गया जहां चिकित्सकों ने तीन युवकों को मृत घोषित कर दिया। परिजनों के अनुसार महराज सिंह (32) केशव सिंह (28) और रामवृज (22) की इस हादसे में मौत हो गई। पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। उन्होंने बताया कि हादसे में छह अन्य लोग घायल हुए हैं । घायलों का आगरा में उपचार किया जा रहा है। अधीक्षण अभियंता दक्षिणांचल हरीश बंसल ने बताया कि लोगों द्वारा बगैर सूचना दिए और बगैर स्विच डाउन किये कार्य किया जा रहा था इसी कारण हाईटेंशन लाइन की चपेट में आए। उन्होंने बताया कि विधिक कार्रवाई की जा रही है।-file photo
- जयपुर। राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के एक दल ने राज्य के भरतपुर में उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के मगोर्रा थाने के पुलिस उपनिरीक्षक को परिवादी से 30 हजार रूपये की कथित रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। ब्यूरो के शीर्ष अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। ब्यूरो के महानिदेशक भगवान लाल सोनी ने बताया कि आरोपी पुलिस उपनिरीक्षक प्रेमपाल सिंह परिवादी से उसके विरूद्ध थाने में दर्ज प्रकरण में कानूनी कार्यवाही नहीं करने एवं आरोपियों के नाम हटाने के बदले एक लाख रुपये की रिश्वत की मांग कर परेशान कर रहा था। उन्होंने बताया कि दल ने रविवार को आरोपी प्रेमपाल सिंह को परिवादी से 30 हजार रूपये की कथित रिश्वत लेते रंगें हाथों गिरफ्तार किया है। उल्लेखनीय है कि शिकायत के सत्यापन के दौरान आरोपी द्वारा रिश्वत की राशि 30-30 हजार रूपये की तीन किश्तों में लिया जाना स्वीकार कर परिवादी से 10 हजार रूपये पहले ही वसूल कर लिये थे। उन्होंने बताया कि आरोपी के निवास एवं अन्य ठिकानों पर तलाशी जारी है। उन्होंने बताया कि आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।
- मुंबई। महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले में पिछले कुछ दिनों में भारी बारिश के कारण बाढ़ और जल-जमाव के दौरान 3.5 लाख लोगों ने जीएसएम तकनीक के माध्यम से संचालित एक सार्वजनिक प्रतिक्रिया प्रणाली के जरिये खुद को बचाया। जिले के प्रभारी मंत्री सतेज पाटिल ने यह जानकारी दी। पाटिल ने एक बयान में कहा कि कोल्हापुर में अब तक 75,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। साल 2019 में आई विनाशकारी बाढ़ से सबक लेते हुए, कोल्हापुर प्रशासन ने हाल में शिरोल और करवीर तहसीलों में 57 स्थानों पर जीएसएम (वैश्विक मोबाइल संचार प्रणाली) आधारित सार्वजनिक प्रतिक्रिया प्रणाली स्थापित की है। इस प्रणाली को जिला योजना समिति की वार्षिक योजना के तहत वित्त पोषित किया गया है। पाटिल इस समिति के अध्यक्ष हैं। भारी बारिश के कारण आई बाढ़ के दौरान सक्रिय इस प्रणाली ने लोगों को अपने घरों से बाहर न निकलने और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने जैसी आवश्यक सावधानी बरतने का निर्देश दिया। करवीर तहसील के 21 गांवों और शिरोल तहसील के 36 गांवों में यह सिस्टम लगाया गया है। इन गांवों में हर साल मानसून के दौरान बाढ़ का खतरा बना रहता है। महाराष्ट्र के गृह और आईटी राज्य मंत्री पाटिल ने कहा, ''इस प्रणाली ने 3.5 लाख लोगों को लाभान्वित किया है क्योंकि उन्हें बाढ़ के संभावित जोखिम के बारे में समय पर सूचना मिल गई थी। इसके तहत ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के बारे में पहले ही सूचना मिल चुकी थी। इससे प्रशासन को ग्रामीणों को सुगमतापूर्वक दूसरे स्थानों पर भेजने में मदद मिली। इसी तरह, उन्हें भारी वर्षा और जल-जमाव के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी बताया गया।'' उन्होंने कहा कि यह प्रणाली जिला आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष या जिला कलेक्ट्रेट के अन्य कार्यालयों से संचालित होती है। पाटिल ने इसके लाभों के बारे में कहा कि संचालन की लागत कम होने के अलावा यह सिस्टम सौर ऊर्जा पर चलता है और इसके लिए बिजली की आवश्यकता नहीं होती, जो कि एक अतिरिक्त लाभ है क्योंकि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान बिजली की कमी एक सामान्य घटना है। पाटिल ने कहा कि कोल्हापुर जिले में बारिश से संबंधित घटनाओं में अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 75 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ की छह टीमों और सेना की एक टुकड़ी ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में बचाव अभियान चलाया है। इस बीच, बारिश की तीव्रता कम होने के कारण कोल्हापुर शहर के पास राजाराम में पंचगंगा नदी का जलस्तर शनिवार रात नौ बजे और गिरकर 53.10 फुट हो गया। हालांकि, मुंबई-बेंगलुरु राजमार्ग पर वाहनों का आवागमन जिले के शिरोली गांव के पास बंद है, जो अभी भी जलमग्न है। पाटिल ने निकासी के बारे में बात करते हुए संवाददाताओं से कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के 67,111 लोगों ने अपने रिश्तेदारों के घर जाना चुना, जबकि 8,000 से अधिक लोगों को सरकारी आश्रयों में स्थानांतरित कर दिया गया।
- नयी दिल्ली। सरकार 2030 तक शत-प्रतिशत साक्षरता के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अगस्त माह से प्रौढ़ शिक्षा की नयी योजना ‘नव भारत साक्षरता कार्यक्रम' शुरू करेगी। इसमें नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विभिन्न सुझावों एवं सिफारिशों को लागू किया जाएगा। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि प्रौढ़ शिक्षा संबंधी यह केंद्र प्रायोजित नयी योजना वर्ष 2021-22 से 2025-26 के दौरान लागू की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के दायरे में ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से देश में 15 वर्ष एवं इससे अधिक आयु वर्ग के पांच करोड़ निरक्षर लोगों को लाने का लक्ष्य रखा गया है। सूत्रों ने बताया कि इस बारे में 24 एवं 26 जून 2021 को राज्यों के साथ डिजिटल माध्यम से समीक्षा बैठक हुई थी। इसमें यह सहमति बनी थी कि सक्षम प्राधिकार की मंजूरी के पश्चात जुलाई 2021 में ‘पढ़ना-लिखना' अभियान समाप्त होने के बाद इसके स्थान पर ‘नव भारत साक्षरता अभियान' शुरू होगा। मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस नए प्रौढ़ शिक्षा कार्यक्रम के पांच आयाम हैं जिनमें बुनियादी साक्षरता एवं अंक ज्ञान, महत्वपूर्ण जीवन कौशल से जुड़ा ज्ञान, बुनियादी शिक्षा एवं व्यावसायिक कौशल विकास शामिल है। व्यय वित्त समिति (ईएफसी) की सिफारिशों के अनुरूप इस कार्यक्रम पर 1037.90 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है जिसमें केंद्र का हिस्सा 700 करोड़ रुपये और राज्यों का हिस्सा 337.90 करोड़ रुपये होगा। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2021-22 के बजट प्रस्ताव में प्रौढ़ शिक्षा से संबंधित योजना के बारे में घोषणा की गई थी। मार्च के महीने में केंद्रीय स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में 35 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के शिक्षा सचिवों, राज्य परियोजना निदेशकों एवं प्रदेश साक्षरता मिशन अधिकारियों ने हिस्सा लिया था और सुझाव दिए थे। उन्होंने अपने-अपने प्रदेशों में इस योजना को लागू करने पर सहमति व्यक्त की थी। सरकार ने 15 वर्ष या इससे अधिक उम्र के लोगों को साक्षर बनाने के लिए प्रौढ़ शिक्षा कार्यक्रम के तहत ‘पढ़ना-लिखना अभियान' शुरू किया था जो इस महीने समाप्त हो जाएगा। नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति में प्रौढ़ शिक्षा को लेकर कई सिफारिशें की गई हैं, ऐसे में नयी योजना में इन सिफारिशों को शामिल किया जाएगा। इस नयी योजना को ‘पढ़ना-लिखना अभियान' के कुछ पहलुओं से जोड़कर आगे बढ़ाया जाएगा और इसमें जीवन कौशल एवं अन्य तत्वों का समावेश किया जाएगा। इसमें महिलाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक और अन्य वंचित समूहों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस संबंध में अधिकारियों का कहना है कि इसमें उन जिलों को प्राथमिकता मिलेगी जहां वर्तमान जनसंख्या के अनुसार महिलाओं की साक्षरता दर 60 प्रतिशत से नीचे है। इस योजना में जागरूकता अभियान के तहत गांव, पंचायत, प्रखंड और शहरों में गोष्ठियां होंगी तथा इसमें पंचायती राज संस्थान, महिला मंडल, शैक्षणिक संस्थान, स्वयंसेवी संगठनों को शामिल किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इसके तहत पाठ्य सामग्री एवं पाठ्यक्रम बनाने का काम राज्यों का होगा। लोगों को साक्षर बनाने के साथ समाचारपत्र का शीर्षक पढ़ने, यातायात चिह्न समझने, आवेदन पत्र भरने, चिट्ठी लिखने-पढ़ने, दो अंकों का जोड़, घटाना, गुणा, भाग का ज्ञान दिया जाएगा। इसके तहत राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय संस्थान (एनआईओएस) साक्षरता मूल्यांकन के विषय पर नजर रखेगा।
- मुंबई। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने हिंदी फिल्म ''आधार'' के कुछ डायलॉग पर आपत्ति जतायी है और इसमें 28 संशोधन सुझाए हैं। फिल्म के निर्देशक सुमन घोष ने रविवार को यह जानकारी दी। वहीं, इस मामले में यूआईडीएआई को भेजे गए ई-मेल का जवाब नहीं मिल सका है। फिल्म ''मुक्केबाज'' में किरदार निभाने वाले अभिनेता विनीत कुमार सिंह फिल्म ''आधार'' में नजर आएंगे, जिसके सह-निर्माता जियो स्टूडियो और दृश्यम फिल्म्स हैं। घोष के मुताबिक, आधार नंबर जारी करने वाली सरकारी एजेंसी यूआईडीएआई के अधिकारियों ने जियो स्टूडियो से संपर्क कर जनवरी में फिल्म दिखाने को कहा था। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) ने फिल्म को 2019 में हरी झंडी दी थी और इस साल की शुरुआत में पांच फरवरी को इसे रिलीज होना था। हालांकि, एक सप्ताह पहले ही अचानक इसे रोक दिया गया। घोष ने बताया, '' मुझे पता चला कि फिल्म की रिलीज टाल दी गई है। जियो स्टूडिया ने मुझे फोन पर बताया कि यूआईएडीआई ने फिल्म देखी और इसमें 28 संशोधन सुझाए हैं।'' उन्होंने कहा, '' ये मेरे लिए बहुत ही परेशान करने वाली स्थिति है क्योंकि आगे क्या होगा, मुझे इसका पता नहीं। मुझे पूरा भरोसा है कि अगर सरकार की तरफ से सही व्यक्ति इसे देखे तो उसे कोई समस्या नहीं होगी। यह आधार समर्थक फिल्म है। ऐसे में इस कदम से मैं आश्चर्यचकित हूं।
- नई दिल्ली। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने रविवार को मध्य प्रदेश में भारी बारिश, गरज और बिजली चमकने का पूर्वानुमान जताते हुए ऑरेंज एवं येलो अलर्ट जारी किए, जबकि महाराष्ट्र में मानसून का कहर जारी रहा, जहां अब तक बारिश से संबंधित घटनाओं में 113 लोगों की मौत हो चुकी है। दक्षिण भारत में केरल के कई हिस्सों में रविवार सुबह भारी बारिश हुई।विभाग के मुताबिक, तिरुवनंतपुरम, अलाप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की और एर्नाकुलम समेत कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। राष्ट्रीय राजधानी में रविवार का दिन उमस भरा रहा और अधिकतम तापमान 37.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया जो सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस अधिक है। वहीं न्यूनतम तापमान 27.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो कि इस मौसम का सामान्य तापमान है। आईएमडी ने सोमवार को शहर के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहने और शाम में मध्यम स्तर की बारिश या गरज के साथ बौछारें पडऩे का अनुमान जताया है। विभाग ने मंगलवार के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी कर तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना जताई है।वहीं छत्तीसगढ़ की बात करें तो मौसम विभाग के अनुसार मानसून द्रोणिका बीकानेर, अजमेर, निम्न दाब का केंद्र, डाल्टनगंज, जमशेदपुर और उसके बाद पूर्व की ओर त्रिपुरा तक स्थित है। निम्न दाब का क्षेत्र मध्य प्रदेश के उत्तरी भाग में स्थित है, इसके साथ चक्रीय चक्रवाती घेरा 5.8 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। एक पूर्व-पश्चिम द्रोणिका 25 डिग्री उत्तर में 3.1 किलोमीटर से 7.6 किलोमीटर ऊंचाई तक स्थित है। इसके प्रभाव से 26 जुलाई को प्रदेश के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने अथवा गरज चमक के साथ छींटे पडऩे की संभावना है। प्रदेश में अधिकतम तापमान में वृद्धि संभावित है।वहीं उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर रविवार को हल्की से मध्यम बारिश हुई और गरज एवं चमक के साथ बौछारें पड़ीं। विभाग ने बताया कि राज्य में अलग-अलग स्थानों पर बिजली चमकी और गरज के साथ छींटे पड़े। विभाग के अनुसार, प्रतापगढ़, बांदा, ललितपुर और महोबा में बारिश दर्ज की गई जबकि आगरा राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस (ताज वेधशाला में) दर्ज किया गया। विभाग ने पूर्वानुमान में कहा है कि 26 जुलाई को राज्य में छिटपुट स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है जबकि 27 जुलाई और 28 जुलाई को प्रदेश के अधिकातर स्थानों पर बारिश / गरज के साथ बौछारें पडऩे की संभावना है। महाराष्ट्र सरकार ने बताया कि राज्य के कुछ हिस्सों में बाढ़, भूस्खलन और बारिश से जुड़ी अन्य घटनाओं के कारण बीते 24 घंटे में एक और व्यक्ति की मौत के बाद रविवार को मृतकों की संख्या 113 हो गई, जबकि 100 लोग लापता हैं। राज्य सरकार ने यह जानकारी दी। सरकार ने एक बयान में कहा कि इन घटनाओं में 50 लोग घायल भी हुए हैं।राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने बताया कि महाराष्ट्र के तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाओं के बाद 89 शव बरामद किए गए हैं और 34 लोग लापता हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, एनडीआरएफ ने इन इलाकों से कुल 89 शव बरामद किए हैं जिनमें से सबसे अधिक 47 शव रायगढ़ की महाड तहसील के सबसे अधिक प्रभावित तालिये गांव से बरामद किए गए हैं। एक लाख 35 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। सांगली जिले में कृष्णा नदी और कोल्हापुर जिले में पंचगंगा नदी में बाढ़ आई हुई है। हालांकि शनिवार को बारिश कम होने की सूचना मिली थी। इस बीच मध्यप्रदेश के अधिकतर हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने, मेघ गर्जन एवं बिजली चमकने एवं गिरने की आशंका जताते हुये मौसम विभाग ने ऑरेंज एवं यलो अलर्ट जारी किये हैं।
- -प्रधानमंत्री ने परिजनों के लिये मुआवजे की घोषणा की-मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस घटना पर शोक व्यक्त कियाशिमला। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में बस्तेरी के निकट रविवार को पर्यटकों को लेकर जा रहे एक वाहन पर भूस्खलन के बाद भारी चट्टान गिरने से उसमें सवार नौ लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सांगला-छितकुल मार्ग पर बस्तेरी के निकट हाल में हुई भारी बारिश की वजह से अपराह्न एक बजकर 25 मिनट पर भूस्खलन की कई घटनाएं हुईं और इसकी वजह से एक पुल ढह गया और कुछ गाडिय़ों को भी नुकसान पहुंचा है। बस्तेरी में पुल ढहने का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर काफी प्रसारित हो रहा है। वीडियो में चट्टानों को नीचे की तरफ गिरते देखा जा सकता है, जिससे पुल ढह गया। पुलिस ने बताया कि वाहन पर भारी चट्टानों के गिरने की वजह से उसमें सवार 11 लोगों में से नौ की मौत हो गई और दो घायल हो गए। यात्री छितकुल से सांगला जा रहे थे। उन्होंने कहा कि किन्नौर जिले में भूस्खलन की एक अन्य घटना में एक पैदल यात्री घायल हो गया।राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किन्नौर में भूस्खलन के कारण लोगों की जान जाने पर दुख जताया है। कोविंद ने हिंदी में ट्वीट किया, "किन्नौर, हिमाचल प्रदेश में हुए भूस्खलन हादसे में कई लोगों की मृत्यु के समाचार से बहुत दुख हुआ। शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं तथा घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।" मोदी ने कहा कि घायलों के इलाज के लिये सभी इंतजाम किए जा रहे हैं और प्रत्येक मृतक के परिजन के लिये 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि तथा घायलों के लिये 50 हजार रुपये प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी हादसे में लोगों की जान जाने पर दुख व्यक्त किया और जिला प्रशासन से तत्काल राहत व बचाव अभियान शुरू करने को कहा। पुलिस ने कहा कि हादसे में मरने वाले सभी लोग देश के विभिन्न हिस्सों से आए पर्यटक थे।मृतकों की पहचान राजस्थान के माया देवी बियानी (55) उनके बेटे अनुराग बियानी (31) और बेटी रिचा बियानी (25), महाराष्ट्र की प्रतीक्षा सुनील पाटिल (27), जयपुर की दीपा शर्मा (34), छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के अमोघ बापट (27), सतीश कटाकबर (34), पश्चिम बंगाल के चालक उमराब सिंह (42) और कुमार उल्हास वेदपाठक के तौर पर हुई है।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शोक व्यक्त कियाछत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। श्री बघेल ने अपने ट्वीट में कहा-किन्नौर की सांगला घाटी में पुल टूटने के दुखद हादसे में जिन नौ लोगों की मौत हुई है, उनमें से दो लोग छत्तीसगढ़ के हैं। मृतकों में से एक कोरबा में सीएईबी के अधिकारी के सुपुत्र अमोघ बापट हैं। दूसरे सतीश कटकबार हैं। ईश्वर मृतकों के परिजनों को दु:ख की य घड़ी सहन करने की शक्ति दें। उन्होंने आगे लिखा- अमोघ बापट नौसेना के नव नियुक्त अधिकारी थे। मृतकों के छत्तीसगढ़ में अंतिम संस्कार के लिए प्रशासन की ओर से मदद करने के निर्देश दिए हैं।

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