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- राजनांदगांव। कृषि विज्ञान केन्द्र राजनांदगांव द्वारा खरीफ मौसम में एल-नीनो के संभावित प्रभाव को देखते हुए किसानों को धान की बोनी एवं रोपा फसल में समय पर खरपतवार प्रबंधन के संबंध में आवश्यक समसामयिक सलाह दी गई है। कृषि विज्ञान केन्द्र राजनांदगांव की वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. गुंजन झा ने बताया कि एल-नीनो के कारण वर्षा की अनियमितता एवं नमी की कमी की संभावना रहती है। जिससे खरपतवारों की बढ़वार तेज होती है और धान की उपज 30-40 प्रतिशत तक प्रभावित हो सकती है। ऐसी परिस्थितियों में अनुशंसित समय पर शाकनाशियों का प्रयोग, खेत में पर्याप्त नमी बनाए रखना, जल संरक्षण एवं समुचित जल प्रबंधन अपनाने से खरपतवारों का प्रभावी नियंत्रण किया जा सकता है तथा फसल की उपज एवं गुणवत्ता में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है।धान की बोनी फसल में खरपतवार नियंत्रण के लिए बोनी के 0-3 दिन बाद (प्री-इमर्जेन्स) पेंडीमेथालिन 30 ईसी 1000 मिली प्रति हेक्टेयर अथवा पायराजोसल्फ्यूरॉन-एथिल 80 ग्राम प्रति हेक्टेयर एवं बोनी के 15-20 दिन बाद (पोस्ट-इमर्जेन्स) पिनोक्सुलम 37.5 ग्राम प्रति हेक्टेयर, ट्राइफ्लोक्सीसल्फ्यूरॉन + इथॉक्सीसल्फ्यूरॉन 90 ग्राम प्रति हेक्टेयर, संकरी पत्ती वाले खरपतवारों के लिए सायहेलोफॉप-ब्यूटाइल 300-320 मिली प्रति हेक्टेयर, चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों के लिए फिनॉक्साप्रॉप-इथाइल 250 मिली प्रति हेक्टेयर उपयोग करें। बोनी के 20-25 दिन बाद बिसपाइरीबैक सोडियम 80-100 मिली प्रति हेक्टेयर अथवा पिनोक्सुलम + सायहेलोफॉप-ब्यूटाइल 882 मिली प्रति हेक्टेयर अथवा फ्लोरपायरॉक्सीफेन + पिनोक्सुलम 500 मिली प्रति हेक्टेयर, चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों के लिए 2,4-डी अमाइन साल्ट 344-517 मिली प्रति हेक्टेयर का उपयोग करें।धान की रोपा फसल में खरपतवार नियंत्रण के लिए रोपाई के 0-3 दिन बाद (प्री-इमर्जेन्स) पेंडीमेथालिन 1000 मिली प्रति हेक्टेयर, प्रीटिलाक्लोर 600 मिली प्रति हेक्टेयर, पायराजोसल्फ्यूरॉन-एथिल 80 ग्राम प्रति हेक्टेयर, बेन्सल्फ्यूरॉन मिथाइल +प्रीटिलाक्लोर 4.0 किग्रा प्रति हेक्टेयर एवं रोपाई के 15-20 दिन बाद पिनोक्सुलम 37.5 ग्राम प्रति हेक्टेयर, ट्राइफ्लोक्सीसल्फ्यूरॉन + इथॉक्सीसल्फ्यूरॉन 90 ग्राम प्रति हेक्टेयर तथा रोपाई के 20-25 दिन बाद बिसपाइरीबैक सोडियम 80-100 मिली प्रति हेक्टेयर अथवा पिनोक्सुलम +सायहेलोफॉप-ब्यूटाइल 882 मिली प्रति हेक्टेयर उपयोग करे।शाकनाशी का छिड़काव खेत में पर्याप्त नमी होने पर करें। अनुशंसित मात्रा में 375-500 लीटर पानी प्रति हेक्टेयर का उपयोग करें। छिड़काव के बाद 24-48 घंटे तक खेत का पानी बाहर न निकालें। आवश्यकता होने पर 20-25 दिन बाद हाथ से निराई भी करें। कृषि विज्ञान केन्द्र राजनांदगांव द्वारा किसानों से एल-नीनो की संभावित परिस्थितियों में वैज्ञानिक खरपतवार प्रबंधन अपनाकर धान की फसल को खरपतवारों से सुरक्षित रखने तथा अधिक उत्पादन एवं बेहतर गुणवत्ता प्राप्त करने की अपील की गई है।
- बालोद। कौशल प्रशिक्षण युवाओं के लिए रोजगार का मजबूत माध्यम बनता जा रहा है। इसी कड़ी में बालोद जिले के 27 प्रशिक्षित युवाओं को प्रतिष्ठित निजी कंपनियों में नौकरी का अवसर मिला। शुक्रवार को कलेक्टर ने संयुक्त जिला कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में सभी चयनित प्रशिक्षणार्थियों को जॉब ऑफर लेटर सौंपे और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।कलेक्टर ने कहा कि कौशल विकास और रोजगार एक-दूसरे के पूरक हैं। प्रशिक्षण के बाद युवाओं को रोजगार मिलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनते हैं। उन्होंने चयनित युवाओं को नई जिम्मेदारियों के साथ पूरी निष्ठा और मेहनत से कार्य करने के लिए प्रेरित किया। प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के माध्यम से प्रशिक्षित इन 27 युवाओं का चयन हॉस्पिटैलिटी, ब्यूटी, प्लंबिंग, वेल्डिंग और सोलर जैसे विभिन्न क्षेत्रों में हुआ है। उन्हें छत्तीसगढ़ के साथ-साथ राज्य के बाहर स्थित प्रतिष्ठित निजी कंपनियों में रोजगार मिलेगा।कौशल आधारित प्रशिक्षण केवल प्रमाणपत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को रोजगार से जोड़ने का प्रभावी माध्यम भी बन रहा है। इससे जिले के अन्य युवाओं को भी प्रशिक्षण लेकर बेहतर रोजगार हासिल करने की प्रेरणा मिलेगी। कार्यक्रम में प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के मोतीलाल देवांगन, खेमंत सिन्हा सहित संस्था के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
- दुर्ग। सरकारी दफ्तरों के चक्कर, लंबी प्रतीक्षा और कागजी औपचारिकताओं का दौर अब धीरे-धीरे बीते दिनों की बात बनता जा रहा है। छत्तीसगढ़ में डिजिटल प्रशासन की दिशा में बढ़ते कदमों के बीच सेवा सेतु पोर्टल आम नागरिकों के लिए सरकारी सेवाओं को पहले से कहीं अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बना रहा है। दुर्ग जिले का एक हालिया उदाहरण इस बदलाव की स्पष्ट तस्वीर पेश करता है।डिप्टी कलेक्टर उत्तम ध्रुव की धर्मपत्नी ने नाम परिवर्तन के लिए सेवा सेतु पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया। आवेदन के बाद पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी की गई और गजट प्रकाशन की औपचारिकताएं भी समय पर संपन्न हुईं। इसके बाद जिला कार्यालय के सेवा सेतु प्रबंधक ने आवेदक को राजपत्र प्रकाशन का प्रमाण-पत्र सौंप दिया।यह मामला केवल एक आवेदन के निपटारे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दर्शाता है कि तकनीक के प्रभावी उपयोग से सरकारी सेवाओं की कार्यप्रणाली कितनी सहज और भरोसेमंद बन सकती है। पहले जिन प्रक्रियाओं में कई बार अनावश्यक विलंब होता था, अब वे ऑनलाइन व्यवस्था के कारण तय समय में पूरी हो रही हैं।सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से नागरिक अब विभिन्न शासकीय सेवाओं के लिए घर बैठे आवेदन कर सकते हैं और अपने प्रकरण की ऑनलाइन निगरानी भी कर सकते हैं। इससे कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर कम हुए हैं और पारदर्शिता के साथ जवाबदेही भी बढ़ी है।वास्तव में डिजिटल तकनीक केवल प्रशासनिक सुधार का माध्यम नहीं, बल्कि आम लोगों के जीवन को आसान बनाने का प्रभावी साधन भी बन रही है। छत्तीसगढ़ में जनता के द्वार, डिजिटल सरकार की अवधारणा अब व्यवहारिक रूप से साकार होती दिखाई दे रही है।
- 0- कलेक्टर श्री लंगेह ने श्रीमती कुलेश्वरी पुष्कर को 2 लाख रुपए की बीमा दावा राशि का चेक सौंपामहासमुंद. केंद्र सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ जरूरतमंद परिवारों तक प्रभावी रूप से पहुंचाने जिले में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार को कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने अपने कक्ष में प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के अंतर्गत ग्राम गाड़सिवनी की निवासी श्रीमती कुलेश्वरी पुष्कर को 2 लाख रुपये की बीमा दावा राशि का चेक प्रदान किया।इस अवसर पर कलेक्टर श्री लंगेह ने कहा कि प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना कम प्रीमियम में अधिक सुरक्षा प्रदान करने वाली जनकल्याणकारी योजना है। किसी परिवार के कमाऊ सदस्य के असामयिक निधन के बाद आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। ऐसे समय में योजना के तहत मिलने वाली बीमा सहायता राशि परिवार के लिए बड़ा सहारा बनती है। उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाना है, ताकि विपरीत परिस्थितियों में परिवारों को आर्थिक सहयोग मिल सके।उन्होंने जिले के सभी पात्र नागरिकों से प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना से जुड़ने और समय-समय पर अपने बैंक खाते के माध्यम से इसका नवीनीकरण कराने की अपील की। साथ ही उन्होंने कहा कि बैंकों की सक्रिय भागीदारी से इस योजना का प्रभावी क्रियान्वयन हो रहा है। उन्होंने बैंक अधिकारियों से अधिक से अधिक पात्र लोगों को योजना से जोड़ने तथा दावा प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बीमा सहायता राशि प्राप्त करते हुए श्रीमती कुलेश्वरी पुष्कर ने शासन एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर संबंधित बैंक के अधिकारी उपस्थित थे।
- 0- कलेक्टर संजय अग्रवाल ने दो तहसीलों का किया औचक निरीक्षण0- नक्शा बटांकन और सीमांकन को प्राथमिकता देने के निर्देशबिलासपुर. कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने शुक्रवार को बिलासपुर एवं सकरी तहसीलों का निरीक्षण कर राजस्व कार्यों की प्रगति और अभिलेखों के संधारण का जायजा लिया। उन्होंने राजस्व प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा करते हुए लंबित मामलों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से निपटाने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने विभिन्न राजस्व प्रकरणों की फाइलों का अवलोकन कर उनके निराकरण की गुणवत्ता की जांच की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि एक वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों में नियमित एवं शीघ्र-शीघ्र पेशियां निर्धारित कर प्राथमिकता के साथ उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।कलेक्टर श्री अग्रवाल ने विशेष रूप से नक्शा बटांकन और सीमांकन के कार्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नक्शा बटांकन लंबित रहने से भूमि संबंधी अनेक समस्याएं उत्पन्न होती हैं और नागरिकों को विभिन्न शासकीय कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसलिए इस कार्य में तेजी लाते हुए लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण किया जाए।उन्होंने तहसीलों में रखे जाने वाले राजस्व अभिलेखों के सुव्यवस्थित रखरखाव पर भी जोर दिया और कहा कि अभिलेख सुरक्षित, अद्यतन एवं व्यवस्थित होना चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर जानकारी तत्काल उपलब्ध हो सके।निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने तहसील कार्यालय पहुंचे राजस्व प्रकरणों के पक्षकारों से सीधे चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने अधिवक्ताओं से भी चर्चा कर राजस्व न्यायालयों में प्रकरणों के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के संबंध में सुझाव प्राप्त किए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री शिवकुमार बनर्जी सहित राजस्व विभाग के अधिकारी एवं तहसील का अमला उपस्थित था।
- 0- मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल ने बढ़ाया आत्मविश्वास, व्यवसाय के साथ जीवन भी हुआ आसानबिलासपुर. कभी बाजार जाने, सामान लाने या अपने व्यवसाय से जुड़े छोटे-छोटे कामों के लिए दूसरों पर निर्भर रहना उनकी मजबूरी थी। लेकिन समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित शिविर में मिली मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल ने उनकी इस मजबूरी को आत्मविश्वास में बदल दिया है। अब उनके जीवन की रफ्तार भी उनके अपने हाथों में है।मस्तूरी विकासखंड के ग्राम जयरामनगर-खैर की श्रीमती बृहस्पति साहू वर्षों से फल बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं। दुकान तक फल पहुंचाना, बाजार से सामान लाना और रोजमर्रा के काम करना उनके लिए किसी चुनौती से कम नहीं था। अब मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल मिलने के बाद वे ये सभी काम स्वयं कर सकेंगी। बृहस्पति साहू कहती हैं कि "यह ट्राईसाइकिल मेरे लिए नई जिंदगी की तरह है। अब मुझे किसी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। मैं अपनी दुकान का काम पहले से ज्यादा आसानी और आत्मविश्वास के साथ कर पाऊंगी।" उन्होंने इस सहयोग के लिए सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।इसी तरह कोटा विकासखंड के ग्राम बछलीखुर्द (रतनपुर) निवासी श्री विष्णु सिंह राजपूत जनरल स्टोर का व्यवसाय करते हैं। पहले दुकान के लिए सामान लाना उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती थी। अब मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल मिलने से वे स्वयं बाजार जाकर आवश्यक सामग्री खरीद सकेंगे और अपने व्यवसाय को अधिक सुचारु रूप से संचालित कर पाएंगे। विष्णु सिंह राजपूत कहते हैं कि "अब मुझे अपने काम के लिए किसी दूसरे का सहारा नहीं लेना पड़ेगा। यह ट्राईसाइकिल मेरे लिए आत्मनिर्भर बनने का सबसे बड़ा माध्यम है।" बृहस्पति साहू और विष्णु सिंह राजपूत जैसे अनेक दिव्यांग हितग्राहियों के लिए यह सहायता केवल एक वाहन नहीं, बल्कि सम्मान, आत्मविश्वास और स्वावलंबन की नई पहचान बन रही है। समाज कल्याण विभाग की यह पहल उन्हें न केवल बेहतर आवाजाही की सुविधा दे रही है, बल्कि अपने पैरों पर खड़े होकर सम्मानपूर्वक जीवन जीने का नया हौसला भी दे रही है।
- 0- कलेक्टर ने तैयारियों की समीक्षा की, बोले: पौधे कम लगाएं, लेकिन उन्हें बचाना हमारी प्राथमिकता होबिलासपुर. जिले में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को जनभागीदारी के साथ सफल बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने अभियान की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्थानीय ग्रामीणों, जन प्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों, सामाजिक संस्थाओं तथा उद्योगों के सहयोग से इसे जनआंदोलन का स्वरूप दिया जाए। उन्होंने कहा कि पौधे लगाना आसान है, लेकिन उन्हें बचाना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। इसलिए वृक्षारोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाए।जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में आयोजित बैठक में बताया गया कि जिले में वर्तमान में करीब 14.50 लाख पौधे उपलब्ध हैं। इनमें लगभग 12.25 लाख पौधे वन विभाग तथा 2.25 लाख पौधे उद्यान विभाग की नर्सरियों में तैयार रखे हुए हैं। उद्यान विभाग द्वारा करीब 75 हजार पौधे इच्छुक नागरिकों को निःशुल्क वितरित किए जाएंगे। इसके लिए सरकंडा, वेदपरसदा (मस्तूरी), बहतराई (तखतपुर) और करगीकला (कोटा) स्थित नर्सरियों से पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे। इस वर्ष अभियान में मुख्य रूप से फलदार एवं छायादार पौधों के रोपण पर जोर दिया जाएगा। बड़े आकार के पौधे लगाए जायेंगे।कलेक्टर ने कहा कि इस वर्ष ब्लॉक प्लांटेशन की अवधारणा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि पौधों की नियमित देखरेख और संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि पौधरोपण के बाद पौधों की जिम्मेदारी बिहान की महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपी जाए, ताकि भविष्य में फल उत्पादन से उन्हें अतिरिक्त आय का लाभ भी मिल सके। उन्होंने ऐसे पौधों के रोपण पर बल दिया, जो पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीणों की आजीविका बढ़ाने में भी सहायक हों। बैठक में कलेक्टर ने बताया गया कि 18 जुलाई को जिलेभर में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण किया जाएगा। अभियान में स्थानीय विधायक, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन, शैक्षणिक संस्थान और आम नागरिक भी सहभागी होंगे। स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, शासकीय कार्यालयों तथा शासकीय भूमि पर पौधरोपण के लिए गड्ढे खोदने सहित अन्य तैयारियां प्रारंभ हो चुकी हैं।कलेक्टर ने प्रत्येक विकासखंड में एक मॉडल गांव विकसित करने के निर्देश उद्यान विभाग को दिए। इन गांवों को किसी एक विशेष फलदार प्रजाति, जैसे आम, अमरूद या मुनगा के आधार पर विकसित किया जाएगा, ताकि भविष्य में ये गांव फल उत्पादन के साथ ग्रामीणों की आय बढ़ाने के मॉडल बन सकें। उन्होंने उद्योगों एवं सार्वजनिक उपक्रमों से भी अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उद्योग प्रतिनिधियों ने अभियान में सहयोग का भरोसा दिलाया। कलेक्टर ने कहा कि उद्योगों के आसपास उपलब्ध भूमि पर भी पौधरोपण किया जाए, जिससे उनकी नियमित देखरेख और संरक्षण बेहतर ढंग से हो सके।बैठक में नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप अग्रवाल, डीएफओ नीरज सहित विभिन्न शासकीय विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों एवं उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
- बालोद. अनुविभागीय अधिकारी राजस्व गुरूर श्री आरके सोनकर ने बताया कि अवैध प्लाटिंग की सूचना पर संबंधित हल्का पटवारी प.ह.नं. 21 तहसील गुरूर जिला बालोद से प्रतिवेदन लिया गया। प्रतिवेदन में हल्का पटवारी ने लेख किया है कि ग्राम गुरूर तहसील गुरूर जिला बालोद के भूमिस्वामी नाबा. आकाश कुमार पिता पालूराम पा. चाचा जगदीश साहू, नाबा. पीयूष कुमार पिता पालूराम पा. चाचा जगदीश साहू, जगदीश कुमार उर्फ जगदीश्वर कुमार के नाम पर खसरा नंबर 91/1 रकबा 0.306 हे. दर्ज है। भूमिस्वामी के द्वारा उक्त भू-खण्ड पर अवैध रूप से बिना अनुमति के मुरूम डालकर अपने खेत जाने हेतु रास्ता बनाया गया है। किसी भी प्रकार या भू-खण्ड की बिक्री नहीं किया गया है, प्रतिवेदित है।
- 0- बच्चों को दी गई चार प्रकार के कचरे और डस्टबिन की जानकारीबालोद. भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ शासन के आदेशों के परिपालन में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु बालोद जिले में व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चन्द्रवंशी के निर्देशानुसार सुप्रीम कोर्ट के नियमों को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से जिले के प्रत्येक ग्राम, ग्राम पंचायत और स्कूलों में निरंतर प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। इसी कड़ी में जनपद पंचायत डौंडी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री डी.डी. मंडले के कुशल मार्गदर्शन में आज पीएमश्री प्राथमिक शाला आड़ेझर में स्कूली बच्चों के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके अंतर्गत स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत जनपद पंचायत डौंडी के विकासखंड समन्वयक श्री डी.एस. यादव द्वारा छात्र-छात्राओं को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के प्रावधानों के अनुरूप चार प्रकार के ठोस कचरे और उनके पृथक्करण हेतु निर्धारित चार रंग के डस्टबिनों के संबंध में विस्तार से अवगत कराया गया।कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि पर्यावरण सुरक्षा और स्वच्छता सुदृढ़ करने के लिए स्रोत स्तर (सोर्स लेवल) पर ही कचरे को अलग-अलग करना कितना महत्वपूर्ण है। बच्चों को गीला कचरा, सूखा कचरा, घरेलू जोखिमयुक्त कचरा और सैनिटरी अपशिष्ट को पहचान कर उन्हें संबंधित डस्टबिन में ही डालने हेतु प्रेरित किया गया, ताकि ये बच्चे अपने घरों और गांवों में भी स्वच्छता के इस संदेश को फैला सकें। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती माधुरी ठाकुर, उपसरपंच श्री सुरेश कुमार, शिक्षक श्रीमती हेमेश्वरी श्रीवास, ग्राम पंचायत सचिव श्रीमती भारती साहू, रोजगार सहायक श्री दिनेश लारिया विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके साथ ही पंच श्री काशीराम तारम, श्रीमती मतिप्रभा दर्रो, श्रीमती पौत्री बाई, अंजू बाई सहित अन्य वार्डों के पंचगण, स्थानीय ग्रामीण, ग्राम पंचायत की स्वच्छाग्रही दीदियाँ एवं शाला के बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। जनपद पंचायत प्रशासन द्वारा जिले भर के शैक्षणिक संस्थानों और पंचायतों में इस अभियान को निरंतर जारी रखने की बात कही गई है।
- 0- 3 किलोवाट सोलर रूफटॉप संयंत्र से बिजली बिल हुआ शून्य0- केंद्र एवं राज्य सरकार से मिली 1.08 लाख रूपए की सब्सिडीराजनांदगांव। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना आम नागरिकों को स्वच्छ ऊर्जा से जोड़ते हुए आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है। इस योजना का लाभ लेकर राजनांदगांव शहर के बसंतपुर वार्ड क्रमांक 46 निवासी श्री यशवंत साहू आज न केवल अपने बिजली खर्च से मुक्त हो गए हैं, बल्कि भविष्य में अतिरिक्त बिजली बेचकर आय अर्जित करने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं। श्री यशवंत साहू ने बताया कि उनके पड़ोस में लगे सोलर रूफटॉप को देखकर उन्हें भी योजना की जानकारी मिली और उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत अपने घर की छत पर माह जनवरी 2026 में 3 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित कराया। उन्होंने बताया कि सोलर संयंत्र की स्थापना पर लगभग 1 लाख 80 हजार रूपए की लागत आई। इसमें केंद्र सरकार से 78 हजार रूपए तथा राज्य सरकार से 30 हजार रूपए कुल 1 लाख 8 हजार रूपए की सब्सिडी प्राप्त हुई। इस प्रकार उन्हें स्वयं केवल लगभग 72 हजार रूपए का व्यय करना पड़ा।उन्होंने बताया कि स्थापना के लिए किसी प्रकार का ऋण नहीं लिया, बल्कि अपनी जमा बचत राशि का उपयोग किया है। श्री यशवंत साहू ने बताया कि सोलर संयंत्र लगने से पहले उनके घर का मासिक बिजली बिल 1500 से 1800 रूपए तक आता था और गर्मी के मौसम में 2200 रूपए तक बिजली बिल आता था। सोलर संयंत्र स्थापित होने के बाद से अब तक उनका बिजली बिल शून्य हो गया है। इससे प्रतिवर्ष लगभग 15 हजार रूपए से अधिक की बचत होगी। उन्होंने कहा कि कुछ ही वर्षों में उनकी स्वयं की लागत भी पूरी हो जाएगी। इसके बाद अतिरिक्त उत्पादित बिजली ग्रिड में भेजने पर उन्हें उसका भुगतान भी मिलेगा। उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि पहले वे केवल बिजली के उपभोक्ता थे, लेकिन अब बिजली के उत्पादक और उपभोक्ता दोनों बन गए हैं। श्री साहू ने बताया कि ग्राम हल्दी में उनकी साइकिल की दुकान है तथा वे कृषि कार्य भी करते हैं। सोलर योजना से बिजली बिल में होने वाली बचत का उपयोग वे अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और व्यवसाय के विकास में कर रहे हैं। श्री यशवंत साहू ने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया है। उन्होंने बताया कि उनकी सफलता से प्रेरित होकर उनके पड़ोसी एवं मित्र ने भी अपने घर में सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित कराया है। इसके अलावा आसपास के लोग भी उनके घर आकर योजना की जानकारी लेते हैं और सोलर संयंत्र लगाने में रूचि दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना आर्थिक बचत के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने वाली एक जनहितकारी पहल है।
- 0- आधुनिक एवं विविधीकृत खेती अपनाने का दिया गया संदेशमहासमुंद. खरीफ मौसम को ध्यान में रखते हुए महासमुंद विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत परसदा में शुक्रवार को आयोजित जन चौपाल कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा मुख्य अतिथि थे। उन्होंने किसानों को उड़द बीज किट का वितरण किया। इस अवसर पर किसानों को उन्नत एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने, फसल विविधीकरण तथा शासन की विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा ने कहा कि राज्य एवं केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। उन्होंने किसानों से परंपरागत खेती के साथ-साथ दलहन, तिलहन एवं अन्य नकदी फसलों का उत्पादन बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि धान के साथ फसल विविधीकरण अपनाने से भूमि की उर्वरता बनी रहती है, उत्पादन लागत कम होती है तथा किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त होता है। उन्होंने किसानों से शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने तथा आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने की अपील की।कार्यक्रम में विधायक श्री सिन्हा ने किसानों को खरीफ फसल प्रबंधन, उन्नत कृषि तकनीकों एवं विभागीय योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने किसानों को एग्रीस्टैक पंजीयन कराने के लिए प्रेरित करते हुए बताया कि भविष्य में विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं कृषि सेवाओं का लाभ डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने में यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के पात्र किसानों को समय पर पंजीयन एवं आवश्यक दस्तावेज अद्यतन कराने की सलाह दी। साथ ही मृदा स्वास्थ्य परीक्षण कराने का आग्रह करते हुए कहा कि मिट्टी की जांच के आधार पर संतुलित उर्वरकों का उपयोग करने से उत्पादन बढ़ता है और लागत में कमी आती है।कृषि विभाग के कृषि विस्तार अधिकारी अल्का सोनी ने किसानों को जैविक खेती अपनाने, रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर विशेष बल दिया। उन्होंने वर्तमान मौसम परिस्थितियों एवं अल नीनो के संभावित प्रभावों की जानकारी देते हुए किसानों को मौसम आधारित कृषि प्रबंधन अपनाने की सलाह दी। अन्य कृषि विशेषज्ञों ने कहा कि बदलती जलवायु परिस्थितियों को देखते हुए धान के साथ-साथ उड़द, मूंग, अरहर, तिल, सोयाबीन एवं अन्य दलहन-तिलहन फसलों का रकबा बढ़ाना समय की आवश्यकता है।कार्यक्रम में किसानों को जिले में खाद एवं प्रमाणित बीज की पर्याप्त उपलब्धता की जानकारी देते हुए आवश्यकतानुसार कृषि सेवा केंद्रों से सामग्री प्राप्त करने की अपील की गई। साथ ही विभागीय अधिकारियों ने कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, तकनीकी मार्गदर्शन एवं कृषि विस्तार सेवाओं की भी जानकारी प्रदान की। जन चौपाल में बड़ी संख्या में ग्रामीण किसान, जनप्रतिनिधि, कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
- 0- डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजनदुर्ग। हेमचन्द यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग द्वारा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, दुर्ग के डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन सभागार में एक भव्य छात्र सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री पवन साय, प्रदेश महामंत्री (संगठन) थे। विशिष्ट अतिथियों के रूप में श्री गजेंद्र यादव, कैबिनेट मंत्री, श्री ललित चंद्राकर, विधायक, दुर्ग ग्रामीण, श्री नंदन जैन, प्रदेश उपाध्यक्ष, भाजपा छत्तीसगढ़, आचार्य चंदन कुमार चौबे, हिंदी विभाग, कला संकाय, दिल्ली विश्वविद्यालय, श्री सुरेंद्र कौशिक, जिला भाजपा अध्यक्ष, श्रीमती अल्का बाघमार, महापौर, दुर्ग नगर निगम, डॉ. अजय कुमार सिंह, प्राचार्य, शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, दुर्ग, श्री भूपेंद्र कुलदीप, कुलसचिव, हेमचन्द यादव विश्वविद्यालय तथा कुलपति प्रो. (डॉ.) संजय तिवारी की गरिमामयी उपस्थिति रही।कार्यक्रम में आगमन पर एनसीसी कैडेट्स द्वारा आकर्षक मार्च-पास्ट के माध्यम से अतिथियों को गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। तत्पश्चात राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के स्वयंसेवकों द्वारा पारंपरिक स्वागत किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भारतीय सनातन परंपरा के अनुरूप माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ।अतिथियों के स्वागत उपरांत कुलपति प्रो. (डॉ.) संजय तिवारी ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का व्यक्तित्व राष्ट्रवाद, शिक्षा और सांस्कृतिक चेतना का प्रेरणास्रोत है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।मुख्य अतिथि श्री पवन साय ने अपने प्रेरक उद्बोधन में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन, व्यक्तित्व एवं राष्ट्र के प्रति उनके अद्वितीय योगदान का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने भारतीय जनसंघ की स्थापना कर राष्ट्रीय राजनीति को नई दिशा प्रदान की तथा शिक्षा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य किए। उन्होंने स्मरण कराया कि डॉ. मुखर्जी कलकत्ता विश्वविद्यालय के सबसे युवा कुलपति रहे तथा राष्ट्रीय एकता के लिए उनके द्वारा दिया गया उद्घोष—"एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे"—आज भी राष्ट्रभक्ति और अखंडता का प्रतीक है।केबिनेट मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा की श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी ने राष्ट्र की अखंडता, सांस्कृतिक अस्मिता और राष्ट्रीय एकता की रक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित किया। “एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे” का उनका अडिग संकल्प आज भी प्रत्येक देशवासी के लिए राष्ट्रभक्ति, साहस और समर्पण का अमिट संदेश है। उनका त्याग, दूरदर्शी नेतृत्व और राष्ट्र प्रथम का विचार हम सभी को सदैव प्रेरित करता रहेगा।विशिष्ट वक्ता आचार्य चंदन कुमार चौबे ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने भारतीय इतिहास में अमिट छाप छोड़ी है। उन्होंने कहा कि उनकी 125वीं जयंती पर भी देशभर में उन्हें श्रद्धापूर्वक स्मरण किया जाना उनके महान व्यक्तित्व और विचारों की प्रासंगिकता का प्रमाण है।श्री नंदन जैन ने अपने उद्बोधन में कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने भारतीय जनसंघ के माध्यम से राष्ट्रवादी विचारधारा को सशक्त संगठनात्मक आधार प्रदान किया, जिसका प्रभाव आज भी देश के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।कार्यक्रम का संचालन इतिहास विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. ज्योति धारकर ने प्रभावी एवं गरिमामय ढंग से किया। अंत में डॉ. अजय कुमार सिंह, प्राचार्य, शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, दुर्ग ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, विद्यार्थियों, प्राध्यापकों, मीडिया प्रतिनिधियों तथा आयोजन से जुड़े सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, प्राध्यापकगण, राष्ट्रीय सेवा योजना एवं राष्ट्रीय कैडेट कोर के स्वयंसेवक तथा मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम राष्ट्रभक्ति, युवा जागरण एवं राष्ट्रीय एकता के संदेश के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
- 0- अनुसंधान और नवाचार को बताया किसानों की समृद्धि की कुंजीरायपुर। कृषि उत्पादन आयुक्त श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने शुक्रवार को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय का दौरा कर विश्वविद्यालय की शिक्षण, अनुसंधान और विस्तार गतिविधियों का जायजा लिया। इस दौरान संचालक कृषि राहुल देव भी उनके साथ मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने अनुसंधान प्रयोगशालाओं, कृषि अनुसंधान परियोजनाओं, इन्क्यूबेशन सुविधाओं और विभिन्न अधोसंरचनाओं का निरीक्षण किया। विश्वविद्यालय द्वारा किसानों की आय बढ़ाने और कृषि विकास के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कृषि विश्वविद्यालय के विकास के लिए हरसंभव मदद करेगी।कृषि उत्पादन आयुक्त ने विश्वविद्यालय के अनुसंधान प्रक्षेत्र में औषधीय एवं सगंध फसलों का अवलोकन किया। टिश्यू कल्चर लैब में केला, गन्ना और बांस के ऊतक संवर्धित पौधों के उत्पादन की जानकारी ली। उन्होंने कृषि संग्रहालय, विश्वविद्यालय के उत्पादों के विक्रय केंद्र और भारत सरकार द्वारा स्थापित आधुनिक मौसम वेधशाला का भी निरीक्षण किया।डॉ. आर.एल. रिछारिया जैव प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला और बायोटेक पार्क के भ्रमण के दौरान उन्हें देश के सबसे बड़े और विश्व के दूसरे सबसे बड़े धान जर्मप्लाज्म संग्रह के बारे में जानकारी दी। कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने बताया कि यहां धान की 23,250 पारंपरिक किस्मों के जनन द्रव्य संरक्षित हैं, जिनमें कई औषधीय और पोषक गुणों से भरपूर हैं। इनके आधार पर नई उन्नत धान किस्मों का विकास किया जा रहा है। इसके अलावा अन्य फसलों की छह हजार से अधिक किस्मों का भी संरक्षण किया गया है।उन्होंने क्रॉप बायोफोर्टिफिकेशन लैब में संजीवनी राइस, जिंको राइस, न्यूट्री रिच राइस जीनोटाइप तथा बांस टिश्यू कल्चर पर चल रहे अनुसंधान और फाइटोसेनेटरी लैब का भी अवलोकन किया। इससे पूर्व आयोजित बैठक में कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विश्वविद्यालय की शिक्षण, अनुसंधान, विस्तार सेवाओं और किसानों के हित में संचालित विभिन्न कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी दी। बैठक में विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, अधिष्ठाता और विभागाध्यक्ष भी उपस्थित थे।
- दुर्ग. सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय, भारत सरकार के संकार्य प्रभाग के निर्देशानुसार मनाए जा रहे ’स्वच्छता पखवाड़ा-2026’ के अंतर्गत आज राष्ट्रीय सांख्यिकीय कार्यालय, उप क्षेत्रीय कार्यालय, दुर्ग (छत्तीसगढ़) द्वारा एक वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भिलाई इस्पात संयंत्र, सेल के उद्यानिकी विभाग के सहयोग से स्ट्रीट-22, सेक्टर-9, भिलाई नगर स्थित खुले मैदान में संपन्न हुआ।कार्यक्रम का नेतृत्व राष्ट्रीय सांख्यिकीय कार्यालय, उप क्षेत्रीय कार्यालय, दुर्ग के सहायक निदेशक श्री अभिषेक शुक्ला ने किया। उन्होंने प्रथम सिंदूर का पौधा रोपकर इस पुनीत कार्य का शुभारंभ किया। इस अवसर पर भिलाई इस्पात संयंत्र के उद्यानिकी विभाग के महाप्रबंधक श्री एन.के. जैन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। वहीं, विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री विक्रांत सरन,उप महाप्रबंधक, श्री राजेश कुमार शर्मा एवं श्री शंकर अग्रवाल उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने सिंदूर के पौधों का रोपण कर कार्यक्रम को आगे बढ़ाया।स्वच्छता पखवाड़े के इस आयोजन में राष्ट्रीय सांख्यिकीय कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने अत्यंत उत्साह के साथ विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया। सभी प्रतिभागियों ने न केवल पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की, बल्कि रोपे गए पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण का संकल्प भी लिया, ताकि भविष्य में ये पौधे हरित आवरण बढ़ाने, जैव विविधता के संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।इस अवसर पर सहायक निदेशक श्री अभिषेक शुक्ला ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा, यह वृक्षारोपण कार्यक्रम माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के उस संकल्प को धरातल पर उतारने का एक प्रयास है, जिसमें उन्होंने वृक्षारोपण को एक जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया है, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरा-भरा, सुरक्षित और स्वस्थ कल सुनिश्चित किया जा सके।मुख्य अतिथि और भिलाई इस्पात संयंत्र के महाप्रबंधक (उद्यानिकी) श्री एन.के. जैन ने राष्ट्रीय सांख्यिकीय कार्यालय, दुर्ग के इस प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे छोटे-छोटे और निरंतर प्रयासों से न केवल क्षेत्र में हरियाली बढ़ेगी, बल्कि आम जनता भी वृक्षारोपण और पौधों की रक्षा के लिए प्रेरित होगी।कार्यक्रम के अगले चरण में कार्यालय के स्टाफ ने रोपे गए सभी नए पौधों में पानी और जैविक खाद डाली ताकि उनका उचित संवर्धन हो सके। कार्यक्रम का समापन सामूहिक स्वल्पाहार के साथ प्रकृति के सानिध्य में सौहार्दपूर्ण माहौल में हुआ। यह आयोजन पर्यावरण संरक्षण के प्रति संस्थागत सामाजिक जिम्मेदारी का एक उत्कृष्ट उदाहरण रहा।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार, जिला प्रशासन रायपुर द्वारा बच्चों के स्वास्थय को प्राथमिकता देते हुए चलाई जा रही योजना “प्रोजेक्ट धड़कन” के अंतर्गत ज़िले भर में विशेष स्वास्थय शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस अभिनव पहल का उद्देश्य है - बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की समय रहते पहचान कर उन्हें बेहतर और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन तथा श्री सत्य साई हॉस्पिटल के सहयोग से आज आरंग टीम बी द्वारा शासकीय प्राथमिक शाला कोटराभाटा में 83 बच्चों की स्क्रीनिंग, धरसीवां टीम बी द्वारा शासकीय प्राथमिक शाला एवं मिडिल स्कूल तेन्दुआ में 102 बच्चों की स्क्रीनिंग, तिल्दा टीम बी द्वारा शासकीय प्राथमिक शाला एवं मिडिल स्कूल टोहडा में 156 बच्चों की स्क्रीनिंग, अर्बन टीम ए द्वारा पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय नंबर 1 में 235 बच्चों की स्क्रीनिंग, अर्बन टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र उछला तालाब, अमीनपारा एवं अर्जुननगर में 187 बच्चों की स्क्रीनिंग एवं अर्बन टीम डी द्वारा आंगनबाड़ी हनुमान नगर गुढ़ियारी एवं अशोक नगर में 175 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई व पूरे जिले में आज कुल 938 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई।
- 0- अब तक 5 हजार से अधिक बच्चों को पिला चुकी पोलियो की खुराक0- अभनपुर की रूपा ने ठाना, कोई बच्चा पोलियो का शिकार न हो0- सक्रियता से हजारों बच्चों को मिली सुरक्षा, गांव गांव में मिसाल बनींरायपुर। अभनपुर ब्लॉक के ग्राम बिरोदा की मितानिन सुश्री रूपा साहू पिछले 20 वर्षों से बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का कार्य कर रही हैं, जिस दौरान अब तक वे 5 हजार से अधिक बच्चों को खुराक पिला चुकी हैं। साल 2006 से शुरू हुआ उनका यह सफर आज हजारों बच्चों के लिए सुरक्षा कवच बन गया है।सुश्री साहू स्वयं दिव्यांग हैं। वे बताती हैं कि बचपन में किसी कारणवश वे पोलिया ड्रॉप नहीं ले पायी थी। लेकिन उन्होंने अपनी दिव्यांगता को कमजोरी नहीं बनने दिया। रूपा ने संकल्प लिया कि कोई भी अन्य बच्चा इस बीमारी से पीड़ित न हो।सुश्री साहू सामान्य किसान परिवार से आती हैं। उनके पिता कृषक हैं एवं उनकी माता गृहणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने समाज सेवा को अपना मिशन बनाया।मितानिन के रूप में सुश्री रूपा का कार्य केवल पोलियो खुराक तक सीमित नहीं है। वे घर-घर जाकर बच्चों का वजन करती हैं, उनकी देखभाल करती हैं, बीपी और शुगर की जांच करती हैं। जो लोग असमर्थ हैं, उनके साथ स्वास्थय केंद्र जाकर इलाज भी करवाती हैं।सघन पल्स पोलियो अभियान में रूपा लगातार सक्रिय सहभागिता निभा रही हैं। उनकी सक्रियता से क्षेत्र के हजारों बच्चों को समय पर पोलियो की दो बूंद मिली है। इससे बच्चों को पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बचाव में बड़ी मदद मिली है।
- 0- रविंद्र कुमार निर्मलकर एवं संध्या निर्मलकर को तीन दिन में मिला विवाह प्रमाण पत्ररायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से शासकीय सेवाएं ग्राम पंचायत स्तर पर सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसी क्रम में नवा रायपुर क्षेत्र के ग्राम गनौद निवासी श्री रविंद्र कुमार निर्मलकर एवं श्रीमती संध्या निर्मलकर को सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से मात्र तीन दिनों में विवाह प्रमाण पत्र की सुविधा प्राप्त हुई।श्री रविंद्र कुमार निर्मलकर एवं श्रीमती संध्या निर्मलकर को विभिन्न शासकीय एवं कानूनी कार्यों के लिए विवाह प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी। उन्होंने 3 जुलाई 2026 को लोक सेवा केंद्र के माध्यम से सेवा सेतु पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया। आवेदन का समयबद्ध परीक्षण एवं आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद 6 जुलाई 2026 को उन्हें विवाह प्रमाण पत्र जारी कर उपलब्ध करा दिया गया।सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से निर्धारित समय-सीमा के भीतर विवाह प्रमाण पत्र मिलने से हितग्राहियों को अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिली तथा उनका समय और धन दोनों की बचत हुई।श्री रविंद्र कुमार निर्मलकर एवं श्रीमती संध्या निर्मलकर ने बताया कि सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से उन्हें मात्र तीन दिनों में विवाह प्रमाण पत्र प्राप्त हो गया। उन्होंने इस जनहितकारी सुविधा के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे आम नागरिकों को शासकीय सेवाएं आसानी और समय पर उपलब्ध हो रही हैं।
- रायपुर. प्रदेश में स्वतंत्रता दिवस समारोह हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी गरिमापूर्वक मनाया जाएगा। मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में शुक्रवार को यहां मंत्रालय महानदी भवन में स्वतंत्रता दिवस समारोह के आयोजन की तमाम तैयारियों को लेकर अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में स्वतंत्रता दिवस के आयोजन की तैयारियों के संबंध में व्यापक विचार-विमर्श किया गया। बैठक में बताया गया कि राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउण्ड में राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन प्रातः 9 बजे से होगा।स्वतंत्रता दिवस समारोह की विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई। स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर शानदार परेड का आयोजन होगा। समारोह स्थल पर परेड कार्यक्रम में भाग लेने वाली टुकड़ियों के निर्धारण एवं रिहर्सल हेतु पुलिस उप महानिरीक्षक छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल द्वारा पुलिस महानिदेशक के मार्ग दर्शन में सभी आवश्यक तैयारियां एवं व्यवस्था की जाएगी। इसी तरह से यातायात, पार्किंग,ट्रैफिक एवं सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस महानिरीक्षक रायपुर द्वारा की जाएगी। कार्यक्रम स्थल पर साफ-सफाई की व्यवस्था तथा मंच/पंडाल व्यवस्था और बैठक व्यवस्था का निर्धारण आयुक्त नगर पालिक निगम रायपुर के द्वारा की जाएगी। स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले कार्यक्रमों का निर्धारण स्कूल शिक्षा विभाग तथा संस्कृति विभाग द्वारा किया जाएगा। स्कूली बच्चों को सांस्कृतिक कार्यक्रम के रिहर्सल कार्यक्रम में सभी व्यवस्थाओं कलेक्टर रायपुर द्वारा की जायेंगी।इसी तरह से स्वतंत्रता दिवस समारोह के संबंध में अन्य विभागों के अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। जिला एवं तहसील स्तर पर आयोजित किए जाने वाले स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों के निर्धारण के संबंध में शीघ्र ही निर्देश सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी किए जाएंगे। वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर 7 से 15 अगस्त तक सभी शासकीय कार्यक्रमों में वंदे मातरम् का गायन किया जाएगा। इसके लिए संस्कृति विभाग दिशा-निर्देश जारी करेगा।बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार, कलेक्टर रायपुर श्री गौरव कुमार सिंह, गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सहित अन्य विभाग के अधिकारी शामिल हुए।
- 0- यातायात व्यवस्था में सुधार एवं कारगर पहल से सड़क दुघटनाओं में आई कमीदुर्ग. जिले में प्रति माह आयोजित जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में वाहन दुर्घटना की रोकथाम हेतु सौपें गये दायित्वों एवं किये जा रहे उपायों की लगातार समीक्षा से विगत कुछ माह से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आई है। इसका सुखद परिणाम जिले में वाहन दुर्घटना से होने वाली मृत्यु दर कम हुई है। आज जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल भी सम्मिलित हुए। कलेक्टर एवं एसएसपी ने संयुक्त रूप से बैठक की एजेंडावार विभागों को सौंपे गये दायित्वों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।बैठक के प्रारंभ में विगत बैठक की पालन प्रतिवेदन में चर्चा की गई। जिसमें एनएचएआई, लोक निर्माण विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग संभाग, लोक निर्माण विभाग भ/स, लोक निर्माण विभाग दुर्ग वि./यां., भिलाई इस्पात संयंत्र, नगर पालिक निगम दुर्ग, नगर पालिक निगम भिलाई, नगर पालिक निगम चरौदा भिलाई, नगर पालिका कुम्हारी, आबकारी विभाग, कार्यपालन अभियंता सीएसपीडीसीएल, जिला परिवहन विभाग, राजस्व विभाग, पीएमजीएसवाय, रेलवे विभाग, कार्यपालन अभियंता सेतु संभाग (लो.नि.वि. दुर्ग) के अधिकारियों ने सड़क सुरक्षा एवं वाहन दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु विभाग को सौंपे गये दायित्वों के अद्यतन प्रगति एवं शासन को प्रस्तावित कार्यों के संबंध में अवगत कराया गया। जिला प्रशासन द्वारा सड़क दुर्घटना की रोकथाम हेतु किये गये प्रयास के तहत विभागों द्वारा चिन्हित स्थानों पर हाई-मॉस्क लाईट, क्रश बैरियर, रम्बल स्ट्रीट, पास कटिंग प्रारंभ एवं बंद करने, डिवाइडर कटिंग बंद करने, डिवाइडर निर्माण, सांकेतिक बोर्ड लगाने, सर्विस लेन निर्माण, प्रकाश व्यवस्था, रेडियम स्टीकर लगाने, बोर्ड मार्किंग, मुख्य मार्ग से शराब दुकान हटाने, दुकानों में गॉड की तैनाती एवं वाहन पार्किंग की व्यवस्था, अण्डरब्रिजों की सफाई व्यवस्था आदि बेहतर कार्य किये गये। अधिकारियों को सौंपे गये दायित्वों की कार्यवाही पूर्णता पश्चात् समिति को प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये। नगर निगम, पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों को सड़कों से अतिक्रमण हटाने नियमित कार्यवाही करने निर्देशित किया गया। यातायात प्रभारी एएसपी ऋचा शर्मा ने पावर पाइंट प्रेजेंटेंशन के माध्यम से चौक-चौराहों एवं सड़कों में आवश्यक सुधार हेतु अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट किया।कलेक्टर श्री सिंह ने नेहरू नगर अंजोरा बाईपास के झरोखा बोगदा पुलिया के पास वाहनों की जाम से मुक्ति दिलाने एनएचआई के अधिकारियों को समकक्ष अन्य पुलिया बनाने शासन को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिये। उन्होंने सड़कों में विचरण करने वाले पशुओं को जिले में संचालित गौ-धामों में रखकर चारे पानी की समुचित प्रबंध करने पशुचिकित्सा विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया। वहीं सीएमएचओ को हाइवे पेट्रोलिंग में एम्बुलेंस की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिये।नारकोटिक्स नियंत्रण अभियान पर भी जोरउक्त बैठक के पूर्व नारकोटिक्स नियंत्रण अभियान अंतर्गत आयोजित जिला स्तरीय समिति की बैठक में सभी सार्वजनिक स्थलों एवं शासकीय कार्यालयों के समीप मादक पदार्थों की बिक्री पर कड़ी नजर रखने पर जोर दिया गया। विशेषकर स्कूलों के 500 मीटर के दायरे में मादक पदार्थों की बिक्री निशिद्ध है। नशीले पदार्थ बेचने वाले के विरूद्ध नारकोटिक्स एक्ट के तहत कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये। नशीले पदार्थों के परिवहन करते जब्त वाहनों पर कार्यवाही हेतु आबकारी विभाग को आवश्यक पहल करने कहा गया।बैठक में नगर निगम दुर्ग के आयुक्त श्री सुमीत अग्रवाल, नगर निगम भिलाई चरौदा के आयुक्त श्री दशरथ राजपूत, सीएसपी श्री तिवारी, एसडीएम श्री हरवंश सिंह मिरी, श्री महेश राजपूत एवं श्री सोनल डेविड तथा सीएमएचओ डॉ. मनोज दानी, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री आशीष भट्टाचार्य सहित विद्युत मंडल, एनएचएआई, एनएच, बीएसपी, रेलवे एवं पुलिस विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर। कभी घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ियों के बीच बसे अबूझमाड़ के कटेर गांव तक पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं था। बारिश के दिनों में संकरी पगडंडियां भी कीचड़ में बदल जाती थीं। बीमारों को अस्पताल पहुंचाने, बच्चों को स्कूल भेजने और किसानों को अपनी उपज बाजार तक ले जाने में घंटों लग जाते थे। आज वही गांव पक्की सड़क से जुड़ चुका है और इसके साथ ही ग्रामीणों की जिंदगी भी बदलने लगी है।प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) के तहत डोंडरीबेड़ा कैंप से कटेर तक 8.75 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण लगभग 8.56 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। यह सड़क केवल दो स्थानों को नहीं जोड़ती, बल्कि अबूझमाड़ के दूरस्थ जनजातीय अंचल को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का माध्यम बन गई है।सड़क बनने के बाद अब एम्बुलेंस, शासकीय वाहन और अन्य जरूरी सेवाएं सीधे गांव तक पहुंच रही हैं। इससे स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार हुआ है और गंभीर मरीजों को समय पर इलाज मिलने लगा है। स्कूलों में विद्यार्थियों और शिक्षकों की नियमित उपस्थिति भी बढ़ी है।इस बदलाव का सबसे अधिक लाभ किसानों और वनोपज संग्राहकों को मिला है। अब वे अपनी उपज आसानी से बाजार तक पहुंचा रहे हैं, जिससे बेहतर दाम मिलने की उम्मीद बढ़ी है। प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य निर्माण कार्यों के लिए सामग्री पहुंचाना भी पहले की तुलना में आसान हो गया है। बिजली, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को भी गति मिली है।ग्रामीणों का कहना है कि पहले गांव तक पहुंचने के लिए घंटों पैदल चलना पड़ता था, लेकिन अब वाहन सीधे गांव तक आते हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई, मरीजों के इलाज और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना काफी आसान हो गया है।अबूझमाड़ में बनी यह सड़क बताती है कि मजबूत संपर्क मार्ग केवल आवागमन का साधन नहीं होते, बल्कि वे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बेहतर जीवन की नई संभावनाओं का रास्ता भी खोलते हैं। यही बदलाव अब कटेर और आसपास के गांवों में साफ दिखाई देने लगा है।
- -हर माह वीडियो आधारित निरीक्षण से गड्ढों, दरारों और पॉटहोल की होगी पहचान, त्वरित मरम्मत की बनेगी कार्ययोजनारायपुर,। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत बनी ग्रामीण सड़कों के रखरखाव और उनकी गुणवत्ता को सुधारने के लिए राज्य सरकार अब एक क्रांतिकारी कदम उठाने जा रही है। सड़कों की मॉनिटरिंग और मरम्मत कार्य को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का उपयोग किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा ने नवा रायपुर अटल नगर स्थित महानदी भवन में पीएमजीएसवाई के कार्यों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को इस एआई आधारित सड़क निरीक्षण प्रणाली को जल्द से जल्द जमीन पर लागू करने के कड़े निर्देश दिए हैं।समीक्षा बैठक के दौरान बताया गया कि इस नई तकनीक के तहत अब राज्य की प्रत्येक पीएमजीएसवाई सड़क का हर महीने वीडियो आधारित निरीक्षण किया जाएगा। इसके लिए विशेष एआई आधारित ऐप और डैशबोर्ड भी तैयार कर लिया गया है। एआई तकनीक सड़कों पर मौजूद गड्ढों (पॉटहोल्स), दरारों और अन्य क्षतियों की अपने आप पहचान कर उनका विश्लेषण करेगी। इससे सड़कों की श्रियल टाइमश् (वास्तविक स्थिति) की सटीक जानकारी मिलेगी और किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी से बचा जा सकेगा।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि एआई तकनीक से प्राप्त आंकड़ों (डेटा) के आधार पर राज्य की सबसे ज्यादा खराब और क्षतिग्रस्त सड़कों की पहचान प्राथमिकता से की जाएगी। इसके बाद उनके संधारण (रखरखाव) की बजट कार्ययोजना तैयार कर तुरंत मरम्मत कार्य शुरू कराया जाएगा। इससे सरकारी संसाधनों का सही और बेहतर उपयोग हो सकेगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन अधिक सुगम व सुरक्षित बनेगा।इस व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने के लिए उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि शनिवार से ही प्रायोगिक तौर पर (पायलट प्रोजेक्ट के रूप में) प्रदेश के प्रत्येक जिले में एक-एक चयनित सड़क का एआई आधारित निरीक्षण शुरू किया जाए। इन शुरुआती निरीक्षणों से मिलने वाले परिणामों का बारीकी से विश्लेषण करने के बाद इसे पूरे राज्य में प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। आधुनिक तकनीक के इस उपयोग से सड़कों की आयु बढ़ेगी और समय पर मरम्मत होने से जनता को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, सचिव श्री भीम सिंह, सचिव श्री धर्मेश साहू, प्रधानमंत्री आवास योजना के संचालक श्री तारन प्रकाश सिन्हा तथा संचालक एनआरएलएम श्री अश्वनी देवांगन सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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राजनांदगांव । विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह 11 एवं 12 जुलाई 2026 को राजनांदगांव जिले के प्रवास पर रहेंगे। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह 11 जुलाई को दोपहर 12 बजे स्पीकर हाऊस राजनांदगांव पहुंचेंगे। विधानसभा अध्यक्ष दोपहर 12.15 बजे स्पीकर हाऊस राजनांदगांव से कार द्वारा प्रस्थान कर राजनांदगांव विकासख्ंाड के ग्राम बाटगांव पहुंचकर वृक्षारोपण एवं नि:शुल्क पौधा वितरण कार्यक्रम में शामिल होंगे। विधानसभा अध्यक्ष दोपहर 1.45 बजे ग्राम बाटगांव से कार द्वारा प्रस्थान कर दोपहर 2.45 बजे स्पीकर हाऊस राजनांदगांव पहुंचेंगे एवं समय आरक्षित रहेगा। विधानसभा अध्यक्ष शाम 5.15 बजे स्पीकर हाऊस राजनांदगांव से कार द्वारा प्रस्थान कर शाम 5.25 बजे पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम पहुंचकर प्रतिभा सम्मान समारोह 2026 में शामिल होंगे। विधानसभा अध्यक्ष शाम 6.25 बजे पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम से कार द्वारा प्रस्थान कर शाम 6.35 बजे स्पीकर हाऊस राजनांदगांव पहुंचेंगे एवं समय आरक्षित रहेगा।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह 12 जुलाई को सुबह 11.50 बजे स्पीकर हाऊस राजनांदगांव से कार द्वारा प्रस्थान कर दोपहर 12 बजे मंडी परिसर राजनांदगांव पहुंचकर मंडी बोर्ड द्वारा स्वीकृत कार्यों के भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होंगे। विधानसभा अध्यक्ष दोपहर 1 बजे मंडी परिसर राजनांदगांव से कार द्वारा प्रस्थान कर दोपहर 1.10 बजे स्पीकर हाऊस राजनांदगांव पहुंचेंगे एवं समय आरक्षित रहेगा। विधानसभा अध्यक्ष दोपहर 2.50 बजे स्पीकर हाऊस राजनांदगांव से कार द्वारा प्रस्थान कर दोपहर 3 बजे पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम पहुंचकर छत्तीसगढ़ श्री वैष्णव महासभा शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे। विधानसभा अध्यक्ष शाम 4 बजे पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम से कार द्वारा प्रस्थान कर शाम 4.10 बजे स्पीकर हाऊस राजनांदगांव पहुंचेंगे एवं समय आरक्षित रहेंगा। विधानसभा अध्यक्ष शाम 4.30 बजे स्पीकर हाऊस राजनांदगांव से कार द्वारा स्पीकर हाऊस रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे। - -"आप ही हैं भावी भारत का भावी भविष्य" - श्री अरुण साव-विकास कार्यो के लिए 2.60 करोड़ स्वीकृत करने की घोषणा की-रायपुर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने शाला प्रवेश उत्सव में बच्चों को तिलक लगाकर कराया शाला प्रवेशबेमेतरा । शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और बच्चों में स्कूल के प्रति उत्साह जगाने के उद्देश्य से शुक्रवार को बेमेतरा जिले के बेरला में जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव का आयोजन किया गया। बेरला के मंडी प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने विद्यार्थियों का तिलक लगाकर और मिठाई खिलाकर स्नेहपूर्वक शाला प्रवेश कराया। उन्होंने सभी बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बच्चों को शाला प्रवेश कराकर उनका स्वागत किया। उन्होंने कक्षा पहली सहित विभिन्न कक्षाओं में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के माथे पर तिलक लगाया और उन्हें पुस्तकें, स्टेशनरी व शाला गणवेश वितरित किया। उन्होंने इस दौरान बच्चों के साथ स्नेहपूर्वक फोटो भी खिंचवाई और उनसे बातचीत की।श्री साव ने शाला प्रवेशोत्सव में बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि आप ही भावी भारत का भविष्य हैं। देश को आगे ले जाने की जिम्मेदारी आने वाले समय में आपके कंधों पर होगी। इसलिए मन लगाकर पढ़ाई करें।अनुशासन में रहें और बड़े सपने देखें। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजें और शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार काम कर रही है। शाला प्रवेश उत्सव का मकसद यही है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। स्कूलों में मूलभूत सुविधाएं, स्मार्ट क्लास, मध्यान्ह भोजन और छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं के माध्यम से बच्चों को बेहतर माहौल दिया जा रहा है। उन्होंने शिक्षकों की भूमिका की भी सराहना करते हुए कहा कि एक अच्छा शिक्षक ही अच्छे नागरिक गढ़ता है। श्री साव ने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में असफलता से हताश व निराश न होवें। जीवन में एक लक्ष्य निर्धारित कर सफलता की ओर अग्रसर होवें।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने 20 बालिकाओं को साइकिल प्रदाय किया। सरस्वती साइकिल योजना अंतर्गत साइकिल मिलने से बालिकाओं के चेहरे में मुस्कान देखेने को मिला। साईकिल मिलने से बेटियों को सुगमतापूर्वक शाला आने जाने की सुविधा मिलेगी।इस अवसर पर जिले में बोर्ड परीक्षा में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। साथ ही नवोदय विद्यालय में चयनित विद्यार्थियों को भी सम्मनित किया गया।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने क्षेत्र में विकास की रेखा को अनवरत रखते हुए बड़ी सौगातें दी। उन्होंने यहां बेरला में गौरव पथ निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपए, स्टेडियम निर्माण कार्य के लिए 50 लाख रुपए एवं शासकीय कन्या विद्यालय में बाउंड्रीवाल के लिए 10 लाख रुपए देने की घोषणा की।कार्यक्रम में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री दयाल बघेल ने भी नव प्रवेशी छात्र-छात्राओं को हार्दिक शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद दिया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि बच्चें देश की भावी पीढ़ी है। जिस पर देश का भविष्य संवारने की जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी होकर देश का नाम रोशन करने को कहा। पालकों एवं शिक्षकों को बच्चों को ज्ञानवान, ऊर्जावान बनाने में अपनी भूमिका निभाने को कहा।विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए सांसद श्री विजय बघेल ने कहा कि शिक्षा ही जीवन को बदलने का सबसे बड़ा माध्यम है। आप मन लगाकर पढ़ाई करें, अनुशासन में रहें और अपने माता-पिता व गुरुजनों का नाम रोशन करें। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं, स्मार्ट क्लास, छात्रवृत्ति और निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों के माध्यम से हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। सांसद ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को नियमित स्कूल भेजें। बेटा-बेटी में कोई भेद न करें और दोनों को समान अवसर दें। विधायक श्री दीपेश साहू और श्री ईश्वर साहू ने भी उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए विद्यार्थियों को संबोधित किया। कार्यक्रम में रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री प्रहलाद रजक, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कल्पना योगेश तिवारी, तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि, कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं, पुलिस महानिरीक्षक श्री रामकृष्ण साहू, शिक्षा विभाग के अधिकारी, स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्य, शिक्षक और बड़ी संख्या में अभिभावक व विद्यार्थी उपस्थित थे।
- -नगर पंचायत भिंभौरी को नवीन महाविद्यालय एवं सामुदायिक भवन की सौगात-465.84 लाख रुपए से बनेगा नवीन महाविद्यालय, 14.28 लाख रुपए से होगा सामुदायिक भवन का निर्माण-नगर पंचायत भिंभौरी के विकास के लिए 5 करोड़ रुपए की घोषणा-जल आवर्धन योजना के लिए 4 करोड एवं विकास कार्यों के लिए मिलेंगे 1 करोड़ रुपएरायपुर। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन के कारण छत्तीसगढ़ में हर क्षेत्र में तेज गति से विकास हो रहा है। उन्होंने बेमेतरा जिले के नगर पंचायत भिंभौरी में आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार ने जनता से किए हर वादे को पूरा किया है। उन्होंने कार्यक्रम में 465.84 लाख रुपए की लागत से बनने जा रहे नवीन महाविद्यालय भवन एवं 14.28 लाख रुपए की लागत से बनने जा रहे किसान सामुदायिक भवन का भूमिपूजन कर नगर पंचायत भिंभौरी को बड़ी सौगातें दी। सांसद श्री विजय बघेल, विधायक श्री दीपेश साहू और श्री ईश्वर साहू भी कार्यक्रम में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने नवीन नगर पंचायत भिंभौरी में विकास कार्यों के लिए 5 करोड़ रुपए स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने यहां घर-घर में नल से जल पहुंचाने के लिए जल आवर्धन योजना के लिए 4 करोड़ रुपए एवं विकास कार्यों के लिए 1 करोड़ रुपए स्वीकृत करने की घोषणा की। कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को सामग्री और चेक भी वितरित किए गए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि मोदी जी की गारंटी का मतलब है - जो कहा वो किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुशासन की वजह से छत्तीसगढ़ आज प्रगति के नए आयाम छू रहा है। श्री साव ने कहा कि जनता से किए गए वादे के मुताबिक सरकार गठन के तत्काल बाद किए गए वादों को पूरा करने का काम किया गया है। किसानों को दो साल का बकाया बोनस दिया गया है। इसके साथ ही किसानों से 3100 रुपए की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है। महिलाओं को स्वालंबन और सशक्त बनाने की दिशा में महतारी वंदन योजना अंतर्गत प्रतिमाह 1000 रुपए दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आवासहीन परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए जा रहे हैं।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्व में भारत का मान बढ़ा है। देश में जनता की बेहतरी के लिए अनेक कार्य किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद को खत्म करने का महत्वपूर्ण काम हुआ है। आज छत्तीसगढ़ नक्सलमुक्त हो गया है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के साथ ही पूरे छत्तीसगढ़ में तेज गति से विकास हो रहा है।उन्होंने राज्य के तरक्की, विकास और कल्याण के लिए सहभागी बनने की अपील की। उन्होंने बताया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पानी और किसान कल्याण जैसी योजनाओं में राज्य सरकार ने ऐतिहासिक काम किए हैं। स्कूलों में अधोसंरचना मजबूत की जा रही है, ताकि बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार पर लगाम लगी है और योजनाओं का लाभ सीधे हितग्राहियों तक पहुंच रहा है। महिला सशक्तिकरण, युवा रोजगार और ग्रामीण विकास हमारी प्राथमिकता है। रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री प्रहलाद रजक, बेमेतरा जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती कल्पना योगेश तिवारी, तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि, कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं और पुलिस महानिरीक्षक श्री रामकृष्ण साहू भी कार्यक्रम में मौजूद थे।
- -ब्याज एवं अधिभार में राहत, लंबित प्रकरणों के समाधान और रुकी परियोजनाओं को मिलेगी नई रफ्ताररायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद् की बैठक में नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) द्वारा आबंटित भूखंडों एवं निर्मित परिसरों के आबंटितियों के लिए वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना-2026 को मंजूरी प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में लिया गया यह निर्णय पात्र आबंटितियों को ब्याज एवं अधिभार में राहत प्रदान करने के साथ-साथ लंबित प्रकरणों के समाधान, रुकी हुई परियोजनाओं को गति देने तथा नवा रायपुर में निवेश एवं विकास गतिविधियों को नई ऊर्जा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का प्रत्येक निर्णय विकास को गति देने और जनहित में व्यावहारिक समाधान उपलब्ध कराने की सोच से प्रेरित है। OTS योजना-2026 इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे निवेशकों का विश्वास मजबूत होगा, लंबित प्रकरणों का निराकरण होगा और नवा रायपुर के समग्र एवं नियोजित विकास को नई गति मिलेगी।आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार निवेशकों के लिए पारदर्शी, भरोसेमंद और विकासोन्मुख वातावरण तैयार करने के लिए निरंतर नीतिगत निर्णय ले रही है। OTS योजना-2026 ऐसे आबंटितियों के लिए एक सकारात्मक अवसर है, जो अपनी परियोजनाओं को आगे बढ़ाना चाहते हैं। इससे रुकी हुई परियोजनाओं को गति मिलेगी, अनावश्यक न्यायालयीन विवाद कम होंगे, भूमि का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा तथा नवा रायपुर में निवेश एवं आर्थिक गतिविधियों को नया प्रोत्साहन मिलेगा। यह निर्णय नवा रायपुर को देश के अग्रणी नियोजित और आधुनिक शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।योजना के अंतर्गत जो आबंटी परियोजना का विकास करने के इच्छुक नहीं हैं, उन्हें आबंटित भूमि समर्पित कर अनुबंध से बाहर होने का विकल्प भी मिलेगा। इससे अनावश्यक न्यायालयीन विवादों में कमी आएगी तथा भूमि का प्रभावी एवं शीघ्र उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा।योजना लागू होने की तिथि से 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगी। इस अवधि में प्राप्त आवेदनों पर निर्धारित प्रावधानों के अनुसार विचार किया जाएगा। वर्तमान में विभिन्न भू-उपयोगों के अंतर्गत बड़ी संख्या में लंबित प्रकरण इस योजना से लाभान्वित हो सकेंगे।एनआरडीए के अनुसार, योजना के अंतर्गत भूमि प्रीमियम में किसी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी तथा किसी भी भूमि का सेटलमेंट वर्तमान रिजर्व प्रीमियम मूल्य से कम पर नहीं किया जाएगा। इससे प्राधिकरण को कोई वित्तीय हानि नहीं होगी, जबकि पात्र आबंटितियों को ब्याज एवं अधिभार में लगभग 61.96 करोड़ रुपये की राहत मिलने का अनुमान है।OTS योजना-2026 के क्रियान्वयन से नवा रायपुर में रुकी हुई विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी, निवेशकों का विश्वास और सुदृढ़ होगा, मुकदमेबाजी में कमी आएगी तथा भूमि का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा। यह निर्णय नवा रायपुर के नियोजित, संतुलित और तीव्र शहरी विकास को नई दिशा प्रदान करेगा।



























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