- Home
- बिजनेस
- - आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार करने के लिए टैक्स की न्यूनतम दरों, रॉयल्टी, अन्य दायित्वों पर भी सहानुभूतिपूर्वक विचार करना जरूरी तभी अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय वस्तुओं के लिए होगी मुकाबले की राह आसान-उद्योगों के लिए बिजली की दरों पर भी ध्यान देना आवश्यक, एक्सचेंज और वितरण की दरों में बड़ा फर्क- कोयले से गैस बनाने की तकनीक (सीजीपी) से देश को बहुत लाभ होगा क्योंकि कोयले से रासायनिक ऊर्जा तैयार की जाती है जो उद्योग-कृषि सभी के लिए लाभदायकरायपुर। जिन्दल स्टील एंड पावर लिमिटेड (जेएसपीएल) के चेयरमैन श्री नवीन जिन्दल ने आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को सरकार की दूरदर्शी सोच बताते हुए कहा कि इसके लिए उद्योगों का तीव्र विकास आवश्यक है और उद्योगों का त्वरित विकास कच्चे माल की आसानी से उपलब्धता पर निर्भर करता है।श्री जिन्दल तेल एवं प्राकृतिक गैस और इस्पात मंत्रालय के समन्वय से इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा "आत्मनिर्भर भारत: रसायन, पेट्रो-रसायन एवं इस्पात क्षेत्र के उद्योगों पर फोकस" विषय पर आयोजित डिजिटल कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और इस्पात मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत जैसे दूरदर्शी कदमों की शुरुआत से स्टील सेक्टर उत्साहित है और वह उन अग्रणी क्षेत्रों में शामिल होने जा रहा है जिसके योगदान के बल पर आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।श्री जिन्दल ने कहा कि कोई भी उद्योग तभी आगे बढ़ सकता है जब उत्पादन की स्थितियां उसके अनुकूल हों। कच्चा माल आसानी से उपलब्ध हो, टैक्स की तार्किक और न्यूनतम दरें हो, रॉयल्टी व अन्य दायित्व भी इस तरह हों, जिससे हमारे उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा कर सकें और अपनी स्थायी जगह बना सकें।उन्होंने कहा कि ऊर्जा के स्थायी विकल्प दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहे हैं। सौर, वायु, पनबिजली जैसे अक्षय ऊर्जा के साधनों के विकास से अगले 30 साल बाद कोयले का इस्तेमाल न्यूनतम हो जाएगा इसलिए हमें कोयला ब्लॉक की नीलामी कर जल्द से जल्द आत्मनिर्भर भारत के अपने लक्ष्य को पाने का प्रयास करना चाहिए क्योंकि भारत में थर्मल कोयले का अथाह भंडार है। उन्होंने लौह अयस्क खदानों के बारे में भी ऐसी ही राय दी और ओडिशा सरकार की पारदर्शी नीतियों को सराहते हुए अन्य राज्यों को उससे प्रेरणा लेने को कहा। उनके अनुसार अगले 30 साल में पूरी दुनिया में लोहा-इस्पात का इतना अधिक उत्पादन हो जाएगा कि खदानों के बजाय स्टील की रिसाइक्लिंग प्राथमिकता हो जाएगी इसलिए आत्मनिर्भर भारत मिशन का उपयोग कर भारत को मजबूत अर्थव्यवस्था का निर्माण करना चाहिए। कच्चा माल आसानी से उपलब्ध होगा तो निश्चित रूप से उद्योगों का विस्तार होगा और कर की दरें तार्किक होंगी तो निसंदेह वस्तु सस्ती होगी और उसकी पहुंच अधिकतम व्यक्ति तक सुनिश्चित होगी।श्री जिन्दल ने कहा कि उद्योगों को चलाने के लिए बिजली सस्ती होनी चाहिए। एक्सचेंज में डेढ़ रुपये में मिलने वाली बिजली फैक्टरी तक पहुंचते-पहुंचते कई गुना महंगी हो जाती है। सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए।कोयले से गैस बनाने की तकनीक (सीजीपी) पर प्रकाश डालते हुए श्री नवीन जिन्दल ने कहा कि इससे सिंथेसिस गैस तैयार होती है, जो हाइड्रोजन और कार्बन मोनो ऑक्साइड का मिश्रण होती है। इस रासायनिक ऊर्जा से पेट्रोलियम उत्पाद, मेंथा, डीजल, अमोनिया समेत अनेक प्रोडक्ट तैयार किए जा सकते हैं जो स्टील के साथ-साथ तेल एवं प्राकृतिक गैस, कृषि, उर्वरक व अन्य उद्योगों के लिए लाभदायक हो सकता है।राष्ट्र निर्माण में जेएसपीएल के योगदान पर उन्होंने कहा कि हमारी कंपनी ने देश को कई उत्पाद सबसे पहले दिये। इनमें पैरलल फ्लैंज बीम, स्लैब कास्टर, 5 मीटर चौड़ी प्लेट, मेट्रो के लिए हेड हार्डेंड रेल और एसिमेट्रिक रेल्स प्रमुख हैं। इसी तरह जेएसपीएल रेल पटरियों की निजी क्षेत्र की एकमात्र निर्माता है। जेएसपीएल ही वह कंपनी है जिसने जिन्दल पावर लिमिटेड के रूप में निजी क्षेत्र के स्वतंत्र बिजली संयंत्र का तोहफा सबसे पहले राष्ट्र को दिया और उससे प्रेरित होकर आज दर्जनों पावर प्लांट संचालित हो रहे हैं एवं देश बिजली क्षमता के मामले में सम्मानजनक स्थान पर है।इस वेबीनार में केंद्रीय मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी विचार प्रकट कर सरकार की आत्मनिर्भर भारत संबंधी नीतियों को बताया और कहा कि इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन 2024 तक 31 हजार करोड़ रुपये का निवेश करेगा। उनके अतिरिक्त ओडिशा के उद्योग मंत्री श्री दिब्य शंकर मिश्रा, ओडिशा के उद्योग सचिव श्री हेमंत शर्मा, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के श्री श्रीकांत माधव वैद्य, आरआईएनएल के श्री प्रदोश कुमार रथ आदि ने इस डिजिटल कॉन्फ्रेंस में भाग लिया।
- नई दिल्ली। सरकार, वस्तु और सेवा कर -जी.एस.टी. के संग्रह के घाटे की भरपाई के लिए राज्यों की ओर से एक लाख दस हजार करोड रूपये का ऋण लेगी।एक बयान में वित्त मंत्रालय ने बताया कि यह राशि राज्यों को जी.एस.टी. भरपाई के बदले ऋण के रूप में दी जाएगी। बयान में बताया गया है कि इस ऋण से भारत सरकार के राजकोषीय घाटे पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। राशि को राज्य सरकारों की पूंजीगत प्राप्ति के रूप में दिखाया जाएगा। मंत्रालय ने बताया कि इस कदम से राज्यों पर राज्य विकास ऋण पर लगने वाली अलग-अलग ब्याज दरों से बचा जा सकेगा और प्रशासनिक रूप से सुविधा होगी। इस निर्णय से केन्द्र और राज्य सरकारों की उधारी नहीं बढ़ेगी।---
- नई दिल्ली। भारत में अब ई बाइक और ई- कार का प्रचलन बढ़ रहा है। केन्द्र सरकार भी इसे बढ़ावा दे रही है। जल्द ही पेट्रोल पंप की तरह देश में ई -चार्जर सेंटर भी खुल जाएंगे। ई बाइक की मांग को देखते हुए कई कंपनियां सस्ती बाइक उतारने की तैयारी में है।इसी कड़ी में ब्रिटेन की ई-बाइक बनाने वाली कंपनी Go Zero Mobility अगले महीने ई-बाइक भारत में लॉन्च करने जा रही है। कंपनी के अनुसार यह ई-बाइक सस्ती होगी साथ ही इसे चलाना और मेंटेन करना भी आसान होगा। उम्मीद है कि यह ई-बाइक अगले महीने 7 नवंबर को लॉन्च होगी।कंपनी अगले महीने दो इलेक्ट्रिक बाइक-त्रर्श Go Zero Pro और Go Zero Lite लॉन्च करने जा रही है। यह एक प्रीमियम क्वालिटी और लाइफस्टाइल प्रोडक्ट है। सबसे अच्छी बात ये है कि इसमें से एक बाइक अमेजन पर ऑनलाइन उपलब्ध होगी।कंपनी का इस वित्त वर्ष के आखिर तक 3000 ई-बाइक बेचने का लक्ष्य है। नई ई-बाइक एक बार फुल चार्ज होने पर 25 किलोमीटर तक का सफर तय करेगी। कंपनी फिलहाल अपने कोलकाता प्लांट में इन ई-बाइक्स के प्रोडक्शन में जुटी है। कंपनी का अगला मैनुफैक्चरिंग प्लांट मानेसर में खुलने जा रहा है। फिलहाल कंंपनी ने नई लॉन्च होने वाली ई-बाइक की कीमत का खुलासा नहीं किया है।क्या होगी खासियतआने वाली इन ई-बाइक में लगी बैटरी को जीरो से 100 प्रतिशत तक चार्ज होने में 3 घंटे 30 मिनट के करीब लगते हैं। इसी तरह जीरो से 80 प्रतिशत तक दो घंटे में चार्ज हो जाती है। आप इस ई-बाइक से इस लिथियम आयन बैटरी को निकाल कर कहीं भी चार्ज में लगा सकते हैं। यानी बैटरी को लॉक और अनलॉक भी कर सकते हैं।
-
मुंबई। टीवी देखने वालों के लिए इस फेस्टिवल सीजन में अच्छे ऑफर्स आए है। डायरेक्ट टू होम (डीटीएच) सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों ने अपने ग्राहकों के लिए नए लुभावने ऑफर पेश किए हैं। भारत में सबसे बड़े डायरेक्ट-टू-होम ऑपरेटरों में से एक डिश टीवी ने अपने डी2 एच ग्राहकों के लिए 99 रुपए में एक वारंटी स्कीम शुरू की है। एक्सटेंडेड वारंटी स्कीम में सेट-टॉप बॉक्स शामिल है जो जीएसटी के साथ कवर होगा।
इस ऑफर के तहत, ग्राहकों को 99 रुपए का भुगतान करना होगा। उन्हें अपने सेट टॉप बॉक्स पर एक वर्ष की एक्सटेंडेड वारंटी मिलेगी। एक्सटेंडेड वारंटी के लिए रजिस्ट्रेशन करने के लिए ग्राहक डीटीएच ऑपरेटर की वेबसाइट पर जा सकते हैं। ऑफर पेज का पता लगाकर और अपनी रजिस्टर्ड कस्टमर आईडी एंटर कर सकते हैं और राशि का भुगतान कर सकते हैं।
क्या है टाटा स्काई का ऑफर
वहीं, दूसरी डीटीएच कंपनी टाटा स्काई भी अपने यूजर्स को अब 2 महीने तक फ्री में टीवी देखने का मौका दे रहा है। टाटा स्काई के यूजर्स को आईसीआईसीआई बैंक के क्रेडिट या डेबिट कार्ड से 6 या 12 महीने का एक बार में रीचार्ज कराना होगा। कंपनी की तरफ से यूजर्स को कैशबैक के तौर पर दिया जा रहा है। टाटा स्काई के इस ऑफर का फायदा लेने के लिए यूजर्स को 31 अक्टूबर तक अपना टीवी रीचार्ज कराना होगा। 12 महीने का सब्सक्रिप्शन लेने पर यूजर्स को 2 महीने का रिचार्ज कैशबैक मिलेगा. वहीं 6 महीने का सब्सक्रिप्शन लेने पर यूजर्स को एक महीने का रिचार्ज कैशबैक के तौर पर मिलेगा। टाटा स्काई का यह ऑफर 31 अक्टूबर तक वैलिड ह। इस ऑफर का फायदा कंपनी की वेबसाइट और मोबाइल ऐप से रीचार्ज करने पर ही मिलेगा। टाटा स्काई के मुताबिक, कैशबैक अमाउंट यूजर्स के अकाउंट में 7 दिनों के अंदर वापस आ जाएगा। अगर यूजर्स दो महीने के कैशबैक वाले प्लन में रिचार्ज कराते हैं तो पहले महीने का कैशबैक अमाउंट 48 घंटे और दूसरे महीने का कैशबैक अमाउंट 7 दिनों में यूजर्स के अकाउंट में क्रेडिट हो जाएगा।
टाटा स्काई का कैशबैक ऑफर बैंक ऑफ बड़ौदा के क्रेडिट कार्ड पर भी दिया जा रहा है। बैंक ऑफ बड़ौदा के कार्ड पर यह ऑफर 30 नवंबर तक वैलिड है। ज्यादा जानकारी के उपभोक्ता लिए टाटा स्काई की वेबसाइट देख सकते हैं।
------
- नयी दिल्ली। सरकार ने पिछले 19 दिनों के भीतर 5.33 लाख किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर 11,785 करोड़ रुपये मूल्य के लगभग 62.42 लाख टन खरीफ धान की खरीद की है। खाद्य मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। पंजाब और हरियाणा की मंडियों में फसल की जल्दी आवक होने के कारण इन दोनों राज्यों में 26 सितंबर से धान की खरीद शुरू हुई, जबकि अन्य राज्यों में यह एक अक्टूबर से शुरू हुई। देश के 80 प्रतिशत से अधिक धान की फसल खरीफ मौसम में उगाई जाती है। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) और राज्य एजेंसियों के माध्यम से सरकार एमएसपी पर धान खरीद का काम करती है। खाद्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘खरीफ विपणन सत्र 2020-21 में धान की खरीद पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, केरल तथा जम्मू कश्मीर जैसे धान उगाने वाले राज्यों में सुचारू रूप से चल रही है।'' बयान में कहा गया है कि 14 अक्टूबर तक एमएसपी पर 11,785 करोड़ रुपये के मूल्य के लगभग 62.42 लाख टन धान की खरीद की गई थी। चालू वर्ष के लिए, केंद्र ने सामान्य ग्रेड धान का एमएसपी 1,868 रुपये प्रति क्विंटल जबकि ए ग्रेड किस्म के धान का एमएसपी 1,888 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। खाद्य मंत्रालय के अनुसार भारतीय कपास निगम ने 14 अक्टूबर तक 18,618 किसानों से एमएसपी पर 25,399 करोड़ रुपये मूल्य के कपास के 89,592 गांठों की खरीद की है। इसके अलावा, नोडल एजेंसियों के माध्यम से सरकार मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत एमएसपी पर दालों और तिलहन की खरीद कर रही है। 14 अक्टूबर तक हरियाणा में 639 किसानों को एमएसपी के तहत 4.94 करोड़ रुपये का भुगतान कर उनसे करीब 686.74 टन मूंग और उड़द की खरीद की गई। हरियाणा, तमिलनाडु और महाराष्ट्र में 10 अक्टूबर तक 611 किसानों से एमएसपी पर लगभग 669.74 टन मूंग और उड़द की खरीद की गयी। यह खरीद 4.82 करोड़ रुपये की रही। इसी प्रकार, उक्त अवधि के दौरान कर्नाटक और तमिलनाडु में 3,961 किसानों से 5,089 टन नारियल गरी की खरीद 52.40 करोड़ रुपये के एमएसपी देकर की गई है। सरकार अब दैनिक आधार पर खरीद का आंकड़ा जारी कर रही है। इसका मकसद नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले किसानों को यह संदेश देना है कि उसका एमएसपी पर की जाने वाली खरीद को समाप्त करने का कोई इरादा नहीं है।
- नयी दिल्ली। टोयोटा किर्लोस्कर मोटर (टीकेएम) ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने त्योहारी मौसम से पहले सरकारी और निजी क्षेत्र दोनों के वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए विशेष ऑफर पेश किए हैं। इस पहल के तहत कंपनी अपने संभावित ग्राहकों को तीन महीने की ईएमआई (आसान मासिक किस्त) भरने से छूट समेत अन्य सरल वित्तपोषण विकल्प उपलब्ध कराएगी। टीकेएम के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (बिक्री एवं सेवा) नवीन सोनी ने एक बयान में कहा, टोयोटा कंपनी में हम हमेशा बड़े खरीद फैसलों के लिए ग्राहकों के विभिन्न खंडों को आकर्षक ऑफर देने के रास्तों की खोज करते हैं।'' उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में सुरक्षित यात्रा विकल्प की जरुरत है और यह विशेष पेशकश वेतनभोगी ग्राहकों की यात्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है, ताकि वे टोयोटा के मालिक होने की अपनी आकांक्षा को पूरा कर सकें। सोनी ने कहा कि यह पेशकश सभी प्रकार के वाहनों में दी गई है, ताकि ग्राहक अपनी पसंद के वाहन का विकल्प चुन सकें। इन वाहनों में हाल ही में बाजार में पेश किये गये ‘कॉम्पैक्ट स्पोर्ट्स यूटिलिटी' वाहन, अर्बन क्रूजर भी शामिल है।
- मुंबई। इलेक्ट्रिक वाहन कंपनी एम्पीयर ने ई-बाइकगो से करार किया है। एम्पीयर को ई-मोबिलिटी स्टार्ट-अप से 2,000 इलेक्ट्रिक स्कूटरों की आपूर्ति का ऑर्डर मिला है। इससे पहले एम्पीयर को पिछले सप्ताह बेंगलुरु की स्कूटर किराये पर देने वाली स्टार्ट-अप बाउंस से 3,000 ई-स्कूटर की आपूर्ति का ऑर्डर मिला है। एम्पीयर इलेक्ट्रिक विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत इंजीनियरिंग कंपनी ग्रीव्स कॉटन की इकाई है। एम्पीयर इलेक्ट्रिक के मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) पी. संजीव ने कहा, ‘‘ई-बाइकगो के साथ हमारी भागीदारी देश की प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनियों की आखिरी छोर तक डिलिवरी की मांग को पूरा करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।'' उन्होंने कहा, ‘‘ई-बाइकगो से 2,000 इलेक्ट्रिक स्कूटर की आपूर्ति का ऑर्डर अभी शुरुआत है। हमें उम्मीद है कि यह भागीदारी लंबी चलेगी।'' कंपनी ने कहा कि हाल के समय में होम डिलिवरी की मांग काफी बढ़ी है। यह भागीदारी ई-कॉमर्स कंपनियों को आखिरी छोर तथा लॉजिस्टिक्स डिलिवरी समर्थन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
- नयी दिल्ली। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) ने गुरुवार को कहा कि उसे वैश्विक निवेश फर्म केकेआर से उसकी खुदरा शाखा में निवेश के लिए 5,550 करोड़ रुपये मिले हैं। इससे पहले आरआईएल ने 23 सितंबर को घोषणा की थी कि केकेआर उसकी सहायक कंपनी रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड (आरआरवीएल) में 1.28 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी खरीदने के लिए निवेश करेगी। कंपनी ने शेयर बाजार को बताया कि रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड को एलिसियम एशिया होल्डिंग्स (केकेआर की एक इकाई) से 5,550 करोड़ रुपये मिले हैं और इसके बदले केकेआर को 81,348,479 इक्विटी शेयर आवंटित किए गए हैं। केकेआर का रिलायंस इंडस्ट्रीज की किसी सहायक कंपनी में दूसरा निवेश है। इससे पहले उसने इसी साल जियो प्लेटफार्म में 11,367 करोड़ रुपए का निवेश किया था। इससे पहले आरआईएल ने बताया था कि इस निवेश के तहत रिलायंस रिटेल का मूल्य 4.21 लाख करोड़ रुपये आंका गया है। आरआरवीएल की सहायक इकाई रिलायंस रिटेल भारत के सबसे बड़े और तेजी से बढ़े खुदरा कारोबार का संचालन करती है और देश भर में इसके लगभग 12,000 स्टोर में 64 करोड़ लोग जाते हैं।
- नयी दिल्ली। रेल मंत्रालय ने मालगाड़ियों को 120 किलोमीटर प्रतिघंटे की अधिकतम रफ्तार से दौड़ाने के लिए एलस्टॉम के 12,000 अश्वशक्ति क्षमता वाले इलेक्ट्रिक इंजन के उपयोग को मंजूरी दे दी। फ्रांस की इस कंपनी ने बुधवार को एक बयान में यह जानकारी दी। कंपनी ने कहा कि साल की शुरुआत में भारतीय रेल ने वैग 12बी इलेक्ट्रिक इंजन को रेलवे में शामिल किया था। यह भारतीय पटरियों पर दौड़ने वाला सबसे ज्यादा शक्तिशाली इंजन है। एलस्टॉम के भारत और दक्षिण एशिया के प्रबंध निदेशक एलेन स्पॉहर ने कहा, भारत के आत्मनिर्भर बनने पर जोर देने के अनुरूप हमने अपनी स्थानीय इंजीनियरिंग और विनिर्माण क्षमताओं का सफलतापूर्वक लाभ उठाया है। एलस्टॉम भारतीय रेल को उसका कार्बन उत्सर्जन घटाने में मदद करने और विश्व का सबसे बड़ा हरित रेलवे नेटवर्क बनाने के लिए स्वच्छ प्रौद्योगिकी अपनाने में मदद करने को प्रतिबद्ध है। कंपनी ने कहा कि यह इलेक्ट्रिक इंजन 6,000 टन माल के साथ मालगाड़ियों को 120 किलोमीटर प्रति घंटा की अधिकतम रफ्तार के साथ दौड़ने में सक्षम बनाता है। इन इंजनों को प्रतिबद्ध मालवहन गलियारे और रेलवे के मुख्य मालवहन मार्गों पर दौड़ाने की योजना है। इससे मालगाड़ियों की औसत 20 से 25 किलोमीटर की गति को बढ़ाने में मदद मिलेगी।
- नयी दिल्ली। आयकर विभाग ने बुधवार को कहा कि उसने एक अप्रैल से 13 अक्टूबर के दौरान 38 लाख से अधिक करदाताओं को 1.23 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रिफंड जारी किये। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के अनुसार व्यक्तिगत आयकर मामले में 36.21 लाख करदाताओं को 33,442 करोड़ रुपये रिफंड जारी किये गये जबकि कंपनी कर मद में 1.89 लाख करदाताओं को 90,032 करोड़ रुपये लौटाये गये। सीबीडीटी ने ट्विटर पर लिखा है, सीबीडीटी ने एक अप्रैल से 13 अक्टूबर के बीच 38.11 लाख करदाताओं को 1,23,474 करोड़ रुपये के रिफंड जारी किये। उसने कहा, ‘‘व्यक्तिगत आयका रिफंड मामले में 36,21,317 करदाताओं को 33,442 करोड़ रुपये लौटाये गये जबकि कंपनी कर मद में 1,89,916 करदाताओं को 90,032 करोड़ रुपये लौटाये गये।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आबूधाबी नेशनल ऑयल कंपनी को देश के रणनीतिक कच्चे तेल भंडार के 50 प्रतिशत का व्यापार करने की बुधवार को अनुमति दी। आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक के बाद सरकार ने बुधवार को यह जानकारी दी। आबूधाबी नेशनल ऑयल कंपनी ने अभी तक मंगलुरू स्थित 15 लाख टन वाली भूमिगत रणनीतिक तेल भंडार की 50 प्रतिशत क्षमता को किराये पर लिया था। इसमें से 35 प्रतिशत भंडारित तेल का कंपनी वाणिज्यिक तरीके से उपयोग कर सकती थी। जबकि 15 प्रतिशत का व्यापार सरकार से अनुमति लेने के बाद किया जा सकता था। अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई समिति की बैठक में आबूधाबी नेशनल ऑयल कंपनी को भंडारित तेल के 50 प्रतिशत का वाणिज्यिक उपयोग करने की अनुमति दे दी गयी। इस लचीले रुख से कंपनी देश के तीन रणनीतिक तेल भंडारों में और अधिक तेल रखने को प्रोत्साहित होगी। उल्लेखनीय है कि भारतीय रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार लिमिटेड (आईएसपीआरएल) ने कर्नाटक के मंगलुरू और पद्दूर एवं आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में तीन भूमिगत भंडारण सुविधा विकसित की हैं। इन्हें आपूर्ति और मांग में अंतर आने के दौरान कीमतों को स्थिर रखने के लिए तैयार किया गया है। अधिकारियों ने कहा कि इन भूमिगत भंडारण सुविधाओं में तेल भंडारित करने की लागत आबूधाबी नेशनल ऑयल कंपनी उठाएगी। जबकि आकस्मिक परिस्थितियों में इसके उपयोग का पहला अधिकार भारत के पास होगा। इस तरह देश को बिना रुपया खर्च किए ऊर्जा सुरक्षा मिलेगी।
- मुंबई। त्योहारी सीजन आते ही सोने और चांदी की मांग बढ़ती नजर आ रही है। आज की बात करें तो सोने-चांदी की कीमतों में तेजी देखी जा रही है। सोना अब तक अपने ऑल टाइम हाई से 6000 रुपये से भी अधिक गिर चुका है, लेकिन उम्मीद की जा रही है कि त्योहारी सीजन में इसमें कुछ मजबूती आ सकती है।मजबूत हाजिर मांग के कारण सटोरियों ने ताजा सौदों की लिवाली की जिससे वायदा बाजार में बुधवार को सोने का भाव 136 रुपये मजबूत होकर 50 हजार 381 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में दिसंबर का सोना वायदा भाव 136 रुपये यानी 0.27 प्रतिशत बढ़कर 50 हजार 381 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। इस अनुबंध में 14 हजार 802 लॉट के लिये कारोबार किया गया। बाजार विश्लेषकों ने कहा कि कारोबारियों द्वारा ताजा सौदों की लिवाली के कारण सोना कीमतों में तेजी आई। न्यूयार्क में सोना 0.46 प्रतिशत बढ़कर 1,903.40 डालर प्रति औंस हो गया।हाजिर मांग के कारण चांदी वायदा कीमतों में तेजीहाजिर बाजार की मजबूत मांग के कारण स्थानीय वायदा बाजार में बुधवार को कारोबारियों अपने सौदों के आकार को बढ़ाया जिससे चांदी वायदा कीमत 565 रुपये की तेजी के साथ 61 हजार 107 रुपये प्रति किलो हो गयी। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में दिसंबर अनुबंध के लिये चांदी का भाव 565 रुपये यानी 0.93 प्रतिशत की तेजी के साथ 61,107 रुपये प्रति किलो हो गया। इसमें 15 हजार 770 लॉट के लिये कारोबार किया गया। बाजार विश्लेषकों ने कहा कि घरेलू बाजार में तेजी के कारण कारोबारियों ने ताजा सौदों की लिवाली की जिससे चांदी वायदा कीमतों में तेजी आई। न्यूयार्क में चांदी की कीमत 1.04 प्रतिशत की तेजी के साथ 24.38 डालर प्रति औंस हो गयी।सोने में आई है कितनी गिरावट?पिछले महीने 7 अगस्त को सोने ने वायदा बाजार में अपना उच्चतम स्तर यानी ऑल टाइम हाई छुआ था और प्रति 10 ग्राम की कीमत 56 हजार 200 रुपये हो गई थी। वहीं आज सोना 50 हजार 381 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। यानी तब से लेकर अब तक सोने में करीब 6 हजार रुपये की गिरावट आ चुकी है।
- मुंबई । वैश्विक बाजारों की तेजी और स्थानीय बाजार में उतार चढ़ाव के बीच वित्तीय शेयरों की मजबूती से बुधवार को लगातार 10वें दिन बढ़त रही। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स में कारोबार के दौरान 600 अंक से अधिक के दायरे में घ्रट बढ़ रही। हालांकि कारोबार के समाप्त होने पर यह 169.23 अंक यानी 0.42 प्रतिशत बढ़कर 40,794.74 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह एनएसई का निफ्टी भी 36.55 अंक यानी 0.31 प्रतिशत बढ़कर 11,971.05 अंक पर पहुंच गया। घरेलू शेयर बाजार लगातार 10वें दिन लाभ में रहे। सेंसेक्स की कंपनियों में बजाज फिनसर्व में सर्वाधिक करीब चार प्रतिशत तक की तेजी रही। इसके अलावा बजाज फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक, इंडसइंड बैंक, टाटा स्टील, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के शेयरों में भी तेजी रही। दूसरी ओर, एनटीपीसी, ओएनजीसी, टेक महिंद्रा, पावरग्रिड, इंफोसिस और एचसीएल टेक के शेयरों में गिरावट रही। वैश्विक स्तर पर एशियाई बाजारों में हांगकांग के हैंगसेंग और दक्षिण कोरिया के कोस्पी में बढ़त दर्ज की गयी। हालांकि चीन के शंघाई कंपोजिट और जापान के निक्की गिरावट में रहे। यूरोपीय बाजार शुरुआती कारोबार में बढ़त में चल रहे थे। इस बीच, कच्चा तेल का अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 0.09 प्रतिशत की गिरावट के साथ 42.41 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर चल रहा था। विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया चार पैसे बढ़कर 73.31 के स्तर पर बंद हुआ।
- नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने अपने सभी मंत्रालयों, सार्वजनिक विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों के लिए सरकारी दूरसंचार कंपनियों भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) और महानगर संचार निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) की सेवाओं के उपयोग को अनिवार्य कर दिया है।दूरसंचार विभाग (डीओटी) द्वारा जारी एक ज्ञापन में कहा गया, भारत सरकार ने अपने सभी मंत्रालयों/ विभागों, सीपीएसई, केंद्रीय स्वायत्त निकायों द्वारा बीएसएनएल और एमटीएनएल की सेवाओं के अनिवार्य रूप से इस्तेमाल की मंजूरी दी है। इस ज्ञापन पर 12 अक्टूबर की तारीख अंकित है और इसे वित्त मंत्रालय से परामर्श के बाद केंद्र सरकार के सभी सचिवालयों और विभागों को जारी किया गया।ज्ञापन में कहा गया कि बीएसएनएल और एमटीएनएल की दूरसंचार सेवाओं के इस्तेमाल को अनिवार्य करने का निर्णय मंत्रिमंडल ने लिया। दूरसंचार विभाग ने सभी मंत्रालयों, विभागों, सीपीएसई और केंद्रीय स्वायत्त संगठनों से कहा है कि वे इंटरनेट, ब्रॉडबैंड, लैंडलाइन और लीज्ड लाइन जरूरतों के लिए बीएसएनएल या एमटीएनएल नेटवर्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करें। यह आदेश सरकारी दूरसंचार कंपनियों के घाटे को कम करने के लिए किया गया है, जो तेजी से अपने ग्राहक आधार को खो रहे हैं। बीएसएनएल को 2019-20 में 15,500 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था, जबकि इस दौरान एमटीएनएल का घाटा 3,694 करोड़ रुपये रहा।---
- - अलग की गई कंपनी के रणनीतिक विनिवेश को भी मिली मंजूरीनई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) लिमिटेड से नागरनार इस्पात संयंत्र (एनएसपी) को अलग करने तथा अलग की गई कंपनी में निहित भारत सरकार की पूरी हिस्सेदारी को एक रणनीतिक खरीदार के लिए विक्रय द्वारा इसके रणनीतिक विनिवेश को अपनी सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।नागरनार इस्पात संयंत्र छत्तीसगढ़ में बस्तर जिले के नागरनार में एनएमडीसी द्वारा स्थापित तीन मिलियन प्रतिवर्ष क्षमता वाला एक एकीकृत इस्पात संयंत्र है। यह संयंत्र 1980 एकड़ क्षेत्र में फैला है और इसकी संशोधित लागत 23 हजार 140 करोड़ रूपये (14 जुलाई 2020 के अनुसार) है। उपर्युक्त तिथि पर एनएमडीसी ने इस परियोजना पर 17 हजार 186 करोड़ रूपये निवेश किए हैं, जिसमें से 16 हजार 662 करोड़ रूपये एनएमडीसी के अपने कोस्ट से तथा 524 करोड़ रूपये बॉन्ड बाजार से जुटाए गए हैं।इस मंजूरी के साथ, आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने एनएमडीसी की एक इकाई के रूप में नागरनार इस्पात संयंत्र में निवेश हेतु 27 अक्टूबर, 2016 को लिए गए अपने पूर्ववर्ती निर्णय में भी संशोधन किया है।एनएसपी को इसके विनिवेश से पहले, एक अलग कंपनी के रूप में अलग करने के प्रस्ताव के निम्नलिखित फायदे हैं -- इसके अलगाव से, एनएमडीसी खनन की अपनी मुख्य गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित कर सकता है।-अलगाव के बाद, एनएसपी एक अलग कंपनी होगी तथा एनएमडीसी एवं एनएसपी के प्रबंधन अपने संबंधित संचालनों तथा वित्तीय निष्पादन के लिए उत्तरदायी होंगे। एनएमडीसी के शेयरधारक अपने शेयरों के अनुपात में अलग की गई कंपनी (एनएसपी) के भी शेयरधारक होंगे।-अलगाव के बाद, निवेशक एनएमडीसी तथा एनएसपी के संचालनों एवं मुद्रा प्रवाह को बेहतर ढंग से देख सकेंगे।-पूंजीगत प्राप्तियों की दृष्टि से इस अलगाव का कर (टैक्स) से कोई लेना-देना भी नहीं होगा।- आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति के अनुसार, अलगाव और विनिवेश की प्रक्रिया एक साथ शुरू की जाएगी और अलग की गई कंपनी (एनएसपी) के विनिवेश का कार्य सितंबर 2021 तक पूरा होने की संभावना है।एनएमडीसी इस्पात मंत्रालय के तहत एक सूचीबद्ध केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम है और इस कंपनी में भारत सरकार की 69.65 प्रतिशत की हिस्सेदारी है।---
- नयी दिल्ली। केंद्र ने मंगलवार को किसान रेल के माध्यम से अधिसूचित फलों एवं सब्जियों की ढुलाई पर 50 प्रतिशत सब्सिडी देने का आदेश जारी किया। यह सब्सिडी ‘आपरेशन ग्रीन-टॉप टू टोटल' योजना के तहत दी जाएगी। केंद्र के आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय ने पायलट आधार पर छह महीने के लिये आपरेशन ग्रीन योजना का विस्तार कर टमाटर, प्याज और आलू (टॉप) से लेकर सभी फल एवं सब्जियों (टोटल) को इसके दायरे में लाने की घोषणा की थी। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मई में घोषणा की थी कि 500 करोड़ रुपये के अतिरिक्त कोष के साथ ‘ऑपरेशन ग्रीन' का विस्तार किया जाएगा और इसमें टमाटर, प्याज और आलू के अलावा सभी फलों एवं सब्जियों को शामिल किया जाएगा। रेल मंत्रालय ने मंगलवार को जारी आदेश में कहा, ‘‘इस कोष के उपयोग के बाद भारतीय रेलवे खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (एमओएफपीआई) को उपयोग प्रमाणपत्र उपलब्ध कराएगा। उसके बाद मंत्रालय रेलवे को अतिरिक्त कोष उपलब्ध कराएगा।'' आदेश के अनुसार, ‘‘इसीलिए जोनल रेलवे से अनुरोध है कि वे किसान रेल ट्रेन के जरिये ढुलाई की जाने वाली अधिसूचित फलों एवं सब्जियों पर तत्काल प्रभाव से 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दें। इसमें कहा गया है, ‘‘माल लादे जाने वाले स्टेशन के मुख्य पार्सल निरीक्षक यह सुनिश्चित करने के लिये जवाबदेह होंगे कि केवल अधिसूचित सामान पर ही इस योजना के तहत लाभ मिले। लेखा के तौर-तरीकों और अन्य बातों को अंतिम रूप दिया जा रहा हे और इस बारे में जल्दी सूचना दी जाएगी।'' रेल मंत्रालय ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय शुरू में योजना के लिये 10 करोड़ रुपये देगा। इस राशि को दक्षिण मध्य रेलवे जोन के पास जमा कराया जाएगा। केंद्र ने इस वित्त वर्ष के बजट में विशेष पार्सल ट्रेन ‘किसान रेल' चलाने की घोषणा की थी।
- नई दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र की बिजली कंपनी एनटीपीसी ने विद्युत उत्पादन के दौरान निकलने वाले फ्लाई ऐश के शत प्रतिशत उपयोग के लिये ठोस कदम उठाया है। कंपनी कुछ सीमेंट कंपनियों को फ्लाई ऐश की आपूर्ति शुरू कर चुकी है और कुछ अन्य निर्माताओं के साथ गठजोड़ कर रही है।एनटीपीसी ने मंगलवार को जारी विज्ञप्ति में कहा कि वह किफायती और पर्यावरण अनुकूल तरीके से फ्लाई ऐश के परिवहन के लिए भारतीय रेलवे के व्यापक नेटवर्क का उपयोग कर रही है। बयान के अनुसार, कंपनी डालमिया सीमेंट (भारत) लिमिटेड समेत कुछ सीमेंट कंपनियों को फ्लाई ऐश की आपूर्ति शुरू कर चुकी है और कुछ अन्य निर्माताओं के साथ गठजोड़ कर रही है। कंपनी की उत्तर प्रदेश में स्थित बिजलीघर रिहंद पहला ऐसा विद्युत संयंत्र है, जो सीमेंट निर्माताओं को कंडीशंड फ्लाई ऐश भेज रहा है। बयान के अनुसार संयंत्र से हाल ही में डालमिया सीमेंट (भारत) लिमिटेड के असम के नागांव कारखने को 3 हजार 834 टन कंडीशंड फ्लाई ऐश भेजी है। इससे पहले, कंडीशंड फ्लाई ऐश की रेल रेक को एसीसी टिकरिया (उत्तर प्रदेश), कैमोर (मध्य प्रदेश) और रोपड़ (पंजाब) स्थित सीमेंट कारखानों के लिए भेजा गया था। कंपनी के अनुसार वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान, लगभग 4.43 करोड़ टन फ्लाई ऐश का उपयोग विभिन्न उद्देश्यों के लिए किया गया।एनटीपीसी के कोयला आधारित बिजलीघरों से सालाना लगभग 6.5 करोड़ टन राख निकलती है, जिसमें से 80 प्रतिशत (लगभग 5.2 करोड़ टन) फ्लाई ऐश होती है। वर्तमान में, कुल राख का लगभग 73 प्रतिशत हिस्सा सीमेंट और फ्लाई ऐश ईंटों के निर्माण, सड़क तटबंध निर्माण, खदानों को भरने, निचले इलाकों में भूमि विकास और नहर-नाली निर्माण के लिए उपयोग में किया जा रहा है। एनटीपीसी समूह की कुल स्थापित क्षमता 62 हजार 900 मेगावाट है। कंपनी के कुल 70 बिजलीघरों में 24 कोयला, सात गैस/तरलीकृत ईंधन, एक पनबिजली और 13 नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं शामिल हैं।
- नई दिल्ली। कमजोर वैश्विक रुख के बीच दिल्ली सर्राफा बाजार में मंगलवार को सोना 133 रुपये की गिरावट के साथ 51 हजार 989 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। तीन सत्रों की तेजी के बाद यह गिरावट आई है। इससे पूर्व के कारोबारी सत्र में सोना 52 हजार 122 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।वहीं चांदी 875 रुपये गिरकर 63 हजार 860 रुपये प्रति किलोग्राम पर टिकी। पिछले दिन बंद भाव 64 हजार 735 रुपये था।अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 1,919 डॉलर प्रति औंस पर नरम था और चांदी 24.89 डॉलर प्रति औंस पर लगभग पिछले स्तर पर बनी हुई थी। एचडीएफसी सिक्युरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) तपन पटेल ने कहा, डॉलर में सुधार और अमेरिकी प्रोत्साहन पैकेज की उम्मीद में शेयर बाजार की मजबूती से सोने पर दबाव बना रहा।
- नई दिल्ली। वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने आज बीस राज्यों को खुले बाजार की उधारी के माध्यम से 68 हजार 825 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि जुटाने की अनुमति दी।वित्त मंत्रालय ने कहा कि यह अतिरिक्त उधारी की अनुमति सकल राज्य घरेलू उत्पाद के आधे प्रतिशत पर उन राज्यों के लिए है, जिन्होंने जीएसटी लागू होने के कारण राजस्व में आई कमी को पूरा करने के लिए मंत्रालय द्वारा दिए गए दो विकल्पों में से पहला विकल्प चुना था।इस वर्ष 27 अगस्त को जीएसटी परिषद की बैठक में ये दो विकल्प प्रस्तुत किए गए थे तथा 29 अगस्त को राज्यों को इसकी जानकारी दी गई थी। बीस राज्यों ने पहला विकल्प चुना था।इनमें आंध्रप्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, गोआ, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, ओडिसा, सिक्किम, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड शामिल हैं। आठ राज्यों ने अभी विकल्प नहीं चुना है।जिन राज्यों ने पहला विकल्प चुना है, उन्हें वित्त मंत्रालय द्वारा बनाई गई विशेष व्यवस्था का लाभ होगा, जिसमें राजस्व की कमी को उधारी से पूरा किया जा सकता है। इस मद में राज्यों को हुई कुल राजस्व हानि लगभग 1.1 लाख करोड़ रुपये है। कोविड महामारी को देखते हुए सरकार द्वारा सुधारों की गति में छूट देने के उद्देश्य से दो प्रतिशत अतिरिक्त उधारी में से आधे प्रतिशत के अंतिम भुगतान की अनुमति दी गई। व्यय विभाग ने इस वर्ष 17 मई को राज्यों के सकल घरेलू उत्पाद के दो प्रतिशत तक की अतिरिक्त उधारी सीमा की अनुमति दी थी।
- मुंबई। रिलायंस इंडस्ट्रीज और आईटी कंपनियों के शेयरों में लाभ के बीच उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में स्थानीय शेयर बाजार मंगलवार को मामूली बढ़त के साथ बंद हुए। इस दौरान वैश्विक बाजारों का रुख सुस्त रहा। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 31.71 अंक या 0.08 प्रतिशत की बढ़त के साथ 40,625.51 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स लगातार नौवें कारोबारी सत्र में बढ़त के साथ बंद हुआ है। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 3.55 अंक या 0.03 प्रतिशत की बढ़त के साथ 11,934.50 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स की कंपनियों में एचसीएल टेक का शेयर सबसे अधिक 3.94 प्रतिशत के लाभ में रहा। कोटक बैंक, इन्फोसिस, रिलायंस इंडस्ट्रीज, अल्ट्राटेक सीमेंट और टेक महिंद्रा के शेयर भी बढ़त में रहे। वहीं दूसरी ओर टाइटन, सन फार्मा, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फाइनेंस, एसबीआई और मारुति के शेयर 2.18 प्रतिशत तक टूट गए। विश्लेषकों ने कहा कि बाजार में हालिया सुधार सरकार की ओर से प्रोत्साहन उपायों की उम्मीद के बीच दर्ज हुआ है। हालांकि, प्रोत्साहन उपायों की घोषणा के बाद निवेशकों की धारणा में सुधार नहीं हुआ। दूसरी तिमाही के नतीजों से पहले आईटी कंपनियों के शेयरों में लाभ दर्ज हुआ। जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, प्रोत्साहन पैकेज उम्मीद से कम रहने की वजह से आगे बाजार नीचे आ सकता है। इसके अलावा कंपनियों के दूसरी तिमाही के सकारात्मक नतीजों के ज्यादातर हिस्से को लेकर बाजार पहले ही प्रतिक्रिया दे चुका है।'' बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप में 0.29 प्रतिशत तक की गिरावट आई।
- नयी दिल्ली। एसबीआई कार्ड ने त्यौहारी मौसम से पहले कई तरह के ऑफर पेश किए हैं। यह सभी कोविड-19 के बाद ग्राहकों के खरीदारी करने के तौर-तरीकों में आए बदलाव के अनुरूप हैं और कंपनी विभिन्न ब्रांड के साथ मिलकर कैशबैक और छूट इत्यादि की पेशकश कर रही है। एसबीआई कार्ड ने मंगलवार को एक विज्ञप्ति में कहा कि वह 2,000 से अधिक शहरों में 1,000 से अधिक तरह के ऑफर दे रही है। यह ऑफर एक अक्टूबर से शुरू होकर 15 नवंबर 2020 तक चलेगा। कंपनी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी अश्विनी कुमार तिवारी ने कहा, ‘‘ इस साल हमने राष्ट्रीय और खुदरा दुकानदारों के साथ मिलकर 1,000 से ज्यादा तरह के ऑफर तैयार किए हैं। यह ऑफर 2,000 से अधिक शहरों में खुदरा दुकानदारों से लेकर ऑनलाइन खरीदारी तक पर उपलब्ध होंगे।'' उन्होंने कहा कि इससे हर श्रेणी के ग्राहकों को कार्ड के उपयोग पर लाभ मिलेगा। कार्ड की मदद से ग्राहक देशभर में 1.3 लाख से अधिक दुकानों पर आसान किस्तों में खरीदारी कर सकते हैं।
-
मुंबई। रिजर्व बैंक ने सोमवार को अपने चार डिप्टी गवर्नरों के कामकाज का नये सिरे से आवंटन किया जिसमें नियमन का काम नव नियुक्त डिप्टी गवर्नर एम. राजेश्वर राव को दिया गया। राव रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर बनने से पहले केन्द्रीय बैंक में ही कार्यकारी निदेशक के पद पर थे। उन्होंने पिछले सप्ताह ही अपना नया पदभार ग्रहण किया। राव ने एनएस विश्वनाथन का स्थान लिया। विश्वनाथन ने अपना कार्यकाल पूरा होने से तीन माह पहले ही पद छोड़ दिया था। रिजर्व बैंक ने चारों डिपटी गवर्नर के कामकाज का बंटवारा कर दिया। उनकी नई जिम्मेदारी 12 अक्टूबर से प्रभावी हो गयी है। एम राजेश्वर राव नियमन का काम देखने के साथ ही दूरसंचार, प्रवर्तन, जांच, विधायी और जोखिम निगरानी का काम भी दखेंगे। केन्द्रीय बैंक ने एक विज्ञप्ति जारी कर इसकी जानकारी दी है। दूसरे डिप्टी गवर्नर एम डी पात्रा मौद्रिक नीति विभाग का कामकाज देखते रहेंगे। वह आर्थिक और नीति शोध, जमा बीमा एवं ऋण गारंटी निगम, वित्तीय बाजार परिचालन विभाग और वित्तीय बाजारों के नियमन विभाग को भी देखेंगे। विज्ञप्ति के अनुसार डिप्टी गवर्नर एम के जैन को केन्द्रीय सुरक्षा प्रकोष्ट, कार्पोरेट रणनीति और बजट विभाग, उपभोक्ता शिक्षा और सुरक्षा विभाग, निरीक्षण विभाग और मानव संसाधन प्रबंधन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। चौथे डिप्टी गवर्नर बी पी कानूनगो समन्वय, मुद्रा प्रबंधन, बाह्य निवेश और परिचालन, सरकार और बैक खातों के विभाग, आईटी, भुगतान और निपटान प्रणाली, विदेशी मुद्रा विनिमय विभाग, आंतरिक रिण प्रबंधन विभाग, सूचना के अधिकार विभाग और सचिवों के विभाग की जिम्मेदारी संभालेंगे।
- मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 50 करोड़ रुपये तक के कारोबार वाली इकाइयों के लिये खुदरा ऋण सीमा बढ़ाकर 7.5 कररोड़ रुपये कर दी। पहले यह सीमा 5 करोड़ रुपये थी। इस पहल का मकसद छोटी कंपनियों के लिये कर्ज प्रवाह बढ़ाना है।आरबीआई ने सोमवार को एक विज्ञप्ति में कहा कि 75 प्रतिशत जोखिम भारांश सभी नये कर्ज और मौजूदा ऋण पर लागू होगा। इसके तहत पा) कंपनियां बैंक से 7.5 करोड़ रुपये की संशोधित सीमा तक और कर्ज ले सकेंगी। इसमें कहा गया है, पचास करोड़ रुपये तक के कारोबार वाले व्यक्तिगत और छोटी कंपनियों के लिये कर्ज की लागत में कमी लाने और बासेल दिशानिर्देश के अनुरूप करने के लिये, सकल खुदरा कर्ज के लिये 5 करोड़ रुपये की सीमा को बढ़ाकर 7.5 करोड़ रुपये करने का निर्णय किया गया है। इससे पहले, मौद्रिक नीति सिमिति की बैठक के बाद नौ अक्टूर को रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने इसकी घोषणा की थी। एक अन्य अधिसूचना में आरबीआई ने कहा कि एक सितंबर, 2020 से 31 मार्च, 2021 तक एसएलआर (सांवधिक तरलता अनुपात) प्रतिभूतियों के लिये हेल्ड टू मैच्युरिटी (परिपक्व होने तक प्रतिभूति रखना) के तहत बढ़ी हुई सीमा 22 प्रतिशत की व्यवस्था को 31 मार्च, 2022 तक रखने की अनुमति देने का निर्णय किया गया है। बैंक अब इस प्रकार की अतिरिक्त एसएलआर प्रतिभूतियां एचटीएम श्रेणी में 31 मार्च, 2022 तक रख सकती हैं। आरबीआई ने यह भी निर्णय किया है कि बढ़ी हुई एचटीएम सीमा को 30 जून, 2022 को समाप्त तिमाही से चरणबद्ध तरीके से 19.5 प्रतिशत के स्तर पर लाया जाएगा।-
-
जयपुर। कोरोना वायरस महामारी से उपजे संकट के बीच देश में पुरानी या सेकंडहैंड कारों की बढ़ी मांग को देखते हुए 'कारदेखो' कंपनी ने ऐसी कारों के 'आफलाइन स्टोर' खोलने का फैसला किया है। कंपनी अगले छह महीने में ऐसे 50 स्टोर खोलेगी जहां पुरानी कारें बेची जा सकेंगी। कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कोरोनो से सामने आई चुनौती के बीच लोग अपना वाहन अपनाने पर ज्यादा जोर दे रहे हैं और ऐसे में विशेष रूप से दो से पांच लाख रुपये मूल्य की पुरानी या उपयोगशुदा (सेकंड हैंड) कारों की मांग तेजी से बढ़ी है। कार देखो ग्रुप के प्रमुख (ट्रस्ट मार्क स्टोर) शरद जायसवाल ने पीटीआई भाषा को बताया कि लोगों की बदली जरूरत को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने 'आनलाइन' के साथ साथ अब पुरानी कारों के 'आफलाइन' यानी वास्तविक स्टोर खंड में उतरने का भी फैसला किया है। इसके तहत उसने अपने पहला 'कारदेखो गड्डी ट्रस्ट मार्क' स्टोर दिल्ली में खोला है। कंपनी की मार्च 2021 तक ऐसे 50 स्टोर खोलने की योजना है। वहीं मार्च 2022 तक वह इसकी संख्या कुल 2000 करेगी जिसमें 500 ट्रस्ट मार्क स्टोर व 1500 डीलर होंगे। उन्होंने बताया कि कंपनी ये स्टोर फ्रेंचाइजी मॉडल पर खोल रही है। इन स्टोर में बिकने वाली कारें कंपनी द्वारा प्रमाणित होंगी और कंपनी कई तरह की वारंटी भी अपनी तरफ से देगी। जायसवाल ने कहा कि भारत में पुरानी या उपयोगशुदा कारों का सालाना बाजार 40 से 42 लाख वाहनों का है। विशेषकर कोरोना से उपजे संकट व चुनौतियों के बीच लोग खुद का वाहन खरीदने पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं और ऐसे में दो से पांच लाख रुपये मूल्य की हैचबेक पुरानी कारों की बहुत अच्छी मांग सामने आई है। देश में पुरानी कारों के कुल बाजार में इस खंड का हिस्सा 50-60 प्रतिशत के बीच है जो अब बढ़कर 70-75 प्रतिशत होने की उम्मीद है। जायसवाल ने कहा कि दिल्ली, मुंबई के साथ साथ बेगलुरू, चेन्नई व अहमदाबाद पुरानी कारों के प्रमुख बाजार हैं जहां कंपनी अपने स्टोर व डीलर स्थापित करने पर ध्यान देगी।
- - जन-मन में उत्साह का संचार करती है ऐसी उपलब्धि -मुख्यमंत्री भूपेश बघेलरायपुर। भारत सरकार के अधीन कार्यरत केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) के माह सितम्बर 2020 के प्रतिवेदन अनुसार छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी के ताप विद्युत गृहों ने सर्वाधिक विद्युत उत्पादन का कीर्तिमान रचते हुए एक बार फिर देशभर में प्रथम होने का गौरव प्राप्त किया है। माह सितम्बर में कंपनी के विद्युत गृहों ने 70.51 प्रतिशत प्लांट लोड फैक्टर (पी.एल.एफ) दर्ज किया है, जो कि देशभर के 33 स्टेट पावर सेक्टर के ताप विद्युत गृहों द्वारा अर्जित पी.एल.एफ. की तुलना में सर्वाधिक है।कोरोना वायरस के संक्रमण काल में भी चालू वित्तीय वर्ष के दौरान लगातार माह जुलाई, अगस्त एवं सितम्बर में विद्युत गृहों द्वारा प्रदर्शित राष्ट्रीय स्तर की ऐसी उत्कृष्ट कार्य निष्पत्ति को माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अत्यन्त सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि ऐसी उपलब्धियॉ माहमारी के दौर में जन-मन के भीतर नये उत्साह का संचार करती है। इस हेतु पॉवर कंपनीज के चेयरमेन सुब्रत साहू, उत्पादन कंपनी के एमडी श्री एनके बिजौरा सहित उनकी टीम को ऐसी अभूतपूर्व उपलब्धि के लिए बधाई दी तथा अपनी बेहतरीन कार्यदक्षता को प्रदर्शित करते हुए आगे भी इसे सतत् बनाए रखेंगे।पॉवर कम्पनीज के चेयरमैन सुब्रत साहू ने इस उपलब्धि को पॉवर कंपनी के साथ साथ प्रदेशवासियों के लिए गौरव का विषय निरूपित किया। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से स्वयं को सुरक्षित रखते हुए विद्युत कर्मियों ने विद्युत उत्पादन, पारेषण एवं वितरण के कार्य की गति को बनाये रखा है। गर्व की बात है कि सितम्बर माह में कंपनी के ताप विद्युत गृहों ने 70.51 प्रतिशत प्लांट लोड फेक्टर दर्ज किया जबकि राष्ट्रीय स्तर पर अधिकतम औसत प्लांट लोड फेेक्टर 49.58 प्रतिशत ही दर्ज हुआ है। पॉवर जनरेशन कंपनी के विद्युत गृहों का पीएलएफ राष्ट्रीय औसत से अधिक बना हुआ है।विदित हो कि केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण के मासिक प्रतिवेदन के मुताबिक छत्तीसगढ़ प्रथम, तेलंगाना विद्युत उत्पादन कंपनी द्वितीय 68.23 प्रतिशत पीएलएफ एवं तेनूघाट विद्युत निगम लिमिटेड झारखण्ड 61.74 प्रतिशत पीएलएफ अर्जित कर तृतीय स्थान पर रहे।


.jpg)
.jpg)
.jpg)







.jpg)





.jpg)
.jpg)



.jpg)



