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- 0- न्योता भोज के तहत अधिकारियों ने बच्चों संग साझा की खुशियांरायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना तथा न्योता भोज के अंतर्गत जिला प्रशासन की अभिनव पहल “प्रोजेक्ट आओ बांटे खुशियां” के तहत जिला रायपुर में विभिन्न विभागों में कार्यरत शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी जा रही हैं तथा उन्हें आंगनबाड़ी केंद्र या विद्यालय में बच्चों के साथ जन्मदिन मनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।इसी कड़ी में आबकारी निरीक्षक आरंग श्रीमती मेधा मिश्रा चौबे ने आगनबाड़ी केंद्र बोरिद आरंग, फार्मासिस्ट ग्रेड 2 सुश्री देवकी सोनकर ने आंगनबाड़ी भाटागांव केंद्र क्रमांक 2 में न्योता भोज के माध्यम से बच्चों के साथ केक काटकर, खीर-पूरी खिलाकर और चॉकलेट-बिस्किट वितरित कर अपना जन्मदिन मनाया।इस अवसर पर श्रीमती मेधा मिश्रा चौबे ने बताया की मैंने जिला प्रशासन के विशेष पहल "आओं बाटें खुशियां" के तहत मैंने आंगनबाड़ी के बच्चों अपना जन्मदिन मनाया इस अवसर पर बच्चों के चेहरे पर एक मुस्कान देखने को मिला | मैं अन्य अधिकारियों कर्मचारियों से भी निवेदन करती हूं सभी अपना जन्मदिन आगनबाड़ी एवं स्कूल के बच्चों के साथ मनाए | l
- रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में राष्ट्रीय खेल दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। यह दिवस हॉकी के जादूगरए भारत के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर प्रतिवर्ष 29 अगस्त को मनाया जाता है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. गिरीश चंदेल माननीय कुलपति एवं विशिष्ट अतिथि डॉ. संजय शर्मा, अधिष्ठाता छात्र कल्याण थे। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन से हुआ। तत्पश्चात खेल प्रभारी डॉ. राम कुमार ठाकुर ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए खेल दिवस के ऐतिहासिक महत्व और विश्वविद्यालय में खेलकूद गतिविधियों की परंपरा पर प्रकाश डाला। अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि डॉ. गिरीश चंदेल ने कहा कि खेल व्यक्ति के सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं।खेलों से शारीरिक तंदुरुस्ती के साथ.साथ मानसिक अनुशासन, आत्मविश्वास टीम भावना और नेतृत्व क्षमता विकसित होती है। इसी क्रम में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज हम सब यहाँ राष्ट्रीय खेल दिवस मनाने के लिए एकत्रित हुए हैं। यह दिन हर वर्ष 29 अगस्त को मनाया जाता है जो कि हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद जी की जयंती है। मेजर ध्यानचंद ने भारत को विश्वस्तर पर गौरवान्वित किया और ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक दिलाकर देश का नाम रोशन किया। राष्ट्रीय खेल दिवस का मुख्य उद्देश्य है जनमानस में खेल भावनाए स्वास्थ्य जागरूकता और फिटनेस के महत्व को बढ़ाना। खेल न केवल शरीर को स्वस्थ रखते हैं बल्कि अनुशासनए टीमवर्क और आत्मविश्वास भी सिखाते हैं।विशिष्ट अतिथि डॉ. संजय शर्मा ने राष्ट्रीय खेल दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मेजर ध्यानचंद जैसे महान खिलाड़ी से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि खेलों में भाग लेकर वे न केवल स्वस्थ रह सकते हैं बल्कि अपनी क्षमताओं का भी विकास कर सकते हैं। खेल दिवस के अवसर पर अतिथियों द्वारा उपस्थित सभी छात्र.छात्राओं को खेल दिवस की शपथ दिलाई गई। साथ ही एक घंटा खेल के मैदान में हर दिन स्वास्थ्य और सफलता का आधार का संकल्प दिलाया गया। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों ने फिट इंडिया आंदोलन की शपथ भी लीए जिसमें उन्होंने शारीरिक फिटनेस, योग, संतुलित आहार और नशामुक्त जीवनशैली अपनाने का वचन दिया। इसके पश्चात विविध मनोरंजक और प्रतिस्पर्धात्मक खेलों का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं ने पूरे परिसर में उत्साह और ऊर्जा का संचार किया। इस आयोजन में कृषि महाविद्यालय के सभी प्राध्यापकगण, वैज्ञानिक, छात्र-छात्राएँ और कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और खेल दिवस को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके पश्चात कबड्डीए एवं एथलेटिक्स का खेल आगामी दो दिवस तक जारी रहेगा।
- 0- बालोद विकासखण्ड के विभिन्न ग्रामों में पहुँचकर निर्माणाधीन पीएम आवासों का किया औचक निरीक्षणबालोद. जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील कुमार चन्द्रवंशी ने स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्था भोथली में प्रशिक्षणरत प्रशिक्षुआंे से बातचीत कर प्रशिक्षण कार्य का जायजा लिया। इसके साथ ही सीईओ श्री चंद्रवंशी ने बालोद विकासखण्ड के विभिन्न ग्रामों में पहुँचकर प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत निर्माणाधीन आवासों का औचक निरीक्षण कर पीएम आवास के हितग्राहियों से बातचीत भी की। सीईओ चंद्रवंशी ने जिले के जनपद पंचायत गुरूर के ग्राम भोथली में जिला प्रशासन एवं ग्रामीण स्व-रोजगार प्रशिक्षण संस्थान के सहयोग से जनपद पंचायत गुरूर क्षेत्रान्तर्गत ग्राम पंचायत भोथली में ग्रामीण श्रमिको को आत्मनिर्भर बनाने तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के नये अवसर सृजित करने के उद्देश्य से संचालित 30 दिवसीय निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम का औचक निरीक्षण किया।उन्होंने उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रशिक्षणार्थियों से सीधे बातचीत करते हुए उनके प्रशिक्षण कार्य एवं उनके द्वारा सीखी गयी तकनीकी ज्ञान के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जिले को वृहद आवास निर्माण का लक्ष्य आबंटित हुआ है जिसे निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाना अनिवार्य है। इस प्रशिक्षण से अब आप केवल श्रमिक नहीं, बल्कि कुशल राजमिस्त्री बनने जा रहे हैं। जिससे आपको अपने गांव एवं स्थानीय स्तर पर ही पर्याप्त काम और सम्मानजनक आमदनी का अवसर मिलेगा। साथ ही प्रशिक्षणार्थियो ने बताया कि पहले वे केवल सामान्य मजदूरी का कार्य करते थे। लेकिन इस प्रशिक्षण से उन्हें नाप-जोख, ईट की चिनाई, प्लास्टररिंग, लेवलिंग और भवन निर्माण से जुड़ी कई नवीन तकनीके सीखने को मिल रहा है।सीईओ श्री चंद्रवंशी ने बालोद विकासखण्ड के विभिन्न ग्रामों में प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत निर्माणाधीन आवासों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्राम पंचायत उमरादाह के आवास लाभार्थी श्री विष्णु, श्री मदन, श्री राजुलाल, श्री अमरूराम, श्री रामकुमार, सदासिंग तथा ग्राम पंचायत पड़कीनाट के श्री अशोक एवं अन्य प्रधानमंत्री आवास लाभार्थियों से मुलाकत कर आवास निर्माण के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान श्री चंद्रवंशी ने संबंधितों को हितग्राहियों के समास्याओ को संज्ञान लेते हुए जनपद एवं ग्राम पचायत के अमलो को मटेरियल, राजमिस्त्री एवं बैंक से संबंधित समास्याओ के निपटान कर हर संभव मदद उलपब्ध कराने के निर्देश दिए। जिससे हितग्राहियों के आवास निर्माण के कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कर सके। इस अवसर पर सहायक परियोजना अधिकारी मनरेगा एवं अन्य संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- 0- स्कूली विद्यार्थियों को बुढ़ापारा स्थित प्राचीन किला एवं संग्रहालय का कराया गया भ्रमणबालोद. छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव 2025 के अवसर पर जिला प्रशासन बालोद द्वारा आज जिला मुख्यालय बालोद में ’पुरखा के सुरता’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसके तहत स्कूली विद्यार्थियों को जिला मुख्यालय बालोद स्थित बुढ़ा तालाब के समीप स्थित प्राचीन किला एवं संग्रहालय का भ्रमण कराया गया। स्कूली विद्यार्थियों पुरातत्व के जानकार द्वारा विभिन्न मूर्तियों एवं प्राचीन किलानुमा दरवाजा के बारे में जानकारी दी गई। इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर सहित बड़ी संख्या में स्कूली विद्यार्थी मौजूद थे।
- दुर्ग. कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर तथा लोक व्यवस्था को उत्पन्न खतरा और लोगों केे भयमुक्त तथा शांतिपूर्ण जीवनयापन को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम-1980 की धारा 03 उपधारा (02) सहपठित उपधारा 3 के अंतर्गत संगीत मधुकर उर्फ टेटे आ. स्व. छन्नू लाल मधुकर उम्र 28 वर्ष निवासी पथर्रा, वार्ड नंबर 05, थाना पुरानी भिलाई, जिला दुर्ग को तीन माह की कालावधि के लिए केन्द्रीय जेल दुर्ग में निरूद्ध करने आदेश पारित किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के प्रतिवेदन अनुसार अनावेदक संगीत मधुकर द्वारा वर्ष 2015 से लगातार अपराध घटित किये जा रहे हैं। उसके अपराधिक गतिविधियों में प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से अनावेदक को निगरानी बदमाश की श्रेणी में लाया गया है। वह लगातार जघन्य अपराध करने में लिप्त है। उसके अपराध में लगातार वृद्धि होती जा रही है। उसके अपराधिक कृत्यों में कोई कमी नहीं आई है।अनावेदक का आतंक इतना अत्याधिक है कि कोई भी आम व्यक्ति उसके विरूद्ध थाना व न्यायालयों में साक्ष्य देने से घबराते है। अनावेदक थाना तथा थाना क्षेत्र के बाहर के लोगों में काफी भय व आतंक स्थापित कर रखा है। उसके द्वारा लगातार वर्ष 2016, 2017, 2018, 2019, 2020, 2023, 2024 तथा वर्ष 2025 में आपराधिक गतिविधियों में संलप्ति रहकर गैंग बनाकर जीवनयापन किया जा रहा है। अनावेदक दादागिरी के बल पर सरेआम, जबरन रास्ता रोककर, अश्लील गाली गलौज देकर जान से मारने की धमकी देकर डण्डा व चाकू जैसे धारदार हथियार से गंभीर चोटे पहुंचाकर दबदबा बनाया है, ताकि उसके आपराधिक क्रियाकलाप में आम जनता किसी प्रकार का कोई विरोध न कर सकें। उसके विरूद्ध मारपीट, गाली गलौज, जान से मारने की धमकी के थाना पुरानी भिलाई और थाना कुम्हारी में मारपीट के 11 अपराध एवं पशु परिवहन के 07 अपराध कुल 18 अपराध पंजीबद्ध है। अनावेदक के कृत्यों पर नियंत्रण के लिए कलेक्टर द्वारा 28 अगस्त 2025 को पारित आदेश में उन्हें तीन माह के कालावधि के लिए केन्द्रीय जेल दुर्ग में निरूद्ध करने आदेशित किया गया है।
- दुर्ग. जिले के सहकारी समितियों में कृषकों के मांग अनुरूप फसल खरीफ 2025 हेतु पर्याप्त मात्रा में यूरिया एवं अन्य उर्वरकों का 43965 मि.टन उपलब्धता के विरूद्ध 40930 मि.टन वितरण किया जा चुका है। वर्तमान में प्राथमिक सहकारी समितियों में 3035 मि.टन शेष है, जो कि गतवर्ष में वितरण किये गये सम्पूर्ण मात्रा से 04 प्रतिशत अधिक है। और वर्तमान में उर्वरक वितरण की कार्यवाही लगातार जारी है।उप संचालक कृषि के अनुसार कृषकों द्वारा यूरिया उर्वरक की मांग के अनुरूप सहकारी समितियों में 893 मि.टन खाद उपलब्ध है तथा जिले के सभी सहकारी समितियों में शुन्य स्कंध की स्थिति न बने इसके लिए लगातार विभाग द्वारा आवश्यक समन्वय किया जा रहा है। वर्तमान में यूरिया की संभावित कमी को देखते हुये नैनो यूरिया का उपयोग कृषकों द्वारा किया जा रहा है। साथ ही नैनो यूरिया के उपयोग हेतु कृषकों के मध्य मैदानी अमलों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार कर नैनो यूरिया का उठाव किया जा रहा है। जिले के समितियों में अब तक 3274 नग का भण्डारण तथा 1648 नग वितरण कृषकों को किया गया है। शेष 1626 नग नैनो यूरिया का उपयोग हेतु कृषकों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। जिले में यूरिया के साथ अन्य उर्वरकों का भी मांग अनुरूप वितरण का कार्य जारी है।कृषकों को अवगत कराया जा रहा है कि नैनो यूरिया का उपयोग फसल में दो बार क्रमशः अकुरण के 30-35 दिवस पश्चात् एवं 50-55 दिवस पश्चात् छिडकाव करने से पराम्परिक विधि की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत यूरिया की बचत होती है। साथ ही कृषि विभाग द्वारा जिले के प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया जा रहा है। निर्धारित मूल्य पर कृषकों को उर्वरक उपलब्ध कराने अद्यतन 266 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया, जिसमें से 53 प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस, 01 प्रतिष्ठान का लायसेंस निरस्त, 09 प्रतिष्ठान का जब्ती एवं 10 प्रतिष्ठान का विक्रय प्रतिबंध की कार्यवाही किया गया है।कलेक्टर द्वारा संबंधित प्रतिष्ठानों में कृषि विभाग के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर उनकी उपस्थिति में निर्धारित मूल्य पर विक्रय करने एवं मांग अनुरूप उर्वरक उपलब्ध कराने हेतु निर्देश दिये गये है। सहकारी एवं निजी क्षेत्र में यूरिया 991 मि.टन, एस.एस.पी. 1690 मि.टन, एम.ओ.पी. 639 मि.टन डी.ए.पी. 774 मि.टन अन्य 413 मि.टन इस प्रकार कुल 4506 मि.टन उपलब्ध है। किसान भाईयों से अपील की गई है कि निर्धारित दर पर आवश्यकतानुसार उर्वरकों का उठाव कर संतुलित मात्रा में उर्वरकों का उपयोग करना सुनिश्चित करें।
- दुर्ग. राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं माननीय उच्चतम न्यायालय की मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति (एमसीपीसी) के संयुक्त निर्देशन में 01 जुलाई 2025 से 07 अक्टूबर 2025 तक कुल 90 दिवस तक चलने वाले कार्यक्रम ’’मीडियेशन फॉर द नेशन’’ के संबंध में न्यायालयीन प्रणाली में लंबित वादों के शीघ्र और सौहार्दपूर्ण निपटारे की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग द्वारा मध्यस्थता की एक नई पहल की शुरुआत की जा रही है।न्यायालयों में अवकाश के दिन आमतौर पर शांति रहती है, लेकिन अवकाश के दिन भी न्याय तक त्वरित पहुँच सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए जिला न्यायालय दुर्ग के मध्यस्थता केन्द्र में स्थानीय अवकाश 28 अगस्त 2025 को भी न्याय की गूंज सुनाई दी। प्राप्त जानकारी के अनुसार मध्यस्थता केन्द्र प्रभारी एवं मध्यस्थतों ने व्यक्तिगत सुविधाओं का त्याग करते हुए न्याय दान के प्रति उनके कर्तव्यों को प्राथमिकता देते हुए अवकाश के बावजूद तीन प्रकरणों की मध्यस्थता सुनवाई आयोजित की गई और उभयपक्ष के मध्य आपसी समझौता हो गया।यह उल्लेखनीय है कि अवकाश के दिन भी न्यायालय परिसर स्थित मध्यस्थता केन्द्र दुर्ग में यह कार्यवाही सम्पन्न की गई, जो न्यायिक सेवा के प्रति समर्पण एवं मध्यस्थता की महत्ता को दर्शाती है। इस प्रक्रिया में पक्षकारों ने विवाद को सुलझाने हेतु आपसी समझ और सहयोग की भावना प्रदर्शित की। परिणामस्वरूप लम्बे समय से लंबित विवाद का शीघ्र निराकरण संभव हो सका।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के सामंजस्य से संचालित इस पहल का मुख्य उद्देश्य न्याय तक सभी की पहुँच सुनिश्चित करना तथा मध्यस्थता के माध्यम से समाज में मैत्रीपूर्ण विवाद निराकरण की संस्कृति को बढ़ावा देना है। अवकाश के दिन में की गई यह कार्यवाही इस बात का प्रतीक है कि न्याय की राह कभी बंद नहीं होती।प्राप्त जानकारी के अनुसार इस पहल को देखकर पक्षकारों ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि न्यायालय में वर्षों तक चलने वाले विवाद का निराकरण मध्यस्थता की मदद से अवकाश के दिन में भी कुछ ही समय में हो गया। मध्यस्थता केन्द्र दुर्ग की इस अनोखी पहल ने न केवल विवाद सुलझाया, बल्कि समाज को यह संदेश भी दिया कि आपसी सहयोग और संवाद से अवकाश के दिनों में भी प्रत्येक समस्या का समाधान संभव है।
- दुर्ग. कृषि विज्ञान केन्द्र पाहंदा (अ) दुर्ग में 29 अगस्त 2025 को ’’भगवान बलराम जयंती’’ का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम भगवान बलराम एवं प्रतीक हल एवं मूसल की पूजा अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। जिसमें वर्तमान परिस्थितियों में प्राकृतिक खेती की ओर कैसे जाया जाय, इस पर विस्तृत चर्चा की गई। प्राकृतिक खेती में लागत घटाकर अधिक मुनाफा संभव है, इसके लिये स्वयं के खेतों पर उपलब्ध संसाधनों का कैसे उपयोग किया जाय, इस पर कृषि विज्ञान केन्द्र पाहंदा (अ) दुर्ग के प्रमुख डॉ. विजय जैन ने विस्तृत में प्रकाश डाला। किसान संघ के सदस्य श्री लोकेन्द्र बंछोर ने किसानों के लिये भगवान बलराम जयंती की प्रासंगिकता को विस्तृत में किसानों के मध्य रखा प्रथम बार हल का खेती में और यमूना से जल खेतों तक लाने में भगवान बलराम की भूमिका से अवगत किया।उप संचालक कृषि श्री संदीप कुमार भोई ने प्राकृतिक खेती में शासन द्वारा दिये जाने वाली विभिन्न सुविधाओं से किसानों को अवगत किया। इस अवसर पर उप संचालक उद्यानिकी श्री एन.एस. लावत्रे ने जिले के किसानों को उद्यानिकी की विभिन्न योजनाओं से जुड़ने के लिये आव्हान किया। दूसरे चरण में तिलहनी फसलों पर विशेषकर सोयाबीन, सरसों, तिल आदि फसलों के उत्पादन तकनीक पर विस्तृत चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि तिलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता से किसान की आमदनी बढ़ेगी और देश का तेल आयात कम होगा। इस अवसर पर प्राकृतिक खेती एवं तिलहन उत्पादन में आने वाले समस्याओं पर अपने प्रश्न रखे जिसका समाधान विशेषज्ञ डॉ. ईश्वरी कुमार, डॉ. कमल नारायण, डॉ. विनय कुमार नायक एवं श्री मनीष कुमार वर्मा द्वारा किया गया। यह कार्यक्रम इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर एवं कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न ग्रामों के कृषक बंधु एवं कृषि अधिकारियों उपस्थित थे।
- दुर्ग, राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग द्वारा शुक्रवार को खेल प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। प्रदेश के स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी मंत्री श्री गजेन्द्र यादव के मुख्य आतिथ्य में आयोजित इस समारोह में सांसद श्री विजय बघेल और दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चन्द्राकर विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। मुख्य अतिथि मंत्री श्री यादव ने विद्यार्थियों को खेल भावना की शपथ दिलाई और स्वस्थ जीवनशैली के लिए प्रतिदिन किसी न किसी खेल गतिविधि में सहभागी बनने का आह्वान किया।समारोह को सम्बोधित करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री श्री यादव ने अपने उद्बोधन में कहा कि हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद जी की जयंती को पूरे देश में खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा शुरू किए गए फिट इंडिया मूवमेंट की जानकारी साझा करते हुए विद्यार्थियों को खेल को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने की अपील की।ग्रामोद्योग मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि दुर्ग जिले में खेल प्रतिभाओं के लिए निरंतर आधारभूत संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि दुर्ग के रविशंकर स्टेडियम को बीसीसीआई द्वारा दुर्ग में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण प्रस्तावित है। आधुनिक बैडमिंटन कोर्ट का निर्माण पूर्ण हो गया है, जल्द ही लोकार्पण किया जाएगा, स्टेशन रोड में स्विमिंग पूल का निर्माण कराया जा रहा है। नयापारा में अत्याधुनिक जिम प्रस्तावित है। नाना नानी पार्क के पास जॉगिंग ट्रैक भी तैयार होने वाला है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन सुविधाओं के माध्यम से दुर्ग जिले के खिलाड़ी अब राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। इस अवसर पर मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों द्वारा विश्वविद्यालय के 34 विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर के खेल प्रतियोगिताओं में विजेता होने पर सम्मानित किया गया।सम्मान समारोह में साइंस कॉलेज के प्रतिनिधि श्री शिवेंद्र परिहार, श्री अरुण सिंह, विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. संजय तिवारी, पूर्व कुलपति श्री एन. पी. दीक्षित, साइंस कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अजय सिंह, प्राध्यापकगण और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।
- भिलाईनगर। भारत में राष्ट्रीय खेल दिवस को हाॅकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। इसे पहली बार 2012 में उत्सव के दिनों की सूची में शामिल किया गया था। इस दिन कई राज्यों में शारीरिक गतिविधियों और खेलों के महत्व को लेकर जागरूकता फैलाने के उददेश्य से कई खेल प्रतियोगिताएं और सेमिनार आयोजित किए जाते हैं। इस दिन का उपयोग विभिन्न खेल आयोजनों को शुरू करने के लिए एक मंच के रूप में भी किया जाता है। 2018 में इसी दिन प्रधानमंत्री ने खेलो इंडिया मूवमेंट की शुरूवात की थी।29 अगस्त 1905 को इलाहाबाद में जन्मे ध्यानचंद की जयंती पर हर साल देश में 29 अगस्त को खेल दिवस मनाया जाता है। हाॅकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद का भारत में खेलों को शीर्ष पर पहुंचाने का विशेष योगदान है। उन्होने करीब 22 साल तक भारत के लिए हाॅकी खेला और इस दौरान 400 से अधिक इंटरनेशनल गोल दागे। मेजर ध्यानचंद ने लगातार तीन ओलंपिक में भारत को हाॅकी खेल में अपने दम पर स्वर्ण पदक दिलाया था। इनके पिता भारतीय सेना में थे और उनके लिए हाॅकी खेलते थे। महज 16 वर्ष की उम्र में ध्यानचंद ने भी आर्मी ज्वाइंन कर ली थी। इसी दौरान उन्होने भी मानो जैसे हाॅकी से प्रेम ही हो गया था। ध्यानचंद को दुनिया में लगभग 55 देशों के 400 से अधिक पुरस्कार प्राप्त हुए है।नगर पालिक निगम भिलाई में मेजर ध्यानचंद को याद करते हुए खेल में अपनी रूचि रखने वाले जोन क्रं. 01 के भेलवा तालाब में युवाओं, जोन क्रं. 02 अंतर्गत के स्कूली बच्चों, जोन क्रं. 03 के 18 नंबर रोड के सुभाष चौंक के पास स्कूली बच्चों, जोन क्रं. 04 शासकीय उच्च्तर माध्यमिक विद्यालय के बच्चों एवं जोन क्रं. 05 अंतर्गत सेक्टर 04 स्कूल के बच्चों के साथ विभिन्न खेल का आयोजन किया गया। खेल के माध्यम से जन जागरूकता लाने एवं खेल को बढ़ावा देने के उददेश्य से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान सभी बच्चों को शपथ दिलाते हुए पुरूस्कार वितरण किया गया। ताकि भविष्य में इन्ही खिलाड़ियो में से कोई भारत के लिए स्वर्ण पदक प्राप्त कर देश का नाम रौशन करें।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई में महापौर परिषद की बैठक महापौर नीरज पाल की अध्यक्षता एवं आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय की उपस्थिति में आहूत की गई। बैठक में प्रमुख रूप से 11 एजेण्डा विचारार्थ प्रस्तुत किया गया। जिसमें एस.एल.आर.एम. सेंटर में कचरों का पृथकीकरण एवं सामग्रीयों का क्रय, अनुपचारित ठोस अपशिष्ट के बायोरेमिडिएशन, सालिड वेस्ट मैनेजमेंट, 77 एमएलडी जलशोधन संयंत्र में आनग्रिड सोलर प्लांट, हाइड्रोलिक एलिवेटर का किराया निर्धारण, सक्शन कम जेटिंग मशीन का किराया निर्धारण, जलकर, संपवेल, पंप हाउस एवं राइजिंग पाईन लाईन जैसे विषयों का शामिल किया गया।स्वच्छता दीदीयों के माध्यम से 6 नग नवनिर्मित एस.एल.आर.एम. सेंटर में कचरों के पृथकीकरण तथा गीले कचरे से खाद तैयार करने, स्वच्छ भारत मिशन के दिशा निर्देशानुसार निगम क्षेत्रांतर्गत नवनिर्मित एस.एल.आर.एम. सेंटर हेतु सामग्री क्रय किये जाने के कार्य को महापौर परिषद के सदस्यों ने विचार करते हुए सहमति प्रदान किए। गोकुल नगर कुरूद के पास जामुल स्थित शेष अनुपचारित ठोस अपशिष्ट के बायोरेमिडिएशन, 15वें वित्त आयोग अंतर्गत सालिड वेस्ट मैनेजमेंट के कार्य को कराये जाने की सर्व सम्मति से पारित किया गया। चंद्रा मोर्या अंडरब्रिज के पास आफग्रिड सोलर प्लांट स्थापना कार्य को परिर्वतन कर 77 एमएलडी जलशोधन संयंत्र में आनग्रिड सोलर प्लांट स्थापित करने के कार्य को महापौर परिषद के सदस्यों से मंजूरी दी। हाइड्रोलिक एलिवेटर एवं सक्शन कम जेटिंग मशीन को किराया निर्धारण करने पर विचार करते हुए सहमती प्रदान किया गया। नगर निगम भिलाई के 2.72 एमएलडी जलशोधन संयंत्र से क्लीयर वाटर प्रदाय हेतु संपवेल, पम्प हाउस एवं राइजिंग मेन पाईप लाईन बिछाने हेतु सदस्यों ने मंजूदी प्रदान की।महापौर परिषद की बैठक महापौर परिषद के सदस्य सीजू एन्थोनी, लक्ष्मीपति राजू, संदीप निरंकारी, लालचंद वर्मा, साकेत चंद्राकर, केशव चैबे, एकांश बंछोर, आदित्य सिंह, चंद्रशेखर गंवई, नेहा साहू, मन्नान गफ्फार खान, रीता सिंह गेरा सहित उपायुक्त सह सचिव नरेन्द्र कुमार बंजारे, जोन आयुक्त, कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता, स्वास्थ्य अधिकारी, लेखाधिकारी, उपअभियंता, एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के जोन क्रमांक 02 वैशाली नगर अंतर्गत कुरूद गोकुल नगर में निर्माणाधीन प्रधानमंत्री आवास, बायो गैस स्थापना हेतु चयनित स्थल एवं कुरूद स्थित न्यू एस.एल.आर.एम. सेंटर के आस-पास प्लांटेशन का आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने निरीक्षण किया।कुरूद गोकुल नगर में प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत वंदे मातरम में निर्माणाधीन आवासों का निरीक्षण आयुक्त पाण्डेय एवं कार्यपालन अभियंता अरविंद शर्मा द्वारा किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजनांतर्गत लाटरी में चयनित हितग्राहियों को अविलंब आवास उपलब्ध कराने के उददेश्य से आयुक्त द्वारा निरीक्षण किया गया है। उपस्थित निर्माणकर्ता एजेंसी को चरणबद्व काम करने के लिए निर्देशित किया गया है, जिससे चयनित हितग्राहियों को तीन दिवस के अंदर मकान सुपुर्द किया जा सके। 30 मकानों का कार्य लगभग पूर्णतः की स्थिति में है।गोकुल नगर से निकलने वाले गोबर के सदुपयोग हेतु बायो गैस प्लांट स्थापना किया जाना है, जिसके लिए रूचि की अभिव्यक्ति आफर जारी की जा चुकी है। आयुक्त द्वारा कार्यपालन अभियंता सह भवन अधिकारी के साथ स्थल का निरीक्षण किया गया हैं। जिससे बायो गैस प्लांट की स्थापना का कार्य सुचारू रूप से किया जा सके।कुरूद मुक्तिधाम के पास एस.एल.आर.एम. सेंटर निर्मित है। वहां वृक्षारोपण किया गया है, जिसका निरीक्षण आयुक्त द्वारा उद्यान अधिकारी तिलेश्वर साहू के साथ किया गया। रिक्त स्थल में मियावाकी पद्वति से सघन वृक्षारोपण किया जाएगा। जिससे क्षेत्र की हरियाली बढ़ाने एवं मिनी फारेस्ट बनाने में सहयोग मिलेगा। मियावाकी पद्वति से वृक्षारोपण का मुख्य उददेश्य कम क्षेत्रफल में सघन पौधो का रोपण कर मानव के साथ-साथ जीव जन्तुओ एवं पशु पक्षियों हेतु एक अनुकुल वातावरण एवं माहौल निर्माण करना होता है। निरीक्षण के दौरान सहायक अभियंता दीपक देवांगन, एजेंसी प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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*भारतीय लोक प्रशासन संस्थान की छत्तीसगढ़ शाखा द्वारा कार्यशाला संपन्न*
रायपुर, /भारतीय लोक प्रशासन संस्थान छत्तीसगढ़ शाखा द्वारा शुक्रवार को राजधानी रायपुर स्थित सर्किट हाउस में छत्तीसगढ़ की जैव विविधता विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला संपन्न हुई। कार्यशाला में प्रख्यात विषय विशेषज्ञ,पूर्व महानिदेशक विज्ञान व प्रौद्योगिकी संस्थान एवं सदस्य राज्य जैव विविधता सरक्षण बोर्ड डॉ एम.एल.नायक ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जैव विविधता मानव जीवन के लिए अमूल्य वरदान है। हमारा छत्तीसगढ़ जैव विविधता से समृद्ध है। आज इस समृद्ध जैव विविधता का सरंक्षण जरूरी है।डॉ. नायक ने कहा कि जैव विविधतता से तात्पर्य पृथ्वी पर जीन,स्पिसिज व इकोसिस्टम स्तर की विभिन्न प्रकार की विविधताओं की उपलब्धतता से है। भारत सरकार द्वारा जैव विविधतता अधिनियम 2002 में पारित किया गया। केंद्र स्तर के जैव विविधतता नियम भारत सरकार ने वर्ष 2004 में बनाये हैं। छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने जैव विविधता नियम वर्ष 2015 में जारी किया।डॉ. नायक ने कहा कि भारत की भूमि सम्पूर्ण पृथ्वी का मात्र 2 प्रतिशत है जिसमें जैव विविधता की उपलब्धतता 7 प्रतिशत है। मानव जीवन का अस्तित्व इन्हीं जैव विविधतताओं की उपलब्धता से दृढ़ता से जुड़ा है। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य के संदर्भ में बताया कि यहां 40 प्रतिशत भू-भाग पर वन हैं और राज्य विभिन्न प्रकार की समृद्ध जैव विविधताओं से परिपूर्ण है। उपलब्ध ऑकड़ों के अनुमान से राज्य में 3000 फूल वाले पौधे, 36 स्तनधारी जीव, 383 पक्षी, 73 सरीसृप प्राणी, 173 तितलियों की प्रजाति पायी जाती हैं। बहुत से जैव विविधतायें विलुप्त होने के कगार पर है एवं उनके संरक्षण के त्वरित व गंभीर प्रशासनिक प्रयास की आवश्यकता है।डॉ नायक ने कहा अभी भी छत्तीसगढ़ में पेड़ पौधों की कई प्रजातियां ऐसी हैं जिनका खोज किया जाना बाकी है। उन्होंने बताया कि उन्हें कांगेर वैली में लंबे समय तक जैव विविधता पर कार्य करने का अवसर मिला। इस दौरान उन्हें कांगेर धारा के पास एक अनूठी प्रजाति के पीपल का वृक्ष मिला। डॉ नायक ने जानकारी दी कि छत्तीसगढ़ में खोजे गए इस नई प्रजाति के पीपल का नामकरण उनके नाम पर फाइकस नायकाई किया गया है। आईआईपीए छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष ने डॉ. सुयोग्य कुमार मिश्रा सहित सभी सदस्यों ने डॉ नायक को बधाई देते हुए इस खोज को छत्तीसगढ़ के लिए गौरवपूर्ण बताया।कार्यक्रम के संबंध में भारतीय लोक प्रशासन संस्थान छत्तीसगढ़ शाखा अध्यक्ष श्री सुयोग्य कुमार मिश्रा ने बताया कि राज्य का लोक प्रशासन संस्थान माननीय उप राष्ट्रपति जी की अध्यक्षता एवं माननीय मंत्री कार्मिक मंत्रालय की सह अध्यक्षता में भारत सरकार कार्मिक मंत्रालय के तहत पजीकृत सोसायटी के रूप में कार्य कर रहे भारतीय लोक प्रशासन संस्थान नई दिल्ली की राज्य स्तरीय शाखा के रूप में कार्य कर रहा है। छत्तीसगढ़ में कार्य कर रही संस्था अपने प्रारंभिक अवस्था में धीरे धीरे आगे बढ़ने व लोक प्रशासन संबंधित अपेक्षित उद्देश्य को पूर्ण करने की दिशा में प्रयत्नशील है। अब तक लोक प्रशासन से संबधित महत्वपूर्ण विषय चुनाव प्रबंधन की चुनौतियों-पूर्ण किये गये अद्यतन चुनावों के अनुभव, जीवन प्रबंधन, छत्तीसगढ़ राज्य के आदिवासी जिलों का विकास, राज्य के छत्तीसगढ़ नामकरण की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, आर्टिफिसियल इन्टेलिजेंस और डिजिटल लोक प्रशासन काल में प्रशासनिक नेतृत्व जैसे गंभीर विषयों पर राज्य के प्रशासनिक कार्यों से संबंधित राज्य के प्रबुद्ध जनों एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों का वर्कशॉप व विचार विमर्श आयोजित किया गया था।इस अवसर पर भारतीय लोक प्रशासन संस्थान छत्तीसगढ़ के उपाध्यक्ष द्वय पूर्व अपर मुख्य सचिव श्रीमती इन्दिरा मिश्रा और श्री अजय सिंह, सचिव श्री अनुप श्रीवास्तव सहित अन्य सदस्यगण उपस्थित रहे। -
-*निष्पक्षता और गोपनीयता बनाए रखने का दिया भरोसा*
रायपुर । राज्य सेवा (मुख्य) परीक्षा-2024 के मूल्यांकन को लेकर कुछ न्यूज वेबपोर्टल्स में प्रकाशित खबरों पर छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने कड़ी आपत्ति जताई है। आयोग ने कहा है कि 03 मूल्यांकनकर्ताओं के नाम उजागर कर परीक्षा प्रक्रिया पर प्रश्न उठाने का प्रयास किया गया, जबकि आयोग निष्पक्ष, पारदर्शी और त्रुटिरहित मूल्यांकन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।आयोग ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक विषय के प्रश्न-पत्र, प्रश्न और उप-प्रश्नों के मूल्यांकन हेतु बड़ी संख्या में विषय-विशेषज्ञों को आहूत किया जाता है। साथ ही मूल्यांकन की प्रक्रिया कई स्तरों पर जांच से गुजरती है और इसमें गोपनीयता बनाए रखना सभी की बाध्यता है।आयोग का मानना है कि कुछ व्यक्तियों ने व्यक्तिगत द्वेष की भावना से मूल्यांकनकर्ताओं, जो एक ही संस्था में कार्यरत हैं, को निशाना बनाकर जानबूझकर आयोग की प्रक्रिया को संदिग्ध ठहराने का प्रयास किया है।आयोग ने कहा कि वह अपने संवैधानिक दायित्वों और चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। साथ ही, मूल्यांकनकर्ताओं के नाम उजागर करने के स्रोत की जानकारी जुटाई जा रही है और विभागीय या अन्य विधिक कार्यवाही यथासमय की जाएगी। -
-*किसानों को नैनो खाद के उपयोग के लिए किया जा रहा है जागरूक*
-*राज्य के लिए निर्धारित 14.62 लाख मीट्रिक टन के विरूद्ध 13.19 लाख मीट्रिक टन खाद वितरित*-*चालू खरीफ सीजन के लिए 7.12 लाख मीट्रिक टन यूरिया के विरूद्ध 6.39 लाख मीट्रिक टन यूरिया का वितरण*-*5.30 लाख बॉटल नैनो उर्वरक का भंडारण कर किसानों को 4.18 लाख बॉटल नैनो उर्वरक का किया गया वितरण*रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रदेश के किसानों को हर संभव रासायनिक उर्वरक उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं रासायनिक उर्वरक की लागत में कमी लाने तथा डीएपी खाद की आपूर्ति में कमी को ध्यान में रखते हुए नैनो उर्वरक के उपयोग के लिए किसानों को जागरूक भी किया जा रहा है। प्रदेश में चालू खरीफ सीजन के लिए भारत सरकार द्वारा 14.62 लाख मीट्रिक टन विभिन्न रासायनिक खादों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लक्ष्य के विरूद्ध सहकारी एवं निजी क्षेत्रों में 15.64 लाख मीट्रिक टन रासायनिक खाद का भंडारण कर लिया गया है। भंडारण के विरूद्ध किसानों को 13.19 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया गया है। समितियों एवं निजी क्षेत्रों में भी यूरिया पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। किसान भी उत्साह पूर्वक नैनो उर्वरकों का उपयोग कर रहे हैं।कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि चालू खरीफ सीजन के लिए 25 अगस्त की स्थिति में 3 लाख 91 हजार 79 मीट्रिक टन एवं निजी क्षेत्र में 3 लाख 11 हजार 563 मीट्रिक टन इस तरह कुल 7 लाख 2 हजार 642 मीट्रिक टन खाद का भंडारण किया गया है। भंडारण के विरूद्ध 6 लाख 38 हजार 599 मीट्रिक टन यूरिया किसानों को वितरित किए जा चुके हैं। इसमें 3 लाख 42 हजार 444 सहकारी क्षेत्र और 2 लाख 96 हजार 155 मीट्रिक टन निजी क्षेत्र से वितरण शामिल है, जबकि पिछले खरीफ सीजन वर्ष 2024 में 6 लाख 17 हजार 798 मीट्रिक टन यूरिया का वितरण किया गया था।इसी तरह नैनो यूरिया का सहकारी क्षेत्र में 1 लाख 78 हजार 919 बॉटल (500 मि.ली.) एवं निजी क्षेत्र में 1 लाख 12 हजार 140 बॉटल इस तरह कुल 2 लाख 91 हजार 59 बॉटल भंडारण किया गया है। वहीं नैनो डीएपी का सहकारी क्षेत्र में 1 लाख 58 हजार 809 बॉटल तथा निजी क्षेत्र में 79 हजार 810 बॉटल इस तरह कुल 2 लाख 38 हजार 619 बॉटल भंडारण किया गया है। भंडारण के विरूद्ध नैनो यूरिया किसानों को 2 लाख 32 हजार 652 बॉटल और नैनो डीएपी 1 लाख 85 हजार 136 बॉटल (500 मि.ली.) वितरित किया जा चुका है।कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के किसानों को 2 लाख 32 हजार 652 बॉटल (500 मि.ली.) नैनो यूरिया का वितरण किया गया है जिससे 2 हजार 617 मीट्रिक टन परंपरागत यूरिया की आपूर्ति के बराबर प्रभाव पड़ा। वहीं 1 लाख 85 हजार 136 बॉटल (500 मि.ली.) नैनो डीएपी का वितरण किया गया जो 4 हजार 628 मीट्रिक टन परंपरागत डीएपी के बराबर है। इससे यह स्पष्ट होता है कि नैनो उर्वरको का उपयोग परंपरागत उर्वरक भार को कम करने और आपूर्ति में संतुलन लाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि नैनो यूरिया उपयोग से 80 से 90 प्रतिशत पोषक तत्व प्राप्त होता है इसके साथ ही लागत मंे भी कमी आती हैं वहीं साथ ही पर्यावरण के अनुकूल होते है तथा प्रदूषण स्तर को घटाता है। नैनो यूरिया के उपयोग से परिवहन और भंडारण पर बचत होती है तथा पर्यावरण पर भी कम प्रभाव पड़ता है।कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, धान की एक एकड़ फसल के लिए आवश्यक 50 किलोग्राम ठोस डीएपी खाद के स्थान पर केवल 25 किलोग्राम ठोस डीएपी तथा एक आधा लीटर नैनो डीएपी की बोतल पर्याप्त होती है। कृषि विभाग के कर्मचारी गांव-गांव जाकर कृषि चौपालों एवं विकसित कृषि संकल्प अभियान के माध्यम से किसानों को डेमो दिखाए गए और विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही, नैनो उर्वरक से संबंधित पंपलेट, बैनर और पोस्टर सहकारी समितियों में प्रदर्शित किए गए हैं। कृषि विभाग के मैदानी कर्मचारी द्वारा लगातार खेतों का भ्रमण कर रहे हैं और किसानों को नैनो उर्वरक के प्रयोग और इसके लाभों की जानकारी दे रहे हैं जिसके परिणामस्वरूप किसान पूरे विश्वास के साथ अपनी धान की फसल में नैनो उर्वरक का उपयोग कर रहे हैं। - -मंत्री ने आबकारी विभाग के 04 नवीन साफ्टवेयर लांच कियाआबकारी मंत्री श्री देवांगन ने विभागीय काम-काज की समीक्षा कीरायपुर। वाणिज्यिक कर (आबकारी) मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने आज यहां नवा रायपुर स्थित आबकारी आयुक्त के सभाकक्ष में आबकारी विभाग के काम-काज की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने आबकारी विभाग के चार नवीन साफ्टवेयर लांच किया, इनमें आईओएस मनपसंद मोबाईल एप्लीकेशन, सैलरी केलकुलेशन वेब एप्लीकेशन , सेव सुविधा मोबाईल एप्लीकेशन, टोल फ्री एप्लीकेशन शामिल है। आबकरी मंत्री ने बैठक में मंदिरा दुकानों की व्यवस्था सहित लायसेंस व्यवस्था, मार्केटिंग कार्पाेरेशन, विभागीय संरचना प्रदेश में बार-क्लब की जानकारी, मंदिरा की गुणवत्ता सहित आबकारी राजस्व के संबंध में विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री श्री देवांगन ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि छत्तीसगढ़ में अन्य राज्यों से मदिरा के परिवहन एवं ब्रिकी पर अंकुश लगाए और ऐसे व्यक्तियों के विरूद्ध कड़ी से कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित करें। संभाग में कार्यरत उड़नदस्ता की टीम निरंतर निगरानी कर रहें। मदिरा के विक्रय में ओवर रेट की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए और ग्राहकों को उनके पसंद की मदिरा उपलब्ध हो। श्री देवांगन ने कहा कि सीमावर्ती जिलों में बाहर की मदिरा की ब्रिकी न हो इस पर अधिकारी विशेष ध्यान दे।आबकारी मंत्री श्री देवांगन ने विभागीय गतिविधियों की समीक्षा एवं राजस्व लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु कार्य योजनाओं की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने अवैध मदिरा एवं मादक पदार्थों के निर्माण, संग्रहण, परिवहन और बिक्री पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए और अंतर्राज्यीय सीमाओं पर स्थित आबकारी थाना एवं जांच चौकियों में सतर्कता बढ़ाने और विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया गया। बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया कि मदिरा दुकानों में उपभोक्ताओं की मांग के अनुरूप मदिरा की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर बिक्री नहीं हो। बैठक में अधिकरियों को निर्देशित किया कि मदिरों दुकानों में निर्धारित दर से अधिक दर पर ब्रिकी करते पाए जाने पर सक्त कार्यवाही की जाएगी।आबकारी विभाग के सचिव श्रीमती आर.शंगीता ने विभागीय गतिविधियों की प्रस्तुतिकरण के जरिए विस्तार से जानकारी दी। केबिनेट मंत्री श्री देवांगन ने होटल एवं ढाबों में मंदिरा की अवैध बिक्री न हो इस पर विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। आबकारी मंत्री ने फार्म हाउसों में मंदिरा के अवैध संव्यवहार पर रोक लगाने के निर्देश दिए। इसके आलावा उन्होंने मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप मंदिरा दुकानों में सीसी टीव्ही कैमरा चालू रखने के निर्देश दिए, जिससे पारदर्शिता बनी रही। बैठक में आबकारी विभाग के विशेष सचिव देवेंद्र कुमार भारद्वाज, अपर आयुक्त श्री आशीष श्रीवास्तव, श्री पीएल साहू, श्री जी.के भगत, छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड, छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेज कॉरपोरेशन सहित विभाग के उपायुक्त, सहायक आयुक्त एवं जिला आबकारी अधिकारी उपस्थित थे।
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बालोद/वनमण्डलाधिकारी श्री अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि दल्लीराजहरा के वार्ड क्र. 12 बिलासपुरिहा पारा एवं कोकाना महामाया बीट में किसी प्रकार की अवैध कटाई नही की गई है। उन्होंने बताया कि अवैध कटाई कि जानकारी मिलने पर उपवनमंडलाधिकारी दल्लीराजहरा के माध्यम से जांच कराई गई। उनके द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदनानुसार दल्लीराजहरा वार्ड क्रमांक 12 बिलासपुरिहा पारा में बी.एस.पी. प्रबंधन दल्लीराजहरा द्वारा 30-35 वर्ष पूर्व वृक्षारोपण का कार्य किया गया था। जो कि बी.एस.पी. लीज एरिया राजस्व क्षेत्र अंतर्गत है तथा वनक्षेत्र से 02 कि.मी. की दूरी पर स्थित है। उन्होंने बताया कि 14 अगस्त 2025 को सहायक परिक्षेत्र अधिकारी दल्लीराजहरा द्वारा वार्ड पार्षद, वार्ड क्र. 12 नगर पालिका परिषद दल्लीराजहरा की उपस्थिति में उक्त क्षेत्र का मौका जाँच किया गया। जाँच के दौरान पाया गया कि मौके पर प्राप्त आंधी-तूफान से गिरे सागौन वृक्षों के ठूंठ लगभग 10-15 वर्ष पूर्व का होना पाया गया। वर्तमान में उक्त क्षेत्र अंतर्गत किसी प्रकार की अवैध कटाई की घटना प्रकाश में नहीं आया है।
इसी तरह उपवनमंडलाधिकारी के जांच प्रतिवेदन के अनुसार कोकान, महामाया बीट में अवैध कटाई का प्रकरण प्रकाश में नहीं आया है। इसके साथ ही आसपास के सहायक वृत्त दल्लीराजहरा एवं नलकसा अंतर्गत वनक्षेत्रों के परिसर दल्लीराजहरा कक्ष क्र. 147, 170 आर.एफ., चिखली परिसर कक्ष क्र. 142, 143, 144 आर.एफ., नलकसा परिसर कक्ष क्र. 166, 168 आर.एफ., माटकसा परिसर कक्ष क्र. 165, 169 आर.एफ., कोटागांव परिसर कक्ष क्र. 150, 151 आर.एफ. एवं आड़ेझर परिसर कक्ष क्र. 149, 167 आर.एफ. में वन अमलों के द्वारा सघन गश्त कर निरीक्षण किया गया। उक्त वनक्षेत्रो में किसी प्रकार की अवैध कटाई की घटना घटित नहीं होना पाया। यदि वनक्षेत्रों में किसी प्रकार की अवैध कटाई की घटना प्रकाश में आती है तो नियमानुसार भारतीय वन अधिनियम की धारा 1927 के तहत कार्यवाही किया जाता है तथा वरिष्ठ कार्यालय द्वारा जारी निर्धारित रोस्टर अनुसार बीट निरीक्षण, रात्रि गश्त तथा वन प्रबंधन समितियों की बैठक लेकर वनों की सुरक्षा हेतु प्रेरित किया जाता है जिससे अवैध कटाई, अवैध परिवहन की घटनाओं पर पर्याप्त नियंत्रण हो सके। -
हाॅकी टूर्नामेंट से किया गया कार्यक्रम का शुभारंभ
बालोद/हाॅकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर आज राष्ट्रीय खेल दिवस पर जिले के पीएमश्री स्कूल कन्नेवाड़ा खेल मैदान में ’मोर खेल मोर गौरव’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री तोमन साहू, पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल,एथलेटिक्स संघ के अध्यक्ष श्री सौरभ लुनिया की उपस्थिति में दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर हाॅकी टूर्नामेंट का आयोजन किया गया। जिसमें बड़े उत्साह के साथ खिलाड़ियों ने अपने खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर सहायक जिला खेल अधिकारी एवं डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर ने बताया कि 29 से 31 अगस्त तक राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन खेल एवं युवा कल्याण विभाग एवं जिला हाॅकी संघ के सहयोग से जिले के बालोद विकासखण्ड के पीएमश्री स्कूल कन्नेवाड़ा में ’मोर खेल मोर गौरव’ थीम पर तीन दिवसीय खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। -
सड्डू अविनाश केपिटल होम्स 1, 2 में रहवासियों को जलसंकट की समस्या, संबंधित बिल्डर्स को बुलवाकर महापौर ने बिल्डर्स और क्रेता रहवासियों के मध्य अनुबंध की जानकारी मांगी
रायपुर - नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने रायपुर नगर निगम नगर निवेश विभाग के अभियंताओं को निर्देशित किया है कि वे रायपुर नगर पालिक निगम नगर निवेश विभाग की ओर से सम्बंधित बिल्डर से रायपुर नगर निगम क्षेत्र में नई कालोनी में रहवासियों को अगले 10 वर्ष तक पेयजल प्रबंधन की व्यवस्था की जानकारी लेना सुनिश्चित कर लेवें।महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने नगर निगम मुख्यालय में बिल्डर्स सर्व श्री आनंद सिंघानिया, रवि फतनानी, नत्थानी, राजपाल को बुलवाकर उनसे सड्डू अविनाश केपिटल होम्स 1, 2 के सम्बंधित बिल्डर्स और क्रेता रहवासियों के बीच हुए अनुबंध की जानकारी मांगी। सड्डू अविनाश केपिटल होम्स 1. 2 के रहवासियों के समक्ष गंभीर वर्तमान में जलसंकट की समस्या लगातार बनी हुई है।महापौर श्रीमती मीनल चौबे को सड्डू अविनाश केपिटल होम्स 1, 2 के संबंधित बिल्डर्स ने जानकारी दी कि उन्होने नगर निगम नगर निवेश विभाग द्वारा कालोनी विकास अनुमति देने के बाद बिल्डर की कालोनी में फ्लैट मकान विकय करते समय क्रेता रहवासियों से अनुबंध किया है जिसमें जलसंकट में रहवासियों द्वारा स्वयं के व्यय से जलप्रदाय व्यवस्था करने का उल्लेख है।नगर निगम जोन 9 जोन कमिश्नर श्री संतोष पाण्डेय ने जानकारी दी कि सड्डू अविनाश केपिटल होम्स 1,2 में नगर निगम जोन 9 जल विभाग द्वारा वहां के संपवेल में एक चार इंची और चार दो इंची पाईप लाईन कनेक्शन दिये गये हैँ। नियमानुसार जल कर की राशि अविनाश केपिटल होम्स 1,2 की सम्बंधित सोसायटी द्वारा वहन की जा रही है।महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कहा कि नगर निगम नगर निवेश विभाग के अभियंतागण को नियमानुसार प्रक्रिया के तहत बिल्डरो द्वारा कालोनी विकास अनुमति हेतु नक्शा स्वीकृति देते समय संबंधित आवेदक बिल्डर से अगले 10 वर्षों के लिए रहवासियों के लिए बिल्डर की कालोनी में जलप्रदाय प्रबंधन की पुख्ता व्यवस्था के संबंध में आवश्यक प्रबंधन किये जाने की जानकारी लेना पूर्व निश्चित कर लें।महापौर श्रीमती मीनल चौबे द्वारा बिल्डर्स के साथ चर्चा के दौरान महापौर कक्ष में नगर निगम अपर आयुक्त श्री विनोद पाण्डेय, उपायुक्त डॉ. अंजलि शर्मा, नगर निवेशक श्री आभास मिश्रा, कार्यपालन अभियंता श्री आशुतोष सिंह, जोन 9 जोन कमिश्नर श्री संतोष पाण्डेय, कार्यपालन अभियंता श्री अंशुल शर्मा सीनियर कार्यपालन अभियंता जल श्री नर सिंह फरेन्द्र, सहायक अभियंता श्री सैय्यद जोहेब, श्री सोहन गुप्ता सहित जोन 9 जलविभाग के उपअभियंतागणों की उपस्थिति रही। -
शहीद स्मारक को और अधिक सुन्दर और आकर्षक स्वरूप देने किस तरह कार्य किया जा सकता है, संस्था के पदाधिकारी अपने सुझाव देवें, उनके सुझावो के अनुरूप शहीद स्मारक में आगे कार्य किया जायेगा
रायपुर - आज नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे से रायपुर नगर निगम मुख्यालय पहुंचकर छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संस्था के पदाधिकारीगण सस्था के अध्यक्ष श्री मुरली मनोहर खडेलवाल सहित पदाधिकारी श्रीमती बबिता नथानी, श्री सुरेश मिश्रा, श्री प्रभात केयूर भूषण, श्री अरूण दुबे, श्री अनिरूद्ध दुबे, श्री अखिलेश त्रिपाठी, श्री किशोर कुमार अगवाल, श्री मंगल सिंह, श्री चंद्रकात पाण्डेय, श्री राजेन्द्र कुमार चतुर्वेदी, श्री प्रवीण दीक्षित, श्री धमेन्द्र पड्या, श्री किशन बाजारी, श्री महेश दुबे, रमा जोशी, रेखा जोशी, प्रभा शर्मा सहित मिले एव उन्हें रायपुर के शहीद स्मारक को लेकर ज्ञापन देकर चर्चा की।महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संस्था के पदाधिकारियों को चर्चा के दौरान कहा कि संस्था के पदाधिकारीगण यह जानकारी सुझाव के रूप में देवें कि रायपुर के शहीद स्मारक भवन को और अधिक सुन्दर और आकर्षक स्वरूप देने किस तरह कार्य किया जा सकता है। पदाधिकारियों के सुझाव के अनुरूप शहीद स्मारक भवन रायपुर में आगे कार्य किया जायेगा। -
रायपुर - माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के पालन में राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग और रायपुर जिला प्रशासन द्वारा दिए गए दिशा - निर्देश के अनुरूप महापौर श्रीमती मीनल चौबे, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर, आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर रायपुर नगर पालिक निगम के सभी 10 जोनों की टीमों द्वारा अभियान चलाकर जोन क्षेत्र के विभिन्न मुख्य मार्गों में मानिटरिंग करके सड़कों पर आवारा पशुओं की धरपकड़ कर उन्हें गौठानों में काउकेचर वाहन से भेजे जाने की कार्यवाही प्रतिदिन तेज गति निरंतर प्रगति पर है.
आज दिनांक 29 अगस्त 2025 को रायपुर नगर पालिक निगम द्वारा 35 आवारा पशुओं की विभिन्न सड़क मार्गो से धरपकड़ कर उन्हें काऊकैचर वाहन की सहायता से गौतनों में भेजा गया।अभियान के अंतर्गत रायपुर नगर पालिक निगम द्वारा सभी 10 जोनों में दिन भर अभियान चलाकर राजधानी शहर रायपुर निगम क्षेत्र में विगत 27 दिनों में विभिन्न सड़क मार्गो से 1390 आवारा पशुओं की धरपकड़ कर उन्हें गौठानों में भेजा गया है.यहां यह उल्लेखनीय है कि प्रतिदिन दिन भर चलाये जा रहे अभियान की सतत मॉनिटरिंग महापौर, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष, आयुक्त के निर्देश पर निगम अपर आयुक्त स्वास्थ्य श्री विनोद पाण्डेय और निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर प्रीति सिंह द्वारा की जा रही है और सभी जोन कमिश्नरों ने जोन स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ मिलकर आवारा पशुओं को काऊकैचर वाहनों की सहायता से गौठानों में भिजवाने की व्यवस्था दी जा रही है. अभियान निरंतर जारी रहेगा। -
*0150 भवनों में 49 लाख 45 हजार 560 रू. सुरक्षा निधि हेतु जमा एफडीआर को राजसात कर भवनो में रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किये0*
रायपुर - नगर पालिक निगम रायपुर द्वारा वर्षा जल संरक्षण के क्षेत्र में एक सराहनीय पहल की गई है। शासन के निर्देशानुसार 150 वर्गमीटर से अधिक के भूखण्डों के भवनों पर रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया जाना अनिवार्य है जिसमें नगर पालिक निगम रायपुर द्वारा वर्षा जल संचयन हेतु 150 वर्गमीटर से अधिक के भवनों पर एक माह की अवधि में लगभग 703 स्थानो में रैन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का निर्माण कराया गया है। इस दिशा में कार्यवाही को प्रभावी रूप से क्रियान्चित करने हेतु ऐसे भवन स्वामियों द्वारा जिनके द्वारा रेनवाटर हार्वेस्टिंग संरवनाओं को नियमानुसार स्थापित नहीं किया गया है. उनके विरूद्र कार्यवाही करते हुए कुल 150 प्रकरणों में राशि 49 लाख 45 हजार 560 रू की सुरक्षा निधि हेतु जमा एफडीआर शुल्क को राजसात करते हुए भवनों में रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किये गये है इसके अतिरिक्त आयुक्त, नगर पालिक निगम, रायपुर द्वारा समस्त जोनों को 5 लाख अंतर्गत शासकीय भवनों, उद्यानों में रेनवाटर हार्वेस्टिंग कार्य किये जाने स्वीकृति प्रदाय की गई जिसमें से प्रस्तावित रेन वाटर हार्वेस्टिंग में 76 स्थानों जिनमें कार्यालय, स्कूल, मुक्तिधाम, बाजार, उद्यान, गौठान, सामुदायिक भवन, उप स्वास्थ केन्द्र सम्मिलित है मे रेन वाटर हार्वेस्टिंग कार्य पूर्ण किया गया शेष शासकीय भवनों, उद्यानों में रेनवाटर हार्वेस्टिंग कार्य प्रक्रियाधीन है एव जिन भवनों में रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं लगाये गये है ऐसे भवनों को चिन्हांकित करते हुए इस दिशा में नगर निगम द्वारा निरंतर कार्यवाही की जा रही है।यह अभियान उप मुख्यमत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री अरूण साव की दूरदर्शी सोच, नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे के कुशल नेतृत्व तथा वर्षा जल संरक्षण के प्रति उनके दृष्टिकोण का परिणाम है। साथ ही सचिव, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग डॉक्टर बसव राजू एस द्वारा निरंतर समीक्षा और मार्गदर्शन के फलस्वरूप रायपुर नगर निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देशन में इस महत्वपूर्ण कार्य को समयबद्ध रूप से पूर्ण किया गया। नगर पालिक निगम रायपुर का यह प्रयास शहर को जल संरक्षण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा। -
रायपुर -आज रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर नगर निगम निगम जोन 5 नगर निवेश विभाग की टीम द्वारा जोन 5 क्षेत्र के अंतर्गत डंगनिया रोहिणीपुरम में गायत्री हॉस्पिटल के पास किए गये अवैध निर्माण को हटाने की कार्यवाही की गयी.
वहीं लाखे नगर में किये गये अवैध निर्माण को हटाने की कार्यवाही की गयी.आज अवैध निर्माण पर कार्यवाही नगर निगम जोन 5 नगर निवेश विभाग द्वारा नगर निगम जोन 5 जोन कमिश्नर श्री खीरसागर नायक के मार्गदर्शन में सहायक अभियंता श्री नागेश्वर राव रामटेके, उप अभियंता श्री टिकेंद्र चंद्राकर की उपस्थिति में की गयी. -
बिलासपुर/जिले के मस्तुरी विकासखण्ड अंतर्गत शासकीय उचित मूल्य की दुकान विद्याडीह, केवटाडीह (भूतहा), बेलटुकरी, रलिया एवं गुड़ी के आबंटन के लिए मस्तुरी विकासखण्ड के पात्र समूह, एजेंसी अथवा संस्थाओं से 19 सितम्बर 2025 तक सील बंद लिफाफे में आवेदन पत्र आमंत्रित किये गये है।
ग्राम पंचायत एवं स्थानीय नगरीय निकाय, महिला स्व सहायता समूह, प्राथमिक कृषि साख समितियां, अन्य सहकारी समितियां, राज्य शासन द्वारा विनिर्दिष्ट उपक्रम, वृहदाकार आदिम जाति बहुदेशीय सहकारी समिति एवं वन सुरक्षा समितियों के आवेदन ही स्वीकार किये जाएंगे। सहकारी समितियों एवं महिला स्व सहायता समूहों को दुकान आबंटन हेतु आवेदन करने की तारीख से कम से कम 3 माह पूर्व पंजीकृत होना अनिवार्य है। आवेदन करने वाली सहकारी समिति एवं महिला स्व सहायता समूह वर्तमान में कार्यरत हो तथा उसे सामाजिक-आर्थिक क्षेत्र में कार्य करने का अनुभव हो। आवेदन केवल निर्धारित प्रारूप में सील बंद लिफाफे में ही स्वीकार किया जाएगा। बंद लिफाफे के ऊपर शासकीय उचित मूल्य की दुकान विद्याडीह, केवटाडीह, बेलटुकरी, रलिया, गुड़ी के संचालन हेतु आवेदन पत्र अनिवार्य रूप से लिखा होना चाहिए। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 19 सितम्बर शाम 5 बजे तक है। नियत तिथि एवं समय के पश्चात आवेदन स्वीकार नहीं किये जाएंगे।आवेदन करने के लिए समूह, समिति के पंजीयन की सत्यापित एवं स्व प्रमाणित प्रतिलिपि, बैंक खाते की सत्यापित, स्व प्रमाणित प्रतिलिपि एवं पिछले 3 माह का स्टेटमेंट, समूह एवं समिति के सभी सदस्यों का पहचान पत्र या आधार कार्ड की स्व प्रमाणित प्रतिलिपि एवं समूह, समिति एवं एजेंसी का शपथ पत्र आदि होना आवश्यक है। -
बिलासपुर,/बिलासपुर जिले में चालू खरीफ मौसम में अब तक 831 मि.मी. बारिश दर्ज की गई है। जो कि पिछले 10 वर्ष के औसत बारिश 827.8 मि.मी. से 3.2 मि.मी. अधिक है। अधीक्षक भू अभिलेख से प्राप्त जानकारी के अनुसार सबसे अधिक बारिश 1054.1 मि.मी. बेलगहना तहसील में और सबसे कम बारिश 690.8 मि.मी. कोटा में रिकार्ड की गई है। इसी प्रकार बिलासपुर तहसील में 945.5 मि.मी., बिल्हा तहसील में 710.9 मि.मी., मस्तूरी में 723.7 मि.मी.,तखतपुर में 1018.6 मि.मी., सीपत में 781.6 मि.मी., बोदरी में 716 मि.मी., बेलतरा में 795 मि.मी., रतनपुर में 862.3 मि.मी., सकरी में 919 मि.मी. और पचपेड़ी तहसील में 754.6 मि.मी. बारिश रिकार्ड की गई है। जिले की औसत वार्षिक वर्षा 1202.3 मि.मी. है।















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